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“IIT बाबा” और अभिषेक मिश्रा – मामला क्या है?

“IIT बाबा” और अभिषेक मिश्रा – मामला क्या है?

मथुरा में IIT से पासआउट एक ऐसा फर्जी बाबा पकड़ा गया है, जो पढ़ी लिखी लड़कियों का ब्रेनवॉश करके उनका यौन शोषण करता था और उसका वीडियो बनाकर उन्हें और उनके परिवार को ब्लैकमेल करने का काम करता था. ऑनलाइन प्रवचन देकर ये अपने भक्त बनाने और उसकी आड़ में लड़कियों को आकर्षित कर उनका शोषण करने का काम करता था. एक पीड़िता की शिकायत के आधार पर मथुरा पुलिस ने आरोपी अभिषेक मिश्रा उर्फ आदिकर्ता नारायण दास को गिरफ्तार कर लिया है.  कितनी लड़कियों का किया शोषण, पुलिस जांच में जुटी  आईआईटियन बाबा की यौन शोषण मामले में गिरफ्तारी के बाद पुलिस पीड़िताओं की पड़ताल कर रही है कि आखिर इस फर्जी बाबा ने कितनी लड़कियों का शोषण किया है. मात्र 29 साल की उम्र में आईआईटी से पासआउट इस फर्जी बाबा ने दर्जनों लड़कियों को गंधर्व विवाह के नाम पर अपने साथ जोड़कर उनका यौन शोषण किया और अश्लील फोटो वीडियो के आधार पर उनको ब्लैकमेल करता रहा. इस फर्जी बाबा ने साल 2017 से 2021 तक आईआईटी रुड़की से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी. ओडिशा का रहने वाला है अभिषेक मिश्रा  ओडिशा का रहने वाला आरोपी अभिषेक मिश्रा खुद को आदिकर्ता नारायण दास कहता था. मथुरा में जहां ये रहता था, वहां करीब 24 लड़के लड़कियां भी रहती थीं. हालांकि इसकी हरकतें देखकर धीरे-धीरे ज्यादातर उसका साथ छोड़कर चले गए. बताया जा रहा है कि इसने इन सबका ब्रेनवॉश करके अपने साथ जोड़ रखा था. इसके फोन से भी कुछ लड़कियों की तस्वीरें और वीडियो मिले हैं. छत्तीसगढ़ की एक लड़की की शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इसे गिरफ्तार किया है.  वीडियो के जरिए लड़कियों को करता था टारगेट  फर्जी बाबा आदिकर्ता नारायण दास ने यूट्यूब पर राधा कृपा अमृता नाम से एक चैनल बनाया था. इस चैनल पर वो ऑनलाइन अपने प्रवचन डालता था. इसमें हिंदी और इंग्लिश में ये ज्ञान देकर अपना प्रभाव बढ़ाने का काम कर रहा था. धर्म के नाम पर इन्हीं वीडियो के ज़रिए ये लड़कियों को टारगेट करता था. लिंक्डइन पर भी आदिकर्ता नारायण दास के नाम से इसने अपनी प्रोफाइल बनाई थी. बताया जा रहा है कि ये फर्जी बाबा खासतौर पर इंजीनियरिंग की हुई लड़कियों को अपने झांसे में लेता था.
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दावा: Iran ने अमेरिका के साथ सीजफायर वार्ता रोकी | होर्मुज स्ट्रेट बंद करने की तैयारी, लेबनान हमलों पर विरोध

दावा: Iran ने अमेरिका के साथ सीजफायर वार्ता रोकी | होर्मुज स्ट्रेट बंद करने की तैयारी, लेबनान हमलों पर विरोध

मिडिल ईस्ट से बड़ी खबर सामने आई है कि Iran ने कथित तौर पर United States के साथ चल रही सीजफायर (युद्धविराम) वार्ता को रोक दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस फैसले के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। होर्मुज स्ट्रेट पर बड़ा फैसला सूत्रों के मुताबिक ईरान अब रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण Strait of Hormuz को आंशिक या पूरी तरह बंद करने पर विचार कर रहा है। यह वही समुद्री मार्ग है जिससे दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल व्यापार होता है। अगर यह रास्ता बाधित होता है तो वैश्विक ऊर्जा बाजार पर बड़ा असर पड़ सकता है। लेबनान पर हमलों का विरोध ईरान की ओर से यह कदम कथित तौर पर Lebanon पर हो रहे हमलों के विरोध में उठाया गया है। क्षेत्रीय तनाव पहले से ही काफी बढ़ा हुआ है और इस फैसले ने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है। स्थिति पर नजर हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर पूरी जानकारी की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के बाद दुनिया भर में चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर हालात ऐसे ही रहे तो मिडिल ईस्ट में तनाव और तेज हो सकता है।
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Kolkata में मेसी का 70 फीट ऊंचा स्टैच्यू हटाया गया | तेज हवा में हिलने लगा था, 6 महीने पहले हुआ था उद्घाटन

Kolkata में मेसी का 70 फीट ऊंचा स्टैच्यू हटाया गया | तेज हवा में हिलने लगा था, 6 महीने पहले हुआ था उद्घाटन

