आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGदेश-हरपलमणिपुर के संगीतकार विक्रम सिंह की हत्या पर राहुल गांधी बोले- पहचान के आधार पर हिंसा चिंता की बातBREAKINGस्पोर्ट्सभारत ने बांग्लादेश को 40 रन से हराया, 10वीं बार विमेंस एशिया कप के फाइनल में पहुंचाBREAKINGBreaking NewsApple ने लॉन्च किया फोल्डेबल iPhone Duo, कीमत 4.50 लाख तक; iPhone 18 Pro सीरीज भी आईBREAKINGमध्य प्रदेशसागर में पानी से भरे गड्ढे में डूबे दो सगे भाई, 8 और 3 साल के बच्चों की मौतBREAKINGमध्य प्रदेशMP में 17 सितंबर से स्वामित्व अधिकार अभियान, 50 लाख से ज्यादा लोगों को मुफ्त रजिस्ट्री का लाभBREAKINGदेश-हरपलजयपुर में Zepto और Blinkit के डार्क स्टोर पर छापा, खराब और एक्सपायरी फूड प्रोडक्ट नष्टBREAKINGदेश-हरपलबिहार में बाढ़ का कहर जारी, 41 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित; भागलपुर में 5 की मौतBREAKINGमध्य प्रदेशइंदौर में H1N1 संक्रमित महिला की मौत, कोविड-19 भी मिला था पॉजिटिवBREAKINGदेश-हरपलमणिपुर के संगीतकार विक्रम सिंह की हत्या पर राहुल गांधी बोले- पहचान के आधार पर हिंसा चिंता की बातBREAKINGस्पोर्ट्सभारत ने बांग्लादेश को 40 रन से हराया, 10वीं बार विमेंस एशिया कप के फाइनल में पहुंचाBREAKINGBreaking NewsApple ने लॉन्च किया फोल्डेबल iPhone Duo, कीमत 4.50 लाख तक; iPhone 18 Pro सीरीज भी आईBREAKINGमध्य प्रदेशसागर में पानी से भरे गड्ढे में डूबे दो सगे भाई, 8 और 3 साल के बच्चों की मौतBREAKINGमध्य प्रदेशMP में 17 सितंबर से स्वामित्व अधिकार अभियान, 50 लाख से ज्यादा लोगों को मुफ्त रजिस्ट्री का लाभBREAKINGदेश-हरपलजयपुर में Zepto और Blinkit के डार्क स्टोर पर छापा, खराब और एक्सपायरी फूड प्रोडक्ट नष्टBREAKINGदेश-हरपलबिहार में बाढ़ का कहर जारी, 41 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित; भागलपुर में 5 की मौतBREAKINGमध्य प्रदेशइंदौर में H1N1 संक्रमित महिला की मौत, कोविड-19 भी मिला था पॉजिटिव

NE

News Elementor

Banner

Latest Posts

Monsoon

Monsoon Update: उत्तराखंड में Landslide से Highway बंद, UP में सड़कों पर नाव

मानसून (Monsoon) की बारिश ने देश के कई राज्यों में हालात बिगाड़ दिए हैं। कहीं पहाड़ दरकने से रास्ते बंद हो गए हैं तो कहीं बारिश का पानी सड़कों पर जमा होने के कारण लोगों की आवाजाही मुश्किल हो गई है। उत्तराखंड में Landslide के चलते हाईवे पर यातायात प्रभावित हुआ है। छत्तीसगढ़ में बारिश और तेज बहाव के बीच पुल टूटने से लोगों की परेशानी बढ़ गई। वहीं उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में जलभराव इतना ज्यादा है कि सड़कों पर नाव चलाने की नौबत आ गई है। बिहार और झारखंड में आकाशीय बिजली भी जानलेवा साबित हुई है, जहां अलग-अलग घटनाओं में 10 लोगों की मौत की खबर है। उत्तराखंड में Landslide, Highway पर थमी रफ्तार उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के बीच Landslide की घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है। पहाड़ों से मलबा और पत्थर सड़क पर आने के कारण कई जगह यातायात प्रभावित हुआ। हाईवे पर आवाजाही रुकने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश के दौरान पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन का खतरा लगातार बना रहता है। ऐसे में प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाई जा रही है और रास्तों से मलबा हटाने का काम किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में टूटा पुल, बढ़ी लोगों की मुश्किल छत्तीसगढ़ में भी भारी बारिश का असर सड़क और पुलों पर दिखाई दे रहा है। तेज बहाव और बढ़ते जलस्तर के बीच एक पुल टूटने की घटना सामने आई है। इसके बाद आसपास के लोगों का आवागमन प्रभावित हुआ और कई लोगों को दूसरे रास्तों का सहारा लेना पड़ा। ग्रामीण इलाकों में पुल और सड़कें संपर्क का प्रमुख साधन हैं। ऐसे में किसी पुल के क्षतिग्रस्त होने से आसपास के गांवों का संपर्क भी प्रभावित हो सकता है। UP में जलभराव ने बढ़ाई परेशानी, सड़कों पर चली नाव उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश के बाद जलभराव की स्थिति ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। निचले इलाकों में पानी जमा होने के कारण कई सड़कें पूरी तरह जलमग्न नजर आईं। कुछ जगह हालात इतने खराब रहे कि लोगों को आने-जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ा। पानी भरने से स्थानीय लोगों के सामने घर से बाहर निकलने, जरूरी सामान लाने और रोजमर्रा के काम निपटाने की चुनौती खड़ी हो गई है। जलनिकासी व्यवस्था को लेकर भी स्थानीय स्तर पर प्रशासन की सक्रियता बढ़ गई है। बिहार-झारखंड में Lightning बनी आफत, 10 लोगों की मौत बारिश के साथ बिहार और झारखंड में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है। अलग-अलग घटनाओं में 10 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। घटनाओं के बाद प्रभावित परिवारों में मातम पसरा है। मानसून के दौरान Lightning यानी आकाशीय बिजली ग्रामीण और खुले इलाकों में बड़ा खतरा बन जाती है। मौसम खराब होने पर लोगों को खुले मैदान, खेत या पेड़ के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी जाती है। बारिश ने कई राज्यों में बदली तस्वीर इस मानसून में देश के अलग-अलग हिस्सों से बारिश के कारण पैदा हुई मुश्किलों की तस्वीर सामने आ रही है। उत्तराखंड में Landslide और सड़क बंद होने से पहाड़ी इलाकों में सफर प्रभावित है, जबकि उत्तर प्रदेश में जलभराव ने सामान्य जनजीवन को परेशान किया है। छत्तीसगढ़ में पुल टूटने से आवागमन पर असर पड़ा है और बिहार-झारखंड में आकाशीय बिजली ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बारिश भले ही गर्मी से राहत देती हो, लेकिन जब इसका असर बुनियादी ढांचे और जनजीवन पर पड़ता है तो मुश्किलें तेजी से बढ़ती हैं। ऐसे मौसम में लोगों के लिए जरूरी है कि वे प्रशासन और मौसम विभाग की Advisory को नजरअंदाज न करें। लोगों से सावधानी बरतने की अपील भारी बारिश के दौरान नदी-नालों और जलभराव वाले इलाकों के पास जाने से बचना चाहिए। पहाड़ी क्षेत्रों में Landslide की आशंका वाले रास्तों पर यात्रा करने से पहले स्थिति की जानकारी लेना भी जरूरी है। वहीं आकाशीय बिजली के दौरान खुले स्थानों पर खड़े होने के बजाय सुरक्षित जगह पर रहना चाहिए। मानसून के दौरान मौसम तेजी से बदल सकता है। इसलिए सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करना बेहद जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
बांकीपुर

