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कांग्रेस नेता राहुल गांधी सनातन धर्म से बहिष्कृत! शंकराचार्य ने सुनाया बड़ा फैसला

Breaking: Shankaracharya Expels Rahul Gandhi from Sanatan Dharma, Here’s Why उत्तराखंड के बद्रीनाथ स्थित ज्योतिर्मठ से सनातन धर्म को लेकर एक बड़ा बयान सामने आया है। ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को हिंदू धर्म से सार्वजनिक रूप से बहिष्कृत करने की घोषणा कर दी है। शंकराचार्य का आरोप है कि राहुल गांधी ने संसद में मनुस्मृति के खिलाफ जो टिप्पणी की, उससे संपूर्ण सनातन धर्मावलंबियों की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि संसद में राहुल गांधी ने कहा कि “बलात्कारी को बचाने का फॉर्मूला संविधान में नहीं, आपकी किताब में है” — जो सीधा मनुस्मृति को लेकर कहा गया माना गया। पहले दी गई थी चेतावनी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के अनुसार, राहुल गांधी को तीन महीने पहले एक नोटिस भेजा गया था, जिसमें पूछा गया था कि उन्होंने जो बात मनुस्मृति के बारे में कही, वह ग्रंथ में कहां लिखी है? लेकिन राहुल गांधी की ओर से न कोई जवाब आया और न ही उन्होंने क्षमा याचना की। सार्वजनिक बहिष्कार की घोषणा इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए, शंकराचार्य ने अब औपचारिक रूप से राहुल गांधी को सनातन धर्म से बहिष्कृत करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि “जो व्यक्ति धर्म ग्रंथों का सार्वजनिक रूप से अपमान करे और पश्चाताप भी न करे, वह हिंदू नहीं रह सकता।” क्या है आगे की राह? यह बयान राजनीतिक और धार्मिक दोनों ही स्तरों पर बड़ी बहस का कारण बन गया है। सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। सवाल उठ रहे हैं कि क्या धार्मिक संस्थाओं को किसी राजनेता को धर्म से बहिष्कृत करने का अधिकार है? और क्या राहुल गांधी को अब सफाई देनी चाहिए? देश हरपल इस मुद्दे पर होने वाले हर अपडेट को आप तक पहुंचाता रहेगा।
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India Pakistan tension

War Before War: भारत की स्ट्रैटेजिक स्ट्राइक से बिना लड़े ही कंगाल हो रहा Pakistan

नई दिल्ली: पहलगाम आतंकी हमले (Pahalgam Terror Attack) के बाद भारत ने पाकिस्तान को जवाब देने के लिए जो रणनीति बनाई है, वो किसी मिसाइल या बम से कम नहीं है। ये ‘वॉटर स्ट्राइक’ और ‘फाइनेंशियल स्ट्राइक’ इतनी असरदार साबित हो रही हैं कि पाकिस्तान युद्ध लड़े बिना ही आर्थिक रूप से थकने लगा है। भारत ने सबसे पहले सिंधु जल समझौते (Indus Water Treaty) पर पुनर्विचार शुरू कर दिया और पाकिस्तान के साथ व्यापारिक रिश्तों को ठंडे बस्ते में डाल दिया। इससे पाकिस्तान को दोहरी मार पड़ी – एक तो पानी का दबाव और दूसरा व्यापारिक घाटा। हर दिन जल रहा अरबों का इंधन:एक रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान हर रोज़ करीब 4 अरब पाकिस्तानी रुपये सिर्फ बॉर्डर अलर्ट पर खर्च कर रहा है। यानी न युद्ध हुआ, न गोली चली, लेकिन आर्थिक नालियों में उसका खजाना बहता जा रहा है। सिर्फ ‘अलर्ट’ रहने के लिए इतनी बड़ी कीमत चुकानी पड़ रही है। चीन ने भी बनाई दूरी:जहां पहले चीन पाकिस्तान का सबसे करीबी रणनीतिक साझेदार माना जाता था, अब उसी चीन ने धीरे-धीरे दूरी बनानी शुरू कर दी है। बेल्ट एंड रोड प्रोजेक्ट ठंडे पड़ चुके हैं और आर्थिक मदद की गारंटी भी नहीं दी जा रही। परमाणु की धमकी… लेकिन जेब खाली:पाकिस्तान की ओर से अक्सर परमाणु हमले की धमकियां दी जाती हैं, लेकिन जिस देश की जेब पहले से ही खाली हो और IMF की शर्तों पर बंधा हो, वो युद्ध की भारी कीमत कैसे चुका पाएगा? यही बड़ा सवाल है। भारत की ‘War Before War’ रणनीति:भारत ने बिना सीमा लांघे, पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था और सैन्य ऊर्जा को कमज़ोर करने की रणनीति पर अमल शुरू कर दिया है। यही है असली ‘War Before War’ – जिसमें दुश्मन खुद ही थककर मैदान छोड़ दे।
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Pahalgam Terror Attack

