आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGदेश-हरपलमेरठ हत्याकांड: मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा, पति सौरभ की हत्या के मामले में कोर्ट का फैसला◆BREAKINGमध्य प्रदेशइंदौर में प्लॉट बेचने के नाम पर 7.80 लाख की ठगी का आरोप, ब्रोकर समेत दो पर FIR◆BREAKINGदेश-हरपलSIR के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्रों से मिले राहुल गांधी, दिल्ली पुलिस पर मारपीट के आरोप◆BREAKINGस्पोर्ट्सबांग्लादेश टेस्ट सीरीज से बाहर हुए शाई होप और अल्जारी जोसेफ, केविन विकहम को पहली बार मिला मौका◆BREAKINGबिज़नेसIMF ने बढ़ाया भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान, 2026 और 2027 में 7% विकास दर रहने की उम्मीद◆BREAKINGदेश-हरपलभीलवाड़ा में सरकारी शिक्षक ने फंदा लगाकर दी जान, किराए के कमरे में मिला शव◆BREAKINGछत्तीसगढ़कैंसर की दवाओं की कीमतों में बड़ा अंतर: ₹538 का इंजेक्शन बाजार में ₹1,500 तक, एक ही दवा की MRP में 16 गुना तक फर्क◆BREAKINGछत्तीसगढ़बिलासपुर एयरपोर्ट को 4C श्रेणी में अपग्रेड करने पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार से 3 सप्ताह में मांगा जवाब◆BREAKINGदेश-हरपलमेरठ हत्याकांड: मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा, पति सौरभ की हत्या के मामले में कोर्ट का फैसला◆BREAKINGमध्य प्रदेशइंदौर में प्लॉट बेचने के नाम पर 7.80 लाख की ठगी का आरोप, ब्रोकर समेत दो पर FIR◆BREAKINGदेश-हरपलSIR के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्रों से मिले राहुल गांधी, दिल्ली पुलिस पर मारपीट के आरोप◆BREAKINGस्पोर्ट्सबांग्लादेश टेस्ट सीरीज से बाहर हुए शाई होप और अल्जारी जोसेफ, केविन विकहम को पहली बार मिला मौका◆BREAKINGबिज़नेसIMF ने बढ़ाया भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान, 2026 और 2027 में 7% विकास दर रहने की उम्मीद◆BREAKINGदेश-हरपलभीलवाड़ा में सरकारी शिक्षक ने फंदा लगाकर दी जान, किराए के कमरे में मिला शव◆BREAKINGछत्तीसगढ़कैंसर की दवाओं की कीमतों में बड़ा अंतर: ₹538 का इंजेक्शन बाजार में ₹1,500 तक, एक ही दवा की MRP में 16 गुना तक फर्क◆BREAKINGछत्तीसगढ़बिलासपुर एयरपोर्ट को 4C श्रेणी में अपग्रेड करने पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार से 3 सप्ताह में मांगा जवाब◆

NE

News Elementor

What's Hot

Banner

Latest Posts

PM Modi

PM Modi-Priyanka Gandhi का ये Moment हुआ Viral, Kharge बोले- ‘आप बदल गए!’

संसद में अक्सर एक-दूसरे पर तीखे हमले करने वाले नेताओं का एक अलग ही अंदाज तब देखने को मिला, जब वे एक पारिवारिक समारोह में आमने-सामने थे। NCP (SP) सांसद सुप्रिया सुले की बेटी रेवती के Wedding Reception में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, प्रियंका गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई बड़े नेता पहुंचे। इसी दौरान PM Modi और Priyanka Gandhi की बातचीत का एक छोटा-सा पल कैमरे में कैद हो गया, जिस पर Kharge की टिप्पणी ने माहौल को हल्का कर दिया। PM Modi और Priyanka Gandhi के बीच क्या हुई बात? रेवती सुले के Reception में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रियंका गांधी के बीच बातचीत होती दिखाई दी। दोनों की बातचीत के दौरान मल्लिकार्जुन खड़गे भी वहां मौजूद थे। इसी बीच खड़गे ने प्रधानमंत्री मोदी की ओर इशारा करते हुए मजाकिया अंदाज में कहा- “भाई साहब, आप बदल गए!” खड़गे की इस टिप्पणी के बाद वहां मौजूद लोगों के बीच हल्की मुस्कान देखने को मिली। राजनीतिक गलियारों में यह छोटा-सा Moment अब चर्चा का विषय बन गया है। Wedding Reception में दिखा नेताओं का अलग अंदाज आमतौर पर संसद में सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिलती है। लेकिन सामाजिक समारोहों में नेताओं का व्यवहार कुछ अलग नजर आता है। सुप्रिया सुले की बेटी के Reception में भी यही तस्वीर देखने को मिली। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी पहुंचे। वहीं कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और सोनिया गांधी की मौजूदगी रही। अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं का एक ही समारोह में जुटना अपने आप में खास रहा। Social Media पर Video ने खींचा ध्यान PM Modi और Priyanka Gandhi की बातचीत वाला वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसकी खूब चर्चा हो रही है। खास तौर पर खड़गे का “भाई साहब, आप बदल गए” वाला अंदाज लोगों का ध्यान खींच रहा है। हालांकि, इस छोटी-सी बातचीत को किसी बड़े राजनीतिक बदलाव से जोड़ना जल्दबाजी होगी। यह एक निजी समारोह के दौरान हुआ अनौपचारिक पल था। राजनीति की गर्मागर्म बहसों के बीच नेताओं की ऐसी तस्वीरें अक्सर लोगों को सहज और मानवीय पक्ष दिखाती हैं। एक ही फ्रेम में सत्ता और विपक्ष इस Reception की तस्वीरों और वीडियो में सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई बड़े चेहरे एक साथ नजर आए। राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन सामाजिक आयोजनों में नेताओं का एक-दूसरे से मिलना और बातचीत करना भारतीय राजनीति की पुरानी परंपरा का हिस्सा रहा है। फिलहाल PM Modi-Priyanka Gandhi Conversation और उस पर Kharge का मजेदार रिएक्शन सोशल मीडिया पर चर्चा में है। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर दिखाया कि राजनीति के गंभीर माहौल के बीच नेताओं के बीच हल्के-फुल्के पल भी लोगों का ध्यान खींच लेते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Ghatkopar Landslide

Ghatkopar Landslide: मुंबई में बारिश बनी आफत, लैंडस्लाइड में 6 लोगों की मौत; Rescue Operation जारी

