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रायपुर नगर निगम में बड़ा घोटाला! 100 एकड़ जमीन की फाइल गायब, 4 अधिकारी सस्पेंड

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नगर निगम से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। ज़ोन-10 अमलीडीह ऑफिस से करीब 100 एकड़ जमीन से जुड़ी अहम फाइल गायब हो गई है। इस मामले में निगम कमिश्नर विश्वदीप की जांच के बाद 4 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। बिना मंजूरी भेजा गया प्रस्ताव जांच में सामने आया कि सड़क निर्माण से जुड़ा प्रस्ताव बिना कमिश्नर की अनुमति के ही आगे भेज दिया गया। नियमों के मुताबिक, इस तरह की मंजूरी का अधिकार केवल आयुक्त के पास होता है, लेकिन जोन स्तर से ही फाइल टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (TNC) को भेज दी गई। नक्शे और जमीन में बड़ा फर्क 13 अप्रैल 2026 को जांच टीम ने मौके का निरीक्षण किया। इसमें पाया गया कि प्रस्तावित नक्शा और जमीन की वास्तविक स्थिति में बड़ा अंतर है। कई मकान नक्शे में नहीं दिखाए गए, जबकि सड़कों की चौड़ाई और प्लॉट के आकार भी गलत दर्शाए गए। अवैध प्लॉटिंग पर नहीं हुई कार्रवाई जांच में यह भी सामने आया कि इलाके में लंबे समय से अवैध प्लॉटिंग हो रही थी, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। उल्टा, उसी क्षेत्र को प्रस्ताव में शामिल कर मंजूरी के लिए भेज दिया गया। 69 जमीनों की फाइलें गायब सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस मामले से जुड़ी 69 जमीनों की फाइलें गायब हैं। इनमें रजिस्ट्री दस्तावेज और पुराने रिकॉर्ड शामिल हैं। अधिकारियों के हस्ताक्षर होने के बावजूद फाइलों का गायब होना जांच समिति ने संदिग्ध माना है। साजिश और कूटरचना की आशंका जांच रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि पहले गलत प्रस्ताव तैयार किया गया, फिर बिना अनुमति उसे आगे बढ़ाया गया और जब मामला खुला तो फाइलें गायब कर दी गईं। इसे योजनाबद्ध साजिश और कूटरचना का मामला माना जा रहा है। EOW जांच की मांग पूर्व मेयर एजाज ढेबर ने इस मामले को नगर निगम के इतिहास की सबसे बड़ी लापरवाही बताया है। उन्होंने कहा कि इसमें 100 करोड़ रुपए से ज्यादा का खेल हो सकता है और इसकी जांच EOW (आर्थिक अपराध शाखा) से कराई जानी चाहिए। अधिकारियों पर गंभीर आरोप नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने भी आरोप लगाया कि अधिकारियों ने बिल्डर्स को फायदा पहुंचाने के लिए यह पूरा खेल किया है। उन्होंने स्वतंत्र जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। 👉 अधिक खबरों और अपडेट के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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बिलासपुर में युवक ने बीच सड़क खुद को लगाई आग, 80% तक झुलसा; CCTV वीडियो सामने आया

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां एक युवक ने बीच सड़क पर खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली, जिससे वह करीब 80% तक झुलस गया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल के बर्न और ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना यह मामला बिल्हा थाना क्षेत्र का है। घटना का CCTV वीडियो भी सामने आया है, जिसमें युवक पहले पेट्रोल पंप से डिब्बे में पेट्रोल खरीदता नजर आता है। इसके बाद वह बाइक से सड़क पर पहुंचता है और अचानक बीच रास्ते में रुककर अपने ऊपर पेट्रोल डालकर माचिस जला देता है। आग लगते ही युवक चीखते-चिल्लाते हुए करीब 20 मीटर तक दौड़ा और फिर सड़क पर गिरकर लोटने लगा। लोगों ने बचाई जान घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत साहस दिखाते हुए आग बुझाई और पुलिस व एंबुलेंस को सूचना दी। 108 एंबुलेंस की मदद से युवक को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। युवक ने बताया हादसा, पुलिस को शक पुलिस को दिए बयान में युवक ने इसे हादसा बताया है, लेकिन CCTV फुटेज में वह खुद आग लगाते हुए दिखाई दे रहा है। ऐसे में पुलिस इस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। क्या है पूरा मामला जानकारी के अनुसार, ग्राम पौशरी निवासी मनजीत जायसवाल (28) ने शुक्रवार दोपहर करीब 2:33 बजे पेट्रोल पंप से पेट्रोल खरीदा। इसके बाद वह अपनी बुलेट से कुछ दूरी तक गया और सड़क किनारे गाड़ी खड़ी कर खुद को आग के हवाले कर दिया। इस दौरान उसकी बाइक भी जलकर खाक हो गई। हालत गंभीर, जांच जारी पहले युवक को CMC अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर उसे बर्न और ट्रॉमा सेंटर में शिफ्ट किया गया। उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। एएसपी ग्रामीण मधुलिका सिंह के मुताबिक, युवक ने यह कदम क्यों उठाया, इसकी वजह अभी साफ नहीं हो पाई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। 👉 ऐसी ही ताजा और भरोसेमंद खबरों के लिए जुड़े रहें www.deshharpal.com Portal के साथ।
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बिलासपुर थाने में बवाल: केस की जानकारी लेने पहुंचे युवक को ASI ने मारे थप्पड़, सस्पेंड

