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Road Accident

पटना Road Accident हाइवा और Auto की भिड़ंत में 8 की मौत, गंगा स्नान जा रहे थे यात्री

हाइवा-ऑटो भिड़ंत में 8 की मौत पटना (बिहार) में शनिवार सुबह एक दर्दनाक Road Accident हुआ। शाहजहांपुर के दनियावां-हिलसा स्टेट हाईवे-4 (सिगरियावा स्टेशन के पास) पर एक तेज रफ्तार हाइवा ट्रक और ऑटो की आमने-सामने टक्कर हो गई। इस हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई और कई यात्री घायल हो गए। हादसे का पूरा विवरण सुबह करीब 6 बजे ऑटो में सवार लोग नालंदा जिले के मलावा गांव से फतुहा गंगा स्नान के लिए निकले थे। रास्ते में अचानक सामने से आ रहे हाइवा ट्रक ने ऑटो को जोरदार टक्कर मार दी। घटनास्थल पर मातम और गुस्सा दुर्घटना की खबर मिलते ही इलाके में कोहराम मच गया। परिजन शवों से लिपटकर रोते रहे। ग्रामीणों में गुस्सा इतना था कि उन्होंने वहां मौजूद लोगों को वीडियो बनाने से भी रोक दिया। विधायक और प्रशासन की कार्रवाई हादसे की जानकारी मिलते ही प्रशासन मौके पर पहुंचा। यह पटना का भीषण Road Accident लापरवाह ड्राइविंग और तेज रफ्तार का नतीजा है। हादसे में 8 लोगों की जान चली गई, जिससे कई परिवारों का भविष्य अंधकारमय हो गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Voter List

Bihar Election 2025 Voter List से 65 Lakh नाम कटे, Supreme Court ने Election Commission से मांगा जवाब

Bihar Voter List Controversy Bihar Election 2025 से पहले Bihar Voter List Controversy ने सियासी हलचल मचा दी है। Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया के दौरान करीब 65 लाख मतदाताओं के नाम हटाए जाने के मामले की आज (22 अगस्त 2025) सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख 14 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को आदेश दिया था कि हटाए गए सभी मतदाताओं की District-wise और Booth-wise सूची सार्वजनिक की जाए। कोर्ट ने यह भी साफ किया था कि जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, वे Aadhaar, Voter ID Card और अन्य 11 वैध दस्तावेजों के आधार पर फिर से दावा कर सकते हैं। चुनाव आयोग की कार्रवाई चुनाव आयोग ने 19 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद 65 Lakh Deleted Voters List जारी कर दी। यह सूची ऑनलाइन और स्थानीय कार्यालयों (जैसे BLO और पंचायत स्तर पर) उपलब्ध कराई गई है, ताकि लोग आसानी से अपना नाम चेक कर सकें। आज की सुनवाई में क्या हुआ? आज की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि पूरी प्रक्रिया Voter-Friendly और Transparent होनी चाहिए। साथ ही कोर्ट ने Political Parties की निष्क्रियता पर सवाल उठाए और कहा कि राजनीतिक दलों को भी जनता की मदद के लिए आगे आना चाहिए, ताकि किसी नागरिक का Right to Vote प्रभावित न हो। पृष्ठभूमि: कैसे शुरू हुआ विवाद? 24 जून 2025 को चुनाव आयोग ने बिहार में Special Intensive Revision की शुरुआत की थी। आयोग का कहना है कि इसका उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना था। लेकिन इसके बाद अचानक 65 लाख नाम हटाए जाने पर विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उनका आरोप है कि यह कदम लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। आगे क्या होगा? अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में है। चुनाव आयोग ने भरोसा दिलाया है कि Final Voter List 30 सितंबर 2025 तक प्रकाशित कर दी जाएगी। इस बीच जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, वे आसानी से दस्तावेज जमा कर अपने नाम फिर से जुड़वा सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Jagdeep Dhankhar

Rahul Gandhi ने उठाया Jagdeep Dhankhar पर सवाल, Vice President Election 2025 में नई बहस

उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 से पहले देश की राजनीति में नया तूफ़ान उठ खड़ा हुआ है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पूर्व उपराष्ट्रपति Jagdeep Dhankhar के अचानक इस्तीफ़े और सार्वजनिक जीवन से गायब होने पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। Rahul Gandhi का सवाल: “Where is Jagdeep Dhankhar?” राहुल गांधी ने कहा— “कहाँ गए पुराने Vice President? वे क्यों छिपे हुए हैं और चुप्पी साधे हुए हैं? इसके पीछे एक बड़ी कहानी है।”उन्होंने यह भी याद दिलाया कि जब धनखड़ राज्यसभा की अध्यक्षता करते थे तो काफी मुखर रहते थे, लेकिन अब उनका अचानक ग़ायब हो जाना शक पैदा करता है। Jagdeep Dhankhar का इस्तीफ़ा और राजनीतिक चर्चा 21 जुलाई 2025 को जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर पद छोड़ दिया था। लेकिन विपक्ष का दावा है कि मामला केवल हेल्थ का नहीं है। Vice President Election 2025: Candidates और Timeline अब 9 सितंबर 2025 को उपराष्ट्रपति चुनाव होना तय है। चुनाव आयोग की गाइडलाइन के मुताबिक— मुख्य मुकाबला होगा— संसद में Political Heat संसद के मानसून सत्र में राहुल गांधी ने लगातार इस मुद्दे को उठाया। उनका कहना है कि “उपराष्ट्रपति का इस्तीफ़ा केवल स्वास्थ्य कारणों से नहीं हो सकता, इसके पीछे सच्चाई छुपाई जा रही है।” क्यों बड़ा है यह सवाल? हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PM Modi

PM Modi Gaya Visit: गया में ₹13,000 Crore Projects का शुभारंभ, Vishnupad Corridor से जुड़ी उम्मीदें

PM Modi ने आज (22 अगस्त 2025) गया (बिहार) में जनता को बड़ी सौगात दी। पीएम मोदी ने यहाँ करीब ₹13,000 करोड़ की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इस दौरान मगध विश्वविद्यालय, गया में भव्य जनसभा हुई, जहाँ लाखों की भीड़ उमड़ी। PM Modi की बड़ी सौगातें – Projects Worth ₹13,000 Crore Vishnupad Corridor पर टिकी उम्मीदें गया का विष्णुपद मंदिर धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। PM Modi की इस यात्रा के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि Vishnupad Corridor Project को भी जल्द मंजूरी मिल सकती है। इससे गया को अंतरराष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन का बड़ा केंद्र बनाने में मदद मिलेगी। Political Significance यह पीएम मोदी का इस साल बिहार का सातवाँ दौरा और अब तक का 54वाँ दौरा है। बार-बार हो रही यात्राएँ दिखाती हैं कि बिहार को केंद्र सरकार विशेष प्राथमिकता दे रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Stray Dogs

Stray Dogs Supreme Court Order: नसबंदी और Vaccination के बाद ही सड़क पर छोड़े जाएंगे कुत्ते

Delhi-NCR Dog Attack Case पर नया आदेश Delhi-NCR में बढ़ते Stray Dogs Attacks को लेकर लंबे समय से विवाद और चिंता बनी हुई थी। 11 अगस्त को Supreme Court की दो जजों की बेंच ने आदेश दिया था कि दिल्ली-एनसीआर से सभी आवारा कुत्तों को 6-8 हफ्तों में हटाकर शेल्टर होम में रखा जाए। साथ ही, 5,000 कुत्तों के लिए बड़े स्तर पर शेल्टर बनाने का निर्देश दिया गया था। इस आदेश का देशभर में विरोध हुआ। Animal Rights Groups से लेकर आम लोग तक सड़कों पर उतरे। इंडिया गेट पर प्रदर्शन हुए और हालात इतने बिगड़े कि दिल्ली के मुख्यमंत्री पर भी हमला हो गया। मामला बड़ी बेंच के पास पहुँचा 13 अगस्त को Chief Justice B.R. Gavai ने इस केस को तीन जजों की स्पेशल बेंच को सौंपा। जस्टिस विक्रम नाथ, संदीप मेहता और एन.वी. अंजरिया ने सुनवाई की और 14 अगस्त को फैसला सुरक्षित रखा। Supreme Court का नया आदेश (22 अगस्त) तीन जजों की बेंच ने आज (22 अगस्त) साफ कहा कि: क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला? आगे की जिम्मेदारी अब Municipal Corporations और Local Bodies की जिम्मेदारी है कि वे Sterilization और Vaccination Drive को तेज़ी से चलाएँ। ताकि Dog Bite Cases कम हों और Public Safety भी बनी रहे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gaganyaan Mission 2025, ISRO Press Conference, Shubhanshu Shukla Astronaut, Gaganyaan Update, ISS India Astronaut, ISRO Chief V Narayanan, अंतरिक्ष मिशन भारत, गगनयान मिशन शुभांशु शुक्ला

