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Vijay Shah

Vijay Shah Remark on Colonel Sofia Qureshi: सुप्रीम कोर्ट सख्त, SIT जांच के आदेश

भारतीय सेना की वरिष्ठ अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी (Colonel Sofia Qureshi) पर मध्यप्रदेश के मंत्री कुंवर विजय शाह (Vijay Shah) द्वारा की गई आपत्तिजनक टिप्पणी पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कड़ा रुख अपनाते हुए विशेष जांच दल (SIT) के गठन का आदेश दिया है। कोर्ट ने मंत्री की माफ़ी को नाकाफी बताते हुए साफ कहा कि इस मामले पर वह करीबी निगरानी रखेगा। सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी सुप्रीम कोर्ट ने मंत्री की ओर से दी गई माफ़ी को खारिज करते हुए कहा, “ऐसी भाषा और रवैया सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति के लिए निंदनीय है और इसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।” इसके साथ ही कोर्ट ने तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की एक SIT गठित करने का निर्देश दिया है, जिसमें एक महिला अधिकारी भी शामिल होंगी। यह टीम 28 मई 2025 तक अपनी पहली रिपोर्ट पेश करेगी। कोर्ट ने मामले में मध्यप्रदेश सरकार को भी नोटिस भेजते हुए कहा कि जांच की पूरी प्रक्रिया पर नज़र रखी जाएगी। हाई कोर्ट का आदेश और सुप्रीम कोर्ट की पुष्टि इससे पहले मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने विजय शाह के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया था। इसके खिलाफ शाह ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी, लेकिन शीर्ष अदालत ने न केवल हाई कोर्ट का फैसला बरकरार रखा बल्कि जांच को और सख्ती से आगे बढ़ाने का निर्देश भी दे दिया। बढ़ते राजनीतिक दबाव इस विवाद के बाद राजनीतिक बवाल भी तेज हो गया है। विपक्षी दलों ने Vijay Shah के इस्तीफे की मांग की है और भाजपा से सवाल किया है कि अब तक पार्टी ने मंत्री के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की। सोशल मीडिया पर भी लोग भारी संख्या में इस बयान की आलोचना कर रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Vijay Shah

Vijay Shah Controversial Statement on Colonel Sofia Qureshi: सुप्रीम कोर्ट ने लगाई फटकार, FIR पर रोक से इंकार

मध्य प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री विजय शाह (Vijay Shah) द्वारा भारतीय सेना की महिला अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी (Colonel Sofia Qureshi) पर दिए गए विवादित बयान को लेकर देश की सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है। कोर्ट ने मंत्री की भाषा को “अशोभनीय और संवैधानिक पद के खिलाफ़” बताते हुए उनकी याचिका खारिज कर दी, जिसमें उन्होंने FIR दर्ज करने के हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “आप मंत्री होकर कैसी भाषा का इस्तेमाल करते हैं? क्या यह किसी जनप्रतिनिधि को शोभा देता है?” कोर्ट ने साफ कहा कि संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से इस तरह के बयानों की अपेक्षा नहीं की जाती और इस पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश पर कोई रोक नहीं लगेगी। हाईकोर्ट ने क्या कहा था? मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने विजय शाह के बयान को“देश की संप्रभुता, एकता और अखंडता के लिए खतरा” बताया और इसे अलगाववादी गतिविधियों को बढ़ावा देने वाला करार दिया। इसी आधार पर अदालत ने उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 152, 196(1)(b), और 197(1)(c) के तहत एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया था। विपक्ष का हमला, माफी की सफाई इस मामले पर विपक्ष ने मंत्री के इस्तीफे की मांग की है। वहीं Vijay Shah ने कहा कि“मीडिया ने मेरे बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया है” और अगर किसी को ठेस पहुंची हो, तो मैं माफी मांगता हूं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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High Court

Vijay Shah मध्य प्रदेश High Court का बड़ा फैसला, विवादित बयान पर FIR दर्ज करने के आदेश

