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भारत माला प्रोजेक्ट घोटाला: छत्तीसगढ़ में ED की बड़ी कार्रवाई, 9 ठिकानों पर रेड, जमीन मुआवजा गड़बड़ी की जांच तेज

भारत माला परियोजना से जुड़े बहुचर्चित भूमि अधिग्रहण घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छत्तीसगढ़ में बड़ी कार्रवाई की है। ईडी की टीम ने रायपुर और महासमुंद सहित कुल 9 ठिकानों पर छापेमारी की। रायपुर में हरमीत सिंह खनूजा और महासमुंद के मेघ बसंत इलाके में स्थित व्यवसायी जसबीर सिंह बग्गा के निवास पर ईडी ने रेड की है। इसके अलावा हरमीत खनूजा के ससुर ट्रांसपोर्टर हरमीत सिंह चावला और उनके एक करीबी के घर पर भी कार्रवाई जारी है। सूत्रों के मुताबिक, CRPF जवानों की सुरक्षा में ईडी की 10 सदस्यीय टीम चार गाड़ियों में सुबह पहुंची। टीम ने पंजाबीपारा स्थित हरमीत सिंह चावला के घर में प्रवेश कर दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच शुरू की। हरमीत सिंह चावला, मुख्य आरोपी हरमीत खनूजा के ससुर बताए जा रहे हैं। वहीं, महासमुंद में आर्यन होंडा एजेंसी के संचालक जसबीर सिंह बग्गा के मेघ बसंत कॉलोनी स्थित घर पर भी छापेमारी की गई। ED का दावा: मुआवजा भुगतान में बड़ी गड़बड़ी ईडी के अनुसार, भारत माला परियोजना के तहत रायपुर–विशाखापट्टनम आर्थिक कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण में मुआवजा भुगतान को लेकर गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। फिलहाल आरोपियों के ठिकानों के बाहर सुरक्षा बल तैनात हैं और किसी भी व्यक्ति को घर के भीतर प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है। ईडी की टीमें डिजिटल सबूतों, बैंक लेनदेन और दस्तावेजों की गहन जांच कर रही हैं। क्या है पूरा मामला? जांच में सामने आया है कि हरमीत सिंह खनूजा इस घोटाले के मुख्य आरोपी और जमीन दलाल हैं। आरोप है कि उन्होंने फर्जी दस्तावेज, नकली बंटवारे और म्यूटेशन के जरिए भूमि मुआवजा हासिल किया और रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवाई। ईडी की जांच में उनके ससुर हरमीत सिंह चावला के पास भी घोटाले से जुड़े अहम लेनदेन और जानकारियां मिलने की बात कही जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। सरकारी अधिकारी भी जांच के घेरे में ईडी के मुताबिक, भूमि अधिग्रहण के दौरान मुआवजा राशि के निर्धारण और भुगतान में नियमों का उल्लंघन हुआ है। इस मामले में निजी व्यक्तियों के साथ-साथ कुछ सरकारी अधिकारी और जमीन मालिक भी जांच के दायरे में हैं। आरोप है कि बैकडेट में दस्तावेज तैयार कर जमीन को टुकड़ों में बांटा गया और मुआवजा राशि को कई गुना बढ़ा दिया गया। बताया जा रहा है कि भारत माला प्रोजेक्ट में करीब 43 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है। जमीन को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर NHAI को 78 करोड़ रुपये के भुगतान का दावा किया गया। इस केस में पहले भी कार्रवाई हो चुकी है, जिसमें कोरबा के डिप्टी कलेक्टर शशिकांत कुर्रे और जगदलपुर निगम कमिश्नर निर्भय साहू को सस्पेंड किया गया था। अभनपुर क्षेत्र में 9.38 किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए 324 करोड़ रुपये का मुआवजा तय किया गया था, जिसमें से 246 करोड़ रुपये का भुगतान हो चुका है, जबकि 78 करोड़ रुपये का भुगतान फिलहाल रोक दिया गया है। 👉 भारत माला प्रोजेक्ट घोटाले समेत छत्तीसगढ़ की हर बड़ी और ताज़ा खबर के लिए पढ़ते रहें: deshharpal.com
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बिलासपुर: ध्वनि प्रदूषण, रास्ता बंद और कचरा जलाने पर हाईकोर्ट सख्त, अफसरों से शपथपत्र तलब

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में ध्वनि प्रदूषण, रास्ता बंद करने और खुले में कचरा जलाने जैसी नागरिक समस्याओं पर हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई है। जनहित याचिका के रूप में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण और गरिमापूर्ण वातावरण में जीने और सोने का मौलिक अधिकार देता है। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति बीडी गुरु की डिवीजन बेंच ने मामले में कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त से व्यक्तिगत शपथपत्र के साथ जवाब तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 17 दिसंबर को होगी। प्रकाशित खबरों पर HC का संज्ञान मीडिया रिपोर्ट्स में शहर और जिले से जुड़ी जनसमस्याएं सामने आने के बाद हाईकोर्ट ने तीन मामलों को जनहित याचिका मानते हुए सुनवाई शुरू की। कोर्ट ने माना कि इन समस्याओं से आम नागरिकों के मौलिक अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। गर्डर लगाकर रास्ता बंद, स्कूली बच्चों को परेशानी सरकंडा क्षेत्र के शर्मा विहार और गीतांजलि सिटी कॉलोनी को जोड़ने वाली सड़क पर बिल्डर द्वारा गर्डर लगाकर रास्ता बंद करने का मामला सामने आया। इससे चारपहिया वाहनों की आवाजाही रुक गई और स्कूली बच्चों को लंबा वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ रहा है।हाईकोर्ट ने इसे गंभीर विषय बताते हुए नगर निगम आयुक्त को व्यक्तिगत शपथपत्र के साथ जवाब देने के निर्देश दिए हैं। धार्मिक आयोजनों के नाम पर देर रात तक लाउडस्पीकर सरकंडा के ओम विहार इलाके में देर रात से सुबह तक तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजने से लोग परेशान हैं। शिकायतों के बावजूद राहत न मिलने पर कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि अनुच्छेद 21 नागरिकों को शांत वातावरण में रहने और सोने का अधिकार देता है। इस मामले में कलेक्टर से शपथपत्र मांगा गया है। खुले में कचरा जलाने से बढ़ रहा प्रदूषण वार्ड नंबर 7, कालिका नगर में रोजाना कचरा जलाने से फैलने वाले धुएं से बच्चों और बुजुर्गों को परेशानी हो रही है। लोगों का कहना है कि समय पर कचरा न उठने के कारण यह स्थिति बन रही है। इस पर भी हाईकोर्ट ने कलेक्टर और निगम आयुक्त से जवाब तलब किया है। हाईकोर्ट ने साफ संकेत दिए हैं कि नागरिक सुविधाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी। 👉 ऐसी ही छत्तीसगढ़ और देशभर की ताज़ा, भरोसेमंद खबरों के लिए पढ़ते रहें — deshharpal.com
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Bilaspur Dhan Khareedi Scam: नियमों के खिलाफ वसूली, बिचौलियों का धान खपाने का आरोप, 3 लाख का अवैध धान जब्त

