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Chemists Strike

Chemists Strike देशभर में मेडिकल स्टोर्स बंद, Delhi-NCR और Lucknow में सबसे ज्यादा असर

देशभर में केमिस्ट्स की हड़ताल (Chemists Strike) का असर बुधवार को कई बड़े शहरों में साफ देखने को मिला। दिल्ली, लखनऊ, राजकोट और चंडीगढ़ समेत कई जगह मेडिकल स्टोर्स के बंद रहने से आम लोगों को दवाइयों के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा। सुबह से ही कई मरीज और उनके परिजन जरूरी दवाइयों की तलाश में परेशान नजर आए। हालांकि कुछ जगहों पर अस्पतालों और इमरजेंसी सेवाओं को ध्यान में रखते हुए सीमित मेडिकल स्टोर्स खुले रहे, ताकि गंभीर मरीजों को दिक्कत न हो। ऑनलाइन फार्मेसी के खिलाफ नाराजगी, क्यों हो रही है हड़ताल? यह हड़ताल ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) के आह्वान पर की गई। दवा व्यापारियों का कहना है कि ऑनलाइन फार्मेसी और क्विक डिलीवरी प्लेटफॉर्म बिना सख्त निगरानी के दवाइयां बेच रहे हैं, जिससे छोटे मेडिकल स्टोर कारोबार पर असर पड़ रहा है। केमिस्ट संगठनों की मुख्य चिंता यह है कि दवाइयां “सामान्य प्रोडक्ट” की तरह बिक रही हैं, जबकि ये सीधे लोगों की सेहत से जुड़ी होती हैं। Delhi NCR में सबसे ज्यादा असर, लोग परेशान दिल्ली-एनसीआर में हड़ताल का असर काफी व्यापक रहा। कई इलाकों में मेडिकल स्टोर्स पूरी तरह बंद रहे। सुबह से ही लोग जरूरी दवाइयों के लिए दुकानें तलाशते रहे, लेकिन कई जगह निराशा हाथ लगी। बुजुर्ग मरीजों और नियमित दवा लेने वालों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई। कुछ इलाकों में अस्पतालों के आसपास की दुकानें खुली रहीं, ताकि इमरजेंसी सेवाएं बाधित न हों। Lucknow में दवा खरीदने को लेकर लोगों की मुश्किलें लखनऊ में भी हड़ताल का असर साफ दिखा। शहर के प्रमुख बाजारों और मेडिकल हब में कई दुकानें बंद रहीं। मरीज सुबह से दवा लेने पहुंचे लेकिन उन्हें बंद शटर देखकर वापस लौटना पड़ा। कुछ मेडिकल स्टोर्स ने मानवता के आधार पर सीमित दवाइयां उपलब्ध कराईं, लेकिन सामान्य खरीदारी लगभग प्रभावित रही। Rajkot में जोरदार विरोध, Online Pharmacy पर सवाल गुजरात के राजकोट में दवा व्यापारियों ने ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि भारी डिस्काउंट और आसान डिलीवरी मॉडल से पारंपरिक मेडिकल स्टोर्स का कारोबार प्रभावित हो रहा है। साथ ही यह भी चिंता जताई गई कि बिना पर्ची के दवाइयों की उपलब्धता स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकती है। Chandigarh और Punjab में आंशिक असर चंडीगढ़ और पंजाब के कई हिस्सों में मेडिकल स्टोर्स बंद रहे, लेकिन जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं पर असर नहीं पड़ा। PGI और GMCH-32 जैसे बड़े अस्पतालों के आसपास दवा व्यवस्था चालू रही। प्रशासन ने लोगों से अपील की कि घबराने की जरूरत नहीं है, दवाइयों की सप्लाई सामान्य रखी गई है। कई राज्यों में मिला-जुला असर, कुछ संगठनों ने बनाई दूरी दिलचस्प बात यह रही कि कुछ राज्यों में केमिस्ट संगठनों ने हड़ताल से दूरी बना ली। ऐसे में वहां आंशिक असर ही देखने को मिला। कई जगह बातचीत की संभावना भी जताई जा रही है, जिससे आने वाले दिनों में इस विवाद का हल निकल सकता है। क्या है आगे की उम्मीद? दवा व्यापारियों और सरकार के बीच ऑनलाइन फार्मेसी को लेकर बातचीत जारी है। आने वाले समय में इस पर नए नियम या गाइडलाइन आने की संभावना है। केमिस्ट संगठनों की मांग है कि दवाइयों की बिक्री पर सख्त नियंत्रण हो और बिना पर्ची दवा बेचने पर रोक लगे, ताकि मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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बांदा

