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राजा रघुवंशी हत्याकांड में बड़ा खुलासा: Shillong Police इंदौर से तीन आरोपी लेकर लौटी, सोनम-राज ने मर्डर साजिश कबूली

राजा रघुवंशी मर्डर केस की जांच में जुटी मेघालय पुलिस बुधवार, 25 जून को 9 दिन की छानबीन के बाद इंदौर से शिलॉन्ग लौट गई। पुलिस अपने साथ तीन अहम लोगों को भी लेकर गई है— बिल्डिंग मालिक लोकेंद्र सिंह तोमर, ब्रोकर-कॉन्ट्रैक्टर शिलोम जेम्स और सिक्योरिटी गार्ड बलवीर अहिरवार। ये वही बिल्डिंग है जिसमें मर्डर की मुख्य आरोपी सोनम ने शिलॉन्ग से लौटकर ठिकाना बनाया था। अब होगा आरोपियों का आमना-सामना पुलिस इन तीनों का आमना-सामना अब मुख्य आरोपियों विशाल चौहान और राज कुशवाह से करवाएगी। इससे पहले पुलिस ने शिलोम जेम्स की निशानदेही पर एक पिस्टल, दो मैगजीन, दो कारतूस और 50 हजार रुपये बरामद किए हैं। ये सभी चीजें सोनम के काले बैग में थीं। जिस फ्लैट में सोनम छुपी थी, उसका राज़ खुला पुलिस जांच में सामने आया कि सोनम ने जिस फ्लैट में शरण ली थी, वह लोकेंद्र सिंह तोमर का था जिसे शिलोम जेम्स ने चार महीने पहले किराए पर लिया था। बलवीर अहिरवार वहां गार्ड और कारपेंटर का काम करता था। शिलोम को शक हुआ जब मीडिया में राजा रघुवंशी मर्डर की खबरें आईं। विशाल चौहान द्वारा लिए गए उसी फ्लैट में सोनम के रुकने की जानकारी के बाद उसने ये बात लोकेंद्र को बताई। सबूत मिटाने की साजिश लोकेंद्र ने फ्लैट की तलाशी के बाद सोनम का बैग हटाने और बाद में खुद इंदौर आकर पिस्तौल और रुपये लेकर चला जाने की बात कबूली। उसी के कहने पर शिलोम ने बैग जला दिया। इस सबके चलते पुलिस ने इन तीनों पर सबूत मिटाने और छेड़छाड़ करने का केस दर्ज किया है। लोकेंद्र और शिलोम का आमना-सामना ग्वालियर से पकड़े गए लोकेंद्र सिंह तोमर को इंदौर लाकर शिलोम के सामने बिठाया गया। लोकेंद्र ने पिस्तौल रखने से इनकार किया, लेकिन शिलोम ने माना कि उसने ही इंडस्ट्री हाउस के पास पिस्टल फेंकी थी। इसके बाद पुलिस उसे घटनास्थल पर ले गई और करीब 3 घंटे की खोजबीन के बाद एक थैली में पिस्टल बरामद कर ली। हालांकि, सोनम का लैपटॉप अब तक नहीं मिल पाया है। लोकेंद्र की कार से मिले ₹50 हजार लोकेंद्र की कार की तलाशी में डिक्की से 50 हजार रुपये बरामद हुए हैं। वहीं शिलोम ने स्वीकारा कि ये पैसे उन्होंने आपस में बांट लिए थे। पुलिस ने शिलोम के परिवार से भी लंबी पूछताछ की। सोनम-राज का रिश्ता और मर्डर की प्लानिंग पूछताछ में सोनम और राज कुशवाह ने पहली बार माना कि वे रिलेशनशिप में थे। शिलॉन्ग एसपी विवेक स्येम ने बताया कि दोनों ने कबूल किया है कि उन्होंने मिलकर राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश रची थी। एसपी ने कहा, “हमें नार्को टेस्ट की जरूरत नहीं है क्योंकि उनके खिलाफ हमारे पास पुख्ता सबूत हैं।” 🔗 Permalink:www.deshharpal.com raja-raghuwanshi-murder-case-shillong-police-indore-return-sonam-raj-confession
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सागर में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, झमाझम बारिश से मौसम हुआ सुहाना

इस बार सागर जिले में मानसून समय पर पहुंचा है और अब तक 103.2 मिमी औसत बारिश दर्ज की जा चुकी है। जबकि पिछले साल इसी तारीख तक केवल 48.7 मिमी ही बारिश हुई थी। यानी इस बार 112.11 मिमी ज्यादा बारिश हो चुकी है। 1 जून से अब तक प्रमुख क्षेत्रों में हुई बारिश: बीते 24 घंटे में भी अच्छी बारिश पिछले 24 घंटे में जिले में 18.6 मिमी औसत बारिश रिकॉर्ड की गई है। इसमें: मानसून का स्वागत, लेकिन सतर्क रहने की जरूरत बारिश ने जहां गर्मी से राहत दी है, वहीं लोगों को सतर्क रहने की भी जरूरत है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में भी मध्यम से भारी बारिश का अनुमान जताया है। किसानों और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे मौसम की अपडेट पर ध्यान दें। सुझावित Permalink:www.deshharpal.comdeshharpal.com/sagar-monsoon-update-heavy-rain-2025
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खंडवा में डॉक्टर की लापरवाही से महिला की मौत, अस्पताल की आयुष्मान योजना रद्द, केस दर्ज

