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Tejas Mk-1A Fighter Jet की पहली डिलीवरी इस महीने से शुरू भारत का Made in India लड़ाकू विमान तैयार

भारत की डिफेंस टेक्नोलॉजी ने एक और बड़ी छलांग लगाई है। तेजस Mk-1A फाइटर जेट (Tejas Mk-1A Fighter Jet), जो पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक पर आधारित है, अब भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) को सौंपा जाने वाला है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) की नासिक फैक्ट्री से इस महीने पहला तेजस Mk-1A विमान डिलीवर किया जाएगा। यह भारत की ‘Make in India’ और ‘Atmanirbhar Bharat’ मुहिम का सबसे बेहतरीन उदाहरण है। Tejas Mk-1A के Advanced Features: तेजस Mk-1A पुराने Mk-1 वर्जन से कहीं अधिक शक्तिशाली और फुर्तीला है। इसमें भारतीय और अंतरराष्ट्रीय तकनीक का बेहतरीन संतुलन है। HAL ने बढ़ाई Production Capacity HAL ने अपनी नासिक यूनिट में नई असेंबली लाइन शुरू की है, जिससे अब हर साल 24 तेजस फाइटर जेट बनाए जा सकेंगे। इस साल की शुरुआत में उत्पादन लक्ष्य 8 यूनिट रखा गया है, जो अगले सालों में 16 से 24 तक पहुंचेगा। अमेरिकी GE इंजन से मिल रही पावर तेजस Mk-1A में General Electric (GE) का F404 इंजन लगाया गया है। GE ने मार्च 2025 से भारत को इंजन की आपूर्ति शुरू कर दी है, जिससे उत्पादन प्रक्रिया को गति मिली है। 🇮🇳 Indian Air Force को मिलेगा बड़ा Boost भारतीय वायुसेना की वर्तमान में 31 स्क्वाड्रन हैं, जबकि जरूरत 42 स्क्वाड्रन की है। तेजस Mk-1A की सीरीज वायुसेना की युद्ध शक्ति को मज़बूत करेगी और पुराने मिग-21 जैसे फाइटर जेट्स की जगह लेगी। IAF के लिए 83 तेजस Mk-1A फाइटर जेट्स का ऑर्डर पहले ही दिया जा चुका है, जिनकी डिलीवरी अब शुरू हो रही है। Tejas Jet के Mini Models और Toys भी उपलब्ध तेजस की लोकप्रियता अब बाजार में भी दिख रही है। यहां कुछ शानदार मॉडल्स हैं: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Spy Network Exposed

Spy Network Exposed: Delhi Highcourt ने देशद्रोह के आरोपी को जमानत देने से किया इनकार

नई दिल्ली: भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े एक बेहद गंभीर मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने देशद्रोह और जासूसी के आरोपों का सामना कर रहे आरोपी की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। आरोपी पर आरोप है कि वह एक अंतरराष्ट्रीय जासूसी नेटवर्क (Spy Network) का हिस्सा था, जिसने भारतीय सशस्त्र बलों की गोपनीय जानकारी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों को लीक की। यह मामला Official Secrets Act, 1923 के तहत दर्ज किया गया है, जो भारत में जासूसी रोकने के लिए लागू एक सख्त कानून है। अदालत की सख्त टिप्पणी: “यह राष्ट्र के साथ विश्वासघात है” जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने सुनवाई के दौरान कहा: “जासूसी केवल एक व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि भारत की संप्रभुता, अखंडता और राष्ट्रीय सुरक्षा पर सीधा हमला है। यह राष्ट्र के साथ विश्वासघात है।” उन्होंने आगे कहा: “जब हमारे सैनिक सीमाओं पर सतर्क रहते हैं, तब ही देशवासी शांति से सांस लेते हैं। ऐसे जासूसी नेटवर्क भारत की सुरक्षा और सेना की रणनीतियों को खतरे में डालते हैं।” देश में बढ़ रहा है Spy Network का प्रभाव: NCRB डेटा से खुलासा नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के मुताबिक, भारत में जासूसी और गोपनीय जानकारी लीक करने के मामलों में 2014 से 2022 तक 5 गुना वृद्धि हुई है — जो देश में एक संगठित Spy Network की सक्रियता की ओर इशारा करती है। वर्ष दर्ज केस 2014 11 2015 9 2016 30 2017 18 2018 40 2019 40 2020 39 2021 55 2022 55 विशेषज्ञों का मानना है कि यह डेटा संकेत देता है कि कई विदेशी एजेंसियां भारत में Spy Network फैला रही हैं ताकि रणनीतिक सूचनाएं प्राप्त की जा सकें। कौन चला रहा है ये जासूसी नेटवर्क? सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, इन जासूसी नेटवर्क में शामिल लोग अक्सर: क्यों बढ़ रहे हैं जासूसी मामले? सुरक्षा विशेषज्ञ बताते हैं कि इस ट्रेंड के पीछे ये प्रमुख कारण हैं: क्या है Official Secrets Act, 1923? Official Secrets Act भारत का मुख्य Anti-Espionage कानून है। इसके तहत: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Congress on Operation Sindoor, Salman Khurshid statement

Operation Sindoor: क्या घोर मोदी विरोधी कांग्रेसी भी राहुल गांधी की राजनीति से दूर हो रहे हैं ?

