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Indore Student Dialogue: राहुल गांधी के कार्यक्रम से पहले 7 चुनौतियां, ‘झूठ की गूंज’ पोस्टर से बदला माहौल

Indore Student Dialogue: राहुल गांधी के कार्यक्रम से पहले 7 चुनौतियां, ‘झूठ की गूंज’ पोस्टर से बदला माहौल

इंदौर में राहुल गांधी के छात्र संवाद कार्यक्रम से पहले माहौल काफी चर्चा में रहा। कार्यक्रम का नाम ‘छात्रों की गूंज’ रखा गया था, लेकिन आयोजन से पहले ही कई तरह की चुनौतियां सामने आ गईं। कहीं ‘झूठ की गूंज’ के पोस्टर नजर आए तो कहीं सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर कई शर्तें लागू की गईं। इन सबके बीच कार्यक्रम का रूट भी बदला गया और राहुल गांधी कार्यक्रम में तय समय से कुछ देर बाद पहुंचे। हालांकि, देरी के बावजूद उन्होंने छात्रों से संवाद का कार्यक्रम पूरा किया। कार्यक्रम से पहले सामने आईं 7 बड़ी चुनौतियां इंदौर में हुए इस छात्र संवाद को लेकर शुरुआत से ही कई तरह की अड़चनें सामने आईं। कार्यक्रम से पहले सुरक्षा व्यवस्था, रूट और आयोजन से जुड़ी शर्तों को लेकर प्रशासन की ओर से तैयारियां की गईं। 1. ‘झूठ की गूंज’ के पोस्टर कार्यक्रम से पहले शहर में ‘झूठ की गूंज’ लिखे पोस्टर लगाए जाने की खबर सामने आई। इन पोस्टरों को राहुल गांधी के कार्यक्रम से जोड़कर देखा गया और इससे राजनीतिक माहौल भी गर्म रहा। 2. कार्यक्रम को लेकर 31 शर्तें प्रशासन की ओर से कार्यक्रम के लिए करीब 31 शर्तें रखे जाने की बात सामने आई। इनमें सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, यातायात और आयोजन स्थल से जुड़े नियम शामिल बताए गए। 3. राहुल गांधी का रूट बदला सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था को देखते हुए राहुल गांधी के आने-जाने का रूट भी बदला गया। इसके चलते कार्यक्रम की तैयारियों पर अतिरिक्त दबाव रहा। 4. कार्यक्रम में देरी से पहुंचे राहुल राहुल गांधी तय समय के मुकाबले कुछ देर से कार्यक्रम स्थल पहुंचे। उनके इंतजार में छात्र और आयोजन से जुड़े लोग मौजूद रहे। 5. सुरक्षा व्यवस्था पर खास नजर कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्रों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए। पुलिस और प्रशासन की टीम पूरे कार्यक्रम पर नजर रखती रही। 6. राजनीतिक माहौल भी चर्चा में रहा छात्र संवाद सिर्फ युवाओं से बातचीत तक सीमित नहीं रहा। कार्यक्रम से पहले और उसके दौरान राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आती रहीं। पोस्टर और कार्यक्रम को लेकर अलग-अलग दावे किए गए। 7. चुनौतियों के बावजूद संवाद पूरा इन तमाम परिस्थितियों के बीच राहुल गांधी ने छात्रों से बातचीत की और कार्यक्रम को पूरा किया। उन्होंने युवाओं के सवाल सुने और उनसे सीधे संवाद किया। छात्रों से क्या बातचीत हुई? ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं और छात्रों से सीधे बातचीत करना था। कार्यक्रम में शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। राहुल गांधी ने छात्रों की बात सुनी और उनके सवालों पर अपनी बात रखी। कार्यक्रम में मौजूद युवाओं के लिए यह सीधे सवाल पूछने और अपनी समस्याएं सामने रखने का मौका भी रहा।
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Rahul Gandhi as Professor: Gen-Z Students के साथ 1 घंटे की Class, PPT में Teachers के 10 लाख पदों का मुद्दा

