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Ranveer Singh

Don 3 Controversy: Ranveer Singh और FWICE आमने-सामने, मामला हुआ गंभीर

बॉलीवुड में एक बार फिर बड़ा विवाद सामने आया है। अभिनेता Ranveer Singh और फिल्म इंडस्ट्री की संस्था FWICE के बीच Don 3 फिल्म को लेकर तनातनी तेज हो गई है। मामला अब सिर्फ विवाद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कानूनी लड़ाई की ओर बढ़ता दिख रहा है। Don 3 Controversy कैसे शुरू हुआ? पूरा विवाद फिल्म Don 3 से जुड़ा बताया जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म से जुड़े कुछ फैसलों और प्रोडक्शन मुद्दों को लेकर FWICE ने आपत्ति जताई थी। इसके बाद FWICE ने कथित तौर पर रणवीर सिंह के खिलाफ “Non-Cooperation” की घोषणा कर दी, जिससे फिल्म इंडस्ट्री में हलचल मच गई। Ranveer Singh का बड़ा कदम – Legal Notice FWICE के इस फैसले के बाद रणवीर सिंह ने भी सख्त रुख अपनाया है। जानकारी के मुताबिक, एक्टर ने संगठन को लीगल नोटिस भेजकर इस कार्रवाई पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि इस तरह का कदम उनके प्रोफेशनल काम और इमेज पर असर डाल सकता है, और यह निर्णय बिना उचित आधार के लिया गया है। Film Industry पर क्या असर पड़ सकता है? यह पूरा मामला अब सीधे Don 3 के प्रोडक्शन पर असर डाल सकता है। अगर दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ता है तो शूटिंग और प्रोजेक्ट की टाइमलाइन प्रभावित होने की आशंका है। फिल्म इंडस्ट्री के अंदरूनी लोगों का मानना है कि ऐसे विवाद लंबे समय तक चलते हैं तो इसका असर सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि कई प्रोजेक्ट्स पर पड़ सकता है। आगे क्या होगा? अब सभी की नजर FWICE की अगली प्रतिक्रिया पर है। क्या संगठन इस लीगल नोटिस का जवाब देगा या मामला बातचीत से सुलझेगा—यह आने वाले दिनों में साफ होगा। फिलहाल, यह विवाद बॉलीवुड में चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Kuwait International Airport

Kuwait International Airport पर बड़ा हमला: Missile और Drone Attack के बाद मचा हड़कंप

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच कुवैत से एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है। बुधवार को कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Kuwait International Airport) पर मिसाइल और ड्रोन हमला हुआ, जिसके पीछे ईरान का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है। इस हमले में एयरपोर्ट के Terminal-1 को भारी नुकसान पहुंचा है, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद पूरे एयरपोर्ट परिसर में इमरजेंसी लागू कर दी गई और सभी फ्लाइट ऑपरेशन अस्थायी रूप से रोक दिए गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हमला इतना तेज था कि एयरपोर्ट परिसर में अचानक धमाकों की आवाज गूंजने लगी। कुछ ही मिनटों में यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया और एयरपोर्ट खाली करवाना शुरू कर दिया। Terminal-1 पर सबसे ज्यादा असर हमले का सबसे बड़ा असर एयरपोर्ट के Terminal-1 पर देखा गया। शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार टर्मिनल की कई खिड़कियां टूट गईं, छत और दीवारों को भी नुकसान पहुंचा है। रनवे के आसपास भी मलबा फैल गया, जिससे उड़ानों का संचालन प्रभावित हुआ। एयरपोर्ट प्रशासन ने कहा है कि फिलहाल नुकसान का पूरा आकलन किया जा रहा है। इंजीनियरिंग और सुरक्षा टीमें लगातार मौके पर काम कर रही हैं ताकि हालात को जल्द सामान्य किया जा सके। फ्लाइट्स रोकी गईं, यात्रियों में डर का माहौल हमले के तुरंत बाद कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाली और आने वाली सभी फ्लाइट्स रोक दी गईं। कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को दूसरे देशों के एयरपोर्ट की ओर डायवर्ट किया गया। एयरपोर्ट पर मौजूद यात्रियों ने बताया कि लोग अपने परिवारों से संपर्क करने की कोशिश कर रहे थे और हर तरफ डर का माहौल था। कई एयरलाइंस ने एडवाइजरी जारी करते हुए यात्रियों से एयरपोर्ट आने से पहले फ्लाइट स्टेटस चेक करने की अपील की है। Middle East में बढ़ा तनाव यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब Middle East में पहले से ही तनाव चरम पर है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी टकराव के कारण खाड़ी देशों में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है। कुवैत सरकार ने देशभर में हाई अलर्ट जारी कर दिया है और सेना को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात जल्द नहीं संभले तो इसका असर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों, तेल बाजार और पूरे खाड़ी क्षेत्र की स्थिरता पर पड़ सकता है। दुनिया की नजर Middle East पर कुवैत एयरपोर्ट पर हुआ यह हमला केवल एक देश तक सीमित मामला नहीं माना जा रहा। अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार इस स्थिति पर नजर बनाए हुए है। कई देशों ने अपने नागरिकों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी भी जारी की है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह हमला Middle East में किसी बड़े संघर्ष की शुरुआत साबित होगा या फिर कूटनीतिक प्रयास हालात को संभाल लेंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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DK Shivakumar

DK Shivakumar Oath Ceremony: कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन, आज होगा नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण

कर्नाटक की राजनीति में आज का दिन बेहद अहम माना जा रहा है। लंबे समय से चल रही राजनीतिक चर्चाओं और कांग्रेस हाईकमान की बैठकों के बाद आखिरकार डीके शिवकुमार (DK Shivakumar) आज कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं। बेंगलुरु में शाम 4 बजे होने वाले इस शपथ ग्रहण समारोह पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं। कांग्रेस पार्टी के लिए यह सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि एक बड़े राजनीतिक संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है। पार्टी नेतृत्व अब राज्य में नए चेहरे के साथ नई शुरुआत करने की तैयारी में है। आज जारी हो सकती है मंत्रियों की पहली List सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री शपथ ग्रहण के साथ ही कैबिनेट के कुछ मंत्रियों के नामों का भी ऐलान किया जा सकता है। पिछले कई दिनों से दिल्ली में लगातार बैठकों का दौर चल रहा था, जहां राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने संभावित मंत्रियों के नामों पर चर्चा की। बताया जा रहा है कि कांग्रेस इस बार क्षेत्रीय और जातीय संतुलन पर खास ध्यान दे रही है ताकि राज्य के हर वर्ग को प्रतिनिधित्व मिल सके। पार्टी पुराने अनुभव और नए चेहरों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश में है। Siddaramaiah को मिली बड़ी जिम्मेदारी डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने के साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को कांग्रेस संगठन में बड़ी भूमिका दी गई है। उन्हें कांग्रेस वर्किंग कमेटी यानी CWC का सदस्य बनाया गया है। राजनीतिक जानकार इसे कांग्रेस का संतुलन साधने वाला फैसला मान रहे हैं। सिद्धारमैया लंबे समय से कर्नाटक कांग्रेस का बड़ा चेहरा रहे हैं और उनका संगठन में सक्रिय रहना पार्टी के लिए अहम माना जा रहा है। इससे यह भी साफ संकेत मिलता है कि कांग्रेस राज्य और राष्ट्रीय राजनीति दोनों स्तरों पर संतुलन बनाए रखना चाहती है। बेंगलुरु में बढ़ी हलचल, सुरक्षा के कड़े इंतजाम शपथ ग्रहण समारोह को लेकर बेंगलुरु में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। कार्यक्रम में कांग्रेस के कई बड़े नेताओं और अलग-अलग राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हो सकते हैं। समारोह को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। सरकार ने कुछ सरकारी दफ्तरों में आधे दिन की छुट्टी घोषित की है ताकि कार्यक्रम के दौरान ट्रैफिक और भीड़ को संभाला जा सके। DK Shivakumar के सामने होंगी कई बड़ी चुनौतियां मुख्यमंत्री बनने के बाद डीके शिवकुमार के सामने कई बड़ी जिम्मेदारियां होंगी। उन्हें सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल बनाना होगा। साथ ही चुनावी वादों को जमीन पर उतारना, विकास कार्यों को गति देना और विपक्ष के आरोपों का जवाब देना भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस अब कर्नाटक में मजबूत पकड़ बनाए रखने के साथ-साथ आने वाले लोकसभा चुनावों की रणनीति भी तैयार कर रही है। ऐसे में डीके शिवकुमार का कार्यकाल पार्टी के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Share Market

Share Market में बड़ा उलटफेर! 50% टूटे Stock पर फिर बुलिश हुए Analysts

Share Market में उतार-चढ़ाव के बीच एक दिग्गज कंपनी का स्टॉक इन दिनों चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है। कभी निवेशकों का पसंदीदा रहा यह शेयर अब अपने हाई लेवल से करीब 50 फीसदी तक टूट चुका है। लगातार गिरावट के बाद छोटे निवेशकों में चिंता बढ़ गई, लेकिन इसी बीच कई ब्रोकरेज हाउस ने इस शेयर पर फिर भरोसा जताया है। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में यह स्टॉक शानदार वापसी कर सकता है और इसका भाव ₹3100 तक पहुंच सकता है। क्यों टूटा शेयर? पिछले कुछ महीनों में कंपनी के शेयर पर लगातार दबाव देखने को मिला। कमजोर तिमाही नतीजे, विदेशी निवेशकों की बिकवाली, ग्लोबल मार्केट में अस्थिरता और सेक्टर में सुस्ती इसके बड़े कारण माने जा रहे हैं। इसके चलते निवेशकों ने तेजी से मुनाफावसूली शुरू कर दी और शेयर में भारी गिरावट आ गई। कई निवेशकों को उम्मीद नहीं थी कि यह स्टॉक इतनी तेजी से नीचे आ जाएगा। बाजार में डर का माहौल बना और रिटेल निवेशकों को बड़ा नुकसान झेलना पड़ा। अब क्यों बढ़ा भरोसा? हाल ही में आई नई रिपोर्ट्स के बाद बाजार का नजरिया थोड़ा बदला है। कई ब्रोकरेज फर्म्स का कहना है कि कंपनी के फंडामेंटल अभी भी मजबूत हैं और आने वाले क्वार्टर्स में कंपनी की कमाई बेहतर हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि: इसी वजह से कुछ ब्रोकरेज हाउस ने शेयर के लिए ₹3100 तक का टारगेट प्राइस दिया है। निवेशकों को क्या करना चाहिए? मार्केट एक्सपर्ट्स की मानें तो किसी भी गिरते शेयर में सिर्फ सस्ता देखकर पैसा लगाना सही रणनीति नहीं होती। निवेश से पहले कंपनी के फंडामेंटल, कर्ज, ग्रोथ और भविष्य की योजनाओं को समझना जरूरी है। अगर कोई निवेशक लंबे समय के नजरिए से निवेश करना चाहता है, तो चरणबद्ध तरीके से निवेश करना बेहतर विकल्प माना जा सकता है। वहीं शॉर्ट टर्म निवेशकों को बाजार की चाल पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है। क्या फिर दौड़ेगा यह शेयर? शेयर बाजार में कई बार बड़े स्टॉक्स भारी गिरावट के बाद दमदार वापसी भी करते हैं। ऐसे में निवेशकों की नजर अब कंपनी के आने वाले तिमाही नतीजों और बाजार के माहौल पर टिकी हुई है। अगर कंपनी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन करती है तो यह शेयर आने वाले समय में फिर से तेजी पकड़ सकता है। फिलहाल बाजार में यही चर्चा है कि क्या यह टूटा हुआ स्टॉक एक बार फिर निवेशकों को बड़ा रिटर्न देगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Tariff

