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बंगाल में BJP को 205 , असम 101 सीटो पर बढ़त, Tamil Nadu में TVK 108 सीटो पर आगे

देश के पांच अहम राज्यों—पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी—में विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना ने सियासी माहौल को गर्म कर दिया है। सुबह से आ रहे रुझानों ने न सिर्फ पार्टियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं, बल्कि आम लोगों के बीच भी जबरदस्त उत्सुकता देखने को मिल रही है। हर अपडेट के साथ तस्वीर बदलती नजर आ रही है। बंगाल में बदलती हवा? पश्चिम बंगाल से जो शुरुआती संकेत मिल रहे हैं, उन्होंने सभी को चौंका दिया है। यहां BJP बढ़त बनाकर आगे चल रही है, जबकि तृणमूल कांग्रेस को कड़ी टक्कर मिल रही है। अगर यही रुझान नतीजों में बदलते हैं, तो राज्य में लंबे समय बाद सत्ता परिवर्तन संभव हो सकता है। यही वजह है कि बंगाल इस बार चुनाव का सबसे बड़ा केंद्र बन गया है। असम में NDA मजबूत असम में तस्वीर कुछ हद तक साफ दिखाई दे रही है। BJP के नेतृत्व वाला NDA गठबंधन बढ़त बनाए हुए है और लगातार तीसरी बार सरकार बनाने की ओर बढ़ रहा है। यहां मतदाताओं का रुझान स्थिर नजर आ रहा है, जो सत्तारूढ़ गठबंधन के लिए राहत की बात है। Tamil Nadu में TVK Wave तमिलनाडु इस बार सबसे ज्यादा चर्चा में है। फिल्म स्टार विजय की पार्टी TVK (Tamilaga Vettri Kazhagam) ने चुनावी मैदान में उतरते ही बड़ा असर दिखाया है। कई सीटों पर बढ़त के साथ TVK ने DMK और AIADMK के पारंपरिक समीकरण को हिला दिया है। राज्य में अब सीधी लड़ाई की बजाय त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है, जिसने राजनीति को पूरी तरह नया मोड़ दे दिया है। केरल में UDF की बढ़त केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाला UDF गठबंधन शुरुआती रुझानों में आगे चल रहा है। यहां हर बार की तरह कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है, लेकिन फिलहाल UDF मजबूत स्थिति में नजर आ रहा है। पुडुचेरी में NDA आगे पुडुचेरी से भी NDA के लिए अच्छी खबर है। यहां गठबंधन बढ़त बनाए हुए है, जो दक्षिण भारत में BJP के विस्तार की ओर इशारा करता है। क्या कहते हैं ये रुझान? इन चुनावों के शुरुआती आंकड़े कई बड़े संकेत दे रहे हैं। पूर्व और उत्तर-पूर्व में BJP की पकड़ मजबूत होती दिख रही है, जबकि दक्षिण भारत में नई राजनीतिक ताकत के रूप में TVK उभर रही है। बंगाल में संभावित बदलाव, तमिलनाडु में नया समीकरण और असम में स्थिरता—ये तीनों मिलकर आने वाले समय की राजनीति की दिशा तय कर सकते हैं। फिलहाल पूरा देश अंतिम नतीजों का इंतजार कर रहा है। जैसे-जैसे मतगणना आगे बढ़ेगी, तस्वीर और साफ होती जाएगी। लेकिन इतना तय है कि इस बार के चुनाव सिर्फ सरकार बनाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये देश की सियासत में नए अध्याय की शुरुआत का संकेत भी दे रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Trump Iran News, Strait of Hormuz Crisis,

Breaking News: Donald Trump ने Iran का प्रस्ताव ठुकराया, Hormuz Strait पर टकराव और गहराया

Donald Trump ने Iran का नया प्रस्ताव ठुकराया जिसमें Strait of Hormuz खोलने की बात थी। इससे Middle East तनाव और बढ़ गया। डिजिटल डेस्क। Middle East में जारी तनाव के बीच Donald Trump ने Iran के नए प्रस्ताव को खारिज कर दिया। इस प्रस्ताव में Strait of Hormuz को खोलने की पेशकश शामिल थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक Iran ने सुझाव दिया था कि पहले समुद्री रास्ता खोला जाए, फिर बाद में nuclear program पर बातचीत की जाए। इस प्रस्ताव में यह भी शामिल था कि दोनों देशों के बीच चल रहे टकराव को खत्म किया जाए। US अपनी naval blockade हटाए और Iran shipping route खोल दे। इसके बाद nuclear मुद्दे पर चरणबद्ध बातचीत हो। Trump इस डील से संतुष्ट नहीं दिखे। उन्होंने साफ किया कि बिना nuclear हथियारों पर ठोस गारंटी के कोई समझौता संभव नहीं है। इस फैसले के बाद स्थिति और जटिल हो गई है। Strait of Hormuz global oil supply का अहम रास्ता है। इसके बंद रहने से दुनिया भर में energy crisis का खतरा बढ़ रहा है। फरवरी 2026 में US और Israel के हमलों के बाद शुरू हुआ यह टकराव अभी भी जारी है। Iran ने जवाब में इस स्ट्रेट पर नियंत्रण बढ़ा दिया था। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह प्रस्ताव दोनों देशों के बीच भरोसा बनाने की कोशिश था। Trump के इनकार के बाद diplomatic रास्ता और मुश्किल हो गया है। यह भी पढ़े – Trump का बड़ा बयान: “पागलों के हाथ में एटम बम नहीं दे सकते”, IRAN का जंग रोकने का ऑफर फिर ठुकराया अब नजर इस बात पर है कि क्या आगे बातचीत होती है या तनाव और बढ़ता है। Middle East की यह स्थिति global economy पर सीधा असर डाल सकती है।
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Supreme Court ने TMC की याचिका खारिज की, कहा- मतगणना में केंद्रीय कर्मचारियों की तैनाती नियमों के खिलाफ नहीं