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। यहां अपने ही केस की जानकारी लेने थाने पहुंचे एक पीड़ित के साथ ASI ने मारपीट कर दी। आरोप है कि ASI ने न सिर्फ गाली-गलौज की, बल्कि 15-20 थप्पड़ भी जड़ दिए, जिससे युवक का कान सुन्न पड़ गया। “तेरी नेतागिरी निकाल दूंगा…” पीड़ित विनोद जायसवाल का आरोप है कि ASI दिनेश तिवारी ने गुस्से में आकर कहा— “बड़ा नेता है, तेरी नेतागिरी निकाल दूंगा, तुझे जेल भिजवा दूंगा” और इसके बाद मारपीट शुरू कर दी। केस की जानकारी मांगने गया था पीड़ित पूरा मामला रतनपुर थाना क्षेत्र का है। बनियापारा निवासी विनोद जायसवाल 12 अप्रैल को अपने पुराने केस की जानकारी लेने थाने पहुंचा था।दोपहर करीब 2:30 बजे उसने ASI दिनेश तिवारी से जांच रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने की बात कही। इसी बात पर ASI भड़क गया और कथित तौर पर मारपीट कर दी। रिश्वत मांगने का भी आरोप पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि जांच रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने के बदले ASI पैसे मांग रहा था। घटना के समय थाने में अन्य पुलिसकर्मी भी मौजूद थे। SSP ने लिया एक्शन मामले की जानकारी मिलते ही SSP रजनेश सिंह ने सख्त कदम उठाते हुए ASI दिनेश तिवारी को तत्काल सस्पेंड कर दिया। साथ ही पूरे मामले की जांच के आदेश भी दिए गए हैं। ASI के खिलाफ FIR दर्ज पीड़ित की शिकायत पर उसी थाने में ASI के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है। मारपीट के बाद विनोद को सुनने में परेशानी और सिरदर्द की शिकायत है। मंत्री से रिश्तेदारी का दावा विनोद जायसवाल खुद को छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का रिश्तेदार बताता है। वह पहले कोयला कारोबार से जुड़ा रहा है और स्थानीय राजनीति में भी उसकी पहचान बताई जा रही है। 👉 ऐसी ही सच्ची और असरदार खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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बिलासपुर में लॉ छात्रा ने की आत्महत्या: पढ़ाई और शादी के दबाव के बीच उठाया खौफनाक कदम

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से एक दर्दनाक खबर सामने आई है। लॉ सेकेंड ईयर की छात्रा दृष्टि गुप्ता (20) ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रही थी। मंगलवार (14 अप्रैल) सुबह कोनी थाना क्षेत्र की रिवर व्यू कॉलोनी में किराए के मकान में उसका शव पंखे से लटका मिला। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। सुबह कमरे में मिली लाश दृष्टि मूल रूप से रायगढ़ की रहने वाली थी और पिछले 2 साल से बिलासपुर में रहकर पढ़ाई कर रही थी।बताया जा रहा है कि सोमवार को कॉलेज से लौटने के बाद उसने परिजनों से बात की और फिर दोस्तों के साथ बाहर चली गई। मंगलवार सुबह जब वह घर लौटी, तो कुछ देर बाद अपने कमरे में चली गई और दरवाजा बंद कर लिया। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला तो आसपास रहने वाली छात्राओं को शक हुआ। पुलिस ने दरवाजा तोड़ा, फंदे पर लटकी मिली छात्राओं ने मकान मालिक और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा खुलवाया, जहां दृष्टि फांसी के फंदे पर लटकी मिली।पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पढ़ाई और शादी को लेकर था दबाव प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि छात्रा पर पढ़ाई और शादी को लेकर दबाव था।परिजनों के अनुसार, उसके पिता ने फोन पर पढ़ाई को लेकर उसे डांटा था। वहीं दोस्तों ने बताया कि परिवार की ओर से शादी के लिए भी दबाव बनाया जा रहा था, जिसे लेकर वह तनाव में थी। पुलिस कर रही जांच कोनी थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। ⚠️ जरूरी संदेश:ऐसी घटनाएं हमें यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि मानसिक तनाव को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर आप या आपके आसपास कोई व्यक्ति तनाव में है, तो उससे बात करें और मदद लें। 👉 ताज़ा अपडेट और पूरी खबर पढ़ने के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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छत्तीसगढ़ में सड़क पर बवाल: कोरबा और बिलासपुर में मामूली बात पर जमकर मारपीट, VIDEO वायरल

