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Maa Skand Mata

नवरात्रि Day 5 Maa Skand Mata पूजा और सकारात्मक ऊर्जा का महत्व

नवरात्रि दिन 5 का आध्यात्मिक महत्व नवरात्रि का पाँचवाँ दिन माँ स्कंद माता (Maa Skand Mata) को समर्पित होता है। Maa Skand Mata भगवान कार्तिकेय की माता हैं और देवी दुर्गा का एक पवित्र रूप मानी जाती हैं। इस दिन भक्त माँ की पूजा-अर्चना करते हैं और उनके आशीर्वाद से जीवन में शक्ति, सफलता, आत्मविश्वास और सुख-शांति पाने की कामना करते हैं। Maa Skand Mata का महत्व मां स्कंद माता चार मुख और चार हाथ वाली देवी हैं। उनके हाथों में कमल, त्रिशूल, तलवार और आशीर्वाद मुद्रा होती है। यह रूप हमें यह संदेश देता है कि जीवन में ज्ञान, साहस, शक्ति और प्रेम का संतुलन होना चाहिए। Maa Skand Mata भक्तों को कठिनाइयों पर विजय पाने और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने की प्रेरणा देती हैं। Navratri Day 5 पूजा विधि इस दिन माँ स्कंद माता की पूजा विशेष भक्ति और श्रद्धा के साथ की जाती है। पूजा में दीप, पुष्प, हल्दी-कुंकुम और देवी का चित्र या मूर्ति रखा जाता है। भक्त दिन में उपवास रखते हैं और हलवा, खिचड़ी या फल का सेवन करते हैं। Maa Skand Mata के मंत्र का जाप और स्तुति पाठ करने से इस दिन विशेष लाभ प्राप्त होते हैं। मां स्कंद माता से जुड़ी मान्यताएं नवरात्रि दिन 5 का विशेष रंग — हरा (Green) Navratri के पाँचवें दिन, भक्त हरा (Green) रंग के वस्त्र पहनते हैं।यह रंग विकास (growth), समृद्धि (prosperity), शांतता (harmony) और संतुलन का प्रतीक माना जाता है।हरा पहनकर भक्त माँ स्कंद माता की कृपा, पवित्रता और सकारात्मक ऊर्जा को आमंत्रित करते हैं। Navratri 2025 Day 5 का संदेश नवरात्रि Day 5 हमें यह याद दिलाता है कि सच्ची शक्ति केवल बाहरी नहीं बल्कि भीतर से आती है। Maa Skand Mata का आशीर्वाद हमें अपने लक्ष्य की प्राप्ति में साहस और शक्ति प्रदान करता है। यह दिन आध्यात्मिक ऊर्जा और नई शुरुआत का प्रतीक है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Maa Kushmanda

नवरात्रि के चौथे दिन Maa Kushmanda की आराधना Navratri Day 4 Special

नवरात्रि के चौथे दिन का महत्व नवरात्रि का पर्व देवी दुर्गा के नौ रूपों की आराधना का महान त्यौहार है। इस पर्व में चौथे दिन Maa Kushmanda की पूजा होती है। “कूष्मांडा” का अर्थ है “ब्रह्मांड की रचयिता”, जो सम्पूर्ण सृष्टि को अपनी हंसी से जन्म देती हैं। Maa Kushmanda को स्वास्थ्य, ऊर्जा, शक्ति और समृद्धि का स्रोत माना जाता है। इस दिन उनकी पूजा करने से जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं। Maa Kushmanda का स्वरूप और महत्व नवरात्रि Day 4 पूजा विधि (Navratri Day 4 Puja Vidhi) नवरात्रि Day 4 का रंग और भोग नवरात्रि चौथे दिन पूजा के लाभ हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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चंद्रघंटा

Day 3 of Navratri चंद्रघंटा Mata की भक्ति और जीवन में सकारात्मकता

नवरात्रि का तीसरा दिन मां चंद्रघंटा को समर्पित है। मां चंद्रघंटा साहस, शक्ति और भक्ति की देवी हैं। इस दिन उनकी पूजा करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और जीवन में आत्मविश्वास, शांति और सकारात्मकता आती है। मां चंद्रघंटा का महत्व मां चंद्रघंटा का नाम उनके सिर पर झूलती चाँद की घंटी के कारण पड़ा। उनका स्वरूप सुंदर, शांत और वीरता से भरा है। उनके आशीर्वाद से भय, संकट और परेशानियाँ दूर होती हैं। तीसरे दिन की पूजा विधि शुभ रंग और महत्व तीसरे दिन का शुभ रंग पीला और केसरिया माना जाता है। तीसरे दिन की विशेष बातें हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Navratri