बिलासपुर जिले के धान खरीदी केंद्रों पर किसानों से नियमों के विपरीत वसूली और मनमानी की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। आरोप है कि व्यापारी और बिचौलियों का धान खरीदी केंद्रों में खपाया जा रहा है, जबकि जरूरतमंद किसान टोकन मिलने के बाद भी धान बेचने के लिए भटकने को मजबूर हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार को प्रशासन ने अवैध धान भंडारण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए राइस मिल और किराना दुकान से करीब 3 लाख रुपए का धान जब्त किया है। समर्थन मूल्य की व्यवस्था पर सवाल राज्य सरकार ने किसानों को उनकी उपज का समर्थन मूल्य (MSP) दिलाने के लिए धान खरीदी की व्यवस्था की है, लेकिन जमीनी स्तर पर अफसरों और खरीदी केंद्र प्रभारियों की मिलीभगत से व्यवस्था प्रभावित होने का आरोप है। किसानों का कहना है कि उनका धान पीछे किया जा रहा है, जबकि बिचौलियों का धान आसानी से खरीदा जा रहा है। प्रति बोरी 1 किलो तक ज्यादा धान लेने का आरोप शासन के नियमों के अनुसार एक बोरी में 40 किलो 700 ग्राम धान लिया जाना चाहिए, लेकिन कई केंद्रों पर किसानों से 41 किलो 500 ग्राम से 41 किलो 700 ग्राम तक धान लिया जा रहा है। यानी प्रति बोरी करीब 1 किलो अतिरिक्त। किसानों ने इसकी शिकायतें भी कीं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। टोकन के बाद भी नहीं हो रही तौल किसानों का कहना है कि टोकन कटवाने के बाद भी उनकी तौल नहीं हो रही। शुक्रवार को पहुंचे किसानों की तौल नहीं हुई और शनिवार-रविवार केंद्र बंद रहने के कारण उन्हें सोमवार तक इंतजार करना पड़ेगा। किसानों को डर है कि सोमवार को भी नंबर आएगा या नहीं, इसकी कोई गारंटी नहीं। प्रशासन की कार्रवाई, 3 लाख का धान जब्त जिला प्रशासन का दावा है कि अवैध धान भंडारण पर लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन केस दर्ज किया गया। यह कार्रवाई बेलगहना नायब तहसीलदार समर्थ थवाईत, कोटा मंडी उप निरीक्षक सीजी गोस्वामी और नीतिश नायक की टीम ने की। कुल मिलाकर करीब 3 लाख रुपए का धान जब्त किया गया और मंडी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। 👉 इस मुद्दे से जुड़ी हर अपडेट, ग्राउंड रिपोर्ट और ब्रेकिंग न्यूज के लिए Deshharpal साइट विज़िट करें deshharpal.com
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बिलासपुर नगर निगम में स्टाफ की भारी कमी, विकास कार्य ठप—6 साल से नए सेटअप की मांग अधर में

बिलासपुर नगर निगम पिछले 6 साल से नए सेटअप की मांग कर रहा है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। हाल ही में महापौर पूजा विधानी ने उपमुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव से मुलाकात कर बताया कि लगातार रिटायर हो रहे कर्मचारियों के कारण स्टाफ बेहद कम हो गया है। इसका सीधा असर शहर के विकास कार्यों की गति पर पड़ रहा है। 2019 में वार्ड बढ़े, इलाके बढ़े… लेकिन स्टाफ वही का वही साल 2019 में बिलासपुर नगर निगम का क्षेत्र 30 से बढ़कर 133 वर्ग किलोमीटर हो गया।वार्डों की संख्या भी 56 से बढ़कर 70 हो गई। लेकिन इतने बड़े विस्तार के बावजूद— इसका नतीजा है कि आज निगम के कई दफ्तर स्टाफ की भारी कमी से जूझ रहे हैं। जोन-1: छह वार्ड, पर सब इंजीनियर सिर्फ एक! जोन-1 की सहायक जोन कमिश्नर रंजना अग्रवाल ने बताया कि उनके जोन में 6 वार्ड हैं, लेकिन काम संभालने के लिए उन्होंने माना कि इंजीनियरों की कमी से विकास कार्यों पर सीधा असर पड़ रहा है। जोन-3: एक ही अधिकारी कई जिम्मेदारियों में उलझा जोन-3 के ईई प्रवीण शुक्ला पर एक साथ कई प्रभार हैं।वे— यह स्थिति साफ दिखाती है कि नगर निगम के लगभग हर जोन में इंजीनियरों की भारी कमी है। आने वाले महीनों में और खाली होंगे कई बड़े पद जोन क्रमांक 5 के जोन कमिश्नर प्रवेश कश्यप ने बताया— यानी आने वाले महीनों में इंजीनियरों की और कमी होने वाली है। निगम में इंजीनियरों के 50 से ज्यादा पद पहले से खाली बिलासपुर नगर निगम में अभी— निगम की मांग है कि बढ़े हुए वार्ड और एरिया के हिसाब से नया सेटअप तुरंत मंजूर किया जाए, ताकि पानी, सड़क, बिजली जैसी बुनियादी सेवाएं सुचारू रूप से चल सकें। जानिए—कितने पद खाली हैं? For more information, visit: www.deshharpal.com
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बिलासपुर: 10वीं का छात्र 12 दिनों से लापता, रेलवे स्टेशन में मिली स्कूटी—परिजन बेहाल, पुलिस पर लापरवाही का आरोप

