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14 जून को पहली बार देवरी पहुंचेंगे CM मोहन यादव, केसली में तैयारियां तेज; ड्रोन से होगी निगरानी

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 14 जून को सागर जिले की देवरी विधानसभा के केसली पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री बनने के बाद यह उनका देवरी क्षेत्र का पहला दौरा होगा। प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्टर प्रतिभा पाल और एसपी अनुराग सुजानिया ने केसली पहुंचकर कार्यक्रम स्थल, हेलीपैड और आवागमन मार्गों का निरीक्षण किया। देवरी विधानसभा का पहला दौरा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सागर जिले की अन्य विधानसभा सीटों का दौरा कर चुके हैं, लेकिन अब तक देवरी नहीं पहुंचे थे। करीब तीन महीने पहले नरयावली विधानसभा के जेरई में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने जल्द देवरी आने की घोषणा की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री दोबारा नरयावली पहुंचे और वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में बोमा निर्माण का भूमिपूजन भी किया, लेकिन देवरी का दौरा नहीं हो सका था। अब 14 जून को उनके केसली आगमन को लेकर स्थानीय स्तर पर उत्साह देखा जा रहा है। गर्मी को देखते हुए विशेष इंतजाम कलेक्टर प्रतिभा पाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कार्यक्रम स्थल, हेलीपैड और पार्किंग क्षेत्र में पेयजल, शौचालय और छायादार स्थानों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि हेलीपैड से कार्यक्रम स्थल तक का मार्ग पूरी तरह सुगम और सुरक्षित होना चाहिए। इसके साथ ही तेज गर्मी को देखते हुए एंबुलेंस, डॉक्टरों की टीम, दवाइयां, ओआरएस और अन्य जरूरी चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध रहेंगी। सुरक्षा व्यवस्था रहेगी चाक-चौबंद कार्यक्रम की सुरक्षा को लेकर एसपी अनुराग सुजानिया ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। कार्यक्रम स्थल, पार्किंग और हेलीपैड क्षेत्र में जरूरत के अनुसार बैरिकेडिंग की जाएगी। मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा और पूरे कार्यक्रम क्षेत्र की निगरानी ड्रोन तथा सीसीटीवी कैमरों के जरिए की जाएगी। वरिष्ठ अधिकारियों ने किया निरीक्षण निरीक्षण के दौरान देवरी विधायक बृजबिहारी पटेरिया, जिला पंचायत सीईओ विवेक केवी, केसली एसडीएम राजनंदिनी शर्मा, देवरी एसडीएम मुनव्वर खान सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने व्यवस्थाओं की समीक्षा कर समय पर सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। अधिक जानकारी और प्रदेश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें www.deshharpal.com
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इंदौर में बेकाबू हुआ नगर निगम का पानी टैंकर, कई वाहनों को मारी टक्कर; 4 घायल

मध्य प्रदेश के इंदौर में गुरुवार दोपहर पटेल ब्रिज पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब नगर निगम का एक पानी का टैंकर अचानक बेकाबू हो गया। तेज रफ्तार से लोगों और वाहनों की ओर बढ़ रहे टैंकर को देखकर सड़क पर मौजूद लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। हादसे में चार लोग घायल हो गए, जबकि कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। ब्रेक फेल होने से हुआ हादसा प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, टैंकर के ब्रेक फेल होने के कारण चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अनियंत्रित टैंकर सड़क पर आगे बढ़ते हुए कई कारों और बाइकों से टकराता चला गया। अचानक हुए इस हादसे से इलाके में दहशत का माहौल बन गया। चालक की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जब चालक को स्थिति की गंभीरता का अंदाजा हुआ तो उसने टैंकर को फुटपाथ की ओर मोड़ दिया। इससे टैंकर रुक गया और एक बड़ा हादसा होने से बच गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि टैंकर आगे बढ़ता रहता तो कई और वाहन इसकी चपेट में आ सकते थे। कई वाहन क्षतिग्रस्त, चार लोग घायल हादसे में तीन से चार कारें और दो बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। टक्कर इतनी तेज थी कि वाहनों को काफी नुकसान पहुंचा। घटना में चार लोग घायल हुए हैं। वहीं टैंकर में सवार एक व्यक्ति के भी चोटिल होने की जानकारी सामने आई है। सभी घायलों का उपचार कराया जा रहा है। हादसे के बाद लोगों का फूटा गुस्सा घटना से नाराज लोगों ने टैंकर में तोड़फोड़ कर दी। मौके पर कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। चालक मौके से फरार हादसे के बाद टैंकर चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि खराब स्थिति वाले वाहन को सड़क पर उतारने के कारण यह हादसा हुआ। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। अधिक जानकारी और ताजा खबरों के लिए विजिट करें: www.deshharpal.com
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Rajya Sabha

MP Rajya Sabha Result 2026: मध्य प्रदेश में BJP की क्लीन स्वीप जीत, तीनों सीटों पर कब्जा

मध्य प्रदेश की राजनीति में राज्यसभा (Rajya Sabha)चुनाव को लेकर बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। 3 सीटों पर हुए चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीनों ही सीटें अपने नाम कर ली हैं, जिससे राज्य में विपक्षी दल कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। इस चुनाव को लेकर शुरुआत से ही राजनीतिक हलचल तेज थी, क्योंकि बीजेपी के पास विधानसभा में मजबूत बहुमत होने के कारण दो सीटों पर जीत लगभग तय मानी जा रही थी, लेकिन पार्टी ने रणनीतिक रूप से तीसरी सीट पर भी पूरा जोर लगाया और सफलता हासिल की। बीजेपी के विजेता उम्मीदवार मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए विजयी घोषित बीजेपी उम्मीदवार हैं: इन तीनों नेताओं की जीत के साथ बीजेपी ने राज्यसभा में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है। क्या रहा चुनाव का पूरा राजनीतिक गणित? कांग्रेस ने तीसरी सीट पर मुकाबला करने की कोशिश की, लेकिन राजनीतिक समीकरण उसके पक्ष में नहीं रहे। राजनीतिक रणनीति और असर वहीं कांग्रेस को इस चुनाव में अपेक्षित सफलता नहीं मिली, जिससे पार्टी के भीतर मंथन तेज हो गया है। क्यों है यह चुनाव खास? हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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रायपुर में आवारा कुत्तों के लिए बने फीडिंग जोन: 70 वार्डों में तय हुई जगहें, अब वहीं खिलाना होगा खाना