Supreme Court ने TMC की याचिका खारिज की, कहा- मतगणना में केंद्रीय कर्मचारियों की तैनाती नियमों के खिलाफ नहीं

देश की सर्वोच्च अदालत Supreme Court of India ने चुनाव प्रक्रिया से जुड़े एक अहम मामले में तृणमूल कांग्रेस (All India Trinamool Congress) को झटका दिया है। पार्टी ने मतगणना के दौरान केंद्रीय कर्मचारियों की तैनाती पर आपत्ति जताई थी, लेकिन कोर्ट ने इस याचिका को खारिज कर दिया। सुनवाई के दौरान बेंच ने साफ कहा कि मतगणना में केंद्रीय कर्मचारियों की तैनाती किसी भी तरह से नियमों का उल्लंघन नहीं है। कोर्ट का मानना है कि चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए ऐसे कदम जरूरी हो सकते हैं। इस फैसले से यह संदेश भी गया है कि चुनाव आयोग और प्रशासन को निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए जरूरी व्यवस्थाएं करने का अधिकार है। वहीं, TMC की इस दलील को कोर्ट ने स्वीकार नहीं किया कि इससे राज्य के अधिकारों में हस्तक्षेप होता है। राजनीतिक तौर पर इस फैसले को अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह चुनावी पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर सुप्रीम कोर्ट के रुख को स्पष्ट करता है। अधिक अपडेट और विस्तृत खबरों के लिए विजिट करें: Deshharpal.com हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sajjad Ahmed killed, Hizbul terrorist Pakistan,

🔴 Breaking News: पाकिस्तान में हिजबुल आतंकी सज्जाद अहमद की हत्या, 7 दिन में दूसरा बड़ा टारगेट किलिंग केस

Pakistan में Hizbul Mujahideen के आतंकी Sajjad Ahmed की Islamabad में गोली मारकर हत्या। 7 दिनों में दूसरी बड़ी टारगेट किलिंग, क्या पाकिस्तान में आतंकी अब खुद ही निशाने पर? 📍 डिजिटल डेस्क | पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में एक और हाई-प्रोफाइल आतंकी की हत्या ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े आतंकी सज्जाद अहमद को अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी। यह घटना पिछले 7 दिनों में दूसरी बड़ी “टारगेट किलिंग” मानी जा रही है। घर के अंदर मिली लाश, मचा हड़कंप जानकारी के मुताबिक, सज्जाद अहमद की लाश उसके घर के अंदर मिली।बताया जा रहा है कि हमलावरों ने सीधे उसे निशाना बनाकर गोली मारी और फरार हो गए। इस घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई है और सुरक्षा एजेंसियां हमलावरों की तलाश में जुट गई हैं। कौन था सज्जाद अहमद? 7 दिन में दूसरी बड़ी हत्या, क्या चल रहा है पाकिस्तान में? सज्जाद अहमद की मौत से पहले भी एक और बड़े आतंकी की हत्या हुई थी।यह लगातार हो रही घटनाएं कई बड़े सवाल खड़े कर रही हैं— विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के समय में पाकिस्तान में कई आतंकी “रहस्यमयी हालात” में मारे गए हैं, जिससे यह पैटर्न और भी मजबूत होता दिख रहा है। Pakistan की छवि पर बड़ा सवाल इस घटना ने एक बार फिर पाकिस्तान की उस छवि को उजागर किया है, जहां लंबे समय से आतंकी संगठनों के पनाह लेने के आरोप लगते रहे हैं। अब हालात ऐसे बनते दिख रहे हैं कि👉 वही आतंकी नेटवर्क अब खुद निशाने पर आ रहे हैं👉 और पाकिस्तान के अंदर ही उनकी सुरक्षा खतरे में है Desh Harpal Analysis 👉 यह सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि “Pattern” है👉 आतंकी अब सुरक्षित नहीं — चाहे वे कहीं भी हों👉 पाकिस्तान की internal security system पर गंभीर सवाल👉 अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव बढ़ने की संभावना निष्कर्ष (Conclusion) सज्जाद अहमद की हत्या सिर्फ एक घटना नहीं है, बल्कि यह एक बड़े बदलाव का संकेत हो सकती है।अगर यही सिलसिला जारी रहा, तो आने वाले समय में पाकिस्तान के अंदर ही आतंकियों का सफाया तेज हो सकता है।
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Bengaluru Census Incident: महिला कर्मचारी से बदसलूकी, आरोपी पर केस दर्ज

