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Tejas

Tejas Mk-1A Fighter Jet की पहली डिलीवरी इस महीने से शुरू भारत का Made in India लड़ाकू विमान तैयार

भारत की डिफेंस टेक्नोलॉजी ने एक और बड़ी छलांग लगाई है। तेजस Mk-1A फाइटर जेट (Tejas Mk-1A Fighter Jet), जो पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक पर आधारित है, अब भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) को सौंपा जाने वाला है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) की नासिक फैक्ट्री से इस महीने पहला तेजस Mk-1A विमान डिलीवर किया जाएगा। यह भारत की ‘Make in India’ और ‘Atmanirbhar Bharat’ मुहिम का सबसे बेहतरीन उदाहरण है। Tejas Mk-1A के Advanced Features: तेजस Mk-1A पुराने Mk-1 वर्जन से कहीं अधिक शक्तिशाली और फुर्तीला है। इसमें भारतीय और अंतरराष्ट्रीय तकनीक का बेहतरीन संतुलन है। HAL ने बढ़ाई Production Capacity HAL ने अपनी नासिक यूनिट में नई असेंबली लाइन शुरू की है, जिससे अब हर साल 24 तेजस फाइटर जेट बनाए जा सकेंगे। इस साल की शुरुआत में उत्पादन लक्ष्य 8 यूनिट रखा गया है, जो अगले सालों में 16 से 24 तक पहुंचेगा। अमेरिकी GE इंजन से मिल रही पावर तेजस Mk-1A में General Electric (GE) का F404 इंजन लगाया गया है। GE ने मार्च 2025 से भारत को इंजन की आपूर्ति शुरू कर दी है, जिससे उत्पादन प्रक्रिया को गति मिली है। 🇮🇳 Indian Air Force को मिलेगा बड़ा Boost भारतीय वायुसेना की वर्तमान में 31 स्क्वाड्रन हैं, जबकि जरूरत 42 स्क्वाड्रन की है। तेजस Mk-1A की सीरीज वायुसेना की युद्ध शक्ति को मज़बूत करेगी और पुराने मिग-21 जैसे फाइटर जेट्स की जगह लेगी। IAF के लिए 83 तेजस Mk-1A फाइटर जेट्स का ऑर्डर पहले ही दिया जा चुका है, जिनकी डिलीवरी अब शुरू हो रही है। Tejas Jet के Mini Models और Toys भी उपलब्ध तेजस की लोकप्रियता अब बाजार में भी दिख रही है। यहां कुछ शानदार मॉडल्स हैं: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Spy Network Exposed

Spy Network Exposed: Delhi Highcourt ने देशद्रोह के आरोपी को जमानत देने से किया इनकार

नई दिल्ली: भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े एक बेहद गंभीर मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने देशद्रोह और जासूसी के आरोपों का सामना कर रहे आरोपी की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। आरोपी पर आरोप है कि वह एक अंतरराष्ट्रीय जासूसी नेटवर्क (Spy Network) का हिस्सा था, जिसने भारतीय सशस्त्र बलों की गोपनीय जानकारी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों को लीक की। यह मामला Official Secrets Act, 1923 के तहत दर्ज किया गया है, जो भारत में जासूसी रोकने के लिए लागू एक सख्त कानून है। अदालत की सख्त टिप्पणी: “यह राष्ट्र के साथ विश्वासघात है” जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने सुनवाई के दौरान कहा: “जासूसी केवल एक व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि भारत की संप्रभुता, अखंडता और राष्ट्रीय सुरक्षा पर सीधा हमला है। यह राष्ट्र के साथ विश्वासघात है।” उन्होंने आगे कहा: “जब हमारे सैनिक सीमाओं पर सतर्क रहते हैं, तब ही देशवासी शांति से सांस लेते हैं। ऐसे जासूसी नेटवर्क भारत की सुरक्षा और सेना की रणनीतियों को खतरे में डालते हैं।” देश में बढ़ रहा है Spy Network का प्रभाव: NCRB डेटा से खुलासा नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के मुताबिक, भारत में जासूसी और गोपनीय जानकारी लीक करने के मामलों में 2014 से 2022 तक 5 गुना वृद्धि हुई है — जो देश में एक संगठित Spy Network की सक्रियता की ओर इशारा करती है। वर्ष दर्ज केस 2014 11 2015 9 2016 30 2017 18 2018 40 2019 40 2020 39 2021 55 2022 55 विशेषज्ञों का मानना है कि यह डेटा संकेत देता है कि कई विदेशी एजेंसियां भारत में Spy Network फैला रही हैं ताकि रणनीतिक सूचनाएं प्राप्त की जा सकें। कौन चला रहा है ये जासूसी नेटवर्क? सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, इन जासूसी नेटवर्क में शामिल लोग अक्सर: क्यों बढ़ रहे हैं जासूसी मामले? सुरक्षा विशेषज्ञ बताते हैं कि इस ट्रेंड के पीछे ये प्रमुख कारण हैं: क्या है Official Secrets Act, 1923? Official Secrets Act भारत का मुख्य Anti-Espionage कानून है। इसके तहत: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Congress on Operation Sindoor, Salman Khurshid statement

Operation Sindoor: क्या घोर मोदी विरोधी कांग्रेसी भी राहुल गांधी की राजनीति से दूर हो रहे हैं ?

