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Sonam Wangchuk

Sonam Wangchuk Protest: अनशन के 21वें दिन अस्पताल पहुंचे वांगचुक, Police कार्रवाई और CJP के विरोध से गरमाई सियासत

लद्दाख के प्रसिद्ध शिक्षा सुधारक और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) का आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। उनकी भूख हड़ताल (Hunger Strike) का 21वां दिन पूरा होने के साथ ही स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ गई। तबीयत बिगड़ने पर पुलिस उन्हें मेडिकल जांच के लिए अस्पताल लेकर गई। इस दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया है। घटना के बाद नागरिक अधिकार संगठन Citizens for Justice and Peace (CJP) की ओर से भी विरोध तेज हो गया। संगठन की ओर से समर्थन में भूख हड़ताल शुरू की गई और आरोप लगाया गया कि वांगचुक के साथ पुलिस ने सख्ती दिखाई। हालांकि प्रशासन का कहना है कि उन्हें केवल स्वास्थ्य कारणों से अस्पताल ले जाया गया। आखिर क्यों चर्चा में हैं Sonam Wangchuk? Sonam Wangchuk पिछले तीन सप्ताह से लद्दाख के भविष्य और वहां के लोगों के अधिकारों को लेकर शांतिपूर्ण अनशन कर रहे हैं। उनका कहना है कि हिमालयी क्षेत्र का पर्यावरण लगातार खतरे में है और इसे बचाने के लिए मजबूत कानूनी सुरक्षा जरूरी है। उनकी मांगें केवल पर्यावरण तक सीमित नहीं हैं। वे चाहते हैं कि स्थानीय लोगों के अधिकार, रोजगार और सांस्कृतिक पहचान को भी संवैधानिक संरक्षण मिले। क्या हैं वांगचुक की प्रमुख मांगें? अनशन के दौरान सोनम वांगचुक लगातार चार प्रमुख मुद्दे उठा रहे हैं— उनका कहना है कि यदि समय रहते इन मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले वर्षों में लद्दाख की पारिस्थितिकी और संस्कृति दोनों पर गंभीर असर पड़ सकता है। 21वें दिन बिगड़ी तबीयत, अस्पताल ले गई पुलिस लगातार 21 दिनों तक भूख हड़ताल पर रहने के कारण सोनम वांगचुक की तबीयत कमजोर पड़ गई। मेडिकल टीम की सलाह के बाद पुलिस उन्हें अस्पताल लेकर गई, जहां उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। प्रशासन का दावा है कि यह कदम केवल उनकी सुरक्षा और इलाज के लिए उठाया गया। वहीं आंदोलन से जुड़े लोगों का आरोप है कि अस्पताल ले जाने के दौरान पुलिस ने अनावश्यक बल प्रयोग किया। सोशल मीडिया पर इस घटना के कई वीडियो और तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिनकी अलग-अलग तरह से व्याख्या की जा रही है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। CJP की ओर से भी शुरू हुआ विरोध सोनम वांगचुक के समर्थन में Citizens for Justice and Peace (CJP) से जुड़े लोगों ने भी भूख हड़ताल शुरू की। संगठन का कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले लोगों के साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि आंदोलन को केवल कानून-व्यवस्था के नजरिए से देखने के बजाय बातचीत के जरिए समाधान निकाला जाए। सोशल मीडिया पर बढ़ा समर्थन सोनम वांगचुक के अस्पताल पहुंचने की खबर के बाद सोशल मीडिया पर हजारों लोगों ने उनकी सलामती की कामना की। पर्यावरण कार्यकर्ताओं, छात्रों और कई सामाजिक संगठनों ने भी उनके आंदोलन का समर्थन किया। लोगों का कहना है कि लद्दाख जैसे संवेदनशील क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर गंभीर और दीर्घकालिक नीति बनाने की जरूरत है। प्रशासन का पक्ष प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वांगचुक को उनकी बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए अस्पताल ले जाया गया। अधिकारियों के अनुसार उनका स्वास्थ्य लगातार निगरानी में है। वहीं, पुलिस पर लगाए गए दुर्व्यवहार के आरोपों को लेकर अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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NCP के दोनों गुटों के विलय की अटकलें तेज, NDA में शामिल होने की चर्चा; आधिकारिक पुष्टि नहीं

