NE

News Elementor

Latest Posts

BREAKING NEWS:वक्फ संशोधन बिल पर लोकसभा में कल 12 बजे होगी चर्चा: सरकार और विपक्ष आमने-सामने, बड़ा सियासी संग्राम तय

नई दिल्ली: वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और प्रशासन से जुड़े वक्फ संशोधन विधेयक (Waqf Amendment Bill) को लेकर राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। यह विधेयक कल दोपहर 12 बजे लोकसभा में पेश किया जाएगा, जिस पर 8 घंटे की चर्चा निर्धारित की गई है। हालांकि, विपक्ष ने इस चर्चा को 12 घंटे तक बढ़ाने की मांग की है, जिससे यह साफ हो गया है कि इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच बड़ा टकराव हो सकता है। क्या है वक्फ संशोधन विधेयक? वक्फ संपत्तियों का प्रबंधन भारत में वक्फ अधिनियम, 1995 के तहत किया जाता है। वक्फ बोर्ड मुस्लिम समुदाय की धार्मिक और सामाजिक संपत्तियों को नियंत्रित करता है। हालांकि, समय-समय पर इस अधिनियम को लेकर विवाद होते रहे हैं। नए संशोधन में क्या बदलाव किए जा रहे हैं? विपक्ष ने जताया कड़ा विरोध इस विधेयक को लेकर विपक्ष ने तीखा विरोध जताया है। समाजवादी पार्टी (SP) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसे समुदाय के खिलाफ बताया और कहा,“सरकार बिना सभी पक्षों को सुने यह विधेयक लाना चाहती है, जो पूरी तरह अनुचित है। यह मुसलमानों की धार्मिक और सामाजिक संपत्तियों पर हमला है। हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे और पूरी ताकत से इसका विरोध करेंगे।” कांग्रेस, टीएमसी और अन्य विपक्षी दलों ने भी विधेयक पर चर्चा का समय बढ़ाने की मांग की है। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा,“यह कानून देश के लाखों लोगों को प्रभावित करेगा, इसलिए इस पर विस्तृत चर्चा होनी चाहिए। केवल 8 घंटे की चर्चा काफी नहीं है।” योगी आदित्यनाथ का समर्थन, कहा- बदलाव समय की मांग उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस विधेयक का खुलकर समर्थन किया है। उन्होंने कहा,“देश में वक्फ संपत्तियों का सही उपयोग बहुत ज़रूरी है। यह संशोधन पारदर्शिता लाने और गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए किया जा रहा है।” योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि,“वक्फ संपत्तियों को लेकर वर्षों से विवाद और अनियमितताएं रही हैं। अगर कोई बदलाव किया जा रहा है, तो वह राष्ट्रहित और समाजहित में है।” विधेयक के समर्थक और विरोधी कौन? इस विधेयक को लेकर दो खेमे बन चुके हैं।✅ समर्थक (BJP, JDU, AIADMK) – इन दलों का कहना है कि यह विधेयक संपत्तियों का सही प्रबंधन सुनिश्चित करेगा और भ्रष्टाचार को रोकेगा।❌ विरोधी (SP, Congress, TMC, AIMIM, Left) – विपक्षी दलों का मानना है कि सरकार इस कानून के ज़रिए वक्फ संपत्तियों पर नियंत्रण करना चाहती है और अल्पसंख्यकों को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रही है। अब आगे क्या होगा? निष्कर्ष: वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर संसद में जबरदस्त हंगामा देखने को मिल सकता है। सरकार इसे भ्रष्टाचार रोकने वाला कदम बता रही है, जबकि विपक्ष इसे अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ साजिश करार दे रहा है। कल संसद में होने वाली बहस के बाद ही यह तय होगा कि यह विधेयक पास होगा या नहीं।
Read more

क्या राणा सांगा ने बाबर को भारत आने का निमंत्रण दिया था? इतिहासकारों की राय और प्रमाण

