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Weather Alert: Kerala-Karnataka में Red Alert, Rajasthan में Heatwave से हाल बेहाल

देशभर में मौसम (Weather) तेजी से करवट ले रहा है। कहीं तेज बारिश लोगों को गर्मी से राहत दे रही है तो कहीं लू अब भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून अब तेजी से आगे बढ़ रहा है और अगले 5 दिनों में करीब 13 राज्यों तक पहुंच सकता है। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान तेज आंधी और बारिश देखने को मिली। कई शहरों में अचानक बदले मौसम ने लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी। वहीं दूसरी ओर केरल और कर्नाटक में भारी बारिश के चलते रेड अलर्ट जारी किया गया है। राजस्थान के कई जिलों में अभी भी हीटवेव का खतरा बना हुआ है। MP और UP में बारिश से बदला मौसम भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर समेत मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों ने राहत महसूस की। उत्तर प्रदेश की बात करें तो लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी सहित कई शहरों में शाम के समय मौसम अचानक बदल गया। तेज हवाओं और बूंदाबांदी के कारण गर्मी का असर कम हुआ। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक गरज-चमक और बारिश की संभावना जताई है। Kerala-Karnataka में Heavy Rain का खतरा दक्षिण भारत में मानसून पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। केरल और कर्नाटक के कई इलाकों में लगातार भारी बारिश हो रही है। स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है। कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी भी दी गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। Rajasthan में Heatwave जारी जहां देश के कई हिस्सों में बारिश हो रही है, वहीं राजस्थान अभी भी तेज गर्मी की मार झेल रहा है। जयपुर, बीकानेर, चूरू और श्रीगंगानगर जैसे जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों तक हीटवेव चलने की संभावना जताई है। लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने और ज्यादा पानी पीने की सलाह दी गई है। अगले 5 दिन क्यों अहम हैं? मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिलने के कारण मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। अगर यही स्थिति बनी रही तो जल्द ही महाराष्ट्र, बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में अच्छी बारिश शुरू हो सकती है। किसानों के लिए राहत भरी खबर मानसून की तेजी किसानों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। कई राज्यों में किसान खरीफ फसलों की तैयारी में जुट गए हैं। अच्छी बारिश से धान, मक्का और सोयाबीन की खेती को फायदा मिलने की उम्मीद है। हालांकि मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखें और प्रशासन की सलाह का पालन करें।
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Khan Sir

Khan Sir कोर्ट से मिली बड़ी राहत, केस डायरी पेश करने का आदेश

देश के चर्चित शिक्षक और यूट्यूबर खान (Khan Sir)सर एक बार फिर सुर्खियों में हैं। गोली चलने के मामले में दर्ज केस को लेकर अदालत ने फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने पुलिस से केस डायरी पेश करने को कहा है, वहीं सुनवाई के दौरान खान सर के वकील ने दावा किया कि गोली “Self Defence” में चलाई गई थी। इस फैसले के बाद सोशल मीडिया से लेकर छात्रों के बीच तक इस मामले की चर्चा तेज हो गई है। कोर्ट ने पुलिस से मांगी पूरी रिपोर्ट मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने जांच एजेंसी को निर्देश दिया कि केस से जुड़े सभी दस्तावेज और केस डायरी कोर्ट में पेश किए जाएं। अदालत ने अगली सुनवाई तक खान सर की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाते हुए कहा कि जांच निष्पक्ष तरीके से जारी रहनी चाहिए। कोर्ट के इस आदेश को खान सर के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। वकील का दावा- जान बचाने के लिए चली गोली सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत में कहा कि घटना के समय हालात बेहद तनावपूर्ण थे। खान सर को अपनी सुरक्षा का खतरा महसूस हुआ, जिसके बाद आत्मरक्षा में गोली चलाई गई। वकील ने यह भी कहा कि मामले को एकतरफा तरीके से पेश किया जा रहा है, जबकि घटना की पूरी सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी। पुलिस जांच अभी जारी हालांकि गिरफ्तारी पर रोक लगी है, लेकिन पुलिस की जांच लगातार जारी है। जांच टीम घटना से जुड़े सबूत, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि कोर्ट में सभी जरूरी दस्तावेज पेश किए जाएंगे। सोशल मीडिया पर बंटी राय जैसे ही कोर्ट का फैसला सामने आया, सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। खान सर के समर्थकों ने इसे राहत भरा फैसला बताया, जबकि कुछ लोग मामले में सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। छात्रों के बीच भी इस पूरे मामले को लेकर लगातार चर्चा बनी हुई है। अगली सुनवाई पर सबकी नजर फिलहाल अदालत से मिली राहत के बाद खान सर को बड़ी कानूनी मदद जरूर मिली है, लेकिन मामला अभी खत्म नहीं हुआ है। अब सभी की नजर अगली सुनवाई पर टिकी है, जहां केस डायरी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे का फैसला लिया जाएगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Nuclear Power