नई दिल्ली/मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों गुटों के संभावित विलय और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल होने को लेकर चर्चाएं चल रही हैं। हालांकि, इस संबंध में भाजपा, एनसीपी या एनसीपी (शरदचंद्र पवार) की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्र सरकार आगामी संसद सत्र में महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक लाने की तैयारी कर रही है। इसी बीच यह दावा किया जा रहा है कि एनडीए नेतृत्व ने सुझाव दिया है कि एनसीपी के दोनों गुट एकजुट होकर गठबंधन में शामिल हों, बजाय इसके कि कोई एक गुट अलग से सत्ता पक्ष में शामिल हो। परिसीमन विधेयक पर रुख बदलने की चर्चा राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि एनसीपी (शरदचंद्र पवार) परिसीमन विधेयक पर अपने रुख पर पुनर्विचार कर सकती है। इसे संभावित राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, पार्टी की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। कैबिनेट में प्रतिनिधित्व का प्रस्ताव होने का दावा सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि दोनों गुटों के विलय की स्थिति में केंद्रीय मंत्रिमंडल में दो पद देने का प्रस्ताव रखा गया है। बताया जा रहा है कि इसका उद्देश्य दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक संतुलन बनाए रखना है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। एनसीपी के भीतर मतभेद की भी चर्चा रिपोर्ट्स के अनुसार, पार्टी के भीतर नेतृत्व और संगठनात्मक जिम्मेदारियों को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही है। कुछ नेताओं के सत्ता में भागीदारी को लेकर अलग विचार हैं, जबकि कुछ संगठनात्मक संतुलन बनाए रखने की बात कर रहे हैं। इन चर्चाओं पर भी पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। शरद पवार गुट के सामने कई विकल्प सूत्रों के मुताबिक, एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के भीतर भविष्य की राजनीतिक रणनीति को लेकर अलग-अलग मत हैं। कुछ नेता एनडीए के साथ जाने के पक्ष में बताए जा रहे हैं, जबकि कुछ कांग्रेस के साथ तालमेल बनाए रखने के समर्थक हैं। हालांकि, इस संबंध में भी कोई आधिकारिक निर्णय या घोषणा नहीं हुई है। 1999 में हुआ था NCP का गठन राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की स्थापना 10 जून 1999 को शरद पवार, पी.ए. संगमा और तारिक अनवर ने कांग्रेस से अलग होकर की थी। इसके बाद से पार्टी महाराष्ट्र की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही है। संख्या बल पर टिकी नजर राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि भविष्य में एनसीपी के दोनों गुट एकजुट होकर एनडीए का हिस्सा बनते हैं, तो संसद में सत्तापक्ष का संख्या बल बढ़ सकता है। हालांकि, फिलहाल यह पूरा घटनाक्रम मीडिया रिपोर्ट्स और राजनीतिक अटकलों पर आधारित है तथा किसी भी पक्ष ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। अधिक खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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मध्यप्रदेश में UCC लागू करने की तैयारी तेज, मानसून सत्र में विधेयक लाएगी सरकार: मुख्यमंत्री मोहन यादव

