आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGबिज़नेसSugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ LimitedBREAKINGबिज़नेसGold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावटBREAKINGधर्म-कर्मRaksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ MuhuratBREAKINGदेश-हरपलKanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौतBREAKINGबिज़नेसShare Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावटBREAKINGदेश-हरपलKhelo India में PM Modi का बड़ा संवाद, Youth Power से Viksit Bharat तक होगी चर्चाBREAKINGदेश-हरपलBank Holiday Today: 28 अगस्त को बैंक रहेंगे बंद, Delhi-Mumbai समेत इन शहरों पर असरBREAKINGस्पोर्ट्सIND vs SL: भारत के खिलाफ श्रीलंका का शानदार Comeback, दूसरी पारी में 229/6 का स्कोरBREAKINGबिज़नेसSugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ LimitedBREAKINGबिज़नेसGold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावटBREAKINGधर्म-कर्मRaksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ MuhuratBREAKINGदेश-हरपलKanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौतBREAKINGबिज़नेसShare Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावटBREAKINGदेश-हरपलKhelo India में PM Modi का बड़ा संवाद, Youth Power से Viksit Bharat तक होगी चर्चाBREAKINGदेश-हरपलBank Holiday Today: 28 अगस्त को बैंक रहेंगे बंद, Delhi-Mumbai समेत इन शहरों पर असरBREAKINGस्पोर्ट्सIND vs SL: भारत के खिलाफ श्रीलंका का शानदार Comeback, दूसरी पारी में 229/6 का स्कोर

Latest Posts

Sonia Gandhi

Sonia Gandhi Hospitalized: रूटीन चेकअप के बाद अस्पताल में भर्ती, जल्द हो सकती है Surgery

कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता Sonia Gandhi को गुरुग्राम स्थित Medanta – The Medicity में भर्ती कराया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनकी एक निर्धारित सर्जरी होनी है, जिसके लिए डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी कर रही है। जानकारी के अनुसार, सोनिया गांधी को शुरुआत में रूटीन हेल्थ चेकअप के लिए अस्पताल लाया गया था। जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती रखने का फैसला लिया। फिलहाल उनकी तबीयत स्थिर बताई जा रही है और मेडिकल टीम उनकी सेहत पर करीबी नजर बनाए हुए है। डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा इलाज सूत्रों का कहना है कि यह कोई इमरजेंसी स्थिति नहीं है, बल्कि पहले से तय मेडिकल प्रक्रिया का हिस्सा है। हालांकि, कांग्रेस पार्टी की तरफ से सर्जरी को लेकर विस्तृत आधिकारिक बयान अभी सामने नहीं आया है। अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रख रही है। पार्टी के करीबी नेताओं ने भी कहा है कि चिंता की कोई बड़ी बात नहीं है और इलाज सामान्य प्रक्रिया के तहत चल रहा है। पहले भी स्वास्थ्य कारणों से रही हैं चर्चा में पिछले कुछ वर्षों में सोनिया गांधी स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के कारण कई बार इलाज करवा चुकी हैं। इसके बावजूद वह पार्टी के बड़े फैसलों और अहम बैठकों में सक्रिय भूमिका निभाती रही हैं। हाल ही में भी उन्होंने कांग्रेस की रणनीतिक बैठकों में हिस्सा लिया था। समर्थकों और नेताओं ने की जल्द स्वस्थ होने की कामना इस खबर के सामने आते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच चिंता बढ़ गई। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोग उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। कई वरिष्ठ नेताओं ने भी उनके अच्छे स्वास्थ्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं। कांग्रेस के कार्यक्रमों पर पड़ सकता है असर राजनीतिक गलियारों में माना जा रहा है कि सोनिया गांधी की स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए कांग्रेस के कुछ आगामी कार्यक्रमों में बदलाव किया जा सकता है। फिलहाल सभी की नजर उनकी हेल्थ अपडेट और सर्जरी से जुड़ी अगली जानकारी पर बनी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Tamil Nadu CM Vijay ने विधानसभा में साबित किया बहुमत, 144 विधायकों का मिला समर्थन

