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महिला ट्रेनी Officer

IPS Officer Controversy: महिला ट्रेनी Officer का दावा- यौन उत्पीड़न, मारपीट और अभद्र व्यवहार का सामना किया

एकमहिला ट्रेनी Officer द्वारा ट्रेनी आईपीएस अधिकारी पर लगाए गए गंभीर आरोपों ने पुलिस और प्रशासनिक महकमे में हलचल पैदा कर दी है। महिला अधिकारी ने शिकायत में दावा किया है कि आरोपी ट्रेनी आईपीएस ने उनके साथ यौन उत्पीड़न किया, मारपीट की और कई बार अपमानजनक व्यवहार किया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपी ने उनके ऊपर कंडोम के तीन पैकेट फेंके, जिसे उन्होंने मानसिक प्रताड़ना और अपमान का हिस्सा बताया है। यह मामला सामने आने के बाद संबंधित विभाग ने शिकायत को गंभीरता से लिया है और जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। फिलहाल पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक जांच जारी है। क्या हैं महिला अधिकारी के आरोप? महिला ट्रेनी अधिकारी का कहना है कि आरोपी का व्यवहार लंबे समय से अनुचित था। शिकायत के अनुसार, उन्हें कई बार अपमानजनक टिप्पणियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध करने पर आरोपी ने उनके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की। शिकायत में यह भी उल्लेख है कि आरोपी ने उनके ऊपर कंडोम के तीन पैकेट फेंके। महिला अधिकारी का कहना है कि इस घटना ने उन्हें मानसिक रूप से झकझोर दिया और कार्यस्थल पर खुद को असुरक्षित महसूस कराया। वरिष्ठ अधिकारियों से लगाई कार्रवाई की गुहार महिला अधिकारी ने पूरे मामले की लिखित शिकायत संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी है। उन्होंने निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत मिलने के बाद विभागीय स्तर पर जांच शुरू कर दी गई है। सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे। साथ ही उपलब्ध साक्ष्यों और अन्य तथ्यों की भी जांच की जाएगी ताकि निष्पक्ष निष्कर्ष तक पहुंचा जा सके। आरोपी अधिकारी की प्रतिक्रिया का इंतजार जिस ट्रेनी आईपीएस अधिकारी पर आरोप लगाए गए हैं, उनकी ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में मामले के सभी तथ्यों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। जांच पूरी होने के बाद होगा अगला फैसला अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाएगी। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, जांच पूरी होने तक किसी भी पक्ष को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। फिलहाल यह मामला जांच के अधीन है और सभी की नजर अब जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Monsoon Session

Parliament Monsoon Session: विपक्ष के जोरदार हंगामे के बीच Lok Sabha 12 बजे तक स्थगित, पहले दिन नहीं चला प्रश्नकाल

