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Noida Cyber Fraud: सस्ती Air Ticket Booking के नाम पर करोड़ों की ठगी, 13 आरोपी गिरफ्तार

Noida Cyber Fraud: सस्ती Air Ticket Booking के नाम पर करोड़ों की ठगी, 13 आरोपी गिरफ्तार

Noida में एयर टिकट बुकिंग के नाम पर विदेशी नागरिकों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। थाना सेक्टर-63 पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में करीब 10 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी के सबूत मिले हैं। पुलिस के मुताबिक आरोपी नोएडा के सेक्टर-63 इलाके में फर्जी कॉल सेंटर चला रहे थे। यहां से अमेरिका और यूरोप के नागरिकों को निशाना बनाया जाता था। आरोपी खुद को एयरलाइन कंपनी या ट्रैवल एजेंसी का कर्मचारी बताकर लोगों को सस्ती एयर टिकट देने का झांसा देते थे। Google-Facebook Ads के जरिए फंसाते थे लोग जांच में सामने आया है कि यह गिरोह गूगल और फेसबुक जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर सस्ती फ्लाइट टिकट के आकर्षक विज्ञापन चलाता था। जब कोई विदेशी नागरिक टिकट बुकिंग या ट्रैवल सहायता के लिए संपर्क करता था, तब आरोपी उनसे बातचीत कर भरोसा जीत लेते थे। इसके बाद अलग-अलग चार्ज और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर लोगों से बड़ी रकम वसूली जाती थी। कई मामलों में टिकट जारी ही नहीं किए जाते थे, जबकि कुछ पीड़ितों को फर्जी बुकिंग डिटेल भेज दी जाती थी। फर्जी कॉल सेंटर से चलता था पूरा नेटवर्क पुलिस को छापेमारी के दौरान कॉल सेंटर से कई लैपटॉप, मोबाइल फोन, इंटरनेट डिवाइस और संदिग्ध दस्तावेज मिले हैं। आरोपियों के पास विदेशी नागरिकों का डेटा भी बरामद हुआ है। जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की भी जांच कर रही हैं। 10 करोड़ से ज्यादा की ठगी का खुलासा पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में 10 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी के सबूत मिले हैं। आशंका है कि गिरोह लंबे समय से इस तरह की वारदात को अंजाम दे रहा था और कई विदेशी नागरिक इसके शिकार हुए हैं।
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Dehradhun Violence Update: हिंसा और आगजनी के बाद चला Bulldozer, CM धामी खुद कर रहे मॉनिटरिंग

Dehradhun Violence Update: हिंसा और आगजनी के बाद चला Bulldozer, CM धामी खुद कर रहे मॉनिटरिंग

उत्तराखंड की राजधानी Dehradhun में हाल ही में हुई हिंसा और आगजनी की घटनाओं के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। शहर के संवेदनशील इलाकों में पुलिस और प्रशासन की टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। हालात को देखते हुए कई जगहों पर बुलडोजर कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद पूरे मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। कई इलाकों में बढ़ाई गई सुरक्षा हिंसा के बाद देहरादून के कई इलाकों में पुलिस बल तैनात किया गया है। संवेदनशील जगहों पर अतिरिक्त फोर्स लगाई गई है ताकि किसी भी तरह की अफवाह या तनाव को रोका जा सके। प्रशासन लगातार लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है। अवैध निर्माणों पर कार्रवाई प्रशासन की ओर से अवैध निर्माणों और उपद्रव से जुड़े लोगों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में कुछ स्थानों पर बुलडोजर चलाया गया। अधिकारियों का कहना है कि कानून तोड़ने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।
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Greater Noida में जिम से निकलते ही युवक की मौत, एक्सरसाइज के बाद बिगड़ी तबीयत

Greater Noida में जिम से निकलते ही युवक की मौत, एक्सरसाइज के बाद बिगड़ी तबीयत

Greater Noida वेस्ट के बिसरख कोतवाली क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है। यहां जिम में एक्सरसाइज करने के तुरंत बाद 20 वर्षीय युवक की अचानक तबीयत बिगड़ गई और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। शुरुआती जांच में मौत की वजह हार्ट अटैक मानी जा रही है, हालांकि असली कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा। जानकारी के अनुसार, मृतक युवक की पहचान शरद कुमार के रूप में हुई है। वह मूल रूप से Bulandshahr का रहने वाला था और फिलहाल बिसरख गांव में किराए के मकान में रह रहा था। बताया जा रहा है कि शरद रोज की तरह शनिवार को भी जिम में वर्कआउट करने गया था। एक्सरसाइज खत्म करने के बाद जैसे ही वह जिम से बाहर निकला, अचानक चक्कर खाकर नाले की दीवार के पास गिर पड़ा। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उसे नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने युवक को Government Institute of Medical Sciences (GIMS) अस्पताल रेफर कर दिया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे मौत की सही वजह सामने आ सके।
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Uttar Pradesh में AIMIM की बड़ी तैयारी: ओवैसी ने मटेरा से साधे मुस्लिम-दलित समीकरण

