आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGएंटरटेनमेंटAmir Khan की तीसरी शादी की चर्चाओं पर राखी गुलजार का बयान, बोलीं- खुशी का उम्र से कोई संबंध नहींBREAKINGBreaking NewsSanjay Jha का बड़ा बयान, बोले- ममता बनर्जी और केजरीवाल ने कमजोर किया इंडिया गठबंधनBREAKINGBreaking NewsCBI Raid in 661 Crore Fund Scam: हरियाणा-चंडीगढ़ में 6 ठिकानों पर छापेमारीBREAKINGBreaking NewsJaipur में 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद, लोगों को हो सकती है परेशानीBREAKINGस्पोर्ट्सतमीम इकबाल बने Bangladesh क्रिकेट बोर्ड के नए अध्यक्ष, 37 साल की उम्र में रचा इतिहासBREAKINGBreaking NewsVaranasi में शहर के बाहर शिफ्ट होंगी मीट और मछली की shops , नगर निगम ने लिया बड़ा फैसलाBREAKINGBreaking NewsAmit Shah से मिले कैप्टन अमरिंदर सिंह, कांग्रेस में वापसी की चर्चाओं के बीच बढ़ी सियासी हलचलBREAKINGMore NewsTMC नेताओं पर बढ़ी कार्रवाई: कैलाश मिश्रा गिरफ्तार, पूर्व विधायक सुजॉय हाजरा भी अरेस्टBREAKINGएंटरटेनमेंटAmir Khan की तीसरी शादी की चर्चाओं पर राखी गुलजार का बयान, बोलीं- खुशी का उम्र से कोई संबंध नहींBREAKINGBreaking NewsSanjay Jha का बड़ा बयान, बोले- ममता बनर्जी और केजरीवाल ने कमजोर किया इंडिया गठबंधनBREAKINGBreaking NewsCBI Raid in 661 Crore Fund Scam: हरियाणा-चंडीगढ़ में 6 ठिकानों पर छापेमारीBREAKINGBreaking NewsJaipur में 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद, लोगों को हो सकती है परेशानीBREAKINGस्पोर्ट्सतमीम इकबाल बने Bangladesh क्रिकेट बोर्ड के नए अध्यक्ष, 37 साल की उम्र में रचा इतिहासBREAKINGBreaking NewsVaranasi में शहर के बाहर शिफ्ट होंगी मीट और मछली की shops , नगर निगम ने लिया बड़ा फैसलाBREAKINGBreaking NewsAmit Shah से मिले कैप्टन अमरिंदर सिंह, कांग्रेस में वापसी की चर्चाओं के बीच बढ़ी सियासी हलचलBREAKINGMore NewsTMC नेताओं पर बढ़ी कार्रवाई: कैलाश मिश्रा गिरफ्तार, पूर्व विधायक सुजॉय हाजरा भी अरेस्ट

NE

News Elementor

Latest Posts

मोदी

PM मोदी की Israel यात्रा Defense, Technology और Trade में नई दिशा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 25-26 फरवरी 2026 को इज़राइल के लिए दो दिवसीय राजकीय दौरे पर गए। इस यात्रा को इज़रायली मीडिया ने “Strategic Reset” और “Landmark Moment” बताया है, यानी इसे भारत-इज़राइल संबंधों में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक मोड़ के रूप में देखा जा रहा है। यह मोदी का इज़राइल में दूसरा दौरा है, पिछला दौरा 2017 में हुआ था। इज़राइल में मोदी का गर्मजोशी से स्वागत इज़राइल में पीएम मोदी का स्वागत बेहद भव्य और रंगीन रहा। सड़कों पर “Namaste” के नारे लगे और भारतीय तिरंगे की रोशनी से जगह-जगह इमारतें जगमगा उठीं। संसद भवन कनेसट को भी भारतीय तिरंगे के रंगों में रोशन किया गया। मीडिया ने इस स्वागत को भारत और इज़राइल के बीच मित्रता और साझा सम्मान का प्रतीक बताया। Strategic Reset: क्या है खास? “Strategic Reset” का मतलब है कि भारत और इज़राइल अब अपने रिश्तों को सिर्फ औपचारिक दोस्ती तक सीमित नहीं रखेंगे। इस यात्रा के जरिए दोनों देशों के बीच रक्षा, सुरक्षा, तकनीकी नवाचार, निवेश और व्यापार सहयोग को नई ऊँचाइयों तक ले जाने की योजना है। यानी यह दौरा केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि दोनों देशों के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी (Special Strategic Partnership) का मार्ग प्रशस्त करने वाला कदम है। मोदी का कार्यक्रम और ऐतिहासिक बातें पीएम मोदी इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग से मुलाकात करेंगे। वे कनेसट (इज़राइली संसद) को संबोधित करेंगे, और इस तरह मोदी पहले भारतीय प्रधानमंत्री होंगे, जिन्होंने यह अवसर प्राप्त किया। इसके अलावा मोदी याद वशेम (Holocaust Memorial) का दौरा भी करेंगे, जो दोनों देशों के साझा इतिहास और सम्मान को दर्शाता है। रक्षा और तकनीक के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण समझौतों की संभावनाएँ भी हैं। क्यों कहा जा रहा है ‘New Phase’? इज़रायली मीडिया और विशेषज्ञ मानते हैं कि यह दौरा भारत-इज़राइल रिश्तों में नए अध्याय (New Phase) की शुरुआत है। पिछली यात्राओं के मुकाबले अब सहयोग पहले से कहीं अधिक गहरा और व्यापक है। रक्षा, तकनीक, व्यापार और वैश्विक सहयोग के क्षेत्रों में यह एक ऐतिहासिक मोड़ साबित हो सकता है। राजनीतिक और वैश्विक प्रभाव इस दौरे से क्षेत्रीय राजनीति और सुरक्षा पर भी असर पड़ सकता है। इज़राइल के प्रधानमंत्री ने इसे स्थिरता और साझेदारी के प्रतीक के रूप में बताया। वहीं कुछ आलोचक, विशेषकर भारत में विपक्ष, यह कहते हैं कि भारत को फिलीस्तीन संकट जैसे मानवीय मुद्दों पर भी ध्यान देना चाहिए। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
ट्रम्प

