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मदरसों

Yogi Cabinet का बड़ा प्रस्ताव: मदरसों में 12वीं तक Education, Kamil-Fazil Degree पर रोक

उत्तर प्रदेश में मदरसा शिक्षा को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार एक बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। सरकार UP Madrasa Education से जुड़े कानून में संशोधन का प्रस्ताव लाने जा रही है। अगर यह प्रस्ताव मंजूर होता है तो मदरसा बोर्ड के तहत चलने वाले संस्थानों में पढ़ाई 12वीं कक्षा तक ही होगी। इसके बाद Kamil और Fazil Degree देने की व्यवस्था खत्म हो सकती है। सरकार के इस प्रस्ताव ने मदरसा शिक्षा से जुड़े छात्रों, शिक्षकों और संस्थानों के बीच चर्चा तेज कर दी है। खासतौर पर उन विद्यार्थियों के लिए यह बदलाव महत्वपूर्ण है, जो 12वीं के बाद मदरसा बोर्ड से कामिल या फाजिल की पढ़ाई करने की योजना बना रहे हैं। 12वीं तक सीमित होगी मदरसा बोर्ड की पढ़ाई प्रस्तावित संशोधन के तहत मदरसा बोर्ड की जिम्मेदारी मुख्य रूप से स्कूली शिक्षा तक सीमित किए जाने की बात है। यानी मदरसों में शुरुआती कक्षाओं से लेकर हाईस्कूल और इंटरमीडिएट यानी 12वीं तक पढ़ाई जारी रह सकेगी। लेकिन 12वीं के बाद मिलने वाली उच्च शिक्षा की डिग्री मदरसा बोर्ड के माध्यम से नहीं दी जाएगी। छात्रों को आगे की पढ़ाई के लिए विश्वविद्यालय या अन्य मान्यता प्राप्त उच्च शिक्षण संस्थानों में जाना होगा। Kamil और Fazil Course पर क्या होगा असर? इस प्रस्ताव का सबसे अहम हिस्सा Kamil और Fazil courses से जुड़ा है। मौजूदा व्यवस्था में इन पाठ्यक्रमों को उच्च शिक्षा के स्तर से जोड़ा जाता रहा है। नए प्रावधान लागू होने पर मदरसा बोर्ड इन स्तरों की डिग्री जारी नहीं कर सकेगा। इसका मतलब साफ है कि 12वीं के बाद अगर कोई छात्र उच्च शिक्षा हासिल करना चाहता है तो उसे संबंधित यूनिवर्सिटी या मान्यता प्राप्त संस्थान का विकल्प चुनना होगा। Supreme Court के फैसले के बाद क्यों आया बदलाव? मदरसा शिक्षा में प्रस्तावित संशोधन को सुप्रीम कोर्ट के मदरसा कानून से जुड़े फैसले की पृष्ठभूमि में भी देखा जा रहा है। अदालत की सुनवाई के दौरान मदरसा बोर्ड की शक्तियों और उच्च शिक्षा की डिग्री से जुड़े अधिकारों पर महत्वपूर्ण सवाल सामने आए थे। इसके बाद राज्य सरकार की ओर से कानून में बदलाव की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। प्रस्तावित संशोधन का उद्देश्य मदरसा बोर्ड की भूमिका को स्कूली शिक्षा तक सीमित करने और उच्च शिक्षा को विश्वविद्यालयी व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में कदम माना जा रहा है। छात्रों पर क्या पड़ेगा असर? अगर यह संशोधन लागू हो जाता है तो मदरसा बोर्ड से 12वीं तक पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए आगे की राह बदल जाएगी। उन्हें कामिल या फाजिल की डिग्री के लिए मदरसा बोर्ड पर निर्भर रहने के बजाय संबंधित विश्वविद्यालय या उच्च शिक्षण संस्थान की व्यवस्था में जाना होगा। वहीं, मौजूदा छात्रों और पहले से पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को लेकर सरकार किस तरह की व्यवस्था लागू करेगी, यह अंतिम नियम सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा। अभी प्रस्ताव है, अंतिम फैसला बाकी यहां यह समझना जरूरी है कि फिलहाल इसे सरकार का प्रस्तावित संशोधन बताया जा रहा है। जब तक कैबिनेट से अंतिम मंजूरी और उसके बाद जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक इसे लागू नियम नहीं माना जा सकता। अब सबकी नजर योगी कैबिनेट के फैसले पर है। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो उत्तर प्रदेश में मदरसा शिक्षा का मौजूदा ढांचा बदल जाएगा और 12वीं के बाद की पढ़ाई पूरी तरह उच्च शिक्षा संस्थानों की व्यवस्था से जुड़ सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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FSSAI

