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खंडवा की बेटी अदिती इंदौरे ने जीता नेशनल ताइक्वांडो गोल्ड, कलेक्टर को कहा धन्यवाद

खंडवा की छठवीं कक्षा की छात्रा अदिती इंदौरे ने नेशनल ताइक्वांडो स्पर्धा में पहला स्थान हासिल कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया है। जीत के बाद मंगलवार को अदिती कलेक्टर ऋषव गुप्ता से मिली और गुलाब का फूल भेंट कर आभार जताया। दरअसल, नेशनल प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए अदिती को यात्रा भत्ता की जरूरत थी। परिवार के पास आर्थिक संसाधन नहीं थे, ऐसे में कलेक्टर ने मदद की और अदिती का रास्ता आसान बनाया। अदिती का संघर्ष और सफर अदिती एक निजी स्कूल में कक्षा 6 की छात्रा हैं और नियमित रूप से ताइक्वांडो की ट्रेनिंग लेती हैं। उनके पिता बसंत इंदौरे राजमिस्त्री हैं और मां ममता इंदौरे ग्रेजुएट गृहिणी। मां ही बच्चों की पढ़ाई और खेल-कूद की जिम्मेदारी संभालती हैं। अदिती का चयन गुजरात के अहमदाबाद में हुई प्रतियोगिता के बाद हुआ था। नेशनल चैंपियनशिप उत्तर प्रदेश के इटावा में आयोजित की गई थी। आर्थिक तंगी के बावजूद मां ने बेटी का हौसला बनाए रखा और कलेक्टर से मदद मांगी। कलेक्टर की मदद से मिली उड़ान कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने तुरंत आर्थिक सहयोग दिलाया। इसके बाद अदिती प्रतियोगिता में शामिल हुई और गोल्ड जीतकर पूरे जिले का नाम रोशन किया। मां का बयान अदिती की मां ममता ने कहा – “बेटी ने मेहनत और लगन से गोल्ड जीता, लेकिन इसमें कलेक्टर साहब का सहयोग भी उतना ही अहम रहा। उनकी मदद के बिना नेशनल तक पहुंचना संभव नहीं था।” 👉 पूरी खबर पढ़ें: www.deshharpal.com
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भोपाल में अतिथि शिक्षकों का बड़ा प्रदर्शन, नियमितीकरण और अवकाश नीति की मांग

प्रदेश भर के हजारों अतिथि शिक्षक आज राजधानी भोपाल के अंबेडकर मैदान, तुलसी नगर में एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। वे नियमितीकरण, नौकरी में स्थायित्व और अवकाश नीति जैसी मांगों को लेकर “गुरु दक्षिणा” कार्यक्रम के तहत प्रदर्शन कर रहे हैं। इस आयोजन का मकसद सरकार का ध्यान लंबे समय से अनदेखी झेल रहे अतिथि शिक्षकों की समस्याओं की ओर आकर्षित करना है। इस कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह को भी आमंत्रित किया गया है। शिक्षक उनसे अपनी मांगें सीधे तौर पर रखेंगे। उनका कहना है कि जिस तरह पहले “गुरुजी” शिक्षकों को नियमित किया गया था, उसी तरह अतिथि शिक्षकों के लिए भी एक स्पष्ट और स्थायी नीति बनाई जानी चाहिए। संघ की प्रमुख मांगें संघ के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह सिर्फ नौकरी की मांग नहीं, बल्कि सम्मान और सुरक्षा की लड़ाई है। उनका मानना है कि शिक्षा व्यवस्था की मजबूती तभी संभव है, जब शिक्षकों को स्थायित्व और अधिकार मिलें। 👉 पूरी खबर पढ़ें: www.deshharpal.com
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इंदौर में मौत का ट्रक: एयरपोर्ट रोड पर भीषण हादसा, 3 की मौत, 12 घायल