Global Diplomacy US Congress में ट्रम्प का बयान, India-Pak से लेकर Venezuela तक चर्चा

अमेरिकी संसद में हालिया संबोधन के दौरान Donald Trump ने वैश्विक राजनीति से जुड़े कई संवेदनशील मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। अपने भाषण में उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को रोकने का दावा किया, गाजा में हुए सीजफायर को कूटनीतिक जीत बताया, ईरान पर गंभीर आरोप लगाए और वेनेजुएला के साथ नए रिश्तों के संकेत दिए। India-Pak Tension पर क्या बोले ट्रम्प? ट्रम्प ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच हालात एक समय काफी तनावपूर्ण हो गए थे, लेकिन अमेरिका की सक्रिय कूटनीति के कारण स्थिति को बिगड़ने से रोका गया। उन्होंने दावा किया कि उनके प्रयासों से संभावित टकराव टल गया। हालांकि, इस पर भारत या पाकिस्तान की ओर से आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। फिर भी, उनका यह बयान दक्षिण एशिया की राजनीति में नई चर्चा को जन्म दे रहा है। Gaza Ceasefire को बताया बड़ी जीत मध्य-पूर्व का जिक्र करते हुए ट्रम्प ने Gaza Strip में हुए सीजफायर को अपनी विदेश नीति की अहम उपलब्धि बताया। उनके मुताबिक यह युद्धविराम क्षेत्र में शांति की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। उन्होंने कहा कि जब दुनिया संघर्षों से जूझ रही है, ऐसे समय में संवाद और समझौता ही समाधान का रास्ता बनता है। Iran Protest पर गंभीर आरोप अपने भाषण में ट्रम्प ने Iran की सरकार पर बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान करीब 32,000 प्रदर्शनकारियों की जान गई। ट्रम्प ने इसे मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन बताते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस पर ध्यान देने की अपील की। यह मुद्दा पहले भी वैश्विक मंचों पर उठता रहा है, लेकिन ट्रम्प का यह बयान एक बार फिर बहस को तेज कर सकता है। Venezuela को बताया “नया दोस्त” लैटिन अमेरिका की बात करते हुए ट्रम्प ने संकेत दिया कि Venezuela के साथ अमेरिका के रिश्तों में नया अध्याय शुरू हो सकता है। उन्होंने वेनेजुएला को “नया दोस्त” बताते हुए कहा कि भविष्य में दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ सकता है। भाषण का व्यापक असर ट्रम्प का यह संबोधन सिर्फ राजनीतिक बयान भर नहीं था, बल्कि वैश्विक रणनीति का संदेश भी माना जा रहा है। उन्होंने खुद को एक ऐसे नेता के रूप में पेश किया जो अंतरराष्ट्रीय संकटों में हस्तक्षेप कर समाधान निकाल सकता है। जहां समर्थक इसे मजबूत नेतृत्व की निशानी मान रहे हैं, वहीं आलोचकों का कहना है कि इन दावों की तथ्यात्मक पुष्टि जरूरी है। कुल मिलाकर, US Congress में दिया गया यह भाषण आने वाले दिनों में वैश्विक राजनीति और कूटनीतिक समीकरणों पर असर डाल सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
PM Modi

F-22 Stealth Jets, PM Modi Israel Tour और बढ़ता US-Iran Conflict क्या होने वाला है आगे

