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Chhangur Baba ISI Connection

Chhangur Baba ISI Connection : छांगुर बाबा का षड्यंत्रकारी जाल अब भारत की सुरक्षा के लिए चुनौती

उत्तर प्रदेश ATS और ईडी (ED) की संयुक्त जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, छांगुर बाबा की करतूतों की परतें एक-एक कर सामने आती जा रही हैं। धर्मांतरण के नाम पर शुरू हुआ यह खेल अब सीधे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़ता नजर आ रहा है। धर्मांतरण से लेकर जासूसी तक – पूरी प्लानिंग थी तैयार सूत्रों की मानें तो छांगुर बाबा सिर्फ हिंदुओं को इस्लाम में बदलने का काम नहीं कर रहा था, बल्कि इसका मकसद भारत में सांप्रदायिक ज़हर फैलाना और देश की एकता को तोड़ना था।जांच एजेंसियों को जो दस्तावेज़ और डिजिटल सबूत मिले हैं, उनमें नेपाल कनेक्शन सबसे खतरनाक साबित हुआ है। काठमांडू स्थित पाकिस्तानी दूतावास में ISI एजेंटों के साथ छांगुर नेटवर्क की एक गुप्त बैठक भी हुई थी, जिसमें भारत में स्लीपर सेल एक्टिवेट करने की प्लानिंग शामिल थी। ISI एजेंटों से निकाह और जासूसी में महिलाओं की भूमिका छांगुर बाबा की सबसे खतरनाक योजना थी – आर्थिक रूप से कमजोर हिंदू महिलाओं को धर्म के नाम पर फंसाकर पहले इस्लाम कबूल करवाना, फिर नेपाल ले जाकर उनका निकाह ISI एजेंटों या स्लीपर सेल से कराना। इसके बाद इन महिलाओं को भारत में जासूसी नेटवर्क का हिस्सा बनाने के लिए एक कोडवर्ड सिस्टम तक तैयार कर लिया गया था। इस साजिश में नेपाल की जमीन का इस्तेमाल ट्रांजिट और रिक्रूटमेंट सेंटर के तौर पर किया जा रहा था। ATS और ED का एक्शन मोड ON उत्तर प्रदेश एटीएस और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीमों ने बरेली, कानपुर, प्रयागराज और लखनऊ समेत कई जिलों में रेड कर छांगुर बाबा से जुड़े दर्जनों संदिग्धों को हिरासत में लिया है। कई बैंक खातों में संदिग्ध विदेशी फंडिंग के संकेत मिले हैं, जिनकी जांच अभी जारी है। डिजिटल सबूत और कोडवर्ड सिस्टम निष्कर्ष: एक बाबा, एक रैकेट और एक अंतरराष्ट्रीय खतरा! छांगुर बाबा का मामला सिर्फ धर्मांतरण तक सीमित नहीं है। यह एक बड़ी राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी साजिश है, जिसमें भारत को अंदर से कमजोर करने की कोशिश की जा रही थी। इस केस की तह तक जाने के लिए ATS और ED की जाँच निर्णायक मोड़ पर है।
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Slice Bank UPI ATM, India first UPI ATM,

Game Changing! Slice Bank ने लॉन्च किया India का 1st UPI ATM, अब बिना कार्ड के निकलेगा कैश

भारत की फिनटेक दुनिया में एक और बड़ा इनोवेशन हुआ है। Slice Bank ने देश का पहला UPI ATM लॉन्च कर दिया है। अब आप बिना डेबिट कार्ड के सिर्फ अपने फोन से QR Code स्कैन कर के कैश निकाल सकेंगे। इस कदम को भारतीय बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में एक game-changing innovation माना जा रहा है। क्या है UPI ATM और कैसे करता है काम? यह कोई साधारण ATM नहीं है। UPI ATM एक ऐसा स्मार्ट ATM है जिसमें आपको न तो डेबिट कार्ड लगाने की जरूरत है और न ही PIN डालने की। बस UPI ऐप (जैसे कि PhonePe, Google Pay, Paytm आदि) से QR Code स्कैन करिए और तुरंत कैश निकालिए। UPI ATM से पैसे निकालने का तरीका: Cash Deposit की सुविधा भी जल्द: Slice Bank के मुताबिक मशीन में UPI से cash deposit की सुविधा भी हैं । क्यों खास है Slice Bank का UPI ATM? ✅ बिना कार्ड के कैश निकालने की सुविधा।✅ भारत के डिजिटल पेमेंट को और accessible बनाना।✅ ग्रामीण और दूरदराज इलाकों में banking सुविधा पहुंचाना।✅ फास्ट और secure transactions। भारत में Fintech का बढ़ता दायरा भारत दुनिया का सबसे बड़ा UPI मार्केट बन चुका है। NPCI के आंकड़ों के मुताबिक, जून 2025 तक भारत में UPI के जरिए प्रतिदिन 1,200 मिलियन से ज्यादा transactions हो रही हैं। अब UPI ATM के आने से cash withdrawal का तरीका भी पूरी तरह बदलने जा रहा है। Slice Bank कौन है? Slice Bank एक नया-age Fintech platform है, जिसने youth को target करते हुए credit cards, payment apps और BNPL (Buy Now Pay Later) services में नाम कमाया है। अब UPI ATM के जरिए company banking sector में भी बड़ी शुरुआत कर रही है।
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mobile voting in Bihar