इंदौर में सोमवार शाम का समय एक खौफनाक मंजर में बदल गया, जब एयरपोर्ट रोड पर तेज रफ्तार और बेकाबू ट्रक ने करीब एक किलोमीटर तक लोगों और वाहनों को रौंद डाला। इस हादसे में तीन लोगों की जान चली गई और 12 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों में इंदौर विकास प्राधिकरण के वरिष्ठ सहायक कैलाशचंद्र जोशी, वैशाली नगर निवासी प्रोफेसर लक्ष्मीनारायण सोनी (47) और महेश खतवासे शामिल हैं। घायलों को शहर के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिनमें गीतांजलि, वर्मा यूनियन, बांठिया, अरबिंदो और भंडारी अस्पताल शामिल हैं। इनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे की वजह प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्रक (MP09 ZP 4069) के ब्रेक फेल हो गए थे। वहीं, कुछ लोगों का दावा है कि ड्राइवर नशे की हालत में था। ट्रक में फंसी एक बाइक के कारण आग लग गई और धमाके के बाद पूरा ट्रक लपटों में घिर गया। परिजनों का दर्द प्रशासन की कार्रवाई मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे पर दुख जताया और घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचे। उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए। कलेक्टर शिवम वर्मा और गृह विभाग के अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे और घायलों के इलाज की मॉनिटरिंग की। सवालों के घेरे में पुलिस स्थानीय लोगों और परिजनों ने सवाल उठाए हैं कि जब शाम के समय शहर में ट्रकों की एंट्री बैन रहती है, तो इतना बड़ा ट्रक शहर में कैसे घुस गया? पुलिस की चेकिंग के बावजूद यह हादसा प्रशासन की बड़ी लापरवाही को उजागर करता है। यह घटना पूरे शहर को झकझोर देने वाली है और परिवारों के लिए जीवनभर का घाव छोड़ गई है। 👉 अधिक खबरों के लिए पढ़े www.deshharpal.com
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Bhopal Swadeshi Mela

Bhopal Swadeshi Mela 2025 Local Products और Swadeshi Culture Showcase

भोपाल में 17 से 20 सितंबर 2025 तक चार दिवसीय Bhopal Swadeshi Mela का आयोजन किया जा रहा है। यह मेला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित हो रहा है और इसका उद्देश्य स्थानीय उत्पादों (Local Products) और स्वदेशी संस्कृति (Swadeshi Culture) को बढ़ावा देना है। मेले का उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। Bhopal Swadeshi Mela का स्थान और आयोजन यह मेला हाट बाजार, भोपाल में आयोजित होगा। आयोजन के मुख्य संयोजक हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा हैं। यह मेला स्थानीय कारीगरों, कलाकारों और छोटे व्यवसायों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का अवसर देगा। मेले की प्रमुख विशेषताएँ मेले का उद्देश्य इस मेला का मुख्य उद्देश्य ‘Vocal for Local’ की भावना को बढ़ावा देना है। मेले में भाग लेकर लोग न केवल स्थानीय उत्पादों का समर्थन करेंगे, बल्कि Swadeshi Culture को भी अपनाएंगे। क्यों जाएँ Swadeshi Mela में? यदि आप स्वदेशी उत्पादों, हस्तशिल्प और लोकल व्यंजनों में रुचि रखते हैं, तो यह मेला आपके लिए एक आदर्श स्थल है। मेले में भाग लेकर आप स्थानीय कारीगरों और कलाकारों को प्रोत्साहित कर सकते हैं और स्वदेशी उत्पादों को अपनाने में योगदान दे सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bhopal Metro

Bhopal Metro और Smart City Projects CM ने की बड़ी घोषणाएं और रोड सुधार

Bhopal Metro में मंगलवार को जिला पंचायत भवन में ‘दिशा’ समिति की बैठक हुई, जिसमें Metro परियोजना, Smart City योजनाओं और शहर की Roads की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में कुल 11 अहम मुद्दों पर विचार किया गया और कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। भोपाल Metro परियोजना की प्रगति Bhopal Metro का पहला चरण तेजी से आगे बढ़ रहा है। सुभाष नगर से AIIMS तक 7.5 किलोमीटर लंबा Priority Corridor अक्टूबर 2025 तक जनता के लिए खोलने की योजना है। इस परियोजना का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए जाने की संभावना है। Metro परियोजना से शहर में यातायात सुगम होगा और यात्रियों के लिए Public Transport का अनुभव बेहतर होगा। Smart City योजनाओं का विकास Smart City के तहत TT नगर क्षेत्र में 342 एकड़ में Redevelopment कार्य जारी हैं। इस परियोजना में Smart Roads, Green Technology, Smart Parking और Multimodal Transportation Network शामिल हैं। आगामी Metro स्टेशन के पास इन सुविधाओं के बनने से Traffic Management और Public Convenience दोनों बेहतर होंगे। Roads सुधार और Traffic Safety बैठक में शहर की प्रमुख Roads की स्थिति की समीक्षा की गई। MP नगर मेट्रो स्टेशन के नीचे Road Excavation के कारण Traffic में रुकावटें आ रही हैं, जिन्हें जल्द सुलझाने की योजना है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को Road Safety Measures को बढ़ाने के भी निर्देश दिए हैं। समग्र विकास और ₹599 करोड़ का निवेश मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भोपाल को एक Smart और Modern City के रूप में विकसित करने के लिए ₹599 करोड़ की परियोजनाओं का Shilanyas किया। इसमें जल आपूर्ति, Western Bypass, Tourism Facilities और Smart City योजनाओं को शामिल किया गया है। यह निवेश शहर के Infrastructure और Public Services में सुधार की दिशा में बड़ा कदम है। Metro और Smart City Projects के तेजी से आगे बढ़ने से न केवल Traffic बेहतर होगा, बल्कि शहर का Modern और Organized रूप भी उभरकर सामने आएगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Coral Woods Society Club House Sealed: निगम ने लगाया ताला, 550 परिवार संकट में