Assembly Bypoll Results बांकीपुर में Prashant Kishor आगे

देश की तीन विधानसभा सीटों पर हो रहे उपचुनाव की मतगणना के शुरुआती रुझानों ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। बिहार की बांकीपुर सीट पर प्रशांत किशोर बढ़त बनाए हुए हैं। वहीं मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर कांग्रेस ने बढ़त बना ली है। गुजरात की मांजलपुर सीट पर भाजपा आगे चल रही है। हालांकि, अभी मतगणना जारी है और अंतिम परिणाम आने तक तस्वीर बदल सकती है। बांकीपुर में प्रशांत किशोर ने चौंकाया बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर इस बार मुकाबला खासा दिलचस्प है। जन सुराज के प्रमुख प्रशांत किशोर चुनाव मैदान में हैं और शुरुआती रुझानों में उन्होंने बढ़त बना रखी है। बांकीपुर को भाजपा के प्रभाव वाली सीट माना जाता है। ऐसे में प्रशांत किशोर का यहां आगे निकलना राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है। उनकी बढ़त ने चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या शुरुआती बढ़त को प्रशांत किशोर जीत में बदल पाएंगे या आगे की गिनती में समीकरण बदल जाएगा। दतिया में Congress ने बनाई बढ़त मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर भी शुरुआती रुझान कांग्रेस के पक्ष में नजर आ रहे हैं। यहां कांग्रेस उम्मीदवार ने भाजपा प्रत्याशी को पीछे छोड़ते हुए बढ़त हासिल की है। दतिया सीट का चुनाव मध्य प्रदेश की राजनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। मतगणना के दौरान मुकाबला लगातार बदल रहा है और अभी कई राउंड के परिणाम सामने आना बाकी हैं। ऐसे में कांग्रेस समर्थकों की नजरें अंतिम नतीजे पर टिकी हुई हैं। मांजलपुर में BJP आगे गुजरात की मांजलपुर विधानसभा सीट से भाजपा के लिए फिलहाल राहत की खबर है। शुरुआती रुझानों में भाजपा उम्मीदवार बढ़त बनाए हुए हैं। तीनों सीटों के रुझानों को देखें तो तस्वीर फिलहाल काफी दिलचस्प दिखाई दे रही है। जहां बिहार में प्रशांत किशोर ने बढ़त बनाकर मुकाबले को सुर्खियों में ला दिया है, वहीं मध्य प्रदेश में कांग्रेस आगे है। गुजरात में भाजपा अपनी बढ़त के साथ मजबूत स्थिति में नजर आ रही है। तीनों सीटों के नतीजों पर टिकी नजर बिहार, मध्य प्रदेश और गुजरात की इन सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे राजनीतिक दलों के लिए काफी मायने रखते हैं। खासकर बांकीपुर में प्रशांत किशोर की मौजूदगी ने चुनाव को अतिरिक्त चर्चा दी है। फिलहाल सामने आए आंकड़े सिर्फ शुरुआती रुझान हैं। जैसे-जैसे वोटों की गिनती आगे बढ़ेगी, उम्मीदवारों की स्थिति भी बदल सकती है। इसलिए सभी की नजरें अब अंतिम राउंड और आधिकारिक चुनाव परिणाम पर टिकी हैं। बांकीपुर में प्रशांत किशोर की बढ़त, दतिया में कांग्रेस का आगे निकलना और मांजलपुर में भाजपा की बढ़त—इन तीनों सीटों ने उपचुनाव की तस्वीर को काफी रोचक बना दिया है। अब देखना होगा कि शुरुआती रुझान आखिरकार किसके पक्ष में अंतिम नतीजे में बदलते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Brij Bhushan Singh

Delhi Court का बड़ा फैसला: Brij Bhushan Singh महिला पहलवान केस में बरी, 3 साल बाद आया Verdict

भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह (Brij Bhushan Singh) को महिला पहलवानों से जुड़े Sexual Harassment Case में दिल्ली की अदालत से बड़ी राहत मिली है। करीब तीन साल तक चले इस मामले में कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया। फैसला आने के बाद बृजभूषण सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा- “होइहि सोइ जो राम रचि राखा।” बृजभूषण सिंह (Brij Bhushan Singh) के खिलाफ यह मामला साल 2023 में देशभर में सुर्खियों में आया था। कई महिला पहलवानों ने उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। इसके बाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहलवानों ने लंबे समय तक विरोध प्रदर्शन किया था। मामला सामने आने के बाद खेल जगत के साथ-साथ राजनीतिक गलियारों में भी इसकी चर्चा तेज हो गई थी। 3 साल बाद आया फैसला महिला पहलवानों की शिकायत के बाद दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने अदालत में चार्जशीट दाखिल की। इसके बाद मामले की सुनवाई दिल्ली की अदालत में चली। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद अब अदालत ने बृजभूषण सिंह को मामले में बरी कर दिया है। कोर्ट के फैसले के साथ ही यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। फैसले के बाद बृजभूषण सिंह की पहली प्रतिक्रिया अदालत के फैसले के बाद बृजभूषण सिंह ने बेहद संक्षिप्त प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “होइहि सोइ जो राम रचि राखा।” अपने ऊपर लगे आरोपों को बृजभूषण सिंह पहले से ही खारिज करते रहे हैं। उनका कहना रहा है कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप सही नहीं हैं। अब अदालत के फैसले के बाद उन्हें इस मामले में कानूनी राहत मिली है। 2023 में पहलवानों के Protest से मचा था हंगामा साल 2023 में बृजभूषण सिंह के खिलाफ महिला पहलवानों के आरोपों ने पूरे देश का ध्यान खींचा था। कई प्रमुख पहलवान दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे और कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान पहलवानों और सरकार के बीच बातचीत भी हुई थी। मामला इतना बढ़ गया था कि भारतीय कुश्ती व्यवस्था, खिलाड़ियों की सुरक्षा और Federation के कामकाज को लेकर भी सवाल उठने लगे थे। Political Controversy भी बना था बड़ा मुद्दा यह मामला केवल Sports तक सीमित नहीं रहा। बृजभूषण सिंह के खिलाफ पहलवानों के प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक दलों के बीच भी बयानबाजी हुई। विपक्ष ने केंद्र सरकार पर खिलाड़ियों की शिकायतों को लेकर सवाल उठाए, जबकि बृजभूषण सिंह लगातार अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार करते रहे। अब Delhi Court Verdict के बाद इस मामले में बृजभूषण सिंह को बड़ी राहत मिली है। हालांकि, इस पूरे प्रकरण ने भारतीय खेल व्यवस्था में खिलाड़ियों की शिकायतों और उनकी सुरक्षा को लेकर एक बड़ी बहस जरूर खड़ी की। क्या है पूरा मामला? हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Commonwealth Games