छत्तीसगढ़ में बीच सड़क मारपीट के दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं, जिन्होंने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कोरबा और बिलासपुर में मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जहां लात-घूंसे और डंडे तक चल गए। दोनों घटनाओं के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। कोरबा में हाथ टकराने पर बवाल पहला मामला कोरबा जिले के सिविल लाइन रामपुर थाना क्षेत्र का है। 11 अप्रैल की रात करीब 10 बजे निहारिका स्थित अंग्रेजी शराब दुकान के सामने भीड़ के बीच हाथ टकराने से विवाद शुरू हुआ। देखते ही देखते बहस मारपीट में बदल गई। एक युवक ने वहां मौजूद सुरक्षाकर्मी का डंडा लेकर दूसरों पर हमला कर दिया। इसके बाद दूसरे पक्ष के लोगों ने उसे पकड़कर जमकर लात-घूंसे बरसाए। काफी देर तक सड़क पर हंगामा चलता रहा। VIDEO वायरल, 3 आरोपी गिरफ्तार घटना के समय पुलिस मौके पर पहुंची थी, लेकिन तत्काल कोई कार्रवाई नहीं हुई। बाद में वीडियो वायरल होने के बाद 14 अप्रैल को पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी: पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अभद्र व्यवहार किया, जिसके बाद उनके खिलाफ बीएनएसएस की धारा 170, 126 और 135(3) के तहत मामला दर्ज किया गया। बिलासपुर में युवक को घेरकर पीटा दूसरा मामला बिलासपुर के तोरवा थाना क्षेत्र का है। सिरगिट्टी के गणेश नगर निवासी शेख इकबाल 13 अप्रैल की रात रेलवे स्टेशन के पास स्थित मुल्कराज होटल से खाना लेकर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में लक्की दास और पंकज से उनका विवाद हो गया। गाली-गलौज के बाद दोनों ने अपने साथियों को बुला लिया और युवक को घेरकर बेरहमी से पीटा। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बदमाश युवक को जमीन पर गिराकर लात-घूंसे और मुक्कों से मार रहे हैं। इस हमले में वह घायल हो गया। देर रात तक खुले होटल पर उठे सवाल रेलवे स्टेशन के पास स्थित मुल्कराज होटल देर रात तक खुला रहता है, जहां अक्सर युवकों की भीड़ लगी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इसी वजह से इलाके में मारपीट की घटनाएं बढ़ रही हैं। लोगों का आरोप है कि पहले भी यहां कई बार झगड़े हो चुके हैं, लेकिन पुलिस की ओर से सख्त कार्रवाई नहीं की गई। 👉 ताज़ा अपडेट और ऐसी ही खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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रायपुर में पुलिस का बड़ा एक्शन: 132 बदमाशों की जांच, 11 वारंटी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस ने रविवार तड़के बड़ा अभियान चलाया। इस कार्रवाई में हिस्ट्रीशीटर और निगरानी बदमाशों पर सख्ती दिखाई गई। सेंट्रल ज़ोन में चला विशेष अभियान यह अभियान पुलिस उपायुक्त सेंट्रल ज़ोन आईपीएस उमेश प्रसाद गुप्ता और अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त तारकेश्वर पटेल के निर्देशन में चलाया गया। कोतवाली, गोलबाजार, मौदहापारा, गंज, सिविल लाइन, देवेंद्र नगर और तेलीबांधा थाना पुलिस ने मिलकर कार्रवाई को अंजाम दिया। 132 बदमाशों की जांच, 11 वारंटी गिरफ्तार अभियान के दौरान कुल 132 हिस्ट्रीशीटर, गुंडा और निगरानी बदमाशों की जांच की गई। वहीं पुलिस ने दबिश देकर 8 स्थाई वारंटी समेत कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुराने बदमाशों को थाने बुलाकर उनकी परेड कराई गई और चाकूबाजी जैसे गंभीर मामलों में शामिल आरोपियों की सरप्राइज चेकिंग भी की गई। कई बदमाश घर से फरार मिले पुलिस के विश्लेषण में सामने आया कि: फरार बदमाशों की तलाश के लिए अलग से अभियान चलाया जा रहा है। NAFIS में दर्ज किए गए फिंगरप्रिंट अभियान के दौरान बदमाशों के फिंगरप्रिंट लेकर उन्हें NAFIS सिस्टम में अपडेट किया गया, ताकि भविष्य में उनकी पहचान आसानी से हो सके। पुलिस की सख्त चेतावनी पुलिस अधिकारियों ने सभी बदमाशों को अपराध से दूर रहने, नियमित थाना हाजिरी देने और कानून का पालन करने की सख्त हिदायत दी। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त तारकेश्वर पटेल ने कहा कि ऐसे सघन अभियान आगे भी जारी रहेंगे, ताकि शहर में शांति और सुरक्षा बनी रहे। 👉 अधिक जानकारी और ताज़ा अपडेट के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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बिलासपुर में अतिक्रमण पर बड़ी कार्रवाई: डीमार्ट की 15 फीट ग्रिल हटाई, होंडा शोरूम पार्किंग सील

