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Tahawwur Rana Extradition LIVE Updates:दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरा विमान, एनआईए मुख्यालय ले जाया जायेगा

रिपोर्ट: देश हरपल न्यूज़ | तारीख: 30 मार्च 2025 26/11 मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड और भारत के वांछित आतंकवादी तहव्वुर हुसैन राणा को अमेरिका से भारत लाने की लंबी प्रक्रिया के बाद आज आखिरकार प्रत्यर्पित कर लिया गया। राणा को लेकर आ रहा विमान आज सुबह दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लैंड हुआ। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की एक विशेष टीम पहले से एयरपोर्ट पर तैनात थी, जिसने सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच उसे हिरासत में लिया और सीधे एनआईए हेडक्वार्टर ले जायागा । कौन है तहव्वुर राणा? तहव्वुर हुसैन राणा एक पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक है, जो अमेरिका में रह रहा था। उसे अमेरिका में आतंकवाद से जुड़े एक अन्य मामले में दोषी ठहराया गया था। राणा, मुंबई हमलों के मुख्य साजिशकर्ता और लश्कर-ए-तैयबा के ऑपरेटिव डेविड कोलमैन हेडली का करीबी साथी रहा है। हेडली की गवाही के अनुसार, राणा को भारत में हमलों की साजिश की पूरी जानकारी थी और उसने अमेरिकी यात्रा दस्तावेजों के माध्यम से हेडली को भारत में दाखिल होने में मदद की थी। कई वर्षों की कानूनी लड़ाई के बाद हुई प्रत्यर्पण प्रक्रिया भारत सरकार ने 2011 में अमेरिका से राणा के प्रत्यर्पण की मांग की थी, लेकिन अमेरिकी अदालत में इस प्रक्रिया में कई अड़चनें आईं। वर्ष 2020 में अमेरिका में उसे फिर से गिरफ्तार किया गया और आखिरकार अमेरिका की अदालत ने भारत को राणा के प्रत्यर्पण की अनुमति दे दी। इस ऐतिहासिक फैसले के बाद एनआईए ने उसकी कस्टडी के लिए विस्तृत योजना तैयार की। एनआईए मुख्यालय में शुरू होगी पूछताछ राणा को एनआईए के दिल्ली स्थित मुख्यालय में ले जायागा , जहां उससे 26/11 हमलों से जुड़ी विस्तृत पूछताछ की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, राणा से भारत में मौजूद अन्य संभावित आतंकियों और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से उसके संबंधों को लेकर भी पूछताछ की जाएगी। एनआईए की टीम उससे उन तमाम ईमेल, नक्शों, लोकेशनों और साजिश की गहराई तक जुड़ी जानकारी निकालने की कोशिश करेगी, जो अब तक रहस्य में थी। भारत की न्याय प्रणाली के लिए अहम मोड़ तहव्वुर राणा का प्रत्यर्पण भारत की आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। यह संदेश देता है कि भारत अपने नागरिकों पर हमले करने वाले किसी भी आतंकी को छोड़ने वाला नहीं है, चाहे वह दुनिया के किसी भी कोने में क्यों न हो। देश हरपल की टीम इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है। तहव्वुर राणा से पूछताछ के हर अहम अपडेट के लिए हमारे साथ जुड़े रहें। Breaking Updates, राष्ट्रहित की खबरें और हरपल की जानकारी के लिए जुड़े रहें — देश हरपल न्यूज़
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कोल्लम मंदिर में RSS के प्रार्थना गीत को लेकर विवाद: मंदिर कमेटी भंग करने की प्रक्रिया शुरू, पुलिस ने मामला दर्ज किया