Commonwealth Games प्रीति पवार ने दिलाया Silver, आज भारत के लिए Gold जीतने का बड़ा मौका

Commonwealth Games 2026 का नौवां दिन भारत के लिए शानदार खबर लेकर आया। भारतीय महिला मुक्केबाज़ प्रीति पवार ने महिलाओं के 54 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में दमदार जीत दर्ज कर फाइनल में जगह बना ली है। इसके साथ ही उन्होंने देश के लिए कम से कम सिल्वर मेडल सुनिश्चित कर दिया है। अब पूरे देश की उम्मीदें उनके गोल्ड मेडल मुकाबले पर टिकी हैं। भारत का प्रदर्शन इस बार कॉमनवेल्थ गेम्स में लगातार बेहतर होता जा रहा है। हर दिन भारतीय खिलाड़ी नए पदक जीतकर तिरंगे का मान बढ़ा रहे हैं और नौवें दिन भी कई खेलों में भारत के पास मेडल जीतने का सुनहरा मौका है। प्रीति पवार ने दिखाया दम, फाइनल में बनाई जगह महिलाओं के 54 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में प्रीति पवार ने जाम्बिया की मुक्केबाज़ कैथरीन म्वापे के खिलाफ शानदार खेल दिखाया। मुकाबले की शुरुआत से ही उन्होंने आत्मविश्वास और आक्रामक रणनीति अपनाई, जिसका फायदा उन्हें जीत के रूप में मिला। इस जीत के साथ प्रीति ने फाइनल का टिकट कटाया और भारत के लिए सिल्वर मेडल पक्का कर दिया। अब फाइनल मुकाबले में उनकी नजर गोल्ड जीतकर इतिहास रचने पर होगी। अगर वह स्वर्ण पदक अपने नाम करती हैं तो यह भारतीय बॉक्सिंग के लिए एक और बड़ी उपलब्धि होगी। Neeraj Chopra पर टिकी करोड़ों भारतीयों की नजर नौवें दिन का सबसे बड़ा आकर्षण ओलंपिक और विश्व चैंपियन नीरज चोपड़ा का जेवलिन थ्रो फाइनल रहेगा। भारतीय खेल प्रेमियों को उनसे गोल्ड मेडल की उम्मीद है। नीरज का अनुभव और मौजूदा फॉर्म भारत के लिए बड़ी ताकत मानी जा रही है। कई खेलों में मेडल की उम्मीद बॉक्सिंग के अलावा भारत के खिलाड़ी एथलेटिक्स, जूडो, लॉन बॉल्स, ट्रैक साइक्लिंग और अन्य स्पर्धाओं में भी चुनौती पेश कर रहे हैं। कई भारतीय खिलाड़ी अपने-अपने इवेंट के अंतिम चरण में पहुंच चुके हैं, जिससे पदकों की संख्या में और इजाफा होने की उम्मीद है। भारतीय बॉक्सिंग दल इस बार विशेष रूप से शानदार प्रदर्शन कर रहा है। कई मुक्केबाज़ पहले ही पदक पक्का कर चुके हैं, जबकि कुछ खिलाड़ी गोल्ड मेडल की दौड़ में बने हुए हैं। ऐसे में टीम इंडिया का आत्मविश्वास पहले से कहीं ज्यादा मजबूत नजर आ रहा है। भारत के लिए अहम साबित हो सकता है Day 9 कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का नौवां दिन भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि नीरज चोपड़ा सहित अन्य खिलाड़ी भी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन करते हैं तो भारत की पदक तालिका में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है। प्रीति पवार का सिल्वर मेडल सुनिश्चित होना भारतीय खेल प्रेमियों के लिए गर्व की बात है। अब हर किसी की निगाहें उनके फाइनल मुकाबले और उन भारतीय खिलाड़ियों पर हैं जो आज देश के लिए नए पदक जीतने मैदान में उतरेंगे। Commonwealth Games 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का जज्बा यह दिखा रहा है कि आने वाले दिनों में भी देश के खाते में कई और मेडल जुड़ सकते हैं। करोड़ों भारतीय प्रशंसक अपने खिलाड़ियों से एक और यादगार दिन की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
Read more
Ankit Sharma

Ankit Sharma Verdict: दिल्ली दंगों के चर्चित हत्याकांड में कोर्ट सख्त, ताहिर हुसैन समेत 5 को उम्रकैद

साल 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के सबसे चर्चित मामलों में शामिल आईबी (Intelligence Bureau) अधिकारी अंकित शर्मा (Ankit Sharma) हत्याकांड में आखिरकार अदालत ने अपना फैसला सुना दिया। दिल्ली की अदालत ने इस मामले में पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन सहित पांच दोषियों को उम्रकैद (Life Imprisonment) की सजा सुनाई है। करीब छह साल तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद आए इस फैसले को पीड़ित परिवार ने न्याय की दिशा में बड़ा कदम बताया है। यह मामला केवल एक हत्या का नहीं था, बल्कि उन दंगों की सबसे दर्दनाक घटनाओं में से एक माना गया, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था। कैसे हुई थी अंकित शर्मा की हत्या? फरवरी 2020 में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिंसा भड़क उठी थी। इसी दौरान 26 फरवरी को आईबी अधिकारी अंकित शर्मा लापता हो गए थे। अगले दिन उनका शव चांद बाग इलाके के एक नाले से बरामद हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर कई गंभीर चोटों के निशान मिले थे। जांच एजेंसियों का आरोप था कि हिंसक भीड़ ने उन पर हमला किया और उनकी हत्या कर दी। इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने विस्तृत जांच शुरू की और कई लोगों को गिरफ्तार किया। अदालत ने किन आधारों पर सुनाई सजा? लंबी सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, फोरेंसिक रिपोर्ट, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और अन्य दस्तावेज पेश किए। इन साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने ताहिर हुसैन समेत पांचों आरोपियों को हत्या और दंगे से जुड़ी विभिन्न धाराओं में दोषी माना। सजा सुनाते समय अदालत ने कहा कि भीड़ की हिंसा के दौरान किसी व्यक्ति, विशेषकर एक सरकारी अधिकारी की हत्या, समाज और कानून दोनों के खिलाफ गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में सख्त सजा जरूरी है ताकि कानून के प्रति लोगों का विश्वास बना रहे। परिवार ने कहा—लंबे इंतजार के बाद मिला न्याय फैसले के बाद अंकित शर्मा के परिवार ने संतोष जताया। परिवार का कहना है कि पिछले छह वर्षों से वे अदालत के फैसले का इंतजार कर रहे थे और अब उन्हें न्याय मिलने का एहसास हो रहा है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी सजा से उनके बेटे की कमी पूरी नहीं हो सकती, लेकिन अदालत का फैसला यह भरोसा दिलाता है कि कानून अपना काम करता है। क्यों चर्चा में रहा यह मामला? 2020 के दिल्ली दंगों में कई लोगों की जान गई थी और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए थे। अंकित शर्मा हत्याकांड उन मामलों में शामिल रहा, जिस पर पूरे देश की नजर बनी रही। जांच, गिरफ्तारी, आरोप तय होने से लेकर अदालत के अंतिम फैसले तक यह मामला लगातार सुर्खियों में रहा। इस फैसले को दिल्ली दंगों से जुड़े सबसे अहम न्यायिक निर्णयों में से एक माना जा रहा है। फैसले का क्या संदेश? कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अदालत का यह फैसला स्पष्ट संदेश देता है कि भीड़ की हिंसा और सुनियोजित हत्या जैसे अपराधों को कानून किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं करेगा। न्यायिक प्रक्रिया भले समय ले, लेकिन गंभीर मामलों में दोषियों को सजा दिलाना न्याय व्यवस्था की जिम्मेदारी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Spain