बिलासपुर में कक्षा 10वीं का छात्र विनय नायक (17) पिछले 12 दिनों से लापता है। 15 नवंबर को वह सुबह घर से स्कूल जाने के लिए निकला था, लेकिन उसके बाद वह कभी घर नहीं लौटा। उसका मोबाइल भी उसी दिन से बंद है, जबकि उसकी स्कूटी रेलवे स्टेशन पार्किंग में खड़ी मिली। यह मामला तोरवा थाना क्षेत्र का है। बेटे के गायब होने से घबराए परिजन लगातार उसकी तलाश में भटक रहे हैं। कई दिनों तक इंतज़ार के बाद जब कोई सुराग नहीं मिला, तो वे SP ऑफिस पहुंचे और एसएसपी रजनेश सिंह से गुहार लगाई। परिजनों का आरोप है कि पुलिस खोजबीन में लापरवाही कर रही है। स्कूल में उसी दिन पैरेंट्स-टीचर मीटिंग थी विनय के पिता महेश नायक, जो बारदाना खरीदी-बिक्री का काम करते हैं, बताते हैं कि 15 नवंबर को स्कूल में पैरेंट्स-टीचर मीटिंग थी। वे मीटिंग के लिए स्कूल गए थे, जबकि उनका बेटा सुबह 9 बजे स्कूल के लिए निकला था—लेकिन वह स्कूल पहुंचा ही नहीं। आखिरी बार पिता से हुई थी बात सुबह 9:45 बजे महेश ने विनय को फोन किया था, और उसी समय आखिरी बार उससे बात हुई। इसके बाद मोबाइल बंद हो गया और तब से विनय का कोई पता नहीं चला। परिवार खुद ही खोजबीन करता रहा, लेकिन कुछ सुराग हाथ नहीं लगा। रेलवे स्टेशन की पार्किंग में मिली स्कूटी तलाश करते हुए जब परिवार रेलवे स्टेशन पहुंचा, तो वहाँ विनय की स्कूटी पार्किंग में मिली। इससे आशंका है कि वह कहीं ट्रेन से गया हो, या उसे कोई बहला-फुसला कर अपने साथ ले गया हो। लेकिन उसका कोई निशान नहीं मिल पाया। परिजन बोले—पुलिस गंभीर नहीं है परिवार ने 16 नवंबर को ही घटना की सूचना पुलिस को दे दी थी, लेकिन उनका कहना है कि पुलिस पूरी गंभीरता से खोजबीन नहीं कर रही। इसी वजह से 12 दिन बीत जाने के बाद भी विनय का कोई पता नहीं चल सका। पोस्टर, सोशल मीडिया—हर जगह ढूंढ रहे हैं बेटा बेटे को खोजने के लिए परिजन पोस्टर बांट रहे हैं, सोशल मीडिया पर लगातार पोस्ट कर रहे हैं। 12 दिनों की बेचैनी के बाद अब परिवार को अनहोनी का डर सताने लगा है। परिजनों ने आखिरकार एसएसपी से शिकायत की है। एसएसपी रजनेश सिंह ने आश्वासन दिया है कि छात्र की तलाश के लिए हरसंभव कोशिश की जाएगी। For more information, visit: www.deshharpal.com
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वन मंत्री केदार कश्यप का कांग्रेस पर प्रहार: “दीपक बैज की लड़ाई अपनी ही पार्टी से”

छत्तीसगढ़ के वन मंत्री केदार कश्यप ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज की असली लड़ाई पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और टी.एस. सिंहदेव से है, क्योंकि कांग्रेस के नेता अपने ही अध्यक्ष को लीडर नहीं मान रहे हैं। कश्यप ने तंज कसा कि इसी वजह से दीपक बैज को अपना कद बढ़ाने के लिए बाइक रैली निकालनी पड़ रही है। “कांग्रेस में फूट साफ दिखाई दे रही है” – कश्यप बिलासपुर में 20 नवंबर को आयोजित स्वदेशी मेले के समापन समारोह में पहुंचे मंत्री केदार कश्यप ने मीडिया से बातचीत में कहा: कश्यप ने आरोप लगाया कि कांग्रेस को यह पसंद नहीं कि देश का नेतृत्व एक “चाय बेचने वाले नरेंद्र मोदी” के हाथ में है। इसलिए वे अराजकता फैलाने की कोशिश में लगे हैं। धान खरीदी को लेकर बड़ा दावा धान खरीदी में अव्यवस्था के कांग्रेस के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कश्यप ने कहा— 200 यूनिट बिजली रियायत और ‘सूर्य घर योजना’ से राहत मंत्री कश्यप ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 200 यूनिट तक बिजली बिल में रियायत की घोषणा की है।इसके साथ ही प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत लोग: स्वदेशी मेले में अपील – “देश को मजबूत बनाना है, तो स्वदेशी अपनाएँ” साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित 7 दिवसीय स्वदेशी मेले के समापन पर केदार कश्यप ने कहा कि: बृजमोहन अग्रवाल बोले— “गांव के उत्पाद अपनाओ, देश को ताकतवर बनाओ” सांसद व पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ी में कहा— बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने भी “स्व” के भाव के साथ आत्मनिर्भरता पर जोर दिया। अचार, पापड़ से लेकर गौशाला की धूपबत्ती— स्वदेशी मेले में खूब बिकीं घरेलू चीजें सात दिन चले मेले में लोगों ने भारी उत्साह दिखाया।खास लोकप्रिय चीजें रहीं: 20 नवंबर को समापन पर भारी भीड़ और जाम ने साबित किया कि लोगों का भरोसा स्वदेशी पर लगातार बढ़ रहा है। केश सज्जा प्रतियोगिता में बच्चों और महिलाओं ने दिखाई प्रतिभा स्वदेशी मेले में गुरुवार को केश सज्जा प्रतियोगिता हुई।महिलाओं, युवतियों और मूक-बधिर बच्चों ने विभिन्न हेयर स्टाइल बनाकर अपनी प्रतिभा से सभी को प्रभावित किया। सभी स्टाइल को फूलों, पिन, मोतियों और रंग-बिरंगे फीते से खूबसूरती से सजाया गया। इस कार्यक्रम में रुपसाय सलाम, लखन लाल साहू, आशीष जायसवाल, बबलू खंडेलवाल, मनोज भंडारी, गुलशन ऋषि, डॉ. देवेंद्र कौशिक सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। For More Info:www.deshharpal.com
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बिलासपुर: धान खरीदी तेज, लक्ष्य से अधिक आवक की संभावना; कस्टम मिलिंग की तैयारियाँ शुरू

