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Akshaya Tritiya पर बड़ी कार्रवाई: इंदौर-जबलपुर में 4 बाल विवाह रोके गए, कई बेटियों की ज़िंदगी बची

Akshaya Tritiya पर बड़ी कार्रवाई: इंदौर-जबलपुर में 4 बाल विवाह रोके गए, कई बेटियों की ज़िंदगी बची

Akshaya Tritiya के मौके पर जहां एक ओर लोग शुभ कामों में लगे थे, वहीं प्रशासन ने एक सराहनीय कदम उठाते हुए चार बाल विवाह होने से रोक दिए। यह कार्रवाई इंदौर और जबलपुर में की गई। सबसे चौंकाने वाला मामला उस समय सामने आया जब 17 साल की एक नाबालिग लड़की की बारात उज्जैन से आ रही थी। सूचना मिलते ही प्रशासन और बाल संरक्षण टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बारात को बीच रास्ते में ही रुकवा दिया और विवाह होने से बचा लिया। इसके अलावा, 15-16 साल की अन्य नाबालिग लड़कियों के विवाह भी समझाइश देकर टाल दिए गए। अधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने परिवारों को बाल विवाह के नुकसान और कानूनी पहलुओं के बारे में समझाया, जिसके बाद उन्होंने अपने फैसले को रोक दिया। इन घटनाओं ने यह दिखाया कि समय पर की गई कार्रवाई और जागरूकता कितनी महत्वपूर्ण है। कई बेटियों की ज़िंदगी एक गलत फैसले से बच गई और उन्हें अब अपने सपनों को पूरा करने का मौका मिलेगा। स्थानीय लोगों ने प्रशासन के इस कदम की सराहना की है। यह पहल समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश भी है कि परंपराओं से ऊपर उठकर बच्चों के भविष्य को प्राथमिकता देना जरूरी है।
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उज्जैन में 40°C के पार तापमान: भीषण गर्मी से इंसान ही नहीं, पुलिस के घोड़े और डॉग भी बेहाल

मध्यप्रदेश के उज्जैन में गर्मी ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जिससे आम लोग ही नहीं, जानवर भी परेशान हैं। हालात ऐसे हैं कि दोपहर में घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। पुलिस लाइन में जानवरों के लिए खास इंतजाम गर्मी को देखते हुए उज्जैन पुलिस लाइन में तैनात घोड़े और डॉग स्क्वाड की विशेष देखभाल की जा रही है। देवास रोड स्थित पुलिस लाइन में 14 घोड़ों और 4 डॉग के लिए कूलर, पंखे और स्प्रिंकलर लगाए गए हैं। उनके रहने की जगह को ठंडा रखने के लिए लगातार पानी का छिड़काव किया जा रहा है। AC गाड़ियों में भेजे जा रहे डॉग महाकाल मंदिर और रेलवे स्टेशन जैसी संवेदनशील जगहों पर चेकिंग के लिए जाने वाले डॉग्स को अब केवल एसी गाड़ियों में ही भेजा जा रहा है, ताकि उन्हें गर्मी से राहत मिल सके। खान-पान में भी किया बदलाव भीषण गर्मी को देखते हुए जानवरों की डाइट में भी बदलाव किया गया है। 12 सदस्यीय टीम रख रही खास निगरानी इन जानवरों की देखभाल के लिए 12 लोगों की टीम तैनात की गई है, जो उनकी सफाई, खाना, दवाइयों और नियमित मेडिकल चेकअप का ध्यान रख रही है। पुलिस लाइन के आरआई रंजीत सिंह के अनुसार, गर्मी से बचाव के लिए हर जरूरी इंतजाम किया गया है। रात में थोड़ी राहत, दिन में मुश्किल हालांकि, रात के तापमान में थोड़ी गिरावट आई है। दो दिन पहले जहां न्यूनतम तापमान 23 डिग्री था, वहीं अब यह घटकर 19 डिग्री हो गया है। इससे रात में थोड़ी राहत मिल रही है, लेकिन दिन की तपिश अभी भी लोगों को बेहाल कर रही है। 👉 ऐसी ही ताजा और भरोसेमंद खबरों के लिए जुड़े रहें www.deshharpal.com Portal के साथ।
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ग्वालियर किला: रशियन महिला के साथ इन्फ्लुएंसर की अशोभनीय हरकत, वीडियो वायरल

ग्वालियर के ऐतिहासिक किले में घूमने आई एक रशियन महिला पर्यटक के साथ हुई एक शर्मनाक घटना सामने आई है। एक स्थानीय इन्फ्लुएंसर ने “मजाक” के नाम पर महिला के साथ अश्लील टिप्पणी करते हुए वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। बताया जा रहा है कि रूस से आए पर्यटकों का एक दल आगरा से ग्वालियर घूमने पहुंचा था। दोपहर के समय जब वे किले का दौरा कर रहे थे, तभी एक इन्फ्लुएंसर उनसे बातचीत करने लगा। उसने एक विदेशी महिला को रील बनाने के लिए तैयार किया, लेकिन हिंदी भाषा से अनजान होने का फायदा उठाते हुए उसके साथ आपत्तिजनक बातें कही और वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। वीडियो में महिला को इस बात का अंदाजा नहीं था कि उसके साथ क्या कहा जा रहा है। वह मुस्कुराते हुए “यस-यस” कहती नजर आई, जबकि इन्फ्लुएंसर कैमरे पर अश्लील टिप्पणी कर रहा था। सोशल मीडिया पर भड़का गुस्सा वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने कड़ी नाराजगी जताई। यूजर्स का कहना है कि इस तरह की हरकतें न सिर्फ ग्वालियर बल्कि पूरे देश की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं और विदेशी पर्यटकों के बीच गलत संदेश देती हैं। पहले भी विवादों में रहा इन्फ्लुएंसर जानकारी के मुताबिक, यह वही इन्फ्लुएंसर है जो पहले भी ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन और हाइवे पर हवाई फायरिंग जैसे मामलों को लेकर चर्चा में रह चुका है। अब यह नया वीडियो पुलिस तक पहुंच गया है और मामले की जांच की जा रही है। पर्यटन पर पड़ सकता है असर स्थानीय लोगों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं से ग्वालियर की पर्यटन छवि प्रभावित होती है। कई पर्यटक आगरा के बाद सीधे झांसी या ओरछा चले जाते हैं और ग्वालियर में रुकने से बचते हैं। 👉 ऐसी ही ताजा और भरोसेमंद खबरों के लिए जुड़े रहें www.deshharpal.com Portal के साथ।
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मंगुभाई पटेल

