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ग्वालियर में नर्सिंग छात्रा की संदिग्ध मौत: रातभर उल्टियां होती रहीं, परिजनों ने हॉस्टल प्रबंधन पर लगाए लापरवाही के आरोप

ग्वालियर के आईपीएस कॉलेज में नर्सिंग ट्रेनिंग ले रही 23 वर्षीय छात्रा नीलू प्रजापति की संदिग्ध मौत हो गई। परिजनों ने हॉस्टल प्रबंधन पर इलाज में देरी और लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्वालियर में नर्सिंग छात्रा की संदिग्ध मौत ग्वालियर के आईपीएस कॉलेज में मुख्यमंत्री कौशल संवर्धन योजना के तहत नर्सिंग ट्रेनिंग लेने आई 23 वर्षीय छात्रा नीलू प्रजापति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है, जबकि परिजनों ने हॉस्टल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। देर रात बिगड़ी थी तबीयत जानकारी के अनुसार, नीलू प्रजापति सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात करीब 12 बजे अचानक बीमार हो गई थी। उसे लगातार उल्टियां हो रही थीं। उसके साथ हॉस्टल में रह रही चचेरे भाई की बेटी तनु ने परिवार को फोन कर इसकी जानकारी दी। इलाज में देरी का आरोप मृतका के पिता लक्ष्मण प्रजापति का आरोप है कि बेटी की हालत बिगड़ने के बावजूद कॉलेज और हॉस्टल प्रबंधन ने समय रहते अस्पताल नहीं पहुंचाया। उनका कहना है कि रात में तबीयत खराब होने के बाद सुबह करीब 5 से 6 बजे के बीच नीलू को अस्पताल ले जाया गया, जिससे इलाज में देरी हुई और उसकी जान चली गई। 14 मई को ट्रेनिंग के लिए पहुंची थी छात्रा नीलू केआरजी कॉलेज से नर्सिंग की पढ़ाई कर रही थी। वह 45 दिन की विशेष ट्रेनिंग के लिए 14 मई को आईपीएस कॉलेज पहुंची थी। परिजनों के मुताबिक, कुछ दिन पहले वह घर भी आई थी और अपने खराब जूते बदलवाकर दोबारा ट्रेनिंग के लिए लौटी थी। हॉस्टल प्रबंधन ने आरोपों से किया इनकार हॉस्टल स्टाफ ने परिजनों के आरोपों को गलत बताया है। स्टाफ का कहना है कि छात्रा की तबीयत खराब होने पर उसे तुरंत ORS दिया गया था, जिससे उसकी हालत में कुछ सुधार हुआ था। बाद में दोबारा तबीयत बिगड़ने पर उसे स्कूटी से अस्पताल पहुंचाया गया। एम्बुलेंस का इंतजार नहीं किया हॉस्टल प्रबंधन का दावा है कि एम्बुलेंस का इंतजार करने में अधिक समय लगता, इसलिए स्टाफ छात्रा को तुरंत स्कूटी से अस्पताल लेकर पहुंचा। वहीं परिजन इस दावे से संतुष्ट नहीं हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। स्वास्थ्य संबंधी जानकारी पर भी विवाद आईपीएस हॉस्टल के ओबीसी डिपार्टमेंट की असिस्टेंट डायरेक्टर कृति दीक्षित ने दावा किया कि नीलू को पहले से थायराइड और पेट दर्द की समस्या थी। हालांकि परिवार ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उनकी बेटी पूरी तरह स्वस्थ थी। हॉस्टल की व्यवस्था पर उठे सवाल परिजनों ने हॉस्टल की क्षमता और व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सीमित संसाधनों के बावजूद बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं को ट्रेनिंग के लिए ठहराया गया था। जानकारी के मुताबिक हॉस्टल में करीब 80 छात्राएं और 120 छात्र रह रहे थे। पुलिस हर एंगल से कर रही जांच एडिशनल एसपी सुमन गुर्जर ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू से जांच की जा रही है। हॉस्टल के कमरे की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है और महिला पुलिस अधिकारियों की विशेष टीम बनाई गई है। पैनल पोस्टमार्टम और वीडियोग्राफी होगी पुलिस के मुताबिक छात्रा का पैनल पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इस दौरान एसडीएम, तहसीलदार और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहेंगे। पूरे पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी ताकि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ हो सके। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ नीलू प्रजापति एक साधारण परिवार से थी। उसके पिता आउटसोर्स कर्मचारी के रूप में कचरा वाहन चलाते हैं। परिवार में छोटी बहन भी नर्सिंग की पढ़ाई कर रही है, जबकि छोटा भाई आठवीं कक्षा में पढ़ता है। बेटी की अचानक मौत से पूरा परिवार सदमे में है। ट्रेनिंग व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल इस घटना के बाद मुख्यमंत्री कौशल संवर्धन योजना के तहत चल रही ट्रेनिंग व्यवस्थाओं और हॉस्टल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। अब सभी की नजर पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हुई है। Read more news and updates on www.deshharpal.com
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गुना में लेडी कॉन्स्टेबल ने की आत्महत्या: पुलिस लाइन के सरकारी क्वॉर्टर में फंदे पर लटका मिला शव