देश हरपल एक्सक्लूसिव मुगल साम्राज्य के संस्थापक बाबर का भारत आगमन इतिहास के सबसे चर्चित विषयों में से एक है। एक लंबे समय से यह चर्चा होती रही है कि क्या मेवाड़ के राजा राणा सांगा ने वास्तव में बाबर को भारत पर आक्रमण करने के लिए आमंत्रित किया था या नहीं। इस सवाल का जवाब खोजने के लिए हमने कई प्रामाणिक ऐतिहासिक स्रोतों और इतिहासकारों की राय को खंगाला। क्या था ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य? 16वीं शताब्दी के प्रारंभ में उत्तर भारत छोटे-छोटे राज्यों में बंटा हुआ था। दिल्ली की सत्ता लोदी वंश के हाथों में थी, लेकिन सुल्तान इब्राहिम लोदी के खिलाफ कई विरोधी शासक थे, जिनमें राणा सांगा प्रमुख थे। दूसरी ओर, बाबर मध्य एशिया का एक शक्तिशाली शासक था, जिसने समरकंद और काबुल पर शासन किया था और उसकी नजरें हिंदुस्तान पर थीं। इतिहासकारों की राय और प्रमुख ग्रंथों का उल्लेख खानवा की लड़ाई: विश्वासघात या गलतफहमी? निष्कर्ष इतिहासकारों और प्रामाणिक ग्रंथों के अध्ययन से स्पष्ट होता है कि राणा सांगा ने बाबर को भारत आने का कोई औपचारिक निमंत्रण नहीं दिया था। हां, इब्राहिम लोदी के खिलाफ एक अनकहा गठबंधन जरूर था, लेकिन बाबर ने भारत पर अपने हितों के कारण आक्रमण किया था, न कि राणा सांगा के निमंत्रण पर। बाद में जब राणा सांगा को एहसास हुआ कि बाबर वापस नहीं जाने वाला, तो उन्होंने उसके खिलाफ युद्ध किया। (लेखक: देश हरपल न्यूज़ डेस्क)
Read more
Kiran Rijiju

वक्फ संशोधन बिल पर किरन रिजिजू का बड़ा बयान: ‘विरोध करने वाले करोड़ों की जमीन पर काबिज’, जानिए पूरा मामला

नई दिल्ली: वक्फ संशोधन बिल को लेकर देशभर में बहस तेज हो गई है। इस बीच, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस मुद्दे पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जो लोग इस बिल का विरोध कर रहे हैं, वे खुद करोड़ों की जमीन पर अवैध कब्जा जमाए बैठे हैं। क्या है वक्फ संशोधन बिल? वक्फ संशोधन बिल 2023 को लेकर संसद में चर्चा जोरों पर है। सरकार का कहना है कि यह बिल वक्फ संपत्तियों से जुड़े विवादों को हल करने और पारदर्शिता लाने के लिए लाया गया है। इस बिल के जरिए वक्फ बोर्डों को दी जाने वाली कुछ विशेष शक्तियों में बदलाव किया गया है, जिससे संपत्ति विवादों को सुलझाने में आसानी होगी। किरन रिजिजू ने क्या कहा? केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने एक इंटरव्यू में कहा कि जो लोग इस बिल का विरोध कर रहे हैं, वे खुद करोड़ों रुपये की जमीन पर अवैध रूप से काबिज हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वक्फ की आड़ में कई जगहों पर अवैध कब्जे हुए हैं और सरकार इन मामलों को ठीक करने के लिए यह कानून ला रही है। केरल के बिशप का समर्थन केरल के कैथोलिक बिशप ने भी वक्फ संशोधन बिल का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि वक्फ संपत्तियों को लेकर कई राज्यों में विवाद हैं और इस बिल से इस समस्या का हल निकल सकता है। विपक्ष का विरोध क्यों? विपक्षी दलों का कहना है कि यह बिल मुस्लिम समुदाय की संपत्तियों के खिलाफ है और इससे उनके अधिकारों का हनन होगा। वहीं, सरकार का कहना है कि यह बिल केवल पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित करने के लिए लाया गया है। सरकार की मंशा क्या है? सरकार का कहना है कि वक्फ संपत्तियों पर अनियमितताओं और अवैध कब्जों को रोकने के लिए इस बिल की जरूरत है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि इससे किसी भी धर्म विशेष के अधिकारों का उल्लंघन नहीं होगा। आगे क्या होगा? वक्फ संशोधन बिल पर संसद में बहस जारी है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह बिल पास होता है या विपक्षी विरोध के कारण इसमें और बदलाव किए जाते हैं।
Read more
PM pays tribute to RSS founders in Nagpur

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नागपुर दौरा: संघ संस्थापकों को श्रद्धांजलि, माधव नेत्रालय के कार्यक्रम में संबोधन