MP Tribal Fund राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने उठाए बड़े सवाल, आदिवासी विकास पर चिंता

मध्यप्रदेश में आदिवासी विकास के लिए जारी होने वाले फंड (Tribal Welfare Fund) के उपयोग को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने इस पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर चिंता जताते हुए साफ कहा है कि योजनाओं का लाभ अगर जमीनी स्तर तक नहीं पहुंच रहा है, तो इसका मतलब कहीं न कहीं व्यवस्था में सुधार की जरूरत है। राज्यपाल की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब राज्य में आदिवासी विकास योजनाओं के बजट खर्च और उसके असर को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही हैं। आदिवासी विकास फंड पर क्यों उठे सवाल? मध्यप्रदेश सरकार हर साल आदिवासी समुदाय के शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और रोजगार के लिए बड़ा बजट जारी करती है। इसका मकसद यह है कि दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले लोगों तक विकास की रोशनी पहुंच सके। लेकिन समीक्षा के दौरान यह सवाल सामने आए हैं कि: इन्हीं चिंताओं के बीच राज्यपाल ने प्रशासन को अधिक जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं। राज्यपाल मंगुभाई पटेल की सख्त टिप्पणी राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने अधिकारियों को साफ संदेश दिया कि आदिवासी विकास के लिए जारी बजट केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसका असर जमीन पर दिखना चाहिए। उन्होंने कहा कि: उनकी इस टिप्पणी को प्रशासनिक स्तर पर एक गंभीर चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। क्यों अहम है यह मुद्दा मध्यप्रदेश के लिए? मध्यप्रदेश में आदिवासी आबादी एक बड़ा हिस्सा है और कई जिले पूरी तरह ग्रामीण और वन क्षेत्रों से जुड़े हुए हैं। ऐसे में विकास योजनाओं की सफलता सीधे लाखों लोगों के जीवन को प्रभावित करती है। अगर योजनाएं सही तरीके से लागू नहीं होतीं, तो इसका असर: आगे क्या उम्मीद की जा रही है? राज्यपाल की इस सख्त टिप्पणी के बाद उम्मीद की जा रही है कि: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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गांव की बेटी योजना

MP Education छूटी स्कॉलरशिप का अब मिलेगा फायदा प्रतिभा किरण और गांव की बेटी योजना फिर से शुरू

मध्य प्रदेश की बेटियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने “गांव की बेटी” (Gaon Ki Beti) और “प्रतिभा किरण” (Pratibha Kiran) योजना का लाभ न ले पाने वाली छात्राओं को एक और अवसर देने का फैसला किया है। अब वे छात्राएं, जो किसी वजह से पहले आवेदन नहीं कर पाईं या प्रक्रिया अधूरी रह गई थी, फिर से आवेदन कर सकती हैं। फिर शुरू हुआ Scholarship Portal, न छूटे यह मौका सरकार ने स्कॉलरशिप पोर्टल को दोबारा एक्टिव कर दिया है। इस बार छात्राओं को Fresh Application के साथ-साथ Renewal का विकल्प भी दिया गया है। कई बार छोटी-छोटी गलतियों या दस्तावेजों की कमी की वजह से आवेदन रिजेक्ट हो जाते हैं—ऐसी बेटियों के लिए यह फैसला किसी दूसरी उम्मीद से कम नहीं है। Last Date याद रखें गांव की बेटी योजना” (Gaon Ki Beti) और “प्रतिभा किरण” (Pratibha Kiran) योजना आवेदन की अंतिम तारीख 15 मई 2026 तय की गई है। ऐसे में जरूरी है कि छात्राएं जल्द से जल्द अपने दस्तावेज तैयार करके आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि इस बार मौका हाथ से न निकल जाए। कौन उठा सकता है फायदा? सिर्फ स्कॉलरशिप नहीं, सपनों का सहारा गांव की बेटी योजना” (Gaon Ki Beti) और “प्रतिभा किरण” (Pratibha Kiran) योजना का मकसद सिर्फ आर्थिक मदद देना नहीं है, बल्कि बेटियों को आगे बढ़ने का हौसला देना भी है। कई परिवारों में आर्थिक तंगी के कारण लड़कियों की पढ़ाई रुक जाती है, लेकिन ऐसी स्कीम्स उनके सपनों को फिर से उड़ान देने का काम करती हैं। क्यों अहम है यह फैसला? मध्य प्रदेश में हर साल बड़ी संख्या में छात्राएं स्कॉलरशिप से वंचित रह जाती हैं। ऐसे में सरकार का यह कदम न सिर्फ शिक्षा को बढ़ावा देगा, बल्कि बेटियों को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी मजबूत करेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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MP Board 10th Result 2026: 73.42% छात्र पास, पन्ना की प्रतिभा सिंह बनी टॉपर

मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) ने बुधवार को 10वीं बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया। इस साल रिजल्ट में 73.42% रेगुलर छात्र पास हुए हैं। मेरिट लिस्ट में इस बार बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए हैं, जिससे छात्रों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। प्रतिभा सिंह सोलंकी ने किया टॉप पन्ना जिले की प्रतिभा सिंह सोलंकी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 500 में से 499 अंक हासिल कर पूरे प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया।दूसरे स्थान पर 498 अंक के साथ दो छात्र रहे—बालाघाट की अक्षरा घोडेश्वर और सीधी के अभय गुप्ता।तीसरे स्थान पर 497 अंक हासिल करने वाले 7 छात्र शामिल हैं। टॉप-10 में 378 छात्र इस साल टॉप-10 मेरिट लिस्ट में कुल 378 छात्र शामिल हुए हैं, जिन्होंने 490 से 499 अंक प्राप्त किए हैं।वहीं, टॉप-5 में ही 39 छात्रों ने अपनी जगह बनाई है। विदिशा की छात्राओं का शानदार प्रदर्शन विदिशा जिले के गंजबासौदा की उपासना जाट ने 492 अंक हासिल कर राज्य में 8वां स्थान पाया।उनके साथ मनन सुमन और भाविका राठौर ने भी 492 अंक लाकर क्रमशः 8वां और 10वां स्थान हासिल किया। तीनों छात्राएं डॉल्फिल स्कूल की हैं। CBSE में भी चमके भोपाल के छात्र भोपाल में CBSE 10वीं के रिजल्ट में भी छात्रों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया।आरोही वर्मा ने 499 अंक (99.8%) हासिल कर टॉप किया, जबकि अकुल नारंग ने 494 अंक (98.8%) प्राप्त किए। दोनों छात्र सेंट जोसेफ को-एड स्कूल के हैं। ऐसे चेक करें अपना रिजल्ट छात्र अपना रिजल्ट ऑनलाइन आसानी से देख सकते हैं। इसके लिए वे👉 mpbse.mponline.gov.in👉 DigiLocker App👉 MPBSE Mobile App👉 MP Mobile Appका उपयोग कर सकते हैं। रिजल्ट देखने के लिए “Know Your Result” विकल्प चुनकर रोल नंबर और एप्लीकेशन नंबर दर्ज करना होगा। छात्रों के लिए जरूरी सलाह मध्य प्रदेश सरकार और शिक्षा मंडल ने छात्रों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट और ऐप का ही उपयोग करें। किसी भी अफवाह या अनधिकृत वेबसाइट पर भरोसा न करें। 👉 शिक्षा और करियर से जुड़ी ऐसी ही जरूरी खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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इंदौर में जमीन NOC का बड़ा घोटाला: IDA के अंदर ही चल रहा था फर्जी साइन का रैकेट, कर्मचारी गायब

इंदौर में जमीन की NOC (No Objection Certificate) को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) के अंदर ही फर्जीवाड़े का एक संगठित रैकेट चलने की बात सामने आई है। हैरानी की बात यह है कि इसमें प्राधिकरण के कर्मचारी ही अधिकारियों के नकली साइन कर NOC जारी कर रहे थे और फिर इन्हें नक्शा पास कराने के लिए टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (TNCP) भेजा जा रहा था। जांच में खुला खेल इस पूरे मामले का खुलासा TNCP अधिकारियों की जांच में हुआ। IDA अधिकारियों को शक है कि विधि विभाग का कर्मचारी शुभम श्रीवास्तव इस रैकेट से जुड़ा हो सकता है। मामला सामने आने के बाद से ही वह बिना सूचना के गायब है। उसका फोन बंद है और घर से भी कोई जानकारी नहीं मिल रही। साइन में गड़बड़ी से खुला राज मामला योजना 97 पार्ट-4, बिजलपुर की करीब 20 हजार वर्गफुट जमीन से जुड़ा है। जमीन मालिक ने नक्शा मंजूरी के लिए आवेदन किया था। जब दस्तावेजों की जांच हुई, तो NOC और अन्य दस्तावेजों में साइन अलग-अलग पाए गए। TNCP अधिकारियों को शक हुआ तो उन्होंने IDA से संपर्क किया। तब पता चला कि ऐसी कोई NOC जारी ही नहीं की गई थी। इसके बाद फाइल को तुरंत रद्द कर दिया गया। पहले भी भेजी गई थी फर्जी NOC TNCP अधिकारी शुभाशीष बनर्जी के मुताबिक, करीब डेढ़ महीने पहले भी इसी जमीन से जुड़ी फाइल आई थी। उस समय भी NOC पर लगे साइन संदिग्ध लगे थे। IDA से पुष्टि करने पर पता चला कि NOC फर्जी है, जिसके बाद उसे निरस्त कर दिया गया। हाल ही में फिर वही फाइल दोबारा आई, जिससे अधिकारियों का शक और गहरा गया। अधिकारियों के नकली साइन भू-अर्जन अधिकारी सुदीप मीणा ने बताया कि उनके और अन्य अधिकारियों के नकली साइन कर फर्जी NOC तैयार की गई। इससे साफ है कि यह कोई अकेले व्यक्ति का काम नहीं, बल्कि संगठित रैकेट हो सकता है। अब ऑनलाइन होगी पूरी प्रक्रिया IDA के CEO परीक्षित झाड़े ने कहा कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही, भविष्य में ऐसे फर्जीवाड़े को रोकने के लिए NOC की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन किया जाएगा। बढ़ सकती है जांच इस खुलासे के बाद अब पुराने मामलों की भी जांच की तैयारी है। आशंका है कि पिछले एक साल से यह रैकेट सक्रिय था और कई जमीनों के मामलों में फर्जी NOC जारी कर सरकार को करोड़ों का नुकसान पहुंचाया गया। 100 करोड़ से ज्यादा की जमीन जिस जमीन को लेकर यह फर्जी NOC जारी की गई, उसकी कीमत 100 करोड़ रुपए से ज्यादा बताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, इस मामले में दो और कर्मचारियों की संलिप्तता का शक है, हालांकि उनके नाम अभी सामने नहीं आए हैं। फिलहाल, मुख्य संदिग्ध कर्मचारी पिछले 10 दिनों से ऑफिस नहीं आया है, जिसके चलते उसे कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। 👉 ऐसी ही ताजा और भरोसेमंद खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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MP Board 12th Result 2026: सागर के टेलर के बेटे जय राजोरिया ने किया कमाल, प्रदेश में चौथा स्थान

माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा घोषित 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम में मध्यप्रदेश के सागर जिले के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया है। इस बार जिले के 5 विद्यार्थियों ने प्रदेश की मेरिट लिस्ट में जगह बनाई है। इनमें टेलर के बेटे जय राजोरिया ने 488 अंक हासिल कर जीव विज्ञान समूह में चौथा स्थान प्राप्त किया है। रिजल्ट घोषित होने के बाद शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय (एक्सीलेंस स्कूल) में खुशी का माहौल है। शिक्षकों ने टॉपर्स को फूलमाला पहनाकर सम्मानित किया और मिठाई खिलाकर जश्न मनाया। साधारण परिवार से उठकर बनाई बड़ी पहचान जय राजोरिया के पिता मनोज राजोरिया टेलरिंग का काम करते हैं और घर पर ही “गजानन टेलर” नाम से रेडीमेड कपड़ों की दुकान चलाते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद जय ने अपनी मेहनत से बड़ा मुकाम हासिल किया। NCERT से तैयारी, रोज 9-10 घंटे पढ़ाई जय ने बताया कि उन्होंने अपनी पढ़ाई का पूरा फोकस NCERT की किताबों पर रखा। उन्होंने कहा कि परिवार और शिक्षकों के सहयोग से ही वे यह सफलता हासिल कर पाए। मां बोलीं – “सोने को कहती थी, पर बेटा पढ़ता रहता था” जय की सफलता पर उनकी मां रचना राजोरिया भावुक हो गईं। उन्होंने बताया कि जय बचपन से ही पढ़ाई में आगे रहा है।“मैं उसे सोने के लिए कहती थी, लेकिन वह पढ़ाई करता रहता था। आज बेटे ने जो मुकाम हासिल किया है, उस पर हमें गर्व है।” सागर जिले का रिजल्ट सुधरा इस साल सागर जिले में 12वीं का कुल परिणाम 77.10% रहा, जो पिछले साल से 3.94% ज्यादा है। जिले के अन्य छात्रों ने भी प्रदेश मेरिट में 7वां, 8वां और 9वां स्थान हासिल किया है। पिछले 4 सालों का रिजल्ट लगातार बेहतर होते रिजल्ट से साफ है कि जिले में शिक्षा का स्तर तेजी से सुधर रहा है। 👉 ऐसी ही प्रेरणादायक खबरों और ताज़ा अपडेट के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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MP Board Result 2026: खंडवा की बेटियों का जलवा, 12वीं मेरिट में 4 छात्राओं ने बनाई जगह

माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा जारी 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम में मध्यप्रदेश के खंडवा जिले की बेटियों ने शानदार प्रदर्शन कर सबका ध्यान खींचा है। इस साल 12वीं कक्षा की 4 छात्राओं ने प्रदेश की मेरिट लिस्ट में जगह बनाई है, जबकि 10वीं कक्षा में जिले का कोई छात्र मेरिट में स्थान नहीं बना पाया। कॉमर्स में 3 और बायोलॉजी में 1 छात्रा चमकी 12वीं के नतीजों में कॉमर्स स्ट्रीम से 3 छात्राओं ने प्रदेश स्तर पर शानदार प्रदर्शन किया: वहीं बायोलॉजी स्ट्रीम में शिक्षा एकेडमी सिल्टिया की छात्रा कामिनी कुशवाहा ने 10वां स्थान हासिल किया। जिला मेरिट में भी बेटियों का दबदबा जिला स्तर पर भी छात्राओं ने बाजी मारी।बेंस पब्लिक स्कूल की छात्रा मीनल खानचंदानी ने जिला मेरिट लिस्ट में पहला स्थान हासिल किया। खास बात यह है कि मीनल और स्टेट मेरिट में 6ठा स्थान पाने वाली आनंदी गंगराड़े एक ही स्कूल और क्लास की छात्राएं हैं। सफलता का मंत्र: समय का सही प्रबंधन स्टेट टॉपर आनंदी गंगराड़े ने अपनी सफलता का राज साझा करते हुए बताया कि उन्होंने समय का सही तरीके से उपयोग किया।स्कूल और कोचिंग के बीच समय बांटकर हर विषय को बराबर महत्व दिया। उन्होंने हर सब्जेक्ट के लिए अलग दिन तय कर रोजाना 2-2 घंटे पढ़ाई की। आनंदी ने बताया कि उन्होंने रटने की बजाय समझकर पढ़ाई की और मोबाइल से दूरी बनाकर पूरी तरह पढ़ाई पर फोकस किया। उनका सपना आगे चलकर CA (चार्टर्ड अकाउंटेंट) बनने का है। छात्रों के अंक 👉 ऐसी ही प्रेरणादायक खबरों और ताज़ा अपडेट के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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इंदौर वंदे मातरम विवाद: कांग्रेस की दो महिला पार्षदों पर FIR, बजट सत्र में हुआ था हंगामा

