आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGदेश-हरपलBittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावितBREAKINGवर्ल्ड न्यूज़World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ कियाBREAKINGदेश-हरपलSwatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत मेंBREAKINGदेश-हरपलUP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवालBREAKINGदेश-हरपलNepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों MissingBREAKINGदेश-हरपलTeachers Day 2026: PM Modi ने Award-Winning Teachers से की बात, Public Speaking पर भी हुई चर्चाBREAKINGप्रदेशUjjain में बनेगी Malakhamb Academy, 111 करोड़ के Project से खिलाड़ियों को मिलेंगी World-Class सुविधाएंBREAKINGदेश-हरपलIndia-Belgium Partnership: जोरावर Tank बना नई दोस्ती की पहचान, कई अहम MoU पर सहमतिBREAKINGदेश-हरपलBittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावितBREAKINGवर्ल्ड न्यूज़World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ कियाBREAKINGदेश-हरपलSwatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत मेंBREAKINGदेश-हरपलUP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवालBREAKINGदेश-हरपलNepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों MissingBREAKINGदेश-हरपलTeachers Day 2026: PM Modi ने Award-Winning Teachers से की बात, Public Speaking पर भी हुई चर्चाBREAKINGप्रदेशUjjain में बनेगी Malakhamb Academy, 111 करोड़ के Project से खिलाड़ियों को मिलेंगी World-Class सुविधाएंBREAKINGदेश-हरपलIndia-Belgium Partnership: जोरावर Tank बना नई दोस्ती की पहचान, कई अहम MoU पर सहमति

NE

News Elementor

Banner

Latest Posts

Delhi के फ्लैट में कई दिनों तक पड़ी रही महिला की लाश, बदबू आने पर खुला मामला

Delhi के फ्लैट में कई दिनों तक पड़ी रही महिला की लाश, बदबू आने पर खुला मामला

Delhi के मजनू का टीला इलाके से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक फ्लैट में 54 वर्षीय महिला का शव कई दिनों तक पड़ा रहा। जब फ्लैट से तेज बदबू आने लगी, तब पड़ोसियों को शक हुआ और उन्होंने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही सिविल लाइंस थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने फ्लैट का दरवाजा खोला तो अंदर महिला का शव मिला, जो काफी हद तक सड़ चुका था। कमरे से मिले आधार कार्ड के जरिए मृतका की पहचान अराचिमानी संथाल के रूप में हुई। बताया जा रहा है कि महिला अविवाहित थी और लंबे समय से अकेली रह रही थी। स्थानीय लोगों के मुताबिक महिला ज्यादा किसी से मेलजोल नहीं रखती थी। इसी वजह से कई दिनों तक किसी को उनके बारे में जानकारी नहीं मिल पाई। पड़ोसियों ने तब ध्यान दिया जब फ्लैट से लगातार बदबू आने लगी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में किसी साजिश या जबरन घुसने के संकेत नहीं मिले हैं। हालांकि मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगी। यह घटना बड़े शहरों में अकेले रहने वाले लोगों की जिंदगी और सामाजिक दूरी पर भी सवाल खड़े करती है। आसपास के लोगों का कहना है कि अगर समय रहते संपर्क होता, तो शायद स्थिति अलग हो सकती थी।
Read more
Mumbai एयरपोर्ट पर बड़ी कार्रवाई, 11.25 करोड़ की कोकीन बरामद, 4 विदेशी नागरिक गिरफ्तार

Mumbai एयरपोर्ट पर बड़ी कार्रवाई, 11.25 करोड़ की कोकीन बरामद, 4 विदेशी नागरिक गिरफ्तार

Mumbai के Chhatrapati Shivaji Maharaj International Airport पर डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 11.25 करोड़ रुपये कीमत की कोकीन जब्त की है। इस मामले में चार विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, पिछले चार दिनों में दो अलग-अलग ऑपरेशन चलाए गए। जांच एजेंसी को पहले से इनपुट मिला था कि ड्रग्स की तस्करी की कोशिश की जा रही है। इसी आधार पर एयरपोर्ट पर निगरानी बढ़ाई गई। जांच के दौरान दो पुरुष और दो महिला विदेशी यात्रियों को रोका गया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने ड्रग्स से भरे कैप्सूल निगल रखे थे। बाद में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनके शरीर से कुल 2.25 किलो कोकीन बरामद की गई। DRI के अनुसार, जब्त की गई कोकीन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 11.25 करोड़ रुपये बताई जा रही है। एजेंसी अब इस पूरे नेटवर्क और भारत में मौजूद संपर्कों की जांच कर रही है। हाल के महीनों में मुंबई एयरपोर्ट पर ड्रग्स तस्करी के कई मामले सामने आए हैं। जांच एजेंसियां लगातार ऐसे अंतरराष्ट्रीय गिरोहों पर नजर बनाए हुए हैं, जो भारत को ट्रांजिट रूट के तौर पर इस्तेमाल करने की कोशिश करते हैं।
Read more
Petrol- Diesel के बढ़ते दामों पर भड़के केजरीवाल, बोले- ‘सरकार जनता को दे रही धीमा जहर’