Spain Border Crisis: समुद्र पार कर पहुंचे हजारों Migrants, Morocco से आए लोगों में मची भगदड़

यूरोप में बढ़ते Migration Crisis के बीच स्पेन से एक दर्दनाक खबर सामने आई है। बेहतर भविष्य की तलाश में मोरक्को से समुद्र के रास्ते स्पेन (Spain) पहुंचने की कोशिश कर रहे हजारों प्रवासियों के बीच हालात अचानक बिगड़ गए। बॉर्डर पर सुरक्षा बलों की कार्रवाई के दौरान मची अफरा-तफरी और भगदड़ में 18 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। Morocco से Spain पहुंचने की कोशिश में हजारों लोग रिपोर्ट्स के अनुसार, करीब 49 हजार प्रवासी (Migrants) मोरक्को की तरफ से स्पेन में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे। इनमें बड़ी संख्या ऐसे लोगों की थी, जो बेहतर रोजगार, सुरक्षित जीवन और आर्थिक स्थिरता की उम्मीद में यूरोप पहुंचना चाहते हैं। कई प्रवासियों ने समुद्री रास्ते का सहारा लिया, जो बेहद जोखिम भरा माना जाता है। छोटी नावों और कठिन परिस्थितियों में लंबी समुद्री यात्रा के दौरान हर साल कई लोगों की जान चली जाती है। Spain Border पर बिगड़े हालात प्रवासियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्पेन के सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई थी। बॉर्डर पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन स्थिति धीरे-धीरे तनावपूर्ण हो गई। इसी दौरान बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ में भगदड़ मच गई। अचानक मची अफरा-तफरी के कारण कई लोग घायल हुए और 18 लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। Europe के सामने बढ़ता Immigration Challenge स्पेन लंबे समय से अवैध प्रवासन की चुनौती का सामना कर रहा है। अफ्रीका से यूरोप पहुंचने के लिए स्पेन एक प्रमुख रास्ता माना जाता है। इसी वजह से यहां सीमा सुरक्षा और मानवीय सहायता दोनों बड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रवासन की समस्या सिर्फ सीमा नियंत्रण से जुड़ी नहीं है, बल्कि इसके पीछे आर्थिक असमानता, बेरोजगारी और बेहतर अवसरों की तलाश जैसे कई कारण हैं। Migrants Crisis पर सरकार की नजर इस घटना के बाद स्पेन प्रशासन ने सीमा सुरक्षा को लेकर सख्ती बढ़ाने के संकेत दिए हैं। वहीं मानवाधिकार संगठनों ने प्रवासियों की सुरक्षा और मानवीय मदद को लेकर चिंता जताई है। यूरोपीय देशों के सामने अब यह सवाल है कि बढ़ते प्रवासन को कैसे नियंत्रित किया जाए, साथ ही उन लोगों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाए जो बेहतर जिंदगी की उम्मीद लेकर लंबी और खतरनाक यात्रा करते हैं। क्यों बढ़ रहे हैं Europe की ओर Migrants? स्पेन की यह घटना एक बार फिर दुनिया को याद दिलाती है कि Migration Crisis केवल सीमा का मुद्दा नहीं, बल्कि इंसानी जिंदगी से जुड़ा गंभीर विषय भी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Bhojshala

Bhojshala Update: कमाल मौला मस्जिद के पास बढ़ी निगरानी, धार में प्रशासन ने संभाला मोर्चा

मध्य प्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला (Bhojshala) परिसर में एक बार फिर गतिविधियां बढ़ गई हैं। कमाल मौला मस्जिद से सटे क्षेत्र में नमाजियों के पहुंचने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया है। मौके पर बैरिकेडिंग की गई है, तिरपाल बिछाई गई है और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। प्रशासन की ओर से पूरे क्षेत्र पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी तरह की स्थिति को शांतिपूर्ण तरीके से संभाला जा सके। संवेदनशीलता को देखते हुए आसपास के इलाकों में सुरक्षा इंतजाम बढ़ाए गए हैं। Bhojshala परिसर में प्रशासन का विशेष ध्यान धार की भोजशाला को लेकर लंबे समय से धार्मिक और ऐतिहासिक विवाद जुड़ा हुआ है। इसी कारण यहां होने वाली हर गतिविधि पर प्रशासन की नजर रहती है। नमाज के समय किसी तरह की अव्यवस्था न हो, इसके लिए पुलिस बल को अलर्ट मोड पर रखा गया है। मौके पर लगाए गए बैरिकेड लोगों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए लगाए गए हैं। वहीं, तिरपाल की व्यवस्था भी की गई है ताकि आने वाले लोगों को सुविधा मिल सके और व्यवस्था बनी रहे। क्या है Bhojshala विवाद? धार की भोजशाला एक प्राचीन और ऐतिहासिक स्थल है, जिसे लेकर हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे हैं। हिंदू पक्ष इसे मां वाग्देवी (सरस्वती) का मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष यहां कमाल मौला मस्जिद में नमाज की परंपरा का दावा करता है। इस विवाद को लेकर कई वर्षों से कानूनी प्रक्रिया चल रही है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा भी भोजशाला परिसर का सर्वे कराया जा चुका है, जिसके बाद यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। Police Deployment से लेकर Monitoring तक, प्रशासन सतर्क मौजूदा हालात को देखते हुए प्रशासन किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतना चाहता। पुलिसकर्मी क्षेत्र में तैनात हैं और आने-जाने वाले लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना उसकी पहली प्राथमिकता है। सोशल मीडिया पर भी नजर प्रशासन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फैलने वाली अफवाहों पर भी नजर रख रहा है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि बिना पुष्टि किए किसी भी तरह की जानकारी साझा न करें, जिससे माहौल खराब हो सकता है। फिलहाल भोजशाला और कमाल मौला मस्जिद के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है और प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Claude AI