भोपाल की कोरल वुड्स सोसायटी में प्रॉपर्टी टैक्स न चुकाने पर नगर निगम ने क्लब हाउस को सील कर दिया। बिल्डर और सोसायटी की अनियमितताओं से 550 परिवारों पर सुरक्षा संकट मंडरा रहा है। कोरल वुड्स सोसायटी का क्लब हाउस सील, रहवासी हुए परेशान सुनील भंडारी, भोपाल।भोपाल की चर्चित कोरल वुड्स सोसायटी (Coral Woods Society Bhopal) में चल रहे प्रॉपर्टी टैक्स विवाद ने 550 से अधिक परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। नगर निगम ने ₹4.60 लाख से अधिक बकाया संपत्ति कर जमा न होने पर सोसायटी के क्लब हाउस को ताला लगाकर सील कर दिया। इस कार्रवाई से कॉलोनी की सुरक्षा व्यवस्था पर भी संकट आ गया है, क्योंकि क्लब हाउस में ही सीसीटीवी कंट्रोल रूम और सोसाइटी ऑफिस मौजूद है। निगम की कार्रवाई नगर निगम जोन 13 के अमले ने वार्ड 52 स्थित कोरल वुड्स क्लब हाउस को सील किया। निगम के अनुसार, बिल्डर ऋषि कंस्ट्रक्शन के नाम पर प्रॉपर्टी टैक्स बकाया था। नोटिस दिए जाने के बावजूद टैक्स जमा नहीं हुआ, जिसके बाद कुर्की और तालाबंदी की कार्रवाई की गई। बिल्डर बनाम सोसायटी विवाद रहवासियों की परेशानी वरिष्ठ रहवासी हरिओम गुप्ता ने कहा:“हम हर महीने मेंटेनेंस दे रहे हैं, फिर भी हमें अपमानित होना पड़ रहा है। क्लब हाउस सील होने से बच्चों की क्लासेस, जिम, इंडोर गेम्स सब बंद हो गए। सबसे बड़ी चिंता सुरक्षा व्यवस्था की है।” रहवासी प्रफुल्ल दानी ने आरोप लगाया कि भंग समिति ने आर्थिक अनियमितताओं को छिपाया और दो साल से AGM नहीं बुलाई। शिकायत सीएम हेल्पलाइन तक पहुंच चुकी है। विशेषज्ञों की राय विशेषज्ञों का कहना है कि निगम की कार्रवाई से सीधे-सीधे रहवासी दंडित हुए हैं, जबकि असली जिम्मेदार बिल्डर है। निगम को चाहिए कि वह बिल्डर की संपत्तियों को जब्त करे, न कि आम नागरिकों को परेशान करे। आगे की राह रहवासी अब इस विवाद को लेकर रेरा (RERA) में बिल्डर की शिकायत करने की तैयारी कर रहे हैं। वहीं, प्रशासक ने आश्वासन दिया है कि समाधान निकालने की कोशिश जारी है।
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Free Scooty Yojana : 7832 छात्र-छात्राओं को CM ने सौंपी Scooty की चाबी, 20 लाख छात्राओं को मिला सीधा लाभ

Free Scooty Yojana: 7832 छात्र-छात्राओं को CM ने सौंपी Scooty की चाबी, 20 लाख छात्राओं को मिला सीधा लाभ

राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी Free Scooty Yojana से हजारों बच्चों के चेहरे खिल उठे। मुख्यमंत्री ने खुद 7,832 छात्र-छात्राओं को स्कूटी की चाबी सौंपी। इस दौरान मंच पर बच्चों और उनके परिवारों की खुशी देखने लायक थी। योजना के तहत अब तक 20 लाख से ज्यादा छात्राओं के बैंक खातों में सीधा पैसा ट्रांसफर किया जा चुका है। सरकार का कहना है कि इस पहल से बेटियों की पढ़ाई आसान होगी और उन्हें कॉलेज-यूनिवर्सिटी आने-जाने में सुविधा मिलेगी। कई छात्राओं ने बताया कि स्कूटी मिलने से उनका समय बचेगा और वे बिना किसी रुकावट अपनी पढ़ाई जारी रख पाएंगी। वहीं, परिवार के लोगों ने सरकार का आभार जताते हुए कहा कि यह योजना उनके बच्चों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आई है। सरकार का दावा है कि यह योजना बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने और शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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CM Mohan Yadav

Fake News Alert: मंदसौर में CM मोहन यादव के हॉट एयर बैलून पर लगी आग की खबर झूठी, कलेक्टर ने किया खंडन