दुनिया इस समय एक बेहद संवेदनशील geopolitical स्थिति से गुजर रही है। अमेरिका के F-22 स्टेल्थ फाइटर जेट्स (F-22 Stealth Jets) इज़राइल में तैनात किए गए हैं, वहीं प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) का इज़राइल दौरा (Israel Visit) भी चल रहा है। इन घटनाओं के बीच US-Iran तनाव (US-Iran Tension) और भारत-इज़राइल संबंध (India-Israel Relations) पर भी ध्यान केंद्रित है। अमेरिका के F-22 Jets इज़राइल में क्यों? अमेरिका ने हाल ही में 12 F-22 रैप्टर फाइटर जेट्स को इज़राइल में तैनात किया। ये विमान दुनिया के सबसे एडवांस स्टेल्थ लड़ाकू विमानों में से हैं। इनके पास रडार से बचने और दुश्मन एयर डिफेंस सिस्टम को भेदने की उच्च क्षमता है। विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम ईरान के साथ बढ़ते तनाव (Rising Tension with Iran) का संकेत है। अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपने सैन्य बल और संसाधनों को बढ़ा दिया है, ताकि किसी भी अप्रत्याशित सैन्य प्रतिक्रिया के लिए तैयार रहा जा सके। US-Iran Tension: वर्तमान स्थिति अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ रहा है, खासकर परमाणु समझौते और क्षेत्रीय प्रभुत्व को लेकर। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर डिप्लोमैटिक समाधान नहीं निकला, तो कठोर कदम उठाए जा सकते हैं। ईरान ने भी कहा है कि अगर उन पर हमला हुआ, तो वह जवाब देने से पीछे नहीं हटेंगे। विशेषज्ञ मानते हैं कि सैन्य विकल्प संभव हैं, लेकिन कूटनीति अभी भी प्राथमिकता में है। PM Modi का इज़राइल दौरा – क्यों खास है? प्रधानमंत्री मोदी 25-26 फरवरी 2026 को इज़राइल के दो दिवसीय दौरे (Two-day Visit) पर हैं। यह उनकी दूसरी यात्रा है और इसका उद्देश्य दोनों देशों के रणनीतिक, रक्षा और तकनीकी सहयोग (Strategic & Defence Partnership) को मजबूत करना है। मोदी इज़राइल की संसद Knesset को संबोधित करेंगे और नेतन्याहू के साथ उच्चस्तरीय बैठक करेंगे। चर्चा के मुख्य मुद्दे हैं: India-Israel Relations: नए अवसर भारत और इज़राइल पहले से ही रक्षा और तकनीकी सहयोग में साझेदार हैं। इस दौरे के दौरान: इस दौरे से भारत-इज़राइल संबंधों में नई दिशा और गहराई आने की उम्मीद है। क्षेत्रीय और वैश्विक प्रभाव यह दौरा और F-22 जेट्स की तैनाती ऐसे समय में हो रही हैं जब मध्य पूर्व में तनाव चरम पर है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौर वैश्विक राजनीति और रणनीतिक संतुलन के लिए निर्णायक साबित हो सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Mexico में ड्रग माफिया सरगना की मौत के बाद भड़की हिंसा: 25 सैनिकों समेत 32 की मौत, 20 बैंक फूंके

Mexico में ड्रग माफिया सरगना की मौत के बाद भड़की हिंसा: 25 सैनिकों समेत 32 की मौत, 20 बैंक फूंके

Mexico में एक बड़े ड्रग माफिया सरगना की मौत के बाद हालात बेकाबू हो गए हैं। देश के करीब 20 राज्यों में हिंसा भड़क उठी है। अब तक 32 लोगों की मौत की खबर है, जिनमें 25 सैनिक भी शामिल हैं। कई जगह आगजनी, फायरिंग और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई हैं। गर्लफ्रेंड से मिली लोकेशन, फिर हुआ एनकाउंटर मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सुरक्षा एजेंसियों को ड्रग माफिया की लोकेशन उसकी गर्लफ्रेंड के जरिए मिली। इसके बाद ऑपरेशन चलाया गया, जिसमें माफिया सरगना मारा गया। लेकिन उसकी मौत के बाद उसके गैंग के लोगों ने बदला लेने के लिए कई शहरों में हिंसा शुरू कर दी। 20 राज्यों में आगजनी और हमला हिंसा की लहर इतनी तेज रही कि करीब 20 राज्यों में सरकारी और निजी संपत्तियों को निशाना बनाया गया। 20 से ज्यादा बैंकों को आग के हवाले कर दिया गया। कई जगहों पर सड़कों को ब्लॉक किया गया और वाहनों में आग लगा दी गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने ऐसा डर और तनाव पहले कभी नहीं देखा। आम नागरिक अपने घरों में छिपने को मजबूर हो गए। स्कूल और बाजार बंद कर दिए गए हैं। सेना और पुलिस अलर्ट पर मेक्सिको सरकार ने हालात को काबू में करने के लिए सेना और पुलिस की अतिरिक्त तैनाती की है। कई इलाकों में कर्फ्यू जैसे हालात हैं। सरकार ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। आम लोगों पर सबसे ज्यादा असर इस हिंसा का सबसे ज्यादा असर आम नागरिकों पर पड़ा है। रोज कमाने-खाने वाले लोगों का काम ठप हो गया है। कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया। मेक्सिको में ड्रग माफिया की जड़ें लंबे समय से मजबूत रही हैं। ऐसे में यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि अपराध के खिलाफ लड़ाई कितनी चुनौतीपूर्ण है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Tariff