गुना के कोतवाली थाने में पदस्थ 29 वर्षीय लेडी कॉन्स्टेबल निशा शर्मा ने मंगलवार दोपहर पुलिस लाइन स्थित अपने सरकारी क्वॉर्टर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। गेट तोड़कर अंदर पहुंची पुलिस सूचना मिलने पर कैंट थाना पुलिस मौके पर पहुंची। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने और आवाज देने के बाद भी अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने गेट तोड़कर कमरे में प्रवेश किया। चादर के फंदे से लटका मिला शव सुबह से कमरे से बाहर नहीं निकली थीं कमरे के अंदर लेडी कॉन्स्टेबल का शव चादर से बने फंदे के सहारे पंखे से लटका मिला। पुलिस ने तुरंत शव को नीचे उतारकर पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। हितिका वासल के मुताबिक, निशा शर्मा मूल रूप से अशोक नगर जिले की रहने वाली थीं और पुलिस लाइन के सरकारी क्वॉर्टर में अकेली रह रही थीं। सुबह घर में काम करने वाली महिला क्वॉर्टर पर पहुंची थी। उसने कई बार दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद वह वापस लौट गई। पड़ोसियों को हुआ शक दोपहर 12 बजे तक भी क्वॉर्टर का दरवाजा नहीं खुला तो पड़ोसियों को संदेह हुआ। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना कैंट थाना पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुई। छुट्टी से लौटकर आई थीं ड्यूटी पर प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि निशा शर्मा दो दिन की छुट्टी पर अपने घर अशोक नगर गई हुई थीं। वह सोमवार शाम को ही छुट्टी पूरी कर वापस गुना लौटी थीं। सुसाइड नोट मिला या नहीं, स्पष्ट नहीं पुलिस के मुताबिक घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट मिला है या नहीं, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है। मृतका के परिजनों को सूचना दे दी गई है। जांच के बाद सामने आएगी वजह पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयान के बाद ही आत्महत्या के कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल मामले की जांच जारी है। अधिक खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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ग्राम सभा के दौरान प्रभारी सचिव से मारपीट: पानी के किराये को लेकर पंचायत भवन में घुसे 4 आरोपी

सागर जिले के सानौधा थाना क्षेत्र के ग्राम पड़रिया में पानी के किराये को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि ग्राम सभा की बैठक के दौरान रोजगार सहायक और प्रभारी सचिव के साथ जमकर मारपीट कर दी गई। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें आरोपियों द्वारा हमला करते हुए देखा जा सकता है। पानी के पैसे मांगने पहुंचे थे आरोपी पुलिस के अनुसार, ग्राम पड़रिया में पदस्थ रोजगार सहायक और अतिरिक्त सचिव मुकेश कुर्मी ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि गांव में पानी की कमी के चलते 17 अप्रैल से पंचायत द्वारा साहब सिंह चौहान के निजी बोर से किराये पर पानी लिया जा रहा था। ग्राम सभा के दौरान हुआ विवाद 5 जून की दोपहर मुकेश पंचायत भवन में ग्राम सभा की बैठक में व्यस्त थे। इसी दौरान साहब सिंह चौहान वहां पहुंचे और पानी के किराये की राशि मांगने लगे। मुकेश ने सरपंच से बात कर भुगतान कराने की बात कही, जिससे साहब सिंह नाराज हो गए। डंडे, लात-घूंसों से की पिटाई आरोप है कि विवाद बढ़ने पर साहब सिंह का भाई गुड्डू उर्फ इमरत सिंह चौहान और उनके बेटे नीतेश व निशांत भी मौके पर पहुंच गए। चारों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और विरोध करने पर मुकेश कुर्मी के साथ मारपीट की। पीड़ित के मुताबिक, गुड्डू ने डंडे से हमला किया, जबकि अन्य आरोपियों ने पकड़कर जमीन पर पटक दिया। इसके बाद लात-घूंसों से बेरहमी से पिटाई की गई। सरकारी दस्तावेज भी फाड़े मारपीट के दौरान आरोपियों ने पंचायत भवन में रखे सरकारी रजिस्टर और अन्य दस्तावेज भी फाड़ दिए। घटना के समय मौजूद ग्रामीणों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। पुलिस ने दर्ज किया केस पुलिस ने पीड़ित प्रभारी सचिव की शिकायत पर चारों आरोपियों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सचिवों और रोजगार सहायकों में नाराजगी घटना के विरोध में रोजगार सहायकों और पंचायत सचिवों ने सागर एसपी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच और उचित कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया ह अधिक खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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सागर में बड़ा अनाज घोटाला? वेयरहाउस में पहुंचा 90% मिट्टी मिला गेहूं, जांच के आदेश

