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थलपति Vijay की 10th की Marksheet वायरल, एक विषय में थे कमजोर, अब बनेंगे तमिलनाडु के CM!

थलपति Vijay की 10th की Marksheet वायरल, एक विषय में थे कमजोर, अब बनेंगे तमिलनाडु के CM!

साउथ सुपरस्टार Vijay एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह उनकी कोई फिल्म नहीं, बल्कि 10वीं की मार्कशीट है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। मार्कशीट सामने आने के बाद फैंस हैरान हैं कि पढ़ाई में एक विषय ऐसा भी था, जिसमें विजय को कम नंबर मिले थे। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इस मार्कशीट को लेकर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कई यूजर्स का कहना है कि स्कूल में एक विषय में कमजोर रहने वाले विजय आज लाखों लोगों के दिलों पर राज कर रहे हैं और अब राजनीति में भी बड़ा नाम बन चुके हैं। एक विषय में कम नंबर, फिर भी बने सुपरस्टार रिपोर्ट्स के मुताबिक, विजय को एक सब्जेक्ट में उम्मीद से कम अंक मिले थे। हालांकि बाकी विषयों में उनका प्रदर्शन ठीक रहा। फैंस इसे इस बात का उदाहरण बता रहे हैं कि स्कूल के नंबर ही जिंदगी की सफलता तय नहीं करते। विजय ने अपने फिल्मी करियर में कई ब्लॉकबस्टर फिल्में दी हैं और अब राजनीति में भी सक्रिय नजर आ रहे हैं। उनकी पार्टी Vijay की राजनीतिक गतिविधियां लगातार चर्चा में हैं। तमिलनाडु की राजनीति में बढ़ी चर्चा हाल के दिनों में विजय की राजनीतिक रैलियों और बयानों के बाद तमिलनाडु की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। समर्थकों का मानना है कि आने वाले समय में वे राज्य की राजनीति में बड़ा चेहरा बन सकते हैं। सोशल media पर तो कई लोग उन्हें भविष्य का मुख्यमंत्री तक बता रहे हैं। हालांकि अभी तक मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन विजय की लोकप्रियता लगातार बढ़ती नजर आ रही है। सोशल मीडिया पर फैंस के मजेदार रिएक्शन मार्कशीट वायरल होने के बाद फैंस लगातार पोस्ट शेयर कर रहे हैं। कई लोगों ने लिखा कि “कम नंबर आने के बाद भी जिंदगी में बड़ा मुकाम हासिल किया जा सकता है।” वहीं कुछ यूजर्स विजय की सफलता को मेहनत और आत्मविश्वास का उदाहरण बता रहे हैं।
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सुवेंदु अधिकारी होंगे बंगाल के नए CM, राज्यपाल से मिलकर पेश किया सरकार बनाने का दावा

सुवेंदु अधिकारी होंगे बंगाल के नए CM, राज्यपाल से मिलकर पेश किया सरकार बनाने का दावा

पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। बीजेपी नेता Suvendu Adhikari ने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है। जानकारी के मुताबिक, सुवेंदु अधिकारी कल CM पद की शपथ ले सकते हैं। राजधानी कोलकाता में दिनभर चली बैठकों और राजनीतिक हलचल के बाद आखिरकार बीजेपी ने सुवेंदु अधिकारी के नाम पर मुहर लगा दी। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और केंद्रीय नेतृत्व की सहमति के बाद यह फैसला सामने आया। शाह बोले- महिला सुरक्षा होगी सबसे बड़ी प्राथमिकता केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने कहा कि नई सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता महिलाओं की सुरक्षा, कानून व्यवस्था और विकास होगी। उन्होंने दावा किया कि बंगाल में अब “डर और हिंसा की राजनीति” खत्म करने की कोशिश की जाएगी। बीजेपी नेताओं का कहना है कि नई सरकार राज्य में रोजगार, निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर पर तेजी से काम करेगी। वहीं महिला सुरक्षा को लेकर विशेष योजनाएं भी लागू की जाएंगी। राज्यपाल से मुलाकात के बाद बढ़ी हलचल सूत्रों के अनुसार, सुवेंदु अधिकारी ने राज्यपाल से मुलाकात कर समर्थन पत्र सौंपे। इसके बाद सरकार गठन की प्रक्रिया तेज हो गई। राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं। बीजेपी कार्यकर्ताओं में इस फैसले के बाद उत्साह का माहौल देखा गया। कई जगहों पर जश्न मनाया गया और मिठाइयां बांटी गईं। बंगाल की राजनीति में नया अध्याय राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बंगाल में बीजेपी की सरकार बनना राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। अब सबकी नजर नई सरकार के पहले फैसलों और मंत्रिमंडल पर टिकी हुई है।
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Suvendu Adhikari CM Bengal, West Bengal New CM 2026, Amit Shah Kolkata, Rupa Ganguly Deputy CM, Bengal BJP Government, Mamata Banerjee Defeat, Bengal Political News Hindi