आवारा कुत्तों को खाना खिलाने को लेकर अक्सर होने वाले विवादों के बीच रायपुर नगर निगम ने बड़ा फैसला लिया है। हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए निगम ने शहर के सभी 70 वार्डों में स्ट्रीट डॉग्स के लिए फीडिंग जोन निर्धारित कर दिए हैं। इन स्थानों पर सूचना बोर्ड भी लगाए गए हैं, ताकि लोग तय जगहों पर ही कुत्तों को भोजन करा सकें। 70 वार्डों में तय किए गए फीडिंग जोन नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक, शहर के जोन-1 से जोन-10 तक सभी वार्डों में विशेष स्थानों को फीडिंग जोन के रूप में चिन्हित किया गया है। इन जगहों पर पशु प्रेमी बिना किसी विवाद के आवारा कुत्तों को भोजन दे सकेंगे। बाजार, मैदान और खाली प्लॉट बनाए गए फीडिंग जोन निगम ने बाजार, खेल मैदान, तालाब परिसर, सामुदायिक भवन, मुक्तिधाम और खाली प्लॉट जैसी जगहों को फीडिंग जोन के रूप में चयनित किया है। इन स्थानों पर आवश्यक सूचना बोर्ड भी लगाए जा चुके हैं, ताकि लोगों को निर्धारित जगहों की जानकारी मिल सके। विवाद कम करने की पहल नगर निगम का कहना है कि कई क्षेत्रों में आवारा कुत्तों को खाना खिलाने को लेकर पशु प्रेमियों और स्थानीय रहवासियों के बीच विवाद की स्थिति बन जाती थी। ऐसे मामलों की शिकायतें लगातार निगम तक पहुंच रही थीं। फीडिंग जोन बनने से इस तरह के विवादों में कमी आने की उम्मीद है। शिकायत मिलने पर जारी रहेगी कार्रवाई नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि आवारा कुत्तों से संबंधित शिकायतों पर पहले की तरह कार्रवाई जारी रहेगी। यदि किसी क्षेत्र से शिकायत मिलती है तो संबंधित कुत्तों को पकड़कर नियमानुसार जांच और उपचार किया जाएगा। कुत्तों की होगी नसबंदी और टीकाकरण एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) नियमों के तहत पकड़े गए कुत्तों की डी-वॉर्मिंग, एंटी रेबीज टीकाकरण और नसबंदी जैसी प्रक्रियाएं कराई जाएंगी। निगम का उद्देश्य कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करने के साथ-साथ रेबीज जैसी बीमारियों की रोकथाम भी है। अपने वार्ड का फीडिंग जोन ऐसे जानें नगर निगम के अनुसार सभी 70 वार्डों में फीडिंग जोन की सूची उपलब्ध है। नागरिक अपने क्षेत्र के जोन कार्यालय या सूचना बोर्ड के माध्यम से निर्धारित स्थान की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। शहर में बेहतर प्रबंधन की दिशा में कदम नगर निगम का मानना है कि फीडिंग जोन की व्यवस्था से आवारा कुत्तों के प्रबंधन में आसानी होगी। साथ ही पशु प्रेमियों और आम नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में भी मदद मिलेगी। रायपुर, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की ताजा खबरों के लिए जुड़े रहें Deshharpal News Portal के साथ। अधिक जानकारी और लेटेस्ट अपडेट्स के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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गुना में चेन स्नैचर को लोगों ने दौड़ाकर पकड़ा: महिला की चेन छीनकर भाग रहा था बदमाश, जमकर हुई धुनाई

गुना। शहर में लगातार बढ़ रही चेन स्नैचिंग की घटनाओं के बीच मंगलवार रात सराफा बाजार में लोगों ने एक बदमाश को रंगेहाथ पकड़ लिया। आरोपी एक महिला के गले से चेन छीनकर भाग रहा था, लेकिन सतर्क लोगों ने उसका पीछा कर उसे दबोच लिया। इसके बाद लोगों ने उसकी जमकर पिटाई की और पुलिस के हवाले कर दिया। घटना के वीडियो भी सामने आए हैं। महिला की चेन झपटकर भागा आरोपी जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात एक महिला सराफा बाजार से गुजर रही थी। इसी दौरान वहां पहले से घात लगाए खड़े एक युवक ने अचानक महिला के गले पर झपट्टा मारकर चेन छीन ली और भागने लगा। CCTV में कैद हुई वारदात घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में आरोपी शर्ट-पैंट पहनकर बाइक के पास खड़ा नजर आ रहा है। वह काफी देर तक लोगों की गतिविधियों पर नजर रखता है। जैसे ही महिला वहां से गुजरती है, वह चेन झपटकर भागने लगता है। लोगों ने दौड़ाकर पकड़ा चेन स्नैचिंग की वारदात होते ही आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाया और आरोपी का पीछा शुरू कर दिया। हनुमान गली तक पहुंचते-पहुंचते लोगों ने उसे पकड़ लिया। गुस्साए लोगों ने उसकी जमकर धुनाई कर दी। बाद में सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया। राजस्थान का रहने वाला है आरोपी पुलिस के मुताबिक पकड़े गए आरोपी की पहचान राजस्थान के छीपा बड़ौद निवासी दीपक सुमन के रूप में हुई है। उससे पूछताछ की जा रही है और उसके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। दो दिन में दूसरी बड़ी वारदात कोतवाली थाना क्षेत्र में दो दिनों के भीतर चेन स्नैचिंग की यह दूसरी बड़ी घटना है। सोमवार रात महावीरपुरा निवासी डॉ. रश्मि दीक्षित अपने बेटे के साथ टहल रही थीं। इसी दौरान बाइक सवार दो बदमाश उनके गले से सोने का मंगलसूत्र छीनकर फरार हो गए थे। डॉक्टर का मंगलसूत्र लूटकर भागे थे बदमाश पीड़िता डॉ. रश्मि दीक्षित ने पुलिस को बताया कि बदमाशों की बाइक पर MP 08 Z लिखा हुआ था, लेकिन नंबर प्लेट क्षतिग्रस्त होने के कारण पूरा नंबर नहीं पढ़ा जा सका। पुलिस इस मामले में भी आरोपियों की तलाश कर रही है। बढ़ रही हैं लूट और चेन स्नैचिंग की घटनाएं गुना में चेन स्नैचिंग और लूट की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इससे पहले 3 जून को मुनिश्री सुधासागर महाराज के आगमन के दौरान भीड़ का फायदा उठाकर बदमाशों ने एक दर्जन से अधिक लोगों की चेन और पर्स पर हाथ साफ कर दिया था। पुलिस बोली- आरोपी पर दर्ज हुआ केस कोतवाली थाना प्रभारी राजकुमार शर्मा ने बताया कि पकड़े गए आरोपी के खिलाफ लूट के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया गया है। वहीं डॉक्टर से हुई लूट की घटना की जांच जारी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है। प्रदेश और देश की हर बड़ी खबर सबसे पहले पढ़ने के लिए जुड़े रहें Deshharpal News Portal के साथ। अधिक जानकारी और ताजा अपडेट्स के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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PNB में 43 लाख का गोल्ड लोन घोटाला: वैल्यूअर ने नकली सोने पर दिलवाया लोन, 15 लोगों पर FIR

