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भोपाल में कोर्ट के आदेश पर मेगा वाहन चेकिंग: मंत्रियों, पुलिस अफसरों और महापौर के भी कटे चालान

भोपाल के एमपी नगर स्थित डीबी मॉल के सामने मंगलवार को जिला न्यायालय के आदेश पर विशेष मजिस्ट्रेट वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया। अभियान का नेतृत्व चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (सीजीएम) आग्नीध्र कुमार द्विवेदी ने किया। इस दौरान तीन अन्य मजिस्ट्रेट, चार थानों की पुलिस और यातायात पुलिस की संयुक्त टीम ने वाहनों की सघन जांच की। इस विशेष अभियान में नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई की गई। पुलिस अधिकारियों, मंत्रियों, प्रशासनिक अधिकारियों, महामंडलेश्वरों, जनप्रतिनिधियों और छिंदवाड़ा के महापौर के वाहन भी जांच के दायरे में आए और नियम तोड़ने पर उनके चालान किए गए। नियम तोड़ने वालों को नहीं मिली कोई राहत अभियान के दौरान अधिकारियों ने साफ कर दिया कि वाहन मालिक का पद या प्रभाव कार्रवाई में बाधा नहीं बनेगा। जिस वाहन में नियमों का उल्लंघन पाया गया, उसके खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। ब्लैक फिल्म, हूटर और सायरन पर विशेष नजर जांच के दौरान पुलिस ने विशेष रूप से उन वाहनों की जांच की जिनमें— कार्रवाई के दौरान कई वाहनों से मौके पर ही अवैध हूटर और सायरन हटाकर जब्त किए गए। 101 वाहनों से जब्त किए गए अवैध हूटर और सायरन एसीपी ट्रैफिक देवेंद्र सिंह यादव ने बताया कि यह अभियान जिला न्यायालय के आदेश के तहत चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कार्रवाई के दौरान किसी वाहन मालिक की पहचान या पद नहीं देखा जाता। उन्होंने जानकारी दी कि अब तक 101 वाहनों से अवैध हूटर और सायरन जब्त किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि चाहे वाहन किसी मंत्री, अधिकारी या जनप्रतिनिधि का हो, कानून सभी के लिए समान है और आगे भी ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे। लोगों से की गई अपील यातायात पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों में अवैध हूटर, सायरन, ब्लैक फिल्म या अन्य प्रतिबंधित उपकरणों का इस्तेमाल न करें। नियमों का पालन करने से न केवल चालान से बचा जा सकता है, बल्कि सड़क सुरक्षा भी सुनिश्चित होती है। भोपाल, मध्य प्रदेश और देश-दुनिया की ताजा खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com
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इंदौर होटल से गिरकर प्रॉपर्टी ब्रोकर की मौत: CCTV आया सामने, दोस्तों और महिला मित्र से पूछताछ

मध्य प्रदेश के इंदौर में अरबिंदो अस्पताल के पास स्थित श्याम पैलेस होटल की दूसरी मंजिल से गिरकर प्रॉपर्टी ब्रोकर जीतू साहू की मौत के मामले में नया मोड़ सामने आया है। घटना का सीसीटीवी वीडियो मंगलवार को सामने आया, जिसमें जीतू होटल की दूसरी मंजिल से नीचे गिरता दिखाई दे रहा है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज जब्त कर जांच तेज कर दी है। मामले में जीतू के दोस्तों और एक महिला मित्र से भी पूछताछ की जा रही है। हादसे से पहले होटल पहुंचे थे तीन दोस्त पुलिस जांच में सामने आया है कि घटना से करीब 30 मिनट पहले जीतू से मिलने उसके तीन दोस्त होटल पहुंचे थे। तीनों रात करीब 3:30 बजे होटल से चले गए थे। इसके अलावा, जीतू की एक महिला मित्र भी होटल के दूसरे कमरे में ठहरी हुई थी। पुलिस अब इन दोनों पहलुओं को जांच का अहम हिस्सा मानते हुए सभी संबंधित लोगों के बयान दर्ज कर रही है। सुबह 4 बजे हुआ था हादसा बाणगंगा थाना प्रभारी सियाराम गुर्जर के अनुसार, रविवार सुबह करीब 4 बजे जीतू साहू होटल की दूसरी मंजिल से नीचे गिर गया था। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। घटनास्थल का निरीक्षण किया गया और होटल के सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लिए गए। एफएसएल टीम ने भी मौके से साक्ष्य जुटाए। प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि पुलिस सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है। 22 दिनों से होटल में रह रहा था जीतू पुलिस के अनुसार, जीतू साहू पिछले 22 दिनों से श्याम पैलेस होटल में रह रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि वह शादीशुदा था। अब पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वह इतने लंबे समय से होटल में क्यों रह रहा था। इसके लिए पारिवारिक परिस्थितियों, निजी संबंधों और रुपए के लेन-देन समेत अन्य संभावित कारणों की भी जांच की जा रही है। परिवार और महिला मित्र से पूछताछ जारी मंगलवार को पुलिस ने जीतू के परिजनों को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया। वहीं, होटल में ठहरी महिला मित्र से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि बयानों, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाया जाएगा। फिलहाल मामले की जांच जारी है। मध्य प्रदेश और देशभर की ताजा खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com
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Dhar Bhojshala

Dhar Bhojshala Controversy: Supreme Court का बड़ा फैसला, परिसर में पूजा-नमाज व्यवस्था पर नया आदेश

भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद विवाद (Dhar Bhojshala Dispute) मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अहम अंतरिम आदेश दिया है। अदालत ने विवादित परिसर के अंदर शुक्रवार की नमाज की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। हालांकि, मुस्लिम पक्ष को राहत देते हुए कोर्ट ने नमाज के लिए विवादित स्थल के बाहर अलग खुली जगह उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद भोजशाला परिसर में धार्मिक गतिविधियों को लेकर चल रही बहस एक बार फिर तेज हो गई है। अदालत ने साफ किया है कि यह व्यवस्था फिलहाल अंतरिम है और मामले के अंतिम फैसले का असर इस पर निर्भर करेगा। Supreme Court Order: विवादित परिसर में नहीं होगी नमाज सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की उस याचिका पर सुनवाई की, जिसमें भोजशाला परिसर में शुक्रवार की नमाज की अनुमति बहाल करने की मांग की गई थी। कोर्ट ने फिलहाल इस मांग को स्वीकार नहीं किया और कहा कि विवादित स्थल के अंदर नमाज की अनुमति नहीं दी जाएगी। हालांकि, अदालत ने मुस्लिम समुदाय के लोगों के लिए शुक्रवार की नमाज अदा करने हेतु अलग खुली जगह उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। यह व्यवस्था दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक नमाज के लिए लागू रहेगी। क्या है Bhojshala विवाद? धार की भोजशाला देश के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों में से एक है, जिसको लेकर लंबे समय से हिंदू और मुस्लिम पक्षों के बीच विवाद चल रहा है। हिंदू पक्ष का दावा है कि भोजशाला मां सरस्वती (वाग्देवी) का प्राचीन मंदिर है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद से जुड़ा धार्मिक स्थल मानता है। यह पूरा परिसर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के संरक्षण में आता है। हाईकोर्ट के फैसले के बाद पहुंचा मामला Supreme Court भोजशाला विवाद में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले के बाद मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। हाईकोर्ट के आदेश के बाद विवादित परिसर में नमाज को लेकर पहले से चली आ रही व्यवस्था में बदलाव हुआ था। मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर शुक्रवार की नमाज की अनुमति फिर से देने की मांग की थी। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल अंतरिम व्यवस्था बनाए रखने का फैसला लिया। ASI को भी दिए गए निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने भोजशाला परिसर की स्थिति को बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा है कि मामले की सुनवाई पूरी होने तक स्थल पर ऐसा कोई बड़ा बदलाव नहीं किया जाएगा, जिससे विवाद की स्थिति प्रभावित हो। कोर्ट ने दोनों पक्षों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील भी की है, क्योंकि यह मामला धार्मिक भावनाओं से जुड़ा हुआ है। आगे क्या होगा? अब सभी की नजर सुप्रीम कोर्ट में होने वाली अगली सुनवाई पर है। अदालत दोनों पक्षों की दलीलों और संबंधित तथ्यों पर विचार करने के बाद आगे का फैसला सुनाएगी। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के अनुसार भोजशाला परिसर में नमाज की अनुमति नहीं होगी, जबकि मुस्लिम पक्ष को शुक्रवार की नमाज के लिए अलग स्थान उपलब्ध कराया जाएगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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जबलपुर में तेज रफ्तार कार का कहर: 15 माह की बच्ची समेत 6 लोग घायल, चालक हिरासत में

मध्य प्रदेश के जबलपुर में सोमवार शाम तेज रफ्तार कार ने सड़क किनारे खड़े लोगों को टक्कर मार दी। हादसे में 15 माह की मासूम बच्ची सहित छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना अधारताल थाना क्षेत्र के जय प्रकाश नगर की है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल सभी लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार जब्त कर चालक को हिरासत में ले लिया है। सड़क किनारे खड़े लोगों को मारी टक्कर प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना सोमवार शाम करीब 6:30 बजे हुई। एक तेज रफ्तार कार जय प्रकाश नगर से गुजर रही थी। इसी दौरान चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा। अनियंत्रित कार सड़क किनारे खड़े लोगों और पास की दुकानों से जा टकराई। टक्कर इतनी तेज थी कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई। एक ही परिवार के तीन सदस्य घायल हादसे में कुल छह लोग घायल हुए हैं। इनमें एक ही परिवार के तीन सदस्य भी शामिल हैं। घायलों की पहचान इस प्रकार हुई है— सभी घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। चालक हिरासत में, कार जब्त अधारताल थाना पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार (पंजीयन क्रमांक MP 34 CA 0718) को जब्त कर लिया है। पुलिस ने नेता कॉलोनी निवासी 24 वर्षीय मोहम्मद एहतेशाम को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ मामला दर्ज किया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। CCTV फुटेज से होगी जांच पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। इसके अलावा घायलों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे, ताकि दुर्घटना की पूरी परिस्थितियों का पता लगाया जा सके। मध्य प्रदेश और देशभर की ताजा खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com
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नाना पटवारी केस: मोबाइल जांच में मिले सट्टा एप और संदिग्ध लेन-देन के सुराग, पुलिस फिर करेगी पूछताछ

मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी के मोबाइल की जांच में पुलिस को अहम डिजिटल सुराग मिले हैं। जांच के दौरान मोबाइल में कथित तौर पर दो ऑनलाइन सट्टा एप, संदिग्ध वित्तीय लेन-देन से जुड़े इनपुट और तीन महत्वपूर्ण मोबाइल नंबर मिले हैं। इन तथ्यों के आधार पर पुलिस नाना पटवारी से दोबारा पूछताछ की तैयारी कर रही है। इंदौर के डीसीपी नरेंद्र रावत ने बताया कि राजेंद्र नगर थाना पुलिस की विशेष टीम मोबाइल डेटा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की विस्तृत जांच कर रही है। दो युवतियों के बयान में भी मिले अहम इनपुट रविवार को राजेंद्र नगर थाने में महिला अधिकारी की मौजूदगी में दो युवतियों के बयान दर्ज किए गए। एक युवती ने पुलिस को बताया कि उसकी पहचान नाना पटवारी से एक प्लॉट के सिलसिले में हुई थी। उसने दावा किया कि एक पार्टी के दौरान एमडी ड्रग्स का सेवन किया गया था, जिसमें नाना पटवारी भी मौजूद थे। दूसरी युवती ने बताया कि नाना पटवारी उसके पति के मित्र हैं और इसी कारण उनकी पहचान हुई थी। इन बयानों की पुलिस स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है। मोबाइल से मिले डिजिटल साक्ष्यों की जांच जारी पुलिस के अनुसार, मोबाइल में मिले दोनों एप के जरिए कथित रूप से ऑनलाइन सट्टे से जुड़ी लिंक भेजी जाती थीं। इसके अलावा कुछ संदिग्ध वित्तीय लेन-देन के संकेत भी मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन लेन-देन और कथित सट्टा नेटवर्क के बीच कोई संबंध है या नहीं। मोबाइल से मिले तीन अहम नंबरों के आधार पर संबंधित लोगों की भी तलाश की जा रही है। फिर पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा नाना पटवारी पुलिस का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों और दोनों युवतियों के बयानों के आधार पर नाना पटवारी को दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। पूछताछ के दौरान उनसे कथित ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क, संदिग्ध वित्तीय लेन-देन और पार्टी में ड्रग्स सेवन के आरोपों को लेकर सवाल किए जाएंगे। पुलिस पूरे नेटवर्क और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। नाना पटवारी पर पहले से दर्ज हैं कई मामले पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, नाना पटवारी के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित 10 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान भी उन्हें करीब सात साल पुराने हत्या के प्रयास के मामले में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस का आरोप था कि वह उस मामले में फरार चल रहे थे। इसके अलावा 2025 में तेजाजी नगर थाने में उनके और उनके दो सहयोगियों के खिलाफ जमीन पर कथित कब्जे की कोशिश और जान से मारने की धमकी देने का मामला भी दर्ज हुआ था। महिला से अभद्रता का मामला भी दर्ज नवंबर 2018 में नाना पटवारी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 354(क) के तहत मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता महिला ने आरोप लगाया था कि नाना पटवारी और अन्य लोग हथियारों के साथ उसके घर में घुस आए थे। महिला ने यह भी आरोप लगाया था कि नाना पटवारी ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया। इन आरोपों पर उस समय मामला दर्ज कर जांच की गई थी। खुशी कूलवाल सुसाइड केस में भी सामने आया था नाम जुलाई 2018 में इंदौर निवासी खुशी कूलवाल की आत्महत्या के मामले की जांच के दौरान भी नाना पटवारी का नाम सामने आया था। हालांकि, पूछताछ के बाद उस मामले में उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई थी। बाद में 2025 में ड्रग्स कनेक्शन और हाई-प्रोफाइल पार्टियों से जुड़े पहलुओं की जांच के दौरान यह मामला फिर चर्चा में आया। पुलिस फिलहाल सभी डिजिटल साक्ष्यों, वित्तीय लेन-देन और अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। अभी तक किसी नए आरोप पर अंतिम निष्कर्ष या आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। मध्य प्रदेश और देशभर की ताजा खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com
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भोपाल में 14 जुलाई को 40 से ज्यादा इलाकों में 2 से 6 घंटे रहेगी बिजली गुल, देखें पूरी लिस्ट

भोपाल में मंगलवार, 14 जुलाई को बिजली कंपनी के मेंटेनेंस कार्य के चलते शहर के 40 से अधिक इलाकों में 2 से 6 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। मेंटेनेंस के दौरान कई प्रमुख क्षेत्रों में बिजली बंद रहेगी। इसका असर दानिशकुंज, निशातपुरा, गौतम नगर, मालवीय नगर, नारियलखेड़ा, शारदा नगर, फिरदोश नगर, मक्सी, कस्तूरी विहार और फाइन कैम्पस समेत कई इलाकों में देखने को मिलेगा। ऐसे में उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि बिजली से जुड़े जरूरी काम पहले ही निपटा लें। इन इलाकों में रहेगी बिजली बंद सुबह 10:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक सुबह 10:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक सुबह 10:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक सुबह 11:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक दोपहर 1:00 बजे से 3:00 बजे तक लोगों के लिए जरूरी सलाह बिजली कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि निर्धारित समय के अनुसार अपने जरूरी कार्य पहले ही पूरे कर लें। मोबाइल, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पहले से चार्ज रखें। साथ ही पानी की मोटर चलाने और अन्य आवश्यक घरेलू कार्य भी समय रहते निपटा लें, ताकि बिजली कटौती के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। भोपाल समेत मध्य प्रदेश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें deshharpal.com
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इंदौर पोस्टल असिस्टेंट हत्याकांड: आरोपी पति की गिरफ्तारी नहीं होने पर थाने का घेराव, न्याय की मांग तेज