नई दिल्ली। देश के सफल सैन्य अभियान Operation Sindoor को लेकर अब राजनीतिक हलकों में दिलचस्प बदलाव देखने को मिल रहे हैं। विपक्ष में बैठी Congress पार्टी, जो अब तक इस ऑपरेशन को लेकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री Narendra Modi पर सवाल उठाती रही थी, अब उसके कई वरिष्ठ नेता इस मुद्दे पर सरकार और भारतीय सेना के समर्थन में आ गए हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह समर्थन उन चेहरों की ओर से आ रहा है जिन्हें कभी कट्टर मोदी विरोधी माना जाता था। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विदेश मंत्री Salman Khurshid ने हाल ही में एक बयान में यह स्पष्ट किया कि पाकिस्तान से हुई बातचीत में किसी तीसरे देश की कोई भूमिका नहीं रही। पार्टी लाइन से अलग हुई आवाजें जहां एक ओर Rahul Gandhi और Mallikarjun Kharge की अगुवाई में कांग्रेस नेतृत्व इस अभियान पर सवाल उठाने में लगा रहा, वहीं पार्टी के अंदर से ही ऐसी आवाजें सामने आईं जो इस लाइन से पूरी तरह अलग थीं।Salman Khurshid ने विदेश सचिव Vikram Misri की ब्रीफिंग के बाद कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत-पाकिस्तान के बीच जो कुछ भी हुआ, उसमें किसी तीसरे देश की भूमिका नहीं थी। उनके अनुसार, “जब मामला गंभीर हो गया था, तब भी इसे सुलझाने की पहल पाकिस्तान के DGMO (Director General of Military Operations) ने की थी। भारत ने स्पष्ट कर दिया था कि अगर पाकिस्तान गंभीर है, तो हम भी तैयार हैं।” Trump का दावा और कांग्रेस का विरोध कांग्रेस ने अपने पिछले बयानों में यह आरोप लगाया था कि इस ऑपरेशन में अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने पाकिस्तान के साथ बातचीत में मध्यस्थता की थी, जो कि भारत की स्थापित विदेश नीति के खिलाफ है। लेकिन खुद ट्रंप ने भी बाद में इस दावे से पीछे हटते हुए भारत के स्टैंड को स्वीकार किया था। देश की एकजुटता बनी सबसे बड़ी ताकत Operation Sindoor की सफलता का सबसे बड़ा आधार रहा राष्ट्रीय एकता। सभी राजनीतिक दलों ने सरकार के साथ खड़े होकर यह संदेश दिया कि जब बात देश की सुरक्षा की हो, तो सब एक हैं। हालांकि अब कांग्रेस के अंदर इस अभियान को लेकर जो वैचारिक मतभेद उभर रहे हैं, वह 2024 के बाद बदलते राजनीतिक माहौल की ओर इशारा करते हैं। इस पूरे घटनाक्रम से यह साफ हो गया है कि भारत की सख्त नीति, सेना की कार्रवाई और कूटनीति का ऐसा मेल है, जिस पर विपक्ष भी एकमत नहीं रह पा रहा है। कांग्रेस पार्टी के अंदर ही अब ऐसे नेता सामने आ रहे हैं जो बिना लाग-लपेट के कह रहे हैं कि ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने बिल्कुल सही किया। यदि आप इस प्रकार के विश्लेषण और ग्राउंड रिपोर्ट्स पढ़ना चाहते हैं, तो जुड़े रहें देश हरपल के साथ – जहां हर खबर है ‘हरपल’ की।
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Operation Sindoor, Rahul Gandhi vs BJP, S Jaishankar Statement,

Operation Sindoor Controversy: राहुल बोले अपराध था पाकिस्तान को बताना, BJP बोली- कितने पाकिस्तानी जेट गिराए, ये क्यों नहीं पूछा?

नई दिल्ली | देश हरपलOperation Sindoor को लेकर एक बार फिर देश की सियासत गरमा गई है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के आरोपों के बाद अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने जोरदार पलटवार करते हुए कहा है कि राहुल गांधी “पाकिस्तान की भाषा” बोल रहे हैं। BJP आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, “राहुल को यह सवाल उठाना चाहिए था कि हमने कितने पाकिस्तानी फाइटर जेट गिराए। लेकिन वे सिर्फ यही पूछते रह गए कि हमने कितने विमान खोए। क्या राहुल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इतने सफल ऑपरेशन के लिए एक बार भी बधाई दी?” क्या है राहुल गांधी का आरोप? कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के एक पुराने बयान को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि ऑपरेशन सिंदूर शुरू होने से पहले भारत ने पाकिस्तान को इसकी सूचना दी, जो कि एक “अपराध” था। राहुल ने सवाल उठाया, “हमले से पहले पाकिस्तान को बताने का निर्णय किसने लिया? इससे हमें क्या नुकसान हुआ? वायुसेना ने कितने विमान गंवाए?” राहुल का कहना है कि जयशंकर ने खुद सार्वजनिक रूप से यह बात स्वीकार की है, और इसके लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए। BJP का तीखा पलटवार भाजपा ने राहुल गांधी के बयान को लेकर दो टूक शब्दों में कहा, “राहुल को पाकिस्तान और उसके हितैषियों की लाइन पर चलते देखना कोई आश्चर्य नहीं है। वे बार-बार हमारे नुकसान पूछते हैं लेकिन यह नहीं पूछते कि हमने कितने पाकिस्तानी एयरबेस पर हमला किया और वहां खड़े विमानों को तबाह किया।” बीजेपी नेताओं ने यह भी कहा कि राहुल गांधी ने ना सिर्फ प्रधानमंत्री की आलोचना की, बल्कि हमारी सेना के मनोबल को भी चोट पहुंचाई। अमित मालवीय ने व्यंग्यात्मक लहजे में पूछा, “क्या अब राहुल गांधी को निशान-ए-पाकिस्तान मिलने वाला है?” विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने क्या कहा था? दिल्ली में होंडुरास दूतावास के उद्घाटन के दौरान जयशंकर ने पत्रकारों से बातचीत में कहा था, “हमारे लक्ष्य आतंकवादी ढांचे को नष्ट करना था, जो हमने किया। शुरुआत में ही पाकिस्तान को यह बताया गया था कि हमला उनकी सेना पर नहीं, बल्कि आतंकवाद पर है। अगर वे हस्तक्षेप नहीं करते, तो हम इसे संघर्ष नहीं मानेंगे।” राजनीतिक विश्लेषण राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ऑपरेशन सिंदूर को लेकर हो रही यह बयानबाज़ी सिर्फ सरकार और विपक्ष की रणनीतिक सोच को दर्शाती है।जहां सरकार इसे एक रणनीतिक विजय बता रही है, वहीं विपक्ष सवाल उठाकर इसे जवाबदेही का मुद्दा बना रहा है। ऑपरेशन सिंदूर अब सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं रह गया है, यह एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। राहुल गांधी के आरोप और भाजपा का तीखा जवाब इस बात को साफ करते हैं कि 2025 की राजनीति में राष्ट्रीय सुरक्षा भी अब एक चुनावी मुद्दा बन सकती है।
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modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात 8 बजे देश को संबोधित करेंगे

