Bihar Assembly Election 2025 से पहले मतदाता सूची (Voter List) को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। Supreme Court ने सोमवार को State Election Commission द्वारा शुरू की गई Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया पर अंतरिम रोक (Interim Stay) लगाने से इनकार कर दिया है। अब इस मामले पर 10 जुलाई 2025 को विस्तृत सुनवाई होगी।
क्या है Bihar SIR Process?
बिहार में 24 जून से शुरू हुई यह SIR प्रक्रिया का उद्देश्य है:
- नए 18+ मतदाताओं को जोड़ना
- मृतकों के नाम हटाना
- डुप्लीकेट नाम हटाना
- फर्जी या विदेशी नाम हटाना
यह 2003 के बाद पहली बार इतना बड़ा अपडेट अभियान चलाया गया है।
Supreme Court में क्यों गई याचिका?
कई नेताओं और संगठनों ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं:
- RJD के सांसद मनोज झा
- TMC की महुआ मोइत्रा
- योगेंद्र यादव, ADR, PUCL, और पूर्व MLA मुजाहिद आलम
याचिकाकर्ताओं का दावा है कि:
- इस प्रक्रिया में जरूरी दस्तावेजों की मांग की जा रही है जैसे फॉर्म-6, आधार कार्ड, राशन कार्ड आदि, जिससे गरीब और ग्रामीण वर्ग प्रभावित हो सकता है।
- इससे असली मतदाता भी लिस्ट से बाहर हो सकते हैं।
- यह प्रक्रिया भेदभावपूर्ण और असंवेदनशील है।
Supreme Court ने क्या कहा?
- कोर्ट ने तत्काल कोई रोक नहीं लगाई लेकिन याचिकाओं को गंभीर माना है।
- 10 जुलाई को सुनवाई में सभी पक्षों को सुना जाएगा।
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