Mobile e-Voting: बिहार में मोबाइल से होगा मतदान

Mobile e-Voting बिहार ने देश में पहली बार नगर निकाय चुनावों के लिए मोबाइल एप से वोटिंग की शुरुआत की है। जानिए कैसे काम करता है यह ब्लॉकचेन बेस्ड e-Voting सिस्टम और कौन-कौन कर सकता है इसका उपयोग। पटना | देश हरपल डेस्क:भारत के लोकतंत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए, बिहार पहला राज्य बन गया है, जहां नगर निकाय चुनावों में मोबाइल ऐप से ई-वोटिंग (e-Voting) को अनुमति दी गई है। इस डिजिटल वोटिंग प्रणाली की शुरुआत 28 जून 2025 को पटना, रोहतास और पूर्वी चंपारण जिलों की 6 नगर परिषदों में की गई है। यह प्रणाली विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, गर्भवती महिलाओं और प्रवासी वोटर्स के लिए राहत लेकर आई है, जो किसी कारणवश मतदान केंद्र तक नहीं पहुंच सकते। कैसे काम करता है यह Secure e-Voting सिस्टम? इस मोबाइल वोटिंग सिस्टम को ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी (Blockchain Technology) और फेस रिकग्निशन (Face Recognition) जैसे अत्याधुनिक तकनीकों से सुरक्षित बनाया गया है। सुरक्षा के विशेष इंतजाम: कैसे करें ई-वोटिंग के लिए रजिस्ट्रेशन? ई-वोटिंग के लिए e-SECBHR मोबाइल ऐप डाउनलोड करें (फिलहाल यह केवल एंड्रॉयड पर उपलब्ध है): यह सुविधा किनके लिए है? क्या विधानसभा चुनावों में होगा इसका प्रयोग? राज्य निर्वाचन आयुक्त दीपक प्रसाद ने कहा कि यह एक पायलट प्रोजेक्ट है। इसकी सफलता के आधार पर निर्णय लिया जाएगा कि क्या इसे आगामी विधानसभा चुनावों में लागू किया जा सकता है। यह कदम न केवल लोकतंत्र को तकनीकी रूप से उन्नत बना रहा है, बल्कि उन लाखों लोगों को भी जोड़ने की दिशा में है जो पारंपरिक वोटिंग में भाग नहीं ले पाते। देश हरपल की राय: बिहार सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग की यह पहल निश्चित ही डिजिटल इंडिया मिशन की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। यदि यह प्रयोग सफल होता है तो भविष्य में पूरे देश में इस तकनीक को अपनाया जा सकता है। आपकी क्या राय है? क्या आप मोबाइल से वोट डालने के इस नए सिस्टम को अपनाएंगे?कमेंट कर बताएं, और यह खबर अपने दोस्तों से शेयर करें
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Indian Army

International Yoga Day 2025, Indian Army का High Altitude Yoga Mission

21 जून 2025 को पूरी दुनिया के साथ-साथ भारत में भी International Yoga Day धूमधाम से मनाया गया, लेकिन भारतीय सेना (Indian Army) ने इसे बेहद अलग अंदाज़ में सेलिब्रेट किया। सेना ने देश के सबसे ऊंचे और कठिन इलाकों जैसे Siachen Glacier, Shahi Kangri, Pangong Lake, और Galwan Valley में योग कर यह साबित किया कि Yoga केवल एक अभ्यास नहीं, बल्कि discipline, strength और mental focus का प्रतीक है। कहां-कहां हुआ Indian Army का योग अभ्यास? Shahi Kangri Lake (लगभग 20,000 फीट) – जवानों ने बर्फ से ढकी सतह पर माइनस तापमान में योग किया।Galwan Valley (~15,000 फीट) – सामरिक दृष्टि से बेहद अहम इस क्षेत्र में जवानों ने शारीरिक और मानसिक मजबूती के लिए योग किया।Siachen Glacier (दुनिया का सबसे ऊँचा युद्धक्षेत्र) – बेस कैंप से लेकर फॉरवर्ड पोस्ट तक योगाभ्यास कर जवानों ने साहस का प्रदर्शन किया।Pangong Lake और Border Villages – “One Earth, One Health” थीम के साथ सामूहिक योग का आयोजन हुआ।Nubra Valley – सेना और स्थानीय नागरिकों ने मिलकर एकजुटता और शांति का संदेश दिया। Yoga Benefits for Soldiers in High Altitude Areas Physical Fitness – ऊँचाई पर योग करने से फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है और ऑक्सीजन की कमी से लड़ने में मदद मिलती है।Mental Wellness – कठोर परिस्थितियों में योग तनाव को कम करता है और फोकस बढ़ाता है।Discipline & Team Spirit – सामूहिक योग से एकजुटता और अनुशासन का भाव मज़बूत होता है।Global Message – Army ने “Yoga For One Earth, One Health” के ज़रिए पूरी दुनिया को स्वास्थ्य और सामूहिक चेतना का संदेश दिया। Indian Army की Courageous Background हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Air India

Air India Boeing Crash Black Box रिपोर्ट में Power Loss की पुष्टि

12 जून 2025 को अहमदाबाद में हुए Air India Boeing 787 Crash को लेकर चल रही जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार, यह हादसा पायलट की गलती (Pilot Error) से नहीं बल्कि अचानक हुई बिजली (Power) फेलियर की वजह से हुआ। आइए जानें इस हादसे से जुड़े सभी अहम अपडेट। Air India Plane Crash – क्या हुआ था फ्लाइट में? क्या है RAT सिस्टम और क्यों हुआ एक्टिव? इंजन में कोई खराबी नहीं, फिर क्या था कारण? Black Box जांच और इंटरनेशनल एजेंसियाँ शामिल पायलट और ट्रेनिंग रिकॉर्ड्स क्लियर हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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FASTag

FASTag Annual Pass निजी वाहनों के लिए ₹3,000 में सालभर टोल फ्री यात्रा, 15 अगस्त से लागू