India Nuclear Power भारत की परमाणु ताकत में बड़ा बदलाव, 190 एटमी हथियार तक पहुंचा स्टॉक

भारत की परमाणु क्षमता (Nuclear Power) को लेकर एक अहम रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें दावा किया गया है कि देश ने पहली बार 12 परमाणु बम तैनात किए हैं। साथ ही पिछले दो वर्षों में भारत के कुल परमाणु हथियारों की संख्या 180 से बढ़कर करीब 190 तक पहुंच गई है। यह संख्या पाकिस्तान की तुलना में लगभग 20 अधिक बताई जा रही है। हालांकि यह पूरा आकलन अंतरराष्ट्रीय रक्षा रिपोर्ट्स और थिंक टैंक के अनुमानों पर आधारित है, जिनकी आधिकारिक पुष्टि सरकारें आमतौर पर सार्वजनिक रूप से नहीं करतीं। भारत की न्यूक्लियर क्षमता में लगातार बढ़ोतरी रिपोर्ट्स के अनुसार भारत अपनी रणनीतिक सुरक्षा और डिटरेंस क्षमता को मजबूत करने की दिशा में लगातार कदम बढ़ा रहा है। इसी क्रम में: यह बढ़ोतरी भारत की बदलती सुरक्षा जरूरतों और क्षेत्रीय परिस्थितियों को देखते हुए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। South Asia Nuclear Balance: क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर दक्षिण एशिया पहले से ही दुनिया के सबसे संवेदनशील परमाणु क्षेत्रों में गिना जाता है। भारत और पाकिस्तान दोनों के पास परमाणु हथियार होने के कारण यहां का रणनीतिक संतुलन हमेशा चर्चा में रहता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, परमाणु क्षमता में बदलाव से देशों की डिटरेंस पॉलिसी मजबूत होती है, लेकिन इसके साथ ही क्षेत्रीय तनाव और सुरक्षा चुनौतियां भी बढ़ सकती हैं। Nuclear Reports क्या बताते हैं? हर साल कई अंतरराष्ट्रीय रक्षा संस्थान और थिंक टैंक वैश्विक परमाणु हथियारों का अनुमान जारी करते हैं। ये आंकड़े पूरी तरह आधिकारिक नहीं होते, लेकिन दुनिया के सैन्य संतुलन को समझने में अहम भूमिका निभाते हैं। भारत को एक उभरती हुई परमाणु शक्ति के रूप में देखा जाता है, जिसकी क्षमता लगातार बढ़ रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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NEET

Education System Crisis: NEET-CBSE Controversy और Voter List Row ने बढ़ाई टेंशन

देश में शिक्षा व्यवस्था और चुनावी प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge ने CBSE और NEET परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और SIR वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा है। इस पूरे मामले ने अब राजनीतिक तापमान और बढ़ा दिया है। खड़गे ने साफ कहा है कि लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और इसके लिए शिक्षा मंत्री को पद छोड़ना चाहिए। NEET और CBSE Controversy: छात्रों के भविष्य पर सवाल NEET और CBSE परीक्षा प्रणाली को लेकर विपक्ष ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं: इन घटनाओं के चलते देशभर में छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी देखी जा रही है। SIR Voter List Issue: करोड़ों नाम हटाने का आरोप विपक्ष का आरोप है कि SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया के दौरान: इस मुद्दे को लेकर विपक्ष इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला बता रहा है, जबकि सरकार ने इन आरोपों को खारिज किया है। INDIA Bloc का अगला कदम: CJI को Letter की तैयारी इस पूरे विवाद को गंभीर बताते हुए INDIA ब्लॉक ने कहा है कि वे जल्द ही देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को पत्र लिखेंगे। उनका कहना है कि इस मामले में न्यायिक हस्तक्षेप जरूरी है ताकि पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच हो सके और सच्चाई सामने आए। Political Heat Rising in India इस पूरे विवाद ने देश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। विपक्ष सरकार पर लगातार सवाल उठा रहा है, जबकि सत्ता पक्ष इन आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी बता रहा है। छात्रों से लेकर मतदाताओं तक, दोनों मुद्दों ने आम लोगों के बीच भी चिंता बढ़ा दी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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TMC