खंडवा के सेंट रिचर्ड पम्पुरी अस्पताल में इलाज के दौरान कथित लापरवाही से एक महिला की मौत हो गई। महिला के परिजनों की शिकायत और मेडिकल जांच के बाद मंगलवार देर रात डॉक्टर शेख वाजिद के खिलाफ धारा 106(1) के तहत केस दर्ज किया गया है। इस धारा के तहत आरोपी को अधिकतम 5 साल की जेल और जुर्माने की सजा हो सकती है। लापरवाही बनी मौत की वजह ज्योति ओसवाल, जो खंडवा के चिनाई रोजड़ी की रहने वाली थीं, को 21 मई को किडनी की समस्या के चलते पम्पुरी अस्पताल में भर्ती किया गया था। लेकिन डॉक्टर शेख वाजिद ने बिना ज़रूरी जांचों के ही ऑपरेशन कर दिया। इसके चलते ऑपरेशन के बाद शरीर में गंभीर संक्रमण फैल गया, जिससे आखिरकार 16 जून को इंदौर में महिला की मौत हो गई। जांच रिपोर्ट में सामने आई गंभीर चूक सीएमएचओ डॉ. ओपी जुगतावत के निर्देश पर गठित तीन डॉक्टरों की जांच समिति — डॉ. रश्मि कौशल, डॉ. एम कलमे और डॉ. हेमंत गर्ग — ने रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि ऑपरेशन से पहले न ही खून की जांच कराई गई और न ही किडनी की कार्यक्षमता का मूल्यांकन किया गया। यह घातक लापरवाही साबित हुई। परिजनों की शिकायत पर हुआ केस दर्ज ज्योति के पति मनोज ओसवाल, सास और बेटे ने मंगलवार सुबह थाना पदमनगर में बयान दर्ज कराए थे। उसी दिन मेडिकल रिपोर्ट भी पुलिस को सौंपी गई, जिसके आधार पर देर रात डॉक्टर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया। इलाज के नाम पर ठगा, फिर जान भी गई परिवार वालों का कहना है कि वे आयुष्मान कार्ड लेकर इलाज कराने पहुंचे थे, लेकिन अस्पताल में उनसे अलग-अलग जांचों के नाम पर करीब ₹50,000 ले लिए गए। बाद में जब इंदौर के अरविंदो अस्पताल में रेफर किया गया, तब तक स्थिति बिगड़ चुकी थी। इलाज में कुल खर्च करीब ₹2 लाख हो गया, जिसके लिए परिवार को कर्ज लेना पड़ा। “चार दिन में ठीक हो जाएगी” कहकर ऑपरेशन किया ज्योति के पति मनोज ने बताया कि डॉक्टर ने भरोसा दिलाया था कि पत्नी चार दिन में ठीक हो जाएगी। लेकिन ऑपरेशन के बाद पत्नी को पैर हिलाना भी मुश्किल हो गया। डॉक्टर ने इसे साधारण दर्द बताया, जबकि कुछ ही देर बाद पैरों पर काले धब्बे आ गए। इलाज के दौरान ही महिला के दोनों पैर काटने पड़े और फिर 16 जून को मौत हो गई। परिजनों ने किया था अस्पताल में हंगामा 17 जून को अंतिम संस्कार से पहले परिजन अस्पताल पहुंचे और लापरवाही का आरोप लगाते हुए तोड़फोड़ कर दी। कांच तोड़े गए और पुलिस को मौके पर बुलाना पड़ा। अफसरों ने मौके पर पहुंचकर समझाइश दी और मामला शांत कराया। आयुष्मान योजना की मान्यता रद्द करने की सिफारिश आयुष्मान योजना प्रभारी डॉ. रश्मि कौशल ने बताया कि अस्पताल न तो योजना की पूरी जानकारी मरीजों को दे रहा था और न ही उचित इलाज कर रहा था। रिपोर्ट भोपाल भेजी गई है और जल्द ही योजना से अस्पताल की मान्यता रद्द होने की उम्मीद है। घटना की टाइमलाइन: सुझावित Permalink:www.deshharpal.comdeshharpal.com/khandwa-doctor-negligence-death-case
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भोपाल मेट्रो अब अंतिम चरण में, सितंबर तक काम पूरा, अक्टूबर-नवंबर में पीएम कर सकते हैं उद्घाटन