Bengal CM Face Final: सुवेंदु अधिकारी होंगे पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री, अमित शाह ने किया ऐलान

West Bengal New CM 2026: सुवेंदु अधिकारी को BJP विधायक दल ने नेता चुना। अमित शाह ने कोलकाता में उनके नाम का ऐलान किया। रूपा गांगुली बनेंगी डिप्टी CM। श्चिम बंगाल की राजनीति में आखिरकार वह ऐतिहासिक पल आ ही गया जिसका इंतजार पूरे देश को था। BJP विधायक दल की बैठक में सुवेंदु अधिकारी को नेता चुन लिया गया है और अब वही पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री होंगे। कोलकाता के कन्वेंशन सेंटर में हुई हाई-वोल्टेज बैठक के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आधिकारिक तौर पर उनके नाम का ऐलान किया। 15 साल बाद बंगाल में सत्ता परिवर्तन के साथ BJP पहली बार राज्य में अपनी सरकार बनाने जा रही है। पार्टी के अंदर लंबे मंथन और कई दौर की चर्चाओं के बाद सुवेंदु अधिकारी के नाम पर अंतिम सहमति बनी। दो डिप्टी CM के साथ बनेगी नई सरकार BJP ने बंगाल में संतुलन साधने के लिए दो उपमुख्यमंत्री बनाने का फैसला किया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक अभिनेत्री से नेता बनीं रूपा गांगुली के नाम पर डिप्टी CM के तौर पर मुहर लग चुकी है। वहीं दूसरा डिप्टी CM उत्तर बंगाल से आने वाला पुरुष विधायक होगा, जिसकी घोषणा जल्द की जाएगी। राजनीतिक जानकार इसे BJP की “सोशल और रीजनल बैलेंसिंग स्ट्रैटेजी” मान रहे हैं। उत्तर बंगाल में पार्टी को भारी समर्थन मिला था और इसी वजह से वहां से भी मजबूत प्रतिनिधित्व दिया जा रहा है। कल होगा भव्य शपथ ग्रहण समारोह नई सरकार का शपथ ग्रहण कल सुबह 10 बजे कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में होगा। BJP इसे “बंगाल विजय दिवस” की तरह पेश कर रही है। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, कई केंद्रीय मंत्री और NDA शासित राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके को हाई-सिक्योरिटी जोन में बदल दिया है। BJP कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। कोलकाता की सड़कों पर पार्टी समर्थकों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया है। ममता को हराकर बने बंगाल की राजनीति के सबसे बड़े चेहरे सुवेंदु अधिकारी वही नेता हैं जिन्होंने 2021 में नंदीग्राम सीट पर ममता बनर्जी को हराकर राष्ट्रीय राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई थी। इस बार भी उन्होंने भवानीपुर सीट से ममता बनर्जी को शिकस्त देकर बंगाल की राजनीति का सबसे बड़ा उलटफेर कर दिया। उन्होंने नंदीग्राम से लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सुवेंदु अधिकारी की आक्रामक शैली, संगठन पर पकड़ और जमीनी नेटवर्क ने BJP को बंगाल में ऐतिहासिक जीत दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई। 207 सीटों के साथ BJP का ऐतिहासिक प्रदर्शन पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में BJP ने 294 में से 207 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत हासिल किया है। वहीं TMC को करारी हार का सामना करना पड़ा। यह जीत सिर्फ सरकार बदलने तक सीमित नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे बंगाल की राजनीति में “नई वैचारिक शुरुआत” के तौर पर देखा जा रहा है। अब नजरें कल के शपथ ग्रहण समारोह और नई सरकार के पहले फैसलों पर टिकी हैं।
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'DMK-AIADMK ने सरकार बनाई तो हमारे सारे MLAs देंगे इस्तीफा', विजय की पार्टी की धमकी

‘DMK-AIADMK ने सरकार बनाई तो हमारे सारे MLAs देंगे इस्तीफा’, विजय की पार्टी की धमकी

तमिलनाडु की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। अभिनेता से नेता बने Vijay की पार्टी ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि अगर राज्य में DMK या AIADMK की सरकार बनती है, तो उनकी पार्टी के सभी विधायक इस्तीफा दे देंगे। पार्टी की इस चेतावनी ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा बढ़ा दी है। बयान में साफ कहा गया है कि वे किसी भी स्थिति में इन दोनों प्रमुख दलों के साथ सरकार बनाने या समर्थन देने के पक्ष में नहीं हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि उनका उद्देश्य राज्य में एक नई राजनीतिक दिशा देना है और वे पुराने राजनीतिक समीकरणों का हिस्सा नहीं बनना चाहते। इस बयान के बाद तमिलनाडु की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है। विपक्षी दलों ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे राजनीतिक दबाव की रणनीति बताया है, जबकि समर्थकों का कहना है कि यह पार्टी की मजबूत विचारधारा को दिखाता है। फिलहाल इस पूरे मामले पर राजनीतिक माहौल गरम है और आने वाले दिनों में इस पर और बयान सामने आ सकते हैं।
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चंद्रनाथ हत्याकांड- हमलावरों ने 7 किमी तक पीछा किया:फिर गोली मारी; सुवेंदु अधिकारी बोले- मैंने ममता को हराया, इसलिए PA की हत्या