Rahul Gandhi as Professor: Gen-Z Students के साथ 1 घंटे की Class, PPT में Teachers के 10 लाख पदों का मुद्दा

इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी ने Gen-Z छात्रों के साथ करीब एक घंटे तक बातचीत की। इस दौरान उन्होंने छात्रों के सवालों के जवाब देने के साथ-साथ देश में शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। कार्यक्रम का अंदाज सामान्य राजनीतिक सभा से थोड़ा अलग नजर आया। राहुल गांधी ने छात्रों के सामने PPT के जरिए कुछ आंकड़े और वीडियो क्लिप्स दिखाईं और अलग-अलग मुद्दों को समझाने की कोशिश की। PPT के जरिए शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठाया राहुल गांधी ने अपनी प्रस्तुति में देश में शिक्षकों के खाली पदों का मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि देश में करीब 10 लाख शिक्षक पद खाली हैं। उन्होंने छात्रों से शिक्षा व्यवस्था और सरकारी संस्थानों में कर्मचारियों की उपलब्धता को लेकर भी चर्चा की। राहुल गांधी ने कहा कि शिक्षकों की कमी का सीधा असर छात्रों की पढ़ाई पर पड़ता है। करीब 1 घंटे चली छात्रों के साथ बातचीत कार्यक्रम में राहुल गांधी ने छात्रों के साथ लगभग एक घंटे तक संवाद किया। इस दौरान युवाओं ने उनसे शिक्षा, रोजगार और देश की मौजूदा स्थिति से जुड़े सवाल पूछे। राहुल गांधी ने छात्रों से कहा कि सवाल पूछना और किसी भी जानकारी को समझने की कोशिश करना जरूरी है। कार्यक्रम में मौजूद छात्रों ने भी अपनी बात खुलकर सामने रखी। वीडियो क्लिप्स के जरिए समझाया ‘अंधभक्त’ शब्द राहुल गांधी ने कार्यक्रम के दौरान कुछ वीडियो क्लिप्स भी दिखाईं। इन क्लिप्स के जरिए उन्होंने ‘अंधभक्त’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए बताया कि बिना सवाल किए किसी बात को स्वीकार करने की प्रवृत्ति को वे किस तरह देखते हैं। इस हिस्से को लेकर कार्यक्रम में राजनीतिक चर्चा भी देखने को मिली। हालांकि, अलग-अलग राजनीतिक दल और समर्थक इस तरह की बातों को अपने-अपने नजरिए से देखते हैं। Gen-Z के साथ अलग अंदाज में संवाद ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी का फोकस सीधे छात्रों से बातचीत पर रहा। भाषण देने के बजाय उन्होंने सवाल-जवाब और PPT के जरिए अपनी बात रखने की कोशिश की। कार्यक्रम में शिक्षा, रोजगार और युवाओं की भूमिका जैसे मुद्दे चर्चा के केंद्र में रहे। Gen-Z छात्रों के साथ इस तरह का संवाद सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना।
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Congress Gen-Z Connect: इंदौर में युवाओं को जोड़ने की तैयारी, 19 सितंबर को Rahul Gandhi से संवाद

Congress Gen-Z Connect: इंदौर में युवाओं को जोड़ने की तैयारी, 19 सितंबर को Rahul Gandhi से संवाद

