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Mathura में साधु की मौत के बाद बवाल, 10 किमी हाईवे जाम; पथराव में पुलिसकर्मी घायल

Mathura में साधु की मौत के बाद बवाल, 10 किमी हाईवे जाम; पथराव में पुलिसकर्मी घायल

Mathura में एक साधु की दर्दनाक मौत के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। गुस्साए लोगों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए करीब 10 किलोमीटर लंबा हाईवे जाम कर दिया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि गौतस्करों ने ट्रक से साधु को कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया और लोगों ने सड़क पर उतरकर विरोध शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान स्थिति तब बिगड़ गई जब कुछ लोगों ने पथराव शुरू कर दिया। इस पथराव में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और प्रशासन लोगों को शांत करने की कोशिश कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। यह घटना एक बार फिर से कानून-व्यवस्था और गौतस्करी के मुद्दे को लेकर सवाल खड़े कर रही है। वहीं, स्थानीय लोगों में अब भी गुस्सा और दुख का माहौल बना हुआ है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने वृंदावन में संत प्रेमानंद से की मुलाकात, हाथ जोड़कर लिया आशीर्वाद

राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने वृंदावन में संत प्रेमानंद से की मुलाकात, हाथ जोड़कर लिया आशीर्वाद

भारत की राष्ट्रपति Droupadi Murmu हाल ही में वृंदावन पहुंचीं, जहां उन्होंने प्रसिद्ध संत Sant Premanand से मुलाकात की। इस दौरान राष्ट्रपति ने बेहद सादगी और सम्मान के साथ हाथ जोड़कर संत को प्रणाम किया। मुलाकात के दौरान संत प्रेमानंद ने उन्हें “राधे-राधे” कहकर आशीर्वाद दिया। यह दृश्य काफी भावुक और आध्यात्मिक माहौल से भरा हुआ था। राष्ट्रपति मुर्मू अपने परिवार के साथ Vrindavan पहुंची थीं। करीब 25 मिनट तक चली इस मुलाकात में दोनों के बीच आध्यात्मिक विषयों और जीवन मूल्यों पर चर्चा हुई। राष्ट्रपति का यह दौरा न केवल आध्यात्मिक दृष्टि से खास रहा, बल्कि इससे लोगों को सादगी और भारतीय संस्कृति से जुड़े रहने का संदेश भी मिला। वृंदावन, जो भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं के लिए जाना जाता है, वहां राष्ट्रपति का इस तरह संत से मिलना लोगों के लिए एक प्रेरणा बन गया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Assam चुनाव: BJP की पहली लिस्ट जारी, CM हिमंता जालुकबारी से फिर मैदान में

Assam चुनाव: BJP की पहली लिस्ट जारी, CM हिमंता जालुकबारी से फिर मैदान में

Assam विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। Bharatiya Janata Party (BJP) ने अपनी पहली उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। इस लिस्ट में कई बड़े नाम शामिल हैं, जिनमें सबसे चर्चित नाम है मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma का। सीएम हिमंता बिस्वा सरमा एक बार फिर जालुकबारी सीट से चुनाव लड़ेंगे। खास बात यह है कि वह यहां से लगातार छठी बार मैदान में उतर रहे हैं, जो उनके मजबूत जनाधार को दिखाता है। जालुकबारी सीट लंबे समय से उनका गढ़ मानी जाती है। वहीं, इस बार बीजेपी ने एक नया दांव भी चला है। हाल ही में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए सांसद Ripun Bora Bordoloi (बोरदोलोई) को भी पार्टी ने टिकट दिया है। यह फैसला इस बात का संकेत है कि बीजेपी नए चेहरों को मौका देकर अपनी पकड़ और मजबूत करना चाहती है। असम की राजनीति में इस लिस्ट के बाद मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। अब सभी की नजरें दूसरी पार्टियों, खासकर Indian National Congress की रणनीति पर टिकी हैं। चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक दल पूरी ताकत झोंक रहे हैं। जनता भी इस बार बदलाव और विकास के मुद्दों पर फैसला लेने के मूड में नजर आ रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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LPG

