Russia के राष्ट्रपति Vladimir Putin ने दुनिया को एक बार फिर चौंका दिया है। उनका नया Underwater Nuclear Torpedo – Poseidon अब दुनिया के तटीय शहरों के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह हथियार हिरोशिमा पर गिराए गए परमाणु बम से 100 गुना ज्यादा ताकतवर है और 80% Coastal Cities इसकी रेंज में आते हैं। क्या है Poseidon Weapon? (What is Poseidon Torpedo) ‘Poseidon’ जिसे पहले Status-6 या Kanyon कहा जाता था, रूस का एक Nuclear-powered underwater drone torpedo है।यह समुद्र के अंदर से लॉन्च होकर किसी भी तटीय शहर को मिनटों में तबाह कर सकता है। मुख्य विशेषताएं (Key Specifications): यह अपने साथ 2 Megaton Nuclear Warhead लेकर चलता है — जो Hiroshima Bomb से 100x ज्यादा शक्तिशाली है। 500 Meter High Radioactive Tsunami का खतरा रिपोर्ट के अनुसार, अगर Poseidon किसी तटीय क्षेत्र के पास विस्फोट करता है, तो यह 500 मीटर ऊंची रेडियोएक्टिव सुनामी (Radioactive Tsunami) पैदा कर सकता है।इससे पूरा शहर समुद्र में समा सकता है, और कई वर्षों तक उस क्षेत्र में Radioactive Pollution बना रह सकता है। इसकी “Silent Launch” तकनीक इसे Radar या Sonar से पकड़ना लगभग असंभव बनाती है। यही कारण है कि इसे Doomsday Weapon यानी ‘कयामत का हथियार’ कहा जा रहा है। Russia की Military Strategy Russia का यह Poseidon Weapon उसकी Nuclear Deterrence Policy का हिस्सा है।पश्चिमी देशों के खिलाफ शक्ति प्रदर्शन के रूप में इसे तैयार किया गया है।यह हथियार समुद्री युद्ध (Underwater Warfare) का भविष्य माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह हथियार इस्तेमाल हुआ, तो यह सिर्फ एक देश नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए Environmental Disaster साबित हो सकता है। 80% Coastal Cities in Danger रूस का दावा है कि इस हथियार की रेंज में दुनिया के लगभग 80% Coastal Cities आते हैं।इसमें अमेरिका, ब्रिटेन, जापान, भारत और ऑस्ट्रेलिया के बड़े तटीय शहर शामिल हैं।यानी अगर Poseidon को किसी रणनीतिक स्थान से लॉन्च किया जाए, तो यह कुछ ही घंटों में पूरे तटीय क्षेत्र को मिटा सकता है। India और Asia के लिए क्या खतरा है? Poseidon की रेंज इतनी बड़ी है कि यह भारत के तटीय शहरों जैसे मुंबई, चेन्नई और कोलकाता तक को टारगेट कर सकता है।हालांकि भारत की “No First Use” नीति और मजबूत नेवी सिस्टम इसे सुरक्षित रख सकते हैं, लेकिन इस हथियार की मौजूदगी से Maritime Security को लेकर चिंता जरूर बढ़ गई है। Experts क्या कहते हैं कई Defence Analysts का मानना है कि रूस का यह कदम एक Psychological Warfare का हिस्सा है।यह हथियार सिर्फ दुश्मन देशों को डराने के लिए नहीं, बल्कि दुनिया को दिखाने के लिए है कि रूस अभी भी न्यूक्लियर शक्ति में सबसे आगे है। Putin का Poseidon Weapon सिर्फ एक Torpedo नहीं, बल्कि आने वाले समय की Underwater Nuclear War Technology का संकेत है।यह हथियार दिखाता है कि भविष्य में युद्ध केवल जमीन या आसमान में नहीं, बल्कि समंदर की गहराइयों में भी लड़ा जाएगा।दुनिया के देशों को अब इस नए खतरे के लिए तैयारी करनी होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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