FSSAI ने डाबर इंडिया को भेजा नोटिस, 100% दावे के साथ शहद, घी, तेल आदि की बिक्री पर लगाई रोक

खाद्य उत्पादों की पैकेजिंग और विज्ञापन में किए जाने वाले दावों को लेकर FSSAI ने बड़ी कार्रवाई की है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने Dabur India को नोटिस जारी करते हुए उसके कुछ खाद्य उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाने का निर्देश दिया है। मामला खास तौर पर उत्पादों की पैकेजिंग और ऑनलाइन लिस्टिंग में इस्तेमाल किए जा रहे ‘100%’ दावों से जुड़ा है। FSSAI की कार्रवाई के बाद शहद, घी, तेल, नारियल पानी और एप्पल साइडर विनेगर जैसे उत्पादों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, इस कार्रवाई का मतलब यह नहीं है कि डाबर के सभी संबंधित उत्पादों को मिलावटी या स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित घोषित कर दिया गया है। नियामक की मुख्य आपत्ति लेबलिंग और विज्ञापन में किए गए दावों को लेकर है। किन उत्पादों पर FSSAI की नजर? रिपोर्ट्स के मुताबिक, FSSAI ने डाबर के कई खाद्य उत्पादों पर इस्तेमाल किए जा रहे ‘100%’ जैसे दावों पर आपत्ति जताई है। इनमें Honey, Apple Cider Vinegar, Virgin Coconut Oil, Sesame Oil, Cow Ghee, Coconut Water और Coconut Milk जैसे उत्पाद शामिल हैं। नियामक ने कंपनी की वेबसाइट और उत्पादों की ऑनलाइन लिस्टिंग में इस्तेमाल की गई भाषा की भी जांच की। कुछ उत्पादों के साथ ‘100% Natural’, ‘100% Pure’, ‘100% Purity Guaranteed’ और ‘100% Organic’ जैसे दावे पाए गए। FSSAI का मानना है कि इस तरह के दावे उपभोक्ताओं के मन में उत्पाद की पूरी तरह शुद्ध, प्राकृतिक या जैविक होने की धारणा बना सकते हैं। इसलिए खाद्य उत्पादों के प्रचार और लेबलिंग में ऐसी भाषा के इस्तेमाल को लेकर नियमों का पालन जरूरी है। Organic Products के दावों पर भी सवाल इस मामले में केवल ‘100%’ दावे ही नहीं, बल्कि कुछ ऑर्गेनिक उत्पादों की लेबलिंग भी जांच के दायरे में आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, Dabur Organic Honey और Dabur Himalayan Organic Apple Cider Vinegar पर इस्तेमाल किए गए ‘Jaivik Bharat’ लोगो को लेकर भी नियामक ने सवाल उठाए हैं। FSSAI ने संबंधित ऑर्गेनिक दावों और उनके लिए जरूरी प्रमाणन की स्थिति को लेकर कंपनी से स्पष्टीकरण मांगा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उपभोक्ताओं को पैकेजिंग पर वही जानकारी दी जाए, जिसे नियमों के तहत प्रमाणित किया जा सकता है। पहले भी दी गई थी चेतावनी FSSAI की मौजूदा कार्रवाई अचानक नहीं हुई है। इससे पहले भी खाद्य कंपनियों को ‘100%’ जैसे दावों के इस्तेमाल को लेकर सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए थे। मई 2025 में FSSAI ने खाद्य कारोबारियों को ऐसे दावों से बचने की सलाह दी थी, क्योंकि ‘100%’ जैसी भाषा किसी खाद्य उत्पाद की पूर्ण गुणवत्ता या श्रेष्ठता की गारंटी के तौर पर समझी जा सकती है। डाबर के मामले में भी नियामक की ओर से पहले सुधारात्मक कदम उठाने के लिए कहा गया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी की ओर से की गई कार्रवाई को संतोषजनक नहीं माने जाने के बाद बिक्री रोकने का निर्देश दिया गया। 15 दिन में Action Taken Report मांगी FSSAI ने डाबर से इस मामले में 15 दिनों के भीतर Action Taken Report (ATR) जमा करने को कहा है। यानी कंपनी को यह जानकारी देनी होगी कि नियामक की आपत्तियों के बाद उसने क्या सुधारात्मक कदम उठाए हैं। यह कदम खाद्य कंपनियों के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश भी माना जा रहा है कि उत्पाद की पैकेजिंग, वेबसाइट और विज्ञापन में इस्तेमाल किए जाने वाले दावों को लेकर नियमों का सख्ती से पालन करना होगा। क्या Dabur के उत्पाद मिलावटी हैं? इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यही है कि FSSAI की कार्रवाई को उत्पादों के मिलावटी या असुरक्षित होने की घोषणा के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। मौजूदा विवाद मुख्य रूप से ‘100%’ दावों, लेबलिंग और ऑर्गेनिक प्रमाणन से जुड़े पहलुओं पर है। इसलिए सोशल मीडिया या अन्य जगहों पर इस कार्रवाई को सीधे तौर पर ‘डाबर के उत्पाद मिलावटी पाए गए’ कहना भ्रामक हो सकता है। कंपनियों के लिए बढ़ी चुनौती FSSAI की यह कार्रवाई खाद्य उद्योग में लेबलिंग और मार्केटिंग के बढ़ते नियामकीय दबाव को भी दिखाती है। आज उपभोक्ता किसी उत्पाद को खरीदने से पहले पैकेजिंग पर लिखे शब्दों, ऑनलाइन डिस्क्रिप्शन और विज्ञापनों पर काफी भरोसा करते हैं। ऐसे में ‘Pure’, ‘Natural’, ‘Organic’ या ‘100%’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल कंपनियों के लिए सिर्फ मार्केटिंग का हिस्सा नहीं, बल्कि नियमों के दायरे में आने वाला विषय भी है। डाबर मामले में अब नजर कंपनी की अगली कार्रवाई और FSSAI को दी जाने वाली रिपोर्ट पर रहेगी। अगर कंपनी को अपने उत्पादों की पैकेजिंग या ऑनलाइन दावों में बदलाव करना पड़ता है, तो इसका असर बाजार में मौजूद उत्पादों की लेबलिंग पर भी दिखाई दे सकता है। फिलहाल FSSAI का संदेश स्पष्ट है—खाद्य उत्पादों को बेचते समय कंपनियों को ऐसे दावों से बचना होगा, जो उपभोक्ताओं को उत्पाद की गुणवत्ता या शुद्धता के बारे में गलत या बढ़ा-चढ़ाकर धारणा दे सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Udhayanidhi Stalin

