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BJP

Manjalpur Bypoll: BJP के Satish Patel ने Congress को दी करारी मात, 30 हजार+ वोटों से जीत

गुजरात के वडोदरा की मांजलपुर (Manjalpur) विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव का नतीजा बीजेपी के पक्ष में आया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार सतीशभाई गोविंदभाई पटेल ने कांग्रेस के भिखाभाई रबारी को 30 हजार से ज्यादा वोटों के बड़े अंतर से हराकर शानदार जीत दर्ज की। इस नतीजे के साथ बीजेपी ने मांजलपुर सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखा है। मांजलपुर में चुनाव प्रचार के दौरान बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिला। मतदान के बाद से ही दोनों दलों की नजरें नतीजे पर टिकी थीं। सोमवार को हुई मतगणना में जैसे-जैसे राउंड आगे बढ़े, बीजेपी उम्मीदवार की बढ़त मजबूत होती गई और आखिरकार सतीश पटेल ने बड़ी जीत अपने नाम कर ली। BJP ने शुरू से बनाई बढ़त वोटों की गिनती शुरू होने के बाद शुरुआती रुझानों में ही सतीश पटेल आगे नजर आए। कांग्रेस उम्मीदवार भिखाभाई रबारी लगातार मुकाबले में बने रहने की कोशिश करते रहे, लेकिन बीजेपी उम्मीदवार की बढ़त कम नहीं हो सकी। आखिरी राउंड तक पहुंचते-पहुंचते बीजेपी की बढ़त 30 हजार से ज्यादा वोटों की हो गई। नतीजा सामने आने के बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला। क्यों हुआ Manjalpur में Bypoll? मांजलपुर सीट पर उपचुनाव की जरूरत बीजेपी के वरिष्ठ नेता और विधायक योगेश पटेल के निधन के बाद हुई थी। खाली हुई सीट के लिए चुनाव आयोग ने उपचुनाव की घोषणा की थी। इसके तहत 30 जुलाई को मतदान कराया गया और 3 अगस्त को वोटों की गिनती हुई। इस चुनाव में मुख्य मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच ही रहा। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद मुकाबला काफी हद तक सीधा हो गया था। करीब 37.5% हुआ मतदान मांजलपुर विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को हुए मतदान में करीब 37.5 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई थी। मतदान प्रतिशत बहुत ज्यादा नहीं रहा, लेकिन चुनाव परिणाम में बीजेपी ने बड़ी बढ़त के साथ अपनी ताकत दिखाई। उपचुनाव होने की वजह से स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ दोनों प्रमुख दलों के लिए यह चुनाव संगठनात्मक ताकत दिखाने का भी मौका था। Satish Patel की जीत का क्या मतलब? सतीश पटेल की बड़ी जीत को बीजेपी के लिए कई मायनों में अहम माना जा रहा है। मांजलपुर सीट पर पार्टी का पुराना प्रभाव रहा है और इस उपचुनाव में भी बीजेपी उस पकड़ को बनाए रखने में सफल रही। दूसरी ओर, कांग्रेस के लिए 30 हजार से अधिक वोटों से मिली हार निश्चित तौर पर चिंता का विषय है। पार्टी को अब यह समझना होगा कि क्षेत्र में संगठन और मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए किन मुद्दों पर काम करने की जरूरत है। Gujarat Politics में BJP का दबदबा बरकरार मांजलपुर उपचुनाव का परिणाम गुजरात की राजनीति में बीजेपी के मजबूत जनाधार की एक और तस्वीर पेश करता है। सतीश पटेल की जीत ने पार्टी को स्थानीय स्तर पर मजबूती दी है, जबकि कांग्रेस के सामने अब अपनी रणनीति पर दोबारा विचार करने की चुनौती है। फिलहाल, मांजलपुर का जनादेश साफ है—BJP ने बड़ी जीत के साथ सीट अपने नाम कर ली है और सतीश पटेल अब विधानसभा में मांजलपुर का प्रतिनिधित्व करेंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Cockroach Janata Party

