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जस्टिस को फोन लगाने के मामले में हाईकोर्ट पहुंचे भाजपा विधायक संजय पाठक, अगली सुनवाई 15 जुलाई को

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस को फोन लगाने के मामले में भाजपा विधायक Sanjay Pathak गुरुवार को हाईकोर्ट में पेश हुए। अदालत ने पहले ही उनकी व्यक्तिगत उपस्थिति अनिवार्य कर दी थी, इसलिए उन्हें कोर्ट में हाजिर होना पड़ा। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने अगली तारीख 15 जुलाई तय की है। अब इस मामले में दोपहर ढाई बजे सुनवाई होगी। कोर्ट ने खारिज की थी पेशी से छूट की मांग तीन सप्ताह पहले हुई सुनवाई में संजय पाठक ने कोर्ट में कहा था कि जस्टिस का नंबर उनसे गलती से डायल हो गया था। उन्होंने अगली सुनवाई में व्यक्तिगत पेशी से छूट देने की मांग भी की थी, लेकिन अदालत ने यह मांग ठुकरा दी थी। गुरुवार को संजय पाठक दोपहर करीब 3 बजे कोर्ट पहुंचे और शाम 5 बजे तक मौजूद रहे। चीफ जस्टिस की बेंच में हुई सुनवाई मामले की सुनवाई Sanjeev Sachdeva और Vinay Saraf की डिवीजन बेंच में हुई। कोर्ट ने व्हिसलब्लोअर Ashutosh Dixit को भी मामले में अदालत की सहायता करने की अनुमति दी है। ओपन कोर्ट में हुआ था खुलासा पूरा मामला 1 सितंबर 2025 को सामने आया था, जब Vishal Mishra ने ओपन कोर्ट में कहा था कि एक विधायक ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की थी। उस समय जस्टिस मिश्रा के सामने विधायक परिवार से जुड़े खनन मामले की सुनवाई चल रही थी। न्यायिक निष्पक्षता बनाए रखने के लिए उन्होंने खुद को उस केस की सुनवाई से अलग कर लिया था। “गलती से लग गया था फोन” हाईकोर्ट में दाखिल हलफनामे में संजय पाठक ने दावा किया था कि उनसे गलती से जस्टिस विशाल मिश्रा का नंबर डायल हो गया था और एक घंटी बजते ही कॉल काट दिया गया। हालांकि अदालत ने साफ कहा था कि विधायक की व्यक्तिगत उपस्थिति के बिना इस हलफनामे पर विचार नहीं किया जाएगा। खनन मामले से जुड़ा है विवाद यह मामला संजय पाठक परिवार से जुड़ी खनन कंपनियों पर कथित अवैध उत्खनन के आरोपों से जुड़ा है। इसी मामले की सुनवाई जस्टिस विशाल मिश्रा की बेंच में चल रही थी। अपने आदेश में जस्टिस मिश्रा ने कहा था कि इस तरह का संपर्क न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है, इसलिए वे मामले की सुनवाई नहीं करेंगे। बाद में हाईकोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए विधायक के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्रवाई शुरू की थी। 👉 ऐसी ही ताजा और भरोसेमंद खबरों के लिए जुड़े रहें www.deshharpal.com Portal के साथ।
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भोपाल में रिटायर्ड जज की बहू की मौत पर हंगामा, परिजनों ने पति पर लगाए गंभीर आरोप