Ceasefire Aftermath: PM Modi to Address Nation Tonight नई दिल्ली। PM Modi to Address Nation Tonight- भारत और पाकिस्तान के बीच तीन दिन पहले हुए सीजफायर के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात 8 बजे देश को संबोधित करेंगे। उम्मीद है कि पीएम मोदी ऑपरेशन सिंदूर और उसके बाद के हालात पर बात करेंगे। इस ऑपरेशन के दौरान 5 आर्मी और 2 BSF जवान शहीद हुए हैं, जबकि 60 जवान घायल हैं। वहीं, पाकिस्तान की गोलाबारी में 27 सिविलियंस की भी जान गई है। ऑपरेशन सिंदूर: कब और कैसे शुरू हुआ? 7 मई को भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत की। यह ऑपरेशन पाकिस्तान की लगातार गोलाबारी के जवाब में किया गया था। इस दौरान पाकिस्तान ने सीमावर्ती इलाकों में भारी गोलाबारी की, जिसमें भारतीय सेना और BSF को नुकसान हुआ। पाकिस्तान का ऑपरेशन बनयान-उन-मर्सूस सीजफायर के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने 10 मई की रात 11.30 बजे अपने देशवासियों को संबोधित किया। उन्होंने पाकिस्तानी सेना के ऑपरेशन बनयान-उन-मर्सूस की सफलता का दावा किया। पाकिस्तान में इसके बाद ‘यौम-ए-तशक्कुर’ मनाया जा रहा है, जिसका अर्थ है ‘शुक्रिया का दिन’। सेना के DGMO कर रहे प्रेस कॉन्फ्रेंस सीजफायर के बाद से लगातार तीन दिन से भारतीय सेना के तीनों अंगों के डीजीएमओ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं। इसमें सीजफायर के हालात और आगे की रणनीति पर चर्चा की जा रही है। क्या कह सकते हैं पीएम मोदी? प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन में ऑपरेशन सिंदूर की रणनीति और भविष्य की तैयारी पर चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा वे शहीद जवानों के परिवारों के लिए भी कुछ महत्वपूर्ण घोषणाएं कर सकते हैं। यौम-ए-तशक्कुर और भारत की प्रतिक्रिया पाकिस्तान में यौम-ए-तशक्कुर के उत्सव पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भारतीय रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान का यह दावा पूरी तरह से प्रोपेगेंडा है। देश हरपल पर बने रहें, पीएम मोदी के संबोधन की लाइव अपडेट्स के लिए।
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Barak-8

Pakistan Missile Attack: : भारत ने Barak-8 से दिया मुंहतोड़ जवाब

Pakistan Missile Attack: Barak-8 Air Defence System Shields India भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। 10 मई की सुबह, पाकिस्तान ने फतेह-1 मिसाइल से जम्मू एयर बेस और उधमपुर को निशाना बनाने की कोशिश की। लेकिन भारत ने अपनी दमदार वायु रक्षा प्रणाली बराक-8 से इस हमले को नाकाम कर दिया। Barak-8 : भारत-इजरायल की संयुक्त ताकत बराक-8 मिसाइल प्रणाली को भारत और इजरायल ने मिलकर विकसित किया है। यह सतह से हवा में मार करने वाली एडवांस मिसाइल है। बराक का हिब्रू में अर्थ ‘बिजली’ है, जो इसकी तेज गति और क्षमता का प्रतीक है। इसकी लंबाई 4.5 मीटर और वजन 275 किलोग्राम है। Barak-8 की क्षमताएँ और विशेषताएँ यह मिसाइल एक साथ कई हवाई खतरों का सामना कर सकती है। चाहे वह विमान हो, हेलीकॉप्टर, यूएवी, क्रूज मिसाइल या बैलिस्टिक मिसाइल, बराक-8 हर चुनौती का जवाब देने में सक्षम है। इसकी अधिकतम मारक दूरी 70-100 किलोमीटर तक है। इसकी अधिकतम गति मैक 2 है और 360-डिग्री कवरेज के साथ वर्टिकल लॉन्च की क्षमता भी है। दोहरी मोटर और थ्रस्ट वेक्टर कंट्रोल बराक-8 में दोहरी पल्स रॉकेट मोटर और थ्रस्ट वेक्टर कंट्रोल (TVC) है, जो मिसाइल को तेजी से लक्ष्य तक पहुँचाने में मदद करता है। सेचुरेशन अटैक के दौरान भी यह प्रणाली कई लक्ष्यों को एक साथ निशाना बना सकती है। क्यों है बराक-8 खास? बराक-8 आधुनिक वायु रक्षा प्रणाली और बहु-कार्य निगरानी ट्रैक और मार्गदर्शन रडार से लैस है। इसकी उच्चतम सटीकता और रडार सीकर प्रणाली दुश्मन के मिसाइल हमलों को नाकाम करने में मदद करती है। भारत की कूटनीतिक जीत इस हमले के विफल होने से पाकिस्तान की मंशा पर पानी फिर गया। भारत ने न केवल अपनी सुरक्षा प्रणाली की ताकत दिखाई, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी पाकिस्तान के इस कृत्य की कड़ी निंदा की जा रही है। बराक-8 मिसाइल प्रणाली ने साबित कर दिया कि भारत की वायु रक्षा में कोई कमी नहीं है। पाकिस्तान के हमले को बेअसर कर भारत ने स्पष्ट संदेश दिया है कि उसकी सुरक्षा में सेंध लगाने की कोशिश का करारा जवाब मिलेगा।
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Pakistan Occupied Kashmir (PoK)

OPREATION SINDOOR-क्या भारत बिना युद्ध के PoK को वापस ले सकता है? जानें कहां अटका है पेच