Pahalgam Attack: इसी महिला की बहादुरी से सामने आया आतंकी का चेहरा

​ जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए भीषण आतंकी हमले में 26 निर्दोष पर्यटकों की जान चली गई। इस हमले में एक बहादुर महिला की सूझबूझ और साहस ने आतंकियों की पहचान में अहम भूमिका निभाई।​ 📸 महिला ने खींची आतंकी की तस्वीर Pahalgam Attack के दौरान, जब गोलियों की बौछार से लोग इधर-उधर भाग रहे थे, तब एक महिला ने साहस दिखाते हुए हमलावर की तस्वीर अपने मोबाइल फोन से खींच ली। इस तस्वीर में आतंकी का चेहरा स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है, जिससे सुरक्षा एजेंसियों को उनकी पहचान करने में मदद मिली। इस महिला की बहादुरी की सराहना पूरे देश में हो रही है।​ 🕵️‍♂️ आतंकियों की पहचान और जांच सुरक्षा एजेंसियों ने हमले के पीछे तीन आतंकियों की पहचान की है: असीफ फूजी, सुलेमान शाह और अबू तल्हा। ये सभी आतंकी लश्कर-ए-तैयबा के सहयोगी संगठन “द रेजिस्टेंस फ्रंट” (TRF) से जुड़े हुए हैं। हमलावरों ने बायसरण घाटी में पर्यटकों पर अंधाधुंध फायरिंग की, जिसमें कई लोग मारे गए और घायल हुए। ​ 🌍 अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और भारत की कार्रवाई हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है। भारत ने पाकिस्तान के नागरिकों के वीजा रद्द कर दिए हैं और कूटनीतिक स्तर पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमले की निंदा करते हुए दोषियों को सजा दिलाने का संकल्प लिया है। ​ 🧭 निष्कर्ष पहलगाम आतंकी हमले में महिला की बहादुरी ने आतंकियों की पहचान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस घटना ने एक बार फिर साबित किया है कि आम नागरिकों की सतर्कता और साहस से आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में मदद मिल सकती है।​
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Pahalgam Terror Attack

Cross-Border Marriage Crisis: अब फस गयी पाकिस्तान में ब्याही महिलाएं

नई दिल्ली।Pahalgam Terror Attack के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्तों की खाई और चौड़ी हो गई है। इस बार सिर्फ राजनयिक बयानबाज़ी नहीं हुई, Diplomatic Fallout इतना गहरा है कि दोनों देशों की सरकारों ने एक-दूसरे के नागरिकों को फौरन देश छोड़ने का आदेश दे दिया है। लेकिन इस एक फैसले ने एक अनदेखी Fault Line को सबके सामने उजागर कर दिया है—उन भारतीय महिलाओं की, जिन्होंने पाकिस्तानियों से शादी की थी। इनमें से अधिकांश महिलाएं जम्मू-कश्मीर और उत्तर भारत के अन्य हिस्सों से हैं, जो कभी प्यार तो कभी धोखे में सीमा पार चली गई थीं। अब जबकि दोनों देशों के बीच तनातनी चरम पर है, तो पाकिस्तान सरकार ने उन्हें वापसी देने से इनकार कर दिया है। भारत सरकार की तरफ से उन्हें अपने वीज़ा या निवास को लेकर स्पष्ट निर्देश नहीं मिल रहे हैं, जिससे वे Legal Limbo में फंस गई हैं। Cross-Border Marriage Crisis: पाकिस्तान से रिश्ता, भारत में शक भारत में इन महिलाओं को दोहरी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है—एक तरफ वे कानूनी मान्यता के लिए संघर्ष कर रही हैं, वहीं दूसरी तरफ उन पर पाकिस्तानी जासूसी एजेंसियों से जुड़े होने का शक किया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि ऐसे मामलों में महिलाएं कई बार अनजाने में या मजबूरी में Spy Tools बन जाती हैं। Social और National Security Concern बनती महिलाएंजानकारों का मानना है कि ऐसे मामलों में कई बार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI इन महिलाओं का इस्तेमाल ‘स्लीपर सेल’ या ‘soft espionage’ के लिए करती है। उन्हें भारत भेज कर संवेदनशील इलाकों में बसाया जाता है।जब ये महिलाएं लौटती हैं, तो उनके पास Pakistan की रहन-सहन, नेटवर्क और विचारधारा का असर होता है, जो आगे जाकर भारत की सुरक्षा नीति के लिए चिंता बन सकता है।
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Pakistan Terror Support Confession

Pakistan Terror Support Confession पाक के रक्षा मंत्री ने खुद कबूली 30 साल की गलती