West Bengal Politics: TMC में घमासान, 20 सांसदों की बगावत से सियासी हलचल

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर बड़े राजनीतिक भूचाल के संकेत मिल रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक पार्टी के करीब 20 सांसदों ने लोकसभा स्पीकर को एक संयुक्त पत्र लिखा है, जिससे संगठन में गहरी असहमति और संभावित टूट की चर्चाएं तेज हो गई हैं। यह मामला सिर्फ एक औपचारिक शिकायत नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष और अलग राजनीतिक रास्ता तलाशने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। क्या है पूरा TMC MPs Letter Controversy? सूत्रों के अनुसार, 20 सांसदों ने स्पीकर को भेजे गए पत्र में अपनी अलग राजनीतिक पहचान और गुट को लेकर मांग उठाई है। इस पत्र के बाद सियासी हलकों में यह चर्चा शुरू हो गई है कि क्या ये सांसद आगे चलकर एक नई राजनीतिक इकाई बना सकते हैं। हालांकि अभी तक न तो पार्टी नेतृत्व और न ही सांसदों की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि की गई है। अंदरूनी नाराजगी की वजहें क्या हैं? राजनीतिक जानकार इस घटनाक्रम को अचानक नहीं मान रहे हैं। इसके पीछे कई वजहें बताई जा रही हैं: इन मुद्दों ने कथित तौर पर पार्टी के भीतर तनाव को और बढ़ा दिया है। क्या बनने वाली है नई Party? सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह गुट वास्तव में अलग पार्टी का रूप ले सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि: हालांकि यह अभी सिर्फ अटकलों के स्तर पर है। TMC के लिए कितना बड़ा झटका? अगर यह अंदरूनी विवाद बढ़ता है, तो इसका असर तृणमूल कांग्रेस की राजनीतिक ताकत पर पड़ सकता है: राजनीतिक माहौल गर्म दिल्ली से लेकर कोलकाता तक इस खबर ने सियासी माहौल गर्म कर दिया है। विपक्षी दल भी इस घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं, जबकि आम जनता के बीच भी यह चर्चा का विषय बन गया है कि आखिर पार्टी के भीतर चल क्या रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Khan Sir

Khan Sir Update: FIR को लेकर विवाद, कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल

देश के चर्चित शिक्षक और यूट्यूबर खान सर से जुड़े मामले में नया अपडेट सामने आया है। खान सर (Khan Sir) की ओर से अदालत में अग्रिम जमानत याचिका (Anticipatory Bail Application) दाखिल की गई है। यह कदम उस FIR के बाद उठाया गया है, जो उनके खिलाफ दर्ज की गई है। मामले को लेकर उनके वकील ने अदालत में दलील दी कि FIR किसी दबाव या “दूसरे पक्ष की संतुष्टि” के आधार पर दर्ज की गई है। वकील का कहना है कि शिकायत में तथ्यों को सही तरीके से पेश नहीं किया गया है और पूरे मामले को एकतरफा तरीके से दिखाया गया है। वकील ने कोर्ट में क्या कहा? खान सर की ओर से पेश वकील ने कई अहम बातें रखीं, जिनमें शामिल हैं: वकील ने यह भी कहा कि मामला विवादित परिस्थितियों में दर्ज हुआ है और इसमें सभी तथ्यों को ठीक से सामने लाना जरूरी है। अब आगे क्या होगा? अब इस पूरे मामले में अदालत में सुनवाई होनी है। दोनों पक्ष अपनी-अपनी दलीलें पेश करेंगे, जिसके बाद कोर्ट यह तय करेगा कि खान सर को अग्रिम जमानत दी जाए या नहीं। फिलहाल यह केस विचाराधीन है और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। क्यों चर्चा में है यह केस? खान सर देशभर में अपने पढ़ाने के अनोखे अंदाज और लाखों छात्रों के बीच लोकप्रिय हैं। ऐसे में उनके खिलाफ FIR और जमानत याचिका की खबर ने सोशल मीडिया पर काफी चर्चा बढ़ा दी है। समर्थक भी लगातार मामले पर नजर बनाए हुए हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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TMC

TMC vs BJP: दिल्ली में बड़ी सियासी मुलाकात, भूपेंद्र यादव से बागी TMC नेताओं की मीटिंग से बढ़ी टेंशन

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर गर्माहट बढ़ गई है। राजधानी दिल्ली में केंद्रीय मंत्री Bhupender Yadav से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कुछ बागी सांसदों और नेताओं की मुलाकात ने राजनीतिक माहौल को पूरी तरह से गरमा दिया है। इस मुलाकात को सिर्फ एक औपचारिक बातचीत नहीं, बल्कि आने वाले समय में बड़े सियासी बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष Suvendu Adhikari भी मौजूद रहे। शुभेंदु अधिकारी, जो पहले खुद TMC का हिस्सा थे, अब बीजेपी के प्रमुख चेहरों में गिने जाते हैं और लगातार ममता सरकार पर हमलावर रहते हैं। TMC में अंदरूनी असंतोष की चर्चा तेज बताया जा रहा है कि बैठक में शामिल कुछ TMC नेताओं ने पार्टी नेतृत्व के प्रति अपनी नाराजगी भी जताई है। हालांकि अभी तक किसी तरह के आधिकारिक इस्तीफे या पार्टी टूट की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इस मुलाकात ने अंदरूनी खींचतान की चर्चा को और हवा दे दी है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मुलाकात आने वाले समय में बंगाल की राजनीति की दिशा बदल सकती है। क्या बदल रहे हैं बंगाल के सियासी समीकरण? क्या है आगे की तस्वीर? फिलहाल इस मुलाकात पर किसी भी पक्ष की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे बंगाल की सियासत में बड़े बदलाव की शुरुआती दस्तक माना जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Congress

