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Salman Khan ने फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी’ पर लगाई रोक की मांग, दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचे

Salman Khan ने फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी’ पर लगाई रोक की मांग, दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचे

बॉलीवुड अभिनेता Salman Khan ने फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी’ के निर्माताओं के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। सलमान खान का आरोप है कि यह फिल्म उनसे बिना अनुमति लिए बनाई जा रही है और इसमें उनके खिलाफ अंडरवर्ल्ड से जुड़े आरोप भी दिखाए जा रहे हैं। यह मामला अब दिल्ली हाई कोर्ट में पहुंच गया है, जहां अदालत ने इसे अर्जेंट आधार पर सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। इस केस की सुनवाई जस्टिस नीना बंसल कृष्णा करेंगी। सलमान खान की कानूनी टीम ने पहले ही फिल्म के मेकर्स को नोटिस भेजकर आपत्ति जताई थी। नोटिस में कहा गया था कि यह फिल्म 1998 के चर्चित काला हिरण शिकार मामले से प्रेरित बताई जा रही है, जिससे अभिनेता की छवि को नुकसान पहुंच सकता है। टीम का यह भी तर्क है कि यह मामला अभी राजस्थान हाई कोर्ट में लंबित है, ऐसे में इस पर आधारित कोई भी फिल्म न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है। अब इस पूरे विवाद पर अगला फैसला अदालत की सुनवाई के बाद ही सामने आएगा।
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TMC में बयानबाजी के बीच अभिषेक बनर्जी का नरम रुख, कल्याण बनर्जी को बताया सीनियर

TMC में बयानबाजी के बीच अभिषेक बनर्जी का नरम रुख, कल्याण बनर्जी को बताया सीनियर

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर चल रही बयानबाजी के बीच पार्टी नेता अभिषेक बनर्जी ने अपने रुख को नरम कर लिया है। कल्याण बनर्जी द्वारा उन पर सवाल उठाए जाने के बाद अब अभिषेक बनर्जी ने संयमित प्रतिक्रिया दी है। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि कल्याण बनर्जी उनके सीनियर हैं और उन्होंने उन्हें बचपन से बड़ा होते हुए देखा है। उन्होंने यह भी कहा कि कल्याण बनर्जी को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है। अभिषेक ने आगे कहा कि वह कल्याण बनर्जी का बहुत सम्मान करते हैं और उनकी कही गई बातों को गंभीरता से लेते हैं। इस बयान के बाद पार्टी के भीतर चल रही खींचतान को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं, हालांकि दोनों नेताओं की ओर से अब तक किसी बड़े टकराव की स्थिति नहीं दिखाई दी है
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स्टैंड-अप कॉमेडी पर बैन की मांग, मुंबई मेयर Ritu Tawde का सख्त बयान

स्टैंड-अप कॉमेडी पर बैन की मांग, मुंबई मेयर Ritu Tawde का सख्त बयान

मुंबई की मेयर Ritu Tawde ने स्टैंड-अप कॉमेडी शो को लेकर बड़ा बयान दिया है और इन पर पूरी तरह से रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने इन शो की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि यह बच्चों और युवाओं को गलत दिशा में ले जा सकते हैं। रितु तावड़े ने कहा कि माता-पिता अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई पर भारी खर्च करते हैं, लेकिन स्टैंड-अप कॉमेडी शो में जाकर वे क्या सीखते हैं, यह गंभीर सवाल है। उन्होंने यह भी कहा कि मनोरंजन के नाम पर अश्लीलता किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अभिव्यक्ति की आज़ादी लोकतंत्र का हिस्सा जरूर है, लेकिन इसके नाम पर महिलाओं का अपमान या समाज में गलत संदेश देने वाला कंटेंट स्वीकार्य नहीं होना चाहिए। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई है और लोग इस मुद्दे पर अलग-अलग राय दे रहे हैं।
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Kedarnath ट्रेकिंग मार्ग पर दर्दनाक हादसा, खाई में गिरे 2 यात्री, 1 की मौत