Day 2 Navratri 2025 ब्रह्मचारिणी माता का आशीर्वाद और सकारात्मक ऊर्जा

नवरात्रि के Day 2 पर मां ब्रह्मचारिणी की उपासना की जाती है। यह दिन देवी माँ के ज्ञान, तपस्या और संयम के स्वरूप को समर्पित है। मां ब्रह्मचारिणी शांत, धैर्यशील और तपस्विनी देवी हैं, जो भक्तों को आत्म-संयम और मानसिक शक्ति प्रदान करती हैं। ब्रह्मचारिणी माता कौन हैं? मां ब्रह्मचारिणी देवी पार्वती का वही स्वरूप हैं, जिन्होंने शिव जी की प्राप्ति के लिए कठोर तपस्या की। उनका रूप ज्ञान, साधना और तप का प्रतीक है। पूजा विधि – How to Worship ब्रह्मचारिणी माता का महत्व शुभ रंग (Shubh Rang) – Day 2 Day 2 पर मां ब्रह्मचारिणी की पूजा के लिए सफेद (White) रंग को विशेष रूप से शुभ माना जाता है। सफेद रंग शांति, पवित्रता और मानसिक संतुलन का प्रतीक है। इस दिन सफेद या हल्के गुलाबी रंग के वस्त्र पहनना अत्यंत लाभकारी माना जाता है। Day 2 Message of Navratri मां ब्रह्मचारिणी हमें सिखाती हैं कि संयम और साधना से ही जीवन में सफलता और संतोष आता है। यह दिन आत्म-नियंत्रण, परिश्रम और सकारात्मक ऊर्जा के महत्व को याद दिलाता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Navratri

Navratri 2025 Day1 घटस्थापना और माँ शैलपुत्री से शक्ति की शुरुआत

Navratri 2025 का पहला दिन घटस्थापना के साथ शुरू होता है। यह दिन देवी माँ दुर्गा के नौ रूपों में से पहले रूप माँ शैलपुत्री की पूजा के लिए समर्पित है। नवरात्रि हिंदू धर्म में शक्ति, भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। घटस्थापना का महत्व Navratri के पहले दिन घर में कलश स्थापना या घटस्थापना करना बहुत शुभ माना जाता है। इस दिन मिट्टी या धातु के कलश में जल, फल, फूल और कुमकुम रखकर पूजा की जाती है। घटस्थापना से घर में समृद्धि, खुशहाली और सकारात्मक ऊर्जा का आगमन होता है। माँ शैलपुत्री की पूजा पहले दिन की नवरात्रि माँ शैलपुत्री को समर्पित है। शैलपुत्री का अर्थ है “पर्वत की पुत्री”। वे सादगी, शक्ति और पवित्रता का प्रतीक हैं। इस दिन व्रती माँ शैलपुत्री की पूजा कर अपने जीवन में धैर्य, आत्मविश्वास और मानसिक शांति प्राप्त करते हैं। पूजा विधि: व्रत और भोजन टिप्स Navratri पहले दिन व्रती फल, दूध, ठंडाई और उपवास के अनुसार हल्का भोजन करते हैं। तामसिक भोजन, मांसाहार और शराब से परहेज करना चाहिए। आज का शुभ रंग और मुहूर्त Navratri का पहला दिन हमें शक्ति, समर्पण और सकारात्मक सोच का संदेश देता है। माँ शैलपुत्री की पूजा से जीवन में आत्मबल और खुशहाली आती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Shardiya Navratri 2025

Shardiya Navratri 2025 सूर्य ग्रहण के साए में शुरू, दैनिक देवी स्वरूप और रंग

Shardiya Navratri 2025 इस साल विशेष संयोग के साथ 22 सितंबर 2025 से शुरू होकर 2 अक्टूबर 2025 तक चलेगी। इस वर्ष नवरात्रि सूर्य ग्रहण (Surya Grahan 2025) के बाद शुरू हो रही है, इसलिए घटस्थापना के शुभ मुहूर्त और पूजा के नियम बेहद महत्वपूर्ण हैं। घटस्थापना मुहूर्त 2025 घटस्थापना के समय देवी की कृपा विशेष रूप से प्राप्त होती है। सूर्य ग्रहण 2025 और इसका प्रभाव इससे नकारात्मक प्रभाव कम होता है और पूजा का वातावरण पवित्र बनता है। Shardiya Navratri 2025: देवी दुर्गा के 9 रूप और दैनिक रंग Day Date Goddess (देवी) Color (रंग) 1 22 Sep Shailputri White 2 23 Sep Brahmacharini Red 3 24 Sep Chandraghanta Royal Blue 4 25 Sep Kushmanda Yellow 5 26 Sep Skandamata Green 6 27 Sep Katyayani Grey 7 28 Sep Kalaratri Orange 8 29 Sep Mahagauri Pink 9 30 Sep Siddhidatri Peacock Green 10 1 Oct Vijayadashami Red हर दिन का रंग देवी के स्वरूप और उनके गुणों का प्रतीक है। Navratri पूजा सामग्री 2025 पूजा के लिए जरूरी सामग्री: इन सामग्रियों के साथ पूजा विधि पूर्ण होती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। Navratri व्रत नियम और आहार सुझाव नियमों का पालन करने से व्रत सफल और फलदायी होता है। Cultural Celebrations: Garba, Dandiya और Durga Puja तीर्थ यात्रा और विशेष आयोजन इन आयोजनों में भाग लेने से आध्यात्मिक अनुभव और देवी की कृपा मिलती है। Shardiya Navratri 2025 आपके जीवन में शक्ति, सकारात्मकता और सफलता लाने का अवसर है।घटस्थापना मुहूर्त, व्रत नियम, पूजा सामग्री और सांस्कृतिक उत्सव इस पर्व को और भी विशेष बनाते हैं। इस Shardiya Navratri 2025 , श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ देवी माता का स्वागत करें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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नवरात्रि