नई दिल्ली | देश हरपल ब्यूरोदेशभर के लाखों निजी वाहन चालकों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री Nitin Gadkari ने एक ऐतिहासिक पहल की घोषणा करते हुए बताया कि ₹3,000 में FASTag आधारित वार्षिक पास की सुविधा 15 अगस्त 2025 से लागू की जा रही है। क्या है यह ₹3,000 वाला FASTag वार्षिक पास? इस पास के जरिए कोई भी निजी वाहन (Car, Jeep, Van आदि) देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर बिना बार-बार टोल देने के अधिकतम 200 यात्राओं या एक साल तक (जो भी पहले हो) निर्बाध यात्रा कर सकेगा।यह सुविधा केवल गैर-व्यावसायिक वाहनों के लिए है, और इससे टोल प्लाजाओं पर लगने वाली भीड़ और प्रतीक्षा समय में भारी कमी आने की उम्मीद है। कैसे मिलेगा यह पास? नितिन गडकरी ने ‘X’ (पूर्व Twitter) पर जानकारी दी कि इस वार्षिक पास को Highway Travel App, NHAI और MoRTH की वेबसाइट पर एक अलग लिंक के माध्यम से सक्रिय (activate) किया जा सकेगा।जल्द ही रजिस्ट्रेशन और नवीनीकरण प्रक्रिया को लेकर विस्तृत जानकारी भी जारी की जाएगी 60 KM दायरे की टोल समस्याओं पर सीधा समाधान यह नीति विशेष रूप से उन लोगों के लिए बड़ी राहत है जो रोजाना 60 किलोमीटर के दायरे में स्थित टोल प्लाजाओं से होकर यात्रा करते हैं।अब उन्हें हर बार टोल देने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि एक सिंगल ट्रांजैक्शन में सालभर के लिए सुविधा मिल जाएगी। क्या बदल जाएगा इस पॉलिसी से? नितिन गडकरी ने क्या कहा? “यह वार्षिक पास नीति, टोल प्लाजा पर भीड़ कम करने, विवादों को समाप्त करने और निजी वाहन चालकों के लिए एक तेज़ व सहज यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए लाई जा रही है।” — नितिन गडकरी, केंद्रीय मंत्र सरकार की यह पहल जहां आम नागरिकों की जेब पर असर कम करेगी, वहीं इससे डिजिटल टोल भुगतान और इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रैकिंग में भी सुधार होगा। FASTag सिस्टम के जरिए एक डिजिटली कनेक्टेड और ट्रांसपेरेंट टोल मैकेनिज्म की ओर भारत आगे बढ़ रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Census 2027

India Census 2027 Digital गिनती और Caste Data Collection का ऐलान

भारत सरकार ने जनगणना 2027 (Census 2027) की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। यह जनगणना कई मायनों में खास होगी—इस बार प्रक्रिया पूरी तरह Digital होगी और जातिगत आंकड़े (Caste Data) भी इकट्ठा किए जाएंगे। Census 2027 Key Dates – कब और कहां होगी जनगणना? जनगणना दो चरणों में होगी: हाउस लिस्टिंग (House Listing) चरण जनसंख्या गणना (Population Enumeration) चरण Census 2027 होगी Digital, Self-Enumeration Portal भी लॉन्च सरकार इस बार जनगणना में Digital Tools का उपयोग करेगी: 1931 के बाद पहली बार होगी जातीय जनगणना (Caste Census) इस जनगणना में: कितने लोग होंगे शामिल? Census 2027 Highlights (मुख्य बातें) चरण तारीख गतिविधि हाउस लिस्टिंग (हिम क्षेत्र) 1 अक्टूबर 2026 घर व सुविधाओं की जानकारी हाउस लिस्टिंग (अन्य क्षेत्र) 1 मार्च 2027 घर व सुविधाओं की जानकारी जनसंख्या गणना मार्च 2027 के बाद जाति, शिक्षा, रोजगार, जनसांख्यिकीय विवरण डेटा प्रोसेसिंग दिसंबर 2027 तक (संभावित) डिजिटल विश्लेषण और रिपोर्ट हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ahmedabad

Ahmedabad Plane Crash हादसे से पहले एक तस्वीर और ज्योतिषीय चेतावनी ने बढ़ाया रहस्य

हादसा या संयोग? एयर इंडिया Ahmedabad AI171 फ्लाइट क्रैश से पहले छपा विज्ञापन और ज्योतिषी की भविष्यवाणी बना सोशल मीडिया पर मिस्ट्री पॉइंट 12 जून 2025 को एयर इंडिया की Ahmedabad से लंदन (गैटविक) जाने वाली फ्लाइट AI171, टेक-ऑफ के कुछ मिनटों बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई। यह विमान बोइंग 787 ड्रीमलाइनर था, जिसमें 242 लोग सवार थे। दुखद रूप से, इस हादसे में सिर्फ एक यात्री ही जीवित बच पाया — जिसे “चमत्कारी उत्तरजीवी” कहा जा रहा है। Ahmedabad घटना ने पूरे देश को गहरे शोक और सदमे में डाल दिया है, लेकिन इसके साथ ही एक रहस्यमयी संयोग ने सबका ध्यान खींचा है — जिसने इस क्रैश को सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि एक रहस्य और चेतावनी में बदल दिया। KidZania का विज्ञापन या भविष्य की झलक? गुजरात के लोकप्रिय दैनिक अखबार मिड-डे के उसी दिन, यानी 12 जून के संस्करण के पहले पन्ने पर छपा एक विज्ञापन अब सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। यह विज्ञापन बच्चों के मनोरंजन व लर्निंग हब KidZania से जुड़ा था, जिसमें एक Air India विमान की तस्वीर दिखाई गई थी — जो एक मिनिएचर शहर की इमारत से उड़ता हुआ प्रतीत हो रहा था। ज्योतिषी गौरव पुरोहित की भविष्यवाणी फिर चर्चा में इस बीच ज्योतिषाचार्य गौरव पुरोहित का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि उन्होंने इस तरह की संभावित वायु मार्ग दुर्घटना को लेकर पहले ही चेतावनी दी थी। गौरव जी पिछले 5 वर्षों से राजनीति, युद्ध, सामाजिक घटनाओं पर ज्योतिषीय विश्लेषण करते आ रहे हैं। उनका दावा है: क्या यह महज संयोग था या चेतावनी? जहां विज्ञान इस दुर्घटना की तकनीकी जांच में जुटा है, वहीं आमजन अब यह सवाल पूछ रहे हैं – क्या यह सब ‘कॉस्मिक अलर्ट’ था? भारत में कई लोग इस दुर्घटना और विज्ञापन के मेल को “दिव्य संयोग” मान रहे हैं, और सोशल मीडिया पर #AI171Coincidence ट्रेंड कर रहा है। 242 में से एक उत्तरजीवी: उम्मीद की एक किरण फिलहाल सभी की निगाहें उस एकमात्र जीवित बचे व्यक्ति पर हैं, जो शायद दुनिया को इस हादसे की सच्ची कहानी सुना सके।सरकारी जांच एजेंसियां, DGCA और एयर इंडिया हादसे की जाँच में जुटी हैं, और ब्लैक बॉक्स रिकवर भी हो चुका है। जहां एक ओर यह हादसा तकनीकी खामियों की संभावनाओं के साथ जांच के घेरे में है, वहीं लोगों के मन में इसके रहस्यमयी पहलू भी सवाल खड़े कर रहे हैं। क्या यह सिर्फ संयोग था, या कोई आभास, कोई ज्योतिषीय चेतावनी? देश एक गहरे शोक में डूबा है, लेकिन यह घटना विज्ञान और आध्यात्मिक चेतना के बीच एक नई बहस भी छेड़ गई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर! यदि आप इस विषय पर अपनी राय देना चाहते हैं, तो कमेंट सेक्शन में जरूर बताएं।
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Kerala school rivalry news in Hindi