भोपाल मेट्रो का इंतजार अब जल्द खत्म होने वाला है। मेट्रो प्रोजेक्ट के बचे हुए सभी कामों को तेज रफ्तार से पूरा किया जा रहा है और सितंबर 2025 तक सभी निर्माण कार्य पूरे करने की डेडलाइन तय की गई है। इसके बाद अक्टूबर या नवंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भोपाल मेट्रो का उद्घाटन कर सकते हैं। एम्स, अलकापुरी और डीआरएम तिराहा स्टेशन फोकस में फिलहाल सबसे ज्यादा ध्यान एम्स, अलकापुरी और डीआरएम तिराहा मेट्रो स्टेशनों पर दिया जा रहा है। खासकर इनकी एंट्री और एग्जिट प्वाइंट्स पर तेजी से काम चल रहा है ताकि यात्रियों की सुविधा में कोई कमी न रहे। मेट्रो प्रोजेक्ट के एमडी एस. कृष्ण चैतन्य हर हफ्ते काम की प्रगति की समीक्षा कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने डिपो, कंट्रोल रूम, ट्रेनिंग बिल्डिंग और टेस्ट ट्रैक का निरीक्षण किया और ठेकेदारों को समय से पहले काम पूरा करने के निर्देश दिए। बारिश से पहले ड्रेनेज सिस्टम दुरुस्त करने के निर्देश एमडी ने सभी ठेकेदारों को कहा है कि मेट्रो निर्माण स्थलों पर जलभराव न हो, इसके लिए ड्रेनेज सिस्टम को सुधारें। बारिश के दौरान निर्माण कार्य रुकना नहीं चाहिए। तकनीकी जांच के दो चरण, फिर चलेगी मेट्रो भोपाल मेट्रो का 6.22 किमी का प्रायोरिटी कॉरिडोर (एम्स से सुभाषनगर) लगभग पूरा हो चुका है। अब अंतिम चरण में RDSO (रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गनाइजेशन) और फिर CMRS (कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी) द्वारा तकनीकी जांच की जाएगी। सभी दस्तावेज पहले ही जमा हो चुके हैं। जब यह जांचें सफल होंगी, तब ही आम यात्रियों के लिए मेट्रो सेवा शुरू की जाएगी। 2018 में शुरू हुआ था सपना, अब बन रहा है हकीकत भोपाल मेट्रो का पहला रूट एम्स से करोंद तक 16.05 किमी लंबा है। इसमें से 6.22 किमी का हिस्सा प्रायोरिटी कॉरिडोर के रूप में 2018 से निर्माणाधीन है।3 अक्टूबर 2023 को पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल मेट्रो का पहला ट्रायल रन किया था। मेट्रो ने रानी कमलापति स्टेशन तक 80 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ लगाई थी। देरी क्यों हुई भोपाल में? हालांकि इंदौर में पीएम मोदी ने 31 मई 2025 को वर्चुअल उद्घाटन कर मेट्रो सेवा शुरू कर दी थी, लेकिन भोपाल में स्टेशनों पर काम लंबा खिंच गया। यही वजह रही कि पहले इंदौर पर पूरा फोकस रहा।अब भोपाल के सभी बड़े काम लगभग पूरे हो चुके हैं। स्टील ब्रिज की लोड टेस्टिंग भी सफल रही है। एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं और फूड प्लाजा भोपाल मेट्रो स्टेशन की डिजाइन को खासतौर पर यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर बनाया जा रहा है। यहां फूड प्लाजा, शॉपिंग एरिया और एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं होंगी, जहां यात्री यात्रा से पहले कुछ भी खरीद सकेंगे। इसके लिए मेट्रो कॉर्पोरेशन ने एक्सपर्ट्स के साथ प्लानिंग शुरू कर दी है। यही मॉडल इंदौर मेट्रो में भी लागू किया जाएगा। 🧷 सुझावित Permalink:www.deshharpal.comdeshharpal.com/bhopal-metro-launch-update-2025
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राजा रघुवंशी मर्डर केस में सोनम का लैपटॉप बना बड़ा सुराग

इंदौर के नामी ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी मर्डर केस में अब शिलॉन्ग पुलिस की नजर सोनम के उस लैपटॉप पर है, जिसे बेहद अहम डिजिटल सबूत माना जा रहा है। पुलिस को शक है कि इसमें हवाला कारोबार और पैसे के लेनदेन से जुड़ी जानकारी हो सकती है। पुलिस पहुंची इंदौर, बिल्डिंग के गार्ड और ब्रोकर से पूछताछ मंगलवार को शिलॉन्ग पुलिस इंदौर के महालक्ष्मी नगर इलाके में उस बिल्डिंग की जांच करने पहुंची, जहां हत्या के बाद सोनम कुछ दिन ठहरी थी। पुलिस के साथ बिल्डिंग का ब्रोकर शिलोम जेम्स और चौकीदार बलवीर अहिरवार भी मौजूद थे। जांच में सामने आया है कि सोनम का लैपटॉप शिलोम ने जानबूझकर फेंक दिया था, क्योंकि वह नहीं चाहता था कि पुलिस को उसके फ्लैट में सोनम और अन्य आरोपियों के रुकने की जानकारी मिले। हत्या के पीछे तंत्र क्रिया की भी आशंका पुलिस को कुछ ऐसे सुराग भी मिले हैं जो इशारा कर रहे हैं कि हत्या के पीछे किसी तांत्रिक क्रिया का हाथ हो सकता है। इसी वजह से पुलिस अभी शिलोम और बलवीर को इंदौर में ही रोककर जांच कर रही है। लोकेंद्र के फ्लैट में ठहरी थी सोनम हत्या के बाद 30 मई से 7 जून तक सोनम इंदौर के एक फ्लैट में रही थी, जो लोकेंद्र तोमर का है। लोकेंद्र को 23 जून को ग्वालियर से गिरफ्तार किया गया और अगले दिन कोर्ट ने उसे 72 घंटे की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। चार महीने पहले शिलोम ने यह फ्लैट किराए पर लिया था। बलवीर वहां चौकीदार और बढ़ई का काम करता था। बाद में जब शिलोम को पता चला कि सोनम उसी फ्लैट में रुकी थी, तो उसने यह जानकारी लोकेंद्र को दी। लोकेंद्र ने वहां से बैग हटाया, जिसमें पैसे और पिस्टल रखे थे, और खुद ही इंदौर आकर सबूत नष्ट करवाए। बैग जलाया, लैपटॉप फेंका गया शिलोम ने पुलिस को बताया कि उसने सोनम का लैपटॉप खोले बिना ही इसलिए फेंक दिया क्योंकि वह जानता था कि यह डिजिटल सबूत है और उसे फंसा सकता है। आरोपियों की चैट और कॉल रिकॉर्ड भी जुटाए टेक्निकल टीम ने आरोपियों के बीच हुई बातचीत और मैसेज का पूरा डाटा तैयार कर लिया है, जिसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। वहीं पुलिस सोनम के करीबियों की जानकारी भी जुटा रही है, क्योंकि शक है कि इतनी बड़ी वारदात से पहले उसने किसी दोस्त से बात की होगी। उसकी एक करीबी दोस्त अलका अभी तक सामने नहीं आई है। रघुवंशी परिवार की अपील – कोई वकील बचाव न करे मृतक राजा रघुवंशी के बड़े भाई सचिन रघुवंशी ने भावुक अपील करते हुए कहा है, “सोनम, राज, आकाश और आनंद एक जघन्य हत्या में शामिल हैं। कोई भी वकील इनकी पैरवी न करे। हम हाईकोर्ट भी जाएंगे। इंदौर और शिलॉन्ग दोनों जगह कोई भी वकील इनका बचाव न करे।” सुझावित परmalink:www.deshharpal.comdeshharpal.com/raja-raghuwanshi-murder-sonam-laptop
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CM Mohan Yadav