बिलासपुर में नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस ने अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। गुरुवार दोपहर बहतराई रोड से साइंस कॉलेज रोड तक करीब 4 घंटे चले अभियान में कई अवैध कब्जों को हटाया गया। डीमार्ट की 15 फीट ग्रिल हटाई गई अभियान के दौरान D-Mart की ओर से सड़क की करीब 15 फीट जमीन पर लगाई गई लोहे की ग्रिल को हटाया गया। निगम अधिकारियों के मुताबिक, इस अतिक्रमण की वजह से 80 फीट चौड़ी सड़क सिमटकर 50-60 फीट रह गई थी, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या बढ़ रही थी। दुकानों के बोर्ड और शेड भी हटाए कार्रवाई के दौरान लक्ष्मी जेनेरिक और रेफ्रिजरेशन जैसी दुकानों के बाहर लगे बोर्ड और शेड भी हटाए गए। ये सभी लंबे समय से नियमों का उल्लंघन कर रहे थे। होंडा शोरूम की पार्किंग सील इस अभियान में Honda शोरूम की पार्किंग को भी सील कर दिया गया। जांच में सामने आया कि बेसमेंट पार्किंग की जगह का इस्तेमाल सर्विस स्टेशन और अन्य कामों के लिए किया जा रहा था, जो नियमों के खिलाफ है। बेसमेंट का गलत इस्तेमाल भी उजागर साइंस कॉलेज रोड पर एक ब्यूटी पार्लर के नीचे बनी बेसमेंट पार्किंग को गोदाम की तरह इस्तेमाल किया जा रहा था। निगम की टीम ने इस पर भी ताला लगाकर सील कर दिया। कलेक्टर-एसएसपी के दौरे के बाद हुई कार्रवाई हाल ही में कलेक्टर Sanjay Agrawal और एसएसपी Rajnesh Singh ने इलाके का निरीक्षण किया था। सरकंडा क्षेत्र में लगातार लग रहे जाम की शिकायतों के बाद यह सख्त कदम उठाया गया। स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल स्थानीय लोगों का कहना है कि निगम कार्रवाई तो करता है, लेकिन कुछ समय बाद फिर से अतिक्रमण हो जाता है। उन्होंने मांग की है कि प्रशासन लगातार निगरानी रखे, ताकि सड़कें फिर से संकरी न हों। 👉deshharpal.comPortal पर पढ़ें ऐसी ही लोकल और ग्राउंड रिपोर्ट्स
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छत्तीसगढ़ में जल्द होगा नए DGP का फैसला: अरुणदेव गौतम और हिमांशु गुप्ता रेस में

छत्तीसगढ़ में जल्द ही स्थायी पुलिस महानिदेशक (DGP) की नियुक्ति हो सकती है। इस पद के लिए फिलहाल दो बड़े नाम सामने हैं—अरुणदेव गौतम और हिमांशु गुप्ता। इनमें अरुणदेव गौतम का पलड़ा फिलहाल भारी माना जा रहा है। UPSC और सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद बढ़ी तेजी दरअसल, संघ लोक सेवा आयोग ने राज्य सरकार से पूछा था कि अब तक स्थायी DGP की नियुक्ति क्यों नहीं की गई। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार किसी भी राज्य में ‘प्रभारी’ DGP नहीं होना चाहिए। समय-सीमा पूरी होने के बाद अब सरकार पर जल्द निर्णय लेने का दबाव बढ़ गया है। दो नामों का पैनल भेजा गया 13 मई 2025 को UPSC ने राज्य सरकार को दो वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों का पैनल भेजा था। आमतौर पर तीन नाम भेजे जाते हैं, लेकिन इस बार विकल्प कम होने के कारण सिर्फ दो नाम शामिल किए गए। जनवरी 2025 से प्रभारी DGP हैं गौतम पूर्व DGP अशोक जुनेजा के रिटायर होने के बाद जनवरी 2025 में अरुणदेव गौतम को प्रभारी DGP बनाया गया था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक स्थायी नियुक्ति जरूरी है। अरुणदेव गौतम का अनुभव मजबूत अरुणदेव गौतम 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और उनका लंबा व अनुभव से भरा करियर रहा है। वे कई जिलों में एसपी रह चुके हैं और नक्सल प्रभावित इलाकों में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। राजनांदगांव और बस्तर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में उनकी पोस्टिंग रही है, जहां उन्होंने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम किया। DGP नियुक्ति के लिए सुप्रीम कोर्ट के नियम सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, DGP की नियुक्ति UPSC द्वारा भेजे गए वरिष्ठ अधिकारियों के पैनल में से की जाती है। साथ ही, चयनित अधिकारी को कम से कम दो साल का कार्यकाल देना अनिवार्य होता है, चाहे उसकी रिटायरमेंट डेट कुछ भी हो। जल्द हो सकता है बड़ा फैसला इन सभी परिस्थितियों को देखते हुए माना जा रहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार जल्द ही नए स्थायी DGP के नाम का ऐलान कर सकती है। 👉 ऐसी ही पॉलिटिकल और प्रशासनिक अपडेट्स के लिए जुड़े रहें www.deshharpal.com
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रायपुर में अग्निकुल क्षत्रिय तेलुगु समाज का भवन निर्माण जारी, विधायक का किया सम्मान