Bengaluru Census Incident: महिला कर्मचारी से बदसलूकी, आरोपी पर केस दर्ज

Bengaluru : कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से एक चिंताजनक मामला सामने आया है। यहां जनगणना के काम के लिए घर-घर जाकर जानकारी जुटा रही एक महिला कर्मचारी के साथ बदसलूकी की गई। जानकारी के मुताबिक, महिला कर्मचारी जब एक घर में जरूरी जानकारी लेने पहुंची, तो वहां मौजूद व्यक्ति ने न सिर्फ सहयोग करने से इनकार किया, बल्कि उसके साथ अभद्र व्यवहार भी किया। इस घटना से महिला कर्मचारी काफी घबरा गई। मामला सामने आने के बाद संबंधित विभाग ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने कहा है कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण काम में लगे कर्मचारियों के साथ इस तरह का व्यवहार बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे सरकारी कार्यों में सहयोग करें और कर्मचारियों का सम्मान करें। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि समाज में जागरूकता और संवेदनशीलता कितनी जरूरी है, खासकर उन लोगों के प्रति जो सार्वजनिक सेवा में लगे हुए हैं।
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Kolkata Mein EVM Strong Room Par Hungama | कोलकाता में EVM स्ट्रॉन्ग रूम पर हंगामा, Mamata Banerjee Spot Par

Kolkata Mein EVM Strong Room Par Hungama | कोलकाता में EVM स्ट्रॉन्ग रूम पर हंगामा, Mamata Banerjee Spot Par

पश्चिम बंगाल की राजधानी Kolkata में चुनावी माहौल उस समय गरमा गया जब Trinamool Congress (TMC) और Bharatiya Janata Party (BJP) के कार्यकर्ताओं के बीच EVM स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर जोरदार हंगामा देखने को मिला। बताया जा रहा है कि दोनों पार्टियों के समर्थक EVM की सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते बहस ने विवाद का रूप ले लिया और मौके पर तनाव बढ़ गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए खुद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee मौके पर पहुंचीं। उन्होंने हालात का जायजा लिया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुरक्षा व्यवस्था में कोई भी चूक न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और सुरक्षित होनी चाहिए। वहीं बीजेपी कार्यकर्ताओं ने भी EVM की निगरानी को लेकर अपनी चिंताएं जताईं। इस दौरान पुलिस और प्रशासन को भी सतर्क कर दिया गया है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके। स्ट्रॉन्ग रूम के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
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Mahapol

Poll of Polls: बंगाल,असम और पांडचुरी में बीजेपी की हैट्रिक, केरल में सत्ता परिवर्तन…

अभी जो स्थिति है, उसका सबसे बड़ा सच ये है कि आज 29 अप्रैल शाम 6:30 बजे के बाद ही सभी टीवी चैनलों और एजेंसियों के ऑफिशियल Exit Polls आए हैं/आ रहे हैं — इसलिए “पूरा Poll of Polls” लगातार अपडेट हो रहा है और अभी final trend बन रहा है। Exit Poll 2026 का सबसे बड़ा निचोड़ (Overall Trend) एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल के सर्वे के मुताबिक बीजेपी 88 से 100 सीटें जीत सकती है तो कांग्रेस को 24 से 36 सीटें मिलने का अनुमान है. MATRIZE के एग्जिट पोल के आंकड़ों के मुताबिक, असम में एक बार फिर से भाजपा की सरकार बन सकती है। एग्जिट पोल के अनुसार, असम में BJP गठबंधन को 85-95 सीटें मिल सकती हैं। वहीं, असम में कांग्रेस गठबंधन के खाते में 25-32 सीटें आने की संभावना है।  West Bengal Exit Poll 2026 में BJP और TMC के बीच कांटे की टक्कर, Poll of Polls में किसकी बन रही सरकार? देखते रहिये पूरी रिपोर्ट। West Bengal Election 2026 के दूसरे चरण में 5 बजे तक बम्वोपर वोटिंग जारी है। TMC और BJP के बीच कांटे की टक्कर, जानिए वोटिंग प्रतिशत, बड़े अपडेट्स और ग्राउंड रिपोर्ट इस LIVE ब्लॉग में। Bengal Election 2026 LIVE: दूसरे चरण में वोटिंग तेज, सभी पुराने रिकार्ड टूटे कोलकाता से ग्राउंड रिपोर्ट Kolkata समेत कई जिलों में आज Bengal Election 2026 के दूसरे चरण के लिए वोटिंग जारी है। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें देखने को मिलीं, जो अभी शाम तक बनी हुई हैं जिससे साफ है कि इस बार मतदाताओं में भारी उत्साह है। सुबह से बढ़िया वोटिंग प्रतिशत दूसरे चरण की वोटिंग में शुरुआती घंटों में ही अच्छा turnout दर्ज किया गया। ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में मतदाता बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।चुनाव आयोग के मुताबिक दोपहर तक मतदान प्रतिशत तेजी से बढ़ा है। पश्चिम बंगाल में दूसरे और अंतिम चरण की 142 विधानसभा सीटों के लिए मतदान जारी है. दूसरे चरण की वोटिंग के बीच भारतीय जनता पार्टी के अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर आरोप लगाया था कि फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में ईवीएम पर टेप लगा दिए गए हैं, जिससे बीजेपी उम्मीदवार का नाम छिप गया है. अब चुनाव आयोग ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए ऐसे बूथ पर फिर से मतदान कराने के आदेश दे दिए हैं. Assembly Election Exit Poll 2026 LIVE Updates: पांच राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में मतदान खत्म होने के बाद अब एग्जिट पोल पर सबकी नजर है. शाम 6:30 बजे से शुरुआती अनुमान आने लगेंगे, जो चुनावी तस्वीर का संकेत देंगे.  मुख्य मुकाबला: TMC vs BJP इस चरण में सीधा मुकाबला के बीच माना जा रहा है। TMC जहां अपने विकास और क्षेत्रीय पकड़ के दम पर जीत का दावा कर रही है, वहीं BJP बदलाव के मुद्दे पर चुनाव लड़ रही है। नेताओं की नजर इस चरण पर दोनों पार्टियों के लिए यह चरण बेहद अहम माना जा रहा है। यह भी पढ़े –SIR में अपना नाम सर्च करने के इस लिंक पर क्लिक करे कुछ जगहों पर हल्की झड़प की खबर कई इलाकों से मामूली तनाव और झड़प की खबरें भी सामने आई हैं, हालांकि सुरक्षा बलों ने स्थिति को नियंत्रण में रखा है।चुनाव आयोग ने साफ कहा है कि हर बूथ पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। क्यों अहम है दूसरा चरण? यही कारण है कि सभी राजनीतिक दलों की नजर इस फेज पर टिकी हुई है। क्या कहता है ग्राउंड मूड? मतदाताओं में इस बार मुद्दे साफ दिख रहे हैं: युवाओं और महिलाओं की भागीदारी भी इस बार ज्यादा देखी जा रही है। West Bengal Election 2026 का दूसरा चरण केवल वोटिंग नहीं, बल्कि सत्ता की दिशा तय करने वाला बड़ा संकेत है। अब देखना होगा कि जनता का रुख किसके पक्ष में जाता है—TMC या BJP। यह भी पढ़े –Kashi दौरा 2026: PM Modi का emotional connect, 2 नई Trains लॉन्च और Reservation पर फोकस
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Honeymoon Murder Case: आरोपी सोनम को मिली Bail, Shillong Jail से रिहा | Raja Raghuvanshi Case में नया मोड़