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में रिटायर्ड जज Giribala Singh की बहू ट्विशा शर्मा की मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। गुरुवार को मृतका के परिजनों ने महिला थाने पहुंचकर जमकर हंगामा किया और पुलिस पर कार्रवाई में देरी का आरोप लगाया। परिजनों का कहना है कि रसूखदार परिवार होने के कारण ट्विशा के पति समर्थ शर्मा के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने पति पर हत्या और सबूत मिटाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। ACP करेंगे मामले की जांच Katara Hills Police Station के थाना प्रभारी सुनील दुबे ने बताया कि नवविवाहिता की मौत का मामला होने के कारण केस डायरी एसीपी को भेज दी गई है। आगे की जांच अब एसीपी स्तर पर होगी। पुलिस के अनुसार, परिजनों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और शुरुआती पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण फांसी बताया गया है। “थाने में हमारी बात तक नहीं सुनी गई” ट्विशा के परिजनों ने आरोप लगाया कि बुधवार रात जब वे इंसाफ की मांग लेकर थाने पहुंचे तो उनके पहुंचते ही मुख्य गेट बंद कर दिया गया। उनका कहना है कि वे रात 12 बजे तक बाहर खड़े रहे, लेकिन किसी अधिकारी ने बात तक नहीं की। परिवार ने आरोप लगाया कि पुलिस जानबूझकर कार्रवाई में देरी कर रही है और आरोपी पक्ष ट्विशा को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है। परिजनों का दावा है कि मृतका को “ड्रग एडिक्ट” तक बताया जा रहा है। हालांकि थाना प्रभारी ने बदसलूकी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि थाने में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और पुलिस के साथ ही दुर्व्यवहार किया गया। बहन का आरोप- “अस्पताल से एक घंटे गायब रहे पति और सास” मृतका की बहन प्रियंका ने आरोप लगाया कि मौत की पुष्टि के बाद पति समर्थ शर्मा और उनकी मां करीब एक घंटे तक गायब रहे। प्रियंका का आरोप है कि इस दौरान घर लौटकर सबूतों से छेड़छाड़ की गई। उन्होंने कहा कि अब तक आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई और उसे भागने का मौका दिया जा रहा है। छत पर फंदे से लटकी मिली थी ट्विशा 31 वर्षीय ट्विशा शर्मा मूल रूप से नोएडा की रहने वाली थीं। उनकी शादी करीब एक साल पहले भोपाल निवासी वकील समर्थ शर्मा से हुई थी। मंगलवार रात कटारा हिल्स इलाके में ट्विशा का शव घर की छत पर फंदे से लटका मिला था। परिवार के मुताबिक, रात 9:30 बजे तक सभी लोग साथ बैठकर टीवी देख रहे थे। बाद में जब परिवार छत पर पहुंचा तो ट्विशा एक्सरसाइज वाले इलास्टिक बैंड के सहारे फंदे पर लटकी मिलीं। उन्हें तुरंत All India Institute of Medical Sciences Bhopal ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। भाई ने लगाए मानसिक प्रताड़ना के आरोप ट्विशा के भाई Harshit Sharma ने आरोप लगाया कि शादी के बाद शुरुआती समय में सब कुछ सामान्य था, लेकिन नौकरी छोड़ने के बाद ट्विशा के साथ व्यवहार बदल गया। उन्होंने कहा कि ट्विशा को “नाकारा” कहकर अपमानित किया जाता था और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। ट्विशा भोपाल आने के बाद दूसरी नौकरी नहीं करना चाहती थीं, जिस बात को लेकर पति से विवाद होता था। परिवार का कहना है कि मौत से पहले ट्विशा ने फोन कर बताया था कि वह मायके लौटना चाहती है और इसके लिए रिजर्वेशन भी करा लिया था। ससुराल पक्ष का अलग दावा पूर्व जज गिरिबाला सिंह ने कहा कि ट्विशा मनोवैज्ञानिक उपचार करा रही थीं और दवाइयां ले रही थीं। उन्होंने दावा किया कि ट्विशा ने डॉक्टर को गांजा सेवन और गर्भपात से जुड़ी जानकारी भी दी थी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर कार्रवाई की बात कह रही है। 👉 ऐसी ही ताजा और भरोसेमंद खबरों के लिए जुड़े रहें www.deshharpal.com Portal के साथ।
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खंडवा में दर्दनाक सड़क हादसा: फायनेंस कंपनी मैनेजर की मौत, राहगीर को बचाने में गई जान

मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में देर रात हुए दर्दनाक सड़क हादसे में एक फायनेंस कंपनी के ब्रांच मैनेजर की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वे शादी समारोह से लौट रहे थे। इसी दौरान सड़क पार कर रहे एक व्यक्ति को बचाने की कोशिश में उनकी बाइक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे लगे साइन बोर्ड से टकरा गई। हादसा इंदौर-खंडवा हाईवे पर छैगांव देवी के पास बुधवार रात करीब 11 बजे हुआ। राहगीर को बचाने में हुआ हादसा जानकारी के मुताबिक, देशगांव निवासी रविराज सिंह गौड़ (32) Sundaram Finance में ब्रांच मैनेजर थे। वे अपने स्टाफ कर्मचारी की शादी में शामिल होकर बाइक से घर लौट रहे थे। उनके साथ एक सहकर्मी भी बाइक पर सवार था। रास्ते में छैगांव देवी के पास अचानक एक व्यक्ति सड़क पार करने लगा। उसे बचाने के प्रयास में बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे चली गई। साइन बोर्ड की टक्कर से मौके पर मौत बाइक सड़क किनारे लगे संकेतक बोर्ड से टकरा गई। इस दौरान बोर्ड का हिस्सा रविराज सिंह की छाती में जोर से लगा, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हैरानी की बात यह रही कि बाइक पर पीछे बैठे उनके सहकर्मी को मामूली खरोंच तक नहीं आई। हाल ही में मिला था प्रमोशन परिजनों के अनुसार, रविराज सिंह मेहनती, ईमानदार और मिलनसार स्वभाव के थे। हाल ही में उन्हें ब्रांच मैनेजर के पद पर प्रमोशन मिला था। उनकी शादी साल 2024 में हुई थी और 21 अप्रैल को उन्होंने अपनी दूसरी मैरिज एनिवर्सरी मनाई थी। परिवार में उनकी पत्नी, मां और छोटा भाई हैं। पिता का पहले ही निधन हो चुका है। अस्पताल पहुंचे ग्रामीण और जनप्रतिनिधि घटना की जानकारी मिलते ही गुरुवार सुबह बड़ी संख्या में देशगांव के लोग जिला अस्पताल पहुंचे। भाजपा जिलाध्यक्ष Rajpal Singh Tomar भी मौके पर पहुंचे। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। रविराज सिंह गौड़ का अंतिम संस्कार देशगांव के पास स्थित देवझिरी मुक्तिधाम में किया गया। इस हादसे के बाद परिवार और गांव में शोक का माहौल है। 👉 ऐसी ही ताजा और भरोसेमंद खबरों के लिए जुड़े रहें www.deshharpal.com Portal के साथ।
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इंदौर में सिस्टम की संवेदनहीनता: युवक के शव को बाइक पर लेकर 9 घंटे भटकते रहे परिजन