Gaganyaan Mission: अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से लौटे शुभांशु शुक्ला, ISRO ने बताया 80% काम पूरा

गगनयान मिशन को लेकर इसरो चीफ वी. नारायणन ने बड़ा अपडेट दिया। उन्होंने बताया कि मिशन का 80% काम पूरा हो चुका है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से लौटे ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अपने अनुभव साझा किए और इसे भारत के लिए गर्व का क्षण बताया। नई दिल्ली।भारत के पहले नागरिक अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला (Shubhanshu Shukla) की अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से वापसी के बाद इसरो (ISRO) ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस मौके पर इसरो प्रमुख वी. नारायणन ने शुभांशु शुक्ला को सफल मिशन के लिए बधाई दी और गगनयान (Gaganyaan) प्रोजेक्ट की प्रगति पर बड़ा अपडेट साझा किया। शुभांशु शुक्ला का अनुभव शुक्ला ने बताया कि उन्हें क्रू ड्रैगन (Crew Dragon) में बतौर मिशन पायलट यात्रा करने का मौका मिला। उनका मुख्य कार्य कमांडर के साथ मिलकर मिशन की सुरक्षा और संचालन पर ध्यान देना था।उन्होंने कहा – “दो हफ़्ते स्पेस में बिताना अविस्मरणीय अनुभव था। हमें जापान सहित कई जगहों पर ट्रेनिंग दी गई थी। एक भारतीय नागरिक के तौर पर इस मिशन में शामिल होना गर्व की बात है।” प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनके साथ मौजूद प्रशांत बी. नायर ने भावुक अंदाज़ में शुभांशु को “राम” और खुद को “लक्ष्मण” बताया। उन्होंने कहा – “राम-लक्ष्मण की तरह हमें इसरो की टीम ‘वानर सेना’ के रूप में सहयोग दे रही थी। यह सच में दीपावली जैसा क्षण है।” इसरो चीफ का बड़ा अपडेट इसरो प्रमुख वी. नारायणन ने कहा कि गगनयान मिशन का 80% काम पूरा हो चुका है, जबकि शेष 20% कार्य अगले साल मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि लॉन्चिंग के समय रॉकेट में तकनीकी गड़बड़ी आई थी, लेकिन इसरो की टीम ने उसे सही समय पर चिन्हित कर समाधान किया, जिसकी वजह से सभी चार यात्री सुरक्षित लौट पाए। उन्होंने आगे कहा – “भारत ने पहली बार किसी नागरिक को अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन तक भेजा है। यह देश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है।” भारत को ऊपर से देखना अद्भुत शुभांशु शुक्ला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि जब उन्होंने अंतरिक्ष से भारत को देखा, तो वह दृश्य अत्यंत सुंदर और गर्व से भरा हुआ था। उन्होंने कहा –
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Opposition Boycott Tea Meeting

Opposition Boycott: संसद की Tea Meeting से विपक्ष नदारद, पीएम मोदी ने साधा राहुल गांधी पर निशाना