Honeymoon Murder Case: आरोपी सोनम को मिली Bail, Shillong Jail से रिहा | Raja Raghuvanshi Case में नया मोड़

Honeymoon मर्डर केस में आरोपी सोनम को आखिरकार जमानत मिल गई है। कोर्ट के आदेश के बाद सोनम को शिलॉन्ग जेल से रिहा कर दिया गया। जेल से बाहर आते ही उनके पिता उन्हें लेने पहुंचे, जिससे यह मामला फिर से चर्चा में आ गया है। यह मामला उस वक्त सुर्खियों में आया था जब हनीमून के दौरान राजा रघुवंशी की हत्या हो गई थी। इस केस में सोनम पर गंभीर आरोप लगे थे, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। अब जमानत मिलने के बाद केस में एक नया मोड़ आ गया है। सोनम की रिहाई के बाद जहां उनके परिवार ने राहत की सांस ली है, वहीं दूसरी तरफ राजा रघुवंशी के परिवार में नाराजगी देखने को मिल रही है। राजा के भाई ने साफ कहा है कि वह इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। उनका कहना है कि उन्हें अभी भी न्याय नहीं मिला है और वे इस लड़ाई को आगे तक ले जाएंगे। इस मामले में पुलिस जांच अभी भी जारी है और कई सवाल अब भी अनसुलझे हैं। जमानत मिलने का मतलब यह नहीं है कि सोनम पर लगे आरोप खत्म हो गए हैं, बल्कि केस की सुनवाई आगे भी जारी रहेगी।
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12 जिले, 21 इंटरचेंज और 23 टोल प्लाजा: जानिए गंगा एक्सप्रेसवे के एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स

12 जिले, 21 इंटरचेंज और 23 टोल प्लाजा: जानिए गंगा एक्सप्रेसवे के एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स

उत्तर प्रदेश में बन रहा गंगा एक्सप्रेसवे देश के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स में से एक है। यह एक्सप्रेसवे न सिर्फ लंबी दूरी को कम करेगा, बल्कि कई जिलों को बेहतर कनेक्टिविटी भी देगा। यह एक्सप्रेसवे कुल 12 जिलों से होकर गुजरेगा। इसके साथ ही इसमें 21 इंटरचेंज और 23 टोल प्लाजा बनाए जा रहे हैं, जिससे लोगों को सफर के दौरान आसानी से एंट्री और एग्जिट मिल सके। सरल शब्दों में समझें तो इंटरचेंज वो जगह होते हैं जहां से आप एक्सप्रेसवे पर चढ़ सकते हैं या उतर सकते हैं। इससे आसपास के शहरों और गांवों को सीधा फायदा मिलेगा। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य है कि लोग कम समय में लंबी दूरी तय कर सकें और ट्रैफिक की समस्या भी कम हो। साथ ही, इससे व्यापार और स्थानीय विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। गांवों के लोग अब बड़े शहरों से आसानी से जुड़ पाएंगे, जिससे रोजगार और सुविधाओं के नए रास्ते खुलेंगे। वहीं यात्रियों के लिए सफर पहले से ज्यादा आरामदायक और तेज होगा। गंगा एक्सप्रेसवे सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि विकास की एक नई रेखा है जो उत्तर प्रदेश के कई इलाकों की तस्वीर बदल सकती है।
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ईरान पर बातचीत के लिए पाकिस्तान जाएगा अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल, वेंस की यात्रा पर सस्पेंस

Big Update: ईरान होर्मुज खोलने को तैयार, अमेरिका से नाकेबंदी हटाने की मांग, ट्रम्प ने प्रस्ताव ठुकराया