Uttar Pradesh में AIMIM की बड़ी तैयारी: ओवैसी ने मटेरा से साधे मुस्लिम-दलित समीकरण

Uttar Pradesh में आगामी चुनावों को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इसी बीच All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen (AIMIM) प्रमुख Asaduddin Owaisi ने बहराइच जिले की मटेरा विधानसभा सीट से बड़ा राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है। माना जा रहा है कि ओवैसी अब उत्तर प्रदेश में मुस्लिम-दलित समीकरण को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। मटेरा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ओवैसी ने भाजपा, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि अब प्रदेश की राजनीति में नए विकल्प की जरूरत है। उन्होंने दावा किया कि AIMIM उन लोगों की आवाज बनेगी, जिन्हें लंबे समय से नजरअंदाज किया गया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ओवैसी की नजर खास तौर पर मुस्लिम और दलित वोट बैंक पर है। यही वजह है कि पार्टी लगातार ऐसे क्षेत्रों में सक्रियता बढ़ा रही है, जहां दोनों समुदायों की अच्छी आबादी है। ओवैसी ने अपने संबोधन में सामाजिक न्याय, शिक्षा, रोजगार और सुरक्षा जैसे मुद्दों को भी उठाया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी सिर्फ चुनाव लड़ने नहीं, बल्कि लोगों के अधिकारों की लड़ाई लड़ने के लिए मैदान में उतरी है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में AIMIM की बढ़ती सक्रियता को आने वाले चुनावों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। अब देखना होगा कि ओवैसी की यह रणनीति प्रदेश की राजनीति में कितना असर छोड़ती है।
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Telangana में आधी रात कांपी धरती: भद्राद्री कोठागुडेम में 3.8 तीव्रता का भूकंप, कोई नुकसान नहीं

Telangana के भद्राद्री कोठागुडेम जिले में शनिवार और रविवार की दरमियानी रात भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। देर रात करीब 2 बजकर 26 मिनट पर अचानक धरती हिलने से कुछ देर के लिए लोगों में हल्की चिंता का माहौल बन गया। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.8 मैग्नीट्यूड दर्ज की गई। भूकंप का केंद्र जमीन से लगभग 10 किलोमीटर की गहराई में था। हालांकि, इस तीव्रता का भूकंप ज्यादा खतरनाक नहीं माना जाता और फिलहाल किसी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर सामने नहीं आई है। देर रात का समय होने के कारण अधिकतर लोग सो रहे थे, इसलिए कई लोगों को भूकंप का एहसास भी नहीं हुआ। वहीं कुछ स्थानीय लोगों ने हल्के झटके महसूस किए, लेकिन स्थिति सामान्य बनी रही। विशेषज्ञों के मुताबिक, 3.8 तीव्रता का भूकंप आमतौर पर बड़े नुकसान का कारण नहीं बनता। हालांकि, अगर भूकंप की तीव्रता 6 या उससे अधिक होती, तो हालात गंभीर हो सकते थे। फिलहाल प्रशासन और स्थानीय एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है।
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Jiwaji University में युवक का हंगामा, खुद को बताया ‘King’, दीवारों पर लिखे आपत्तिजनक शब्द

Jiwaji University में युवक का हंगामा, खुद को बताया ‘King’, दीवारों पर लिखे आपत्तिजनक शब्द

मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित Jiwaji University में एक युवक ने जमकर हंगामा किया। युवक ने खुद को “किंग” बताते हुए यूनिवर्सिटी की दीवारों पर आपत्तिजनक शब्द लिख दिए, जिससे परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बताया जा रहा है कि युवक यूनिवर्सिटी के रिकॉर्ड रूम तक पहुंच गया और वहां भी अव्यवस्था फैलाने की कोशिश की। घटना की जानकारी मिलते ही यूनिवर्सिटी प्रशासन हरकत में आया और मामले की जांच शुरू कर दी गई। प्रशासन ने परिसर में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसके आधार पर पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। पुलिस अब आरोपी युवक की पहचान और तलाश में जुटी हुई है। इस घटना के बाद यूनिवर्सिटी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। छात्रों और कर्मचारियों का कहना है कि कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।
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PM Modi France Visit: फ्रांस पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी, भारतीय समुदाय ने किया भव्य स्वागत