नई दिल्ली।संसद का मॉनसून सत्र आज अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया। जहां सत्ता पक्ष ने इसे उपलब्धियों का सत्र बताया, वहीं विपक्ष ने सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ा। इसी बीच, सत्र समापन पर लोकसभा स्पीकर द्वारा आयोजित पारंपरिक Tea Meeting ने सियासी माहौल और गर्मा दिया। विपक्ष ने Tea Meeting का किया Boycott परंपरा के मुताबिक, हर सत्र के अंत में लोकसभा स्पीकर सभी दलों के नेताओं को चाय पर आमंत्रित करते हैं। यह मुलाकात न केवल औपचारिक शिष्टाचार होती है, बल्कि इसमें सहयोगात्मक राजनीति का संदेश भी छिपा होता है।लेकिन इस बार विपक्ष का कोई भी नेता Tea Meeting में नहीं पहुंचा। कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दलों ने इसे बहिष्कार (Opposition Boycott) कर दिया। पीएम मोदी का राहुल गांधी पर तंज विपक्ष की गैरहाजिरी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निराशा जताई और राहुल गांधी को निशाने पर लिया।पीएम मोदी ने कहा – “विपक्ष में खासकर कांग्रेस में कई युवा नेता बेहद प्रतिभाशाली हैं, लेकिन परिवारवाद और असुरक्षा की वजह से उन्हें बोलने का मौका नहीं मिलता। संभव है कि यही युवा नेता राहुल गांधी को असुरक्षित महसूस कराते हों। शायद इसी कारण राहुल गांधी उनसे घबरा गए हैं।” राजनीतिक संदेश स्पष्ट राजनीतिक गलियारों में इस Tea Meeting के बहिष्कार को एक बड़े संदेश की तरह देखा जा रहा है। जहां विपक्ष यह जताना चाहता है कि संसद में उनके सवालों की अनदेखी हुई, वहीं सत्ता पक्ष इसे लोकतांत्रिक परंपराओं की अनदेखी मान रहा है।
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हमले के बाद दिल्ली CM Rekha Gupta को CRPF सिक्योरिटी, 20+ हथियारबंद जवान 24 घंटे तैनात

हमले के बाद दिल्ली CM Rekha Gupta को CRPF सिक्योरिटी, 20+ हथियारबंद जवान 24 घंटे तैनात

दिल्ली की CM Rekha Gupta पर हुए हमले के बाद उनकी सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है। केंद्र सरकार ने उन्हें CRPF की Z-श्रेणी की सुरक्षा मुहैया कराई है। अब उनके साथ 20 से ज्यादा हथियारबंद जवान चौबीसों घंटे मौजूद रहेंगे। यह फैसला उस घटना के बाद लिया गया, जब मंगलवार को दिल्ली सचिवालय में जनसुनवाई के दौरान एक युवक ने उन पर हमला कर दिया। गनीमत रही कि सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत आरोपी को काबू कर लिया और मुख्यमंत्री सुरक्षित रहीं। रेखा गुप्ता ने घटना के बाद कहा—“जनता से मिलना मेरा कर्तव्य है, लेकिन इस तरह की घटनाएं दुखद और चिंता का विषय हैं। मैं चाहती हूं कि लोग बिना डर के अपनी समस्या कह सकें। सुरक्षा बढ़ी है, पर मेरा जनता से जुड़ाव कम नहीं होगा।” सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, अब मुख्यमंत्री के घर, ऑफिस और सार्वजनिक कार्यक्रमों में CRPF की टुकड़ी तैनात रहेगी। उनका मूवमेंट भी पहले से ज्यादा सुरक्षित तरीके से होगा। दिल्ली की राजनीति में यह हमला बड़ा मुद्दा बन गया है। विपक्ष जहां सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रहा है, वहीं समर्थक इसे मुख्यमंत्री के बढ़ते जनसंपर्क और लोकप्रियता से जोड़ रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Parliament