जबलपुर के सदर स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में करोड़ों नहीं, लेकिन लाखों का बड़ा गोल्ड लोन घोटाला सामने आया है। बैंक में जमा करने से पहले सोने की जांच करने वाले अधिकृत वैल्यूअर ने कथित रूप से नकली सोने को असली बताकर करीब 43 लाख रुपए का लोन मंजूर करा दिया। मामले का खुलासा होने के बाद बैंक प्रबंधन ने वैल्यूअर समेत 15 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। वैल्यूअर की जांच में पास हुआ नकली सोना पुलिस के अनुसार, बैंक में गोल्ड लोन लेने पहुंचे लोगों के जेवरों की जांच अधिकृत वैल्यूअर द्वारा की गई थी। जांच के बाद सोने को असली बताकर ग्राहकों को लोन स्वीकृत कर दिया गया। बाद में बैंक अधिकारियों को संदेह हुआ तो जेवरों की दोबारा जांच कराई गई, जिसमें सोना नकली निकला। 13 ग्राहकों को मिला था 38 लाख से ज्यादा का लोन जांच में सामने आया कि 13 अलग-अलग ग्राहकों को नकली सोना गिरवी रखकर कुल 38 लाख 81 हजार 100 रुपए का गोल्ड लोन दिया गया था। ब्याज सहित यह राशि बढ़कर करीब 43 लाख 17 हजार 512 रुपए हो गई। किश्त नहीं चुकाने पर खुला राज दिसंबर 2023 से अक्टूबर 2024 के बीच अलग-अलग समय पर लोगों ने बैंक से गोल्ड लोन लिया था। जब लोन की अवधि पूरी होने के बाद भी किसी ने किश्त जमा नहीं की, तो बैंक ने नोटिस जारी किए। इसके बावजूद कोई ग्राहक बैंक नहीं पहुंचा। इसके बाद बैंक ने गिरवी रखे सोने की दोबारा जांच कराई, जिसमें पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हो गया। बैंक मैनेजर की शिकायत पर दर्ज हुई FIR मामले की शिकायत फरवरी 2026 में बैंक मैनेजर ने कैंट थाना पुलिस से की थी। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि बैंक के अधिकृत वैल्यूअर ने अन्य लोगों के साथ मिलकर नकली सोने के आधार पर लोन दिलवाया था। इसके बाद वैल्यूअर समेत 15 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया। जल्द हो सकती है आरोपियों की गिरफ्तारी कैंट थाना प्रभारी पृष्पेंद्र पटले ने बताया कि पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। मामले की जांच जारी है और फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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कांग्रेस

Bhopal Protest चुनाव आयोग दफ्तर के बाहर RSS Dress टांगकर कांग्रेस का विरोध

राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासत लगातार गरमाती जा रही है। कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों के नामांकन खारिज होने पर बड़ा सवाल उठाया है। पार्टी का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता नहीं बरती गई और विपक्षी उम्मीदवारों को जानबूझकर निशाना बनाया गया। इसी मामले को लेकर कांग्रेस नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल आज केंद्रीय चुनाव आयोग (CEC) से मुलाकात करने वाला है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि लोकतंत्र में चुनाव सबसे अहम प्रक्रिया होती है, लेकिन अगर उसी प्रक्रिया पर सवाल उठने लगें तो लोगों का भरोसा कमजोर होता है। पार्टी अब चुनाव आयोग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करेगी। Bhopal में विरोध प्रदर्शन से बढ़ा राजनीतिक माहौल मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में भी इस मुद्दे को लेकर जोरदार विरोध देखने को मिला। चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और वहां RSS की ड्रेस टांगकर अपना विरोध जताया। इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस और तेज हो गई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप है कि संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बनाया जा रहा है। वहीं भाजपा ने इस प्रदर्शन को गलत बताते हुए कहा कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक हार को छिपाने के लिए अनावश्यक विवाद खड़ा कर रही है। नामांकन खारिज होने पर कांग्रेस के सवाल कांग्रेस का दावा है कि तकनीकी कारणों का हवाला देकर उनके उम्मीदवारों के नामांकन रद्द किए गए, जबकि दूसरी तरफ कुछ मामलों में नियमों को नजरअंदाज किया गया। पार्टी नेताओं का कहना है कि वे चुनाव आयोग को सभी जरूरी दस्तावेज और तथ्यों के साथ अपनी शिकायत सौंपेंगे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर चुनाव आयोग इस मामले में हस्तक्षेप करता है तो राज्यसभा चुनाव की तस्वीर बदल सकती है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति में भी बड़ा असर डाल सकता है। चुनाव आयोग की बैठक पर टिकी निगाहें अब सभी की नजर कांग्रेस नेताओं और CEC के बीच होने वाली बैठक पर है। माना जा रहा है कि इस मुलाकात के बाद चुनाव आयोग की तरफ से कोई बड़ा फैसला या प्रतिक्रिया सामने आ सकती है। राज्यसभा चुनाव का यह विवाद फिलहाल सिर्फ राजनीतिक मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि निष्पक्ष चुनाव और लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े कर रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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भोपाल में हैवानियत की हद: बुजुर्ग महिला की हत्या कर कुल्हाड़ी से काटे पैर, चांदी के कड़े लूटकर फरार हुआ आरोपी