MP Election Buzz: Congress में अंदरूनी खींचतान या रणनीति? मीनाक्षी का बड़ा बयान

मध्य प्रदेश की राजनीति में चुनावी हलचल अब खुलकर दिखाई देने लगी है। नेताओं के बयान, पार्टी के भीतर की गतिविधियां और लगातार बढ़ती राजनीतिक बयानबाजी ने माहौल को पूरी तरह गरमा दिया है। इसी बीच Congress नेता मीनाक्षी का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने साफ कहा कि कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है और आगामी चुनाव में पार्टी मजबूती से जीत दर्ज करेगी। हालांकि, मीनाक्षी के इस बयान के बीच कांग्रेस को एक बड़ा झटका भी लगा है। दिग्विजय सिंह के करीबी माने जाने वाले नेता ज्ञानचंदानी ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे ने प्रदेश की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। Meenakshi का भरोसा- Congress मजबूत है मीडिया से बातचीत के दौरान मीनाक्षी ने कहा कि कांग्रेस के सभी कार्यकर्ता और नेता मिलकर चुनाव की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि जनता अब बदलाव चाहती है और कांग्रेस लोगों के मुद्दों को लेकर पूरी ताकत के साथ मैदान में उतर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ नेताओं के पार्टी छोड़ने से संगठन कमजोर नहीं होता। कांग्रेस पहले भी चुनौतियों से उभरी है और इस बार भी जनता का समर्थन पार्टी को मिलेगा। Digvijaya समर्थक Gyanchandani का इस्तीफा बना चर्चा का विषय कांग्रेस के भीतर उस समय हलचल तेज हो गई जब दिग्विजय सिंह समर्थक माने जाने वाले ज्ञानचंदानी ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। राजनीतिक गलियारों में इसे कांग्रेस के अंदर बढ़ते असंतोष से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह किसी व्यक्ति का निजी फैसला है और पार्टी पर इसका ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। संगठन अभी भी पूरी तरह सक्रिय और मजबूत है। Kailash Vijayvargiya ने Congress पर साधा निशाना बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय ने कांग्रेस की स्थिति पर तंज कसते हुए कहा कि विकास चाहने वाले लोग बीजेपी के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बीजेपी सरकार ने लगातार विकास कार्य किए हैं और जनता इन्हीं कामों के आधार पर वोट करेगी। विजयवर्गीय ने कहा कि सड़क, बिजली, पानी और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में सरकार ने कई बड़े काम किए हैं। उन्होंने कांग्रेस पर केवल बयानबाजी और अंदरूनी राजनीति करने का आरोप लगाया। चुनाव नजदीक, सियासी बयानबाजी तेज जैसे-जैसे मध्य प्रदेश में चुनाव करीब आते जा रहे हैं, वैसे-वैसे नेताओं के बयान और राजनीतिक गतिविधियां भी तेज होती जा रही हैं। कांग्रेस जहां खुद को एकजुट दिखाने में लगी है, वहीं बीजेपी विकास के मुद्दे को लेकर जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटी हुई है। अब आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति और भी दिलचस्प होने की उम्मीद है, क्योंकि दोनों बड़ी पार्टियां चुनावी मैदान में पूरी ताकत झोंकने की तैयारी कर रही हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Deepak Prakash

Bihar Political MLC टिकट नहीं मिलने से Deepak Prakash पर संकट, छोड़ना पड़ेगा मंत्री पद?