मध्यप्रदेश के इंदौर में करंट लगने से एक युवक की मौत के बाद सिस्टम की बड़ी लापरवाही सामने आई है। 21 वर्षीय युवक के शव का पोस्टमॉर्टम कराने के लिए परिजन करीब 9 घंटे तक बाइक पर शव लेकर भटकते रहे। इस दौरान उन्होंने लगभग 25 किलोमीटर का सफर तय किया। आरोप है कि सूचना देने के बावजूद पुलिस ने समय पर जिम्मेदारी नहीं निभाई। निर्माणाधीन मकान में लगा करंट जानकारी के मुताबिक, अलवासा गांव निवासी अंकित फुलेरिया (21) को 11 मई को निर्माणाधीन मकान में सरिए की कटिंग के दौरान करंट लग गया था। गंभीर हालत में उसका ममेरा भाई नीलेश और अन्य लोग उसे बाइक से Aurobindo Hospital लेकर पहुंचे। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद अंकित को मृत घोषित कर दिया। एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक भटकते रहे परिजन इसके बाद परिजन शव लेकर सांवेर के जैन अस्पताल पहुंचे। वहां भी डॉक्टरों ने युवक को मृत घोषित कर दिया। इस दौरान परिजनों ने हंगामा किया, जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दी। सांवेर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में पता चला कि मामला Banganga Police Station क्षेत्र का है। आरोप है कि बाणगंगा पुलिस से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन वहां से कोई जवाब नहीं मिला। आखिरकार रात करीब 9 बजे परिजन दोबारा अरबिंदो अस्पताल पहुंचे और शव को मर्चुरी में रखवाया गया। दूसरे दिन हंगामे के बाद हुआ पोस्टमॉर्टम मंगलवार को पोस्टमॉर्टम में देरी होने पर परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अस्पताल में हंगामा किया। इसके बाद बाणगंगा थाने से पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और जरूरी कागजी कार्रवाई शुरू की गई। तब जाकर युवक का पोस्टमॉर्टम हो सका और अंतिम संस्कार किया गयापहले भी लग चुके हैं लापरवाही के आरोप पहले भी लग चुके हैं लापरवाही के आरोप अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी बाणगंगा पुलिस की कथित लापरवाही के कारण परिजन शव लेकर अस्पताल से लौट चुके हैं। वहीं, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त Ramsnehi Mishra ने कहा कि अगर जांच में पुलिस की लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 👉 ऐसी ही ताजा और भरोसेमंद खबरों के लिए जुड़े रहें Deshharpal News Portal के साथ।
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Bhopal में कल बिजली कटौती का अलर्ट, 20 से ज्यादा इलाकों में असर; रोहित नगर, डीके कॉटेज-चिचली भी शामिल

Bhopal में कल बिजली कटौती का अलर्ट, 20 से ज्यादा इलाकों में असर; रोहित नगर, डीके कॉटेज-चिचली भी शामिल

Bhopal शहर के कई इलाकों में कल बिजली सप्लाई बाधित रहेगी। मेंटेनेंस कार्य के चलते करीब 20 से ज्यादा कॉलोनियों में कुछ घंटों के लिए बिजली कटौती की जाएगी, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इन इलाकों में रहेगा असर जानकारी के अनुसार Bhopal के रोहित नगर, डीके कॉटेज-चिचली, गुजराती कॉलोनी और तिलक नगर सहित कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। बिजली विभाग की ओर से बताया गया है कि यह कटौती जरूरी रखरखाव और सुधार कार्य के कारण की जा रही है, ताकि भविष्य में सप्लाई बेहतर की जा सके। लोगों से सावधानी की अपील बिजली विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे पानी भरकर रखें और जरूरी काम पहले ही निपटा लें, ताकि कटौती के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो। स्थानीय लोगों का कहना है कि गर्मी और दैनिक कामकाज के बीच बिजली कटौती से थोड़ी दिक्कत जरूर होगी, लेकिन यह काम भविष्य की सुविधा के लिए जरूरी है। कब तक रहेगी कटौती? बिजली विभाग के अनुसार, निर्धारित समय में काम पूरा होते ही सप्लाई बहाल कर दी जाएगी। हालांकि, मौसम या तकनीकी कारणों से समय में थोड़ा बदलाव भी हो सकता है।
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MP में बड़ा मामला: आइसक्रीम खाने के बाद 14 बच्चों की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती

MP में बड़ा मामला: आइसक्रीम खाने के बाद 14 बच्चों की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती

MP के मंदसौर जिले से एक चिंताजनक खबर सामने आई है। यहां आइसक्रीम खाने के बाद 14 बच्चों की तबीयत अचानक खराब हो गई, जिसके बाद सभी को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। आइसक्रीम खाते ही शुरू हुई परेशानी घटना Mandsaur के एक इलाके की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, बच्चों ने एक ही जगह से आइसक्रीम खाई थी, जिसके कुछ समय बाद ही उन्हें उल्टी, पेट दर्द और कमजोरी जैसी शिकायतें होने लगीं। परिजनों ने स्थिति बिगड़ते देख सभी बच्चों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। एक बच्चे की हालत गंभीर डॉक्टरों के अनुसार, भर्ती किए गए 14 बच्चों में से एक बच्चे की हालत गंभीर बनी हुई है, जिसे विशेष निगरानी में रखा गया है। बाकी बच्चों का इलाज जारी है और उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। जांच में जुटा प्रशासन इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आइसक्रीम के सैंपल भी जांच के लिए भेजे जाने की बात कही जा रही है, ताकि पता लगाया जा सके कि बच्चों की तबीयत बिगड़ने की असली वजह क्या है। गांव में चिंता का माहौल इस घटना के बाद इलाके में डर और चिंता का माहौल है। परिजन प्रशासन से सख्त कार्रवाई और जल्द जांच रिपोर्ट की मांग कर रहे हैं।
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सीहोर में बुजुर्ग किसान से जमीन धोखाधड़ी: जीवनभर की कमाई से खरीदी जमीन किसी और को बेच दी