Claude AI Controversy: क्या AI ने किया System Hack? टेस्टिंग की गलती से सामने आया बड़ा Security Risk

AI तकनीक जितनी तेजी से आगे बढ़ रही है, उससे जुड़े सुरक्षा जोखिम भी उतनी ही तेजी से चर्चा में आ रहे हैं। हाल ही में Claude AI से जुड़ी एक टेस्टिंग घटना ने दुनिया भर के साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। शुरुआती रिपोर्ट्स में इसे “AI ने कंपनियों के सिस्टम हैक कर दिए” के तौर पर पेश किया गया, लेकिन जांच में सामने आया कि मामला किसी वास्तविक साइबर हमले का नहीं, बल्कि टेस्टिंग के दौरान हुई सुरक्षा चूक (Misconfiguration) का था। इस घटना ने यह जरूर दिखा दिया कि यदि किसी AI मॉडल को जरूरत से ज्यादा अधिकार और लाइव इंटरनेट एक्सेस मिल जाए, तो वह अनजाने में भी संवेदनशील सिस्टम तक पहुंच सकता है। क्या हुआ था? जानकारी के अनुसार, Claude AI का एक नियंत्रित सुरक्षा परीक्षण (Controlled Security Test) चल रहा था। इस दौरान AI को इंटरनेट एक्सेस और कुछ ऑटोमेशन टूल्स उपलब्ध कराए गए थे, ताकि उसकी क्षमताओं और सीमाओं का आकलन किया जा सके। टेस्टिंग के दौरान सिस्टम की कॉन्फ़िगरेशन में हुई एक गलती के कारण AI उन तीन कंपनियों के नेटवर्क तक पहुंच गया, जहां उसे सामान्य परिस्थितियों में पहुंचने की अनुमति नहीं होनी चाहिए थी। हालांकि, अब तक ऐसी कोई पुष्टि नहीं हुई है कि AI ने किसी कंपनी का डेटा चुराया, सिस्टम को नुकसान पहुंचाया या किसी तरह का मैलवेयर इंस्टॉल किया हो। ‘हैकिंग’ नहीं, सुरक्षा सेटअप की कमजोरी साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस घटना को सीधे “AI हैकिंग” कहना पूरी तरह सही नहीं होगा। असल समस्या सुरक्षा नियमों और एक्सेस कंट्रोल में हुई चूक थी। AI वही कर पाया जिसकी अनुमति उसे उपलब्ध सिस्टम ने दी। यानी अगर सुरक्षा सीमाएं सही तरीके से लागू होतीं, तो यह स्थिति पैदा ही नहीं होती। यही कारण है कि विशेषज्ञ इस घटना को AI की गलती से ज्यादा सुरक्षा प्रबंधन (Security Configuration) की विफलता मान रहे हैं। AI Security को लेकर क्यों बढ़ी चिंता? Agentic AI और Autonomous AI सिस्टम अब पहले से कहीं अधिक जटिल काम कर सकते हैं। ऐसे में यदि उन्हें इंटरनेट, क्लाउड सर्वर, डेटाबेस या कंपनी के इंटरनल टूल्स तक सीधी पहुंच दी जाती है, तो सुरक्षा उपाय और भी मजबूत होने चाहिए। इस घटना ने कंपनियों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि भविष्य में AI मॉडल्स को कितनी स्वतंत्रता दी जानी चाहिए और उनके लिए कौन-कौन से सुरक्षा मानक अनिवार्य होने चाहिए। विशेषज्ञों ने क्या सलाह दी? AI सुरक्षा पर काम कर रहे विशेषज्ञों के अनुसार, कंपनियों को कुछ जरूरी कदम अपनाने चाहिए— AI का बढ़ता इस्तेमाल, बढ़ती जिम्मेदारी आज AI का उपयोग बैंकिंग, हेल्थकेयर, साइबर सिक्योरिटी, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और सरकारी सेवाओं तक पहुंच चुका है। ऐसे में किसी भी छोटी सुरक्षा चूक का असर बड़ा हो सकता है। Claude AI से जुड़ी यह घटना इस बात की याद दिलाती है कि केवल एडवांस AI बनाना ही काफी नहीं है, बल्कि उसके आसपास मजबूत सुरक्षा ढांचा तैयार करना भी उतना ही जरूरी है।
Read more
शुभेंदु अधिकारी

JeM Terror Suspect Arrested: शुभेंदु अधिकारी पर हमले की कथित साजिश की जांच

पश्चिम बंगाल में सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता के बीच एक बड़ा मामला सामने आया है। राज्य की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से कथित तौर पर जुड़े एक संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में यह आशंका जताई गई है कि आरोपी मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को निशाना बनाने की योजना से जुड़ा हो सकता है। हालांकि, जांच एजेंसियों ने अभी तक किसी अंतिम निष्कर्ष की पुष्टि नहीं की है और पूरे मामले की गहन जांच जारी है। कैसे हुआ खुलासा? सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियों को कुछ समय से मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों और धमकी भरे इनपुट मिल रहे थे। इसके बाद STF ने तकनीकी निगरानी, खुफिया जानकारी और डिजिटल ट्रैकिंग के आधार पर एक विशेष अभियान चलाया। ऑपरेशन के दौरान एक संदिग्ध को हिरासत में लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ में उसके प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से संपर्क होने की आशंका सामने आई। फिलहाल एजेंसियां इस दावे की पुष्टि के लिए हर पहलू की जांच कर रही हैं। इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की हो रही फोरेंसिक जांच गिरफ्तार आरोपी के पास से मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरण बरामद किए गए हैं। इन सभी को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी अकेले काम कर रहा था या किसी बड़े आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा था। उसके ईमेल, चैट, सोशल मीडिया गतिविधियों और संपर्कों की भी जांच की जा रही है। क्या सचमुच CM को बनाया गया था निशाना? अभी तक किसी सरकारी एजेंसी ने आधिकारिक तौर पर यह पुष्टि नहीं की है कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पर हमला निश्चित रूप से होने वाला था। जांच अधिकारी इस बात की पड़ताल कर रहे हैं कि आरोपी की मंशा क्या थी और क्या उसके पास किसी साजिश को अंजाम देने की वास्तविक तैयारी थी। यही वजह है कि एजेंसियां फिलहाल पूरे मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए हर सबूत की बारीकी से जांच कर रही हैं। बढ़ाई गई मुख्यमंत्री की सुरक्षा मामले के सामने आने के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की सुरक्षा व्यवस्था की दोबारा समीक्षा की गई है। सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह का जोखिम लेने के पक्ष में नहीं हैं। सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ समय में भी मुख्यमंत्री को लेकर कुछ धमकी भरे इनपुट मिले थे। ऐसे में मौजूदा गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत कर दी गई है। कई एजेंसियां कर रहीं संयुक्त जांच इस मामले की जांच केवल बंगाल STF तक सीमित नहीं है। जरूरत पड़ने पर केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों की भी मदद ली जा रही है। जांचकर्ताओं का फोकस इस बात पर है कि आरोपी के देश के भीतर या सीमा पार किसी आतंकी नेटवर्क से संबंध थे या नहीं। यदि जांच में किसी बड़े मॉड्यूल के संकेत मिलते हैं, तो आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। अफवाहों से बचने की अपील मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे अपुष्ट दावों पर भरोसा न करें। केवल आधिकारिक जानकारी को ही सही मानें। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कथित साजिश कितनी गंभीर थी और इसके पीछे किन लोगों की भूमिका थी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Canada