नई दिल्ली। देश के सफल सैन्य अभियान Operation Sindoor को लेकर अब राजनीतिक हलकों में दिलचस्प बदलाव देखने को मिल रहे हैं। विपक्ष में बैठी Congress पार्टी, जो अब तक इस ऑपरेशन को लेकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री Narendra Modi पर सवाल उठाती रही थी, अब उसके कई वरिष्ठ नेता इस मुद्दे पर सरकार और भारतीय सेना के समर्थन में आ गए हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह समर्थन उन चेहरों की ओर से आ रहा है जिन्हें कभी कट्टर मोदी विरोधी माना जाता था। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विदेश मंत्री Salman Khurshid ने हाल ही में एक बयान में यह स्पष्ट किया कि पाकिस्तान से हुई बातचीत में किसी तीसरे देश की कोई भूमिका नहीं रही। पार्टी लाइन से अलग हुई आवाजें जहां एक ओर Rahul Gandhi और Mallikarjun Kharge की अगुवाई में कांग्रेस नेतृत्व इस अभियान पर सवाल उठाने में लगा रहा, वहीं पार्टी के अंदर से ही ऐसी आवाजें सामने आईं जो इस लाइन से पूरी तरह अलग थीं।Salman Khurshid ने विदेश सचिव Vikram Misri की ब्रीफिंग के बाद कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत-पाकिस्तान के बीच जो कुछ भी हुआ, उसमें किसी तीसरे देश की भूमिका नहीं थी। उनके अनुसार, “जब मामला गंभीर हो गया था, तब भी इसे सुलझाने की पहल पाकिस्तान के DGMO (Director General of Military Operations) ने की थी। भारत ने स्पष्ट कर दिया था कि अगर पाकिस्तान गंभीर है, तो हम भी तैयार हैं।” Trump का दावा और कांग्रेस का विरोध कांग्रेस ने अपने पिछले बयानों में यह आरोप लगाया था कि इस ऑपरेशन में अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने पाकिस्तान के साथ बातचीत में मध्यस्थता की थी, जो कि भारत की स्थापित विदेश नीति के खिलाफ है। लेकिन खुद ट्रंप ने भी बाद में इस दावे से पीछे हटते हुए भारत के स्टैंड को स्वीकार किया था। देश की एकजुटता बनी सबसे बड़ी ताकत Operation Sindoor की सफलता का सबसे बड़ा आधार रहा राष्ट्रीय एकता। सभी राजनीतिक दलों ने सरकार के साथ खड़े होकर यह संदेश दिया कि जब बात देश की सुरक्षा की हो, तो सब एक हैं। हालांकि अब कांग्रेस के अंदर इस अभियान को लेकर जो वैचारिक मतभेद उभर रहे हैं, वह 2024 के बाद बदलते राजनीतिक माहौल की ओर इशारा करते हैं। इस पूरे घटनाक्रम से यह साफ हो गया है कि भारत की सख्त नीति, सेना की कार्रवाई और कूटनीति का ऐसा मेल है, जिस पर विपक्ष भी एकमत नहीं रह पा रहा है। कांग्रेस पार्टी के अंदर ही अब ऐसे नेता सामने आ रहे हैं जो बिना लाग-लपेट के कह रहे हैं कि ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने बिल्कुल सही किया। यदि आप इस प्रकार के विश्लेषण और ग्राउंड रिपोर्ट्स पढ़ना चाहते हैं, तो जुड़े रहें देश हरपल के साथ – जहां हर खबर है ‘हरपल’ की।
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Operation Sindoor, Rahul Gandhi vs BJP, S Jaishankar Statement,

Operation Sindoor Controversy: राहुल बोले अपराध था पाकिस्तान को बताना, BJP बोली- कितने पाकिस्तानी जेट गिराए, ये क्यों नहीं पूछा?