Cockroach Janata Party की बड़ी Meeting, Political Party बनाने से किया साफ इनकार

कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janata Party) एक बार फिर चर्चा में है। संगठन की ओर से दो दिन की रणनीतिक बैठक करने की तैयारी है। इस बैठक में आगे की रणनीति और संगठन से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की बात कही गई है। हालांकि, सबसे खास बात यह है कि संगठन ने साफ कर दिया है कि वह खुद को एक पारंपरिक Political Party के तौर पर स्थापित करने की दिशा में नहीं जा रहा है। बैठक को लेकर सामने आई जानकारी के मुताबिक, संगठन के सदस्य अगले दो दिनों में अपनी गतिविधियों और भविष्य की दिशा पर मंथन करेंगे। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि बैठक के बाद कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से क्या नया ऐलान किया जाता है। Political Party बनाने का इरादा नहीं कॉकरोच जनता पार्टी की तरफ से कहा गया है कि उसका मकसद राजनीतिक दल बनाना नहीं है। संगठन की गतिविधियों को लेकर भले ही राजनीतिक रंग में चर्चा हो रही हो, लेकिन उसकी ओर से इस संभावना को खारिज किया गया है। दो दिन की Strategic Meeting में संगठन की प्राथमिकताओं और आगे की योजनाओं पर चर्चा होने की उम्मीद है। बैठक के बाद सामने आने वाले फैसलों से संगठन की वास्तविक दिशा और स्पष्ट हो सकती है। दीपके का America जाने पर बयान वहीं, संगठन से जुड़े दीपके का अमेरिका जाने को लेकर दिया गया बयान भी सुर्खियों में है। उन्होंने कहा कि वह Scholarship के पैसों से America गए थे। उनके इस बयान का मकसद अमेरिका यात्रा को लेकर उठ रहे सवालों पर स्थिति स्पष्ट करना बताया जा रहा है। दीपके के बयान के बाद यह मुद्दा भी चर्चा में आ गया है कि उनकी अमेरिका यात्रा किस तरह हुई और इसके पीछे क्या परिस्थितियां थीं। उन्होंने इसे स्कॉलरशिप से मिले पैसों से जोड़कर अपनी बात रखी है। दो दिन की बैठक पर टिकी नजर कॉकरोच जनता पार्टी की यह बैठक संगठन के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। एक तरफ संगठन ने Political Party बनने से इनकार किया है, वहीं दूसरी ओर दो दिन की रणनीतिक बैठक के जरिए आगे की गतिविधियों को लेकर विचार किया जाएगा। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि बैठक के बाद संगठन की तरफ से कौन से फैसले सामने आते हैं। फिलहाल, Political Party नहीं बनाने का बयान और दीपके का Scholarship के जरिए America जाने का स्पष्टीकरण इस पूरे मामले के सबसे चर्चित पहलू बने हुए हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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NEET PG

NEET PG 2026 में बड़ा बदलाव: Single Shift Exam से लेकर Home के पास Centre तक

मेडिकल पीजी की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए परीक्षा से जुड़ी व्यवस्था में इस बार कई अहम बदलाव देखने को मिल सकते हैं। NEET PG को लेकर सामने आई जानकारी के मुताबिक परीक्षा एक ही शिफ्ट में कराने और उम्मीदवारों को घर के नजदीक Exam Centre उपलब्ध कराने की तैयारी है। दूसरी तरफ परीक्षा की गोपनीयता और सुरक्षा को लेकर भी NTA ने बड़ा कदम उठाया है। पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े विवादों के बाद अब National Testing Agency (NTA) अपनी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। रिपोर्ट के मुताबिक एजेंसी ने अपने कार्यालयों और परीक्षा सामग्री की सुरक्षा के लिए करीब 7.5 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया है। Single Shift में होगी NEET PG परीक्षा NEET PG 2026 में सबसे बड़ा बदलाव परीक्षा की शिफ्ट को लेकर है। इस बार परीक्षा को अलग-अलग शिफ्ट में कराने के बजाय Single Shift में आयोजित करने की योजना है। इसका सीधा फायदा यह होगा कि सभी अभ्यर्थी एक ही समय में परीक्षा देंगे और शिफ्ट के हिसाब से कठिनाई के अंतर को लेकर उठने वाले सवालों की गुंजाइश कम होगी। मेडिकल प्रवेश परीक्षा में लाखों उम्मीदवार शामिल होते हैं। ऐसे में एक ही शिफ्ट में परीक्षा कराने का फैसला परीक्षा प्रक्रिया को ज्यादा समान और पारदर्शी बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। घर के पास मिलेगा Exam Centre परीक्षा देने के लिए दूसरे शहर या बहुत दूर जाने की परेशानी भी कम करने की तैयारी है। उम्मीदवारों को उनके घर के आसपास या नजदीकी शहर में Exam Centre देने पर जोर दिया जा रहा है। इस बदलाव से छात्रों और उनके परिवारों को यात्रा, रहने और आने-जाने के खर्च में राहत मिल सकती है। खासकर उन उम्मीदवारों के लिए यह सुविधा महत्वपूर्ण होगी, जिन्हें परीक्षा के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। Exam Pattern में भी बदलाव NEET PG के पेपर को लेकर भी बदलाव की जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार प्रश्नों की संख्या कम की गई है, जबकि परीक्षा की कुल अवधि में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है। इसका मतलब यह हो सकता है कि उम्मीदवारों के पास प्रत्येक प्रश्न को पढ़ने और जवाब देने के लिए अपेक्षाकृत ज्यादा समय रहेगा। हालांकि परीक्षा के अंतिम पैटर्न और विस्तृत नियमों के लिए उम्मीदवारों को आधिकारिक सूचना का इंतजार करना होगा। Paper Leak के बाद NTA ने बढ़ाई Security परीक्षा व्यवस्था में बदलाव के साथ-साथ NTA ने सुरक्षा को लेकर भी बड़ा कदम उठाया है। रिपोर्ट के मुताबिक एजेंसी ने अपने कार्यालयों और परीक्षा से जुड़ी संवेदनशील सामग्री की सुरक्षा के लिए करीब ₹7.5 करोड़ का टेंडर जारी किया है। इस योजना के तहत संबंधित स्थानों पर 24 घंटे Security उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा। परीक्षा से जुड़े दस्तावेज और अन्य संवेदनशील सामग्री अनधिकृत पहुंच से सुरक्षित रहें, इसके लिए निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। क्यों जरूरी है 24×7 Security? NEET PG जैसी परीक्षा में देशभर से बड़ी संख्या में मेडिकल उम्मीदवार शामिल होते हैं। ऐसे में प्रश्नपत्र और परीक्षा सामग्री की सुरक्षा सीधे परीक्षा की विश्वसनीयता से जुड़ी होती है। पिछले कुछ समय में प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्था और पेपर की सुरक्षा को लेकर लगातार चर्चा हुई है। ऐसे माहौल में NTA की ओर से सुरक्षा पर ज्यादा ध्यान देना छात्रों के भरोसे के लिहाज से अहम माना जा रहा है। छात्रों के लिए क्या बदलेगा? NEET PG 2026 की नई व्यवस्था को आसान शब्दों में समझें तो उम्मीदवारों के लिए तीन बातें सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हैं—Single Shift Exam, नजदीकी Exam Centre और मजबूत Security System। NEET PG 2026 के बड़े बदलाव छात्रों को अब क्या करना चाहिए? अभ्यर्थियों को परीक्षा की तैयारी के साथ-साथ NTA की ओर से जारी होने वाले Official Notice पर भी नजर रखनी चाहिए। Exam Centre, परीक्षा का पैटर्न, समय और अन्य नियमों से जुड़ी अंतिम जानकारी आधिकारिक घोषणा के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगी। फिलहाल NEET PG 2026 को लेकर सामने आ रहे ये बदलाव छात्रों के लिए राहत देने वाले नजर आते हैं। एक तरफ नजदीकी सेंटर और Single Shift से परीक्षा प्रक्रिया आसान बनाने की कोशिश है, वहीं दूसरी तरफ NTA की नई Security व्यवस्था का मकसद परीक्षा की गोपनीयता और भरोसा कायम रखना है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Indian Railways