नागपुर, 30 मार्च: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने नागपुर दौरे के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के संस्थापकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और माधव नेत्रालय के एक विशेष कार्यक्रम में लोगों को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने चिकित्सा सेवा, सामाजिक योगदान और भारत के दृष्टिहीन नागरिकों के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला। संघ संस्थापकों को पुष्पांजलि प्रधानमंत्री मोदी ने नागपुर स्थित केशव कुंज पहुंचकर संघ के संस्थापकों डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार और माधव सदाशिव गोलवलकर (गुरुजी) को पुष्पांजलि अर्पित की। यह स्थान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का ऐतिहासिक केंद्र माना जाता है, जहां से संघ की विचारधारा और राष्ट्र निर्माण की दिशा में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाते हैं। माधव नेत्रालय के कार्यक्रम में PM मोदी का संबोधन इसके बाद प्रधानमंत्री माधव नेत्रालय के एक कार्यक्रम में पहुंचे, जहां उन्होंने समाज के जरूरतमंद लोगों के लिए इस संस्थान की सेवाओं की सराहना की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा,“माधव नेत्रालय केवल नेत्रों का इलाज करने का केंद्र नहीं, बल्कि समाज की सेवा का एक बड़ा उदाहरण है। दृष्टिहीनता को कम करने के लिए किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं।” प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत देशभर में आंखों की बीमारियों से बचाव और इलाज के लिए बड़े स्तर पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना, डिजिटल हेल्थ मिशन और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। राष्ट्रीय सेवा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में योगदान प्रधानमंत्री नेत्रालय के डॉक्टरों, विशेषज्ञों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की भी प्रशंसा की, जो नि:स्वार्थ भाव से जरूरतमंदों की मदद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवा और समाज सेवा के क्षेत्र में नागपुर जैसे शहरों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है, और यह संस्थान इस दिशा में एक मिसाल कायम कर रहा है। नागपुर दौरे का महत्व प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा कई मायनों में अहम माना जा रहा है। संघ के गढ़ नागपुर में उनकी उपस्थिति राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि आने वाले चुनावों में इससे भाजपा और संघ के संबंधों को नई ऊर्जा मिलने की संभावना जताई जा रही है। प्रधानमंत्री का यह दौरा केवल श्रद्धांजलि और संबोधन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने नागपुरवासियों को यह संदेश दिया कि सरकार स्वास्थ्य, सेवा और समाज कल्याण के लिए निरंतर प्रयासरत है। (देश हरपल न्यूज के लिए विशेष रिपोर्ट)
Read more

सामूहिक विवाह में भाई-बहन की शादी

उत्तर प्रदेश के जौनपुर में आयोजित एक महोत्सव के दौरान हुए सामूहिक विवाह कार्यक्रम में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। आरोप है कि इस कार्यक्रम में भाई-बहन को दूल्हा-दुल्हन के रूप में बैठाकर उनकी शादी कराई गई। इस सामूहिक विवाह में लगभग 1001 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ था, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल हुए थे। घटना के अनुसार, एक युवक ने अपनी बहन के साथ विवाह मंडप में बैठने के पीछे सफा पहनने की इच्छा का कारण बताया। उसका कहना था कि उसे सफा पहनने का शौक था, इसलिए वह अपनी बहन के साथ विवाह मंडप में बैठ गया। इस मामले के उजागर होने के बाद प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है।  यह घटना मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आयोजित कार्यक्रमों में सामने आए फर्जीवाड़े की घटनाओं में से एक है। इससे पहले भी अमरोहा जिले में एक महिला ने अपने चचेरे भाई के साथ शादी करके सरकारी लाभ प्राप्त करने की कोशिश की थी। इन घटनाओं के प्रकाश में आने के बाद प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है और जांच के आदेश दिए गए हैं। इन घटनाओं से स्पष्ट होता है कि सामूहिक विवाह योजनाओं में सख्त निगरानी और सत्यापन की आवश्यकता है, ताकि इस तरह के फर्जीवाड़े रोके जा सकें और सरकारी योजनाओं का सही लाभ पात्र लोगों तक पहुंच सके।
Read more
SupremeCourtHearingControversy; Supreme Court

सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर लगाई रोक, कहा- ‘टिप्पणी असंवेदनशील और अमानवीय’