सागर के गंभीरिया स्थित श्री देव प्रभा वेयर हाउस में मिट्टी मिला अमानक गेहूं पहुंचने का मामला सामने आया है। ट्रक में करीब 600 बोरियां भरकर गेहूं लाया गया था, लेकिन जांच में बोरियों में लगभग 10 प्रतिशत गेहूं और 90 प्रतिशत मिट्टी होने का दावा किया गया है। मामला सामने आने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। कर्मचारी को हुआ शक, खुली मिलावट की पोल जानकारी के अनुसार, लक्ष्मी नगर स्थित श्री देव प्रभा वेयर हाउस को वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन की सांईखेड़ा ब्रांच ने करीब एक माह पहले अधिग्रहित किया था। यहां विभिन्न उपार्जन केंद्रों से गेहूं लाकर संग्रहित किया जा रहा है। इसी दौरान ट्रक क्रमांक MP 15 ZR 9190 करीब 600 बोरियां लेकर वेयर हाउस पहुंचा। मजदूर जब बोरियां उतार रहे थे, तभी वेयर हाउस की निगरानी कर रहे कर्मचारी को गेहूं की गुणवत्ता पर संदेह हुआ। जांच करने पर बोरियों में बड़ी मात्रा में मिट्टी भरी मिली। सुपरवाइजर ने तुरंत लौटाई खेप वेयरहाउस सुपरवाइजर ने बोरियों में मिलावटी और अमानक गेहूं पाए जाने के बाद पूरी खेप वापस लौटा दी। इसके बाद मामले की जानकारी प्रशासन को दी गई। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने दिए जांच के आदेश मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रतिभा पाल ने तत्काल जांच के निर्देश दिए। सोमवार को प्रशासन और खाद्य विभाग की टीम वेयर हाउस पहुंची और गेहूं की गुणवत्ता, खरीद प्रक्रिया, परिवहन और उसके स्रोत की जांच शुरू की। गेहूं कहां से आया, कौन जिम्मेदार? जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि गेहूं कहां से लाया गया, किसके द्वारा खरीदा गया और इसमें इतनी बड़ी मिलावट कैसे हुई। स्थानीय स्टाफ से भी पूछताछ की जा रही है। दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कहा कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिक खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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मध्य प्रदेश के संविदा कर्मचारियों को बड़ी राहत: बढ़ेगा वेतन, वित्त विभाग ने जारी किए आदेश

मध्य प्रदेश के एक लाख से अधिक संविदा अधिकारी और कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने उनके पारिश्रमिक में 4.46 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि लागू करने का फैसला किया है। वित्त विभाग ने सोमवार को इसके आदेश जारी कर दिए हैं। यह बढ़ोतरी 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी मानी जाएगी। पिछले साल से ज्यादा बढ़ा पारिश्रमिक इस बार संविदा कर्मचारियों को मिलने वाली वृद्धि दर पिछले साल की तुलना में अधिक है। वर्ष 2025 में संविदा कर्मचारियों के पारिश्रमिक में 3.87 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई थी, जबकि इस बार यह बढ़कर 4.46 प्रतिशत हो गई है। CPI के आधार पर तय होती है बढ़ोतरी वित्त विभाग ने यह आदेश सामान्य प्रशासन विभाग की 22 जुलाई 2023 की संविदा नीति के आधार पर जारी किया है। इस नीति के अनुसार उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आधार पर हर साल संविदा कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि की जाती है। डेढ़ लाख में से सिर्फ एक लाख कर्मचारियों को फायदा प्रदेश में करीब डेढ़ लाख संविदा अधिकारी-कर्मचारी विभिन्न विभागों में कार्यरत हैं, लेकिन नई बढ़ोतरी का लाभ सभी को नहीं मिलेगा। जिन विभागों में अभी तक 2023 की संविदा नीति लागू नहीं हुई है, वहां के कर्मचारियों को इस बढ़ोतरी का फायदा नहीं दिया जाएगा। ऐसे में करीब एक लाख कर्मचारियों को ही इसका लाभ मिल पाएगा। संघ ने उठाई सभी विभागों में लागू करने की मांग संविदा अधिकारी-कर्मचारी संघ ने सरकार से मांग की है कि जिन विभागों में अभी तक नई संविदा नीति लागू नहीं हुई है, वहां भी कर्मचारियों को CPI आधारित पारिश्रमिक वृद्धि का लाभ दिया जाए। संघ का कहना है कि सभी संविदा कर्मचारियों को समान रूप से फायदा मिलना चाहिए। कर्मचारियों में खुशी का माहौल सरकार के इस फैसले के बाद संविदा कर्मचारियों में खुशी का माहौल है। महंगाई के दौर में वेतन वृद्धि को कर्मचारियों ने राहत देने वाला कदम बताया है। अधिक खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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हाथियों की मौत अब मानी जाएगी संभावित क्राइम सीन: छत्तीसगढ़ वन विभाग की नई पहल