Emergency Tariff Controversy कोर्ट का फैसला, लेकिन Trump का सख्त संदेश बरकरार

अमेरिका की राजनीति और वैश्विक व्यापार जगत में इस समय सबसे बड़ी चर्चा पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के इमरजेंसी टैरिफ (Emergency Tariff) को लेकर है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले के बाद इन टैरिफ की वसूली पर रोक लगा दी गई है। 24 फरवरी से अमेरिकी कस्टम विभाग ने संबंधित शुल्क लेना बंद कर दिया है। यह फैसला उन देशों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, जो लंबे समय से अतिरिक्त आयात शुल्क का सामना कर रहे थे। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती — ट्रम्प की ओर से आई नई चेतावनी ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार माहौल को फिर से गर्म कर दिया है। क्या था पूरा मामला? ट्रम्प प्रशासन ने अपने कार्यकाल के दौरान राष्ट्रीय आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए कई देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाए थे। तर्क यह दिया गया था कि ये कदम अमेरिकी उद्योग, रोजगार और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए जरूरी हैं। हालांकि, अदालत ने माना कि आपातकालीन शक्तियों का उपयोग इतने व्यापक व्यापारिक शुल्क लगाने के लिए नहीं किया जा सकता। इसी आधार पर टैरिफ को अवैध ठहराते हुए उनकी वसूली रोकने का आदेश दिया गया। किन देशों को राहत? भारत, चीन समेत कई एशियाई और यूरोपीय देशों को इस फैसले से तत्काल राहत मिली है। इन देशों के निर्यातकों पर अतिरिक्त लागत का बोझ कम होगा, जिससे व्यापारिक गतिविधियों में स्थिरता आने की उम्मीद है। हालांकि, पहले से वसूले गए अरबों डॉलर के टैरिफ वापस होंगे या नहीं — इस पर अभी स्थिति साफ नहीं है। यह आने वाले समय में कानूनी और कूटनीतिक बातचीत का अहम मुद्दा बन सकता है। ट्रम्प की सख्त चेतावनी फैसले के तुरंत बाद ट्रम्प ने कहा कि अगर कोई देश व्यापार समझौतों में “गेम खेलने” की कोशिश करता है या शर्तों से पीछे हटता है, तो अमेरिका और भी ऊंचे टैरिफ लगाने से नहीं हिचकेगा। उन्होंने संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर अन्य कानूनी रास्तों का इस्तेमाल किया जा सकता है। इस बयान ने साफ कर दिया है कि व्यापारिक तनाव अभी खत्म नहीं हुआ है। Global Market पर असर इस घटनाक्रम का असर शेयर बाजारों में भी देखने को मिला। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका और उसके प्रमुख व्यापारिक साझेदार आपसी संवाद से रास्ता निकालते हैं, तो स्थिति सामान्य हो सकती है। लेकिन अगर बयानबाजी और सख्ती बढ़ी, तो नया Trade War शुरू होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। आगे क्या? फिलहाल टैरिफ वसूली पर रोक से निर्यातकों और उद्योग जगत को राहत जरूर मिली है। लेकिन ट्रम्प के ताजा बयान से यह साफ है कि व्यापार नीति आने वाले महीनों में अमेरिकी राजनीति का बड़ा मुद्दा बनी रहेगी। एक तरफ अदालत का फैसला संतुलन की बात करता है, तो दूसरी ओर सख्त चेतावनी यह संकेत देती है कि वैश्विक व्यापार की राह अभी भी आसान नहीं है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Iran

US–Iran Tension तेज भारत ने अपने नागरिकों से कहा Safe Return की करें तैयारी

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने ईरान में रह रहे अपने नागरिकों के लिए अहम एडवाइजरी जारी की है। सरकार ने साफ शब्दों में कहा है कि मौजूदा हालात को देखते हुए भारतीय नागरिक जल्द से जल्द Iran छोड़ दें। यह सलाह ऐसे समय में आई है जब Tehran पर संभावित अमेरिकी हमले की आशंका को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। क्या है पूरा मामला? Iran और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच पिछले कुछ समय से तनाव बढ़ता जा रहा है। खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य गतिविधियों में बढ़ोतरी और ईरान की ओर से कड़े बयान सामने आने के बाद स्थिति और संवेदनशील हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात और बिगड़ते हैं तो Tehran समेत कुछ अहम ठिकाने निशाने पर आ सकते हैं। इसी पृष्ठभूमि में विदेश मंत्रालय भारत ने हालात की समीक्षा के बाद यह कदम उठाया है। भारतीय दूतावास की अपील Tehran स्थित भारतीय दूतावास तेहरान ने एडवाइजरी जारी कर छात्रों, कामकाजी पेशेवरों, कारोबारियों और पर्यटकों समेत सभी भारतीय नागरिकों से अपील की है कि वे उपलब्ध कमर्शियल फ्लाइट्स या अन्य सुरक्षित साधनों से तुरंत देश छोड़ने की तैयारी करें। दूतावास ने यह भी कहा है कि नागरिक अपने पासपोर्ट और जरूरी दस्तावेज तैयार रखें, स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में जारी हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें। पहले भी दी गई थी चेतावनी यह पहली बार नहीं है जब भारत ने अपने नागरिकों को सतर्क रहने को कहा है। इससे पहले भी बढ़ते Iran–US tension के बीच गैर-जरूरी यात्रा से बचने और संवेदनशील इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई थी। लेकिन इस बार सीधे देश छोड़ने की सलाह स्थिति की गंभीरता को दिखाती है। आम भारतीयों की चिंता ईरान में बड़ी संख्या में भारतीय छात्र और पेशेवर काम कर रहे हैं। कई परिवारों के लिए यह खबर चिंता बढ़ाने वाली है। सोशल मीडिया पर भी परिजनों की बेचैनी साफ देखी जा सकती है। सरकार की यह एडवाइजरी एहतियात के तौर पर जारी की गई है ताकि किसी भी संभावित संकट में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। वैश्विक असर की आशंका अगर Tehran पर हमला होता है या सैन्य टकराव बढ़ता है, तो इसका असर सिर्फ ईरान या अमेरिका तक सीमित नहीं रहेगा। तेल आपूर्ति, हवाई सेवाएं और अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में भारत का यह कदम समय रहते उठाया गया सावधानीपूर्ण निर्णय माना जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
PM MODI से मिले ब्राजील के राष्ट्रपति लूला, राष्ट्रपति भवन में भव्य स्वागत