Canada PGWP पढ़ाई पूरी, लाखों खर्च फिर भी Work Permit से इनकार; Punjabi Students का बड़ा Protest

विदेश में बेहतर शिक्षा और सुनहरे भविष्य का सपना लेकर हर साल हजारों भारतीय छात्र कनाडा (Canada) का रुख करते हैं। लेकिन इस समय कनाडा में पढ़ रहे सैकड़ों भारतीय छात्रों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। खासतौर पर पंजाब से जुड़े 500 से अधिक छात्र पोस्ट-ग्रेजुएशन वर्क परमिट (PGWP) नहीं मिलने के विरोध में सड़कों पर उतर आए हैं। कई छात्र कई दिनों से धरना दे रहे हैं, जबकि कुछ ने भूख हड़ताल भी शुरू कर दी है। छात्रों का कहना है कि उन्होंने कनाडा में पढ़ाई के लिए लाखों रुपये खर्च किए, लेकिन पढ़ाई पूरी होने के बाद अब उन्हें काम करने की अनुमति नहीं मिल रही। इससे उनका करियर, आर्थिक स्थिति और भविष्य तीनों दांव पर लग गए हैं। क्या है पूरा मामला? जानकारी के मुताबिक, प्रदर्शन कर रहे अधिकांश छात्र अल्बर्टा (Alberta) के विभिन्न कॉलेजों से पढ़ाई पूरी कर चुके हैं। इनमें Portage College के छात्र भी शामिल हैं। छात्रों का आरोप है कि जब उन्होंने एडमिशन लिया था, तब उन्हें पढ़ाई पूरी होने के बाद Post-Graduation Work Permit (PGWP) मिलने की उम्मीद थी। लेकिन अब बड़ी संख्या में उनके आवेदन खारिज कर दिए गए हैं। छात्रों का कहना है कि परिवारों ने कर्ज लेकर उनकी पढ़ाई का खर्च उठाया। कॉलेज फीस, रहने का खर्च और अन्य जरूरतों पर लाखों रुपये खर्च हुए। अब वर्क परमिट नहीं मिलने से वे न नौकरी कर पा रहे हैं और न ही आगे स्थायी निवास (PR) की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। प्रदर्शन कर रहे छात्रों की क्या मांग है? धरने पर बैठे छात्रों का कहना है कि वे किसी विशेष रियायत की मांग नहीं कर रहे हैं। उनकी केवल एक मांग है कि उनके मामलों की निष्पक्ष समीक्षा की जाए। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने पोस्टर लेकर नारे लगाए— “We Studied Here, We Deserve to Work Here” यानी, “हमने यहां पढ़ाई की है, इसलिए हमें यहां काम करने का मौका मिलना चाहिए।” कई छात्रों का कहना है कि यदि उन्हें वापस भारत लौटना पड़ा तो उनका करियर और परिवार की वर्षों की मेहनत बेकार हो जाएगी। Alberta Premier Danielle Smith का सख्त बयान इस पूरे विवाद के बीच अल्बर्टा की प्रीमियर Danielle Smith का बयान भी चर्चा में है। उन्होंने साफ कहा कि जिन अंतरराष्ट्रीय छात्रों के पास वैध वीजा, वर्क परमिट या कानूनी रूप से रहने की अनुमति नहीं है, उन्हें कनाडा छोड़कर अपने देश लौटना होगा। उन्होंने कहा कि कनाडा के इमिग्रेशन नियम सभी के लिए समान हैं और सरकार इनमें कोई विशेष छूट नहीं दे सकती। उनके इस बयान के बाद छात्रों की चिंता और बढ़ गई है। छात्रों को मिला राजनीतिक समर्थन प्रदर्शन कर रहे छात्रों से कुछ कनाडाई सांसदों ने मुलाकात की और उनकी समस्याओं को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने का भरोसा दिया। छात्रों को उम्मीद है कि सरकार उनके मामलों की दोबारा समीक्षा करेगी और कोई समाधान निकलेगा। हालांकि अभी तक सरकार की ओर से वर्क परमिट को लेकर किसी बड़े राहत पैकेज या नीति बदलाव की घोषणा नहीं की गई है। क्यों बढ़ रही है Canada में सख्ती? पिछले कुछ वर्षों में कनाडा सरकार ने अंतरराष्ट्रीय छात्रों से जुड़े कई नियमों में बदलाव किए हैं। सरकार का कहना है कि शिक्षा प्रणाली का गलत इस्तेमाल रोकना, इमिग्रेशन प्रक्रिया को संतुलित रखना और स्थानीय रोजगार बाजार की जरूरतों को ध्यान में रखना जरूरी है। इन्हीं बदलावों के चलते अब वर्क परमिट और स्थायी निवास (PR) से जुड़े नियम पहले की तुलना में अधिक सख्त हो गए हैं। भारतीय छात्रों पर सबसे ज्यादा असर भारत, खासकर पंजाब, हर साल कनाडा भेजे जाने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्रों की सबसे बड़ी संख्या वाले राज्यों में शामिल है। अधिकांश छात्र पढ़ाई के बाद नौकरी और फिर Permanent Residency (PR) की उम्मीद लेकर कनाडा जाते हैं। ऐसे में वर्क परमिट पर आई इस सख्ती ने हजारों भारतीय छात्रों के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ा दी है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि विदेश में पढ़ाई की योजना बना रहे छात्रों को अब किसी भी कॉलेज में दाखिला लेने से पहले वर्क परमिट और इमिग्रेशन नियमों की पूरी जानकारी जरूर लेनी चाहिए। आगे क्या होगा? फिलहाल प्रदर्शन जारी है और छात्र अपने मामलों की दोबारा समीक्षा की मांग पर अड़े हुए हैं। दूसरी ओर, अल्बर्टा सरकार अपने रुख पर कायम है कि जिन छात्रों के पास वैध कानूनी दस्तावेज नहीं हैं, उन्हें देश छोड़ना होगा। अब सबकी नजर कनाडा सरकार के अगले फैसले पर है। यदि कोई समाधान नहीं निकलता, तो सैकड़ों भारतीय छात्रों को वापस लौटना पड़ सकता है। यह मामला सिर्फ वर्क परमिट का नहीं, बल्कि उन परिवारों के सपनों का भी है जिन्होंने अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए जीवनभर की कमाई दांव पर लगा दी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
1 25 26 27 28 29 322