नवरात्रि में देवी की कृपा पाने के लिए करें ये 9 काम और भूलकर भी न करें ये 9 गलतियां

Shardiya Navratri 2025: शारदीय नवरात्रि 22 सितंबर से शुरू हो रही है। सनातन परंपरा के अनुसार देवी दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए इन 9 नियमों का पालन करें और इन 9 गलतियों से बचें। जानें नवरात्रि पूजा के नियम और वर्जनाएँ। देश हरपल, धर्म डेस्क।सनातन परंपरा में शक्ति की साधना को सभी कष्टों को दूर करने और कामनाओं को पूरा करने वाली मानी गई है। हिंदू मान्यता के अनुसार नवरात्रि के 9 दिनों तक विधि-विधान से देवी दुर्गा की पूजा करने से जीवन से भय दूर होता है और साधक मां भगवती की कृपा से सुख, समृद्धि और शांति प्राप्त करता है। इस बार शारदीय नवरात्रि 2025 (Shardiya Navratri 2025) का आरंभ 22 सितंबर से हो रहा है। मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए भक्तों को कुछ खास नियमों का पालन करना चाहिए और कुछ गलतियों से बचना जरूरी है। आइए जानते हैं कि इस नवरात्रि में कौन से 9 काम जरूर करें और कौन सी 9 गलतियां भूलकर भी न करें। नवरात्रि पूजा के 9 नियम (9 Do’s of Navratri) नवरात्रि पर न करें ये 9 गलतियां (9 Don’ts of Navratri) हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Pitra

पितृ पक्ष Day 3 2025 Pitra Tarpan और Shraddh का महत्व

पितृ पक्ष (Pitru Paksha) हिन्दू धर्म में अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का विशेष समय है। यह भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की द्वादशी से अमावस्या तक चलता है। आज पितृ पक्ष का तीसरा दिन (Day 3) है। तीसरे दिन (Day 3) का महत्व तीसरे दिन विशेष रूप से उन पितरों की याद की जाती है, जिनकी आत्मा शांति की स्थिति में नहीं है। पंडितों के अनुसार, इस दिन किया गया श्राद्ध और तर्पण, पितरों को मोक्ष प्रदान करता है और परिवार में सौभाग्य, सुख-शांति और समृद्धि लाता है। तीसरे दिन के प्रमुख कर्म शुभ समय और दिशा पितृ पक्ष Day 3 का संदेश पितृपक्ष द्वितीया तिथि न केवल परंपरा का प्रतीक है, बल्कि यह हमें अपने पूर्वजों के योगदान और उनके प्रति सम्मान व्यक्त करना सिखाती है। इस दिन की पूजा से पितरों की आत्मा की शांति होती है और परिवार में सुख-शांति और समृद्धि आती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Pitra Paksh

Day 2 Pitra Paksh 2025 पितरों की पूजा और शुभ मुहूर्त

Pitra Paksh 2025, जिसे श्राद्ध पक्ष के नाम से भी जाना जाता है, वह पवित्र समय है जब हम अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। यह समय 15 सितम्बर 2025 से शुरू हुआ और 29 सितम्बर 2025 तक चलेगा। दिन 2 का महत्व (6 सितंबर 2025 का श्राद्ध) पितृ पक्ष का दूसरा दिन विशेष रूप से उन पूर्वजों के लिए माना जाता है जिन्होंने अपने परिवार को कभी न भूलने वाले संस्कार और ज्ञान दिया। इस दिन पितृ तर्पण और दान पुण्य करने से परिवार में सुख, शांति और समृद्धि आती है। पितृ तर्पण की विधि शुभ मुहूर्त और समय दिन 2 के लिए पितृ पक्ष के शुभ समय में तर्पण और श्राद्ध कार्य करना विशेष फलदायी माना गया है। पितृ पक्ष 2025 के लिए विशेष उपाय पितृ पक्ष का धार्मिक महत्व पितृ पक्ष केवल धार्मिक परंपरा नहीं है, बल्कि यह पूर्वजों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक है। यह समय हमें याद दिलाता है कि हमारे पूर्वजों का आशीर्वाद ही हमारे जीवन में सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य लाता है। पितृ पक्ष के दिन 2 पर किए गए तर्पण और दान से पूर्वजों की आत्मा की शांति के साथ-साथ जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है। यह समय अपने परिवार, पूर्वजों और समाज के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का भी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Pitra Paksh

