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D. K. Shivakumar का बयान: “मैं अपना धर्म और पहचान नहीं छोड़ सकता”, आस्था को लेकर दी सफाई

D. K. Shivakumar का बयान: “मैं अपना धर्म और पहचान नहीं छोड़ सकता”, आस्था को लेकर दी सफाई

कर्नाटक के वरिष्ठ नेता और नवनियुक्त मुख्यमंत्री D. K. Shivakumar ने अपने धर्म और आस्था को लेकर उठे सवालों पर खुलकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ कहा कि वह न तो अपना हिंदू धर्म छोड़ सकते हैं और न ही अपनी व्यक्तिगत पहचान को दरकिनार कर सकते हैं। शपथ ग्रहण और विवाद क्या था? 3 जून को हुए शपथ ग्रहण समारोह के दौरान उन्होंने हिंदू रीति-रिवाजों का पालन किया था। इसी को लेकर राजनीतिक हलकों में सवाल उठने लगे थे कि क्या यह किसी राजनीतिक संदेश का हिस्सा था। इस पर सफाई देते हुए शिवकुमार ने कहा कि उनका यह कदम पूरी तरह निजी आस्था से जुड़ा था, न कि राजनीति से। “ईश्वर से रिश्ता सबसे अहम” पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि उनके लिए राजनीति से ज्यादा महत्वपूर्ण व्यक्ति और ईश्वर के बीच का संबंध है। उनके अनुसार, मंदिर जाना और धार्मिक आस्था इसी व्यक्तिगत संबंध का हिस्सा है। राजनीति नहीं, आस्था का मामला शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि उनके धार्मिक आचरण को राजनीतिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपनी आस्था के अनुसार जीवन जीने का अधिकार है।
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Vaibhav Suryavanshi को लेकर BCCI का बड़ा फैसला: इंग्लैंड दौरे पर माता-पिता भी साथ जाएंगे

Vaibhav Suryavanshi को लेकर BCCI का बड़ा फैसला: इंग्लैंड दौरे पर माता-पिता भी साथ जाएंगे

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड Board of Control for Cricket in India ने युवा खिलाड़ी Vaibhav Suryavanshi को लेकर एक अहम और मानवीय फैसला लिया है। आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए चुने गए 15 वर्षीय वैभव अब अपने माता-पिता के साथ इंग्लैंड दौरे पर जा सकेंगे। क्यों लिया गया यह फैसला? BCCI ने साफ किया है कि वैभव अभी नाबालिग हैं और पहले तक वह केवल अपनी उम्र के खिलाड़ियों के साथ ही यात्रा करते रहे हैं। लेकिन अब जब वह सीनियर भारतीय टीम के साथ विदेशी दौरे पर जा रहे हैं, तो माहौल पूरी तरह अलग और चुनौतीपूर्ण होगा। इसी को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने यह अनुमति दी है कि उनके माता-पिता या परिवार का कोई सदस्य उनके साथ रह सकता है, ताकि उन्हें मानसिक रूप से सहारा मिल सके और वह आरामदायक महसूस करें। BCCI का बयान BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने बताया कि यह कदम खिलाड़ी की सुविधा और मानसिक संतुलन को ध्यान में रखकर उठाया गया है। उन्होंने कहा कि विदेशी परिस्थितियों में युवा खिलाड़ी को सहज माहौल देना जरूरी है, खासकर जब वह इतने बड़े स्तर पर पहली बार खेल रहा हो। इंग्लैंड दौरे पर खास तैयारी इस फैसले का मकसद यह भी है कि वैभव जैसे युवा प्रतिभाशाली खिलाड़ी बिना किसी दबाव के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना प्रदर्शन कर सकें और धीरे-धीरे सीनियर टीम के माहौल में ढल सकें।
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Middle east तनाव बढ़ा: अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी ड्रोन मार गिराने का दावा किया

Middle east तनाव बढ़ा: अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी ड्रोन मार गिराने का दावा किया