Indian Railways: सितंबर-अक्टूबर में सफर का Plan है तो पहले देखें Cancel Trains की List

अगर आपने सितंबर के आखिर या अक्टूबर की शुरुआत में ट्रेन से सफर करने का प्लान बनाया है, तो निकलने से पहले अपनी ट्रेन का Status जरूर चेक कर लें। रेलवे ने बेगूसराय क्षेत्र में होने वाले Non-Interlocking Work के चलते कई ट्रेनों के संचालन में बदलाव किया है। इसका असर 20 सितंबर से 4 अक्टूबर तक यात्रियों की यात्रा पर पड़ सकता है। Indian Railways के इस फैसले के बाद कई ट्रेनों को पूरी तरह Cancel किया गया है, जबकि कुछ ट्रेनों को दूसरे रूट से चलाने की तैयारी है। ऐसे में जिन यात्रियों ने पहले से टिकट बुक कर रखा है, उन्हें यात्रा से पहले एक बार ट्रेन की स्थिति जरूर देख लेनी चाहिए। 67 Trains रहेंगी Cancel, कई का Route बदलेगा Indian Railways की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, बेगूसराय क्षेत्र में चल रहे जरूरी तकनीकी और निर्माण कार्य के कारण करीब 67 ट्रेनों को रद्द किया गया है। इसके अलावा कुछ ट्रेनों के रूट में बदलाव किया जाएगा। इसका सीधा असर बिहार के साथ-साथ झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और दूसरे राज्यों के यात्रियों पर पड़ सकता है। खासकर लंबी दूरी की यात्रा करने वालों को अपने सफर की Planning पहले से करनी होगी। इन प्रमुख ट्रेनों पर पड़ेगा असर रद्द होने वाली ट्रेनों में कई ऐसी ट्रेनें शामिल हैं, जिनसे रोजाना बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं। इनमें राउरकेला-जयनगर एक्सप्रेस, उधना-मालदा टाउन स्पेशल, आसनसोल-गोरखपुर एक्सप्रेस और कोलकाता-सीतामढ़ी एक्सप्रेस प्रमुख हैं। इसके अलावा मालदा टाउन-नई दिल्ली एक्सप्रेस, कोलकाता-मुजफ्फरपुर एक्सप्रेस, रांची-गोरखपुर एक्सप्रेस, पुरी-जयनगर एक्सप्रेस और हावड़ा-पटना वंदे भारत स्पेशल भी प्रभावित ट्रेनों में शामिल हैं। Cancel होने वाली प्रमुख Trains की List 3 अक्टूबर को भी 36 Trains प्रभावित रेलवे की योजना के मुताबिक 3 अक्टूबर को 36 ट्रेनें रद्द रहने की जानकारी सामने आई है। कुछ ट्रेनों के परिचालन में भी बदलाव किया जा सकता है। यही वजह है कि यात्रियों को अपनी यात्रा की तारीख के हिसाब से ट्रेन का Latest Status चेक करना जरूरी है। Ticket Book है तो क्या करें? अगर आपने 20 सितंबर से 4 अक्टूबर के बीच यात्रा के लिए टिकट बुक कर रखा है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। सबसे पहले अपनी ट्रेन का नंबर और यात्रा की तारीख देखकर उसका मौजूदा Status चेक करें। अगर ट्रेन Cancel हो गई है तो यात्रा के लिए दूसरी ट्रेन या वैकल्पिक साधन की Planning की जा सकती है। वहीं अगर ट्रेन का Route बदला गया है, तो यात्रा के समय और स्टॉपेज में बदलाव को ध्यान में रखना होगा। रेलवे के ऐसे Operational Works के दौरान अंतिम समय में भी बदलाव संभव होता है। इसलिए स्टेशन के लिए निकलने से पहले ट्रेन की ताजा जानकारी जरूर हासिल करें। यात्रियों के लिए जरूरी सलाह ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों के लिए सबसे जरूरी बात यही है कि सिर्फ टिकट Confirm होने का मतलब ट्रेन का संचालन सामान्य होना नहीं है। यात्रा से पहले ट्रेन का Latest Running Status जरूर चेक करें। 20 सितंबर से 4 अक्टूबर के बीच अगर आपकी ट्रेन भी इस Route से गुजरती है, तो सफर शुरू करने से पहले रेलवे की ताजा सूचना जरूर देख लें। इससे स्टेशन पहुंचने के बाद होने वाली परेशानी से बचा जा सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Cabinet