मुंद्रा पोर्ट पर Jag Ladki जहाज से आया 6 लाख बैरल Crude Oil LPG सप्लाई भी जारी

भारत पहुंचा ‘जग लाडकी’ जहाज, ऊर्जा सप्लाई को मिला सहारा भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों के बीच एक राहत भरी खबर सामने आई है। ‘जग लाडकी’ नाम का विशाल जहाज करीब 6 लाख बैरल कच्चा तेल लेकर गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर पहुंचा। यह सिर्फ एक सामान्य खेप नहीं, बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है। पहले भी आए LPG जहाज, लगातार जारी है सप्लाई पिछले कुछ दिनों में इससे पहले भी दो जहाज एलपीजी (रसोई गैस) लेकर भारत पहुंचे थे। लगातार हो रही इन आपूर्तियों से साफ है कि सरकार और तेल कंपनियां मिलकर यह सुनिश्चित कर रही हैं कि आम लोगों तक ईंधन की कमी का असर न पहुंचे। मुंद्रा पोर्ट बना Energy Hub मुंद्रा पोर्ट, जो देश के सबसे व्यस्त और आधुनिक बंदरगाहों में गिना जाता है, इस समय ऊर्जा आपूर्ति का एक बड़ा केंद्र बना हुआ है। यहां पहुंचने वाला कच्चा तेल अब रिफाइनरियों में भेजा जाएगा, जहां से पेट्रोल, डीजल और अन्य जरूरी ईंधन तैयार होंगे। यानी इस एक जहाज के पीछे लाखों घरों और करोड़ों लोगों की जरूरतें जुड़ी हैं। आम लोगों पर क्या होगा असर? अगर आम नजर से देखें तो ये सिर्फ जहाजों की आवाजाही लग सकती है, लेकिन असल में ये देश की अर्थव्यवस्था को स्थिर रखने का काम करते हैं। समय पर तेल और गैस की सप्लाई मिलने से ट्रांसपोर्ट सुचारु रहता है और महंगाई को भी काबू में रखने में मदद मिलती है। क्यों जरूरी है ऐसे बड़े शिपमेंट्स भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए ऐसे बड़े शिपमेंट्स का समय पर पहुंचना बेहद जरूरी होता है। वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच हर नई खेप देश के लिए राहत और भरोसा लेकर आती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Congress

Congress Internal Clash केरल में टिकट को लेकर तनाव, Sudhakaran ने उठाए सवाल

केरल में कांग्रेस के भीतर बढ़ता विवाद केरल में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (Congress) एक बार फिर अंदरूनी खींचतान की वजह से सुर्खियों में है। चुनावी माहौल के बीच टिकट बंटवारे को लेकर उठा विवाद अब खुलकर सामने आ चुका है। Sudhakaran का अल्टिमेटम, नेतृत्व पर सवाल इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब कांग्रेस सांसद K. सुधाकरण ने टिकट वितरण प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने साफ कहा कि राज्य नेताओं की राय को नजरअंदाज किया जा रहा है और इसी मुद्दे पर उन्होंने K. C. वेणुगोपाल को अल्टिमेटम दे दिया। टिकट बंटवारे पर क्या हैं आरोप? सुधाकरण का आरोप है कि कुछ सीटों पर “पसंदीदा उम्मीदवारों” को प्राथमिकता दी जा रही है। इससे जमीनी कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ रही है और पार्टी की छवि पर भी असर पड़ रहा है। गुटबाजी ने बढ़ाई चिंता केरल Congress में गुटबाजी पहले से ही मौजूद रही है, लेकिन चुनाव से ठीक पहले यह विवाद और गंभीर हो गया है। राज्य इकाई और केंद्रीय नेतृत्व के बीच तालमेल की कमी साफ नजर आ रही है। चुनाव पर पड़ सकता है असर राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर समय रहते इस विवाद को नहीं सुलझाया गया, तो इसका सीधा असर चुनावी नतीजों पर पड़ सकता है। विपक्षी दल इस मौके का फायदा उठा सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Kangana Ranaut