Petrol- Diesel के बढ़ते दामों पर भड़के केजरीवाल, बोले- ‘सरकार जनता को दे रही धीमा जहर’

देश में लगातार बढ़ रहे Petrol- Diesel के दामों को लेकर आम आदमी पार्टी के प्रमुख Arvind Kejriwal ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि महंगाई से पहले ही परेशान जनता को अब ईंधन की बढ़ती कीमतों के जरिए “धीमा जहर” दिया जा रहा है। केजरीवाल ने कहा कि पेट्रोल-डीजल के दाम लगातार बढ़ने से आम लोगों का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है। उनका आरोप है कि सरकार आम जनता की परेशानियों को समझने के बजाय लगातार कीमतें बढ़ा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले दिनों में कीमतें और ज्यादा बढ़ सकती हैं, जिससे लोगों की मुश्किलें और बढ़ेंगी। दरअसल, मई 2026 में तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दामों में कई बार बढ़ोतरी की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली में पेट्रोल करीब 99.51 रुपये प्रति लीटर और डीजल 92.49 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है। बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और पश्चिम एशिया में जारी तनाव इसका बड़ा कारण है। केजरीवाल ने कहा कि महंगे ईंधन का सीधा असर आम आदमी की जिंदगी पर पड़ता है। ट्रांसपोर्ट महंगा होने से खाने-पीने की चीजों से लेकर रोजमर्रा के सामान तक सबकुछ महंगा हो जाता है। उन्होंने केंद्र सरकार से तुरंत राहत देने की मांग की।
Read more
Tehran Visit: ईरान पहुंचे पाकिस्तान आर्मी चीफ आसिम मुनीर, क्या अमेरिका-ईरान समझौते में निभाएंगे बड़ी भूमिका?

Tehran Visit: ईरान पहुंचे पाकिस्तान आर्मी चीफ आसिम मुनीर, क्या अमेरिका-ईरान समझौते में निभाएंगे बड़ी भूमिका?

Tehran Visit : पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर के तेहरान दौरे ने मध्य-पूर्व की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। ऐसे समय में उनकी ईरान यात्रा हुई है, जब अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चाएं तेज हैं। माना जा रहा है कि इस दौरे के दौरान क्षेत्रीय सुरक्षा, कूटनीतिक संबंधों और अमेरिका-ईरान वार्ता जैसे मुद्दों पर अहम बातचीत हो सकती है। सूत्रों के मुताबिक, आसिम मुनीर की ईरानी अधिकारियों के साथ कई महत्वपूर्ण बैठकें प्रस्तावित हैं। हालांकि अभी तक किसी आधिकारिक समझौते का एलान नहीं हुआ है, लेकिन राजनीतिक जानकार इस दौरे को बेहद अहम मान रहे हैं। अमेरिका-ईरान रिश्तों पर टिकी नजर पिछले कुछ समय से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने की कोशिशें जारी हैं। ऐसे में पाकिस्तान की भूमिका को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान क्षेत्रीय कूटनीति में मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश कर सकता है। सुरक्षा और सीमा मुद्दों पर भी चर्चा संभव ईरान और पाकिस्तान के बीच सीमा सुरक्षा, आतंकवाद और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दे लंबे समय से चर्चा का विषय रहे हैं। आसिम मुनीर के इस दौरे में इन मुद्दों पर भी बातचीत होने की संभावना जताई जा रही है।
Read more
Greater Noida West Metro Demand: मेट्रो की मांग हुई तेज, सामाजिक संगठनों ने PM-CM को लिखा पत्र

Greater Noida West Metro Demand: मेट्रो की मांग हुई तेज, सामाजिक संगठनों ने PM-CM को लिखा पत्र

Greater Noida वेस्ट में बढ़ती आबादी और ट्रैफिक समस्या के बीच अब मेट्रो परियोजना की मांग तेज हो गई है। क्षेत्र के कई सामाजिक संगठनों और रेजिडेंट समूहों ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मेट्रो परियोजना की DPR (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) को जल्द मंजूरी देने की अपील की है। लोगों का कहना है कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट में लाखों लोग रहते हैं, लेकिन अब तक बेहतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा नहीं मिल पाई है। रोजाना दिल्ली, नोएडा और आसपास के इलाकों में आने-जाने वाले लोगों को भारी ट्रैफिक और लंबी यात्रा का सामना करना पड़ता है। PM और CM से की गई मांग सामाजिक संगठनों ने अपने पत्र में कहा कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट तेजी से विकसित हो रहा क्षेत्र है, जहां बड़ी संख्या में परिवार और नौकरीपेशा लोग रह रहे हैं। ऐसे में मेट्रो कनेक्टिविटी बेहद जरूरी हो गई है। संगठनों ने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की है कि लंबित DPR को जल्द मंजूरी देकर परियोजना पर काम शुरू कराया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। ट्रैफिक और प्रदूषण बड़ी समस्या स्थानीय निवासियों का कहना है कि रोजाना सड़कों पर लंबा जाम लगता है। इससे समय की बर्बादी के साथ-साथ प्रदूषण भी बढ़ रहा है। मेट्रो सेवा शुरू होने से ट्रैफिक का दबाव कम होगा और लोगों को सुरक्षित व तेज यात्रा का विकल्प मिलेगा।
Read more
Amritsar Cable Car Project: अब हवा में सफर करेंगे पर्यटक, एयरपोर्ट से अटारी बॉर्डर और गोल्डन टेंपल तक चलेगी केबल कार