छत्तीसगढ़ में वन्यजीव संरक्षण को मजबूत बनाने के लिए वन विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। अब जंगल में किसी हाथी की मौत होने पर उसे सिर्फ सामान्य घटना नहीं माना जाएगा, बल्कि संभावित अपराध स्थल मानकर उसकी वैज्ञानिक जांच की जाएगी। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य हाथियों की संदिग्ध मौतों के पीछे की असली वजह सामने लाना है। रायगढ़ में हुआ विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम इसी उद्देश्य से रायगढ़ में दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें प्रदेशभर से 78 वन अधिकारी और पशु चिकित्सा विशेषज्ञ शामिल हुए। प्रशिक्षण कार्यक्रम वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन और प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरुण कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में आयोजित किया गया। वैज्ञानिक जांच पर दिया गया जोर प्रशिक्षण में हाथियों की मौत के कारणों की वैज्ञानिक जांच, वन्यजीव अपराधों की पहचान और संरक्षण उपायों पर विशेष फोकस किया गया। अधिकारियों को बताया गया कि किसी मृत हाथी के मिलने पर घटनास्थल को सुरक्षित रखना, सबूत जुटाना और विषप्रयोग, शिकार या अन्य संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करना बेहद जरूरी है। प्रदेश में बढ़ रही हाथियों की चुनौती वन विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ में फिलहाल करीब 450 हाथी विचरण कर रहे हैं। रायगढ़, जशपुर, कोरबा और सूरजपुर जिलों में हाथियों की बढ़ती गतिविधियों और मानव-हाथी संघर्ष की घटनाओं को देखते हुए यह प्रशिक्षण बेहद अहम माना जा रहा है। पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच की ट्रेनिंग वन अधिकारियों और पशु चिकित्सकों को हाथियों की शारीरिक संरचना, स्वास्थ्य प्रबंधन और वैज्ञानिक पोस्टमार्टम प्रक्रिया की जानकारी दी गई। साथ ही जैविक नमूनों के संग्रहण, संरक्षण और लैब परीक्षण की आधुनिक तकनीकों पर भी प्रशिक्षण दिया गया। फील्ड में कराया गया प्रैक्टिकल प्रशिक्षण के दूसरे दिन अधिकारियों को मैदानी स्तर पर शव परीक्षण, रक्त और ऊतक नमूने लेने, रोग और विष विज्ञान जांच करने और दुर्गम इलाकों में सुरक्षित जांच प्रक्रिया अपनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। राष्ट्रीय विशेषज्ञों ने साझा किया अनुभव कार्यक्रम में भारतीय वन्यजीव संस्थान, भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान और वन्यजीव फोरेंसिक एवं स्वास्थ्य अध्ययन संस्थान के विशेषज्ञों ने आधुनिक जांच तकनीकों की जानकारी साझा की। इस दौरान वरिष्ठ वन अधिकारी प्रियंका पांडे सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। वन मंत्री बोले- संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार वन्यजीव संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक अनुसंधान के जरिए हाथियों समेत सभी वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। देश और प्रदेश की ताजा खबरों के लिए पढ़ें:www.deshharpal.com
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बिलासपुर में बायोगैस संयंत्रों पर प्रशासन का फोकस, स्वच्छ ऊर्जा और जैविक खेती को मिलेगा बढ़ावा

बिलासपुर जिले में स्वच्छ ऊर्जा, जैविक खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रशासन अब बायोगैस संयंत्रों के प्रभावी संचालन पर जोर दे रहा है। इसी क्रम में कलेक्टर Sanjay Agrawal और जिला पंचायत सीईओ Sandeep Agrawal ने तखतपुर जनपद पंचायत के ग्राम गनियारी स्थित बायोगैस (गोबर गैस) संयंत्र का निरीक्षण किया। गैस उत्पादन और जैविक खाद पर हुई चर्चा निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने संयंत्र की कार्यप्रणाली, गैस उत्पादन क्षमता, गोबर की उपलब्धता और जैविक खाद निर्माण को लेकर चर्चा की। कलेक्टर ने कहा कि बायोगैस परियोजनाएं सिर्फ स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ग्रामीण रोजगार, पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को बढ़ावा देने का भी प्रभावी माध्यम हैं। गोबर की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश कलेक्टर ने गौठानों और पशुपालकों के माध्यम से गोबर की नियमित और पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संयंत्र को पूरी क्षमता से चलाने के लिए कच्चे माल की लगातार आपूर्ति जरूरी है। इससे ग्रामीणों को भी अधिक लाभ मिल सकेगा। घरेलू ईंधन की जरूरत होगी पूरी अधिकारियों ने बताया कि बायोगैस संयंत्र से बनने वाली गैस का उपयोग घरेलू ईंधन के रूप में किया जा सकता है। इससे ग्रामीण परिवारों को स्वच्छ और सस्ता ईंधन उपलब्ध होगा। संयंत्र से निकलने वाली स्लरी उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद के रूप में किसानों के लिए उपयोगी साबित हो रही है। जैविक खाद से किसानों को फायदा इससे खेती की लागत कम होगी और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता भी घटेगी। प्रशासन का मानना है कि इससे प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिलेगा। तकनीकी व्यवस्थाओं की समीक्षा निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पाइप लाइन, वाल्व, डाइजेस्टर और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने आवश्यक सुधार कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं जिला पंचायत सीईओ ने अधिकारियों को नियमित निगरानी और दैनिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल प्रशासन का मानना है कि बायोगैस संयंत्रों के बेहतर संचालन से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा, अपशिष्ट प्रबंधन और जैविक खेती को नई दिशा मिलेगी। इससे आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था का लक्ष्य भी मजबूत होगा। देश और प्रदेश की ताजा खबरों के लिए पढ़ें:www.deshharpal.com
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बिलासपुर में युवक पर चाकू से जानलेवा हमला, पत्नी ने नकाब हटाकर आरोपी को पहचाना