इंदौर में पोस्टल असिस्टेंट उर्मिला सैनी की हत्या के मामले में तीसरे दिन भी मुख्य आरोपी पति की गिरफ्तारी नहीं होने से परिजनों, डाक विभाग के कर्मचारियों और स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। सोमवार को बड़ी संख्या में लोग संयोगितागंज थाने पहुंचे और थाने का घेराव कर आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि जघन्य वारदात के कई दिन बाद भी मुख्य आरोपी का फरार रहना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने मामले में त्वरित कार्रवाई कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। उधर, पुलिस का कहना है कि आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है और जांच जारी है। बेटी बोली- मां को जैसा दर्द मिला, आरोपी को भी वैसी ही सजा मिले प्रदर्शन के दौरान उर्मिला सैनी की बेटी प्रेक्षा भावुक हो गई। उसने कहा कि वह आरोपी का एनकाउंटर या सिर्फ फांसी नहीं चाहती, बल्कि उसे वही दर्द महसूस होना चाहिए जो उसकी मां ने सहा। प्रेक्षा ने बताया कि वह और उसका छोटा भाई सबसे पहले घर पहुंचे थे। उन्होंने अपनी मां को खून से लथपथ हालत में देखा। उसके अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि पहला वार सिर पर किया गया था और मौत के बाद भी शरीर पर कई वार किए गए। पिता ने की सख्त कार्रवाई की मांग उर्मिला सैनी के पिता सत्यनारायण मालाकार ने आरोपी को कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि भोपाल स्थित मकान बेचकर उसकी राशि दोनों बच्चों के नाम की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि उर्मिला की संपत्ति, आर्थिक लाभ और अन्य सभी अधिकार केवल उसके बच्चों को मिलें और आरोपी को किसी भी प्रकार का लाभ नहीं दिया जाए। वर्षों से प्रताड़ित करने का आरोप मृतका के पिता का आरोप है कि शादी के बाद से ही उनकी बेटी को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। आरोपी उस पर बेबुनियाद शक करता था, उसके मोबाइल और चैट की निगरानी करता था तथा उसकी आय और एटीएम पर नियंत्रण रखना चाहता था। उन्होंने बताया कि उर्मिला ने पहले भोपाल के निशातपुरा थाने में भी मारपीट और प्रताड़ना की शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन हर बार समझौता कराकर मामला शांत करा दिया गया। ससुराल पक्ष पर भी लगाए गंभीर आरोप परिजनों का आरोप है कि आरोपी के माता-पिता हमेशा उसका साथ देते रहे और उसकी हरकतों पर पर्दा डालते रहे। उनका कहना है कि आरोपी ने हत्या से पहले उर्मिला की कई योजनाओं और संपत्तियों में खुद को नॉमिनी भी बनवा लिया था। कर्मचारी संगठनों ने सौंपा ज्ञापन अखिल भारतीय रेल डाक सेवा एवं मेल मोटर सेवा कर्मचारी संघ (वर्ग-3), मध्य प्रदेश सर्किल के नेतृत्व में डाक विभाग के विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी, निष्पक्ष और त्वरित जांच, पीड़ित परिवार को सुरक्षा और आर्थिक सहायता देने के साथ-साथ महिला कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई। आंदोलन की चेतावनी कर्मचारी संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। शनिवार को हुई थी हत्या शनिवार को उर्मिला सैनी की उनके सरकारी आवास में हत्या कर दी गई थी। घटना का खुलासा तब हुआ जब दोपहर करीब एक बजे उनके दोनों बच्चे स्कूल से घर लौटे। बच्चों ने घर का मुख्य दरवाजा खुला और टीवी तेज आवाज में चलता हुआ पाया। अंदर जाने पर उन्होंने अपनी मां का शव खून से लथपथ हालत में देखा। इसके बाद उन्होंने अपने नाना को सूचना दी। स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर पुलिस को घटना की जानकारी दी। फिलहाल पुलिस मुख्य आरोपी की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है और मामले की जांच जारी है। मध्य प्रदेश और देशभर की ताजा खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com
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खंडवा में दुष्कर्म के तीन मामलों में पुलिस की कार्रवाई, तीनों आरोपी गिरफ्तार कर भेजे गए जेल

खंडवा जिले में महिला और दो नाबालिगों से जुड़े दुष्कर्म के तीन अलग-अलग मामलों में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। सोमवार को आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। तीनों मामलों में पुलिस ने अलग-अलग धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप, पड़ोसी गिरफ्तार धनगांव थाना क्षेत्र में 11 जुलाई को एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई कि पड़ोस में रहने वाला महिपाल उसके घर में घुस आया और उसकी नाबालिग बेटी के साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया। विरोध करने पर आरोपी ने जान से मारने की धमकी भी दी। शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर कुछ ही घंटों में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि महिला अपराध, पॉक्सो और अपहरण जैसे मामलों में तत्काल कार्रवाई की जा रही है। 16 वर्षीय साली को लेकर भागा जीजा, देवास से गिरफ्तार मांधाता थाना क्षेत्र की रहने वाली 16 वर्षीय किशोरी 6 जून से लापता थी। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि किशोरी की बड़ी बहन को मायके छोड़ने आया उसका जीजा ही उसे अपने साथ लेकर चला गया था। पुलिस टीम ने आरोपी को देवास से गिरफ्तार कर किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया। आरोपी के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। महिला ने पुराने प्रेमी पर लगाया दुष्कर्म का आरोप नर्मदानगर थाना क्षेत्र की पुनासा चौकी में एक विवाहिता ने मोहल्ले में रहने वाले शुभम आश्वाने (21) पर दुष्कर्म और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि महिला और आरोपी के बीच करीब छह साल से प्रेम संबंध थे। दोनों की अलग-अलग जगह शादी हो चुकी थी, लेकिन इसके बाद भी दोनों संपर्क में थे और मिलते रहे। पुलिस के अनुसार, हाल ही में महिला के पति ने इस संबंध पर आपत्ति जताई थी। इसके बाद महिला ने थाने पहुंचकर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कराया। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की ताज़ा खबरों के लिए Deshharpal से जुड़े रहें। अधिक जानकारी और लेटेस्ट अपडेट्स के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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इंदौर में पोस्टल असिस्टेंट की हत्या, स्कूल से लौटे बच्चों ने देखा खून से लथपथ शव; पति फरार