Pakistan Terror Support Confession डेस्क रिपोर्ट।“Terror Support”, “Freedom Fighters”, “Nuclear Threats” – ये तीन keywords पिछले 24 घंटे में पाकिस्तान की राजनीति और अंतरराष्ट्रीय छवि पर सबसे बड़ा सवाल बनकर उभरे हैं। एक ओर पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने British चैनल ‘The Sky’ को दिए इंटरव्यू में ये कबूल किया कि उनका देश 30 सालों से आतंकियों को ट्रेनिंग देता रहा है और ये सब अमेरिका और पश्चिमी देशों के कहने पर किया गया, वहीं दूसरी ओर विदेश मंत्री इशाक डार ने आतंकियों को ‘स्वतंत्रता सेनानी’ बताकर एक नया विवाद खड़ा कर दिया। ❝ Terrorism को पालना एक बड़ी गलती थी, अब हम उसकी सज़ा भुगत रहे – ख्वाजा आसिफ ❞ ब्रिटिश एंकर यल्दा हकीम के एक तीखे सवाल के जवाब में रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ(Khawaja Asif) ने स्वीकार किया कि पाकिस्तान ने वैश्विक शक्तियों के कहने पर कई आतंकी गुटों को सपोर्ट किया और ये गंदा काम 30 साल तक चलता रहा। उन्होंने माना कि अगर पाकिस्तान ने 1980 के दशक में सोवियत यूनियन के खिलाफ जंग में दखल न दिया होता और 9/11 के बाद अमेरिका के साथ जुड़कर आतंक के खिलाफ लड़ाई न लड़ी होती, तो आज उनका देश ‘बेदाग’ होता। आसिफ ने साफ कहा – “हमने एक बहुत बड़ी भूल की और अब इसकी सजा भुगत रहे हैं। पाकिस्तान को एक मोहरे की तरह इस्तेमाल किया गया।” ❝ Nuclear Powers के बीच Conflict दुनिया के लिए खतरा – पाकिस्तान ❞ कश्मीर के पहलगाम में हुए हालिया आतंकी हमले को लेकर जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा, तो ख्वाजा आसिफ ने चेतावनी दी कि “अगर भारत ने कोई एक्शन लिया, तो पाकिस्तान जवाब देने को मजबूर होगा।”उन्होंने कहा – “हमारे पास कोई और विकल्प नहीं रहेगा। दोनों देश परमाणु शक्ति संपन्न हैं, इसलिए दुनिया को इस टकराव से डरना चाहिए।”हालांकि उन्होंने ये उम्मीद भी जताई कि मामला बातचीत से सुलझ सकता है। ❝ TRF और LeT? हमें तो नाम भी नहीं पता – पाकिस्तान ❞ जब इंटरव्यू में उनसे पूछा गया कि क्या TRF यानी ‘The Resistance Front’ लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा है, तो उन्होंने कहा कि उन्होंने इस नाम को पहली बार सुना है। और फिर लश्कर-ए-तैयबा को ही ‘पुराना और अप्रासंगिक’ बता दिया। ❝ ये आतंकी नहीं, Freedom Fighters हो सकते हैं – विदेश मंत्री इशाक डार ❞ दूसरी तरफ पाकिस्तान के विदेश मंत्री और डिप्टी PM इशाक डार (Iswhaq Dar ) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जो कहा, उसने आग में घी डालने का काम किया। उन्होंने कहा – “हमें शुक्रगुजार होना चाहिए कि ये लोग फ्रीडम फाइटर्स भी हो सकते हैं। हमें नहीं पता ये कौन हैं, पर भारत हमेशा अपनी नाकामी का दोष पाकिस्तान पर डालता है।” उन्होंने भारत की तरफ से मिले सबूतों की मांग करते हुए कहा कि “अगर उनके पास कुछ है, तो दुनिया के सामने पेश करें।” साथ ही उन्होंने बांग्लादेश और अफगानिस्तान की अपनी यात्राएं रद्द कर दी हैं ताकि इस मसले पर कूटनीतिक प्रतिक्रिया तैयार की जा सके। 🔴 निष्कर्ष: पाकिस्तान की सरकार के दो शीर्ष मंत्रियों ने इस पूरे मामले में जो बयान दिए हैं, उसने उसकी विदेश नीति, आंतरिक स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय छवि पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर आतंकियों को 30 साल तक समर्थन देने की स्वीकारोक्ति और दूसरी ओर उन्हें ‘फ्रीडम फाइटर’ कहने की कोशिश – यह स्पष्ट करता है कि पाकिस्तान आज भी उस दोराहे पर खड़ा है, जहाँ उसे तय करना होगा कि वह आतंक का साथ देगा या शांति का। 👉 अधिक अपडेट्स के लिए जुड़े रहें Desh Harpal से।
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Indo -Pak Tension-LoC Firing: पाकिस्तान की हरकतों से बढ़ा तनाव , Indian Army का करारा जवाब