बिलासपुर जिले में इस बार धान खरीदी में तेजी देखने को मिल रही है। किसानों द्वारा लगातार धान लाए जाने से अनुमान है कि लक्ष्य से अधिक धान खरीदी हो सकती है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने कस्टम मिलिंग की तैयारियाँ भी शुरू कर दी हैं। मंगलवार को कलेक्टर संजय अग्रवाल ने राइस मिलर्स की बैठक ली और जरूरी दिशा–निर्देश दिए। कलेक्टर ने पात्र राइस मिलर्स को निर्देश दिया कि वे अगले तीन दिनों के अंदर कस्टम मिलिंग के लिए पंजीयन कराएं। जिले में कुल 170 राइस मिलें हैं, जिनमें से 121 मिलें कस्टम मिलिंग के लिए पात्र हैं। राज्य शासन के अनुसार वही मिलें पंजीयन करा सकती हैं, जिन्होंने पिछले वर्ष की 70% या उससे अधिक चावल जमा कर दिया है। पिछले साल का बकाया चावल जल्द जमा करने के निर्देश बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिया कि पिछले वर्ष का करीब 13 हजार मीट्रिक टन बकाया चावल इस महीने के अंत तक जमा किया जाए।इसके अलावा एफसीआई से मिले स्टेक को भी 15 दिनों के भीतर पूरा करने की बात कही गई। खरीदी केंद्रों में धान जमा, मिलर्स को जल्द उठाव करने के निर्देश कलेक्टर ने बताया कि जिले में धान खरीदी शुरू हो चुकी है और फड़ों में धान तेजी से जमा हो रहा है। इसलिए मिलर्स को निर्देश दिए गए कि वे इस धान को जल्द से जल्द उठाकर कस्टम मिलिंग प्रक्रिया आगे बढ़ाएं। उन्होंने राइस मिलर्स को धान खरीदी व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। समस्याओं के समाधान का आश्वासन कलेक्टर ने मिलर्स से कहा कि वे शासन के नियमों के अनुसार समय सीमा में अपना काम पूरा करें। बैठक में मिलर्स की समस्याएँ भी सुनी गईं और उनके समाधान का आश्वासन दिया गया।इस बैठक में खाद्य नियंत्रक अमृत कुजूर, डीएमओ अमित चंद्राकर, राइस मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष ललित अग्रवाल सहित कई राइस मिलर्स उपस्थित रहे। More updates and latest agriculture news on:www.deshharpal.com
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गृहमंत्री अमित शाह ने दी थी Hidma को खत्म करने की डेडलाइन, 12 दिन पहले ही ढेर

गृहमंत्री अमित शाह ने दी थी Hidma को खत्म करने की डेडलाइन, 12 दिन पहले ही ढेर

भारत सरकार की कड़ी कार्रवाई और मजबूत इंटेलिजेंस ऑपरेशन के बाद देश के सबसे खतरनाक नक्सली कमांडर Hidma को आखिरकार सुरक्षा बलों ने मार गिराया। कहा जाता है कि गृहमंत्री अमित शाह ने हिड़मा को खत्म करने की एक समयसीमा (Deadline) तय की थी, और उससे 12 दिन पहले ही यह बड़ी सफलता मिल गई। हिड़मा वही नाम है, जिसके नाम से जंगल का बच्चा-बच्चा डरता था। वह 2010 में दांतेवाड़ा में हुए हमले का मुख्य आरोपी था, जिसमें 76 CRPF जवान शहीद हो गए थे। इस हमले ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था और सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े हुए थे। यही वजह थी कि हिड़मा नक्सली दुनिया का सबसे वांछित चेहरा बन गया। सरकार, सुरक्षा एजेंसियां और स्पेशल फोर्सेज लगातार हिड़मा का पीछा कर रही थीं। कई सालों तक वह घने जंगलों, पहाड़ी इलाकों और स्थानीय नेटवर्क की मदद से बचता रहा। लेकिन इस बार केंद्रीय एजेंसियों ने सटीक जानकारी जुटाई और संयुक्त ऑपरेशन में उसे ढेर कर दिया। इस सफलता के बाद सुरक्षा बलों का मनोबल और भी मजबूत हुआ है और नक्सल समस्या पर एक ऐतिहासिक प्रहार माना जा रहा है। अब सरकार का लक्ष्य बचे हुए नेटवर्क को भी पूरी तरह खत्म करना है ताकि बस्तर, छत्तीसगढ़ और आस-पास के इलाकों में शांति और विकास का रास्ता तेज हो सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PM Modi

छत्तीसगढ़ में पहली बार देशभर के डीजीपी-आईजीपी का सबसे बड़ा सम्मेलन, नवा रायपुर में होगी रणनीति तय

छत्तीसगढ़ में पहली बार देशभर के पुलिस महानिदेशक (DGP) और महानिरीक्षक (IGP) का सबसे बड़ा मंच आयोजित होने जा रहा है। 28 से 30 नवंबर तक नवा रायपुर स्थित IIM परिसर में 60वां अखिल भारतीय DGP-IGP सम्मेलन होगा। यह राज्य के लिए बेहद गर्व का मौका माना जा रहा है। तीन दिन चलेगा मंथन, शाह और मोदी रहेंगे मौजूद सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह हिस्सा लेंगे, जबकि समापन सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद रहेंगे। छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय मिश्रा ने इसकी आधिकारिक पुष्टि की है। इन अहम मुद्दों पर होगी चर्चा इस राष्ट्रीय स्तर की बैठक में आंतरिक सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी— इस बार खास फोकस नक्सल प्रभावित क्षेत्रों, विशेषकर बस्तर पर रहेगा। हाल के महीनों में राज्य पुलिस और केंद्रीय बलों की संयुक्त कार्रवाई ने कई बड़ी सफलताएं दी हैं। इसी “बस्तर मॉडल” को राष्ट्रीय स्तर पर अपनाने पर भी बात होगी। बस्तर मॉडल को और मजबूत करने पर जोर अधिकारियों के अनुसार, हाल ही के ऑपरेशनों में सफल होने के पीछे बेहतर ग्राउंड इंटेलिजेंस, आधुनिक हथियार और संयुक्त ऑपरेशन मुख्य वजह रहे हैं। सम्मेलन में आगे की रणनीति का ब्लूप्रिंट तैयार किए जाने की संभावना है। भुवनेश्वर के बाद अब छत्तीसगढ़ को मिली मेजबानी साल 2024 में यह सम्मेलन भुवनेश्वर में हुआ था। इस बार पहली बार इसकी मेजबानी छत्तीसगढ़ कर रहा है, जो राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। एक महीने में पीएम का दूसरा दौरा प्रधानमंत्री मोदी नवंबर में दूसरी बार छत्तीसगढ़ आएंगे। इससे पहले 1 नवंबर को वे राज्य स्थापना दिवस के कार्यक्रमों में शामिल हुए थे। अब वे 28-30 नवंबर को होने वाले इस बड़े सुरक्षा सम्मेलन का हिस्सा बनेंगे नवा रायपुर में बनेगा अस्थायी पीएमओ सम्मेलन के दौरान नवा रायपुर में बंगला M-01 को अस्थायी मिनी PMO में बदल दिया जाएगा। यह बंगला विधानसभा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का आवास है। 500 से ज्यादा शीर्ष अधिकारी होंगे शामिल इस बड़े आयोजन में प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, NSA अजित डोभाल, 70 DG, पैरामिलिट्री चीफ और कुल 500 शीर्ष अधिकारी शामिल होंगे। सुरक्षा के लिए NSG कमांडो तैनात किए जाएंगे और VVVIP मूवमेंट के लिए 400 वाहनों का बेड़ा तैयार रहेगा। छत्तीसगढ़ में होने वाला यह सम्मेलन न सिर्फ सुरक्षा रणनीतियों को मजबूत करेगा, बल्कि राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान भी देगा। और खबरों के लिए विजिट करें –www.deshharpal.com
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बिलासपुर रेल हादसा: एक और छात्रा की मौत, अब तक 12 लोगों की जान गई