ईरान ने पहली बार होर्मुज खोलने का प्रस्ताव दिया और अमेरिका से समुद्री नाकेबंदी हटाने की अपील की। हालांकि, डोनाल्ड ट्रम्प ने परमाणु मुद्दों के बिना इस प्रस्ताव को मानने से इनकार कर दिया। मिडिल ईस्ट संकट के बीच एक बड़ा कूटनीतिक मोड़ सामने आया है। पहली बार ईरान ने नरमी दिखाते हुए होर्मुज खोलने की पेशकश की है। ईरान ने दिया नया प्रस्ताव रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने अमेरिका को नया प्रस्ताव भेजा है। इसमें समुद्री नाकेबंदी हटाने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की बात कही गई है। The New York Times की रिपोर्ट के अनुसार, तीन ईरानी अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है। प्रस्ताव की 3 बड़ी शर्तें ईरान ने बातचीत के लिए तीन मुख्य शर्तें रखी हैं: ट्रम्प ने प्रस्ताव को किया खारिज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इस प्रस्ताव से सहमत नहीं हैं। CNN के मुताबिक, अमेरिका का मानना है कि अगर पहले होर्मुज खोल दिया गया, तो बातचीत में उसकी स्थिति कमजोर हो सकती है। इसलिए वॉशिंगटन चाहता है कि परमाणु मुद्दे और अन्य विवाद एक साथ सुलझाए जाएं। परमाणु कार्यक्रम बना सबसे बड़ा विवाद ईरान और अमेरिका के बीच सबसे बड़ा टकराव परमाणु कार्यक्रम को लेकर है। अमेरिका चाहता है कि ईरान 20 साल तक अपना परमाणु कार्यक्रम रोक दे और अपने पास मौजूद 440 किलो समृद्ध यूरेनियम सौंप दे। लेकिन ईरान ने इन शर्तों को अस्वीकार्य बताते हुए ठुकरा दिया है। पहले भी खारिज हो चुका है प्रस्ताव ईरान ने 26 अप्रैल को एक और प्रस्ताव दिया था, जिसमें: हालांकि, डोनाल्ड ट्रम्प ने इसे भी खारिज कर दिया था। पाकिस्तान के जरिए जारी है बातचीत ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से मुलाकात की है। ईरान, पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका तक अपने प्रस्ताव पहुंचा रहा है। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स
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Editor's Picks

Bittu Tabahi

Bittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावित

नदी में गंदगी देखकर ज्यादातर लोग शिकायत करते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के एक युवक ने शिकायत करने के बजाय खुद कुछ करने की ठानी। स्थानीय स्तर पर ‘बिट्टू तबाही’ (Bittu Tabahi) के नाम से पहचाने जाने वाले इस युवक ने अकेले ही नदी की सफाई का जिम्मा उठा लिया। उनका यह जज्बा अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। बिट्टू ने नदी में जमा कचरे और गंदगी को देखकर सफाई अभियान शुरू किया। शुरुआत किसी बड़े इंतजाम या टीम के साथ नहीं हुई। उन्होंने अपने स्तर पर सफाई करना शुरू किया और लगातार इस काम में जुटे रहे। नदी को साफ रखने का लिया संकल्प बिट्टू का मानना है कि नदी सिर्फ पानी का स्रोत नहीं, बल्कि आसपास के लोगों और पर्यावरण के लिए बेहद जरूरी है। इसी सोच के साथ उन्होंने नदी में जमा कचरे को हटाने की पहल की। उनका यह प्रयास धीरे-धीरे स्थानीय लोगों का ध्यान खींचने लगा। लोगों ने देखा कि बिना किसी दबाव या दिखावे के बिट्टू लगातार नदी की सफाई में लगे हुए हैं। नगरपालिका ने भी की पहल की सराहना बिट्टू के लगातार सफाई अभियान की जानकारी नगरपालिका तक पहुंची तो उनके प्रयास की सराहना की गई। एक युवक द्वारा अपने स्तर पर नदी को साफ रखने की कोशिश को अधिकारियों ने सकारात्मक कदम माना। इस पहल ने यह भी दिखाया कि अगर कोई व्यक्ति अपने आसपास के पर्यावरण को लेकर जिम्मेदारी महसूस करे, तो छोटी शुरुआत भी बड़ा संदेश दे सकती है। सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आया अभियान बिट्टू का नदी सफाई अभियान अब स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। उनके प्रयास को देखकर दूसरे लोगों में भी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने की उम्मीद है। आज नदियों में बढ़ता कचरा और प्रदूषण बड़ी चुनौती है। ऐसे में बिट्टू की पहल लोगों को यह संदेश देती है कि नदी को साफ रखना सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी साझा जिम्मेदारी है। ‘बिट्टू तबाही’ ने दी एक अलग मिसाल बिट्टू की कहानी इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने बदलाव का इंतजार नहीं किया, बल्कि खुद बदलाव की शुरुआत करने का फैसला लिया। अकेले शुरू किया गया उनका यह सफाई अभियान अब दूसरों के लिए प्रेरणा बनता दिखाई दे रहा है। कई बार किसी बड़े बदलाव की शुरुआत बड़े अभियान से नहीं, बल्कि एक छोटे से कदम से होती है। बिट्टू का यह प्रयास उसी सोच की मिसाल है—अगर इरादा मजबूत हो, तो एक इंसान भी बदलाव की शुरुआत कर सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
UN