नई दिल्ली | देश हरपलOperation Sindoor को लेकर एक बार फिर देश की सियासत गरमा गई है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के आरोपों के बाद अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने जोरदार पलटवार करते हुए कहा है कि राहुल गांधी “पाकिस्तान की भाषा” बोल रहे हैं। BJP आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, “राहुल को यह सवाल उठाना चाहिए था कि हमने कितने पाकिस्तानी फाइटर जेट गिराए। लेकिन वे सिर्फ यही पूछते रह गए कि हमने कितने विमान खोए। क्या राहुल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इतने सफल ऑपरेशन के लिए एक बार भी बधाई दी?” क्या है राहुल गांधी का आरोप? कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के एक पुराने बयान को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि ऑपरेशन सिंदूर शुरू होने से पहले भारत ने पाकिस्तान को इसकी सूचना दी, जो कि एक “अपराध” था। राहुल ने सवाल उठाया, “हमले से पहले पाकिस्तान को बताने का निर्णय किसने लिया? इससे हमें क्या नुकसान हुआ? वायुसेना ने कितने विमान गंवाए?” राहुल का कहना है कि जयशंकर ने खुद सार्वजनिक रूप से यह बात स्वीकार की है, और इसके लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए। BJP का तीखा पलटवार भाजपा ने राहुल गांधी के बयान को लेकर दो टूक शब्दों में कहा, “राहुल को पाकिस्तान और उसके हितैषियों की लाइन पर चलते देखना कोई आश्चर्य नहीं है। वे बार-बार हमारे नुकसान पूछते हैं लेकिन यह नहीं पूछते कि हमने कितने पाकिस्तानी एयरबेस पर हमला किया और वहां खड़े विमानों को तबाह किया।” बीजेपी नेताओं ने यह भी कहा कि राहुल गांधी ने ना सिर्फ प्रधानमंत्री की आलोचना की, बल्कि हमारी सेना के मनोबल को भी चोट पहुंचाई। अमित मालवीय ने व्यंग्यात्मक लहजे में पूछा, “क्या अब राहुल गांधी को निशान-ए-पाकिस्तान मिलने वाला है?” विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने क्या कहा था? दिल्ली में होंडुरास दूतावास के उद्घाटन के दौरान जयशंकर ने पत्रकारों से बातचीत में कहा था, “हमारे लक्ष्य आतंकवादी ढांचे को नष्ट करना था, जो हमने किया। शुरुआत में ही पाकिस्तान को यह बताया गया था कि हमला उनकी सेना पर नहीं, बल्कि आतंकवाद पर है। अगर वे हस्तक्षेप नहीं करते, तो हम इसे संघर्ष नहीं मानेंगे।” राजनीतिक विश्लेषण राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ऑपरेशन सिंदूर को लेकर हो रही यह बयानबाज़ी सिर्फ सरकार और विपक्ष की रणनीतिक सोच को दर्शाती है।जहां सरकार इसे एक रणनीतिक विजय बता रही है, वहीं विपक्ष सवाल उठाकर इसे जवाबदेही का मुद्दा बना रहा है। ऑपरेशन सिंदूर अब सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं रह गया है, यह एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। राहुल गांधी के आरोप और भाजपा का तीखा जवाब इस बात को साफ करते हैं कि 2025 की राजनीति में राष्ट्रीय सुरक्षा भी अब एक चुनावी मुद्दा बन सकती है।
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modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात 8 बजे देश को संबोधित करेंगे

Ceasefire Aftermath: PM Modi to Address Nation Tonight नई दिल्ली। PM Modi to Address Nation Tonight- भारत और पाकिस्तान के बीच तीन दिन पहले हुए सीजफायर के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात 8 बजे देश को संबोधित करेंगे। उम्मीद है कि पीएम मोदी ऑपरेशन सिंदूर और उसके बाद के हालात पर बात करेंगे। इस ऑपरेशन के दौरान 5 आर्मी और 2 BSF जवान शहीद हुए हैं, जबकि 60 जवान घायल हैं। वहीं, पाकिस्तान की गोलाबारी में 27 सिविलियंस की भी जान गई है। ऑपरेशन सिंदूर: कब और कैसे शुरू हुआ? 7 मई को भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत की। यह ऑपरेशन पाकिस्तान की लगातार गोलाबारी के जवाब में किया गया था। इस दौरान पाकिस्तान ने सीमावर्ती इलाकों में भारी गोलाबारी की, जिसमें भारतीय सेना और BSF को नुकसान हुआ। पाकिस्तान का ऑपरेशन बनयान-उन-मर्सूस सीजफायर के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने 10 मई की रात 11.30 बजे अपने देशवासियों को संबोधित किया। उन्होंने पाकिस्तानी सेना के ऑपरेशन बनयान-उन-मर्सूस की सफलता का दावा किया। पाकिस्तान में इसके बाद ‘यौम-ए-तशक्कुर’ मनाया जा रहा है, जिसका अर्थ है ‘शुक्रिया का दिन’। सेना के DGMO कर रहे प्रेस कॉन्फ्रेंस सीजफायर के बाद से लगातार तीन दिन से भारतीय सेना के तीनों अंगों के डीजीएमओ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं। इसमें सीजफायर के हालात और आगे की रणनीति पर चर्चा की जा रही है। क्या कह सकते हैं पीएम मोदी? प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन में ऑपरेशन सिंदूर की रणनीति और भविष्य की तैयारी पर चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा वे शहीद जवानों के परिवारों के लिए भी कुछ महत्वपूर्ण घोषणाएं कर सकते हैं। यौम-ए-तशक्कुर और भारत की प्रतिक्रिया पाकिस्तान में यौम-ए-तशक्कुर के उत्सव पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भारतीय रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान का यह दावा पूरी तरह से प्रोपेगेंडा है। देश हरपल पर बने रहें, पीएम मोदी के संबोधन की लाइव अपडेट्स के लिए।
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Barak-8