Trump का नया ‘Tariff Bomb’: India-China समेत 60 देशों पर बढ़ सकता है Import Tax

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump एक बार फिर अपने सख्त ट्रेड फैसलों को लेकर चर्चा में हैं। नई रिपोर्ट्स के मुताबिक, Trump प्रशासन भारत और चीन समेत करीब 60 देशों पर 10% से 12.5% तक अतिरिक्त Tariff लगाने की तैयारी कर रहा है। इस प्रस्ताव ने दुनियाभर के कारोबारियों और एक्सपोर्ट सेक्टर की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिका का कहना है कि कई देश “forced labour” यानी जबरन मजदूरी से बने उत्पादों को रोकने में पूरी तरह सफल नहीं रहे। इसी वजह से नए टैरिफ लागू करने की योजना बनाई गई है। अगर यह फैसला लागू होता है, तो भारत के कई उद्योगों पर सीधा असर पड़ सकता है। क्या है Trump का नया Tariff Plan? अमेरिकी ट्रेड एजेंसी USTR ने Section 301 के तहत एक नई रिपोर्ट जारी की है। इसमें भारत, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्राजील जैसे देशों पर अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा गया है। रिपोर्ट के मुताबिक: Trump पहले भी अपने कार्यकाल में चीन के खिलाफ कई बड़े टैरिफ फैसले ले चुके हैं। अब माना जा रहा है कि अमेरिका फिर से “America First” नीति को आक्रामक तरीके से आगे बढ़ाना चाहता है। भारत पर कितना पड़ेगा असर? भारत और अमेरिका के बीच इस समय ट्रेड डील को लेकर बातचीत चल रही है। ऐसे में यह नया टैरिफ प्लान दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों में तनाव बढ़ा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत के टेक्सटाइल, लेदर, केमिकल और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर इसका असर दिखाई दे सकता है। अमेरिका भारतीय उत्पादों के लिए बड़ा बाजार है, इसलिए अतिरिक्त शुल्क से एक्सपोर्ट महंगा हो सकता है। भोपाल के एक एक्सपोर्ट कारोबारी ने कहा कि अगर अमेरिका यह फैसला लागू करता है, तो छोटे और मध्यम उद्योगों पर सबसे ज्यादा दबाव आएगा। खासकर वे कंपनियां जो अमेरिकी बाजार पर निर्भर हैं। चीन फिर अमेरिका के निशाने पर चीन पहले से ही अमेरिका के साथ लंबे समय से ट्रेड वॉर का सामना कर रहा है। अब नए प्रस्ताव में चीन को भी 12.5% अतिरिक्त टैरिफ वाले देशों की सूची में शामिल किया गया है। जानकारों का कहना है कि इससे वैश्विक सप्लाई चेन और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर पर असर पड़ सकता है। अगर अमेरिका और चीन के बीच तनाव बढ़ता है, तो दुनियाभर के बाजारों में अस्थिरता देखने को मिल सकती है। आखिर क्यों उठाया गया यह कदम? अमेरिका का आरोप है कि कई देशों की सप्लाई चेन में forced labour से जुड़े उत्पाद शामिल हैं। Trump प्रशासन इसे अमेरिकी कंपनियों और मजदूरों के लिए नुकसानदायक मान रहा है। हालांकि कई विशेषज्ञ इसे केवल ट्रेड पॉलिटिक्स का हिस्सा भी बता रहे हैं। उनका कहना है कि अमेरिका इस दबाव के जरिए दूसरे देशों से बेहतर ट्रेड शर्तें हासिल करना चाहता है। अभी लागू नहीं हुआ फैसला फिलहाल यह केवल प्रस्ताव है। अमेरिका ने इस पर सार्वजनिक सुझाव और सुनवाई की प्रक्रिया शुरू की है। आने वाले हफ्तों में कंपनियों, व्यापार संगठनों और आम लोगों से राय ली जाएगी। इसके बाद अंतिम फैसला सामने आएगा। अगर यह टैरिफ लागू होता है, तो आने वाले महीनों में भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Twisha Sharma Case

Twisha Sharma Case Update: गिरिबाला सिंह बनीं कैदी नंबर 71, समर्थ को मिला 1782 नंबर