मध्यप्रदेश के इंदौर नगर निगम के बजट सत्र के दौरान राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ को लेकर हुए विवाद में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। जांच के बाद एमजी रोड थाना पुलिस ने कांग्रेस की दो महिला पार्षद—रुबीना इकबाल खान और फौजिया शेख अलीम—के खिलाफ बुधवार को एफआईआर दर्ज की है। यह इस मामले में पहली पुलिस कार्रवाई मानी जा रही है। पुलिस ने यह कदम भाजपा पार्षदों की शिकायत और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर उठाया है। 4 घंटे से ज्यादा चली पूछताछ, दर्ज हुए बयान एमजी रोड थाना पुलिस ने दोनों पार्षदों को पूछताछ के लिए बुलाया था। एसीपी विनोद दीक्षित के मुताबिक, भाजपा पार्षद दल की शिकायत के बाद पूरे मामले की जांच की गई और पर्याप्त आधार मिलने पर केस दर्ज किया गया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 196(1) के तहत मामला दर्ज किया है, जिसमें समाज में वैमनस्य फैलाने और सौहार्द बिगाड़ने से जुड़ी धाराएं शामिल हैं। पार्षदों ने क्या कहा? पूछताछ के दौरान रुबीना इकबाल खान ने अपने विवादित बयान पर माफी मांगी। उन्होंने कहा कि धार्मिक मान्यताओं के कारण वे ‘वंदे मातरम’ नहीं गातीं और सुप्रीम कोर्ट भी इसकी अनुमति देता है। वहीं फौजिया शेख अलीम ने पुलिस को बताया कि संविधान उन्हें धार्मिक स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की आजादी देता है, इसलिए किसी को भी जबरन कोई गीत गाने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। ऐसे शुरू हुआ था पूरा विवाद राजनीति भी हुई तेज इस विवाद के बाद दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।कांग्रेस और भाजपा पार्षदों के बयानों से माहौल और गरमा गया, जिससे यह मुद्दा राजनीतिक रंग लेता नजर आया। “शहर के मुद्दों पर हो चर्चा” बाद में रुबीना इकबाल खान ने अपने बयान पर माफी मांगते हुए कहा कि शहर के विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा ज्यादा जरूरी है।वहीं फौजिया शेख अलीम के परिवार की ओर से भी अपील की गई कि विवाद खत्म कर विकास कार्यों पर ध्यान दिया जाए। 👉 ताज़ा अपडेट और पूरी खबर पढ़ने के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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रानी कमलापति स्टेशन पर दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट, 29 मिनट खड़ी रही ट्रेन

भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर मंगलवार सुबह दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट हो गई। घटना सुबह करीब 11:30 बजे की बताई जा रही है। सामान चढ़ाने और यात्रियों के आने-जाने को लेकर शुरू हुआ विवाद बढ़ गया, जिसके चलते ट्रेन करीब 29 मिनट तक स्टेशन पर खड़ी रही। आरोप है कि पैंट्री कर्मचारियों ने एकजुट होकर यात्रियों पर हमला किया। विवाद के दौरान कर्मचारियों द्वारा चेन पुलिंग किए जाने की बात भी सामने आई है। बताया गया कि ट्रेन रानी कमलापति स्टेशन पर पहले ही निर्धारित समय से 3 घंटे 33 मिनट की देरी से पहुंची थी। जीआरपी ने मौके पर पहुंचकर शांत कराया विवाद घटना की सूचना मिलने पर जीआरपी मौके पर पहुंची और यात्रियों व पैंट्री कर्मचारियों के बीच चल रहे विवाद को शांत कराया। जीआरपी टीआई अमित शर्मा के मुताबिक, पीड़ित यात्री बेंगलुरु जा रहा था। उन्होंने बताया कि रानी कमलापति स्टेशन पर इस मामले में शिकायत नहीं मिली। वहीं, नागपुर में जीरो पर प्रकरण दर्ज किए जाने की सूचना है। मामले में आगे की कार्रवाई संबंधित जीआरपी के स्तर पर की जाएगी।

मध्यप्रदेश में पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए खर्च होंगे 7.5 करोड़ रुपए, 330 विकासखंडों में होगा खेल महोत्सव