मध्य प्रदेश के भाजपा मंत्री विजय शाह के एक विवादास्पद बयान पर राज्य के High Court ने स्वेच्छिक संज्ञान लिया और तत्काल एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। यह मामला उस समय तूल पकड़ा जब विजय शाह ने भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिससे राजनीतिक और कानूनी हलकों में हलचल मच गई। विवाद का कारण और High Court का आदेश विजय शाह ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी के बारे में विवादास्पद बयान दिया था, जिसमें उन्होंने कहा, “जिन्होंने हमारी बेटियों का सिंदूर छीना था, हम उनकी बहन को सिखाने भेजे थे।” इस बयान को साम्प्रदायिक और अपमानजनक माना गया, क्योंकि इससे यह माना गया कि कर्नल कुरैशी का समुदाय आतंकवादियों से संबंधित है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने इस मामले पर स्वेच्छिक संज्ञान लिया और राज्य पुलिस को निर्देश दिया कि वे विजय शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करें। कोर्ट ने चेतावनी दी कि अगर पुलिस इस आदेश का पालन नहीं करती, तो उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जाएगी। कानूनी दृष्टिकोण और राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ High Court ने विजय शाह के बयान को भारतीय दंड संहिता की धारा 152 और 192 के तहत अपराध माना। धारा 152 संप्रभुता, एकता और अखंडता के लिए खतरे की स्थिति पैदा करने से संबंधित है, जबकि धारा 192 विभिन्न समुदायों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने से जुड़ी है। कोर्ट ने यह भी कहा कि कर्नल कुरैशी के खिलाफ ऐसा बयान देने से गंभीर कानूनी परिणाम हो सकते हैं। कॉंग्रेस पार्टी ने इस बयान की कड़ी निंदा करते हुए मंत्री विजय शाह से इस्तीफे की मांग की। कांग्रेस के नेताओं ने इसे महिलाओं और सेना के खिलाफ अपमानजनक बताया। भाजपा ने शाह के बयान से खुद को अलग करते हुए कहा कि पार्टी इस तरह के विचारों को समर्थन नहीं देती। भाजपा के राज्य अध्यक्ष वी.डी. शर्मा ने स्पष्ट किया कि शाह को पार्टी का संदेश दिया गया है और कोई भी कर्नल कुरैशी का अपमान नहीं कर सकता। विजय शाह का माफी पत्र और स्थिति का समाधान विजय शाह ने अपने बयान पर खेद व्यक्त किया और इसे संदर्भ से बाहर बताया। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य कर्नल कुरैशी की बहादुरी की सराहना करना था और उनके लिए कर्नल कुरैशी “मेरी असली बहन से भी ऊपर” हैं। शाह ने कई बार माफी मांगी और कहा कि उनका बयान किसी को आहत करने के लिए नहीं था। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bhopal Tragedy: School Bus Loses Control, Hits 12 People – 1 Dead, Several Injured

Bhopal Tragedy: School Bus Loses Control, Hits 12 People – 1 Dead, Several Injured

राजधानी BHOPAL से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। सोमवार सुबह एक स्कूल बस ने अचानक नियंत्रण खो दिया और सड़क पर चल रहे 12 लोगों को कुचल दिया। हादसे में एक शख्स की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह दर्दनाक हादसा RAISEN ROAD क्षेत्र में हुआ, जहां एक प्राइवेट स्कूल की खाली बस तेज़ रफ्तार से जा रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस अचानक डिवाइडर पार कर दूसरी लेन में आ गई और सामने से आ रहे वाहन और राहगीरों को कुचलना शुरू कर दिया। मृतक की पहचान एक मजदूर के रूप में हुई है, जो अपने बच्चों के लिए खाने का सामान लेने निकला था। एक महिला, जो अपने छोटे बच्चे के साथ सड़क पार कर रही थी, गंभीर रूप से घायल है और उसे हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घायलों को मदद पहुंचाई। एक दुकानदार ने कहा, “बस अचानक आई और सबको कुचलती चली गई। लोग चीख रहे थे, चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई थी। ऐसा मंजर पहले कभी नहीं देखा।” प्राथमिक जांच में सामने आया है कि बस के ब्रेक फेल हो गए थे, जिसके कारण ड्राइवर नियंत्रण नहीं रख सका। बस को ज़ब्त कर लिया गया है और ड्राइवर को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। घटना की जानकारी मिलते ही भोपाल कलेक्टर और एसपी मौके पर पहुंचे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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Blackout Drill

आज शाम Bhopal, Indore समेत 5 शहरों में Blackout Drill

भोपाल, 7 मई 2025 – आज शाम मध्य प्रदेश के पांच बड़े शहरों – भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और कटनी – में Blackout Drill (ब्लैकआउट ड्रिल) आयोजित की जा रही है। यह ड्रिल गृह मंत्रालय द्वारा “ऑपरेशन सिंदूर” (Operation Sindoor) के तहत कराई जा रही है, जिसका उद्देश्य नागरिकों और प्रशासन को आपातकालीन स्थितियों के लिए तैयार करना है। क्या है Blackout Drill? ब्लैकआउट ड्रिल (Blackout Drill) एक सुरक्षा अभ्यास है जिसमें हवाई हमले या युद्ध जैसी परिस्थितियों की कल्पना की जाती है। इस दौरान बिजली बंद की जाती है, साइरन बजाए जाते हैं और राहत व बचाव कार्यों का अभ्यास किया जाता है। किन शहरों में होगी ड्रिल? Blackout Drill का समय: नागरिकों के लिए जरूरी निर्देश: ड्रिल के दौरान ये गतिविधियां होंगी: क्यों जरूरी है यह ड्रिल? हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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MP Board Result 2025

MP Board Result 2025 ! एमपी बोर्ड रिजल्ट: 10वीं में प्रज्ञा जायसवाल और 12वीं में प्रियल द्विवेदी बनीं टॉपर