Kolkata से एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है, जहां अर्जेंटीनी स्टार फुटबॉलर Lionel Messi का 70 फीट ऊंचा स्टैच्यू हटाना पड़ा। बताया जा रहा है कि तेज हवाओं के कारण यह स्टैच्यू अस्थिर होकर हिलने लगा था, जिसके बाद सुरक्षा कारणों से इसे हटाने का फैसला लिया गया। 6 महीने पहले हुआ था भव्य उद्घाटन यह विशाल स्टैच्यू लगभग 6 महीने पहले एक कार्यक्रम के दौरान खुद मेसी द्वारा वर्चुअल या प्रतीकात्मक रूप से उद्घाटित किया गया था। उस समय इसे फुटबॉल फैंस के लिए एक खास आकर्षण के रूप में पेश किया गया था। तेज हवा बनी वजह हाल ही में क्षेत्र में तेज हवाएं और मौसम में बदलाव के चलते स्टैच्यू की स्थिरता पर सवाल उठे। स्थानीय प्रशासन और आयोजकों ने किसी भी संभावित हादसे से बचने के लिए इसे हटाने का निर्णय लिया। फुटबॉल प्रेमियों में निराशा Kolkata में फुटबॉल को लेकर जबरदस्त क्रेज है, और इस स्टैच्यू के हटने से कई प्रशंसक निराश हैं। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा सबसे पहले है, इसलिए यह कदम जरूरी था।
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CM विजय का बयान | DMK-AIADMK पर तंज, बोले– “मेरी राजनीति भी सूट जैसी ब्लैक एंड व्हाइट”

CM Vijay का बयान | DMK-AIADMK पर तंज, बोले– “मेरी राजनीति भी सूट जैसी ब्लैक एंड व्हाइट”

तमिलनाडु की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। CM Vijay ने विपक्षी दलों DMK और AIADMK पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें उनके पहनावे और अंदाज से समस्या क्यों है। “सूट पहनने से दिक्कत क्यों?” सीएम विजय ने कहा कि कुछ राजनीतिक दल उनके सूट पहनने को लेकर टिप्पणी करते हैं, जबकि यह सिर्फ एक व्यक्तिगत शैली है। उन्होंने सवाल उठाया कि राजनीति में कपड़ों को लेकर विवाद क्यों बनाया जा रहा है। “मेरी राजनीति ब्लैक एंड व्हाइट सूट जैसी” विजय ने आगे कहा, “मेरी पॉलिटिक्स भी सूट की तरह ब्लैक एंड व्हाइट है।” उनका इशारा साफ था कि वे अपनी राजनीति को सरल, पारदर्शी और सीधे सिद्धांतों पर आधारित मानते हैं। “मैं मुख्यमंत्री नहीं, सेवक हूं” अपने बयान में उन्होंने यह भी कहा कि वे खुद को मुख्यमंत्री नहीं बल्कि जनता का सेवक मानते हैं। उनके इस बयान को राजनीतिक हलकों में जनता से जुड़ने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक माहौल गर्म इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ गई है। विपक्षी दलों की ओर से भी प्रतिक्रिया आने की संभावना जताई जा रही है।
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PM Modi पर Prakash Raj का विवादित बयान, सोशल मीडिया पर मचा बवाल

PM Modi पर Prakash Raj का विवादित बयान, सोशल मीडिया पर मचा बवाल

फिल्म अभिनेता और सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर मुखर राय रखने वाले Prakash Raj एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर ऐसी टिप्पणी की, जिसके बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। एक कार्यक्रम के दौरान प्रकाश राज ने प्रधानमंत्री मोदी के अतीत का जिक्र करते हुए विवादित टिप्पणी की। उनका यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। कई लोगों ने अभिनेता के बयान की आलोचना की, जबकि कुछ लोगों ने इसे उनकी व्यक्तिगत राय बताया। बयान वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने प्रकाश राज पर जमकर निशाना साधा। कई लोगों ने सवाल उठाया कि उन्होंने देश और समाज के लिए क्या योगदान दिया है। वहीं कुछ यूजर्स ने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी नेता की आलोचना की जा सकती है, लेकिन भाषा और मर्यादा का ध्यान रखा जाना चाहिए। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों के बयान अक्सर राजनीतिक और सामाजिक बहस को जन्म देते हैं। ऐसे मामलों में समर्थकों और विरोधियों के बीच तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलती हैं। फिलहाल प्रकाश राज के इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा जारी है। हालांकि, इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या उनकी पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह पहली बार नहीं है जब प्रकाश राज किसी राजनीतिक टिप्पणी को लेकर सुर्खियों में आए हों। इससे पहले भी वे कई बार अपने बयानों के कारण चर्चा और विवाद का हिस्सा बन चुके हैं।
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UP के नए DGP Rajeev Krishna का बड़ा प्लान: अपराधियों पर जीरो टॉलरेंस, Cyber Crime और Road Safety पर रहेगा फोकस