MP Samvad 2025 CM Mohan Yadav का Vikas, Investment और जनकल्याण का Vision और नई योजनाएं

भोपाल (Bhopal): मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने MP Samvad 2025 के मंच से प्रदेश के भविष्य को लेकर बड़ा विज़न पेश किया। इस संवाद का फोकस था – विकास (Development), निवेश (Investment), और जनकल्याण (Welfare) को लेकर सरकार की रणनीति। CM Mohan Yadav – शिक्षा और राजनीतिक सफर मुख्य घोषणाएं – Samvad 2025 में क्या कहा CM ने? Kisan aur Krishi Vikas (Agriculture Development) Mahilaon ke liye Yojnaayein (Women Welfare Schemes) Gramin Tourism ka Vikas (Rural Tourism Promotion) Nivesh aur Industry Policy Bhawishya ki Yojnaayein (Future Growth Initiatives) Sarkari Karmchariyon ke liye Suvidhaayein MP Samvad 2025 Ka Vision CM Mohan Yadav ने MP Samvad 2025 में यह स्पष्ट किया कि आने वाला समय “जनभागीदारी और जनकल्याण” का होगा। उनका विज़न है: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Indore में Indigo Flight तकनीकी कारण से लौटी, सुधार के बाद Bhubaneswar के लिए रवाना हुई

Indore में Indigo Flight तकनीकी कारण से लौटी, सुधार के बाद Bhubaneswar के लिए रवाना हुई

Indore से Bhubaneswar जा रही Indigo की फ्लाइट में सोमवार सुबह तकनीकी दिक्कत आ गई, जिस कारण प्लेन को टेकऑफ से पहले ही रनवे से वापस लौटा लिया गया। फ्लाइट सुबह 9 बजे रवाना होनी थी, लेकिन सुरक्षा को देखते हुए पायलट ने समय रहते प्लेन को रोक दिया। एयरपोर्ट अधिकारियों के मुताबिक, विमान में कोई गंभीर तकनीकी गड़बड़ी नहीं थी, लेकिन प्रोटोकॉल के तहत सभी जरूरी जांच की गईं। सुधार के बाद विमान को दोबारा रवाना किया गया और यात्रियों को सुरक्षित उनके गंतव्य के लिए भेजा गया। फ्लाइट में सवार यात्रियों ने बताया कि शुरुआत में थोड़ी घबराहट जरूर हुई, लेकिन पायलट और क्रू मेंबर्स ने सभी को शांत रखा और स्थिति को अच्छे से संभाला। इंदौर एयरपोर्ट पर समय पर जांच और सतर्कता से टला बड़ा हादसा, यात्रियों ने एयरलाइन और पायलट की सूझबूझ की सराहना की। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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E-Rickshaws

Bhopal 20 जून से मुख्य सड़कों पर नहीं चलेंगे E-Rickshaws, सिर्फ कॉलोनी और रिहायशी इलाकों तक सीमित

भोपाल: राजधानी में ट्रैफिक जाम और सड़क सुरक्षा की बढ़ती चिंताओं के चलते प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। 20 जून 2025 से भोपाल की मुख्य सड़कों पर ई-रिक्शा (E-Rickshaws) को चलने की अनुमति नहीं होगी। ये अब केवल रिहायशी क्षेत्रों, कॉलोनियों और फीडर लेन तक सीमित रहेंगे। ट्रायल के तौर पर लागू होगा फैसला यह निर्णय शुरुआत में 10 दिन के ट्रायल के रूप में लागू किया जाएगा, यानी 20 जून से 30 जून तक। ट्रायल के आधार पर 27 जून को समीक्षा बैठक में आगे की नीति पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। यह कदम ट्रैफिक को सुचारु बनाने और सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है। किन सड़कों पर नहीं चलेंगे ई-रिक्शा? प्रशासन के अनुसार, E-Rickshaws धीमी गति से चलते हैं, बार-बार रुकते हैं, अधिक सवारी और सामान लादते हैं जिससे ट्रैफिक में बाधा उत्पन्न होती है। यह स्थिति एम्बुलेंस और वीवीआईपी मूवमेंट में भी अड़चन पैदा करती है। 11,000 अवैध ई-रिक्शा हटेंगे भोपाल में लगभग 11,000 से अधिक ई-रिक्शा अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं, जिनके पास वैध परमिट नहीं हैं। ऐसे E-Rickshaws चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और इन्हें मुख्य सड़कों से हटाया जाएगा। साथ ही, जो ई-रिक्शा यात्री वाहन की जगह मालवाहन के रूप में उपयोग हो रहे हैं, उन पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी। अतिरिक्त ट्रैफिक सुधार कदम हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Domestic Violence

Bhopal Domestic Violence पति ने पत्नी के बाल जबरन काटे, कहा – ‘Ugly दिखो ताकि कोई और ना देखे’