Trisha Krishna Controversy ने पकड़ा Political रंग, Udhayanidhi Stalin को Tamil Nadu Police ने हिरासत में लिया

अभिनेत्री त्रिशा कृष्णन (Trisha Krishna) को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी का विवाद अब राजनीतिक और कानूनी मोड़ ले चुका है। मामले में तमिलनाडु पुलिस ने पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे और DMK नेता उदयनिधि स्टालिन को उनके घर से हिरासत में लिया है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद राज्य की सियासत में भी हलचल बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि Trisha को लेकर की गई कथित भद्दी टिप्पणी सामने आने के बाद मामला तूल पकड़ गया था। सोशल मीडिया पर लोगों ने इस तरह की भाषा को लेकर नाराजगी जताई। इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू की। घर पर पहुंची पुलिस, पूछताछ के लिए ले गई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तमिलनाडु पुलिस की टीम उदयनिधि स्टालिन के चेन्नई स्थित आवास पर पहुंची। इसके बाद उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए साथ ले जाया गया। पुलिस की इस कार्रवाई की खबर सामने आते ही राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई। हालांकि, मामले में पुलिस की ओर से आगे की कानूनी प्रक्रिया और संभावित धाराओं को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। ऐसे में फिलहाल पूरे घटनाक्रम पर जांच के नतीजों का इंतजार है। Trisha पर टिप्पणी से क्यों बढ़ा विवाद? अभिनेत्री Trisha को लेकर कथित टिप्पणी के बाद विवाद तेजी से बढ़ा। मामला केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक बहस का हिस्सा भी बन गया। लोगों ने सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों की भाषा और महिलाओं के प्रति सम्मान को लेकर सवाल उठाए। इस विवाद ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि राजनीति और सार्वजनिक मंचों पर किसी महिला के खिलाफ टिप्पणी करते समय भाषा की मर्यादा बनाए रखना कितना जरूरी है। Political angle भी हुआ मजबूत उदयनिधि स्टालिन के हिरासत में लिए जाने के बाद तमिलनाडु की राजनीति में बयानबाजी तेज होने के आसार हैं। DMK नेता की पुलिस कार्रवाई को लेकर पार्टी की ओर से प्रतिक्रिया सामने आ सकती है। वहीं विपक्ष इस पूरे मामले को लेकर सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठा सकता है। फिलहाल सबकी नजर पुलिस की अगली कार्रवाई पर है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों से ही यह स्पष्ट होगा कि मामले में आगे क्या कानूनी कदम उठाए जाते हैं। विवाद ने फिर उठाया Women Respect का मुद्दा Trisha विवाद ने सिर्फ राजनीति ही नहीं, बल्कि सार्वजनिक जीवन में महिलाओं के सम्मान को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। सोशल मीडिया के दौर में नेताओं और सार्वजनिक हस्तियों की हर टिप्पणी तेजी से लोगों तक पहुंचती है। ऐसे में शब्दों का चयन और भाषा की मर्यादा पहले से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई से तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Prashant Kishor

