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Kuwait

Kuwait Airport Drone Attack Middle East में बढ़ा खतरा, US Military Bases भी निशाने पर

क्या है पूरा मामला? मध्य पूर्व (Middle East) एक बार फिर तनाव के दौर से गुजर रहा है। कुवैत, ईरान, इराक और अमेरिका से जुड़ी हालिया घटनाओं ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। कुवैत एयरपोर्ट ड्रोन अटैक: क्या हुआ? ताज़ा खबरों के मुताबिक, कुवैत के एक एयरपोर्ट पर ड्रोन हमले की सूचना सामने आई है। बताया जा रहा है कि इस हमले में फ्यूल टैंक में आग लग गई। हालांकि, अभी तक इस घटना की आधिकारिक पुष्टि पूरी तरह साफ नहीं हो पाई है, जिससे स्थिति को लेकर असमंजस बना हुआ है। इराक में US ठिकानों पर हमले दूसरी ओर, इराक में सक्रिय ईरान समर्थित लड़ाकों ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना तेज कर दिया है। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि अमेरिका के कई ठिकानों पर एक साथ हमले किए गए। यह घटनाएं क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव की ओर इशारा करती हैं। क्यों बढ़ रहा है Middle East में तनाव? विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रहा तनाव इसका मुख्य कारण है। इराक जैसे देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकाने अक्सर ईरान समर्थित समूहों के निशाने पर रहते हैं, और अब ड्रोन व मिसाइल हमले आम रणनीति बन चुके हैं। आम लोगों और दुनिया पर असर इन घटनाओं का असर सिर्फ सैन्य स्तर तक सीमित नहीं है। इससे आम लोगों में डर और अनिश्चितता बढ़ रही है। साथ ही, अगर हालात और बिगड़ते हैं तो तेल की कीमतों, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PM Modi

PM Modi Speech युद्ध के लंबे दुष्प्रभाव, भारत Government की सतर्कता

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Modi) ने राज्यसभा में हाल ही में एक महत्वपूर्ण भाषण में कहा कि मध्य-पूर्व में जारी युद्ध के नकारात्मक असर लंबे समय तक रह सकते हैं। प्रधानमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि यह केवल क्षेत्रीय संघर्ष नहीं है, बल्कि इसके वैश्विक आर्थिक, व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर असर भी पड़ सकते हैं। युद्ध और आर्थिक चुनौतियाँ PM Modi ने बताया कि इस युद्ध के कारण तेल, गैस और अन्य जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि भारत को ऊर्जा के आयात स्रोतों में विविधता लाने और सुरक्षित विकल्पों की तलाश करनी होगी। होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे समुद्री मार्गों में बाधा आने से व्यापार और आर्थिक गतिविधियों पर भी असर पड़ेगा। भारतीय नागरिकों की सुरक्षा प्रधानमंत्री ने खाड़ी देशों में रह रहे लगभग एक करोड़ भारतीय नागरिकों और कई भारतीय क्रू मेंबर्स की सुरक्षा पर भी चिंता जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सुरक्षा सरकार की उच्च प्राथमिकता है और हर आवश्यक कदम उठाया जा रहा है। सतर्कता और तैयारी PM Modi ने कहा कि सरकार लगातार स्थिति की निगरानी कर रही है और अप्रत्याशित परिस्थितियों से निपटने के लिए रणनीतियाँ तैयार हैं। उन्होंने राज्य सरकारों और संबंधित विभागों से भी सतर्क रहने और आवश्यक तैयारियाँ मजबूत करने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत वैश्विक स्तर पर अपनी राजनीतिक और आर्थिक रणनीतियों को मजबूती से बनाए रखेगा। देश की सुरक्षा, नागरिकों की भलाई और व्यापार की स्थिरता को प्राथमिकता देते हुए हर कदम उठाया जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Supreme Court

धर्म बदलने वालों के लिए चेतावनी Supreme Court ने तय किया SC Rights का नियम

भारत के सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court of India) ने अनुसूचित जाति (Scheduled Caste) के अधिकारों और धर्म परिवर्तन (Religious Conversion) से जुड़े एक ऐतिहासिक फैसले में साफ कर दिया है कि केवल हिंदू, सिख और बौद्ध धर्म के लोग ही SC का दर्जा और उससे जुड़े लाभ (Reservation और Benefits) का दावा कर सकते हैं। मुख्य बातें: धर्म परिवर्तन और SC Status कानूनी और सामाजिक पृष्ठभूमि सुप्रीम कोर्ट का तर्क सुप्रीम कोर्ट ने यह निर्णय उन याचिकाओं के खिलाफ सुनाया, जिनमें धर्म परिवर्तन करने वाले लोग SC/ST एक्ट के तहत आरक्षण और सुरक्षा के लाभ लेने का प्रयास कर रहे थे। कोर्ट ने कहा कि SC दर्जा ऐतिहासिक और संविधानिक आधार पर ही दिया गया है, और धर्म परिवर्तन करने से यह स्वतः समाप्त हो जाता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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2029 Elections