UP को करीब चार साल बाद स्थायी पुलिस महानिदेशक (DGP) मिला है। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी राजीव कृष्ण को राज्य का नया DGP नियुक्त किया गया है। पदभार संभालने के बाद उन्होंने साफ कर दिया है कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति आगे भी जारी रहेगी। एक विशेष बातचीत में राजीव कृष्ण ने कहा कि कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उत्तर प्रदेश पुलिस जनता की सुरक्षा और अपराध नियंत्रण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करेगी। Cyber Crime पर विशेष नजर नए DGP ने माना कि साइबर अपराध आज सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन फ्रॉड और साइबर ठगी जैसे मामलों से निपटने के लिए पुलिस की तकनीकी क्षमता बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ-साथ लोगों को जागरूक करने पर भी जोर दिया जाएगा। Road Safety बनेगी प्राथमिकता राजीव कृष्ण ने सड़क सुरक्षा को भी अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया है। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने के लिए ‘Zero Fatality District’ जैसे कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया जाएगा। पुलिस यातायात नियमों के पालन और जनजागरूकता अभियानों पर विशेष ध्यान देगी। महिलाओं की सुरक्षा और जनता का भरोसा DGP ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सार्वजनिक सुरक्षा और पुलिस पर जनता के भरोसे को मजबूत करना उनकी कार्ययोजना का अहम हिस्सा रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी अपराधी या कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वाले व्यक्ति के प्रति नरमी नहीं बरती जाएगी। तकनीक और आधुनिक पुलिसिंग पर जोर राजीव कृष्ण पहले भी तकनीक आधारित पुलिसिंग के समर्थक रहे हैं। AI, डेटा एनालिटिक्स, साइबर ट्रेनिंग और आधुनिक जांच प्रणाली के जरिए पुलिसिंग को और प्रभावी बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। उत्तर प्रदेश के नए DGP के रूप में राजीव कृष्ण की नियुक्ति को राज्य में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में उनकी नीतियों और फैसलों पर सभी की नजर रहेगी।
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IPL 2026 Final, RCB vs GT Final, Virat Kohli IPL 2026, Royal Challengers Bengaluru Champion, Gujarat Titans vs RCB, IPL Final News Hindi

IPL 2026 Final: विराट कोहली का तूफान, RCB ने लगातार दूसरी बार जीती IPL ट्रॉफी, गुजरात टाइटंस को हराया

Virat Magic! RCB ने रचा इतिहास, लगातार दूसरी बार IPL Champion बनी बेंगलुरु Royal Challengers Bengaluru ने एक बार फिर आईपीएल में अपना दबदबा साबित कर दिया। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए IPL 2026 फाइनल में RCB ने Gujarat Titans को हराकर लगातार दूसरी बार IPL ट्रॉफी अपने नाम कर ली। मैच में गुजरात टाइटंस ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 155/8 रन बनाए। जवाब में RCB ने विराट कोहली की विस्फोटक बल्लेबाजी की बदौलत लक्ष्य को 18 ओवर के अंदर हासिल कर लिया। Virat Kohli ने खेली जवाबदारी वाली पारी फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में एक बार फिर Virat Kohli ने जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने सिर्फ 33 गेंदों में 58 रन बनाकर गुजरात के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। उनकी पारी में 7 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। RCB की शुरुआत भी बेहद तेज रही, जहां वेंकटेश अय्यर ने 16 गेंदों में 32 रन बनाए। RCB के गेंदबाजों ने पलटा मैच टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने उतरी RCB ने गुजरात को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। गुजरात की ओर से वॉशिंगटन सुंदर ने 50 रन की संघर्षपूर्ण पारी खेली, लेकिन बाकी बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं बना सके। RCB के तेज गेंदबाजों और स्पिनर्स ने शानदार रणनीति के साथ गुजरात के बल्लेबाजी क्रम को लगातार दबाव में रखा। यही वजह रही कि GT सिर्फ 155 रन तक ही पहुंच सकी। फाइनल का टर्निंग पॉइंट मैच का सबसे बड़ा मोमेंट तब आया जब विराट कोहली और वेंकटेश अय्यर ने शुरुआती ओवरों में गुजरात के गेंदबाजों की लाइन-लेंथ बिगाड़ दी। RCB ने सिर्फ 4 ओवर में 55 रन जोड़कर मैच पर पूरी पकड़ बना ली थी। इसके बाद गुजरात की वापसी मुश्किल हो गई। लगातार दूसरी ट्रॉफी के साथ RCB ने बनाया रिकॉर्ड पिछले सीजन का खिताब जीतने के बाद RCB ने 2026 में भी अपना दबदबा कायम रखा। लगातार दो IPL ट्रॉफी जीतकर टीम अब मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स जैसे दिग्गज फ्रेंचाइजियों की सूची में शामिल हो गई है। मैच का स्कोरकार्ड टीम स्कोर गुजरात टाइटंस 155/8 (20 ओवर) रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 156+ रन (18 ओवर से पहले) परिणाम RCB ने जीत दर्ज की Desh Harpal Verdict 18 साल इंतजार के बाद पहली ट्रॉफी जीतने वाली RCB अब एक नई विरासत बना रही है। विराट कोहली का अनुभव, टीम का संतुलन और गेंदबाजों की रणनीति इस जीत की सबसे बड़ी वजह रही। IPL 2026 का फाइनल सिर्फ एक मैच नहीं बल्कि RCB के सुनहरे दौर की कहानी बन गया।
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Abhishek Banerjee Attack