Kedarnath ट्रेकिंग मार्ग पर दर्दनाक हादसा, खाई में गिरे 2 यात्री, 1 की मौत

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में Kedarnath पैदल ट्रेकिंग मार्ग पर एक दर्दनाक हादसा हो गया। इस हादसे में दो युवा तीर्थयात्री गहरी खाई में गिर गए, जिसमें एक की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल है। जानकारी के अनुसार, यह घटना केदारनाथ यात्रा मार्ग पर पोल नंबर 337 और 340 के बीच हुई। बताया जा रहा है कि दोनों यात्री एक अनधिकृत शॉर्टकट रास्ते से नीचे उतर रहे थे, तभी उनका पैर फिसल गया और वे सीधे गहरी खाई में जा गिरे। घटना की जानकारी जिला आपातकालीन संचालन केंद्र (DOC) को बुधवार को मिली, जिसके बाद तुरंत राहत और बचाव दल को मौके पर भेजा गया। SDRF की टीम बड़ी लिनचोली और YMF कर्मियों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। स्थानीय प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा के दौरान केवल निर्धारित मार्ग का ही उपयोग करें, ताकि इस तरह की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
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Akhilesh Yadav का सीएम योगी पर हमला, बोले- “डबल इंजन का धुआं निकल चुका है”

Akhilesh Yadav का सीएम योगी पर हमला, बोले- “डबल इंजन का धुआं निकल चुका है”

समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तीखा राजनीतिक हमला किया है। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले योगी आदित्यनाथ की कोई खास पहचान नहीं थी। अखिलेश यादव ने आगे कहा कि “डबल इंजन सरकार का धुआं निकल चुका है” और अब जनता को इसका असर साफ दिखने लगा है। उन्होंने आरोप लगाते हुए यह भी कहा कि बंगाल और बिहार के चुनावों में अनियमितताएं की गईं और अगर इसी तरह की स्थिति उत्तर प्रदेश में भी बनी रही तो लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठ सकते हैं। सपा प्रमुख ने कहा कि यदि चुनावों में “लूट और बेईमानी” होती रही, तो भविष्य में चुनाव व्यवस्था पर भरोसा कमजोर हो सकता है।
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Uttar Pradesh : शाहजहांपुर में फर्जी ब्रिगेडियर गिरफ्तार, NSG कमांडो बनकर कर रहा था घूमने का नाटक

Uttar Pradesh : शाहजहांपुर में फर्जी ब्रिगेडियर गिरफ्तार, NSG कमांडो बनकर कर रहा था घूमने का नाटक

Uttar Pradesh के शाहजहांपुर जिले में सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। कैंट क्षेत्र में पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो खुद को फर्जी ब्रिगेडियर बताकर घूम रहा था। जानकारी के अनुसार आरोपी के साथ दो लोग फर्जी NSG कमांडो के रूप में और एक ड्राइवर भी मौजूद था। यह पूरा ग्रुप सेना जैसी वर्दी और पहचान के साथ इलाके में संदिग्ध तरीके से घूम रहा था, जिससे सुरक्षा एजेंसियों को शक हुआ। सेना के अधिकारियों की शिकायत के बाद सदर बाजार थाने में फर्जी ब्रिगेडियर और उसके साथियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सभी को हिरासत में ले लिया। पुलिस जांच में आरोपियों के पास से एक टाटा हैरियर कार, सेना से जुड़े फर्जी दस्तावेज, पहचान पत्र (आधार और पैन कार्ड), सेना के प्रतीक चिन्ह और एक नकली पिस्तौल बरामद की गई है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ये लोग सेना की वर्दी और पहचान का इस्तेमाल कर किस मकसद से इलाके में घूम रहे थे।
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America के टेक्सास के मिडलैंड में गोलीबारी, 1 की मौत, हमलावर ढेर