मध्य प्रदेश में कांग्रेस अब Gen-Z Connect पर खास फोकस करती नजर आ रही है। पार्टी ने युवाओं और खासकर छात्रों के बीच अपनी पहुंच मजबूत करने के लिए इंदौर में एक स्पेशल टीम को सक्रिय किया है। इसी अभियान के तहत 19 सितंबर को एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किए जाने की तैयारी है, जिसमें कांग्रेस नेता Rahul Gandhi छात्रों और युवाओं से संवाद करेंगे। कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस की ओर से तैयारियां तेज कर दी गई हैं। आयोजन में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए म्यूजिक और एंटरटेनमेंट का भी सहारा लिया जा रहा है। Rahul Gandhi से छात्रों का सीधा संवाद 19 सितंबर को होने वाले कार्यक्रम में राहुल गांधी के सामने बड़ी संख्या में छात्रों और युवाओं की मौजूदगी रहने की बात कही जा रही है। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करना और उनकी राय को सीधे सुनना बताया जा रहा है। कांग्रेस की रणनीति में इस तरह के कार्यक्रमों के जरिए युवाओं के साथ संवाद बढ़ाना अहम हिस्सा बनता जा रहा है। Raghav Chaitanya और Rapper Lash-Kari देंगे Performance कार्यक्रम को सिर्फ राजनीतिक सभा तक सीमित नहीं रखा गया है। युवाओं को जोड़ने के लिए Raghav Chaitanya और Rapper Lash-Kari की Performance भी रखी गई है। म्यूजिक और लाइव परफॉर्मेंस के जरिए कार्यक्रम को युवाओं के लिए ज्यादा आकर्षक बनाने की कोशिश की जा रही है। कांग्रेस की स्पेशल टीम इसी तरह के Format के जरिए Gen-Z तक पहुंच बनाने पर काम कर रही है। इंदौर में कांग्रेस का Gen-Z Focus कांग्रेस की कोशिश है कि युवाओं के साथ संवाद सिर्फ चुनावी दौर तक सीमित न रहे। कॉलेज स्टूडेंट्स, युवा प्रोफेशनल्स और पहली बार वोट करने वाले युवाओं तक पहुंच बनाने के लिए पार्टी नए त
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Top Jobs This Week: MP में कॉन्स्टेबल समेत 7500 पदों पर भर्ती, RRB NTPC में 5165 वैकेंसी

Top Jobs This Week: MP में कॉन्स्टेबल समेत 7500 पदों पर भर्ती, RRB NTPC में 5165 वैकेंसी

सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यह हफ्ता काफी अहम रहा। अलग-अलग विभागों और भर्ती बोर्डों की ओर से हजारों पदों पर Government Jobs के नोटिफिकेशन जारी किए गए हैं। इस सप्ताह करीब 17,697 पदों पर भर्तियां सामने आई हैं। इनमें मध्य प्रदेश में कॉन्स्टेबल समेत करीब 7,500 पदों पर भर्ती और RRB NTPC में 5,165 वैकेंसी जैसी बड़ी भर्तियां शामिल हैं। अगर आप सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं, तो इन भर्तियों की योग्यता, आवेदन की आखिरी तारीख और Official Notification जरूर देख लें। MP में कॉन्स्टेबल समेत 7,500 पदों पर मौका मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी भर्ती सामने आई है। राज्य में कॉन्स्टेबल समेत अलग-अलग पदों पर करीब 7,500 वैकेंसी निकली हैं। इन पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा अलग-अलग हो सकती है। उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले संबंधित भर्ती का नोटिफिकेशन ध्यान से पढ़ना चाहिए। खासकर पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यह अच्छा मौका हो सकता है। RRB NTPC में 5,165 पदों पर भर्ती रेलवे में नौकरी का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों के लिए भी इस सप्ताह अच्छी खबर आई। Railway Recruitment Board (RRB) की NTPC भर्ती में कुल 5,165 पदों पर वैकेंसी निकली है। रेलवे की नौकरी युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय रहती है। बड़ी संख्या में उम्मीदवार हर साल RRB की परीक्षाओं में शामिल होते हैं। NTPC भर्ती में आवेदन करने से पहले उम्मीदवार अपनी शैक्षणिक योग्यता, उम्र और अन्य पात्रता शर्तों को जरूर जांच लें।
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Abeer Bollywood Debut: Salman Khan के बॉडीगार्ड शेरा के बेटे की फिल्मी एंट्री, ‘Tarzan’ में आएंगे नजर

Abeer Bollywood Debut: Salman Khan के बॉडीगार्ड शेरा के बेटे की फिल्मी एंट्री, ‘Tarzan’ में आएंगे नजर