संसद के मॉनसून सत्र (Monsoon Session 2026) की शुरुआत सोमवार को भारी हंगामे के साथ हुई। लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी दलों ने कई अहम राष्ट्रीय मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। लगातार नारेबाजी और वेल में पहुंचकर प्रदर्शन करने के कारण सदन की कार्यवाही सामान्य रूप से नहीं चल सकी। आखिरकार लोकसभा अध्यक्ष को कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। पहले ही दिन गरमाया संसद का माहौल सत्र के पहले दिन विपक्ष पूरी तैयारी के साथ सदन पहुंचा। विपक्षी सांसदों ने विभिन्न मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगते हुए तत्काल चर्चा की मांग रखी। सदन में शोर-शराबा बढ़ने के बाद प्रश्नकाल भी प्रभावित हुआ और कार्यवाही बार-बार बाधित होती रही। लोकसभा अध्यक्ष ने कई बार सभी सांसदों से अपनी सीटों पर लौटने और सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की, लेकिन हंगामा नहीं थमा। इसके बाद कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा। इन मुद्दों पर सरकार को घेर रहा विपक्ष मॉनसून सत्र के पहले दिन विपक्ष ने कई महत्वपूर्ण विषयों को लेकर सरकार पर निशाना साधा। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं— विपक्ष का कहना है कि इन सभी मुद्दों पर सरकार को संसद में स्पष्ट जवाब देना चाहिए और विस्तृत चर्चा करानी चाहिए। सरकार का फोकस महत्वपूर्ण विधेयकों पर दूसरी ओर केंद्र सरकार मॉनसून सत्र के दौरान कई अहम विधेयक और नीतिगत प्रस्ताव सदन में पेश करने की तैयारी कर चुकी है। सरकार का कहना है कि वह विकास, अर्थव्यवस्था, प्रशासनिक सुधार और जनहित से जुड़े विषयों पर संसद में चर्चा चाहती है। हालांकि पहले ही दिन हुए हंगामे ने सरकार के विधायी एजेंडे की शुरुआत को प्रभावित किया। पूरे सत्र में जारी रह सकता है राजनीतिक टकराव राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बार का मॉनसून सत्र काफी हंगामेदार रहने वाला है। विपक्ष जहां लगातार जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है, वहीं सरकार अपने विधेयकों को पारित कराने पर जोर दे रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में संसद के भीतर तीखी बहस और राजनीतिक टकराव देखने को मिल सकता है। संसद के बाहर भी जारी रहा विरोध संसद परिसर के बाहर भी विपक्षी नेताओं ने मीडिया से बातचीत के दौरान सरकार पर कई सवाल उठाए। उनका कहना है कि वे आम जनता से जुड़े मुद्दों को संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह मजबूती से उठाते रहेंगे। वहीं सरकार ने सभी दलों से अपील की है कि लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान करते हुए सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करें। क्या रहा पहले दिन का निष्कर्ष? मॉनसून सत्र का पहला दिन राजनीतिक गर्माहट से भरा रहा। विपक्ष के हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी और कई महत्वपूर्ण कामकाज प्रभावित हुए। अब सभी की नजर अगले कुछ दिनों पर है कि संसद में चर्चा का माहौल बनता है या फिर हंगामे का सिलसिला जारी रहता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Jantar Mantar

Jantar Mantar Protest संसद मार्च के दौरान हंगामा, Police Lathicharge और बैरिकेडिंग तोड़ने से मचा बवाल

राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर (Jantar Mantar) सोमवार को उस समय तनाव का केंद्र बन गया, जब अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों और पुलिस के बीच टकराव हो गया। देखते ही देखते हालात ऐसे बने कि पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा। इस दौरान कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए, जबकि कुछ के सिर में गंभीर चोट आने की भी खबर है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों का एक समूह बैरिकेडिंग पार कर संसद मार्ग की ओर बढ़ने लगा। पुलिस ने पहले उन्हें रोकने और समझाने का प्रयास किया, लेकिन जब भीड़ नहीं रुकी तो स्थिति अचानक बिगड़ गई। कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग तोड़ते हुए पार्लियामेंट थाना क्षेत्र तक पहुंच गए, जिसके बाद पुलिस ने सख्ती दिखाई। प्रदर्शन के दौरान कैसे बिगड़े हालात? सुबह से ही जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा होने लगे थे। प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से शुरू हुआ, लेकिन संसद की ओर मार्च करने की कोशिश के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच बहस, धक्का-मुक्की और फिर टकराव की स्थिति बन गई। कुछ ही देर में पूरा इलाका अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि लाठीचार्ज के बाद कई लोग सड़क पर गिर पड़े और कुछ को तुरंत एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, घायलों की आधिकारिक संख्या अभी तक जारी नहीं की गई है। दीपके बोले- “हमें कोई नहीं रोक सकता” प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे दीपके ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि उनका आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक है और वे अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा, “हमें कोई नहीं रोक सकता। हम शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं और यह आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।” पुलिस ने क्या कहा? पुलिस अधिकारियों का कहना है कि संसद क्षेत्र की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रदर्शनकारियों को निर्धारित स्थान से आगे नहीं जाने दिया जा सकता था। पुलिस का दावा है कि पहले कई बार समझाने की कोशिश की गई, लेकिन जब भीड़ ने बैरिकेडिंग तोड़ दी, तब कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा। सुरक्षा बढ़ाई गई, ट्रैफिक रहा प्रभावित घटना के बाद जंतर-मंतर, संसद मार्ग और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और पूरे इलाके की निगरानी की जा रही है। प्रदर्शन के कारण कुछ समय तक ट्रैफिक भी प्रभावित रहा, जिससे लोगों को वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करना पड़ा। जांच जारी, प्रशासन ने की शांति बनाए रखने की अपील पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन जंतर-मंतर और संसद मार्ग के आसपास सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और प्रशासनिक कार्रवाई दोनों पर सभी की नजर रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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बीकानेर में भाई-बहन के विवाद ने ली दर्दनाक करवट, 13 वर्षीय भाई ने फंदा लगाया, बहन ने खाया जहर