MP Board Result 2025 मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) ने 6 मई 2025 –कक्षा 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा 2025 के परिणाम आज घोषित कर दिए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में रिजल्ट जारी किया और राज्य टॉपर्स को सम्मानित किया। MP Board 10वीं टॉपर 2025 – प्रज्ञा जायसवाल सिंगरौली की प्रज्ञा जायसवाल ने 500 में से 500 अंक हासिल करके कक्षा 10वीं में राज्य टॉप किया है। उनका यह प्रदर्शन छात्रों के लिए प्रेरणा है। MP Board 12वीं टॉपर 2025 – प्रियल द्विवेदी सतना की प्रियल द्विवेदी ने गणित संकाय में 492 अंक प्राप्त कर 12वीं कक्षा में प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। पास प्रतिशत (Pass Percentage) – MP Board Result 2025 कक्षा 2025 2024 10वीं 76.22% 58.10% 12वीं 74.48% 64.48% स्ट्रीम वाइज टॉपर्स (MPBSE Class 12 Stream-wise Toppers) 12वीं की मेरिट लिस्ट में 89 छात्राएं शामिल हैं, जो कुल 159 टॉपर्स में से अधिक हैं। टॉप जिलों की सूची (Top Performing Districts) MP Board Result 2025 कैसे देखें? छात्र अपना रिजल्ट नीचे दी गई वेबसाइट्स पर जाकर देख सकते हैं: रिजल्ट MPBSE मोबाइल ऐप और DigiLocker पर भी उपलब्ध है। MP Board 2026 से होगा बड़ा बदलाव सीएम यादव ने घोषणा की है कि अगले वर्ष से बोर्ड परीक्षाएं साल में दो बार आयोजित की जाएंगी। इससे छात्रों को अधिक मौके और लचीलापन मिलेगा। हर खबर, हर पल – सिर्फ देशहरपल पर।
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Breaking: Fire Breaks Out at Ujjain Mahakal Temple Complex, Panic in Premises

Breaking News: उज्जैन के महाकाल मंदिर(Mahakal Temple) के बाहर लगी भीषण आग 

Breaking: Fire Breaks Out at Ujjain Mahakal Temple Complex, Panic in Premises उज्जैन। मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर परिसर में आज सुबह भीषण आग लग गई, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, यह आग शंख द्वार के पास स्थित एक कार्यालय में लगी बैटरियों से फैली, जिसका कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी विकराल थी कि दूर-दूर तक काले धुएं का गुबार देखा गया। मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालु घबरा गए और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जानकारी के मुताबिक सोमवार को 12 बजे महाकाल मंदिर स्थित फैसिलिटी सेंटर के ऊपर बने प्रदूषण बोर्ड के कंट्रोल रूम में अचानक आग लग गई. देखते ही देखते आग की लपटें फैल गई. आग लगते ही यहां हड़कंप मच गया. इसकी सूचना तपरंत ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम को दी गई. टीम मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास कर रही है. आग और धुएं के गुबार की की भयंकर लपटें दूर-दूर तक दिखाई दे रही है. मौके पर दमकल की कई गाड़ियां तैनात कर दी गई हैं और आग बुझाने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। राहत और बचाव दल सक्रिय हो गया है और आसपास के क्षेत्र को खाली करवाया जा रहा है। फिलहाल इस आगजनी में किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं है, लेकिन मंदिर परिसर में हुए नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। यह मंदिर भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और हर दिन हजारों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं। ऐसे में इस तरह की घटना से सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठते हैं। 👉 इस हादसे से जुड़ा वीडियो और अपडेट देखने के लिए हमारे साथ जुड़े रहें।
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सागर में नवविवाहिता ने फंदा लगाकर किया सुसाइड:फंदे पर झूलता देख पति और सास ने उतारा, 4 माह की गर्भवती थी मृतका

सागर में गढ़ाकोटा थाना क्षेत्र के ग्राम धौनाई में नवविवाहिता ने फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। मामले की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा बनाया। शुक्रवार को शव का पोस्टमार्टम कराकर परिवार वालों को सौंप दिया गया है। पुलिस के अनुसार, सपना पति अनमोल प्रजापति उम्र 20 साल निवासी धौनाई का शव फंदे पर झूलता मिला है। मृतका के पति ने पुलिस को बताया कि वह गढ़ाकोटा में चाट की दुकान पर काम करता है। रोजाना की तरह गढ़ाकोटा दुकान पर गया था। दुकान से वापस लौटा तो मां आंगन में गेहूं साफ कर रही थी। मैं घर में अंदर गया। जहां देखा कि कमरे में पत्नी सपना फंदे पर झूल रही है। पति और मां ने मिलकर फंदे से नीचे उतारा शव उसे देख शोर मचाया तो मां अंदर आ गई। दोनों ने मिलकर सपना को फंदे से नीचे उतारा। तत्काल रहली अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टर ने चेकअप करने के बाद सपना को मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा बनाया। मर्ग कायम कर मामला जांच में लिया है। पुलिस आत्महत्या के कारणों की जांच कर रही है पिता का आरोप- शराब पीकर पति करता था विवाद इधर, घटनाक्रम की सूचना पर मृतका के मायके पक्ष के लोग अस्पताल पहुंच गए। मृतका के पिता डालचंद प्रजापति ने बताया कि करीब 4 साल पहले बेटी सपना की विवाह हुआ था। उसका डेढ़ साल का बेटा है। इस समय बेटी करीब 4 माह गर्भ से थी। बेटी को उसके ससुराल पक्ष के लोग परेशान करते थे। पति शराब पीकर आए दिन विवाह कर मारपीट करता था। 15 दिनों से बेटी से बात नहीं करने दे रहे थे: पिता सास, ससुर और देवर भी परेशान करते थे। पिछले करीब 15 दिनों से बेटी से बात भी नहीं करने दे रहे थे। इससे पहले भी गढ़ाकोटा थाने में बेटी को परेशान करने को लेकर शिकायत की थी। पिता ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषियों पर कार्रवाई हो।
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एकात्म पर्व के समापन पर ओंकारेश्वर पहुंचे सीएम:बोले- भारत को शस्त्रों की परंपरा से भी सशक्त बनाना होगा; 29 राज्यों के 500 शंकरदूतों ने दीक्षा ली