पति ने Domestic Violence में पत्नी के बाल काटे मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक दिल दहला देने वाला घरेलू हिंसा (Domestic Violence) का मामला सामने आया है। एक पति ने अपनी पत्नी को बेइज्जत करने के इरादे से न केवल उसे पीटा, बल्कि उसके बाल भी जबरन काट दिए ताकि वह दूसरों की नजर में बदसूरत (Ugly) लगे। क्या है पूरा मामला? यह घटना 17 जून को हुई, जब सुल्ताना रोज़ की तरह काम पर जाने की तैयारी कर रही थी। उसी दौरान पति नफीस ने अचानक उस पर हमला कर दिया। वह उसे बुरी तरह पीटने लगा और अपशब्द कहने लगा। इसके बाद उसने कैंची उठाई और सुल्ताना के बाल काट दिए। उसका कहना था कि वो नहीं चाहता कि उसकी पत्नी सुंदर दिखे, ताकि किसी और मर्द की नजर उस पर न पड़े। बाल काटने के बाद भी उसने सुल्ताना को काम पर जाने के लिए मजबूर किया। FIR दर्ज, आरोपी पर कार्रवाई शुरू घटना के बाद सुल्ताना ने अशोका गार्डन थाने में जाकर पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने IPC की कई धाराओं के तहत FIR दर्ज कर ली है और आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। महिला सुरक्षा कानून और अधिकार भारत में महिलाओं को घरेलू हिंसा (Domestic Violence) से सुरक्षा देने के लिए कई कानून मौजूद हैं: सुल्ताना जैसे मामलों में पीड़िता को मेडिकल सहायता, कानूनी मदद, और अस्थायी शरण की सुविधा भी दी जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Raja Raghuvanshi

Raja Raghuvanshi Murder Mystery मेघालय के जंगलों से सामने आया राजा-सोनम का आखिरी वीडियो

इंदौर के चर्चित ट्रांसपोर्ट कारोबारी Raja Raghuvanshi की मौत के मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने परिवार और प्रशासन दोनों को हिला दिया है। यह वीडियो मेघालय के Double Decker Root Bridge का बताया जा रहा है, जिसमें राजा और सोनम एक साथ दिख रहे हैं। दावा है कि यह उनकी आखिरी रिकॉर्डिंग हो सकती है। वायरल वीडियो का सच क्या है? हरियाणा के सोनीपत निवासी फोटोग्राफर देवेंद्र सिंह (Dev Singh) ने अपने Facebook प्रोफाइल पर यह वीडियो शेयर किया है। उनका दावा है कि यह क्लिप उन्होंने 23 मई 2025 को सुबह 9:45 बजे रिकॉर्ड की थी। वीडियो में सोनम को वही सफेद शर्ट पहने देखा जा सकता है, जो बाद में राजा के पास मिली थी। देव ने लिखा: “मुझे लगता है कि ये उस कपल की आखिरी रिकॉर्डिंग है। जब भी राजा को वीडियो में देखता हूं, बहुत बुरा लगता है। वो सामान्य दिख रहा था।” तेरहवीं में उमड़ा दर्द, भाई ने उठाए कई सवाल इंदौर में Raja Raghuvanshi की तेरहवीं पर सिर्फ परिवार और करीबी रिश्तेदार ही शामिल हुए। कार्यक्रम में राजा की पसंद का भोजन – गुलाब जामुन, मंचूरियन, नूडल्स और दाल-चावल आदि परोसे गए। इस दौरान सोनम का भाई गोविंद भी मौजूद रहा। राजा के भाई सचिन रघुवंशी ने कहा: “हमारे मन में बस एक ही सवाल है – सोनम ने ऐसा क्यों किया? आखिर क्या वजह थी कि शादी के चंद दिनों बाद ही उसे यह कदम उठाना पड़ा?” Narco Test की मांग, दो लड़कों पर शक सचिन ने बताया कि गाजीपुर से उजाला यादव नाम की युवती ने उन्हें फोन किया था। उजाला का दावा है कि उसने सोनम को बस में देखा था, जहां दो लड़के उसे छोड़ने आए थे। सोनम ने उस दौरान राजा की रील देखने पर उसे टोका भी था। “अगर सोनम सब कुछ कबूल लेती तो बात वहीं खत्म हो जाती, लेकिन अब हमें Narco Test की जरूरत है।” वीडियो में दिखे तीन और संदिग्ध फोटोग्राफर देव सिंह ने एक और बड़ा खुलासा किया: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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रानी कमलापति स्टेशन पर दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट, 29 मिनट खड़ी रही ट्रेन

भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर मंगलवार सुबह दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट हो गई। घटना सुबह करीब 11:30 बजे की बताई जा रही है। सामान चढ़ाने और यात्रियों के आने-जाने को लेकर शुरू हुआ विवाद बढ़ गया, जिसके चलते ट्रेन करीब 29 मिनट तक स्टेशन पर खड़ी रही। आरोप है कि पैंट्री कर्मचारियों ने एकजुट होकर यात्रियों पर हमला किया। विवाद के दौरान कर्मचारियों द्वारा चेन पुलिंग किए जाने की बात भी सामने आई है। बताया गया कि ट्रेन रानी कमलापति स्टेशन पर पहले ही निर्धारित समय से 3 घंटे 33 मिनट की देरी से पहुंची थी। जीआरपी ने मौके पर पहुंचकर शांत कराया विवाद घटना की सूचना मिलने पर जीआरपी मौके पर पहुंची और यात्रियों व पैंट्री कर्मचारियों के बीच चल रहे विवाद को शांत कराया। जीआरपी टीआई अमित शर्मा के मुताबिक, पीड़ित यात्री बेंगलुरु जा रहा था। उन्होंने बताया कि रानी कमलापति स्टेशन पर इस मामले में शिकायत नहीं मिली। वहीं, नागपुर में जीरो पर प्रकरण दर्ज किए जाने की सूचना है। मामले में आगे की कार्रवाई संबंधित जीआरपी के स्तर पर की जाएगी।

मध्यप्रदेश में पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए खर्च होंगे 7.5 करोड़ रुपए, 330 विकासखंडों में होगा खेल महोत्सव