नई दिल्ली/श्रीनगर। LoC firing के जरिए पाकिस्तान ने एक बार फिर अपनी बौखलाहट का प्रदर्शन किया है। गुरुवार देर रात जम्मू-कश्मीर में Line of Control (LoC) के कई क्षेत्रों में पाकिस्तानी सेना ने छोटे हथियारों से अकारण फायरिंग की। हालांकि, Indian Army ने इस कायराना हरकत का मुंहतोड़ जवाब दिया। पाकिस्तानी सेना की इस नापाक कोशिश में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन दोनों देशों के बीच पहले से चल रहा तनाव और गहरा गया है। खासकर Pahalgam Attack के बाद पाकिस्तान की घबराहट और बढ़ गई है, और वह Indian retaliation से डरा हुआ है। इसी डर के चलते वह नियंत्रण रेखा पर उकसावे की कार्रवाई कर रहा है। Pahalgam Attack के बाद से LoC पर मूवमेंट तेज सेना से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, Indian Army ने नियंत्रण रेखा पर हुई गोलीबारी का “सटीक और प्रभावी” जवाब दिया है। गुरुवार रात को पुंछ और राजौरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में पाकिस्तान ने अचानक गोलीबारी शुरू की, लेकिन भारत ने अपने अनुभव और रणनीति के बल पर उसे शांत कर दिया। यह घटना ऐसे समय पर हुई है जब पहुलगाम आतंकी हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की मौत के बाद देश में आक्रोश है और केंद्र सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ zero tolerance की नीति अपनाई है। Indian Army की सतर्कता और रणनीतिक जवाब पाकिस्तान की इस हरकत से यह साफ है कि वह भारत को अस्थिर करने के अपने प्रयासों से बाज नहीं आ रहा है। Indian defence forces पहले से ही हाई अलर्ट पर हैं और ऐसी किसी भी हरकत का तुरंत और करारा जवाब देने को तैयार हैं। सेना के एक अधिकारी ने बताया, “हमारे जवान हर मोर्चे पर सतर्क हैं। LoC पर शांति भंग करने की किसी भी कोशिश का जवाब दिया जाएगा और पाकिस्तान को उसकी भाषा में समझाया जाएगा।” Indo -Pak Tension , लेकिन नियंत्रण में है स्थिति इस घटना के बाद सीमावर्ती गांवों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां मिलकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। वहीं, नागरिकों से अफवाहों से बचने और सुरक्षाबलों का सहयोग करने की अपील की गई है। Desh Harpal की राय:LoC पर पाकिस्तान की यह हरकत उसकी हताशा को दर्शाती है। भारत ने जिस तरह से हर हमले का जवाब संयम और ताकत से दिया है, वह देश की सैन्य क्षमता और रणनीतिक दृढ़ता का प्रमाण है। ऐसे समय में जनता को चाहिए कि वह सेना और सरकार पर भरोसा बनाए रखे, क्योंकि जवाब सिर्फ बंदूक से नहीं, बल्कि नीति और रणनीति से भी दिया जा रहा है
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Pahalgam Terror Attack

Pahalgam Terror Attack के बाद Pakistan Army Chief को अपने ही देश में झेलना पड़ा विरोध

📰 Desh Harpal | राष्ट्रीय समाचार इस्लामाबाद और पहलगाम के बीच तनाव की कड़ी जुड़ती दिख रही है। Pahalgam Terror Attack- पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की मौत के बाद, Pakistan Army Chief असीम मुनीर (General Asim Munir) एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। दरअसल, इस हमले से ठीक पाँच दिन पहले उन्होंने इस्लामाबाद में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कश्मीर को लेकर एक उकसावे वाला बयान दिया था, जिसे भारत ही नहीं, अब उनके अपने देश के सोशल मीडिया यूज़र्स भी खारिज कर रहे हैं। मुनीर ने अपने भाषण में कश्मीर को पाकिस्तान की “गर्दन की नस” बताते हुए कहा था, “हम इसे नहीं भूलेंगे और अपने कश्मीरी भाइयों को संघर्ष में अकेला नहीं छोड़ेंगे।” उन्होंने भारत-पाक विभाजन के पीछे दो-राष्ट्र सिद्धांत को भी सही ठहराते हुए कहा, “हमारे पूर्वजों ने पाकिस्तान इसलिए बनाया क्योंकि हम हिंदुओं से पूरी तरह अलग थे – हमारी परंपराएं, धर्म, सोच, और रीति-रिवाज सब अलग हैं।” लेकिन पहलगाम की इस क्रूर घटना ने उनके इस बयान को कटघरे में खड़ा कर दिया है। सोशल मीडिया पर कई पाकिस्तानी यूज़र्स ने उन्हें घेरते हुए पूछा है कि क्या कश्मीर को लेकर इस तरह की भड़काऊ बातें करना ही समाधान है? कई लोगों ने यह भी कहा कि जब पाकिस्तान खुद आंतरिक उथल-पुथल से जूझ रहा है, तब ऐसे बयानों से क्षेत्रीय शांति को खतरा पैदा करना गैर-जिम्मेदाराना है। एक पाकिस्तानी ट्विटर यूजर ने लिखा, “जब मुल्क में खुद रोटी नसीब नहीं हो रही, तब दूसरों की ‘गर्दन की नस’ पकड़ने की बात करना बेवकूफी नहीं तो और क्या है?” वहीं एक और यूजर ने तीखा सवाल दागा, “आपके बयान के बाद ही 26 बेगुनाह लोग मारे गए। क्या ये ‘भाईचारा’ है?” भारत में इस हमले को लेकर ग़ुस्सा है ही, लेकिन अब पाकिस्तान के भीतर से भी असीम मुनीर को जवाब मिलना यह दर्शाता है कि केवल भारत ही नहीं, उनके अपने देशवासी भी अब युद्धोन्माद और धार्मिक ध्रुवीकरण की राजनीति से थक चुके हैं। 📌 Desh Harpal पर पढ़ते रहिए ऐसे ही निर्भीक और राष्ट्रवादी खबरें।
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Pahalgam Attack Live