कोल्लम, केरल | देश हरपल न्यूज | 8 अप्रैल 2025 कोल्लम जिले के एक मंदिर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का प्रार्थना गीत बजाए जाने को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। घटना चटयमंगलम तालुक के अंतर्गत आने वाले वझाप्पल्ली मंदिर की है, जहां एक कार्यक्रम के दौरान संघ का पारंपरिक गीत “नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे” बजाया गया। इस पर वामपंथी दल सीपीएम और उनके समर्थकों ने तीखी आपत्ति जताई, जिसके चलते विवाद गहराता गया। घटना का विवरण: मंदिर में पारंपरिक अनुष्ठानों के दौरान यह गीत बजाया गया, जिसे कुछ स्थानीय लोगों ने रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इसके बाद सीपीएम कार्यकर्ताओं ने इसे ‘संघीकरण’ का प्रयास करार देते हुए तीव्र विरोध जताया। हालांकि, मंदिर का प्रबंधन देख रही देवस्वंम बोर्ड के अधीनस्थ चटयमंगलम सबग्रुप ऑफिसर दीप्ती ने कहा कि इस घटना को लेकर किसी ने कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है। पुलिस ने दर्ज किया मामला: मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए केरल मंदिर अधिनियम और धार्मिक सौहार्द बनाए रखने से संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस जांच कर रही है कि किसकी अनुमति से यह गीत बजाया गया और क्या इससे मंदिर परंपराओं का उल्लंघन हुआ है। मंदिर कमेटी होगी भंग: केरल ट्रावणकोर देवस्वंम बोर्ड (TDB) ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मंदिर समिति को भंग करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। TDB के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मंदिरों में राजनीतिक या वैचारिक झुकाव के प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जा सकती, चाहे वह किसी भी विचारधारा से संबंधित हो। राजनीतिक प्रतिक्रिया: स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया: स्थानीय लोगों में इस मुद्दे को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं हैं। कुछ लोगों का मानना है कि मंदिरों में इस तरह के गीत बजाना कोई अपराध नहीं है, जबकि कुछ लोगों ने इसे धार्मिक स्थलों का राजनीतिक उपयोग बताया है। 🔗 स्रोत: मातृभूमि समाचार, ANI न्यूज़
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22 की उम्र में बनीं IPS, 28 में दिया इस्तीफा: बिहार की ‘लेडी सिंघम’ काम्या मिश्रा की पूरी कहानी