America के टेक्सास के मिडलैंड में गोलीबारी, 1 की मौत, हमलावर ढेर

America के टेक्सास राज्य के मिडलैंड शहर में एक दर्दनाक गोलीबारी की घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार एक हमलावर ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें करीब 12 लोग घायल हो गए। इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई है, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद मौके पर मौजूद सुरक्षा बलों ने तुरंत कार्रवाई की और जवाबी फायरिंग में हमलावर को मार गिराया। पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया है और जांच शुरू कर दी गई है। स्थानीय प्रशासन के अनुसार घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। अभी तक हमले के पीछे की वजह सामने नहीं आई है। यह घटना इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर गई है और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।
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जेवर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 15 जून को पहली कमर्शियल उड़ान, काउंटडाउन शुरू

जेवर Noida इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 15 जून को पहली कमर्शियल उड़ान, काउंटडाउन शुरू

ग्रेटर Noida के जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से कमर्शियल उड़ानों की शुरुआत का काउंटडाउन अब शुरू हो गया है। लंबे समय से इंतजार की जा रही इस बड़ी परियोजना को अब अंतिम चरण में पहुंचा दिया गया है। एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार, 15 जून से पहली कमर्शियल फ्लाइट Noida International Airport से उड़ान भरेगी। इसके लिए सभी तैयारियां तेज़ी से पूरी की जा रही हैं। एयरपोर्ट पर इन दिनों विभिन्न व्यवस्थाओं और संचालन प्रक्रियाओं का लगातार परीक्षण किया जा रहा है, ताकि लॉन्च के समय किसी भी तरह की तकनीकी या यात्री असुविधा न हो। अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती संचालन पूरी तरह सुरक्षित और सुचारू रखने पर फोकस किया जा रहा है। इस एयरपोर्ट के शुरू होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में हवाई कनेक्टिविटी को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।
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Raipur में खराब मौसम से हड़कंप: इंडिगो फ्लाइट नागपुर डायवर्ट, पूर्व मुख्यमंत्री समेत कई नेता थे सवार

Raipur में खराब मौसम से हड़कंप: इंडिगो फ्लाइट नागपुर डायवर्ट, पूर्व मुख्यमंत्री समेत कई नेता थे सवार

छत्तीसगढ़ की राजधानी Raipur में मौसम खराब होने के कारण एक बड़ा हवाई घटनाक्रम सामने आया। इंडिगो की एक फ्लाइट को लैंडिंग की अनुमति न मिलने पर उसे नागपुर डायवर्ट कर दिया गया। इस फ्लाइट में पूर्व मुख्यमंत्री समेत कई बड़े नेता भी सवार थे, जिससे स्थिति और भी संवेदनशील हो गई। खराब मौसम और कम विजिबिलिटी के चलते विमान को रायपुर एयरपोर्ट पर उतारना सुरक्षित नहीं माना गया। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून की तेज़ी और बदलते मौसम के कारण कई राज्यों में बारिश और आंधी-तूफान जैसी स्थिति बनी हुई है। इसी वजह से रायपुर में भी अचानक मौसम बिगड़ गया और उड़ानों पर असर पड़ा। एयरलाइंस अधिकारियों के मुताबिक, यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फ्लाइट को सुरक्षित रूप से नागपुर डायवर्ट किया गया।
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कलकत्ता हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: ममता बनर्जी को राहत नहीं, ऋतब्रत बनर्जी बने रहेंगे नेता प्रतिपक्ष

Calcutta हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: ममता बनर्जी को राहत नहीं, ऋतब्रत बनर्जी बने रहेंगे नेता प्रतिपक्ष

Calcutta हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल की राजनीति से जुड़े एक अहम मामले में फिलहाल ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) को अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया है। यह मामला विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष पद पर ऋतब्रत बनर्जी की नियुक्ति से जुड़ा हुआ है। अदालत ने विधानसभा स्पीकर के फैसले पर कोई रोक नहीं लगाई है, जिससे फिलहाल ऋतब्रत बनर्जी नेता प्रतिपक्ष के पद पर बने रहेंगे। कोर्ट के इस फैसले के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ गई है। TMC की ओर से दायर याचिका में इस नियुक्ति को चुनौती दी गई थी, लेकिन अदालत ने अभी किसी भी तरह का स्टे देने से इनकार कर दिया है। मामले की अगली सुनवाई 16 जून को होगी, जिस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। तब तक विधानसभा में मौजूदा स्थिति यथावत बनी रहेगी।
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Bittu Tabahi

Bittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावित

नदी में गंदगी देखकर ज्यादातर लोग शिकायत करते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के एक युवक ने शिकायत करने के बजाय खुद कुछ करने की ठानी। स्थानीय स्तर पर ‘बिट्टू तबाही’ (Bittu Tabahi) के नाम से पहचाने जाने वाले इस युवक ने अकेले ही नदी की सफाई का जिम्मा उठा लिया। उनका यह जज्बा अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। बिट्टू ने नदी में जमा कचरे और गंदगी को देखकर सफाई अभियान शुरू किया। शुरुआत किसी बड़े इंतजाम या टीम के साथ नहीं हुई। उन्होंने अपने स्तर पर सफाई करना शुरू किया और लगातार इस काम में जुटे रहे। नदी को साफ रखने का लिया संकल्प बिट्टू का मानना है कि नदी सिर्फ पानी का स्रोत नहीं, बल्कि आसपास के लोगों और पर्यावरण के लिए बेहद जरूरी है। इसी सोच के साथ उन्होंने नदी में जमा कचरे को हटाने की पहल की। उनका यह प्रयास धीरे-धीरे स्थानीय लोगों का ध्यान खींचने लगा। लोगों ने देखा कि बिना किसी दबाव या दिखावे के बिट्टू लगातार नदी की सफाई में लगे हुए हैं। नगरपालिका ने भी की पहल की सराहना बिट्टू के लगातार सफाई अभियान की जानकारी नगरपालिका तक पहुंची तो उनके प्रयास की सराहना की गई। एक युवक द्वारा अपने स्तर पर नदी को साफ रखने की कोशिश को अधिकारियों ने सकारात्मक कदम माना। इस पहल ने यह भी दिखाया कि अगर कोई व्यक्ति अपने आसपास के पर्यावरण को लेकर जिम्मेदारी महसूस करे, तो छोटी शुरुआत भी बड़ा संदेश दे सकती है। सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आया अभियान बिट्टू का नदी सफाई अभियान अब स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। उनके प्रयास को देखकर दूसरे लोगों में भी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने की उम्मीद है। आज नदियों में बढ़ता कचरा और प्रदूषण बड़ी चुनौती है। ऐसे में बिट्टू की पहल लोगों को यह संदेश देती है कि नदी को साफ रखना सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी साझा जिम्मेदारी है। ‘बिट्टू तबाही’ ने दी एक अलग मिसाल बिट्टू की कहानी इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने बदलाव का इंतजार नहीं किया, बल्कि खुद बदलाव की शुरुआत करने का फैसला लिया। अकेले शुरू किया गया उनका यह सफाई अभियान अब दूसरों के लिए प्रेरणा बनता दिखाई दे रहा है। कई बार किसी बड़े बदलाव की शुरुआत बड़े अभियान से नहीं, बल्कि एक छोटे से कदम से होती है। बिट्टू का यह प्रयास उसी सोच की मिसाल है—अगर इरादा मजबूत हो, तो एक इंसान भी बदलाव की शुरुआत कर सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
UN