PM Modi France Visit: फ्रांस पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी, भारतीय समुदाय ने किया भव्य स्वागत

PM Modi फ्रांस पहुंच गए हैं, जहां वह राष्ट्रपति Emmanuel Macron के साथ अहम द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और जी-7 शिखर सम्मेलन में भी हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री मोदी की यह पांच दिवसीय फ्रांस और स्लोवाकिया यात्रा का पहला चरण है। वह फ्रांस के शहर नीस पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। फ्रांस पहुंचने के बाद एयरपोर्ट से होटल तक प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में भारतीय समुदाय के लोग मौजूद रहे। होटल के बाहर लोगों ने “मोदी-मोदी” और “भारत माता की जय” के नारे लगाए। इस दौरान कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिसने पूरे माहौल को उत्साह से भर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने वहां मौजूद भारतीय मूल के लोगों से मुलाकात की और उनसे हाथ मिलाकर अभिवादन स्वीकार किया। इस दौरान पीएम मोदी का एक खास अंदाज भी देखने को मिला, जब उन्होंने एक छोटे बच्चे को गोद में लेकर प्यार किया। यह पल वहां मौजूद लोगों के लिए काफी खास बन गया। प्रधानमंत्री मोदी ने फ्रांस पहुंचने के बाद सोशल मीडिया पर भी पोस्ट साझा किया। उन्होंने कहा कि वह राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात को लेकर उत्साहित हैं। पीएम मोदी ने उम्मीद जताई कि इस यात्रा के दौरान भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक और आर्थिक रिश्ते और मजबूत होंगे। इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी नवाचार, टेक्नोलॉजी और वैश्विक साझेदारी से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। माना जा रहा है कि भारत और फ्रांस के बीच रक्षा, व्यापार और नई तकनीक के क्षेत्र में सहयोग को लेकर भी अहम चर्चा हो सकती है।
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Mamata Banerjee को बड़ा झटका, वरिष्ठ नेता Manas Ranjan Bhunia ने छोड़ी TMC

Mamata Banerjee को बड़ा झटका, वरिष्ठ नेता Manas Ranjan Bhunia ने छोड़ी TMC

पश्चिम बंगाल की राजनीति में Mamata Banerjee तृणमूल कांग्रेस (TMC) को एक और बड़ा झटका लगा है। विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद पार्टी की मुश्किलें लगातार बढ़ती दिखाई दे रही हैं। इसी बीच ममता बनर्जी सरकार में मंत्री रह चुके वरिष्ठ नेता मानस रंजन भुंइया ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। मानस रंजन भुंइया ने शनिवार को पार्टी अध्यक्ष और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र भेजकर अपने सभी संगठनात्मक पदों और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने की जानकारी दी। उनके इस फैसले को TMC के लिए बड़ा राजनीतिक नुकसान माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विधानसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन के बाद पार्टी के अंदर असंतोष बढ़ता जा रहा है। ऐसे समय में वरिष्ठ नेताओं का पार्टी छोड़ना तृणमूल कांग्रेस की चिंता बढ़ा सकता है। हालांकि, अभी तक मानस रंजन भुंइया ने इस्तीफे के पीछे की विस्तृत वजह सार्वजनिक नहीं की है। वहीं TMC की ओर से भी इस मामले पर कोई बड़ा बयान सामने नहीं आया है। पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस इस्तीफे को आने वाले दिनों के लिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे पार्टी की अंदरूनी स्थिति पर भी सवाल उठने लगे हैं।
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Noida International Airport से 15 जून से शुरू होंगी Commercial Flights, लखनऊ के लिए पहली उड़ान बनेगी खास

Noida International Airport से 15 जून से शुरू होंगी Commercial Flights, लखनऊ के लिए पहली उड़ान बनेगी खास

उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा में एक और बड़ा अध्याय जुड़ने जा रहा है। दिल्ली-एनसीआर के पास बने Noida International Airport से 15 जून, सोमवार से कमर्शियल उड़ानों का संचालन शुरू होने जा रहा है। यह एयरपोर्ट पश्चिम उत्तर प्रदेश और दिल्ली एनसीआर के लिए नया एविएशन हब माना जा रहा है। इस खास मौके पर केंद्रीय नागर विमानन मंत्री K. Rammohan Naidu भी मौजूद रहेंगे। बताया जा रहा है कि लखनऊ से आने वाली पहली फ्लाइट में कई वीवीआईपी मेहमान शामिल होंगे। वहीं नोएडा से लखनऊ जाने वाली पहली फ्लाइट में किसानों को विशेष तौर पर शामिल किया गया है, जिससे प्रदेश के विकास और ग्रामीण भागीदारी का संदेश दिया जा सके। सरकार का मानना है कि जेवर स्थित यह एयरपोर्ट आने वाले समय में उत्तर भारत के सबसे बड़े एविएशन सेंटर में से एक बनेगा। इससे न केवल हवाई यात्रा आसान होगी बल्कि व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। सूत्रों के मुताबिक, नोएडा के करीब 75 बड़े कारोबारी परिवार पहली फ्लाइट के यात्री बनेंगे। इससे एयरपोर्ट की शुरुआत को एक खास पहचान देने की तैयारी की गई है। माना जा रहा है कि एयरपोर्ट शुरू होने के बाद दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर दबाव भी कम होगा।
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देहरादून में Manu Bhaker ने दिवंगत कोच जसपाल राणा को दी श्रद्धांजलि

देहरादून में Manu Bhaker ने दिवंगत कोच जसपाल राणा को दी श्रद्धांजलि

ओलंपिक पदक विजेता Manu Bhaker ने उत्तराखंड के देहरादून स्थित उनके आवास पर पहुंचकर अपने दिवंगत कोच Jaspal Rana को श्रद्धांजलि अर्पित की। मनु भाकर ने कोच जसपाल राणा को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनके योगदान को खेल जगत के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया। इस दौरान माहौल भावुक रहा। जसपाल राणा भारतीय शूटिंग जगत के दिग्गज कोच और पूर्व खिलाड़ी रहे हैं, जिन्होंने कई युवा निशानेबाजों को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी। मनु भाकर की यह यात्रा उनके गुरु के प्रति सम्मान और गहरे जुड़ाव को दर्शाती है।
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Bittu Tabahi

Bittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावित

नदी में गंदगी देखकर ज्यादातर लोग शिकायत करते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के एक युवक ने शिकायत करने के बजाय खुद कुछ करने की ठानी। स्थानीय स्तर पर ‘बिट्टू तबाही’ (Bittu Tabahi) के नाम से पहचाने जाने वाले इस युवक ने अकेले ही नदी की सफाई का जिम्मा उठा लिया। उनका यह जज्बा अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। बिट्टू ने नदी में जमा कचरे और गंदगी को देखकर सफाई अभियान शुरू किया। शुरुआत किसी बड़े इंतजाम या टीम के साथ नहीं हुई। उन्होंने अपने स्तर पर सफाई करना शुरू किया और लगातार इस काम में जुटे रहे। नदी को साफ रखने का लिया संकल्प बिट्टू का मानना है कि नदी सिर्फ पानी का स्रोत नहीं, बल्कि आसपास के लोगों और पर्यावरण के लिए बेहद जरूरी है। इसी सोच के साथ उन्होंने नदी में जमा कचरे को हटाने की पहल की। उनका यह प्रयास धीरे-धीरे स्थानीय लोगों का ध्यान खींचने लगा। लोगों ने देखा कि बिना किसी दबाव या दिखावे के बिट्टू लगातार नदी की सफाई में लगे हुए हैं। नगरपालिका ने भी की पहल की सराहना बिट्टू के लगातार सफाई अभियान की जानकारी नगरपालिका तक पहुंची तो उनके प्रयास की सराहना की गई। एक युवक द्वारा अपने स्तर पर नदी को साफ रखने की कोशिश को अधिकारियों ने सकारात्मक कदम माना। इस पहल ने यह भी दिखाया कि अगर कोई व्यक्ति अपने आसपास के पर्यावरण को लेकर जिम्मेदारी महसूस करे, तो छोटी शुरुआत भी बड़ा संदेश दे सकती है। सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आया अभियान बिट्टू का नदी सफाई अभियान अब स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। उनके प्रयास को देखकर दूसरे लोगों में भी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने की उम्मीद है। आज नदियों में बढ़ता कचरा और प्रदूषण बड़ी चुनौती है। ऐसे में बिट्टू की पहल लोगों को यह संदेश देती है कि नदी को साफ रखना सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी साझा जिम्मेदारी है। ‘बिट्टू तबाही’ ने दी एक अलग मिसाल बिट्टू की कहानी इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने बदलाव का इंतजार नहीं किया, बल्कि खुद बदलाव की शुरुआत करने का फैसला लिया। अकेले शुरू किया गया उनका यह सफाई अभियान अब दूसरों के लिए प्रेरणा बनता दिखाई दे रहा है। कई बार किसी बड़े बदलाव की शुरुआत बड़े अभियान से नहीं, बल्कि एक छोटे से कदम से होती है। बिट्टू का यह प्रयास उसी सोच की मिसाल है—अगर इरादा मजबूत हो, तो एक इंसान भी बदलाव की शुरुआत कर सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ किया