Amritsar Cable Car Project: अब हवा में सफर करेंगे पर्यटक, एयरपोर्ट से अटारी बॉर्डर और गोल्डन टेंपल तक चलेगी केबल कार

पंजाब के Amritsar में पर्यटन को नई पहचान देने की तैयारी शुरू हो गई है। अब पर्यटक सड़क के ट्रैफिक से बचते हुए हवा में सफर का आनंद ले सकेंगे। शहर में एक बड़ा केबल कार प्रोजेक्ट लाने की योजना बनाई जा रही है, जिसके तहत अमृतसर एयरपोर्ट, अटारी बॉर्डर और गोल्डन टेंपल को आपस में जोड़ा जाएगा। इस प्रोजेक्ट के शुरू होने के बाद देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को काफी सुविधा मिलेगी। खासतौर पर गोल्डन टेंपल और अटारी बॉर्डर देखने आने वाले लोगों के लिए यात्रा पहले से ज्यादा आसान और रोमांचक हो जाएगी। पर्यटन को मिलेगा बड़ा बढ़ावा अमृतसर पंजाब का सबसे प्रमुख धार्मिक और पर्यटन शहर माना जाता है। हर साल लाखों श्रद्धालु और पर्यटक यहां पहुंचते हैं। बढ़ते ट्रैफिक और लंबी दूरी की परेशानी को देखते हुए प्रशासन अब आधुनिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम पर काम कर रहा है। प्रस्तावित केबल कार सेवा के जरिए श्री गुरु रामदास जी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सीधे गोल्डन टेंपल और अटारी बॉर्डर तक कनेक्टिविटी दी जाएगी। इससे पर्यटकों का समय भी बचेगा और शहर में ट्रैफिक दबाव भी कम होगा। सरकार और प्रशासन कर रहे तैयारी सूत्रों के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट को लेकर शुरुआती स्तर पर प्लानिंग और तकनीकी अध्ययन शुरू कर दिया गया है। यदि सबकुछ योजना के अनुसार रहा तो आने वाले समय में अमृतसर देश के उन चुनिंदा शहरों में शामिल हो जाएगा, जहां शहरी केबल कार सेवा उपलब्ध होगी।
Read more
Bengal में महिलाओं को बड़ा तोहफा: 1 जून से सरकारी बसों में मुफ्त सफर

Bengal में महिलाओं को बड़ा तोहफा: 1 जून से सरकारी बसों में मुफ्त सफर

Bengal में विधानसभा चुनाव जीतने के बाद बीजेपी सरकार ने महिलाओं के लिए बड़ी घोषणा की है। राज्य सरकार ने फैसला लिया है कि 1 जून 2026 से पूरे पश्चिम बंगाल में चलने वाली सभी सरकारी बसों में महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाएगी। सरकार का कहना है कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक राहत देना, उनकी यात्रा को आसान बनाना और उन्हें ज्यादा सुरक्षित व आत्मनिर्भर बनाना है। इस पहल से नौकरीपेशा महिलाओं, छात्राओं और रोजाना सफर करने वाली लाखों महिलाओं को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, योजना को पूरे राज्य में लागू करने की तैयारी शुरू हो चुकी है। महिलाओं को बस यात्रा के दौरान किसी तरह का किराया नहीं देना होगा। सरकार का मानना है कि इससे महिलाओं की परिवहन तक पहुंच बेहतर होगी और वे बिना आर्थिक चिंता के आसानी से सफर कर सकेंगी। इस फैसले के बाद राज्य की राजनीति में भी चर्चा तेज हो गई है और कई लोग इसे महिलाओं के लिए बड़ा कदम मान रहे हैं।
Read more
MP में बढ़ रहा ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का असर, विपक्ष बोला- युवाओं के गुस्से की नई आवाज

MP में बढ़ रहा ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का असर, विपक्ष बोला- युवाओं के गुस्से की नई आवाज