Pakistan Occupied Kashmir (PoK) का मुद्दा भारत और पाकिस्तान के बीच हमेशा से विवाद का विषय रहा है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या PoK को बिना युद्ध वापस हासिल किया जा सकता है? हाल ही में पाकिस्तान द्वारा राजस्थान, पंजाब और जम्मू-कश्मीर के कई शहरों पर ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद भारतीय सेना ने कड़ा जवाब दिया। भारत के इस निर्णायक रुख ने एक बार फिर PoK पर नियंत्रण को लेकर बहस को हवा दे दी है। Pakistan Occupied Kashmir (PoK) का ऐतिहासिक और भौगोलिक परिप्रेक्ष्य PoK मुख्यतः दो हिस्सों में बंटा है: गिलगिट-बाल्टिस्तान (64,817 किमी²) और तथाकथित ‘आज़ाद कश्मीर’ (13,297 किमी²)। जब भारत आजाद हुआ था, उस समय जम्मू-कश्मीर के महाराजा हरि सिंह ने पाकिस्तान के आक्रमण से बचने के लिए भारत से मदद मांगी थी। इसके तहत 26 अक्टूबर 1947 को Instrument of Accession पर हस्ताक्षर किए गए, जिससे जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग बन गया। हालांकि, पाकिस्तान ने इस क्षेत्र के कुछ हिस्सों पर कब्जा कर लिया, जिसे आज PoK के नाम से जाना जाता है। PoK पर भारत का कानूनी दावा संविधानिक दृष्टिकोण से जम्मू-कश्मीर का पूरा क्षेत्र भारत का अभिन्न हिस्सा है। भारत का तर्क है कि महाराजा हरि सिंह द्वारा हस्ताक्षरित विलय पत्र (Instrument of Accession) के अनुसार PoK भी भारत का अंग है। 2019 में अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के बाद केंद्र सरकार ने संसद में स्पष्ट किया था कि गिलगिट-बाल्टिस्तान समेत पूरा PoK भारत का अभिन्न हिस्सा है। अंतरराष्ट्रीय पेच और कूटनीतिक चुनौतियाँ भारत के लिए PoK को सीधा वापस लेना कूटनीतिक दृष्टि से आसान नहीं है। यह एक अंतरराष्ट्रीय विवाद का रूप ले चुका है। संयुक्त राष्ट्र का प्रस्ताव यह कहता है कि जब तक पाकिस्तान अपनी सेना को कश्मीर से नहीं हटाता, तब तक जनमत संग्रह की कोई संभावना नहीं है। पाकिस्तान ने न सिर्फ अपनी सेना बल्कि वहाँ के जनसांख्यिकी ढांचे में भी बदलाव किए हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाना भारत के लिए एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। क्या युद्ध ही एकमात्र विकल्प है? राजनीतिक और सामरिक विशेषज्ञों की राय में, बिना युद्ध के PoK को वापस लेना लगभग असंभव दिखता है। पाकिस्तान की सरकार और सेना कभी भी अपनी मर्जी से PoK को भारत को नहीं सौंपेंगी। हालांकि, युद्ध का विकल्प चुनने पर दोनों देशों के लिए आर्थिक और सामाजिक क्षति होगी। युद्ध की स्थिति में अंतरराष्ट्रीय समुदाय का दबाव भी एक महत्वपूर्ण पहलू बनकर उभर सकता है। भारत का PoK पर दावा न केवल ऐतिहासिक और संवैधानिक आधार पर मजबूत है, बल्कि राजनीतिक रूप से भी सटीक है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय राजनीति और पाकिस्तान की आंतरिक स्थिति इसे जटिल बना देती है। अगर पाकिस्तान शांति से PoK नहीं लौटाता, तो भारत के पास कूटनीतिक प्रयासों के बाद युद्ध के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।
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India Thwarts Pakistani Drone-Missile Attack:

India Thwarts Pakistani Drone-Missile Attack:भारत ने पाकिस्तानी ड्रोन-मिसाइल अटैक को फेल किया:बॉर्डर से सटे एयरबेस और सेना पर हमला

India Thwarts Pakistani Drone-Missile Attack: Border Airbase and Army Safe दो JF-17 और एक F-16… भारत ने गिराए PAK के तीन फाइटर जेट, पाक एयरफोर्स का AWACS भी फेल भारत ने पाकिस्तान के दो JF-17 और एक F-16 फाइटर जेट को मार गिराया है, साथ ही पाकिस्तान एयरफोर्स का AWACS विमान उनके ही पंजाब प्रांत में ध्वस्त कर दिया
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India Destroys Pakistan's Air Defense System

India Destroys Pakistan’s Air Defense System: Lahore और कराची में Drone Attacks से मचा हड़कंप

India Destroys Pakistan’s Air Defense System: Lahore – भारत ने लाहौर में पाकिस्तान के एयर डिफेंस सिस्टम को किया तबाह भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। गुरुवार को भारतीय सेना के ड्रोन हमलों ने पाकिस्तान के कई प्रमुख शहरों में हड़कंप मचा दिया। रिपोर्ट्स के अनुसार, लाहौर से लेकर कराची और रावलपिंडी तक 25 से अधिक ड्रोन हमलों में पाकिस्तान का एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह तबाह हो गया है। एयर डिफेंस सिस्टम का विनाश लाहौर और कराची में ड्रोन हमले के बाद पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। पाकिस्तान सरकार ने पुष्टि की है कि अब तक 25 ड्रोन अटैक हो चुके हैं, जिसमें रावलपिंडी, लाहौर और कराची में 3 बड़े ड्रोन अटैक शामिल हैं। इन हमलों में रावलपिंडी स्थित आर्मी कैंप पूरी तरह नष्ट हो गया है। परमाणु ठिकाने तक ड्रोन की पहुंच सूत्रों के मुताबिक, भारतीय ड्रोन ने पाकिस्तान के परमाणु ठिकाने तक भी पहुंच बना ली है। एक के बाद एक धमाकों से लाहौर और कराची में दहशत का माहौल है। पाकिस्तान की वायु रक्षा प्रणाली इन हमलों को रोकने में नाकाम साबित हुई। पाकिस्तान का बयान पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने ड्रोन हमलों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस हमले से उनकी सुरक्षा तैयारियों में गंभीर खामियां उजागर हुई हैं। हालांकि, इस हमले के पीछे भारत का हाथ होने का दावा भी किया गया है। भारत की प्रतिक्रिया भारत सरकार ने ऑफिशियल बयान जारी करके बताया, “07 और 08 मई की दरमियानी रात को पाकिस्तान ने ड्रोन और मिसाइलों का उपयोग करके अवंतीपुरा, श्रीनगर जम्मू, पठानकोट, अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना सहित कुल 15 शहरों में कई सैन्य ठिकानों पर हमला करने की कोशिश की. भारत ने पाकिस्तान पर जवाबी कार्रवाई करते हुए एयर डिफेंस सिस्टम तबाह कर दिया.” ड्रोन हमले के प्रभाव रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, पाकिस्तान के एयर डिफेंस सिस्टम का नष्ट होना एक बड़ा झटका है। इससे न केवल पाकिस्तान की सुरक्षा पर सवाल उठते हैं, बल्कि भारत की ड्रोन तकनीक और रणनीतिक क्षमता का भी प्रदर्शन होता है।
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Pakistan's Attack Foiled