राजस्थान के बीकानेर में भाई-बहन के बीच मामूली कहासुनी ने दर्दनाक हादसे का रूप ले लिया। कोटगेट थाना क्षेत्र में 13 वर्षीय किशोर ने कथित तौर पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। भाई को इस हालत में देखकर उसकी 15 वर्षीय बड़ी बहन ने भी जहरीला पदार्थ खा लिया। किशोरी का अस्पताल में गंभीर हालत में इलाज जारी है। घटना रविवार शाम करीब 4:30 बजे की है। उस समय बच्चों के माता-पिता घर पर मौजूद नहीं थे। पड़ोसियों ने घटना की जानकारी परिजनों को दी, जिसके बाद दोनों बच्चों को पीबीएम अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद किशोर को मृत घोषित कर दिया, जबकि बहन का उपचार जारी है। मामूली कहासुनी के बाद उठाया कदम कोटगेट थाना प्रभारी विक्रम तिवाड़ी के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों भाई-बहन के बीच किसी छोटी बात को लेकर विवाद हुआ था। इस दौरान बड़ी बहन ने छोटे भाई को डांट दिया। इससे नाराज होकर किशोर पहली मंजिल पर बने कमरे में गया और चुन्नी से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। कुछ देर बाद पड़ोसियों ने खिड़की से उसे फंदे पर लटका देखा और इसकी सूचना बहन को दी। जब बहन ऊपर पहुंची तो भाई को उस हालत में देखकर सदमे में आ गई और उसने भी जहरीला पदार्थ खा लिया। हर पहलू से जांच में जुटी पुलिस पुलिस ने बताया कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि घटना के सभी तथ्यों का पता लगाया जा सके। स्थानीय लोगों के अनुसार, घर तक जाने का रास्ता काफी संकरा होने के कारण एम्बुलेंस मौके तक नहीं पहुंच सकी। ऐसे में दोनों बच्चों को करीब 100 मीटर दूर खड़ी एम्बुलेंस तक स्ट्रेचर के जरिए ले जाया गया। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: SIT ने सुप्रीम कोर्ट में सौंपी स्टेटस रिपोर्ट, आज होगी सुनवाई