Weather Update: बांदा बना देश का सबसे गर्म शहर, Delhi-MP समेत कई राज्यों में Heatwave

देश इस समय भीषण गर्मी और हीटवेव की मार झेल रहा है। उत्तर प्रदेश का बांदा लगातार तीसरे दिन देश का सबसे गर्म शहर बना हुआ है। यहां तापमान 48.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जिसने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, महाराष्ट्र, पंजाब और हरियाणा समेत 6 राज्यों के 22 शहरों में तापमान 45°C के पार पहुंच चुका है। तेज धूप, गर्म हवाएं और उमस भरी रातों ने आम लोगों की जिंदगी पर सीधा असर डालना शुरू कर दिया है। दोपहर के समय सड़कें खाली नजर आ रही हैं और कई शहरों में बिजली की मांग बढ़ने से कटौती की समस्या भी सामने आने लगी है। Banda बना देश का सबसे Hot City उत्तर प्रदेश का बांदा इस समय देशभर में सबसे ज्यादा चर्चा में है। लगातार तीसरे दिन यहां तापमान 48.2°C दर्ज किया गया। सुबह से ही तेज धूप और लू के थपेड़ों ने लोगों को घरों में कैद रहने पर मजबूर कर दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि दोपहर के वक्त हालात ऐसे हो जाते हैं कि कुछ मिनट बाहर खड़े रहना भी मुश्किल हो रहा है। गर्म हवाओं के कारण बाजारों और सड़कों पर लोगों की आवाजाही कम हो गई है। Delhi में Season की सबसे ज्यादा गर्मी राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। सफदरजंग में तापमान 45.1°C रिकॉर्ड किया गया, जबकि दिल्ली रिज इलाके में पारा 46.5°C तक पहुंच गया। मौसम विभाग ने राजधानी में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। दिन के साथ-साथ रातें भी गर्म बनी हुई हैं, जिससे लोगों को राहत नहीं मिल पा रही। एसी और कूलर की बढ़ती डिमांड के कारण बिजली खपत में भी तेजी देखी जा रही है। MP, Rajasthan और Maharashtra में Heatwave का असर मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र के कई शहर भी भीषण गर्मी की चपेट में हैं। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ और श्रीगंगानगर में तापमान 46°C के आसपास पहुंच गया। वहीं मध्य प्रदेश के ग्वालियर, नौगांव और भोपाल में तेज गर्म हवाएं लोगों को परेशान कर रही हैं। महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में अमरावती, अकोला, नागपुर और वर्धा जैसे शहरों में तापमान 45°C से ज्यादा रिकॉर्ड किया गया। पंजाब के फरीदकोट में भी पारा 47.3°C तक पहुंच गया। Health Department ने जारी की चेतावनी लगातार बढ़ती गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और कमजोरी के मामलों में तेजी आ सकती है। विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक घर से बाहर निकलने से बचने, ज्यादा पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी है। बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखने को कहा गया है। अगले कुछ दिन नहीं मिलेगी राहत IMD के अनुसार उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक हीटवेव जारी रह सकती है। फिलहाल बारिश की संभावना कम दिखाई दे रही है, इसलिए तापमान में बड़ी गिरावट की उम्मीद नहीं है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मई के आखिरी सप्ताह तक गर्मी का असर इसी तरह बना रह सकता है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने और जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी जा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Meloni

Italy में PM Modi का खास अंदाज, Meloni संग मुलाकात और Colosseum Visit की तस्वीरें वायरल