2029 Elections महिला आरक्षण और Seat Increase से बदलेगा सिस्टम

भारत की राजनीति एक बड़े बदलाव के मुहाने पर खड़ी है। आने वाले वर्षों में संसद की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है, क्योंकि सरकार 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले महिलाओं को 33% आरक्षण (Women Reservation) लागू करने की दिशा में गंभीरता से काम कर रही है। यह सिर्फ एक कानून नहीं, बल्कि प्रतिनिधित्व और समान भागीदारी की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। Lok Sabha Seats Increase: 543 से 816 तक का सफर इस योजना का सबसे बड़ा पहलू है लोकसभा सीटों की संख्या में संभावित बढ़ोतरी। अभी जहां 543 सीटें हैं, वहीं इन्हें बढ़ाकर 816 सीटें करने का प्रस्ताव सामने आया है। यह बदलाव परिसीमन (Delimitation) के जरिए होगा, जिसमें जनसंख्या के आधार पर नए निर्वाचन क्षेत्र बनाए जाएंगे। सीधे शब्दों में कहें तो, देश की बढ़ती आबादी को देखते हुए संसद में ज्यादा प्रतिनिधियों की जरूरत महसूस की जा रही है। 33% Women Reservation: महिलाओं को मिलेगा बड़ा प्रतिनिधित्व अगर सीटें 816 हो जाती हैं, तो उनमें से लगभग 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। यह भारतीय संसद के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा महिला प्रतिनिधित्व होगा। आज भी कई क्षेत्रों में महिलाएं राजनीति में आने से हिचकती हैं या उन्हें पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाते। ऐसे में यह कदम लाखों महिलाओं के लिए एक नई उम्मीद बन सकता है। क्यों जरूरी है यह बदलाव? यह सवाल कई लोगों के मन में आता है कि सीटें बढ़ाने की जरूरत क्यों पड़ी। दरअसल, अगर सीधे मौजूदा सीटों में से 33% आरक्षण लागू किया जाता, तो कई मौजूदा सांसदों की सीटें प्रभावित होतीं।सीटों की संख्या बढ़ाकर सरकार एक संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है, ताकि: 2029 Elections Target: कब तक लागू होगा? सरकार की योजना है कि यह पूरी प्रक्रिया 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले पूरी कर ली जाए। हालांकि इसके लिए कुछ जरूरी कदम अभी बाकी हैं: Human Angle: बदलाव सिर्फ आंकड़ों का नहीं, सोच का भी यह सिर्फ सीटों की गणित नहीं है, बल्कि सोच में बदलाव की कहानी भी है।जब संसद में अधिक महिलाएं होंगी, तो शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और सामाजिक मुद्दों पर नए नजरिए सामने आएंगे। गांव से लेकर शहर तक, कई महिलाएं अब राजनीति में अपनी पहचान बनाना चाहती हैं। यह आरक्षण उनके लिए दरवाजे खोल सकता है। राजनीति पर क्या असर पड़ेगा? इस फैसले का असर देश की राजनीति पर साफ दिखाई देगा: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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मोदी

पश्चिम एशिया Crisis मोदी का संदेश, नागरिक सुरक्षा और Energy Security पर जोर

पश्चिम एशिया (Middle East) में बढ़ता तनाव अब भारत की चिंता का बड़ा मुद्दा बन गया है। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने हाल ही में कहा कि किसी भी परिस्थिति में नागरिकों पर हमला स्वीकार्य नहीं है और क्षेत्र में शांति बनाए रखना बहुत जरूरी है। उनका यह संदेश स्पष्ट रूप से दुनिया को यह दिखाता है कि भारत सभी पक्षों के साथ संतुलित और जिम्मेदार रवैया अपनाए हुए है। होर्मुज Strait और भारत की चिंता प्रधानमंत्री ने खास तौर पर Strait of Hormuz का ज़िक्र किया। यह जलमार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल रूट्स में से एक है। अगर यहां रास्ता रोका गया, तो global oil supply प्रभावित होगी और तेल की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं। भारत की Energy Security भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात पर निर्भर करता है। मोदी ने बताया कि देश 41 देशों से तेल और गैस इंपोर्ट करता है ताकि किसी एक क्षेत्र पर निर्भरता कम रहे। इसके बावजूद पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव से भारत की अर्थव्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा पर असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार अगर संघर्ष और बढ़ता है, तो: भारत का संतुलित रुख भारत ने सभी पक्षों से dialogue और peace की अपील की है। सरकार का मुख्य फोकस न केवल वैश्विक स्थिरता पर है, बल्कि अपने नागरिकों की सुरक्षा और आर्थिक हितों की रक्षा भी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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मौसम