Breaking News: अभिषेक बनर्जी पर हमले के बाद ममता बनर्जी का बड़ा आरोप, अस्पताल और बीजेपी पर साधा निशाना

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद Abhishek Banerjee पर हुए कथित हमले के बाद राज्य में सियासी माहौल गरमा गया है। पूर्व मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने दावा किया है कि उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी को उचित इलाज नहीं दिया गया और अस्पताल प्रशासन पर दबाव बनाया गया। क्या है पूरा मामला? जानकारी के मुताबिक, अभिषेक बनर्जी दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर इलाके में चुनाव बाद हिंसा से प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे थे। इसी दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों ने उनके काफिले का विरोध किया। आरोप है कि भीड़ ने उन पर अंडे, पत्थर और अन्य वस्तुएं फेंकी, जिससे वे घायल हो गए। घटना के बाद उन्हें कोलकाता के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां मेडिकल जांच की गई। बाद में उन्हें दूसरे अस्पताल में शिफ्ट किया गया। ममता बनर्जी ने लगाए गंभीर आरोप ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि अभिषेक बनर्जी के शरीर में खून के थक्के (Blood Clots) पाए गए हैं और उनकी हालत को देखते हुए उन्हें आईटीयू (ITU) में भर्ती किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन पर राजनीतिक दबाव बनाया गया, जिसके कारण उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। ममता ने कहा कि यदि अभिषेक को कुछ भी होता है तो इसकी जिम्मेदारी अस्पताल प्रशासन की होगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ पुलिस अधिकारियों और बीजेपी नेताओं द्वारा अस्पतालों को धमकाया जा रहा है। बीजेपी ने आरोपों को बताया राजनीतिक ड्रामा दूसरी ओर बीजेपी ने टीएमसी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जनता का गुस्सा अब सड़कों पर दिखाई दे रहा है। पार्टी नेताओं ने घटना की निंदा तो की, लेकिन इसे टीएमसी की राजनीतिक रणनीति बताया। बंगाल में बढ़ रहा राजनीतिक तनाव यह घटना ऐसे समय हुई है जब पश्चिम बंगाल पहले से ही चुनाव बाद हिंसा और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के दौर से गुजर रहा है। हाल के विधानसभा चुनावों के बाद राज्य में कई हिंसक घटनाएं सामने आई हैं और टीएमसी तथा बीजेपी लगातार एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अभिषेक बनर्जी पर हमला और उसके बाद अस्पताल को लेकर उठे विवाद आने वाले दिनों में बंगाल की राजनीति को और अधिक गरमा सकते हैं। देश हरपल विश्लेषण अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले ने सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल नहीं खड़े किए हैं, बल्कि स्वास्थ्य संस्थानों की निष्पक्षता और राजनीतिक दबाव को लेकर भी नई बहस शुरू कर दी है। जहां टीएमसी इसे लोकतंत्र पर हमला बता रही है, वहीं बीजेपी इसे जनता की नाराजगी का परिणाम कह रही है। आने वाले दिनों में इस मामले की जांच और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं बंगाल की राजनीति की दिशा तय कर सकती हैं।
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Ujjain Mahakaleshwar Temple Viral Video: मंदिर परिसर में सगाई करने पर सख्त कार्रवाई, सुरक्षा एजेंसी पर ₹50,000 जुर्माना

Ujjain Mahakaleshwar Temple Viral Video: मंदिर परिसर में सगाई करने पर सख्त कार्रवाई, सुरक्षा एजेंसी पर ₹50,000 जुर्माना

Ujjain स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में एक कपल द्वारा मंदिर परिसर के अंदर सगाई (Engagement) करने और उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद मंदिर प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। जानकारी के अनुसार, दिल्ली से आए इस जोड़े ने 26 मई को मंदिर के गणेश मंडपम में एक-दूसरे को अंगूठी पहनाई और इस पल को रिकॉर्ड कर इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर दिया। वीडियो वायरल होने के बाद मामला मंदिर समिति तक पहुंचा। मंदिर प्रशासन ने इसे नियमों का उल्लंघन मानते हुए तुरंत वीडियो हटवाया और सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही पर कार्रवाई की। सुरक्षा एजेंसी पर ₹50,000 का जुर्माना लगाया गया है। इसके साथ ही, वीडियो में दिखाई देने वाले अटेंडर के विशेष द्वारों से प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। साथ ही संबंधित प्रोटोकॉल, पुरोहित और कर्मचारियों को नोटिस जारी कर चेतावनी दी गई है। मंदिर समिति ने साफ कहा है कि धार्मिक स्थलों की मर्यादा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है और भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए नियम और सख्त किए जाएंगे। यह घटना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है, जहां लोग धार्मिक स्थलों पर इस तरह की गतिविधियों को लेकर अलग-अलग राय दे रहे हैं।
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Bhopal News: बड़े तालाब में युवती ने लगाई छलांग, दोस्तों के साथ घूमने आई थी