MP की राजनीति में इन दिनों ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम तेजी से चर्चा में है। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक इस नए नाम को लेकर बहस छिड़ी हुई है। विपक्ष का कहना है कि यह सिर्फ एक मजाक या ट्रेंड नहीं, बल्कि युवाओं के अंदर बढ़ते गुस्से और सिस्टम के प्रति नाराजगी का प्रतीक बनता जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने इस मुद्दे पर बयान देते हुए कहा कि यह एक दिन का गुस्सा नहीं है। उन्होंने कहा कि नीट, व्यापमं और भर्ती परीक्षाओं में हुए कथित घोटालों ने युवाओं का भरोसा तोड़ा है। लगातार पेपर लीक, भर्ती में देरी और बेरोजगारी ने छात्रों और युवाओं को निराश किया है, जिसका असर अब अलग-अलग तरीकों से दिखाई दे रहा है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा नाम ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ को लेकर सोशल मीडिया पर मीम्स, पोस्ट और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। कई युवा इसे व्यवस्था के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध बता रहे हैं। वहीं राजनीतिक दल भी इस मुद्दे पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि सरकार युवाओं के मुद्दों को गंभीरता से नहीं ले रही। उनका कहना है कि बार-बार भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी और पारदर्शिता की कमी से युवाओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है। NEET और व्यापमं का फिर उठा मुद्दा नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश के युवा लंबे समय से परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग कर रहे हैं। उन्होंने व्यापमं घोटाले का जिक्र करते हुए कहा कि उस घटना ने लाखों युवाओं के सपनों को प्रभावित किया था। अब NEET परीक्षा को लेकर उठे सवालों ने छात्रों की चिंता और बढ़ा दी है। उनका कहना है कि जब मेहनत करने वाले छात्रों को सिस्टम पर भरोसा नहीं रहेगा, तो ऐसे विरोध सामने आते रहेंगे।
Read more
हमजा बुरहान की मौत की खबर Facebook से मिली, बहन बोली- ‘PAK में पढ़ाई करने गया था’

हमजा बुरहान की मौत की खबर Facebook से मिली, बहन बोली- ‘PoK में पढ़ाई करने गया था’

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में मारे गए आतंकी हमजा बुरहान को लेकर उसकी बहन का बड़ा बयान सामने आया है। पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड से जुड़े इस आतंकी की मौत की खबर परिवार को सोशल मीडिया के जरिए मिली। बहन ने दावा किया कि हमजा अक्सर फोन पर कहता था कि वह पाकिस्तान पढ़ाई करने गया है और जल्द वापस लौटेगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमजा बुरहान की मौत मुजफ्फराबाद इलाके में हुई है। हालांकि उसकी मौत कैसे हुई, इसे लेकर अब तक आधिकारिक तौर पर ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है। बताया जा रहा है कि हमजा लंबे समय से आतंकवादी गतिविधियों से जुड़ा हुआ था और सुरक्षा एजेंसियों की नजर में था। Facebook पोस्ट से परिवार को मिली जानकारी हमजा की बहन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि परिवार को उसकी मौत की जानकारी Facebook पोस्ट के जरिए मिली। उन्होंने बताया कि पहले उन्हें इस खबर पर भरोसा नहीं हुआ, लेकिन बाद में अन्य लोगों से पुष्टि हुई। बहन के मुताबिक, हमजा घरवालों से कम बात करता था, लेकिन जब भी फोन करता तो यही कहता था कि वह पाकिस्तान में पढ़ाई कर रहा है। परिवार को उसके आतंकी गतिविधियों में शामिल होने की पूरी जानकारी नहीं थी।
Read more
Tamil Nadu Politics: 59 साल बाद सरकार में शामिल होगी Congress, कल होगा Vijay Cabinet Expansion

Tamil Nadu Politics: 59 साल बाद सरकार में शामिल होगी Congress, कल होगा Vijay Cabinet Expansion

Tamil Nadu की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। करीब 59 साल बाद कांग्रेस राज्य सरकार में शामिल होने जा रही है। जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री विजय की कैबिनेट का विस्तार कल किया जाएगा, जिसमें कांग्रेस के नेताओं को मंत्री पद मिल सकता है। राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को बेहद अहम माना जा रहा है। कांग्रेस और सत्तारूढ़ गठबंधन के बीच लंबे समय से बातचीत चल रही थी, जिसके बाद अब सरकार में शामिल होने का रास्ता साफ होता दिख रहा है। सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट विस्तार में कई नए चेहरों को मौका मिल सकता है। माना जा रहा है कि इससे गठबंधन और मजबूत होगा और आने वाले चुनावों में इसका असर देखने को मिल सकता है। तमिलनाडु में कांग्रेस आखिरी बार करीब छह दशक पहले सत्ता का हिस्सा बनी थी। ऐसे में यह फैसला पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक मौका माना जा रहा है। पार्टी कार्यकर्ताओं में भी इस खबर को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। वहीं विपक्ष ने इस कदम पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। विपक्षी दलों का कहना है कि यह फैसला सिर्फ राजनीतिक समीकरण साधने के लिए लिया जा रहा है। हालांकि सत्तारूढ़ गठबंधन इसे राज्य के विकास और स्थिर सरकार के लिए जरूरी बता रहा है। अब सबकी नजरें कल होने वाले कैबिनेट विस्तार पर टिकी हैं, जहां यह साफ हो जाएगा कि कांग्रेस को सरकार में कितनी बड़ी जिम्मेदारी मिलती है।
Read more
1 14 15 16 17 18 24