बांकीपुर में Prashant Kishor की धमाकेदार जीत, JDU-BJP के बीच बढ़ी Political Tension

बिहार की राजनीति में बांकीपुर विधानसभा सीट का नतीजा सामने आने के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। चुनाव में मिली बड़ी जीत के बाद प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) ने इसे जनता के बदलते मूड का संकेत बताया और अपने राजनीतिक विरोधियों को लेकर तीखा संदेश दिया। वहीं, इस नतीजे के बाद JDU की ओर से भी BJP को लेकर नसीहत सामने आई है। दोनों घटनाक्रम ने बिहार की सियासत में नई चर्चा छेड़ दी है। बांकीपुर की जीत ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल बांकीपुर सीट पर मिली प्रचंड जीत को प्रशांत किशोर के राजनीतिक अभियान के लिए अहम माना जा रहा है। नतीजे के बाद उनके समर्थकों में उत्साह दिखाई दिया। प्रशांत किशोर ने जीत के बाद अपने संबोधन में संकेत दिया कि यह सिर्फ एक सीट का चुनावी परिणाम नहीं है, बल्कि जनता के बीच बन रहे नए राजनीतिक माहौल की झलक भी है। उन्होंने अपने विरोधियों को संदेश देते हुए कहा कि राजनीति में जनता के फैसले को हल्के में नहीं लिया जा सकता। उनके बयान के बाद बिहार की राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर चर्चा शुरू हो गई कि आने वाले चुनावों में प्रशांत किशोर की भूमिका कितनी बड़ी हो सकती है। Prashant Kishor ने दी चेतावनी बांकीपुर के नतीजे के बाद प्रशांत किशोर का तेवर पहले से ज्यादा आक्रामक नजर आया। उन्होंने साफ संकेत दिया कि उनकी राजनीतिक रणनीति अब सिर्फ चुनाव लड़ने तक सीमित नहीं रहने वाली है। जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने और संगठन को विस्तार देने की दिशा में आगे बढ़ने की बात भी सामने आई। उनके इस बयान को JDU और BJP के लिए राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। खासकर बिहार में बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच प्रशांत किशोर का बढ़ता प्रभाव सत्तारूढ़ खेमे के लिए चुनौती बन सकता है। JDU ने BJP को क्यों दी नसीहत? दूसरी तरफ, बांकीपुर के नतीजे के बाद JDU की तरफ से BJP को लेकर नसीहत दिए जाने की चर्चा ने गठबंधन की राजनीति को भी सुर्खियों में ला दिया है। JDU ने सहयोगी दल BJP को संकेत दिया कि बिहार की राजनीति में स्थानीय समीकरण और जमीनी हकीकत को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। पार्टी का संदेश साफ माना जा रहा है कि बिहार में चुनावी रणनीति बनाते समय स्थानीय नेतृत्व, सामाजिक समीकरण और मतदाताओं के रुझान को प्राथमिकता देनी होगी। BJP के लिए क्या है संकेत? बांकीपुर का परिणाम BJP के लिए भी कई सवाल खड़े करता है। पार्टी के सामने अब यह चुनौती है कि वह बदलते राजनीतिक माहौल को किस तरह समझती है और अपनी रणनीति में क्या बदलाव करती है। JDU की नसीहत के बाद NDA के भीतर भी इस बात पर चर्चा होना स्वाभाविक है कि आने वाले चुनावों में सीटों और उम्मीदवारों को लेकर रणनीति किस तरह तैयार की जाए। बिहार की राजनीति में बढ़ेगी हलचल बिहार की राजनीति में मुकाबला पहले से ही दिलचस्प रहा है। ऐसे में बांकीपुर जैसे महत्वपूर्ण नतीजे के बाद नए राजनीतिक समीकरणों की संभावना को लेकर अटकलें तेज होना स्वाभाविक है। प्रशांत किशोर की सक्रिय राजनीति, JDU की रणनीति और BJP की चुनावी तैयारियां आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। फिलहाल बांकीपुर का परिणाम इतना जरूर बता रहा है कि बिहार के मतदाता के मूड को समझना किसी भी राजनीतिक दल के लिए आसान नहीं है।
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Ram Mandir

Ram Mandir Donation Case: संसद के बाहर विपक्ष का प्रदर्शन, Lok Sabha में भी जमकर हंगामा