प्रधानमंत्री Narendra Modi अपने पांच देशों के विदेश दौरे के आखिरी चरण में इटली पहुंचे, जहां उनका स्वागत बेहद खास अंदाज में किया गया। इटली की प्रधानमंत्री Giorgia Meloni ने रोम में पीएम मोदी का स्वागत करते हुए कहा, “Welcome to Rome, My Friend।” यह पल कैमरों में कैद हुआ और देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। Meloni और Modi की मुलाकात बनी चर्चा का विषय रोम पहुंचने के बाद दोनों नेताओं ने एक-दूसरे के साथ काफी समय बिताया। पीएम मोदी और मेलोनी ने साथ में डिनर किया और दुनिया की मशहूर ऐतिहासिक धरोहर Colosseum का भ्रमण भी किया। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच दोस्ताना माहौल साफ नजर आया। तस्वीरों में दोनों नेताओं की शानदार बॉन्डिंग लोगों को काफी पसंद आ रही है। व्यापार, रक्षा और टेक्नोलॉजी पर हुई अहम चर्चा सूत्रों के अनुसार, इस मुलाकात में भारत और इटली के बीच कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों देशों ने व्यापार, रक्षा, टेक्नोलॉजी, ग्रीन एनर्जी और निवेश जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। भारत और इटली लगातार अपने रणनीतिक रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और यह बैठक उसी कड़ी का अहम हिस्सा मानी जा रही है। यूरोप के साथ रिश्ते मजबूत करने पर भारत का फोकस पीएम मोदी का यह दौरा इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि हाल के समय में भारत ने यूरोपीय देशों के साथ अपने रिश्तों को नई मजबूती दी है। नॉर्वे दौरे के बाद इटली पहुंचकर पीएम मोदी ने यह साफ संकेत दिया कि भारत वैश्विक स्तर पर अपने कूटनीतिक संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। भारतीय समुदाय ने किया जोरदार स्वागत रोम में भारतीय समुदाय के लोगों ने भी पीएम मोदी का जोरदार स्वागत किया। बड़ी संख्या में मौजूद भारतीयों ने ‘मोदी-मोदी’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए। पीएम मोदी ने भी लोगों का अभिवादन स्वीकार किया और उनसे मुलाकात की। भारत-इटली संबंधों को मिल सकती है नई दिशा भारत और इटली के रिश्तों में पिछले कुछ वर्षों में लगातार सुधार देखने को मिला है। रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और तकनीक जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों की साझेदारी तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में पीएम मोदी और मेलोनी की यह मुलाकात आने वाले समय में दोनों देशों के संबंधों को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Oman

India-Oman Trade Deal: भारतीय कारोबारियों के लिए खुलेंगे नए मौके, 99% सामान Duty Free