मध्यप्रदेश में पारंपरिक और आंचलिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार करीब साढ़े सात करोड़ रुपए खर्च करने की तैयारी कर रही है। खेल विभाग ने इसके लिए छोटे शहरों में प्रशिक्षण केंद्र खोलने की योजना बनाई है। इसके साथ ही प्रदेश के सभी 330 विकासखंडों में हर साल पारंपरिक खेल महोत्सव आयोजित किए जाएंगे। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक खेलों को संरक्षण देना और ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं की पहचान करना है। सरकार की इस पहल से स्थानीय खेलों को प्रतियोगिताओं और व्यवस्थित प्रशिक्षण के जरिए आगे बढ़ाने की कोशिश की जाएगी। पिट्ठू से मलखंभ तक, कई खेल होंगे शामिल प्रस्तावित योजना में पिट्ठू, गदा और साइकिल रेस जैसे पारंपरिक व आंचलिक खेलों को शामिल किया गया है। इसके अलावा कबड्डी, खो-खो, पैदल चाल, तीरंदाजी और मलखंभ जैसे खेलों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। खेल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पारंपरिक खेल महोत्सव में विकासखंड स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इन स्पर्धाओं के लिए पूरे प्रदेश में एक समान नियम तैयार किए जाएंगे, ताकि खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं में भाग लेने के समान अवसर मिल सकें। छोटे शहरों में खुलेंगे प्रशिक्षण केंद्र खेल विभाग का मानना है कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में कई पारंपरिक खेल लंबे समय से स्थानीय संस्कृति का हिस्सा रहे हैं। हालांकि, इन खेलों से जुड़े खिलाड़ियों को अक्सर औपचारिक प्रशिक्षण और बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का अवसर नहीं मिल पाता। प्रस्तावित प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से ऐसे खिलाड़ियों को व्यवस्थित प्रशिक्षण देने की योजना है। इससे स्थानीय स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। आधुनिक खेलों से जोड़ने की भी तैयारी खेल विभाग इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करेगा। इसके बाद उन्हें आगे के प्रशिक्षण के लिए तैयार करने की योजना है। विभाग पारंपरिक खेलों से जुड़ी प्रतिभाओं को आधुनिक खेल व्यवस्था से जोड़ने के विकल्पों पर भी काम कर रहा है। इस पहल के जरिए पारंपरिक खेलों को नई पहचान देने के साथ-साथ ग्रामीण युवाओं की खेलों में भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। पारंपरिक खेलों के केंद्र स्थापित किए जाएंगे: विश्वास सारंग खेल मंत्री विश्वास सारंग के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न अंचलों में कई देशी खेल प्रचलित हैं, लेकिन उन्हें बड़े पैमाने पर खेलने के अवसर सीमित हैं। अब इनके केंद्र स्थापित कर इन खेलों को बढ़ावा देने की योजना है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित योजना में टीम आधारित और व्यक्तिगत, दोनों तरह के खेलों को शामिल करने पर विचार किया जा रहा है।

एशियन पैरा गेम्स में भारत का धमाकेदार प्रदर्शन, दूसरे दिन जीते 24 मेडल; कुल पदक 35 हुए

जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन पैरा गेम्स में भारत का शानदार प्रदर्शन जारी है। प्रतियोगिता के दूसरे दिन भारतीय खिलाड़ियों ने 24 मेडल जीते, जिनमें 5 गोल्ड, 6 सिल्वर और 13 ब्रॉन्ज शामिल हैं। इसके साथ ही भारत के कुल पदकों की संख्या 35 हो गई है। भारतीय खिलाड़ियों ने अब तक 9 गोल्ड, 11 सिल्वर और 15 ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए हैं। दूसरे दिन एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला। पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारत ने गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज तीनों मेडल जीतकर शानदार उपलब्धि हासिल की। वहीं, निषाद कुमार ने हाई जंप में गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीता। सिमरन शर्मा और दीप्ति जीवनजी ने भी क्रमशः 200 मीटर और 400 मीटर रेस में गोल्ड मेडल अपने नाम किए। शूटिंग में मनीष नरवाल ने सिल्वर मेडल जीता। इसके साथ ही उन्होंने 2028 में होने वाले लॉस एंजिलिस पैरालिंपिक्स के लिए कोटा भी हासिल किया। डिस्कस थ्रो में भारत का क्लीन स्वीप पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारतीय खिलाड़ियों ने तीनों पदक जीतकर अपना दबदबा कायम किया। देवेंद्र कुमार ने 781 रजा पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल हासिल किया। राकेश ने 771 पॉइंट्स लेकर सिल्वर, जबकि प्रदीप कुमार ने 669 पॉइंट्स के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता। इस मुकाबले की खास बात यह रही कि प्रदीप कुमार ने 51.15 मीटर का सबसे लंबा थ्रो किया, इसके बावजूद उन्हें ब्रॉन्ज मेडल मिला। इसकी वजह यह है कि इस स्पर्धा में अलग-अलग तरह की शारीरिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ी एक साथ मुकाबला करते हैं। इसमें F43, F44, F62 और F64 कैटेगरी के खिलाड़ी शामिल थे। खिलाड़ियों की शारीरिक स्थिति और थ्रो करने की क्षमता में अंतर होने के कारण उनके प्रदर्शन का आकलन रजा पॉइंट्स सिस्टम के आधार पर किया जाता है। इस प्रणाली में खिलाड़ी की कैटेगरी के अनुसार प्रदर्शन को अंक दिए जाते हैं, जिससे अलग-अलग कैटेगरी के खिलाड़ियों के परिणामों की निष्पक्ष तुलना की जा सके। निषाद कुमार ने हाई जंप में जीता दूसरा गोल्ड भारतीय पैरा-एथलीट निषाद कुमार ने पुरुषों की हाई जंप T47 स्पर्धा में 2.02 मीटर की छलांग लगाकर गोल्ड मेडल जीता। यह इन गेम्स में उनका दूसरा गोल्ड है। इससे पहले वह लॉन्ग जंप में भी पहला स्थान हासिल कर चुके हैं। हाई जंप में खिलाड़ियों को एक निश्चित ऊंचाई पर रखी बार को बिना गिराए पार करना होता है। हर सफल प्रयास के बाद बार की ऊंचाई बढ़ाई जाती है और सबसे अधिक ऊंचाई पार करने वाला खिलाड़ी विजेता बनता है। T47 पैरा-एथलेटिक्स की वह श्रेणी है, जिसमें हाथ से जुड़ी शारीरिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। निषाद की इस उपलब्धि से भारत के पदक अभियान को मजबूती मिली है। प्रणव सूरमा को गोल्ड, राम रतन सिंह ने जीता सिल्वर पुरुषों की डिस्कस थ्रो F51/F52/F53 स्पर्धा में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। प्रणव सूरमा ने 932 रजा पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि राम रतन सिंह 809 पॉइंट्स लेकर दूसरे स्थान पर रहे और उन्हें सिल्वर मेडल मिला। प्रणव ने अपने छह प्रयासों में 11.66 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया। इस स्पर्धा में भी अलग-अलग कैटेगरी के खिलाड़ियों के प्रदर्शन की तुलना रजा पॉइंट्स के आधार पर की जाती है। इसलिए केवल थ्रो की दूरी के आधार पर विजेता तय नहीं होता। प्रणव और राम रतन के अंकों ने उन्हें क्रमशः पहला और दूसरा स्थान दिलाया। भारत की पदक तालिका पर नजर दूसरे दिन के शानदार प्रदर्शन के बाद भारत के कुल पदकों की संख्या 35 हो गई है। एथलेटिक्स में लगातार मिल रही सफलताओं और शूटिंग में मनीष नरवाल की उपलब्धि ने भारतीय अभियान को नई गति दी है। प्रतियोगिता के अगले दिनों में भी भारतीय खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।
SBI