चंद्रनाथ हत्याकांड- हमलावरों ने 7 किमी तक पीछा किया:फिर गोली मारी; सुवेंदु अधिकारी बोले- मैंने ममता को हराया, इसलिए PA की हत्या

पश्चिम बंगाल में हुए PA चंद्रनाथ हत्याकांड ने राजनीतिक माहौल को फिर से गर्मा दिया है। इस घटना में हमलावरों ने पीड़ित का करीब 7 किलोमीटर तक पीछा किया और उसके बाद गोली मार दी। यह वारदात बेहद सुनियोजित तरीके से की गई बताई जा रही है, जिससे इलाके में दहशत फैल गई है। घटना के बाद विपक्ष के नेता Suvendu Adhikari ने इस मामले पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री Mamata Banerjee को चुनाव में हराया था, और इसी वजह से उनके निजी सचिव (पीए) की हत्या की गई है। उनके इस बयान ने राज्य की राजनीति को और गरमा दिया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, हमला अचानक और बेहद योजनाबद्ध तरीके से किया गया। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है और पुलिस जांच में जुट गई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कई टीमों को जांच में लगाया है और आसपास के CCTV फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर ली जाएगी।
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Railway में बड़ा बदलाव: अब AI बताएगा वेटिंग टिकट कन्फर्म होगा या नहीं, अगस्त से नया सिस्टम शुरू

Railway में बड़ा बदलाव: अब AI बताएगा वेटिंग टिकट कन्फर्म होगा या नहीं, अगस्त से नया सिस्टम शुरू

भारतीय Railway जल्द ही अपने 40 साल पुराने रिजर्वेशन सिस्टम में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। अब यात्रियों को वेटिंग टिकट कन्फर्म होगा या नहीं, इसका अनुमान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से लगाया जाएगा। रेलवे अगस्त से नए हाईटेक मॉड्यूल पर शिफ्ट होने की तैयारी में है। इस नए सिस्टम के आने के बाद टिकट बुकिंग और सीट कन्फर्मेशन की प्रक्रिया पहले से ज्यादा तेज और पारदर्शी हो जाएगी। नई तकनीक के जरिए यात्रियों को पहले ही यह जानकारी मिल सकेगी कि उनका वेटिंग टिकट कन्फर्म होने की कितनी संभावना है। इससे यात्रियों को यात्रा की बेहतर योजना बनाने में मदद मिलेगी और अनिश्चितता कम होगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह बदलाव यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने और डिजिटल सिस्टम को मजबूत करने के लिए किया जा रहा है।
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Bengal में बड़ा सियासी घटनाक्रम: विधानसभा भंग, तमिलनाडु में सरकार बनाने की हलचल तेज

Bengal में बड़ा सियासी घटनाक्रम: विधानसभा भंग, तमिलनाडु में सरकार बनाने की हलचल तेज

Bengal में एक बड़ा राजनीतिक फैसला सामने आया है, जहां राज्यपाल ने विधानसभा को भंग कर दिया है। इस कदम के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और सभी पार्टियां अगले कदम की रणनीति बनाने में जुट गई हैं। इधर तमिलनाडु में भी सियासी माहौल गर्म हो गया है। राज्यपाल ने अभिनेता विजय से कहा है कि वे 118 विधायकों का समर्थन साबित करें, जिससे सरकार गठन की स्थिति साफ हो सके। इसी बीच AIADMK के 28 विधायक अचानक पुडुचेरी शिफ्ट हो गए हैं, जिससे राजनीतिक समीकरण और भी उलझते नजर आ रहे हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में तमिलनाडु की राजनीति में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह पूरा घटनाक्रम दोनों राज्यों में सत्ता संतुलन को प्रभावित कर सकता है। फिलहाल सभी दल अपने-अपने विधायकों को सुरक्षित रखने और समर्थन जुटाने की कोशिश में लगे हुए हैं।
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Shuvendu Adhikari PA shot dead, Chandranath Rath murder

