चीन ने 1 अक्टूबर 2025 से लागू होने वाले K Visa की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य STEM (Science, Technology, Engineering, Mathematics) क्षेत्रों के युवाओं और उच्च-कुशल पेशेवरों को आकर्षित करना है। यह कदम अमेरिका में H-1B Visa Fee Hike के बाद आया है, जिसने विदेशी तकनीकी पेशेवरों, खासकर भारत से आने वाले कर्मचारियों में चिंता बढ़ा दी है। K Visa के प्रमुख फायदे अमेरिका में H-1B Fee Hike का प्रभाव अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump के आदेश के अनुसार नए H-1B वीज़ा के लिए $100,000 शुल्क लागू किया गया है। यह वृद्धि 21 सितंबर 2025 से शुरू हुई और केवल नए आवेदकों पर लागू होती है। इस कदम ने विदेशी तकनीकी पेशेवरों और कंपनियों में असुरक्षा और चिंता पैदा कर दी है। वैश्विक प्रतिक्रियाएँ K Visa vs H-1B Fee Hike का मुकाबला वैश्विक तकनीकी टैलेंट की नई जंग को दर्शाता है। जबकि अमेरिका घरेलू रोजगार को प्राथमिकता दे रहा है, उच्च-कुशल पेशेवर चीन की ओर आकर्षित हो सकते हैं। यह बदलाव लंबी अवधि में अमेरिका की तकनीकी नेतृत्व क्षमता और भारत जैसे देशों के साथ उसके संबंधों पर असर डाल सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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