भोपाल के नजीराबाद इलाके में 60 वर्षीय महिला की हत्या कर आरोपी ने कुल्हाड़ी से उसके पैर काट दिए और चांदी के कड़े लूट लिए। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। भोपाल में इंसानियत को शर्मसार करने वाली वारदात राजधानी भोपाल के देहात क्षेत्र नजीराबाद में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां 60 वर्षीय महिला की हत्या करने के बाद आरोपी ने उसके दोनों पैर कुल्हाड़ी से काट दिए और चांदी के कड़े निकालकर फरार हो गया। इस सनसनीखेज वारदात के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। बेटे से मिलवाने के बहाने घर से ले गया आरोपी पुलिस के मुताबिक मृतका की पहचान बादाम बाई (60) निवासी ग्राम पथरिया, थाना बैरसिया के रूप में हुई है। 4 जून को गांव का ही परिचित जसवंत गुर्जर महिला को उसके बेटे से मिलवाने के बहाने बाइक पर बैठाकर ले गया था। इसके बाद महिला घर वापस नहीं लौटी। गुमशुदगी के बाद शुरू हुई तलाश परिजनों ने महिला की काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। आखिरकार 6 जून को बैरसिया थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। परिवार लगातार महिला की खोजबीन में जुटा हुआ था। आरोपी ने खुद दी शव मिलने की सूचना इस मामले का चौंकाने वाला खुलासा 8 जून को हुआ, जब आरोपी जसवंत गुर्जर ने ही मृतका के पति पर्वत सिंह को जंगल में शव पड़े होने की जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद पति और बेटा शेषापुरा के जंगल पहुंचे। जंगल में मिला सड़ा-गला शव महुए के पेड़ के नीचे महिला का नग्न शव पड़ा मिला। शव करीब 4 से 5 दिन पुराना बताया जा रहा है। शरीर सड़ चुका था और उसमें कीड़े पड़ चुके थे। घटना स्थल का दृश्य बेहद भयावह था। कुल्हाड़ी से काट दिए दोनों पैर पुलिस के अनुसार महिला के दोनों पैर टखनों के पास से कटे हुए थे। एक हाथ का पंजा भी गायब था। महिला के पैरों में पहने चांदी के कड़े भी नहीं मिले, जिससे लूट की आशंका गहरा गई। गला दबाकर की हत्या प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ने पहले महिला का गला घोंटकर हत्या की। इसके बाद कुल्हाड़ी से उसके पैर काटकर चांदी के कड़े निकाल लिए। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने वारदात कबूल कर ली है। भरोसे का फायदा उठाकर दिया वारदात को अंजाम परिजनों के मुताबिक आरोपी पहले से परिवार का परिचित था। इसी भरोसे में महिला उसके साथ चली गई थी। पुलिस का मानना है कि आरोपी महिला को सुनसान जंगल में ले गया और वहां इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया। हत्या के पीछे की वजह अब भी साफ नहीं पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर हत्या और लूट समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। हालांकि अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि वारदात सिर्फ लूट के लिए की गई या इसके पीछे कोई पुरानी रंजिश भी थी। पुलिस कर रही मामले की जांच थाना प्रभारी दुर्जन सिंह ने बताया कि शेषापुरा जंगल में बुजुर्ग महिला का शव मिलने की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी। जांच में हत्या की पुष्टि हुई है और आरोपी से पूछताछ जारी है। इलाके में फैली दहशत इस निर्मम हत्या के बाद ग्रामीणों में डर और आक्रोश दोनों देखने को मिल रहे हैं। लोग आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। Read more updates on www.deshharpal.com
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ग्वालियर में नर्सिंग छात्रा की संदिग्ध मौत: रातभर उल्टियां होती रहीं, परिजनों ने हॉस्टल प्रबंधन पर लगाए लापरवाही के आरोप