बॉलीवुड में एक और स्टार किड की एंट्री की चर्चा शुरू हो गई है। सुपरस्टार Salman Khan के लंबे समय से बॉडीगार्ड रहे शेरा के बेटे अबीर जल्द ही फिल्मों में कदम रखने वाले हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अबीर फिल्म ‘Tarzan’ से अपना Bollywood Debut कर सकते हैं। इस फिल्म में अभिनेता Sooraj Pancholi के भी नजर आने की खबर है। अबीर की फिल्मी एंट्री इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि उनके पिता शेरा लंबे समय से सलमान खान के साथ जुड़े हुए हैं। ऐसे में फैंस की नजर अब इस बात पर है कि अबीर बड़े पर्दे पर अपनी शुरुआत किस तरह करते हैं। ‘Tarzan’ से होगी अबीर की फिल्मी शुरुआत? मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अबीर को फिल्म ‘Tarzan’ में अहम भूमिका के लिए चुना गया है। हालांकि, फिल्म में उनके किरदार और कहानी को लेकर फिलहाल ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है। अगर यह खबर पक्की होती है, तो यह अबीर के लिए बॉलीवुड में पहला बड़ा कदम होगा। फिल्म को लेकर अभी से उनके डेब्यू की चर्चा सोशल मीडिया और फिल्म इंडस्ट्री में शुरू हो गई है। Sooraj Pancholi भी फिल्म का हिस्सा ‘Tarzan’ में Sooraj Pancholi के भी शामिल होने की बात सामने आई है। सूरज इससे पहले कई फिल्मों में बतौर अभिनेता काम कर चुके हैं। ऐसे में फिल्म में उनकी मौजूदगी और अबीर की नई एंट्री को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ सकती है। फिल्म की बाकी Star Cast और रिलीज डेट को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। Salman Khan से कनेक्शन की वजह से भी चर्चा में अबीर अबीर के बॉलीवुड डेब्यू की खबर का सबसे बड़ा कनेक्शन उनके पिता शेरा और सलमान खान से जुड़ा है। शेरा कई वर्षों से सलमान खान की सुरक्षा टीम का हिस्सा हैं और अभिनेता के बेहद भरोसेमंद लोगों में गिने जाते हैं। यही वजह है कि शेरा के बेटे के फिल्मों में आने की खबर सामने आते ही सलमान खान के फैंस का ध्यान भी उनकी ओर गया है। हालांकि, अबीर की पहचान अब उनके अपने फिल्मी सफर से बनेगी।
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Thalapathy Vijay और Ajith Kumar: Silverstone में दिखे विजय, Trisha Krishnan के आने पर पीछे हटने का वीडियो वायरल

Thalapathy Vijay और Ajith Kumar: Silverstone में दिखे विजय, Trisha Krishnan के आने पर पीछे हटने का वीडियो वायरल