बिलासपुर के तिफरा इलाके में रविवार रात एक युवक पर चाकू से जानलेवा हमला किया गया। कुंदरापारा में रात करीब 10 बजे हुई इस घटना में नकाबपोश हमलावर ने युवक की पीठ और पेट पर कई वार किए। घटना के दौरान युवक की पत्नी ने साहस दिखाते हुए हमलावर का नकाब खींच लिया, जिससे उसकी पहचान हो गई। आरोपी की पहचान के बाद पुलिस हरकत में आई हमलावर की पहचान भोलू साहू उर्फ दुर्गेश साहू के रूप में हुई है। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। सूचना मिलते ही सिरगिट्टी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी। बाद में पुलिस ने रायपुर से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। फल कारोबारी पर किया हमला जानकारी के मुताबिक, घायल युवक मनीष गोस्वामी (32) तिफरा चौक पर फल की दुकान चलाता है। रविवार रात वह अपनी पत्नी के साथ दुकान के पास खड़ा था। इसी दौरान नकाब पहनकर पहुंचे युवक ने पीछे से मनीष को पकड़ लिया और धारदार चाकू से हमला कर दिया। हमले में मनीष की पीठ और पेट पर गंभीर चोटें आई हैं। पत्नी ने दिखाई हिम्मत हमले के दौरान मनीष की पत्नी ने आरोपी को पकड़ने की कोशिश की और उसका नकाब खींच दिया। तभी पता चला कि हमलावर भोलू साहू है। हालांकि आरोपी मौके से भागने में सफल रहा। घायल मनीष को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। अवैध संबंध को लेकर था विवाद पुलिस जांच में सामने आया कि घायल युवक का आरोपी के परिवार की एक महिला के साथ संबंध था। बताया जा रहा है कि वह महिला गांव सैदा में मनीष के साथ रह रही थी। इसी बात को लेकर आरोपी काफी नाराज था और मनीष से रंजिश रखता था। पुलिस के मुताबिक, इसी विवाद के चलते उसने हमले की साजिश रची। रायपुर से आरोपी गिरफ्तार मामले की गंभीरता को देखते हुए सिरगिट्टी थाना प्रभारी अभय सिंह बैस के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई। जांच के दौरान पुलिस को आरोपी के रायपुर में छिपे होने की सूचना मिली। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके पास से हमले में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद किया है। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। देश और प्रदेश की ताजा खबरों के लिए पढ़ें:www.deshharpal.com
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रायपुर में मूलभूत सुविधाओं को लेकर शिवसेना का प्रदर्शन, नगर निगम को सौंपा ज्ञापन

Shiv Sena ने रायपुर जोन क्रमांक-10 के विभिन्न वार्डों में पेयजल, सड़क, सफाई और स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत सुविधाओं की खराब स्थिति को लेकर नगर निगम प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। संगठन के पदाधिकारियों ने जोन आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के जल्द समाधान की मांग की। पेयजल संकट से परेशान लोग शिवसेना नेताओं का आरोप है कि जोन-10 के कई वार्डों में नियमित पेयजल आपूर्ति नहीं हो रही है। गर्मी के मौसम में लोगों को पानी के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कई इलाकों में नागरिकों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। खराब सड़कों से हादसों का खतरा ज्ञापन में जर्जर सड़कों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। संगठन का कहना है कि कई सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी हो रही है। बरसात के मौसम से पहले मरम्मत नहीं होने पर हालात और खराब होने की आशंका जताई गई है। सफाई व्यवस्था पर उठाए सवाल शिवसेना ने आरोप लगाया कि कई वार्डों में नियमित सफाई नहीं हो रही है। नालियों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा जमा होने से संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। स्थानीय लोग लंबे समय से सफाई व्यवस्था सुधारने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक स्थिति में सुधार नहीं हुआ है। बंद स्ट्रीट लाइट से बढ़ी दिक्कत संगठन ने बताया कि कई इलाकों में स्ट्रीट लाइट बंद पड़ी हैं या पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं है। इससे रात के समय लोगों को आवागमन में परेशानी और असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है। आंदोलन की चेतावनी शिवसेना ने मांग की है कि सभी वार्डों में नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, खराब सड़कों की मरम्मत कराई जाए, सफाई व्यवस्था दुरुस्त की जाए और बंद स्ट्रीट लाइटों को जल्द चालू किया जाए। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि समस्याओं का समाधान जल्द नहीं हुआ तो जनता के साथ मिलकर चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। प्रदेश और देश की ताजा खबरों के लिए पढ़ें: www.deshharpal.com
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अमित जोगी के खिलाफ भाजपा नेताओं की शिकायत, सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर बढ़ा विवाद

जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के नेता Amit Jogi के खिलाफ भाजपा नेताओं ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। भाजपा ने उन पर धार्मिक भावनाएं आहत करने, सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने और बाद में कथित रूप से झूठी एफआईआर दर्ज कर पुलिस को गुमराह करने का आरोप लगाया है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। भाजपा आईटी सेल ने सौंपा ज्ञापन रविवार को भाजपा आईटी सेल के प्रदेश कार्यालय सहमंत्री शैलेश दीक्षित ने संबंधित थाने में लिखित शिकायत देकर अमित जोगी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। शिकायत में कहा गया कि मामला 27 मई 2026 को बकरीद (ईद-उल-अजहा) के मौके पर किए गए एक सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ा है। पोस्ट पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप भाजपा नेताओं के अनुसार, अमित जोगी ने बकरीद की शुभकामनाएं देते हुए एक पोस्ट साझा किया था, जिसमें बकरी के साथ गाय की तस्वीर भी दिखाई गई थी। आरोप है कि इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई और बहुसंख्यक समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। पोस्ट हटाने और नई तस्वीर डालने का आरोप भाजपा नेताओं का दावा है कि विरोध बढ़ने के बाद अमित जोगी ने करीब दो घंटे के भीतर मूल पोस्ट को हटा दिया। बाद में दूसरी तस्वीर साझा की गई, जिसमें गाय का चित्र नहीं था। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इसके बाद खुद को निर्दोष साबित करने के लिए गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के एक थाने में कथित रूप से झूठी एफआईआर दर्ज कराई गई। तकनीकी जांच की मांग भाजपा नेताओं ने पुलिस से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और सर्वर रिकॉर्ड की तकनीकी जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पोस्ट की एडिट हिस्ट्री और वास्तविक तथ्य सामने लाए जाएं। शिकायत में धार्मिक भावनाएं भड़काने, साक्ष्य मिटाने, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और पुलिस को झूठी जानकारी देने जैसी धाराओं में जांच की मांग की गई है। पुलिस ने जांच शुरू की पुलिस अधिकारियों ने शिकायत मिलने की पुष्टि की है। उनका कहना है कि मामले से जुड़े सभी आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। देश और प्रदेश की ताजा खबरों के लिए पढ़ें:www.deshharpal.com
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Voter ID

30 Crore Voter ID Cards होंगे अपडेट, पहचान और Verification होगा आसान

देशभर के करोड़ों मतदाताओं के लिए जल्द बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। चुनाव आयोग पुराने वोटर आईडी कार्ड्स को अपडेट करने की तैयारी में है। इस अभियान के तहत करीब 30 करोड़ Voter ID Cards में मौजूद धुंधले फोटो बदले जाएंगे और जिन कार्ड्स में मकान नंबर की जगह “00” लिखा है, वहां पूरा और सही पता दर्ज किया जाएगा। दरअसल, लंबे समय से शिकायतें सामने आ रही थीं कि कई वोटर कार्ड्स में फोटो इतने पुराने या धुंधले हैं कि पहचान करना मुश्किल हो जाता है। वहीं कई कार्ड्स में अधूरा पता होने से वोटिंग के दौरान लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। अब चुनाव आयोग इन खामियों को दूर करने के लिए बड़ा अपडेट अभियान शुरू करने जा रहा है। Blur Photo और गलत Address बने परेशानी की वजह ग्रामीण और शहरी इलाकों में बड़ी संख्या में ऐसे वोटर कार्ड पाए गए हैं, जिनमें फोटो साफ दिखाई नहीं देते। कई मामलों में कार्ड पर सिर्फ “00” लिखा होने से सही पता पता नहीं चल पाता। इससे मतदान केंद्रों पर पहचान सत्यापन में समय ज्यादा लगता है और कई बार विवाद जैसी स्थिति भी बन जाती है। इसी को देखते हुए अब रिकॉर्ड को ज्यादा सटीक और डिजिटल बनाने पर जोर दिया जा रहा है। माना जा रहा है कि इस कदम से फर्जी मतदान रोकने में भी मदद मिलेगी। कैसे होगा Voter Card Update? जानकारी के मुताबिक चुनाव आयोग चरणबद्ध तरीके से यह प्रक्रिया पूरी करेगा। जरूरत पड़ने पर मतदाताओं से नया फोटो और सही पता मांगा जा सकता है। कई जगह ऑनलाइन अपडेट की सुविधा भी दी जाएगी ताकि लोगों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। अगर किसी मतदाता के कार्ड में फोटो साफ नहीं है या पता गलत दर्ज है, तो उसे अपडेट करवाने का मौका मिलेगा। आयोग का फोकस डेटा को पूरी तरह साफ और आधुनिक बनाने पर है। चुनाव से पहले रिकॉर्ड सुधारने की तैयारी आने वाले चुनावों को देखते हुए चुनाव आयोग मतदाता सूची और पहचान संबंधी रिकॉर्ड को मजबूत करना चाहता है। साफ फोटो और सही एड्रेस होने से मतदान प्रक्रिया पहले से ज्यादा आसान और पारदर्शी हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह अभियान करोड़ों लोगों के लिए राहत लेकर आएगा, क्योंकि लंबे समय से लोग पुराने और खराब प्रिंट वाले वोटर कार्ड्स की समस्या झेल रहे थे।
India vs Afghanistan

India vs Afghanistan ODI 2026: पहली बार भारत के खिलाफ वनडे सीरीज खेलेगा अफगानिस्तान