Pahalgam Attack Live: पाकिस्तान में बंद होगा भारतीय उच्चायुक्त, सिंधु जल समझौता रोका गया

23 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की आपात बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में भारत की सुरक्षा और पाकिस्तान के साथ संबंधों को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय निम्नलिखित हैं:​ यह बैठक लगभग तीन घंटे तक चली और इसमें लिए गए निर्णयों से स्पष्ट है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है।​ पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत के कड़े कदम
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Pahalgam terror attack

Pahalgam Terror Attack में शहीद Navy Officer Lt. Vinay Narwal को पत्नी ने दी अंतिम विदाई, कांप उठी हर आंख

भारतीय नौसेना के OFFICER लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की पत्नी ने अपने पति को भावभीनी विदाई दी, जो पहलगाम आतंकी हमले में शहीद हो गए थे। दोनों की शादी 16 अप्रैल को हुई थी।हाथ जोड़कर विनती कर रही थीं, “मेरे पति को छोड़ दो!” लेकिन क्रूर आतंकियों ने एक न सुनी और गोलियों से भून दिया। इन आसुओं और चीख का जिम्मेदार कौन? Lt. Vinay Narwal की पत्नी के दर्द को और उनकी हालत को देखिए! महज 6 दिन पहले उनकी शादी हुई थी और हनीमून के लिए वे कश्मीर के पहलगाम गए थे।
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Pahalgam terror attack

Pahalgam terror attack: ‘चाय-पंक्चर-ढाबा-पौनी’, क्या इन पर भरोसा बना इंटेलिजेंस चूक