गुरु शंकराचार्य की जयंती पर ओंकारेश्वर में आयोजित एकात्म पर्व के समापन समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, “भारत को सिर्फ ज्ञान और शास्त्रों से नहीं, शक्ति और शस्त्रों की परंपरा से भी सशक्त बनाना होगा।” कार्यक्रम में 29 राज्यों से आए 500 शंकरदूतों को दीक्षा दी गई और अद्वैत लोक निर्माण से लेकर धार्मिक नगरों को शराबमुक्त बनाने तक कई बड़े संकल्पों की घोषणा हुई। “धर्म की रक्षा के लिए शस्त्र और शास्त्र दोनों जरूरी” CM मोहन यादव ने कहा कि आदि गुरु शंकराचार्य ने धर्मजागरण के लिए शक्ति की आराधना की थी। आज के भारत को भी ज्ञान, वैराग्य, अध्यात्म के साथ-साथ आत्मरक्षा और सामर्थ्य की आवश्यकता है। उन्होंने दंडी स्वामी की परंपरा को याद करते हुए कहा, “भारत को अब केवल उपदेश नहीं, क्रियात्मक संकल्प चाहिए।” नर्मदा तट पर 500 शंकरदूतों को दीक्षा शुक्रवार सुबह अभय घाट (ओंकारेश्वर) पर 29 राज्यों से आए 500 युवाओं को शंकरदूत की दीक्षा दी गई। स्वामी अवधेशानंद गिरी ने इन शंकरदूतों को अद्वैत वेदांत और शंकराचार्य जी के विचारों के प्रचार-प्रसार का संकल्प दिलाया। खंडवा जिले से पृथ्वी सिंह और अनिमेष ने भी दीक्षा ली। धार्मिक शहरों को बनाया जाएगा शराब मुक्त मुख्यमंत्री ने मंच से ऐलान किया कि राज्य सरकार अब धार्मिक नगरों को शराब मुक्त करने की दिशा में कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार गोशाला, गोपालन और दूध उत्पादन को बढ़ावा देने वाली कामधेनु योजना पर भी तेजी से काम कर रही है। हर नगरीय निकाय में बनेगा गीता भवन मुख्यमंत्री ने बताया कि हर नगर में गीता भवन बनाया जाएगा, जहां लोग धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग ले सकें। साथ ही 1 दिसंबर को गीता जयंती का आयोजन पूरे प्रदेश में किया जाएगा। स्वामी अवधेशानंद बोले – “CM मोहन यादव को नर्मदा-क्षिप्रा और बाबा महाकाल ने चुना है” जूना अखाड़ा के पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी ने कहा कि ओंकारेश्वर में बन रहा अद्वैत लोक केवल शंकराचार्य का नहीं, बल्कि ईश्वरीय चेतना का स्थान होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री की प्रशंसा करते हुए कहा, “हो सकता है उनका चयन लोकतंत्र ने किया हो, लेकिन मुझे विश्वास है उन्हें मां नर्मदा, क्षिप्रा और बाबा महाकाल ने मुख्यमंत्री बनाया है।” https://deshharpal.com/का संदेश: शंकराचार्य का दर्शन केवल आध्यात्मिक नहीं, राष्ट्रीय चेतना का वाहक है। भारत को फिर से वैदिक चेतना, सांस्कृतिक गौरव और शक्ति की भावना से जोड़ने की यह यात्रा हर जन के सहयोग से ही संभव है।
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Love Jihad

भोपाल में ‘Love Jihad’ के विरोध में सकल हिन्दू समाज का प्रदर्शन, 2 मई को दस नंबर बस स्टॉप पर