World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ किया

दुनिया का नक्शा (World Map) देखते हुए शायद ही किसी ने सोचा होगा कि इसमें दिखाई देने वाले देशों और महाद्वीपों का आकार असलियत से अलग भी हो सकता है। लेकिन अब इसी मुद्दे को लेकर संयुक्त राष्ट्र में एक अहम पहल हुई है। UN महासभा ने ऐसे World Map को बढ़ावा देने वाले प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसमें धरती के अलग-अलग हिस्सों को उनके वास्तविक क्षेत्रफल के ज्यादा करीब दिखाने की कोशिश की गई है। इस बदलाव के बाद नक्शे पर Africa पहले से काफी बड़ा दिखाई देगा, जबकि Europe और North America, खासकर US का आकार पुराने नक्शे की तुलना में छोटा नजर आ सकता है। प्रस्ताव को भारी समर्थन मिला, लेकिन अमेरिका ने इसका विरोध किया। पुराने World Map में आखिर समस्या क्या है? दुनिया के स्कूलों और कई नक्शों में लंबे समय से Mercator Projection का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसे 16वीं सदी में Gerardus Mercator ने तैयार किया था। उस समय इसका सबसे बड़ा फायदा समुद्री यात्राओं और Navigation में था। लेकिन Mercator Projection की एक खासियत ही इसकी सबसे बड़ी कमी भी बन गई। इसमें जैसे-जैसे कोई क्षेत्र Equator से दूर जाता है, उसका आकार नक्शे पर ज्यादा बड़ा दिखाई देने लगता है। यही कारण है कि Greenland जैसे इलाके नक्शे पर अपनी वास्तविकता से बहुत बड़े नजर आते हैं। दूसरी तरफ Africa, जो दुनिया के सबसे बड़े महाद्वीपों में से एक है, अपेक्षाकृत छोटा दिखाई देता है। मसलन, सामान्य Mercator Map में Greenland और Africa का आकार देखकर किसी को लग सकता है कि दोनों लगभग बराबर हैं। असल में Africa का क्षेत्रफल Greenland से करीब 14 गुना ज्यादा है। Equal Earth Projection क्यों चर्चा में है? UN के प्रस्ताव में Equal Earth Projection जैसे नक्शों को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इस Projection की खासियत यह है कि इसमें अलग-अलग महाद्वीपों के क्षेत्रफल को ज्यादा सही अनुपात में दिखाया जाता है। यानी नक्शे को देखकर Africa का वास्तविक विशाल आकार ज्यादा साफ समझ में आता है। Europe और North America भी Mercator Map की तुलना में छोटे दिखाई देते हैं। हालांकि यहां एक बात समझना जरूरी है—न तो Africa बड़ा हुआ है और न ही Europe या America छोटा। बदलाव सिर्फ उस तरीके में है, जिससे उन्हें नक्शे पर दिखाया जाता है। America ने UN के प्रस्ताव का विरोध क्यों किया? इस प्रस्ताव पर अमेरिका का रुख बाकी देशों से अलग रहा। मतदान के दौरान अमेरिका ने इसके खिलाफ वोट किया। अमेरिकी पक्ष की ओर से यह सवाल उठाया गया कि संयुक्त राष्ट्र को वैश्विक स्तर की बड़ी समस्याओं पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। वहीं प्रस्ताव के समर्थकों का मानना है कि नक्शा सिर्फ रास्ता या देश की लोकेशन बताने वाला साधन नहीं है। यह लोगों के मन में दुनिया की एक तस्वीर भी बनाता है। अफ्रीकी देशों की तरफ से लंबे समय से यह बात उठती रही है कि पुराने नक्शों में Africa का वास्तविक आकार सही तरीके से सामने नहीं आता। इसी सोच के साथ “Correct the Map” अभियान को आगे बढ़ाया गया। UN के फैसले