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने रविवार को सुप्रीम कोर्ट में अपनी स्टेटस रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में दाखिल कर दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस मामले की सुनवाई सोमवार को चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ करेगी। मामले में चढ़ावे की कथित चोरी से जुड़ी चार अलग-अलग याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं। 13 जुलाई को हुई पिछली सुनवाई में अदालत ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार से एक सप्ताह के भीतर SIT की स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर SIT का गठन किया था। जांच टीम में लखनऊ मंडल के कमिश्नर विजय विश्वास पंत, आईजी किरण एस और विशेष सचिव (वित्त) नील रतन शामिल हैं। इधर, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर ट्रस्ट के वित्तीय मामलों की स्वतंत्र जांच कराने और खातों को सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि चढ़ावे के उपयोग में पारदर्शिता सुनिश्चित होनी चाहिए और यदि जांच में कोई दोषी पाया जाता है तो उसकी जवाबदेही तय की जाए। पत्र में कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि ट्रस्ट के गठन की घोषणा संसद में की गई थी, जबकि इसके सदस्यों की नियुक्ति सरकार की ओर से की गई। ऐसे में सरकार की जवाबदेही तय होना आवश्यक है। वहीं, मामले के मुख्य आरोपी रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू और उसके भतीजे मनीष की 39 घंटे की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पूछताछ के दौरान पुलिस ने टिन्नू की अर्टिगा कार, बुलेट मोटरसाइकिल, जमीन से जुड़े दस्तावेज और नकदी बरामद की है। पुलिस के अनुसार, टिन्नू के घर से 1 लाख रुपये और मनीष के घर से 2 लाख रुपये नकद मिले हैं। टिन्नू पर मंदिर के दानपात्रों की देखरेख और मनीष पर चढ़ावे की गिनती का जिम्मा संभालने का आरोप है। इससे पहले पुलिस इस मामले में छह अन्य आरोपियों को भी रिमांड पर लेकर पूछताछ कर चुकी है। मामले की जांच जारी है। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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बारातियों से भरी बस पलटी, एक की मौत, पांच गंभीर घायल

सारण। बिहार के सारण जिले में रविवार देर रात बारातियों से भरी एक बस सड़क हादसे का शिकार हो गई। तरैया थाना क्षेत्र में अनियंत्रित होकर बस पलटने से एक बाराती की मौत हो गई, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में कई अन्य बारातियों को भी चोटें आई हैं। जानकारी के अनुसार, बस वैशाली जिले के लालगंज से जगदीशपुर जा रही बारात का हिस्सा थी। तरैया थाना क्षेत्र में एसएच-73 पर गंडार गांव के पास बने स्पीड ब्रेकर पर चालक बस से नियंत्रण खो बैठा। तेज रफ्तार बस पहले सड़क किनारे एक सूखे पेड़ से टकराई, फिर बिजली के पोल से भिड़ने के बाद पलट गई। ग्रामीणों ने चलाया राहत अभियान हादसे के बाद आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। बस के शीशे तोड़कर और दरवाजे खोलकर घायलों को बाहर निकाला गया। एक बाराती बस के नीचे दब गया था, जिसे बाहर निकालने के लिए जेसीबी मशीन की मदद लेनी पड़ी। घायल को रेफरल अस्पताल तरैया ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान वैशाली जिले के बिशुनपुर अररा गैरोल निवासी मोहम्मद असगर के रूप में हुई है। पांच गंभीर घायलों को किया रेफर हादसे में गंभीर रूप से घायल पांच लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया गया है। अन्य घायलों का इलाज स्थानीय अस्पताल में जारी है। पुलिस ने शुरू की जांच सूचना मिलते ही तरैया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत कार्य में सहयोग किया। दुर्घटनाग्रस्त बस को सड़क से हटाकर यातायात बहाल कराया गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह स्पीड ब्रेकर पर चालक का बस से नियंत्रण खो देना बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। इस हादसे के बाद मृतक के परिवार में मातम पसरा हुआ है, जबकि घायलों के परिजन अस्पताल पहुंचकर उनका हालचाल ले रहे हैं। अधिक जानकारी और ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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राजनीतिक आश्वासन मिलने पर अनशन खत्म करेंगे सोनम वांगचुक, पत्नी गीतांजलि का बयान