Editor's Picks

Bittu Tabahi

Bittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावित

नदी में गंदगी देखकर ज्यादातर लोग शिकायत करते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के एक युवक ने शिकायत करने के बजाय खुद कुछ करने की ठानी। स्थानीय स्तर पर ‘बिट्टू तबाही’ (Bittu Tabahi) के नाम से पहचाने जाने वाले इस युवक ने अकेले ही नदी की सफाई का जिम्मा उठा लिया। उनका यह जज्बा अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। बिट्टू ने नदी में जमा कचरे और गंदगी को देखकर सफाई अभियान शुरू किया। शुरुआत किसी बड़े इंतजाम या टीम के साथ नहीं हुई। उन्होंने अपने स्तर पर सफाई करना शुरू किया और लगातार इस काम में जुटे रहे। नदी को साफ रखने का लिया संकल्प बिट्टू का मानना है कि नदी सिर्फ पानी का स्रोत नहीं, बल्कि आसपास के लोगों और पर्यावरण के लिए बेहद जरूरी है। इसी सोच के साथ उन्होंने नदी में जमा कचरे को हटाने की पहल की। उनका यह प्रयास धीरे-धीरे स्थानीय लोगों का ध्यान खींचने लगा। लोगों ने देखा कि बिना किसी दबाव या दिखावे के बिट्टू लगातार नदी की सफाई में लगे हुए हैं। नगरपालिका ने भी की पहल की सराहना बिट्टू के लगातार सफाई अभियान की जानकारी नगरपालिका तक पहुंची तो उनके प्रयास की सराहना की गई। एक युवक द्वारा अपने स्तर पर नदी को साफ रखने की कोशिश को अधिकारियों ने सकारात्मक कदम माना। इस पहल ने यह भी दिखाया कि अगर कोई व्यक्ति अपने आसपास के पर्यावरण को लेकर जिम्मेदारी महसूस करे, तो छोटी शुरुआत भी बड़ा संदेश दे सकती है। सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आया अभियान बिट्टू का नदी सफाई अभियान अब स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। उनके प्रयास को देखकर दूसरे लोगों में भी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने की उम्मीद है। आज नदियों में बढ़ता कचरा और प्रदूषण बड़ी चुनौती है। ऐसे में बिट्टू की पहल लोगों को यह संदेश देती है कि नदी को साफ रखना सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी साझा जिम्मेदारी है। ‘बिट्टू तबाही’ ने दी एक अलग मिसाल बिट्टू की कहानी इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने बदलाव का इंतजार नहीं किया, बल्कि खुद बदलाव की शुरुआत करने का फैसला लिया। अकेले शुरू किया गया उनका यह सफाई अभियान अब दूसरों के लिए प्रेरणा बनता दिखाई दे रहा है। कई बार किसी बड़े बदलाव की शुरुआत बड़े अभियान से नहीं, बल्कि एक छोटे से कदम से होती है। बिट्टू का यह प्रयास उसी सोच की मिसाल है—अगर इरादा मजबूत हो, तो एक इंसान भी बदलाव की शुरुआत कर सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
UN