भोपाल/कटनी। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code – UCC) लागू करने को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि सरकार आगामी विधानसभा के मानसून सत्र में UCC विधेयक पेश करेगी। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को कटनी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि प्रदेश में सभी नागरिकों के लिए समान कानून लागू करने की दिशा में सरकार निर्णायक कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंदू और मुस्लिम समुदायों के लिए अलग-अलग व्यक्तिगत कानून होने के बजाय सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि एक व्यक्ति एक ही विवाह करता है, तो यही व्यवस्था सभी पर समान रूप से लागू होनी चाहिए। मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों का भी किया जिक्र मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों की रक्षा भी सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि तीन तलाक की प्रथा अब समाप्त हो चुकी है और यदि कोई व्यक्ति इस तरह का कृत्य करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अगली कैबिनेट बैठक में मिलेगी मसौदे को मंजूरी मुख्यमंत्री के अनुसार, भोपाल के जगदीशपुर में प्रस्तावित अगली कैबिनेट बैठक में UCC के मसौदे को मंजूरी दी जाएगी। इसके बाद इसे विधानसभा के मानसून सत्र में विधेयक के रूप में पेश किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इस कानून का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित करना और भेदभाव समाप्त करना है। संविधान में क्या है UCC का प्रावधान? भारतीय संविधान के अनुच्छेद-44 में समान नागरिक संहिता का उल्लेख किया गया है। यह राज्य के नीति-निर्देशक तत्वों का हिस्सा है, जिसमें कहा गया है कि राज्य देशभर के नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता लागू करने का प्रयास करेगा। हालांकि, यह प्रावधान न्यायालय में लागू कराने योग्य नहीं है, बल्कि सरकारों के लिए एक मार्गदर्शक सिद्धांत माना जाता है। किन राज्यों में लागू है UCC? फिलहाल देश में उत्तराखंड, गुजरात और असम में समान नागरिक संहिता लागू की जा चुकी है। उत्तराखंड पहला राज्य था जिसने इसे लागू किया। इसके बाद गुजरात और असम ने भी इस दिशा में कदम उठाए। अब मध्यप्रदेश भी इस सूची में शामिल होने की तैयारी कर रहा है। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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रिलायंस इंडस्ट्रीज का पहली तिमाही मुनाफा 22.4% घटा, रेवेन्यू में 25% की बढ़ोतरी; जियो और रिटेल बिजनेस ने दिखाई मजबूती

मुंबई। देश की सबसे बड़ी निजी क्षेत्र की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 22.40% घटकर 20,946 करोड़ रुपये रहा। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी ने 26,994 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था। हालांकि, तिमाही आधार पर कंपनी के मुनाफे में 23% की बढ़ोतरी हुई है। पिछली तिमाही (जनवरी-मार्च) में रिलायंस का शुद्ध लाभ 16,971 करोड़ रुपये था। रेवेन्यू में 25% की मजबूत बढ़त रिलायंस का कुल कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 25% बढ़कर 3.11 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। एक साल पहले यह 2.48 लाख करोड़ रुपये था। हालांकि, पिछली तिमाही की तुलना में कंपनी के रेवेन्यू में करीब 4% की गिरावट दर्ज की गई। जियो का प्रदर्शन मजबूत रिलायंस जियो ने पहली तिमाही में बेहतर प्रदर्शन किया। कंपनी ने बताया कि 5G नेटवर्क विस्तार और इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश जारी है। हालांकि, 5G एसेट्स के कैपिटलाइजेशन के कारण ब्याज और डेप्रिसिएशन खर्च बढ़ने से मुनाफे की वृद्धि सीमित रही। अन्य कारोबारों में भी बढ़ी आय रिलायंस के अन्य प्रमुख बिजनेस सेगमेंट्स का प्रदर्शन भी सकारात्मक रहा। शेयर बाजार में प्रदर्शन तिमाही नतीजों से पहले शुक्रवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर 2.48% बढ़कर 1,328 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, वर्ष 2026 में अब तक कंपनी के शेयर में लगभग 15% की गिरावट दर्ज की गई है। कंपनी का मौजूदा मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 17.95 लाख करोड़ रुपये है। आम लोगों पर क्या होगा असर? रिलायंस के तिमाही नतीजों का असर सीधे तौर पर उपभोक्ताओं और निवेशकों पर भी देखने को मिल सकता है। रिलायंस इंडस्ट्रीज का कहना है कि वह डिजिटल सेवाओं, रिटेल, ऊर्जा और नई तकनीकों में निवेश जारी रखेगी, जिससे आने वाले समय में विकास की गति बनाए रखने में मदद मिलेगी। अधिक बिजनेस और शेयर बाजार की खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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'3 Idiots' विवाद पर आमिर खान का जवाब, सोनम वांगचुक बोले- 20 जुलाई तक जिंदा रहना चाहता हूं