मुंबई की बारिश एक बार फिर मुश्किलें लेकर आई है। घाटकोपर में लैंडस्लाइड (Ghatkopar Landslide) की घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। भारी मलबा गिरने से कई लोग इसकी चपेट में आ गए। हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि 4 लोग घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद मौके पर राहत और बचाव टीमों ने मोर्चा संभाल लिया। संकरी गलियों में Rescue Operation बना चुनौती हादसे की सबसे बड़ी चुनौती घटनास्थल तक भारी मशीनरी पहुंचाना है। घाटकोपर के जिस इलाके में मलबा गिरा है, वहां की गलियां काफी संकरी हैं। ऐसे में JCB और दूसरी बड़ी मशीनों की आवाजाही आसान नहीं है। रेस्क्यू टीम छोटे उपकरणों और कैमरों की मदद से मलबे के अंदर संभावित रूप से फंसे लोगों की तलाश कर रही है। बचावकर्मी बेहद सावधानी से मलबा हटा रहे हैं, ताकि अगर कोई व्यक्ति अंदर फंसा हो तो उसे सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। मलबे के नीचे जिंदगी की तलाश हादसे के बाद मौके का माहौल बेहद भावुक है। स्थानीय लोग भी अपनों की जानकारी के लिए घटनास्थल के आसपास जुटे हुए हैं। रेस्क्यू टीम लगातार मलबे की जांच कर रही है और कैमरों के जरिए अंदर की स्थिति का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। बचाव अभियान में हर मिनट अहम माना जा रहा है। टीमों की कोशिश है कि मलबे में किसी व्यक्ति के दबे होने की संभावना को पूरी तरह जांचा जाए। लगातार बारिश ने बढ़ाई परेशानी मुंबई में मानसून के दौरान लगातार बारिश से कई इलाकों में जमीन खिसकने और जलभराव का खतरा बढ़ जाता है। घाटकोपर की घटना के दौरान भी मौसम और स्थानीय परिस्थितियां Rescue Operation के लिए चुनौती बनी हुई हैं। प्रशासन की ओर से घटनास्थल पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश की जा रही है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे बचाव अभियान के दौरान घटनास्थल के आसपास भीड़ न लगाएं। 6 मौतों से इलाके में मातम इस हादसे में 6 लोगों की जान जाने की खबर से इलाके में शोक का माहौल है। वहीं, 4 घायलों का इलाज कराया जा रहा है। परिवारों के लिए यह समय बेहद मुश्किल है और सभी की नजर अब राहत-बचाव अभियान पर टिकी है। घाटकोपर की यह घटना मुंबई में मानसून के दौरान कमजोर ढलानों और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े करती है। फिलहाल प्रशासन और रेस्क्यू टीमें मलबे को हटाने और संभावित रूप से फंसे लोगों तक पहुंचने में जुटी हैं। Mumbai Landslide Latest Update: घाटकोपर में हुए इस हादसे में 6 लोगों की मौत और 4 लोगों के घायल होने की सूचना है। संकरी गलियों के कारण भारी मशीनों को मौके तक पहुंचाने में परेशानी आ रही है, जबकि कैमरों की मदद से मलबे में फंसे लोगों की तलाश की जा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
PM Modi

PM Modi on Gen Z: Shortcut के पीछे न भागें युवा, संघर्ष और मेहनत से बनती है Success

नई दिल्ली में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की Biography लॉन्च के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने Gen Z को एक खास संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज जब Reels और Short Videos के जरिए कुछ सेकंड में सफलता की तस्वीर सामने आ जाती है, ऐसे समय में युवाओं को Shortcut के पीछे भागने के बजाय मेहनत और संघर्ष से सीखना चाहिए। मोदी ने कहा कि किसी व्यक्ति की सफलता को सिर्फ उसके अंतिम मुकाम से नहीं देखना चाहिए। उसके पीछे की मेहनत, मुश्किलें और लंबे संघर्ष को समझना भी उतना ही जरूरी है। यही अनुभव आगे बढ़ने की असली सीख देते हैं। Reels की दुनिया में Shortcut से बचने की सलाह आज सोशल मीडिया पर सफलता अक्सर बहुत आसान दिखाई देती है। कोई व्यक्ति अचानक वायरल होता है और कुछ ही समय में लोकप्रिय हो जाता है। प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं को इसी सोच से सावधान रहने की बात कही। उन्होंने कहा कि जीवन में हर चीज जल्दी हासिल करने की कोशिश सही रास्ता नहीं है। Shortcut कई बार मंजिल तक पहुंचाने के बजाय आपकी क्षमता और यात्रा को छोटा कर सकता है। मोदी का यह संदेश खास तौर पर Gen Z के लिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह पीढ़ी सोशल मीडिया, Reels और Short-form Content के बीच बड़ी हुई है। दूसरों की Success नहीं, उनकी Struggle भी देखें प्रधानमंत्री ने युवाओं से कहा कि वे किसी सफल व्यक्ति को देखकर सिर्फ उसकी उपलब्धियों पर ध्यान न दें। यह जानने की कोशिश करें कि उस मुकाम तक पहुंचने में उसने किन परिस्थितियों का सामना किया। उन्होंने Biography और Autobiography पढ़ने पर भी जोर दिया। ऐसी किताबों के जरिए युवाओं को यह समझने का मौका मिलता है कि बड़ी उपलब्धियों के पीछे वर्षों की मेहनत, असफलताएं और कठिन फैसले भी होते हैं। Ram Nath Kovind की Biography क्यों खास है? कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की आत्मकथा “Triumph of the Indian Republic: My Life, My Struggles” का विमोचन किया गया। इसमें उनके जीवन, संघर्ष, सार्वजनिक जीवन और देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने की यात्रा को सामने रखा गया है। रामनाथ कोविंद 2017 से 2022 तक भारत के राष्ट्रपति रहे। उनका जीवन एक साधारण सामाजिक पृष्ठभूमि से देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने की कहानी भी है। यही वजह है कि उनकी जीवन यात्रा युवाओं के लिए प्रेरणा का उदाहरण बनती है। युवाओं के लिए क्यों जरूरी है यह संदेश? आज की डिजिटल दुनिया में हर कोई तेजी से आगे बढ़ना चाहता है। सोशल मीडिया पर दूसरों की सफलता देखकर यह लग सकता है कि कामयाबी कुछ ही समय में हासिल की जा सकती है। लेकिन असल जिंदगी में तस्वीर अलग होती है। किसी भी क्षेत्र में मजबूत पहचान बनाने के लिए लगातार सीखना, मेहनत करना और असफलताओं से आगे बढ़ना जरूरी होता है। पीएम मोदी ने इसी बात को सरल तरीके से युवाओं तक पहुंचाने की कोशिश की। PM Modi के संदेश का सार रामनाथ कोविंद की Biography के लॉन्च कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी का संदेश सिर्फ किताब पढ़ने तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने युवाओं को अपने जीवन में Patience, Hard Work और Experience की अहमियत समझाने की कोशिश की। Reels कुछ सेकंड में किसी की Success दिखा सकती हैं, लेकिन उस सफलता तक पहुंचने में कितने साल लगे, यह अक्सर नजर नहीं आता। इसलिए Gen Z के लिए संदेश साफ है—दूसरों की मंजिल देखकर प्रभावित होने के बजाय उनकी पूरी Journey को समझें और अपने रास्ते पर लगातार मेहनत करें। यही वजह है कि कोविंद की जीवन यात्रा और पीएम मोदी की सलाह को एक साथ देखा जाए तो दोनों का संदेश एक जैसा नजर आता है—सफलता का कोई आसान Shortcut नहीं होता, असली कामयाबी मेहनत और संघर्ष से बनती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Amit Shah