बिहार की सियासत में इन दिनों उपेंद्र कुशवाहा के बेटे और राज्य सरकार में मंत्री दीपक प्रकाश (Deepak Prakash) को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। NDA की ओर से जारी विधान परिषद (MLC) उम्मीदवारों की सूची में नाम नहीं आने के बाद अब उनके मंत्री पद पर सवाल खड़े होने लगे हैं। 6 महीने का नियम बना बड़ी वजह दीपक प्रकाश फिलहाल बिहार सरकार में मंत्री हैं, लेकिन अभी तक वे विधानसभा या विधान परिषद के सदस्य नहीं बन पाए हैं। संविधान के नियम के मुताबिक, किसी भी व्यक्ति को मंत्री बनने के बाद छह महीने के भीतर विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बनना जरूरी होता है। ऐसा नहीं होने पर मंत्री पद छोड़ना पड़ सकता है। इसी नियम को लेकर अब बिहार की राजनीति गर्म हो गई है। माना जा रहा था कि NDA उन्हें विधान परिषद भेज सकती है, लेकिन उम्मीदवारों की सूची आने के बाद तस्वीर बदलती नजर आई। सूची में उनका नाम नहीं होने से राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। NDA में सीट शेयरिंग बनी वजह? राजनीतिक जानकारों का कहना है कि गठबंधन के अंदर सीट शेयरिंग और राजनीतिक संतुलन की वजह से राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) को ज्यादा जगह नहीं मिल सकी। इसका असर सीधे तौर पर दीपक प्रकाश की दावेदारी पर पड़ा। उधर, उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी लगातार यह दावा कर रही है कि NDA में सबकुछ सामान्य है, लेकिन अंदरखाने चल रही हलचल कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। पार्टी समर्थकों के बीच भी यह सवाल उठ रहा है कि आखिर मंत्री बनाए जाने के बाद अब तक दीपक प्रकाश को सदन में पहुंचाने की रणनीति क्यों तय नहीं हो सकी। क्या निकलेगा कोई नया राजनीतिक रास्ता? सूत्रों की मानें तो आने वाले दिनों में कोई बड़ा राजनीतिक फैसला लिया जा सकता है। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी चर्चा है कि परिवार या पार्टी स्तर पर ऐसा रास्ता तलाशा जा रहा है, जिससे दीपक प्रकाश का मंत्री पद बचाया जा सके। हालांकि अभी तक इस पर किसी तरह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। विपक्ष ने भी साधा निशाना इस पूरे घटनाक्रम ने बिहार की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। विपक्ष भी अब NDA पर निशाना साध रहा है और इसे गठबंधन के अंदर की खींचतान बता रहा है। वहीं, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले कुछ हफ्ते दीपक प्रकाश के राजनीतिक भविष्य के लिए बेहद अहम साबित हो सकते हैं। अब आगे क्या? फिलहाल सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या NDA दीपक प्रकाश को सदन तक पहुंचाने के लिए कोई नया रास्ता निकालेगी या फिर उन्हें मंत्री पद छोड़ना पड़ेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Manipur

Manipur Protest Update: उखरुल में प्रदर्शन हुआ हिंसक, जवानों पर पेट्रोल डालने का आरोप

मणिपुर (Manipur) के उखरुल जिले में रविवार को उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब स्थानीय तंगखुल समुदाय की महिलाओं और असम राइफल्स के जवानों के बीच तीखी झड़प हो गई। विरोध प्रदर्शन के दौरान गुस्साई भीड़ ने सुरक्षा बलों के बनाए बंकर को नुकसान पहुंचाया। वहीं असम राइफल्स ने दावा किया है कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने जवानों पर पेट्रोल डालने की कोशिश की। इस घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव बढ़ गया है। स्थानीय संगठनों के अनुसार, झड़प में करीब 22 महिलाएं घायल हुई हैं, जिनमें कई को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। कैसे शुरू हुआ विवाद? जानकारी के मुताबिक, उखरुल में पिछले कुछ दिनों से सुरक्षा बलों की मौजूदगी को लेकर लोगों में नाराजगी थी। इसी मुद्दे को लेकर बड़ी संख्या में महिलाएं प्रदर्शन करने पहुंचीं। शुरुआत में प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन बाद में हालात बिगड़ गए। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि प्रदर्शनकारियों और जवानों के बीच पहले बहस हुई, जो देखते ही देखते धक्का-मुक्की और झड़प में बदल गई। इसी दौरान भीड़ ने असम राइफल्स के अस्थायी बंकर को तोड़ दिया। Assam Rifles ने क्या कहा? असम राइफल्स की ओर से जारी बयान में कहा गया कि ड्यूटी पर तैनात जवानों को प्रदर्शनकारियों ने घेर लिया था। सुरक्षा बलों का आरोप है कि कुछ महिलाओं ने जवानों पर पेट्रोल डालने की कोशिश की, जिससे हालात और ज्यादा बिगड़ गए। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि महिलाओं के साथ जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया गया। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। 22 महिलाएं घायल, कई अस्पताल में भर्ती स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, इस झड़प में करीब 22 तंगखुल महिलाएं घायल हुई हैं। कुछ महिलाओं को मामूली चोटें आईं, जबकि कई को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रशासन ने अभी तक घायलों की आधिकारिक संख्या जारी नहीं की है। इलाके में बढ़ा तनाव घटना के बाद उखरुल जिले में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी तरह की हिंसा को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। पहले भी हो चुके हैं ऐसे विवाद मणिपुर पिछले लंबे समय से जातीय हिंसा और तनाव की घटनाओं से जूझ रहा है। राज्य के कई हिस्सों में सुरक्षा बलों और स्थानीय समूहों के बीच टकराव की खबरें सामने आती रही हैं। उखरुल की यह ताजा घटना भी राज्य के संवेदनशील माहौल को दिखाती है, जहां हालात अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाए हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Delhi Protest Case: इंटरनेट बंदी पर केंद्र ने मांगी माफी, आज Supreme Court में सुनवाई