‘3 Idiots’ विवाद पर आमिर खान का जवाब, सोनम वांगचुक बोले- 20 जुलाई तक जिंदा रहना चाहता हूं

फिल्म ‘3 Idiots’ को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। अभिनेता आमिर खान ने साफ कहा है कि यह फिल्म सामाजिक मुद्दों पर आधारित थी, लेकिन इसे सोनम वांगचुक की बायोपिक या उनकी कहानी कहना सही नहीं है। आमिर खान के इस बयान के बाद लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उनका पूरा ध्यान अभी लद्दाख और वहां के लोगों के अधिकारों की लड़ाई पर है। 20 जुलाई को संसद मार्च करेंगे वांगचुक सोनम वांगचुक ने बताया कि वे 20 जुलाई को ‘कॉकरोच पार्टी’ के नाम से संसद मार्च निकालने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य लोगों का ध्यान लद्दाख के मुद्दों की ओर आकर्षित करना है। इस दौरान उन्होंने भावुक अंदाज में कहा, “मैं बस इतना चाहता हूं कि 20 जुलाई तक जिंदा रहूं, ताकि संसद तक अपनी बात पहुंचा सकूं।” उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। क्या है ‘3 इडियट्स’ और वांगचुक का विवाद? जब साल 2009 में ‘3 इडियट्स’ रिलीज हुई थी, तब कई लोगों ने फिल्म के मुख्य किरदार रैंचो की तुलना सोनम वांगचुक से की थी। हालांकि फिल्म के निर्माता और कलाकार हमेशा कहते रहे हैं कि फिल्म कई वास्तविक घटनाओं और पात्रों से प्रेरित थी, किसी एक व्यक्ति की कहानी नहीं। अब एक बार फिर आमिर खान के बयान के बाद यह पुराना विवाद चर्चा में आ गया है। सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस आमिर खान और सोनम वांगचुक के बयानों के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। कुछ लोग आमिर खान के बयान का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कई लोग मानते हैं कि फिल्म के किरदार और सोनम वांगचुक के जीवन में कई समानताएं हैं। अब सभी की नजर 20 जुलाई को होने वाले संसद मार्च पर है, जहां सोनम वांगचुक अपने आंदोलन और लद्दाख के मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की कोशिश करेंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PM Modi

PM Modi in Chandigarh: Development को नई रफ्तार, ₹4700 करोड़ की योजनाएं और Medical College की सौगात