Editor's Picks

मणिपुर के संगीतकार विक्रम सिंह की हत्या पर राहुल गांधी बोले- पहचान के आधार पर हिंसा चिंता की बात

नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को मणिपुर के दिवंगत संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह के श्रद्धांजलि कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने विक्रम सिंह की हत्या को लेकर हिंसा और पहचान के आधार पर किसी व्यक्ति को निशाना बनाए जाने पर चिंता जताई। राहुल गांधी ने कहा कि विक्रम को कथित तौर पर सिर्फ इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वह मणिपुर से आते थे। उन्होंने कहा कि किसी युवा की हत्या अपने आप में बड़ी त्रासदी है, लेकिन किसी व्यक्ति की पहचान और उसके मूल स्थान के आधार पर हमला होना भी गंभीर चिंता का विषय है। राहुल बोले- हिंसा और नफरत का इस्तेमाल गलत राहुल गांधी ने कहा कि इस घटना में हिंसा साफ तौर पर दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि घटना में हिंसा, नफरत और अहंकार नजर आता है। उन्होंने कहा कि समाज में ऐसी सोच बढ़ रही है कि अगर कोई व्यक्ति ताकतवर है तो वह दूसरे के खिलाफ हिंसा कर सकता है। राहुल गांधी ने इस रवैये को गलत बताते हुए कहा कि ताकत के आधार पर किसी के साथ हिंसा करना स्वीकार नहीं किया जा सकता। 8 आरोपी गिरफ्तार, नाबालिग भी शामिल विक्रम सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने मंगलवार को 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल है। पुलिस के मुताबिक, घटना 6 सितंबर 2026 की रात करीब 11:30 बजे दक्षिण दिल्ली के आश्रम इलाके में हुई। मणिपुर मूल के 54 वर्षीय संगीतकार विक्रम सिंह अपने घर के नीचे डिलीवरी बॉय और स्थानीय ढाबे के कर्मचारियों के बीच हो रहे कथित शोर और हंगामे पर आपत्ति जताने गए थे। आरोप है कि इसके बाद डिलीवरी बॉय और ढाबे के कर्मचारियों ने विक्रम सिंह के साथ मारपीट की। आरोपियों ने कथित तौर पर बिल्डिंग के अंदर उनका तीन मंजिल तक पीछा किया और लात-घूंसों से हमला किया। गंभीर चोटों के कारण उनकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम में भारी आंतरिक रक्तस्राव की पुष्टि गुरुवार को सामने आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, विक्रम सिंह की मौत सीने और पेट पर गंभीर शारीरिक चोटों के कारण हुए भारी आंतरिक रक्तस्राव से हुई। पुलिस ने मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है। घटना को लेकर हिंसा और पहचान के आधार पर भेदभाव के मुद्दे पर भी सवाल उठ रहे हैं।

भारत ने बांग्लादेश को 40 रन से हराया, 10वीं बार विमेंस एशिया कप के फाइनल में पहुंचा

दुबई। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने विमेंस टी20 एशिया कप के पहले सेमीफाइनल में बांग्लादेश को 40 रन से हराकर फाइनल में जगह बना ली है। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट पर 149 रन बनाए। जवाब में बांग्लादेश की टीम 20 ओवर में 109 रन ही बना सकी। इस जीत के साथ भारत ने रिकॉर्ड 10वीं बार एशिया कप के फाइनल में प्रवेश किया। शेफाली वर्मा ने खेली शानदार पारी भारत की ओर से शेफाली वर्मा ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 40 गेंदों में 64 रन बनाए। उनकी पारी में 7 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। शेफाली की आक्रामक बल्लेबाजी ने भारत को चुनौतीपूर्ण स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। कप्तान हरमनप्रीत कौर 24 रन बनाकर नाबाद रहीं, जबकि विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष ने 21 रन का योगदान दिया। भारत ने निर्धारित 20 ओवर में 149 रन बनाए। दीप्ति शर्मा की शानदार गेंदबाजी 150 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी बांग्लादेश की बल्लेबाजी भारतीय गेंदबाजों के सामने ज्यादा देर नहीं टिक सकी। दीप्ति शर्मा ने 4 ओवर में 26 रन देकर 3 विकेट लिए और बांग्लादेश के बल्लेबाजी क्रम पर दबाव बनाए रखा। आखिरी ओवरों में नंदनी शर्मा ने भी महत्वपूर्ण विकेट लेकर भारत की जीत पक्की कर दी। बांग्लादेश की टीम 20 ओवर में 109 रन तक ही पहुंच सकी और भारत ने मुकाबला 40 रन से अपने नाम कर लिया। अब फाइनल पर भारत की नजर इस जीत के साथ भारतीय महिला टीम ने एशिया कप के फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। भारत टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार जीत दर्ज कर रहा है और अब उसकी नजर खिताब जीतने पर होगी।

Apple ने लॉन्च किया फोल्डेबल iPhone Duo, कीमत 4.50 लाख तक; iPhone 18 Pro सीरीज भी आई

Apple ने बुधवार रात आयोजित लॉन्च इवेंट ‘Surprise and Shine’ में कई नए डिवाइस पेश किए। कंपनी ने पहली बार फोल्डेबल iPhone Duo लॉन्च किया है। इसके साथ iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max समेत कुल 6 नए डिवाइस पेश किए गए। iPhone Duo को कंपनी का अब तक का सबसे महंगा iPhone बताया जा रहा है। इसकी शुरुआती कीमत करीब 3 लाख रुपए है, जबकि टॉप मॉडल की कीमत करीब 4.50 लाख रुपए तक जाती है। iPhone Duo में 7.6 इंच की मेन स्क्रीन फोल्डेबल iPhone Duo में बाहर की तरफ 5.4 इंच का कवर डिस्प्ले दिया गया है। फोन खोलने पर अंदर 7.6 इंच की मेन स्क्रीन मिलती है। कंपनी के मुताबिक, यह अब तक किसी भी iPhone में दिया गया सबसे बड़ा डिस्प्ले है। फोन में पहली बार डुअल-बैटरी सिस्टम दिए जाने की जानकारी है। इसके अलावा इसमें फिजिकल SIM कार्ड का विकल्प नहीं होगा। iPhone Duo केवल e-SIM के जरिए काम करेगा। भारत में iPhone Duo की बुकिंग 16 अक्टूबर से शुरू होगी, जबकि इसकी बिक्री 23 अक्टूबर से शुरू होने की जानकारी दी गई है। iPhone 18 Pro और Pro Max में DSLR जैसी कैमरा टेक्नोलॉजी Apple ने इस बार iPhone 18 सीरीज में केवल प्रीमियम मॉडल iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max लॉन्च किए हैं। इन दोनों मॉडल्स में सबसे ज्यादा जोर कैमरा सिस्टम पर दिया गया है। इनके मेन कैमरे में प्रोफेशनल DSLR कैमरों जैसी टेक्नोलॉजी दिए जाने का दावा किया गया है। भारत में iPhone 18 Pro की शुरुआती कीमत 1,64,900 रुपए, जबकि iPhone 18 Pro Max की शुरुआती कीमत 1,79,900 रुपए रखी गई है। इन दोनों मॉडल्स की बुकिंग 12 सितंबर से शुरू होगी और बिक्री 18 सितंबर से शुरू होगी। AirPods 5 और नई Apple Watch भी लॉन्च Apple के लॉन्च इवेंट में iPhone के अलावा AirPods 5, Apple Watch Series 12 और Watch Ultra 4 भी पेश किए गए। कंपनी के नए प्रोडक्ट्स में सबसे ज्यादा चर्चा फोल्डेबल iPhone Duo की है, जिसे Apple के स्मार्टफोन लाइनअप में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