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक फैसले पर रोक लगाते हुए उसकी कड़ी आलोचना की। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि किसी नाबालिग लड़की के ब्रेस्ट पकड़ना और उसके पायजामे का नाड़ा तोड़ना रेप या ‘अटेम्प्ट टु रेप’ की श्रेणी में नहीं आता। सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले को ‘असंवेदनशील’ और ‘अमानवीय दृष्टिकोण’ बताया है। सुप्रीम कोर्ट की कड़ी प्रतिक्रिया जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस एजी मसीह की पीठ ने इस मामले की सुनवाई करते हुए कहा, “यह बहुत गंभीर मामला है और जिस जज ने यह फैसला दिया, उसकी तरफ से बहुत असंवेदनशीलता दिखाई गई। हमें यह कहते हुए बहुत दुख हो रहा है कि फैसला लिखने वाले में संवेदनशीलता की पूरी तरह से कमी थी।” सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और अन्य पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इससे पहले मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर स्वतः संज्ञान लिया था। यह फैसला आते ही कानूनी विशेषज्ञों, राजनेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध किया था। सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे को गंभीर मानते हुए तुरंत सुनवाई का निर्णय लिया। केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी सुप्रीम कोर्ट के रुख का समर्थन किया। उन्होंने कहा, सुप्रीम कोर्ट ने खुद लिया संज्ञान “कुछ फैसलों को रोकने के पीछे महत्वपूर्ण कारण होते हैं, और यह उनमें से एक है।” हाईकोर्ट का विवादास्पद फैसला इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था, “किसी लड़की के निजी अंग पकड़ लेना, उसके पायजामे का नाड़ा तोड़ देना और जबरन उसे पुलिया के नीचे खींचने की कोशिश करना रेप या ‘अटेम्प्ट टु रेप’ की श्रेणी में नहीं आता।” हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद महिला संगठनों और कानूनी विशेषज्ञों ने इसकी आलोचना करते हुए कहा कि यह पीड़िता के अधिकारों का हनन करता है और यौन उत्पीड़न को हल्के में लेने जैसा है। न्यायपालिका पर उठे सवाल यह मामला देश में महिला सुरक्षा से जुड़े कानूनी ढांचे को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे फैसले अपराधियों को बचाव का आधार दे सकते हैं और महिलाओं के प्रति हो रहे अपराधों के खिलाफ न्याय मिलने में बाधा बन सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से अब पीड़िता को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। इस मामले की अगली सुनवाई जल्द ही होने की संभावना है। (देश हरपल की विशेष रिपोर्ट)
Read more
1 115 116 117

Editor's Picks

EPFO

PF Withdrawal New System EPFO 3.0 से बदल जाएगा पूरा प्रोसेस, होगा फास्ट और डिजिटल

कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) जल्द ही अपना नया सिस्टम EPFO 3.0 लागू करने जा रहा है, जिसके बाद PF (Provident Fund) निकालने की प्रक्रिया पहले से कहीं ज्यादा आसान, तेज और डिजिटल हो जाएगी। अब पैसे के लिए लंबा इंतजार और दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। UPI और ATM से सीधे PF Withdrawal नई व्यवस्था में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब PF का पैसा सीधे UPI और ATM के जरिए निकाला जा सकेगा। यानी बैंक या ऑनलाइन क्लेम की लंबी प्रक्रिया खत्म होने की ओर है। यह बदलाव कर्मचारियों के लिए बड़ी सुविधा लेकर आएगा। मिनटों में PF का पैसा आपके अकाउंट में EPFO 3.0 में सिस्टम को पूरी तरह रियल-टाइम प्रोसेसिंग से जोड़ा जा रहा है। जैसे ही आपका क्लेम अप्रूव होगा, पैसा कुछ ही मिनटों में आपके बैंक अकाउंट या UPI में पहुंच जाएगा। इससे पहले जहां कई दिन लग जाते थे, अब इंतजार काफी कम हो जाएगा। आसान और सिंपल होंगे PF के नियम नए सिस्टम में PF निकासी के नियमों को भी सरल किया जा रहा है। अब अलग-अलग कैटेगरी की जटिलता को कम करके इसे कुछ ही मुख्य श्रेणियों में रखा जाएगा, जिससे प्रोसेसिंग तेज और आसान हो सके। Auto Settlement की सुविधा भी होगी EPFO 3.0 में कई मामलों में क्लेम अपने आप सेटल हो जाएगा। यानी बिना ज्यादा डॉक्यूमेंट और बिना देरी के आपका PF प्रोसेस हो जाएगा। यह सुविधा खासकर छोटे और सामान्य क्लेम्स के लिए फायदेमंद होगी। जरूरत पर तुरंत मिलेगा बड़ा हिस्सा नई व्यवस्था के तहत कर्मचारी अपने PF का लगभग 75% तक हिस्सा जरूरत पड़ने पर तुरंत निकाल सकेंगे, जबकि बाकी राशि सुरक्षित रहेगी ताकि रिटायरमेंट फंड पर असर न पड़े। EPFO 3.0 का मुख्य उद्देश्य क्या है? इस नए सिस्टम का मकसद PF प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और बैंकिंग जैसी आसान बनाना है, ताकि: कब तक लागू होगा EPFO 3.0? EPFO 3.0 को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा और आने वाले समय में यह पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा। इसके बाद PF निकालने का अनुभव बिल्कुल डिजिटल बैंकिंग जैसा हो जाएगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