बहुचर्चित ट्विशा शर्मा केस (Twisha Sharma Case)में अब जांच और कानूनी कार्रवाई तेज होती नजर आ रही है। मामले में ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। CBI की जांच के बीच हुई इस कार्रवाई ने केस को और ज्यादा सुर्खियों में ला दिया है। जानकारी के मुताबिक, जेल पहुंचने के बाद गिरिबाला सिंह को महिला जेल में कैदी नंबर 71 दिया गया, जबकि समर्थ सिंह को पुरुष जेल में 1782 नंबर मिला। जेल प्रशासन की ओर से दोनों को शुरुआती जरूरत का सामान जैसे थाली, कटोरी, गिलास और चादर उपलब्ध कराई गई। इसके बाद उन्हें बैरक में शिफ्ट किया गया। कोर्ट में दिखा हाई वोल्टेज ड्रामा सुनवाई के दौरान कोर्ट परिसर का माहौल काफी तनावपूर्ण रहा। CBI ने इस बार दोनों आरोपियों की रिमांड नहीं मांगी, जिसके बाद अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने का फैसला सुनाया। इस दौरान ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह कोर्ट में भावुक नजर आईं। वहीं दूसरी ओर परिवार की तरफ से लगातार यह दावा किया जा रहा है कि उन्हें फंसाया जा रहा है। गिरिबाला सिंह ने लगाए गंभीर आरोप मामले में एक और नया विवाद तब सामने आया जब गिरिबाला सिंह ने आरोप लगाया कि ट्विशा के वकील ने उनके बेटे समर्थ सिंह के साथ मारपीट की। हालांकि इस पूरे आरोप पर अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इस बयान के बाद मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया। वहीं समर्थ सिंह ने मीडिया के सवालों पर खुद को निर्दोष बताया और कहा कि उन्हें सच सामने आने का इंतजार है। सोशल मीडिया पर छाया मामला ट्विशा शर्मा केस अब केवल कानूनी मामला नहीं रह गया है, बल्कि सोशल मीडिया पर भी यह लगातार ट्रेंड कर रहा है। लोग मामले को लेकर अलग-अलग राय दे रहे हैं। कई लोग निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, तो कई लोग परिवार और जांच एजेंसियों के बयानों पर सवाल उठा रहे हैं। आगे क्या? अब सभी की नजर CBI की अगली रिपोर्ट और कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी है। जांच एजेंसियां मामले से जुड़े डिजिटल सबूत, कॉल रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस केस में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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मौसम

Storm & Rain Update: 11 राज्यों में बिगड़े मौसम के हालात, आगरा में सड़क धंसी, कश्मीर में बादल फटा

देश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक ऐसा रुख बदल लिया कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पूरी तरह प्रभावित हो गई। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान समेत 11 राज्यों में तेज आंधी और भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। कहीं सड़कें पानी में डूब गईं तो कहीं पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से घंटों तक बिजली सप्लाई ठप रही। सबसे ज्यादा डराने वाली तस्वीर उत्तर प्रदेश के आगरा से सामने आई, जहां बारिश के बाद सड़क अचानक धंस गई और एक कार व ट्रैक्टर गहरे गड्ढे में जा गिरे। वहीं जम्मू-कश्मीर में तीन जगह बादल फटने की घटनाओं ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। आगरा में बड़ा हादसा टला, सड़क धंसते ही मची अफरा-तफरी आगरा में लगातार हो रही बारिश के बीच अचानक सड़क का एक हिस्सा धंस गया। हादसे के वक्त वहां से गुजर रही कार और ट्रैक्टर सीधे गड्ढे में पलट गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और प्रशासन को सूचना दी। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में लंबे समय से सीवर और सड़क की खराब हालत की शिकायत की जा रही थी, लेकिन समय रहते मरम्मत नहीं होने से यह हादसा हुआ। फिलहाल प्रशासन ने रास्ता बंद कर मरम्मत का काम शुरू कर दिया है। MP-UP में तेज हवाओं के साथ बारिश, कई शहरों में अलर्ट भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, लखनऊ, कानपुर और प्रयागराज समेत कई शहरों में तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश दर्ज की गई। कई जगह पेड़ गिरने और बिजली गुल होने की खबरें भी सामने आईं। मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ और अरब सागर से आ रही नमी की वजह से यह मौसम सिस्टम एक्टिव हुआ है। अगले 48 घंटों तक कई इलाकों में भारी बारिश और तेज आंधी जारी रह सकती है। Jammu-Kashmir में Cloudburst से बिगड़े हालात जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश के बीच तीन अलग-अलग इलाकों में Cloudburst की घटनाएं हुईं। अचानक पानी और मलबा आने से सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं और कई गांवों का संपर्क टूट गया। राहत और बचाव टीमें लगातार प्रभावित इलाकों में काम कर रही हैं। प्रशासन ने लोगों को नदी-नालों और पहाड़ी क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है। इन राज्यों में जारी हुआ Weather Alert भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, छत्तीसगढ़ और जम्मू-कश्मीर में तेज बारिश और आंधी को लेकर अलर्ट जारी किया है। कुछ क्षेत्रों में बिजली गिरने और ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने और जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलने की अपील की है। क्या बरतें सावधानी? लगातार बदलता मौसम अब सिर्फ राहत नहीं, बल्कि कई इलाकों के लिए परेशानी भी बनता जा रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में सतर्क रहना बेहद जरूरी होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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West Bengal