Tamil Nadu CM Vijay ने विधानसभा में साबित किया बहुमत, 144 विधायकों का मिला समर्थन

Tamil Nadu की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला, जहां मुख्यमंत्री Vijay ने विधानसभा में बहुमत साबित कर दिया। AIADMK में हुई टूट के बाद सरकार पर संकट के बादल मंडरा रहे थे, लेकिन विश्वास मत के दौरान विजय सरकार को 144 विधायकों का समर्थन मिला। विधानसभा में हुए शक्ति परीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि उनकी सरकार जनता के भरोसे और विकास के एजेंडे पर काम करती रहेगी। उन्होंने विपक्ष पर राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने का आरोप भी लगाया। दरअसल, AIADMK के अंदर लंबे समय से चल रही अंदरूनी खींचतान के कारण पार्टी दो गुटों में बंट गई। इसके बाद विपक्ष ने सरकार की स्थिरता पर सवाल उठाए थे। इसी बीच राज्यपाल के निर्देश पर विधानसभा में विश्वास मत लाया गया। विश्वास मत के दौरान सत्ता पक्ष के विधायकों ने सरकार के समर्थन में मतदान किया, जबकि विपक्ष ने सरकार को घेरने की कोशिश की। हालांकि अंत में विजय सरकार आसानी से बहुमत साबित करने में सफल रही। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस जीत से मुख्यमंत्री विजय की स्थिति और मजबूत होगी। साथ ही राज्य की राजनीति में AIADMK की अंदरूनी कलह का असर आने वाले दिनों में और देखने को मिल सकता है। तमिलनाडु की जनता अब सरकार से विकास, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं को लेकर बड़ी उम्मीदें लगाए बैठी है। ऐसे में विजय सरकार के सामने जनता के भरोसे पर खरा उतरने की बड़ी चुनौती रहेगी। अधिक खबरों और अपडेट्स के लिए विजिट करें Deshharpal News हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
उदयनिधि

Tamil Nadu Politics में भूचाल: सनातन पर बयान के बाद उदयनिधि फिर सुर्खियों में

तमिलनाडु की राजनीति एक बार फिर बड़े विवाद में आ गई है। चुनावी नतीजों के बाद एक सार्वजनिक कार्यक्रम में DMK नेता और मंत्री उदयनिधि (Udhayanidhi Stalin)के कथित बयान ने पूरे देश में राजनीतिक बहस छेड़ दी है। क्या कहा गया बयान में? रिपोर्ट्स के मुताबिक, मंच से उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा कि “सनातन को खत्म किया जाना चाहिए।” यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और अलग-अलग वर्गों में तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं। विपक्ष का हमला और राजनीतिक प्रतिक्रिया इस बयान के बाद विपक्षी दलों ने इसे धार्मिक भावनाओं पर चोट बताते हुए कड़ी आलोचना की है। कई नेताओं का कहना है कि इस तरह की भाषा समाज में विभाजन पैदा कर सकती है और राजनीतिक माहौल को और तनावपूर्ण बना सकती है। DMK की चुप्पी और बढ़ता विवाद अब तक DMK की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक सफाई नहीं दी गई है। इसी वजह से मामला और अधिक तूल पकड़ता जा रहा है और राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। सोशल मीडिया पर बवाल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यह मुद्दा लगातार ट्रेंड कर रहा है। कुछ लोग इसे विचारधारा का हिस्सा बता रहे हैं, जबकि कई इसे भड़काऊ बयान करार दे रहे हैं। हर तरफ इस पर बहस का माहौल बना हुआ है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
NEET