Parliament में नया कानून Arrested PM-CM को 30 दिन बाद कुर्सी छोड़नी होगी

30 Days Jail Rule: पीएम-CM और Ministers को पद छोड़ना होगा Parliament के मानसून सत्र में केंद्र सरकार ने बड़ा संवैधानिक बदलाव (Constitutional Amendment) करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में ऐसे बिल पेश किए हैं, जिनके अनुसार अगर कोई प्रधानमंत्री (PM), मुख्यमंत्री (CM) या मंत्री किसी गंभीर अपराध में गिरफ्तार होकर 30 दिन से ज्यादा Jail में रहता है, तो उसे पद छोड़ना पड़ेगा। अभी तक क्या था Rule? भारत के कानून में अभी तक केवल दोष सिद्ध (Conviction) होने पर ही नेता को अयोग्य ठहराया जाता था। नए Bill में क्या है Special? लोकसभा में पेश किए गए तीन बिल हैं: इनमें खास प्रावधान रखे गए हैं: क्यों जरूरी है यह Bill? सरकार का कहना है कि यह कानून लोकतंत्र की Credibility और Transparency बनाए रखने के लिए जरूरी है। Background और Examples पिछले कुछ सालों में कई उदाहरण सामने आए हैं, जैसे – दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को 2024 में Liquor Policy Case में गिरफ्तार किया गया था, फिर भी वे CM पद पर बने रहे।इसी तरह अन्य नेताओं की गिरफ्तारी ने सवाल खड़े किए कि जेल में रहते हुए सत्ता चलाना क्या लोकतंत्र की भावना के खिलाफ नहीं है? आगे का Roadmap ये Bill Parliament में पेश हो चुके हैं और संभावना है कि इन्हें Joint Parliamentary Committee (JPC) के पास समीक्षा के लिए भेजा जाएगा।अगर ये कानून पास हो जाता है तो भारत की राजनीति में यह एक Historic Step होगा, जिससे शासन व्यवस्था और जनता का भरोसा और मजबूत होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ahmedabad

Ahmedabad में 10th Class Student की हत्या, School Campus में हड़कंप

Ahmedabad, 20 अगस्त 2025: गुजरात के अहमदाबाद शहर के खोखरा इलाके में स्थित सेवन्थ डे स्कूल में 19 अगस्त को एक दुखद घटना सामने आई। कक्षा 10 के छात्र नयन की चाकू से हमला कर हत्या कर दी गई। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। कैसे हुआ हमला Ahmedabad पुलिस के अनुसार, हमलावर कक्षा 8 का छात्र था। यह घटना एक साधारण विवाद का परिणाम बताई जा रही है। हमले के बाद नयन को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उसकी मृत्यु हो गई। परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा नयन के परिजनों और स्थानीय लोगों ने स्कूल परिसर में जमकर हंगामा किया और तोड़फोड़ की। घटना ने इलाके में शोक और आक्रोश फैलाया। पुलिस की कार्रवाई Ahmedabad पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हमलावर छात्र को हिरासत में लिया गया है। जांच के अनुसार, यह हमला धार्मिक या सांप्रदायिक कारण से नहीं हुआ था, बल्कि व्यक्तिगत रंजिश की वजह से हुआ। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी छात्र के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव स्कूल प्रशासन और स्थानीय पुलिस ने अब सुरक्षा कड़े करने के उपायों पर विचार करना शुरू कर दिया है। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्कूलों में सुरक्षा बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Shiv Sena