PM Modi के Chandigarh दौरे में शहर को बड़ी विकास योजनाओं की सौगात मिली। पीएम मोदी ने यहां करीब ₹4700 करोड़ रुपये के विभिन्न Development Projects का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने चंडीगढ़ में एक नए MBBS College (Medical College) की स्थापना का ऐलान किया, जिसे क्षेत्र की मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि देश में बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था तैयार करने के लिए मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना जरूरी है। नए मेडिकल कॉलेज से छात्रों को मेडिकल क्षेत्र में आगे बढ़ने के नए अवसर मिलेंगे और आम लोगों को भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा। Chandigarh में नए MBBS College की बड़ी घोषणा चंडीगढ़ में बनने वाला नया मेडिकल कॉलेज शहर और आसपास के क्षेत्रों के लिए अहम साबित हो सकता है। इससे मेडिकल सीटों की संख्या बढ़ने के साथ-साथ युवाओं को अपने क्षेत्र में ही उच्च स्तरीय चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने का मौका मिलेगा। केंद्र सरकार पिछले कुछ वर्षों में देशभर में नए मेडिकल कॉलेज खोलने और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर जोर दे रही है। चंडीगढ़ की इस नई परियोजना को इसी अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। ₹4700 करोड़ के Projects से बदलेगी Chandigarh की तस्वीर प्रधानमंत्री मोदी ने चंडीगढ़ में कई महत्वपूर्ण योजनाओं की शुरुआत की। इन परियोजनाओं का उद्देश्य शहर के Infrastructure, Public Facilities और विकास कार्यों को मजबूत करना है। सरकार के अनुसार, इन Projects के पूरा होने के बाद लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और शहर के विकास को नई गति मिलेगी। कार्यक्रम में कांग्रेस सांसद की मौजूदगी बनी चर्चा पीएम मोदी के कार्यक्रम में कांग्रेस सांसद की मौजूदगी भी चर्चा का विषय रही। आमतौर पर राजनीतिक मंचों पर अलग-अलग विचार रखने वाले नेताओं का एक साथ दिखाई देना लोगों का ध्यान आकर्षित कर गया। विकास से जुड़े इस कार्यक्रम में पक्ष और विपक्ष के नेताओं की मौजूदगी को सकारात्मक संदेश के तौर पर देखा गया। Chandigarh के बाद Punjab रवाना हुए PM Modi चंडीगढ़ कार्यक्रम खत्म होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पंजाब के लिए रवाना हो गए। पीएम मोदी के दौरे को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पंजाब में भी उनके कई कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। Health Sector और Education को मिलेगा Boost नए MBBS College और अन्य Development Projects के जरिए चंडीगढ़ में Education और Health Sector को मजबूती मिलने की उम्मीद है। इससे न सिर्फ छात्रों को फायदा होगा, बल्कि क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था भी पहले से बेहतर हो सकती है। PM Modi के Chandigarh Visit में ₹4700 करोड़ की योजनाएं, New Medical College की घोषणा और विकास को लेकर सरकार का फोकस सबसे बड़ी खबरें रहीं। यह कदम चंडीगढ़ को Education और Healthcare के क्षेत्र में नई पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ayodhya Ram Mandir

Ayodhya Ram Mandir में शांति और शुद्धि के लिए विशेष पूजा, Donation Case के बाद बढ़ी हलचल

Ayodhya Ram Mandir से जुड़े चढ़ावा विवाद के बाद अब अयोध्या में धार्मिक शुद्धि और प्रायश्चित अनुष्ठान शुरू हो गया है। मंदिर की पवित्रता और श्रद्धालुओं की आस्था को ध्यान में रखते हुए पंडितों द्वारा विशेष पूजा-अर्चना और वैदिक मंत्रों के साथ अनुष्ठान कराया जा रहा है। इस बीच मामले से जुड़े गोपाल राव के अचानक अयोध्या छोड़कर चले जाने की खबर ने नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। राम मंदिर देशभर के करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। ऐसे में मंदिर से जुड़ी किसी भी घटना पर श्रद्धालुओं की नजर रहती है। चढ़ावे से जुड़े विवाद के सामने आने के बाद मंदिर परिसर में धार्मिक परंपराओं के अनुसार शांति और शुद्धिकरण के लिए यह अनुष्ठान शुरू किया गया है। Ayodhya Ram Mandir में शुद्धि पूजा, पंडित कर रहे विशेष अनुष्ठान धार्मिक मान्यताओं के अनुसार किसी अप्रिय घटना के बाद मंदिरों में वातावरण की सकारात्मकता बनाए रखने के लिए शुद्धिकरण पूजा की जाती है। इसी उद्देश्य से राम मंदिर में भी पंडितों द्वारा पूजा-पाठ और प्रायश्चित अनुष्ठान किया जा रहा है। अनुष्ठान के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधियों का पालन किया जा रहा है। मंदिर से जुड़े लोगों का कहना है कि यह प्रक्रिया श्रद्धालुओं की भावनाओं और आस्था को ध्यान में रखते हुए की जा रही है। Donation Theft Case के बाद बढ़ी सुरक्षा और पारदर्शिता पर चर्चा राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े मामले ने सुरक्षा व्यवस्था और दान प्रबंधन को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर में बड़ी संख्या में चढ़ावा और दान दिया जाता है, ऐसे में इसकी निगरानी और पारदर्शिता बेहद अहम मानी जाती है। मामले के बाद मंदिर व्यवस्था से जुड़े सभी पहलुओं पर चर्चा तेज हो गई है। प्रशासन और संबंधित संस्थाएं पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। गोपाल राव ने छोड़ी अयोध्या, सामने नहीं आया कोई बयान इस पूरे विवाद के बीच गोपाल राव के अयोध्या छोड़ने की खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि वह बिना किसी सार्वजनिक बयान के चुपचाप शहर से चले गए। हालांकि, उनके जाने की वजह को लेकर अभी तक कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। उनकी चुप्पी के कारण मामले को लेकर लोगों में कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। हालांकि, किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा मामला राम मंदिर सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि करोड़ों भारतीयों की भावनाओं से जुड़ा स्थान है। यही वजह है कि मंदिर से जुड़ी हर छोटी-बड़ी खबर देशभर में चर्चा का विषय बन जाती है। अब सभी की नजर इस मामले की आगे की जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और आने वाले अपडेट पर बनी हुई है। मंदिर प्रशासन की प्राथमिकता श्रद्धालुओं की आस्था और मंदिर की व्यवस्था को बनाए रखना है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Kolkata Airport