SBI ग्राहकों का डेटा Dark Web पर मिलने से बढ़ी चिंता, जांच में जुटा बैंक

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के ग्राहकों की निजी जानकारी डार्क वेब पर मिलने का मामला सामने आया है। बैंक की शुरुआती जांच में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड में व्यक्तिगत जानकारी उजागर होने की पहचान की गई है। इनमें नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और पते जैसी जानकारियां शामिल हैं। इस खबर के सामने आने के बाद ग्राहकों की डेटा सिक्योरिटी को लेकर चिंता बढ़ गई है। SBI ने कहा है कि इस घटना से बैंक के सामान्य कामकाज, वित्तीय प्रदर्शन और सेवाओं पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। वहीं, डेटा कहां से आया, कितने ग्राहकों की जानकारी प्रभावित हुई और इसके पीछे क्या वजह रही, इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए जांच की जा रही है। SBI Data Leak: कैसे सामने आया डेटा लीक का मामला? बैंक के अनुसार, 16 अक्टूबर 2026 को उसे अपने Threat Intelligence Service Provider, Defence Cyber Agency और भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) से डार्क वेब पर ग्राहकों का डेटा उपलब्ध होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद SBI ने शुरुआती स्तर पर करीब 3.75 लाख रिकॉर्ड का विश्लेषण किया। इस प्रक्रिया में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड ऐसे मिले, जिनमें व्यक्तिगत पहचान से जुड़ी जानकारी मौजूद थी। हालांकि, डार्क वेब पर मिले सभी रिकॉर्ड के बारे में अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। बैंक जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि डेटा कितना वास्तविक है और किस माध्यम से बाहर पहुंचा। ग्राहकों की कौन-सी निजी जानकारी हुई उजागर? शुरुआती जांच में सामने आए रिकॉर्ड में ग्राहकों से जुड़ी कई तरह की जानकारियां शामिल बताई गई हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं: इनमें से कुछ जानकारियों का इस्तेमाल साइबर ठग लोगों को निशाना बनाने के लिए कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, किसी ग्राहक का नाम, मोबाइल नंबर और बैंकिंग से जुड़ी जानकारी पता होने पर ठग खुद को बैंक कर्मचारी बताकर भरोसा जीतने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि, इस मामले में ग्राहकों के बैंक खातों से पैसे निकलने या किसी खास तरह की धोखाधड़ी होने की पुष्टि नहीं हुई है। SBI ने जांच के लिए उठाए जरूरी कदम डेटा लीक की जानकारी मिलने के बाद बैंक ने अपने साइबर सिक्योरिटी प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिए। साथ ही, मामले की विस्तृत जांच के लिए CERT-In से सूचीबद्ध एक स्वतंत्र साइबर सुरक्षा एजेंसी को नियुक्त किया गया है। जांच में यह पता लगाने पर ध्यान दिया जा रहा है कि डेटा का स्रोत क्या था, जानकारी कैसे उजागर हुई और इससे ग्राहकों की सुरक्षा पर कितना असर पड़ सकता है। बैंक के अनुसार, जांच के नतीजों के आधार पर जरूरी सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल डेटा लीक के पीछे किसी व्यक्ति या समूह की भूमिका को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। क्या SBI ग्राहकों के बैंक खाते खतरे में हैं? डेटा लीक की खबर सुनकर ग्राहकों के मन में सबसे पहला सवाल यही आता है कि क्या उनके बैंक खाते सुरक्षित हैं? यहां एक बात समझना जरूरी है। ग्राहकों का नाम, मोबाइल नंबर या पता सामने आने का मतलब यह नहीं है कि उनके बैंक खाते भी हैक हो गए हैं। निजी जानकारी का उजागर होना और खाते से पैसे निकलना दो अलग-अलग बातें हैं। SBI ने कहा है कि इस घटना से उसके मुख्य कामकाज और सेवाओं पर कोई महत्वपूर्ण असर नहीं पड़ा है। हालांकि, निजी जानकारी का गलत इस्तेमाल करके फर्जी कॉल, मैसेज और ऑनलाइन ठगी की कोशिश की जा सकती है। इसलिए ग्राहकों को सावधानी बरतने की जरूरत है। Data Leak के बाद ग्राहकों को क्या करना चाहिए? डिजिटल बैंकिंग के दौर में थोड़ी सी लापरवाही भी परेशानी बढ़ा सकती है। ऐसे में SBI ग्राहकों को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। 1. OTP और PIN किसी को न बताएं: बैंक अधिकारी बनकर फोन करने वाला व्यक्ति भी आपसे OTP, ATM PIN या CVV मांगे, तो जानकारी साझा न करें। 2. संदिग्ध लिंक से बचें: KYC अपडेट, बैंक खाता बंद होने या रिफंड मिलने के नाम पर आए अनजान लिंक पर क्लिक न करें। 3. बैंक खाते पर नजर रखें: अपने खाते के लेनदेन की नियमित जांच करें। कोई संदिग्ध ट्रांजैक्शन दिखे तो तुरंत बैंक से संपर्क करें। 4. फर्जी कॉल से सावधान रहें: अगर कोई व्यक्ति बैंकिंग जानकारी बताकर आपका भरोसा जीतने की कोशिश करे, तो उसकी पहचान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें। 5. साइबर ठगी होने पर शिकायत करें: वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में 1930 हेल्पलाइन या भारत सरकार के आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। ध्यान रखें कि किसी ठग के पास आपकी कुछ निजी जानकारी होने का मतलब यह नहीं है कि वह बैंक का अधिकृत प्रतिनिधि है। SBI Data Leak मामले में अब आगे क्या होगा? फिलहाल SBI डेटा लीक मामले की जांच जारी है। बैंक यह पता लगाने में जुटा है कि डार्क वेब पर उपलब्ध जानकारी कहां से आई और घटना का वास्तविक दायरा कितना बड़ा है। जांच पूरी होने के बाद ही डेटा लीक की वजह और ग्राहकों पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर ज्यादा स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। तब तक ग्राहकों के लिए अपनी बैंकिंग जानकारी सुरक्षित रखना और संदिग्ध गतिविधियों से सतर्क रहना सबसे जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Delhi HighCourt