India और Oman के बीच होने जा रहा Free Trade Agreement (FTA) अब अंतिम दौर की बातचीत में पहुंच चुका है। इस डील को भारत के लिए बड़ा आर्थिक और रणनीतिक कदम माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, समझौते के लागू होने के बाद भारत से ओमान भेजे जाने वाले करीब 99% सामानों पर इंपोर्ट ड्यूटी खत्म हो सकती है। यानी भारतीय उत्पादों को Zero Tariff का सीधा फायदा मिलेगा। सरकार और व्यापार विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता भारत के एक्सपोर्ट सेक्टर को नई रफ्तार दे सकता है। खासतौर पर ऐसे समय में, जब भारत दुनिया के बड़े बाजारों में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। भारतीय कारोबारियों के लिए खुलेंगे नए मौके FTA लागू होने के बाद भारत के टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग गुड्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटो पार्ट्स, फूड प्रोडक्ट्स, केमिकल्स और जेम्स-ज्वेलरी सेक्टर को बड़ा फायदा मिल सकता है। अब तक कई भारतीय उत्पादों पर ओमान में इंपोर्ट टैक्स लगता था, जिससे वहां भारतीय सामान की कीमत बढ़ जाती थी। लेकिन Zero Tariff लागू होने के बाद भारतीय कंपनियां कम कीमत में बेहतर प्रतिस्पर्धा कर पाएंगी। इससे छोटे और मध्यम उद्योगों को भी बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। व्यापार विशेषज्ञों का कहना है कि इस डील से भारत का निर्यात बढ़ेगा और खाड़ी देशों में भारतीय कंपनियों की मौजूदगी और मजबूत होगी। होर्मुज स्ट्रेट की वजह से ओमान की बढ़ जाती है अहमियत Oman केवल व्यापारिक साझेदार नहीं, बल्कि भारत के लिए रणनीतिक रूप से भी बेहद अहम देश माना जाता है। इसकी सबसे बड़ी वजह है Strait of Hormuz। दुनिया के सबसे व्यस्त तेल मार्गों में शामिल यह समुद्री रास्ता ग्लोबल ऑयल सप्लाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। दुनिया का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से तेल और गैस की सप्लाई करता है। ओमान का इस क्षेत्र में प्रभाव भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से काफी अहम माना जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ओमान के साथ मजबूत रिश्ते भारत की समुद्री रणनीति और पश्चिम एशिया में उसकी स्थिति को और मजबूत कर सकते हैं। चीन-पाकिस्तान के बीच भारत की मजबूत रणनीति मध्य-पूर्व में चीन लगातार अपने निवेश और व्यापारिक नेटवर्क को बढ़ा रहा है। वहीं पाकिस्तान भी खाड़ी देशों के साथ अपने रिश्तों को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। ऐसे माहौल में भारत और ओमान की बढ़ती नजदीकियां नई रणनीतिक साझेदारी के तौर पर देखी जा रही हैं। यह डील भारत को Gulf Region में एक भरोसेमंद और मजबूत आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित करने में मदद कर सकती है। निवेश और रोजगार को भी मिलेगा बढ़ावा इस समझौते के बाद दोनों देशों के बीच निवेश बढ़ने की संभावना है। भारतीय कंपनियां ओमान में लॉजिस्टिक्स, पोर्ट, मैन्युफैक्चरिंग और एनर्जी सेक्टर में नए निवेश कर सकती हैं। इससे भारत में रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। साथ ही दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध पहले से ज्यादा मजबूत हो सकते हैं। भारत-ओमान रिश्तों में आएगी नई मजबूती भारत और ओमान के बीच लंबे समय से अच्छे कूटनीतिक और व्यापारिक संबंध रहे हैं। रक्षा, ऊर्जा, समुद्री सुरक्षा और व्यापार जैसे क्षेत्रों में दोनों देश लगातार साथ काम कर रहे हैं। अब यह FTA दोनों देशों के रिश्तों को नई दिशा दे सकता है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में यह समझौता भारत की Global Trade Strategy को और मजबूत करेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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BRICS

BRICS Meeting 2026: भारत दौरे पर Putin, दुनिया की नजर Delhi Summit पर

सितंबर 2026 में राजधानी दिल्ली एक बार फिर वैश्विक राजनीति का बड़ा मंच बनने जा रही है। रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin BRICS Summit में हिस्सा लेने भारत आ रहे हैं। Kremlin की तरफ से इस दौरे की आधिकारिक पुष्टि कर दी गई है। जानकारी के मुताबिक, पुतिन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले BRICS Summit 2026 में शामिल होंगे। भारत इस साल BRICS समूह की मेजबानी कर रहा है, इसलिए यह सम्मेलन देश के लिए काफी अहम माना जा रहा है। दुनिया की बड़ी उभरती अर्थव्यवस्थाओं के नेताओं की मौजूदगी में कई महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। PM Modi और Putin की बैठक पर भी नजर रिपोर्ट्स के अनुसार, राष्ट्रपति पुतिन का यह दौरा करीब दो दिनों का हो सकता है। इस दौरान उनकी प्रधानमंत्री Narendra Modi के साथ द्विपक्षीय बैठक भी होने की उम्मीद है। दोनों नेताओं के बीच रक्षा सहयोग, ऊर्जा, व्यापार, डिजिटल टेक्नोलॉजी और अंतरराष्ट्रीय हालात पर बातचीत हो सकती है। भारत और रूस के रिश्ते पिछले कुछ वर्षों में लगातार मजबूत हुए हैं। खासतौर पर ऊर्जा और रक्षा क्षेत्र में दोनों देशों की साझेदारी काफी अहम मानी जाती है। यूक्रेन युद्ध के बाद भी भारत और रूस के बीच व्यापारिक संबंधों में स्थिरता देखने को मिली है। BRICS Summit 2026 क्यों है खास? नई दिल्ली में होने वाला BRICS Summit इस बार कई कारणों से चर्चा में है। वैश्विक अर्थव्यवस्था, AI, साइबर सिक्योरिटी, ग्रीन एनर्जी और मल्टीपोलर वर्ल्ड जैसे मुद्दे सम्मेलन के मुख्य एजेंडे में शामिल रह सकते हैं। इस बार सम्मेलन की थीम “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” रखी गई है। भारत की कोशिश होगी कि BRICS देशों के बीच व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को नई दिशा दी जाए। दुनिया की नजर भारत पर मौजूदा समय में दुनिया भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक चुनौतियों से गुजर रही है। ऐसे माहौल में भारत में आयोजित हो रहा BRICS Summit काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुतिन का भारत दौरा भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई बड़े संदेश दे सकता है। BRICS संगठन में भारत, रूस, चीन, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका समेत कई नए सदस्य देश शामिल हैं। पिछले कुछ वर्षों में इस समूह का वैश्विक प्रभाव तेजी से बढ़ा है और इसे पश्चिमी देशों के प्रभाव के विकल्प के रूप में भी देखा जा रहा है। BRICS Summit 2026 से भारत को क्या फायदा? विशेषज्ञों का मानना है कि इस सम्मेलन से भारत को वैश्विक मंच पर अपनी कूटनीतिक स्थिति और मजबूत करने का मौका मिलेगा। साथ ही विदेशी निवेश, टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप और व्यापारिक समझौतों को भी नई गति मिल सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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जहांगीर खान