Karnataka Cabinet: कांग्रेस सरकार का बड़ा फैसला, 20 नेताओं को मिलेगा Minister पद

कर्नाटक की राजनीति में आज बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। राज्य की कांग्रेस सरकार में लंबे समय से अटका Cabinet Expansion अब होने जा रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, करीब 20 नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा। नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण के साथ सरकार में खाली पड़े मंत्री पदों को भरने की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। इस विस्तार को लेकर कांग्रेस के भीतर काफी समय से चर्चा चल रही थी। मुख्यमंत्री और पार्टी नेतृत्व के बीच कई दौर की बातचीत के बाद आखिरकार मंत्रियों के नामों पर सहमति बनी है। ऐसे में आज होने वाला शपथ ग्रहण समारोह कर्नाटक कांग्रेस के लिए काफी अहम माना जा रहा है। 20 नेताओं को मिल सकती है मंत्री पद की जिम्मेदारी मंत्रिमंडल विस्तार में कुल 20 नेताओं के नाम सामने आए हैं। इनमें कुछ अनुभवी चेहरे हैं तो कई ऐसे नेता भी हैं जिन्हें पहली बार सरकार में अहम जिम्मेदारी मिलने जा रही है। बताई जा रही सूची में पीएम नरेंद्रस्वामी, शिवराज तंगडागी, रुद्रप्पा लमाणी, केएस बसवन्तप्पा, बी. नागेंद्र, टी. रघुमूर्ति, बीजेड जमीर अहमद खान, रिजवान अरशद, संतोष लाड, मधु बंगारप्पा, पुत्तरंगशेट्टी, मंकाला वैद्य, डॉ. अजय सिंह, एन. चालुवराय स्वामी, केएम शिवलिंगे गौड़ा, एचसी बालकृष्ण, गायत्री शांतिगौड़ा, बसवराज रायरेड्डी, विजय आनंद काशप्पनावर और लक्ष्मण सावदी के नाम शामिल हैं। इन नामों से साफ है कि पार्टी ने मंत्रिमंडल में अलग-अलग क्षेत्रों और सामाजिक समीकरणों को साधने की कोशिश की है। महिला प्रतिनिधित्व को लेकर भी पार्टी ने एक नाम शामिल किया है। विधानसभा Speaker को लेकर भी तस्वीर साफ कैबिनेट विस्तार के साथ कर्नाटक विधानसभा के Speaker पद को लेकर भी बड़ा फैसला सामने आया है। रिपोर्टों के अनुसार जी.एस. पाटिल को विधानसभा अध्यक्ष बनाया जा सकता है। वहीं ए.एस. पोन्नन्ना को विधानसभा उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चा है। विधानसभा अध्यक्ष का पद खाली होने के बाद से ही नए नाम को लेकर अटकलें चल रही थीं। अब सरकार ने विधानसभा के आगामी सत्र से पहले इस पद को लेकर भी तस्वीर साफ करने की तैयारी कर ली है। Congress के लिए क्यों अहम है Cabinet Expansion? कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के लिए यह सिर्फ मंत्रियों की संख्या बढ़ाने का फैसला नहीं है। इसके पीछे कई राजनीतिक समीकरण भी जुड़े हैं। लंबे समय से मंत्री पद की उम्मीद लगाए बैठे विधायकों को जगह देना पार्टी के लिए जरूरी था। मंत्रिमंडल में नए चेहरों को शामिल करने से पार्टी के अंदर असंतोष कम करने की कोशिश भी मानी जा रही है। साथ ही अलग-अलग क्षेत्रों और समुदायों को प्रतिनिधित्व देकर संगठनात्मक संतुलन बनाने पर भी जोर दिया गया है। विधानसभा सत्र से पहले बड़ा फैसला कर्नाटक विधानसभा का मानसून सत्र भी जल्द शुरू होने वाला है। ऐसे में उससे पहले मंत्रिमंडल का विस्तार सरकार के लिए काफी महत्वपूर्ण है। नए मंत्रियों के आने के बाद विभागों का बंटवारा भी बड़ा मुद्दा होगा। शपथ ग्रहण के बाद सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि किस नेता को कौन-सा मंत्रालय मिलता है। Portfolio Allocation से यह भी साफ होगा कि सरकार किन क्षेत्रों को प्राथमिकता देने जा रही है। अब आगे क्या? कैबिनेट विस्तार के बाद कर्नाटक सरकार का फोकस आगामी विधानसभा सत्र और प्रशासनिक कामकाज पर रहेगा। 20 नए मंत्रियों के शामिल होने से सरकार को अपने कामकाज को और गति देने की उम्मीद है। फिलहाल कर्नाटक की राजनीति में सबसे ज्यादा चर्चा इसी बात की है कि नए मंत्रियों को कौन-कौन से विभाग मिलेंगे। शपथ ग्रहण के बाद विभागों के बंटवारे से सरकार की आगे की राजनीतिक और प्रशासनिक रणनीति की तस्वीर और साफ हो जाएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Monsoon