Amit Shah vs Rahul Gandhi: छात्रों के मुद्दे पर संसद में घमासान, शाह ने दी बहस की चुनौती

संसद का मानसून सत्र अब अपने आखिरी दौर में पहुंच चुका है, लेकिन छात्रों से जुड़े मुद्दे ने सियासी तापमान बढ़ा दिया है। सरकार और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर आमने-सामने की स्थिति बन गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने विपक्ष को सदन में चर्चा शुरू करने की चुनौती दी है। वहीं, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों पर हुई कथित कार्रवाई को लेकर सरकार से सीधा जवाब मांगा है। शाह ने साफ कहा कि सरकार संसद में उठने वाले हर मुद्दे पर जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने विपक्ष से बहस शुरू करने को कहा और संकेत दिया कि अगर विपक्ष चर्चा चाहता है तो सदन में मुद्दा उठाए, सरकार जवाब देगी। शाह बोले- चर्चा से पीछे नहीं हटेगी सरकार अमित शाह का कहना है कि सरकार किसी भी मुद्दे पर संसद में चर्चा से भाग नहीं रही है। विपक्ष चाहे तो चर्चा शुरू करे और सरकार की तरफ से हर सवाल का जवाब दिया जाएगा। सरकार का यह रुख ऐसे समय आया है जब विपक्ष लगातार छात्र आंदोलनों और उनसे जुड़ी कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठा रहा है। विपक्ष चाहता है कि इस पूरे मामले पर संसद में विस्तार से चर्चा हो और जिम्मेदारी तय की जाए। Rahul Gandhi ने उठाया छात्रों पर कार्रवाई का सवाल वहीं, राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए पूछा कि छात्रों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश आखिर किसने दिया था। उन्होंने गृह मंत्री से इस मामले पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की। राहुल गांधी का कहना है कि छात्रों के मुद्दे को केवल राजनीतिक विवाद के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उनका जोर इस बात पर है कि यदि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग हुआ, तो उसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। BJP ने राहुल गांधी के आरोपों पर उठाए सवाल राहुल गांधी के आरोपों पर भाजपा ने भी पलटवार किया है। भाजपा नेताओं ने छात्रों पर गोली चलाए जाने के दावे को खारिज किया है। पार्टी की ओर से कहा गया कि प्रदर्शन स्थल पर गोली चलने की बात सही नहीं है। यानी इस पूरे मामले में सरकार और विपक्ष के दावे एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं। विपक्ष जहां कार्रवाई और जवाबदेही का सवाल उठा रहा है, वहीं भाजपा आरोपों को गलत बताते हुए विपक्ष पर राजनीति करने का आरोप लगा रही है। Parliament में आज क्यों अहम है बहस? मानसून सत्र के अंतिम दिनों में छात्र आंदोलन का मुद्दा संसद की राजनीति के केंद्र में आ गया है। अगर सदन में इस विषय पर चर्चा होती है तो सरकार और विपक्ष दोनों को अपना पक्ष विस्तार से रखने का मौका मिलेगा। अमित शाह के बयान के बाद अब नजर इस बात पर है कि विपक्ष किस तरह बहस को आगे बढ़ाता है और सरकार की ओर से छात्रों से जुड़े सवालों पर क्या जवाब सामने आता है। सड़क से संसद तक पहुंचा छात्रों का मुद्दा छात्रों से जुड़ा यह विवाद अब सिर्फ प्रदर्शन तक सीमित नहीं रह गया है। संसद में इसके उठने से मामला सीधे राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया है। एक तरफ सरकार चर्चा के जरिए जवाब देने की बात कर रही है, तो दूसरी ओर विपक्ष कार्रवाई को लेकर जवाबदेही मांग रहा है। फिलहाल दोनों पक्ष अपने रुख पर कायम हैं। ऐसे में संसद में होने वाली बहस से यह साफ हो सकता है कि छात्रों से जुड़े इस विवाद पर सरकार का आधिकारिक पक्ष क्या है और विपक्ष के सवालों का क्या जवाब मिलता है। Parliament Student Protest से जुड़ा यह मामला आने वाले दिनों में भी राजनीतिक रूप से अहम बना रह सकता है, क्योंकि अब बहस केवल आरोप-प्रत्यारोप तक नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और कार्रवाई के सवाल तक पहुंच चुकी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
JSSC

JSSC-CGL Protest: झारखंड में 19 दिन से Students आंदोलन, CBI जांच की मांग पर कायम अभ्यर्थी

झारखंड में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं का गुस्सा अभी शांत नहीं हुआ है। JPSC-JSSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन बुधवार को 19वें दिन भी जारी रहा। रांची में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी जुटे हैं और उनका कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता, वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। छात्रों की सबसे बड़ी मांग JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने और पूरे मामले की CBI जांच कराने की है। उनका कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया पर उठे सवालों का निष्पक्ष तरीके से समाधान होना जरूरी है, ताकि अभ्यर्थियों का भर्ती व्यवस्था पर भरोसा कायम रह सके। 19 दिन से जारी है Students Protest JPSC-JSSC Reforms Manch से जुड़े अभ्यर्थी पिछले 19 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकारी भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर कई सवाल सामने आए हैं। ऐसे में केवल आश्वासन से बात नहीं बनेगी, बल्कि संबंधित मामलों की स्वतंत्र जांच जरूरी है। आंदोलन में शामिल छात्रों का कहना है कि वे वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। परीक्षा से जुड़ी किसी भी गड़बड़ी का सीधा असर उनकी मेहनत, समय और भविष्य पर पड़ता है। यही वजह है कि छात्र इस बार अपनी मांगों को लेकर लगातार आवाज उठा रहे हैं। सरकार ने कुछ मांगों पर लिया Action छात्र आंदोलन के बीच झारखंड सरकार ने 14वीं JPSC Civil Services Exam को रद्द करने का फैसला लिया है। सरकार की ओर से कुछ अन्य परीक्षाओं से जुड़े मामलों की जांच की बात भी कही गई है। सरकार का कहना है कि प्रदर्शनकारी छात्रों की बड़ी संख्या में मांगों पर कार्रवाई की जा चुकी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी छात्रों से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है। हालांकि, छात्रों का कहना है कि जब तक JSSC-CGL और CBI जांच से जुड़ी उनकी प्रमुख मांगों पर स्पष्ट फैसला नहीं आता, आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। विधानसभा March के दौरान बढ़ा विवाद आंदोलन के दौरान छात्रों ने विधानसभा की ओर March करने की कोशिश भी की। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई की, जिसके बाद मामला और गरमा गया। घटना के बाद छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं। विपक्ष ने सरकार पर युवाओं की मांगों को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया, जबकि सरकार बातचीत और समाधान का रास्ता अपनाने की बात कह रही है। आंदोलन स्थल पर Medical Team ने की जांच लगातार कई दिनों से चल रहे प्रदर्शन के बीच आंदोलन स्थल पर छात्रों के स्वास्थ्य की भी जांच की जा रही है। मेडिकल टीम ने प्रदर्शन में शामिल अभ्यर्थियों की स्थिति का जायजा लिया। छात्रों का कहना है कि वे किसी टकराव के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण मुद्दा है। उनका कहना है कि नौकरी की तैयारी करने वाले युवाओं को निष्पक्ष परीक्षा और भरोसेमंद भर्ती प्रक्रिया मिलनी चाहिए। छात्रों की मांग पर अब सबकी नजर झारखंड का यह आंदोलन अब सिर्फ JSSC-CGL Exam तक सीमित नहीं रह गया है। यह सरकारी भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और युवाओं के भरोसे से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन चुका है। एक तरफ सरकार कुछ परीक्षाओं को रद्द करने और जांच की बात कर रही है, तो दूसरी तरफ प्रदर्शनकारी अपनी प्रमुख मांगों पर लिखित और ठोस कार्रवाई चाहते हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में सरकार और छात्रों के बीच बातचीत बेहद अहम होगी। फिलहाल Jharkhand Student Protest का 19वां दिन भी आंदोलन के साथ ही खत्म होता नजर आ रहा है। अभ्यर्थी अपनी मांगों पर कायम हैं और अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार उनकी JSSC-CGL Cancel और CBI जांच की मांग पर क्या फैसला लेती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Monsoon Session