Pakistan Missile Attack: : भारत ने Barak-8 से दिया मुंहतोड़ जवाब

Pakistan Missile Attack: Barak-8 Air Defence System Shields India भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। 10 मई की सुबह, पाकिस्तान ने फतेह-1 मिसाइल से जम्मू एयर बेस और उधमपुर को निशाना बनाने की कोशिश की। लेकिन भारत ने अपनी दमदार वायु रक्षा प्रणाली बराक-8 से इस हमले को नाकाम कर दिया। Barak-8 : भारत-इजरायल की संयुक्त ताकत बराक-8 मिसाइल प्रणाली को भारत और इजरायल ने मिलकर विकसित किया है। यह सतह से हवा में मार करने वाली एडवांस मिसाइल है। बराक का हिब्रू में अर्थ ‘बिजली’ है, जो इसकी तेज गति और क्षमता का प्रतीक है। इसकी लंबाई 4.5 मीटर और वजन 275 किलोग्राम है। Barak-8 की क्षमताएँ और विशेषताएँ यह मिसाइल एक साथ कई हवाई खतरों का सामना कर सकती है। चाहे वह विमान हो, हेलीकॉप्टर, यूएवी, क्रूज मिसाइल या बैलिस्टिक मिसाइल, बराक-8 हर चुनौती का जवाब देने में सक्षम है। इसकी अधिकतम मारक दूरी 70-100 किलोमीटर तक है। इसकी अधिकतम गति मैक 2 है और 360-डिग्री कवरेज के साथ वर्टिकल लॉन्च की क्षमता भी है। दोहरी मोटर और थ्रस्ट वेक्टर कंट्रोल बराक-8 में दोहरी पल्स रॉकेट मोटर और थ्रस्ट वेक्टर कंट्रोल (TVC) है, जो मिसाइल को तेजी से लक्ष्य तक पहुँचाने में मदद करता है। सेचुरेशन अटैक के दौरान भी यह प्रणाली कई लक्ष्यों को एक साथ निशाना बना सकती है। क्यों है बराक-8 खास? बराक-8 आधुनिक वायु रक्षा प्रणाली और बहु-कार्य निगरानी ट्रैक और मार्गदर्शन रडार से लैस है। इसकी उच्चतम सटीकता और रडार सीकर प्रणाली दुश्मन के मिसाइल हमलों को नाकाम करने में मदद करती है। भारत की कूटनीतिक जीत इस हमले के विफल होने से पाकिस्तान की मंशा पर पानी फिर गया। भारत ने न केवल अपनी सुरक्षा प्रणाली की ताकत दिखाई, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी पाकिस्तान के इस कृत्य की कड़ी निंदा की जा रही है। बराक-8 मिसाइल प्रणाली ने साबित कर दिया कि भारत की वायु रक्षा में कोई कमी नहीं है। पाकिस्तान के हमले को बेअसर कर भारत ने स्पष्ट संदेश दिया है कि उसकी सुरक्षा में सेंध लगाने की कोशिश का करारा जवाब मिलेगा।
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Pakistan Occupied Kashmir (PoK)

OPREATION SINDOOR-क्या भारत बिना युद्ध के PoK को वापस ले सकता है? जानें कहां अटका है पेच

Pakistan Occupied Kashmir (PoK) का मुद्दा भारत और पाकिस्तान के बीच हमेशा से विवाद का विषय रहा है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या PoK को बिना युद्ध वापस हासिल किया जा सकता है? हाल ही में पाकिस्तान द्वारा राजस्थान, पंजाब और जम्मू-कश्मीर के कई शहरों पर ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद भारतीय सेना ने कड़ा जवाब दिया। भारत के इस निर्णायक रुख ने एक बार फिर PoK पर नियंत्रण को लेकर बहस को हवा दे दी है। Pakistan Occupied Kashmir (PoK) का ऐतिहासिक और भौगोलिक परिप्रेक्ष्य PoK मुख्यतः दो हिस्सों में बंटा है: गिलगिट-बाल्टिस्तान (64,817 किमी²) और तथाकथित ‘आज़ाद कश्मीर’ (13,297 किमी²)। जब भारत आजाद हुआ था, उस समय जम्मू-कश्मीर के महाराजा हरि सिंह ने पाकिस्तान के आक्रमण से बचने के लिए भारत से मदद मांगी थी। इसके तहत 26 अक्टूबर 1947 को Instrument of Accession पर हस्ताक्षर किए गए, जिससे जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग बन गया। हालांकि, पाकिस्तान ने इस क्षेत्र के कुछ हिस्सों पर कब्जा कर लिया, जिसे आज PoK के नाम से जाना जाता है। PoK पर भारत का कानूनी दावा संविधानिक दृष्टिकोण से जम्मू-कश्मीर का पूरा क्षेत्र भारत का अभिन्न हिस्सा है। भारत का तर्क है कि महाराजा हरि सिंह द्वारा हस्ताक्षरित विलय पत्र (Instrument of Accession) के अनुसार PoK भी भारत का अंग है। 2019 में अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के बाद केंद्र सरकार ने संसद में स्पष्ट किया था कि गिलगिट-बाल्टिस्तान समेत पूरा PoK भारत का अभिन्न हिस्सा है। अंतरराष्ट्रीय पेच और कूटनीतिक चुनौतियाँ भारत के लिए PoK को सीधा वापस लेना कूटनीतिक दृष्टि से आसान नहीं है। यह एक अंतरराष्ट्रीय विवाद का रूप ले चुका है। संयुक्त राष्ट्र का प्रस्ताव यह कहता है कि जब तक पाकिस्तान अपनी सेना को कश्मीर से नहीं हटाता, तब तक जनमत संग्रह की कोई संभावना नहीं है। पाकिस्तान ने न सिर्फ अपनी सेना बल्कि वहाँ के जनसांख्यिकी ढांचे में भी बदलाव किए हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाना भारत के लिए एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। क्या युद्ध ही एकमात्र विकल्प है? राजनीतिक और सामरिक विशेषज्ञों की राय में, बिना युद्ध के PoK को वापस लेना लगभग असंभव दिखता है। पाकिस्तान की सरकार और सेना कभी भी अपनी मर्जी से PoK को भारत को नहीं सौंपेंगी। हालांकि, युद्ध का विकल्प चुनने पर दोनों देशों के लिए आर्थिक और सामाजिक क्षति होगी। युद्ध की स्थिति में अंतरराष्ट्रीय समुदाय का दबाव भी एक महत्वपूर्ण पहलू बनकर उभर सकता है। भारत का PoK पर दावा न केवल ऐतिहासिक और संवैधानिक आधार पर मजबूत है, बल्कि राजनीतिक रूप से भी सटीक है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय राजनीति और पाकिस्तान की आंतरिक स्थिति इसे जटिल बना देती है। अगर पाकिस्तान शांति से PoK नहीं लौटाता, तो भारत के पास कूटनीतिक प्रयासों के बाद युद्ध के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।
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India Thwarts Pakistani Drone-Missile Attack:

India Thwarts Pakistani Drone-Missile Attack:भारत ने पाकिस्तानी ड्रोन-मिसाइल अटैक को फेल किया:बॉर्डर से सटे एयरबेस और सेना पर हमला

India Thwarts Pakistani Drone-Missile Attack: Border Airbase and Army Safe दो JF-17 और एक F-16… भारत ने गिराए PAK के तीन फाइटर जेट, पाक एयरफोर्स का AWACS भी फेल भारत ने पाकिस्तान के दो JF-17 और एक F-16 फाइटर जेट को मार गिराया है, साथ ही पाकिस्तान एयरफोर्स का AWACS विमान उनके ही पंजाब प्रांत में ध्वस्त कर दिया
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India Destroys Pakistan's Air Defense System

India Destroys Pakistan’s Air Defense System: Lahore और कराची में Drone Attacks से मचा हड़कंप

India Destroys Pakistan’s Air Defense System: Lahore – भारत ने लाहौर में पाकिस्तान के एयर डिफेंस सिस्टम को किया तबाह भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। गुरुवार को भारतीय सेना के ड्रोन हमलों ने पाकिस्तान के कई प्रमुख शहरों में हड़कंप मचा दिया। रिपोर्ट्स के अनुसार, लाहौर से लेकर कराची और रावलपिंडी तक 25 से अधिक ड्रोन हमलों में पाकिस्तान का एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह तबाह हो गया है। एयर डिफेंस सिस्टम का विनाश लाहौर और कराची में ड्रोन हमले के बाद पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। पाकिस्तान सरकार ने पुष्टि की है कि अब तक 25 ड्रोन अटैक हो चुके हैं, जिसमें रावलपिंडी, लाहौर और कराची में 3 बड़े ड्रोन अटैक शामिल हैं। इन हमलों में रावलपिंडी स्थित आर्मी कैंप पूरी तरह नष्ट हो गया है। परमाणु ठिकाने तक ड्रोन की पहुंच सूत्रों के मुताबिक, भारतीय ड्रोन ने पाकिस्तान के परमाणु ठिकाने तक भी पहुंच बना ली है। एक के बाद एक धमाकों से लाहौर और कराची में दहशत का माहौल है। पाकिस्तान की वायु रक्षा प्रणाली इन हमलों को रोकने में नाकाम साबित हुई। पाकिस्तान का बयान पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने ड्रोन हमलों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस हमले से उनकी सुरक्षा तैयारियों में गंभीर खामियां उजागर हुई हैं। हालांकि, इस हमले के पीछे भारत का हाथ होने का दावा भी किया गया है। भारत की प्रतिक्रिया भारत सरकार ने ऑफिशियल बयान जारी करके बताया, “07 और 08 मई की दरमियानी रात को पाकिस्तान ने ड्रोन और मिसाइलों का उपयोग करके अवंतीपुरा, श्रीनगर जम्मू, पठानकोट, अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना सहित कुल 15 शहरों में कई सैन्य ठिकानों पर हमला करने की कोशिश की. भारत ने पाकिस्तान पर जवाबी कार्रवाई करते हुए एयर डिफेंस सिस्टम तबाह कर दिया.” ड्रोन हमले के प्रभाव रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, पाकिस्तान के एयर डिफेंस सिस्टम का नष्ट होना एक बड़ा झटका है। इससे न केवल पाकिस्तान की सुरक्षा पर सवाल उठते हैं, बल्कि भारत की ड्रोन तकनीक और रणनीतिक क्षमता का भी प्रदर्शन होता है।
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Pakistan's Attack Foiled

Pakistan’s Attack Foiled:पाकिस्‍तान ने श्रीनगर, चंडीगढ़ समेत 15 शहरों में भारतीय सैन्य ठिकानों पर की हमले की कोशिश, भारत ने नाकाम