Middle east में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार गहराता जा रहा है। दोनों देशों के बीच संघर्ष खत्म करने को लेकर बातचीत जारी है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है। इसी बीच अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड United States Central Command ने दावा किया है कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य में दो ईरानी वन-वे अटैक ड्रोन को मार गिराया है। अंतरराष्ट्रीय शिपिंग मार्ग को बताया खतरा CENTCOM के मुताबिक, ये ड्रोन अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात और वाणिज्यिक जहाजों के लिए खतरा पैदा कर रहे थे। अमेरिकी बलों ने क्षेत्र में सुरक्षा बनाए रखने और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग मार्गों को सुरक्षित रखने के लिए यह कार्रवाई की। सोशल मीडिया पोस्ट में दी जानकारी CENTCOM ने रविवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि मिडिल ईस्ट में तैनात अमेरिकी बलों ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जलमार्ग में मौजूद खतरे को सफलतापूर्वक निष्क्रिय किया।मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार गहराता जा रहा है। दोनों देशों के बीच संघर्ष खत्म करने को लेकर बातचीत जारी है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है। इसी बीच अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड United States Central Command ने दावा किया है कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य में दो ईरानी वन-वे अटैक ड्रोन को मार गिराया है। अंतरराष्ट्रीय शिपिंग मार्ग को बताया खतरा CENTCOM के मुताबिक, ये ड्रोन अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात और वाणिज्यिक जहाजों के लिए खतरा पैदा कर रहे थे। अमेरिकी बलों ने क्षेत्र में सुरक्षा बनाए रखने और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग मार्गों को सुरक्षित रखने के लिए यह कार्रवाई की। सोशल मीडिया पोस्ट में दी जानकार CENTCOM ने रविवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि मिडिल ईस्ट में तैनात अमेरिकी बलों ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जलमार्ग में मौजूद खतरे को सफलतापूर्वक निष्क्रिय किया।
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Instagram Plus Subscription: Meta का नया पेड प्लान, भारत में ₹299/महीना में मिलेंगे एक्सक्लूसिव फीचर्स

Instagram Plus Subscription: Meta का नया पेड प्लान, भारत में ₹299/महीना में मिलेंगे एक्सक्लूसिव फीचर्स

टेक कंपनी Meta Platforms ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए नया सब्सक्रिप्शन मॉडल पेश किया है। इसी के तहत अब Instagram का “Instagram Plus” पेड प्लान भारत में लॉन्च किया गया है, जिसकी कीमत ₹299 प्रति महीना रखी गई है। इस नए प्लान का मकसद यूजर्स को एडवांस और एक्स्ट्रा फीचर्स देना है, जबकि बेसिक इंस्टाग्राम ऐप पहले की तरह फ्री में ही चलता रहेगा। Instagram Plus में क्या मिलेगा खास? Instagram Plus सब्सक्रिप्शन लेने वाले यूजर्स को कई अतिरिक्त सुविधाएं मिलेंगी, जैसे: कंपनी के मुताबिक यह प्लान खासतौर पर उन यूजर्स के लिए है जो इंस्टाग्राम का ज्यादा प्रोफेशनल या एडवांस तरीके से इस्तेमाल करते हैं। फ्री यूजर्स पर कोई असर नहीं अच्छी बात यह है कि सामान्य यूजर्स के लिए इंस्टाग्राम का फ्री वर्जन पहले की तरह जारी रहेगा।जो लोग सिर्फ बेसिक स्क्रॉलिंग, पोस्टिंग और स्टोरी देखने जैसे फीचर्स इस्तेमाल करते हैं, उन्हें किसी तरह का भुगतान नहीं करना होगा।
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UP में लौटेगी भीषण गर्मी: 9 से 11 जून तक लू का अलर्ट, तापमान में 6 डिग्री तक बढ़ोतरी की संभावना

UP में लौटेगी भीषण गर्मी: 9 से 11 जून तक लू का अलर्ट, तापमान में 6 डिग्री तक बढ़ोतरी की संभावना

UP में एक बार फिर मौसम ने करवट ले ली है। जहां कुछ दिन राहत भरी बारिश और हल्की हवाओं से लोगों को सुकून मिला था, वहीं अब प्रदेश में भीषण गर्मी की वापसी होने जा रही है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि 9 जून से 11 जून के बीच कई जिलों में लू (Heatwave) का असर देखने को मिलेगा। तापमान में तेज बढ़ोतरी की संभावना मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में प्रदेश के तापमान में करीब 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इन जिलों में सबसे ज्यादा असर लू का असर खासतौर पर पश्चिमी और मध्य यूपी के जिलों में ज्यादा देखने को मिल सकता है। कई इलाकों में दोपहर के समय बाहर निकलना मुश्किल हो सकता है। स्वास्थ्य को लेकर सावधानी जरूरी डॉक्टरों ने सलाह दी है कि लोग दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें। ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं, हल्के कपड़े पहनें और धूप से खुद को बचाकर रखें। बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखने की जरूरत है। कब मिलेगी राहत? फिलहाल 11 जून के बाद मौसम में हल्का बदलाव आने की संभावना जताई जा रही है, जिससे गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।
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हमारी पोस्ट हटाई जा सकती है, हमें नहीं मिटाया जा सकता: jantar-mantar से अभिजीत दीपके का सरकार पर तीखा हमला”