सागर में पानी से भरे गड्ढे में डूबे दो सगे भाई, 8 और 3 साल के बच्चों की मौत

सागर। सागर के कैंट थाना क्षेत्र में गुरुवार शाम दर्दनाक हादसा हो गया। ग्राम भैंसा के पास पानी से भरे गड्ढे में गिरने से दो सगे भाइयों की मौतहो गई। हादसे के बाद आसपास के लोगों ने बच्चों को पानी से बाहर निकालने की कोशिश की और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची कैंट पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से दोनों बच्चों को बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों में 8 और 3 साल के सगे भाई प्राथमिक जांच के अनुसार मृतकों की पहचान कार्तिक बंसल (8 वर्ष) और उसके छोटे भाई मक्कू बंसल (3 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों भगवानगंज स्थित रेलवे ब्रिज के पास रहने वाले भागीरथ बंसल के बेटे थे। पुलिस ने दोनों बच्चों के शवों का पंचनामा तैयार कर उन्हें मोर्चरी में रखवाया है। कैंट पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पैर फिसलने से पानी में गिरने की आशंका आसपास के लोगों के मुताबिक, दोनों भाई कुएं के पास बने गड्ढे के आसपास खेल रहे थे। इसी दौरान अचानक पैर फिसलने से दोनों पानी से भरे गड्ढे में गिर गए। हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और बच्चों को बाहर निकालने की कोशिश शुरू कर दी। पुलिस के पहुंचने के बाद दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। हादसे के बाद परिवार में मातम दो मासूम भाइयों की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम पसर गया। घटना से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। कैंट थाना प्रभारी रोहित डोंगरे ने बताया कि पानी में डूबने से दो बच्चों की मौत हुई है। मामला दर्ज कर घटना के कारणों की जांच की जा रही है।

MP में 17 सितंबर से स्वामित्व अधिकार अभियान, 50 लाख से ज्यादा लोगों को मुफ्त रजिस्ट्री का लाभ

भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर मध्य प्रदेश में स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन अभियान शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इस अभियान के तहत आबादी की भूमि पर काबिज पात्र लोगों को सरकार की ओर से नि:शुल्क रजिस्ट्री कराकर स्वामित्व अधिकार दिए जाएंगे। सरकार के मुताबिक, इस अभियान से प्रदेश के 50 लाख से अधिक ग्रामीण आबादी को लाभ मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही 17 सितंबर को शाम 7 बजे प्रदेशभर में एक साथ 58 लाख से अधिक दीपक जलाकर ‘आशीर्वाद का दीपक’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। 41 हजार से ज्यादा गांवों में 68.47 लाख प्लॉट का सर्वे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कलेक्टरों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान बताया कि स्वामित्व अभियान के तहत प्रदेश के 41 हजार 568 गांवों में 68 लाख 47 हजार प्लॉट का सर्वे पूरा किया जा चुका है। इस अभियान में 50 लाख से अधिक हितग्राहियों के नाम पर नि:शुल्क रजिस्ट्री कराने का लक्ष्य रखा गया है। रजिस्ट्री के लिए पंचायत उपकर और अतिरिक्त स्टाम्प ड्यूटी में छूट का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चुने गए आगर-मालवा, बड़वानी, हरदा, अशोकनगर और रायसेन जिलों के कलेक्टरों से योजना के क्रियान्वयन की जानकारी भी ली। 17 सितंबर से 3 अक्टूबर तक चलेगा अभियान अधिकारियों के अनुसार स्वामित्व योजना का अभियान तीन चरणों में 17 सितंबर से 3 अक्टूबर तक चलाया जाएगा। योजना से संबंधित मोबाइल एप को यूजर फ्रेंडली बनाया गया है और पटवारियों की ट्रेनिंग भी कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए कि अभियान के लिए अगले दो दिनों में माइक्रो प्लानिंग पूरी कर ली जाए। जिले में स्वामित्व अभियान का नेतृत्व कलेक्टर स्वयं करेंगे। साथ ही जिला स्तर पर नोडल, जोनल और सेक्टर अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। हर दिन 30 से 40 रजिस्ट्री का लक्ष्य मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर सरपंच, सचिव, पटवारी और रोजगार सहायक मिलकर हर गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को नि:शुल्क रजिस्ट्री के लिए शिविर आयोजित करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वामित्व योजना के तहत प्रतिदिन कम से कम 30 से 40 रजिस्ट्री कराने का लक्ष्य रखा जाए। कलेक्टरों को अभियान की बेहतर प्लानिंग और शेड्यूलिंग करने के साथ रोजाना की प्रगति रिपोर्ट तैयार कर जमा करने के निर्देश भी दिए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, पंचायत स्तर पर पटवारी निष्पादन अधिकारी की भूमिका निभाएंगे। वहीं तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और अन्य अधिकारियों को पंजीयन अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है। भोपाल से शुरू होगा एक महीने का सेवा संकल्प अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर प्रदेश में एक महीने तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत 17 सितंबर को भोपाल में राज्य स्तरीय कार्यक्रम के साथ होगी। इस कार्यक्रम से सभी जिलों के कलेक्टर और हितग्राही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ेंगे। अभियान के तहत कुल 13 अलग-अलग गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। 17 सितंबर को जलेंगे 58 लाख से ज्यादा दीप सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत ‘आशीर्वाद का दीपक’ कार्यक्रम से होगी। 17 सितंबर की शाम 7 बजे प्रदेशभर में लाभार्थी परिवारों और चयनित ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व के स्थानों पर एक साथ 58 लाख से अधिक दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को अपने-अपने जिलों में ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व के स्थानों को चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं। अपर मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला ने बताया कि ‘आशीर्वाद का दीपक’ कार्यक्रम में प्रभारी अधिकारियों की जिलों में अनिवार्य उपस्थिति रहेगी। इसके साथ ही विभिन्न विभागों की हितग्राहीमूलक योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों को भी अभियान से जोड़ा जाएगा।

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.