इंदौर की डाककुंज कॉलोनी में शनिवार को डाक विभाग की पोस्टल असिस्टेंट उर्मिला सैनी (38) की हत्या से सनसनी फैल गई। स्कूल से लौटे दोनों बच्चों ने घर के अंदर अपनी मां का खून से लथपथ शव देखा। घटना के बाद से महिला का पति अखिलेश सैनी फरार है। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में पति-पत्नी के बीच चल रहे विवाद को हत्या की संभावित वजह माना जा रहा है। स्कूल से लौटे बच्चों ने देखा मां का शव जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर करीब 1 बजे दोनों बच्चे स्कूल से घर पहुंचे। घर का मुख्य दरवाजा खुला था और अंदर टीवी तेज आवाज में चल रहा था। जब बच्चे घर के अंदर पहुंचे तो उन्होंने अपनी मां उर्मिला सैनी का शव खून से लथपथ हालत में पड़ा देखा। घबराए बच्चों ने तुरंत अपने नाना सत्यनारायण मालाकार को फोन कर घटना की जानकारी दी। बच्चों के रोने की आवाज सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पिता ने सुबह स्कूल पहुंचकर कही थी भोपाल जाने की बात परिजनों के मुताबिक, शनिवार सुबह करीब 9 बजे अखिलेश सैनी बच्चों के स्कूल पहुंचा था। उसने बच्चों से कहा कि वह और उनकी मां भोपाल जा रहे हैं और स्कूल की छुट्टी के बाद वे अपनी मौसी के घर चले जाएं। उसने यह भी बताया कि उनकी एक्टिवा स्कूल में ही खड़ी रहेगी। बेटी को दी घर की चाबी और एटीएम कार्ड बताया जा रहा है कि अखिलेश ने अपनी बेटी को घर की चाबी, एटीएम कार्ड और घर में रखे जेवरों की जानकारी भी दी थी। हालांकि छुट्टी के बाद दोनों बच्चे मौसी के घर जाने की बजाय सीधे अपने घर पहुंच गए, जहां उन्होंने अपनी मां का शव देखा। मृतका की बेटी नौवीं कक्षा में पढ़ती है, जबकि बेटा चौथी कक्षा का छात्र है। फरार पति की तलाश में जुटी पुलिस घटना की सूचना मिलते ही संयोगितागंज थाना पुलिस, पलासिया थाना पुलिस, एसीपी निधि दंडोतिया और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए एमवाय अस्पताल भेज दिया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर हत्या के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाएगा। फिलहाल फरार आरोपी पति अखिलेश सैनी की तलाश के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की ताज़ा खबरों के लिए Deshharpal से जुड़े रहें। अधिक जानकारी और लेटेस्ट अपडेट्स के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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सीहोर में इंस्टाग्राम अकाउंट हैक करने के शक में युवक से मारपीट, लाठी-डंडों से हमला; मामला दर्ज

सीहोर जिले में सोशल मीडिया अकाउंट हैक करने के संदेह में एक युवक के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि इंस्टाग्राम अकाउंट हैक करने के शक में कुछ युवकों ने उसे बीच सड़क पर रोककर लाठी-डंडों और थप्पड़ों से पीटा। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। काम से श्यामपुर आया था युवक पीड़ित फारुख, जो पेशे से ड्राइवर है, ने पुलिस को बताया कि सोमवार सुबह करीब 11:10 बजे वह काम के सिलसिले में श्यामपुर आया था। जब वह सोठी जोड़-घाटपलासी रोड पर स्थित नंदू प्रजापति की दुकान के पास पहुंचा, तभी ग्राम रावनखेड़ा निवासी अनस खान और मुस्ताक खान ने उसे रोक लिया। इंस्टाग्राम अकाउंट हैक करने का लगाया आरोप फारुख के अनुसार, अनस खान ने उस पर अपना इंस्टाग्राम अकाउंट हैक करने का आरोप लगाया। जब उसने इस आरोप से इनकार किया, तो दोनों आरोपी गाली-गलौज करने लगे। लाठी-डंडों से हमला, नाक से बहने लगा खून विरोध करने पर आरोपियों ने मारपीट शुरू कर दी। शिकायत के मुताबिक, मुस्ताक खान ने डंडे से हमला किया, जो फारुख की नाक पर लगा। चोट लगने से उसकी नाक से खून बहने लगा। इसके बाद अनस खान ने भी हाथ-थप्पड़ों से उसके साथ मारपीट की। बीच-बचाव करने पहुंचे लोगों के सामने भी मारपीट पीड़ित का आरोप है कि शोर सुनकर समीर खान बीच-बचाव करने पहुंचे, लेकिन इसी दौरान रावनखेड़ा के बबला खान, शादाब खान, लईक खान, गब्बर खान और शाहरुख भी वहां पहुंच गए। आरोप है कि इन सभी ने भी फारुख के साथ मारपीट की और जाते-जाते उसे जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। पुलिस ने शुरू की जांच शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है और पूरे मामले की जांच जारी है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की ताज़ा खबरों के लिए Deshharpal से जुड़े रहें। अधिक जानकारी और लेटेस्ट अपडेट्स के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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रानी कमलापति स्टेशन पर दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट, 29 मिनट खड़ी रही ट्रेन

भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर मंगलवार सुबह दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट हो गई। घटना सुबह करीब 11:30 बजे की बताई जा रही है। सामान चढ़ाने और यात्रियों के आने-जाने को लेकर शुरू हुआ विवाद बढ़ गया, जिसके चलते ट्रेन करीब 29 मिनट तक स्टेशन पर खड़ी रही। आरोप है कि पैंट्री कर्मचारियों ने एकजुट होकर यात्रियों पर हमला किया। विवाद के दौरान कर्मचारियों द्वारा चेन पुलिंग किए जाने की बात भी सामने आई है। बताया गया कि ट्रेन रानी कमलापति स्टेशन पर पहले ही निर्धारित समय से 3 घंटे 33 मिनट की देरी से पहुंची थी। जीआरपी ने मौके पर पहुंचकर शांत कराया विवाद घटना की सूचना मिलने पर जीआरपी मौके पर पहुंची और यात्रियों व पैंट्री कर्मचारियों के बीच चल रहे विवाद को शांत कराया। जीआरपी टीआई अमित शर्मा के मुताबिक, पीड़ित यात्री बेंगलुरु जा रहा था। उन्होंने बताया कि रानी कमलापति स्टेशन पर इस मामले में शिकायत नहीं मिली। वहीं, नागपुर में जीरो पर प्रकरण दर्ज किए जाने की सूचना है। मामले में आगे की कार्रवाई संबंधित जीआरपी के स्तर पर की जाएगी।