Breaking News: शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या

पश्चिम बंगाल में चुनाव परिणामों के बाद हिंसा के बीच बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की मध्यमग्राम में गोली मारकर हत्या। जानिए पूरी घटना, राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और जांच की ताज़ा अपडेट। Breaking News: बंगाल में खूनी सियासत! शुभेंदु अधिकारी के सबसे करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद जारी हिंसा अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंचती दिखाई दे रही है। बुधवार देर रात उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम इलाके में बीजेपी नेता और संभावित मुख्यमंत्री चेहरे Suvendu Adhikari के निजी सहायक और करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रात करीब 10:20 बजे चंद्रनाथ रथ अपनी कार से बारासात स्थित घर लौट रहे थे। इसी दौरान दो बाइक पर आए हमलावरों ने मध्यमग्राम के दोहरिया इलाके में उनकी कार को ओवरटेक कर रोक लिया और बेहद करीब से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि हमलावरों ने करीब 10 राउंड फायरिंग की, जिनमें से कई गोलियां रथ को लगीं। उनके साथ मौजूद ड्राइवर और एक अन्य सहयोगी भी गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। “ये प्री-प्लान्ड मर्डर है” — शुभेंदु अधिकारी घटना के बाद बीजेपी नेता Suvendu Adhikari ने इसे “पूर्व नियोजित हत्या” बताया। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार अधिकारी ने दावा किया कि कई दिनों से रेकी की जा रही थी और इसके बाद हमला किया गया। बीजेपी नेताओं ने सीधे तौर पर तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधा है। वहीं दूसरी ओर All India Trinamool Congress ने भी घटना की निंदा करते हुए कोर्ट मॉनिटरिंग में CBI जांच की मांग की है। कौन थे चंद्रनाथ रथ? चंद्रनाथ रथ पूर्व भारतीय वायुसेना कर्मी बताए जा रहे हैं। वे पिछले कई वर्षों से शुभेंदु अधिकारी के बेहद करीबी सहयोगी थे और चुनावी रणनीति से लेकर संगठनात्मक काम तक संभालते थे। बीजेपी के अंदर उन्हें अधिकारी का सबसे भरोसेमंद चेहरा माना जाता था। बंगाल में चुनाव बाद हिंसा क्यों बढ़ रही है? पश्चिम बंगाल में बीजेपी की बड़ी जीत के बाद कई जिलों से हिंसा, आगजनी, हमले और राजनीतिक झड़पों की खबरें सामने आ रही हैं। पुलिस के अनुसार चुनाव परिणाम आने के बाद अब तक 200 से ज्यादा FIR दर्ज की जा चुकी हैं और सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार किया गया है। कोलकाता और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस CCTV फुटेज खंगाल रही है और हमलावरों की तलाश जारी है। राजनीतिक माहौल हुआ और गर्म इस हत्या के बाद बंगाल की राजनीति पूरी तरह उबाल पर है। बीजेपी इसे “लोकतंत्र पर हमला” बता रही है, जबकि टीएमसी हिंसा के लिए बीजेपी समर्थकों को जिम्मेदार ठहरा रही है। आने वाले दिनों में यह मामला बंगाल की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकता है। यह भी पढ़े –Bengal Political Crisis 2026: 9 May को BJP Government की शपथ
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West Bengal Election 2026, Left vote share Bengal, CPI(M) seats 2026, Bengal election analysis, Left collapse Bengal, TMC vs BJP vs Left data
Breaking Analysis: 34 साल की सत्ता से 1 सीट तक – बंगाल में Left का Collapse (2021 vs 2026 Full Data Report) West Bengal Election 2021 vs 2026 में Left (CPI(M)) का प्रदर्शन क्यों गिरा? जानें सीट, वोट शेयर, सीट-वाइज पैटर्न और पूरा डेटा एनालिसिस। एक समय था जब Communist Party of India (Marxist) और उसका Left Front, West Bengal की राजनीति पर 34 साल तक राज करता था। लेकिन 2021 और फिर 2026 के चुनावों ने एक ऐसी तस्वीर पेश की, जो सिर्फ हार नहीं… बल्कि राजनीतिक अस्तित्व के संकट को दिखाती है। 2021 vs 2026 – Key Data Comparison 🗳️ सीट और वोट शेयर Year Seats Won Vote Share Position 2021 0 ~4.7% 3rd/4th 2026 1 ~4.45% 3rd/4th Seat Comparison 2021 → ░░░░░░░░ (0)2026 → █░░░░░░░ (1)5 साल में सुधार नहीं… सिर्फ “symbolic survivalVote Share Trend2021 → ████░░ (~4.7%)2026 → ███░░░ (~4.45%)वोट शेयर stagnant ही नहीं… थोड़ा और गिराGround Level Seat-wise Patternकुल 294 सीटों का pattern:🟢 ~250+ सीट → सीधा मुकाबला TMC vs BJP🔴 Left → तीसरे या चौथे नंबर पर Rare cases में:Left No.2 भी नहीं बन पाई2026 में सिर्फ 1 सीट जीतStrongholds भी कमजोर पड़ेकुछ सीटें जहां Left का vote share relatively ज्यादा था:Singur → ~16–18%Jadavpur → ~15–17%Ballygunge → ~14–16%Durgapur/Asansol belt → ~10–12% लेकिन यहां भी:No.2 नहीं… mostly No.3Political Shift – TMC vs BJP Era👉 आज बंगाल की राजनीति का equation:🟠 BJP → No.1🟢 TMC → No.2🔴 Left → Out of main contestइसका मतलब:Bipolar politics ने Left को squeeze कर दिया Collapse के बड़े कारण (Deep Analysis) 1. Leadership Vacuum 2. Vote Transfer Failure 3. Youth Disconnect 4. BJP का Rise
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BJP