Kerala school rivalry news: 50 साल पुरानी रंजिश में दो बुजुर्गों ने पूर्व सहपाठी पर किया हमला

केरल के कासरगोड में 50 साल पुराना स्कूल विवाद बना हिंसा का कारण Kerala school rivalry news – केरल के कासरगोड जिले के मलोम कस्बे से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां स्कूल टाइम की 50 साल पुरानी रंजिश ने दो बुजुर्गों को हिंसा के रास्ते पर धकेल दिया। बालाल ग्राम पंचायत स्थित नटक्कल्लू एडेड स्कूल में साथ पढ़ने वाले तीन पूर्व सहपाठी—वी.जे. बाबू (62), मालोथु बालकृष्णन, और मैथ्यू वलियप्लक्कल—के बीच वर्षों पुराना विवाद फिर से उभर आया। होटल के बाहर हुआ हमला, टूटा दोस्ती का दिखावा घटना सोमवार को जनग्राम होटल के बाहर हुई, जब तीनों की आकस्मिक मुलाकात हो गई। बातचीत के दौरान पुरानी रंजिश फिर से भड़क उठी। रिपोर्ट के मुताबिक, बालकृष्णन ने बाबू को पकड़ लिया और मैथ्यू ने एक बड़ा पत्थर उठाकर बाबू के चेहरे और शरीर पर हमला कर दिया। इस हमले में बाबू के दो दांत टूट गए और उन्हें गंभीर हालत में परियारम स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज, कन्नूर में भर्ती कराया गया। गैर-जमानती धाराओं में केस दर्ज, हो सकती है जेल वेल्लरिकुंड पुलिस थाने के निरीक्षक टी.के. मुकुंदन के अनुसार, अगर मेडिकल रिपोर्ट में यह साबित हुआ कि बाबू के दांत हमले के कारण टूटे हैं, तो यह अपराध गैर-जमानती हो जाएगा। हमले के आरोप में बालकृष्णन और मैथ्यू पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की निम्नलिखित धाराओं में केस दर्ज किया गया है: ₹1.5 लाख में सुलह की पेशकश, शराब की भी संभावना पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार, घायल वी.जे. बाबू ने इस मामले को कोर्ट से बाहर सुलझाने की इच्छा जताई है, लेकिन बदले में ₹1.5 लाख की मांग की है। साथ ही उन्होंने यह भी बयान दिया कि हमले के समय हमलावरों द्वारा शराब का सेवन किया गया हो सकता है। 50 साल पुरानी दुश्मनी का मनोवैज्ञानिक पहलू Kerala school rivalry news- विशेषज्ञों के अनुसार, स्कूल में हुए छोटे-छोटे बुलींग या टकराव का असर लंबे समय तक मानसिक रूप से बना रह सकता है, खासकर अगर उसे सुलझाया न जाए। यह घटना बताती है कि बचपन की घटनाएं, अगर मन में बैठ जाएं, तो बुजुर्ग अवस्था में भी हिंसा का रूप ले सकती हैं।
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Shashank Singh

IPL 2025 Final में Shashank Singh की धमाकेदार पारी Punjab Kings के लिए मैच का टर्निंग पॉइंट

IPL 2025 के फाइनल मैच में Shashank Singh ने Punjab Kings के लिए एक शानदार और दमदार प्रदर्शन किया। उनके बेहतरीन 61* रन ने टीम को जीत के बेहद करीब पहुंचा दिया, लेकिन Royal Challengers Bengaluru (RCB) ने 6 रनों से जीत हासिल कर अपना पहला IPL खिताब जीता। मैच का पूरा हाल: Shashank IPL 2025 Performance Highlights: कप्तान Shreyas Iyer की प्रतिक्रिया: Punjab Kings के कप्तान Shreyas Iyer ने कहा,“Shashank Singh ने इस IPL सीजन में हमारी टीम की रीढ़ की तरह काम किया है। उनकी पारी ने फाइनल में टीम को लड़ने का मौका दिया।” सोशल मीडिया पर Shashank Singh का जलवा: IPL 2025 के दौरान Shashank Singh सोशल मीडिया पर #ClutchKing के नाम से ट्रेंड करते रहे। फैंस ने उन्हें “Punjab Kings का फिनिशर” और “Match Winner” बताया। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Saharanpur