Delhi में CJP (Cockroach Janta Party) के प्रदर्शन के दौरान इंटरनेट सेवाएं बंद करने और मेट्रो स्टेशनों पर पाबंदियां लगाने का मामला लगातार चर्चा में है। 10 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन के बाद केंद्र सरकार, दिल्ली पुलिस और दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) को सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखना पड़ा। तीनों की ओर से अदालत में बिना शर्त माफी मांगी गई है। अब गुरुवार, 15 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं। इस मामले में याचिकाकर्ताओं ने करीब 7,000 लोगों को हिरासत में लिए जाने का दावा किया है। वहीं, अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियाती कदम उठाए गए थे। अब अदालत यह देखेगी कि इन कदमों से उसके पहले के निर्देशों का उल्लंघन हुआ या नहीं। Internet Shutdown: केंद्र सरकार ने क्या सफाई दी? केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर बिना शर्त माफी मांगी है। सरकार ने कहा कि अदालत के आदेश की जानबूझकर अवहेलना करने का कोई इरादा नहीं था। केंद्र के मुताबिक, दिल्ली पुलिस के अनुरोध पर रायसीना हिल्स के चार किलोमीटर के दायरे में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं 9 अक्टूबर की रात 10 बजे से 10 अक्टूबर की रात 10 बजे तक बंद की गई थीं। सरकार ने इसके पीछे संभावित कानून-व्यवस्था की स्थिति का हवाला दिया। केंद्र ने अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि प्रतिबंध सीमित इलाके और तय समय के लिए लगाया गया था। साथ ही, सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से अवमानना नोटिस वापस लेने का अनुरोध किया है। Delhi Metro के 45 स्टेशनों पर क्यों लगी पाबंदी? प्रदर्शन के दिन दिल्ली मेट्रो के कुछ स्टेशनों पर यात्रियों के प्रवेश और निकास को सीमित कर दिया गया था। इस फैसले के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा और मेट्रो सेवाओं पर लगे प्रतिबंधों को लेकर सवाल उठने लगे। DMRC ने सुप्रीम कोर्ट में बताया कि दिल्ली के कुल 303 मेट्रो स्टेशनों में से 45 पर पाबंदियां लगाई गई थीं। कॉर्पोरेशन के मुताबिक, उस दिन 271 ट्रेनों ने कुल 4,157 चक्कर लगाए। DMRC ने अपने हलफनामे में कहा कि संबंधित पाबंदियां दिल्ली पुलिस के निर्देशों के बाद लागू की गई थीं। मेट्रो प्रबंधन ने भी बिना शर्त माफी मांगते हुए कहा कि उसका उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। CJP Protest में 7 हजार लोगों को हिरासत में लेने का दावा इस पूरे विवाद में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने का मुद्दा भी अहम है। याचिकाकर्ताओं की ओर से करीब 7,000 लोगों को हिरासत में लिए जाने का दावा किया गया है। उन्होंने कार्रवाई के तरीके और उसकी वैधता पर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान संभावित अव्यवस्था को देखते हुए एहतियाती कदम उठाए गए थे। पुलिस के मुताबिक, लोगों को अस्थायी केंद्रों में ले जाया गया और कुछ घंटों के भीतर रिहा कर दिया गया। हालांकि, हिरासत में लिए गए लोगों की सटीक संख्या और कार्रवाई की वैधता को लेकर अंतिम न्यायिक निष्कर्ष सामने आना बाकी है। सुप्रीम कोर्ट ने पहले क्या कहा था? प्रदर्शन से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों को आम लोगों की आवाजाही और सार्वजनिक परिवहन को बाधित नहीं करने के निर्देश दिए थे। अदालत ने मेट्रो और रेल सेवाओं को सामान्य रूप से संचालित करने तथा इंटरनेट सेवाओं को बाधित न करने पर भी जोर दिया था। इसके बाद अदालत ने संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगते हुए अवमानना नोटिस जारी किए। अब केंद्र सरकार, दिल्ली पुलिस और DMRC ने अपने हलफनामे दाखिल कर माफी मांगी है और अपने फैसलों के पीछे की परिस्थितियों को स्पष्ट किया है। CJP प्रदर्शन की वजह क्या थी? CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन का आह्वान किया था। प्रदर्शन से जुड़ी मांगों में SIR यानी Special Intensive Revision के तहत मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया का विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग शामिल थी। प्रदर्शन से पहले दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई और कुछ मेट्रो स्टेशनों पर आवाजाही सीमित कर दी गई। इंटरनेट बंद होने के बाद यह मामला और गंभीर हो गया, क्योंकि इससे आम लोगों के संचार और रोजमर्रा के कामकाज पर असर पड़ने को लेकर सवाल उठे। आज की Supreme Court Hearing में क्या होगा? 15 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई में अदालत केंद्र सरकार, दिल्ली पुलिस और DMRC के जवाबों पर विचार करेगी। इस दौरान इंटरनेट बंद करने, मेट्रो स्टेशनों पर पाबंदी लगाने और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने से जुड़े मुद्दे अहम रहेंगे। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या सुप्रीम कोर्ट अधिकारियों की माफी स्वीकार करेगा या कथित अवमानना के मामले में आगे की कार्रवाई करेगा। अदालत भविष्य में ऐसी परिस्थितियों में इंटरनेट सेवाओं और सार्वजनिक परिवहन पर प्रतिबंध लगाने से जुड़े निर्देशों पर भी विचार कर सकती है। फिलहाल, अधिकारियों ने अपना पक्ष रख दिया है। अब अदालत के फैसले से साफ होगा कि सुरक्षा के नाम पर लगाए गए प्रतिबंधों और आम नागरिकों की सुविधाओं के बीच संतुलन को लेकर आगे क्या दिशा तय होती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
मां स्कंदमाता