Shiv Sena UBT Crisis: उद्धव ठाकरे गुट में बड़ी टूट, 9 में से 6 सांसद बागी

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी तूफान देखने को मिल रहा है। Shiv Sena (UBT) खेमे में अंदरूनी असंतोष खुलकर सामने आ गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पार्टी के 9 में से 6 सांसदों के बागी होने की खबर ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। यह घटनाक्रम सीधे तौर पर Uddhav Thackeray के नेतृत्व वाले गुट के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि इससे पार्टी की एकजुटता पर सवाल खड़े हो गए हैं। संजय राउत का तीखा रिएक्शन, प्रेस कॉन्फ्रेंस में बढ़ा तनाव इस राजनीतिक घटनाक्रम के बाद शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेता Sanjay Raut ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बेहद कड़ा रुख अपनाया। बताया जा रहा है कि इस दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया और राउत ने बगावत को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। उनकी यह प्रतिक्रिया सोशल और राजनीतिक दोनों स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है, क्योंकि वे हमेशा से उद्धव गुट के सबसे मुखर चेहरों में रहे हैं। चार साल पहले भी टूटी थी शिवसेना, शिंदे ने किया था बड़ा विद्रोह यह पहली बार नहीं है जब शिवसेना में इतनी बड़ी टूट देखने को मिली हो। लगभग 4 साल पहले Eknath Shinde के नेतृत्व में 39 विधायकों ने अलग होकर राजनीतिक समीकरण बदल दिए थे। उस समय हुई बगावत के बाद महाराष्ट्र की सत्ता में बड़ा बदलाव आया था और शिवसेना दो गुटों में बंट गई थी। उद्धव ठाकरे गुट के लिए बड़ा संकट ताजा घटनाक्रम ने एक बार फिर उद्धव ठाकरे गुट की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। 9 में से 6 सांसदों के अलग होने की खबरों से पार्टी संगठन कमजोर होता दिख रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर यह बगावत आगे बढ़ती है, तो इसका असर आने वाले चुनावी समीकरणों पर भी साफ दिखाई दे सकता है। महाराष्ट्र पॉलिटिक्स में बढ़ी हलचल महाराष्ट्र की राजनीति पहले से ही अस्थिर दौर से गुजर रही है और इस नई टूट ने इसे और ज्यादा गर्मा दिया है। लगातार बदलते गठबंधन और अंदरूनी मतभेदों के बीच यह घटनाक्रम राज्य की सियासत में नए सवाल खड़े कर रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि उद्धव ठाकरे इस राजनीतिक संकट को कैसे संभालते हैं और पार्टी को एकजुट रखने में कितने सफल होते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Sonu Nigam

Sonu Nigam Injury गर्दन की समस्या के चलते मुश्किल में सिंगर, रेस्ट की सलाह

मशहूर सिंगर Sonu Nigam की तबीयत को लेकर इन दिनों चिंता बढ़ गई है। जानकारी के मुताबिक, उन्हें पिछले कुछ समय से गर्दन में लगातार दर्द और भारीपन महसूस हो रहा था, जो धीरे-धीरे बढ़ता गया। जांच के बाद सामने आया कि उनकी गर्दन की नसों पर दबाव (nerve compression) की स्थिति बन गई है। इसी वजह से डॉक्टरों ने तुरंत MRI और CT स्कैन कराने की सलाह दी। रिपोर्ट आने के बाद फिलहाल उन्हें आराम करने और मेडिकल निगरानी में रहने को कहा गया है। क्या है पूरा मामला? रिपोर्ट्स के अनुसार, सोनू निगम को: खुद भी महसूस कर रहे हैं परेशानी सूत्रों के मुताबिक, सोनू निगम ने भी माना है कि इस दर्द की वजह से उनकी रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति के कारण उनका कॉन्फिडेंस भी थोड़ा कम महसूस हो रहा है और वह इस दर्द से जूझ रहे हैं। काम पर असर पड़ने की आशंका इस हेल्थ इश्यू की वजह से उनके आने वाले कुछ प्रोग्राम्स और रिहर्सल्स पर असर पड़ सकता है। हालांकि अभी तक उनकी टीम की तरफ से किसी शो के कैंसिल या पोस्टपोन होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। फैंस कर रहे हैं जल्द ठीक होने की दुआ जैसे ही यह खबर सामने आई, सोशल मीडिया पर फैंस काफी चिंतित नजर आए। लोग लगातार उनके गाने, आवाज और संगीत में दिए योगदान को याद करते हुए उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Shiv Sena

₹50-50 Crore Offer Claim: Shiv Sena UBT Split Row से सियासी हलचल तेज, Delhi तक पहुंचा मामला