World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ किया

दुनिया का नक्शा (World Map) देखते हुए शायद ही किसी ने सोचा होगा कि इसमें दिखाई देने वाले देशों और महाद्वीपों का आकार असलियत से अलग भी हो सकता है। लेकिन अब इसी मुद्दे को लेकर संयुक्त राष्ट्र में एक अहम पहल हुई है। UN महासभा ने ऐसे World Map को बढ़ावा देने वाले प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसमें धरती के अलग-अलग हिस्सों को उनके वास्तविक क्षेत्रफल के ज्यादा करीब दिखाने की कोशिश की गई है। इस बदलाव के बाद नक्शे पर Africa पहले से काफी बड़ा दिखाई देगा, जबकि Europe और North America, खासकर US का आकार पुराने नक्शे की तुलना में छोटा नजर आ सकता है। प्रस्ताव को भारी समर्थन मिला, लेकिन अमेरिका ने इसका विरोध किया। पुराने World Map में आखिर समस्या क्या है? दुनिया के स्कूलों और कई नक्शों में लंबे समय से Mercator Projection का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसे 16वीं सदी में Gerardus Mercator ने तैयार किया था। उस समय इसका सबसे बड़ा फायदा समुद्री यात्राओं और Navigation में था। लेकिन Mercator Projection की एक खासियत ही इसकी सबसे बड़ी कमी भी बन गई। इसमें जैसे-जैसे कोई क्षेत्र Equator से दूर जाता है, उसका आकार नक्शे पर ज्यादा बड़ा दिखाई देने लगता है। यही कारण है कि Greenland जैसे इलाके नक्शे पर अपनी वास्तविकता से बहुत बड़े नजर आते हैं। दूसरी तरफ Africa, जो दुनिया के सबसे बड़े महाद्वीपों में से एक है, अपेक्षाकृत छोटा दिखाई देता है। मसलन, सामान्य Mercator Map में Greenland और Africa का आकार देखकर किसी को लग सकता है कि दोनों लगभग बराबर हैं। असल में Africa का क्षेत्रफल Greenland से करीब 14 गुना ज्यादा है। Equal Earth Projection क्यों चर्चा में है? UN के प्रस्ताव में Equal Earth Projection जैसे नक्शों को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इस Projection की खासियत यह है कि इसमें अलग-अलग महाद्वीपों के क्षेत्रफल को ज्यादा सही अनुपात में दिखाया जाता है। यानी नक्शे को देखकर Africa का वास्तविक विशाल आकार ज्यादा साफ समझ में आता है। Europe और North America भी Mercator Map की तुलना में छोटे दिखाई देते हैं। हालांकि यहां एक बात समझना जरूरी है—न तो Africa बड़ा हुआ है और न ही Europe या America छोटा। बदलाव सिर्फ उस तरीके में है, जिससे उन्हें नक्शे पर दिखाया जाता है। America ने UN के प्रस्ताव का विरोध क्यों किया? इस प्रस्ताव पर अमेरिका का रुख बाकी देशों से अलग रहा। मतदान के दौरान अमेरिका ने इसके खिलाफ वोट किया। अमेरिकी पक्ष की ओर से यह सवाल उठाया गया कि संयुक्त राष्ट्र को वैश्विक स्तर की बड़ी समस्याओं पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। वहीं प्रस्ताव के समर्थकों का मानना है कि नक्शा सिर्फ रास्ता या देश की लोकेशन बताने वाला साधन नहीं है। यह लोगों के मन में दुनिया की एक तस्वीर भी बनाता है। अफ्रीकी देशों की तरफ से लंबे समय से यह बात उठती रही है कि पुराने नक्शों में Africa का वास्तविक आकार सही तरीके से सामने नहीं आता। इसी सोच के साथ “Correct the Map” अभियान को आगे बढ़ाया गया। UN के फैसले से क्या सभी Maps बदल जाएंगे? यह मान लेना सही नहीं होगा कि अब अचानक हर जगह नया नक्शा दिखाई देने लगेगा। UN महासभा का यह फैसला कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है। यानी Google Maps, स्कूल की किताबों, सरकारी दस्तावेजों या दूसरे Digital Platforms को तुरंत अपना नक्शा बदलना जरूरी नहीं है। इसका मकसद देशों, शैक्षणिक संस्थानों, मीडिया और दूसरे संगठनों को ऐसे Map Projections अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है, जो दुनिया के क्षेत्रफल को ज्यादा सही तरीके से दिखाते हों। इसके बावजूद Mercator Projection पूरी तरह खत्म होने की संभावना नहीं है। Navigation और समुद्री यात्राओं जैसी जरूरतों में इसका इस्तेमाल आज भी उपयोगी माना जाता है। India पर क्या असर पड़ेगा? भारत को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस नए World Map से देश का आकार या सीमा बदल जाएगी? इसका जवाब है—नहीं। भारत की जमीन, क्षेत्रफल और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर इस प्रस्ताव का कोई असर नहीं पड़ेगा। सिर्फ नक्शे पर भारत और बाकी देशों को दिखाने का अनुपात बदल सकता है। अगर Equal Earth या इसी तरह की Projection का इस्तेमाल ज्यादा बढ़ता है तो आने वाले समय में School Geography Books, Educational Charts, News Graphics और Digital Maps में दुनिया की तस्वीर कुछ अलग दिखाई दे सकती है। भारत के लिए इसका असर मुख्य रूप से शिक्षा और Geography की समझ के स्तर पर होगा। बच्चों और आम लोगों को यह समझने में मदद मिलेगी कि नक्शे पर दिखाई देने वाला आकार हमेशा किसी देश या महाद्वीप के वास्तविक क्षेत्रफल के बराबर नहीं होता। Africa के लिए इसे बड़ी उपलब्धि क्यों माना जा रहा है? इस पूरे विवाद में Africa सबसे ज्यादा चर्चा के केंद्र में है। समर्थकों का कहना है कि सदियों से इस्तेमाल हो रहे नक्शों ने अनजाने में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की एक असंतुलित तस्वीर बना दी है। Africa दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है और इसके बावजूद Mercator Map में इसका आकार उसकी वास्तविक विशालता के मुकाबले कम नजर आता है। यही वजह है कि African countries और African Union की ओर से इस मुद्दे को लगातार उठाया गया। उनके लिए यह केवल Map Projection का मामला नहीं, बल्कि दुनिया के सामने Africa की वास्तविक तस्वीर रखने का भी सवाल है। क्या दुनिया सच में बदल गई? नहीं। दुनिया का भूगोल बिल्कुल नहीं बदला है। न कोई नया देश बना है, न किसी देश की सीमा बदली है और न ही Africa का क्षेत्रफल अचानक बढ़ गया है। बदलाव सिर्फ इतना है कि दुनिया को कागज या स्क्रीन पर किस तरह दिखाया जाए, इस पर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा सामने आई है। एक तरह से देखें तो यह कहानी हमें यह भी याद दिलाती है कि नक्शा हमेशा पूरी तरह निष्पक्ष तस्वीर नहीं होता। उसे बनाने का तरीका तय करता है कि हमें दुनिया का कौन-सा हिस्सा कितना बड़ा या छोटा दिखाई देगा। आने वाले वर्षों में अगर Equal Earth जैसी projections को ज्यादा अपनाया जाता है, तो संभव है कि नई पीढ़ी के लिए World Map की तस्वीर वही न हो,...
Swatantra Bhardwaj

Swatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत में

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP Protest के दौरान एक छात्रा के पिता के साथ कथित मारपीट का मामला अब फिर चर्चा में है। मामले में आरोपी बताए जा रहे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थकों के प्रदर्शन और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग के कुछ घंटे बाद हुई। Parliament Street Police Station के बाहर प्रदर्शन स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर CJP के प्रतिनिधि और समर्थक शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मामले में जल्द कार्रवाई करने और आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ राजनीतिक नेता भी वहां पहुंचे। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बातचीत हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया और इसके बाद भारद्वाज को ट्रेस करने के लिए टीमें सक्रिय की गईं। क्या है पूरा मामला? यह विवाद जंतर-मंतर पर CJP के एक प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान छात्रा निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई थी। इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार के नाम FIR में शामिल किए गए थे। मामला उस समय और गरमा गया, जब स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े एक Podcast Video की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वीडियो में भारद्वाज ने घटना को लेकर आपत्तिजनक दावे किए थे। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई। Viral Video ने बढ़ाया विवाद वायरल वीडियो सामने आने के बाद CJP ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। संगठन का कहना था कि वीडियो में कथित तौर पर घटना को लेकर किए गए दावों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। वहीं दिल्ली पुलिस ने राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही थी और मेडिकल रिपोर्ट में चोट को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए कुछ दावों की पुष्टि नहीं हुई थी। Bulandshahr में पुलिस ने पकड़ा पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की टीमों ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में ट्रेस किया। रिपोर्टों में बताया गया कि पुलिस की कार्रवाई से पहले वह वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थक स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इससे मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर चल रहा विवाद भी फिलहाल एक नए चरण में पहुंच गया है। FIR में SC/ST Act की धाराएं जोड़ने की जानकारी प्रदर्शन के बाद पुलिस की ओर से मामले में SC/ST Act से संबंधित धाराएं जोड़ने की बात सामने आई। पीड़ित की दोबारा मेडिकल जांच कराए जाने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई है। हालांकि, मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और आगे की पुलिस कार्रवाई पर निर्भर करेगी। आरोपों की पुष्टि अदालत की प्रक्रिया में ही होगी। पुलिस के सामने अब आगे की जांच बड़ी चुनौती स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिए जाने के बाद अब पुलिस के सामने वायरल वीडियो, FIR में दर्ज आरोपों, मेडिकल रिपोर्ट और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच अहम होगी। फिलहाल इस मामले ने CJP Protest, Delhi Police और Social Media Influencer को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस को भी तेज कर दिया है। अब देखना होगा कि जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस की ओर से क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Saharanpur

UP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवाल

Saharanpur उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। अदालत के आदेश के बाद प्रशासन ने शनिवार को मस्जिद के खिलाफ Bulldozer Action शुरू कर दिया। कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में हलचल बढ़ गई और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया। कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई अदालत के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन का एक्शन कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को लेकर जमीन के स्वामित्व और निर्माण की वैधता पर काफी समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन का दावा है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी है और निर्माण को अवैध माना गया है। मामला पहले सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पहुंचा। जुलाई में अदालत ने मस्जिद को हटाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही संबंधित पक्ष पर करीब 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति लगाए जाने की बात भी सामने आई थी। इस फैसले को जिला अदालत में चुनौती दी गई थी। 4 सितंबर को जिला जज की अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। इकरा हसन को सहारनपुर जाने से रोका मस्जिद पर कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन सहारनपुर जाने की कोशिश कर रही थीं। लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इकरा हसन और पुलिस अधिकारियों के बीच इस दौरान तीखी बहस भी हुई। इसका वीडियो सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। बाद में उनके आवास के बाहर पुलिस बल तैनात किए जाने की भी खबर सामने आई। इकरा हसन ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोका जा रहा है। उनका कहना था कि वह मौके पर जाकर हालात देखना चाहती थीं। मायावती ने सरकार से कार्रवाई रोकने को कहा सहारनपुर मस्जिद विवाद पर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सरकार से कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की और मामले को संवेदनशील बताते हुए सावधानी से कदम उठाने की बात कही। मायावती ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह का तनाव बढ़ने से रोकना जरूरी है। उन्होंने लोगों से भी शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। इमरान मसूद बोले- हाईकोर्ट जाएंगे सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया है। उनका कहना है कि मस्जिद की जमीन और उससे जुड़े दस्तावेजों को लेकर उनका पक्ष अलग है। जिला अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद मसूद ने मामले को हाईकोर्ट ले जाने की बात कही है। उनका कहना है कि आगे की कानूनी लड़ाई अदालत में लड़ी जाएगी और उपलब्ध दस्तावेजों को वहां रखा जाएगा। प्रशासन और विपक्ष के दावे अलग-अलग पूरे विवाद में प्रशासन और मस्जिद पक्ष के दावे अलग हैं। प्रशासन जहां निर्माण को सरकारी जमीन पर हुआ अवैध निर्माण बता रहा है, वहीं मस्जिद से जुड़े लोग और कुछ विपक्षी नेता इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं। यही वजह है कि मामला सिर्फ बुलडोजर कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। अब इसकी गूंज राजनीतिक मंच से लेकर अदालत तक सुनाई दे रही है। आगे क्या होगा? सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर हुई कार्रवाई के बाद अब सबकी नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर है। इमरान मसूद की ओर से हाईकोर्ट जाने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में अदालत में इस मामले को लेकर क्या रुख सामने आता है, यह महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद सहारनपुर में राजनीतिक माहौल गर्म है। एक तरफ अधिकारी कोर्ट के आदेश के पालन की बात कह रहे हैं, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Nepal

Nepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों Missing

नेपाल (Nepal) में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नदियों का जलस्तर बढ़ने, मलबा आने और पहाड़ी इलाकों में Landslide के खतरे ने राहत और बचाव अभियान को और मुश्किल बना दिया है। सबसे चिंता की बात यह है कि हादसे के कई दिन बाद भी हजारों लोगों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, इसी बीच Trishuli क्षेत्र से दो लोगों को नौ दिन बाद जिंदा निकालना राहत और उम्मीद की बड़ी खबर बनकर सामने आया है। दार्चुला में Landslide का खतरा, निचले इलाकों पर नजर नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। दार्चुला समेत संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से निचले इलाकों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। पहाड़ों से मलबा आने और नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका के बीच लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। Trishuli से भारतीय नागरिकों का Rescue इस बीच त्रिशूली इलाके से तीन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाले जाने की खबर सामने आई है। इनमें एक परिवार शामिल है। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और उनके भारत लौटने की प्रक्रिया में मदद की जा रही है। भारत सरकार नेपाल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए लगातार नेपाली प्रशासन के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 166 भारतीय नागरिकों को Rescue किया गया है, जबकि 275 भारतीयों के लापता होने की जानकारी दी गई है। भारत ने राहत अभियान के लिए करीब 95 टन राहत सामग्री भी भेजी है। 9 दिन बाद Trishuli Tunnel से जिंदा निकले 2 मजदूर नेपाल में चल रहे Rescue Operation की सबसे बड़ी खबर Trishuli-3A Hydropower Project से आई। यहां सुरंग में फंसे संजय साह और कबीर महारजन को करीब नौ दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोनों को सुरंग के अंदर काफी गहराई से निकाला गया। बचाव दल ने पहले अंदर से आवाजें सुनीं और फिर संपर्क स्थापित होने के बाद ऑपरेशन तेज किया। आखिरकार दोनों को बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने उन परिवारों में भी उम्मीद जगाई है जिनके अपने लोग अभी तक लापता हैं। राहत दल अब अन्य संभावित Survivors तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं। 1300 के करीब मौतें, 5 हजार से ज्यादा लोग Missing इस प्राकृतिक आपदा का असर कितना बड़ा है, इसका अंदाजा मृतकों और लापता लोगों की संख्या से लगाया जा सकता है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार 1,294 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और 5,053 लोग अब भी लापता बताए गए हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों और Hydropower Projects को भारी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और राहत शिविरों में रह रहे हैं। Rescue Operation अभी भी जारी Trishuli Tunnel से दो लोगों को जिंदा निकाले जाने के बाद Rescue Teams का हौसला बढ़ा है। नेपाल सेना, पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार प्रभावित इलाकों में Search Operation चला रहे हैं। Hydropower Projects के आसपास अभी भी बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका है। मलबा, पानी और क्षतिग्रस्त सुरंगें बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। इसके बावजूद टीमें लगातार नए रास्ते तलाश रही हैं। भारत ने नेपाल की मदद बढ़ाई नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में भारत ने भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग बढ़ाया है। भारतीय विशेषज्ञों और राहत सामग्री को नेपाल भेजा गया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की टीमें Rescue, Medical और अन्य जरूरी सेवाओं में सहायता कर रही हैं। फिलहाल नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और पहाड़ी इलाकों में नए Landslide और Flood के खतरे से निपटना है। Trishuli Tunnel से नौ दिन बाद दो लोगों का जिंदा निकलना इस त्रासदी के बीच उम्मीद की एक किरण जरूर लेकर आया है। अब Rescue Teams की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.