बिहार कैडर की तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी काम्या मिश्रा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। मात्र 22 साल की उम्र में यूपीएससी परीक्षा पास कर आईपीएस बनीं काम्या ने अब 28 वर्ष की उम्र में अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस फैसले ने न केवल प्रशासनिक हलकों बल्कि आम जनता के बीच भी हलचल मचा दी है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर क्यों एक काबिल और लोकप्रिय अधिकारी ने छह साल की सेवा के बाद पुलिस विभाग को अलविदा कह दिया? आइए जानते हैं उनकी पूरी कहानी। शुरुआत से लेकर आईपीएस बनने तक काम्या मिश्रा बिहार के एक प्रतिष्ठित परिवार से ताल्लुक रखती हैं। शुरू से ही पढ़ाई में अव्वल रहने वाली काम्या ने बेहद कम उम्र में यूपीएससी परीक्षा पास कर देश की सबसे कठिन परीक्षा में अपना लोहा मनवाया। 22 साल की उम्र में जब ज्यादातर युवा अपने करियर की दिशा तय कर रहे होते हैं, तब उन्होंने भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में कदम रख लिया था। बिहार कैडर मिलने के बाद उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिलों में अपनी सेवाएं दीं। उनकी कार्यशैली, बेबाक अंदाज और निष्पक्ष रवैया लोगों के बीच काफी लोकप्रिय रहा। अपराधियों के खिलाफ उनकी सख्त कार्रवाई के चलते लोग उन्हें ‘लेडी सिंघम’ के नाम से बुलाने लगे। पुलिस सेवा में शानदार कार्यकाल काम्या मिश्रा ने बिहार के कई संवेदनशील जिलों में अपनी सेवाएं दीं। अपराध और भ्रष्टाचार पर उनकी कड़ी निगरानी ने उन्हें जनता के बीच खास पहचान दिलाई। महिला सुरक्षा को लेकर किए गए उनके प्रयासों की भी खूब सराहना हुई। उन्होंने कई जिलों में महिला हेल्पलाइन और स्पेशल टास्क फोर्स के जरिए महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर लगाम लगाने की कोशिश की। उनका नाम तब और ज्यादा चर्चा में आया जब उन्होंने संगठित अपराधियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया। कई बार उनकी पोस्टिंग राजनीतिक दबाव में भी चर्चा का विषय बनी, लेकिन उन्होंने कभी भी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। आखिर क्यों दिया इस्तीफा? काम्या मिश्रा के अचानक इस्तीफे ने सभी को चौंका दिया। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने पिछले साल अगस्त में ही इस्तीफा देने का मन बना लिया था और इसकी वजह पारिवारिक कारण बताए जा रहे हैं। हालांकि, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स का कहना है कि काम्या मिश्रा प्रशासनिक व्यवस्था से संतुष्ट नहीं थीं और उनकी कार्यशैली को लेकर अक्सर राजनीतिक दबाव बनाया जाता था। हालांकि, उन्होंने खुद अभी तक अपने इस्तीफे की असली वजह सार्वजनिक रूप से नहीं बताई है। लेकिन यह तय है कि बिहार की ‘लेडी सिंघम’ के रूप में मशहूर काम्या मिश्रा का यह फैसला पुलिस सेवा के लिए एक बड़ी क्षति मानी जा रही है। आगे क्या करेंगी काम्या मिश्रा? काम्या मिश्रा के आगे की योजनाओं को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। कुछ लोगों का मानना है कि वे शिक्षा या सामाजिक सेवा के क्षेत्र में आगे बढ़ सकती हैं, जबकि कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, वे निजी क्षेत्र में बड़ी जिम्मेदारी संभाल सकती हैं। बहरहाल, उनकी आगे की राह चाहे जो भी हो, लेकिन काम्या मिश्रा का नाम उन गिने-चुने अधिकारियों में शामिल रहेगा जिन्होंने ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के साथ अपनी सेवा दी। उनके फैसले को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है और जनता उनके भविष्य को लेकर उत्सुकता से इंतजार कर रही है। देश हरपल के लिए विशेष रिपोर्ट
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क्या राणा सांगा ने बाबर को भारत आने का निमंत्रण दिया था? इतिहासकारों की राय और प्रमाण

देश हरपल एक्सक्लूसिव मुगल साम्राज्य के संस्थापक बाबर का भारत आगमन इतिहास के सबसे चर्चित विषयों में से एक है। एक लंबे समय से यह चर्चा होती रही है कि क्या मेवाड़ के राजा राणा सांगा ने वास्तव में बाबर को भारत पर आक्रमण करने के लिए आमंत्रित किया था या नहीं। इस सवाल का जवाब खोजने के लिए हमने कई प्रामाणिक ऐतिहासिक स्रोतों और इतिहासकारों की राय को खंगाला। क्या था ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य? 16वीं शताब्दी के प्रारंभ में उत्तर भारत छोटे-छोटे राज्यों में बंटा हुआ था। दिल्ली की सत्ता लोदी वंश के हाथों में थी, लेकिन सुल्तान इब्राहिम लोदी के खिलाफ कई विरोधी शासक थे, जिनमें राणा सांगा प्रमुख थे। दूसरी ओर, बाबर मध्य एशिया का एक शक्तिशाली शासक था, जिसने समरकंद और काबुल पर शासन किया था और उसकी नजरें हिंदुस्तान पर थीं। इतिहासकारों की राय और प्रमुख ग्रंथों का उल्लेख खानवा की लड़ाई: विश्वासघात या गलतफहमी? निष्कर्ष इतिहासकारों और प्रामाणिक ग्रंथों के अध्ययन से स्पष्ट होता है कि राणा सांगा ने बाबर को भारत आने का कोई औपचारिक निमंत्रण नहीं दिया था। हां, इब्राहिम लोदी के खिलाफ एक अनकहा गठबंधन जरूर था, लेकिन बाबर ने भारत पर अपने हितों के कारण आक्रमण किया था, न कि राणा सांगा के निमंत्रण पर। बाद में जब राणा सांगा को एहसास हुआ कि बाबर वापस नहीं जाने वाला, तो उन्होंने उसके खिलाफ युद्ध किया। (लेखक: देश हरपल न्यूज़ डेस्क)
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Kiran Rijiju