NEET Exam News Hindi: क्या फिर से देना होगा एग्जाम? जानें सभी जरूरी जवाब

NEET UG परीक्षा को लेकर आई रद्द या स्थगित होने की खबर ने लाखों मेडिकल स्टूडेंट्स को परेशान कर दिया है। हर कोई यही जानना चाहता है कि अब आगे क्या होगा—क्या फिर से फॉर्म भरना होगा, नई परीक्षा कब होगी और तैयारी पर क्या असर पड़ेगा। आइए इसे आसान और साफ भाषा में समझते हैं। NEET Exam क्यों हुआ Cancel / Postpone? NEET जैसी बड़ी मेडिकल एंट्रेंस परीक्षा कई वजहों से प्रभावित हो सकती है, जैसे: इन सभी मामलों में अंतिम फैसला NTA (National Testing Agency) द्वारा लिया जाता है। क्या दोबारा करना होगा NEET Application? यह सबसे बड़ा सवाल है। अगर परीक्षा सिर्फ postpone (स्थगित) हुई है: अगर परीक्षा पूरी तरह cancel और re-conduct होती है: NEET Exam New Date कब आएगी? क्या New Admit Card मिलेगा? हाँ, अगर परीक्षा दोबारा होती है: क्या Exam Fee फिर से देनी होगी? छात्रों को अब क्या करना चाहिए? यह समय घबराने का नहीं है, बल्कि संभलकर तैयारी करने का है: क्या Syllabus या Exam Pattern बदलेगा? हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
NEET UG

NEET UG 2026 Update: Paper Leak की आशंका से देशभर में हंगामा, NTA पर सवाल

देश की सबसे बड़ी मेडिकल एंट्रेंस परीक्षा NEET UG 2026 एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है। पेपर लीक की आशंका ने लाखों छात्रों और उनके परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सोशल मीडिया से लेकर कोचिंग संस्थानों तक हर जगह एक ही सवाल चर्चा में है — क्या NEET UG 2026 दोबारा कराया जाएगा? राजस्थान से शुरू हुई जांच अब कई राज्यों तक पहुंच चुकी है। वहीं, छात्रों के बीच गुस्सा और डर दोनों देखने को मिल रहा है। महीनों की तैयारी के बाद परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों को अब अपने भविष्य की चिंता सताने लगी है। वायरल “Guess Paper” से बढ़ा विवाद दरअसल, परीक्षा के कुछ घंटों बाद सोशल मीडिया और कुछ टेलीग्राम ग्रुप्स पर एक कथित “Guess Paper” वायरल हुआ। दावा किया गया कि इसमें मौजूद कई सवाल असली NEET UG 2026 पेपर से मेल खाते हैं। शुरुआती जांच में 100 से ज्यादा प्रश्न समान होने की बात सामने आई है। यही नहीं, कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि लगभग 600 अंकों तक के सवाल मिलते-जुलते पाए गए। इसके बाद पेपर लीक की आशंका और गहरी हो गई। राजस्थान SOG की जांच में कई संदिग्ध हिरासत में मामले की गंभीरता को देखते हुए राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने जांच शुरू कर दी है। अब तक 20 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा चुकी है। जांच एजेंसियों को शक है कि यह नेटवर्क सिर्फ एक राज्य तक सीमित नहीं, बल्कि कई राज्यों में फैला हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक, कुछ कोचिंग कनेक्शन और ऑनलाइन ग्रुप्स भी जांच के दायरे में हैं। हालांकि अभी तक किसी बड़े आरोपी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। NEET UG 2026 रद्द होगा या नहीं? सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या परीक्षा रद्द होगी? फिलहाल National Testing Agency (NTA) ने NEET UG 2026 को रद्द करने का कोई आधिकारिक ऐलान नहीं किया है। NTA का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आगे का फैसला लिया जाएगा। लेकिन छात्रों और अभिभावकों के बीच असमंजस लगातार बढ़ रहा है। कई छात्र सोशल Media पर दोबारा परीक्षा कराने की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि इससे मेहनती छात्रों पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा। CBI जांच की मांग तेज विपक्षी दलों और छात्र संगठनों ने मामले की CBI जांच की मांग तेज कर दी है। कई नेताओं ने कहा कि अगर पेपर लीक साबित होता है तो यह देश की परीक्षा प्रणाली पर बड़ा सवाल होगा। पिछले साल NEET विवाद के बाद सरकार पहले ही आलोचनाओं का सामना कर चुकी है। ऐसे में इस बार एजेंसियों पर निष्पक्ष और तेज जांच का दबाव बढ़ गया है। छात्रों की मेहनत और मानसिक दबाव NEET जैसी परीक्षा के लिए छात्र सालों तक मेहनत करते हैं। कई अभ्यर्थी रोज 10-12 घंटे पढ़ाई कर मेडिकल कॉलेज में एडमिशन का सपना देखते हैं। ऐसे में पेपर लीक जैसी खबरें छात्रों का मनोबल तोड़ देती हैं। भोपाल की एक छात्रा ने कहा, “हमने पूरी ईमानदारी से परीक्षा दी, लेकिन अब लग रहा है कि मेहनत का कोई मतलब ही नहीं बचा।” आगे क्या? फिलहाल पूरा मामला जांच के अधीन है। आने वाले दिनों में SOG, NTA और केंद्र सरकार की रिपोर्ट के बाद बड़ा फैसला लिया जा सकता है। अगर जांच में बड़े स्तर पर गड़बड़ी साबित होती है, तो NEET UG 2026 को लेकर कड़ा कदम उठाया जा सकता है। देशभर के लाखों छात्रों की नजर अब जांच एजेंसियों और सरकार के अगले फैसले पर टिकी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Himanta Biswa