PM MODI से मिले ब्राजील के राष्ट्रपति लूला, राष्ट्रपति भवन में भव्य स्वागत

PM MODI ने ब्राजील के राष्ट्रपति Luiz Inacio Lula da Silva का राष्ट्रपति भवन में भव्य स्वागत किया। पारंपरिक सम्मान और गार्ड ऑफ ऑनर के साथ यह मुलाकात खास रही। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक जारी है, जिसमें व्यापार, रक्षा, टेक्नोलॉजी और एयरोस्पेस सेक्टर पर खास चर्चा हो रही है। राष्ट्रपति लूला पहले ही संकेत दे चुके हैं कि ब्राजील की प्रमुख एयरोस्पेस कंपनी भारत में अपना प्लांट लगाने की योजना बना रही है। अगर यह योजना साकार होती है तो भारत में रोजगार और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर को बड़ी गति मिल सकती है। भारत और ब्राजील के बीच लंबे समय से रणनीतिक साझेदारी रही है। दोनों देश BRICS जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर साथ काम करते रहे हैं। इस मुलाकात को वैश्विक स्तर पर भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह सहयोग रक्षा उत्पादन, विमानन और औद्योगिक निवेश को नई दिशा दे सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा सिर्फ कूटनीतिक शिष्टाचार नहीं, बल्कि आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने की ठोस पहल है। आम लोगों के लिए भी यह खबर उम्मीद लेकर आई है—नई फैक्ट्रियां, नए निवेश और नए रोजगार के अवसर। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Trade

Global Trade 18% से 10% पर आया भारत का टैरिफ, ट्रम्प की नई नीति लागू

अमेरिका की व्यापार नीति में एक बड़ा और अचानक बदलाव देखने को मिला है। Donald Trump ने सभी देशों से अमेरिका में आयात होने वाले सामान पर 10% का नया यूनिवर्सल टैरिफ लगाने की घोषणा की है। यह फैसला ऐसे समय में आया जब इससे कुछ घंटे पहले ही Supreme Court of the United States ने एक पुराने आदेश को रद्द कर दिया, जिसके तहत भारत पर 18% का विशेष टैरिफ लागू था। इस घटनाक्रम ने भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। क्या है पूरा मामला? पहले भारत से अमेरिका जाने वाले कुछ उत्पादों पर 18% तक का अतिरिक्त शुल्क लगाया गया था। इससे भारतीय निर्यातकों—खासतौर पर स्टील, इंजीनियरिंग गुड्स और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर—को सीधा असर झेलना पड़ रहा था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यह 18% टैरिफ समाप्त हो गया। लेकिन उसी के तुरंत बाद 10% का नया सार्वभौमिक टैरिफ लागू करने की घोषणा ने तस्वीर बदल दी। भारत के लिए राहत या नई चुनौती? सीधी बात करें तो 18% से घटकर 10% होना भारत के लिए आंशिक राहत है।मतलब: लेकिन 10% टैरिफ पूरी तरह राहत नहीं है। इससे लागत बढ़ेगी और मुनाफे पर असर पड़ेगा। Global Trade पर क्या असर पड़ेगा? यह फैसला सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है। सभी देशों पर समान 10% शुल्क लगाने से: विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम अमेरिकी घरेलू उद्योगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उठाया गया है। आम लोगों पर क्या असर? यह सवाल भी अहम है।अगर आयात महंगे होंगे तो अमेरिका में उपभोक्ताओं को ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है। वहीं भारत में निर्यात से जुड़े उद्योगों और कामगारों के लिए यह राहत और चिंता—दोनों का मिश्रण है। आगे क्या? अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि भारत सरकार इस नए 10% टैरिफ को लेकर क्या रुख अपनाती है। क्या द्विपक्षीय व्यापार वार्ता तेज होगी? क्या कुछ सेक्टर को छूट मिल सकती है? फिलहाल इतना साफ है कि अमेरिका की यह नई टैरिफ नीति वैश्विक व्यापार संतुलन को प्रभावित करेगी, और भारत को भी अपनी रणनीति नए सिरे से तय करनी होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Trump