Pakistan’s Attack Foiled:पाकिस्‍तान ने श्रीनगर, चंडीगढ़ समेत 15 शहरों में भारतीय सैन्य ठिकानों पर की हमले की कोशिश, भारत ने नाकाम

पाकिस्तान की नापाक साजिश नाकाम!Pakistan’s Attack Foiled पाकिस्तान ने उत्तरी और पश्चिमी भारत के कई महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर हमला करने की नाकाम कोशिश की। जम्मू-कश्मीर से लेकर पंजाब, राजस्थान और गुजरात तक के इलाकों में ड्रोन और मिसाइल के जरिए हमला करने की साजिश रची गई। हमले का मुख्य लक्ष्य अवंतीपुरा, श्रीनगर, पठानकोट, अमृतसर, लुधियाना और भुज जैसे अहम ठिकाने थे। हमलों को ऐसे किया गया नाकाम भारत की मजबूत रक्षा तैयारियों ने पाकिस्तान की इस साजिश को सफल नहीं होने दिया। देश की Integrated Counter-UAS Grid और Air Defence Systems ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और सभी हमलों को नाकाम कर दिया। विभिन्न स्थानों से बरामद ड्रोन और मिसाइल के मलबे ने हमले की पुष्टि की है। क्या है Integrated Counter-UAS Grid? यह प्रणाली विशेष रूप से ड्रोन और अन्य हवाई खतरों से निपटने के लिए तैयार की गई है। इसमें आधुनिक रडार सिस्टम, सेंसर और एंटी-ड्रोन तकनीक का उपयोग किया जाता है, जिससे किसी भी हमले का समय रहते पता लगाया जा सके। पाकिस्तान की रणनीति पर उठे सवाल इस नाकाम हमले के बाद पाकिस्तान की रणनीति पर सवाल खड़े हो गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला भारत को अस्थिर करने के लिए किया गया था। लेकिन भारत की तैयारी और सुरक्षा तंत्र ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया है। भारत का कड़ा संदेश भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इस हमले के बाद भारत की सुरक्षा एजेंसियां और सतर्क हो गई हैं। निष्कर्ष इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारत की सुरक्षा प्रणालियां बेहद मजबूत और सक्षम हैं। पाकिस्तान की नापाक साजिश को नाकाम कर भारत ने यह संदेश दिया है कि किसी भी आक्रमण का कड़ा जवाब दिया जाएगा।
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Zomato-Blinkit की पैरेंट कंपनी Eternal लाएगी Dark.ai, सीक्रेट चैट और प्राइवेसी पर होगा फोकस

जोमैटो और ब्लिंकइट की पैरेंट कंपनी एटरनल (Eternal) आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में नया कदम उठाने की तैयारी कर रही है। कंपनी के प्रमुख दीपिंदर गोयल ने ‘Dark.ai’ नाम के नए AI ऐप के बारे में जानकारी दी है। इसका मुख्य फोकस यूजर्स की प्राइवेसी और संवेदनशील बातचीत की सुरक्षा पर होगा। गोयल के मुताबिक, इस ऐप को इस तरह तैयार किया जा रहा है कि लोग अपनी निजी बातें, गोपनीय विचार, रिसर्च और जटिल सवाल बिना किसी झिझक के साझा कर सकें। फिलहाल कंपनी के कर्मचारी इसकी टेस्टिंग कर रहे हैं। डेटा सुरक्षा पर जोर, कंपनी भी नहीं पढ़ पाएगी चैट दीपिंदर गोयल ने बताया कि Dark.ai को कंपनी के अपने कंप्यूटर सिस्टम और सुरक्षित तकनीक पर चलाने की योजना है। इसमें एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन जैसी सुरक्षा व्यवस्था का इस्तेमाल किए जाने की बात कही गई है, ताकि बातचीत को अनधिकृत रूप से पढ़े जाने से बचाया जा सके। ऐप में एक विशेष मेमोरी सिस्टम भी होगा, जिस पर यूजर का नियंत्रण रहेगा। इसके जरिए यूजर अपनी जरूरत के अनुसार पुरानी बातचीत से जुड़ी जानकारी को सुरक्षित रख सकेंगे या हटा सकेंगे। हालांकि, ऐप की सुरक्षा व्यवस्था और डेटा प्रबंधन से जुड़े सभी तकनीकी विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। इसलिए कंपनी के दावों की वास्तविक सीमा लॉन्च के समय उपलब्ध जानकारी से स्पष्ट होगी। स्टार्टअप, वैज्ञानिकों और रिसर्चर्स के लिए होगा उपयोगी Dark.ai को खास तौर पर उन लोगों और संस्थानों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है, जिन्हें संवेदनशील जानकारियों के साथ काम करना पड़ता है। इनमें स्टार्टअप संस्थापक, वैज्ञानिक, रिसर्चर्स, बड़ी कंपनियां और सरकारी कार्यालय शामिल हैं। गोयल के मुताबिक, इस AI को केवल यूजर को खुश करने के लिए जवाब देने के बजाय तथ्यों के आधार पर उत्तर देने के लिए तैयार किया जाएगा। इसका उद्देश्य ऐसा सिस्टम बनाना है, जो यूजर की बातों से सहमत होने के बजाय अपनी समझ के अनुसार जवाब दे। मौजूदा AI ऐप्स की प्राइवेसी पर उठाए सवाल गोयल ने मौजूदा AI प्लेटफॉर्म्स पर डेटा सुरक्षा और प्राइवेसी को लेकर चिंता जताई। उनका कहना है कि कई सेवाओं में यूजर डेटा सेव न करने का विकल्प चुनने के बाद भी बैकएंड पर जानकारी के प्रबंधन को लेकर स्पष्टता की कमी महसूस हो सकती है। उन्होंने कहा कि आम AI ऐप्स इस्तेमाल करते समय यूजर्स के मन में यह आशंका बनी रह सकती है कि उनकी बातचीत कोई पढ़ सकता है। उनके मुताबिक, इसी तरह का डर और अविश्वास लोगों को AI का पूरी क्षमता से इस्तेमाल करने से रोक सकता है। Dark.ai के जरिए कंपनी इस चिंता को कम करने और यूजर्स को निजी बातचीत के लिए अधिक सुरक्षित माहौल देने की कोशिश कर रही है। इसी साल लॉन्च की तैयारी, कीमत पर फैसला नहीं कंपनी की ओर से ऐप की लॉन्चिंग को लेकर इसी साल की तैयारी का संकेत दिया गया है। हालांकि, इसके काम करने की गति, इस्तेमाल किए जाने वाले AI मॉडल और अन्य तकनीकी विशेषताओं की विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। ऐप मुफ्त होगा या इसके लिए सब्सक्रिप्शन लेना पड़ेगा, इस बारे में भी कंपनी ने कोई जानकारी नहीं दी है। इससे होने वाली संभावित कमाई को लेकर भी फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है। फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो और क्विक कॉमर्स सेवा ब्लिंकइट के बाद AI सॉफ्टवेयर क्षेत्र में एटरनल का यह संभावित कदम कंपनी के कारोबार के विस्तार की दिशा में अहम हो सकता है।

eMudhra में तकनीकी गड़बड़ी की जांच के लिए IT मंत्रालय ने बनाई स्पेशल टीम, सरकार बोली- भारतीय वेबसाइट्स और ऐप सुरक्षित