Kolkata Airport रनवे के करीब मस्जिद, जुमे की नमाज और Security Issue को लेकर बढ़ा विवाद

कोलकाता के Netaji Subhas Chandra Bose International Airport में स्थित एक पुरानी मस्जिद इन दिनों सुर्खियों में है। एयरपोर्ट के रनवे के पास मौजूद 136 साल पुरानी बांकड़ा मस्जिद (Bankra Mosque) को लेकर सुरक्षा व्यवस्था, जुमे की नमाज और एयरपोर्ट विस्तार से जुड़ा विवाद सामने आया है। मामला तब ज्यादा चर्चा में आया जब सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए मस्जिद तक आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगाए जाने की बात सामने आई। इसके बाद स्थानीय लोगों और मस्जिद प्रबंधन ने इस फैसले पर आपत्ति जताई। Airport के रनवे के पास कैसे बनी हुई है मस्जिद? बांकड़ा मस्जिद का इतिहास Kolkata Airport से भी पुराना बताया जाता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह मस्जिद उस समय मौजूद थी जब यह इलाका गांव का हिस्सा हुआ करता था। बाद में एयरपोर्ट के विस्तार के साथ यह क्षेत्र एयरपोर्ट परिसर के करीब आ गया। आज यह मस्जिद एयरपोर्ट के रनवे के नजदीक स्थित है। यही वजह है कि अब इसकी स्थिति को लेकर सुरक्षा एजेंसियों और एयरपोर्ट अधिकारियों की चिंता बढ़ी है। जुमे की नमाज को लेकर क्यों बढ़ा विवाद? मस्जिद में हर शुक्रवार यानी जुमे की नमाज के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। पहले श्रद्धालुओं को जांच और अनुमति के बाद यहां जाने की इजाजत दी जाती थी, लेकिन सुरक्षा कारणों से प्रवेश व्यवस्था में बदलाव किया गया। इसके बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिली। उनका कहना है कि मस्जिद वर्षों पुरानी धार्मिक जगह है और यहां नमाज की व्यवस्था जारी रहनी चाहिए। वहीं, एयरपोर्ट सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों का तर्क है कि एयरपोर्ट एक संवेदनशील क्षेत्र है, जहां किसी भी तरह की अतिरिक्त आवाजाही को सुरक्षा मानकों के हिसाब से नियंत्रित करना जरूरी है। Airport Authority को क्या चिंता है? एयरपोर्ट प्रशासन की सबसे बड़ी चिंता सुरक्षा और भविष्य के विस्तार को लेकर है। रनवे के आसपास मौजूद किसी भी संरचना और लोगों की आवाजाही को लेकर अंतरराष्ट्रीय विमानन नियमों के तहत सावधानी बरती जाती है। अधिकारियों का मानना है कि एयरपोर्ट क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखना जरूरी है, खासकर ऐसे समय में जब हवाई यातायात लगातार बढ़ रहा है। क्या मस्जिद को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा? मस्जिद को स्थानांतरित करने का मुद्दा नया नहीं है। समय-समय पर एयरपोर्ट विस्तार और सुरक्षा जरूरतों को देखते हुए इस पर चर्चा होती रही है। हालांकि, मस्जिद से जुड़े लोगों का कहना है कि यह सिर्फ एक इमारत नहीं बल्कि वर्षों पुरानी धार्मिक और ऐतिहासिक विरासत है। इसलिए किसी भी निर्णय से पहले सभी पक्षों के बीच बातचीत जरूरी है। राजनीतिक बयानबाजी भी हुई तेज मस्जिद विवाद सामने आने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी शुरू हो गई हैं। कुछ नेताओं ने इसे एयरपोर्ट सुरक्षा से जुड़ा विषय बताया है, जबकि कुछ ने धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए समाधान निकालने की मांग की है। Kolkata Airport Mosque Row: आगे क्या होगा? फिलहाल यह मामला सुरक्षा और आस्था के बीच संतुलन का मुद्दा बन गया है। एक तरफ एयरपोर्ट की सुरक्षा और विस्तार की जरूरत है, तो दूसरी तरफ लोगों की धार्मिक भावनाएं भी जुड़ी हुई हैं। अब नजर इस बात पर है कि प्रशासन, एयरपोर्ट अथॉरिटी और मस्जिद प्रबंधन के बीच बातचीत से इस विवाद का क्या समाधान निकलता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sonam Wangchuk