Weather Alert Delhi-राजस्थान में बारिश, Kedarnath में भारी Snowfall, फिर बदलेगा मौसम

राजस्थान–दिल्ली में बारिश से बढ़ी ठंड उत्तर भारत में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। राजस्थान और दिल्ली में हुई बारिश ने तापमान को नीचे ला दिया है। जिन लोगों ने हल्के कपड़े पहनना शुरू कर दिया था, उन्हें एक बार फिर ठंड का एहसास होने लगा है। सुबह-शाम की ठंडी हवाओं ने मौसम को और सर्द बना दिया है। पुरी में घना कोहरा, विजिबिलिटी कम वहीं पुरी में सुबह का नज़ारा पूरी तरह धुंध में लिपटा नजर आया। घने कोहरे की वजह से सड़क पर चलना मुश्किल हो गया। वाहन चालकों को खास सतर्कता बरतनी पड़ी, क्योंकि कई जगह विजिबिलिटी बेहद कम हो गई थी। केदारनाथ में 4 फीट तक बर्फबारी पहाड़ी इलाकों में सर्दी अपने चरम पर है। केदारनाथ मंदिर में भारी बर्फबारी के चलते करीब 4 फीट तक बर्फ जम गई है। पूरा इलाका सफेद चादर से ढक गया है। यह दृश्य जितना खूबसूरत है, उतना ही स्थानीय लोगों के लिए चुनौती भी बन गया है, क्योंकि ठंड और आवाजाही दोनों मुश्किल हो गई हैं। 3 दिन बाद फिर बदलेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, अगले 3 दिनों में एक और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय हो सकता है। इसका असर फिर से उत्तर भारत में देखने को मिलेगा, जहां बारिश और बर्फबारी का एक और दौर शुरू हो सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Kerala BJP अध्यक्ष के. सुरेंद्रन पर आरोप, कांग्रेस ने उठाई उम्मीदवारी रद्द करने की मांग

Kerala BJP अध्यक्ष के. सुरेंद्रन पर आरोप, कांग्रेस ने उठाई उम्मीदवारी रद्द करने की मांग

Kerala की राजनीति में इस समय नया विवाद सामने आया है। K. Surendran, जो Bharatiya Janata Party के प्रदेश अध्यक्ष हैं, उनकी उम्मीदवारी को लेकर Indian National Congress ने सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि सुरेंद्रन ने अपने चुनावी हलफनामे में पूरी जानकारी नहीं दी। पार्टी का दावा है कि उनके पास Bengaluru में करीब ₹200 करोड़ का एक आलीशान बंगला है, जिसकी जानकारी उन्होंने छिपाई है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि अगर यह आरोप सही साबित होते हैं, तो यह चुनाव नियमों का गंभीर उल्लंघन है। इसलिए उन्होंने चुनाव आयोग से उनकी उम्मीदवारी रद्द करने की मांग की है। वहीं, बीजेपी की ओर से इन आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया जा रहा है। पार्टी का कहना है कि चुनाव के समय इस तरह के आरोप लगाना विपक्ष की रणनीति का हिस्सा है। अब इस मामले पर सबकी नजर चुनाव आयोग के फैसले पर है। अगर जांच होती है, तो सच्चाई सामने आ सकती है और इसका असर चुनावी माहौल पर भी पड़ सकता है। ऐसी ही ताज़ा और भरोसेमंद खबरों के लिए जुड़े रहें Deshharpal News Portal के साथ। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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IRAN की सीजफायर पर 3 नई शर्तें, कहा- पहले भरोसा और सुरक्षा की गारंटी जरूरी