बंगाल में पहली बार भाजपा सरकार

ममता बनर्जी अपने गढ़ भवानीपुर में बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी ने 15113 वोट से हरा कर बढ़ा उलट फेर किया ध्यान रहे शुभेंदु अधिकारी नंदीग्राम से भी जीते
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Bittu Tabahi

Bittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावित

नदी में गंदगी देखकर ज्यादातर लोग शिकायत करते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के एक युवक ने शिकायत करने के बजाय खुद कुछ करने की ठानी। स्थानीय स्तर पर ‘बिट्टू तबाही’ (Bittu Tabahi) के नाम से पहचाने जाने वाले इस युवक ने अकेले ही नदी की सफाई का जिम्मा उठा लिया। उनका यह जज्बा अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। बिट्टू ने नदी में जमा कचरे और गंदगी को देखकर सफाई अभियान शुरू किया। शुरुआत किसी बड़े इंतजाम या टीम के साथ नहीं हुई। उन्होंने अपने स्तर पर सफाई करना शुरू किया और लगातार इस काम में जुटे रहे। नदी को साफ रखने का लिया संकल्प बिट्टू का मानना है कि नदी सिर्फ पानी का स्रोत नहीं, बल्कि आसपास के लोगों और पर्यावरण के लिए बेहद जरूरी है। इसी सोच के साथ उन्होंने नदी में जमा कचरे को हटाने की पहल की। उनका यह प्रयास धीरे-धीरे स्थानीय लोगों का ध्यान खींचने लगा। लोगों ने देखा कि बिना किसी दबाव या दिखावे के बिट्टू लगातार नदी की सफाई में लगे हुए हैं। नगरपालिका ने भी की पहल की सराहना बिट्टू के लगातार सफाई अभियान की जानकारी नगरपालिका तक पहुंची तो उनके प्रयास की सराहना की गई। एक युवक द्वारा अपने स्तर पर नदी को साफ रखने की कोशिश को अधिकारियों ने सकारात्मक कदम माना। इस पहल ने यह भी दिखाया कि अगर कोई व्यक्ति अपने आसपास के पर्यावरण को लेकर जिम्मेदारी महसूस करे, तो छोटी शुरुआत भी बड़ा संदेश दे सकती है। सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आया अभियान बिट्टू का नदी सफाई अभियान अब स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। उनके प्रयास को देखकर दूसरे लोगों में भी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने की उम्मीद है। आज नदियों में बढ़ता कचरा और प्रदूषण बड़ी चुनौती है। ऐसे में बिट्टू की पहल लोगों को यह संदेश देती है कि नदी को साफ रखना सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी साझा जिम्मेदारी है। ‘बिट्टू तबाही’ ने दी एक अलग मिसाल बिट्टू की कहानी इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने बदलाव का इंतजार नहीं किया, बल्कि खुद बदलाव की शुरुआत करने का फैसला लिया। अकेले शुरू किया गया उनका यह सफाई अभियान अब दूसरों के लिए प्रेरणा बनता दिखाई दे रहा है। कई बार किसी बड़े बदलाव की शुरुआत बड़े अभियान से नहीं, बल्कि एक छोटे से कदम से होती है। बिट्टू का यह प्रयास उसी सोच की मिसाल है—अगर इरादा मजबूत हो, तो एक इंसान भी बदलाव की शुरुआत कर सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ किया