Sonam Wangchuk Hunger Strike: 20वें दिन बिगड़ी तबीयत, बोले- ’20 जुलाई तक जिंदा रहना चाहता हूं’

लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) का आमरण अनशन अब बेहद नाजुक दौर में पहुंच गया है। 20 दिनों से लगातार भूख हड़ताल पर बैठे वांगचुक की सेहत को लेकर डॉक्टरों ने गंभीर चिंता जताई है। मेडिकल टीम का कहना है कि यदि अनशन जल्द खत्म नहीं किया गया तो शरीर के महत्वपूर्ण अंग प्रभावित हो सकते हैं और Organ Failure का खतरा बढ़ सकता है। इसी बीच सोनम वांगचुक का एक भावुक बयान सामने आया है। उन्होंने कहा, “मैं 20 जुलाई तक जिंदा रहना चाहता हूं।” उनके इस बयान ने समर्थकों के साथ-साथ आम लोगों की चिंता भी बढ़ा दी है। Health Update: डॉक्टरों ने क्यों जताई चिंता? Sonam Wangchuk की नियमित जांच कर रहे डॉक्टरों के अनुसार, लंबे समय तक भोजन नहीं लेने से शरीर तेजी से कमजोर हो रहा है। लगातार उपवास की वजह से किडनी, लीवर और अन्य महत्वपूर्ण अंगों पर दबाव बढ़ सकता है। डॉक्टरों ने स्पष्ट कहा है कि यदि अनशन जारी रहा तो स्थिति गंभीर हो सकती है। मेडिकल टीम ने उन्हें जल्द से जल्द अनशन समाप्त कर इलाज शुरू करने की सलाह दी है। हालांकि, वांगचुक अभी भी अपनी मांगों पर कायम हैं। आखिर किस बात को लेकर कर रहे हैं Hunger Strike? Sonam Wangchuk लंबे समय से लद्दाख के पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय लोगों के अधिकार, प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और क्षेत्र के संतुलित विकास की मांग उठाते रहे हैं। उनका कहना है कि इन मुद्दों पर केंद्र सरकार को ठोस और समयबद्ध कदम उठाने चाहिए। इन्हीं मांगों को लेकर उन्होंने आमरण अनशन शुरू किया, जो अब 20वें दिन में प्रवेश कर चुका है। ’20 जुलाई तक जिंदा रहना चाहता हूं’ बयान क्यों बना चर्चा का विषय? अनशन के दौरान दिया गया वांगचुक का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। समर्थकों का कहना है कि यह सिर्फ एक भावनात्मक अपील नहीं, बल्कि सरकार तक अपनी बात पहुंचाने की उनकी दृढ़ इच्छा को भी दर्शाता है। देशभर से लोग उनके बेहतर स्वास्थ्य की कामना कर रहे हैं और सरकार से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की मांग कर रहे हैं। देशभर से मिल रहा समर्थन वांगचुक के आंदोलन को कई सामाजिक संगठनों, छात्रों, पर्यावरण प्रेमियों और नागरिक समूहों का समर्थन मिल रहा है। सोशल मीडिया पर भी उनके समर्थन में लगातार पोस्ट साझा की जा रही हैं। कई लोगों का मानना है कि बातचीत के जरिए इस गतिरोध का समाधान निकाला जाना चाहिए। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Corona