मंदसौर (देश हरपल)। मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले से जुड़ी एक बड़ी अफ़वाह पर प्रशासन ने स्पष्टिकरण जारी किया है। सोशल मीडिया और कुछ माध्यमों में यह खबर चलाई जा रही थी कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के Hot Air Balloon में आग लग गई। इस मामले में मंदसौर कलेक्टर अदिति गर्ग ने बयान जारी कर कहा कि यह खबर पूरी तरह भ्रामक और झूठी है। कलेक्टर ने साफ कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव केवल हॉट एयर बैलून को देखने गए थे, उड़ान पर सवार नहीं हुए थे। पूरी प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया गया। क्या कहा कलेक्टर अदिति गर्ग ने? कलेक्टर ने बताया कि – Fake News का सच क्या है? दरअसल, कुछ सोशल मीडिया पेजों और चैनलों ने यह दावा कर दिया था कि CM Mohan Yadav के Hot Air Balloon में आग लग गई। लेकिन प्रशासन ने तुरंत खंडन कर इस अफवाह पर विराम लगाया। नागरिकों से अपील प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल हो रही झूठी खबरों पर यकीन न करें। सटीक और विश्वसनीय जानकारी के लिए लोग देश हरपल की आधिकारिक वेबसाइट या प्रशासन की प्रेस विज्ञप्तियों को ही देखें। सीएम का दौरा बिना किसी परेशानी के संपन्न सुरक्षा कारणों से CM Mohan Yadav की उड़ान रद्द करनी पड़ी, लेकिन उनका दौरा बिना किसी और परेशानी के पूरा हुआ। प्रशासन ने सुनिश्चित किया कि सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल (Safety Protocols) का पालन किया गया। दर्शकों और मीडिया में बनी चर्चा यह घटना दर्शकों और मीडिया में चर्चा का विषय बनी, लेकिन प्रशासन और सुरक्षा अधिकारियों की तत्परता ने किसी भी गंभीर स्थिति को टाल दिया। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bhopal

Bhopal Illegal Government Land पर अवैध कब्जा 57 खसरे की जमीन की जांच

Bhopal शहर के अनंतपुरा और कानासैया क्षेत्रों में सरकारी जमीन पर बड़े पैमाने पर कब्जे का मामला सामने आया है। प्रशासन की जांच में पता चला कि कुल 57 खसरे की लगभग 18 एकड़ भूमि पर अनधिकृत कॉलोनी बनाई गई है। इस मामले में कुछ मछली परिवार के सदस्यों का नाम भी सामने आया है। प्रशासन की सख्त कार्रवाई स्थानीय प्रशासन ने इस मामले में सख्त कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। अधिकारियों ने कहा कि अवैध कब्जे के आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी और कब्जे की गई जमीन को सरकारी नियंत्रण में वापस लाया जाएगा। Bhopal में पहले भी सामने आए मामले Bhopal में पहले भी Government Land Occupation के कई मामले सामने आ चुके हैं। प्रशासन ने समय-समय पर कार्रवाई की है, ताकि शहर की सरकारी संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। नागरिकों से अपील अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी भी illegal land occupation की जानकारी हो, तो तुरंत नगर निगम या तहसील कार्यालय को सूचित करें। इससे प्रशासन को कार्रवाई में आसानी होगी और कानून के उल्लंघन पर रोक लगेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bhopal

Bhopal Road Accident तेज रफ्तार कार ट्रक से टकराई

Bhopal Car Accident: तेज रफ्तार वाहन Collision में मौतें Bhopal और आसपास के क्षेत्रों में सड़क हादसों (Road Accidents) की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। तेज रफ्तार वाहनों के कारण कई लोगों की जान जा चुकी है और कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। वीआईपी रोड पर दर्दनाक हादसा आज सुबह करीब 5 बजे Bhopal के वीआईपी रोड पर एक काले रंग की तेज रफ्तार कार पीछे से ट्रक में टकरा गई। हादसे के बाद कार चालक को बाहर निकाला गया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण मौके पर ही उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। रायसेन और सुखी सेवनिया में अन्य हादसे रायसेन जिले में एक कार पुल के किनारे लगे कंक्रीट संरचना (culvert) से टकरा गई, जिसमें दो लोगों की मौत और दो लोग घायल हुए।सुखी सेवनिया क्षेत्र के बालामापुर घाट में भी एक ट्रक Collision के कारण एक व्यक्ति की मौत हुई। वहीं, एक बाइक और पार्क किए गए ट्रक के बीच हुई टक्कर में भी एक अन्य व्यक्ति की जान चली गई। स्थानीय लोगों और अधिकारियों की प्रतिक्रिया स्थानीय लोग सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहन नियंत्रण की सख्त आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं। पुलिस ने घटनास्थल पर सुरक्षा बढ़ाई है और जांच जारी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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रानी कमलापति स्टेशन पर दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट, 29 मिनट खड़ी रही ट्रेन

भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर मंगलवार सुबह दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट हो गई। घटना सुबह करीब 11:30 बजे की बताई जा रही है। सामान चढ़ाने और यात्रियों के आने-जाने को लेकर शुरू हुआ विवाद बढ़ गया, जिसके चलते ट्रेन करीब 29 मिनट तक स्टेशन पर खड़ी रही। आरोप है कि पैंट्री कर्मचारियों ने एकजुट होकर यात्रियों पर हमला किया। विवाद के दौरान कर्मचारियों द्वारा चेन पुलिंग किए जाने की बात भी सामने आई है। बताया गया कि ट्रेन रानी कमलापति स्टेशन पर पहले ही निर्धारित समय से 3 घंटे 33 मिनट की देरी से पहुंची थी। जीआरपी ने मौके पर पहुंचकर शांत कराया विवाद घटना की सूचना मिलने पर जीआरपी मौके पर पहुंची और यात्रियों व पैंट्री कर्मचारियों के बीच चल रहे विवाद को शांत कराया। जीआरपी टीआई अमित शर्मा के मुताबिक, पीड़ित यात्री बेंगलुरु जा रहा था। उन्होंने बताया कि रानी कमलापति स्टेशन पर इस मामले में शिकायत नहीं मिली। वहीं, नागपुर में जीरो पर प्रकरण दर्ज किए जाने की सूचना है। मामले में आगे की कार्रवाई संबंधित जीआरपी के स्तर पर की जाएगी।

मध्यप्रदेश में पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए खर्च होंगे 7.5 करोड़ रुपए, 330 विकासखंडों में होगा खेल महोत्सव

मध्यप्रदेश में पारंपरिक और आंचलिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार करीब साढ़े सात करोड़ रुपए खर्च करने की तैयारी कर रही है। खेल विभाग ने इसके लिए छोटे शहरों में प्रशिक्षण केंद्र खोलने की योजना बनाई है। इसके साथ ही प्रदेश के सभी 330 विकासखंडों में हर साल पारंपरिक खेल महोत्सव आयोजित किए जाएंगे। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक खेलों को संरक्षण देना और ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं की पहचान करना है। सरकार की इस पहल से स्थानीय खेलों को प्रतियोगिताओं और व्यवस्थित प्रशिक्षण के जरिए आगे बढ़ाने की कोशिश की जाएगी। पिट्ठू से मलखंभ तक, कई खेल होंगे शामिल प्रस्तावित योजना में पिट्ठू, गदा और साइकिल रेस जैसे पारंपरिक व आंचलिक खेलों को शामिल किया गया है। इसके अलावा कबड्डी, खो-खो, पैदल चाल, तीरंदाजी और मलखंभ जैसे खेलों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। खेल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पारंपरिक खेल महोत्सव में विकासखंड स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इन स्पर्धाओं के लिए पूरे प्रदेश में एक समान नियम तैयार किए जाएंगे, ताकि खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं में भाग लेने के समान अवसर मिल सकें। छोटे शहरों में खुलेंगे प्रशिक्षण केंद्र खेल विभाग का मानना है कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में कई पारंपरिक खेल लंबे समय से स्थानीय संस्कृति का हिस्सा रहे हैं। हालांकि, इन खेलों से जुड़े खिलाड़ियों को अक्सर औपचारिक प्रशिक्षण और बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का अवसर नहीं मिल पाता। प्रस्तावित प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से ऐसे खिलाड़ियों को व्यवस्थित प्रशिक्षण देने की योजना है। इससे स्थानीय स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। आधुनिक खेलों से जोड़ने की भी तैयारी खेल विभाग इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करेगा। इसके बाद उन्हें आगे के प्रशिक्षण के लिए तैयार करने की योजना है। विभाग पारंपरिक खेलों से जुड़ी प्रतिभाओं को आधुनिक खेल व्यवस्था से जोड़ने के विकल्पों पर भी काम कर रहा है। इस पहल के जरिए पारंपरिक खेलों को नई पहचान देने के साथ-साथ ग्रामीण युवाओं की खेलों में भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। पारंपरिक खेलों के केंद्र स्थापित किए जाएंगे: विश्वास सारंग खेल मंत्री विश्वास सारंग के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न अंचलों में कई देशी खेल प्रचलित हैं, लेकिन उन्हें बड़े पैमाने पर खेलने के अवसर सीमित हैं। अब इनके केंद्र स्थापित कर इन खेलों को बढ़ावा देने की योजना है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित योजना में टीम आधारित और व्यक्तिगत, दोनों तरह के खेलों को शामिल करने पर विचार किया जा रहा है।