रायपुर में पानी टंकी पर बवाल: 22 करोड़ का टेंडर जारी, जमीन पर ही फंसा मामला

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नगर निगम और महिला एवं बाल विकास विभाग के बीच जमीन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मामला नेताजी सुभाष चंद्र बोस वार्ड-31 का है, जहां नई पानी टंकी के लिए 22 करोड़ रुपए का टेंडर तो जारी कर दिया गया, लेकिन जिस जमीन पर निर्माण होना है, उसी पर अब विवाद शुरू हो गया है। बिना NOC जारी हुआ टेंडर जानकारी के मुताबिक, नगर निगम ने संबंधित विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लिए बिना ही टेंडर जारी कर दिया। वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग का दावा है कि प्रस्तावित जमीन उनके अधिकार क्षेत्र में आती है। ऐसे में अब पूरे प्रोजेक्ट पर अनिश्चितता के हालात बन गए हैं। पानी के लिए तरस रहा वार्ड जोन-3 के इस वार्ड में पिछले कई दिनों से भीषण जल संकट बना हुआ है। करीब 30-35 से ज्यादा पानी के पाइंट सूख चुके हैं और लोगों को टैंकर के सहारे पानी मिल रहा है। लगभग 15 हजार वर्गफीट जमीन पर टंकी बनाई जानी थी, लेकिन जमीन स्पष्ट न होने के कारण काम अटक गया है। भूमि पूजन से पहले ही बढ़ा विवाद नगर निगम की ओर से भूमि पूजन की तैयारी भी शुरू कर दी गई थी। एक दिन पहले तक साफ-सफाई कराई गई, लेकिन तभी महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंच गए और जमीन पर अपना दावा ठोक दिया। इसके बाद मामला और उलझ गया। निगम की कार्यशैली पर सवाल नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “टेंडर जारी करने से पहले क्या जांच नहीं की गई? संबंधित विभाग से NOC लेना जरूरी नहीं था?” उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम पहले टेंडर जारी करता है और बाद में जमीन तलाशता है, जिससे आम जनता को परेशान होना पड़ता है। महापौर का भरोसा—जल्द होगा समाधान वहीं महापौर मीनल चौबे ने कहा कि मामले को सुलझाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग से बातचीत जारी है और जल्द ही NOC मिल जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि टंकी का निर्माण जल्द शुरू कराया जाएगा ताकि लोगों को पानी की समस्या से राहत मिल सके। फिलहाल जमीन विवाद के कारण टंकी निर्माण में देरी तय मानी जा रही है, जिससे वार्डवासियों को पानी संकट से राहत मिलने में और इंतजार करना पड़ सकता है। ऐसी ही जमीनी और भरोसेमंद खबरों के लिए जुड़े रहें —www.deshharpal.com
पवन खेड़ा

Breaking कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को बड़ा झटका, कोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज की

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा (Pawan Khera) को बड़ा कानूनी झटका लगा है। गुवाहाटी हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) की याचिका खारिज कर दी है। यह मामला असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma की पत्नी Riniki Bhuyan Sharma से जुड़ा है, जिन्होंने पवन खेड़ा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। क्यों दर्ज हुआ केस? कोर्ट ने क्या कहा? हाई कोर्ट ने कहा कि मामला गंभीर आरोपों से जुड़ा है, इसलिए अग्रिम राहत नहीं दी जा सकती कोर्ट के फैसले के बाद अब गिरफ्तारी का खतरा बढ़ गया है पहले क्या हुआ था? अब आगे क्या? यह मामला सिर्फ एक कानूनी लड़ाई नहीं, बल्कि राजनीतिक बयानबाज़ी बनाम कानून की बड़ी टक्कर बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में यह केस नेशनल पॉलिटिक्स में बड़ा मुद्दा बन सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

उज्जैन में बड़ा हादसा टला: WhatsApp स्टेटस लगाकर पति-पत्नी ने की आत्महत्या की कोशिश, पुलिस ने बचाई जान

मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में गुरुवार रात एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहां एक दंपती ने व्हाट्सएप स्टेटस लगाकर आत्महत्या की कोशिश की। हालांकि, समय रहते पुलिस की तत्परता से दोनों की जान बचा ली गई। पारिवारिक विवाद से थे परेशान जानकारी के मुताबिक, घट्टिया थाना क्षेत्र के नजरपुर निवासी पति-पत्नी लंबे समय से पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव से जूझ रहे थे। परेशान होकर उन्होंने आत्महत्या जैसा खतरनाक कदम उठाने का फैसला किया। आत्महत्या से पहले पति ने व्हाट्सएप स्टेटस पर परिवार से परेशान होने की बात लिखी और इसमें मां-बाप समेत 12 लोगों के नाम का जिक्र किया। WhatsApp स्टेटस से अलर्ट हुई पुलिस स्टेटस की जानकारी मिलते ही थाना प्रभारी करण खोवाल तुरंत एक्शन में आए और पुलिस टीम को मौके पर भेजा। जब टीम नजरपुर स्थित घर पहुंची, तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। खिड़की से देखने पर पता चला कि पति-पत्नी फंदे पर झूल रहे हैं। दरवाजा तोड़कर बचाई गई जान थाना प्रभारी ने बाहर से बातचीत कर दोनों का ध्यान भटकाया, जबकि टीम को दूसरे रास्ते से अंदर घुसने का इशारा किया गया। इसके बाद पुलिस ने दरवाजा तोड़कर दोनों को तुरंत फंदे से नीचे उतार लिया। उस समय दोनों की सांसें चल रही थीं, जिसके बाद उन्हें तुरंत शासकीय अस्पताल घट्टिया में भर्ती कराया गया। इलाज के बाद अब दोनों खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं। दूसरी शादी बना विवाद की वजह पुलिस जांच में सामने आया है कि युवक की दूसरी शादी को लेकर उसके पिता नाराज थे और उसे घर से बेदखल कर दिया था। इसी कारण लंबे समय से परिवार में विवाद चल रहा था। युवक को पहली पत्नी से दो बच्चे हैं, जबकि दूसरी पत्नी से कोई संतान नहीं है। पारिवारिक तनाव के चलते ही दंपती ने यह कदम उठाया। पुलिस की सूझबूझ से बचीं दो जिंदगियां थाना प्रभारी करण खोवाल ने दोनों को समझाइश दी और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। इस पूरी कार्रवाई में उपनिरीक्षक अलकेश डांगे और प्रधान आरक्षक राजेंद्र राठौर की अहम भूमिका रही। पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया और दो जिंदगियां बच सकीं। ऐसी ही जमीनी और भरोसेमंद खबरों के लिए जुड़े रहें —www.deshharpal.com
Amrit Bharat

UP to Maharashtra Train Varanasi से 2 Amrit Bharat Trains लॉन्च, यात्रियों को बड़ी राहत

रेल यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। 28 अप्रैल को वाराणसी से दो नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की शुरुआत होने जा रही है। इस पहल से उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच सफर पहले से ज्यादा आसान, तेज और किफायती हो जाएगा। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन ट्रेनों को हरी झंडी दिखा सकते हैं। खास बात यह है कि लंबे समय से यूपी से महाराष्ट्र तक सीधी ट्रेन की मांग कर रहे यात्रियों के लिए यह शुरुआत किसी राहत से कम नहीं है। कौन से रूट पर चलेंगी ट्रेनें? नई अमृत भारत ट्रेनों का मुख्य रूट वाराणसी से पुणे (हडपसर) तक माना जा रहा है। यह रूट उन यात्रियों के लिए बेहद अहम है, जो नौकरी, पढ़ाई या धार्मिक कारणों से इन दोनों राज्यों के बीच यात्रा करते हैं। संभावित स्टॉपेज (ठहराव) यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ट्रेन कई बड़े स्टेशनों पर रुकेगी, जिनमें शामिल हैं: (अंतिम सूची रेलवे की आधिकारिक घोषणा के बाद स्पष्ट होगी) यात्रियों को क्या मिलेगा फायदा? इन ट्रेनों के शुरू होने से: Amrit Bharat Express क्या है? अमृत भारत एक्सप्रेस भारतीय रेलवे की एक नई सुपरफास्ट नॉन-एसी ट्रेन श्रेणी है। इसमें आम यात्रियों को ध्यान में रखते हुए बेहतर सीटिंग, मोबाइल चार्जिंग पॉइंट, और CCTV जैसी सुविधाएं दी गई हैं, ताकि लंबा सफर भी आरामदायक बन सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.