नई दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधार की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक के अनशन को लेकर नया घटनाक्रम सामने आया है। रविवार को जंतर-मंतर पर उनकी पत्नी गीतांजलि ने कहा कि यदि विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता अस्पताल पहुंचकर वांगचुक से मुलाकात करें और संसद में उनकी मांगों पर चर्चा कराने का भरोसा दें, तो वह अपना अनशन समाप्त कर देंगे। गीतांजलि ने कहा कि सोनम वांगचुक की प्रमुख मांग देश की शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करना है। उनका उद्देश्य इस मुद्दे पर संसद में गंभीर बहस कराना है। उन्होंने यह भी बताया कि वांगचुक को सरकारी सफदरजंग अस्पताल से किसी निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने की मांग की गई है। इस मामले में अगली सुनवाई 23 जुलाई को होगी। शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस वांगचुक को जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल लेकर गई थी। अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद उन्होंने अपनी भूख हड़ताल जारी रखी है। इस बीच दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि स्वास्थ्य बिगड़ने और डिवीजन बेंच के निर्देशों के चलते वांगचुक को सरकारी अस्पताल ले जाया गया। अदालत ने माना कि सरकार की कार्रवाई को मनमाना नहीं कहा जा सकता और उन्हें उनकी सहमति के अनुसार इलाज व दवाएं दी जा रही हैं। कोर्ट ने केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस को तीन दिनों के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। दिनभर के प्रमुख अपडेट्स अधिक जानकारी और ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के अमतला स्थित पार्टी कार्यालय पर बुलडोजर कार्रवाई, हाईकोर्ट जाने की तैयारी

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के अमतला में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी के पार्टी कार्यालय को शनिवार को जिला प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया। प्रशासन का दावा है कि भवन बिना स्वीकृत निर्माण योजना के बनाया गया था, जबकि टीएमसी ने कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है। प्रशासन का दावा- अवैध निर्माण पर हुई कार्रवाई जिला प्रशासन के अनुसार, पार्टी कार्यालय के खिलाफ अवैध निर्माण की शिकायतें मिली थीं। इसके बाद 15 जुलाई को संबंधित पक्ष को नोटिस जारी कर दस्तावेज और स्पष्टीकरण मांगा गया था। अधिकारियों का कहना है कि दो नोटिसों के बावजूद कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की गई। प्रशासन ने यह भी बताया कि जिस जमीन पर कार्यालय बनाया गया है, वह कथित तौर पर ‘लीप्स एंड बाउंड्स’ नामक कंपनी के नाम पर खरीदी गई थी और उसी से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। अभिषेक बनर्जी बोले- सभी दस्तावेज मौजूद, हाईकोर्ट जाएंगे कार्रवाई के बाद अभिषेक बनर्जी ने कहा कि अमतला का पार्टी कार्यालय उनके लिए मंदिर के समान है। उन्होंने दावा किया कि जमीन विधिवत खरीदी गई थी और भवन स्वीकृत नक्शे के अनुसार बनाया गया था। उन्होंने कहा कि टीएमसी इस कार्रवाई को कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनौती देगी और आवश्यकता पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट का भी रुख करेगी। बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने तोड़फोड़ की और इस संबंध में वीडियो देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) के कार्यालय को भी भेजे गए हैं। भाजपा ने कार्रवाई का किया स्वागत कार्यालय गिराए जाने के दौरान मौके पर मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया और नारेबाजी की। स्थानीय भाजपा विधायक अग्निश्वर नस्कर ने कहा कि अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन ने उचित कार्रवाई की है। राजनीतिक टकराव तेज अमतला स्थित यह कार्यालय डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र में टीएमसी की संगठनात्मक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र माना जाता रहा है। ऐसे में इस कार्रवाई के बाद पश्चिम बंगाल में भाजपा और टीएमसी के बीच राजनीतिक टकराव और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। फिलहाल मामला कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ेगा। अधिक खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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अहमदाबाद में अवैध पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, 8 कर्मचारियों की मौत; 15 घायल