Monsoon Session Update: संसद में फिर हंगामा, Lok Sabha-Rajya Sabha की कार्यवाही 2 बजे तक स्थगित

संसद का मानसून सत्र (Monsoon Session) अब अपने आखिरी पड़ाव पर पहुंच गया है। सत्र खत्म होने में सिर्फ दो दिन बाकी हैं, लेकिन लोकसभा और राज्यसभा में राजनीतिक गर्मी कम होने का नाम नहीं ले रही। बुधवार को विपक्ष के विरोध और हंगामे के बीच दोनों सदनों की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। सदन के बाहर भी विपक्षी सांसदों ने प्रदर्शन किया और कई मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा। इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah के आज सदन में बयान देने की संभावना पर सबकी नजर बनी हुई है। दोपहर 2 बजे तक स्थगित हुई कार्यवाही बुधवार सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने अलग-अलग मुद्दों को लेकर विरोध जताया। लगातार नारेबाजी और हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई। मानसून सत्र के अब केवल दो दिन बचे हैं। ऐसे में सदन का समय सरकार और विपक्ष दोनों के लिए काफी अहम माना जा रहा है। सरकार जहां अपने लंबित विधायी एजेंडे को पूरा करना चाहती है, वहीं विपक्ष कई मुद्दों पर चर्चा और सरकार से जवाब की मांग कर रहा है। Amit Shah के बयान का इंतजार संसद की आज की कार्यवाही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संभावित बयान को लेकर खास चर्चा है। विपक्ष लंबे समय से कुछ अहम मुद्दों पर गृह मंत्री के जवाब की मांग कर रहा है। ऐसे में अगर अमित शाह सदन में बयान देते हैं तो उसके बाद विपक्ष की प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी। संसद के अंतिम दिनों में यह मुद्दा सियासी माहौल को और गरमा सकता है। FCRA Bill पर भी नजर मानसून सत्र में FCRA Amendment Bill भी सरकार और विपक्ष के बीच प्रमुख मुद्दा बना हुआ है। Foreign Contribution Regulation Act में प्रस्तावित बदलावों को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, इस विधेयक पर सहमति बनाने के लिए इसे संसदीय समिति के पास भेजने की संभावना पर भी विचार हुआ है। हालांकि, इस पर सरकार और विपक्ष के बीच क्या रास्ता निकलता है, यह आने वाले दिनों में साफ होगा। हंगामे के बीच विधायी काम जारी संसद में लगातार हंगामे के बावजूद सरकार ने कई विधायी काम आगे बढ़ाए हैं। लोकसभा में मंगलवार को विपक्ष के विरोध के बीच दो विधेयक पारित किए गए। इनमें केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने से संबंधित विधेयक और National Cooperative Development Corporation से जुड़ा विधेयक शामिल था। राज्यसभा में भी Tribunals Reforms Bill, 2026 पारित किया गया। इससे संकेत मिलता है कि सरकार सत्र के बचे हुए समय में अपने एजेंडे को पूरा करने की कोशिश कर रही है। आखिरी दो दिन होंगे अहम अब संसद के पास कामकाज के लिए सिर्फ दो दिन बचे हैं। ऐसे में आने वाले दो दिन यह तय करेंगे कि सरकार अपने जरूरी विधायी काम कितने पूरे कर पाती है और विपक्ष किन मुद्दों पर सरकार को घेरने में सफल रहता है। फिलहाल सबसे ज्यादा नजर Amit Shah के संभावित बयान, FCRA Bill और सदन में जारी गतिरोध पर है। अगर सरकार और विपक्ष के बीच सहमति बनती है तो अंतिम दो दिन कुछ महत्वपूर्ण काम हो सकते हैं, लेकिन हंगामा जारी रहा तो संसद का कीमती समय फिर प्रभावित हो सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Monsoon

Monsoon Alert: MP में 3 दिन से लगातार बारिश, Mumbai में Landslide; Bihar में बिजली से मौतें

देश के कई हिस्सों में मानसून (Monsoon) इस समय जमकर बरस रहा है। मध्य प्रदेश में लगातार तीसरे दिन बारिश का दौर जारी है और कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। वहीं मुंबई में भारी बारिश के बीच लैंडस्लाइड की घटना ने चिंता बढ़ा दी है। दूसरी ओर बिहार में आकाशीय बिजली गिरने से कई लोगों की जान चली गई। लगातार बिगड़ते मौसम ने प्रशासन के साथ-साथ आम लोगों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। MP में लगातार बारिश, कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात मध्य प्रदेश में पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही है। भोपाल समेत प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भर गया है। सड़कों पर जलजमाव से यातायात प्रभावित हुआ है, जबकि कई जगहों पर लोगों को रोजमर्रा के काम में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भोपाल में बारिश का असर सरकारी दफ्तरों और पुलिस थानों तक भी पहुंच गया। ईंटखेड़ी थाना परिसर में पानी भरने के बाद पुलिसकर्मियों को रिकॉर्ड और जरूरी सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जाना पड़ा। लगातार बारिश को देखते हुए स्थानीय प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। Mumbai में Landslide से मचा हड़कंप मुंबई में भारी बारिश के बीच लैंडस्लाइड की घटना सामने आई। कुर्ला इलाके में मलबा गिरने के बाद मौके पर राहत और बचाव अभियान चलाया गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मुंबई में लगातार हो रही बारिश के कारण कई निचले इलाकों में पानी भरने की समस्या सामने आई है। मौसम विभाग ने भी शहर में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। ऐसे में लोगों को जलभराव और भूस्खलन संभावित इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई है। Bihar में आकाशीय बिजली बनी जानलेवा बिहार में भी बारिश के साथ आकाशीय बिजली लोगों के लिए खतरा बन रही है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बिजली गिरने की घटनाओं में कई लोगों की मौत हुई है। इन घटनाओं के बाद प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। आकाशीय बिजली के खतरे को देखते हुए लोगों से कहा गया है कि बारिश और गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, खेत या पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें। प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों को नियमानुसार आर्थिक सहायता देने की प्रक्रिया भी की जा रही है। कई राज्यों में Monsoon का असर मानसून की सक्रियता के कारण देश के कई राज्यों में भारी बारिश का दौर चल रहा है। मध्य प्रदेश में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात, मुंबई में लैंडस्लाइड और बिहार में बिजली गिरने की घटनाओं ने मौसम की गंभीरता को सामने ला दिया है। मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए लोगों को जरूरी होने पर ही घर से निकलने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। खासकर नदी-नालों, निचले इलाकों और भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी है। कुल मिलाकर, देश के कई हिस्सों में मानसून ने अपना असर तेज कर दिया है। एक तरफ बारिश गर्मी से राहत दे रही है, तो दूसरी तरफ लगातार तेज बारिश अब कई इलाकों में परेशानी और खतरे का कारण भी बन रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Sonia Gandhi