Assam CM Oath Ceremony 2026: Himanta Biswa Sarma ने फिर संभाली सत्ता, PM Modi भी रहे मौजूद

असम की राजनीति में एक बार फिर NDA ने अपनी ताकत दिखा दी है। राजधानी गुवाहाटी में हुए भव्य शपथ ग्रहण समारोह में Himanta Biswa Sarma ने लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इस खास मौके पर प्रधानमंत्री Narendra Modi भी मंच पर मौजूद रहे। उनके साथ कई केंद्रीय मंत्री, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और NDA गठबंधन के बड़े नेता समारोह में शामिल हुए। गुवाहाटी में सुबह से ही उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। भाजपा समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों और मिठाइयों के साथ जीत का जश्न मनाया। कई जगहों पर लोगों ने इसे “नए असम की शुरुआत” बताया। Himanta Sarma पर फिर जताया भरोसा Himanta Biswa Sarma को पूर्वोत्तर में भाजपा का मजबूत चेहरा माना जाता है। पिछले कार्यकाल में उनकी सरकार ने सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और निवेश जैसे मुद्दों पर तेजी से काम किया। यही वजह रही कि जनता ने एक बार फिर NDA को सत्ता की कमान सौंप दी। शपथ लेने के बाद हिमंता सरमा ने कहा कि उनकी सरकार राज्य के विकास, युवाओं के रोजगार और कानून व्यवस्था को और मजबूत करने पर फोकस करेगी। उन्होंने जनता का आभार जताते हुए कहा कि “असम को देश के सबसे तेज़ी से आगे बढ़ने वाले राज्यों में शामिल करना हमारी प्राथमिकता होगी।” PM Modi ने कहा- पूर्वोत्तर भारत का सुनहरा समय समारोह में मौजूद Narendra Modi ने असम की नई सरकार को बधाई देते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों में राज्य ने विकास की नई रफ्तार देखी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर अब देश की राजनीति और अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण केंद्र बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार असम में इंफ्रास्ट्रक्चर, रेलवे, पर्यटन और उद्योग से जुड़ी परियोजनाओं को और तेजी से आगे बढ़ाएगी। नई सरकार के सामने क्या हैं बड़ी चुनौतियां? हालांकि NDA की वापसी के बाद अब सरकार के सामने कई बड़ी जिम्मेदारियां भी होंगी। हर साल आने वाली बाढ़, युवाओं के लिए रोजगार, निवेश बढ़ाना और सीमावर्ती इलाकों में विकास जैसे मुद्दे सरकार की प्राथमिकता में रहेंगे। इसके अलावा राज्य में पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाओं की भी उम्मीद की जा रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि हिमंता सरकार का दूसरा कार्यकाल विकास और प्रशासनिक फैसलों के लिहाज से काफी अहम साबित हो सकता है। विपक्ष ने भी दी प्रतिक्रिया शपथ ग्रहण के बाद विपक्षी दलों ने नई सरकार को शुभकामनाएं दीं, लेकिन साथ ही जनता से किए गए वादों को पूरा करने की याद भी दिलाई। विपक्ष का कहना है कि आने वाले समय में महंगाई, रोजगार और स्थानीय मुद्दों पर सरकार को घेरा जाएगा। पूर्वोत्तर में BJP की मजबूत पकड़ असम में लगातार दूसरी बार सरकार बनाना भाजपा और NDA के लिए बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है। इससे साफ है कि पूर्वोत्तर राज्यों में भाजपा का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। राजनीतिक विशेषज्ञों के मुताबिक असम की यह जीत आने वाले समय में पूर्वोत्तर की राजनीति को भी प्रभावित कर सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
शेयर बाजार