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर रेल हादसे में घायल कॉलेज छात्रा महविश परवीन (19) ने एक सप्ताह तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद दम तोड़ दिया। इसके साथ ही इस दर्दनाक हादसे में मृतकों की संख्या 12 पहुंच गई है। हादसे में गंभीर रूप से घायल थी छात्रा महविश बिलासपुर के डीपी विप्र कॉलेज में बीएससी गणित की नियमित छात्रा थी। वह जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा की रहने वाली थी और बिलासपुर में रहकर पढ़ाई करती थी।4 नवंबर को वह रिश्तेदार की शादी में शामिल होकर घर से कोरबा-बिलासपुर मेमू ट्रेन से लौट रही थी। लालखदान स्टेशन के पास यह ट्रेन मालगाड़ी से टकरा गई। महविश ट्रेन के महिला कोच में सवार थी। टक्कर इतनी तेज थी कि उसके दोनों पैर लोहे के एंगल के नीचे दब गए और कई जगह फ्रैक्चर हो गए। झटके के कारण उसकी कॉलर बोन और पसलियों की चार हड्डियां भी टूट गईं। घटना के तुरंत बाद उसे सिम्स लाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर अपोलो अस्पताल रेफर किया गया। एक सप्ताह तक जिंदगी से लड़ती रही, फिर मौत ने छीन ली जिंदगी अपोलो अस्पताल में डॉक्टर लगातार उसका इलाज कर रहे थे, लेकिन उसकी हालत बिगड़ती गई।मंगलवार रात इलाज के दौरान महविश ने अंतिम सांस ली। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया, जो उसे लेकर अकलतरा रवाना हो गए। दिल की मरीज रह चुकी थी महविश, भाई की शादी में गई थी घर महविश के चाचा मोहम्मद रहमान ने बताया कि बचपन में उसे हृदय संबंधी बीमारी थी और रायपुर के एस्कॉर्ट अस्पताल में उसकी ओपन हार्ट सर्जरी हुई थी। इलाज के बाद वह पूरी तरह स्वस्थ हो चुकी थी।12वीं के बाद उसे बिलासपुर के डीपी विप्र कॉलेज में दाखिला दिलाया गया था।वह अपने चचेरे भाई की शादी के लिए घर गई थी — शादी 2 नवंबर को हुई थी और 4 नवंबर को वह बिलासपुर लौट रही थी, तभी यह हादसा हो गया। मुआवजे के लिए फर्जी दावा करने की कोशिश का खुलासा इस बीच, सोमवार को एक अन्य व्यक्ति पवन गढ़ेवाल को मृत अवस्था में सिम्स लाया गया।साथ आए लोगों ने दावा किया कि वह भी इसी रेल हादसे में घायल था। लेकिन पुलिस जांच में पता चला कि पवन की कोई मेडिकल हिस्ट्री या इलाज का रिकॉर्ड नहीं मिला।सीएसपी गगन कुमार ने बताया कि मुआवजे के लिए उसकी मौत को रेल हादसे से जोड़ने की कोशिश की जा रही थी। रेल हादसे की जांच अब भी जारी है, जबकि मृतकों के परिजनों को मुआवजा और घायलों के इलाज की जिम्मेदारी रेलवे प्रशासन ने ली है। 🔗 अधिक जानकारी और अपडेट के लिए देखें: www.deshharpal.com — सच्ची खबरें, संवेदनशील अंदाज में
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न्यूजीलैंड क्रिकेट का बड़ा फैसला, MLC में नहीं करेगा निवेश; NZ20 लीग भी टली

न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड ने अमेरिका की मेजर लीग क्रिकेट (MLC) में निवेश नहीं करने का फैसला किया है। बोर्ड ने 2027 सीजन से पहले लीग की नई टीम शुरू करने के लिए अमेरिकी कंपनी ट्रू नॉर्थ स्पोर्ट्स (TNS) वेंचर्स के साथ साझेदारी की थी। हालांकि, अब न्यूजीलैंड क्रिकेट घरेलू क्रिकेट और अपने संसाधनों पर ध्यान केंद्रित करना चाहता है। मेजर लीग क्रिकेट में न्यूजीलैंड के कई प्रमुख खिलाड़ी हिस्सा लेते रहे हैं। इनमें रचिन रवींद्र, फिन एलन, डेवोन कॉनवे, टिम सेफर्ट और लॉकी फर्ग्यूसन जैसे नाम शामिल हैं। अप्रैल 2025 में हुई थी साझेदारी की घोषणा न्यूजीलैंड क्रिकेट ने अप्रैल 2025 में TNS वेंचर्स के साथ साझेदारी की घोषणा की थी। इस समझौते के तहत बोर्ड को 2027 में MLC की प्रस्तावित दो नई टीमों में से एक को शुरू करने और संचालित करने में सहयोग देना था। इसके लिए न्यूजीलैंड क्रिकेट को हाई-परफॉर्मेंस और संचालन से जुड़ी सहायता उपलब्ध करानी थी। हालांकि, अब बोर्ड ने इस योजना से पीछे हटने का निर्णय लिया है। न्यूजीलैंड क्रिकेट ने कहा- अभी सही समय नहीं न्यूजीलैंड क्रिकेट के CEO ज्योफ एलॉट ने कहा कि उन्हें इस साझेदारी के उद्देश्य और महत्वाकांक्षा पर भरोसा है। उनके मुताबिक, अमेरिकी बाजार में क्रिकेट के विस्तार की काफी संभावनाएं हैं, लेकिन विस्तृत आकलन के बाद बोर्ड को लगता है कि फिलहाल इस दिशा में आगे बढ़ने का सही समय नहीं है। एलॉट ने TNS और MLC के सह-संस्थापक समीर मेहता तथा विजय श्रीनिवासन का अवसर तलाशने में सहयोग के लिए आभार जताया। उन्होंने यह भी कहा कि न्यूजीलैंड क्रिकेट भविष्य में दोनों के साथ संपर्क बनाए रखेगा। न्यूजीलैंड की NZ20 टी-20 लीग भी टली न्यूजीलैंड में प्रस्तावित पुरुष और महिला टी-20 लीग NZ20 की शुरुआत भी टाल दी गई है। इस लीग की योजना मौजूदा सुपर स्मैश टूर्नामेंट की जगह एक नई प्रतियोगिता शुरू करने की थी। पहले NZ20 को जनवरी 2027 में शुरू करने की योजना थी, लेकिन अब इसकी शुरुआत दिसंबर 2027 तक के लिए टाल दी गई है। इससे न्यूजीलैंड क्रिकेट की घरेलू टी-20 प्रतियोगिता की योजनाओं में भी बदलाव हुआ है।