एशियन पैरा गेम्स में भारत का धमाकेदार प्रदर्शन, दूसरे दिन जीते 24 मेडल; कुल पदक 35 हुए

जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन पैरा गेम्स में भारत का शानदार प्रदर्शन जारी है। प्रतियोगिता के दूसरे दिन भारतीय खिलाड़ियों ने 24 मेडल जीते, जिनमें 5 गोल्ड, 6 सिल्वर और 13 ब्रॉन्ज शामिल हैं। इसके साथ ही भारत के कुल पदकों की संख्या 35 हो गई है। भारतीय खिलाड़ियों ने अब तक 9 गोल्ड, 11 सिल्वर और 15 ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए हैं। दूसरे दिन एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला। पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारत ने गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज तीनों मेडल जीतकर शानदार उपलब्धि हासिल की। वहीं, निषाद कुमार ने हाई जंप में गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीता। सिमरन शर्मा और दीप्ति जीवनजी ने भी क्रमशः 200 मीटर और 400 मीटर रेस में गोल्ड मेडल अपने नाम किए। शूटिंग में मनीष नरवाल ने सिल्वर मेडल जीता। इसके साथ ही उन्होंने 2028 में होने वाले लॉस एंजिलिस पैरालिंपिक्स के लिए कोटा भी हासिल किया। डिस्कस थ्रो में भारत का क्लीन स्वीप पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारतीय खिलाड़ियों ने तीनों पदक जीतकर अपना दबदबा कायम किया। देवेंद्र कुमार ने 781 रजा पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल हासिल किया। राकेश ने 771 पॉइंट्स लेकर सिल्वर, जबकि प्रदीप कुमार ने 669 पॉइंट्स के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता। इस मुकाबले की खास बात यह रही कि प्रदीप कुमार ने 51.15 मीटर का सबसे लंबा थ्रो किया, इसके बावजूद उन्हें ब्रॉन्ज मेडल मिला। इसकी वजह यह है कि इस स्पर्धा में अलग-अलग तरह की शारीरिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ी एक साथ मुकाबला करते हैं। इसमें F43, F44, F62 और F64 कैटेगरी के खिलाड़ी शामिल थे। खिलाड़ियों की शारीरिक स्थिति और थ्रो करने की क्षमता में अंतर होने के कारण उनके प्रदर्शन का आकलन रजा पॉइंट्स सिस्टम के आधार पर किया जाता है। इस प्रणाली में खिलाड़ी की कैटेगरी के अनुसार प्रदर्शन को अंक दिए जाते हैं, जिससे अलग-अलग कैटेगरी के खिलाड़ियों के परिणामों की निष्पक्ष तुलना की जा सके। निषाद कुमार ने हाई जंप में जीता दूसरा गोल्ड भारतीय पैरा-एथलीट निषाद कुमार ने पुरुषों की हाई जंप T47 स्पर्धा में 2.02 मीटर की छलांग लगाकर गोल्ड मेडल जीता। यह इन गेम्स में उनका दूसरा गोल्ड है। इससे पहले वह लॉन्ग जंप में भी पहला स्थान हासिल कर चुके हैं। हाई जंप में खिलाड़ियों को एक निश्चित ऊंचाई पर रखी बार को बिना गिराए पार करना होता है। हर सफल प्रयास के बाद बार की ऊंचाई बढ़ाई जाती है और सबसे अधिक ऊंचाई पार करने वाला खिलाड़ी विजेता बनता है। T47 पैरा-एथलेटिक्स की वह श्रेणी है, जिसमें हाथ से जुड़ी शारीरिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। निषाद की इस उपलब्धि से भारत के पदक अभियान को मजबूती मिली है। प्रणव सूरमा को गोल्ड, राम रतन सिंह ने जीता सिल्वर पुरुषों की डिस्कस थ्रो F51/F52/F53 स्पर्धा में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। प्रणव सूरमा ने 932 रजा पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि राम रतन सिंह 809 पॉइंट्स लेकर दूसरे स्थान पर रहे और उन्हें सिल्वर मेडल मिला। प्रणव ने अपने छह प्रयासों में 11.66 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया। इस स्पर्धा में भी अलग-अलग कैटेगरी के खिलाड़ियों के प्रदर्शन की तुलना रजा पॉइंट्स के आधार पर की जाती है। इसलिए केवल थ्रो की दूरी के आधार पर विजेता तय नहीं होता। प्रणव और राम रतन के अंकों ने उन्हें क्रमशः पहला और दूसरा स्थान दिलाया। भारत की पदक तालिका पर नजर दूसरे दिन के शानदार प्रदर्शन के बाद भारत के कुल पदकों की संख्या 35 हो गई है। एथलेटिक्स में लगातार मिल रही सफलताओं और शूटिंग में मनीष नरवाल की उपलब्धि ने भारतीय अभियान को नई गति दी है। प्रतियोगिता के अगले दिनों में भी भारतीय खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।
SBI

