बिहार में चल रहे Voter List Verification Campaign (SIR) को लेकर संसद और बिहार विधानसभा दोनों जगह मंगलवार को जबरदस्त Political Protest देखने को मिला। विपक्षी दलों ने इस अभियान को लोकतंत्र के खिलाफ साजिश बताया और Black Dress पहनकर जोरदार Protest किया। संसद में काला कपड़ा पहनकर हंगामा, ‘SIR वापस लो’ के नारे संसद के मानसून सत्र के दौरान Lok Sabha और Rajya Sabha दोनों सदनों में विपक्षी सांसदों ने Black Clothes पहनकर ‘SIR वापस लो’, ‘लोकतंत्र बचाओ’ जैसे नारे लगाते हुए वेल में पहुंचकर Protest किया। Congress, RJD, Samajwadi Party, DMK और Left पार्टियों के सांसदों ने हाथों में प्लेकार्ड लेकर वोटर वेरीफिकेशन प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे गरीब और अल्पसंख्यक वर्ग के मतदाताओं को वोट देने से वंचित किया जाएगा। Lok Sabha Speaker Om Birla ने नाराजगी जताते हुए कहा,“यह सदन चर्चा के लिए है, सड़क जैसा व्यवहार यहां स्वीकार्य नहीं है।”हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी—पहले 12 बजे, फिर 2 बजे तक। Bihar Assembly में भी हंगामा, Rabri Devi ने काली साड़ी में किया विरोध Patna स्थित बिहार विधान परिषद और विधानसभा में भी विपक्ष का गुस्सा फूटा। पूर्व मुख्यमंत्री Rabri Devi के नेतृत्व में महिला विधायकों ने Black Saree पहनकर प्रदर्शन किया और विधानमंडल की सीढ़ियों पर बैठकर नारेबाज़ी की। RJD, Congress और CPI-M नेताओं ने आरोप लगाया कि बिहार सरकार वोटर लिस्ट के नाम पर “Vote Ka Chayanikaran” कर रही है ताकि विपक्षी वोटरों को हटाया जा सके। विरोध-प्रदर्शन का स्तर इतना बढ़ गया कि कुछ जगहों पर नेताओं ने मुंह पर कालिख पोतकर SIR के खिलाफ नाराज़गी जताई। सरकार की सफाई: वोटर लिस्ट की शुद्धता जरूरी बिहार सरकार और केंद्र ने SIR को Electoral Cleansing Process बताया है। सरकार का कहना है कि यह अभियान Election Commission की निगरानी में पारदर्शी ढंग से चल रहा है। Deputy CM Vijay Sinha ने कहा,“जो लोग विरोध कर रहे हैं, वो भ्रम फैला रहे हैं। वोटर वेरिफिकेशन प्रक्रिया का मकसद सिर्फ मृत या फर्जी वोटरों को हटाना है।” हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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