Manmohan Singh की Legacy पर Sonia Gandhi बोलीं- इतिहास ईमानदारी और काम को याद रखेगा

पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को लेकर कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी (Sonia Gandhi)ने एक बार फिर खुलकर अपनी बात रखी है। सोनिया गांधी ने कहा कि मनमोहन सिंह भले ही अपने शांत और सहज स्वभाव के लिए जाने जाते थे, लेकिन देश की राजनीति और अर्थव्यवस्था पर उनका प्रभाव बेहद गहरा था। उनका मानना है कि आने वाले समय में इतिहास मनमोहन सिंह को एक ईमानदार और बेहद प्रभावशाली प्रधानमंत्री के तौर पर याद करेगा। सोनिया गांधी ने यह टिप्पणी सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के बाद की है, जिसमें कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में डॉ. मनमोहन सिंह के खिलाफ चल रही कार्यवाही को बंद करने का रास्ता साफ हुआ। 29 जुलाई 2026 के फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने CBI की क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार किया और 2015 में विशेष अदालत की ओर से लिए गए संज्ञान से जुड़े आदेश को भी रद्द कर दिया। Coal case में मिली राहत को सोनिया ने बताया अहम पड़ाव सोनिया गांधी ने अपने लेख में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को मनमोहन सिंह की सार्वजनिक छवि के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इस मामले में लंबे समय तक पूर्व प्रधानमंत्री की ईमानदारी और उनकी भूमिका पर सवाल उठाए गए, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इस पूरे प्रकरण को नए नजरिए से देखने की जरूरत है। सोनिया के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने CBI की क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार करने के साथ निचली अदालत की उन टिप्पणियों पर भी सवाल उठाए, जिनके लिए पर्याप्त ठोस आधार नहीं था। ‘शांत, सरल लेकिन बेहद प्रभावशाली PM’ सोनिया गांधी ने मनमोहन सिंह के व्यक्तित्व का जिक्र करते हुए उन्हें शांत और सौम्य नेता बताया। उनके अनुसार, सिंह ने प्रधानमंत्री के रूप में दस वर्षों तक देश का नेतृत्व किया और उनकी सरकार के दौरान आर्थिक विकास तथा कई सामाजिक योजनाओं पर काम हुआ। सोनिया ने यह भी कहा कि मनमोहन सिंह की सबसे बड़ी ताकत उनकी व्यक्तिगत ईमानदारी और सार्वजनिक जीवन में उनकी विश्वसनीयता थी। उनके मुताबिक, समय बीतने के साथ उनके काम और योगदान का मूल्यांकन राजनीतिक आरोपों से अलग होकर किया जाएगा। BJP सरकार पर भी सोनिया गांधी का निशाना मनमोहन सिंह की विरासत की चर्चा करते हुए सोनिया गांधी ने मौजूदा नरेंद्र मोदी सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने जांच एजेंसियों के इस्तेमाल को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं के खिलाफ CBI और ED जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जाता है। यह सोनिया गांधी का राजनीतिक आरोप है। BJP की ओर से इन आरोपों पर अलग-अलग मौकों पर विरोध जताया जाता रहा है। आर्थिक सुधारों में मनमोहन सिंह की बड़ी भूमिका मनमोहन सिंह का नाम भारत के आर्थिक इतिहास में खास तौर पर 1991 के आर्थिक सुधारों से जुड़ा रहा है। उस समय वित्त मंत्री के रूप में उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिम्हा राव की सरकार के साथ मिलकर आर्थिक सुधारों को आगे बढ़ाया। बाद में 2004 में वे देश के प्रधानमंत्री बने और लगातार दो कार्यकाल तक इस पद पर रहे। उनके प्रधानमंत्री कार्यकाल में RTI, ग्रामीण रोजगार और कई सामाजिक क्षेत्र की योजनाओं को लेकर बड़े फैसले हुए। फिर चर्चा में आई मनमोहन सिंह की Legacy मनमोहन सिंह के निधन के बाद भी उनकी राजनीतिक विरासत को लेकर देश में बहस जारी रही है। समर्थक उनकी आर्थिक समझ, सादगी और व्यक्तिगत ईमानदारी को उनकी सबसे बड़ी पहचान मानते हैं, जबकि आलोचक उनकी सरकार के दौरान सामने आए विवादों और राजनीतिक फैसलों पर सवाल उठाते रहे हैं। अब कोयला मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सोनिया गांधी की टिप्पणी ने एक बार फिर मनमोहन सिंह की Legacy को राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है। सोनिया गांधी का कहना है कि समय के साथ मनमोहन सिंह के खिलाफ लगाए गए आरोपों से ज्यादा उनके लंबे सार्वजनिक जीवन, काम और ईमानदारी को याद किया जाएगा। यही वजह है कि उनके बयान के बाद एक बार फिर यह सवाल चर्चा में है कि भारतीय राजनीति और इतिहास में मनमोहन सिंह की भूमिका को आने वाली पीढ़ियां किस नजरिए से देखेंगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Suvendu Adhikari