ग्वालियर के आईपीएस कॉलेज में नर्सिंग ट्रेनिंग ले रही 23 वर्षीय छात्रा नीलू प्रजापति की संदिग्ध मौत हो गई। परिजनों ने हॉस्टल प्रबंधन पर इलाज में देरी और लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्वालियर में नर्सिंग छात्रा की संदिग्ध मौत ग्वालियर के आईपीएस कॉलेज में मुख्यमंत्री कौशल संवर्धन योजना के तहत नर्सिंग ट्रेनिंग लेने आई 23 वर्षीय छात्रा नीलू प्रजापति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है, जबकि परिजनों ने हॉस्टल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। देर रात बिगड़ी थी तबीयत जानकारी के अनुसार, नीलू प्रजापति सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात करीब 12 बजे अचानक बीमार हो गई थी। उसे लगातार उल्टियां हो रही थीं। उसके साथ हॉस्टल में रह रही चचेरे भाई की बेटी तनु ने परिवार को फोन कर इसकी जानकारी दी। इलाज में देरी का आरोप मृतका के पिता लक्ष्मण प्रजापति का आरोप है कि बेटी की हालत बिगड़ने के बावजूद कॉलेज और हॉस्टल प्रबंधन ने समय रहते अस्पताल नहीं पहुंचाया। उनका कहना है कि रात में तबीयत खराब होने के बाद सुबह करीब 5 से 6 बजे के बीच नीलू को अस्पताल ले जाया गया, जिससे इलाज में देरी हुई और उसकी जान चली गई। 14 मई को ट्रेनिंग के लिए पहुंची थी छात्रा नीलू केआरजी कॉलेज से नर्सिंग की पढ़ाई कर रही थी। वह 45 दिन की विशेष ट्रेनिंग के लिए 14 मई को आईपीएस कॉलेज पहुंची थी। परिजनों के मुताबिक, कुछ दिन पहले वह घर भी आई थी और अपने खराब जूते बदलवाकर दोबारा ट्रेनिंग के लिए लौटी थी। हॉस्टल प्रबंधन ने आरोपों से किया इनकार हॉस्टल स्टाफ ने परिजनों के आरोपों को गलत बताया है। स्टाफ का कहना है कि छात्रा की तबीयत खराब होने पर उसे तुरंत ORS दिया गया था, जिससे उसकी हालत में कुछ सुधार हुआ था। बाद में दोबारा तबीयत बिगड़ने पर उसे स्कूटी से अस्पताल पहुंचाया गया। एम्बुलेंस का इंतजार नहीं किया हॉस्टल प्रबंधन का दावा है कि एम्बुलेंस का इंतजार करने में अधिक समय लगता, इसलिए स्टाफ छात्रा को तुरंत स्कूटी से अस्पताल लेकर पहुंचा। वहीं परिजन इस दावे से संतुष्ट नहीं हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। स्वास्थ्य संबंधी जानकारी पर भी विवाद आईपीएस हॉस्टल के ओबीसी डिपार्टमेंट की असिस्टेंट डायरेक्टर कृति दीक्षित ने दावा किया कि नीलू को पहले से थायराइड और पेट दर्द की समस्या थी। हालांकि परिवार ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उनकी बेटी पूरी तरह स्वस्थ थी। हॉस्टल की व्यवस्था पर उठे सवाल परिजनों ने हॉस्टल की क्षमता और व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सीमित संसाधनों के बावजूद बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं को ट्रेनिंग के लिए ठहराया गया था। जानकारी के मुताबिक हॉस्टल में करीब 80 छात्राएं और 120 छात्र रह रहे थे। पुलिस हर एंगल से कर रही जांच एडिशनल एसपी सुमन गुर्जर ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू से जांच की जा रही है। हॉस्टल के कमरे की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है और महिला पुलिस अधिकारियों की विशेष टीम बनाई गई है। पैनल पोस्टमार्टम और वीडियोग्राफी होगी पुलिस के मुताबिक छात्रा का पैनल पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इस दौरान एसडीएम, तहसीलदार और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहेंगे। पूरे पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी ताकि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ हो सके। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ नीलू प्रजापति एक साधारण परिवार से थी। उसके पिता आउटसोर्स कर्मचारी के रूप में कचरा वाहन चलाते हैं। परिवार में छोटी बहन भी नर्सिंग की पढ़ाई कर रही है, जबकि छोटा भाई आठवीं कक्षा में पढ़ता है। बेटी की अचानक मौत से पूरा परिवार सदमे में है। ट्रेनिंग व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल इस घटना के बाद मुख्यमंत्री कौशल संवर्धन योजना के तहत चल रही ट्रेनिंग व्यवस्थाओं और हॉस्टल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। अब सभी की नजर पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हुई है। Read more news and updates on www.deshharpal.com
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गुना में लेडी कॉन्स्टेबल ने की आत्महत्या: पुलिस लाइन के सरकारी क्वॉर्टर में फंदे पर लटका मिला शव

गुना के कोतवाली थाने में पदस्थ 29 वर्षीय लेडी कॉन्स्टेबल निशा शर्मा ने मंगलवार दोपहर पुलिस लाइन स्थित अपने सरकारी क्वॉर्टर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। गेट तोड़कर अंदर पहुंची पुलिस सूचना मिलने पर कैंट थाना पुलिस मौके पर पहुंची। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने और आवाज देने के बाद भी अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने गेट तोड़कर कमरे में प्रवेश किया। चादर के फंदे से लटका मिला शव सुबह से कमरे से बाहर नहीं निकली थीं कमरे के अंदर लेडी कॉन्स्टेबल का शव चादर से बने फंदे के सहारे पंखे से लटका मिला। पुलिस ने तुरंत शव को नीचे उतारकर पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। हितिका वासल के मुताबिक, निशा शर्मा मूल रूप से अशोक नगर जिले की रहने वाली थीं और पुलिस लाइन के सरकारी क्वॉर्टर में अकेली रह रही थीं। सुबह घर में काम करने वाली महिला क्वॉर्टर पर पहुंची थी। उसने कई बार दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद वह वापस लौट गई। पड़ोसियों को हुआ शक दोपहर 12 बजे तक भी क्वॉर्टर का दरवाजा नहीं खुला तो पड़ोसियों को संदेह हुआ। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना कैंट थाना पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुई। छुट्टी से लौटकर आई थीं ड्यूटी पर प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि निशा शर्मा दो दिन की छुट्टी पर अपने घर अशोक नगर गई हुई थीं। वह सोमवार शाम को ही छुट्टी पूरी कर वापस गुना लौटी थीं। सुसाइड नोट मिला या नहीं, स्पष्ट नहीं पुलिस के मुताबिक घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट मिला है या नहीं, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है। मृतका के परिजनों को सूचना दे दी गई है। जांच के बाद सामने आएगी वजह पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयान के बाद ही आत्महत्या के कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल मामले की जांच जारी है। अधिक खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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Bittu Tabahi

Bittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावित

नदी में गंदगी देखकर ज्यादातर लोग शिकायत करते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के एक युवक ने शिकायत करने के बजाय खुद कुछ करने की ठानी। स्थानीय स्तर पर ‘बिट्टू तबाही’ (Bittu Tabahi) के नाम से पहचाने जाने वाले इस युवक ने अकेले ही नदी की सफाई का जिम्मा उठा लिया। उनका यह जज्बा अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। बिट्टू ने नदी में जमा कचरे और गंदगी को देखकर सफाई अभियान शुरू किया। शुरुआत किसी बड़े इंतजाम या टीम के साथ नहीं हुई। उन्होंने अपने स्तर पर सफाई करना शुरू किया और लगातार इस काम में जुटे रहे। नदी को साफ रखने का लिया संकल्प बिट्टू का मानना है कि नदी सिर्फ पानी का स्रोत नहीं, बल्कि आसपास के लोगों और पर्यावरण के लिए बेहद जरूरी है। इसी सोच के साथ उन्होंने नदी में जमा कचरे को हटाने की पहल की। उनका यह प्रयास धीरे-धीरे स्थानीय लोगों का ध्यान खींचने लगा। लोगों ने देखा कि बिना किसी दबाव या दिखावे के बिट्टू लगातार नदी की सफाई में लगे हुए हैं। नगरपालिका ने भी की पहल की सराहना बिट्टू के लगातार सफाई अभियान की जानकारी नगरपालिका तक पहुंची तो उनके प्रयास की सराहना की गई। एक युवक द्वारा अपने स्तर पर नदी को साफ रखने की कोशिश को अधिकारियों ने सकारात्मक कदम माना। इस पहल ने यह भी दिखाया कि अगर कोई व्यक्ति अपने आसपास के पर्यावरण को लेकर जिम्मेदारी महसूस करे, तो छोटी शुरुआत भी बड़ा संदेश दे सकती है। सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आया अभियान बिट्टू का नदी सफाई अभियान अब स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। उनके प्रयास को देखकर दूसरे लोगों में भी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने की उम्मीद है। आज नदियों में बढ़ता कचरा और प्रदूषण बड़ी चुनौती है। ऐसे में बिट्टू की पहल लोगों को यह संदेश देती है कि नदी को साफ रखना सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी साझा जिम्मेदारी है। ‘बिट्टू तबाही’ ने दी एक अलग मिसाल बिट्टू की कहानी इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने बदलाव का इंतजार नहीं किया, बल्कि खुद बदलाव की शुरुआत करने का फैसला लिया। अकेले शुरू किया गया उनका यह सफाई अभियान अब दूसरों के लिए प्रेरणा बनता दिखाई दे रहा है। कई बार किसी बड़े बदलाव की शुरुआत बड़े अभियान से नहीं, बल्कि एक छोटे से कदम से होती है। बिट्टू का यह प्रयास उसी सोच की मिसाल है—अगर इरादा मजबूत हो, तो एक इंसान भी बदलाव की शुरुआत कर सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
UN

World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ किया

दुनिया का नक्शा (World Map) देखते हुए शायद ही किसी ने सोचा होगा कि इसमें दिखाई देने वाले देशों और महाद्वीपों का आकार असलियत से अलग भी हो सकता है। लेकिन अब इसी मुद्दे को लेकर संयुक्त राष्ट्र में एक अहम पहल हुई है। UN महासभा ने ऐसे World Map को बढ़ावा देने वाले प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसमें धरती के अलग-अलग हिस्सों को उनके वास्तविक क्षेत्रफल के ज्यादा करीब दिखाने की कोशिश की गई है। इस बदलाव के बाद नक्शे पर Africa पहले से काफी बड़ा दिखाई देगा, जबकि Europe और North America, खासकर US का आकार पुराने नक्शे की तुलना में छोटा नजर आ सकता है। प्रस्ताव को भारी समर्थन मिला, लेकिन अमेरिका ने इसका विरोध किया। पुराने World Map में आखिर समस्या क्या है? दुनिया के स्कूलों और कई नक्शों में लंबे समय से Mercator Projection का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसे 16वीं सदी में Gerardus Mercator ने तैयार किया था। उस समय इसका सबसे बड़ा फायदा समुद्री यात्राओं और Navigation में था। लेकिन Mercator Projection की एक खासियत ही इसकी सबसे बड़ी कमी भी बन गई। इसमें जैसे-जैसे कोई क्षेत्र Equator से दूर जाता है, उसका आकार नक्शे पर ज्यादा बड़ा दिखाई देने लगता है। यही कारण है कि Greenland जैसे इलाके नक्शे पर अपनी वास्तविकता से बहुत बड़े नजर आते हैं। दूसरी तरफ Africa, जो दुनिया के सबसे बड़े महाद्वीपों में से एक है, अपेक्षाकृत छोटा दिखाई देता है। मसलन, सामान्य Mercator Map में Greenland और Africa का आकार देखकर किसी को लग सकता है कि दोनों लगभग बराबर हैं। असल में Africa का क्षेत्रफल Greenland से करीब 14 गुना ज्यादा है। Equal Earth Projection क्यों चर्चा में है? UN के प्रस्ताव में Equal Earth Projection जैसे नक्शों को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इस Projection की खासियत यह है कि इसमें अलग-अलग महाद्वीपों के क्षेत्रफल को ज्यादा सही अनुपात में दिखाया जाता है। यानी नक्शे को देखकर Africa का वास्तविक विशाल आकार ज्यादा साफ समझ में आता है। Europe और North America भी Mercator Map की तुलना में छोटे दिखाई देते हैं। हालांकि यहां एक बात समझना जरूरी है—न तो Africa बड़ा हुआ है और न ही Europe या America छोटा। बदलाव सिर्फ उस तरीके में है, जिससे उन्हें नक्शे पर दिखाया जाता है। America ने UN के प्रस्ताव का विरोध क्यों किया? इस प्रस्ताव पर अमेरिका का रुख बाकी देशों से अलग रहा। मतदान के दौरान अमेरिका ने इसके खिलाफ वोट किया। अमेरिकी पक्ष की ओर से यह सवाल उठाया गया कि संयुक्त राष्ट्र को वैश्विक स्तर की बड़ी समस्याओं पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। वहीं प्रस्ताव के समर्थकों का मानना है कि नक्शा सिर्फ रास्ता या देश की लोकेशन बताने वाला साधन नहीं है। यह लोगों के मन में दुनिया की एक तस्वीर भी बनाता है। अफ्रीकी देशों की तरफ से लंबे समय से यह बात उठती रही है कि पुराने नक्शों में Africa का वास्तविक आकार सही तरीके से सामने नहीं आता। इसी सोच के साथ “Correct the Map” अभियान को आगे बढ़ाया गया। UN के फैसले से क्या सभी Maps बदल जाएंगे? यह मान लेना सही नहीं होगा कि अब अचानक हर जगह नया नक्शा दिखाई देने लगेगा। UN महासभा का यह फैसला कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है। यानी Google Maps, स्कूल की किताबों, सरकारी दस्तावेजों या दूसरे Digital Platforms को तुरंत अपना नक्शा बदलना जरूरी नहीं है। इसका मकसद देशों, शैक्षणिक संस्थानों, मीडिया और दूसरे संगठनों को ऐसे Map Projections अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है, जो दुनिया के क्षेत्रफल को ज्यादा सही तरीके से दिखाते हों। इसके बावजूद Mercator Projection पूरी तरह खत्म होने की संभावना नहीं है। Navigation और समुद्री यात्राओं जैसी जरूरतों में इसका इस्तेमाल आज भी उपयोगी माना जाता है। India पर क्या असर पड़ेगा? भारत को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस नए World Map से देश का आकार या सीमा बदल जाएगी? इसका जवाब है—नहीं। भारत की जमीन, क्षेत्रफल और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर इस प्रस्ताव का कोई असर नहीं पड़ेगा। सिर्फ नक्शे पर भारत और बाकी देशों को दिखाने का अनुपात बदल सकता है। अगर Equal Earth या इसी तरह की Projection का इस्तेमाल ज्यादा बढ़ता है तो आने वाले समय में School Geography Books, Educational Charts, News Graphics और Digital Maps में दुनिया की तस्वीर कुछ अलग दिखाई दे सकती है। भारत के लिए इसका असर मुख्य रूप से शिक्षा और Geography की समझ के स्तर पर होगा। बच्चों और आम लोगों को यह समझने में मदद मिलेगी कि नक्शे पर दिखाई देने वाला आकार हमेशा किसी देश या महाद्वीप के वास्तविक क्षेत्रफल के बराबर नहीं होता। Africa के लिए इसे बड़ी उपलब्धि क्यों माना जा रहा है? इस पूरे विवाद में Africa सबसे ज्यादा चर्चा के केंद्र में है। समर्थकों का कहना है कि सदियों से इस्तेमाल हो रहे नक्शों ने अनजाने में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की एक असंतुलित तस्वीर बना दी है। Africa दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है और इसके बावजूद Mercator Map में इसका आकार उसकी वास्तविक विशालता के मुकाबले कम नजर आता है। यही वजह है कि African countries और African Union की ओर से इस मुद्दे को लगातार उठाया गया। उनके लिए यह केवल Map Projection का मामला नहीं, बल्कि दुनिया के सामने Africa की वास्तविक तस्वीर रखने का भी सवाल है। क्या दुनिया सच में बदल गई? नहीं। दुनिया का भूगोल बिल्कुल नहीं बदला है। न कोई नया देश बना है, न किसी देश की सीमा बदली है और न ही Africa का क्षेत्रफल अचानक बढ़ गया है। बदलाव सिर्फ इतना है कि दुनिया को कागज या स्क्रीन पर किस तरह दिखाया जाए, इस पर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा सामने आई है। एक तरह से देखें तो यह कहानी हमें यह भी याद दिलाती है कि नक्शा हमेशा पूरी तरह निष्पक्ष तस्वीर नहीं होता। उसे बनाने का तरीका तय करता है कि हमें दुनिया का कौन-सा हिस्सा कितना बड़ा या छोटा दिखाई देगा। आने वाले वर्षों में अगर Equal Earth जैसी projections को ज्यादा अपनाया जाता है, तो संभव है कि नई पीढ़ी के लिए World Map की तस्वीर वही न हो,...
Swatantra Bhardwaj

Swatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत में

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP Protest के दौरान एक छात्रा के पिता के साथ कथित मारपीट का मामला अब फिर चर्चा में है। मामले में आरोपी बताए जा रहे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थकों के प्रदर्शन और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग के कुछ घंटे बाद हुई। Parliament Street Police Station के बाहर प्रदर्शन स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर CJP के प्रतिनिधि और समर्थक शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मामले में जल्द कार्रवाई करने और आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ राजनीतिक नेता भी वहां पहुंचे। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बातचीत हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया और इसके बाद भारद्वाज को ट्रेस करने के लिए टीमें सक्रिय की गईं। क्या है पूरा मामला? यह विवाद जंतर-मंतर पर CJP के एक प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान छात्रा निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई थी। इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार के नाम FIR में शामिल किए गए थे। मामला उस समय और गरमा गया, जब स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े एक Podcast Video की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वीडियो में भारद्वाज ने घटना को लेकर आपत्तिजनक दावे किए थे। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई। Viral Video ने बढ़ाया विवाद वायरल वीडियो सामने आने के बाद CJP ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। संगठन का कहना था कि वीडियो में कथित तौर पर घटना को लेकर किए गए दावों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। वहीं दिल्ली पुलिस ने राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही थी और मेडिकल रिपोर्ट में चोट को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए कुछ दावों की पुष्टि नहीं हुई थी। Bulandshahr में पुलिस ने पकड़ा पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की टीमों ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में ट्रेस किया। रिपोर्टों में बताया गया कि पुलिस की कार्रवाई से पहले वह वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थक स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इससे मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर चल रहा विवाद भी फिलहाल एक नए चरण में पहुंच गया है। FIR में SC/ST Act की धाराएं जोड़ने की जानकारी प्रदर्शन के बाद पुलिस की ओर से मामले में SC/ST Act से संबंधित धाराएं जोड़ने की बात सामने आई। पीड़ित की दोबारा मेडिकल जांच कराए जाने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई है। हालांकि, मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और आगे की पुलिस कार्रवाई पर निर्भर करेगी। आरोपों की पुष्टि अदालत की प्रक्रिया में ही होगी। पुलिस के सामने अब आगे की जांच बड़ी चुनौती स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिए जाने के बाद अब पुलिस के सामने वायरल वीडियो, FIR में दर्ज आरोपों, मेडिकल रिपोर्ट और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच अहम होगी। फिलहाल इस मामले ने CJP Protest, Delhi Police और Social Media Influencer को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस को भी तेज कर दिया है। अब देखना होगा कि जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस की ओर से क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Saharanpur