Intelligence Failure in Pahalgam? Sleeper Cells, Local Informants & TRF Network Exposed Pahalgam terror attack- Intelligence Failure एक बार फिर Jammu-Kashmir की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। पहलगाम की बैसरन घाटी में हुए आतंकवादी हमले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आतंकियों के पास सुरक्षा ढांचे, पुलिस मूवमेंट और इलाके की बारीक जानकारियां पहले से मौजूद थीं। मंगलवार दोपहर हुए इस हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई, जबकि 17 लोग घायल हुए। हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की फ्रंट विंग The Resistance Front (TRF) ने ली है। सूत्रों का मानना है कि इस हमले की योजना बड़ी बारीकी से बनाई गई थी। आतंकियों को न सिर्फ गश्त की टाइमिंग की जानकारी थी, बल्कि वे जानते थे कि किस समय सुरक्षा बल मौके पर नहीं होंगे। Sleeper Cells ने आतंकियों को लोकल मूवमेंट, पुलिस चौकी की दूरी और पर्यटकों की मौजूदगी के बारे में पूरी सूचना दी थी। जिन चाय वालों, ढाबा संचालकों, पंक्चर मेकेनिकों और Mule-Pony Operators को आमतौर पर शक के दायरे से बाहर रखा जाता है, वहीं अब सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का कारण बनते जा रहे हैं। इन स्थानीय लोगों को पहचानना मुश्किल होता है, क्योंकि वे क्षेत्रीय भाषा जानते हैं, इलाके के भूगोल से वाकिफ हैं और पर्यटकों के साथ सहजता से घुलमिल जाते हैं। Retired Defence Expert Capt. Anil Gaur का कहना है कि ऐसे Sleeper Cells लंबे समय से घाटी में सक्रिय हैं। साल 2020 में भारतीय खुफिया एजेंसियों ने ISI और जैश-ए-मोहम्मद के एक ऑडियो इंटरसेप्ट से यह खुलासा किया था कि कैसे पंक्चर की दुकानें, ढाबे और चाय स्टॉल आतंकियों के मददगार के रूप में काम कर रहे हैं। सड़क किनारे प्लास्टिक में हथियार छिपाने, संचार यंत्र रखने और क्रॉस फायरिंग के लिए चुनी गई जगहों की प्लानिंग बाकायदा पाकिस्तान की एजेंसियों द्वारा की जाती है। Why this matters now? क्योंकि पहलगाम जैसे संवेदनशील इलाके में इतनी बड़ी संख्या में पर्यटकों की मौजूदगी के बावजूद सुरक्षा बलों की गैरमौजूदगी और आतंकियों की सटीक रणनीति दर्शाती है कि ground intelligence बुरी तरह फेल हुई है। सुरक्षा बलों के विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि हमले के वक्त कोई क्रॉस फायरिंग नहीं हुई, क्योंकि आस-पास कोई सुरक्षा बल मौजूद ही नहीं था। ये भी देखा गया कि आतंकी घोड़ों, खच्चरों और ढाबों के बीच से निकले, लेकिन इन पर किसी को शक नहीं हुआ। यही नहीं, हमला होने के काफी देर बाद सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे – तब तक आतंकी जंगलों की ओर भाग चुके थे। घटना की एक और चिंताजनक बात यह है कि आतंकी ढाबा संचालकों और उनके कर्मचारियों को टारगेट नहीं कर रहे थे – इसका मतलब साफ है कि वे ‘अपने लोग’ थे या उन्हें पहले से सावधान किया गया था। इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि ऐसी घटनाएं आतंकियों की गहरी local network intelligence की ओर इशारा करती हैं। Conclusion:अब वक्त आ गया है कि Jammu-Kashmir में चाय बेचने वालों, ढाबा संचालकों और घोड़ा-खच्चर वालों पर भी सतर्क नजर रखी जाए। हर ‘Local’ को ‘Friendly’ मान लेना अब महंगा साबित हो सकता है। सुरक्षा एजेंसियों को पुराने खांचे से बाहर आकर Hybrid Militants और Sleeper Informants की पहचान करनी होगी, नहीं तो अगला हमला और भी ज्यादा विनाशकारी हो सकता है।
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बिलासपुर “बादाम कांड” के बाद नया विवाद: NOC के बदले पैसे मांगने का आरोप, वीडियो वायरल

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में चर्चित “बादाम कांड” के बाद एक बार फिर हाउसिंग बोर्ड का दफ्तर सुर्खियों में है। इस बार वरिष्ठ सहायक पूनम बंजारे का एक नया वीडियो सामने आया है, जिसमें उन पर NOC (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) के बदले पैसे मांगने का आरोप लगाया जा रहा है। हालांकि, वीडियो में पूनम बंजारे खुद इन आरोपों से इनकार करती नजर आ रही हैं। वहीं, ऑफिस में बहस और हंगामा भी साफ दिखाई दे रहा है। फिलहाल इस मामले में किसी भी पक्ष ने आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है। नामांतरण के लिए लोगों को काटने पड़ रहे चक्कर जानकारी के मुताबिक, छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के ऑफिस में मकान और फ्लैट खरीदने के बाद नामांतरण (ट्रांसफर) के लिए लोगों को महीनों तक चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। नियमों के अनुसार आवेदन देने के बाद भी फाइलें लंबित रखी जा रही हैं, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। एक महिला ने बताया कि उसने 17 मार्च 2025 को नामांतरण के लिए आवेदन किया था। 11 नवंबर 2025 को आदेश जारी होने के बाद भी उसे राहत नहीं मिली। वीडियो में क्या दिखा? सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक महिला पूनम बंजारे पर NOC देने के बदले पैसे मांगने का आरोप लगा रही है। वहीं, पूनम बंजारे इन आरोपों से साफ इनकार करती दिखती हैं। वीडियो बनते देख वह नाराज हो जाती हैं और ऑफिस में हंगामा करती नजर आती हैं। अधिकारी बोले – शिकायत मिलने पर होगी कार्रवाई हाउसिंग बोर्ड के संपदा अधिकारी एसके शर्मा ने कहा कि उन्हें इस वायरल वीडियो की जानकारी नहीं है।उन्होंने कहा कि अगर इस मामले में कोई शिकायत आती है, तो नियमानुसार जांच कर कार्रवाई की जाएगी। “बादाम कांड” से पहले ही चर्चा में था दफ्तर इससे पहले भी यही हाउसिंग बोर्ड ऑफिस “बादाम कांड” को लेकर चर्चा में आया था। दरअसल, एक युवक तरुण साहू ने नामांतरण के लिए आवेदन किया था। प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी उसकी फाइल उसे नहीं दी गई और वह महीनों तक ऑफिस के चक्कर लगाता रहा। आखिरकार परेशान होकर युवक आधा किलो बादाम लेकर ऑफिस पहुंचा और अधिकारियों की टेबल पर फेंकते हुए कहा—“इसे खाइए, याददाश्त बढ़ेगी… जब मेरी फाइल मिल जाए, तो बता दीजिए।” इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसके बाद विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे थे। 👉 ऐसी ही जमीनी और सच्ची खबरों के लिए विजिट करें: www.deshharpal.com
RBI