West Bengal में बड़ा अपडेट! Suvendu Adhikari के Helicopter की Emergency Landing

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) को लेकर जा रहे हेलिकॉप्टर की मंगलवार को कोलाघाट में अचानक Emergency Landing करानी पड़ी। हेलिकॉप्टर के रास्ते में मौसम खराब होने के बाद पायलट ने उड़ान जारी रखने के बजाय एहतियातन उसे सुरक्षित जगह पर उतारने का फैसला किया। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी दमदम से केशपुर के लिए हेलिकॉप्टर से रवाना हुए थे। उन्हें पश्चिम मेदिनीपुर के केशपुर में स्वतंत्रता सेनानी खुदीराम बोस को श्रद्धांजलि देने से जुड़े कार्यक्रम में शामिल होना था। इसी दौरान मौसम ने अचानक करवट ली और उड़ान में परेशानी की स्थिति बनी। कोलाघाट में खुले मैदान में हुई Precautionary Landing खराब मौसम को देखते हुए पायलट ने जोखिम लेने के बजाय हेलिकॉप्टर को पूर्व मेदिनीपुर के कोलाघाट में एक खुले मैदान में उतार दिया। इसे एहतियाती लैंडिंग बताया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस घटना में मुख्यमंत्री या हेलिकॉप्टर में सवार किसी व्यक्ति के घायल होने की खबर नहीं है। हेलिकॉप्टर की लैंडिंग के बाद कुछ देर के लिए मुख्यमंत्री का कार्यक्रम प्रभावित हुआ, लेकिन यात्रा पूरी तरह नहीं रुकी। सुवेंदु अधिकारी ने इसके बाद सड़क मार्ग से केशपुर के लिए अपनी यात्रा जारी रखी और निर्धारित कार्यक्रम में पहुंचने की कोशिश की। मौसम बना परेशानी की मुख्य वजह इस घटना में सबसे अहम बात मौसम की स्थिति रही। रिपोर्टों के मुताबिक, इलाके में inclement weather यानी खराब मौसम के कारण पायलट ने हेलिकॉप्टर को आगे ले जाना सुरक्षित नहीं समझा। ऐसे हालात में उड़ान को रोककर सुरक्षित स्थान पर लैंडिंग करना एहतियाती कदम माना जाता है। घटना के बाद मुख्यमंत्री के हेलिकॉप्टर की Emergency Landing की खबर तेजी से सामने आई। हालांकि, शुरुआती जानकारी से साफ है कि यह किसी बड़े हादसे के बजाय खराब मौसम के कारण की गई precautionary landing थी। मुख्यमंत्री सुरक्षित रहे और उन्होंने सड़क मार्ग से अपनी आगे की यात्रा जारी रखी। क्यों महत्वपूर्ण है यह खबर? मानसून के दौरान पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में मौसम तेजी से बदल रहा है। ऐसे में हेलिकॉप्टर उड़ानों के लिए मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखना जरूरी होता है। कोलाघाट में हुई यह लैंडिंग भी इसी तरह के एहतियाती फैसले का उदाहरण है, जहां पायलट ने परिस्थिति को देखते हुए उड़ान जारी रखने के बजाय सुरक्षित लैंडिंग को प्राथमिकता दी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
SIR

West Bengal SIR विवाद में Supreme Court का सख्त रुख, ECI से मांगा अपीलों का पूरा डेटा

पश्चिम बंगाल में SIR (Special Intensive Revision) को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है। मंगलवार को मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने चुनाव आयोग यानी ECI से SIR से जुड़ी अपीलों और उनके निपटारे की स्थिति पर जानकारी मांगी। कोर्ट का रुख इस बात का संकेत है कि मतदाता सूची से जुड़े मामलों को लेकर अदालत पूरी प्रक्रिया पर बारीकी से नजर रख रही है। यह मामला कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी की याचिका से जुड़ा है। याचिका में SIR प्रक्रिया के दौरान प्रभावित मतदाताओं की ओर से दाखिल की गई अपीलों के जल्द निपटारे की मांग की गई है। Supreme Court ने ECI से क्या जानकारी मांगी? सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से पूछा कि SIR के दौरान मतदाता सूची से जुड़े कितने मामलों में अपील दाखिल की गई, उनमें से कितने मामलों का फैसला हो चुका है और कितने अभी लंबित हैं। अदालत का फोकस इस बात पर है कि जिन लोगों ने मतदाता सूची में अपने नाम को लेकर आपत्ति या दावा पेश किया है, उनकी अपीलों पर कार्रवाई किस स्थिति में है। इससे यह भी पता चलेगा कि अपीलीय स्तर पर मामलों का निपटारा किस गति से हो रहा है। क्या है Bengal SIR विवाद? Special Intensive Revision यानी SIR का उद्देश्य मतदाता सूची की गहन जांच और उसे अपडेट करना है। इस प्रक्रिया में मतदाताओं की जानकारी का सत्यापन किया जाता है, ताकि पात्र लोगों के नाम सूची में बने रहें और गलत या अपात्र प्रविष्टियों को हटाया जा सके। हालांकि, पश्चिम बंगाल में SIR को लेकर राजनीतिक विवाद भी काफी बढ़ गया है। विपक्षी दलों की ओर से लगातार सवाल उठाए गए हैं कि प्रक्रिया के दौरान वास्तविक मतदाताओं के नाम प्रभावित न हों। दूसरी तरफ चुनाव आयोग का कहना है कि मतदाता सूची को सही और अपडेट रखना चुनावी प्रक्रिया का जरूरी हिस्सा है। अपील करने वाले मतदाताओं के लिए मामला अहम SIR प्रक्रिया में जिन मतदाताओं के नाम या विवरण को लेकर आपत्ति सामने आती है, उनके लिए अपील की प्रक्रिया महत्वपूर्ण है। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्ति को अपनी स्थिति स्पष्ट करने का अवसर मिलता है। इसी वजह से सुप्रीम कोर्ट में अब यह सवाल अहम हो गया है कि दाखिल की गई अपीलों पर कितनी तेजी से फैसला हो रहा है। अदालत द्वारा ECI से डेटा मांगे जाने के बाद अब आयोग को मामलों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करनी होगी। अधीर रंजन चौधरी की याचिका क्यों महत्वपूर्ण? कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर SIR से जुड़े मामलों की अपीलों के निपटारे की मांग की है। उनका तर्क है कि मतदाता सूची से जुड़े मामलों में समय पर फैसला होना जरूरी है, क्योंकि इसका सीधा संबंध लोगों के मतदान के अधिकार से है। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल अपीलीय ट्रिब्यूनलों के लिए कोई निश्चित समय-सीमा तय नहीं की है। हालांकि, अदालत ने मामलों के निपटारे से जुड़ा डेटा मांगकर यह साफ कर दिया है कि वह पूरी प्रक्रिया की स्थिति जानना चाहती है। अब ECI के जवाब पर नजर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद अब चुनाव आयोग के जवाब का इंतजार है। आयोग की ओर से पेश किए जाने वाले आंकड़ों से यह स्पष्ट हो सकता है कि SIR से जुड़ी कितनी अपीलें सामने आईं, कितनों पर फैसला हो चुका है और कितने मामले अभी बाकी हैं। Bengal SIR Latest Update: पश्चिम बंगाल की वोटर लिस्ट को लेकर चल रहे विवाद में सुप्रीम कोर्ट की यह सुनवाई इसलिए अहम है, क्योंकि अब चर्चा केवल SIR की प्रक्रिया तक सीमित नहीं है, बल्कि उससे जुड़े मामलों की सुनवाई और अपीलों के निपटारे पर भी अदालत की नजर है। आने वाली सुनवाई में ECI का जवाब इस मामले की अगली दिशा तय करने में महत्वपूर्ण हो सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
1 … 30 31 32 33 34 … 237

Trending News

Editor's Picks

मेरठ हत्याकांड: मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा, पति सौरभ की हत्या के मामले में कोर्ट का फैसला

मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में सौरभ राजपूत हत्याकांड में अदालत ने उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल को फांसी की सजा सुनाई है। दोनों पर सौरभ की हत्या करने का आरोप साबित होने के बाद यह फैसला सुनाया गया। सजा सुनाते हुए जज ने वारदात को नृशंस हत्याकांड बताया और कहा कि इसमें माफी स्वीकार नहीं होगी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कोर्ट में पेश हुए मुस्कान और साहिल सजा सुनाए जाने से पहले जेल में बंद मुस्कान और साहिल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत से जोड़ा गया। इस दौरान दोनों रोने लगे। जज ने मुस्कान से पूछा कि पति सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद वह क्या सजा चाहती है। इस पर मुस्कान ने कहा, “मेरी बच्चियों का ख्याल रखा जाए।” इसके बाद वह खामोश हो गई। वहीं, साहिल से भी यही सवाल पूछा गया, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया। सजा के ऐलान के बाद रो पड़ीं सौरभ की मां अदालत के फैसले के बाद सौरभ राजपूत की मां भावुक हो गईं और रो पड़ीं। उन्होंने कहा कि उन्हें शांति से न्याय मिल गया। इस मामले में सजा का ऐलान सौरभ के परिवार के लिए लंबे इंतजार के बाद आया है। 3 मार्च 2025 को हुई थी सौरभ की हत्या सौरभ राजपूत की हत्या 3 मार्च 2025 को हुई थी। मामले में सामने आए विवरण के अनुसार, हत्या के बाद शव के पांच टुकड़े किए गए और उन्हें नीले ड्रम में भर दिया गया था। इस वारदात ने पूरे देश में व्यापक चर्चा बटोरी थी। अदालत ने मामले में मुस्कान रस्तोगी और साहिल को दोषी ठहराते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई है।

इंदौर में प्लॉट बेचने के नाम पर 7.80 लाख की ठगी का आरोप, ब्रोकर समेत दो पर FIR

शहर के एरोड्रम थाना क्षेत्र में प्लॉट बेचने के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि प्लॉट का सौदा करने के बाद ब्रोकर और प्लॉट मालिक ने फरियादी से 7 लाख 80 हजार रुपये ले लिए, लेकिन न तो प्लॉट की रजिस्ट्री कराई और न ही कब्जा दिया। शिकायत की जांच के बाद एरोड्रम थाना पुलिस ने नंदकिशोर मनावत और धर्मेंद्र ठाकुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। 9.30 लाख में तय हुआ था प्लॉट का सौदा पुलिस के मुताबिक, नंदबाग कॉलोनी निवासी विजय चौहान ने शिकायत में बताया कि उन्होंने नंदबाग में एक प्लॉट का सौदा 9 लाख 30 हजार रुपये में तय किया था। इस संबंध में एग्रीमेंट भी किया गया था। फरियादी ने आरोप लगाया कि उन्होंने नकद और ऑनलाइन माध्यम से कुल 7 लाख 80 हजार रुपये का भुगतान कर दिया, लेकिन इसके बावजूद उन्हें प्लॉट का कब्जा नहीं मिला और रजिस्ट्री भी नहीं कराई गई। ब्रोकर ने परिचित बताकर कराया था सौदा विजय चौहान के अनुसार, धर्मेंद्र ठाकुर ने उन्हें बताया था कि नंदकिशोर मनावत उसका परिचित है और वह अपना प्लॉट बेचना चाहता है। इसके बाद धर्मेंद्र ने सौदे में ब्रोकर की भूमिका निभाई और इसके बदले 10 हजार रुपये लिए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि भुगतान के बाद जब उन्होंने रजिस्ट्री कराने और प्लॉट का कब्जा देने की मांग की, तो उन्हें लगातार टालमटोल का सामना करना पड़ा। 25 से ज्यादा केस होने की धमकी देने का आरोप फरियादी ने आरोप लगाया कि रजिस्ट्री और कब्जे के लिए दबाव बनाने पर धर्मेंद्र ठाकुर ने धमकी दी। शिकायत के मुताबिक, उसने कहा कि उसके खिलाफ 25 से ज्यादा मामले चल रहे हैं। साथ ही, उसके या नंदकिशोर मनावत के पास दोबारा आने पर अंजाम भुगतने की चेतावनी भी दी। 2.80 लाख रुपये लौटाए, 5 लाख बाकी होने का दावा विजय चौहान के मुताबिक, पुलिस में शिकायत करने की बात कहने के बाद नंदकिशोर मनावत ने 2 लाख 50 हजार रुपये नकद और 30 हजार रुपये ऑनलाइन वापस किए। हालांकि, फरियादी का आरोप है कि बाकी 5 लाख रुपये लौटाने से इनकार कर दिया गया। इसके बाद विजय चौहान ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत की। जांच के बाद एरोड्रम थाना पुलिस ने नंदकिशोर मनावत और धर्मेंद्र ठाकुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होनी बाकी है।

SIR के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्रों से मिले राहुल गांधी, दिल्ली पुलिस पर मारपीट के आरोप

नई दिल्ली। SIR के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन करने वाले छात्रों ने बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात की। इसके बाद राहुल गांधी और छात्रों ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली पुलिस पर मारपीट और हिरासत के दौरान दुर्व्यवहार करने के आरोप लगाए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में NSUI के छात्रों, कार्यकर्ताओं और कंटेंट क्रिएटर्स ने अपने साथ हुई कथित घटनाओं की जानकारी दी। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। छात्रा ने कान पर चोट लगने का लगाया आरोप प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक छात्रा ने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान पुलिसकर्मी ने उसके प्राइवेट पार्ट पर लात मारी। वहीं, दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा अदिरा ने दावा किया कि पुलिस की पिटाई के कारण उसके एक कान की सुनने की क्षमता चली गई। प्रदर्शनकारियों ने हिरासत के दौरान कथित ज्यादती और मारपीट से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी सामने नहीं आई है। RSS और भाजपा से जुड़े लोगों के कहने पर हिरासत का आरोप एक अन्य प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया कि पुलिस RSS और भाजपा से जुड़े लोगों के कहने पर प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले रही थी। यह आरोप भी प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाया गया है। राहुल गांधी ने सबूत सुरक्षित रखने को कहा राहुल गांधी ने छात्रों से घटनाओं से जुड़े वीडियो और अन्य सबूत सुरक्षित रखने को कहा। उन्होंने कहा कि इन सबूतों के आधार पर पुलिसकर्मियों से लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त तक, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। प्रदर्शनकारियों के आरोपों और पुलिस की कार्रवाई को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर रहेगी।

बांग्लादेश टेस्ट सीरीज से बाहर हुए शाई होप और अल्जारी जोसेफ, केविन विकहम को पहली बार मिला मौका