Zomato-Blinkit की पैरेंट कंपनी Eternal लाएगी Dark.ai, सीक्रेट चैट और प्राइवेसी पर होगा फोकस

जोमैटो और ब्लिंकइट की पैरेंट कंपनी एटरनल (Eternal) आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में नया कदम उठाने की तैयारी कर रही है। कंपनी के प्रमुख दीपिंदर गोयल ने ‘Dark.ai’ नाम के नए AI ऐप के बारे में जानकारी दी है। इसका मुख्य फोकस यूजर्स की प्राइवेसी और संवेदनशील बातचीत की सुरक्षा पर होगा। गोयल के मुताबिक, इस ऐप को इस तरह तैयार किया जा रहा है कि लोग अपनी निजी बातें, गोपनीय विचार, रिसर्च और जटिल सवाल बिना किसी झिझक के साझा कर सकें। फिलहाल कंपनी के कर्मचारी इसकी टेस्टिंग कर रहे हैं। डेटा सुरक्षा पर जोर, कंपनी भी नहीं पढ़ पाएगी चैट दीपिंदर गोयल ने बताया कि Dark.ai को कंपनी के अपने कंप्यूटर सिस्टम और सुरक्षित तकनीक पर चलाने की योजना है। इसमें एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन जैसी सुरक्षा व्यवस्था का इस्तेमाल किए जाने की बात कही गई है, ताकि बातचीत को अनधिकृत रूप से पढ़े जाने से बचाया जा सके। ऐप में एक विशेष मेमोरी सिस्टम भी होगा, जिस पर यूजर का नियंत्रण रहेगा। इसके जरिए यूजर अपनी जरूरत के अनुसार पुरानी बातचीत से जुड़ी जानकारी को सुरक्षित रख सकेंगे या हटा सकेंगे। हालांकि, ऐप की सुरक्षा व्यवस्था और डेटा प्रबंधन से जुड़े सभी तकनीकी विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। इसलिए कंपनी के दावों की वास्तविक सीमा लॉन्च के समय उपलब्ध जानकारी से स्पष्ट होगी। स्टार्टअप, वैज्ञानिकों और रिसर्चर्स के लिए होगा उपयोगी Dark.ai को खास तौर पर उन लोगों और संस्थानों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है, जिन्हें संवेदनशील जानकारियों के साथ काम करना पड़ता है। इनमें स्टार्टअप संस्थापक, वैज्ञानिक, रिसर्चर्स, बड़ी कंपनियां और सरकारी कार्यालय शामिल हैं। गोयल के मुताबिक, इस AI को केवल यूजर को खुश करने के लिए जवाब देने के बजाय तथ्यों के आधार पर उत्तर देने के लिए तैयार किया जाएगा। इसका उद्देश्य ऐसा सिस्टम बनाना है, जो यूजर की बातों से सहमत होने के बजाय अपनी समझ के अनुसार जवाब दे। मौजूदा AI ऐप्स की प्राइवेसी पर उठाए सवाल गोयल ने मौजूदा AI प्लेटफॉर्म्स पर डेटा सुरक्षा और प्राइवेसी को लेकर चिंता जताई। उनका कहना है कि कई सेवाओं में यूजर डेटा सेव न करने का विकल्प चुनने के बाद भी बैकएंड पर जानकारी के प्रबंधन को लेकर स्पष्टता की कमी महसूस हो सकती है। उन्होंने कहा कि आम AI ऐप्स इस्तेमाल करते समय यूजर्स के मन में यह आशंका बनी रह सकती है कि उनकी बातचीत कोई पढ़ सकता है। उनके मुताबिक, इसी तरह का डर और अविश्वास लोगों को AI का पूरी क्षमता से इस्तेमाल करने से रोक सकता है। Dark.ai के जरिए कंपनी इस चिंता को कम करने और यूजर्स को निजी बातचीत के लिए अधिक सुरक्षित माहौल देने की कोशिश कर रही है। इसी साल लॉन्च की तैयारी, कीमत पर फैसला नहीं कंपनी की ओर से ऐप की लॉन्चिंग को लेकर इसी साल की तैयारी का संकेत दिया गया है। हालांकि, इसके काम करने की गति, इस्तेमाल किए जाने वाले AI मॉडल और अन्य तकनीकी विशेषताओं की विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। ऐप मुफ्त होगा या इसके लिए सब्सक्रिप्शन लेना पड़ेगा, इस बारे में भी कंपनी ने कोई जानकारी नहीं दी है। इससे होने वाली संभावित कमाई को लेकर भी फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है। फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो और क्विक कॉमर्स सेवा ब्लिंकइट के बाद AI सॉफ्टवेयर क्षेत्र में एटरनल का यह संभावित कदम कंपनी के कारोबार के विस्तार की दिशा में अहम हो सकता है।

eMudhra में तकनीकी गड़बड़ी की जांच के लिए IT मंत्रालय ने बनाई स्पेशल टीम, सरकार बोली- भारतीय वेबसाइट्स और ऐप सुरक्षित