SBI ग्राहकों का डेटा Dark Web पर मिलने से बढ़ी चिंता, जांच में जुटा बैंक

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के ग्राहकों की निजी जानकारी डार्क वेब पर मिलने का मामला सामने आया है। बैंक की शुरुआती जांच में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड में व्यक्तिगत जानकारी उजागर होने की पहचान की गई है। इनमें नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और पते जैसी जानकारियां शामिल हैं। इस खबर के सामने आने के बाद ग्राहकों की डेटा सिक्योरिटी को लेकर चिंता बढ़ गई है। SBI ने कहा है कि इस घटना से बैंक के सामान्य कामकाज, वित्तीय प्रदर्शन और सेवाओं पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। वहीं, डेटा कहां से आया, कितने ग्राहकों की जानकारी प्रभावित हुई और इसके पीछे क्या वजह रही, इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए जांच की जा रही है। SBI Data Leak: कैसे सामने आया डेटा लीक का मामला? बैंक के अनुसार, 16 अक्टूबर 2026 को उसे अपने Threat Intelligence Service Provider, Defence Cyber Agency और भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) से डार्क वेब पर ग्राहकों का डेटा उपलब्ध होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद SBI ने शुरुआती स्तर पर करीब 3.75 लाख रिकॉर्ड का विश्लेषण किया। इस प्रक्रिया में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड ऐसे मिले, जिनमें व्यक्तिगत पहचान से जुड़ी जानकारी मौजूद थी। हालांकि, डार्क वेब पर मिले सभी रिकॉर्ड के बारे में अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। बैंक जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि डेटा कितना वास्तविक है और किस माध्यम से बाहर पहुंचा। ग्राहकों की कौन-सी निजी जानकारी हुई उजागर? शुरुआती जांच में सामने आए रिकॉर्ड में ग्राहकों से जुड़ी कई तरह की जानकारियां शामिल बताई गई हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं: इनमें से कुछ जानकारियों का इस्तेमाल साइबर ठग लोगों को निशाना बनाने के लिए कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, किसी ग्राहक का नाम, मोबाइल नंबर और बैंकिंग से जुड़ी जानकारी पता होने पर ठग खुद को बैंक कर्मचारी बताकर भरोसा जीतने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि, इस मामले में ग्राहकों के बैंक खातों से पैसे निकलने या किसी खास तरह की धोखाधड़ी होने की पुष्टि नहीं हुई है। SBI ने जांच के लिए उठाए जरूरी कदम डेटा लीक की जानकारी मिलने के बाद बैंक ने अपने साइबर सिक्योरिटी प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिए। साथ ही, मामले की विस्तृत जांच के लिए CERT-In से सूचीबद्ध एक स्वतंत्र साइबर सुरक्षा एजेंसी को नियुक्त किया गया है। जांच में यह पता लगाने पर ध्यान दिया जा रहा है कि डेटा का स्रोत क्या था, जानकारी कैसे उजागर हुई और इससे ग्राहकों की सुरक्षा पर कितना असर पड़ सकता है। बैंक के अनुसार, जांच के नतीजों के आधार पर जरूरी सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल डेटा लीक के पीछे किसी व्यक्ति या समूह की भूमिका को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। क्या SBI ग्राहकों के बैंक खाते खतरे में हैं? डेटा लीक की खबर सुनकर ग्राहकों के मन में सबसे पहला सवाल यही आता है कि क्या उनके बैंक खाते सुरक्षित हैं? यहां एक बात समझना जरूरी है। ग्राहकों का नाम, मोबाइल नंबर या पता सामने आने का मतलब यह नहीं है कि उनके बैंक खाते भी हैक हो गए हैं। निजी जानकारी का उजागर होना और खाते से पैसे निकलना दो अलग-अलग बातें हैं। SBI ने कहा है कि इस घटना से उसके मुख्य कामकाज और सेवाओं पर कोई महत्वपूर्ण असर नहीं पड़ा है। हालांकि, निजी जानकारी का गलत इस्तेमाल करके फर्जी कॉल, मैसेज और ऑनलाइन ठगी की कोशिश की जा सकती है। इसलिए ग्राहकों को सावधानी बरतने की जरूरत है। Data Leak के बाद ग्राहकों को क्या करना चाहिए? डिजिटल बैंकिंग के दौर में थोड़ी सी लापरवाही भी परेशानी बढ़ा सकती है। ऐसे में SBI ग्राहकों को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। 1. OTP और PIN किसी को न बताएं: बैंक अधिकारी बनकर फोन करने वाला व्यक्ति भी आपसे OTP, ATM PIN या CVV मांगे, तो जानकारी साझा न करें। 2. संदिग्ध लिंक से बचें: KYC अपडेट, बैंक खाता बंद होने या रिफंड मिलने के नाम पर आए अनजान लिंक पर क्लिक न करें। 3. बैंक खाते पर नजर रखें: अपने खाते के लेनदेन की नियमित जांच करें। कोई संदिग्ध ट्रांजैक्शन दिखे तो तुरंत बैंक से संपर्क करें। 4. फर्जी कॉल से सावधान रहें: अगर कोई व्यक्ति बैंकिंग जानकारी बताकर आपका भरोसा जीतने की कोशिश करे, तो उसकी पहचान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें। 5. साइबर ठगी होने पर शिकायत करें: वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में 1930 हेल्पलाइन या भारत सरकार के आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। ध्यान रखें कि किसी ठग के पास आपकी कुछ निजी जानकारी होने का मतलब यह नहीं है कि वह बैंक का अधिकृत प्रतिनिधि है। SBI Data Leak मामले में अब आगे क्या होगा? फिलहाल SBI डेटा लीक मामले की जांच जारी है। बैंक यह पता लगाने में जुटा है कि डार्क वेब पर उपलब्ध जानकारी कहां से आई और घटना का वास्तविक दायरा कितना बड़ा है। जांच पूरी होने के बाद ही डेटा लीक की वजह और ग्राहकों पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर ज्यादा स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। तब तक ग्राहकों के लिए अपनी बैंकिंग जानकारी सुरक्षित रखना और संदिग्ध गतिविधियों से सतर्क रहना सबसे जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Delhi HighCourt