वक्फ संशोधन बिल पर किरन रिजिजू का बड़ा बयान: ‘विरोध करने वाले करोड़ों की जमीन पर काबिज’, जानिए पूरा मामला

नई दिल्ली: वक्फ संशोधन बिल को लेकर देशभर में बहस तेज हो गई है। इस बीच, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस मुद्दे पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जो लोग इस बिल का विरोध कर रहे हैं, वे खुद करोड़ों की जमीन पर अवैध कब्जा जमाए बैठे हैं। क्या है वक्फ संशोधन बिल? वक्फ संशोधन बिल 2023 को लेकर संसद में चर्चा जोरों पर है। सरकार का कहना है कि यह बिल वक्फ संपत्तियों से जुड़े विवादों को हल करने और पारदर्शिता लाने के लिए लाया गया है। इस बिल के जरिए वक्फ बोर्डों को दी जाने वाली कुछ विशेष शक्तियों में बदलाव किया गया है, जिससे संपत्ति विवादों को सुलझाने में आसानी होगी। किरन रिजिजू ने क्या कहा? केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने एक इंटरव्यू में कहा कि जो लोग इस बिल का विरोध कर रहे हैं, वे खुद करोड़ों रुपये की जमीन पर अवैध रूप से काबिज हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वक्फ की आड़ में कई जगहों पर अवैध कब्जे हुए हैं और सरकार इन मामलों को ठीक करने के लिए यह कानून ला रही है। केरल के बिशप का समर्थन केरल के कैथोलिक बिशप ने भी वक्फ संशोधन बिल का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि वक्फ संपत्तियों को लेकर कई राज्यों में विवाद हैं और इस बिल से इस समस्या का हल निकल सकता है। विपक्ष का विरोध क्यों? विपक्षी दलों का कहना है कि यह बिल मुस्लिम समुदाय की संपत्तियों के खिलाफ है और इससे उनके अधिकारों का हनन होगा। वहीं, सरकार का कहना है कि यह बिल केवल पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित करने के लिए लाया गया है। सरकार की मंशा क्या है? सरकार का कहना है कि वक्फ संपत्तियों पर अनियमितताओं और अवैध कब्जों को रोकने के लिए इस बिल की जरूरत है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि इससे किसी भी धर्म विशेष के अधिकारों का उल्लंघन नहीं होगा। आगे क्या होगा? वक्फ संशोधन बिल पर संसद में बहस जारी है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह बिल पास होता है या विपक्षी विरोध के कारण इसमें और बदलाव किए जाते हैं।
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PM pays tribute to RSS founders in Nagpur

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नागपुर दौरा: संघ संस्थापकों को श्रद्धांजलि, माधव नेत्रालय के कार्यक्रम में संबोधन