डिजिटल सुरक्षा सेवाएं देने वाली कंपनी ई-मुद्रा (eMudhra) में तकनीकी गड़बड़ी सामने आने के बाद आईटी मंत्रालय ने मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित की है। सरकार के मुताबिक, इस गड़बड़ी का असर कंपनी के विदेशी कारोबार तक सीमित है। भारतीय वेबसाइट्स और ऐप्स की सुरक्षा प्रभावित होने की बात सामने नहीं आई है। सरकार ने सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से सावधान रहने की अपील की है। मामले की जांच साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की मदद से की जा रही है, ताकि गड़बड़ी की वजह और उसके संभावित प्रभाव का पता लगाया जा सके। eMudhra दो तरह की डिजिटल सुरक्षा सेवाएं देती है ई-मुद्रा का कारोबार मुख्य रूप से दो क्षेत्रों में फैला है। पहला, भारत में डिजिटल सिग्नेचर और eSign सेवाएं देना। दूसरा, विदेशी वेबसाइट्स के लिए डिजिटल सुरक्षा प्रमाणपत्र जारी करना। कंपनी से जुड़ी जानकारी के मुताबिक, हालिया तकनीकी गड़बड़ी उसके विदेशी कारोबार से संबंधित डिजिटल सर्टिफिकेट्स में सामने आई। भारतीय डिजिटल सिग्नेचर और eSign सेवाओं पर इसका असर होने की जानकारी नहीं दी गई है। सिस्टम की खराबी से बने कमजोर सुरक्षा कोड ई-मुद्रा के मुताबिक, सिस्टम में तकनीकी खराबी के कारण कुछ कमजोर सुरक्षा कोड बन गए थे। एक साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ ने इस समस्या के बारे में एप्पल, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और मोजिला जैसी बड़ी टेक कंपनियों को अलर्ट किया। चिंता जताई गई कि इन कमजोर कोड का फायदा उठाकर साइबर हमलावर सुरक्षा प्रमाणपत्रों की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचा सकते हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि इन कोड का इस्तेमाल करके वास्तव में कोई हमला हुआ था। गूगल और मोजिला ने प्रभावित सर्टिफिकेट्स पर की कार्रवाई तकनीकी गड़बड़ी की जानकारी मिलने के बाद ब्राउजर कंपनियों ने प्रभावित सुरक्षा प्रमाणपत्रों के खिलाफ कदम उठाए। इन कदमों का उद्देश्य प्रभावित प्रमाणपत्रों के इस्तेमाल से जुड़े जोखिम को सीमित करना है। eMudhra का दावा- ग्राहक का डेटा चोरी नहीं हुआ ई-मुद्रा ने कहा है कि उसका मुख्य सिस्टम सुरक्षित है और किसी ग्राहक का डेटा चोरी नहीं हुआ है। कंपनी के अनुसार, जिस विदेशी कारोबार में गड़बड़ी सामने आई, उससे उसकी कुल कमाई का लगभग 1 प्रतिशत हिस्सा आता है। कंपनी प्रभावित विदेशी ग्राहकों को नए और सुरक्षित डिजिटल सर्टिफिकेट उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में भी जुटी है, ताकि उनकी सेवाएं जारी रह सकें। सरकार ने अफवाहों से बचने की अपील की आईटी मंत्रालय ने कहा है कि मामले की जांच की जा रही है और सोशल मीडिया पर चल रही अपुष्ट खबरों के आधार पर घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार की साइबर सुरक्षा टीम और विशेषज्ञ तकनीकी पहलुओं की पड़ताल कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद मामले से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है। फिलहाल, गड़बड़ी के वास्तविक दायरे और संभावित प्रभाव को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
Gold

Gold Price Today: सोने के दाम में बड़ी गिरावट, 10 ग्राम का भाव ₹1.43 लाख पर

सोना (Gold) और चांदी (Silver) खरीदने का इंतजार कर रहे लोगों के लिए राहत की खबर है। पिछले तीन दिनों में दोनों कीमती धातुओं के भाव में अच्छी-खासी गिरावट आई है। सोना करीब ₹3,000 और चांदी लगभग ₹9,000 तक सस्ती हुई है। ऐसे में शादी-ब्याह के लिए गहने खरीदने या निवेश की योजना बना रहे लोगों की नजर अब बाजार के अगले रुख पर है। 22 अक्टूबर 2026 के बाजार अपडेट के मुताबिक, 10 ग्राम सोने की कीमत करीब ₹1.43 लाख और चांदी का भाव लगभग ₹2.01 लाख प्रति किलो बताया जा रहा है। हालांकि, अलग-अलग बाजारों में कीमतों का अंतर हो सकता है। Gold Rate Today: ₹1.43 लाख पर पहुंचा 10 ग्राम सोना Gold Price में आई गिरावट से खरीदारों को कुछ राहत जरूर मिली है। बीते तीन दिनों में भाव करीब ₹3,000 नीचे आने से उन लोगों के लिए खरीदारी का मौका बन सकता है, जो लंबे समय से कीमतें कम होने का इंतजार कर रहे थे। हालांकि, सोना खरीदने से पहले अपने शहर का ताजा भाव जरूर पता कर लें। 24 कैरेट सोने की कीमत और गहने बनाने में इस्तेमाल होने वाले 22 कैरेट सोने के भाव में अंतर होता है। इसके अलावा ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और GST भी देना पड़ता है। Silver Rate Today: चांदी ₹9,000 तक हुई सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली है। पिछले तीन दिनों में चांदी करीब ₹9,000 तक सस्ती हुई है और इसका भाव लगभग ₹2.01 लाख प्रति किलो के स्तर पर बताया जा रहा है। चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर उन ग्राहकों पर भी पड़ता है, जो त्योहारों पर चांदी के सिक्के, बर्तन या दूसरे सामान खरीदते हैं। हालांकि, खरीदारी से पहले स्थानीय बाजार में चांदी का ताजा भाव और शुद्धता की जानकारी लेना जरूरी है। सोना-चांदी के दाम क्यों गिर रहे हैं? Gold or Silver की कीमतें केवल घरेलू मांग से तय नहीं होतीं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले बदलाव, डॉलर की चाल, रुपये की स्थिति और ब्याज दरों को लेकर निवेशकों की उम्मीदें भी इनके भाव पर असर डालती हैं। जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी की कीमतें कमजोर होती हैं, तो भारतीय बाजार में भी इसका असर दिखाई दे सकता है। इसके अलावा मुनाफावसूली के कारण भी कीमतों में गिरावट आ सकती है। हालांकि, बाजार में आई गिरावट की किसी एक वजह को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं होगा। कीमतों की चाल कई आर्थिक और वैश्विक कारकों पर निर्भर करती है। क्या अभी सोना और चांदी खरीदना सही रहेगा? अगर आप शादी या त्योहार के लिए गहने खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो मौजूदा गिरावट आपके लिए राहत की बात हो सकती है। लेकिन केवल तीन दिन की गिरावट देखकर यह मान लेना ठीक नहीं है कि आगे भी भाव लगातार कम होंगे। खरीदारी से पहले अलग-अलग ज्वेलर्स के रेट की तुलना करें। सोने पर हॉलमार्क और शुद्धता की जांच करें तथा बिल में मेकिंग चार्ज और GST का पूरा विवरण देखें। निवेश के लिहाज से भी जल्दबाजी करने के बजाय अपने बजट और जोखिम उठाने की क्षमता को ध्यान में रखना बेहतर है। आगे Gold-Silver Price में क्या बदलाव हो सकता है? आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार का रुख, अमेरिकी डॉलर, ब्याज दरों से जुड़ी खबरें और रुपये की चाल सोने-चांदी की कीमतों को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में भाव में फिर तेजी आने या गिरावट जारी रहने, दोनों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। कुल मिलाकर, तीन दिनों में सोने और चांदी के दाम में आई गिरावट ने खरीदारों को थोड़ी राहत दी है। अगर आप आज खरीदारी करने जा रहे हैं, तो पहले अपने शहर का ताजा भाव जरूर जांच लें, क्योंकि बाजार भाव और ज्वेलरी की अंतिम कीमत में अंतर हो सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Amit Shah