World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ किया

दुनिया का नक्शा (World Map) देखते हुए शायद ही किसी ने सोचा होगा कि इसमें दिखाई देने वाले देशों और महाद्वीपों का आकार असलियत से अलग भी हो सकता है। लेकिन अब इसी मुद्दे को लेकर संयुक्त राष्ट्र में एक अहम पहल हुई है। UN महासभा ने ऐसे World Map को बढ़ावा देने वाले प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसमें धरती के अलग-अलग हिस्सों को उनके वास्तविक क्षेत्रफल के ज्यादा करीब दिखाने की कोशिश की गई है। इस बदलाव के बाद नक्शे पर Africa पहले से काफी बड़ा दिखाई देगा, जबकि Europe और North America, खासकर US का आकार पुराने नक्शे की तुलना में छोटा नजर आ सकता है। प्रस्ताव को भारी समर्थन मिला, लेकिन अमेरिका ने इसका विरोध किया। पुराने World Map में आखिर समस्या क्या है? दुनिया के स्कूलों और कई नक्शों में लंबे समय से Mercator Projection का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसे 16वीं सदी में Gerardus Mercator ने तैयार किया था। उस समय इसका सबसे बड़ा फायदा समुद्री यात्राओं और Navigation में था। लेकिन Mercator Projection की एक खासियत ही इसकी सबसे बड़ी कमी भी बन गई। इसमें जैसे-जैसे कोई क्षेत्र Equator से दूर जाता है, उसका आकार नक्शे पर ज्यादा बड़ा दिखाई देने लगता है। यही कारण है कि Greenland जैसे इलाके नक्शे पर अपनी वास्तविकता से बहुत बड़े नजर आते हैं। दूसरी तरफ Africa, जो दुनिया के सबसे बड़े महाद्वीपों में से एक है, अपेक्षाकृत छोटा दिखाई देता है। मसलन, सामान्य Mercator Map में Greenland और Africa का आकार देखकर किसी को लग सकता है कि दोनों लगभग बराबर हैं। असल में Africa का क्षेत्रफल Greenland से करीब 14 गुना ज्यादा है। Equal Earth Projection क्यों चर्चा में है? UN के प्रस्ताव में Equal Earth Projection जैसे नक्शों को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इस Projection की खासियत यह है कि इसमें अलग-अलग महाद्वीपों के क्षेत्रफल को ज्यादा सही अनुपात में दिखाया जाता है। यानी नक्शे को देखकर Africa का वास्तविक विशाल आकार ज्यादा साफ समझ में आता है। Europe और North America भी Mercator Map की तुलना में छोटे दिखाई देते हैं। हालांकि यहां एक बात समझना जरूरी है—न तो Africa बड़ा हुआ है और न ही Europe या America छोटा। बदलाव सिर्फ उस तरीके में है, जिससे उन्हें नक्शे पर दिखाया जाता है। America ने UN के प्रस्ताव का विरोध क्यों किया? इस प्रस्ताव पर अमेरिका का रुख बाकी देशों से अलग रहा। मतदान के दौरान अमेरिका ने इसके खिलाफ वोट किया। अमेरिकी पक्ष की ओर से यह सवाल उठाया गया कि संयुक्त राष्ट्र को वैश्विक स्तर की बड़ी समस्याओं पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। वहीं प्रस्ताव के समर्थकों का मानना है कि नक्शा सिर्फ रास्ता या देश की लोकेशन बताने वाला साधन नहीं है। यह लोगों के मन में दुनिया की एक तस्वीर भी बनाता है। अफ्रीकी देशों की तरफ से लंबे समय से यह बात उठती रही है कि पुराने नक्शों में Africa का वास्तविक आकार सही तरीके से सामने नहीं आता। इसी सोच के साथ “Correct the Map” अभियान को आगे बढ़ाया गया। UN के फैसले से क्या सभी Maps बदल जाएंगे? यह मान लेना सही नहीं होगा कि अब अचानक हर जगह नया नक्शा दिखाई देने लगेगा। UN महासभा का यह फैसला कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है। यानी Google Maps, स्कूल की किताबों, सरकारी दस्तावेजों या दूसरे Digital Platforms को तुरंत अपना नक्शा बदलना जरूरी नहीं है। इसका मकसद देशों, शैक्षणिक संस्थानों, मीडिया और दूसरे संगठनों को ऐसे Map Projections अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है, जो दुनिया के क्षेत्रफल को ज्यादा सही तरीके से दिखाते हों। इसके बावजूद Mercator Projection पूरी तरह खत्म होने की संभावना नहीं है। Navigation और समुद्री यात्राओं जैसी जरूरतों में इसका इस्तेमाल आज भी उपयोगी माना जाता है। India पर क्या असर पड़ेगा? भारत को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस नए World Map से देश का आकार या सीमा बदल जाएगी? इसका जवाब है—नहीं। भारत की जमीन, क्षेत्रफल और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर इस प्रस्ताव का कोई असर नहीं पड़ेगा। सिर्फ नक्शे पर भारत और बाकी देशों को दिखाने का अनुपात बदल सकता है। अगर Equal Earth या इसी तरह की Projection का इस्तेमाल ज्यादा बढ़ता है तो आने वाले समय में School Geography Books, Educational Charts, News Graphics और Digital Maps में दुनिया की तस्वीर कुछ अलग दिखाई दे सकती है। भारत के लिए इसका असर मुख्य रूप से शिक्षा और Geography की समझ के स्तर पर होगा। बच्चों और आम लोगों को यह समझने में मदद मिलेगी कि नक्शे पर दिखाई देने वाला आकार हमेशा किसी देश या महाद्वीप के वास्तविक क्षेत्रफल के बराबर नहीं होता। Africa के लिए इसे बड़ी उपलब्धि क्यों माना जा रहा है? इस पूरे विवाद में Africa सबसे ज्यादा चर्चा के केंद्र में है। समर्थकों का कहना है कि सदियों से इस्तेमाल हो रहे नक्शों ने अनजाने में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की एक असंतुलित तस्वीर बना दी है। Africa दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है और इसके बावजूद Mercator Map में इसका आकार उसकी वास्तविक विशालता के मुकाबले कम नजर आता है। यही वजह है कि African countries और African Union की ओर से इस मुद्दे को लगातार उठाया गया। उनके लिए यह केवल Map Projection का मामला नहीं, बल्कि दुनिया के सामने Africa की वास्तविक तस्वीर रखने का भी सवाल है। क्या दुनिया सच में बदल गई? नहीं। दुनिया का भूगोल बिल्कुल नहीं बदला है। न कोई नया देश बना है, न किसी देश की सीमा बदली है और न ही Africa का क्षेत्रफल अचानक बढ़ गया है। बदलाव सिर्फ इतना है कि दुनिया को कागज या स्क्रीन पर किस तरह दिखाया जाए, इस पर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा सामने आई है। एक तरह से देखें तो यह कहानी हमें यह भी याद दिलाती है कि नक्शा हमेशा पूरी तरह निष्पक्ष तस्वीर नहीं होता। उसे बनाने का तरीका तय करता है कि हमें दुनिया का कौन-सा हिस्सा कितना बड़ा या छोटा दिखाई देगा। आने वाले वर्षों में अगर Equal Earth जैसी projections को ज्यादा अपनाया जाता है, तो संभव है कि नई पीढ़ी के लिए World Map की तस्वीर वही न हो,...
Swatantra Bhardwaj

Swatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत में

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP Protest के दौरान एक छात्रा के पिता के साथ कथित मारपीट का मामला अब फिर चर्चा में है। मामले में आरोपी बताए जा रहे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थकों के प्रदर्शन और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग के कुछ घंटे बाद हुई। Parliament Street Police Station के बाहर प्रदर्शन स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर CJP के प्रतिनिधि और समर्थक शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मामले में जल्द कार्रवाई करने और आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ राजनीतिक नेता भी वहां पहुंचे। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बातचीत हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया और इसके बाद भारद्वाज को ट्रेस करने के लिए टीमें सक्रिय की गईं। क्या है पूरा मामला? यह विवाद जंतर-मंतर पर CJP के एक प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान छात्रा निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई थी। इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार के नाम FIR में शामिल किए गए थे। मामला उस समय और गरमा गया, जब स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े एक Podcast Video की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वीडियो में भारद्वाज ने घटना को लेकर आपत्तिजनक दावे किए थे। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई। Viral Video ने बढ़ाया विवाद वायरल वीडियो सामने आने के बाद CJP ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। संगठन का कहना था कि वीडियो में कथित तौर पर घटना को लेकर किए गए दावों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। वहीं दिल्ली पुलिस ने राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही थी और मेडिकल रिपोर्ट में चोट को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए कुछ दावों की पुष्टि नहीं हुई थी। Bulandshahr में पुलिस ने पकड़ा पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की टीमों ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में ट्रेस किया। रिपोर्टों में बताया गया कि पुलिस की कार्रवाई से पहले वह वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थक स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इससे मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर चल रहा विवाद भी फिलहाल एक नए चरण में पहुंच गया है। FIR में SC/ST Act की धाराएं जोड़ने की जानकारी प्रदर्शन के बाद पुलिस की ओर से मामले में SC/ST Act से संबंधित धाराएं जोड़ने की बात सामने आई। पीड़ित की दोबारा मेडिकल जांच कराए जाने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई है। हालांकि, मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और आगे की पुलिस कार्रवाई पर निर्भर करेगी। आरोपों की पुष्टि अदालत की प्रक्रिया में ही होगी। पुलिस के सामने अब आगे की जांच बड़ी चुनौती स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिए जाने के बाद अब पुलिस के सामने वायरल वीडियो, FIR में दर्ज आरोपों, मेडिकल रिपोर्ट और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच अहम होगी। फिलहाल इस मामले ने CJP Protest, Delhi Police और Social Media Influencer को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस को भी तेज कर दिया है। अब देखना होगा कि जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस की ओर से क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Saharanpur