Monsoon Update: उत्तराखंड में Landslide से Highway बंद, UP में सड़कों पर नाव

मानसून (Monsoon) की बारिश ने देश के कई राज्यों में हालात बिगाड़ दिए हैं। कहीं पहाड़ दरकने से रास्ते बंद हो गए हैं तो कहीं बारिश का पानी सड़कों पर जमा होने के कारण लोगों की आवाजाही मुश्किल हो गई है। उत्तराखंड में Landslide के चलते हाईवे पर यातायात प्रभावित हुआ है। छत्तीसगढ़ में बारिश और तेज बहाव के बीच पुल टूटने से लोगों की परेशानी बढ़ गई। वहीं उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में जलभराव इतना ज्यादा है कि सड़कों पर नाव चलाने की नौबत आ गई है। बिहार और झारखंड में आकाशीय बिजली भी जानलेवा साबित हुई है, जहां अलग-अलग घटनाओं में 10 लोगों की मौत की खबर है। उत्तराखंड में Landslide, Highway पर थमी रफ्तार उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के बीच Landslide की घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है। पहाड़ों से मलबा और पत्थर सड़क पर आने के कारण कई जगह यातायात प्रभावित हुआ। हाईवे पर आवाजाही रुकने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश के दौरान पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन का खतरा लगातार बना रहता है। ऐसे में प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाई जा रही है और रास्तों से मलबा हटाने का काम किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में टूटा पुल, बढ़ी लोगों की मुश्किल छत्तीसगढ़ में भी भारी बारिश का असर सड़क और पुलों पर दिखाई दे रहा है। तेज बहाव और बढ़ते जलस्तर के बीच एक पुल टूटने की घटना सामने आई है। इसके बाद आसपास के लोगों का आवागमन प्रभावित हुआ और कई लोगों को दूसरे रास्तों का सहारा लेना पड़ा। ग्रामीण इलाकों में पुल और सड़कें संपर्क का प्रमुख साधन हैं। ऐसे में किसी पुल के क्षतिग्रस्त होने से आसपास के गांवों का संपर्क भी प्रभावित हो सकता है। UP में जलभराव ने बढ़ाई परेशानी, सड़कों पर चली नाव उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश के बाद जलभराव की स्थिति ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। निचले इलाकों में पानी जमा होने के कारण कई सड़कें पूरी तरह जलमग्न नजर आईं। कुछ जगह हालात इतने खराब रहे कि लोगों को आने-जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ा। पानी भरने से स्थानीय लोगों के सामने घर से बाहर निकलने, जरूरी सामान लाने और रोजमर्रा के काम निपटाने की चुनौती खड़ी हो गई है। जलनिकासी व्यवस्था को लेकर भी स्थानीय स्तर पर प्रशासन की सक्रियता बढ़ गई है। बिहार-झारखंड में Lightning बनी आफत, 10 लोगों की मौत बारिश के साथ बिहार और झारखंड में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है। अलग-अलग घटनाओं में 10 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। घटनाओं के बाद प्रभावित परिवारों में मातम पसरा है। मानसून के दौरान Lightning यानी आकाशीय बिजली ग्रामीण और खुले इलाकों में बड़ा खतरा बन जाती है। मौसम खराब होने पर लोगों को खुले मैदान, खेत या पेड़ के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी जाती है। बारिश ने कई राज्यों में बदली तस्वीर इस मानसून में देश के अलग-अलग हिस्सों से बारिश के कारण पैदा हुई मुश्किलों की तस्वीर सामने आ रही है। उत्तराखंड में Landslide और सड़क बंद होने से पहाड़ी इलाकों में सफर प्रभावित है, जबकि उत्तर प्रदेश में जलभराव ने सामान्य जनजीवन को परेशान किया है। छत्तीसगढ़ में पुल टूटने से आवागमन पर असर पड़ा है और बिहार-झारखंड में आकाशीय बिजली ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बारिश भले ही गर्मी से राहत देती हो, लेकिन जब इसका असर बुनियादी ढांचे और जनजीवन पर पड़ता है तो मुश्किलें तेजी से बढ़ती हैं। ऐसे मौसम में लोगों के लिए जरूरी है कि वे प्रशासन और मौसम विभाग की Advisory को नजरअंदाज न करें। लोगों से सावधानी बरतने की अपील भारी बारिश के दौरान नदी-नालों और जलभराव वाले इलाकों के पास जाने से बचना चाहिए। पहाड़ी क्षेत्रों में Landslide की आशंका वाले रास्तों पर यात्रा करने से पहले स्थिति की जानकारी लेना भी जरूरी है। वहीं आकाशीय बिजली के दौरान खुले स्थानों पर खड़े होने के बजाय सुरक्षित जगह पर रहना चाहिए। मानसून के दौरान मौसम तेजी से बदल सकता है। इसलिए सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करना बेहद जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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बांकीपुर