नागपुर, 30 मार्च: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने नागपुर दौरे के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के संस्थापकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और माधव नेत्रालय के एक विशेष कार्यक्रम में लोगों को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने चिकित्सा सेवा, सामाजिक योगदान और भारत के दृष्टिहीन नागरिकों के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला। संघ संस्थापकों को पुष्पांजलि प्रधानमंत्री मोदी ने नागपुर स्थित केशव कुंज पहुंचकर संघ के संस्थापकों डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार और माधव सदाशिव गोलवलकर (गुरुजी) को पुष्पांजलि अर्पित की। यह स्थान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का ऐतिहासिक केंद्र माना जाता है, जहां से संघ की विचारधारा और राष्ट्र निर्माण की दिशा में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाते हैं। माधव नेत्रालय के कार्यक्रम में PM मोदी का संबोधन इसके बाद प्रधानमंत्री माधव नेत्रालय के एक कार्यक्रम में पहुंचे, जहां उन्होंने समाज के जरूरतमंद लोगों के लिए इस संस्थान की सेवाओं की सराहना की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा,“माधव नेत्रालय केवल नेत्रों का इलाज करने का केंद्र नहीं, बल्कि समाज की सेवा का एक बड़ा उदाहरण है। दृष्टिहीनता को कम करने के लिए किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं।” प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत देशभर में आंखों की बीमारियों से बचाव और इलाज के लिए बड़े स्तर पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना, डिजिटल हेल्थ मिशन और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। राष्ट्रीय सेवा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में योगदान प्रधानमंत्री नेत्रालय के डॉक्टरों, विशेषज्ञों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की भी प्रशंसा की, जो नि:स्वार्थ भाव से जरूरतमंदों की मदद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवा और समाज सेवा के क्षेत्र में नागपुर जैसे शहरों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है, और यह संस्थान इस दिशा में एक मिसाल कायम कर रहा है। नागपुर दौरे का महत्व प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा कई मायनों में अहम माना जा रहा है। संघ के गढ़ नागपुर में उनकी उपस्थिति राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि आने वाले चुनावों में इससे भाजपा और संघ के संबंधों को नई ऊर्जा मिलने की संभावना जताई जा रही है। प्रधानमंत्री का यह दौरा केवल श्रद्धांजलि और संबोधन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने नागपुरवासियों को यह संदेश दिया कि सरकार स्वास्थ्य, सेवा और समाज कल्याण के लिए निरंतर प्रयासरत है। (देश हरपल न्यूज के लिए विशेष रिपोर्ट)
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KGMU में फर्जी डॉक्टर गिरफ्तार, हिंदू लड़कियों को धर्मांतरण के लिए बना रहा था निशाना

KGMU में फर्जी डॉक्टर गिरफ्तार, हिंदू लड़कियों को धर्मांतरण के लिए बना रहा था निशाना

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां के मशहूर किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में एक फर्जी डॉक्टर को पकड़ा गया है। बताया जा रहा है कि आरोपी खुद को डॉक्टर बताकर अस्पताल में लोगों से मिलता था और इलाज के नाम पर भरोसा जीतता था। लेकिन जांच में सामने आया कि उसके पास कोई वैध मेडिकल डिग्री नहीं थी। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी खासतौर पर हिंदू लड़कियों को अपने निशाने पर लेता था। वह पहले दोस्ती करता, फिर धीरे-धीरे उन्हें अपने प्रभाव में लेने की कोशिश करता था। इसके बाद धर्मांतरण के लिए दबाव बनाने की बात भी सामने आई है। अस्पताल प्रशासन को आरोपी की गतिविधियों पर शक हुआ। इसके बाद जांच की गई तो उसकी सच्चाई सामने आ गई। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई और आरोपी को हिरासत में ले लिया गया। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। यह भी जांच की जा रही है कि वह कब से इस तरह लोगों को गुमराह कर रहा था और उसके साथ कोई और लोग भी जुड़े हैं या नहीं।? ऐसे मामलों में सावधानी बेहद जरूरी है। किसी भी डॉक्टर से इलाज कराने से पहले उसकी पहचान और डिग्री जरूर जांच लें, ताकि इस तरह के धोखे से बचा जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
UP Board

UP Board Class 10th 12th Result 2026 Result से पहले जान लें Check करने का आसान तरीका