से क्या सभी Maps बदल जाएंगे? यह मान लेना सही नहीं होगा कि अब अचानक हर जगह नया नक्शा दिखाई देने लगेगा। UN महासभा का यह फैसला कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है। यानी Google Maps, स्कूल की किताबों, सरकारी दस्तावेजों या दूसरे Digital Platforms को तुरंत अपना नक्शा बदलना जरूरी नहीं है। इसका मकसद देशों, शैक्षणिक संस्थानों, मीडिया और दूसरे संगठनों को ऐसे Map Projections अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है, जो दुनिया के क्षेत्रफल को ज्यादा सही तरीके से दिखाते हों। इसके बावजूद Mercator Projection पूरी तरह खत्म होने की संभावना नहीं है। Navigation और समुद्री यात्राओं जैसी जरूरतों में इसका इस्तेमाल आज भी उपयोगी माना जाता है। India पर क्या असर पड़ेगा? भारत को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस नए World Map से देश का आकार या सीमा बदल जाएगी? इसका जवाब है—नहीं। भारत की जमीन, क्षेत्रफल और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर इस प्रस्ताव का कोई असर नहीं पड़ेगा। सिर्फ नक्शे पर भारत और बाकी देशों को दिखाने का अनुपात बदल सकता है। अगर Equal Earth या इसी तरह की Projection का इस्तेमाल ज्यादा बढ़ता है तो आने वाले समय में School Geography Books, Educational Charts, News Graphics और Digital Maps में दुनिया की तस्वीर कुछ अलग दिखाई दे सकती है। भारत के लिए इसका असर मुख्य रूप से शिक्षा और Geography की समझ के स्तर पर होगा। बच्चों और आम लोगों को यह समझने में मदद मिलेगी कि नक्शे पर दिखाई देने वाला आकार हमेशा किसी देश या महाद्वीप के वास्तविक क्षेत्रफल के बराबर नहीं होता। Africa के लिए इसे बड़ी उपलब्धि क्यों माना जा रहा है? इस पूरे विवाद में Africa सबसे ज्यादा चर्चा के केंद्र में है। समर्थकों का कहना है कि सदियों से इस्तेमाल हो रहे नक्शों ने अनजाने में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की एक असंतुलित तस्वीर बना दी है। Africa दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है और इसके बावजूद Mercator Map में इसका आकार उसकी वास्तविक विशालता के मुकाबले कम नजर आता है। यही वजह है कि African countries और African Union की ओर से इस मुद्दे को लगातार उठाया गया। उनके लिए यह केवल Map Projection का मामला नहीं, बल्कि दुनिया के सामने Africa की वास्तविक तस्वीर रखने का भी सवाल है। क्या दुनिया सच में बदल गई? नहीं। दुनिया का भूगोल बिल्कुल नहीं बदला है। न कोई नया देश बना है, न किसी देश की सीमा बदली है और न ही Africa का क्षेत्रफल अचानक बढ़ गया है। बदलाव सिर्फ इतना है कि दुनिया को कागज या स्क्रीन पर किस तरह दिखाया जाए, इस पर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा सामने आई है। एक तरह से देखें तो यह कहानी हमें यह भी याद दिलाती है कि नक्शा हमेशा पूरी तरह निष्पक्ष तस्वीर नहीं होता। उसे बनाने का तरीका तय करता है कि हमें दुनिया का कौन-सा हिस्सा कितना बड़ा या छोटा दिखाई देगा। आने वाले वर्षों में अगर Equal Earth जैसी projections को ज्यादा अपनाया जाता है, तो संभव है कि नई पीढ़ी के लिए World Map की तस्वीर वही न हो,...
Swatantra Bhardwaj

Swatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत में

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP Protest के दौरान एक छात्रा के पिता के साथ कथित मारपीट का मामला अब फिर चर्चा में है। मामले में आरोपी बताए जा रहे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थकों के प्रदर्शन और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग के कुछ घंटे बाद हुई। Parliament Street Police Station के बाहर प्रदर्शन स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर CJP के प्रतिनिधि और समर्थक शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मामले में जल्द कार्रवाई करने और आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ राजनीतिक नेता भी वहां पहुंचे। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बातचीत हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया और इसके बाद भारद्वाज को ट्रेस करने के लिए टीमें सक्रिय की गईं। क्या है पूरा मामला? यह विवाद जंतर-मंतर पर CJP के एक प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान छात्रा निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई थी। इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार के नाम FIR में शामिल किए गए थे। मामला उस समय और गरमा गया, जब स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े एक Podcast Video की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वीडियो में भारद्वाज ने घटना को लेकर आपत्तिजनक दावे किए थे। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई। Viral Video ने बढ़ाया विवाद वायरल वीडियो सामने आने के बाद CJP ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। संगठन का कहना था कि वीडियो में कथित तौर पर घटना को लेकर किए गए दावों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। वहीं दिल्ली पुलिस ने राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही थी और मेडिकल रिपोर्ट में चोट को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए कुछ दावों की पुष्टि नहीं हुई थी। Bulandshahr में पुलिस ने पकड़ा पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की टीमों ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में ट्रेस किया। रिपोर्टों में बताया गया कि पुलिस की कार्रवाई से पहले वह वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थक स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इससे मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर चल रहा विवाद भी फिलहाल एक नए चरण में पहुंच गया है। FIR में SC/ST Act की धाराएं जोड़ने की जानकारी प्रदर्शन के बाद पुलिस की ओर से मामले में SC/ST Act से संबंधित धाराएं जोड़ने की बात सामने आई। पीड़ित की दोबारा मेडिकल जांच कराए जाने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई है। हालांकि, मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और आगे की पुलिस कार्रवाई पर निर्भर करेगी। आरोपों की पुष्टि अदालत की प्रक्रिया में ही होगी। पुलिस के सामने अब आगे की जांच बड़ी चुनौती स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिए जाने के बाद अब पुलिस के सामने वायरल वीडियो, FIR में दर्ज आरोपों, मेडिकल रिपोर्ट और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच अहम होगी। फिलहाल इस मामले ने CJP Protest, Delhi Police और Social Media Influencer को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस को भी तेज कर दिया है। अब देखना होगा कि जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस की ओर से क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Saharanpur

UP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवाल

Saharanpur उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। अदालत के आदेश के बाद प्रशासन ने शनिवार को मस्जिद के खिलाफ Bulldozer Action शुरू कर दिया। कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में हलचल बढ़ गई और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया। कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई अदालत के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन का एक्शन कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को लेकर जमीन के स्वामित्व और निर्माण की वैधता पर काफी समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन का दावा है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी है और निर्माण को अवैध माना गया है। मामला पहले सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पहुंचा। जुलाई में अदालत ने मस्जिद को हटाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही संबंधित पक्ष पर करीब 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति लगाए जाने की बात भी सामने आई थी। इस फैसले को जिला अदालत में चुनौती दी गई थी। 4 सितंबर को जिला जज की अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। इकरा हसन को सहारनपुर जाने से रोका मस्जिद पर कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन सहारनपुर जाने की कोशिश कर रही थीं। लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इकरा हसन और पुलिस अधिकारियों के बीच इस दौरान तीखी बहस भी हुई। इसका वीडियो सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। बाद में उनके आवास के बाहर पुलिस बल तैनात किए जाने की भी खबर सामने आई। इकरा हसन ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोका जा रहा है। उनका कहना था कि वह मौके पर जाकर हालात देखना चाहती थीं। मायावती ने सरकार से कार्रवाई रोकने को कहा सहारनपुर मस्जिद विवाद पर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सरकार से कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की और मामले को संवेदनशील बताते हुए सावधानी से कदम उठाने की बात कही। मायावती ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह का तनाव बढ़ने से रोकना जरूरी है। उन्होंने लोगों से भी शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। इमरान मसूद बोले- हाईकोर्ट जाएंगे सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया है। उनका कहना है कि मस्जिद की जमीन और उससे जुड़े दस्तावेजों को लेकर उनका पक्ष अलग है। जिला अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद मसूद ने मामले को हाईकोर्ट ले जाने की बात कही है। उनका कहना है कि आगे की कानूनी लड़ाई अदालत में लड़ी जाएगी और उपलब्ध दस्तावेजों को वहां रखा जाएगा। प्रशासन और विपक्ष के दावे अलग-अलग पूरे विवाद में प्रशासन और मस्जिद पक्ष के दावे अलग हैं। प्रशासन जहां निर्माण को सरकारी जमीन पर हुआ अवैध निर्माण बता रहा है, वहीं मस्जिद से जुड़े लोग और कुछ विपक्षी नेता इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं। यही वजह है कि मामला सिर्फ बुलडोजर कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। अब इसकी गूंज राजनीतिक मंच से लेकर अदालत तक सुनाई दे रही है। आगे क्या होगा? सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर हुई कार्रवाई के बाद अब सबकी नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर है। इमरान मसूद की ओर से हाईकोर्ट जाने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में अदालत में इस मामले को लेकर क्या रुख सामने आता है, यह महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद सहारनपुर में राजनीतिक माहौल गर्म है। एक तरफ अधिकारी कोर्ट के आदेश के पालन की बात कह रहे हैं, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Nepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों Missing