West Bengal Politics: ममता की पार्टी में अंदरूनी घमासान, ऋतब्रत का नाम चर्चा में

West Bengal की राजनीति में एक बार फिर सियासी भूचाल आता दिखाई दे रहा है। ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के अंदर बढ़ती नाराज़गी अब खुलकर सामने आने लगी है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि पार्टी के कई विधायक नेतृत्व से खुश नहीं हैं और अलग रणनीति बनाने में जुटे हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक करीब 50 विधायक एक नए समीकरण पर काम कर रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि ये विधायक ऋतब्रत बनर्जी को Leader of Opposition (LoP) के चेहरे के तौर पर आगे बढ़ा सकते हैं। हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन बंगाल की राजनीति में इस खबर ने हलचल जरूर बढ़ा दी है। होटल मीटिंग और अंदरखाने की राजनीति बीते कुछ दिनों में कोलकाता के होटल और विधायक हॉस्टल में हुई कुछ बैठकों ने राजनीतिक अटकलों को और हवा दे दी। खबर है कि कई असंतुष्ट विधायक गुप्त रूप से मुलाकात कर रहे हैं और पार्टी के भविष्य को लेकर चर्चा कर रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह केवल नाराज़गी नहीं बल्कि संगठन के अंदर बढ़ती दूरी का संकेत हो सकता है। कुछ नेताओं का आरोप है कि पार्टी में फैसले अब सीमित लोगों तक सिमट गए हैं, जिससे कई पुराने चेहरे खुद को अलग-थलग महसूस कर रहे हैं। क्यों चर्चा में हैं ऋतब्रत बनर्जी? हाल ही में पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में ऋतब्रत बनर्जी को TMC से बाहर का रास्ता दिखाया गया था। इसके बाद से ही उनका नाम लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। अब खबरें हैं कि असंतुष्ट विधायक उन्हें विपक्ष के बड़े चेहरे के रूप में सामने लाना चाहते हैं। अगर ऐसा होता है तो यह केवल एक राजनीतिक नियुक्ति नहीं होगी, बल्कि ममता बनर्जी के नेतृत्व को सीधी चुनौती मानी जाएगी। ममता बनर्जी ने क्या कहा? इन सभी अटकलों के बीच ममता बनर्जी ने भाजपा पर उनकी पार्टी को तोड़ने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि बाहरी ताकतें TMC को कमजोर करने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन पार्टी एकजुट है और हर चुनौती का सामना करेगी। TMC के कई वरिष्ठ नेताओं ने भी दावा किया है कि पार्टी में किसी तरह की टूट नहीं है और विपक्ष जानबूझकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है। फर्जी हस्ताक्षर विवाद ने बढ़ाई टेंशन इसी बीच नेता प्रतिपक्ष के नाम को लेकर फर्जी हस्ताक्षर विवाद ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है। कुछ विधायकों ने आरोप लगाया कि उनकी जानकारी के बिना दस्तावेजों में उनके हस्ताक्षर इस्तेमाल किए गए। इस विवाद के बाद पार्टी के अंदर चल रही खींचतान अब सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा बन गई है। बंगाल की राजनीति में क्या होगा आगे? राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि अगर असंतुष्ट विधायकों की संख्या इतनी बड़ी साबित होती है, तो यह TMC के लिए बड़ा झटका हो सकता है। इसका असर आने वाले चुनावों और पार्टी की रणनीति दोनों पर पड़ सकता है। फिलहाल बंगाल की राजनीति में हर कोई अगले कदम का इंतजार कर रहा है। आने वाले दिनों में यह साफ हो जाएगा कि यह केवल नाराज़गी है या फिर पश्चिम बंगाल में कोई बड़ा राजनीतिक बदलाव होने वाला है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Rainfall Crisis

Rainfall Crisis: अगले 3 महीने मुश्किल भरे, राज्यों को तैयारी के निर्देश जारी

मानसून को लेकर बढ़ी चिंता देश में इस बार मानसून को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। मौसम विशेषज्ञों की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक भारत समेत दुनिया के कई हिस्सों में अगले तीन महीनों तक सूखे जैसे हालात बन सकते हैं। इसी को देखते हुए केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को अलर्ट जारी करते हुए तुरंत तैयारी शुरू करने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने साफ कहा है कि अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो खेती, पानी और आम लोगों की जिंदगी पर बड़ा असर पड़ सकता है। कम बारिश और बढ़ती गर्मी ने बढ़ाई परेशानी मौसम विभाग और जलवायु एजेंसियों का मानना है कि इस साल कई क्षेत्रों में सामान्य से कम बारिश होने की आशंका है। बढ़ती गर्मी और बदलते मौसम पैटर्न ने चिंता और बढ़ा दी है। खासतौर पर ग्रामीण इलाकों में जल संकट गहराने का खतरा बताया जा रहा है। कई राज्यों में पहले से ही जलाशयों का स्तर कम है और भूजल तेजी से नीचे जा रहा है। राज्यों को Center का सख्त निर्देश केंद्र सरकार ने राज्यों को निर्देश दिए हैं कि वे सूखा प्रभावित हो सकने वाले जिलों की पहचान करें और पहले से राहत योजना तैयार रखें। साथ ही जल संरक्षण अभियान तेज करने, सिंचाई व्यवस्था सुधारने और किसानों तक जरूरी जानकारी पहुंचाने को कहा गया है। सरकार चाहती है कि हालात बिगड़ने से पहले ही प्रशासन पूरी तरह तैयार रहे। किसानों और खेती पर सबसे बड़ा असर इस संभावित सूखे का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ सकता है। खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। अगर बारिश कम हुई तो धान, सोयाबीन, दाल और दूसरी फसलों का उत्पादन घट सकता है। इससे बाजार में महंगाई बढ़ने का खतरा भी रहेगा। विशेषज्ञ किसानों को कम पानी वाली फसलों की तरफ जाने और आधुनिक सिंचाई तकनीक अपनाने की सलाह दे रहे हैं। दुनिया के कई देशों में भी बढ़ा खतरा सिर्फ भारत ही नहीं, दुनिया के कई देशों में भी जल संकट और सूखे को लेकर चिंता बढ़ रही है। जलवायु परिवर्तन का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। लगातार बढ़ती हीटवेव और अनियमित बारिश ने कई देशों की सरकारों को सतर्क कर दिया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले वर्षों में पानी सबसे बड़ा मुद्दा बन सकता है। आगे क्या होगा? फिलहाल सरकार और मौसम विभाग लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। आने वाले हफ्तों में मानसून की स्थिति और साफ होगी। लेकिन अभी से यह संकेत मिल रहे हैं कि इस बार बारिश ने साथ नहीं दिया तो किसानों से लेकर आम आदमी तक हर किसी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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CBSE