मध्यप्रदेश में पारंपरिक और आंचलिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार करीब साढ़े सात करोड़ रुपए खर्च करने की तैयारी कर रही है। खेल विभाग ने इसके लिए छोटे शहरों में प्रशिक्षण केंद्र खोलने की योजना बनाई है। इसके साथ ही प्रदेश के सभी 330 विकासखंडों में हर साल पारंपरिक खेल महोत्सव आयोजित किए जाएंगे। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक खेलों को संरक्षण देना और ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं की पहचान करना है। सरकार की इस पहल से स्थानीय खेलों को प्रतियोगिताओं और व्यवस्थित प्रशिक्षण के जरिए आगे बढ़ाने की कोशिश की जाएगी। पिट्ठू से मलखंभ तक, कई खेल होंगे शामिल प्रस्तावित योजना में पिट्ठू, गदा और साइकिल रेस जैसे पारंपरिक व आंचलिक खेलों को शामिल किया गया है। इसके अलावा कबड्डी, खो-खो, पैदल चाल, तीरंदाजी और मलखंभ जैसे खेलों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। खेल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पारंपरिक खेल महोत्सव में विकासखंड स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इन स्पर्धाओं के लिए पूरे प्रदेश में एक समान नियम तैयार किए जाएंगे, ताकि खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं में भाग लेने के समान अवसर मिल सकें। छोटे शहरों में खुलेंगे प्रशिक्षण केंद्र खेल विभाग का मानना है कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में कई पारंपरिक खेल लंबे समय से स्थानीय संस्कृति का हिस्सा रहे हैं। हालांकि, इन खेलों से जुड़े खिलाड़ियों को अक्सर औपचारिक प्रशिक्षण और बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का अवसर नहीं मिल पाता। प्रस्तावित प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से ऐसे खिलाड़ियों को व्यवस्थित प्रशिक्षण देने की योजना है। इससे स्थानीय स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। आधुनिक खेलों से जोड़ने की भी तैयारी खेल विभाग इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करेगा। इसके बाद उन्हें आगे के प्रशिक्षण के लिए तैयार करने की योजना है। विभाग पारंपरिक खेलों से जुड़ी प्रतिभाओं को आधुनिक खेल व्यवस्था से जोड़ने के विकल्पों पर भी काम कर रहा है। इस पहल के जरिए पारंपरिक खेलों को नई पहचान देने के साथ-साथ ग्रामीण युवाओं की खेलों में भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। पारंपरिक खेलों के केंद्र स्थापित किए जाएंगे: विश्वास सारंग खेल मंत्री विश्वास सारंग के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न अंचलों में कई देशी खेल प्रचलित हैं, लेकिन उन्हें बड़े पैमाने पर खेलने के अवसर सीमित हैं। अब इनके केंद्र स्थापित कर इन खेलों को बढ़ावा देने की योजना है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित योजना में टीम आधारित और व्यक्तिगत, दोनों तरह के खेलों को शामिल करने पर विचार किया जा रहा है।

एशियन पैरा गेम्स में भारत का धमाकेदार प्रदर्शन, दूसरे दिन जीते 24 मेडल; कुल पदक 35 हुए

जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन पैरा गेम्स में भारत का शानदार प्रदर्शन जारी है। प्रतियोगिता के दूसरे दिन भारतीय खिलाड़ियों ने 24 मेडल जीते, जिनमें 5 गोल्ड, 6 सिल्वर और 13 ब्रॉन्ज शामिल हैं। इसके साथ ही भारत के कुल पदकों की संख्या 35 हो गई है। भारतीय खिलाड़ियों ने अब तक 9 गोल्ड, 11 सिल्वर और 15 ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए हैं। दूसरे दिन एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला। पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारत ने गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज तीनों मेडल जीतकर शानदार उपलब्धि हासिल की। वहीं, निषाद कुमार ने हाई जंप में गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीता। सिमरन शर्मा और दीप्ति जीवनजी ने भी क्रमशः 200 मीटर और 400 मीटर रेस में गोल्ड मेडल अपने नाम किए। शूटिंग में मनीष नरवाल ने सिल्वर मेडल जीता। इसके साथ ही उन्होंने 2028 में होने वाले लॉस एंजिलिस पैरालिंपिक्स के लिए कोटा भी हासिल किया। डिस्कस थ्रो में भारत का क्लीन स्वीप पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारतीय खिलाड़ियों ने तीनों पदक जीतकर अपना दबदबा कायम किया। देवेंद्र कुमार ने 781 रजा पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल हासिल किया। राकेश ने 771 पॉइंट्स लेकर सिल्वर, जबकि प्रदीप कुमार ने 669 पॉइंट्स के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता। इस मुकाबले की खास बात यह रही कि प्रदीप कुमार ने 51.15 मीटर का सबसे लंबा थ्रो किया, इसके बावजूद उन्हें ब्रॉन्ज मेडल मिला। इसकी वजह यह है कि इस स्पर्धा में अलग-अलग तरह की शारीरिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ी एक साथ मुकाबला करते हैं। इसमें F43, F44, F62 और F64 कैटेगरी के खिलाड़ी शामिल थे। खिलाड़ियों की शारीरिक स्थिति और थ्रो करने की क्षमता में अंतर होने के कारण उनके प्रदर्शन का आकलन रजा पॉइंट्स सिस्टम के आधार पर किया जाता है। इस प्रणाली में खिलाड़ी की कैटेगरी के अनुसार प्रदर्शन को अंक दिए जाते हैं, जिससे अलग-अलग कैटेगरी के खिलाड़ियों के परिणामों की निष्पक्ष तुलना की जा सके। निषाद कुमार ने हाई जंप में जीता दूसरा गोल्ड भारतीय पैरा-एथलीट निषाद कुमार ने पुरुषों की हाई जंप T47 स्पर्धा में 2.02 मीटर की छलांग लगाकर गोल्ड मेडल जीता। यह इन गेम्स में उनका दूसरा गोल्ड है। इससे पहले वह लॉन्ग जंप में भी पहला स्थान हासिल कर चुके हैं। हाई जंप में खिलाड़ियों को एक निश्चित ऊंचाई पर रखी बार को बिना गिराए पार करना होता है। हर सफल प्रयास के बाद बार की ऊंचाई बढ़ाई जाती है और सबसे अधिक ऊंचाई पार करने वाला खिलाड़ी विजेता बनता है। T47 पैरा-एथलेटिक्स की वह श्रेणी है, जिसमें हाथ से जुड़ी शारीरिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। निषाद की इस उपलब्धि से भारत के पदक अभियान को मजबूती मिली है। प्रणव सूरमा को गोल्ड, राम रतन सिंह ने जीता सिल्वर पुरुषों की डिस्कस थ्रो F51/F52/F53 स्पर्धा में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। प्रणव सूरमा ने 932 रजा पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि राम रतन सिंह 809 पॉइंट्स लेकर दूसरे स्थान पर रहे और उन्हें सिल्वर मेडल मिला। प्रणव ने अपने छह प्रयासों में 11.66 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया। इस स्पर्धा में भी अलग-अलग कैटेगरी के खिलाड़ियों के प्रदर्शन की तुलना रजा पॉइंट्स के आधार पर की जाती है। इसलिए केवल थ्रो की दूरी के आधार पर विजेता तय नहीं होता। प्रणव और राम रतन के अंकों ने उन्हें क्रमशः पहला और दूसरा स्थान दिलाया। भारत की पदक तालिका पर नजर दूसरे दिन के शानदार प्रदर्शन के बाद भारत के कुल पदकों की संख्या 35 हो गई है। एथलेटिक्स में लगातार मिल रही सफलताओं और शूटिंग में मनीष नरवाल की उपलब्धि ने भारतीय अभियान को नई गति दी है। प्रतियोगिता के अगले दिनों में भी भारतीय खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।
SBI