राम मंदिर (Ram Mandir) से जुड़े चढ़ावे की कथित चोरी का मामला अब संसद तक पहुंच गया है। मंगलवार को इस मुद्दे को लेकर विपक्षी सांसदों ने संसद के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई और ‘चंदा चोर’ के नारे भी लगाए गए। मामला यहीं नहीं रुका, लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने सदन में भी इस मुद्दे को लेकर हंगामा किया। विपक्ष का आरोप है कि राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे के मामले में गंभीर सवाल उठ रहे हैं और सरकार को इस पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। इसी मांग को लेकर विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। Parliament के बाहर विपक्ष का प्रदर्शन मंगलवार को संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही विपक्षी सांसदों ने राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर मोर्चा संभाल लिया। सांसदों ने प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान ‘चंदा चोर’ के नारे भी लगाए गए। विपक्षी नेताओं ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा विषय है। ऐसे में मंदिर के चढ़ावे को लेकर सामने आए आरोपों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। लोकसभा में शुरू होते ही हंगामा संसद के बाहर प्रदर्शन के बाद जब लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई तो सदन के अंदर भी इस मुद्दे की गूंज सुनाई दी। विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी करते हुए मामले को उठाने की कोशिश की। हंगामा बढ़ने के बाद लोकसभा की कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दिया गया। इससे सदन का कामकाज प्रभावित हुआ और राम मंदिर चढ़ावा विवाद एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया। राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर विपक्ष ने सरकार को घेरा विपक्ष लगातार इस मामले को लेकर सरकार से जवाब मांग रहा है। नेताओं का कहना है कि धार्मिक स्थलों से जुड़े चढ़ावे में पारदर्शिता बेहद जरूरी है। उनका तर्क है कि श्रद्धालुओं की ओर से दी जाने वाली राशि और सामग्री को लेकर किसी भी तरह के सवाल उठते हैं तो उनकी जांच होनी चाहिए। दूसरी ओर, इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं। संसद के बाहर हुए प्रदर्शन और लोकसभा में हंगामे ने साफ कर दिया है कि विपक्ष आने वाले दिनों में इस मामले को जोर-शोर से उठाने की तैयारी में है। सड़क से संसद तक पहुंचा मामला राम मंदिर चढ़ावा विवाद अब केवल एक स्थानीय या धार्मिक मुद्दे तक सीमित नहीं रहा। विपक्ष के प्रदर्शन के बाद यह मामला सीधे संसद की कार्यवाही से जुड़ गया है। जिस तरह से संसद के बाहर नारेबाजी हुई और फिर लोकसभा में हंगामा हुआ, उससे आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासत और गर्म होने की संभावना है। फिलहाल सबकी नजर इस बात पर है कि मामले को लेकर सरकार और संबंधित पक्ष आगे क्या जवाब देते हैं और कथित चढ़ावा चोरी के आरोपों की जांच को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Monsoon

Monsoon Alert: बिहार-बंगाल में बिजली गिरने से 11 मौतें, Badrinath Highway पर Landslide से 200 यात्री फंसे