CBSE ऑन-स्क्रीन मार्किंग टेंडर विवाद में बड़ा एक्शन, चेयरमैन-सचिव हटाए गए

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड CBSE एक बड़े प्रशासनिक और तकनीकी संकट के दौर से गुजर रहा है। एक तरफ जहां ऑन-स्क्रीन मार्किंग टेंडर में कथित अनियमितताओं को लेकर सख्त कार्रवाई हुई है, वहीं दूसरी तरफ री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर साइबर अटैक की खबर ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। ऑन-स्क्रीन मार्किंग टेंडर विवाद: बड़ी कार्रवाई सूत्रों के मुताबिक, ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम से जुड़े टेंडर में गड़बड़ियों और प्रक्रिया में खामियों की शिकायतें सामने आने के बाद सरकार ने कड़ा कदम उठाया है। इसी जांच के तहत CBSE के चेयरमैन और सचिव को उनके पद से हटा दिया गया है। इस कार्रवाई को शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। Re-evaluation Portal पर Cyber Attack, सेवाएं प्रभावित इसी बीच आज CBSE के री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर साइबर अटैक की घटना सामने आई, जिससे छात्रों को आवेदन और रिजल्ट से जुड़ी सेवाओं में अस्थायी परेशानी का सामना करना पड़ा। तकनीकी टीम ने तुरंत स्थिति को संभालने की कोशिश शुरू कर दी है। फिलहाल किसी बड़े डेटा लीक की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सुरक्षा को लेकर निगरानी बढ़ा दी गई है। छात्रों की परेशानी और बढ़ी चिंता दो बड़े घटनाक्रम—एक तरफ प्रशासनिक बदलाव और दूसरी तरफ साइबर सुरक्षा में सेंध—ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। कई छात्रों को री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया में देरी और तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अभिभावकों का कहना है कि परीक्षा और रिजल्ट सिस्टम में लगातार आ रही समस्याएं भरोसे को कमजोर कर रही हैं। क्या होगा आगे? सरकार ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में ऑन-स्क्रीन मार्किंग टेंडर और साइबर अटैक दोनों मामलों में और स्पष्टता सामने आएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि अब जरूरत है एक मजबूत डिजिटल सुरक्षा ढांचे और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की, ताकि छात्रों का भरोसा फिर से मजबूत हो सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ujjain

Ujjain Breaking मोहर्रम जुलूस Viral Video विवाद, बड़नगर में क्रेन पर वैन स्टंट से हड़कंप

मध्य प्रदेश के Ujjain जिले के Badnagar से मोहर्रम जुलूस के दौरान एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में चर्चा और चिंता दोनों बढ़ा दी है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो को लेकर लोगों के बीच अलग-अलग राय सामने आ रही है। क्या दिख रहा है वायरल वीडियो में? वायरल क्लिप में एक वैन को क्रेन की मदद से हवा में लटकाया गया है और उसे एक “ब्लास्ट या विस्फोट जैसे सीन” के रूप में दिखाया गया है। वीडियो में बैकग्राउंड में लिखा हुआ टेक्स्ट भी नजर आता है – “ले फिर आ गए”, जिसने इस पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया है। यह वीडियो मोहर्रम जुलूस के दौरान शूट किया गया बताया जा रहा है, जिससे कई लोग इसे परंपरागत माहौल से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कुछ इसे सिर्फ एक स्टेज्ड या क्रिएटिव शूट मान रहे हैं। लोगों में मिली-जुली प्रतिक्रिया वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स में बहस छिड़ गई है। कुछ लोगों का कहना है कि इस तरह के स्टंट धार्मिक और सामाजिक माहौल को प्रभावित कर सकते हैं, खासकर ऐसे समय में जब भीड़ और भावनाएं पहले से ही संवेदनशील होती हैं। वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग इसे सिर्फ एक फिल्मी अंदाज में किया गया प्रदर्शन बता रहे हैं, जिसका मकसद किसी को आहत करना नहीं था। प्रशासन की जांच शुरू मामला सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाया जा रहा है कि वीडियो किस उद्देश्य से बनाया गया था और क्या इसके लिए किसी तरह की अनुमति ली गई थी या नहीं। फिलहाल इलाके में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन पुलिस पूरी सतर्कता के साथ मामले पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी तरह की तनावपूर्ण स्थिति न बने। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
EPFO

EPFO बड़ा अपडेट: 26 से 28 जून तक बंद रहेंगी सेवाएं, जल्द आएगा UPI-ATM से PF निकालने का ऑप्शन