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर भारी हलचल देखने को मिल रही है। Shiv Sena (UBT) को लेकर दावा किया जा रहा है कि पार्टी के 9 लोकसभा सांसदों में से 6 सांसद बगावत के रास्ते पर चले गए हैं। इस खबर ने न सिर्फ मुंबई बल्कि दिल्ली की सियासत को भी गर्मा दिया है। बागी सांसदों की स्पीकर से मुलाकात की संभावना हालांकि अभी तक इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, बागी सांसद आज लोकसभा स्पीकर से मुलाकात कर सकते हैं, जिसके बाद इस पूरे मामले की दिशा तय हो सकती है। Sanjay Raut का बड़ा आरोप: ₹50-50 करोड़ का ऑफर इस बीच शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद Sanjay Raut ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनकी पार्टी के सांसदों को तोड़ने के लिए ₹50-50 करोड़ रुपये तक का ऑफर दिया गया है। राउत ने यह भी दावा किया कि कुछ सांसदों को चार्टर्ड विमान से दिल्ली लाया गया, जिससे राजनीतिक माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया है। Uddhav Thackeray खेमे में चिंता पार्टी प्रमुख Uddhav Thackeray के नेतृत्व वाले गुट में इस कथित टूट को लेकर चिंता गहराती जा रही है। पार्टी का कहना है कि यह सब एक राजनीतिक साजिश का हिस्सा हो सकता है, जिसका मकसद संगठन को कमजोर करना है। Delhi और Maharashtra दोनों जगह नजरें टिकी दिल्ली और महाराष्ट्र दोनों जगह इस मामले पर नजरें टिकी हुई हैं, खासकर लोकसभा स्पीकर के अगले कदम पर सभी की निगाहें हैं। अगर यह मामला आगे बढ़ता है तो संसद में भी शिवसेना (UBT) की स्थिति पर बड़ा असर पड़ सकता है। राजनीतिक असर और भविष्य की तस्वीर राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ये दावे सही साबित होते हैं, तो महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। इसका असर आने वाले चुनावी समीकरणों और विपक्षी गठबंधन पर भी पड़ सकता है। स्थिति अभी अनिश्चित फिलहाल स्थिति पूरी तरह अनिश्चित बनी हुई है और सभी पक्षों के आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।
Monsoon

Monsoon Update पश्चिमी तट पर अटका मानसून, Mumbai Rain में 7–8 दिन की देरी

देश में इस समय मानसून (Monsoon) की रफ्तार उम्मीद से काफी धीमी बनी हुई है। मौसम विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के मुताबिक मानसून सिस्टम अभी पश्चिमी तट पर ही अटका हुआ है और आगे बढ़ने में लगातार देरी हो रही है। इसका सीधा असर यह है कि मुंबई समेत कई बड़े शहरों में बारिश की एंट्री अब 7–8 दिन बाद तक टल सकती है। देश में बारिश की स्थिति: कई इलाके अब भी सूखे IMD के अनुसार फिलहाल देश के करीब 103 जिलों में ही सामान्य बारिश दर्ज की जा रही है। बाकी क्षेत्रों में मानसून कमजोर पड़ा हुआ है, जिससे कई राज्यों में गर्मी और उमस लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। किसान भी बारिश की अनियमितता को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं। Mumbai Monsoon Update: बारिश का इंतजार बढ़ा देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में मानसून की पहली तेज बारिश का इंतजार लंबा होता जा रहा है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक वायुमंडलीय परिस्थितियां अनुकूल नहीं होतीं, तब तक मानसून का आगे बढ़ना मुश्किल रहेगा। इसी वजह से मुंबई में बारिश की शुरुआत में लगभग एक हफ्ते की देरी संभव है। Rajasthan Weather Alert: 23 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट राजस्थान में मौसम ने फिर से करवट ली है। राज्य के 23 जिलों में आंधी और बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। Monsoon Slowdown India: क्यों अटका है मानसून? मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस बार मानसून की धीमी गति के पीछे कुछ मुख्य कारण हैं— इन्हीं वजहों से मानसून पश्चिमी तट पर अटका हुआ है और आगे बढ़ने में समय ले रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
2027 Election