IRAN की सीजफायर पर 3 नई शर्तें, कहा- पहले भरोसा और सुरक्षा की गारंटी जरूरी

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच IRAN ने सीजफायर (युद्धविराम) को लेकर अपनी तीन नई शर्तें सामने रखी हैं। IRAN का कहना है कि जब तक उसकी सुरक्षा और सम्मान की गारंटी नहीं दी जाती, तब तक शांति की बात आगे नहीं बढ़ सकती। ईरान के अधिकारियों के मुताबिक, सबसे पहली शर्त है कि उस पर हुए हमलों का मुआवजा दिया जाए। उनका कहना है कि बिना नुकसान की भरपाई के आगे बढ़ना संभव नहीं है। दूसरी बड़ी मांग यह है कि ईरान को यह भरोसा दिया जाए कि भविष्य में उस पर कोई हमला नहीं किया जाएगा। यानी पहले सुरक्षा की गारंटी, तभी सीजफायर पर सहमति। तीसरी शर्त में ईरान ने उन पत्रकारों और मीडिया संस्थानों पर कार्रवाई की बात कही है, जिन्हें वह ‘ईरान विरोधी’ मानता है। ईरान का आरोप है कि कुछ मीडिया संस्थान लगातार उसके खिलाफ माहौल बना रहे हैं। इस पूरे मामले में साफ दिख रहा है कि दोनों पक्षों के बीच भरोसे की कमी सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है। आम लोगों के लिए यह स्थिति चिंता बढ़ाने वाली है, क्योंकि हर दिन बढ़ता तनाव शांति की उम्मीद को और कमजोर कर रहा है। अब दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या इन शर्तों के बाद बातचीत आगे बढ़ेगी या फिर तनाव और गहराएगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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West Bengal

West Bengal Controversy ‘Bangladesh जैसे हालात’ बयान से बढ़ा Political Tension

मामला क्या है? पश्चिम बंगाल (West Bengal) में एक बार फिर धार्मिक और राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। भाजपा नेता और राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी के हालिया बयान ने इस बहस को और तेज कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में मंदिरों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं बढ़ रही हैं और हाल ही में भगवान श्रीराम की एक मूर्ति को भी तोड़ा गया। Suvendu Adhikari का बयान सुवेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल की स्थिति की तुलना बांग्लादेश से करते हुए कहा कि यहां अब मंदिर तोड़ना आम बात होती जा रही है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ गई है और सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर बहस छिड़ गई है। BJP vs TMC: आरोप-प्रत्यारोप भाजपा का कहना है कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक होती जा रही है और धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया जा रहा है। वहीं, सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस इन आरोपों को सिरे से खारिज करती है। पार्टी का दावा है कि भाजपा जानबूझकर राज्य का माहौल खराब करने की कोशिश कर रही है और ऐसी घटनाओं को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। आम जनता पर असर स्थानीय लोगों की मानें तो इस तरह की घटनाएं समाज में तनाव पैदा करती हैं और आम जनता के बीच असुरक्षा की भावना बढ़ाती हैं। कई लोगों का कहना है कि राजनीति से ऊपर उठकर शांति और आपसी सौहार्द बनाए रखना जरूरी है। जांच और सच्चाई का इंतजार फिलहाल इस मामले में प्रशासन की ओर से विस्तृत जांच की जरूरत बताई जा रही है, ताकि सच्चाई सामने आ सके। जब तक आधिकारिक रिपोर्ट नहीं आती, तब तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Punjab में अधिकारी की आत्महत्या से हड़कंप: मंत्री का नाम लेकर वीडियो बनाया, CM ने तुरंत लिया एक्शन

Punjab में अधिकारी की आत्महत्या से हड़कंप: मंत्री का नाम लेकर वीडियो बनाया, CM ने तुरंत लिया एक्शन

Punjab में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक वेयरहाउस के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर ने आत्महत्या कर ली। इस घटना ने पूरे प्रशासनिक सिस्टम को हिला कर रख दिया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि आत्महत्या करने से पहले अधिकारी ने एक वीडियो रिकॉर्ड किया। इस वीडियो में उन्होंने एक मंत्री का नाम लेते हुए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था, जिससे वह मानसिक रूप से काफी परेशान थे। वीडियो सामने आने के बाद मामला और भी गंभीर हो गया। जैसे ही यह खबर फैली, राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई। मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई की। आरोपों के घेरे में आए मंत्री से इस्तीफा ले लिया गया है। साथ ही पूरे मामले की जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं, ताकि सच्चाई सामने आ सके। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या सिस्टम के अंदर काम कर रहे अधिकारियों पर दबाव इतना बढ़ चुका है कि उन्हें इस तरह का कदम उठाना पड़ रहा है। यह सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि एक परिवार की त्रासदी है। एक इंसान जो जिम्मेदारी निभा रहा था, वह आखिरकार इतना टूट गया कि उसे अपनी जान देनी पड़ी। ऐसे मामलों में सिर्फ जांच ही नहीं, बल्कि सिस्टम में सुधार की भी जरूरत है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sugar

Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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