उत्तर प्रदेश के लाखों परिवारों के लिए कल का दिन बेहद अहम होने वाला है। महीनों की मेहनत, परीक्षा का तनाव और रिजल्ट का इंतजार—इन सबका अंत अब होने जा रहा है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) कल कक्षा 10वीं (High School) और 12वीं (Intermediate) का रिजल्ट जारी करने जा रहा है। इस साल करीब 52 लाख छात्रों ने परीक्षा दी थी, ऐसे में हर घर में उत्सुकता का माहौल है। कोई अपने नंबर को लेकर चिंतित है, तो कोई अपने सपनों के अगले कदम के बारे में सोच रहा है। कब और कैसे जारी होगा UP Board Result? बोर्ड रिजल्ट को प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए जारी करेगा। इसके साथ ही टॉपर्स की लिस्ट, कुल पास प्रतिशत और अन्य जरूरी आंकड़े भी सामने आएंगे। रिजल्ट जारी होते ही इसे आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाएगा, जहां छात्र अपना स्कोर चेक कर सकेंगे। Step-by-Step: ऐसे करें UP Board Result 2026 चेक वेबसाइट स्लो हो तो घबराएं नहीं हर साल रिजल्ट के समय वेबसाइट पर भारी ट्रैफिक देखने को मिलता है। ऐसे में अगर पेज खुलने में समय लगे, तो थोड़ा इंतजार करें और दोबारा कोशिश करें। जरूरत पड़ने पर SMS के जरिए भी रिजल्ट चेक किया जा सकता है। पास होने के लिए कितने नंबर जरूरी? UP Board में पास होने के लिए हर विषय में कम से कम 33% अंक लाना जरूरी होता है। अगर किसी छात्र के नंबर कम आते हैं, तो उसे कंपार्टमेंट परीक्षा का मौका मिलेगा। मार्कशीट से जुड़ी जरूरी बात ऑनलाइन दिखने वाला रिजल्ट फिलहाल प्रोविजनल होगा। ओरिजिनल मार्कशीट छात्रों को कुछ दिनों बाद अपने स्कूल से मिलेगी, इसलिए उसे सुरक्षित रखना जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
3 बार NEET में फेल, IIT Madras भी नहीं मिला… फिर भी बने Data Scientist, संजय बी की कहानी है प्रेरणा

3 बार NEET में फेल, IIT Madras भी नहीं मिला… फिर भी बने Data Scientist, संजय बी की कहानी है प्रेरणा

अक्सर जिंदगी में हम कुछ और चाहते हैं, लेकिन मिलता कुछ और है। 3 बार NEET में फेल, IIT Madras भी नहीं मिला ऐसे में कई लोग हार मान लेते हैं, लेकिन कुछ लोग वही रास्ता बदलकर अपनी नई पहचान बना लेते हैं। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है संजय बी की। डॉक्टर बनने का सपना, लेकिन बार-बार मिली असफलता संजय बी का सपना था डॉक्टर बनने का। इसके लिए उन्होंने NEET परीक्षा की तैयारी की, लेकिन एक बार नहीं, बल्कि लगातार तीन बार फेल हो गए। इतनी बड़ी असफलता के बाद ज्यादातर लोग टूट जाते हैं, लेकिन संजय ने हार नहीं मानी। IIT Madras का सपना भी रह गया अधूरा NEET में सफलता नहीं मिलने के बाद संजय ने इंजीनियरिंग की ओर रुख किया। उनका सपना था कि वो IIT Madras में पढ़ाई करें, लेकिन यहां भी उन्हें सफलता नहीं मिल पाई। लगातार मिल रही नाकामियों ने उनके रास्ते जरूर कठिन बनाए, लेकिन उनका हौसला नहीं तोड़ पाए। बदला रास्ता, मिली नई मंजिल संजय ने अपनी सोच बदली और टेक्नोलॉजी की दुनिया में कदम रखा। उन्होंने डेटा और प्रोग्रामिंग सीखना शुरू किया। धीरे-धीरे उन्होंने खुद को Data Science के क्षेत्र में मजबूत किया। आज हैं सफल Data Scientist कड़ी मेहनत और लगातार सीखने की लगन ने संजय को आज एक सफल Data Scientist बना दिया है। जो सपना डॉक्टर बनने का था, वो पूरा नहीं हुआ, लेकिन उन्होंने अपने लिए एक नई पहचान बना ली—और आज वो लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं। संजय की कहानी हमें यही सिखाती है कि— हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Ceasefire Extended: Donald Trump ने कहा कि IRAN को रोज़ $500 मिलियन का नुकसान