Pitra Paksh 2025 Day 1 प्रतिपदा श्राद्ध का महत्व और पूजा विधि

Pitra Paksh 2025 यानी श्राद्ध पक्ष की शुरुआत 7 सितंबर 2025, रविवार से हो रही है। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह दिन कृष्ण पक्ष प्रतिपदा (Tithi: Pratipada, Krishna Paksha) है। यह 16 दिन का विशेष कालखंड है, जब लोग अपने Pitra (पितरों) की आत्मा की शांति और मोक्ष के लिए Tarpan, Pind Daan और Shradh करते हैं। माना जाता है कि इस अवधि में पूर्वज धरती पर आते हैं और श्रद्धापूर्वक किया गया श्राद्ध उन्हें तृप्त कर वंशजों को आशीर्वाद देता है। Pitra Paksh 2025 Day 1 (प्रतिपदा श्राद्ध) का महत्व Pitra Paksh Shradh Vidhi (पूजा विधि) पूजा का समय (Tithi / Muhurat): पूजा विधि: Pitra Paksh Mein Kya Karen? Kya Na Karen? Pitra Paksh 2025 का पहला दिन (7 सितंबर, रविवार) पूर्वजों की कृपा पाने का सुनहरा अवसर है। प्रतिपदा श्राद्ध से शुरू होने वाला यह पावन काल घर-परिवार में Sukh, Shanti और Samriddhi लाता है। जो व्यक्ति श्रद्धा और नियमपूर्वक श्राद्ध करता है, उसके पितर तृप्त होकर पूरे परिवार को आशीर्वाद देते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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छत्तीसगढ़ राज्योत्सव में सारंग हेलिकॉप्टर टीम दिखाएगी हवाई करतब, रायपुर पहुंचा वायुसेना का दल

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 में भारतीय वायुसेना की सारंग हेलिकॉप्टर डिस्प्ले टीम आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहेगी। टीम सोमवार को रायपुर पहुंच गई। राज्योत्सव के दौरान नवा रायपुर अटल नगर के सेंध लेक क्षेत्र के ऊपर हेलिकॉप्टरों से रोमांचक हवाई करतब दिखाए जाएंगे। तीन दिवसीय आयोजन में होने वाला यह प्रदर्शन दर्शकों के लिए खास आकर्षण रहेगा। स्वदेशी ध्रुव हेलिकॉप्टरों से दिखेगा वायुसेना का कौशल पब्लिक रिलेशन ऑफिसर विंग कमांडर देबर्थो धर ने बताया कि सारंग टीम स्वदेशी एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर (ALH) ध्रुव के जरिए प्रदर्शन करती है। टीम हवा में सटीक उड़ान, हेलिकॉप्टरों के बीच बेहतरीन तालमेल और एक साथ अलग-अलग आकृतियां बनाने के लिए जानी जाती है। प्रदर्शन के दौरान वायुसेना के जवान अपने कौशल, अनुशासन और टीमवर्क का प्रदर्शन करेंगे। इसके साथ ही स्वदेशी हेलिकॉप्टरों की क्षमताओं को भी प्रदर्शित किया जाएगा। मोर के रंगों से प्रेरित है सारंग टीम की पहचान सारंग हेलिकॉप्टर डिस्प्ले टीम के हेलिकॉप्टरों की रंग योजना भारत के राष्ट्रीय पक्षी मोर से प्रेरित है। टीम का ध्येय वाक्य ‘इंस्पायर थ्रू एक्सीलेंस’ है, जिसका अर्थ उत्कृष्टता के जरिए प्रेरित करना है। सारंग टीम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भारतीय वायुसेना का प्रतिनिधित्व करती है। अपने समन्वित हवाई प्रदर्शन के जरिए टीम भारतीय वायुसेना की पेशेवर क्षमता और स्वदेशी तकनीक को प्रदर्शित करती है। युवाओं को विमानन में करियर बनाने की मिलेगी प्रेरणा राज्योत्सव में सारंग टीम का प्रदर्शन आम लोगों के साथ विद्यार्थियों और युवाओं के लिए भी खास रहेगा। दर्शकों को हेलिकॉप्टरों की उड़ान और विमानन की दुनिया को करीब से देखने का अवसर मिलेगा। इस प्रदर्शन के जरिए युवाओं को विमानन क्षेत्र में करियर बनाने और देश की सेवा के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया जाएगा। राज्योत्सव में सारंग टीम की मौजूदगी आयोजन के रोमांच और आकर्षण को और बढ़ाएगी।

ग्वालियर में पटवारी भर्ती के नाम पर 7 युवाओं से 50 लाख की ठगी, फर्जी सिलेक्शन लिस्ट और जॉइनिंग लेटर थमाए