Gold और Crude Oil Crisis के बीच Crash हुआ शेयर बाजार, निवेशकों के डूबे करोड़ों

देश के शेयर बाजार में मंगलवार को लगातार दूसरे दिन बड़ी गिरावट देखने को मिली। सुबह बाजार खुलते ही निवेशकों के चेहरे पर चिंता साफ नजर आई। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों भारी दबाव में कारोबार करते दिखे। इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह प्रधानमंत्री Narendra Modi की वह अपील मानी जा रही है, जिसमें उन्होंने लोगों से फिलहाल सोना कम खरीदने और पेट्रोल-डीजल की बचत करने को कहा। सरकार की इस अपील ने आम लोगों से ज्यादा निवेशकों को चौंका दिया। बाजार में यह संदेश गया कि आने वाले समय में सरकार कुछ बड़े आर्थिक कदम उठा सकती है। यही कारण रहा कि कुछ ही घंटों में करोड़ों रुपये निवेशकों के डूब गए। क्यों टूटा Share Market? मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने पहले ही बाजार का माहौल खराब कर रखा था। ऊपर से प्रधानमंत्री की अपील ने निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी। भारत दुनिया के उन देशों में शामिल है जो बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और सोना आयात करते हैं। ऐसे में अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ती हैं, तो उसका सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था और आम आदमी की जेब पर पड़ता है। PM Modi की Appeal से क्यों मची हलचल? प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में लोगों से कहा कि वे जरूरत पड़ने पर ही पेट्रोल-डीजल का इस्तेमाल करें और गैर-जरूरी सोने की खरीद से बचें। उन्होंने कार पूलिंग और ईंधन बचाने जैसे उपाय अपनाने की भी सलाह दी। इस बयान के बाद बाजार में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। निवेशकों को लगने लगा कि सरकार जल्द ही गोल्ड इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ा सकती है या ईंधन को लेकर कुछ सख्त फैसले ले सकती है। Gold Shares में सबसे ज्यादा गिरावट प्रधानमंत्री की अपील का असर सबसे ज्यादा ज्वेलरी सेक्टर में देखने को मिला। Titan, Kalyan Jewellers और Senco Gold जैसी कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई। कई शेयरों में 8 से 10 फीसदी तक की कमजोरी देखी गई। मार्केट जानकारों का कहना है कि अगर लोग सोना खरीदना कम करेंगे तो ज्वेलरी कंपनियों की बिक्री और मुनाफे पर असर पड़ना तय है। Crude Oil की बढ़ती कीमत बनी चिंता अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार ऊपर जा रही हैं। इसका असर भारत पर भी दिखाई देने लगा है। अगर क्रूड ऑयल महंगा होता है, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ सकती हैं। इससे महंगाई बढ़ने का खतरा भी पैदा हो गया है। इसी डर की वजह से निवेशकों ने जोखिम वाले शेयरों से दूरी बनानी शुरू कर दी है। कई लोगों ने सुरक्षित निवेश विकल्पों की तरफ रुख किया है। निवेशकों को क्या करना चाहिए? विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे समय में घबराकर निवेश निकालना सही फैसला नहीं माना जाता। लंबी अवधि के निवेशकों को धैर्य रखने की सलाह दी जा रही है। आने वाले दिनों में सरकार के अगले कदम, वैश्विक हालात और तेल की कीमतें तय करेंगी कि बाजार में गिरावट जारी रहेगी या फिर रिकवरी देखने को मिलेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Assam में आज फिर इतिहास रचेंगे हिमंता बिस्वा सरमा, कुछ देर में होगा शपथ ग्रहण समारोह