UP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवाल

Saharanpur उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। अदालत के आदेश के बाद प्रशासन ने शनिवार को मस्जिद के खिलाफ Bulldozer Action शुरू कर दिया। कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में हलचल बढ़ गई और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया। कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई अदालत के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन का एक्शन कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को लेकर जमीन के स्वामित्व और निर्माण की वैधता पर काफी समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन का दावा है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी है और निर्माण को अवैध माना गया है। मामला पहले सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पहुंचा। जुलाई में अदालत ने मस्जिद को हटाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही संबंधित पक्ष पर करीब 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति लगाए जाने की बात भी सामने आई थी। इस फैसले को जिला अदालत में चुनौती दी गई थी। 4 सितंबर को जिला जज की अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। इकरा हसन को सहारनपुर जाने से रोका मस्जिद पर कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन सहारनपुर जाने की कोशिश कर रही थीं। लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इकरा हसन और पुलिस अधिकारियों के बीच इस दौरान तीखी बहस भी हुई। इसका वीडियो सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। बाद में उनके आवास के बाहर पुलिस बल तैनात किए जाने की भी खबर सामने आई। इकरा हसन ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोका जा रहा है। उनका कहना था कि वह मौके पर जाकर हालात देखना चाहती थीं। मायावती ने सरकार से कार्रवाई रोकने को कहा सहारनपुर मस्जिद विवाद पर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सरकार से कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की और मामले को संवेदनशील बताते हुए सावधानी से कदम उठाने की बात कही। मायावती ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह का तनाव बढ़ने से रोकना जरूरी है। उन्होंने लोगों से भी शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। इमरान मसूद बोले- हाईकोर्ट जाएंगे सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया है। उनका कहना है कि मस्जिद की जमीन और उससे जुड़े दस्तावेजों को लेकर उनका पक्ष अलग है। जिला अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद मसूद ने मामले को हाईकोर्ट ले जाने की बात कही है। उनका कहना है कि आगे की कानूनी लड़ाई अदालत में लड़ी जाएगी और उपलब्ध दस्तावेजों को वहां रखा जाएगा। प्रशासन और विपक्ष के दावे अलग-अलग पूरे विवाद में प्रशासन और मस्जिद पक्ष के दावे अलग हैं। प्रशासन जहां निर्माण को सरकारी जमीन पर हुआ अवैध निर्माण बता रहा है, वहीं मस्जिद से जुड़े लोग और कुछ विपक्षी नेता इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं। यही वजह है कि मामला सिर्फ बुलडोजर कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। अब इसकी गूंज राजनीतिक मंच से लेकर अदालत तक सुनाई दे रही है। आगे क्या होगा? सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर हुई कार्रवाई के बाद अब सबकी नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर है। इमरान मसूद की ओर से हाईकोर्ट जाने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में अदालत में इस मामले को लेकर क्या रुख सामने आता है, यह महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद सहारनपुर में राजनीतिक माहौल गर्म है। एक तरफ अधिकारी कोर्ट के आदेश के पालन की बात कह रहे हैं, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Nepal

Nepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों Missing

नेपाल (Nepal) में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नदियों का जलस्तर बढ़ने, मलबा आने और पहाड़ी इलाकों में Landslide के खतरे ने राहत और बचाव अभियान को और मुश्किल बना दिया है। सबसे चिंता की बात यह है कि हादसे के कई दिन बाद भी हजारों लोगों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, इसी बीच Trishuli क्षेत्र से दो लोगों को नौ दिन बाद जिंदा निकालना राहत और उम्मीद की बड़ी खबर बनकर सामने आया है। दार्चुला में Landslide का खतरा, निचले इलाकों पर नजर नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। दार्चुला समेत संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से निचले इलाकों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। पहाड़ों से मलबा आने और नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका के बीच लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। Trishuli से भारतीय नागरिकों का Rescue इस बीच त्रिशूली इलाके से तीन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाले जाने की खबर सामने आई है। इनमें एक परिवार शामिल है। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और उनके भारत लौटने की प्रक्रिया में मदद की जा रही है। भारत सरकार नेपाल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए लगातार नेपाली प्रशासन के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 166 भारतीय नागरिकों को Rescue किया गया है, जबकि 275 भारतीयों के लापता होने की जानकारी दी गई है। भारत ने राहत अभियान के लिए करीब 95 टन राहत सामग्री भी भेजी है। 9 दिन बाद Trishuli Tunnel से जिंदा निकले 2 मजदूर नेपाल में चल रहे Rescue Operation की सबसे बड़ी खबर Trishuli-3A Hydropower Project से आई। यहां सुरंग में फंसे संजय साह और कबीर महारजन को करीब नौ दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोनों को सुरंग के अंदर काफी गहराई से निकाला गया। बचाव दल ने पहले अंदर से आवाजें सुनीं और फिर संपर्क स्थापित होने के बाद ऑपरेशन तेज किया। आखिरकार दोनों को बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने उन परिवारों में भी उम्मीद जगाई है जिनके अपने लोग अभी तक लापता हैं। राहत दल अब अन्य संभावित Survivors तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं। 1300 के करीब मौतें, 5 हजार से ज्यादा लोग Missing इस प्राकृतिक आपदा का असर कितना बड़ा है, इसका अंदाजा मृतकों और लापता लोगों की संख्या से लगाया जा सकता है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार 1,294 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और 5,053 लोग अब भी लापता बताए गए हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों और Hydropower Projects को भारी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और राहत शिविरों में रह रहे हैं। Rescue Operation अभी भी जारी Trishuli Tunnel से दो लोगों को जिंदा निकाले जाने के बाद Rescue Teams का हौसला बढ़ा है। नेपाल सेना, पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार प्रभावित इलाकों में Search Operation चला रहे हैं। Hydropower Projects के आसपास अभी भी बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका है। मलबा, पानी और क्षतिग्रस्त सुरंगें बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। इसके बावजूद टीमें लगातार नए रास्ते तलाश रही हैं। भारत ने नेपाल की मदद बढ़ाई नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में भारत ने भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग बढ़ाया है। भारतीय विशेषज्ञों और राहत सामग्री को नेपाल भेजा गया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की टीमें Rescue, Medical और अन्य जरूरी सेवाओं में सहायता कर रही हैं। फिलहाल नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और पहाड़ी इलाकों में नए Landslide और Flood के खतरे से निपटना है। Trishuli Tunnel से नौ दिन बाद दो लोगों का जिंदा निकलना इस त्रासदी के बीच उम्मीद की एक किरण जरूर लेकर आया है। अब Rescue Teams की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
PM Modi