Navratri 2026: पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा, जानें महत्त्व, कथा और मंत्र

नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा की जाती है। भगवान कार्तिकेय को स्कंद भी कहा जाता है। उन्हें गोद में धारण करने के कारण देवी पार्वती के इस स्वरूप का नाम स्कंदमाता पड़ा। मां का यह रूप मातृत्व, प्रेम और करुणा का प्रतीक है। मां स्कंदमाता की कथा पौराणिक मान्यता के अनुसार, देवी पार्वती ने भगवान स्कंद यानी कार्तिकेय को जन्म दिया, जो देवताओं की सेना के सेनापति बने। स्कंदमाता का स्वरूप एक मां की शक्ति और अपने संतान के प्रति अटूट स्नेह को दर्शाता है। मां का स्वरूप और महत्त्व पूजा विधि मंत्र: ॐ देवी स्कन्दमातायै नमः। भोग: मां को केला अर्पित करने की परंपरा प्रचलित है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

मेरठ हत्याकांड: मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा, पति सौरभ की हत्या के मामले में कोर्ट का फैसला

मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में सौरभ राजपूत हत्याकांड में अदालत ने उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल को फांसी की सजा सुनाई है। दोनों पर सौरभ की हत्या करने का आरोप साबित होने के बाद यह फैसला सुनाया गया। सजा सुनाते हुए जज ने वारदात को नृशंस हत्याकांड बताया और कहा कि इसमें माफी स्वीकार नहीं होगी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कोर्ट में पेश हुए मुस्कान और साहिल सजा सुनाए जाने से पहले जेल में बंद मुस्कान और साहिल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत से जोड़ा गया। इस दौरान दोनों रोने लगे। जज ने मुस्कान से पूछा कि पति सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद वह क्या सजा चाहती है। इस पर मुस्कान ने कहा, “मेरी बच्चियों का ख्याल रखा जाए।” इसके बाद वह खामोश हो गई। वहीं, साहिल से भी यही सवाल पूछा गया, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया। सजा के ऐलान के बाद रो पड़ीं सौरभ की मां अदालत के फैसले के बाद सौरभ राजपूत की मां भावुक हो गईं और रो पड़ीं। उन्होंने कहा कि उन्हें शांति से न्याय मिल गया। इस मामले में सजा का ऐलान सौरभ के परिवार के लिए लंबे इंतजार के बाद आया है। 3 मार्च 2025 को हुई थी सौरभ की हत्या सौरभ राजपूत की हत्या 3 मार्च 2025 को हुई थी। मामले में सामने आए विवरण के अनुसार, हत्या के बाद शव के पांच टुकड़े किए गए और उन्हें नीले ड्रम में भर दिया गया था। इस वारदात ने पूरे देश में व्यापक चर्चा बटोरी थी। अदालत ने मामले में मुस्कान रस्तोगी और साहिल को दोषी ठहराते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई है।