ग्वालियर। मध्यप्रदेश में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। ग्वालियर में सात बेरोजगार युवाओं को पटवारी बनवाने का झांसा देकर करीब 50 लाख रुपए वसूलने का आरोप है। आरोपियों ने खुद को व्यापमं का कर्मचारी और STF का अधिकारी बताकर युवाओं को भरोसे में लिया। इसके बाद उन्हें फर्जी सिलेक्शन लिस्ट और जॉइनिंग लेटर दिए गए। नौकरी नहीं मिलने और पैसे वापस न लौटाने पर मामला पुलिस तक पहुंचा। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अरविंद नरवरिया, गोवर्धन तोमर और प्रदीप गौतम के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें तलाश में जुटी हैं। जीवाजी यूनिवर्सिटी के कर्मचारी के जरिए हुई मुलाकात मामले के मुताबिक, जीवाजी यूनिवर्सिटी की लॉ शाखा से जुड़े कर्मचारी राजवीर सिंह तोमर निवासी महलगांव ने सात युवाओं को मुख्य आरोपी अरविंद नरवरिया से मिलवाया था। इनमें रवि शर्मा, शत्रुघ्न शर्मा, पवन कौरव, दिव्यांश शर्मा, जितेंद्र गुर्जर, नागेंद्र चौहान और सतेन्द्र सिंह शामिल हैं। आरोप है कि अरविंद युवाओं को भोपाल ले गया। वहां उसने प्रदीप गौतम का नाम बताते हुए उसे व्यापमं का कर्मचारी बताया और पटवारी की नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया। कुछ दिन बाद गोवर्धन सिंह तोमर का नाम सामने आया, जिसे STF का अधिकारी बताया गया। प्रति अभ्यर्थी 12 लाख रुपए में हुई थी डील युवाओं को पटवारी की सरकारी नौकरी दिलाने के लिए प्रति अभ्यर्थी 12 लाख रुपए में सौदा तय होने का आरोप है। इसके बाद किसी से दो लाख तो किसी से चार लाख रुपए एडवांस लिए गए। पीड़ितों के मुताबिक, अलग-अलग किस्तों में फोन-पे और बैंक खातों के जरिए रकम जमा कराई गई। कुल मिलाकर करीब 50 लाख रुपए लेने का आरोप है। आरोपियों ने युवाओं को जबलपुर और भोपाल ले जाकर परीक्षा कराने की बात कही। इससे युवाओं को लगा कि भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। फर्जी सिलेक्शन लिस्ट और जॉइनिंग लेटर दिए युवाओं को भरोसे में लेने के लिए आरोपियों ने कथित तौर पर फर्जी चयन सूची और जॉइनिंग लेटर भी दिए। वेरिफिकेशन के नाम पर उन्हें कभी भोपाल, कभी जबलपुर और कभी भिंड ले जाया गया। आरोप है कि भिंड कलेक्ट्रेट परिसर स्थित एक सेवा केंद्र पर युवाओं के दस्तावेजों का वेरिफिकेशन भी कराया गया और उनके हस्ताक्षर लिए गए। इस घटनाक्रम के बाद वहां किसी कर्मचारी की भूमिका को लेकर भी आशंका जताई गई है। हालांकि, इस संबंध में जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है। पैसे वापस मांगे तो नहीं मिली राहत पीड़ितों के मुताबिक, लंबे समय तक इंतजार करने के बाद भी उन्हें पटवारी की नौकरी नहीं मिली। जब उन्होंने आरोपियों से पैसे वापस मांगे, तो रकम लौटाने से इनकार कर दिया गया। युवाओं ने धमकियां मिलने का आरोप भी लगाया है। बताया गया है कि यह मामला 16 दिसंबर 2023 से अब तक की अवधि से जुड़ा है। ठगी का मामला सामने आने के बाद युवाओं ने जीवाजी यूनिवर्सिटी के कर्मचारी राजवीर सिंह तोमर से भी रकम वापस दिलाने की मांग की। तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज शिकायत के बाद ग्वालियर के थाटीपुर थाने में सोमवार को मामला दर्ज किया गया। पुलिस के अनुसार, केस में तीन आरोपियों के नाम सामने आए हैं: थाटीपुर थाना प्रभारी विपेन्द्र सिंह चौहान के मुताबिक, शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच और साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