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के शंकर नगर क्षेत्र में अग्निकुल क्षत्रिय तेलुगु समाज के लिए नए भवन का निर्माण कार्य जारी है। इस भवन का भूमिपूजन कुछ महीने पहले उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक पुरंदर मिश्रा द्वारा किया गया था। इसी के चलते समाज के लोगों ने विधायक से मुलाकात कर उनका आभार व्यक्त किया और सहयोग के लिए धन्यवाद कहा। कार्यक्रम में दिखी एकता और उत्साह इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथियों, विशिष्ट अतिथियों और समाज के सदस्यों की बड़ी भागीदारी रही। आयोजकों ने सभी के सहयोग के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि सभी की सहभागिता से ही कार्यक्रम सफल हो पाया। समाज की मजबूती के लिए एकता जरूरी संगठन मंत्री प्रभाकर राव ने कहा कि समाज की प्रगति के लिए एकता बेहद जरूरी है। जब लोग मिलकर चलते हैं और एक-दूसरे का सहयोग करते हैं, तभी समाज मजबूत बनता है। उन्होंने सभी से अपील की कि भविष्य में भी इसी तरह एकजुट होकर समाजहित में काम करते रहें। महिला पदाधिकारी ने दिया संदेश समाज की उपाध्यक्ष और अधिवक्ता एस. लता राव ने भी एकता, प्रेम और आपसी सम्मान को समाज की असली ताकत बताया। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही एक सशक्त और समृद्ध समाज का निर्माण संभव है। उज्ज्वल भविष्य के लिए लिया संकल्प कार्यक्रम के अंत में सभी सदस्यों ने समाज के विकास और संगठन को मजबूत करने के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया। आयोजकों ने एक बार फिर सभी अतिथियों और उपस्थित लोगों का धन्यवाद जताया। 👉 और ऐसी ही खबरों के लिए विजिट करें: www.deshharpal.com
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रायपुर में दो जगह आग का कहर: अपार्टमेंट की लिफ्ट और तंबाखू गोदाम में लगी आग, टला बड़ा हादसा

छत्तीसगढ़ के रायपुर में शनिवार को दो अलग-अलग जगहों पर आग लगने की घटनाएं सामने आईं, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। राहत की बात यह रही कि समय रहते सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और कोई जनहानि नहीं हुई। अपार्टमेंट की लिफ्ट में लगी आग खमतराई थाना क्षेत्र स्थित डॉल्फिन ज्वेलो अपार्टमेंट में अचानक लिफ्ट में आग लग गई। आग लगते ही धुआं तेजी से पूरे अपार्टमेंट में फैल गया, जिससे वहां रहने वाले लोग घबरा गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पहले लिफ्ट से धुआं निकलता दिखाई दिया और कुछ ही देर में आग भड़क उठी। मौके पर मौजूद सिक्योरिटी गार्ड ने तुरंत सतर्कता दिखाते हुए कॉलोनीवासियों को अलर्ट किया। रहवासियों और गार्ड की समझदारी से बची जानें सिक्योरिटी गार्ड और कॉलोनी के लोगों ने मिलकर फायर एक्सटिंग्विशर की मदद से आग बुझाने की कोशिश की और काफी हद तक आग पर काबू पा लिया। फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आग काफी हद तक नियंत्रित हो चुकी थी। हालांकि, लिफ्ट पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। शॉर्ट सर्किट माना जा रहा कारण शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है, लेकिन असली कारणों की जांच अभी जारी है। घटना के बाद अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। तंबाखू गोदाम में भी लगी आग इसी दिन भनपुरी इलाके में एक बंद पड़े तंबाखू गोदाम में भी आग लग गई। बताया जा रहा है कि कचरा जलाने के कारण आग भड़क उठी और धीरे-धीरे पूरे गोदाम में फैल गई। सूचना मिलने पर दमकल की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया गया। प्रशासन की अपील घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अपने घरों और इमारतों में फायर सेफ्टी उपकरणों की नियमित जांच करवाएं और किसी भी आपात स्थिति में सतर्कता बरतें। 👉 ऐसी ही लेटेस्ट और जरूरी खबरों के लिए जुड़े रहें www.deshharpal.com
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छत्तीसगढ़ में 11 डॉक्टरों के तबादले, डॉ. संजय कुमार बने रायपुर जिला अस्पताल के प्रभारी सिविल सर्जन