हमारी पोस्ट हटाई जा सकती है, हमें नहीं मिटाया जा सकता: jantar-mantar से अभिजीत दीपके का सरकार पर तीखा हमला”

jantar-mantar पर एक कार्यक्रम के दौरान अभिजीत दीपके ने सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि भले ही सोशल मीडिया या प्लेटफॉर्म से उनकी पोस्ट हटा दी जाए, लेकिन उनकी आवाज और विचारों को खत्म नहीं किया जा सकता। अभिजीत दीपके ने अपने संबोधन में कहा, “हमारी पोस्ट हटाई जा सकती है, लेकिन हमें मिटाया नहीं जा सकता।” उनके इस बयान ने वहां मौजूद लोगों का ध्यान खींचा और माहौल काफी गरम हो गया। उन्होंने आगे कहा कि आज के समय में विचारों को दबाने की कोशिशें की जा रही हैं, लेकिन लोग अब पहले से ज्यादा जागरूक हैं और सच को सामने लाने से नहीं डरते। जंतर-मंतर पर हुई इस सभा में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे, जहां वक्ताओं ने अपने विचार रखे और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर अपनी चिंता भी जताई। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे अभिव्यक्ति की आजादी का समर्थन बता रहे हैं, तो कुछ इसे राजनीतिक बयान के रूप में देख रहे हैं।
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LPG Price Hike: घरेलू गैस सिलेंडर के दाम बढ़े, आम लोगों पर बढ़ा बोझ

LPG Price Hike: घरेलू गैस सिलेंडर के दाम बढ़े, आम लोगों पर बढ़ा बोझ

LPG Price Hike: देश में एक बार फिर महंगाई का असर रसोई गैस पर देखने को मिला है। घरेलू LPG सिलेंडर (14.2 किलोग्राम) के दामों में ₹29 की बढ़ोतरी की गई है। इस बढ़ोतरी के बाद अब उपभोक्ताओं को सिलेंडर के लिए ज्यादा पैसे चुकाने होंगे, जिससे आम परिवारों का बजट और बिगड़ सकता है। कितना हुआ LPG सिलेंडर महंगा? नई कीमतों के अनुसार 14.2 किलोग्राम वाला घरेलू LPG सिलेंडर अब पहले से ₹29 महंगा हो गया है। यह बढ़ोतरी सीधे तौर पर घरेलू रसोई खर्च को प्रभावित करेगी। आम लोगों पर असर LPG के दाम बढ़ने से मध्यम और गरीब वर्ग के परिवारों पर सीधा आर्थिक बोझ बढ़ेगा। पहले से ही महंगाई से परेशान लोगों के लिए यह एक और झटका माना जा रहा है। सरकारी तेल कंपनियों का फैसला तेल विपणन कंपनियां (OMCs) हर महीने अंतरराष्ट्रीय बाजार के आधार पर LPG कीमतों की समीक्षा करती हैं। इसी बदलाव के तहत यह नई कीमतें लागू की गई हैं। आगे क्या हो सकता है? विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतें बढ़ती रहीं, तो आने वाले महीनों में LPG के दामों में और बदलाव देखने को मिल सकता है।
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Delhi Hotel Fire: मालवीय नगर अग्निकांड में एक और गिरफ्तारी, 21 लोगों की मौत पर बड़ा खुलासा

Delhi Hotel Fire: मालवीय नगर अग्निकांड में एक और गिरफ्तारी, 21 लोगों की मौत पर बड़ा खुलासा

Delhi के मालवीय नगर इलाके में हुए होटल अग्निकांड मामले में पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। जांच के दौरान सामने आया है कि होटल में काम करने वाले रसोइये की लापरवाही इस हादसे की एक बड़ी वजह हो सकती है। इसी आधार पर पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। क्या है पूरा मामला? यह हादसा कुछ दिन पहले उस समय हुआ जब होटल में अचानक आग लग गई। शुरुआती जांच में पता चला कि सुरक्षा इंतजामों की भारी कमी थी। आग तेजी से फैली और कई लोग बाहर नहीं निकल पाए। लापरवाही की ओर इशारा पुलिस और फायर विभाग की जांच में यह बात सामने आई है कि रसोइये की ओर से बरती गई लापरवाही ने हालात को और गंभीर बना दिया। हालांकि, पूरे मामले की गहराई से जांच जारी है। जांच जारी, और गिरफ्तारी संभव अधिकारियों का कहना है कि इस केस में और भी लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। लोगों में गुस्सा और दुख इस हादसे के बाद इलाके में शोक और गुस्से का माहौल है। स्थानीय लोग प्रशासन से सख्त कार्रवाई और बेहतर सुरक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।
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“भीड़ पर फायर करो, जो होगा मैं समझ लूंगा” — Khan sir पर FIR, गार्ड्स पर भी गंभीर आरोप