टपोरी जैसा व्यवहार Kangana Ranaut का Rahul Gandhi पर हमला

विवाद की शुरुआत कैसे हुई? भारतीय राजनीति में बयानबाज़ी कोई नई बात नहीं है, लेकिन जब फिल्म जगत से जुड़ी कोई बड़ी शख्सियत सीधे राजनीतिक नेताओं पर टिप्पणी करती है, तो मामला और भी चर्चा में आ जाता है। हाल ही में कंगना रनौत का राहुल गांधी को लेकर दिया गया बयान इसी वजह से सुर्खियों में है। कंगना रनौत ने क्या कहा? कंगना रनौत (Kangana Ranaut) ने राहुल गांधी के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए उन्हें “टपोरी जैसा” बताया। उनका कहना था कि एक राष्ट्रीय स्तर के नेता को अपने आचरण और बोलचाल में गंभीरता दिखानी चाहिए। इस दौरान उन्होंने प्रियंका गांधी वाड्रा का उदाहरण देते हुए कहा कि राहुल को उनसे सीखने की जरूरत है, क्योंकि उनका सार्वजनिक व्यवहार अधिक संतुलित नजर आता है। सोशल मीडिया और राजनीति में प्रतिक्रिया Kangana Ranaut के सामने आते ही सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक बहस शुरू हो गई। कुछ लोग कंगना के बयान को बेबाक और स्पष्ट कह रहे हैं, तो वहीं कई लोग इसे अनावश्यक और व्यक्तिगत टिप्पणी मान रहे हैं। क्या कहती है बदलती राजनीतिक संस्कृति? अगर गहराई से देखें, तो यह मुद्दा सिर्फ एक बयान तक सीमित नहीं है। यह उस बदलती राजनीतिक संस्कृति को भी दिखाता है, जहां व्यक्तित्व और छवि पर लगातार चर्चा होती है। आज के दौर में नेता केवल अपने काम से नहीं, बल्कि अपने व्यवहार और संवाद शैली से भी लोगों के बीच अपनी पहचान बनाते हैं। कंगना के बयान क्यों रहते हैं चर्चा में? Kangana Ranaut पहले भी कई बार राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रख चुकी हैं। उनके बयान अक्सर सीधे और बिना किसी झिझक के होते हैं, जो उन्हें अलग बनाते हैं, लेकिन साथ ही विवाद भी खड़े कर देते हैं। राहुल गांधी पर क्यों रहती है सबकी नजर? दूसरी ओर, राहुल गांधी भारतीय राजनीति के एक बड़े चेहरे हैं, जिनकी हर बात और हर कदम पर नजर रहती है। ऐसे में उनके खिलाफ दिए गए इस तरह के बयान स्वाभाविक रूप से चर्चा का विषय बन जाते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sara Ali Khan

Kedarnath-Badrinath Row Affidavit Rule पर बवाल, Sara Ali Khan बनीं चर्चा का केंद्र

उत्तराखंड के प्रसिद्ध तीर्थस्थल Kedarnath Temple और Badrinath Temple एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं। इस बार वजह आस्था, परंपरा और अधिकारों से जुड़ा एक संवेदनशील मुद्दा है, जिसने आम लोगों से लेकर राजनीति तक हलचल मचा दी है। क्या है पूरा मामला? हाल के दिनों में कुछ धार्मिक संगठनों ने यह मांग उठाई कि इन प्रमुख हिंदू तीर्थों में आने वाले गैर-हिंदू श्रद्धालुओं को “सनातन धर्म में आस्था” का एफिडेविट देना चाहिए। उनका कहना है कि इससे मंदिरों की पवित्रता और पारंपरिक मर्यादा बनी रहेगी। यह मुद्दा तब और सुर्खियों में आया जब बॉलीवुड अभिनेत्री Sara Ali Khan का नाम इसमें जुड़ गया। सारा पहले केदारनाथ दर्शन के लिए जा चुकी हैं, और इसी संदर्भ में कुछ लोगों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए। आस्था बनाम अधिकार – बहस तेज इस प्रस्ताव ने समाज में एक बड़ी बहस को जन्म दिया है। एक तरफ कुछ लोग इसे धार्मिक परंपराओं की सुरक्षा से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कई लोग इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता के खिलाफ मान रहे हैं। Indian National Congress (कांग्रेस) ने इस मुद्दे पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी का कहना है कि भारत का संविधान हर नागरिक को अपनी पसंद के धार्मिक स्थल पर जाने की स्वतंत्रता देता है, और इस तरह की शर्तें लगाना भेदभावपूर्ण हो सकता है। क्या सच में लागू हो गया है नया नियम? अभी तक सबसे महत्वपूर्ण बात यही है कि इस तरह का कोई नियम आधिकारिक रूप से लागू नहीं हुआ है। न तो सरकार और न ही मंदिर प्रशासन ने ऐसा कोई आदेश जारी किया है। फिलहाल यह सिर्फ एक मांग है, जिस पर चर्चा और विवाद जारी है। लोगों की भावना क्या कहती है? जमीन पर लोगों की राय भी बंटी हुई नजर आती है। कुछ श्रद्धालु मानते हैं कि तीर्थस्थलों की परंपराओं का सम्मान जरूरी है, वहीं कई लोग कहते हैं कि आस्था दिल से जुड़ी होती है, उसे किसी कागज से साबित नहीं किया जा सकता। केदारनाथ और बद्रीनाथ से जुड़ा यह विवाद सिर्फ एक नियम या प्रस्ताव तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उस संतुलन की तलाश है जहां परंपरा और व्यक्तिगत स्वतंत्रता साथ-साथ चल सकें। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह बहस किस दिशा में जाती है और क्या कोई ठोस फैसला सामने आता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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BJP 89 सीटों पर उतरेगी, AAP की नई लिस्ट जारी, ममता ने 74 विधायकों के टिकट काटे