Assembly Bypoll Results बांकीपुर में Prashant Kishor आगे

देश की तीन विधानसभा सीटों पर हो रहे उपचुनाव की मतगणना के शुरुआती रुझानों ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। बिहार की बांकीपुर सीट पर प्रशांत किशोर बढ़त बनाए हुए हैं। वहीं मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर कांग्रेस ने बढ़त बना ली है। गुजरात की मांजलपुर सीट पर भाजपा आगे चल रही है। हालांकि, अभी मतगणना जारी है और अंतिम परिणाम आने तक तस्वीर बदल सकती है। बांकीपुर में प्रशांत किशोर ने चौंकाया बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर इस बार मुकाबला खासा दिलचस्प है। जन सुराज के प्रमुख प्रशांत किशोर चुनाव मैदान में हैं और शुरुआती रुझानों में उन्होंने बढ़त बना रखी है। बांकीपुर को भाजपा के प्रभाव वाली सीट माना जाता है। ऐसे में प्रशांत किशोर का यहां आगे निकलना राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है। उनकी बढ़त ने चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या शुरुआती बढ़त को प्रशांत किशोर जीत में बदल पाएंगे या आगे की गिनती में समीकरण बदल जाएगा। दतिया में Congress ने बनाई बढ़त मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर भी शुरुआती रुझान कांग्रेस के पक्ष में नजर आ रहे हैं। यहां कांग्रेस उम्मीदवार ने भाजपा प्रत्याशी को पीछे छोड़ते हुए बढ़त हासिल की है। दतिया सीट का चुनाव मध्य प्रदेश की राजनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। मतगणना के दौरान मुकाबला लगातार बदल रहा है और अभी कई राउंड के परिणाम सामने आना बाकी हैं। ऐसे में कांग्रेस समर्थकों की नजरें अंतिम नतीजे पर टिकी हुई हैं। मांजलपुर में BJP आगे गुजरात की मांजलपुर विधानसभा सीट से भाजपा के लिए फिलहाल राहत की खबर है। शुरुआती रुझानों में भाजपा उम्मीदवार बढ़त बनाए हुए हैं। तीनों सीटों के रुझानों को देखें तो तस्वीर फिलहाल काफी दिलचस्प दिखाई दे रही है। जहां बिहार में प्रशांत किशोर ने बढ़त बनाकर मुकाबले को सुर्खियों में ला दिया है, वहीं मध्य प्रदेश में कांग्रेस आगे है। गुजरात में भाजपा अपनी बढ़त के साथ मजबूत स्थिति में नजर आ रही है। तीनों सीटों के नतीजों पर टिकी नजर बिहार, मध्य प्रदेश और गुजरात की इन सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे राजनीतिक दलों के लिए काफी मायने रखते हैं। खासकर बांकीपुर में प्रशांत किशोर की मौजूदगी ने चुनाव को अतिरिक्त चर्चा दी है। फिलहाल सामने आए आंकड़े सिर्फ शुरुआती रुझान हैं। जैसे-जैसे वोटों की गिनती आगे बढ़ेगी, उम्मीदवारों की स्थिति भी बदल सकती है। इसलिए सभी की नजरें अब अंतिम राउंड और आधिकारिक चुनाव परिणाम पर टिकी हैं। बांकीपुर में प्रशांत किशोर की बढ़त, दतिया में कांग्रेस का आगे निकलना और मांजलपुर में भाजपा की बढ़त—इन तीनों सीटों ने उपचुनाव की तस्वीर को काफी रोचक बना दिया है। अब देखना होगा कि शुरुआती रुझान आखिरकार किसके पक्ष में अंतिम नतीजे में बदलते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Brij Bhushan Singh