“भीड़ पर फायर करो, जो होगा मैं समझ लूंगा” — Khan sir पर FIR, गार्ड्स पर भी गंभीर आरोप

पटना में हुए कोचिंग सेंटर khan sir फायरिंग मामले में अब बड़ा कानूनी मोड़ आ गया है। मशहूर शिक्षक Faisal Khan (खान सर) के खिलाफ पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। इस मामले में उन पर और उनके गार्ड्स पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। क्या है पूरा मामला? हाल ही में पटना स्थित उनके कोचिंग सेंटर के बाहर एक हिंसक घटना हुई थी, जहां भीड़ और गार्ड्स के बीच तनाव के दौरान फायरिंग की बात सामने आई। पुलिस जांच और FIR के मुताबिक, आरोप है कि स्थिति को संभालने के दौरान एक ऐसा बयान सामने आया—“भीड़ पर फायर करो, जो होगा मैं समझ लूंगा”जिसके बाद सुरक्षा गार्ड्स ने कथित तौर पर गोली चलाई। FIR में क्या आरोप हैं? FIR में कहा गया है कि: पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि फायरिंग आत्मरक्षा में हुई थी या किसी निर्देश के तहत। गार्ड्स भी जांच के घेरे में इस मामले में सिर्फ खान सर ही नहीं, बल्कि उनके दो सुरक्षा गार्ड्स को भी हिरासत में लिया गया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। क्या कह रहे हैं खान सर? खान सर की तरफ से दावा किया गया है कि:
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Bhopal यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री पर MP सरकार का बड़ा प्लान, कचरा हटने के बाद जमीन के नए उपयोग की तैयारी

Bhopal यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री पर MP सरकार का बड़ा प्लान, कचरा हटने के बाद जमीन के नए उपयोग की तैयारी

भोपाल की Union Carbide Factory, Bhopal को लेकर मध्य प्रदेश सरकार ने एक बड़ा और दीर्घकालिक प्लान तैयार करना शुरू कर दिया है। कचरे के सुरक्षित निपटान की प्रक्रिया के बाद अब सरकार की नजर फैक्ट्री की जमीन के मैनेजमेंट और भविष्य के उपयोग पर है। यह संकेत खुद मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने हाल ही में दिए हैं। 🔴 क्या है सरकार का नया प्लान? सरकारी योजना के मुताबिक, सबसे पहले फैक्ट्री परिसर में मौजूद जहरीले कचरे को पूरी तरह सुरक्षित तरीके से हटाया जा रहा है। इसके बाद इस पूरी जमीन को एक व्यवस्थित योजना के तहत विकसित किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, सरकार इस क्षेत्र को: जैसे विकल्पों के लिए इस्तेमाल करने पर विचार कर रही है।
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Bittu Tabahi

Bittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावित

नदी में गंदगी देखकर ज्यादातर लोग शिकायत करते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के एक युवक ने शिकायत करने के बजाय खुद कुछ करने की ठानी। स्थानीय स्तर पर ‘बिट्टू तबाही’ (Bittu Tabahi) के नाम से पहचाने जाने वाले इस युवक ने अकेले ही नदी की सफाई का जिम्मा उठा लिया। उनका यह जज्बा अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। बिट्टू ने नदी में जमा कचरे और गंदगी को देखकर सफाई अभियान शुरू किया। शुरुआत किसी बड़े इंतजाम या टीम के साथ नहीं हुई। उन्होंने अपने स्तर पर सफाई करना शुरू किया और लगातार इस काम में जुटे रहे। नदी को साफ रखने का लिया संकल्प बिट्टू का मानना है कि नदी सिर्फ पानी का स्रोत नहीं, बल्कि आसपास के लोगों और पर्यावरण के लिए बेहद जरूरी है। इसी सोच के साथ उन्होंने नदी में जमा कचरे को हटाने की पहल की। उनका यह प्रयास धीरे-धीरे स्थानीय लोगों का ध्यान खींचने लगा। लोगों ने देखा कि बिना किसी दबाव या दिखावे के बिट्टू लगातार नदी की सफाई में लगे हुए हैं। नगरपालिका ने भी की पहल की सराहना बिट्टू के लगातार सफाई अभियान की जानकारी नगरपालिका तक पहुंची तो उनके प्रयास की सराहना की गई। एक युवक द्वारा अपने स्तर पर नदी को साफ रखने की कोशिश को अधिकारियों ने सकारात्मक कदम माना। इस पहल ने यह भी दिखाया कि अगर कोई व्यक्ति अपने आसपास के पर्यावरण को लेकर जिम्मेदारी महसूस करे, तो छोटी शुरुआत भी बड़ा संदेश दे सकती है। सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आया अभियान बिट्टू का नदी सफाई अभियान अब स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। उनके प्रयास को देखकर दूसरे लोगों में भी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने की उम्मीद है। आज नदियों में बढ़ता कचरा और प्रदूषण बड़ी चुनौती है। ऐसे में बिट्टू की पहल लोगों को यह संदेश देती है कि नदी को साफ रखना सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी साझा जिम्मेदारी है। ‘बिट्टू तबाही’ ने दी एक अलग मिसाल बिट्टू की कहानी इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने बदलाव का इंतजार नहीं किया, बल्कि खुद बदलाव की शुरुआत करने का फैसला लिया। अकेले शुरू किया गया उनका यह सफाई अभियान अब दूसरों के लिए प्रेरणा बनता दिखाई दे रहा है। कई बार किसी बड़े बदलाव की शुरुआत बड़े अभियान से नहीं, बल्कि एक छोटे से कदम से होती है। बिट्टू का यह प्रयास उसी सोच की मिसाल है—अगर इरादा मजबूत हो, तो एक इंसान भी बदलाव की शुरुआत कर सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
UN