Delhi HighCourt: सौरव दास-आशुतोष रांका ने वापस ली याचिका, Bond की शर्तों पर कोर्ट के सवाल

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi HighCourt) में बुधवार, 21 अक्टूबर को CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका पर सुनवाई हुई। दोनों नेताओं ने स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी न्यायिक हिरासत दो दिन के लिए बढ़ाई गई थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट की टिप्पणियों के बाद दोनों ने अपनी याचिका वापस ले ली। जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद की बेंच ने सुनवाई के दौरान सवाल उठाया कि जब इस मामले में दूसरी कानूनी प्रक्रिया अपनाने का विकल्प मौजूद है, तो सीधे हाईकोर्ट का रुख क्यों किया गया। कोर्ट ने दोनों नेताओं की ओर से शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन के आरोपों पर भी टिप्पणी की। Jantar Mantar Protest Case: क्या है पूरा मामला? सौरव दास और आशुतोष रांका को 13 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद हिरासत में लिया गया था। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ किया गया था। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग पार कर उस स्थान पर प्रवेश किया था, जिसे प्रदर्शन स्थल के रूप में पहले ही अधिसूचित सूची से हटा दिया गया था। इसके बाद दोनों नेताओं को न्यायिक हिरासत में भेजा गया। शुरुआत में उनकी हिरासत पांच दिन के लिए तय की गई थी। 19 अक्टूबर को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने उनकी हिरासत दो दिन और बढ़ाने का आदेश दिया था। इसी फैसले को चुनौती देते हुए दोनों ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। Court Remarks: बॉन्ड की शर्तों पर क्या कहा? सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड और उसके कथित उल्लंघन को लेकर सवाल उठाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि बैरिकेडिंग तोड़ने जैसी घटना के बाद दूसरे लोगों के भी नियमों का उल्लंघन करने की आशंका बढ़ सकती है। दोनों नेताओं की ओर से पेश वकील ने हिरासत बढ़ाने के आदेश और जमानतदारों से जुड़ी प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उनका पक्ष था कि दोनों ने आवश्यक जमानतदार पेश किए थे, इसके बावजूद उन्हें हिरासत में रखा गया। हालांकि, हाईकोर्ट ने मामले में उपलब्ध वैकल्पिक कानूनी उपाय अपनाने की बात कही। इसके बाद दोनों नेताओं की ओर से याचिका वापस लेने का फैसला किया गया। याचिका वापस लेने का क्या मतलब है? सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका वापस लिए जाने का अर्थ यह नहीं है कि हाईकोर्ट ने हिरासत बढ़ाने के आदेश को सही ठहरा दिया है। अदालत ने मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम राय दिए बिना याचिका वापस लेने की अनुमति दी। कोर्ट ने दोनों पक्षों को पहले स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के समक्ष चल रही प्रक्रिया के नतीजे का इंतजार करने और जरूरत पड़ने पर उचित अपीलीय मंच का रुख करने की सलाह दी। इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और मजिस्ट्रेट के समक्ष होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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