दुनिया का नक्शा (World Map) देखते हुए शायद ही किसी ने सोचा होगा कि इसमें दिखाई देने वाले देशों और महाद्वीपों का आकार असलियत से अलग भी हो सकता है। लेकिन अब इसी मुद्दे को लेकर संयुक्त राष्ट्र में एक अहम पहल हुई है। UN महासभा ने ऐसे World Map को बढ़ावा देने वाले प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसमें धरती के अलग-अलग हिस्सों को उनके वास्तविक क्षेत्रफल के ज्यादा करीब दिखाने की कोशिश की गई है। इस बदलाव के बाद नक्शे पर Africa पहले से काफी बड़ा दिखाई देगा, जबकि Europe और North America, खासकर US का आकार पुराने नक्शे की तुलना में छोटा नजर आ सकता है। प्रस्ताव को भारी समर्थन मिला, लेकिन अमेरिका ने इसका विरोध किया। पुराने World Map में आखिर समस्या क्या है? दुनिया के स्कूलों और कई नक्शों में लंबे समय से Mercator Projection का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसे 16वीं सदी में Gerardus Mercator ने तैयार किया था। उस समय इसका सबसे बड़ा फायदा समुद्री यात्राओं और Navigation में था। लेकिन Mercator Projection की एक खासियत ही इसकी सबसे बड़ी कमी भी बन गई। इसमें जैसे-जैसे कोई क्षेत्र Equator से दूर जाता है, उसका आकार नक्शे पर ज्यादा बड़ा दिखाई देने लगता है। यही कारण है कि Greenland जैसे इलाके नक्शे पर अपनी वास्तविकता से बहुत बड़े नजर आते हैं। दूसरी तरफ Africa, जो दुनिया के सबसे बड़े महाद्वीपों में से एक है, अपेक्षाकृत छोटा दिखाई देता है। मसलन, सामान्य Mercator Map में Greenland और Africa का आकार देखकर किसी को लग सकता है कि दोनों लगभग बराबर हैं। असल में Africa का क्षेत्रफल Greenland से करीब 14 गुना ज्यादा है। Equal Earth Projection क्यों चर्चा में है? UN के प्रस्ताव में Equal Earth Projection जैसे नक्शों को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इस Projection की खासियत यह है कि इसमें अलग-अलग महाद्वीपों के क्षेत्रफल को ज्यादा सही अनुपात में दिखाया जाता है। यानी नक्शे को देखकर Africa का वास्तविक विशाल आकार ज्यादा साफ समझ में आता है। Europe और North America भी Mercator Map की तुलना में छोटे दिखाई देते हैं। हालांकि यहां एक बात समझना जरूरी है—न तो Africa बड़ा हुआ है और न ही Europe या America छोटा। बदलाव सिर्फ उस तरीके में है, जिससे उन्हें नक्शे पर दिखाया जाता है। America ने UN के प्रस्ताव का विरोध क्यों किया? इस प्रस्ताव पर अमेरिका का रुख बाकी देशों से अलग रहा। मतदान के दौरान अमेरिका ने इसके खिलाफ वोट किया। अमेरिकी पक्ष की ओर से यह सवाल उठाया गया कि संयुक्त राष्ट्र को वैश्विक स्तर की बड़ी समस्याओं पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। वहीं प्रस्ताव के समर्थकों का मानना है कि नक्शा सिर्फ रास्ता या देश की लोकेशन बताने वाला साधन नहीं है। यह लोगों के मन में दुनिया की एक तस्वीर भी बनाता है। अफ्रीकी देशों की तरफ से लंबे समय से यह बात उठती रही है कि पुराने नक्शों में Africa का वास्तविक आकार सही तरीके से सामने नहीं आता। इसी सोच के साथ “Correct the Map” अभियान को आगे बढ़ाया गया। UN के फैसले से क्या सभी Maps बदल जाएंगे? यह