West Bengal Politics: फलता सीट से नाम हटने पर TMC ने तोड़ी चुप्पी, जहांगीर खान पर दिया बड़ा बयान

पश्चिम बंगाल की राजनीति में फलता विधानसभा सीट एक बार फिर चर्चा का केंद्र बन गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता जहांगीर खान का नाम सीट से हटने की खबरों के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक इस मुद्दे पर लगातार चर्चाएं हो रही हैं। अब पूरे मामले पर TMC ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए स्थिति साफ करने की कोशिश की है। पार्टी की ओर से कहा गया है कि जहांगीर खान ने जो फैसला लिया है, वह पूरी तरह उनका निजी निर्णय है। इसका तृणमूल कांग्रेस की आधिकारिक रणनीति या संगठनात्मक फैसले से कोई संबंध नहीं है। TMC नेताओं ने साफ किया कि पार्टी पूरी मजबूती के साथ चुनावी तैयारियों में जुटी हुई है और उम्मीदवारों को लेकर अंतिम फैसला शीर्ष नेतृत्व ही करेगा। क्या है पूरा मामला? फलता विधानसभा सीट दक्षिण 24 परगना जिले की अहम सीटों में गिनी जाती है। यहां लंबे समय से TMC का मजबूत प्रभाव रहा है। हाल ही में जहांगीर खान का नाम चुनावी चर्चा से हटने की खबर सामने आने के बाद राजनीतिक अटकलें तेज हो गईं। कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि पार्टी के भीतर मतभेद की वजह से यह स्थिति बनी है। हालांकि TMC ने इन सभी अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि किसी भी नेता के व्यक्तिगत फैसले को पार्टी की अंदरूनी राजनीति से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। विपक्ष ने साधा निशाना मामले को लेकर भाजपा और कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने TMC पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। विपक्ष का कहना है कि पार्टी के भीतर असंतोष लगातार बढ़ रहा है और कई नेता खुद को नजरअंदाज महसूस कर रहे हैं। वहीं TMC ने पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष बिना वजह मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहा है। चुनाव से पहले बढ़ी सियासी हलचल पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावों को लेकर सभी राजनीतिक दल अपनी रणनीति बनाने में जुटे हैं। ऐसे समय में फलता सीट से जुड़ा यह घटनाक्रम काफी अहम माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि टिकट वितरण और नेताओं की नाराजगी जैसी बातें चुनावी मौसम में आम होती हैं, लेकिन पार्टियां उन्हें सार्वजनिक विवाद बनने से रोकने की कोशिश करती हैं। फिलहाल TMC इस पूरे विवाद को व्यक्तिगत फैसला बताकर राजनीतिक नुकसान से बचने की कोशिश कर रही है, जबकि विपक्ष इसे पार्टी की अंदरूनी कलह से जोड़कर मुद्दा बनाने में लगा हुआ है। आने वाले दिनों में फलता सीट का यह मामला बंगाल की राजनीति में और चर्चा बटोर सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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सपा