छत्तीसगढ़ सरकार के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने 11 डॉक्टरों का तबादला किया है। प्रशासनिक आधार पर चिकित्सा अधिकारियों और विशेषज्ञों की नई पदस्थापना के आदेश जारी किए गए हैं। सभी संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई जगह पर कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्रालय महानदी भवन से अवर सचिव दिव्या वैष्णव की ओर से जारी आदेश के तहत यह फेरबदल किया गया है। डॉ. संजय कुमार को मिली रायपुर जिला अस्पताल की जिम्मेदारी तबादला आदेश के अनुसार, ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. संजय कुमार को जिला चिकित्सालय रायपुर (पंडरी) में प्रभारी सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक नियुक्त किया गया है। वहीं, जिला चिकित्सालय रायपुर में अब तक प्रभारी सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक की जिम्मेदारी संभाल रहे डॉ. भेनुज कुमार सिन्हा को स्वास्थ्य सेवाएं संचालनालय में प्रभारी उप संचालक के पद पर पदस्थ किया गया है। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए प्रशासनिक फेरबदल विभाग के अनुसार, स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से यह प्रशासनिक बदलाव किया गया है। इसके तहत दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों के साथ शहरी अस्पतालों में भी स्वास्थ्य सुविधाओं को सुचारु बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है। तबादला आदेश में सभी संबंधित डॉक्टरों को बिना देरी किए अपने नए पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।

भोपाल में पहले बिक चुका प्लॉट दोबारा बेचा, 3 लाख रुपए की धोखाधड़ी का केस दर्ज

भोपाल के नीलबड़ स्थित गोरा गांव में प्लॉट बेचने के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि कमलेश राजपूत ने पहले ही बिक चुके 800 वर्गफीट के प्लॉट का दोबारा सौदा कर धर्मेंद्र कुमार शर्मा से 3 लाख रुपए एडवांस ले लिए। रजिस्ट्री कराने की तय तारीख पर आरोपी रजिस्ट्रार ऑफिस नहीं पहुंचा, जिसके बाद पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की। शिकायत के आधार पर टीटी नगर पुलिस ने आरोपी कमलेश राजपूत के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ऑनलाइन रिकॉर्ड में नाम देखकर किया सौदा पुलिस के अनुसार, आरोपी ने प्लॉट के ऑनलाइन रिकॉर्ड में अपना नाम दिखाकर धर्मेंद्र कुमार शर्मा से सौदा किया था। 800 वर्गफीट के प्लॉट की कीमत 3.30 लाख रुपए तय हुई थी। इसके बाद धर्मेंद्र ने किस्तों में आरोपी को 3 लाख रुपए एडवांस दे दिए। हालांकि, जांच में सामने आया कि आरोपी करीब दो महीने पहले ही यह प्लॉट शुभम यादव को बेच चुका था। शुभम के नाम पर प्लॉट की रजिस्ट्री भी हो चुकी थी, लेकिन राजस्व रिकॉर्ड में नामांतरण नहीं हुआ था। रजिस्ट्री कराने नहीं पहुंचा आरोपी पुलिस के मुताबिक, रिकॉर्ड में नामांतरण नहीं होने का फायदा उठाकर आरोपी ने कथित तौर पर प्लॉट का दोबारा सौदा कर रकम ले ली। जब रजिस्ट्री कराने की तय तारीख पर आरोपी रजिस्ट्रार ऑफिस नहीं पहुंचा, तो धर्मेंद्र को संदेह हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। टीटी नगर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। अब पुलिस यह जांच कर रही है कि आरोपी ने किस तरह प्लॉट का दोबारा सौदा किया और रकम लेने के पीछे क्या परिस्थितियां थीं।

इंदौर में ‘Gen Z Protest 2.0’ जारी, CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़े युवा