India-Pak Tension पर Trump का बड़ा दावा 200% टैरिफ की धमकी और 11 Fighter Jets की कहानी

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच मई 2025 में हुए सैन्य तनाव को लेकर बड़ा दावा किया है। ट्रंप का कहना है कि उन्होंने दोनों देशों को 200% टैरिफ (Import Duty) लगाने की चेतावनी दी थी, जिसके बाद हालात काबू में आए और संभावित युद्ध टल गया। यह बयान उन्होंने हाल ही में एक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के दौरान दिया, जहां उन्होंने खुद को “शांति स्थापित करने वाला नेता” बताया। क्या है ट्रंप का दावा? Trump के अनुसार, मई 2025 में भारत-पाकिस्तान के बीच हालात बेहद गंभीर थे। सीमा पर हवाई टकराव हो रहे थे और कई फाइटर जेट गिराए गए थे। उन्होंने दावा किया कि इस संघर्ष में कुल 11 महंगे लड़ाकू विमान गिराए गए। उनका कहना है कि उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif से सीधे बात की। ट्रंप ने कथित तौर पर कहा कि अगर लड़ाई जारी रही तो अमेरिका दोनों देशों पर 200% टैरिफ लगा देगा और व्यापारिक रिश्ते प्रभावित होंगे। Trump ने अपने अंदाज में कहा, “पैसे से बड़ी कोई ताकत नहीं होती।” उनका दावा है कि इसी आर्थिक दबाव के बाद संघर्ष रुक गया और लाखों लोगों की जान बची। भारत का क्या कहना है? भारत सरकार ने पहले भी ऐसे दावों को खारिज किया है। आधिकारिक बयान में कहा गया था कि संघर्षविराम (Ceasefire) दोनों देशों के बीच सीधे संवाद से हुआ था, न कि किसी तीसरे देश की मध्यस्थता से। नई दिल्ली का साफ रुख है कि भारत और पाकिस्तान के मुद्दे द्विपक्षीय हैं और इन्हें आपसी बातचीत से ही सुलझाया जाता है। जेट गिरने का दावा कितना सही? ट्रंप ने अलग-अलग मंचों पर जेट गिराए जाने की संख्या बदलकर बताई है—कभी 5, कभी 7 और अब 11। अब तक किसी स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय एजेंसी या आधिकारिक सैन्य रिपोर्ट में 11 जेट गिरने की पुष्टि नहीं हुई है। यही कारण है कि उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक और रणनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है। पृष्ठभूमि: मई 2025 का तनाव मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव बढ़ा था। रिपोर्टों के अनुसार, आतंकी घटना के बाद भारत ने सीमित सैन्य कार्रवाई की थी। इसके जवाब में सीमा पर गोलाबारी और हवाई गतिविधियां बढ़ीं। कुछ दिनों बाद दोनों देशों ने संघर्षविराम की घोषणा की और हालात धीरे-धीरे सामान्य हुए। राजनीतिक संदेश या कूटनीतिक सच? विशेषज्ञ मानते हैं कि ट्रंप का यह बयान अमेरिकी राजनीति और उनकी विदेश नीति की छवि से भी जुड़ा हो सकता है। वे अक्सर खुद को मजबूत आर्थिक और कूटनीतिक रणनीति वाला नेता बताते रहे हैं। हालांकि, भारत की आधिकारिक स्थिति स्पष्ट है—किसी बाहरी दबाव से नहीं, बल्कि सीधे संवाद से तनाव कम हुआ। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Karachi

Karachi Gas Leak Tragedy सुबह 4 बजे हुए धमाके ने ली 16 लोगों की जान

पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर कराची से एक दर्दनाक खबर सामने आई है। सोल्जर बाजार इलाके में तड़के हुए भीषण गैस धमाके (Gas Explosion) में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हो गए। धमाका इतना शक्तिशाली था कि एक रिहायशी इमारत का बड़ा हिस्सा भरभराकर गिर पड़ा और कई परिवार कुछ ही सेकंड में तबाही का शिकार हो गए। सुबह की शांति टूटी, चीखों से गूंजा इलाका यह हादसा सोल्जर बाजार की गुल राणा कॉलोनी में सुबह करीब 4:15 बजे हुआ। उस वक्त ज्यादातर लोग घरों में सो रहे थे, जबकि कुछ परिवार रमज़ान के चलते सहरी की तैयारी में जुटे थे। अचानक हुए जोरदार धमाके ने पूरे इलाके को हिला दिया। लोगों ने बताया कि पहले तेज धमाके की आवाज आई, फिर इमारत गिरने की गड़गड़ाहट और उसके बाद मदद के लिए पुकारती आवाजें। स्थानीय निवासियों ने बिना समय गंवाए मलबा हटाना शुरू कर दिया। कई लोग अपने हाथों से पत्थर और ईंटें हटाते दिखे, क्योंकि हर किसी को उम्मीद थी कि शायद कोई अभी भी जिंदा हो। क्या था Blast का कारण? प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि धमाका गैस रिसाव (Gas Leakage) या सिलेंडर फटने की वजह से हुआ। पुलिस अधिकारियों के अनुसार फिलहाल किसी आतंकी एंगल के संकेत नहीं मिले हैं। हालांकि अंतिम पुष्टि फोरेंसिक जांच के बाद ही की जाएगी। विशेषज्ञों का कहना है कि पुराने इलाकों में जर्जर गैस पाइपलाइन और अनियमित कनेक्शन अक्सर बड़े हादसों की वजह बनते हैं। यह घटना भी उसी लापरवाही की ओर इशारा कर रही है। Rescue Operation कई घंटों तक जारी धमाके के तुरंत बाद Rescue 1122, पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं। भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाया गया। बचावकर्मी घंटों तक मलबे में दबे लोगों को निकालते रहे। अस्पतालों में भर्ती घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। डॉक्टरों के अनुसार कुछ की हालत गंभीर है। कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया, और कुछ अब भी अपनों की तलाश में अस्पतालों और घटनास्थल के बीच भटक रहे हैं। प्रशासन की प्रतिक्रिया स्थानीय प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि अगर किसी प्रकार की लापरवाही पाई गई तो जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता देने की भी घोषणा की गई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
1 15 16 17 18 19 45