मानसून (Monsoon) ने देश के कई राज्यों में राहत के साथ परेशानी भी बढ़ा दी है। बिहार और पश्चिम बंगाल में आकाशीय बिजली गिरने से 11 लोगों की मौत की खबर है। वहीं उत्तराखंड में बारिश के कारण बद्रीनाथ हाईवे पर लैंडस्लाइड हो गया, जिसके चलते करीब 200 यात्री रास्ते में फंस गए। हरियाणा के अंबाला और झज्जर में भी भारी बारिश के बाद हालात बिगड़ गए। कई सड़कें पानी में डूब गईं और दुकानों तक में बारिश का पानी पहुंच गया। बिहार-बंगाल में बिजली गिरने से 11 मौतें बिहार और पश्चिम बंगाल में मौसम ने अचानक करवट ली। तेज बारिश और गरज-चमक के बीच अलग-अलग स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं हुईं। इन हादसों में 11 लोगों की जान चली गई। बारिश के दौरान खुले स्थानों पर मौजूद लोगों के लिए बिजली गिरना बड़ा खतरा बन गया। हादसों के बाद स्थानीय स्तर पर प्रशासन ने स्थिति का जायजा लिया। लोगों को भी खराब मौसम में अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। Badrinath Highway पर Landslide, 200 यात्री परेशान उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश का असर सड़क यातायात पर पड़ा है। बद्रीनाथ हाईवे पर लैंडस्लाइड के बाद सड़क पर मलबा आ गया, जिससे रास्ता बाधित हो गया। इसके चलते करीब 200 यात्री रास्ते में फंस गए। चारधाम यात्रा के दौरान इस तरह की घटनाएं यात्रियों के लिए परेशानी बढ़ा देती हैं। सड़क पर मलबा हटाने और रास्ता खोलने के लिए संबंधित टीमें काम कर रही हैं। प्रशासन की ओर से यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए हालात पर नजर रखी जा रही है। Ambala और Jhajjar में बारिश से जलभराव हरियाणा में भी बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अंबाला और झज्जर के कई इलाकों में तेज बारिश के बाद सड़कें पानी से भर गईं। कुछ जगहों पर स्थिति ऐसी हो गई कि सड़क और जलभराव का अंतर ही नजर नहीं आया। जलभराव का असर बाजारों पर भी पड़ा। कई दुकानों में पानी घुसने से व्यापारियों को परेशानी हुई। लोगों को अपने सामान को पानी से बचाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। सड़कों पर पानी भरने से वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हुई। कई राज्यों में बारिश का असर, लोगों की बढ़ी चिंता देश के अलग-अलग हिस्सों से सामने आई ये तस्वीरें बताती हैं कि मानसून इस बार कई जगहों पर चुनौती बनता नजर आ रहा है। बिहार और बंगाल में बिजली गिरने से जान का नुकसान हुआ, उत्तराखंड में लैंडस्लाइड ने यात्रियों की राह रोक दी और हरियाणा में जलभराव ने आम जनजीवन को प्रभावित किया। बारिश के बीच सबसे जरूरी है कि लोग मौसम की चेतावनी को नजरअंदाज न करें। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वालों को सड़क की स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही आगे बढ़ना चाहिए। वहीं आकाशीय बिजली और तेज बारिश के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचना बेहतर है। फिलहाल प्रभावित इलाकों में प्रशासन की टीमें स्थिति संभालने में जुटी हैं। लोगों को उम्मीद है कि मौसम में सुधार के साथ सड़कें जल्द साफ होंगी और जनजीवन भी सामान्य पटरी पर लौटेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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दिल्ली: नजफगढ़ ड्रेन पर बनेगा नया फुटब्रिज, 2 करोड़ की परियोजना का प्रवेश वर्मा ने किया शुभारंभ

नई दिल्ली। बाहरी दिल्ली के लोगों को बेहतर और सुरक्षित आवागमन की सुविधा देने के उद्देश्य से लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री प्रवेश वर्मा ने सोमवार को उत्तर दिल्ली स्थित नजफगढ़ ड्रेन पर नए पैदल पुल (फुटब्रिज) के निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह फुटब्रिज अगले सात महीनों में तैयार होने की संभावना है। कई इलाकों को मिलेगा सीधा संपर्क नया फुटब्रिज बनने के बाद गुड़ मंडी, राजपुरा, रूप नगर, मुखर्जी नगर और यमुना मार्ग के बीच आवागमन आसान हो जाएगा। इससे विद्यार्थियों, वरिष्ठ नागरिकों, नौकरीपेशा लोगों और स्थानीय निवासियों को ड्रेन पार करने के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक रास्ता मिलेगा। लंबे समय से क्षेत्र के लोग इस पुल की मांग कर रहे थे। नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता दे रही सरकार शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि यह परियोजना दिल्ली सरकार की सुरक्षित और आधुनिक सार्वजनिक आधारभूत ढांचे के विकास की प्रतिबद्धता का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि सरकार नागरिकों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए वर्षों से लंबित परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने की दिशा में काम कर रही है। राजधानी के पुलों का कराया जा रहा सुरक्षा ऑडिट प्रवेश वर्मा ने कहा कि कुछ महीने पहले हुई एक पुल दुर्घटना के बाद राजधानी में पुलों की नियमित स्ट्रक्चरल ऑडिट की आवश्यकता और अधिक स्पष्ट हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के कार्यकाल में पुलों का व्यापक सुरक्षा ऑडिट नहीं कराया गया, जिसके कारण कई महत्वपूर्ण संरचनाओं की समय पर जांच नहीं हो सकी। उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार दिल्ली के सभी पुलों, फ्लाईओवरों और फुटओवर ब्रिजों का व्यापक सुरक्षा ऑडिट करा रही है। उनका कहना है कि सरकार संभावित जोखिमों को पहले से पहचानकर समय रहते आवश्यक कदम उठा रही है, ताकि राजधानी में सुरक्षित, टिकाऊ और जनहितैषी आधारभूत ढांचा विकसित किया जा सके। दिल्ली और देश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com
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तीन राज्यों के उपचुनाव परिणाम: बिहार में प्रशांत किशोर की बड़ी जीत, दतिया कांग्रेस के खाते में, गुजरात में भाजपा ने बरकरार रखी सीट