सीहोर जिले के इछावर क्षेत्र में एक बुजुर्ग किसान के साथ जमीन धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। ब्रिजीशनगर निवासी लक्ष्मीनारायण वर्मा ने आरोप लगाया है कि उनकी खरीदी हुई जमीन को जालसाजों ने फर्जी तरीके से किसी और को बेच दिया। 2007 और 2011 में खरीदे थे भूखंड लक्ष्मीनारायण वर्मा के मुताबिक उन्होंने वर्ष 2007 और 2011 में जगदीश प्रसाद मेवाड़ा और उनके बेटों से दो भूखंड खरीदे थे। दोनों जमीनों की विधिवत रजिस्ट्री और नामांतरण भी कराया गया था। बुजुर्ग किसान का कहना है कि उन्होंने अपनी जीवनभर की जमा पूंजी लगाकर यह जमीन खरीदी थी। मकान बनाने पहुंचे तो रोका गया काम हाल ही में लक्ष्मीनारायण अपने बेटे अनिल के साथ जमीन पर मकान निर्माण कराने पहुंचे थे। आरोप है कि वहां मौजूद लोगों ने उन्हें डराया-धमकाया और निर्माण कार्य रुकवा दिया। इसके बाद जब उन्होंने मामले की जानकारी निकाली तो पता चला कि उनकी जमीन के एक हिस्से को आरोपियों ने कथित तौर पर अपने ही रिश्तेदार को बेच दिया है। पुलिस से लगाई न्याय की गुहार धोखाधड़ी सामने आने के बाद लक्ष्मीनारायण वर्मा ने पुलिस से शिकायत की है। उन्होंने ज्ञापन सौंपकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और अपनी जमीन वापस दिलाने की मांग की है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। 👉 मध्यप्रदेश और देश-दुनिया की ताजा खबरों के लिए विजिट करें: www.deshharpal.com
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ग्वालियर में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत: मरने से 30 मिनट पहले भाई को किया कॉल, बोली- ‘मुझे बचा लो, ये मार डालेंगे’

ग्वालियर के मुरार इलाके में एक नवविवाहिता की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है। सुरैयापुरा निवासी 22 वर्षीय पलक रजक की मौत को लेकर मायके और ससुराल पक्ष के दावे अलग-अलग हैं। ससुराल वाले इसे आत्महत्या बता रहे हैं, जबकि मायके पक्ष ने हत्या का आरोप लगाया है। मौत से पहले भाई को किया था फोन मृतका के भाई प्रिंस ने बताया कि मंगलवार शाम 6:14 बजे पलक का फोन आया था। वह फोन पर बेहद डरी हुई और रो रही थी। प्रिंस के मुताबिक, पलक ने कहा, “भैया, मुझे जल्दी यहां से ले जाओ, नहीं तो ये लोग मुझे मार डालेंगे।” बहन की हालत देखकर वह तुरंत उसके ससुराल के लिए निकल गया। लेकिन जब वह करीब 6:45 बजे वहां पहुंचा, तभी ससुराल वालों का फोन आया कि पलक अस्पताल में भर्ती है। अस्पताल पहुंचा तो स्ट्रेचर पर मिली बहन की लाश प्रिंस जब जिला अस्पताल पहुंचा तो पलक की मौत हो चुकी थी। उसने आरोप लगाया कि बहन के शरीर पर गर्दन से लेकर पैर तक चोट के निशान थे। परिवार का कहना है कि चोटों के निशान मारपीट और संघर्ष की ओर इशारा करते हैं। अप्रैल 2025 में हुई थी शादी पलक की शादी अप्रैल 2025 में अमित रजक से हुई थी, जो एयरफोर्स में आउटसोर्स कर्मचारी बताया जा रहा है। मायके पक्ष का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही सास और देवर दहेज में कार की मांग को लेकर पलक को प्रताड़ित करने लगे थे। परिजनों का यह भी आरोप है कि शादी में दी गई एफडीआर भी ससुराल वालों ने तुड़वाकर पैसे ले लिए थे। परिजनों ने रखीं तीन बड़ी मांगें मृतका के परिवार ने मामले में निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए तीन प्रमुख मांगें रखी हैं— पुलिस कर रही जांच मुरार थाना पुलिस ने फिलहाल मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। शादी को अभी एक साल भी पूरा नहीं हुआ था, इसलिए कार्यकारी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। एएसपी जयराज कुबेर ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। यदि हत्या के प्रमाण मिलते हैं तो FIR दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी। 👉 मध्यप्रदेश और देश-दुनिया की ताजा खबरों के लिए विजिट करें: www.deshharpal.com
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CBSE 12वीं रिजल्ट जारी: भोपाल रीजन राष्ट्रीय औसत से पीछे, 79.43% छात्र हुए पास