अहमदाबाद। गुजरात के अहमदाबाद जिले के वस्त्राल क्षेत्र में शनिवार को एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट के बाद आग लग गई। हादसे में 8 कर्मचारियों की मौत हो गई, जबकि करीब 15 लोग घायल हुए हैं। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। यह हादसा रामोल-गटराड रोड पर महमूदपुरा टैलेंट के पास स्थित फैक्ट्री में हुआ। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि इसकी आवाज करीब 5 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। घटना के समय फैक्ट्री में लगभग 25 कर्मचारी काम कर रहे थे। RAF जवानों ने संभाला मोर्चा घटनास्थल के पास ही रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) का कैंप होने के कारण धमाके की आवाज सुनते ही जवान मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। सूचना मिलते ही दमकल विभाग और एम्बुलेंस भी मौके पर पहुंच गईं। लाइसेंस रद्द होने के बावजूद चल रही थी फैक्ट्री संयुक्त पुलिस आयुक्त जयपाल सिंह राठौड़ ने बताया कि फैक्ट्री संचालक मेहुल डोडिया का लाइसेंस पहले ही रद्द किया जा चुका था। इसके बावजूद खुले मैदान में तिरपाल और अस्थायी ढांचे बनाकर अवैध रूप से पटाखों का निर्माण किया जा रहा था। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि लाइसेंस निरस्त होने के बाद भी फैक्ट्री का संचालन कैसे जारी रहा और संबंधित अधिकारियों की भूमिका क्या रही। घायलों का अस्पताल में इलाज घायलों को एलजी अस्पताल और असरवा सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्रधानमंत्री ने जताया शोक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से 2-2 लाख रुपये और घायलों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। जांच शुरू पुलिस और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में फैक्ट्री के अवैध संचालन और सुरक्षा नियमों की अनदेखी की बात सामने आई है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधिक खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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भूख हड़ताल के 21वें दिन अस्पताल ले जाए गए सोनम वांगचुक, डिहाइड्रेशन की पुष्टि; इलाज लेने से किया इनकार

नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर 21 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार सुबह पुलिस सफदरजंग अस्पताल ले गई। अस्पताल प्रशासन की ओर से जारी मेडिकल बुलेटिन में बताया गया कि वांगचुक डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी) से पीड़ित हैं। साथ ही उनके शरीर में पोटैशियम का स्तर कम पाया गया है और यूरिन कीटोन 3+ दर्ज किया गया है। अस्पताल के अनुसार, उन्होंने फिलहाल दवा लेने से इनकार कर दिया है। डॉक्टरों को नहीं मिलने देने का दावा वांगचुक के निजी डॉक्टर डॉ. नितिन दीघे ने दावा किया कि अस्पताल में गृह मंत्रालय के एक अधिकारी की मौजूदगी के कारण उनकी मेडिकल टीम को सोनम वांगचुक से मिलने की अनुमति नहीं दी गई। वहीं, उनकी पत्नी गीतांजलि जे. अंग्मो ने भी कहा कि पोटैशियम की कमी का उपचार धरना स्थल पर भी संभव था और इसके लिए अस्पताल में भर्ती करना जरूरी नहीं था। पेपर लीक मामले को लेकर कर रहे हैं अनशन सोनम वांगचुक कथित पेपर लीक मामले की जांच और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे हैं। लंबे अनशन के कारण उनकी सेहत लगातार बिगड़ रही थी और उनका वजन भी करीब 9.5 किलोग्राम कम हो चुका है। वांगचुक के बाद अभिजीत दीपके ने शुरू की भूख हड़ताल सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी भूख हड़ताल शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि जब तक वांगचुक दोबारा धरना स्थल पर नहीं लौटते, तब तक उनका अनशन जारी रहेगा। इसी दौरान प्रदर्शन स्थल पर एक महिला ने अभिजीत दीपके पर स्याही फेंक दी। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने स्थिति को संभाला। अधिक खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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