SBI ग्राहकों का डेटा Dark Web पर मिलने से बढ़ी चिंता, जांच में जुटा बैंक

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के ग्राहकों की निजी जानकारी डार्क वेब पर मिलने का मामला सामने आया है। बैंक की शुरुआती जांच में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड में व्यक्तिगत जानकारी उजागर होने की पहचान की गई है। इनमें नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और पते जैसी जानकारियां शामिल हैं। इस खबर के सामने आने के बाद ग्राहकों की डेटा सिक्योरिटी को लेकर चिंता बढ़ गई है। SBI ने कहा है कि इस घटना से बैंक के सामान्य कामकाज, वित्तीय प्रदर्शन और सेवाओं पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। वहीं, डेटा कहां से आया, कितने ग्राहकों की जानकारी प्रभावित हुई और इसके पीछे क्या वजह रही, इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए जांच की जा रही है। SBI Data Leak: कैसे सामने आया डेटा लीक का मामला? बैंक के अनुसार, 16 अक्टूबर 2026 को उसे अपने Threat Intelligence Service Provider, Defence Cyber Agency और भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) से डार्क वेब पर ग्राहकों का डेटा उपलब्ध होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद SBI ने शुरुआती स्तर पर करीब 3.75 लाख रिकॉर्ड का विश्लेषण किया। इस प्रक्रिया में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड ऐसे मिले, जिनमें व्यक्तिगत पहचान से जुड़ी जानकारी मौजूद थी। हालांकि, डार्क वेब पर मिले सभी रिकॉर्ड के बारे में अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। बैंक जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि डेटा कितना वास्तविक है और किस माध्यम से बाहर पहुंचा। ग्राहकों की कौन-सी निजी जानकारी हुई उजागर? शुरुआती जांच में सामने आए रिकॉर्ड में ग्राहकों से जुड़ी कई तरह की जानकारियां शामिल बताई गई हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं: इनमें से कुछ जानकारियों का इस्तेमाल साइबर ठग लोगों को निशाना बनाने के लिए कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, किसी ग्राहक का नाम, मोबाइल नंबर और बैंकिंग से जुड़ी जानकारी पता होने पर ठग खुद को बैंक कर्मचारी बताकर भरोसा जीतने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि, इस मामले में ग्राहकों के बैंक खातों से पैसे निकलने या किसी खास तरह की धोखाधड़ी होने की पुष्टि नहीं हुई है। SBI ने जांच के लिए उठाए जरूरी कदम डेटा लीक की जानकारी मिलने के बाद बैंक ने अपने साइबर सिक्योरिटी प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिए। साथ ही, मामले की विस्तृत जांच के लिए CERT-In से सूचीबद्ध एक स्वतंत्र साइबर सुरक्षा एजेंसी को नियुक्त किया गया है। जांच में यह पता लगाने पर ध्यान दिया जा रहा है कि डेटा का स्रोत क्या था, जानकारी कैसे उजागर हुई और इससे ग्राहकों की सुरक्षा पर कितना असर पड़ सकता है। बैंक के अनुसार, जांच के नतीजों के आधार पर जरूरी सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल डेटा लीक के पीछे किसी व्यक्ति या समूह की भूमिका को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। क्या SBI ग्राहकों के बैंक खाते खतरे में हैं? डेटा लीक की खबर सुनकर ग्राहकों के मन में सबसे पहला सवाल यही आता है कि क्या उनके बैंक खाते सुरक्षित हैं? यहां एक बात समझना जरूरी है। ग्राहकों का नाम, मोबाइल नंबर या पता सामने आने का मतलब यह नहीं है कि उनके बैंक खाते भी हैक हो गए हैं। निजी जानकारी का उजागर होना और खाते से पैसे निकलना दो अलग-अलग बातें हैं। SBI ने कहा है कि इस घटना से उसके मुख्य कामकाज और सेवाओं पर कोई महत्वपूर्ण असर नहीं पड़ा है। हालांकि, निजी जानकारी का गलत इस्तेमाल करके फर्जी कॉल, मैसेज और ऑनलाइन ठगी की कोशिश की जा सकती है। इसलिए ग्राहकों को सावधानी बरतने की जरूरत है। Data Leak के बाद ग्राहकों को क्या करना चाहिए? डिजिटल बैंकिंग के दौर में थोड़ी सी लापरवाही भी परेशानी बढ़ा सकती है। ऐसे में SBI ग्राहकों को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। 1. OTP और PIN किसी को न बताएं: बैंक अधिकारी बनकर फोन करने वाला व्यक्ति भी आपसे OTP, ATM PIN या CVV मांगे, तो जानकारी साझा न करें। 2. संदिग्ध लिंक से बचें: KYC अपडेट, बैंक खाता बंद होने या रिफंड मिलने के नाम पर आए अनजान लिंक पर क्लिक न करें। 3. बैंक खाते पर नजर रखें: अपने खाते के लेनदेन की नियमित जांच करें। कोई संदिग्ध ट्रांजैक्शन दिखे तो तुरंत बैंक से संपर्क करें। 4. फर्जी कॉल से सावधान रहें: अगर कोई व्यक्ति बैंकिंग जानकारी बताकर आपका भरोसा जीतने की कोशिश करे, तो उसकी पहचान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें। 5. साइबर ठगी होने पर शिकायत करें: वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में 1930 हेल्पलाइन या भारत सरकार के आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। ध्यान रखें कि किसी ठग के पास आपकी कुछ निजी जानकारी होने का मतलब यह नहीं है कि वह बैंक का अधिकृत प्रतिनिधि है। SBI Data Leak मामले में अब आगे क्या होगा? फिलहाल SBI डेटा लीक मामले की जांच जारी है। बैंक यह पता लगाने में जुटा है कि डार्क वेब पर उपलब्ध जानकारी कहां से आई और घटना का वास्तविक दायरा कितना बड़ा है। जांच पूरी होने के बाद ही डेटा लीक की वजह और ग्राहकों पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर ज्यादा स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। तब तक ग्राहकों के लिए अपनी बैंकिंग जानकारी सुरक्षित रखना और संदिग्ध गतिविधियों से सतर्क रहना सबसे जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Delhi HighCourt