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने करोड़ों खाताधारकों के लिए एक जरूरी सूचना जारी की है। 26 जून से 28 जून 2026 तक EPFO पोर्टल और इससे जुड़ी ऑनलाइन सेवाएं अस्थायी रूप से बंद रहेंगी। इस दौरान यूजर्स न तो नया PF क्लेम कर पाएंगे और न ही किसी पुराने क्लेम की प्रोसेसिंग होगी। यह कदम सिस्टम अपग्रेड और नई डिजिटल टेक्नोलॉजी को लागू करने के लिए उठाया जा रहा है, जिससे भविष्य में सेवाएं और तेज और आसान हो सकें। किन सेवाओं पर पड़ेगा असर? EPFO के इस तीन दिन के शटडाउन में कई अहम सेवाएं प्रभावित होंगी: सरल शब्दों में कहें तो इस दौरान EPFO का पूरा डिजिटल सिस्टम अस्थायी रूप से ऑफलाइन रहेगा। क्यों हो रहा है EPFO सिस्टम अपग्रेड? EPFO अपने पूरे प्लेटफॉर्म को अधिक तेज, सुरक्षित और आधुनिक बनाने के लिए अपग्रेड कर रहा है। इस बदलाव का उद्देश्य है: यह अपग्रेडेशन EPFO के नए डिजिटल मॉडल “EPFO 3.0” की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। बड़ी सुविधा: जल्द आएगा UPI और ATM से PF Withdrawal इस अपग्रेड के बाद कर्मचारियों को एक बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। जल्द ही EPFO में: जैसी सुविधाएं मिल सकती हैं। इसका मतलब यह होगा कि भविष्य में PF निकालना बैंक ट्रांसफर जितना आसान और तेज हो जाएगा। यूजर्स के लिए जरूरी सलाह हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

लखनऊ अग्निकांड के बाद छत्तीसगढ़ में बड़ा एक्शन: 62 कोचिंग सेंटरों को नोटिस, कई संस्थान सील

लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में आग लगने से 15 छात्रों की मौत के बाद छत्तीसगढ़ में भी प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। दुर्ग, बिलासपुर और रायपुर में कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच की गई, जिसमें भारी लापरवाही सामने आने पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। बुधवार रात SDRF और पुलिस की संयुक्त टीम ने दुर्ग जिले में सरप्राइज निरीक्षण किया। जांच के दौरान इमरजेंसी एग्जिट, फायर सेफ्टी सिस्टम और अन्य सुरक्षा मानकों में गंभीर खामियां मिलने पर 62 कोचिंग सेंटरों को नोटिस जारी किया गया। संस्थानों को व्यवस्थाएं सुधारने के लिए 24 घंटे का समय दिया गया है। वहीं गंभीर अनियमितता पाए जाने पर रामा कोचिंग, कैड एकेडमी मोशन, मोशन कोटा स्टडी सर्किल और वेदांतु को सील कर दिया गया। दुर्ग में सुरक्षा इंतजामों की खुली पोल जानकारी के अनुसार दुर्ग जिले में करीब 150 से 200 कोचिंग सेंटर संचालित हैं, जिनमें सबसे अधिक भिलाई के न्यू सिविक सेंटर क्षेत्र में स्थित हैं। जांच के दौरान एक भी ऐसा संस्थान नहीं मिला जहां सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन किया जा रहा हो। कई कोचिंग सेंटरों में फायर एक्सटिंग्विशर एक्सपायर पाए गए, जबकि कई जगह उन्हें सही तरीके से लगाया ही नहीं गया था। अधिकांश संस्थानों में इमरजेंसी एग्जिट नहीं मिला और कई भवनों में केवल एक ही प्रवेश और निकास मार्ग था। आपात स्थिति में फंस सकते हैं छात्र निरीक्षण के दौरान कई इमारतों में बेहद संकरी सीढ़ियां मिलीं, जहां एक समय में केवल एक छात्र ही आ-जा सकता है। अधिकारियों ने आशंका जताई कि किसी आपदा की स्थिति में छात्रों की सुरक्षित निकासी बेहद मुश्किल हो सकती है। एसडीआरएफ टीम ने मौके पर ही 62 संस्थानों को नोटिस जारी करते हुए निर्धारित समय में कमियां दूर करने के निर्देश दिए हैं। बिलासपुर में उड़ान एकेडमी सील बिलासपुर में पुलिस, नगर निगम और फायर ब्रिगेड की संयुक्त टीम ने छह कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया। जांच में उड़ान आईएएस, चंद्रा एकेडमी, आचार्य एकेडमी, ऑक्सीडेशन कोचिंग, प्रीमियर एकेडमी और पटेल ट्यूटोरियल में विभिन्न प्रकार की खामियां पाई गईं। सबसे गंभीर अनियमितताएं उड़ान आईएएस में मिलीं। यहां केवल एक प्रवेश-द्वार था, फायर सेफ्टी सिस्टम मौजूद नहीं था, लिफ्ट की व्यवस्था नहीं थी और बड़ी संख्या में छात्रों के अनुपात में पर्याप्त जगह भी उपलब्ध नहीं थी। इसके चलते नगर निगम ने संस्थान को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। अन्य पांच संस्थानों को नोटिस जारी कर निर्धारित समय में कमियां दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। रायपुर में भी कई संस्थानों को नोटिस रायपुर में 23 और 24 जून को सात प्रमुख कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया गया। जांच में अनअकैडमी, विद्यापीठ और एलन में सुरक्षा व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। वहीं अकादजा, आरसीसी एकेडमी, आभा लाइब्रेरी और टुटेजा एकेडमी में फायर एनओसी, इमरजेंसी एग्जिट और अन्य सुरक्षा मानकों में कमी मिलने पर नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं। तय समय में सुधार नहीं हुआ तो होगी सख्त कार्रवाई प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिन संस्थानों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाएगा, उनके खिलाफ सीलिंग समेत अन्य कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरी में बड़ी संख्या में छात्र पढ़ाई करते हैं, इसलिए फायर सेफ्टी, इमरजेंसी एग्जिट और भवन सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है। छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की ताजा खबरों के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com