CBSE ने बुधवार को 12वीं बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया। इस बार मध्यप्रदेश से 80 हजार 454 छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे। हालांकि, इस साल भोपाल रीजन का प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत से कमजोर रहा। भोपाल रीजन में कुल 79.43% विद्यार्थी पास हुए, जबकि देशभर का औसत पास प्रतिशत 85.20% दर्ज किया गया। यानी भोपाल रीजन राष्ट्रीय औसत से 5.77% पीछे रहा। बता दें कि भोपाल रीजन में पूरा मध्यप्रदेश शामिल होता है। 90% से ज्यादा अंक लाने वाले छात्रों के लिए खास पहल कई छात्रों ने इस बार 12वीं परीक्षा में 90% से अधिक अंक हासिल किए हैं। ऐसे मेधावी छात्रों के लिए दैनिक भास्कर ने विशेष पहल शुरू की है। छात्रों के फोटो एप पर प्रकाशित किए जा रहे हैं। अगर किसी छात्र के 90% से ज्यादा अंक आए हैं, तो वह इस फॉर्म के जरिए अपनी जानकारी भेज सकता है: CBSE Topper Submission Form इन प्लेटफॉर्म्स पर देख सकते हैं रिजल्ट छात्र अपना रिजल्ट CBSE की आधिकारिक वेबसाइट, डिजिलॉकर और उमंग ऐप पर देख सकते हैं। रिजल्ट देखने के लिए रोल नंबर, स्कूल नंबर, एडमिट कार्ड आईडी और जन्मतिथि की जरूरत होगी। CBSE ने वेबसाइट पर ज्यादा ट्रैफिक को देखते हुए DigiLocker और UMANG ऐप का विकल्प भी उपलब्ध कराया है। 👉 शिक्षा और देश-दुनिया की ताजा खबरों के लिए विजिट करें: www.deshharpal.com
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खंडवा विधायक कंचन तनवे साइकिल से पहुंचीं दादा दरबार, PM मोदी की अपील से ली प्रेरणा

खंडवा में बुधवार सुबह एक अलग और खास तस्वीर देखने को मिली। रोजाना स्कॉर्पियो कार से दादा दरबार पहुंचने वाली भाजपा विधायक कंचन तनवे इस बार साइकिल चलाकर दर्शन करने पहुंचीं। विधायक को साइकिल से आते देख श्रद्धालु और स्थानीय लोग भी हैरान रह गए। कई लोगों ने उनके साथ सेल्फी ली और उनकी इस पहल की जमकर तारीफ की। पीएम मोदी की अपील से प्रेरित हुईं विधायक दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देशवासियों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने और ईंधन बचाने की अपील की थी। इसी से प्रेरित होकर विधायक कंचन तनवे ने अपनी दिनचर्या में बदलाव करने का फैसला लिया। बुधवार सुबह वे अपने घर से साइकिल चलाकर दादा दरबार पहुंचीं और दर्शन किए। खास बात यह रही कि उन्होंने अपने पीएसओ को भी साइकिल दिलवाई। पीछे-पीछे बाइक से चले समर्थक दिलचस्प बात यह रही कि विधायक जहां साइकिल से चल रही थीं, वहीं उनके समर्थक बाइक पर पीछे-पीछे चलते नजर आए। इस दौरान रास्ते में लोगों ने उनका स्वागत भी किया। सप्ताह में एक दिन साइकिल चलाने का फैसला विधायक कंचन तनवे ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को सिर्फ संदेश देने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि खुद भी उदाहरण पेश करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब वे सप्ताह में एक दिन साइकिल या इलेक्ट्रिक बाइक से ही दादा दरबार जाएंगी। इससे ईंधन की बचत होगी और पर्यावरण को भी फायदा मिलेगा। फिटनेस के लिए भी जरूरी है साइकिल विधायक ने कहा कि भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों को व्यायाम का समय नहीं मिल पाता। ऐसे में साइकिल चलाना फिट रहने का आसान और प्रभावी तरीका है। 👉 मध्यप्रदेश की ताजा और भरोसेमंद खबरों के लिए विजिट करें: www.deshharpal.com
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रानी कमलापति स्टेशन पर दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट, 29 मिनट खड़ी रही ट्रेन

भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर मंगलवार सुबह दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट हो गई। घटना सुबह करीब 11:30 बजे की बताई जा रही है। सामान चढ़ाने और यात्रियों के आने-जाने को लेकर शुरू हुआ विवाद बढ़ गया, जिसके चलते ट्रेन करीब 29 मिनट तक स्टेशन पर खड़ी रही। आरोप है कि पैंट्री कर्मचारियों ने एकजुट होकर यात्रियों पर हमला किया। विवाद के दौरान कर्मचारियों द्वारा चेन पुलिंग किए जाने की बात भी सामने आई है। बताया गया कि ट्रेन रानी कमलापति स्टेशन पर पहले ही निर्धारित समय से 3 घंटे 33 मिनट की देरी से पहुंची थी। जीआरपी ने मौके पर पहुंचकर शांत कराया विवाद घटना की सूचना मिलने पर जीआरपी मौके पर पहुंची और यात्रियों व पैंट्री कर्मचारियों के बीच चल रहे विवाद को शांत कराया। जीआरपी टीआई अमित शर्मा के मुताबिक, पीड़ित यात्री बेंगलुरु जा रहा था। उन्होंने बताया कि रानी कमलापति स्टेशन पर इस मामले में शिकायत नहीं मिली। वहीं, नागपुर में जीरो पर प्रकरण दर्ज किए जाने की सूचना है। मामले में आगे की कार्रवाई संबंधित जीआरपी के स्तर पर की जाएगी।

मध्यप्रदेश में पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए खर्च होंगे 7.5 करोड़ रुपए, 330 विकासखंडों में होगा खेल महोत्सव