Teachers Day 2026: PM Modi ने Award-Winning Teachers से की बात, Public Speaking पर भी हुई चर्चा

शिक्षक सिर्फ किताबों का ज्ञान नहीं देते, बल्कि बच्चों के अंदर आत्मविश्वास और बेहतर सोच भी पैदा करते हैं। Teachers’ Day से पहले PM Modi ने National Teachers’ Award 2026 के लिए चुने गए शिक्षकों और educators से मुलाकात की। इस दौरान पढ़ाई के तरीकों से लेकर बच्चों की बदलती आदतों तक कई मुद्दों पर बातचीत हुई। मुलाकात के दौरान माहौल काफी सहज नजर आया। प्रधानमंत्री मोदी ने शिक्षकों से उनके अनुभव जानने के साथ यह भी समझने की कोशिश की कि वे बच्चों को पढ़ाई से जोड़ने के लिए किस तरह के नए तरीके अपना रहे हैं। PM Modi ने पूछा- Public से कैसे करें बात? बातचीत के दौरान Public Speaking और लोगों के सामने अपनी बात रखने का मुद्दा भी सामने आया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस बारे में सवाल किया तो एक महिला Teacher ने सीधा जवाब दिया कि लोगों के सामने प्रभावी तरीके से बात करने के लिए सबसे जरूरी चीज Confidence यानी आत्मविश्वास है। उनकी यह बात छोटी जरूर थी, लेकिन Public Speaking को लेकर एक बड़ा संदेश देती है। किसी भी मंच पर अपनी बात रखने के लिए केवल जानकारी होना ही काफी नहीं है, बल्कि उसे भरोसे और स्पष्टता के साथ सामने रखना भी जरूरी है। Teachers ने PM Modi को बताए अपने Innovative Ideas प्रधानमंत्री मोदी ने Award-winning Teachers से उनके Teaching Experience और Classroom में अपनाए जा रहे नए प्रयोगों के बारे में भी जाना। शिक्षकों ने बताया कि वे बच्चों के लिए पढ़ाई को आसान और दिलचस्प बनाने के लिए अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। आज के समय में सिर्फ किताब और ब्लैकबोर्ड तक सीमित पढ़ाई बच्चों को हमेशा आकर्षित नहीं करती। ऐसे में कई शिक्षक Technology, Practical Activities और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े उदाहरणों की मदद से विषयों को समझाने की कोशिश कर रहे हैं। बच्चों में Screen Addiction को लेकर भी चर्चा PM Modi ने बच्चों में बढ़ते Screen Time और Digital Addiction को लेकर भी शिक्षकों से चर्चा की। उन्होंने बच्चों को खेल, Physical Activities और रचनात्मक कामों से जोड़ने की जरूरत पर जोर दिया। साथ ही युवा छात्रों में नशे की समस्या को लेकर शिक्षकों को सतर्क रहने की बात भी कही गई। प्रधानमंत्री ने शिक्षकों की भूमिका को केवल Classroom तक सीमित नहीं माना। बच्चों के व्यवहार, उनकी आदतों और मानसिक-सामाजिक विकास में भी शिक्षक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 5 सितंबर को 48 Teachers को National Award Teachers’ Day के मौके पर 5 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 48 स्कूल शिक्षकों को National Teachers’ Awards प्रदान करेंगी। इन शिक्षकों का चयन देशभर से एक निर्धारित और पारदर्शी प्रक्रिया के जरिए किया गया है। National Teachers’ Awards का मकसद ऐसे शिक्षकों को पहचान और सम्मान देना है, जिन्होंने पढ़ाई को बेहतर बनाने के साथ विद्यार्थियों पर सकारात्मक प्रभाव डाला है। यह पुरस्कार हर साल Teachers’ Day पर शिक्षकों के योगदान को सम्मानित करने के लिए दिए जाते हैं। PM Modi की Teachers से मुलाकात का संदेश प्रधानमंत्री और शिक्षकों की इस मुलाकात में एक बात साफ तौर पर सामने आई—एक अच्छा Teacher सिर्फ पाठ नहीं पढ़ाता, बल्कि बच्चों को जीवन के लिए तैयार करता है। चाहे Public Speaking में Confidence की बात हो या Classroom में नए Teaching Methods अपनाने की, बदलते समय के साथ शिक्षकों की भूमिका भी लगातार व्यापक हो रही है। Teachers’ Day से पहले हुई यह मुलाकात इसी बदलाव और शिक्षकों के योगदान को रेखांकित करती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Ujjain

Ujjain में बनेगी Malakhamb Academy, 111 करोड़ के Project से खिलाड़ियों को मिलेंगी World-Class सुविधाएं