UP Politics Big Shock: सपा-बसपा को झटका, 51 Leaders ने छोड़ी Party और Join किया SBSP

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। राज्य की प्रमुख पार्टियों—Samajwadi Party और Bahujan Samaj Party—को उस समय तगड़ा झटका लगा जब 51 नेताओं ने एक साथ दोनों दलों से इस्तीफा देकर Suheldev Bharatiya Samaj Party का दामन थाम लिया। आखिर क्यों हुआ इतना बड़ा दल-बदल? सूत्रों के अनुसार, कई जिलों से जुड़े सपा और बसपा के स्थानीय नेता लंबे समय से संगठनात्मक फैसलों और टिकट बंटवारे को लेकर असंतुष्ट थे। धीरे-धीरे यह नाराजगी बढ़ती गई और आखिरकार एक साथ 51 नेताओं ने पार्टी छोड़ने का फैसला कर लिया। इसके बाद सभी नेताओं ने SBSP में शामिल होकर नई राजनीतिक शुरुआत की। SBSP को मिला बड़ा फायदा इस सामूहिक शामिल होने को SBSP के लिए एक बड़ी राजनीतिक बढ़त माना जा रहा है। खासकर ग्रामीण और जमीनी स्तर पर पार्टी की पकड़ मजबूत होने की संभावना जताई जा रही है। सपा-बसपा के लिए क्या संदेश? इस घटनाक्रम को राजनीतिक विश्लेषक एक “वेक-अप कॉल” के रूप में देख रहे हैं: यूपी की सियासत में नया समीकरण उत्तर प्रदेश में पहले से ही राजनीतिक समीकरण तेजी से बदलते रहे हैं। ऐसे में 51 नेताओं का एक साथ दल बदलना आने वाले चुनावों में नई रणनीतियों और गठबंधनों का संकेत भी माना जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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MEA

क्या दुनिया भारत पर भरोसा कर सकती है? Norway Event में MEA का शानदार जवाब चर्चा में

नॉर्वे में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय प्रेस बातचीत के दौरान भारत की वैश्विक भूमिका और विश्वसनीयता को लेकर एक सवाल ने सबका ध्यान खींच लिया। एक नॉर्वेजियन पत्रकार ने सीधे विदेश मंत्रालय (MEA) से पूछा—“दुनिया भारत पर भरोसा क्यों करे?” इस सवाल के बाद कुछ पल के लिए माहौल गंभीर हो गया, लेकिन भारत के विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs India) के प्रवक्ता ने बेहद शांत और आत्मविश्वास भरा जवाब दिया, जिसने चर्चा का रुख ही बदल दिया। MEA ने क्या कहा? (Strong Diplomatic Reply) विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने साफ शब्दों में कहा कि भारत की पहचान अब सिर्फ एक देश के रूप में नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार वैश्विक शक्ति के रूप में बन चुकी है। उन्होंने अपने जवाब में कहा— उन्होंने यह भी कहा कि “दुनिया में भरोसा भाषणों से नहीं, बल्कि लगातार किए गए काम से बनता है”—और भारत इसी सोच के साथ आगे बढ़ रहा है। क्यों बढ़ रहा है भारत पर भरोसे का सवाल? आज दुनिया तेजी से बदल रही है और भारत की भूमिका भी उसी के साथ मजबूत हो रही है। इन्हीं बदलावों के बीच दुनिया भारत की विश्वसनीयता और भूमिका को लेकर सवाल भी कर रही है और उसे समझ भी रही है। नॉर्वे में क्यों उठा यह सवाल? यह चर्चा Norway में एक प्रेस इवेंट के दौरान हुई, जहां अलग-अलग देशों के पत्रकार मौजूद थे।भारत की विदेश नीति, विकास और वैश्विक भूमिका पर चर्चा के दौरान यह सवाल सामने आया। सोशल मीडिया पर रिएक्शन (Public Reaction) इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी काफी प्रतिक्रिया देखने को मिली। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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India-Nordic Summit 2026