Delhi HighCourt: सौरव दास-आशुतोष रांका ने वापस ली याचिका, Bond की शर्तों पर कोर्ट के सवाल

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi HighCourt) में बुधवार, 21 अक्टूबर को CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका पर सुनवाई हुई। दोनों नेताओं ने स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी न्यायिक हिरासत दो दिन के लिए बढ़ाई गई थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट की टिप्पणियों के बाद दोनों ने अपनी याचिका वापस ले ली। जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद की बेंच ने सुनवाई के दौरान सवाल उठाया कि जब इस मामले में दूसरी कानूनी प्रक्रिया अपनाने का विकल्प मौजूद है, तो सीधे हाईकोर्ट का रुख क्यों किया गया। कोर्ट ने दोनों नेताओं की ओर से शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन के आरोपों पर भी टिप्पणी की। Jantar Mantar Protest Case: क्या है पूरा मामला? सौरव दास और आशुतोष रांका को 13 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद हिरासत में लिया गया था। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ किया गया था। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग पार कर उस स्थान पर प्रवेश किया था, जिसे प्रदर्शन स्थल के रूप में पहले ही अधिसूचित सूची से हटा दिया गया था। इसके बाद दोनों नेताओं को न्यायिक हिरासत में भेजा गया। शुरुआत में उनकी हिरासत पांच दिन के लिए तय की गई थी। 19 अक्टूबर को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने उनकी हिरासत दो दिन और बढ़ाने का आदेश दिया था। इसी फैसले को चुनौती देते हुए दोनों ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। Court Remarks: बॉन्ड की शर्तों पर क्या कहा? सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड और उसके कथित उल्लंघन को लेकर सवाल उठाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि बैरिकेडिंग तोड़ने जैसी घटना के बाद दूसरे लोगों के भी नियमों का उल्लंघन करने की आशंका बढ़ सकती है। दोनों नेताओं की ओर से पेश वकील ने हिरासत बढ़ाने के आदेश और जमानतदारों से जुड़ी प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उनका पक्ष था कि दोनों ने आवश्यक जमानतदार पेश किए थे, इसके बावजूद उन्हें हिरासत में रखा गया। हालांकि, हाईकोर्ट ने मामले में उपलब्ध वैकल्पिक कानूनी उपाय अपनाने की बात कही। इसके बाद दोनों नेताओं की ओर से याचिका वापस लेने का फैसला किया गया। याचिका वापस लेने का क्या मतलब है? सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका वापस लिए जाने का अर्थ यह नहीं है कि हाईकोर्ट ने हिरासत बढ़ाने के आदेश को सही ठहरा दिया है। अदालत ने मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम राय दिए बिना याचिका वापस लेने की अनुमति दी। कोर्ट ने दोनों पक्षों को पहले स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के समक्ष चल रही प्रक्रिया के नतीजे का इंतजार करने और जरूरत पड़ने पर उचित अपीलीय मंच का रुख करने की सलाह दी। इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और मजिस्ट्रेट के समक्ष होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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