2027 Election Chessboard: OBC और Brahmin वोट बैंक को लेकर BSP-SP की नई रणनीति

उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 चुनाव (2027 Election) भले अभी दूर हो, लेकिन राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी चुनावी रणनीतियों पर काम शुरू कर दिया है। राज्य की दो प्रमुख विपक्षी पार्टियां—बहुजन समाज पार्टी (BSP) और समाजवादी पार्टी (SP)—अपने सामाजिक आधार को मजबूत करने में जुटी हुई हैं। एक तरफ मायावती OBC वोटरों को साधने की कोशिश कर रही हैं, तो दूसरी ओर अखिलेश यादव ब्राह्मण समाज के नेताओं के साथ लगातार संपर्क बढ़ा रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में इसे आने वाले चुनावों की शुरुआती तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि दोनों दल अपने पारंपरिक वोट बैंक से आगे बढ़कर नए सामाजिक समीकरण बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। OBC वोट बैंक पर BSP की नजर बहुजन समाज पार्टी लंबे समय से दलित राजनीति की सबसे बड़ी ताकत मानी जाती रही है। हालांकि पिछले कुछ चुनावों में पार्टी का जनाधार कमजोर हुआ है। ऐसे में मायावती अब पिछड़ा वर्ग यानी OBC समुदाय को अपने साथ जोड़ने की कोशिश में दिखाई दे रही हैं। पार्टी संगठन स्तर पर विभिन्न जिलों में बैठकों और कार्यक्रमों के जरिए OBC समाज तक पहुंच बनाने की रणनीति पर काम कर रही है। BSP नेताओं का मानना है कि यदि दलित और पिछड़ा वर्ग एक साथ आते हैं तो पार्टी फिर से मजबूत स्थिति में लौट सकती है। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर प्रदेश में OBC मतदाता किसी भी चुनाव का परिणाम बदलने की क्षमता रखते हैं। यही वजह है कि BSP इस वर्ग पर विशेष ध्यान दे रही है। ब्राह्मण समाज को साधने में जुटी SP समाजवादी पार्टी भी आगामी चुनावों को लेकर अपनी रणनीति को नया रूप दे रही है। पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव लगातार विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों और ब्राह्मण नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। SP का मानना है कि केवल पारंपरिक यादव और मुस्लिम वोट बैंक के सहारे सत्ता तक पहुंचना आसान नहीं होगा। इसलिए पार्टी अब ब्राह्मण समाज सहित अन्य वर्गों के बीच अपनी स्वीकार्यता बढ़ाने की कोशिश कर रही है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि ब्राह्मण समुदाय उत्तर प्रदेश की राजनीति में प्रभावशाली भूमिका निभाता है। ऐसे में इस वर्ग के साथ बढ़ता संवाद समाजवादी पार्टी के लिए भविष्य में फायदेमंद साबित हो सकता है। BJP के सामाजिक समीकरण को चुनौती देने की तैयारी उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी पिछले कई वर्षों से मजबूत सामाजिक गठबंधन के दम पर चुनाव जीतती रही है। पार्टी को सवर्ण, गैर-यादव OBC और कई अन्य वर्गों का व्यापक समर्थन मिला है। अब विपक्षी दल इसी सामाजिक समीकरण में सेंध लगाने की कोशिश कर रहे हैं। BSP जहां OBC और दलित वर्ग को एक मंच पर लाने की रणनीति बना रही है, वहीं SP ब्राह्मणों समेत विभिन्न समुदायों को साथ जोड़ने का प्रयास कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि ये रणनीतियां जमीन पर असर दिखाती हैं तो 2027 का चुनाव पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा दिलचस्प हो सकता है। 2027 की चुनावी बिसात धीरे-धीरे हो रही तैयार उत्तर प्रदेश की राजनीति में जातीय और सामाजिक समीकरण हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। यही कारण है कि चुनाव से काफी पहले ही राजनीतिक दल अपने-अपने वोट बैंक को मजबूत करने में जुट गए हैं। मायावती का OBC फोकस और अखिलेश यादव की ब्राह्मण नेताओं के साथ बढ़ती सक्रियता यह संकेत दे रही है कि 2027 विधानसभा चुनाव के लिए सियासी बिसात बिछनी शुरू हो चुकी है। आने वाले महीनों में प्रदेश की राजनीति में ऐसे कई नए समीकरण और गठबंधन देखने को मिल सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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