Delhi Court का बड़ा फैसला: Brij Bhushan Singh महिला पहलवान केस में बरी, 3 साल बाद आया Verdict

भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह (Brij Bhushan Singh) को महिला पहलवानों से जुड़े Sexual Harassment Case में दिल्ली की अदालत से बड़ी राहत मिली है। करीब तीन साल तक चले इस मामले में कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया। फैसला आने के बाद बृजभूषण सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा- “होइहि सोइ जो राम रचि राखा।” बृजभूषण सिंह (Brij Bhushan Singh) के खिलाफ यह मामला साल 2023 में देशभर में सुर्खियों में आया था। कई महिला पहलवानों ने उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। इसके बाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहलवानों ने लंबे समय तक विरोध प्रदर्शन किया था। मामला सामने आने के बाद खेल जगत के साथ-साथ राजनीतिक गलियारों में भी इसकी चर्चा तेज हो गई थी। 3 साल बाद आया फैसला महिला पहलवानों की शिकायत के बाद दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने अदालत में चार्जशीट दाखिल की। इसके बाद मामले की सुनवाई दिल्ली की अदालत में चली। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद अब अदालत ने बृजभूषण सिंह को मामले में बरी कर दिया है। कोर्ट के फैसले के साथ ही यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। फैसले के बाद बृजभूषण सिंह की पहली प्रतिक्रिया अदालत के फैसले के बाद बृजभूषण सिंह ने बेहद संक्षिप्त प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “होइहि सोइ जो राम रचि राखा।” अपने ऊपर लगे आरोपों को बृजभूषण सिंह पहले से ही खारिज करते रहे हैं। उनका कहना रहा है कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप सही नहीं हैं। अब अदालत के फैसले के बाद उन्हें इस मामले में कानूनी राहत मिली है। 2023 में पहलवानों के Protest से मचा था हंगामा साल 2023 में बृजभूषण सिंह के खिलाफ महिला पहलवानों के आरोपों ने पूरे देश का ध्यान खींचा था। कई प्रमुख पहलवान दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे और कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान पहलवानों और सरकार के बीच बातचीत भी हुई थी। मामला इतना बढ़ गया था कि भारतीय कुश्ती व्यवस्था, खिलाड़ियों की सुरक्षा और Federation के कामकाज को लेकर भी सवाल उठने लगे थे। Political Controversy भी बना था बड़ा मुद्दा यह मामला केवल Sports तक सीमित नहीं रहा। बृजभूषण सिंह के खिलाफ पहलवानों के प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक दलों के बीच भी बयानबाजी हुई। विपक्ष ने केंद्र सरकार पर खिलाड़ियों की शिकायतों को लेकर सवाल उठाए, जबकि बृजभूषण सिंह लगातार अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार करते रहे। अब Delhi Court Verdict के बाद इस मामले में बृजभूषण सिंह को बड़ी राहत मिली है। हालांकि, इस पूरे प्रकरण ने भारतीय खेल व्यवस्था में खिलाड़ियों की शिकायतों और उनकी सुरक्षा को लेकर एक बड़ी बहस जरूर खड़ी की। क्या है पूरा मामला? हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ankit Sharma

Ankit Sharma Verdict: दिल्ली दंगों के चर्चित हत्याकांड में कोर्ट सख्त, ताहिर हुसैन समेत 5 को उम्रकैद