डिजिटल सुरक्षा सेवाएं देने वाली कंपनी ई-मुद्रा (eMudhra) में तकनीकी गड़बड़ी सामने आने के बाद आईटी मंत्रालय ने मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित की है। सरकार के मुताबिक, इस गड़बड़ी का असर कंपनी के विदेशी कारोबार तक सीमित है। भारतीय वेबसाइट्स और ऐप्स की सुरक्षा प्रभावित होने की बात सामने नहीं आई है। सरकार ने सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से सावधान रहने की अपील की है। मामले की जांच साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की मदद से की जा रही है, ताकि गड़बड़ी की वजह और उसके संभावित प्रभाव का पता लगाया जा सके। eMudhra दो तरह की डिजिटल सुरक्षा सेवाएं देती है ई-मुद्रा का कारोबार मुख्य रूप से दो क्षेत्रों में फैला है। पहला, भारत में डिजिटल सिग्नेचर और eSign सेवाएं देना। दूसरा, विदेशी वेबसाइट्स के लिए डिजिटल सुरक्षा प्रमाणपत्र जारी करना। कंपनी से जुड़ी जानकारी के मुताबिक, हालिया तकनीकी गड़बड़ी उसके विदेशी कारोबार से संबंधित डिजिटल सर्टिफिकेट्स में सामने आई। भारतीय डिजिटल सिग्नेचर और eSign सेवाओं पर इसका असर होने की जानकारी नहीं दी गई है। सिस्टम की खराबी से बने कमजोर सुरक्षा कोड ई-मुद्रा के मुताबिक, सिस्टम में तकनीकी खराबी के कारण कुछ कमजोर सुरक्षा कोड बन गए थे। एक साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ ने इस समस्या के बारे में एप्पल, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और मोजिला जैसी बड़ी टेक कंपनियों को अलर्ट किया। चिंता जताई गई कि इन कमजोर कोड का फायदा उठाकर साइबर हमलावर सुरक्षा प्रमाणपत्रों की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचा सकते हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि इन कोड का इस्तेमाल करके वास्तव में कोई हमला हुआ था। गूगल और मोजिला ने प्रभावित सर्टिफिकेट्स पर की कार्रवाई तकनीकी गड़बड़ी की जानकारी मिलने के बाद ब्राउजर कंपनियों ने प्रभावित सुरक्षा प्रमाणपत्रों के खिलाफ कदम उठाए। इन कदमों का उद्देश्य प्रभावित प्रमाणपत्रों के इस्तेमाल से जुड़े जोखिम को सीमित करना है। eMudhra का दावा- ग्राहक का डेटा चोरी नहीं हुआ ई-मुद्रा ने कहा है कि उसका मुख्य सिस्टम सुरक्षित है और किसी ग्राहक का डेटा चोरी नहीं हुआ है। कंपनी के अनुसार, जिस विदेशी कारोबार में गड़बड़ी सामने आई, उससे उसकी कुल कमाई का लगभग 1 प्रतिशत हिस्सा आता है। कंपनी प्रभावित विदेशी ग्राहकों को नए और सुरक्षित डिजिटल सर्टिफिकेट उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में भी जुटी है, ताकि उनकी सेवाएं जारी रह सकें। सरकार ने अफवाहों से बचने की अपील की आईटी मंत्रालय ने कहा है कि मामले की जांच की जा रही है और सोशल मीडिया पर चल रही अपुष्ट खबरों के आधार पर घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार की साइबर सुरक्षा टीम और विशेषज्ञ तकनीकी पहलुओं की पड़ताल कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद मामले से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है। फिलहाल, गड़बड़ी के वास्तविक दायरे और संभावित प्रभाव को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
Gold