Amit Shah Statement: धरने से कुछ नहीं होगा, जनता के बीच जाएं- विपक्ष को शाह की सलाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि सिर्फ धरना-प्रदर्शन करने से जनता का भरोसा नहीं जीता जा सकता। अगर विपक्ष को राजनीति में आगे बढ़ना है, तो उसे जनता के बीच जाकर काम करना होगा। शाह ने कांग्रेस को लेकर दावा किया कि पार्टी अगले 30 साल तक सत्ता में नहीं लौट पाएगी। उन्होंने अपने बयान में राहुल गांधी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनकी राजनीति और विपक्ष के विरोध प्रदर्शनों पर सवाल उठाए। अमित शाह का यह बयान ऐसे समय आया है, जब देश में चुनाव प्रक्रिया, मतदाता सूची और कथित वोट चोरी को लेकर भाजपा और विपक्ष के बीच सियासी टकराव जारी है। कांग्रेस लगातार चुनाव आयोग से जवाब मांग रही है, जबकि भाजपा विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक हताशा से जोड़ रही है। Amit Shah Statement: कांग्रेस पर क्यों बरसे गृह मंत्री? अमित शाह ने अपने संबोधन में कांग्रेस की राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव जीतने के लिए केवल विरोध प्रदर्शन करना काफी नहीं है। राजनीतिक दलों को जनता की समस्याओं को समझना और उनके समाधान के लिए काम करना चाहिए। शाह के मुताबिक, विपक्ष को अपनी चुनावी हार की वजहों पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति पर निशाना साधते हुए दावा किया कि पार्टी की मौजूदा राजनीति उसे लंबे समय तक सत्ता से दूर रख सकती है। हालांकि, कांग्रेस के अगले 30 साल तक सत्ता में नहीं आने का बयान अमित शाह का राजनीतिक दावा है। इसे किसी निश्चित चुनावी नतीजे के तौर पर नहीं देखा जा सकता। Rahul Gandhi का नाम लिए बिना क्या बोले अमित शाह? अमित शाह ने राहुल गांधी का नाम लिए बिना विपक्ष के धरने और प्रदर्शनों पर टिप्पणी की। उनके बयान को कांग्रेस और राहुल गांधी की ओर से चुनाव आयोग के खिलाफ उठाए जा रहे सवालों के जवाब के रूप में देखा जा रहा है। शाह का कहना है कि विपक्ष को जनता के बीच जाकर अपना समर्थन बढ़ाना चाहिए। केवल आरोप लगाने या सड़कों पर उतरने से चुनावी राजनीति में सफलता नहीं मिलती। दूसरी तरफ, कांग्रेस का तर्क है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है। पार्टी और INDIA गठबंधन के नेता मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। Vote Chori और SIR पर भाजपा-विपक्ष में टकराव देश की राजनीति में वोट चोरी और SIR यानी Special Intensive Revision का मुद्दा लगातार चर्चा में है। राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूची में नाम हटाए जाने और चुनावी प्रक्रिया से जुड़ी कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का कहना है कि इन मामलों में स्पष्ट जवाब मिलना चाहिए। वहीं, भाजपा इन आरोपों को खारिज करती रही है और विपक्ष पर चुनावी हार के बाद संस्थाओं पर सवाल उठाने का आरोप लगाती है। इस विवाद में दोनों पक्षों के अपने-अपने दावे हैं। मतदाता सूची से जुड़े आरोपों की सच्चाई समझने के लिए आधिकारिक आंकड़ों, चुनाव आयोग के जवाब और उपलब्ध प्रमाणों को देखना जरूरी है। चुनाव आयोग को लेकर भी जारी है सियासी लड़ाई मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी दलों का विरोध पहले भी सामने आ चुका है। विपक्ष ने मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों पर जवाब मांगा है। वहीं, भाजपा का कहना है कि चुनावी नतीजों को लेकर बेबुनियाद आरोप लगाने के बजाय विपक्ष को अपनी रणनीति पर ध्यान देना चाहिए। इस मुद्दे ने भाजपा और INDIA गठबंधन के बीच राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। आने वाले समय में यह विवाद चुनावी भाषणों और विपक्षी अभियानों में भी अहम भूमिका निभा सकता है। Amit Shah ने AAP पर भी साधा निशाना अमित शाह ने अपने संबोधन में आम आदमी पार्टी (AAP) की राजनीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने विपक्षी दलों को सलाह दी कि वे आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर जनता के लिए काम करें। दिल्ली की राजनीति में भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच लंबे समय से टकराव रहा है। ऐसे में शाह का बयान विपक्ष पर राजनीतिक दबाव बनाने के साथ-साथ भाजपा के चुनावी संदेश को मजबूत करने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है। आगे क्या होगा? कांग्रेस के सामने क्या चुनौती है? अमित शाह के बयान से साफ है कि भाजपा कांग्रेस और दूसरे विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शनों को लेकर आक्रामक रुख अपनाए हुए है। दूसरी ओर, कांग्रेस चुनाव आयोग और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर जवाब मांगने की अपनी रणनीति पर कायम है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि विपक्ष अपने आरोपों के समर्थन में क्या तथ्य सामने रखता है और चुनाव आयोग इन सवालों पर क्या जवाब देता है। साथ ही, यह भी देखना होगा कि इन मुद्दों का आने वाले चुनावों में मतदाताओं पर कितना असर पड़ता है। फिलहाल, अमित शाह का 30 साल वाला बयान राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। लेकिन आखिरकार चुनाव में किसे जनता का समर्थन मिलेगा, इसका फैसला मतदाता ही करेंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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