Delhi HighCourt: सौरव दास-आशुतोष रांका ने वापस ली याचिका, Bond की शर्तों पर कोर्ट के सवाल

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi HighCourt) में बुधवार, 21 अक्टूबर को CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका पर सुनवाई हुई। दोनों नेताओं ने स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी न्यायिक हिरासत दो दिन के लिए बढ़ाई गई थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट की टिप्पणियों के बाद दोनों ने अपनी याचिका वापस ले ली। जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद की बेंच ने सुनवाई के दौरान सवाल उठाया कि जब इस मामले में दूसरी कानूनी प्रक्रिया अपनाने का विकल्प मौजूद है, तो सीधे हाईकोर्ट का रुख क्यों किया गया। कोर्ट ने दोनों नेताओं की ओर से शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन के आरोपों पर भी टिप्पणी की। Jantar Mantar Protest Case: क्या है पूरा मामला? सौरव दास और आशुतोष रांका को 13 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद हिरासत में लिया गया था। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ किया गया था। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग पार कर उस स्थान पर प्रवेश किया था, जिसे प्रदर्शन स्थल के रूप में पहले ही अधिसूचित सूची से हटा दिया गया था। इसके बाद दोनों नेताओं को न्यायिक हिरासत में भेजा गया। शुरुआत में उनकी हिरासत पांच दिन के लिए तय की गई थी। 19 अक्टूबर को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने उनकी हिरासत दो दिन और बढ़ाने का आदेश दिया था। इसी फैसले को चुनौती देते हुए दोनों ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। Court Remarks: बॉन्ड की शर्तों पर क्या कहा? सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड और उसके कथित उल्लंघन को लेकर सवाल उठाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि बैरिकेडिंग तोड़ने जैसी घटना के बाद दूसरे लोगों के भी नियमों का उल्लंघन करने की आशंका बढ़ सकती है। दोनों नेताओं की ओर से पेश वकील ने हिरासत बढ़ाने के आदेश और जमानतदारों से जुड़ी प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उनका पक्ष था कि दोनों ने आवश्यक जमानतदार पेश किए थे, इसके बावजूद उन्हें हिरासत में रखा गया। हालांकि, हाईकोर्ट ने मामले में उपलब्ध वैकल्पिक कानूनी उपाय अपनाने की बात कही। इसके बाद दोनों नेताओं की ओर से याचिका वापस लेने का फैसला किया गया। याचिका वापस लेने का क्या मतलब है? सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका वापस लिए जाने का अर्थ यह नहीं है कि हाईकोर्ट ने हिरासत बढ़ाने के आदेश को सही ठहरा दिया है। अदालत ने मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम राय दिए बिना याचिका वापस लेने की अनुमति दी। कोर्ट ने दोनों पक्षों को पहले स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के समक्ष चल रही प्रक्रिया के नतीजे का इंतजार करने और जरूरत पड़ने पर उचित अपीलीय मंच का रुख करने की सलाह दी। इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और मजिस्ट्रेट के समक्ष होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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