इंदौर में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर युवाओं का आंदोलन जारी है। 5 अक्टूबर से प्रदर्शन कर रहे युवाओं ने अपने आंदोलन को ‘Gen Z Protest 2.0’ नाम दिया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पुलिस की कार्रवाई के बावजूद वे अपनी मांग को लेकर पीछे नहीं हटेंगे। 19 अक्टूबर को भंवरकुआं चौराहे पर प्रदर्शन के दौरान कुछ युवाओं ने पेट्रोल डालकर आत्मदाह की कोशिश की थी। हालांकि, पुलिस ने उन्हें समय रहते हिरासत में ले लिया। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि इसके बाद उन्हें करीब 24 घंटे तक नजरबंद रखा गया। रिहा होने के बाद युवाओं ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। प्रदर्शन से पहले सोशल मीडिया के जरिए युवाओं से जुटने की अपील की गई थी। आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों के हाथों में संविधान और महात्मा गांधी की तस्वीरें थीं। इसके अलावा, उन्होंने अलग-अलग संदेश लिखी तख्तियों के जरिए अपनी मांगें भी रखीं। 50-60 पुलिसकर्मियों ने हटाया, प्रदर्शनकारी का दावा प्रदर्शनकारी योगित गुप्ता के मुताबिक, 19 अक्टूबर को वह अपने 10 साथियों के साथ भंवरकुआं चौराहे पर पहुंचे थे। उनके पास पेट्रोल से भरी बोतलें थीं और वे आत्मदाह करने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान करीब 50 से 60 पुलिसकर्मियों ने उन्हें बलपूर्वक वहां से हटा दिया। योगित ने दावा किया कि पुलिस ने उन्हें आत्मदाह करने से रोकने के बाद करीब 24 घंटे तक नजरबंद रखा। उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्रवाई के बावजूद उनका आंदोलन खत्म नहीं हुआ है और वे अपनी मांग को लेकर आगे भी प्रदर्शन जारी रखेंगे।
Neha Bora

Neha Bora High Court: ‘न हमने कॉल दिया, न वहां गए’, CJP प्रदर्शन से किया किनारा

दिल्ली में CJP प्रदर्शन को लेकर विवाद अब अदालत तक पहुंच गया है। 22 अक्टूबर को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान नेहा बोरा (Neha Bora) ने साफ कहा कि उन्होंने कनॉट प्लेस में हुए प्रदर्शन के लिए न तो कोई कॉल दिया और न ही वह वहां गई थीं। उनके इस बयान के बाद CJP प्रदर्शन और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को लेकर मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। Neha Bora की ओर से अदालत में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए गए। उनका कहना है कि जिस प्रदर्शन से उन्हें जोड़कर कार्रवाई की गई, उसमें उनकी भूमिका को लेकर लगाए गए आरोप सही नहीं हैं। अब इस मामले में सबकी नजर हाईकोर्ट की सुनवाई और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर है। Delhi High Court में नेहा बोरा ने क्या कहा? दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान नेहा बोरा की ओर से दलील दी गई कि उन्होंने 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में होने वाले प्रदर्शन का आह्वान नहीं किया था। उन्होंने यह भी कहा कि वह वहां मौजूद नहीं थीं। उनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायण ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। बचाव पक्ष के मुताबिक, नेहा को हिरासत में लेने की प्रक्रिया और उसके बाद जारी किए गए नोटिस के लिए पर्याप्त आधार नहीं बताया गया। नेहा बोरा ने अदालत में पुलिस की ओर से जारी उस नोटिस को भी चुनौती दी है, जिसमें शांति बनाए रखने के लिए 10 हजार रुपये का निजी मुचलका और एक जमानतदार देने की शर्त रखी गई थी। क्या है Neha Bora और CJP प्रदर्शन का पूरा मामला? यह पूरा विवाद 16 अक्टूबर को दिल्ली में प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से जुड़ा है। इस मार्च के जरिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विरोध दर्ज कराने की योजना थी। नेहा बोरा को 16 अक्टूबर को दिल्ली के मंडी हाउस इलाके में हिरासत में लिया गया था। इसके बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। बाद में उन्हें शांति बनाए रखने के लिए मुचलका देने से संबंधित नोटिस जारी किया गया। नेहा की ओर से अदालत में कहा गया कि मंडी हाउस में प्रस्तावित सभा और कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में होने वाले प्रदर्शन को एक ही मामला मानकर कार्रवाई करना उचित नहीं है। उन्होंने पुलिस के कदम को चुनौती देते हुए नोटिस की वैधता पर सवाल उठाए हैं। CJP Leaders Update: सौरव दास और आशुतोष रांका को भी मिली राहत CJP प्रदर्शन से जुड़े मामले में सौरव दास और आशुतोष रांका का नाम भी चर्चा में है। दोनों नेताओं को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से जुड़े मामले में हिरासत में लिया गया था। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, सात दिन की न्यायिक हिरासत के बाद 21 अक्टूबर को दोनों की रिहाई का आदेश दिया गया। इसके लिए उन्हें निजी और जमानती मुचलके भरने तथा निर्धारित शर्तों का पालन करने को कहा गया। दोनों नेताओं की हिरासत और नेहा बोरा की याचिका ने दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन की अनुमति, पुलिस की कार्रवाई और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने के अधिकार को लेकर बहस तेज कर दी है। SIR Controversy: क्यों हो रहा है विरोध? मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्षी दलों और कुछ संगठनों ने सवाल उठाए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस प्रक्रिया में मतदाताओं के नाम प्रभावित होने की आशंका है। वहीं, चुनाव आयोग की प्रक्रिया और उससे जुड़े विवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी जारी है। CJP से जुड़े प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया है। इसी बीच जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति, पुलिस की कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों से मुचलका भरवाने जैसे मुद्दे अदालत तक पहुंच गए हैं। अब आगे क्या होगा? दिल्ली हाईकोर्ट में नेहा बोरा की ओर से पुलिस के नोटिस और हिरासत की कार्रवाई पर सवाल उठाए गए हैं। अब इस मामले में अदालत की आगे की कार्यवाही अहम होगी। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह दावा नहीं किया जा सकता कि हाईकोर्ट ने नेहा बोरा को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया है या पुलिस का नोटिस रद्द कर दिया है। मामले में अंतिम आदेश की पुष्टि होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