क्रिकेट न्यूज। वेस्टइंडीज को बांग्लादेश के खिलाफ आगामी दो टेस्ट मैचों की सीरीज से पहले बड़ा झटका लगा है। टीम के बल्लेबाज शाई होप और तेज गेंदबाज अल्जारी जोसेफ सीरीज से बाहर हो गए हैं। क्रिकेट वेस्टइंडीज (CWI) ने 23 वर्षीय टॉप ऑर्डर बल्लेबाज केविन विकहम को पहली बार टेस्ट टीम में शामिल किया है। ऑलराउंडर कीमो पॉल को भी टीम में जगह मिली है। CWI के मुताबिक, मेडिकल जांच और विशेषज्ञों की सलाह के बाद अल्जारी जोसेफ को सीरीज से हटाने का फैसला लिया गया। बोर्ड उनके कार्यभार को नियंत्रित कर चोट के जोखिम को कम करना चाहता है। वहीं, तीनों फॉर्मेट में लगातार खेलने के बाद शाई होप को आराम दिया गया है। चोट के खतरे को देखते हुए जोसेफ को आराम क्रिकेट वेस्टइंडीज ने बताया कि अल्जारी जोसेफ को टीम से बाहर रखने का फैसला उनकी सहमति से लिया गया है। बोर्ड के अनुसार, टेस्ट क्रिकेट में तेज गेंदबाजों को लंबे स्पेल में लगातार गेंदबाजी करनी पड़ती है। इससे छोटे फॉर्मेट की तुलना में कार्यभार और चोट का जोखिम बढ़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए जोसेफ के वर्कलोड को कम करने का फैसला किया गया है, ताकि उनके स्वास्थ्य और फिटनेस का ध्यान रखा जा सके। शाई होप को भी दिया गया आराम CWI ने कहा कि शाई होप तीनों फॉर्मेट में लगातार खेल रहे थे। ऐसे में उनके कार्यभार और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें टेस्ट सीरीज से आराम दिया गया है। बोर्ड का यह फैसला फरवरी 2027 में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप क्वालिफायर्स को ध्यान में रखकर भी लिया गया है। टीम प्रबंधन चाहता है कि खिलाड़ी आगामी महत्वपूर्ण मुकाबलों के लिए फिट रहें। केविन विकहम को पहली बार टेस्ट टीम में मौका शाई होप की गैरमौजूदगी में 23 वर्षीय टॉप ऑर्डर बल्लेबाज केविन विकहम को पहली बार टेस्ट टीम में शामिल किया गया है। इसके अलावा ऑलराउंडर कीमो पॉल को भी टीम में जगह मिली है। अब देखना होगा कि बांग्लादेश की घरेलू परिस्थितियों में वेस्टइंडीज की टीम नए संयोजन के साथ कैसा प्रदर्शन करती है। कोच डैरेन सैमी ने सीरीज जीत को बताया अहम वेस्टइंडीज के मुख्य कोच डैरेन सैमी ने कहा कि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के मौजूदा चक्र की शुरुआत में टीम ने कुछ लक्ष्य तय किए थे। इनमें टेस्ट रैंकिंग के ऊपरी आधे हिस्से में जगह बनाना भी शामिल है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज जीतने से टीम अपने लक्ष्य के करीब पहुंच सकती है। सैमी के मुताबिक, बांग्लादेश को उसकी घरेलू परिस्थितियों में हराना चुनौतीपूर्ण होगा, लेकिन टीम इसके लिए तैयार है। 28 अक्टूबर से शुरू होगा पहला टेस्ट बांग्लादेश और वेस्टइंडीज के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जाएगी। पहला टेस्ट 28 अक्टूबर से ढाका में शुरू होगा, जबकि दूसरा टेस्ट 5 नवंबर से सिलहट में खेला जाएगा।

IMF ने बढ़ाया भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान, 2026 और 2027 में 7% विकास दर रहने की उम्मीद

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने साल 2026 के लिए भारत की आर्थिक विकास दर का अनुमान 6.4% से बढ़ाकर 7% कर दिया है। वैश्विक तनाव, आर्थिक सुस्ती और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती ने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का ध्यान खींचा है। मजबूत घरेलू मांग और सर्विसेज सेक्टर के बेहतर प्रदर्शन को भारत की तेज विकास दर की प्रमुख वजह माना गया है। IMF ने अक्टूबर 2026 की अपनी वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट में भारत की विकास संभावनाओं को सकारात्मक बताया है। रिपोर्ट के अनुसार, ऊर्जा आयात पर निर्भर कई उभरती अर्थव्यवस्थाएं जहां दबाव का सामना कर रही हैं, वहीं भारत की आर्थिक गतिविधियों में मजबूती बनी हुई है। 2027 में भी 7% ग्रोथ का अनुमान IMF ने 2026 के लिए भारत की विकास दर के अनुमान में जुलाई के मुकाबले 0.6 प्रतिशत अंक और अप्रैल के मुकाबले 0.5 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी की है। वहीं, 2027 के लिए भी विकास दर का अनुमान बढ़ाकर 7% कर दिया गया है। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, 2027 का अनुमान जुलाई के मुकाबले 0.3 प्रतिशत अंक और अप्रैल के मुकाबले 0.5 प्रतिशत अंक अधिक है। इससे संकेत मिलता है कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच भी भारत में विकास की संभावनाओं को लेकर उम्मीद बनी हुई है। IMF से पहले विश्व बैंक और आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (OECD) जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं भी भारत की विकास दर के अनुमान में बढ़ोतरी कर चुकी हैं। चीन की सुस्ती के बीच भारत पर नजर रिपोर्ट के मुताबिक, एशिया की अर्थव्यवस्थाओं में मजबूती देखने को मिल रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी गतिविधियों में तेजी ने भी वैश्विक आर्थिक परिदृश्य को प्रभावित किया है। भारत और चीन एशिया की आर्थिक गतिविधियों में अहम भूमिका निभा रहे हैं, हालांकि दोनों देशों की विकास संभावनाओं में अंतर दिखाई दे रहा है। IMF के अनुमान के अनुसार, चीन की विकास दर 2026 में 4.5% और 2027 में 4% रह सकती है। वैश्विक तनाव और ऊर्जा की ऊंची कीमतों को चीन की आर्थिक वृद्धि के सामने चुनौतियों में शामिल किया गया है। दुनिया की आर्थिक विकास दर पर दबाव IMF के मुताबिक, 2028 से 2031 के बीच वैश्विक अर्थव्यवस्था औसतन 3.2% की दर से बढ़ सकती है। यह 2000 से 2019 के बीच महामारी से पहले दर्ज औसत 3.7% की विकास दर से कम है। रिपोर्ट में वैश्विक तनाव, ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता और ऊर्जा आयात पर निर्भर उभरती अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ने वाले दबाव को आर्थिक विकास के लिए चुनौती बताया गया है। ऐसे माहौल में भारत की अनुमानित विकास दर अपेक्षाकृत मजबूत दिखाई देती है। मजबूत घरेलू मांग और जनसांख्यिकी से मिल रहा सहारा भारत की आर्थिक मजबूती के पीछे बढ़ता घरेलू बाजार, मजबूत मांग, अनुकूल जनसांख्यिकी और सुधारों को अहम कारक माना गया है। सर्विसेज सेक्टर का बेहतर प्रदर्शन भी विकास दर को सहारा दे रहा है। हालांकि, बेहतर अनुमान के बावजूद चुनौतियां खत्म नहीं हुई हैं। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भारत के आयात बिल और महंगाई पर दबाव डाल सकती हैं। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय तनाव और वैश्विक मांग में कमजोरी का असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.