रूस में नौकरी की तलाश में गया बिलासपुर का युवक लापता, युद्ध में शामिल करने के लिए दबाव बनाने का आरोप

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले का रहने वाला विनीत कुमार दुबे रूस में लापता हो गया है। वह नौकरी की तलाश में रूस गया था, लेकिन परिवार के मुताबिक 7 अक्टूबर के बाद से उससे संपर्क नहीं हो पा रहा है। विनीत की बहन ने आरोप लगाया है कि उसे रूस में बंधक बनाकर रखा गया और युद्ध में शामिल होने से इनकार करने पर उसके साथ मारपीट की गई है। परिवार ने बिलासपुर कलेक्टर और एसएसपी से मुलाकात कर युवक की सुरक्षित वापसी के लिए मदद मांगी है। मामले में बिलासपुर पुलिस ने रूसी दूतावास और भारत के विदेश मंत्रालय को पत्र लिखकर विनीत की स्थिति का पता लगाने और उसकी सुरक्षित वापसी में सहयोग मांगा है। टेलीग्राम ग्रुप के जरिए मिली थी नौकरी की जानकारी विनीत कुमार दुबे बिल्हा का रहने वाला है और उसने दसवीं तक पढ़ाई की है। परिवार के मुताबिक, उसे टेलीग्राम के एक ग्रुप के जरिए रूस में नौकरी की जानकारी मिली थी। इसके बाद वह 1 अक्टूबर को मॉस्को पहुंचा था। परिजनों का आरोप है कि रूस पहुंचने के बाद विनीत की मुश्किलें बढ़ने लगीं। उसे भारतीय दूतावास जाने नहीं दिया गया और मॉस्को के एक होटल में रोककर रखा गया। इसके बाद उसे वोल्गोग्राद भेज दिया गया, जहां उसे एक अपार्टमेंट में रखा गया था। कार में बैठाकर ले गए, फिर टूट गया संपर्क विनीत की बहन आशी दुबे के मुताबिक, 7 अक्टूबर की सुबह करीब 7 बजे कुछ लोग उसके भाई को कार में बैठाकर किसी अज्ञात स्थान पर ले गए। इसके बाद से परिवार का उससे संपर्क टूट गया। बहन का आरोप है कि विनीत पर रेजिडेंसी हासिल करने और युद्ध में शामिल होने का दबाव बनाया जा रहा था। इनकार करने पर उसके साथ मारपीट की गई और उसे भूखा रखकर परेशान किया गया। परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि विनीत को ड्रग्स से जुड़े एक मामले में फंसाने की धमकी देकर स्थानीय लोगों की बात मानने के लिए मजबूर किया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। व्हाट्सएप के जरिए परिवार को मिली जानकारी परिवार के मुताबिक, विनीत के साथ हुई घटनाओं की जानकारी उन्हें किशोर नाम के एक युवक के जरिए मिली। किशोर ने व्हाट्सएप पर परिवार से संपर्क किया था। इसके बाद से परिजन विनीत की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। परिवार ने बिलासपुर कलेक्टर और एसएसपी से मुलाकात कर पूरे मामले में हस्तक्षेप करने और विनीत को सुरक्षित भारत वापस लाने की मांग की है। परिजनों ने केंद्र सरकार और भारतीय दूतावास से भी मदद की अपील की है। रूसी दूतावास और विदेश मंत्रालय को पुलिस ने लिखा पत्र परिवार की शिकायत के बाद बिलासपुर पुलिस ने रूसी दूतावास और भारत के विदेश मंत्रालय को पत्र भेजा है। पुलिस संबंधित एजेंसियों से विनीत की स्थिति की जानकारी जुटाने और उसकी सुरक्षित वापसी में सहयोग की मांग कर रही है। फिलहाल विनीत कुमार दुबे कहां है और उसकी हालत कैसी है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। परिवार को उम्मीद है कि संबंधित एजेंसियों की मदद से जल्द उसका पता लगाया जा सकेगा और उसे सुरक्षित भारत लाया जाएगा।
MPWPCL