COVID Alert: 7 नए Corona केस मिलने से जिले में हड़कंप, अस्पताल में बना Isolation Ward

Corona संक्रमण भले ही पहले जैसी स्थिति में न हो, लेकिन समय-समय पर सामने आने वाले नए मामले यह संकेत देते हैं कि सतर्कता अभी भी जरूरी है। इसी बीच जिले में COVID-19 के सात नए मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता बढ़ गई है। एक साथ सात संक्रमितों की पुष्टि होने के बाद जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम तेज कर दिए हैं और अस्पताल में विशेष Isolation Ward तैयार कर दिया गया है। 7 नए Corona मरीज मिलने से बढ़ी सतर्कता स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, हाल ही में हुई जांच में सात लोगों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। सभी संक्रमितों की स्वास्थ्य स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है और आवश्यक इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि मरीजों के संपर्क में आए लोगों की पहचान कर उन्हें भी जांच कराने की सलाह दी गई है। इससे संक्रमण को शुरुआती स्तर पर ही नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। अस्पताल में तैयार किया गया Isolation Ward संक्रमण के मामलों को देखते हुए जिला अस्पताल में अलग से Isolation Ward बनाया गया है। यहां संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए पर्याप्त बेड, डॉक्टरों की टीम और जरूरी मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। यदि आने वाले दिनों में मरीजों की संख्या बढ़ती है, तो अतिरिक्त व्यवस्था भी की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि फिलहाल घबराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन लापरवाही भी नहीं बरतनी चाहिए। लोगों से की गई यह खास अपील डॉक्टरों ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी को बुखार, खांसी, गले में दर्द, शरीर में कमजोरी या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण महसूस हों, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। इसके अलावा लोगों को सलाह दी गई है कि— प्रशासन ने कहा—स्थिति नियंत्रण में जिला प्रशासन का कहना है कि फिलहाल सभी सात मरीजों की निगरानी की जा रही है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। स्वास्थ्य विभाग लगातार सैंपलिंग और निगरानी का काम कर रहा है ताकि संक्रमण आगे न फैले। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों पर भरोसा न करें और केवल स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी को ही सही मानें। Corona को लेकर सतर्क रहना ही सबसे बड़ी सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि कोरोना वायरस अब पहले की तुलना में कम गंभीर जरूर है, लेकिन यह पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। ऐसे में छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर संक्रमण के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। समय पर जांच, डॉक्टर की सलाह और व्यक्तिगत स्वच्छता आज भी कोरोना से बचाव के सबसे प्रभावी उपाय माने जाते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sugar

Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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