BJP 89 सीटों पर उतरेगी, AAP की नई लिस्ट जारी, ममता ने 74 विधायकों के टिकट काटे

असम में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बड़ा फैसला लेते हुए 89 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। पार्टी इस बार पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरने की तैयारी में है। BJP का फोकस ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतकर अपनी स्थिति मजबूत करना है। वहीं, केरल में आम आदमी पार्टी (AAP) ने अपनी दूसरी उम्मीदवार सूची जारी कर दी है। इस लिस्ट में 21 उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं। पार्टी धीरे-धीरे राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है और नए चेहरों पर भरोसा जता रही है। उधर, पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी ने बड़ा कदम उठाते हुए 74 मौजूदा विधायकों के टिकट काट दिए हैं। यह फैसला पार्टी के अंदर बदलाव और नई ऊर्जा लाने के उद्देश्य से लिया गया है। ममता बनर्जी का यह कदम चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है, जिससे पार्टी नए उम्मीदवारों के साथ जनता के बीच जाएगी। तीनों राज्यों में हो रही ये हलचल साफ संकेत देती है कि आने वाले चुनाव काफी दिलचस्प और कड़े मुकाबले वाले होंगे। जनता भी अब यह देखने के लिए उत्सुक है कि कौन सी पार्टी उनके भरोसे पर खरी उतरती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Indore

Indore EV Fire Case इंदौर में EV Charging से लगी आग, Digital Lock Fail होने से 8 की मौत

इंदौर (Indore) से आई यह खबर दिल दहला देने वाली है। एक साधारण सी लगने वाली रात अचानक चीख-पुकार और अफरा-तफरी में बदल गई, जब EV (Electric Vehicle) चार्जिंग के दौरान लगी आग ने 8 लोगों की जान ले ली। इस हादसे में 4 लोग घायल भी हुए हैं, जिनका इलाज जारी है। एक छोटी सी चिंगारी, बड़ा हादसा प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बिल्डिंग के अंदर इलेक्ट्रिक वाहन चार्ज किया जा रहा था। इसी दौरान अचानक आग भड़क उठी। कुछ ही मिनटों में धुआं पूरे परिसर में फैल गया। लोगों को समझ ही नहीं आया कि क्या हो रहा है। कई परिवार अपने घरों में ही फंसे रह गए—कुछ सो रहे थे, कुछ ने दरवाजे खोलने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। Digital Lock बना जानलेवा जाल इस हादसे का सबसे दर्दनाक पहलू था डिजिटल लॉक सिस्टम का फेल होना। आग लगते ही बिजली सप्लाई बंद हो गई, जिससे दरवाजों के डिजिटल लॉक काम करना बंद कर गए। लोग अंदर ही कैद हो गए। सोचिए, जब बाहर आग हो और अंदर से दरवाजा ही न खुले—यह स्थिति कितनी भयावह रही होगी। अपनों को खोने का दर्द इस हादसे में जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया, उनके लिए यह सिर्फ एक खबर नहीं, जिंदगी भर का जख्म है। पड़ोसियों के अनुसार, कई लोग मदद के लिए पुकारते रहे, लेकिन धुएं और आग ने किसी को मौका नहीं दिया। राहत और जांच जारी दमकल विभाग और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है ताकि यह पता चल सके कि: क्या हम सुरक्षित हैं? यह घटना कई सवाल छोड़ जाती है: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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मार्च की शुरुआत में बदला फ्यूल का ट्रेंड: LPG की खपत घटी, पेट्रोल-डीजल की मांग बढ़ी

मार्च की शुरुआत में बदला फ्यूल का ट्रेंड: LPG की खपत घटी, पेट्रोल-डीजल की मांग बढ़ी

मार्च के पहले हफ्ते में देश में ईंधन की खपत को लेकर एक दिलचस्प बदलाव देखने को मिला। जहां एक तरफ LPG (रसोई गैस) की खपत में करीब 17% की गिरावट दर्ज की गई, वहीं पेट्रोल की बिक्री 13% और डीजल की खपत 8% तक बढ़ गई। क्या है वजह? इस बदलाव के पीछे सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है कमर्शियल गैस सिलेंडर के बढ़ते दाम। महंगे सिलेंडर के कारण होटल और रेस्टोरेंट चलाने वालों पर सीधा असर पड़ा है। रेस्टोरेंट्स पर असर रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 57% रेस्टोरेंट्स ने अपने खाने-पीने के दाम बढ़ा दिए हैं।छोटे ढाबों से लेकर बड़े रेस्टोरेंट तक, सभी को बढ़ती लागत का सामना करना पड़ रहा है। इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर भी पड़ रहा है। पेट्रोल-डीजल क्यों बढ़े? आम लोगों पर असर एक तरफ जहां रसोई गैस महंगी होने से घर का बजट बिगड़ रहा है, वहीं बाहर खाना भी महंगा हो गया है। ऐसे में आम आदमी को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sugar

Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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