सागर में RTO की बड़ी कार्रवाई: 15 साल पुरानी 2 बसें होंगी स्क्रैप, 6 वाहन जब्त, 42 हजार रुपए का जुर्माना

सागर में गुरुवार को परिवहन विभाग ने यात्री बसों और स्कूली वाहनों के खिलाफ विशेष चेकिंग अभियान चलाकर बड़ी कार्रवाई की। अभियान के दौरान 15 साल पुरानी दो यात्री बसों का पंजीयन निरस्त कर उन्हें कबाड़ (स्क्रैप) करने के आदेश दिए गए। वहीं नियमों का उल्लंघन करने वाले 6 वाहनों को जब्त किया गया और 10 अन्य वाहनों पर कार्रवाई करते हुए 42 हजार 200 रुपए का जुर्माना वसूला गया। स्कूल वाहनों में मिली गंभीर लापरवाही परिवहन विभाग की टीम ने शहर में कुल 24 स्कूल वाहनों की जांच की। जांच के दौरान एक स्कूल वाहन में कई गंभीर खामियां सामने आईं। वाहन में जरूरी दस्तावेज नहीं थे, अग्निशमन यंत्र और फर्स्ट-एड बॉक्स भी उपलब्ध नहीं था। इतना ही नहीं, आपातकालीन निकास द्वार (इमरजेंसी गेट) के सामने सीट लगाकर सुरक्षा नियमों की अनदेखी की गई थी। इसके अलावा एक ओमनी वैन और एक ऑटो रिक्शा में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर ले जाया जा रहा था। जांच के दौरान तीन ई-रिक्शा भी बिना जरूरी दस्तावेजों के संचालित होते मिले। इन सभी मामलों में कार्रवाई करते हुए 6 वाहनों को जब्त कर परिवहन कार्यालय में खड़ा कराया गया। ओवरलोडिंग और नियम उल्लंघन पर कार्रवाई परिवहन विभाग ने यात्री बसों में ओवरलोडिंग, अधिक किराया वसूली, परमिट की शर्तों के उल्लंघन और टैक्स बकाया जैसे मामलों की भी जांच की। कार्रवाई के दौरान 4 स्कूल बस, 1 मैक्सी कैब और 5 ई-रिक्शा पर मोटरयान अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत चालानी कार्रवाई की गई। इन 10 वाहनों से कुल 42 हजार 200 रुपए का जुर्माना वसूला गया। RTO ने दी सख्त चेतावनी क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (RTO) मनोज तेनगुरिया ने सभी स्कूल वाहन संचालकों को सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन करने की हिदायत दी है। उन्होंने कहा कि स्कूल वाहनों में स्पीड गवर्नर, फिटनेस प्रमाणपत्र, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र, टैक्स रसीद, फर्स्ट-एड बॉक्स और अग्निशमन यंत्र अनिवार्य रूप से मौजूद होने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वाहन चालक के पास वैध हैवी ड्राइविंग लाइसेंस होना चाहिए और निर्धारित यूनिफॉर्म में ही वाहन संचालन किया जाना चाहिए। साथ ही बच्चों को वाहन की निर्धारित क्षमता के अनुसार ही बैठाया जाए। नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई RTO ने साफ कहा कि भविष्य में चेकिंग के दौरान यदि किसी वाहन में सुरक्षा नियमों की अनदेखी या अन्य अनियमितता पाई गई, तो संबंधित संचालकों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रदेश और देश की ताजा खबरों के लिए पढ़ते रहें deshharpal.com
Stock Market

Stock Market Update: Sensex में 500 अंक की तेजी, Nifty 24,200 के पार

भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) में आज का दिन निवेशकों के लिए काफी सकारात्मक रहा। लगातार उतार-चढ़ाव के बाद बाजार में मजबूत रिकवरी देखने को मिली और पूरे सेशन में खरीदारी का माहौल बना रहा। BSE Sensex करीब 500 अंक की तेजी के साथ 77,500 के स्तर के आसपास कारोबार करता दिखा। वहीं Nifty 50 भी लगभग 150 अंक चढ़कर 24,200 के पार पहुंच गया। बाजार में अचानक तेजी क्यों आई? आज की इस तेजी के पीछे कई अहम कारण रहे: इन सभी फैक्टर्स ने मिलकर बाजार को मजबूती दी और सेंटीमेंट को पॉजिटिव बनाया। Auto और Realty Stocks बने बाजार की ताकत आज के ट्रेडिंग सेशन में सबसे ज्यादा हलचल ऑटो और रियल्टी शेयरों में देखने को मिली। ऑटो कंपनियों में बढ़ती बिक्री और आने वाले महीनों के बेहतर अनुमान ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। वहीं रियल्टी सेक्टर में भी लगातार खरीदारी देखने को मिली, जिससे पूरे बाजार को सपोर्ट मिला। Market Trend: निवेशकों के लिए क्या संकेत? मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि फिलहाल बाजार में एक सावधानी भरा पॉजिटिव ट्रेंड बना हुआ है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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