RBI ने बदले Auto Debit नियम अब बैंक खाते से पैसे कटने से पहले मिलेगा अलर्ट और ज्यादा कंट्रोल

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने auto-debit यानी e-mandate नियमों में बड़ा बदलाव किया है। यह बदलाव सीधे उन करोड़ों लोगों को प्रभावित करेगा जो EMI, SIP, OTT subscriptions, insurance premium या ऑनलाइन बिल पेमेंट के लिए auto-debit का इस्तेमाल करते हैं। नया सिस्टम डिजिटल पेमेंट को आसान बनाने के साथ-साथ ज्यादा सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए लाया गया है। RBI ने Auto-Debit नियमों में क्या बदला? RBI के नए e-mandate framework के तहत recurring payments को लेकर प्रक्रिया को अपडेट किया गया है, ताकि ग्राहकों को बेहतर सुविधा और कंट्रोल मिल सके। ₹15,000 तक के पेमेंट पर OTP की जरूरत नहीं अब ₹15,000 तक की recurring payments जैसे OTT subscription, मोबाइल बिल, बिजली-पानी बिल आदि पर हर बार OTP डालने की जरूरत नहीं होगी। इससे छोटे-मोटे डिजिटल पेमेंट बिना रुकावट अपने आप हो जाएंगे। बड़ी ट्रांजैक्शन पर सुरक्षा बनी रहेगी ₹15,000 से ज्यादा की किसी भी auto-debit ट्रांजैक्शन पर OTP या अतिरिक्त verification पहले की तरह जरूरी रहेगा। जरूरी सेवाओं के लिए ₹1 लाख तक की सुविधा Insurance premium, mutual fund SIP और credit card बिल जैसे जरूरी payments में ₹1 लाख तक की auto-debit सुविधा मिल सकती है। पेमेंट से पहले 24 घंटे का अलर्ट अनिवार्य अब किसी भी auto-debit से पहले बैंक या कंपनी को ग्राहक को कम से कम 24 घंटे पहले सूचना (notification) देना जरूरी होगा। आम लोगों पर इसका क्या असर पड़ेगा? नए नियमों का असर रोजमर्रा की जिंदगी पर साफ दिखेगा: EMI और SIP जैसी जरूरी सेवाएं बिना रुकावट चलेंगीOTT और subscription payments आसान हो जाएंगेगलत या unauthorized debit का खतरा कम होगाहर transaction की पहले से जानकारी मिलेगीयूजर्स को अपने पैसों पर ज्यादा कंट्रोल मिलेगा हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

सागर में दिल्ली नंबर कार से अवैध शराब बरामद: हादसे के बाद खुला राज, एक गिरफ्तार, 3 फरार

मध्यप्रदेश के सागर जिले में गढ़ाकोटा थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली नंबर की कार से अवैध शराब बरामद की है। खास बात यह है कि यह पूरा मामला एक सड़क हादसे के बाद सामने आया। पुलिस के अनुसार, मंगलवार रात सूचना मिली थी कि चनौआ खुर्द के पास बरखेड़ा गौतम मार्ग पर एक क्षतिग्रस्त कार सड़क किनारे खड़ी है और उसका चालक अंदर फंसा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और चालक को सुरक्षित बाहर निकाला। तलाशी में मिली 9 पेटी देशी शराब जब पुलिस ने कार की तलाशी ली, तो अंदर से 9 पेटी देशी शराब बरामद हुई। इसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कार और शराब को जब्त कर लिया। पकड़े गए चालक ने अपना नाम जोगेंद्र पिता वीरसिंह राजपूत बताया है। हादसे ने खोल दी तस्करी की पोल पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अपने तीन साथियों के साथ सागर से गढ़ाकोटा की ओर शराब लेकर जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिससे पूरी साजिश सामने आ गई। एक गिरफ्तार, 3 आरोपी फरार गढ़ाकोटा थाना प्रभारी शुभम दुबे ने बताया कि आरोपी जोगेंद्र को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। वहीं, उसके तीन साथी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। 👉 ऐसी ही ताजा और सटीक खबरों के लिए विजिट करें www.deshharpal.com