Editor's Picks

Amir Khan की तीसरी शादी की चर्चाओं पर राखी गुलजार का बयान, बोलीं- खुशी का उम्र से कोई संबंध नहीं

Amir Khan की तीसरी शादी की चर्चाओं पर राखी गुलजार का बयान, बोलीं- खुशी का उम्र से कोई संबंध नहीं

बॉलीवुड अभिनेता Amir khan की तीसरी शादी को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के बीच दिग्गज अभिनेत्री Rakhi Gulzar ने उनका खुलकर समर्थन किया है। जहां कुछ लोग आमिर के फैसले की आलोचना कर रहे हैं, वहीं राखी का मानना है कि शादी और खुशहाल जीवन का उम्र से कोई लेना-देना नहीं होता। एक इंटरव्यू में राखी गुलजार ने कहा कि 60 साल की उम्र में शादी करने में कोई बुराई नहीं है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि Robert De Niro भी दो बार शादी कर चुके हैं और 80 साल की उम्र के बाद पिता बने हैं। उनके अनुसार, खुशी और रिश्ते उम्र नहीं देखते, बल्कि व्यक्ति की भावनाओं और जीवन की परिस्थितियों पर निर्भर करते हैं। राखी ने अपनी निजी जिंदगी का जिक्र करते हुए कहा कि जब उन्होंने Gulzar से शादी की थी, तब उनकी उम्र 40 वर्ष थी। उन्होंने कहा कि किसी भी रिश्ते की सफलता का आधार आपसी समझ, सम्मान और खुशी होती है, न कि उम्र। सोशल Media पर आमिर खान की कथित तीसरी शादी को लेकर बहस जारी है, लेकिन राखी गुलजार के बयान ने इस चर्चा को नया मोड़ दे दिया है। उनका कहना है कि हर व्यक्ति को अपनी खुशी और जीवन से जुड़े फैसले लेने का अधिकार है।
Sanjay Jha का बड़ा बयान, बोले- ममता बनर्जी और केजरीवाल ने कमजोर किया इंडिया गठबंधन

Sanjay Jha का बड़ा बयान, बोले- ममता बनर्जी और केजरीवाल ने कमजोर किया इंडिया गठबंधन

जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के कार्यकारी अध्यक्ष Sanjay Jha ने इंडिया गठबंधन को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विपक्षी दलों को एकजुट कर एक मजबूत मंच बनाने की कोशिश की थी, लेकिन सहयोगी दलों के बीच एकजुटता और साझा सोच की कमी के कारण गठबंधन कमजोर पड़ गया। एक इंटरव्यू के दौरान संजय झा से पूछा गया कि वर्ष 2023 में इंडिया गठबंधन की पहली बैठक पटना में नीतीश कुमार के आवास पर हुई थी, फिर जेडीयू उससे अलग क्यों हो गई। इस पर उन्होंने कहा कि गठबंधन को मजबूत बनाए रखने के लिए सभी दलों का एक दिशा में काम करना जरूरी था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। संजय झा ने आरोप लगाते हुए कहा कि “दो लोगों ने इंडिया अलायंस को खत्म कर दिया। उनका नाम ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल है।” उनके अनुसार चुनाव के दौरान गठबंधन के सहयोगी दलों के बीच बेहतर तालमेल और स्पष्ट रणनीति का अभाव दिखाई दिया। उन्होंने कहा कि जब किसी गठबंधन में शामिल दलों के बीच साझा लक्ष्य और समन्वय नहीं होता, तो उसका असर चुनावी प्रदर्शन पर भी पड़ता है। यही वजह रही कि विपक्षी एकता की कोशिशें अपेक्षित परिणाम नहीं दे सकीं। संजय झा के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा शुरू हो गई है। अब देखना होगा कि उनके इस आरोप पर इंडिया गठबंधन के अन्य दलों की क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।
CBI Raid in 661 Crore Fund Scam: हरियाणा-चंडीगढ़ में 6 ठिकानों पर छापेमारी