मध्यप्रदेश में पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए खर्च होंगे 7.5 करोड़ रुपए, 330 विकासखंडों में होगा खेल महोत्सव

मध्यप्रदेश में पारंपरिक और आंचलिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार करीब साढ़े सात करोड़ रुपए खर्च करने की तैयारी कर रही है। खेल विभाग ने इसके लिए छोटे शहरों में प्रशिक्षण केंद्र खोलने की योजना बनाई है। इसके साथ ही प्रदेश के सभी 330 विकासखंडों में हर साल पारंपरिक खेल महोत्सव आयोजित किए जाएंगे। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक खेलों को संरक्षण देना और ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं की पहचान करना है। सरकार की इस पहल से स्थानीय खेलों को प्रतियोगिताओं और व्यवस्थित प्रशिक्षण के जरिए आगे बढ़ाने की कोशिश की जाएगी। पिट्ठू से मलखंभ तक, कई खेल होंगे शामिल प्रस्तावित योजना में पिट्ठू, गदा और साइकिल रेस जैसे पारंपरिक व आंचलिक खेलों को शामिल किया गया है। इसके अलावा कबड्डी, खो-खो, पैदल चाल, तीरंदाजी और मलखंभ जैसे खेलों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। खेल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पारंपरिक खेल महोत्सव में विकासखंड स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इन स्पर्धाओं के लिए पूरे प्रदेश में एक समान नियम तैयार किए जाएंगे, ताकि खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं में भाग लेने के समान अवसर मिल सकें। छोटे शहरों में खुलेंगे प्रशिक्षण केंद्र खेल विभाग का मानना है कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में कई पारंपरिक खेल लंबे समय से स्थानीय संस्कृति का हिस्सा रहे हैं। हालांकि, इन खेलों से जुड़े खिलाड़ियों को अक्सर औपचारिक प्रशिक्षण और बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का अवसर नहीं मिल पाता। प्रस्तावित प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से ऐसे खिलाड़ियों को व्यवस्थित प्रशिक्षण देने की योजना है। इससे स्थानीय स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। आधुनिक खेलों से जोड़ने की भी तैयारी खेल विभाग इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करेगा। इसके बाद उन्हें आगे के प्रशिक्षण के लिए तैयार करने की योजना है। विभाग पारंपरिक खेलों से जुड़ी प्रतिभाओं को आधुनिक खेल व्यवस्था से जोड़ने के विकल्पों पर भी काम कर रहा है। इस पहल के जरिए पारंपरिक खेलों को नई पहचान देने के साथ-साथ ग्रामीण युवाओं की खेलों में भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। पारंपरिक खेलों के केंद्र स्थापित किए जाएंगे: विश्वास सारंग खेल मंत्री विश्वास सारंग के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न अंचलों में कई देशी खेल प्रचलित हैं, लेकिन उन्हें बड़े पैमाने पर खेलने के अवसर सीमित हैं। अब इनके केंद्र स्थापित कर इन खेलों को बढ़ावा देने की योजना है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित योजना में टीम आधारित और व्यक्तिगत, दोनों तरह के खेलों को शामिल करने पर विचार किया जा रहा है।

एशियन पैरा गेम्स में भारत का धमाकेदार प्रदर्शन, दूसरे दिन जीते 24 मेडल; कुल पदक 35 हुए

जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन पैरा गेम्स में भारत का शानदार प्रदर्शन जारी है। प्रतियोगिता के दूसरे दिन भारतीय खिलाड़ियों ने 24 मेडल जीते, जिनमें 5 गोल्ड, 6 सिल्वर और 13 ब्रॉन्ज शामिल हैं। इसके साथ ही भारत के कुल पदकों की संख्या 35 हो गई है। भारतीय खिलाड़ियों ने अब तक 9 गोल्ड, 11 सिल्वर और 15 ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए हैं। दूसरे दिन एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला। पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारत ने गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज तीनों मेडल जीतकर शानदार उपलब्धि हासिल की। वहीं, निषाद कुमार ने हाई जंप में गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीता। सिमरन शर्मा और दीप्ति जीवनजी ने भी क्रमशः 200 मीटर और 400 मीटर रेस में गोल्ड मेडल अपने नाम किए। शूटिंग में मनीष नरवाल ने सिल्वर मेडल जीता। इसके साथ ही उन्होंने 2028 में होने वाले लॉस एंजिलिस पैरालिंपिक्स के लिए कोटा भी हासिल किया। डिस्कस थ्रो में भारत का क्लीन स्वीप पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारतीय खिलाड़ियों ने तीनों पदक जीतकर अपना दबदबा कायम किया। देवेंद्र कुमार ने 781 रजा पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल हासिल किया। राकेश ने 771 पॉइंट्स लेकर सिल्वर, जबकि प्रदीप कुमार ने 669 पॉइंट्स के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता। इस मुकाबले की खास बात यह रही कि प्रदीप कुमार ने 51.15 मीटर का सबसे लंबा थ्रो किया, इसके बावजूद उन्हें ब्रॉन्ज मेडल मिला। इसकी वजह यह है कि इस स्पर्धा में अलग-अलग तरह की शारीरिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ी एक साथ मुकाबला करते हैं। इसमें F43, F44, F62 और F64 कैटेगरी के खिलाड़ी शामिल थे। खिलाड़ियों की शारीरिक स्थिति और थ्रो करने की क्षमता में अंतर होने के कारण उनके प्रदर्शन का आकलन रजा पॉइंट्स सिस्टम के आधार पर किया जाता है। इस प्रणाली में खिलाड़ी की कैटेगरी के अनुसार प्रदर्शन को अंक दिए जाते हैं, जिससे अलग-अलग कैटेगरी के खिलाड़ियों के परिणामों की निष्पक्ष तुलना की जा सके। निषाद कुमार ने हाई जंप में जीता दूसरा गोल्ड भारतीय पैरा-एथलीट निषाद कुमार ने पुरुषों की हाई जंप T47 स्पर्धा में 2.02 मीटर की छलांग लगाकर गोल्ड मेडल जीता। यह इन गेम्स में उनका दूसरा गोल्ड है। इससे पहले वह लॉन्ग जंप में भी पहला स्थान हासिल कर चुके हैं। हाई जंप में खिलाड़ियों को एक निश्चित ऊंचाई पर रखी बार को बिना गिराए पार करना होता है। हर सफल प्रयास के बाद बार की ऊंचाई बढ़ाई जाती है और सबसे अधिक ऊंचाई पार करने वाला खिलाड़ी विजेता बनता है। T47 पैरा-एथलेटिक्स की वह श्रेणी है, जिसमें हाथ से जुड़ी शारीरिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। निषाद की इस उपलब्धि से भारत के पदक अभियान को मजबूती मिली है। प्रणव सूरमा को गोल्ड, राम रतन सिंह ने जीता सिल्वर पुरुषों की डिस्कस थ्रो F51/F52/F53 स्पर्धा में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। प्रणव सूरमा ने 932 रजा पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि राम रतन सिंह 809 पॉइंट्स लेकर दूसरे स्थान पर रहे और उन्हें सिल्वर मेडल मिला। प्रणव ने अपने छह प्रयासों में 11.66 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया। इस स्पर्धा में भी अलग-अलग कैटेगरी के खिलाड़ियों के प्रदर्शन की तुलना रजा पॉइंट्स के आधार पर की जाती है। इसलिए केवल थ्रो की दूरी के आधार पर विजेता तय नहीं होता। प्रणव और राम रतन के अंकों ने उन्हें क्रमशः पहला और दूसरा स्थान दिलाया। भारत की पदक तालिका पर नजर दूसरे दिन के शानदार प्रदर्शन के बाद भारत के कुल पदकों की संख्या 35 हो गई है। एथलेटिक्स में लगातार मिल रही सफलताओं और शूटिंग में मनीष नरवाल की उपलब्धि ने भारतीय अभियान को नई गति दी है। प्रतियोगिता के अगले दिनों में भी भारतीय खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।
SBI

SBI ग्राहकों का डेटा Dark Web पर मिलने से बढ़ी चिंता, जांच में जुटा बैंक

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के ग्राहकों की निजी जानकारी डार्क वेब पर मिलने का मामला सामने आया है। बैंक की शुरुआती जांच में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड में व्यक्तिगत जानकारी उजागर होने की पहचान की गई है। इनमें नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और पते जैसी जानकारियां शामिल हैं। इस खबर के सामने आने के बाद ग्राहकों की डेटा सिक्योरिटी को लेकर चिंता बढ़ गई है। SBI ने कहा है कि इस घटना से बैंक के सामान्य कामकाज, वित्तीय प्रदर्शन और सेवाओं पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। वहीं, डेटा कहां से आया, कितने ग्राहकों की जानकारी प्रभावित हुई और इसके पीछे क्या वजह रही, इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए जांच की जा रही है। SBI Data Leak: कैसे सामने आया डेटा लीक का मामला? बैंक के अनुसार, 16 अक्टूबर 2026 को उसे अपने Threat Intelligence Service Provider, Defence Cyber Agency और भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) से डार्क वेब पर ग्राहकों का डेटा उपलब्ध होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद SBI ने शुरुआती स्तर पर करीब 3.75 लाख रिकॉर्ड का विश्लेषण किया। इस प्रक्रिया में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड ऐसे मिले, जिनमें व्यक्तिगत पहचान से जुड़ी जानकारी मौजूद थी। हालांकि, डार्क वेब पर मिले सभी रिकॉर्ड के बारे में अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। बैंक जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि डेटा कितना वास्तविक है और किस माध्यम से बाहर पहुंचा। ग्राहकों की कौन-सी निजी जानकारी हुई उजागर? शुरुआती जांच में सामने आए रिकॉर्ड में ग्राहकों से जुड़ी कई तरह की जानकारियां शामिल बताई गई हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं: इनमें से कुछ जानकारियों का इस्तेमाल साइबर ठग लोगों को निशाना बनाने के लिए कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, किसी ग्राहक का नाम, मोबाइल नंबर और बैंकिंग से जुड़ी जानकारी पता होने पर ठग खुद को बैंक कर्मचारी बताकर भरोसा जीतने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि, इस मामले में ग्राहकों के बैंक खातों से पैसे निकलने या किसी खास तरह की धोखाधड़ी होने की पुष्टि नहीं हुई है। SBI ने जांच के लिए उठाए जरूरी कदम डेटा लीक की जानकारी मिलने के बाद बैंक ने अपने साइबर सिक्योरिटी प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिए। साथ ही, मामले की विस्तृत जांच के लिए CERT-In से सूचीबद्ध एक स्वतंत्र साइबर सुरक्षा एजेंसी को नियुक्त किया गया है। जांच में यह पता लगाने पर ध्यान दिया जा रहा है कि डेटा का स्रोत क्या था, जानकारी कैसे उजागर हुई और इससे ग्राहकों की सुरक्षा पर कितना असर पड़ सकता है। बैंक के अनुसार, जांच के नतीजों के आधार पर जरूरी सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल डेटा लीक के पीछे किसी व्यक्ति या समूह की भूमिका को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। क्या SBI ग्राहकों के बैंक खाते खतरे में हैं? डेटा लीक की खबर सुनकर ग्राहकों के मन में सबसे पहला सवाल यही आता है कि क्या उनके बैंक खाते सुरक्षित हैं? यहां एक बात समझना जरूरी है। ग्राहकों का नाम, मोबाइल नंबर या पता सामने आने का मतलब यह नहीं है कि उनके बैंक खाते भी हैक हो गए हैं। निजी जानकारी का उजागर होना और खाते से पैसे निकलना दो अलग-अलग बातें हैं। SBI ने कहा है कि इस घटना से उसके मुख्य कामकाज और सेवाओं पर कोई महत्वपूर्ण असर नहीं पड़ा है। हालांकि, निजी जानकारी का गलत इस्तेमाल करके फर्जी कॉल, मैसेज और ऑनलाइन ठगी की कोशिश की जा सकती है। इसलिए ग्राहकों को सावधानी बरतने की जरूरत है। Data Leak के बाद ग्राहकों को क्या करना चाहिए? डिजिटल बैंकिंग के दौर में थोड़ी सी लापरवाही भी परेशानी बढ़ा सकती है। ऐसे में SBI ग्राहकों को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। 1. OTP और PIN किसी को न बताएं: बैंक अधिकारी बनकर फोन करने वाला व्यक्ति भी आपसे OTP, ATM PIN या CVV मांगे, तो जानकारी साझा न करें। 2. संदिग्ध लिंक से बचें: KYC अपडेट, बैंक खाता बंद होने या रिफंड मिलने के नाम पर आए अनजान लिंक पर क्लिक न करें। 3. बैंक खाते पर नजर रखें: अपने खाते के लेनदेन की नियमित जांच करें। कोई संदिग्ध ट्रांजैक्शन दिखे तो तुरंत बैंक से संपर्क करें। 4. फर्जी कॉल से सावधान रहें: अगर कोई व्यक्ति बैंकिंग जानकारी बताकर आपका भरोसा जीतने की कोशिश करे, तो उसकी पहचान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें। 5. साइबर ठगी होने पर शिकायत करें: वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में 1930 हेल्पलाइन या भारत सरकार के आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। ध्यान रखें कि किसी ठग के पास आपकी कुछ निजी जानकारी होने का मतलब यह नहीं है कि वह बैंक का अधिकृत प्रतिनिधि है। SBI Data Leak मामले में अब आगे क्या होगा? फिलहाल SBI डेटा लीक मामले की जांच जारी है। बैंक यह पता लगाने में जुटा है कि डार्क वेब पर उपलब्ध जानकारी कहां से आई और घटना का वास्तविक दायरा कितना बड़ा है। जांच पूरी होने के बाद ही डेटा लीक की वजह और ग्राहकों पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर ज्यादा स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। तब तक ग्राहकों के लिए अपनी बैंकिंग जानकारी सुरक्षित रखना और संदिग्ध गतिविधियों से सतर्क रहना सबसे जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Delhi HighCourt