Gold Price Today: सोने के दाम में बड़ी गिरावट, 10 ग्राम का भाव ₹1.43 लाख पर

सोना (Gold) और चांदी (Silver) खरीदने का इंतजार कर रहे लोगों के लिए राहत की खबर है। पिछले तीन दिनों में दोनों कीमती धातुओं के भाव में अच्छी-खासी गिरावट आई है। सोना करीब ₹3,000 और चांदी लगभग ₹9,000 तक सस्ती हुई है। ऐसे में शादी-ब्याह के लिए गहने खरीदने या निवेश की योजना बना रहे लोगों की नजर अब बाजार के अगले रुख पर है। 22 अक्टूबर 2026 के बाजार अपडेट के मुताबिक, 10 ग्राम सोने की कीमत करीब ₹1.43 लाख और चांदी का भाव लगभग ₹2.01 लाख प्रति किलो बताया जा रहा है। हालांकि, अलग-अलग बाजारों में कीमतों का अंतर हो सकता है। Gold Rate Today: ₹1.43 लाख पर पहुंचा 10 ग्राम सोना Gold Price में आई गिरावट से खरीदारों को कुछ राहत जरूर मिली है। बीते तीन दिनों में भाव करीब ₹3,000 नीचे आने से उन लोगों के लिए खरीदारी का मौका बन सकता है, जो लंबे समय से कीमतें कम होने का इंतजार कर रहे थे। हालांकि, सोना खरीदने से पहले अपने शहर का ताजा भाव जरूर पता कर लें। 24 कैरेट सोने की कीमत और गहने बनाने में इस्तेमाल होने वाले 22 कैरेट सोने के भाव में अंतर होता है। इसके अलावा ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और GST भी देना पड़ता है। Silver Rate Today: चांदी ₹9,000 तक हुई सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली है। पिछले तीन दिनों में चांदी करीब ₹9,000 तक सस्ती हुई है और इसका भाव लगभग ₹2.01 लाख प्रति किलो के स्तर पर बताया जा रहा है। चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर उन ग्राहकों पर भी पड़ता है, जो त्योहारों पर चांदी के सिक्के, बर्तन या दूसरे सामान खरीदते हैं। हालांकि, खरीदारी से पहले स्थानीय बाजार में चांदी का ताजा भाव और शुद्धता की जानकारी लेना जरूरी है। सोना-चांदी के दाम क्यों गिर रहे हैं? Gold or Silver की कीमतें केवल घरेलू मांग से तय नहीं होतीं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले बदलाव, डॉलर की चाल, रुपये की स्थिति और ब्याज दरों को लेकर निवेशकों की उम्मीदें भी इनके भाव पर असर डालती हैं। जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी की कीमतें कमजोर होती हैं, तो भारतीय बाजार में भी इसका असर दिखाई दे सकता है। इसके अलावा मुनाफावसूली के कारण भी कीमतों में गिरावट आ सकती है। हालांकि, बाजार में आई गिरावट की किसी एक वजह को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं होगा। कीमतों की चाल कई आर्थिक और वैश्विक कारकों पर निर्भर करती है। क्या अभी सोना और चांदी खरीदना सही रहेगा? अगर आप शादी या त्योहार के लिए गहने खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो मौजूदा गिरावट आपके लिए राहत की बात हो सकती है। लेकिन केवल तीन दिन की गिरावट देखकर यह मान लेना ठीक नहीं है कि आगे भी भाव लगातार कम होंगे। खरीदारी से पहले अलग-अलग ज्वेलर्स के रेट की तुलना करें। सोने पर हॉलमार्क और शुद्धता की जांच करें तथा बिल में मेकिंग चार्ज और GST का पूरा विवरण देखें। निवेश के लिहाज से भी जल्दबाजी करने के बजाय अपने बजट और जोखिम उठाने की क्षमता को ध्यान में रखना बेहतर है। आगे Gold-Silver Price में क्या बदलाव हो सकता है? आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार का रुख, अमेरिकी डॉलर, ब्याज दरों से जुड़ी खबरें और रुपये की चाल सोने-चांदी की कीमतों को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में भाव में फिर तेजी आने या गिरावट जारी रहने, दोनों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। कुल मिलाकर, तीन दिनों में सोने और चांदी के दाम में आई गिरावट ने खरीदारों को थोड़ी राहत दी है। अगर आप आज खरीदारी करने जा रहे हैं, तो पहले अपने शहर का ताजा भाव जरूर जांच लें, क्योंकि बाजार भाव और ज्वेलरी की अंतिम कीमत में अंतर हो सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Amit Shah

Amit Shah Statement: धरने से कुछ नहीं होगा, जनता के बीच जाएं- विपक्ष को शाह की सलाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि सिर्फ धरना-प्रदर्शन करने से जनता का भरोसा नहीं जीता जा सकता। अगर विपक्ष को राजनीति में आगे बढ़ना है, तो उसे जनता के बीच जाकर काम करना होगा। शाह ने कांग्रेस को लेकर दावा किया कि पार्टी अगले 30 साल तक सत्ता में नहीं लौट पाएगी। उन्होंने अपने बयान में राहुल गांधी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनकी राजनीति और विपक्ष के विरोध प्रदर्शनों पर सवाल उठाए। अमित शाह का यह बयान ऐसे समय आया है, जब देश में चुनाव प्रक्रिया, मतदाता सूची और कथित वोट चोरी को लेकर भाजपा और विपक्ष के बीच सियासी टकराव जारी है। कांग्रेस लगातार चुनाव आयोग से जवाब मांग रही है, जबकि भाजपा विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक हताशा से जोड़ रही है। Amit Shah Statement: कांग्रेस पर क्यों बरसे गृह मंत्री? अमित शाह ने अपने संबोधन में कांग्रेस की राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव जीतने के लिए केवल विरोध प्रदर्शन करना काफी नहीं है। राजनीतिक दलों को जनता की समस्याओं को समझना और उनके समाधान के लिए काम करना चाहिए। शाह के मुताबिक, विपक्ष को अपनी चुनावी हार की वजहों पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति पर निशाना साधते हुए दावा किया कि पार्टी की मौजूदा राजनीति उसे लंबे समय तक सत्ता से दूर रख सकती है। हालांकि, कांग्रेस के अगले 30 साल तक सत्ता में नहीं आने का बयान अमित शाह का राजनीतिक दावा है। इसे किसी निश्चित चुनावी नतीजे के तौर पर नहीं देखा जा सकता। Rahul Gandhi का नाम लिए बिना क्या बोले अमित शाह? अमित शाह ने राहुल गांधी का नाम लिए बिना विपक्ष के धरने और प्रदर्शनों पर टिप्पणी की। उनके बयान को कांग्रेस और राहुल गांधी की ओर से चुनाव आयोग के खिलाफ उठाए जा रहे सवालों के जवाब के रूप में देखा जा रहा है। शाह का कहना है कि विपक्ष को जनता के बीच जाकर अपना समर्थन बढ़ाना चाहिए। केवल आरोप लगाने या सड़कों पर उतरने से चुनावी राजनीति में सफलता नहीं मिलती। दूसरी तरफ, कांग्रेस का तर्क है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है। पार्टी और INDIA गठबंधन के नेता मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। Vote Chori और SIR पर भाजपा-विपक्ष में टकराव देश की राजनीति में वोट चोरी और SIR यानी Special Intensive Revision का मुद्दा लगातार चर्चा में है। राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूची में नाम हटाए जाने और चुनावी प्रक्रिया से जुड़ी कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का कहना है कि इन मामलों में स्पष्ट जवाब मिलना चाहिए। वहीं, भाजपा इन आरोपों को खारिज करती रही है और विपक्ष पर चुनावी हार के बाद संस्थाओं पर सवाल उठाने का आरोप लगाती है। इस विवाद में दोनों पक्षों के अपने-अपने दावे हैं। मतदाता सूची से जुड़े आरोपों की सच्चाई समझने के लिए आधिकारिक आंकड़ों, चुनाव आयोग के जवाब और उपलब्ध प्रमाणों को देखना जरूरी है। चुनाव आयोग को लेकर भी जारी है सियासी लड़ाई मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी दलों का विरोध पहले भी सामने आ चुका है। विपक्ष ने मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों पर जवाब मांगा है। वहीं, भाजपा का कहना है कि चुनावी नतीजों को लेकर बेबुनियाद आरोप लगाने के बजाय विपक्ष को अपनी रणनीति पर ध्यान देना चाहिए। इस मुद्दे ने भाजपा और INDIA गठबंधन के बीच राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। आने वाले समय में यह विवाद चुनावी भाषणों और विपक्षी अभियानों में भी अहम भूमिका निभा सकता है। Amit Shah ने AAP पर भी साधा निशाना अमित शाह ने अपने संबोधन में आम आदमी पार्टी (AAP) की राजनीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने विपक्षी दलों को सलाह दी कि वे आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर जनता के लिए काम करें। दिल्ली की राजनीति में भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच लंबे समय से टकराव रहा है। ऐसे में शाह का बयान विपक्ष पर राजनीतिक दबाव बनाने के साथ-साथ भाजपा के चुनावी संदेश को मजबूत करने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है। आगे क्या होगा? कांग्रेस के सामने क्या चुनौती है? अमित शाह के बयान से साफ है कि भाजपा कांग्रेस और दूसरे विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शनों को लेकर आक्रामक रुख अपनाए हुए है। दूसरी ओर, कांग्रेस चुनाव आयोग और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर जवाब मांगने की अपनी रणनीति पर कायम है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि विपक्ष अपने आरोपों के समर्थन में क्या तथ्य सामने रखता है और चुनाव आयोग इन सवालों पर क्या जवाब देता है। साथ ही, यह भी देखना होगा कि इन मुद्दों का आने वाले चुनावों में मतदाताओं पर कितना असर पड़ता है। फिलहाल, अमित शाह का 30 साल वाला बयान राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। लेकिन आखिरकार चुनाव में किसे जनता का समर्थन मिलेगा, इसका फैसला मतदाता ही करेंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Ranbir Kapoor