Ceasefire Extended: Donald Trump ने कहा कि IRAN को रोज़ $500 मिलियन का नुकसान

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने सीजफायर (युद्धविराम) बढ़ाने के बाद बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि नाकेबंदी (ब्लॉकेड) की वजह से Iran को हर दिन करीब 500 मिलियन डॉलर (लगभग 4,000 करोड़ रुपये) का नुकसान हो रहा है। ट्रम्प के मुताबिक, आर्थिक दबाव के कारण ईरान की स्थिति कमजोर होती जा रही है। ट्रम्प ने यह भी कहा कि इस दबाव का असर साफ दिख रहा है और ईरान बातचीत के लिए मजबूर हो सकता है। उनका मानना है कि यह रणनीति आगे भी जारी रहनी चाहिए ताकि ईरान पर दबाव बना रहे। वहीं दूसरी ओर, ईरान ने इस पर सख्त रुख अपनाया है। ईरानी दूत ने साफ कहा कि जब तक नाकेबंदी पूरी तरह खत्म नहीं की जाती, तब तक कोई बातचीत संभव नहीं है। उनका कहना है कि बातचीत के लिए माहौल बनाना जरूरी है और इसके लिए सबसे पहले प्रतिबंध हटाए जाने चाहिए। इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि दोनों देशों के बीच तनाव अभी भी बना हुआ है। एक तरफ अमेरिका आर्थिक दबाव की नीति पर कायम है, तो दूसरी तरफ ईरान अपने रुख पर अड़ा हुआ है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या दोनों देश बातचीत की दिशा में आगे बढ़ते हैं या टकराव और बढ़ेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Gold

Gold Price India सोना ₹2000 चढ़ा, Silver में बड़ा उछाल

देश के सर्राफा बाजार में आज अचानक आई तेजी ने खरीदारों और निवेशकों दोनों को चौंका दिया। सुबह जैसे ही बाजार खुला, Gold और Silver के दामों में जोरदार उछाल देखने को मिला। खास बात यह रही कि Silver ने एक ही दिन में ₹4500 तक की छलांग लगाकर सबका ध्यान खींच लिया, जबकि Gold भी करीब ₹2000 तक महंगा हो गया। आज के ताजा रेट (Gold Silver Price Today) आज के बाजार भाव पर नजर डालें तो: ध्यान रहे कि शहर और ज्वेलर्स के हिसाब से इन कीमतों में थोड़ा फर्क देखने को मिल सकता है। MCX Market में भी तेजी का असर मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी आज तेजी साफ दिखी। यह संकेत देता है कि सिर्फ घरेलू बाजार ही नहीं, बल्कि फ्यूचर्स मार्केट में भी खरीदारी बढ़ी है। आखिर क्यों बढ़े सोना-चांदी के दाम? इस तेजी के पीछे कई बड़े कारण माने जा रहे हैं: इन वजहों से सोना और चांदी दोनों की मांग अचानक बढ़ गई, जिससे कीमतों में उछाल आया। बड़े शहरों में क्या है हाल? दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे बड़े शहरों में भी आज दामों में तेजी दर्ज की गई। हालांकि, स्थानीय टैक्स और मेकिंग चार्ज के कारण हर शहर में कीमत थोड़ी अलग हो सकती है। आगे क्या करें – खरीदें या रुकें? अगर आप सोना या चांदी खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह फैसला थोड़ा सोच-समझकर लेना होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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