NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले ने पूरे देश में हड़कंप मचा दिया है। CBI की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे यह साफ होता जा रहा है कि यह सिर्फ एक लोकल नहीं बल्कि कई राज्यों में फैला हुआ संगठित रैकेट है। महाराष्ट्र, राजस्थान समेत कम से कम 5 राज्यों में इस नेटवर्क के तार जुड़े मिले हैं। पेपर लीक का नेटवर्क 5 राज्यों तक फैला जांच एजेंसियों के मुताबिक यह पूरा मामला महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा, बिहार और उत्तर प्रदेश तक फैला हुआ है। कहीं पेपर की फोटो कॉपी, कहीं PDF और कहीं “गेस पेपर” के नाम पर इसे छात्रों तक पहुंचाया गया। महाराष्ट्र और राजस्थान इस पूरे नेटवर्क के सबसे बड़े सेंटर के रूप में सामने आए हैं, जहां सबसे ज्यादा लेन-देन और गिरफ्तारियां दर्ज हुई हैं। महाराष्ट्र और राजस्थान बना मुख्य सेंटर CBI की शुरुआती रिपोर्ट में सामने आया है कि— इस नेटवर्क को कई छोटे-छोटे ग्रुप मिलकर चला रहे थे, जिससे जांच एजेंसियों को शुरुआत में पकड़ना मुश्किल हो गया। 10 से 25 लाख तक में हुआ पेपर का सौदा रिपोर्ट्स के अनुसार, इस लीक पेपर को 10 लाख से लेकर 25 लाख रुपये तक में बेचा गया। कई जगहों पर छात्रों और उनके परिवारों ने भारी रकम देकर “गैरकानूनी मदद” ली, लेकिन सभी को इसका फायदा नहीं मिला। यह पूरा सिस्टम कैश और डिजिटल पेमेंट दोनों तरीकों से चलाया जा रहा था। CBI की बड़ी कार्रवाई, कई गिरफ्तारियां CBI ने अब तक इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें कोचिंग सेंटर से जुड़े लोग, बिचौलिए और कुछ छात्र शामिल हैं। अलग-अलग राज्यों में लगातार छापेमारी जारी है। एजेंसी मोबाइल फोन, चैट रिकॉर्ड और बैंक ट्रांजैक्शन के जरिए पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ रही है। Parents भी जांच के दायरे में इस केस का सबसे बड़ा ट्विस्ट यह है कि अब CBI उन पेरेंट्स की भी जांच कर रही है, जिन्होंने कथित तौर पर अपने बच्चों के लिए पेपर खरीदा था। एजेंसी ने ऐसे परिवारों की लिस्ट तैयार करनी शुरू कर दी है और उनके लेन-देन की भी गहराई से जांच हो रही है। CBI की जांच किन बातों पर फोकस कर रही है
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