साल 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के सबसे चर्चित मामलों में शामिल आईबी (Intelligence Bureau) अधिकारी अंकित शर्मा (Ankit Sharma) हत्याकांड में आखिरकार अदालत ने अपना फैसला सुना दिया। दिल्ली की अदालत ने इस मामले में पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन सहित पांच दोषियों को उम्रकैद (Life Imprisonment) की सजा सुनाई है। करीब छह साल तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद आए इस फैसले को पीड़ित परिवार ने न्याय की दिशा में बड़ा कदम बताया है। यह मामला केवल एक हत्या का नहीं था, बल्कि उन दंगों की सबसे दर्दनाक घटनाओं में से एक माना गया, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था। कैसे हुई थी अंकित शर्मा की हत्या? फरवरी 2020 में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिंसा भड़क उठी थी। इसी दौरान 26 फरवरी को आईबी अधिकारी अंकित शर्मा लापता हो गए थे। अगले दिन उनका शव चांद बाग इलाके के एक नाले से बरामद हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर कई गंभीर चोटों के निशान मिले थे। जांच एजेंसियों का आरोप था कि हिंसक भीड़ ने उन पर हमला किया और उनकी हत्या कर दी। इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने विस्तृत जांच शुरू की और कई लोगों को गिरफ्तार किया। अदालत ने किन आधारों पर सुनाई सजा? लंबी सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, फोरेंसिक रिपोर्ट, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और अन्य दस्तावेज पेश किए। इन साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने ताहिर हुसैन समेत पांचों आरोपियों को हत्या और दंगे से जुड़ी विभिन्न धाराओं में दोषी माना। सजा सुनाते समय अदालत ने कहा कि भीड़ की हिंसा के दौरान किसी व्यक्ति, विशेषकर एक सरकारी अधिकारी की हत्या, समाज और कानून दोनों के खिलाफ गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में सख्त सजा जरूरी है ताकि कानून के प्रति लोगों का विश्वास बना रहे। परिवार ने कहा—लंबे इंतजार के बाद मिला न्याय फैसले के बाद अंकित शर्मा के परिवार ने संतोष जताया। परिवार का कहना है कि पिछले छह वर्षों से वे अदालत के फैसले का इंतजार कर रहे थे और अब उन्हें न्याय मिलने का एहसास हो रहा है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी सजा से उनके बेटे की कमी पूरी नहीं हो सकती, लेकिन अदालत का फैसला यह भरोसा दिलाता है कि कानून अपना काम करता है। क्यों चर्चा में रहा यह मामला? 2020 के दिल्ली दंगों में कई लोगों की जान गई थी और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए थे। अंकित शर्मा हत्याकांड उन मामलों में शामिल रहा, जिस पर पूरे देश की नजर बनी रही। जांच, गिरफ्तारी, आरोप तय होने से लेकर अदालत के अंतिम फैसले तक यह मामला लगातार सुर्खियों में रहा। इस फैसले को दिल्ली दंगों से जुड़े सबसे अहम न्यायिक निर्णयों में से एक माना जा रहा है। फैसले का क्या संदेश? कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अदालत का यह फैसला स्पष्ट संदेश देता है कि भीड़ की हिंसा और सुनियोजित हत्या जैसे अपराधों को कानून किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं करेगा। न्यायिक प्रक्रिया भले समय ले, लेकिन गंभीर मामलों में दोषियों को सजा दिलाना न्याय व्यवस्था की जिम्मेदारी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bhojshala

Bhojshala Update: कमाल मौला मस्जिद के पास बढ़ी निगरानी, धार में प्रशासन ने संभाला मोर्चा

मध्य प्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला (Bhojshala) परिसर में एक बार फिर गतिविधियां बढ़ गई हैं। कमाल मौला मस्जिद से सटे क्षेत्र में नमाजियों के पहुंचने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया है। मौके पर बैरिकेडिंग की गई है, तिरपाल बिछाई गई है और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। प्रशासन की ओर से पूरे क्षेत्र पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी तरह की स्थिति को शांतिपूर्ण तरीके से संभाला जा सके। संवेदनशीलता को देखते हुए आसपास के इलाकों में सुरक्षा इंतजाम बढ़ाए गए हैं। Bhojshala परिसर में प्रशासन का विशेष ध्यान धार की भोजशाला को लेकर लंबे समय से धार्मिक और ऐतिहासिक विवाद जुड़ा हुआ है। इसी कारण यहां होने वाली हर गतिविधि पर प्रशासन की नजर रहती है। नमाज के समय किसी तरह की अव्यवस्था न हो, इसके लिए पुलिस बल को अलर्ट मोड पर रखा गया है। मौके पर लगाए गए बैरिकेड लोगों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए लगाए गए हैं। वहीं, तिरपाल की व्यवस्था भी की गई है ताकि आने वाले लोगों को सुविधा मिल सके और व्यवस्था बनी रहे। क्या है Bhojshala विवाद? धार की भोजशाला एक प्राचीन और ऐतिहासिक स्थल है, जिसे लेकर हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे हैं। हिंदू पक्ष इसे मां वाग्देवी (सरस्वती) का मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष यहां कमाल मौला मस्जिद में नमाज की परंपरा का दावा करता है। इस विवाद को लेकर कई वर्षों से कानूनी प्रक्रिया चल रही है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा भी भोजशाला परिसर का सर्वे कराया जा चुका है, जिसके बाद यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। Police Deployment से लेकर Monitoring तक, प्रशासन सतर्क मौजूदा हालात को देखते हुए प्रशासन किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतना चाहता। पुलिसकर्मी क्षेत्र में तैनात हैं और आने-जाने वाले लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना उसकी पहली प्राथमिकता है। सोशल मीडिया पर भी नजर प्रशासन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फैलने वाली अफवाहों पर भी नजर रख रहा है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि बिना पुष्टि किए किसी भी तरह की जानकारी साझा न करें, जिससे माहौल खराब हो सकता है। फिलहाल भोजशाला और कमाल मौला मस्जिद के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है और प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sugar

Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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