UP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवाल

Saharanpur उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। अदालत के आदेश के बाद प्रशासन ने शनिवार को मस्जिद के खिलाफ Bulldozer Action शुरू कर दिया। कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में हलचल बढ़ गई और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया। कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई अदालत के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन का एक्शन कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को लेकर जमीन के स्वामित्व और निर्माण की वैधता पर काफी समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन का दावा है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी है और निर्माण को अवैध माना गया है। मामला पहले सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पहुंचा। जुलाई में अदालत ने मस्जिद को हटाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही संबंधित पक्ष पर करीब 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति लगाए जाने की बात भी सामने आई थी। इस फैसले को जिला अदालत में चुनौती दी गई थी। 4 सितंबर को जिला जज की अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। इकरा हसन को सहारनपुर जाने से रोका मस्जिद पर कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन सहारनपुर जाने की कोशिश कर रही थीं। लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इकरा हसन और पुलिस अधिकारियों के बीच इस दौरान तीखी बहस भी हुई। इसका वीडियो सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। बाद में उनके आवास के बाहर पुलिस बल तैनात किए जाने की भी खबर सामने आई। इकरा हसन ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोका जा रहा है। उनका कहना था कि वह मौके पर जाकर हालात देखना चाहती थीं। मायावती ने सरकार से कार्रवाई रोकने को कहा सहारनपुर मस्जिद विवाद पर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सरकार से कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की और मामले को संवेदनशील बताते हुए सावधानी से कदम उठाने की बात कही। मायावती ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह का तनाव बढ़ने से रोकना जरूरी है। उन्होंने लोगों से भी शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। इमरान मसूद बोले- हाईकोर्ट जाएंगे सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया है। उनका कहना है कि मस्जिद की जमीन और उससे जुड़े दस्तावेजों को लेकर उनका पक्ष अलग है। जिला अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद मसूद ने मामले को हाईकोर्ट ले जाने की बात कही है। उनका कहना है कि आगे की कानूनी लड़ाई अदालत में लड़ी जाएगी और उपलब्ध दस्तावेजों को वहां रखा जाएगा। प्रशासन और विपक्ष के दावे अलग-अलग पूरे विवाद में प्रशासन और मस्जिद पक्ष के दावे अलग हैं। प्रशासन जहां निर्माण को सरकारी जमीन पर हुआ अवैध निर्माण बता रहा है, वहीं मस्जिद से जुड़े लोग और कुछ विपक्षी नेता इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं। यही वजह है कि मामला सिर्फ बुलडोजर कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। अब इसकी गूंज राजनीतिक मंच से लेकर अदालत तक सुनाई दे रही है। आगे क्या होगा? सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर हुई कार्रवाई के बाद अब सबकी नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर है। इमरान मसूद की ओर से हाईकोर्ट जाने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में अदालत में इस मामले को लेकर क्या रुख सामने आता है, यह महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद सहारनपुर में राजनीतिक माहौल गर्म है। एक तरफ अधिकारी कोर्ट के आदेश के पालन की बात कह रहे हैं, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Nepal

Nepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों Missing

नेपाल (Nepal) में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नदियों का जलस्तर बढ़ने, मलबा आने और पहाड़ी इलाकों में Landslide के खतरे ने राहत और बचाव अभियान को और मुश्किल बना दिया है। सबसे चिंता की बात यह है कि हादसे के कई दिन बाद भी हजारों लोगों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, इसी बीच Trishuli क्षेत्र से दो लोगों को नौ दिन बाद जिंदा निकालना राहत और उम्मीद की बड़ी खबर बनकर सामने आया है। दार्चुला में Landslide का खतरा, निचले इलाकों पर नजर नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। दार्चुला समेत संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से निचले इलाकों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। पहाड़ों से मलबा आने और नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका के बीच लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। Trishuli से भारतीय नागरिकों का Rescue इस बीच त्रिशूली इलाके से तीन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाले जाने की खबर सामने आई है। इनमें एक परिवार शामिल है। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और उनके भारत लौटने की प्रक्रिया में मदद की जा रही है। भारत सरकार नेपाल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए लगातार नेपाली प्रशासन के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 166 भारतीय नागरिकों को Rescue किया गया है, जबकि 275 भारतीयों के लापता होने की जानकारी दी गई है। भारत ने राहत अभियान के लिए करीब 95 टन राहत सामग्री भी भेजी है। 9 दिन बाद Trishuli Tunnel से जिंदा निकले 2 मजदूर नेपाल में चल रहे Rescue Operation की सबसे बड़ी खबर Trishuli-3A Hydropower Project से आई। यहां सुरंग में फंसे संजय साह और कबीर महारजन को करीब नौ दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोनों को सुरंग के अंदर काफी गहराई से निकाला गया। बचाव दल ने पहले अंदर से आवाजें सुनीं और फिर संपर्क स्थापित होने के बाद ऑपरेशन तेज किया। आखिरकार दोनों को बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने उन परिवारों में भी उम्मीद जगाई है जिनके अपने लोग अभी तक लापता हैं। राहत दल अब अन्य संभावित Survivors तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं। 1300 के करीब मौतें, 5 हजार से ज्यादा लोग Missing इस प्राकृतिक आपदा का असर कितना बड़ा है, इसका अंदाजा मृतकों और लापता लोगों की संख्या से लगाया जा सकता है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार 1,294 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और 5,053 लोग अब भी लापता बताए गए हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों और Hydropower Projects को भारी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और राहत शिविरों में रह रहे हैं। Rescue Operation अभी भी जारी Trishuli Tunnel से दो लोगों को जिंदा निकाले जाने के बाद Rescue Teams का हौसला बढ़ा है। नेपाल सेना, पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार प्रभावित इलाकों में Search Operation चला रहे हैं। Hydropower Projects के आसपास अभी भी बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका है। मलबा, पानी और क्षतिग्रस्त सुरंगें बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। इसके बावजूद टीमें लगातार नए रास्ते तलाश रही हैं। भारत ने नेपाल की मदद बढ़ाई नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में भारत ने भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग बढ़ाया है। भारतीय विशेषज्ञों और राहत सामग्री को नेपाल भेजा गया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की टीमें Rescue, Medical और अन्य जरूरी सेवाओं में सहायता कर रही हैं। फिलहाल नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और पहाड़ी इलाकों में नए Landslide और Flood के खतरे से निपटना है। Trishuli Tunnel से नौ दिन बाद दो लोगों का जिंदा निकलना इस त्रासदी के बीच उम्मीद की एक किरण जरूर लेकर आया है। अब Rescue Teams की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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