नई दिल्ली। बिहार, मध्य प्रदेश और गुजरात की तीन विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनावों के नतीजे घोषित हो गए हैं। बिहार के बांकीपुर में जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने शानदार जीत दर्ज की है। वहीं, मध्य प्रदेश की दतिया सीट पर कांग्रेस ने कब्जा जमाया, जबकि गुजरात की मांजलपुर सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जीत हासिल की। तीनों विधानसभा सीटों पर 30 जुलाई को मतदान हुआ था, जिसके बाद सोमवार को मतगणना पूरी हुई। बांकीपुर में प्रशांत किशोर की ऐतिहासिक जीत बिहार की बांकीपुर सीट पर जन सुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर ने 19,324 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। उन्हें 64,151 वोट (49.23%) मिले, जबकि भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार को 44,827 वोट (34.40%) प्राप्त हुए। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की रेखा कुमारी 14,273 वोट (10.95%) के साथ तीसरे स्थान पर रहीं। दिलचस्प बात यह रही कि भाजपा और राजद को मिले कुल वोट 59,100 रहे, जो अकेले प्रशांत किशोर के वोटों से 5,051 कम हैं। बांकीपुर सीट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की पारंपरिक सीट रही है। उनके राज्यसभा सदस्य बनने के बाद यहां उपचुनाव कराया गया। मतगणना के दौरान वेबसाइट पर दिखी तकनीकी गड़बड़ी मतगणना के दौरान चुनाव आयोग की वेबसाइट पर राउंड की संख्या को लेकर तकनीकी गड़बड़ी भी देखने को मिली। पहले 31 राउंड की गणना दिखाई गई, फिर संख्या बढ़कर 32 और 36 राउंड तक पहुंच गई। बाद में वेबसाइट पर दोबारा 32 राउंड की जानकारी प्रदर्शित की गई। दतिया में कांग्रेस ने भाजपा से छीनी सीट मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने 66,757 वोट (42.39%) हासिल कर जीत दर्ज की। भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को 60,741 वोट (38.57%) मिले। दोनों के बीच जीत का अंतर 6,016 वोट रहा। इस सीट पर भाजपा ने पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को मैदान में उतारा था। चुनाव में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के दामोदर यादव ‘मंडल’ ने भी 22,527 वोट (14.30%) हासिल कर मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया। मांजलपुर में भाजपा की बड़ी जीत गुजरात की मांजलपुर विधानसभा सीट पर भाजपा उम्मीदवार सतेन्द्रभाई (सतीश) पटेल ने कांग्रेस के भिखाभाई रबारी को 30,630 वोटों के बड़े अंतर से हराकर जीत दर्ज की। इस जीत के साथ भाजपा ने सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखा। तीनों राज्यों के उपचुनाव परिणामों ने क्षेत्रीय और राष्ट्रीय राजनीति में नए संकेत दिए हैं। खासकर बिहार में प्रशांत किशोर की जीत को आगामी विधानसभा चुनावों से पहले महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश माना जा रहा है। देश और राजनीति की हर बड़ी खबर के लिए विजिट करें –deshharpal.com
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कॉकरोच जनता पार्टी की 5 अगस्त से दो दिवसीय रणनीति बैठक, देशभर में निकाला जाएगा ‘लिसनिंग टूर’