Bhopal News: बड़े तालाब में युवती ने लगाई छलांग, दोस्तों के साथ घूमने आई थी

Bhopal के बड़े तालाब इलाके में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवती ने तालाब में छलांग लगा दी। घटना के समय युवती अपने दो दोस्तों के साथ घूमने आई थी। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस और बचाव दल को दी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, युवती कुछ समय से तनाव में थी। बताया जा रहा है कि वह किसी व्यक्ति से फोन पर संपर्क नहीं कर पा रही थी, जिसके कारण वह परेशान थी। हालांकि, घटना के पीछे की वास्तविक वजह का पता लगाने के लिए पुलिस जांच कर रही है। दोस्तों के साथ पहुंची थी बड़े तालाब प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवती अपने दो दोस्तों के साथ बड़े तालाब घूमने आई थी। इसी दौरान अचानक उसने तालाब में छलांग लगा दी। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस और रेस्क्यू टीम ने संभाला मोर्चा सूचना मिलते ही पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंच गया। युवती की तलाश और बचाव के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है और युवती के दोस्तों से भी पूछताछ की जा रही है। तनाव की बात सामने आई प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि युवती किसी कारण से मानसिक तनाव में थी। हालांकि, पुलिस ने अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की जांच की बात कही है। पुलिस कर रही जांच पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना से जुड़ी हर जानकारी जुटाई जा रही है। मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और दोस्तों के बयान के आधार पर पूरे मामले की जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और आधिकारिक जानकारी का इंतजार करने की अपील कर रही है।
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Bittu Tabahi

Bittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावित

नदी में गंदगी देखकर ज्यादातर लोग शिकायत करते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के एक युवक ने शिकायत करने के बजाय खुद कुछ करने की ठानी। स्थानीय स्तर पर ‘बिट्टू तबाही’ (Bittu Tabahi) के नाम से पहचाने जाने वाले इस युवक ने अकेले ही नदी की सफाई का जिम्मा उठा लिया। उनका यह जज्बा अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। बिट्टू ने नदी में जमा कचरे और गंदगी को देखकर सफाई अभियान शुरू किया। शुरुआत किसी बड़े इंतजाम या टीम के साथ नहीं हुई। उन्होंने अपने स्तर पर सफाई करना शुरू किया और लगातार इस काम में जुटे रहे। नदी को साफ रखने का लिया संकल्प बिट्टू का मानना है कि नदी सिर्फ पानी का स्रोत नहीं, बल्कि आसपास के लोगों और पर्यावरण के लिए बेहद जरूरी है। इसी सोच के साथ उन्होंने नदी में जमा कचरे को हटाने की पहल की। उनका यह प्रयास धीरे-धीरे स्थानीय लोगों का ध्यान खींचने लगा। लोगों ने देखा कि बिना किसी दबाव या दिखावे के बिट्टू लगातार नदी की सफाई में लगे हुए हैं। नगरपालिका ने भी की पहल की सराहना बिट्टू के लगातार सफाई अभियान की जानकारी नगरपालिका तक पहुंची तो उनके प्रयास की सराहना की गई। एक युवक द्वारा अपने स्तर पर नदी को साफ रखने की कोशिश को अधिकारियों ने सकारात्मक कदम माना। इस पहल ने यह भी दिखाया कि अगर कोई व्यक्ति अपने आसपास के पर्यावरण को लेकर जिम्मेदारी महसूस करे, तो छोटी शुरुआत भी बड़ा संदेश दे सकती है। सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आया अभियान बिट्टू का नदी सफाई अभियान अब स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। उनके प्रयास को देखकर दूसरे लोगों में भी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने की उम्मीद है। आज नदियों में बढ़ता कचरा और प्रदूषण बड़ी चुनौती है। ऐसे में बिट्टू की पहल लोगों को यह संदेश देती है कि नदी को साफ रखना सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी साझा जिम्मेदारी है। ‘बिट्टू तबाही’ ने दी एक अलग मिसाल बिट्टू की कहानी इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने बदलाव का इंतजार नहीं किया, बल्कि खुद बदलाव की शुरुआत करने का फैसला लिया। अकेले शुरू किया गया उनका यह सफाई अभियान अब दूसरों के लिए प्रेरणा बनता दिखाई दे रहा है। कई बार किसी बड़े बदलाव की शुरुआत बड़े अभियान से नहीं, बल्कि एक छोटे से कदम से होती है। बिट्टू का यह प्रयास उसी सोच की मिसाल है—अगर इरादा मजबूत हो, तो एक इंसान भी बदलाव की शुरुआत कर सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ किया