मध्यप्रदेश में पारंपरिक और आंचलिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार करीब साढ़े सात करोड़ रुपए खर्च करने की तैयारी कर रही है। खेल विभाग ने इसके लिए छोटे शहरों में प्रशिक्षण केंद्र खोलने की योजना बनाई है। इसके साथ ही प्रदेश के सभी 330 विकासखंडों में हर साल पारंपरिक खेल महोत्सव आयोजित किए जाएंगे। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक खेलों को संरक्षण देना और ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं की पहचान करना है। सरकार की इस पहल से स्थानीय खेलों को प्रतियोगिताओं और व्यवस्थित प्रशिक्षण के जरिए आगे बढ़ाने की कोशिश की जाएगी। पिट्ठू से मलखंभ तक, कई खेल होंगे शामिल प्रस्तावित योजना में पिट्ठू, गदा और साइकिल रेस जैसे पारंपरिक व आंचलिक खेलों को शामिल किया गया है। इसके अलावा कबड्डी, खो-खो, पैदल चाल, तीरंदाजी और मलखंभ जैसे खेलों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। खेल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पारंपरिक खेल महोत्सव में विकासखंड स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इन स्पर्धाओं के लिए पूरे प्रदेश में एक समान नियम तैयार किए जाएंगे, ताकि खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं में भाग लेने के समान अवसर मिल सकें। छोटे शहरों में खुलेंगे प्रशिक्षण केंद्र खेल विभाग का मानना है कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में कई पारंपरिक खेल लंबे समय से स्थानीय संस्कृति का हिस्सा रहे हैं। हालांकि, इन खेलों से जुड़े खिलाड़ियों को अक्सर औपचारिक प्रशिक्षण और बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का अवसर नहीं मिल पाता। प्रस्तावित प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से ऐसे खिलाड़ियों को व्यवस्थित प्रशिक्षण देने की योजना है। इससे स्थानीय स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। आधुनिक खेलों से जोड़ने की भी तैयारी खेल विभाग इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करेगा। इसके बाद उन्हें आगे के प्रशिक्षण के लिए तैयार करने की योजना है। विभाग पारंपरिक खेलों से जुड़ी प्रतिभाओं को आधुनिक खेल व्यवस्था से जोड़ने के विकल्पों पर भी काम कर रहा है। इस पहल के जरिए पारंपरिक खेलों को नई पहचान देने के साथ-साथ ग्रामीण युवाओं की खेलों में भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। पारंपरिक खेलों के केंद्र स्थापित किए जाएंगे: विश्वास सारंग खेल मंत्री विश्वास सारंग के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न अंचलों में कई देशी खेल प्रचलित हैं, लेकिन उन्हें बड़े पैमाने पर खेलने के अवसर सीमित हैं। अब इनके केंद्र स्थापित कर इन खेलों को बढ़ावा देने की योजना है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित योजना में टीम आधारित और व्यक्तिगत, दोनों तरह के खेलों को शामिल करने पर विचार किया जा रहा है।

एशियन पैरा गेम्स में भारत का धमाकेदार प्रदर्शन, दूसरे दिन जीते 24 मेडल; कुल पदक 35 हुए

जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन पैरा गेम्स में भारत का शानदार प्रदर्शन जारी है। प्रतियोगिता के दूसरे दिन भारतीय खिलाड़ियों ने 24 मेडल जीते, जिनमें 5 गोल्ड, 6 सिल्वर और 13 ब्रॉन्ज शामिल हैं। इसके साथ ही भारत के कुल पदकों की संख्या 35 हो गई है। भारतीय खिलाड़ियों ने अब तक 9 गोल्ड, 11 सिल्वर और 15 ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए हैं। दूसरे दिन एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला। पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारत ने गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज तीनों मेडल जीतकर शानदार उपलब्धि हासिल की। वहीं, निषाद कुमार ने हाई जंप में गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीता। सिमरन शर्मा और दीप्ति जीवनजी ने भी क्रमशः 200 मीटर और 400 मीटर रेस में गोल्ड मेडल अपने नाम किए। शूटिंग में मनीष नरवाल ने सिल्वर मेडल जीता। इसके साथ ही उन्होंने 2028 में होने वाले लॉस एंजिलिस पैरालिंपिक्स के लिए कोटा भी हासिल किया। डिस्कस थ्रो में भारत का क्लीन स्वीप पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारतीय खिलाड़ियों ने तीनों पदक जीतकर अपना दबदबा कायम किया। देवेंद्र कुमार ने 781 रजा पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल हासिल किया। राकेश ने 771 पॉइंट्स लेकर सिल्वर, जबकि प्रदीप कुमार ने 669 पॉइंट्स के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता। इस मुकाबले की खास बात यह रही कि प्रदीप कुमार ने 51.15 मीटर का सबसे लंबा थ्रो किया, इसके बावजूद उन्हें ब्रॉन्ज मेडल मिला। इसकी वजह यह है कि इस स्पर्धा में अलग-अलग तरह की शारीरिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ी एक साथ मुकाबला करते हैं। इसमें F43, F44, F62 और F64 कैटेगरी के खिलाड़ी शामिल थे। खिलाड़ियों की शारीरिक स्थिति और थ्रो करने की क्षमता में अंतर होने के कारण उनके प्रदर्शन का आकलन रजा पॉइंट्स सिस्टम के आधार पर किया जाता है। इस प्रणाली में खिलाड़ी की कैटेगरी के अनुसार प्रदर्शन को अंक दिए जाते हैं, जिससे अलग-अलग कैटेगरी के खिलाड़ियों के परिणामों की निष्पक्ष तुलना की जा सके। निषाद कुमार ने हाई जंप में जीता दूसरा गोल्ड भारतीय पैरा-एथलीट निषाद कुमार ने पुरुषों की हाई जंप T47 स्पर्धा में 2.02 मीटर की छलांग लगाकर गोल्ड मेडल जीता। यह इन गेम्स में उनका दूसरा गोल्ड है। इससे पहले वह लॉन्ग जंप में भी पहला स्थान हासिल कर चुके हैं। हाई जंप में खिलाड़ियों को एक निश्चित ऊंचाई पर रखी बार को बिना गिराए पार करना होता है। हर सफल प्रयास के बाद बार की ऊंचाई बढ़ाई जाती है और सबसे अधिक ऊंचाई पार करने वाला खिलाड़ी विजेता बनता है। T47 पैरा-एथलेटिक्स की वह श्रेणी है, जिसमें हाथ से जुड़ी शारीरिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। निषाद की इस उपलब्धि से भारत के पदक अभियान को मजबूती मिली है। प्रणव सूरमा को गोल्ड, राम रतन सिंह ने जीता सिल्वर पुरुषों की डिस्कस थ्रो F51/F52/F53 स्पर्धा में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। प्रणव सूरमा ने 932 रजा पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि राम रतन सिंह 809 पॉइंट्स लेकर दूसरे स्थान पर रहे और उन्हें सिल्वर मेडल मिला। प्रणव ने अपने छह प्रयासों में 11.66 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया। इस स्पर्धा में भी अलग-अलग कैटेगरी के खिलाड़ियों के प्रदर्शन की तुलना रजा पॉइंट्स के आधार पर की जाती है। इसलिए केवल थ्रो की दूरी के आधार पर विजेता तय नहीं होता। प्रणव और राम रतन के अंकों ने उन्हें क्रमशः पहला और दूसरा स्थान दिलाया। भारत की पदक तालिका पर नजर दूसरे दिन के शानदार प्रदर्शन के बाद भारत के कुल पदकों की संख्या 35 हो गई है। एथलेटिक्स में लगातार मिल रही सफलताओं और शूटिंग में मनीष नरवाल की उपलब्धि ने भारतीय अभियान को नई गति दी है। प्रतियोगिता के अगले दिनों में भी भारतीय खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।
SBI