UP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवाल

Saharanpur उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। अदालत के आदेश के बाद प्रशासन ने शनिवार को मस्जिद के खिलाफ Bulldozer Action शुरू कर दिया। कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में हलचल बढ़ गई और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया। कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई अदालत के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन का एक्शन कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को लेकर जमीन के स्वामित्व और निर्माण की वैधता पर काफी समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन का दावा है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी है और निर्माण को अवैध माना गया है। मामला पहले सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पहुंचा। जुलाई में अदालत ने मस्जिद को हटाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही संबंधित पक्ष पर करीब 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति लगाए जाने की बात भी सामने आई थी। इस फैसले को जिला अदालत में चुनौती दी गई थी। 4 सितंबर को जिला जज की अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। इकरा हसन को सहारनपुर जाने से रोका मस्जिद पर कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन सहारनपुर जाने की कोशिश कर रही थीं। लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इकरा हसन और पुलिस अधिकारियों के बीच इस दौरान तीखी बहस भी हुई। इसका वीडियो सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। बाद में उनके आवास के बाहर पुलिस बल तैनात किए जाने की भी खबर सामने आई। इकरा हसन ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोका जा रहा है। उनका कहना था कि वह मौके पर जाकर हालात देखना चाहती थीं। मायावती ने सरकार से कार्रवाई रोकने को कहा सहारनपुर मस्जिद विवाद पर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सरकार से कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की और मामले को संवेदनशील बताते हुए सावधानी से कदम उठाने की बात कही। मायावती ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह का तनाव बढ़ने से रोकना जरूरी है। उन्होंने लोगों से भी शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। इमरान मसूद बोले- हाईकोर्ट जाएंगे सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया है। उनका कहना है कि मस्जिद की जमीन और उससे जुड़े दस्तावेजों को लेकर उनका पक्ष अलग है। जिला अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद मसूद ने मामले को हाईकोर्ट ले जाने की बात कही है। उनका कहना है कि आगे की कानूनी लड़ाई अदालत में लड़ी जाएगी और उपलब्ध दस्तावेजों को वहां रखा जाएगा। प्रशासन और विपक्ष के दावे अलग-अलग पूरे विवाद में प्रशासन और मस्जिद पक्ष के दावे अलग हैं। प्रशासन जहां निर्माण को सरकारी जमीन पर हुआ अवैध निर्माण बता रहा है, वहीं मस्जिद से जुड़े लोग और कुछ विपक्षी नेता इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं। यही वजह है कि मामला सिर्फ बुलडोजर कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। अब इसकी गूंज राजनीतिक मंच से लेकर अदालत तक सुनाई दे रही है। आगे क्या होगा? सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर हुई कार्रवाई के बाद अब सबकी नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर है। इमरान मसूद की ओर से हाईकोर्ट जाने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में अदालत में इस मामले को लेकर क्या रुख सामने आता है, यह महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद सहारनपुर में राजनीतिक माहौल गर्म है। एक तरफ अधिकारी कोर्ट के आदेश के पालन की बात कह रहे हैं, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Nepal

Nepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों Missing

नेपाल (Nepal) में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नदियों का जलस्तर बढ़ने, मलबा आने और पहाड़ी इलाकों में Landslide के खतरे ने राहत और बचाव अभियान को और मुश्किल बना दिया है। सबसे चिंता की बात यह है कि हादसे के कई दिन बाद भी हजारों लोगों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, इसी बीच Trishuli क्षेत्र से दो लोगों को नौ दिन बाद जिंदा निकालना राहत और उम्मीद की बड़ी खबर बनकर सामने आया है। दार्चुला में Landslide का खतरा, निचले इलाकों पर नजर नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। दार्चुला समेत संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से निचले इलाकों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। पहाड़ों से मलबा आने और नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका के बीच लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। Trishuli से भारतीय नागरिकों का Rescue इस बीच त्रिशूली इलाके से तीन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाले जाने की खबर सामने आई है। इनमें एक परिवार शामिल है। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और उनके भारत लौटने की प्रक्रिया में मदद की जा रही है। भारत सरकार नेपाल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए लगातार नेपाली प्रशासन के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 166 भारतीय नागरिकों को Rescue किया गया है, जबकि 275 भारतीयों के लापता होने की जानकारी दी गई है। भारत ने राहत अभियान के लिए करीब 95 टन राहत सामग्री भी भेजी है। 9 दिन बाद Trishuli Tunnel से जिंदा निकले 2 मजदूर नेपाल में चल रहे Rescue Operation की सबसे बड़ी खबर Trishuli-3A Hydropower Project से आई। यहां सुरंग में फंसे संजय साह और कबीर महारजन को करीब नौ दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोनों को सुरंग के अंदर काफी गहराई से निकाला गया। बचाव दल ने पहले अंदर से आवाजें सुनीं और फिर संपर्क स्थापित होने के बाद ऑपरेशन तेज किया। आखिरकार दोनों को बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने उन परिवारों में भी उम्मीद जगाई है जिनके अपने लोग अभी तक लापता हैं। राहत दल अब अन्य संभावित Survivors तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं। 1300 के करीब मौतें, 5 हजार से ज्यादा लोग Missing इस प्राकृतिक आपदा का असर कितना बड़ा है, इसका अंदाजा मृतकों और लापता लोगों की संख्या से लगाया जा सकता है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार 1,294 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और 5,053 लोग अब भी लापता बताए गए हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों और Hydropower Projects को भारी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और राहत शिविरों में रह रहे हैं। Rescue Operation अभी भी जारी Trishuli Tunnel से दो लोगों को जिंदा निकाले जाने के बाद Rescue Teams का हौसला बढ़ा है। नेपाल सेना, पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार प्रभावित इलाकों में Search Operation चला रहे हैं। Hydropower Projects के आसपास अभी भी बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका है। मलबा, पानी और क्षतिग्रस्त सुरंगें बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। इसके बावजूद टीमें लगातार नए रास्ते तलाश रही हैं। भारत ने नेपाल की मदद बढ़ाई नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में भारत ने भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग बढ़ाया है। भारतीय विशेषज्ञों और राहत सामग्री को नेपाल भेजा गया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की टीमें Rescue, Medical और अन्य जरूरी सेवाओं में सहायता कर रही हैं। फिलहाल नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और पहाड़ी इलाकों में नए Landslide और Flood के खतरे से निपटना है। Trishuli Tunnel से नौ दिन बाद दो लोगों का जिंदा निकलना इस त्रासदी के बीच उम्मीद की एक किरण जरूर लेकर आया है। अब Rescue Teams की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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