MPWPCL Achievement: 9,000 महिला एवं जनजातीय किसानों से जुड़े संगठन को मिली नई पहचान

मध्य प्रदेश महिला पोल्ट्री उत्पादक कंपनी लिमिटेड (MPWPCL) के लिए गर्व की बात है। कंपनी से जुड़े डॉ. मृदु पवन हजारिका ,MVSc, मुख्य तकनीकी सलाहकार (Chief Technical Advisor) प्रतिनिधि को जबलपुर स्थित नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय (NDVSU) डॉ. मृदु पवन हजारिका को सलाहकार MPWPCL में सदस्य के रूप में मनोनीत किया गया है। इस उपलब्धि को ग्रामीण महिलाओं, जनजातीय किसानों और सहकारिता के जरिए रोजगार के नए अवसर तैयार करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की पहचान माना जा रहा है। यह मनोनयन ऐसे समय में सामने आया है, जब ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उन्हें आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। उम्मीद है कि इस जिम्मेदारी के जरिए विश्वविद्यालय और जमीनी स्तर पर काम करने वाले किसान संगठनों के बीच सहयोग को और मजबूती मिलेगी। MPWPCL से जुड़ी हैं करीब 9,000 महिला एवं जनजातीय किसान मध्य प्रदेश महिला पोल्ट्री उत्पादक कंपनी लिमिटेड की शुरुआत ग्रामीण गरीब परिवारों को आजीविका के बेहतर अवसर देने के उद्देश्य से हुई थी। मध्य प्रदेश शासन की जिला गरीबी उन्मूलन पहल (DPIP) के तहत शुरू हुए इस प्रयास में महिला किसानों और जनजातीय समुदायों को खास तौर पर पोल्ट्री व्यवसाय से जोड़ने पर ध्यान दिया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, MPWPCL के नेटवर्क में 16 सदस्य सहकारी समितियों एवं उत्पादक कंपनियों सहित कुल 17 संगठन शामिल हैं। इस नेटवर्क से करीब 9,000 महिला एवं जनजातीय किसान जुड़े हुए हैं। इसके अलावा, यह व्यवस्था लगभग 1,000 लोगों को रोजगार देने में भी योगदान करती है। कंपनी का सालाना कारोबार ₹500 करोड़ से अधिक बताया गया है। यह आंकड़ा दिखाता है कि सही मार्गदर्शन, संगठित प्रयास और बाजार से जुड़ाव के जरिए ग्रामीण स्तर पर शुरू की गई पहल किस तरह बड़े व्यवसाय का रूप ले सकती है। NDVSU की Extension Council में क्यों अहम है यह जिम्मेदारी? नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय, जबलपुर पशु चिकित्सा और पशुपालन से संबंधित शिक्षा, अनुसंधान तथा तकनीकी जानकारी के प्रसार के लिए जाना जाता है। विश्वविद्यालय की विस्तार परिषद में MPWPCL से जुड़े डॉ. मृदु पवन हजारिका का मनोनयन ग्रामीण किसानों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल बनाने का अवसर प्रदान कर सकता है। पोल्ट्री व्यवसाय में बेहतर उत्पादन, पशु स्वास्थ्य, वैज्ञानिक तरीके और व्यावसायिक प्रबंधन की जानकारी काफी मायने रखती है। ऐसी जानकारी समय पर मिलने से किसानों को अपने काम में सुधार करने और कारोबार को लंबे समय तक टिकाऊ बनाने में मदद मिल सकती है। इसलिए विश्वविद्यालय और किसान संगठनों के बीच संवाद बढ़ाना केवल संस्थागत उपलब्धि नहीं, बल्कि ग्रामीण स्तर पर काम करने वाले लोगों के लिए भी उपयोगी साबित हो सकता है। विद्यार्थियों को भी मिल रहा है Practical Experience MPWPCL से वर्ष 2004 से जुड़े रहे प्रतिनिधि के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी जानकारी और व्यावसायिक प्रबंधन को पहुंचाना इस पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। इसी दिशा में NDVSU के सहयोग से MPWPCL और केसला पोल्ट्री सहकारी समिति (KPS) में विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप कार्यक्रम शुरू किए जाने की जानकारी दी गई है। इस कार्यक्रम के जरिए विद्यार्थियों को पोल्ट्री व्यवसाय की वास्तविक कार्यप्रणाली, सहकारी संस्थाओं के प्रबंधन और किसानों के साथ सीधे काम करने का अनुभव मिल सकता है। कक्षा में पढ़ाई गई बातों को जमीन पर समझने का मौका विद्यार्थियों के लिए काफी उपयोगी होता है। वहीं, ग्रामीण संगठनों को भी नई पीढ़ी के साथ काम करने और तकनीकी जानकारी साझा करने का अवसर मिलता है। महिला सशक्तीकरण और ग्रामीण रोजगार को मिलेगी नई दिशा ग्रामीण महिलाओं के लिए आर्थिक आत्मनिर्भरता का मतलब सिर्फ कमाई करना नहीं, बल्कि अपने परिवार और व्यवसाय से जुड़े फैसलों में अधिक भागीदारी निभाना भी है। MPWPCL जैसे संगठन महिलाओं को सामूहिक रूप से व्यवसाय चलाने, बाजार से जुड़ने और अपनी आजीविका को मजबूत करने का अवसर देते हैं। विस्तार परिषद में मनोनयन से इस तरह के अनुभवों को शैक्षणिक और तकनीकी स्तर पर साझा करने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। इससे ग्रामीण जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार करने और किसानों तक उपयोगी जानकारी पहुंचाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इस मनोनयन से जुड़ी उपलब्ध जानकारी में प्रतिनिधि का नाम और परिषद में उनकी विशिष्ट जिम्मेदारियों का पूरा विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए इन जानकारियों की आधिकारिक पुष्टि के बाद ही उन्हें प्रकाशित करना उचित होगा। MPWPCL के लिए गर्व, ग्रामीण महिलाओं के लिए नई उम्मीद NDVSU की विस्तार परिषद में सदस्य के रूप में डॉ. मृदु पवन हजारिका मनोनयन MPWPCL से जुड़े किसानों, कर्मचारियों और सहकारी संगठनों के सामूहिक प्रयासों को पहचान दिलाने वाला कदम है। करीब 9,000 महिला एवं जनजातीय किसानों से जुड़ा नेटवर्क ग्रामीण आजीविका के क्षेत्र में संगठित प्रयासों की अहमियत को सामने लाता है। आने वाले समय में विश्वविद्यालय और किसान संगठनों के बीच सहयोग मजबूत होता है, तो वैज्ञानिक पशुपालन, कौशल विकास और ग्रामीण उद्यमिता को नई दिशा मिल सकती है। इसका सबसे बड़ा फायदा उन महिलाओं और परिवारों को मिल सकता है, जो पोल्ट्री व्यवसाय के जरिए अपनी आर्थिक स्थिति बेहतर बनाने की कोशिश कर रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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ODI Records: सचिन से गिल तक, एक साल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले टॉप-5 भारतीय बल्लेबाज