साउथ फिल्म इंडस्ट्री के दो बड़े नाम Thalapathy Vijay और Ajith Kumar एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वजह कोई फिल्म नहीं, बल्कि Silverstone में हुई रेस है। विजय यहां अजित कुमार की रेस देखने पहुंचे थे। इसी दौरान एक ऐसा पल कैमरे में कैद हुआ, जिस पर सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Trisha Krishnan के वहां पहुंचने के दौरान विजय पीछे हटते हुए नजर आए। इस छोटे से वीडियो ने फैंस के बीच कई तरह की चर्चाओं को जन्म दे दिया है। Silverstone में अजित कुमार की रेस देखने पहुंचे विजय अजित कुमार फिल्मों के साथ-साथ मोटरस्पोर्ट्स में भी अपनी दिलचस्पी के लिए जाने जाते हैं। Silverstone में उनकी रेस के दौरान थलापति विजय भी वहां मौजूद थे। दोनों सितारों के फैंस के लिए यह मौका खास रहा, क्योंकि आमतौर पर फिल्मों से जुड़े इन दोनों सुपरस्टार्स को एक ही जगह देखना काफी चर्चा में रहता है। विजय को अजित की रेस देखते हुए देखकर फैंस ने सोशल मीडिया पर कई पोस्ट शेयर किए। Trisha Krishnan के आने पर क्या हुआ? इसी दौरान अभिनेत्री तृषा कृष्णन के वहां पहुंचने का एक वीडियो सामने आया। वीडियो में विजय कुछ कदम पीछे जाते हुए दिखाई देते हैं। इस दृश्य को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह की बातें होने लगीं। हालांकि, केवल कुछ सेकंड के वीडियो के आधार पर दोनों के बीच किसी तरह के रिश्ते या विवाद को लेकर निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा। फिलहाल यह वीडियो ही चर्चा का सबसे बड़ा कारण बना हुआ है। विजय और तृषा की जोड़ी पहले भी रही है चर्चा में थलापति विजय और तृषा कृष्णन ने कई फिल्मों में साथ काम किया है। दोनों की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री को दर्शकों ने काफी पसंद किया है। इसी वजह से जब भी दोनों किसी सार्वजनिक जगह पर साथ नजर आते हैं, फैंस की दिलचस्पी बढ़ जाती है। Silverstone का यह वीडियो भी इसी वजह से सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आया।
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Nandigram By-election: ममता बनर्जी को बागियों का ऑफर, नंदीग्राम से लड़ें चुनाव; उम्मीदवार नहीं उतारने का दावा

Nandigram By-election: ममता बनर्जी को बागियों का ऑफर, नंदीग्राम से लड़ें चुनाव; उम्मीदवार नहीं उतारने का दावा

पश्चिम बंगाल की राजनीति में नंदीग्राम एक बार फिर चर्चा में है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को कथित तौर पर बागी नेताओं की ओर से नंदीग्राम से उपचुनाव लड़ने का ऑफर दिया गया है। उनका कहना है कि अगर ममता बनर्जी इस सीट से चुनाव लड़ती हैं, तो वे अपना उम्मीदवार मैदान में नहीं उतारेंगे। यह प्रस्ताव इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि 2021 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी नंदीग्राम सीट से शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ चुनाव हार गई थीं। नंदीग्राम से फिर चुनाव लड़ने का ऑफर रिपोर्ट के मुताबिक, नंदीग्राम में तृणमूल कांग्रेस से अलग हुए कुछ नेताओं ने ममता बनर्जी से इस सीट से दोबारा चुनाव लड़ने की अपील की है। इन नेताओं का दावा है कि अगर ममता बनर्जी नंदीग्राम से उपचुनाव लड़ती हैं, तो वे उनके खिलाफ उम्मीदवार नहीं उतारेंगे। इस बयान के बाद बंगाल की राजनीति में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। हालांकि, इस प्रस्ताव पर ममता बनर्जी की ओर से क्या प्रतिक्रिया आई है, यह अभी सबसे अहम सवाल है। 2021 में शुभेंदु अधिकारी से मिली थी हार नंदीग्राम सीट का नाम 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आया था। ममता बनर्जी ने अपनी पारंपरिक भवानीपुर सीट के बजाय नंदीग्राम से चुनाव लड़ने का फैसला किया था। उनका मुकाबला कभी उनके करीबी रहे शुभेंदु अधिकारी से हुआ। बेहद कांटे की टक्कर वाले इस चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को हरा दिया था। बाद में ममता बनर्जी भवानीपुर से उपचुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचीं। बंगाल की राजनीति में नंदीग्राम क्यों अहम? नंदीग्राम सिर्फ एक विधानसभा सीट नहीं, बल्कि ममता बनर्जी के राजनीतिक सफर से भी जुड़ा महत्वपूर्ण स्थान है। भूमि अधिग्रहण के खिलाफ आंदोलन ने 2007 के आसपास इस इलाके को बंगाल की राजनीति का बड़ा केंद्र बना दिया था। इसी आंदोलन को तृणमूल कांग्रेस के राजनीतिक उभार में महत्वपूर्ण माना जाता है। बाद में नंदीग्राम 2021 के विधानसभा चुनाव की सबसे चर्चित सीटों में शामिल रहा।
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Weather Update: मुंबई में तेज बारिश से सड़कें जलमग्न, बिहार में बाढ़ से 48 लाख लोग प्रभावित