Assam में आज फिर इतिहास रचेंगे हिमंता बिस्वा सरमा, कुछ देर में होगा शपथ ग्रहण समारोह

Assam में आज राजनीति का बड़ा दिन है। राज्य के मुख्यमंत्री पद के लिए Himanta Biswa Sarma का शपथ ग्रहण समारोह कुछ ही देर में शुरू होने वाला है। इस खास मौके पर देश के प्रधानमंत्री Narendra Modi और केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah भी शामिल होंगे। समारोह को लेकर पूरे राज्य में उत्साह का माहौल है। भाजपा और NDA शासित कई राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और पार्टी के बड़े नेता भी गुवाहाटी पहुंच चुके हैं। शपथ ग्रहण समारोह को भव्य बनाने के लिए खास तैयारियां की गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है। हिमंता बिस्वा सरमा को भाजपा के मजबूत और लोकप्रिय नेताओं में गिना जाता है। पिछले कार्यकाल में उन्होंने असम में कई बड़े फैसले लिए और विकास कार्यों को तेज़ी से आगे बढ़ाया। यही वजह है कि पार्टी ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि हिमंता के नेतृत्व में असम में भाजपा अपनी पकड़ और मजबूत करने की कोशिश करेगी। वहीं, समारोह में कई राष्ट्रीय नेताओं की मौजूदगी इसे और भी खास बना रही है। असम की जनता को अब नई सरकार से विकास, रोजगार और बेहतर सुविधाओं की उम्मीद है। अधिक जानकारी और ताज़ा अपडेट्स के लिए विजिट करें Deshharpal News Portal हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
मौसम

Monsoon & Heatwave Update: कहीं बारिश तो कहीं लू, देशभर में बदला मौसम का मिजाज

देशभर में मौसम ने अचानक करवट लेनी शुरू कर दी है। एक तरफ जहां लोगों को भीषण गर्मी परेशान कर रही है, वहीं दूसरी तरफ मानसून को लेकर राहत भरी खबर सामने आई है। मौसम विभाग के मुताबिक इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून तय समय से करीब 4 दिन पहले भारत में एंट्री कर सकता है। मानसून की जल्द दस्तक से किसानों के चेहरे पर उम्मीद लौट आई है, लेकिन फिलहाल उत्तर भारत और राजस्थान के कई इलाके तेज गर्मी की मार झेल रहे हैं। राजस्थान का बाड़मेर लगातार दूसरे दिन देश का सबसे गर्म शहर रिकॉर्ड किया गया, जहां तापमान 47.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। Early Monsoon से बढ़ी राहत की उम्मीद भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम तेजी से सक्रिय हो रहे हैं। यही वजह है कि मानसून सामान्य तारीख से पहले आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है। अगर मानसून तय समय से पहले पहुंचता है, तो इसका सबसे बड़ा फायदा किसानों को मिलेगा। धान, मक्का और दूसरी खरीफ फसलों की बुवाई समय पर शुरू हो सकेगी। साथ ही भीषण गर्मी से परेशान लोगों को भी राहत मिलने की उम्मीद है। UP-Bihar समेत कई राज्यों में Rain & Thunderstorm Alert मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के दौरान कई राज्यों में तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। जिन राज्यों में मौसम बदलने की संभावना जताई गई है, उनमें शामिल हैं: इन राज्यों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदान और पेड़ों के नीचे खड़े न होने की सलाह दी है। राजस्थान में Heatwave का कहर जारी जहां कई राज्यों में बारिश राहत देने वाली है, वहीं राजस्थान अभी भी आग उगलती गर्मी से जूझ रहा है। बाड़मेर में तापमान 47.3°C दर्ज किया गया, जो देश में सबसे ज्यादा रहा। जैसलमेर, बीकानेर और जोधपुर में भी लू के थपेड़ों ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। दोपहर के समय सड़कें सूनी नजर आ रही हैं और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। डॉक्टरों ने बच्चों और बुजुर्गों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी है। ज्यादा पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और धूप से बचने की अपील की गई है। मौसम के दो रंग: कहीं बारिश, कहीं आग जैसी गर्मी देश में इस समय मौसम के दो अलग-अलग रूप देखने को मिल रहे हैं। पूर्वी और मध्य भारत के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना है, जबकि पश्चिमी भारत अभी भी भीषण गर्मी की गिरफ्त में है। हालांकि, मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की रफ्तार अगर इसी तरह बनी रही, तो आने वाले दिनों में तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है और लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
AIADMK