दुनिया का नक्शा (World Map) देखते हुए शायद ही किसी ने सोचा होगा कि इसमें दिखाई देने वाले देशों और महाद्वीपों का आकार असलियत से अलग भी हो सकता है। लेकिन अब इसी मुद्दे को लेकर संयुक्त राष्ट्र में एक अहम पहल हुई है। UN महासभा ने ऐसे World Map को बढ़ावा देने वाले प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसमें धरती के अलग-अलग हिस्सों को उनके वास्तविक क्षेत्रफल के ज्यादा करीब दिखाने की कोशिश की गई है। इस बदलाव के बाद नक्शे पर Africa पहले से काफी बड़ा दिखाई देगा, जबकि Europe और North America, खासकर US का आकार पुराने नक्शे की तुलना में छोटा नजर आ सकता है। प्रस्ताव को भारी समर्थन मिला, लेकिन अमेरिका ने इसका विरोध किया। पुराने World Map में आखिर समस्या क्या है? दुनिया के स्कूलों और कई नक्शों में लंबे समय से Mercator Projection का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसे 16वीं सदी में Gerardus Mercator ने तैयार किया था। उस समय इसका सबसे बड़ा फायदा समुद्री यात्राओं और Navigation में था। लेकिन Mercator Projection की एक खासियत ही इसकी सबसे बड़ी कमी भी बन गई। इसमें जैसे-जैसे कोई क्षेत्र Equator से दूर जाता है, उसका आकार नक्शे पर ज्यादा बड़ा दिखाई देने लगता है। यही कारण है कि Greenland जैसे इलाके नक्शे पर अपनी वास्तविकता से बहुत बड़े नजर आते हैं। दूसरी तरफ Africa, जो दुनिया के सबसे बड़े महाद्वीपों में से एक है, अपेक्षाकृत छोटा दिखाई देता है। मसलन, सामान्य Mercator Map में Greenland और Africa का आकार देखकर किसी को लग सकता है कि दोनों लगभग बराबर हैं। असल में Africa का क्षेत्रफल Greenland से करीब 14 गुना ज्यादा है। Equal Earth Projection क्यों चर्चा में है? UN के प्रस्ताव में Equal Earth Projection जैसे नक्शों को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इस Projection की खासियत यह है कि इसमें अलग-अलग महाद्वीपों के क्षेत्रफल को ज्यादा सही अनुपात में दिखाया जाता है। यानी नक्शे को देखकर Africa का वास्तविक विशाल आकार ज्यादा साफ समझ में आता है। Europe और North America भी Mercator Map की तुलना में छोटे दिखाई देते हैं। हालांकि यहां एक बात समझना जरूरी है—न तो Africa बड़ा हुआ है और न ही Europe या America छोटा। बदलाव सिर्फ उस तरीके में है, जिससे उन्हें नक्शे पर दिखाया जाता है। America ने UN के प्रस्ताव का विरोध क्यों किया? इस प्रस्ताव पर अमेरिका का रुख बाकी देशों से अलग रहा। मतदान के दौरान अमेरिका ने इसके खिलाफ वोट किया। अमेरिकी पक्ष की ओर से यह सवाल उठाया गया कि संयुक्त राष्ट्र को वैश्विक स्तर की बड़ी समस्याओं पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। वहीं प्रस्ताव के समर्थकों का मानना है कि नक्शा सिर्फ रास्ता या देश की लोकेशन बताने वाला साधन नहीं है। यह लोगों के मन में दुनिया की एक तस्वीर भी बनाता है। अफ्रीकी देशों की तरफ से लंबे समय से यह बात उठती रही है कि पुराने नक्शों में Africa का वास्तविक आकार सही तरीके से सामने नहीं आता। इसी सोच के साथ “Correct the Map” अभियान को आगे बढ़ाया गया। UN के फैसले से क्या सभी Maps बदल जाएंगे? यह मान लेना सही नहीं होगा कि अब अचानक हर जगह नया नक्शा दिखाई देने लगेगा। UN महासभा का यह फैसला कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है। यानी Google Maps, स्कूल की किताबों, सरकारी दस्तावेजों या दूसरे Digital Platforms को तुरंत अपना नक्शा बदलना जरूरी नहीं है। इसका मकसद देशों, शैक्षणिक संस्थानों, मीडिया और दूसरे संगठनों को ऐसे Map Projections अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है, जो दुनिया के क्षेत्रफल को ज्यादा सही तरीके से दिखाते हों। इसके बावजूद Mercator Projection पूरी तरह खत्म होने की संभावना नहीं है। Navigation और समुद्री यात्राओं जैसी जरूरतों में इसका इस्तेमाल आज भी उपयोगी माना जाता है। India पर क्या असर पड़ेगा? भारत को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस नए World Map से देश का आकार या सीमा बदल जाएगी? इसका जवाब है—नहीं। भारत की जमीन, क्षेत्रफल और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर इस प्रस्ताव का कोई असर नहीं पड़ेगा। सिर्फ नक्शे पर भारत और बाकी देशों को दिखाने का अनुपात बदल सकता है। अगर Equal Earth या इसी तरह की Projection का इस्तेमाल ज्यादा बढ़ता है तो आने वाले समय में School Geography Books, Educational Charts, News Graphics और Digital Maps में दुनिया की तस्वीर कुछ अलग दिखाई दे सकती है। भारत के लिए इसका असर मुख्य रूप से शिक्षा और Geography की समझ के स्तर पर होगा। बच्चों और आम लोगों को यह समझने में मदद मिलेगी कि नक्शे पर दिखाई देने वाला आकार हमेशा किसी देश या महाद्वीप के वास्तविक क्षेत्रफल के बराबर नहीं होता। Africa के लिए इसे बड़ी उपलब्धि क्यों माना जा रहा है? इस पूरे विवाद में Africa सबसे ज्यादा चर्चा के केंद्र में है। समर्थकों का कहना है कि सदियों से इस्तेमाल हो रहे नक्शों ने अनजाने में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की एक असंतुलित तस्वीर बना दी है। Africa दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है और इसके बावजूद Mercator Map में इसका आकार उसकी वास्तविक विशालता के मुकाबले कम नजर आता है। यही वजह है कि African countries और African Union की ओर से इस मुद्दे को लगातार उठाया गया। उनके लिए यह केवल Map Projection का मामला नहीं, बल्कि दुनिया के सामने Africa की वास्तविक तस्वीर रखने का भी सवाल है। क्या दुनिया सच में बदल गई? नहीं। दुनिया का भूगोल बिल्कुल नहीं बदला है। न कोई नया देश बना है, न किसी देश की सीमा बदली है और न ही Africa का क्षेत्रफल अचानक बढ़ गया है। बदलाव सिर्फ इतना है कि दुनिया को कागज या स्क्रीन पर किस तरह दिखाया जाए, इस पर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा सामने आई है। एक तरह से देखें तो यह कहानी हमें यह भी याद दिलाती है कि नक्शा हमेशा पूरी तरह निष्पक्ष तस्वीर नहीं होता। उसे बनाने का तरीका तय करता है कि हमें दुनिया का कौन-सा हिस्सा कितना बड़ा या छोटा दिखाई देगा। आने वाले वर्षों में अगर Equal Earth जैसी projections को ज्यादा अपनाया जाता है, तो संभव है कि नई पीढ़ी के लिए World Map की तस्वीर वही न हो,...
Swatantra Bhardwaj

Swatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत में

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP Protest के दौरान एक छात्रा के पिता के साथ कथित मारपीट का मामला अब फिर चर्चा में है। मामले में आरोपी बताए जा रहे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थकों के प्रदर्शन और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग के कुछ घंटे बाद हुई। Parliament Street Police Station के बाहर प्रदर्शन स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर CJP के प्रतिनिधि और समर्थक शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मामले में जल्द कार्रवाई करने और आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ राजनीतिक नेता भी वहां पहुंचे। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बातचीत हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया और इसके बाद भारद्वाज को ट्रेस करने के लिए टीमें सक्रिय की गईं। क्या है पूरा मामला? यह विवाद जंतर-मंतर पर CJP के एक प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान छात्रा निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई थी। इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार के नाम FIR में शामिल किए गए थे। मामला उस समय और गरमा गया, जब स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े एक Podcast Video की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वीडियो में भारद्वाज ने घटना को लेकर आपत्तिजनक दावे किए थे। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई। Viral Video ने बढ़ाया विवाद वायरल वीडियो सामने आने के बाद CJP ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। संगठन का कहना था कि वीडियो में कथित तौर पर घटना को लेकर किए गए दावों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। वहीं दिल्ली पुलिस ने राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही थी और मेडिकल रिपोर्ट में चोट को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए कुछ दावों की पुष्टि नहीं हुई थी। Bulandshahr में पुलिस ने पकड़ा पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की टीमों ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में ट्रेस किया। रिपोर्टों में बताया गया कि पुलिस की कार्रवाई से पहले वह वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थक स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इससे मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर चल रहा विवाद भी फिलहाल एक नए चरण में पहुंच गया है। FIR में SC/ST Act की धाराएं जोड़ने की जानकारी प्रदर्शन के बाद पुलिस की ओर से मामले में SC/ST Act से संबंधित धाराएं जोड़ने की बात सामने आई। पीड़ित की दोबारा मेडिकल जांच कराए जाने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई है। हालांकि, मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और आगे की पुलिस कार्रवाई पर निर्भर करेगी। आरोपों की पुष्टि अदालत की प्रक्रिया में ही होगी। पुलिस के सामने अब आगे की जांच बड़ी चुनौती स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिए जाने के बाद अब पुलिस के सामने वायरल वीडियो, FIR में दर्ज आरोपों, मेडिकल रिपोर्ट और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच अहम होगी। फिलहाल इस मामले ने CJP Protest, Delhi Police और Social Media Influencer को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस को भी तेज कर दिया है। अब देखना होगा कि जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस की ओर से क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Saharanpur

UP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवाल

Saharanpur उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। अदालत के आदेश के बाद प्रशासन ने शनिवार को मस्जिद के खिलाफ Bulldozer Action शुरू कर दिया। कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में हलचल बढ़ गई और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया। कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई अदालत के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन का एक्शन कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को लेकर जमीन के स्वामित्व और निर्माण की वैधता पर काफी समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन का दावा है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी है और निर्माण को अवैध माना गया है। मामला पहले सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पहुंचा। जुलाई में अदालत ने मस्जिद को हटाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही संबंधित पक्ष पर करीब 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति लगाए जाने की बात भी सामने आई थी। इस फैसले को जिला अदालत में चुनौती दी गई थी। 4 सितंबर को जिला जज की अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। इकरा हसन को सहारनपुर जाने से रोका मस्जिद पर कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन सहारनपुर जाने की कोशिश कर रही थीं। लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इकरा हसन और पुलिस अधिकारियों के बीच इस दौरान तीखी बहस भी हुई। इसका वीडियो सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। बाद में उनके आवास के बाहर पुलिस बल तैनात किए जाने की भी खबर सामने आई। इकरा हसन ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोका जा रहा है। उनका कहना था कि वह मौके पर जाकर हालात देखना चाहती थीं। मायावती ने सरकार से कार्रवाई रोकने को कहा सहारनपुर मस्जिद विवाद पर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सरकार से कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की और मामले को संवेदनशील बताते हुए सावधानी से कदम उठाने की बात कही। मायावती ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह का तनाव बढ़ने से रोकना जरूरी है। उन्होंने लोगों से भी शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। इमरान मसूद बोले- हाईकोर्ट जाएंगे सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया है। उनका कहना है कि मस्जिद की जमीन और उससे जुड़े दस्तावेजों को लेकर उनका पक्ष अलग है। जिला अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद मसूद ने मामले को हाईकोर्ट ले जाने की बात कही है। उनका कहना है कि आगे की कानूनी लड़ाई अदालत में लड़ी जाएगी और उपलब्ध दस्तावेजों को वहां रखा जाएगा। प्रशासन और विपक्ष के दावे अलग-अलग पूरे विवाद में प्रशासन और मस्जिद पक्ष के दावे अलग हैं। प्रशासन जहां निर्माण को सरकारी जमीन पर हुआ अवैध निर्माण बता रहा है, वहीं मस्जिद से जुड़े लोग और कुछ विपक्षी नेता इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं। यही वजह है कि मामला सिर्फ बुलडोजर कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। अब इसकी गूंज राजनीतिक मंच से लेकर अदालत तक सुनाई दे रही है। आगे क्या होगा? सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर हुई कार्रवाई के बाद अब सबकी नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर है। इमरान मसूद की ओर से हाईकोर्ट जाने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में अदालत में इस मामले को लेकर क्या रुख सामने आता है, यह महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद सहारनपुर में राजनीतिक माहौल गर्म है। एक तरफ अधिकारी कोर्ट के आदेश के पालन की बात कह रहे हैं, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Nepal

Nepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों Missing

नेपाल (Nepal) में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नदियों का जलस्तर बढ़ने, मलबा आने और पहाड़ी इलाकों में Landslide के खतरे ने राहत और बचाव अभियान को और मुश्किल बना दिया है। सबसे चिंता की बात यह है कि हादसे के कई दिन बाद भी हजारों लोगों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, इसी बीच Trishuli क्षेत्र से दो लोगों को नौ दिन बाद जिंदा निकालना राहत और उम्मीद की बड़ी खबर बनकर सामने आया है। दार्चुला में Landslide का खतरा, निचले इलाकों पर नजर नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। दार्चुला समेत संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से निचले इलाकों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। पहाड़ों से मलबा आने और नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका के बीच लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। Trishuli से भारतीय नागरिकों का Rescue इस बीच त्रिशूली इलाके से तीन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाले जाने की खबर सामने आई है। इनमें एक परिवार शामिल है। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और उनके भारत लौटने की प्रक्रिया में मदद की जा रही है। भारत सरकार नेपाल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए लगातार नेपाली प्रशासन के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 166 भारतीय नागरिकों को Rescue किया गया है, जबकि 275 भारतीयों के लापता होने की जानकारी दी गई है। भारत ने राहत अभियान के लिए करीब 95 टन राहत सामग्री भी भेजी है। 9 दिन बाद Trishuli Tunnel से जिंदा निकले 2 मजदूर नेपाल में चल रहे Rescue Operation की सबसे बड़ी खबर Trishuli-3A Hydropower Project से आई। यहां सुरंग में फंसे संजय साह और कबीर महारजन को करीब नौ दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोनों को सुरंग के अंदर काफी गहराई से निकाला गया। बचाव दल ने पहले अंदर से आवाजें सुनीं और फिर संपर्क स्थापित होने के बाद ऑपरेशन तेज किया। आखिरकार दोनों को बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने उन परिवारों में भी उम्मीद जगाई है जिनके अपने लोग अभी तक लापता हैं। राहत दल अब अन्य संभावित Survivors तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं। 1300 के करीब मौतें, 5 हजार से ज्यादा लोग Missing इस प्राकृतिक आपदा का असर कितना बड़ा है, इसका अंदाजा मृतकों और लापता लोगों की संख्या से लगाया जा सकता है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार 1,294 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और 5,053 लोग अब भी लापता बताए गए हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों और Hydropower Projects को भारी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और राहत शिविरों में रह रहे हैं। Rescue Operation अभी भी जारी Trishuli Tunnel से दो लोगों को जिंदा निकाले जाने के बाद Rescue Teams का हौसला बढ़ा है। नेपाल सेना, पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार प्रभावित इलाकों में Search Operation चला रहे हैं। Hydropower Projects के आसपास अभी भी बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका है। मलबा, पानी और क्षतिग्रस्त सुरंगें बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। इसके बावजूद टीमें लगातार नए रास्ते तलाश रही हैं। भारत ने नेपाल की मदद बढ़ाई नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में भारत ने भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग बढ़ाया है। भारतीय विशेषज्ञों और राहत सामग्री को नेपाल भेजा गया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की टीमें Rescue, Medical और अन्य जरूरी सेवाओं में सहायता कर रही हैं। फिलहाल नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और पहाड़ी इलाकों में नए Landslide और Flood के खतरे से निपटना है। Trishuli Tunnel से नौ दिन बाद दो लोगों का जिंदा निकलना इस त्रासदी के बीच उम्मीद की एक किरण जरूर लेकर आया है। अब Rescue Teams की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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