Weather Update: मुंबई में तेज बारिश से सड़कें जलमग्न, बिहार में बाढ़ से 48 लाख लोग प्रभावित

देश के कई हिस्सों में एक बार फिर मौसम ने अपना असर दिखाया है। मुंबई में तेज बारिश के बाद कई सड़कें पानी में डूब गईं, जबकि एयरपोर्ट के आसपास भी जलभराव की स्थिति देखने को मिली। वहीं हिमाचल प्रदेश के शिमला में जंगल के इलाके में लैंडस्लाइड की खबर सामने आई है। दूसरी ओर बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। राज्य में बाढ़ से प्रभावित लोगों की संख्या बढ़कर करीब 48 लाख तक पहुंच गई है। कई इलाकों में लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मुंबई में भारी बारिश, सड़कें बनीं तालाब मुंबई में तेज बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में जलभराव हो गया। सड़कों पर पानी भरने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई और कई जगह ट्रैफिक की रफ्तार धीमी पड़ गई। एयरपोर्ट के आसपास भी पानी जमा होने की खबर है। भारी बारिश के बीच यात्रियों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मुंबई में बारिश का असर सिर्फ सड़कों तक सीमित नहीं रहा। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता भी बढ़ गई है। शिमला के जंगल में लैंडस्लाइड हिमाचल प्रदेश के शिमला में भी बारिश के बीच लैंडस्लाइड की घटना सामने आई है। जंगल के इलाके में पहाड़ी का हिस्सा खिसकने से आसपास के क्षेत्र में खतरा बढ़ गया। पहाड़ी राज्यों में लगातार बारिश के दौरान भूस्खलन का खतरा बना रहता है। ऐसे में स्थानीय लोगों और पर्यटकों को सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। बिहार में 48 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित बिहार में बाढ़ की स्थिति ने बड़ी आबादी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राज्य में बाढ़ प्रभावित लोगों की संख्या करीब 48 लाख पहुंच गई है। कई इलाकों में पानी भरने से सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है। प्रशासन और राहत टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लोगों तक जरूरी सामान और मदद पहुंचाने में जुटी हैं।
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भारत-पाकिस्तान महामुकाबला, ACC ने जारी किया पूरा शेड्यूल

दुबई। एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) ने विमेंस एशिया कप 2026 का शेड्यूल जारी कर दिया है। टूर्नामेंट का सबसे बहुप्रतीक्षित मुकाबला भारत और पाकिस्तान के बीच 5 सितंबर को दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। टी-20 फॉर्मेट में आयोजित होने वाला यह टूर्नामेंट 28 अगस्त से शुरू होगा। उद्घाटन मैच में थाईलैंड और हांगकांग-चीन की टीमें आमने-सामने होंगी। 8 टीमें लेंगी हिस्सा विमेंस एशिया कप 2026 में कुल आठ टीमें भाग लेंगी, जिन्हें दो ग्रुप में बांटा गया है। ग्रुप-A ग्रुप-B ग्रुप चरण के बाद दोनों ग्रुप की शीर्ष दो-दो टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी। टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला 13 सितंबर को खेला जाएगा। सभी मुकाबले दुबई में होंगे पूरे टूर्नामेंट के सभी मैच दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित किए जाएंगे। भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाला मुकाबला टूर्नामेंट का सबसे चर्चित मैच माना जा रहा है, जिस पर दुनियाभर के क्रिकेट प्रशंसकों की नजर रहेगी। भारत सबसे सफल टीम टी-20 फॉर्मेट में अब तक खेले गए पांच विमेंस एशिया कप में भारतीय महिला टीम सबसे सफल रही है। भारत ने तीन बार खिताब अपने नाम किया है, जबकि बांग्लादेश और श्रीलंका ने एक-एक बार ट्रॉफी जीती है। श्रीलंका मौजूदा चैंपियन के रूप में इस टूर्नामेंट में उतरेगा। खेल जगत की ताजा और विश्वसनीय खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com
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GenZ

GenZ की Online Life पर बड़ा खुलासा: Likes-Comments से क्यों जुड़ रही है युवाओं की खुशी?