पाकिस्तान की नापाक साजिश नाकाम!Pakistan’s Attack Foiled पाकिस्तान ने उत्तरी और पश्चिमी भारत के कई महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर हमला करने की नाकाम कोशिश की। जम्मू-कश्मीर से लेकर पंजाब, राजस्थान और गुजरात तक के इलाकों में ड्रोन और मिसाइल के जरिए हमला करने की साजिश रची गई। हमले का मुख्य लक्ष्य अवंतीपुरा, श्रीनगर, पठानकोट, अमृतसर, लुधियाना और भुज जैसे अहम ठिकाने थे। हमलों को ऐसे किया गया नाकाम भारत की मजबूत रक्षा तैयारियों ने पाकिस्तान की इस साजिश को सफल नहीं होने दिया। देश की Integrated Counter-UAS Grid और Air Defence Systems ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और सभी हमलों को नाकाम कर दिया। विभिन्न स्थानों से बरामद ड्रोन और मिसाइल के मलबे ने हमले की पुष्टि की है। क्या है Integrated Counter-UAS Grid? यह प्रणाली विशेष रूप से ड्रोन और अन्य हवाई खतरों से निपटने के लिए तैयार की गई है। इसमें आधुनिक रडार सिस्टम, सेंसर और एंटी-ड्रोन तकनीक का उपयोग किया जाता है, जिससे किसी भी हमले का समय रहते पता लगाया जा सके। पाकिस्तान की रणनीति पर उठे सवाल इस नाकाम हमले के बाद पाकिस्तान की रणनीति पर सवाल खड़े हो गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला भारत को अस्थिर करने के लिए किया गया था। लेकिन भारत की तैयारी और सुरक्षा तंत्र ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया है। भारत का कड़ा संदेश भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इस हमले के बाद भारत की सुरक्षा एजेंसियां और सतर्क हो गई हैं। निष्कर्ष इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारत की सुरक्षा प्रणालियां बेहद मजबूत और सक्षम हैं। पाकिस्तान की नापाक साजिश को नाकाम कर भारत ने यह संदेश दिया है कि किसी भी आक्रमण का कड़ा जवाब दिया जाएगा।
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Voter ID

30 Crore Voter ID Cards होंगे अपडेट, पहचान और Verification होगा आसान

देशभर के करोड़ों मतदाताओं के लिए जल्द बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। चुनाव आयोग पुराने वोटर आईडी कार्ड्स को अपडेट करने की तैयारी में है। इस अभियान के तहत करीब 30 करोड़ Voter ID Cards में मौजूद धुंधले फोटो बदले जाएंगे और जिन कार्ड्स में मकान नंबर की जगह “00” लिखा है, वहां पूरा और सही पता दर्ज किया जाएगा। दरअसल, लंबे समय से शिकायतें सामने आ रही थीं कि कई वोटर कार्ड्स में फोटो इतने पुराने या धुंधले हैं कि पहचान करना मुश्किल हो जाता है। वहीं कई कार्ड्स में अधूरा पता होने से वोटिंग के दौरान लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। अब चुनाव आयोग इन खामियों को दूर करने के लिए बड़ा अपडेट अभियान शुरू करने जा रहा है। Blur Photo और गलत Address बने परेशानी की वजह ग्रामीण और शहरी इलाकों में बड़ी संख्या में ऐसे वोटर कार्ड पाए गए हैं, जिनमें फोटो साफ दिखाई नहीं देते। कई मामलों में कार्ड पर सिर्फ “00” लिखा होने से सही पता पता नहीं चल पाता। इससे मतदान केंद्रों पर पहचान सत्यापन में समय ज्यादा लगता है और कई बार विवाद जैसी स्थिति भी बन जाती है। इसी को देखते हुए अब रिकॉर्ड को ज्यादा सटीक और डिजिटल बनाने पर जोर दिया जा रहा है। माना जा रहा है कि इस कदम से फर्जी मतदान रोकने में भी मदद मिलेगी। कैसे होगा Voter Card Update? जानकारी के मुताबिक चुनाव आयोग चरणबद्ध तरीके से यह प्रक्रिया पूरी करेगा। जरूरत पड़ने पर मतदाताओं से नया फोटो और सही पता मांगा जा सकता है। कई जगह ऑनलाइन अपडेट की सुविधा भी दी जाएगी ताकि लोगों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। अगर किसी मतदाता के कार्ड में फोटो साफ नहीं है या पता गलत दर्ज है, तो उसे अपडेट करवाने का मौका मिलेगा। आयोग का फोकस डेटा को पूरी तरह साफ और आधुनिक बनाने पर है। चुनाव से पहले रिकॉर्ड सुधारने की तैयारी आने वाले चुनावों को देखते हुए चुनाव आयोग मतदाता सूची और पहचान संबंधी रिकॉर्ड को मजबूत करना चाहता है। साफ फोटो और सही एड्रेस होने से मतदान प्रक्रिया पहले से ज्यादा आसान और पारदर्शी हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह अभियान करोड़ों लोगों के लिए राहत लेकर आएगा, क्योंकि लंबे समय से लोग पुराने और खराब प्रिंट वाले वोटर कार्ड्स की समस्या झेल रहे थे।
India vs Afghanistan

India vs Afghanistan ODI 2026: पहली बार भारत के खिलाफ वनडे सीरीज खेलेगा अफगानिस्तान