मान लेना सही नहीं होगा कि अब अचानक हर जगह नया नक्शा दिखाई देने लगेगा। UN महासभा का यह फैसला कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है। यानी Google Maps, स्कूल की किताबों, सरकारी दस्तावेजों या दूसरे Digital Platforms को तुरंत अपना नक्शा बदलना जरूरी नहीं है। इसका मकसद देशों, शैक्षणिक संस्थानों, मीडिया और दूसरे संगठनों को ऐसे Map Projections अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है, जो दुनिया के क्षेत्रफल को ज्यादा सही तरीके से दिखाते हों। इसके बावजूद Mercator Projection पूरी तरह खत्म होने की संभावना नहीं है। Navigation और समुद्री यात्राओं जैसी जरूरतों में इसका इस्तेमाल आज भी उपयोगी माना जाता है। India पर क्या असर पड़ेगा? भारत को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस नए World Map से देश का आकार या सीमा बदल जाएगी? इसका जवाब है—नहीं। भारत की जमीन, क्षेत्रफल और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर इस प्रस्ताव का कोई असर नहीं पड़ेगा। सिर्फ नक्शे पर भारत और बाकी देशों को दिखाने का अनुपात बदल सकता है। अगर Equal Earth या इसी तरह की Projection का इस्तेमाल ज्यादा बढ़ता है तो आने वाले समय में School Geography Books, Educational Charts, News Graphics और Digital Maps में दुनिया की तस्वीर कुछ अलग दिखाई दे सकती है। भारत के लिए इसका असर मुख्य रूप से शिक्षा और Geography की समझ के स्तर पर होगा। बच्चों और आम लोगों को यह समझने में मदद मिलेगी कि नक्शे पर दिखाई देने वाला आकार हमेशा किसी देश या महाद्वीप के वास्तविक क्षेत्रफल के बराबर नहीं होता। Africa के लिए इसे बड़ी उपलब्धि क्यों माना जा रहा है? इस पूरे विवाद में Africa सबसे ज्यादा चर्चा के केंद्र में है। समर्थकों का कहना है कि सदियों से इस्तेमाल हो रहे नक्शों ने अनजाने में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की एक असंतुलित तस्वीर बना दी है। Africa दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है और इसके बावजूद Mercator Map में इसका आकार उसकी वास्तविक विशालता के मुकाबले कम नजर आता है। यही वजह है कि African countries और African Union की ओर से इस मुद्दे को लगातार उठाया गया। उनके लिए यह केवल Map Projection का मामला नहीं, बल्कि दुनिया के सामने Africa की वास्तविक तस्वीर रखने का भी सवाल है। क्या दुनिया सच में बदल गई? नहीं। दुनिया का भूगोल बिल्कुल नहीं बदला है। न कोई नया देश बना है, न किसी देश की सीमा बदली है और न ही Africa का क्षेत्रफल अचानक बढ़ गया है। बदलाव सिर्फ इतना है कि दुनिया को कागज या स्क्रीन पर किस तरह दिखाया जाए, इस पर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा सामने आई है। एक तरह से देखें तो यह कहानी हमें यह भी याद दिलाती है कि नक्शा हमेशा पूरी तरह निष्पक्ष तस्वीर नहीं होता। उसे बनाने का तरीका तय करता है कि हमें दुनिया का कौन-सा हिस्सा कितना बड़ा या छोटा दिखाई देगा। आने वाले वर्षों में अगर Equal Earth जैसी projections को ज्यादा अपनाया जाता है, तो संभव है कि नई पीढ़ी के लिए World Map की तस्वीर वही न हो,...
Swatantra Bhardwaj

Swatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत में

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP Protest के दौरान एक छात्रा के पिता के साथ कथित मारपीट का मामला अब फिर चर्चा में है। मामले में आरोपी बताए जा रहे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थकों के प्रदर्शन और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग के कुछ घंटे बाद हुई। Parliament Street Police Station के बाहर प्रदर्शन स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर CJP के प्रतिनिधि और समर्थक शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मामले में जल्द कार्रवाई करने और आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ राजनीतिक नेता भी वहां पहुंचे। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बातचीत हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया और इसके बाद भारद्वाज को ट्रेस करने के लिए टीमें सक्रिय की गईं। क्या है पूरा मामला? यह विवाद जंतर-मंतर पर CJP के एक प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान छात्रा निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई थी। इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार के नाम FIR में शामिल किए गए थे। मामला उस समय और गरमा गया, जब स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े एक Podcast Video की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वीडियो में भारद्वाज ने घटना को लेकर आपत्तिजनक दावे किए थे। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई। Viral Video ने बढ़ाया विवाद वायरल वीडियो सामने आने के बाद CJP ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। संगठन का कहना था कि वीडियो में कथित तौर पर घटना को लेकर किए गए दावों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। वहीं दिल्ली पुलिस ने राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही थी और मेडिकल रिपोर्ट में चोट को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए कुछ दावों की पुष्टि नहीं हुई थी। Bulandshahr में पुलिस ने पकड़ा पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की टीमों ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में ट्रेस किया। रिपोर्टों में बताया गया कि पुलिस की कार्रवाई से पहले वह वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थक स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इससे मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर चल रहा विवाद भी फिलहाल एक नए चरण में पहुंच गया है। FIR में SC/ST Act की धाराएं जोड़ने की जानकारी प्रदर्शन के बाद पुलिस की ओर से मामले में SC/ST Act से संबंधित धाराएं जोड़ने की बात सामने आई। पीड़ित की दोबारा मेडिकल जांच कराए जाने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई है। हालांकि, मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और आगे की पुलिस कार्रवाई पर निर्भर करेगी। आरोपों की पुष्टि अदालत की प्रक्रिया में ही होगी। पुलिस के सामने अब आगे की जांच बड़ी चुनौती स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिए जाने के बाद अब पुलिस के सामने वायरल वीडियो, FIR में दर्ज आरोपों, मेडिकल रिपोर्ट और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच अहम होगी। फिलहाल इस मामले ने CJP Protest, Delhi Police और Social Media Influencer को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस को भी तेज कर दिया है। अब देखना होगा कि जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस की ओर से क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Saharanpur

UP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवाल

Saharanpur उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। अदालत के आदेश के बाद प्रशासन ने शनिवार को मस्जिद के खिलाफ Bulldozer Action शुरू कर दिया। कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में हलचल बढ़ गई और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया। कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई अदालत के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन का एक्शन कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को लेकर जमीन के स्वामित्व और निर्माण की वैधता पर काफी समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन का दावा है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी है और निर्माण को अवैध माना गया है। मामला पहले सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पहुंचा। जुलाई में अदालत ने मस्जिद को हटाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही संबंधित पक्ष पर करीब 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति लगाए जाने की बात भी सामने आई थी। इस फैसले को जिला अदालत में चुनौती दी गई थी। 4 सितंबर को जिला जज की अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। इकरा हसन को सहारनपुर जाने से रोका मस्जिद पर कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन सहारनपुर जाने की कोशिश कर रही थीं। लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इकरा हसन और पुलिस अधिकारियों के बीच इस दौरान तीखी बहस भी हुई। इसका वीडियो सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। बाद में उनके आवास के बाहर पुलिस बल तैनात किए जाने की भी खबर सामने आई। इकरा हसन ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोका जा रहा है। उनका कहना था कि वह मौके पर जाकर हालात देखना चाहती थीं। मायावती ने सरकार से कार्रवाई रोकने को कहा सहारनपुर मस्जिद विवाद पर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सरकार से कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की और मामले को संवेदनशील बताते हुए सावधानी से कदम उठाने की बात कही। मायावती ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह का तनाव बढ़ने से रोकना जरूरी है। उन्होंने लोगों से भी शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। इमरान मसूद बोले- हाईकोर्ट जाएंगे सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया है। उनका कहना है कि मस्जिद की जमीन और उससे जुड़े दस्तावेजों को लेकर उनका पक्ष अलग है। जिला अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद मसूद ने मामले को हाईकोर्ट ले जाने की बात कही है। उनका कहना है कि आगे की कानूनी लड़ाई अदालत में लड़ी जाएगी और उपलब्ध दस्तावेजों को वहां रखा जाएगा। प्रशासन और विपक्ष के दावे अलग-अलग पूरे विवाद में प्रशासन और मस्जिद पक्ष के दावे अलग हैं। प्रशासन जहां निर्माण को सरकारी जमीन पर हुआ अवैध निर्माण बता रहा है, वहीं मस्जिद से जुड़े लोग और कुछ विपक्षी नेता इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं। यही वजह है कि मामला सिर्फ बुलडोजर कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। अब इसकी गूंज राजनीतिक मंच से लेकर अदालत तक सुनाई दे रही है। आगे क्या होगा? सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर हुई कार्रवाई के बाद अब सबकी नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर है। इमरान मसूद की ओर से हाईकोर्ट जाने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में अदालत में इस मामले को लेकर क्या रुख सामने आता है, यह महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद सहारनपुर में राजनीतिक माहौल गर्म है। एक तरफ अधिकारी कोर्ट के आदेश के पालन की बात कह रहे हैं, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Nepal

Nepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों Missing

नेपाल (Nepal) में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नदियों का जलस्तर बढ़ने, मलबा आने और पहाड़ी इलाकों में Landslide के खतरे ने राहत और बचाव अभियान को और मुश्किल बना दिया है। सबसे चिंता की बात यह है कि हादसे के कई दिन बाद भी हजारों लोगों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, इसी बीच Trishuli क्षेत्र से दो लोगों को नौ दिन बाद जिंदा निकालना राहत और उम्मीद की बड़ी खबर बनकर सामने आया है। दार्चुला में Landslide का खतरा, निचले इलाकों पर नजर नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। दार्चुला समेत संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से निचले इलाकों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। पहाड़ों से मलबा आने और नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका के बीच लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। Trishuli से भारतीय नागरिकों का Rescue इस बीच त्रिशूली इलाके से तीन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाले जाने की खबर सामने आई है। इनमें एक परिवार शामिल है। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और उनके भारत लौटने की प्रक्रिया में मदद की जा रही है। भारत सरकार नेपाल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए लगातार नेपाली प्रशासन के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 166 भारतीय नागरिकों को Rescue किया गया है, जबकि 275 भारतीयों के लापता होने की जानकारी दी गई है। भारत ने राहत अभियान के लिए करीब 95 टन राहत सामग्री भी भेजी है। 9 दिन बाद Trishuli Tunnel से जिंदा निकले 2 मजदूर नेपाल में चल रहे Rescue Operation की सबसे बड़ी खबर Trishuli-3A Hydropower Project से आई। यहां सुरंग में फंसे संजय साह और कबीर महारजन को करीब नौ दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोनों को सुरंग के अंदर काफी गहराई से निकाला गया। बचाव दल ने पहले अंदर से आवाजें सुनीं और फिर संपर्क स्थापित होने के बाद ऑपरेशन तेज किया। आखिरकार दोनों को बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने उन परिवारों में भी उम्मीद जगाई है जिनके अपने लोग अभी तक लापता हैं। राहत दल अब अन्य संभावित Survivors तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं। 1300 के करीब मौतें, 5 हजार से ज्यादा लोग Missing इस प्राकृतिक आपदा का असर कितना बड़ा है, इसका अंदाजा मृतकों और लापता लोगों की संख्या से लगाया जा सकता है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार 1,294 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और 5,053 लोग अब भी लापता बताए गए हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों और Hydropower Projects को भारी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और राहत शिविरों में रह रहे हैं। Rescue Operation अभी भी जारी Trishuli Tunnel से दो लोगों को जिंदा निकाले जाने के बाद Rescue Teams का हौसला बढ़ा है। नेपाल सेना, पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार प्रभावित इलाकों में Search Operation चला रहे हैं। Hydropower Projects के आसपास अभी भी बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका है। मलबा, पानी और क्षतिग्रस्त सुरंगें बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। इसके बावजूद टीमें लगातार नए रास्ते तलाश रही हैं। भारत ने नेपाल की मदद बढ़ाई नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में भारत ने भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग बढ़ाया है। भारतीय विशेषज्ञों और राहत सामग्री को नेपाल भेजा गया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की टीमें Rescue, Medical और अन्य जरूरी सेवाओं में सहायता कर रही हैं। फिलहाल नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और पहाड़ी इलाकों में नए Landslide और Flood के खतरे से निपटना है। Trishuli Tunnel से नौ दिन बाद दो लोगों का जिंदा निकलना इस त्रासदी के बीच उम्मीद की एक किरण जरूर लेकर आया है। अब Rescue Teams की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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