World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ किया

दुनिया का नक्शा (World Map) देखते हुए शायद ही किसी ने सोचा होगा कि इसमें दिखाई देने वाले देशों और महाद्वीपों का आकार असलियत से अलग भी हो सकता है। लेकिन अब इसी मुद्दे को लेकर संयुक्त राष्ट्र में एक अहम पहल हुई है। UN महासभा ने ऐसे World Map को बढ़ावा देने वाले प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसमें धरती के अलग-अलग हिस्सों को उनके वास्तविक क्षेत्रफल के ज्यादा करीब दिखाने की कोशिश की गई है। इस बदलाव के बाद नक्शे पर Africa पहले से काफी बड़ा दिखाई देगा, जबकि Europe और North America, खासकर US का आकार पुराने नक्शे की तुलना में छोटा नजर आ सकता है। प्रस्ताव को भारी समर्थन मिला, लेकिन अमेरिका ने इसका विरोध किया। पुराने World Map में आखिर समस्या क्या है? दुनिया के स्कूलों और कई नक्शों में लंबे समय से Mercator Projection का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसे 16वीं सदी में Gerardus Mercator ने तैयार किया था। उस समय इसका सबसे बड़ा फायदा समुद्री यात्राओं और Navigation में था। लेकिन Mercator Projection की एक खासियत ही इसकी सबसे बड़ी कमी भी बन गई। इसमें जैसे-जैसे कोई क्षेत्र Equator से दूर जाता है, उसका आकार नक्शे पर ज्यादा बड़ा दिखाई देने लगता है। यही कारण है कि Greenland जैसे इलाके नक्शे पर अपनी वास्तविकता से बहुत बड़े नजर आते हैं। दूसरी तरफ Africa, जो दुनिया के सबसे बड़े महाद्वीपों में से एक है, अपेक्षाकृत छोटा दिखाई देता है। मसलन, सामान्य Mercator Map में Greenland और Africa का आकार देखकर किसी को लग सकता है कि दोनों लगभग बराबर हैं। असल में Africa का क्षेत्रफल Greenland से करीब 14 गुना ज्यादा है। Equal Earth Projection क्यों चर्चा में है? UN के प्रस्ताव में Equal Earth Projection जैसे नक्शों को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इस Projection की खासियत यह है कि इसमें अलग-अलग महाद्वीपों के क्षेत्रफल को ज्यादा सही अनुपात में दिखाया जाता है। यानी नक्शे को देखकर Africa का वास्तविक विशाल आकार ज्यादा साफ समझ में आता है। Europe और North America भी Mercator Map की तुलना में छोटे दिखाई देते हैं। हालांकि यहां एक बात समझना जरूरी है—न तो Africa बड़ा हुआ है और न ही Europe या America छोटा। बदलाव सिर्फ उस तरीके में है, जिससे उन्हें नक्शे पर दिखाया जाता है। America ने UN के प्रस्ताव का विरोध क्यों किया? इस प्रस्ताव पर अमेरिका का रुख बाकी देशों से अलग रहा। मतदान के दौरान अमेरिका ने इसके खिलाफ वोट किया। अमेरिकी पक्ष की ओर से यह सवाल उठाया गया कि संयुक्त राष्ट्र को वैश्विक स्तर की बड़ी समस्याओं पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। वहीं प्रस्ताव के समर्थकों का मानना है कि नक्शा सिर्फ रास्ता या देश की लोकेशन बताने वाला साधन नहीं है। यह लोगों के मन में दुनिया की एक तस्वीर भी बनाता है। अफ्रीकी देशों की तरफ से लंबे समय से यह बात उठती रही है कि पुराने नक्शों में Africa का वास्तविक आकार सही तरीके से सामने नहीं आता। इसी सोच के साथ “Correct the Map” अभियान को आगे बढ़ाया गया। UN के फैसले से क्या सभी Maps बदल जाएंगे? यह मान लेना सही नहीं होगा कि अब अचानक हर जगह नया नक्शा दिखाई देने लगेगा। UN महासभा का यह फैसला कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है। यानी Google Maps, स्कूल की किताबों, सरकारी दस्तावेजों या दूसरे Digital Platforms को तुरंत अपना नक्शा बदलना जरूरी नहीं है। इसका मकसद देशों, शैक्षणिक संस्थानों, मीडिया और दूसरे संगठनों को ऐसे Map Projections अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है, जो दुनिया के क्षेत्रफल को ज्यादा सही तरीके से दिखाते हों। इसके बावजूद Mercator Projection पूरी तरह खत्म होने की संभावना नहीं है। Navigation और समुद्री यात्राओं जैसी जरूरतों में इसका इस्तेमाल आज भी उपयोगी माना जाता है। India पर क्या असर पड़ेगा? भारत को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस नए World Map से देश का आकार या सीमा बदल जाएगी? इसका जवाब है—नहीं। भारत की जमीन, क्षेत्रफल और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर इस प्रस्ताव का कोई असर नहीं पड़ेगा। सिर्फ नक्शे पर भारत और बाकी देशों को दिखाने का अनुपात बदल सकता है। अगर Equal Earth या इसी तरह की Projection का इस्तेमाल ज्यादा बढ़ता है तो आने वाले समय में School Geography Books, Educational Charts, News Graphics और Digital Maps में दुनिया की तस्वीर कुछ अलग दिखाई दे सकती है। भारत के लिए इसका असर मुख्य रूप से शिक्षा और Geography की समझ के स्तर पर होगा। बच्चों और आम लोगों को यह समझने में मदद मिलेगी कि नक्शे पर दिखाई देने वाला आकार हमेशा किसी देश या महाद्वीप के वास्तविक क्षेत्रफल के बराबर नहीं होता। Africa के लिए इसे बड़ी उपलब्धि क्यों माना जा रहा है? इस पूरे विवाद में Africa सबसे ज्यादा चर्चा के केंद्र में है। समर्थकों का कहना है कि सदियों से इस्तेमाल हो रहे नक्शों ने अनजाने में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की एक असंतुलित तस्वीर बना दी है। Africa दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है और इसके बावजूद Mercator Map में इसका आकार उसकी वास्तविक विशालता के मुकाबले कम नजर आता है। यही वजह है कि African countries और African Union की ओर से इस मुद्दे को लगातार उठाया गया। उनके लिए यह केवल Map Projection का मामला नहीं, बल्कि दुनिया के सामने Africa की वास्तविक तस्वीर रखने का भी सवाल है। क्या दुनिया सच में बदल गई? नहीं। दुनिया का भूगोल बिल्कुल नहीं बदला है। न कोई नया देश बना है, न किसी देश की सीमा बदली है और न ही Africa का क्षेत्रफल अचानक बढ़ गया है। बदलाव सिर्फ इतना है कि दुनिया को कागज या स्क्रीन पर किस तरह दिखाया जाए, इस पर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा सामने आई है। एक तरह से देखें तो यह कहानी हमें यह भी याद दिलाती है कि नक्शा हमेशा पूरी तरह निष्पक्ष तस्वीर नहीं होता। उसे बनाने का तरीका तय करता है कि हमें दुनिया का कौन-सा हिस्सा कितना बड़ा या छोटा दिखाई देगा। आने वाले वर्षों में अगर Equal Earth जैसी projections को ज्यादा अपनाया जाता है, तो संभव है कि नई पीढ़ी के लिए World Map की तस्वीर वही न हो,...
Swatantra Bhardwaj

Swatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत में

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP Protest के दौरान एक छात्रा के पिता के साथ कथित मारपीट का मामला अब फिर चर्चा में है। मामले में आरोपी बताए जा रहे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थकों के प्रदर्शन और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग के कुछ घंटे बाद हुई। Parliament Street Police Station के बाहर प्रदर्शन स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर CJP के प्रतिनिधि और समर्थक शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मामले में जल्द कार्रवाई करने और आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ राजनीतिक नेता भी वहां पहुंचे। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बातचीत हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया और इसके बाद भारद्वाज को ट्रेस करने के लिए टीमें सक्रिय की गईं। क्या है पूरा मामला? यह विवाद जंतर-मंतर पर CJP के एक प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान छात्रा निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई थी। इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार के नाम FIR में शामिल किए गए थे। मामला उस समय और गरमा गया, जब स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े एक Podcast Video की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वीडियो में भारद्वाज ने घटना को लेकर आपत्तिजनक दावे किए थे। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई। Viral Video ने बढ़ाया विवाद वायरल वीडियो सामने आने के बाद CJP ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। संगठन का कहना था कि वीडियो में कथित तौर पर घटना को लेकर किए गए दावों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। वहीं दिल्ली पुलिस ने राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही थी और मेडिकल रिपोर्ट में चोट को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए कुछ दावों की पुष्टि नहीं हुई थी। Bulandshahr में पुलिस ने पकड़ा पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की टीमों ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में ट्रेस किया। रिपोर्टों में बताया गया कि पुलिस की कार्रवाई से पहले वह वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थक स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इससे मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर चल रहा विवाद भी फिलहाल एक नए चरण में पहुंच गया है। FIR में SC/ST Act की धाराएं जोड़ने की जानकारी प्रदर्शन के बाद पुलिस की ओर से मामले में SC/ST Act से संबंधित धाराएं जोड़ने की बात सामने आई। पीड़ित की दोबारा मेडिकल जांच कराए जाने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई है। हालांकि, मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और आगे की पुलिस कार्रवाई पर निर्भर करेगी। आरोपों की पुष्टि अदालत की प्रक्रिया में ही होगी। पुलिस के सामने अब आगे की जांच बड़ी चुनौती स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिए जाने के बाद अब पुलिस के सामने वायरल वीडियो, FIR में दर्ज आरोपों, मेडिकल रिपोर्ट और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच अहम होगी। फिलहाल इस मामले ने CJP Protest, Delhi Police और Social Media Influencer को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस को भी तेज कर दिया है। अब देखना होगा कि जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस की ओर से क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Saharanpur

UP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवाल

Saharanpur उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। अदालत के आदेश के बाद प्रशासन ने शनिवार को मस्जिद के खिलाफ Bulldozer Action शुरू कर दिया। कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में हलचल बढ़ गई और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया। कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई अदालत के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन का एक्शन कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को लेकर जमीन के स्वामित्व और निर्माण की वैधता पर काफी समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन का दावा है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी है और निर्माण को अवैध माना गया है। मामला पहले सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पहुंचा। जुलाई में अदालत ने मस्जिद को हटाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही संबंधित पक्ष पर करीब 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति लगाए जाने की बात भी सामने आई थी। इस फैसले को जिला अदालत में चुनौती दी गई थी। 4 सितंबर को जिला जज की अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। इकरा हसन को सहारनपुर जाने से रोका मस्जिद पर कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन सहारनपुर जाने की कोशिश कर रही थीं। लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इकरा हसन और पुलिस अधिकारियों के बीच इस दौरान तीखी बहस भी हुई। इसका वीडियो सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। बाद में उनके आवास के बाहर पुलिस बल तैनात किए जाने की भी खबर सामने आई। इकरा हसन ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोका जा रहा है। उनका कहना था कि वह मौके पर जाकर हालात देखना चाहती थीं। मायावती ने सरकार से कार्रवाई रोकने को कहा सहारनपुर मस्जिद विवाद पर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सरकार से कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की और मामले को संवेदनशील बताते हुए सावधानी से कदम उठाने की बात कही। मायावती ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह का तनाव बढ़ने से रोकना जरूरी है। उन्होंने लोगों से भी शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। इमरान मसूद बोले- हाईकोर्ट जाएंगे सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया है। उनका कहना है कि मस्जिद की जमीन और उससे जुड़े दस्तावेजों को लेकर उनका पक्ष अलग है। जिला अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद मसूद ने मामले को हाईकोर्ट ले जाने की बात कही है। उनका कहना है कि आगे की कानूनी लड़ाई अदालत में लड़ी जाएगी और उपलब्ध दस्तावेजों को वहां रखा जाएगा। प्रशासन और विपक्ष के दावे अलग-अलग पूरे विवाद में प्रशासन और मस्जिद पक्ष के दावे अलग हैं। प्रशासन जहां निर्माण को सरकारी जमीन पर हुआ अवैध निर्माण बता रहा है, वहीं मस्जिद से जुड़े लोग और कुछ विपक्षी नेता इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं। यही वजह है कि मामला सिर्फ बुलडोजर कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। अब इसकी गूंज राजनीतिक मंच से लेकर अदालत तक सुनाई दे रही है। आगे क्या होगा? सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर हुई कार्रवाई के बाद अब सबकी नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर है। इमरान मसूद की ओर से हाईकोर्ट जाने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में अदालत में इस मामले को लेकर क्या रुख सामने आता है, यह महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद सहारनपुर में राजनीतिक माहौल गर्म है। एक तरफ अधिकारी कोर्ट के आदेश के पालन की बात कह रहे हैं, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Nepal

Nepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों Missing

नेपाल (Nepal) में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नदियों का जलस्तर बढ़ने, मलबा आने और पहाड़ी इलाकों में Landslide के खतरे ने राहत और बचाव अभियान को और मुश्किल बना दिया है। सबसे चिंता की बात यह है कि हादसे के कई दिन बाद भी हजारों लोगों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, इसी बीच Trishuli क्षेत्र से दो लोगों को नौ दिन बाद जिंदा निकालना राहत और उम्मीद की बड़ी खबर बनकर सामने आया है। दार्चुला में Landslide का खतरा, निचले इलाकों पर नजर नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। दार्चुला समेत संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से निचले इलाकों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। पहाड़ों से मलबा आने और नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका के बीच लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। Trishuli से भारतीय नागरिकों का Rescue इस बीच त्रिशूली इलाके से तीन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाले जाने की खबर सामने आई है। इनमें एक परिवार शामिल है। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और उनके भारत लौटने की प्रक्रिया में मदद की जा रही है। भारत सरकार नेपाल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए लगातार नेपाली प्रशासन के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 166 भारतीय नागरिकों को Rescue किया गया है, जबकि 275 भारतीयों के लापता होने की जानकारी दी गई है। भारत ने राहत अभियान के लिए करीब 95 टन राहत सामग्री भी भेजी है। 9 दिन बाद Trishuli Tunnel से जिंदा निकले 2 मजदूर नेपाल में चल रहे Rescue Operation की सबसे बड़ी खबर Trishuli-3A Hydropower Project से आई। यहां सुरंग में फंसे संजय साह और कबीर महारजन को करीब नौ दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोनों को सुरंग के अंदर काफी गहराई से निकाला गया। बचाव दल ने पहले अंदर से आवाजें सुनीं और फिर संपर्क स्थापित होने के बाद ऑपरेशन तेज किया। आखिरकार दोनों को बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने उन परिवारों में भी उम्मीद जगाई है जिनके अपने लोग अभी तक लापता हैं। राहत दल अब अन्य संभावित Survivors तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं। 1300 के करीब मौतें, 5 हजार से ज्यादा लोग Missing इस प्राकृतिक आपदा का असर कितना बड़ा है, इसका अंदाजा मृतकों और लापता लोगों की संख्या से लगाया जा सकता है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार 1,294 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और 5,053 लोग अब भी लापता बताए गए हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों और Hydropower Projects को भारी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और राहत शिविरों में रह रहे हैं। Rescue Operation अभी भी जारी Trishuli Tunnel से दो लोगों को जिंदा निकाले जाने के बाद Rescue Teams का हौसला बढ़ा है। नेपाल सेना, पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार प्रभावित इलाकों में Search Operation चला रहे हैं। Hydropower Projects के आसपास अभी भी बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका है। मलबा, पानी और क्षतिग्रस्त सुरंगें बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। इसके बावजूद टीमें लगातार नए रास्ते तलाश रही हैं। भारत ने नेपाल की मदद बढ़ाई नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में भारत ने भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग बढ़ाया है। भारतीय विशेषज्ञों और राहत सामग्री को नेपाल भेजा गया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की टीमें Rescue, Medical और अन्य जरूरी सेवाओं में सहायता कर रही हैं। फिलहाल नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और पहाड़ी इलाकों में नए Landslide और Flood के खतरे से निपटना है। Trishuli Tunnel से नौ दिन बाद दो लोगों का जिंदा निकलना इस त्रासदी के बीच उम्मीद की एक किरण जरूर लेकर आया है। अब Rescue Teams की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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