भारत और अफगानिस्तान (India vs Afghanistan) के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का आगाज आज धर्मशाला के खूबसूरत HPCA स्टेडियम में होने जा रहा है। यह सीरीज इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि अफगानिस्तान पहली बार भारत के खिलाफ पूरी ODI सीरीज खेलने उतर रहा है। दोनों टीमों के फैंस इस मुकाबले का लंबे समय से इंतजार कर रहे थे, लेकिन मैच से पहले मौसम ने चिंता बढ़ा दी है। Kohli-Hardik के बिना उतरेगी Team India भारतीय टीम इस सीरीज में कई बड़े बदलावों के साथ मैदान पर उतरेगी। स्टार बल्लेबाज विराट कोहली चोट के कारण उपलब्ध नहीं हैं, जबकि हार्दिक पंड्या भी फिटनेस समस्या की वजह से टीम से बाहर हैं। ऐसे में टीम इंडिया की जिम्मेदारी कप्तान रोहित शर्मा और युवा खिलाड़ियों पर होगी। टीम मैनेजमेंट इस सीरीज को भविष्य की तैयारी के तौर पर देख रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले बड़े टूर्नामेंट्स को ध्यान में रखते हुए कुछ नए खिलाड़ियों को मौका दिया जा सकता है। ईशान किशन, यशस्वी जायसवाल और नितीश कुमार रेड्डी जैसे युवा खिलाड़ियों पर सभी की नजरें रहेंगी। Afghanistan के पास भी हैं मैच विनर खिलाड़ी अफगानिस्तान की टीम अब सिर्फ कमजोर टीम नहीं मानी जाती। पिछले कुछ वर्षों में टीम ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया है। राशिद खान, मोहम्मद नबी और रहमानुल्लाह गुरबाज जैसे खिलाड़ी किसी भी मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। भारतीय परिस्थितियों में खेलने का अनुभव भी अफगानिस्तान के खिलाड़ियों के पास है। ऐसे में टीम इंडिया के लिए यह सीरीज आसान नहीं रहने वाली। Dharamshala Weather ने बढ़ाई टेंशन धर्मशाला में मौसम मैच का सबसे बड़ा विलेन बन सकता है। मौसम विभाग के अनुसार मुकाबले के दौरान करीब 55 प्रतिशत बारिश की संभावना है। सुबह से ही इलाके में बादल छाए हुए हैं और हल्की बारिश भी देखने को मिली है। अगर बारिश लगातार होती रही तो मैच में ओवर कट सकते हैं या मुकाबला प्रभावित भी हो सकता है। हालांकि फैंस उम्मीद कर रहे हैं कि मौसम साफ हो और उन्हें पूरा मैच देखने को मिले। तेज गेंदबाजों को मिल सकती है मदद धर्मशाला की पिच आमतौर पर तेज गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती है। बादलों और नमी की वजह से शुरुआती ओवरों में गेंद ज्यादा स्विंग कर सकती है। ऐसे में टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी चुन सकती है। मैच की जरूरी जानकारी भारत जहां घरेलू मैदान का फायदा उठाकर सीरीज में जीत के साथ शुरुआत करना चाहेगा, वहीं अफगानिस्तान की नजर इतिहास रचने पर होगी। अब देखना दिलचस्प होगा कि बारिश के बीच कौन सी टीम मैदान पर बेहतर प्रदर्शन करती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Pranit More

Pranit More Controversy: महिलाओं पर विवादित Comments के बाद कॉमेडियन की माफी

स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणित मोरे (Pranit More) एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। महिलाओं को लेकर किए गए विवादित कमेंट्स के बाद इंटरनेट पर उनके खिलाफ भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। मामला बढ़ने के बाद अब कॉमेडियन ने सार्वजनिक तौर पर माफी मांगते हुए लोगों से एक मौका देने की अपील की है। प्रणित मोरे का एक वीडियो पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह महिलाओं को लेकर ऐसी टिप्पणियां करते दिखाई दिए, जिन्हें कई लोगों ने अपमानजनक और असंवेदनशील बताया। वीडियो सामने आने के बाद यूजर्स ने जमकर आलोचना शुरू कर दी और देखते ही देखते मामला सोशल मीडिया ट्रेंड बन गया। Viral Video के बाद बढ़ा विवाद वीडियो वायरल होने के बाद X, Instagram और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। कई यूजर्स ने कहा कि कॉमेडी के नाम पर महिलाओं का मजाक उड़ाना गलत है। कुछ लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि आखिर मनोरंजन की सीमा क्या होनी चाहिए। सोशल मीडिया पर #PranitMoreControversy ट्रेंड करने लगा और कई महिला संगठनों ने भी इस बयान पर नाराजगी जताई। सोशल मीडिया पोस्ट में मांगी माफी लगातार बढ़ते विवाद के बीच प्रणित मोरे ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक लंबा नोट शेयर किया। उन्होंने माना कि उनके शब्दों से लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। प्रणित ने लिखा, “मैं समझता हूं कि लोग मुझसे नाराज हैं। शायद मैं इस नफरत का हकदार भी हूं, लेकिन मैं सिर्फ इतना चाहता हूं कि लोग मुझे खुद को सुधारने का एक मौका दें।” उन्होंने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य किसी का अपमान करना नहीं था, लेकिन अब उन्हें अपनी गलती का एहसास हो चुका है। लोगों की राय बंटी हुई नजर आई इस पूरे मामले में सोशल मीडिया यूजर्स दो हिस्सों में बंटे नजर आए। कुछ लोगों का कहना है कि सार्वजनिक मंच पर इस तरह की भाषा स्वीकार नहीं की जानी चाहिए। वहीं दूसरी तरफ कुछ यूजर्स का मानना है कि गलती मान लेने के बाद किसी को सुधारने का मौका मिलना चाहिए। हालांकि, विवाद अभी भी पूरी तरह शांत नहीं हुआ है और सोशल मीडिया पर बहस जारी है। करियर पर पड़ सकता है असर मनोरंजन जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि इस विवाद का असर प्रणित मोरे की इमेज और करियर पर पड़ सकता है। आज के डिजिटल दौर में किसी भी बयान पर तुरंत प्रतिक्रिया देखने को मिलती है और सोशल मीडिया का दबाव कई बार कलाकारों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। फिलहाल, सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि दर्शक और इंडस्ट्री उनके माफीनामे को किस तरह लेते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
S Jaishankar