जबलपुर में नौकरानी से मारपीट और ठगी: नशा देकर 6.30 लाख निकाले, CCTV में कैद हुई क्रूरता

मध्यप्रदेश के जबलपुर से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक नौकरानी के साथ न सिर्फ बेरहमी से मारपीट की गई, बल्कि साजिश रचकर उसके बैंक खाते से लाखों रुपये भी निकाल लिए गए। घटना आधारताल थाना क्षेत्र की है। पीड़िता पूनम बर्मन ने एएसपी सूर्यकांत शर्मा को शिकायत के साथ CCTV फुटेज भी सौंपे हैं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि मालकिन अंजू पांडे उसे थप्पड़ मार रही है और बाल पकड़कर जमीन पर घसीट रही है। नशा देकर चेक पर साइन करवाए, खाते से निकाले पैसे जानकारी के मुताबिक पूनम, अंजू पांडे के घर काम करती थी। आरोप है कि उसे नशे की गोलियां खिलाकर जबरन चेक पर साइन करवाए गए। इसके बाद उसे कार में बैठाकर बैंक ले जाया गया और खाते से पैसे निकलवा लिए गए। जब पूनम को होश आया और उसने विरोध किया, तो उसके साथ मारपीट की गई। खाते में थे 6.30 लाख रुपए, सब निकाल लिए पीड़िता की बहन हीरा बाई ने बताया कि पूनम के बैंक खाते में करीब 6 लाख 30 हजार रुपए थे, जिन्हें आरोपी ने निकलवा लिया। इतना ही नहीं, उसकी पूरी कमाई और बैंक से जुड़े जरूरी दस्तावेज भी अपने पास रख लिए गए। “पैसे देने से मना किया तो पीटा” पूनम ने बताया कि वह कई महीनों से काम कर रही थी। अचानक उसकी मालकिन ने पैसों की मांग शुरू कर दी। जब उसने मना किया, तो उसके साथ मारपीट की गई और पूरी साजिश के तहत उसके खाते से पैसे निकलवा लिए गए। पुलिस को सौंपी शिकायत, जांच जारी बुधवार को पूनम अपनी बहनों के साथ एसपी कार्यालय पहुंची और पूरे मामले की शिकायत की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि CCTV फुटेज और शिकायत के आधार पर जल्द कार्रवाई की जाएगी। शिवपुरी में भी शर्मनाक घटना इसी तरह का एक और मामला शिवपुरी से सामने आया है, जहां एक बस कंडक्टर ने महिला यात्री को सड़क पर फेंक दिया। महिला का कसूर सिर्फ इतना था कि उसने ज्यादा किराया देने से इनकार किया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कंडक्टर ने महिला के साथ मारपीट की और गालियां दीं। इस दौरान पास खड़ा उसका मासूम बच्चा अपनी मां को छोड़ने की गुहार लगाता रहा, लेकिन कंडक्टर का दिल नहीं पसीजा। 👉 ऐसी ही सच्ची और जमीनी खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
ईरान

Middle East Tension ईरान ने पकड़े दो जहाज, भारत आ रहा पोत भी रोक दिया गया

मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। ईरान ने समुद्री क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो जहाजों को जब्त कर लिया है। इनमें से एक जहाज दुबई से होते हुए भारत की ओर आ रहा था। इस घटना ने न सिर्फ क्षेत्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता बढ़ा दी है। जहाजों की जब्ती से मचा हड़कंप जानकारी के अनुसार, ईरानी सुरक्षा बलों ने खाड़ी क्षेत्र में निगरानी के दौरान दो जहाजों को रोका और अपने कब्जे में ले लिया। बताया जा रहा है कि दोनों जहाजों को संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर रोका गया, हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि उनमें क्या माल लदा था और क्रू मेंबर कौन थे। सबसे अहम बात यह है कि जिन जहाजों में से एक भारत की ओर आ रहा था, उसका रास्ता दुबई से होकर गुजर रहा था, जिससे इस मामले में भारत की भी अप्रत्यक्ष एंट्री हो गई है। India Alert: भारत की नजर स्थिति पर भारत इस पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है। भारतीय एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इस जहाज का कोई सीधा संबंध भारत से जुड़ा है या नहीं। फिलहाल स्थिति को लेकर सावधानी बरती जा रही है। Gulf Region में बढ़ता तनाव यह घटना ऐसे समय पर हुई है जब खाड़ी क्षेत्र पहले से ही भू-राजनीतिक तनाव से गुजर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं समुद्री व्यापार और शिपिंग रूट्स पर सीधा असर डाल सकती हैं। खासकर तेल और जरूरी वस्तुओं की सप्लाई पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। International Reaction भी शुरू इस घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिक्रिया आने लगी है। कई देशों ने समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने की मांग की है ताकि इस तरह की घटनाओं से वैश्विक व्यापार प्रभावित न हो। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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