India-Nordic Summit 2026: पीएम मोदी की नॉर्वे यात्रा से बढ़ेगा India-Europe Cooperation

भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi जल्द ही India-Nordic Summit 2026 में शामिल होने के लिए नॉर्वे का दौरा करेंगे। यह दौरा भारत की विदेश नीति और ग्लोबल पार्टनरशिप के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। इस शिखर सम्मेलन में भारत और नॉर्डिक देशों के बीच ग्रीन एनर्जी, स्पेस टेक्नोलॉजी और इनोवेशन जैसे भविष्य से जुड़े मुद्दों पर गहराई से चर्चा होगी। इस समिट में नॉर्वे के साथ-साथ स्वीडन, डेनमार्क और फिनलैंड के प्रधानमंत्री भी शामिल होंगे, जहां भारत के साथ सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति बनने की उम्मीद है। चार देशों के नेताओं से होगी अहम बातचीत पीएम मोदी इस दौरे में चार नॉर्डिक देशों के शीर्ष नेताओं के साथ अलग-अलग बैठकें करेंगे। इन बैठकों में फोकस रहेगा: Green Energy पर भारत-नॉर्डिक साझेदारी होगी मजबूत आज दुनिया जिस तेजी से क्लाइमेट चेंज की चुनौती का सामना कर रही है, उसमें भारत और नॉर्डिक देश मिलकर बड़ा रोल निभा सकते हैं। इस समिट में ग्रीन एनर्जी को लेकर कई अहम प्रस्ताव सामने आने की उम्मीद है। मुख्य फोकस क्षेत्र: Space Technology और Innovation पर नई दिशा भारत और नॉर्डिक देश स्पेस सेक्टर में भी सहयोग बढ़ाने की तैयारी में हैं। इस दौरान: इससे भारत के स्पेस प्रोग्राम को नई गति मिलने की उम्मीद है। भारत के लिए क्यों खास है यह Summit? यह दौरा सिर्फ एक कूटनीतिक यात्रा नहीं है, बल्कि भारत के भविष्य के विकास मॉडल से जुड़ा हुआ कदम माना जा रहा है। नॉर्डिक देश टेक्नोलॉजी और ग्रीन इनोवेशन में दुनिया में अग्रणी हैं। भारत को इससे मिल सकते हैं: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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AAP

AAP Political News: हाई कोर्ट की सख्ती, सोशल मीडिया पोस्ट बना विवाद की वजह

दिल्ली हाई कोर्ट ने आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख नेताओं अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह सहित कई अन्य को नोटिस जारी किया है। यह मामला सोशल मीडिया पर अदालत की कार्यवाही और एक जज से जुड़ी टिप्पणियों को लेकर किए गए पोस्ट से जुड़ा हुआ है। क्या है पूरा पूरा मामला? यह विवाद तब शुरू हुआ जब AAP नेताओं की तरफ से कुछ सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो शेयर किए गए, जिनमें दिल्ली हाई कोर्ट की कार्यवाही और जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा से जुड़े कथित टिप्पणियों का उल्लेख था। आरोप है कि इन पोस्ट्स में अदालत की सुनवाई को या तो गलत तरीके से दिखाया गया या उसे अलग संदर्भ में प्रस्तुत किया गया, जिससे न्यायपालिका की छवि प्रभावित हो सकती है। सोशल Media Posts पर क्यों उठे सवाल? जानकारी के अनुसार, जिन पोस्ट्स को लेकर यह कार्रवाई हुई है, उनमें कोर्ट की कार्यवाही से जुड़ी सामग्री को बिना अनुमति रिकॉर्ड कर या एडिट करके सोशल मीडिया पर साझा किया गया था। इसी वजह से इसे कोर्ट की प्रक्रिया और गरिमा के खिलाफ माना जा रहा है। High Court की सख्त टिप्पणी दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मामले को गंभीर मानते हुए कहा है कि न्यायिक कार्यवाही को बिना अनुमति रिकॉर्ड करना या उसे गलत तरीके से प्रसारित करना न्यायालय की गरिमा को नुकसान पहुंचा सकता है। इसी आधार पर सभी संबंधित नेताओं से स्पष्टीकरण मांगा गया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sugar

Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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