3 भारतीयों की मौत से भारत सख्त, US Secretary S Jaishankar की अहम बातचीत

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने अपने नागरिकों की मौत को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्री S Jaishankar ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से फोन पर बातचीत कर कॉमर्शियल जहाज पर हुए हमले में तीन भारतीय नागरिकों की मौत पर गहरी चिंता और विरोध दर्ज कराया। भारत ने साफ शब्दों में कहा है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर चल रहे व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाना पूरी तरह गलत है और इससे वैश्विक सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है। क्या है पूरा मामला? हाल ही में मध्य पूर्व के समुद्री क्षेत्र में एक कॉमर्शियल जहाज पर हमला हुआ था। इस हमले में तीन भारतीय नागरिकों की मौत हो गई। घटना के बाद भारत सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और पीड़ित परिवारों के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री से बातचीत के दौरान इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया और कहा कि निर्दोष नागरिकों की जान जाना बेहद दुखद है। भारत ने क्या कहा? विदेश मंत्री जयशंकर ने बातचीत में कहा कि समुद्री व्यापार दुनिया की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। ऐसे में कॉमर्शियल जहाजों पर हमला न केवल अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है, बल्कि इससे वैश्विक व्यापार और कई देशों की सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है और इस तरह की घटनाओं को लेकर बेहद संवेदनशील है। Middle East Tension पर बढ़ी चिंता मध्य पूर्व में पिछले कुछ समय से तनाव लगातार बढ़ रहा है। कई देशों ने समुद्री रास्तों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के हमले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव और कूटनीतिक गतिविधियों को और तेज कर सकते हैं। भारत भी लगातार शांति और सुरक्षित समुद्री व्यापार की वकालत करता रहा है। भारत सरकार की नजर स्थिति पर सरकार ने कहा है कि प्रभावित भारतीयों के परिवारों को हर संभव सहायता दी जाएगी। साथ ही क्षेत्र में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी लगातार निगरानी रखी जा रही है। इस घटना के बाद भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील भी की है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
धर्मेंद्र प्रधान

“खेल और पढ़ाई साथ-साथ चलेंगे” — Bhopal में धर्मेंद्र प्रधान ने खिलाड़ियों को दिया बड़ा संदेश

भोपाल में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने खिलाड़ियों के साथ संवाद करते हुए देश की नई शिक्षा और खेल नीति को लेकर बड़ा संदेश दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर धर्मेंद्र प्रधान मध्यप्रदेश पहुंचे, जहां उन्होंने खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग के साथ शूटिंग एकेडमी का दौरा किया। खिलाड़ियों से सीधा संवाद, स्किल और स्पोर्ट्स पर जोर इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों से मुलाकात की और कहा कि भारत अब शिक्षा के साथ-साथ स्किल और स्पोर्ट्स सेक्टर में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के जरिए पहली बार खेल और पढ़ाई को एक साथ जोड़ने पर गंभीरता से काम किया जा रहा है। पढ़ाई और खेल साथ-साथ चलेंगे धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि अब ऐसा सिस्टम तैयार किया जा रहा है, जिससे खिलाड़ी अपनी पढ़ाई और खेल दोनों को संतुलित तरीके से आगे बढ़ा सकें। इसके लिए अलग से कोर्स वर्क तैयार किया जा रहा है, ताकि छात्रों को खेल गतिविधियों का भी अकादमिक लाभ मिल सके। APAAR ID और Credit Score सिस्टम पर काम उन्होंने बताया कि खिलाड़ियों की APAAR ID के माध्यम से उनकी पढ़ाई और खेल उपलब्धियों को एक प्लेटफॉर्म पर जोड़ा जाएगा। साथ ही इंटर स्पोर्ट्स एक्टिविटी को क्रेडिट स्कोर सिस्टम से जोड़ने की तैयारी भी की जा रही है। इससे खिलाड़ियों को भविष्य में शिक्षा और करियर दोनों में फायदा मिलेगा। IIT में Sports Quota से युवाओं को मिलेगा फायदा केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पहली बार IIT जैसे बड़े संस्थानों में स्पोर्ट्स कोटा लागू किया गया है। यह कदम उन युवाओं के लिए नई उम्मीद लेकर आया है, जो खेल के साथ-साथ उच्च शिक्षा में भी आगे बढ़ना चाहते हैं। 2036 Olympics और Developed India Vision 2047 पर फोकस उन्होंने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि आने वाले 20 वर्षों में भारत को आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है। भारत का फोकस अब 2036 ओलंपिक की तैयारियों पर भी है और देश खेलों में विश्व स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाने की दिशा में काम कर रहा है। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि जब भारत आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब प्रधानमंत्री मोदी का विकसित भारत का सपना साकार होगा और देश दुनिया की महाशक्ति के रूप में उभरेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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