क्रिकेट में हर खिलाड़ी का सपना होता है कि वह अपनी बल्लेबाजी से टीम को जीत दिलाए और ऐसा रिकॉर्ड बनाए, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाए। भारतीय क्रिकेट में सचिन तेंदुलकर से लेकर विराट कोहली तक कई दिग्गज बल्लेबाजों ने अपने प्रदर्शन से फैंस का दिल जीता है। लेकिन जब बात एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा ODI रन बनाने की आती है, तो कहानी थोड़ी दिलचस्प हो जाती है। इस रिकॉर्ड में सचिन तेंदुलकर सबसे आगे हैं। वहीं, सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ ने भी एक ही साल में शानदार रन बनाकर इतिहास रचा था। नई पीढ़ी के बल्लेबाज शुभमन गिल ने 2023 में अपने बल्ले से ऐसा कमाल किया कि वह भी इस खास सूची में शामिल हो गए। दिलचस्प बात यह है कि विराट कोहली का नाम इस रिकॉर्ड की टॉप-5 लिस्ट में नहीं आता। ODI Cricket: एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले टॉप-5 भारतीय बल्लेबाज पुरुषों के ODI क्रिकेट में एक कैलेंडर ईयर के दौरान सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाजों की सूची में ये पांच प्रदर्शन शामिल हैं। रैंक भारतीय बल्लेबाज साल रन 1 सचिन तेंदुलकर 1998 1,894 2 सौरव गांगुली 1999 1,767 3 राहुल द्रविड़ 1999 1,761 4 सचिन तेंदुलकर 1996 1,611 5 शुभमन गिल 2023 1,584 यहां कैलेंडर ईयर का मतलब 1 जनवरी से 31 दिसंबर के बीच खेले गए ODI मैचों में बनाए गए रन हैं। इस सूची में सचिन तेंदुलकर का दो बार शामिल होना उनके शानदार करियर की एक बड़ी उपलब्धि है। 1. सचिन तेंदुलकर: 1998 में बनाए 1,894 रन इस सूची में सबसे ऊपर मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर का नाम है। उन्होंने 1998 में 34 ODI मैचों में 1,894 रन बनाए थे। इस दौरान उन्होंने नौ शतक और सात अर्धशतक लगाए। सचिन के लिए 1998 बेहद खास साल रहा। उनकी बल्लेबाजी का अंदाज ऐसा था कि विरोधी टीमों के गेंदबाजों के सामने लगातार चुनौती बनी रहती थी। आज भी एक कैलेंडर ईयर में बनाए गए उनके 1,894 रन ODI क्रिकेट के सबसे बड़े रिकॉर्ड्स में गिने जाते हैं। 2. सौरव गांगुली: 1999 में 1,767 रन भारतीय क्रिकेट के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने 1999 में 1,767 रन बनाए थे। उन्होंने उस साल चार शतक और दस अर्धशतक लगाए। गांगुली की बल्लेबाजी में आक्रामकता और आत्मविश्वास साफ नजर आता था। उन्होंने कई मौकों पर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। एक ही साल में इतने रन बनाकर उन्होंने भारतीय ODI क्रिकेट में अपनी खास जगह बनाई। 3. राहुल द्रविड़: 1999 में 1,761 रन राहुल द्रविड़ ने भी 1999 में अपने बल्ले से शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 1,761 रन बनाए और इस सूची में तीसरा स्थान हासिल किया। द्रविड़ को उनकी तकनीक, धैर्य और मुश्किल परिस्थितियों में टिककर खेलने के लिए जाना जाता है। सौरव गांगुली के साथ उनका एक ही साल में इस सूची में शामिल होना भारतीय क्रिकेट के लिए यादगार उपलब्धि है। 4. सचिन तेंदुलकर: 1996 में भी दिखाया दम सचिन तेंदुलकर ने 1996 में भी शानदार बल्लेबाजी की थी। उस साल उनके बल्ले से 1,611 ODI रन निकले, जिसमें छह शतक और नौ अर्धशतक शामिल थे। एक बल्लेबाज का अलग-अलग वर्षों में इस सूची में जगह बनाना आसान नहीं होता। सचिन ने यह उपलब्धि हासिल करके दिखाया कि उनकी निरंतरता कितनी खास थी। 5. शुभमन गिल: 2023 में 1,584 रन नई पीढ़ी के बल्लेबाज शुभमन गिल ने 2023 में 1,584 ODI रन बनाए थे। उन्होंने उस साल पांच शतक और नौ अर्धशतक लगाए। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 208 रन रहा, जो उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ बनाया था। गिल का 2023 का प्रदर्शन इसलिए भी खास था, क्योंकि उन्होंने बड़े स्कोर बनाने के साथ-साथ तेज गति से रन भी जुटाए। ICC के आंकड़ों के मुताबिक, उस साल उनका ODI औसत 63.36 रहा। <Cite refs={[“turn447195news5”]}/> Virat Kohli टॉप-5 में क्यों नहीं हैं? विराट कोहली का नाम इस सूची में टॉप-5 में नहीं है, लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं कि उनका प्रदर्शन कम रहा है। कोहली ने 2017 में 1,460 ODI रन बनाए थे और उस साल उनका बल्लेबाजी औसत 76.84 रहा था। <Cite refs={[“turn447195search2”]}/> विराट की सबसे बड़ी ताकत लगातार रन बनाना और दबाव वाले मुकाबलों में जिम्मेदारी संभालना रही है। 2023 के वनडे वर्ल्ड कप में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया था। टूर्नामेंट में उनके नाम 765 रन रहे, जो पुरुषों के ODI वर्ल्ड कप के एक संस्करण में किसी बल्लेबाज का सबसे बड़ा व्यक्तिगत रन-स्कोर है। <Cite refs={[“turn447195news5”]}/> यहां एक बात समझना जरूरी है: वर्ल्ड कप में बनाए गए रन और पूरे कैलेंडर ईयर में बनाए गए ODI रन अलग-अलग रिकॉर्ड हैं। इसी वजह से किसी बड़े टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करने के बावजूद बल्लेबाज इस सूची के टॉप-5 में शामिल न हो, ऐसा संभव है। सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड आज भी क्यों है खास? सचिन तेंदुलकर का 1998 में बनाया गया 1,894 रन का रिकॉर्ड लंबे समय से कायम है। एक पूरे साल में इतने रन बनाने के लिए न सिर्फ अच्छी फॉर्म, बल्कि फिटनेस, निरंतरता और लगातार अच्छा प्रदर्शन करने की जरूरत होती है। सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ ने 1999 में इस रिकॉर्ड के करीब पहुंचकर अपनी छाप छोड़ी। वहीं, शुभमन गिल ने 2023 में दिखाया कि नई पीढ़ी के बल्लेबाज भी इस स्तर का प्रदर्शन कर सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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