इंदौर में प्लॉट बेचने के नाम पर 7.80 लाख की ठगी का आरोप, ब्रोकर समेत दो पर FIR

शहर के एरोड्रम थाना क्षेत्र में प्लॉट बेचने के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि प्लॉट का सौदा करने के बाद ब्रोकर और प्लॉट मालिक ने फरियादी से 7 लाख 80 हजार रुपये ले लिए, लेकिन न तो प्लॉट की रजिस्ट्री कराई और न ही कब्जा दिया। शिकायत की जांच के बाद एरोड्रम थाना पुलिस ने नंदकिशोर मनावत और धर्मेंद्र ठाकुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। 9.30 लाख में तय हुआ था प्लॉट का सौदा पुलिस के मुताबिक, नंदबाग कॉलोनी निवासी विजय चौहान ने शिकायत में बताया कि उन्होंने नंदबाग में एक प्लॉट का सौदा 9 लाख 30 हजार रुपये में तय किया था। इस संबंध में एग्रीमेंट भी किया गया था। फरियादी ने आरोप लगाया कि उन्होंने नकद और ऑनलाइन माध्यम से कुल 7 लाख 80 हजार रुपये का भुगतान कर दिया, लेकिन इसके बावजूद उन्हें प्लॉट का कब्जा नहीं मिला और रजिस्ट्री भी नहीं कराई गई। ब्रोकर ने परिचित बताकर कराया था सौदा विजय चौहान के अनुसार, धर्मेंद्र ठाकुर ने उन्हें बताया था कि नंदकिशोर मनावत उसका परिचित है और वह अपना प्लॉट बेचना चाहता है। इसके बाद धर्मेंद्र ने सौदे में ब्रोकर की भूमिका निभाई और इसके बदले 10 हजार रुपये लिए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि भुगतान के बाद जब उन्होंने रजिस्ट्री कराने और प्लॉट का कब्जा देने की मांग की, तो उन्हें लगातार टालमटोल का सामना करना पड़ा। 25 से ज्यादा केस होने की धमकी देने का आरोप फरियादी ने आरोप लगाया कि रजिस्ट्री और कब्जे के लिए दबाव बनाने पर धर्मेंद्र ठाकुर ने धमकी दी। शिकायत के मुताबिक, उसने कहा कि उसके खिलाफ 25 से ज्यादा मामले चल रहे हैं। साथ ही, उसके या नंदकिशोर मनावत के पास दोबारा आने पर अंजाम भुगतने की चेतावनी भी दी। 2.80 लाख रुपये लौटाए, 5 लाख बाकी होने का दावा विजय चौहान के मुताबिक, पुलिस में शिकायत करने की बात कहने के बाद नंदकिशोर मनावत ने 2 लाख 50 हजार रुपये नकद और 30 हजार रुपये ऑनलाइन वापस किए। हालांकि, फरियादी का आरोप है कि बाकी 5 लाख रुपये लौटाने से इनकार कर दिया गया। इसके बाद विजय चौहान ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत की। जांच के बाद एरोड्रम थाना पुलिस ने नंदकिशोर मनावत और धर्मेंद्र ठाकुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होनी बाकी है।

SIR के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्रों से मिले राहुल गांधी, दिल्ली पुलिस पर मारपीट के आरोप

नई दिल्ली। SIR के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन करने वाले छात्रों ने बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात की। इसके बाद राहुल गांधी और छात्रों ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली पुलिस पर मारपीट और हिरासत के दौरान दुर्व्यवहार करने के आरोप लगाए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में NSUI के छात्रों, कार्यकर्ताओं और कंटेंट क्रिएटर्स ने अपने साथ हुई कथित घटनाओं की जानकारी दी। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। छात्रा ने कान पर चोट लगने का लगाया आरोप प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक छात्रा ने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान पुलिसकर्मी ने उसके प्राइवेट पार्ट पर लात मारी। वहीं, दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा अदिरा ने दावा किया कि पुलिस की पिटाई के कारण उसके एक कान की सुनने की क्षमता चली गई। प्रदर्शनकारियों ने हिरासत के दौरान कथित ज्यादती और मारपीट से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी सामने नहीं आई है। RSS और भाजपा से जुड़े लोगों के कहने पर हिरासत का आरोप एक अन्य प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया कि पुलिस RSS और भाजपा से जुड़े लोगों के कहने पर प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले रही थी। यह आरोप भी प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाया गया है। राहुल गांधी ने सबूत सुरक्षित रखने को कहा राहुल गांधी ने छात्रों से घटनाओं से जुड़े वीडियो और अन्य सबूत सुरक्षित रखने को कहा। उन्होंने कहा कि इन सबूतों के आधार पर पुलिसकर्मियों से लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त तक, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। प्रदर्शनकारियों के आरोपों और पुलिस की कार्रवाई को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर रहेगी।

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