मध्यप्रदेश के मलखंब खिलाड़ियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। प्रदेश सरकार Ujjain में एक ऐसी Malakhamb और Gymnastics Academy विकसित करने की तैयारी में है, जहां खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण के साथ आधुनिक सुविधाएं भी मिलेंगी। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग के प्रयासों से तैयार किए गए प्रस्ताव के मुताबिक, करीब 20 एकड़ जमीन पर इस अकादमी को विकसित किया जाएगा। अकादमी में खिलाड़ियों के लिए खेल अधोसंरचना, हॉस्टल, आधुनिक उपकरण, फिटनेस सेंटर, फिजियोथेरेपी और खेल विज्ञान से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इसका मकसद प्रदेश की युवा मलखंब प्रतिभाओं को कम उम्र से ही बेहतर ट्रेनिंग देकर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करना है। 111 करोड़ रुपये से ज्यादा का प्रस्ताव प्रस्तावित मलखंब एवं जिम्नास्टिक अकादमी के निर्माण पर करीब 86 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। वहीं वर्ष 2026-27 से 2028-29 तक अकादमी के संचालन के लिए लगभग 25.33 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। इस तरह निर्माण और संचालन को मिलाकर परियोजना की कुल प्रस्तावित लागत करीब 111.33 करोड़ रुपये बताई गई है। खिलाड़ियों को सिर्फ Training नहीं, पूरी सुविधा मिलेगी इस अकादमी की खास बात यह होगी कि खिलाड़ियों को केवल मलखंब की ट्रेनिंग तक सीमित सुविधाएं नहीं मिलेंगी। यहां हॉस्टल, आधुनिक खेल उपकरण, फिटनेस, फिजियोथेरेपी और Sports Science आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। सरकार का जोर ऐसे Training Environment पर है, जहां खिलाड़ियों की तकनीक के साथ उनकी फिटनेस और खेल प्रदर्शन पर भी लगातार काम किया जा सके। 70 खिलाड़ियों को मिलेगा मौका प्रस्ताव के अनुसार अकादमी में कुल 70 खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनमें: शामिल होंगे। यानी कुल 50 खिलाड़ी बोर्डिंग और 20 खिलाड़ी डे-बोर्डिंग व्यवस्था में रहेंगे। खिलाड़ियों का चयन Talent Search के माध्यम से किए जाने का प्रस्ताव है। Academy शुरू होने से पहले उज्जैन में शुरू होगी Training स्थायी अकादमी की इमारत तैयार होने में समय लगने के दौरान भी खिलाड़ियों की ट्रेनिंग को रोका नहीं जाएगा। वर्ष 2026-27 और 2027-28 में अकादमी को राजमाता खेल परिसर, तानाखेड़ा, उज्जैन में डे-बोर्डिंग मॉडल पर संचालित करने का प्रस्ताव है। इस शुरुआती चरण में कुल 40 खिलाड़ियों को प्रवेश देने की योजना है। इनमें 30 बालक और 10 बालिकाएं शामिल होंगी। उज्जैन से बाहर के चयनित खिलाड़ियों के लिए विभाग की ओर से आवास की व्यवस्था करने का भी प्रस्ताव है। Expert Coaches के साथ Sports Science पर रहेगा फोकस नई अकादमी में खिलाड़ियों को आधुनिक और उच्च तकनीकी प्रशिक्षण देने की तैयारी है। इसके लिए उच्च तकनीकी सलाहकार और विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की सेवाएं अनुबंध के आधार पर लेने का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। डे-बोर्डिंग व्यवस्था में खिलाड़ियों को प्रशिक्षकों के साथ फिजियोथेरेपिस्ट और मसाजर की सुविधा भी उपलब्ध कराने की योजना है। इसमें एक महिला फिजियोथेरेपिस्ट और दो मसाजर—एक महिला तथा एक पुरुष—का प्रावधान प्रस्तावित है। मंत्री विश्वास सारंग बोले- प्रतिभाओं को मिलेगा बड़ा मंच खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग के मुताबिक मध्यप्रदेश में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। जरूरत सिर्फ इतनी है कि इन खिलाड़ियों को सही समय पर आधुनिक सुविधाएं, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और बेहतर अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि मलखंब मध्यप्रदेश की गौरवशाली खेल परंपरा का हिस्सा है और प्रदेश के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित की है। प्रस्तावित अकादमी के जरिए खिलाड़ियों को शुरुआती उम्र से वैज्ञानिक और तकनीकी प्रशिक्षण देने पर जोर रहेगा। मंत्री के अनुसार लक्ष्य यह है कि मध्यप्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी प्रदेश और देश का नाम रोशन करें। Khelo India में MP के Malakhamb खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन मलखंब अकादमी की जरूरत इसलिए भी महसूस की गई क्योंकि मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने हाल के वर्षों में राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन किया है। Khelo India Youth Games 2025, बिहार में मध्यप्रदेश के मलखंब खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 10 पदक जीते। इनमें 7 Gold, 2 Silver और 1 Bronze Medal शामिल रहे। इस प्रदर्शन ने एक बार फिर दिखाया कि प्रदेश में मलखंब की प्रतिभाओं की मजबूत नींव मौजूद है। अब नई अकादमी के जरिए इन खिलाड़ियों को लगातार और बेहतर प्रशिक्षण देने की दिशा में काम किया जा रहा है। उज्जैन बन सकता है Malakhamb Talent Hub अकादमी के संचालन और निगरानी की जिम्मेदारी जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी, उज्जैन को देने का प्रस्ताव है। शुरुआत में विभाग में उपलब्ध स्टाफ के जरिए अकादमी की दैनिक गतिविधियां संचालित की जाएंगी। उज्जैन जिले के लिए कुल 12 पद स्वीकृत किए गए हैं। इनमें संभागीय खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी, जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी, लेखापाल, सहायक ग्रेड-2, सहायक ग्रेड-3 और भृत्य के पद शामिल हैं। खिलाड़ियों के लिए नई उम्मीद उज्जैन में प्रस्तावित Malakhamb Academy सिर्फ एक नई खेल सुविधा नहीं, बल्कि प्रदेश की युवा प्रतिभाओं के लिए आगे बढ़ने का बड़ा रास्ता बन सकती है। अभी जहां खिलाड़ी अलग-अलग स्थानों पर प्रशिक्षण लेते हैं, वहीं भविष्य में उन्हें एक ही जगह पर ट्रेनिंग, फिटनेस, आवास और Sports Science जैसी सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। अगर प्रस्तावित योजना अपने स्वरूप में आगे बढ़ती है, तो उज्जैन आने वाले समय में मध्यप्रदेश की मलखंब प्रतिभाओं की नई नर्सरी और प्रमुख Training Hub के रूप में अपनी पहचान बना सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
India-Belgium

India-Belgium Partnership: जोरावर Tank बना नई दोस्ती की पहचान, कई अहम MoU पर सहमति