नेपाल (Nepal) में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नदियों का जलस्तर बढ़ने, मलबा आने और पहाड़ी इलाकों में Landslide के खतरे ने राहत और बचाव अभियान को और मुश्किल बना दिया है। सबसे चिंता की बात यह है कि हादसे के कई दिन बाद भी हजारों लोगों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, इसी बीच Trishuli क्षेत्र से दो लोगों को नौ दिन बाद जिंदा निकालना राहत और उम्मीद की बड़ी खबर बनकर सामने आया है। दार्चुला में Landslide का खतरा, निचले इलाकों पर नजर नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। दार्चुला समेत संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से निचले इलाकों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। पहाड़ों से मलबा आने और नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका के बीच लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। Trishuli से भारतीय नागरिकों का Rescue इस बीच त्रिशूली इलाके से तीन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाले जाने की खबर सामने आई है। इनमें एक परिवार शामिल है। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और उनके भारत लौटने की प्रक्रिया में मदद की जा रही है। भारत सरकार नेपाल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए लगातार नेपाली प्रशासन के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 166 भारतीय नागरिकों को Rescue किया गया है, जबकि 275 भारतीयों के लापता होने की जानकारी दी गई है। भारत ने राहत अभियान के लिए करीब 95 टन राहत सामग्री भी भेजी है। 9 दिन बाद Trishuli Tunnel से जिंदा निकले 2 मजदूर नेपाल में चल रहे Rescue Operation की सबसे बड़ी खबर Trishuli-3A Hydropower Project से आई। यहां सुरंग में फंसे संजय साह और कबीर महारजन को करीब नौ दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोनों को सुरंग के अंदर काफी गहराई से निकाला गया। बचाव दल ने पहले अंदर से आवाजें सुनीं और फिर संपर्क स्थापित होने के बाद ऑपरेशन तेज किया। आखिरकार दोनों को बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने उन परिवारों में भी उम्मीद जगाई है जिनके अपने लोग अभी तक लापता हैं। राहत दल अब अन्य संभावित Survivors तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं। 1300 के करीब मौतें, 5 हजार से ज्यादा लोग Missing इस प्राकृतिक आपदा का असर कितना बड़ा है, इसका अंदाजा मृतकों और लापता लोगों की संख्या से लगाया जा सकता है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार 1,294 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और 5,053 लोग अब भी लापता बताए गए हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों और Hydropower Projects को भारी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और राहत शिविरों में रह रहे हैं। Rescue Operation अभी भी जारी Trishuli Tunnel से दो लोगों को जिंदा निकाले जाने के बाद Rescue Teams का हौसला बढ़ा है। नेपाल सेना, पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार प्रभावित इलाकों में Search Operation चला रहे हैं। Hydropower Projects के आसपास अभी भी बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका है। मलबा, पानी और क्षतिग्रस्त सुरंगें बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। इसके बावजूद टीमें लगातार नए रास्ते तलाश रही हैं। भारत ने नेपाल की मदद बढ़ाई नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में भारत ने भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग बढ़ाया है। भारतीय विशेषज्ञों और राहत सामग्री को नेपाल भेजा गया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की टीमें Rescue, Medical और अन्य जरूरी सेवाओं में सहायता कर रही हैं। फिलहाल नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और पहाड़ी इलाकों में नए Landslide और Flood के खतरे से निपटना है। Trishuli Tunnel से नौ दिन बाद दो लोगों का जिंदा निकलना इस त्रासदी के बीच उम्मीद की एक किरण जरूर लेकर आया है। अब Rescue Teams की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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