Delhi HighCourt: सौरव दास-आशुतोष रांका ने वापस ली याचिका, Bond की शर्तों पर कोर्ट के सवाल

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi HighCourt) में बुधवार, 21 अक्टूबर को CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका पर सुनवाई हुई। दोनों नेताओं ने स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी न्यायिक हिरासत दो दिन के लिए बढ़ाई गई थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट की टिप्पणियों के बाद दोनों ने अपनी याचिका वापस ले ली। जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद की बेंच ने सुनवाई के दौरान सवाल उठाया कि जब इस मामले में दूसरी कानूनी प्रक्रिया अपनाने का विकल्प मौजूद है, तो सीधे हाईकोर्ट का रुख क्यों किया गया। कोर्ट ने दोनों नेताओं की ओर से शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन के आरोपों पर भी टिप्पणी की। Jantar Mantar Protest Case: क्या है पूरा मामला? सौरव दास और आशुतोष रांका को 13 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद हिरासत में लिया गया था। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ किया गया था। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग पार कर उस स्थान पर प्रवेश किया था, जिसे प्रदर्शन स्थल के रूप में पहले ही अधिसूचित सूची से हटा दिया गया था। इसके बाद दोनों नेताओं को न्यायिक हिरासत में भेजा गया। शुरुआत में उनकी हिरासत पांच दिन के लिए तय की गई थी। 19 अक्टूबर को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने उनकी हिरासत दो दिन और बढ़ाने का आदेश दिया था। इसी फैसले को चुनौती देते हुए दोनों ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। Court Remarks: बॉन्ड की शर्तों पर क्या कहा? सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड और उसके कथित उल्लंघन को लेकर सवाल उठाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि बैरिकेडिंग तोड़ने जैसी घटना के बाद दूसरे लोगों के भी नियमों का उल्लंघन करने की आशंका बढ़ सकती है। दोनों नेताओं की ओर से पेश वकील ने हिरासत बढ़ाने के आदेश और जमानतदारों से जुड़ी प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उनका पक्ष था कि दोनों ने आवश्यक जमानतदार पेश किए थे, इसके बावजूद उन्हें हिरासत में रखा गया। हालांकि, हाईकोर्ट ने मामले में उपलब्ध वैकल्पिक कानूनी उपाय अपनाने की बात कही। इसके बाद दोनों नेताओं की ओर से याचिका वापस लेने का फैसला किया गया। याचिका वापस लेने का क्या मतलब है? सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका वापस लिए जाने का अर्थ यह नहीं है कि हाईकोर्ट ने हिरासत बढ़ाने के आदेश को सही ठहरा दिया है। अदालत ने मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम राय दिए बिना याचिका वापस लेने की अनुमति दी। कोर्ट ने दोनों पक्षों को पहले स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के समक्ष चल रही प्रक्रिया के नतीजे का इंतजार करने और जरूरत पड़ने पर उचित अपीलीय मंच का रुख करने की सलाह दी। इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और मजिस्ट्रेट के समक्ष होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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