SBI ग्राहकों का डेटा Dark Web पर मिलने से बढ़ी चिंता, जांच में जुटा बैंक

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के ग्राहकों की निजी जानकारी डार्क वेब पर मिलने का मामला सामने आया है। बैंक की शुरुआती जांच में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड में व्यक्तिगत जानकारी उजागर होने की पहचान की गई है। इनमें नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और पते जैसी जानकारियां शामिल हैं। इस खबर के सामने आने के बाद ग्राहकों की डेटा सिक्योरिटी को लेकर चिंता बढ़ गई है। SBI ने कहा है कि इस घटना से बैंक के सामान्य कामकाज, वित्तीय प्रदर्शन और सेवाओं पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। वहीं, डेटा कहां से आया, कितने ग्राहकों की जानकारी प्रभावित हुई और इसके पीछे क्या वजह रही, इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए जांच की जा रही है। SBI Data Leak: कैसे सामने आया डेटा लीक का मामला? बैंक के अनुसार, 16 अक्टूबर 2026 को उसे अपने Threat Intelligence Service Provider, Defence Cyber Agency और भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) से डार्क वेब पर ग्राहकों का डेटा उपलब्ध होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद SBI ने शुरुआती स्तर पर करीब 3.75 लाख रिकॉर्ड का विश्लेषण किया। इस प्रक्रिया में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड ऐसे मिले, जिनमें व्यक्तिगत पहचान से जुड़ी जानकारी मौजूद थी। हालांकि, डार्क वेब पर मिले सभी रिकॉर्ड के बारे में अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। बैंक जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि डेटा कितना वास्तविक है और किस माध्यम से बाहर पहुंचा। ग्राहकों की कौन-सी निजी जानकारी हुई उजागर? शुरुआती जांच में सामने आए रिकॉर्ड में ग्राहकों से जुड़ी कई तरह की जानकारियां शामिल बताई गई हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं: इनमें से कुछ जानकारियों का इस्तेमाल साइबर ठग लोगों को निशाना बनाने के लिए कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, किसी ग्राहक का नाम, मोबाइल नंबर और बैंकिंग से जुड़ी जानकारी पता होने पर ठग खुद को बैंक कर्मचारी बताकर भरोसा जीतने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि, इस मामले में ग्राहकों के बैंक खातों से पैसे निकलने या किसी खास तरह की धोखाधड़ी होने की पुष्टि नहीं हुई है। SBI ने जांच के लिए उठाए जरूरी कदम डेटा लीक की जानकारी मिलने के बाद बैंक ने अपने साइबर सिक्योरिटी प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिए। साथ ही, मामले की विस्तृत जांच के लिए CERT-In से सूचीबद्ध एक स्वतंत्र साइबर सुरक्षा एजेंसी को नियुक्त किया गया है। जांच में यह पता लगाने पर ध्यान दिया जा रहा है कि डेटा का स्रोत क्या था, जानकारी कैसे उजागर हुई और इससे ग्राहकों की सुरक्षा पर कितना असर पड़ सकता है। बैंक के अनुसार, जांच के नतीजों के आधार पर जरूरी सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल डेटा लीक के पीछे किसी व्यक्ति या समूह की भूमिका को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। क्या SBI ग्राहकों के बैंक खाते खतरे में हैं? डेटा लीक की खबर सुनकर ग्राहकों के मन में सबसे पहला सवाल यही आता है कि क्या उनके बैंक खाते सुरक्षित हैं? यहां एक बात समझना जरूरी है। ग्राहकों का नाम, मोबाइल नंबर या पता सामने आने का मतलब यह नहीं है कि उनके बैंक खाते भी हैक हो गए हैं। निजी जानकारी का उजागर होना और खाते से पैसे निकलना दो अलग-अलग बातें हैं। SBI ने कहा है कि इस घटना से उसके मुख्य कामकाज और सेवाओं पर कोई महत्वपूर्ण असर नहीं पड़ा है। हालांकि, निजी जानकारी का गलत इस्तेमाल करके फर्जी कॉल, मैसेज और ऑनलाइन ठगी की कोशिश की जा सकती है। इसलिए ग्राहकों को सावधानी बरतने की जरूरत है। Data Leak के बाद ग्राहकों को क्या करना चाहिए? डिजिटल बैंकिंग के दौर में थोड़ी सी लापरवाही भी परेशानी बढ़ा सकती है। ऐसे में SBI ग्राहकों को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। 1. OTP और PIN किसी को न बताएं: बैंक अधिकारी बनकर फोन करने वाला व्यक्ति भी आपसे OTP, ATM PIN या CVV मांगे, तो जानकारी साझा न करें। 2. संदिग्ध लिंक से बचें: KYC अपडेट, बैंक खाता बंद होने या रिफंड मिलने के नाम पर आए अनजान लिंक पर क्लिक न करें। 3. बैंक खाते पर नजर रखें: अपने खाते के लेनदेन की नियमित जांच करें। कोई संदिग्ध ट्रांजैक्शन दिखे तो तुरंत बैंक से संपर्क करें। 4. फर्जी कॉल से सावधान रहें: अगर कोई व्यक्ति बैंकिंग जानकारी बताकर आपका भरोसा जीतने की कोशिश करे, तो उसकी पहचान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें। 5. साइबर ठगी होने पर शिकायत करें: वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में 1930 हेल्पलाइन या भारत सरकार के आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। ध्यान रखें कि किसी ठग के पास आपकी कुछ निजी जानकारी होने का मतलब यह नहीं है कि वह बैंक का अधिकृत प्रतिनिधि है। SBI Data Leak मामले में अब आगे क्या होगा? फिलहाल SBI डेटा लीक मामले की जांच जारी है। बैंक यह पता लगाने में जुटा है कि डार्क वेब पर उपलब्ध जानकारी कहां से आई और घटना का वास्तविक दायरा कितना बड़ा है। जांच पूरी होने के बाद ही डेटा लीक की वजह और ग्राहकों पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर ज्यादा स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। तब तक ग्राहकों के लिए अपनी बैंकिंग जानकारी सुरक्षित रखना और संदिग्ध गतिविधियों से सतर्क रहना सबसे जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Delhi HighCourt