दुनिया का नक्शा (World Map) देखते हुए शायद ही किसी ने सोचा होगा कि इसमें दिखाई देने वाले देशों और महाद्वीपों का आकार असलियत से अलग भी हो सकता है। लेकिन अब इसी मुद्दे को लेकर संयुक्त राष्ट्र में एक अहम पहल हुई है। UN महासभा ने ऐसे World Map को बढ़ावा देने वाले प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसमें धरती के अलग-अलग हिस्सों को उनके वास्तविक क्षेत्रफल के ज्यादा करीब दिखाने की कोशिश की गई है। इस बदलाव के बाद नक्शे पर Africa पहले से काफी बड़ा दिखाई देगा, जबकि Europe और North America, खासकर US का आकार पुराने नक्शे की तुलना में छोटा नजर आ सकता है। प्रस्ताव को भारी समर्थन मिला, लेकिन अमेरिका ने इसका विरोध किया। पुराने World Map में आखिर समस्या क्या है? दुनिया के स्कूलों और कई नक्शों में लंबे समय से Mercator Projection का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसे 16वीं सदी में Gerardus Mercator ने तैयार किया था। उस समय इसका सबसे बड़ा फायदा समुद्री यात्राओं और Navigation में था। लेकिन Mercator Projection की एक खासियत ही इसकी सबसे बड़ी कमी भी बन गई। इसमें जैसे-जैसे कोई क्षेत्र Equator से दूर जाता है, उसका आकार नक्शे पर ज्यादा बड़ा दिखाई देने लगता है। यही कारण है कि Greenland जैसे इलाके नक्शे पर अपनी वास्तविकता से बहुत बड़े नजर आते हैं। दूसरी तरफ Africa, जो दुनिया के सबसे बड़े महाद्वीपों में से एक है, अपेक्षाकृत छोटा दिखाई देता है। मसलन, सामान्य Mercator Map में Greenland और Africa का आकार देखकर किसी को लग सकता है कि दोनों लगभग बराबर हैं। असल में Africa का क्षेत्रफल Greenland से करीब 14 गुना ज्यादा है। Equal Earth Projection क्यों चर्चा में है? UN के प्रस्ताव में Equal Earth Projection जैसे नक्शों को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इस Projection की खासियत यह है कि इसमें अलग-अलग महाद्वीपों के क्षेत्रफल को ज्यादा सही अनुपात में दिखाया जाता है। यानी नक्शे को देखकर Africa का वास्तविक विशाल आकार ज्यादा साफ समझ में आता है। Europe और North America भी Mercator Map की तुलना में छोटे दिखाई देते हैं। हालांकि यहां एक बात समझना जरूरी है—न तो Africa बड़ा हुआ है और न ही Europe या America छोटा। बदलाव सिर्फ उस तरीके में है, जिससे उन्हें नक्शे पर दिखाया जाता है। America ने UN के प्रस्ताव का विरोध क्यों किया? इस प्रस्ताव पर अमेरिका का रुख बाकी देशों से अलग रहा। मतदान के दौरान अमेरिका ने इसके खिलाफ वोट किया। अमेरिकी पक्ष की ओर से यह सवाल उठाया गया कि संयुक्त राष्ट्र को वैश्विक स्तर की बड़ी समस्याओं पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। वहीं प्रस्ताव के समर्थकों का मानना है कि नक्शा सिर्फ रास्ता या देश की लोकेशन बताने वाला साधन नहीं है। यह लोगों के मन में दुनिया की एक तस्वीर भी बनाता है। अफ्रीकी देशों की तरफ से लंबे समय से यह बात उठती रही है कि पुराने नक्शों में Africa का वास्तविक आकार सही तरीके से सामने नहीं आता। इसी सोच के साथ “Correct the Map” अभियान को आगे बढ़ाया गया। UN के फैसले से क्या सभी Maps बदल जाएंगे? यह मान लेना सही नहीं होगा कि अब अचानक हर जगह नया नक्शा दिखाई देने लगेगा। UN महासभा का यह फैसला कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है। यानी Google Maps, स्कूल की किताबों, सरकारी दस्तावेजों या दूसरे Digital Platforms को तुरंत अपना नक्शा बदलना जरूरी नहीं है। इसका मकसद देशों, शैक्षणिक संस्थानों, मीडिया और दूसरे संगठनों को ऐसे Map Projections अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है, जो दुनिया के क्षेत्रफल को ज्यादा सही तरीके से दिखाते हों। इसके बावजूद Mercator Projection पूरी तरह खत्म होने की संभावना नहीं है। Navigation और समुद्री यात्राओं जैसी जरूरतों में इसका इस्तेमाल आज भी उपयोगी माना जाता है। India पर क्या असर पड़ेगा? भारत को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस नए World Map से देश का आकार या सीमा बदल जाएगी? इसका जवाब है—नहीं। भारत की जमीन, क्षेत्रफल और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर इस प्रस्ताव का कोई असर नहीं पड़ेगा। सिर्फ नक्शे पर भारत और बाकी देशों को दिखाने का अनुपात बदल सकता है। अगर Equal Earth या इसी तरह की Projection का इस्तेमाल ज्यादा बढ़ता है तो आने वाले समय में School Geography Books, Educational Charts, News Graphics और Digital Maps में दुनिया की तस्वीर कुछ अलग दिखाई दे सकती है। भारत के लिए इसका असर मुख्य रूप से शिक्षा और Geography की समझ के स्तर पर होगा। बच्चों और आम लोगों को यह समझने में मदद मिलेगी कि नक्शे पर दिखाई देने वाला आकार हमेशा किसी देश या महाद्वीप के वास्तविक क्षेत्रफल के बराबर नहीं होता। Africa के लिए इसे बड़ी उपलब्धि क्यों माना जा रहा है? इस पूरे विवाद में Africa सबसे ज्यादा चर्चा के केंद्र में है। समर्थकों का कहना है कि सदियों से इस्तेमाल हो रहे नक्शों ने अनजाने में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की एक असंतुलित तस्वीर बना दी है। Africa दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है और इसके बावजूद Mercator Map में इसका आकार उसकी वास्तविक विशालता के मुकाबले कम नजर आता है। यही वजह है कि African countries और African Union की ओर से इस मुद्दे को लगातार उठाया गया। उनके लिए यह केवल Map Projection का मामला नहीं, बल्कि दुनिया के सामने Africa की वास्तविक तस्वीर रखने का भी सवाल है। क्या दुनिया सच में बदल गई? नहीं। दुनिया का भूगोल बिल्कुल नहीं बदला है। न कोई नया देश बना है, न किसी देश की सीमा बदली है और न ही Africa का क्षेत्रफल अचानक बढ़ गया है। बदलाव सिर्फ इतना है कि दुनिया को कागज या स्क्रीन पर किस तरह दिखाया जाए, इस पर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा सामने आई है। एक तरह से देखें तो यह कहानी हमें यह भी याद दिलाती है कि नक्शा हमेशा पूरी तरह निष्पक्ष तस्वीर नहीं होता। उसे बनाने का तरीका तय करता है कि हमें दुनिया का कौन-सा हिस्सा कितना बड़ा या छोटा दिखाई देगा। आने वाले वर्षों में अगर Equal Earth जैसी projections को ज्यादा अपनाया जाता है, तो संभव है कि नई पीढ़ी के लिए World Map की तस्वीर वही न हो,...
Swatantra Bhardwaj

Swatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत में

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP Protest के दौरान एक छात्रा के पिता के साथ कथित मारपीट का मामला अब फिर चर्चा में है। मामले में आरोपी बताए जा रहे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थकों के प्रदर्शन और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग के कुछ घंटे बाद हुई। Parliament Street Police Station के बाहर प्रदर्शन स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर CJP के प्रतिनिधि और समर्थक शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मामले में जल्द कार्रवाई करने और आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ राजनीतिक नेता भी वहां पहुंचे। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बातचीत हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया और इसके बाद भारद्वाज को ट्रेस करने के लिए टीमें सक्रिय की गईं। क्या है पूरा मामला? यह विवाद जंतर-मंतर पर CJP के एक प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान छात्रा निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई थी। इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार के नाम FIR में शामिल किए गए थे। मामला उस समय और गरमा गया, जब स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े एक Podcast Video की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वीडियो में भारद्वाज ने घटना को लेकर आपत्तिजनक दावे किए थे। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई। Viral Video ने बढ़ाया विवाद वायरल वीडियो सामने आने के बाद CJP ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। संगठन का कहना था कि वीडियो में कथित तौर पर घटना को लेकर किए गए दावों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। वहीं दिल्ली पुलिस ने राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही थी और मेडिकल रिपोर्ट में चोट को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए कुछ दावों की पुष्टि नहीं हुई थी। Bulandshahr में पुलिस ने पकड़ा पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की टीमों ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में ट्रेस किया। रिपोर्टों में बताया गया कि पुलिस की कार्रवाई से पहले वह वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थक स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इससे मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर चल रहा विवाद भी फिलहाल एक नए चरण में पहुंच गया है। FIR में SC/ST Act की धाराएं जोड़ने की जानकारी प्रदर्शन के बाद पुलिस की ओर से मामले में SC/ST Act से संबंधित धाराएं जोड़ने की बात सामने आई। पीड़ित की दोबारा मेडिकल जांच कराए जाने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई है। हालांकि, मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और आगे की पुलिस कार्रवाई पर निर्भर करेगी। आरोपों की पुष्टि अदालत की प्रक्रिया में ही होगी। पुलिस के सामने अब आगे की जांच बड़ी चुनौती स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिए जाने के बाद अब पुलिस के सामने वायरल वीडियो, FIR में दर्ज आरोपों, मेडिकल रिपोर्ट और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच अहम होगी। फिलहाल इस मामले ने CJP Protest, Delhi Police और Social Media Influencer को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस को भी तेज कर दिया है। अब देखना होगा कि जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस की ओर से क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Saharanpur