CBI Raid in 661 Crore Fund Scam: हरियाणा-चंडीगढ़ में 6 ठिकानों पर छापेमारी

हरियाणा और चंडीगढ़ में सामने आए 661 करोड़ रुपये के कथित सरकारी फंड घोटाले की जांच तेज हो गई है। मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने 6 जून को चंडीगढ़, पंचकूला और दिल्ली-एनसीआर के 6 अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की। जांच एजेंसी के अनुसार यह मामला सरकारी फंड की कथित हेराफेरी से जुड़ा है, जिसमें IDFC First Bank और AU Finance Bank के माध्यम से वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। जांच के दौरान हरियाणा सरकार के 8 विभागों और चंडीगढ़ प्रशासन के 2 विभागों के फंड में गड़बड़ी के संकेत मिले हैं। सीबीआई की जांच में चंडीगढ़ नगर निगम और CREST (चंडीगढ़ रिन्यूएबल एनर्जी एंड साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसायटी) के खातों में भी कथित अनियमितताएं सामने आई हैं। इसके बाद एजेंसी ने कई महत्वपूर्ण स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। सूत्रों के अनुसार, हरियाणा कैडर के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के आवासों पर भी तलाशी ली गई। इसके अलावा मामले से जुड़े अधिकारियों और निजी कंपनियों के परिसरों की भी जांच की गई। जांच के दायरे में आई Vipam Consultancy Pvt. Ltd. और उसके निदेशक के ठिकानों पर भी सीबीआई की टीम ने दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच की। एजेंसी अब जुटाए गए सबूतों के आधार पर मामले की आगे की पड़ताल कर रही है। इस कार्रवाई के बाद सरकारी फंड के इस्तेमाल और निगरा
Jaipur में 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद, लोगों को हो सकती है परेशानी

Jaipur में 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद, लोगों को हो सकती है परेशानी

Jaipur। राजस्थान की राजधानी जयपुर में प्रशासन ने एहतियात के तौर पर शहर के कई इलाकों में 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद करने का आदेश जारी किया है। यह फैसला कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए लिया गया है। इंटरनेट बंद होने का असर सबसे ज्यादा उन लोगों पर पड़ सकता है जो अपने रोजमर्रा के कामों के लिए ऑनलाइन सेवाओं पर निर्भर हैं। छात्रों की पढ़ाई, ऑनलाइन भुगतान, व्यापारिक गतिविधियां और डिजिटल सेवाएं कुछ समय के लिए प्रभावित हो सकती हैं। प्रशासन का कहना है कि यह कदम लोगों की सुरक्षा और शांति बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट जानकारी पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी को ही सही मानें। स्थानीय लोगों का मानना है कि इंटरनेट बंद होने से असुविधा जरूर होगी, लेकिन यदि इससे शहर में शांति और सुरक्षा बनी रहती है तो सभी को प्रशासन का सहयोग करना चाहिए। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और आवश्यकता के अनुसार आगे के निर्णय लिए जाएंगे।
तमीम इकबाल बने Bangladesh क्रिकेट बोर्ड के नए अध्यक्ष, 37 साल की उम्र में रचा इतिहास

तमीम इकबाल बने Bangladesh क्रिकेट बोर्ड के नए अध्यक्ष, 37 साल की उम्र में रचा इतिहास

Bangladesh क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान तमीम इकबाल को बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) का नया अध्यक्ष चुना गया है। चुनाव में जीत हासिल करने के बाद उनकी स्थिति और मजबूत हो गई है। इससे पहले वह बोर्ड के अंतरिम अध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे थे। जानकारी के मुताबिक, बांग्लादेश सरकार ने अप्रैल में BCB के निदेशक मंडल को भंग कर दिया था। इसके बाद तमीम इकबाल को अंतरिम अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। बाद में जांच समिति की सिफारिशों और प्रशासनिक बदलावों के आधार पर बोर्ड में नई व्यवस्था लागू की गई। यह फैसला पिछले वर्ष अक्टूबर में हुए चुनावों को लेकर लगे आरोपों की जांच के बाद गठित पांच सदस्यीय समिति की रिपोर्ट के आधार पर लिया गया। समिति ने क्रिकेट प्रशासन में पारदर्शिता और सुधार के लिए कई सुझाव दिए थे। 37 वर्षीय तमीम इकबाल अब बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के इतिहास के सबसे युवा अध्यक्ष बन गए हैं। क्रिकेट के मैदान पर अपनी शानदार बल्लेबाजी और नेतृत्व क्षमता के लिए पहचान बनाने वाले तमीम से अब क्रिकेट प्रशंसकों को बोर्ड प्रशासन में भी सकारात्मक बदलावों की उम्मीद है। बांग्लादेश क्रिकेट के लिए यह एक नए दौर की शुरुआत मानी जा रही है। क्रिकेट प्रेमियों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि तमीम इकबाल अपने अनुभव का उपयोग कर देश के क्रिकेट को किस नई दिशा में ले जाते हैं।

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.