भोपाल, 1 मई 2025 | देश हरपल भोपाल में हाल के दिनों में सामने आई Love Jihad, religious conversion और sexual exploitation of Hindu girls की घटनाओं ने समाज को झकझोर कर रख दिया है। इन घटनाओं के विरोध में Sakal Hindu Samaj द्वारा एक बड़ा जनजागरण प्रदर्शन दिनांक 2 मई 2025, सायं 5 बजे, 10 नंबर बस स्टॉप, भोपाल पर आयोजित किया जा रहा है। संगठन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यह केवल एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक सामाजिक चेतना है। हमारी बहनों और बेटियों को trap, brainwash और convert कर उनके Hindu identity को मिटाने का जो षड्यंत्र चल रहा है, उसे अब और नहीं सहा जाएगा। सकल हिन्दू समाज ने अपील की है कि शहरवासी unity और awareness के इस प्रयास में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। सभी महिला और पुरुष अपने परिवारजनों, इष्टमित्रों और पड़ोसियों के साथ उपस्थित हों। सभा स्थल तक एक साथ समूह में पहुंचने के लिए, सभी सहभागी 2 मई को शाम 4:45 बजे E-2 अरेरा कॉलोनी, सामुदायिक भवन, पार्क नंबर 1, गणेश मंच पर एकत्रित होंगे।
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Bittu Tabahi

Bittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावित

नदी में गंदगी देखकर ज्यादातर लोग शिकायत करते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के एक युवक ने शिकायत करने के बजाय खुद कुछ करने की ठानी। स्थानीय स्तर पर ‘बिट्टू तबाही’ (Bittu Tabahi) के नाम से पहचाने जाने वाले इस युवक ने अकेले ही नदी की सफाई का जिम्मा उठा लिया। उनका यह जज्बा अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। बिट्टू ने नदी में जमा कचरे और गंदगी को देखकर सफाई अभियान शुरू किया। शुरुआत किसी बड़े इंतजाम या टीम के साथ नहीं हुई। उन्होंने अपने स्तर पर सफाई करना शुरू किया और लगातार इस काम में जुटे रहे। नदी को साफ रखने का लिया संकल्प बिट्टू का मानना है कि नदी सिर्फ पानी का स्रोत नहीं, बल्कि आसपास के लोगों और पर्यावरण के लिए बेहद जरूरी है। इसी सोच के साथ उन्होंने नदी में जमा कचरे को हटाने की पहल की। उनका यह प्रयास धीरे-धीरे स्थानीय लोगों का ध्यान खींचने लगा। लोगों ने देखा कि बिना किसी दबाव या दिखावे के बिट्टू लगातार नदी की सफाई में लगे हुए हैं। नगरपालिका ने भी की पहल की सराहना बिट्टू के लगातार सफाई अभियान की जानकारी नगरपालिका तक पहुंची तो उनके प्रयास की सराहना की गई। एक युवक द्वारा अपने स्तर पर नदी को साफ रखने की कोशिश को अधिकारियों ने सकारात्मक कदम माना। इस पहल ने यह भी दिखाया कि अगर कोई व्यक्ति अपने आसपास के पर्यावरण को लेकर जिम्मेदारी महसूस करे, तो छोटी शुरुआत भी बड़ा संदेश दे सकती है। सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आया अभियान बिट्टू का नदी सफाई अभियान अब स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। उनके प्रयास को देखकर दूसरे लोगों में भी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने की उम्मीद है। आज नदियों में बढ़ता कचरा और प्रदूषण बड़ी चुनौती है। ऐसे में बिट्टू की पहल लोगों को यह संदेश देती है कि नदी को साफ रखना सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी साझा जिम्मेदारी है। ‘बिट्टू तबाही’ ने दी एक अलग मिसाल बिट्टू की कहानी इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने बदलाव का इंतजार नहीं किया, बल्कि खुद बदलाव की शुरुआत करने का फैसला लिया। अकेले शुरू किया गया उनका यह सफाई अभियान अब दूसरों के लिए प्रेरणा बनता दिखाई दे रहा है। कई बार किसी बड़े बदलाव की शुरुआत बड़े अभियान से नहीं, बल्कि एक छोटे से कदम से होती है। बिट्टू का यह प्रयास उसी सोच की मिसाल है—अगर इरादा मजबूत हो, तो एक इंसान भी बदलाव की शुरुआत कर सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
UN