UP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवाल

Saharanpur उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। अदालत के आदेश के बाद प्रशासन ने शनिवार को मस्जिद के खिलाफ Bulldozer Action शुरू कर दिया। कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में हलचल बढ़ गई और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया। कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई अदालत के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन का एक्शन कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को लेकर जमीन के स्वामित्व और निर्माण की वैधता पर काफी समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन का दावा है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी है और निर्माण को अवैध माना गया है। मामला पहले सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पहुंचा। जुलाई में अदालत ने मस्जिद को हटाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही संबंधित पक्ष पर करीब 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति लगाए जाने की बात भी सामने आई थी। इस फैसले को जिला अदालत में चुनौती दी गई थी। 4 सितंबर को जिला जज की अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। इकरा हसन को सहारनपुर जाने से रोका मस्जिद पर कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन सहारनपुर जाने की कोशिश कर रही थीं। लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इकरा हसन और पुलिस अधिकारियों के बीच इस दौरान तीखी बहस भी हुई। इसका वीडियो सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। बाद में उनके आवास के बाहर पुलिस बल तैनात किए जाने की भी खबर सामने आई। इकरा हसन ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोका जा रहा है। उनका कहना था कि वह मौके पर जाकर हालात देखना चाहती थीं। मायावती ने सरकार से कार्रवाई रोकने को कहा सहारनपुर मस्जिद विवाद पर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सरकार से कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की और मामले को संवेदनशील बताते हुए सावधानी से कदम उठाने की बात कही। मायावती ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह का तनाव बढ़ने से रोकना जरूरी है। उन्होंने लोगों से भी शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। इमरान मसूद बोले- हाईकोर्ट जाएंगे सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया है। उनका कहना है कि मस्जिद की जमीन और उससे जुड़े दस्तावेजों को लेकर उनका पक्ष अलग है। जिला अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद मसूद ने मामले को हाईकोर्ट ले जाने की बात कही है। उनका कहना है कि आगे की कानूनी लड़ाई अदालत में लड़ी जाएगी और उपलब्ध दस्तावेजों को वहां रखा जाएगा। प्रशासन और विपक्ष के दावे अलग-अलग पूरे विवाद में प्रशासन और मस्जिद पक्ष के दावे अलग हैं। प्रशासन जहां निर्माण को सरकारी जमीन पर हुआ अवैध निर्माण बता रहा है, वहीं मस्जिद से जुड़े लोग और कुछ विपक्षी नेता इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं। यही वजह है कि मामला सिर्फ बुलडोजर कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। अब इसकी गूंज राजनीतिक मंच से लेकर अदालत तक सुनाई दे रही है। आगे क्या होगा? सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर हुई कार्रवाई के बाद अब सबकी नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर है। इमरान मसूद की ओर से हाईकोर्ट जाने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में अदालत में इस मामले को लेकर क्या रुख सामने आता है, यह महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद सहारनपुर में राजनीतिक माहौल गर्म है। एक तरफ अधिकारी कोर्ट के आदेश के पालन की बात कह रहे हैं, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Nepal

Nepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों Missing

नेपाल (Nepal) में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नदियों का जलस्तर बढ़ने, मलबा आने और पहाड़ी इलाकों में Landslide के खतरे ने राहत और बचाव अभियान को और मुश्किल बना दिया है। सबसे चिंता की बात यह है कि हादसे के कई दिन बाद भी हजारों लोगों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, इसी बीच Trishuli क्षेत्र से दो लोगों को नौ दिन बाद जिंदा निकालना राहत और उम्मीद की बड़ी खबर बनकर सामने आया है। दार्चुला में Landslide का खतरा, निचले इलाकों पर नजर नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। दार्चुला समेत संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से निचले इलाकों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। पहाड़ों से मलबा आने और नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका के बीच लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। Trishuli से भारतीय नागरिकों का Rescue इस बीच त्रिशूली इलाके से तीन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाले जाने की खबर सामने आई है। इनमें एक परिवार शामिल है। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और उनके भारत लौटने की प्रक्रिया में मदद की जा रही है। भारत सरकार नेपाल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए लगातार नेपाली प्रशासन के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 166 भारतीय नागरिकों को Rescue किया गया है, जबकि 275 भारतीयों के लापता होने की जानकारी दी गई है। भारत ने राहत अभियान के लिए करीब 95 टन राहत सामग्री भी भेजी है। 9 दिन बाद Trishuli Tunnel से जिंदा निकले 2 मजदूर नेपाल में चल रहे Rescue Operation की सबसे बड़ी खबर Trishuli-3A Hydropower Project से आई। यहां सुरंग में फंसे संजय साह और कबीर महारजन को करीब नौ दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोनों को सुरंग के अंदर काफी गहराई से निकाला गया। बचाव दल ने पहले अंदर से आवाजें सुनीं और फिर संपर्क स्थापित होने के बाद ऑपरेशन तेज किया। आखिरकार दोनों को बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने उन परिवारों में भी उम्मीद जगाई है जिनके अपने लोग अभी तक लापता हैं। राहत दल अब अन्य संभावित Survivors तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं। 1300 के करीब मौतें, 5 हजार से ज्यादा लोग Missing इस प्राकृतिक आपदा का असर कितना बड़ा है, इसका अंदाजा मृतकों और लापता लोगों की संख्या से लगाया जा सकता है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार 1,294 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और 5,053 लोग अब भी लापता बताए गए हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों और Hydropower Projects को भारी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और राहत शिविरों में रह रहे हैं। Rescue Operation अभी भी जारी Trishuli Tunnel से दो लोगों को जिंदा निकाले जाने के बाद Rescue Teams का हौसला बढ़ा है। नेपाल सेना, पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार प्रभावित इलाकों में Search Operation चला रहे हैं। Hydropower Projects के आसपास अभी भी बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका है। मलबा, पानी और क्षतिग्रस्त सुरंगें बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। इसके बावजूद टीमें लगातार नए रास्ते तलाश रही हैं। भारत ने नेपाल की मदद बढ़ाई नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में भारत ने भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग बढ़ाया है। भारतीय विशेषज्ञों और राहत सामग्री को नेपाल भेजा गया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की टीमें Rescue, Medical और अन्य जरूरी सेवाओं में सहायता कर रही हैं। फिलहाल नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और पहाड़ी इलाकों में नए Landslide और Flood के खतरे से निपटना है। Trishuli Tunnel से नौ दिन बाद दो लोगों का जिंदा निकलना इस त्रासदी के बीच उम्मीद की एक किरण जरूर लेकर आया है। अब Rescue Teams की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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