India-Belgium के रिश्तों में गुरुवार को एक अहम पड़ाव जुड़ गया। बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर भारत दौरे पर पहुंचे, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक हुई। बातचीत के बाद दोनों देशों ने Defence, Clean Energy, Critical Minerals, Semiconductor, Maritime Cooperation और व्यापार जैसे कई क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक के बाद कहा कि भारत और बेल्जियम के संबंध अब केवल पारंपरिक व्यापार तक सीमित नहीं हैं। दोनों देश अब Defence और Clean Energy जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में भी तेजी से साथ आ रहे हैं। इसी दौरान पीएम मोदी ने जोरावर Tank का भी जिक्र किया। जोरावर Tank ने बढ़ाया Defence Cooperation भारत के लिए पहाड़ी और कठिन इलाकों में इस्तेमाल होने वाला हल्का जोरावर टैंक Defence Sector का अहम प्रोजेक्ट है। पीएम मोदी ने भारत-बेल्जियम सहयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देश आधुनिक रक्षा उपकरणों के क्षेत्र में साथ काम कर रहे हैं। दोनों देशों के बीच Military Exchanges और Training Cooperation बढ़ाने पर भी सहमति बनी है। इससे भारतीय और बेल्जियम की सेनाओं के बीच संपर्क और अनुभव साझा करने के अवसर बढ़ेंगे। हालांकि, जोरावर टैंक को लेकर इसे सीधे तौर पर कोई अलग Tank Purchase Deal कहना सही नहीं होगा। इस प्रोजेक्ट का उल्लेख दोनों देशों के बढ़ते Defence और Technology Cooperation के उदाहरण के तौर पर किया गया है। Clean Energy में भी नई Partnership Defence के साथ-साथ Green Energy भारत-बेल्जियम सहयोग का एक और बड़ा क्षेत्र बनकर सामने आया है। दोनों देशों ने Renewable Energy के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौता किया है। पीएम मोदी ने आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में विकसित हो रहे Green Ammonia Project का भी जिक्र किया। भारत की बढ़ती Clean Energy जरूरतों और बेल्जियम की तकनीकी क्षमता को देखते हुए यह Partnership आने वाले समय में काफी अहम हो सकती है। Critical Minerals और Semiconductor पर नजर आज की Technology Economy में Critical Minerals और Semiconductor की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में भारत और बेल्जियम ने इन क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है। दोनों देश Critical Minerals की Processing और Recycling में मिलकर काम करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। वहीं Semiconductor Sector में बेल्जियम की तकनीकी विशेषज्ञता और भारत के बड़े Manufacturing Ecosystem को जोड़ने पर जोर दिया गया है। खास तौर पर बेल्जियम के प्रसिद्ध Research Institute IMEC और भारत के Semiconductor Ecosystem के बीच सहयोग बढ़ाने की संभावना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 5 साल में Double हो सकता है Bilateral Trade बैठक में आर्थिक रिश्तों को लेकर भी बड़ा लक्ष्य सामने आया। भारत और बेल्जियम अगले पांच वर्षों में Bilateral Trade को दोगुना करने की दिशा में काम करेंगे। भारत और बेल्जियम के बीच व्यापार में Diamond Industry की लंबे समय से बड़ी भूमिका रही है। बेल्जियम का एंटवर्प शहर दुनिया के प्रमुख Diamond Trading Hubs में शामिल है और यहां भारतीय कारोबारियों की भी मजबूत मौजूदगी है। अब दोनों देश इस पुराने व्यापारिक रिश्ते को Defence, Technology, Energy और Critical Minerals जैसे नए क्षेत्रों से जोड़ना चाहते हैं। Maritime और Startup Sector में भी बढ़ेगा सहयोग भारत और बेल्जियम के बीच सहयोग का दायरा केवल Defence और Trade तक नहीं रहेगा। दोनों देशों ने Maritime Sector में Capacity Building और Startups के बीच संपर्क बढ़ाने पर भी सहमति जताई है। इसके अलावा Cybercrime से मुकाबला, Diplomatic Training और अन्य क्षेत्रों में भी सहयोग को मजबूत करने के लिए समझौते किए गए हैं। दोनों देश Migration and Mobility Partnership Agreement को जल्द पूरा करने की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं। इससे दोनों देशों के बीच छात्रों, Professionals और लोगों के आवागमन से जुड़े अवसरों को बढ़ावा मिल सकता है। Terrorism पर भारत-बेल्जियम का एक सुर बैठक में आतंकवाद और दुनिया में चल रहे विभिन्न संघर्षों पर भी चर्चा हुई। भारत और बेल्जियम ने आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देश Dialogue और Diplomacy के जरिए विवादों के शांतिपूर्ण समाधान में विश्वास रखते हैं। वैश्विक स्तर पर बढ़ती अस्थिरता के बीच भारत और बेल्जियम के बीच रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया गया। भारत-बेल्जियम रिश्तों की पुरानी कहानी पीएम मोदी ने दोनों देशों के ऐतिहासिक रिश्तों का भी जिक्र किया। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान बेल्जियम में भारतीय सैनिकों के योगदान और बलिदान को याद करते हुए उन्होंने कहा कि भारत और बेल्जियम के संबंध काफी पुराने हैं। बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर की यह पहली आधिकारिक भारत यात्रा है। एंटवर्प के मेयर के तौर पर उनका भारत और भारतीय समुदाय से पहले भी संपर्क रहा है। अब Diamond Trade से आगे बढ़ रही दोस्ती भारत और बेल्जियम की दोस्ती की पहचान लंबे समय तक Diamond Trade से जुड़ी रही है। लेकिन बदलती दुनिया में दोनों देशों के रिश्ते अब एक बड़े दायरे में फैल रहे हैं। जोरावर Tank से Defence Cooperation, Green Energy से Critical Minerals और Semiconductor से Bilateral Trade तक, भारत और बेल्जियम कई नए क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। पीएम मोदी और बार्ट डी वेवर की बैठक को इसी बदलती Partnership की एक अहम कड़ी माना जा रहा है। आने वाले वर्षों में अगर इन समझौतों और सहयोग योजनाओं को जमीन पर तेजी से उतारा जाता है, तो भारत-बेल्जियम संबंध आर्थिक रिश्तों से आगे बढ़कर एक मजबूत Strategic Partnership का रूप ले सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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