Delhi HighCourt: सौरव दास-आशुतोष रांका ने वापस ली याचिका, Bond की शर्तों पर कोर्ट के सवाल

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi HighCourt) में बुधवार, 21 अक्टूबर को CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका पर सुनवाई हुई। दोनों नेताओं ने स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी न्यायिक हिरासत दो दिन के लिए बढ़ाई गई थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट की टिप्पणियों के बाद दोनों ने अपनी याचिका वापस ले ली। जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद की बेंच ने सुनवाई के दौरान सवाल उठाया कि जब इस मामले में दूसरी कानूनी प्रक्रिया अपनाने का विकल्प मौजूद है, तो सीधे हाईकोर्ट का रुख क्यों किया गया। कोर्ट ने दोनों नेताओं की ओर से शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन के आरोपों पर भी टिप्पणी की। Jantar Mantar Protest Case: क्या है पूरा मामला? सौरव दास और आशुतोष रांका को 13 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद हिरासत में लिया गया था। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ किया गया था। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग पार कर उस स्थान पर प्रवेश किया था, जिसे प्रदर्शन स्थल के रूप में पहले ही अधिसूचित सूची से हटा दिया गया था। इसके बाद दोनों नेताओं को न्यायिक हिरासत में भेजा गया। शुरुआत में उनकी हिरासत पांच दिन के लिए तय की गई थी। 19 अक्टूबर को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने उनकी हिरासत दो दिन और बढ़ाने का आदेश दिया था। इसी फैसले को चुनौती देते हुए दोनों ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। Court Remarks: बॉन्ड की शर्तों पर क्या कहा? सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड और उसके कथित उल्लंघन को लेकर सवाल उठाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि बैरिकेडिंग तोड़ने जैसी घटना के बाद दूसरे लोगों के भी नियमों का उल्लंघन करने की आशंका बढ़ सकती है। दोनों नेताओं की ओर से पेश वकील ने हिरासत बढ़ाने के आदेश और जमानतदारों से जुड़ी प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उनका पक्ष था कि दोनों ने आवश्यक जमानतदार पेश किए थे, इसके बावजूद उन्हें हिरासत में रखा गया। हालांकि, हाईकोर्ट ने मामले में उपलब्ध वैकल्पिक कानूनी उपाय अपनाने की बात कही। इसके बाद दोनों नेताओं की ओर से याचिका वापस लेने का फैसला किया गया। याचिका वापस लेने का क्या मतलब है? सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका वापस लिए जाने का अर्थ यह नहीं है कि हाईकोर्ट ने हिरासत बढ़ाने के आदेश को सही ठहरा दिया है। अदालत ने मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम राय दिए बिना याचिका वापस लेने की अनुमति दी। कोर्ट ने दोनों पक्षों को पहले स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के समक्ष चल रही प्रक्रिया के नतीजे का इंतजार करने और जरूरत पड़ने पर उचित अपीलीय मंच का रुख करने की सलाह दी। इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और मजिस्ट्रेट के समक्ष होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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