न्यूजीलैंड क्रिकेट का बड़ा फैसला, MLC में नहीं करेगा निवेश; NZ20 लीग भी टली

न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड ने अमेरिका की मेजर लीग क्रिकेट (MLC) में निवेश नहीं करने का फैसला किया है। बोर्ड ने 2027 सीजन से पहले लीग की नई टीम शुरू करने के लिए अमेरिकी कंपनी ट्रू नॉर्थ स्पोर्ट्स (TNS) वेंचर्स के साथ साझेदारी की थी। हालांकि, अब न्यूजीलैंड क्रिकेट घरेलू क्रिकेट और अपने संसाधनों पर ध्यान केंद्रित करना चाहता है। मेजर लीग क्रिकेट में न्यूजीलैंड के कई प्रमुख खिलाड़ी हिस्सा लेते रहे हैं। इनमें रचिन रवींद्र, फिन एलन, डेवोन कॉनवे, टिम सेफर्ट और लॉकी फर्ग्यूसन जैसे नाम शामिल हैं। अप्रैल 2025 में हुई थी साझेदारी की घोषणा न्यूजीलैंड क्रिकेट ने अप्रैल 2025 में TNS वेंचर्स के साथ साझेदारी की घोषणा की थी। इस समझौते के तहत बोर्ड को 2027 में MLC की प्रस्तावित दो नई टीमों में से एक को शुरू करने और संचालित करने में सहयोग देना था। इसके लिए न्यूजीलैंड क्रिकेट को हाई-परफॉर्मेंस और संचालन से जुड़ी सहायता उपलब्ध करानी थी। हालांकि, अब बोर्ड ने इस योजना से पीछे हटने का निर्णय लिया है। न्यूजीलैंड क्रिकेट ने कहा- अभी सही समय नहीं न्यूजीलैंड क्रिकेट के CEO ज्योफ एलॉट ने कहा कि उन्हें इस साझेदारी के उद्देश्य और महत्वाकांक्षा पर भरोसा है। उनके मुताबिक, अमेरिकी बाजार में क्रिकेट के विस्तार की काफी संभावनाएं हैं, लेकिन विस्तृत आकलन के बाद बोर्ड को लगता है कि फिलहाल इस दिशा में आगे बढ़ने का सही समय नहीं है। एलॉट ने TNS और MLC के सह-संस्थापक समीर मेहता तथा विजय श्रीनिवासन का अवसर तलाशने में सहयोग के लिए आभार जताया। उन्होंने यह भी कहा कि न्यूजीलैंड क्रिकेट भविष्य में दोनों के साथ संपर्क बनाए रखेगा। न्यूजीलैंड की NZ20 टी-20 लीग भी टली न्यूजीलैंड में प्रस्तावित पुरुष और महिला टी-20 लीग NZ20 की शुरुआत भी टाल दी गई है। इस लीग की योजना मौजूदा सुपर स्मैश टूर्नामेंट की जगह एक नई प्रतियोगिता शुरू करने की थी। पहले NZ20 को जनवरी 2027 में शुरू करने की योजना थी, लेकिन अब इसकी शुरुआत दिसंबर 2027 तक के लिए टाल दी गई है। इससे न्यूजीलैंड क्रिकेट की घरेलू टी-20 प्रतियोगिता की योजनाओं में भी बदलाव हुआ है।

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