Vijay TVK को मिला AIADMK Rebel Group का साथ, DMK पर भी साधा निशाना

तमिलनाडु की राजनीति में इन दिनों बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिल रहा है। राज्य की प्रमुख विपक्षी पार्टी AIADMK अब अंदरूनी खींचतान से जूझती नजर आ रही है। पार्टी के एक बागी गुट ने अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी TVK (तमिलगा वेत्री कझगम) को समर्थन देने का ऐलान कर दिया है। इस फैसले ने राज्य की राजनीति को अचानक गर्मा दिया है। AIADMK के वरिष्ठ नेता शणमुगम ने साफ कहा कि जनता अब बदलाव चाहती है और मौजूदा माहौल “विजय के पक्ष” में दिखाई दे रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उनका गुट DMK के साथ जाता, तो उनकी राजनीतिक पहचान खत्म हो जाती। AIADMK में आखिर क्यों बढ़ी नाराजगी? पार्टी के अंदर पिछले कई महीनों से असंतोष की खबरें सामने आ रही थीं। कई नेताओं और कार्यकर्ताओं का मानना था कि संगठन में उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। फैसले कुछ चुनिंदा नेताओं तक सीमित हो गए थे, जिससे पुराने कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ती गई। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यही असंतोष अब खुलकर बगावत में बदल गया है। बागी गुट का कहना है कि पार्टी अपनी पुरानी पकड़ खोती जा रही है और जनता नए विकल्प तलाश रही है। Vijay की TVK को मिल सकता है बड़ा फायदा फिल्म अभिनेता विजय की पार्टी TVK अभी नई जरूर है, लेकिन युवाओं के बीच उसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। विजय लगातार बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और विकास जैसे मुद्दों को उठाते रहे हैं। यही वजह है कि पहली बार वोट देने वाले युवा और शहरी वोटर्स उनकी तरफ आकर्षित हो रहे हैं। अब AIADMK के बागी नेताओं का समर्थन मिलने से TVK को जमीनी स्तर पर और मजबूती मिल सकती है। खासकर उन इलाकों में जहां AIADMK का पारंपरिक वोट बैंक मजबूत माना जाता था। DMK पर भी बोला हमला शणमुगम ने DMK पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी पार्टी के साथ जाना राजनीतिक तौर पर खत्म होने जैसा होता। उन्होंने दावा किया कि तमिलनाडु की जनता अब पुरानी राजनीति से आगे बढ़कर नए चेहरे और नई सोच को मौका देना चाहती है। उनके बयान के बाद राज्य की राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। राजनीतिक विशेषज्ञ मान रहे हैं कि आने वाले दिनों में कई और नेता भी अपनी राजनीतिक रणनीति बदल सकते हैं। Tamil Nadu Politics में बदल सकते हैं समीकरण AIADMK में आई यह फूट आगामी विधानसभा चुनाव में बड़ा असर डाल सकती है। अगर बागी गुट मजबूत होता है और TVK के साथ उसका गठजोड़ आगे बढ़ता है, तो राज्य की राजनीति में नए समीकरण बन सकते हैं। फिलहाल सभी की नजर AIADMK नेतृत्व की अगली रणनीति और विजय की बढ़ती राजनीतिक ताकत पर टिकी हुई है। आने वाले समय में यह घटनाक्रम तमिलनाडु की चुनावी राजनीति को और दिलचस्प बना सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
1 86 87 88 89 90 216

Editor's Picks

Sugar

Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.