भारत और अफगानिस्तान (India vs Afghanistan) के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का आगाज आज धर्मशाला के खूबसूरत HPCA स्टेडियम में होने जा रहा है। यह सीरीज इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि अफगानिस्तान पहली बार भारत के खिलाफ पूरी ODI सीरीज खेलने उतर रहा है। दोनों टीमों के फैंस इस मुकाबले का लंबे समय से इंतजार कर रहे थे, लेकिन मैच से पहले मौसम ने चिंता बढ़ा दी है। Kohli-Hardik के बिना उतरेगी Team India भारतीय टीम इस सीरीज में कई बड़े बदलावों के साथ मैदान पर उतरेगी। स्टार बल्लेबाज विराट कोहली चोट के कारण उपलब्ध नहीं हैं, जबकि हार्दिक पंड्या भी फिटनेस समस्या की वजह से टीम से बाहर हैं। ऐसे में टीम इंडिया की जिम्मेदारी कप्तान रोहित शर्मा और युवा खिलाड़ियों पर होगी। टीम मैनेजमेंट इस सीरीज को भविष्य की तैयारी के तौर पर देख रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले बड़े टूर्नामेंट्स को ध्यान में रखते हुए कुछ नए खिलाड़ियों को मौका दिया जा सकता है। ईशान किशन, यशस्वी जायसवाल और नितीश कुमार रेड्डी जैसे युवा खिलाड़ियों पर सभी की नजरें रहेंगी। Afghanistan के पास भी हैं मैच विनर खिलाड़ी अफगानिस्तान की टीम अब सिर्फ कमजोर टीम नहीं मानी जाती। पिछले कुछ वर्षों में टीम ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया है। राशिद खान, मोहम्मद नबी और रहमानुल्लाह गुरबाज जैसे खिलाड़ी किसी भी मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। भारतीय परिस्थितियों में खेलने का अनुभव भी अफगानिस्तान के खिलाड़ियों के पास है। ऐसे में टीम इंडिया के लिए यह सीरीज आसान नहीं रहने वाली। Dharamshala Weather ने बढ़ाई टेंशन धर्मशाला में मौसम मैच का सबसे बड़ा विलेन बन सकता है। मौसम विभाग के अनुसार मुकाबले के दौरान करीब 55 प्रतिशत बारिश की संभावना है। सुबह से ही इलाके में बादल छाए हुए हैं और हल्की बारिश भी देखने को मिली है। अगर बारिश लगातार होती रही तो मैच में ओवर कट सकते हैं या मुकाबला प्रभावित भी हो सकता है। हालांकि फैंस उम्मीद कर रहे हैं कि मौसम साफ हो और उन्हें पूरा मैच देखने को मिले। तेज गेंदबाजों को मिल सकती है मदद धर्मशाला की पिच आमतौर पर तेज गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती है। बादलों और नमी की वजह से शुरुआती ओवरों में गेंद ज्यादा स्विंग कर सकती है। ऐसे में टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी चुन सकती है। मैच की जरूरी जानकारी भारत जहां घरेलू मैदान का फायदा उठाकर सीरीज में जीत के साथ शुरुआत करना चाहेगा, वहीं अफगानिस्तान की नजर इतिहास रचने पर होगी। अब देखना दिलचस्प होगा कि बारिश के बीच कौन सी टीम मैदान पर बेहतर प्रदर्शन करती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Pranit More

Pranit More Controversy: महिलाओं पर विवादित Comments के बाद कॉमेडियन की माफी

स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणित मोरे (Pranit More) एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। महिलाओं को लेकर किए गए विवादित कमेंट्स के बाद इंटरनेट पर उनके खिलाफ भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। मामला बढ़ने के बाद अब कॉमेडियन ने सार्वजनिक तौर पर माफी मांगते हुए लोगों से एक मौका देने की अपील की है। प्रणित मोरे का एक वीडियो पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह महिलाओं को लेकर ऐसी टिप्पणियां करते दिखाई दिए, जिन्हें कई लोगों ने अपमानजनक और असंवेदनशील बताया। वीडियो सामने आने के बाद यूजर्स ने जमकर आलोचना शुरू कर दी और देखते ही देखते मामला सोशल मीडिया ट्रेंड बन गया। Viral Video के बाद बढ़ा विवाद वीडियो वायरल होने के बाद X, Instagram और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। कई यूजर्स ने कहा कि कॉमेडी के नाम पर महिलाओं का मजाक उड़ाना गलत है। कुछ लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि आखिर मनोरंजन की सीमा क्या होनी चाहिए। सोशल मीडिया पर #PranitMoreControversy ट्रेंड करने लगा और कई महिला संगठनों ने भी इस बयान पर नाराजगी जताई। सोशल मीडिया पोस्ट में मांगी माफी लगातार बढ़ते विवाद के बीच प्रणित मोरे ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक लंबा नोट शेयर किया। उन्होंने माना कि उनके शब्दों से लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। प्रणित ने लिखा, “मैं समझता हूं कि लोग मुझसे नाराज हैं। शायद मैं इस नफरत का हकदार भी हूं, लेकिन मैं सिर्फ इतना चाहता हूं कि लोग मुझे खुद को सुधारने का एक मौका दें।” उन्होंने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य किसी का अपमान करना नहीं था, लेकिन अब उन्हें अपनी गलती का एहसास हो चुका है। लोगों की राय बंटी हुई नजर आई इस पूरे मामले में सोशल मीडिया यूजर्स दो हिस्सों में बंटे नजर आए। कुछ लोगों का कहना है कि सार्वजनिक मंच पर इस तरह की भाषा स्वीकार नहीं की जानी चाहिए। वहीं दूसरी तरफ कुछ यूजर्स का मानना है कि गलती मान लेने के बाद किसी को सुधारने का मौका मिलना चाहिए। हालांकि, विवाद अभी भी पूरी तरह शांत नहीं हुआ है और सोशल मीडिया पर बहस जारी है। करियर पर पड़ सकता है असर मनोरंजन जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि इस विवाद का असर प्रणित मोरे की इमेज और करियर पर पड़ सकता है। आज के डिजिटल दौर में किसी भी बयान पर तुरंत प्रतिक्रिया देखने को मिलती है और सोशल मीडिया का दबाव कई बार कलाकारों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। फिलहाल, सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि दर्शक और इंडस्ट्री उनके माफीनामे को किस तरह लेते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
S Jaishankar