World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ किया

दुनिया का नक्शा (World Map) देखते हुए शायद ही किसी ने सोचा होगा कि इसमें दिखाई देने वाले देशों और महाद्वीपों का आकार असलियत से अलग भी हो सकता है। लेकिन अब इसी मुद्दे को लेकर संयुक्त राष्ट्र में एक अहम पहल हुई है। UN महासभा ने ऐसे World Map को बढ़ावा देने वाले प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसमें धरती के अलग-अलग हिस्सों को उनके वास्तविक क्षेत्रफल के ज्यादा करीब दिखाने की कोशिश की गई है। इस बदलाव के बाद नक्शे पर Africa पहले से काफी बड़ा दिखाई देगा, जबकि Europe और North America, खासकर US का आकार पुराने नक्शे की तुलना में छोटा नजर आ सकता है। प्रस्ताव को भारी समर्थन मिला, लेकिन अमेरिका ने इसका विरोध किया। पुराने World Map में आखिर समस्या क्या है? दुनिया के स्कूलों और कई नक्शों में लंबे समय से Mercator Projection का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसे 16वीं सदी में Gerardus Mercator ने तैयार किया था। उस समय इसका सबसे बड़ा फायदा समुद्री यात्राओं और Navigation में था। लेकिन Mercator Projection की एक खासियत ही इसकी सबसे बड़ी कमी भी बन गई। इसमें जैसे-जैसे कोई क्षेत्र Equator से दूर जाता है, उसका आकार नक्शे पर ज्यादा बड़ा दिखाई देने लगता है। यही कारण है कि Greenland जैसे इलाके नक्शे पर अपनी वास्तविकता से बहुत बड़े नजर आते हैं। दूसरी तरफ Africa, जो दुनिया के सबसे बड़े महाद्वीपों में से एक है, अपेक्षाकृत छोटा दिखाई देता है। मसलन, सामान्य Mercator Map में Greenland और Africa का आकार देखकर किसी को लग सकता है कि दोनों लगभग बराबर हैं। असल में Africa का क्षेत्रफल Greenland से करीब 14 गुना ज्यादा है। Equal Earth Projection क्यों चर्चा में है? UN के प्रस्ताव में Equal Earth Projection जैसे नक्शों को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इस Projection की खासियत यह है कि इसमें अलग-अलग महाद्वीपों के क्षेत्रफल को ज्यादा सही अनुपात में दिखाया जाता है। यानी नक्शे को देखकर Africa का वास्तविक विशाल आकार ज्यादा साफ समझ में आता है। Europe और North America भी Mercator Map की तुलना में छोटे दिखाई देते हैं। हालांकि यहां एक बात समझना जरूरी है—न तो Africa बड़ा हुआ है और न ही Europe या America छोटा। बदलाव सिर्फ उस तरीके में है, जिससे उन्हें नक्शे पर दिखाया जाता है। America ने UN के प्रस्ताव का विरोध क्यों किया? इस प्रस्ताव पर अमेरिका का रुख बाकी देशों से अलग रहा। मतदान के दौरान अमेरिका ने इसके खिलाफ वोट किया। अमेरिकी पक्ष की ओर से यह सवाल उठाया गया कि संयुक्त राष्ट्र को वैश्विक स्तर की बड़ी समस्याओं पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। वहीं प्रस्ताव के समर्थकों का मानना है कि नक्शा सिर्फ रास्ता या देश की लोकेशन बताने वाला साधन नहीं है। यह लोगों के मन में दुनिया की एक तस्वीर भी बनाता है। अफ्रीकी देशों की तरफ से लंबे समय से यह बात उठती रही है कि पुराने नक्शों में Africa का वास्तविक आकार सही तरीके से सामने नहीं आता। इसी सोच के साथ “Correct the Map” अभियान को आगे बढ़ाया गया। UN के फैसले से क्या सभी Maps बदल जाएंगे? यह मान लेना सही नहीं होगा कि अब अचानक हर जगह नया नक्शा दिखाई देने लगेगा। UN महासभा का यह फैसला कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है। यानी Google Maps, स्कूल की किताबों, सरकारी दस्तावेजों या दूसरे Digital Platforms को तुरंत अपना नक्शा बदलना जरूरी नहीं है। इसका मकसद देशों, शैक्षणिक संस्थानों, मीडिया और दूसरे संगठनों को ऐसे Map Projections अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है, जो दुनिया के क्षेत्रफल को ज्यादा सही तरीके से दिखाते हों। इसके बावजूद Mercator Projection पूरी तरह खत्म होने की संभावना नहीं है। Navigation और समुद्री यात्राओं जैसी जरूरतों में इसका इस्तेमाल आज भी उपयोगी माना जाता है। India पर क्या असर पड़ेगा? भारत को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस नए World Map से देश का आकार या सीमा बदल जाएगी? इसका जवाब है—नहीं। भारत की जमीन, क्षेत्रफल और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर इस प्रस्ताव का कोई असर नहीं पड़ेगा। सिर्फ नक्शे पर भारत और बाकी देशों को दिखाने का अनुपात बदल सकता है। अगर Equal Earth या इसी तरह की Projection का इस्तेमाल ज्यादा बढ़ता है तो आने वाले समय में School Geography Books, Educational Charts, News Graphics और Digital Maps में दुनिया की तस्वीर कुछ अलग दिखाई दे सकती है। भारत के लिए इसका असर मुख्य रूप से शिक्षा और Geography की समझ के स्तर पर होगा। बच्चों और आम लोगों को यह समझने में मदद मिलेगी कि नक्शे पर दिखाई देने वाला आकार हमेशा किसी देश या महाद्वीप के वास्तविक क्षेत्रफल के बराबर नहीं होता। Africa के लिए इसे बड़ी उपलब्धि क्यों माना जा रहा है? इस पूरे विवाद में Africa सबसे ज्यादा चर्चा के केंद्र में है। समर्थकों का कहना है कि सदियों से इस्तेमाल हो रहे नक्शों ने अनजाने में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की एक असंतुलित तस्वीर बना दी है। Africa दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है और इसके बावजूद Mercator Map में इसका आकार उसकी वास्तविक विशालता के मुकाबले कम नजर आता है। यही वजह है कि African countries और African Union की ओर से इस मुद्दे को लगातार उठाया गया। उनके लिए यह केवल Map Projection का मामला नहीं, बल्कि दुनिया के सामने Africa की वास्तविक तस्वीर रखने का भी सवाल है। क्या दुनिया सच में बदल गई? नहीं। दुनिया का भूगोल बिल्कुल नहीं बदला है। न कोई नया देश बना है, न किसी देश की सीमा बदली है और न ही Africa का क्षेत्रफल अचानक बढ़ गया है। बदलाव सिर्फ इतना है कि दुनिया को कागज या स्क्रीन पर किस तरह दिखाया जाए, इस पर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा सामने आई है। एक तरह से देखें तो यह कहानी हमें यह भी याद दिलाती है कि नक्शा हमेशा पूरी तरह निष्पक्ष तस्वीर नहीं होता। उसे बनाने का तरीका तय करता है कि हमें दुनिया का कौन-सा हिस्सा कितना बड़ा या छोटा दिखाई देगा। आने वाले वर्षों में अगर Equal Earth जैसी projections को ज्यादा अपनाया जाता है, तो संभव है कि नई पीढ़ी के लिए World Map की तस्वीर वही न हो,...
Swatantra Bhardwaj

Swatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत में

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP Protest के दौरान एक छात्रा के पिता के साथ कथित मारपीट का मामला अब फिर चर्चा में है। मामले में आरोपी बताए जा रहे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थकों के प्रदर्शन और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग के कुछ घंटे बाद हुई। Parliament Street Police Station के बाहर प्रदर्शन स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर CJP के प्रतिनिधि और समर्थक शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मामले में जल्द कार्रवाई करने और आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ राजनीतिक नेता भी वहां पहुंचे। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बातचीत हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया और इसके बाद भारद्वाज को ट्रेस करने के लिए टीमें सक्रिय की गईं। क्या है पूरा मामला? यह विवाद जंतर-मंतर पर CJP के एक प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान छात्रा निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई थी। इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार के नाम FIR में शामिल किए गए थे। मामला उस समय और गरमा गया, जब स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े एक Podcast Video की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वीडियो में भारद्वाज ने घटना को लेकर आपत्तिजनक दावे किए थे। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई। Viral Video ने बढ़ाया विवाद वायरल वीडियो सामने आने के बाद CJP ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। संगठन का कहना था कि वीडियो में कथित तौर पर घटना को लेकर किए गए दावों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। वहीं दिल्ली पुलिस ने राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही थी और मेडिकल रिपोर्ट में चोट को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए कुछ दावों की पुष्टि नहीं हुई थी। Bulandshahr में पुलिस ने पकड़ा पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की टीमों ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में ट्रेस किया। रिपोर्टों में बताया गया कि पुलिस की कार्रवाई से पहले वह वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थक स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इससे मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर चल रहा विवाद भी फिलहाल एक नए चरण में पहुंच गया है। FIR में SC/ST Act की धाराएं जोड़ने की जानकारी प्रदर्शन के बाद पुलिस की ओर से मामले में SC/ST Act से संबंधित धाराएं जोड़ने की बात सामने आई। पीड़ित की दोबारा मेडिकल जांच कराए जाने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई है। हालांकि, मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और आगे की पुलिस कार्रवाई पर निर्भर करेगी। आरोपों की पुष्टि अदालत की प्रक्रिया में ही होगी। पुलिस के सामने अब आगे की जांच बड़ी चुनौती स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिए जाने के बाद अब पुलिस के सामने वायरल वीडियो, FIR में दर्ज आरोपों, मेडिकल रिपोर्ट और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच अहम होगी। फिलहाल इस मामले ने CJP Protest, Delhi Police और Social Media Influencer को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस को भी तेज कर दिया है। अब देखना होगा कि जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस की ओर से क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Saharanpur

UP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवाल

Saharanpur उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। अदालत के आदेश के बाद प्रशासन ने शनिवार को मस्जिद के खिलाफ Bulldozer Action शुरू कर दिया। कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में हलचल बढ़ गई और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया। कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई अदालत के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन का एक्शन कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को लेकर जमीन के स्वामित्व और निर्माण की वैधता पर काफी समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन का दावा है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी है और निर्माण को अवैध माना गया है। मामला पहले सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पहुंचा। जुलाई में अदालत ने मस्जिद को हटाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही संबंधित पक्ष पर करीब 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति लगाए जाने की बात भी सामने आई थी। इस फैसले को जिला अदालत में चुनौती दी गई थी। 4 सितंबर को जिला जज की अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। इकरा हसन को सहारनपुर जाने से रोका मस्जिद पर कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन सहारनपुर जाने की कोशिश कर रही थीं। लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इकरा हसन और पुलिस अधिकारियों के बीच इस दौरान तीखी बहस भी हुई। इसका वीडियो सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। बाद में उनके आवास के बाहर पुलिस बल तैनात किए जाने की भी खबर सामने आई। इकरा हसन ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोका जा रहा है। उनका कहना था कि वह मौके पर जाकर हालात देखना चाहती थीं। मायावती ने सरकार से कार्रवाई रोकने को कहा सहारनपुर मस्जिद विवाद पर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सरकार से कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की और मामले को संवेदनशील बताते हुए सावधानी से कदम उठाने की बात कही। मायावती ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह का तनाव बढ़ने से रोकना जरूरी है। उन्होंने लोगों से भी शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। इमरान मसूद बोले- हाईकोर्ट जाएंगे सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया है। उनका कहना है कि मस्जिद की जमीन और उससे जुड़े दस्तावेजों को लेकर उनका पक्ष अलग है। जिला अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद मसूद ने मामले को हाईकोर्ट ले जाने की बात कही है। उनका कहना है कि आगे की कानूनी लड़ाई अदालत में लड़ी जाएगी और उपलब्ध दस्तावेजों को वहां रखा जाएगा। प्रशासन और विपक्ष के दावे अलग-अलग पूरे विवाद में प्रशासन और मस्जिद पक्ष के दावे अलग हैं। प्रशासन जहां निर्माण को सरकारी जमीन पर हुआ अवैध निर्माण बता रहा है, वहीं मस्जिद से जुड़े लोग और कुछ विपक्षी नेता इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं। यही वजह है कि मामला सिर्फ बुलडोजर कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। अब इसकी गूंज राजनीतिक मंच से लेकर अदालत तक सुनाई दे रही है। आगे क्या होगा? सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर हुई कार्रवाई के बाद अब सबकी नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर है। इमरान मसूद की ओर से हाईकोर्ट जाने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में अदालत में इस मामले को लेकर क्या रुख सामने आता है, यह महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद सहारनपुर में राजनीतिक माहौल गर्म है। एक तरफ अधिकारी कोर्ट के आदेश के पालन की बात कह रहे हैं, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Nepal

Nepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों Missing

नेपाल (Nepal) में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नदियों का जलस्तर बढ़ने, मलबा आने और पहाड़ी इलाकों में Landslide के खतरे ने राहत और बचाव अभियान को और मुश्किल बना दिया है। सबसे चिंता की बात यह है कि हादसे के कई दिन बाद भी हजारों लोगों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, इसी बीच Trishuli क्षेत्र से दो लोगों को नौ दिन बाद जिंदा निकालना राहत और उम्मीद की बड़ी खबर बनकर सामने आया है। दार्चुला में Landslide का खतरा, निचले इलाकों पर नजर नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। दार्चुला समेत संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से निचले इलाकों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। पहाड़ों से मलबा आने और नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका के बीच लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। Trishuli से भारतीय नागरिकों का Rescue इस बीच त्रिशूली इलाके से तीन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाले जाने की खबर सामने आई है। इनमें एक परिवार शामिल है। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और उनके भारत लौटने की प्रक्रिया में मदद की जा रही है। भारत सरकार नेपाल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए लगातार नेपाली प्रशासन के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 166 भारतीय नागरिकों को Rescue किया गया है, जबकि 275 भारतीयों के लापता होने की जानकारी दी गई है। भारत ने राहत अभियान के लिए करीब 95 टन राहत सामग्री भी भेजी है। 9 दिन बाद Trishuli Tunnel से जिंदा निकले 2 मजदूर नेपाल में चल रहे Rescue Operation की सबसे बड़ी खबर Trishuli-3A Hydropower Project से आई। यहां सुरंग में फंसे संजय साह और कबीर महारजन को करीब नौ दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोनों को सुरंग के अंदर काफी गहराई से निकाला गया। बचाव दल ने पहले अंदर से आवाजें सुनीं और फिर संपर्क स्थापित होने के बाद ऑपरेशन तेज किया। आखिरकार दोनों को बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने उन परिवारों में भी उम्मीद जगाई है जिनके अपने लोग अभी तक लापता हैं। राहत दल अब अन्य संभावित Survivors तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं। 1300 के करीब मौतें, 5 हजार से ज्यादा लोग Missing इस प्राकृतिक आपदा का असर कितना बड़ा है, इसका अंदाजा मृतकों और लापता लोगों की संख्या से लगाया जा सकता है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार 1,294 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और 5,053 लोग अब भी लापता बताए गए हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों और Hydropower Projects को भारी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और राहत शिविरों में रह रहे हैं। Rescue Operation अभी भी जारी Trishuli Tunnel से दो लोगों को जिंदा निकाले जाने के बाद Rescue Teams का हौसला बढ़ा है। नेपाल सेना, पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार प्रभावित इलाकों में Search Operation चला रहे हैं। Hydropower Projects के आसपास अभी भी बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका है। मलबा, पानी और क्षतिग्रस्त सुरंगें बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। इसके बावजूद टीमें लगातार नए रास्ते तलाश रही हैं। भारत ने नेपाल की मदद बढ़ाई नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में भारत ने भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग बढ़ाया है। भारतीय विशेषज्ञों और राहत सामग्री को नेपाल भेजा गया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की टीमें Rescue, Medical और अन्य जरूरी सेवाओं में सहायता कर रही हैं। फिलहाल नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और पहाड़ी इलाकों में नए Landslide और Flood के खतरे से निपटना है। Trishuli Tunnel से नौ दिन बाद दो लोगों का जिंदा निकलना इस त्रासदी के बीच उम्मीद की एक किरण जरूर लेकर आया है। अब Rescue Teams की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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