Ranbir Kapoor Controversy: सच्चाई और अच्छाई पर गलत बोल गए रणबीर, अब मांगी माफी

बॉलीवुड एक्टर रणबीर कपूर (Ranbir Kapoor) अपने एक बयान को लेकर चर्चा में हैं। दशहरे के मौके पर कोलकाता में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने सच्चाई और अच्छाई को लेकर कुछ ऐसा कह दिया, जिस पर सोशल मीडिया पर सवाल उठने लगे। वीडियो वायरल हुआ तो लोगों ने उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया। अब रणबीर कपूर ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी है। उन्होंने सफाई दी कि बोलते समय उनकी जुबान फिसल गई थी और वह कुछ और कहना चाहते थे। दशहरे पर क्या बोल गए रणबीर कपूर? दरअसल, दशहरे के मौके पर Ranbir Kapoor कोलकाता में एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इस दौरान वह बुराई पर अच्छाई की जीत के संदेश के बारे में बात कर रहे थे। लेकिन अपनी बात रखते समय वह ‘सच्चाई और अच्छाई की जीत’ की जगह उनके अंत होने जैसी बात कह गए। उनके इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इसके बाद कई यूजर्स ने उनके शब्दों पर सवाल उठाए, तो कुछ ने मजाकिया अंदाज में प्रतिक्रिया दी। मामला इसलिए भी चर्चा में आया क्योंकि रणबीर कपूर अपनी आगामी फिल्म ‘रामायण’ में भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं। ट्रोलिंग के बाद Ranbir Kapoor ने मांगी माफी बयान को लेकर विवाद बढ़ने के बाद रणबीर कपूर ने चेन्नई में आयोजित ‘रामायण’ के म्यूजिकल इवेंट में इस पर सफाई दी। उन्होंने माना कि उस समय बोलते हुए उनकी जुबान फिसल गई थी। Ranbir ने बताया कि वह कहना चाहते थे कि बुराई कितनी भी ताकतवर क्यों न हो, आखिरकार जीत सच्चाई और अच्छाई की ही होती है। लेकिन शब्दों के गलत इस्तेमाल के कारण उनकी बात का अर्थ बदल गया। उन्होंने अपनी गलती के लिए माफी भी मांगी। अभिनेता ने हल्के-फुल्के अंदाज में यह भी समझाया कि कभी-कभी वह कहना कुछ चाहते हैं, लेकिन उनके मुंह से कुछ और निकल जाता है। उनकी इस सफाई के बाद यह साफ हुआ कि उनका इरादा दशहरे के संदेश के उलट बात कहने का नहीं था। Social Media पर क्यों होने लगे Ranbir Kapoor ट्रोल? Ranbir Kapoor का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कुछ लोगों ने इसे जुबान फिसलने की सामान्य गलती बताया, जबकि कुछ यूजर्स ने सार्वजनिक मंच पर बोलते समय ज्यादा सावधानी बरतने की बात कही। फिल्म ‘रामायण’ में भगवान राम का किरदार निभाने की वजह से भी यह बयान लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। हालांकि, रणबीर ने ज्यादा देर तक इस मामले पर चुप रहने के बजाय अपनी बात स्पष्ट की और गलती स्वीकार कर ली। Ranbir Kapoor की अपकमिंग फिल्म Ramayana भी चर्चा में रणबीर कपूर इन दिनों निर्देशक नितेश तिवारी की फिल्म ‘रामायण’ को लेकर भी सुर्खियों में हैं। फिल्म में साई पल्लवी माता सीता, यश रावण, सनी देओल हनुमान और रवि दुबे लक्ष्मण की भूमिका में नजर आएंगे। फिल्म के पहले भाग की रिलीज 5 नवंबर 2026 को तय बताई गई है। ऐसे में फिल्म के प्रमोशन के दौरान रणबीर कपूर के बयान ने भी लोगों का ध्यान खींचा है। Ranbir Kapoor Controversy: क्या है पूरा मामला? इस पूरे विवाद की शुरुआत दशहरे के कार्यक्रम में बोले गए गलत शब्दों से हुई। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद रणबीर कपूर को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। इसके बाद उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि उनकी जुबान फिसल गई थी और वह अच्छाई व सच्चाई की जीत की बात कर रहे थे। फिलहाल, रणबीर कपूर की माफी के बाद इस मामले में उनकी सफाई सामने आ चुकी है। अब दर्शकों की नजर उनकी फिल्म ‘रामायण’ पर है, जिसे लेकर पहले से ही काफी उत्सुकता बनी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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