3 भारतीयों की मौत से भारत सख्त, US Secretary S Jaishankar की अहम बातचीत

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने अपने नागरिकों की मौत को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्री S Jaishankar ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से फोन पर बातचीत कर कॉमर्शियल जहाज पर हुए हमले में तीन भारतीय नागरिकों की मौत पर गहरी चिंता और विरोध दर्ज कराया। भारत ने साफ शब्दों में कहा है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर चल रहे व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाना पूरी तरह गलत है और इससे वैश्विक सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है। क्या है पूरा मामला? हाल ही में मध्य पूर्व के समुद्री क्षेत्र में एक कॉमर्शियल जहाज पर हमला हुआ था। इस हमले में तीन भारतीय नागरिकों की मौत हो गई। घटना के बाद भारत सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और पीड़ित परिवारों के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री से बातचीत के दौरान इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया और कहा कि निर्दोष नागरिकों की जान जाना बेहद दुखद है। भारत ने क्या कहा? विदेश मंत्री जयशंकर ने बातचीत में कहा कि समुद्री व्यापार दुनिया की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। ऐसे में कॉमर्शियल जहाजों पर हमला न केवल अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है, बल्कि इससे वैश्विक व्यापार और कई देशों की सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है और इस तरह की घटनाओं को लेकर बेहद संवेदनशील है। Middle East Tension पर बढ़ी चिंता मध्य पूर्व में पिछले कुछ समय से तनाव लगातार बढ़ रहा है। कई देशों ने समुद्री रास्तों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के हमले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव और कूटनीतिक गतिविधियों को और तेज कर सकते हैं। भारत भी लगातार शांति और सुरक्षित समुद्री व्यापार की वकालत करता रहा है। भारत सरकार की नजर स्थिति पर सरकार ने कहा है कि प्रभावित भारतीयों के परिवारों को हर संभव सहायता दी जाएगी। साथ ही क्षेत्र में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी लगातार निगरानी रखी जा रही है। इस घटना के बाद भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील भी की है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
धर्मेंद्र प्रधान

“खेल और पढ़ाई साथ-साथ चलेंगे” — Bhopal में धर्मेंद्र प्रधान ने खिलाड़ियों को दिया बड़ा संदेश

भोपाल में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने खिलाड़ियों के साथ संवाद करते हुए देश की नई शिक्षा और खेल नीति को लेकर बड़ा संदेश दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर धर्मेंद्र प्रधान मध्यप्रदेश पहुंचे, जहां उन्होंने खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग के साथ शूटिंग एकेडमी का दौरा किया। खिलाड़ियों से सीधा संवाद, स्किल और स्पोर्ट्स पर जोर इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों से मुलाकात की और कहा कि भारत अब शिक्षा के साथ-साथ स्किल और स्पोर्ट्स सेक्टर में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के जरिए पहली बार खेल और पढ़ाई को एक साथ जोड़ने पर गंभीरता से काम किया जा रहा है। पढ़ाई और खेल साथ-साथ चलेंगे धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि अब ऐसा सिस्टम तैयार किया जा रहा है, जिससे खिलाड़ी अपनी पढ़ाई और खेल दोनों को संतुलित तरीके से आगे बढ़ा सकें। इसके लिए अलग से कोर्स वर्क तैयार किया जा रहा है, ताकि छात्रों को खेल गतिविधियों का भी अकादमिक लाभ मिल सके। APAAR ID और Credit Score सिस्टम पर काम उन्होंने बताया कि खिलाड़ियों की APAAR ID के माध्यम से उनकी पढ़ाई और खेल उपलब्धियों को एक प्लेटफॉर्म पर जोड़ा जाएगा। साथ ही इंटर स्पोर्ट्स एक्टिविटी को क्रेडिट स्कोर सिस्टम से जोड़ने की तैयारी भी की जा रही है। इससे खिलाड़ियों को भविष्य में शिक्षा और करियर दोनों में फायदा मिलेगा। IIT में Sports Quota से युवाओं को मिलेगा फायदा केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पहली बार IIT जैसे बड़े संस्थानों में स्पोर्ट्स कोटा लागू किया गया है। यह कदम उन युवाओं के लिए नई उम्मीद लेकर आया है, जो खेल के साथ-साथ उच्च शिक्षा में भी आगे बढ़ना चाहते हैं। 2036 Olympics और Developed India Vision 2047 पर फोकस उन्होंने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि आने वाले 20 वर्षों में भारत को आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है। भारत का फोकस अब 2036 ओलंपिक की तैयारियों पर भी है और देश खेलों में विश्व स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाने की दिशा में काम कर रहा है। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि जब भारत आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब प्रधानमंत्री मोदी का विकसित भारत का सपना साकार होगा और देश दुनिया की महाशक्ति के रूप में उभरेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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