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) 5 अगस्त से छत्रपति संभाजीनगर में दो दिवसीय रणनीति बैठक आयोजित करेगी। पार्टी के अनुसार, इस बैठक में संस्थापक, प्रवक्ता और संगठन से जुड़े प्रमुख सदस्य हिस्सा लेंगे। बैठक में संगठन की आगामी रणनीति और देशभर में युवाओं से संवाद बढ़ाने की योजना पर चर्चा होगी। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि उसका फिलहाल किसी राजनीतिक दल के रूप में चुनावी राजनीति में उतरने का इरादा नहीं है। बैठक के बाद CJP देशभर में युवाओं की समस्याओं और अपेक्षाओं को समझने के लिए ‘लिसनिंग टूर’ शुरू करेगी। अभिजीत दीपके ने छात्र आंदोलन पर लगाए आरोप CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दावा किया कि जंतर-मंतर पर हुए शांतिपूर्ण छात्र प्रदर्शन में बाहरी लोगों की घुसपैठ कराई गई थी, जिसके कारण 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान हिंसा हुई। उनका आरोप है कि आंदोलन को बदनाम करने के लिए बाहर से लोगों को भेजा गया और इसमें दिल्ली पुलिस की मिलीभगत थी। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित एजेंसियों की ओर से इस संबंध में आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। छात्रवृत्ति और शिक्षा को लेकर दी सफाई अभिजीत दीपके ने अपनी उच्च शिक्षा को लेकर उठ रहे सवालों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्हें बोस्टन यूनिवर्सिटी से छात्रवृत्ति मिली थी, जबकि शेष खर्च के लिए उन्होंने शिक्षा ऋण लिया था, जिसकी अदायगी अभी जारी है। गौरतलब है कि हाल ही में एक आरटीआई कार्यकर्ता ने उनके परिवार की संपत्ति और विदेश में पढ़ाई के लिए जुटाए गए धन की जांच की मांग की थी। दिल्ली पुलिस और गृह मंत्रालय पर उठाए सवाल दीपके ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि प्रदर्शन के दौरान हिंसा और पत्थरबाजी हुई, तो सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी किसकी थी। उन्होंने दिल्ली पुलिस के उस दावे पर भी सवाल उठाया, जिसमें प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में संदिग्ध लोगों की मौजूदगी की बात कही गई थी। उनके अनुसार, यह कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन की विफलता को दर्शाता है। छात्रों की कानूनी सहायता के लिए बनाया गया फंड इससे पहले 27 जुलाई को CJP ने पेपर लीक आंदोलन के बाद विभिन्न मामलों का सामना कर रहे छात्रों की कानूनी सहायता के लिए लीगल डिफेंस फंड बनाने की घोषणा की थी। पार्टी के अनुसार, वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने इस फंड में 1 करोड़ रुपये देने की घोषणा की थी और देशभर के वकीलों से भी इसमें सहयोग की अपील की थी। CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा था कि केंद्र सरकार के आश्वासन के बावजूद कई छात्रों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज होने की आशंका बनी हुई है। उन्होंने बताया कि संगठन इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के वकीलों के संपर्क में है। देश और राजनीति से जुड़ी हर बड़ी खबर के लिए विजिट करें –deshharpal.com
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बांकीपुर उपचुनाव: प्रशांत किशोर की बड़ी जीत, भाजपा प्रत्याशी को 19,324 वोटों से हराया

पटना। बिहार की चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने शानदार जीत दर्ज की है। उन्होंने भाजपा उम्मीदवार नीरज सिन्हा को 19,324 वोटों के अंतर से हराया। प्रशांत किशोर को 64,151 वोट (49.23%) मिले, जबकि भाजपा के नीरज सिन्हा को 44,827 वोट (34.40%) प्राप्त हुए। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की रेखा कुमारी 14,273 वोट (10.95%) के साथ तीसरे स्थान पर रहीं। उनकी कुल वोट संख्या भी प्रशांत किशोर की जीत के अंतर से कम रही। भाजपा की पारंपरिक सीट पर बदला समीकरण बांकीपुर सीट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है। वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव में नितिन नवीन ने इसी सीट से 51 हजार से अधिक मतों के अंतर से जीत दर्ज की थी। उनके राज्यसभा जाने के बाद यह सीट खाली हुई और उपचुनाव कराया गया। इस बार उपचुनाव में कुल 1,30,313 वोट पड़े, जो करीब 34.30 प्रतिशत मतदान रहा। इनमें लगभग हर दूसरा वोट प्रशांत किशोर के पक्ष में गया। भाजपा और राजद के संयुक्त वोटों से भी आगे रहे प्रशांत चुनाव परिणामों में सबसे दिलचस्प तथ्य यह रहा कि भाजपा और राजद के उम्मीदवारों को मिले कुल वोट 59,100 रहे, जबकि अकेले प्रशांत किशोर को 64,151 वोट मिले। यानी उन्होंने दोनों प्रमुख दलों के संयुक्त वोटों से भी 5,051 अधिक वोट हासिल किए। NOTA के पक्ष में 646 वोट (0.50%) पड़े, जबकि शीर्ष तीन उम्मीदवारों के बाद कोई भी प्रत्याशी 1,000 वोट का आंकड़ा पार नहीं कर सका। जीत के बाद क्या बोले प्रशांत किशोर जीत के बाद प्रशांत किशोर ने इसे जनता का स्पष्ट संदेश बताते हुए बिहार में बेहतर नेतृत्व की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य को ऐसा नेतृत्व मिलना चाहिए जो शिक्षा, रोजगार और विकास पर ध्यान दे, ताकि बिहार के युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन न करना पड़े। उन्होंने मतदाताओं का आभार जताते हुए कहा कि जिन्होंने उन्हें वोट नहीं दिया, उनका विश्वास जीतने के लिए भी वह आगे और मेहनत करेंगे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दी बधाई बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी प्रशांत किशोर को जीत की बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि लोकतंत्र के इस महापर्व में बांकीपुर की जनता ने जन सुराज को चुना है और वह जनता के फैसले का सम्मान करते हुए उन्हें शुभकामनाएं देते हैं। बिहार और देश की राजनीति से जुड़ी हर बड़ी खबर के लिए विजिट करें –deshharpal.com
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Sugar

Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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