आज की GenZ Generation की जिंदगी में Social Media सिर्फ टाइम पास का जरिया नहीं, बल्कि उनकी रोजमर्रा की सोच और भावनाओं का हिस्सा बन चुका है। Instagram, TikTok और दूसरे सोशल प्लेटफॉर्म पर मिलने वाले Likes, Comments और Shares अब कई युवाओं के लिए खुशी और आत्मविश्वास से जुड़ गए हैं। एक नई Study में सामने आया है कि जब Posts पर उम्मीद के मुताबिक Engagement नहीं मिलता, तो कई युवाओं का Mood खराब हो जाता है और वे खुद को कम खुश महसूस करने लगते हैं। Likes और Comments बन गए हैं Digital Validation सोशल मीडिया पर किसी पोस्ट को मिलने वाला Response आज कई युवाओं के लिए Digital Approval की तरह काम करता है। ज्यादा Likes और Comments मिलने पर उन्हें खुशी और Confidence महसूस होता है, वहीं कम प्रतिक्रिया मिलने पर निराशा या उदासी जैसी भावनाएं पैदा हो सकती हैं। Experts का कहना है कि लगातार Social Media Feedback पर निर्भर रहना युवाओं की सोच और Emotional Well-being को प्रभावित कर सकता है। कम Engagement से बढ़ता है Stress Study के अनुसार, GenZ के कई लोग अपनी Social Media Performance को अपनी Popularity से जोड़ने लगे हैं। जब किसी फोटो, वीडियो या पोस्ट पर कम Likes आते हैं, तो कुछ युवा इसे व्यक्तिगत असफलता की तरह लेने लगते हैं। हालांकि, विशेषज्ञ बताते हैं कि Social Media पर किसी पोस्ट की Reach या Likes किसी व्यक्ति की असली पहचान या क्षमता को नहीं दर्शाते। Social Media Comparison भी बड़ी वजह आज सोशल मीडिया पर हर कोई अपनी जिंदगी के खास और अच्छे पलों को शेयर करता है। ऐसे में युवा दूसरों की उपलब्धियों और Lifestyle को देखकर अपनी जिंदगी से तुलना करने लगते हैं। यह Comparison कई बार तनाव और असंतोष को बढ़ा सकता है। Experts का मानना है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाली हर चीज पूरी वास्तविकता नहीं होती। GenZ के लिए जरूरी है Digital Balance मनोवैज्ञानिकों की सलाह है कि युवाओं को Social Media का इस्तेमाल Balance तरीके से करना चाहिए। Likes और Comments को खुशी का एकमात्र पैमाना बनाने के बजाय अपनी Real Life Achievements, Family, Friends और Personal Growth पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है। सोशल मीडिया का सही इस्तेमाल जानकारी, Creativity और लोगों से जुड़ने के लिए किया जाए तो यह एक सकारात्मक प्लेटफॉर्म साबित हो सकता है। Study का बड़ा संदेश नई Study यह बताती है कि Digital World का असर अब लोगों की भावनाओं तक पहुंच चुका है। खासकर GenZ के लिए जरूरी है कि वे Online Validation और Real Happiness के बीच अंतर समझें। कम Likes मिलने से किसी की Value कम नहीं होती। असली खुशी खुद पर भरोसा रखने और वास्तविक रिश्तों को मजबूत बनाने से मिलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Punjab Election 2027: हरमीत पठानमाजरा और चेतन जौड़ामाजरा ने AAP से दिया इस्तीफा

पंजाब की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले हलचल तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) को उस समय बड़ा झटका लगा, जब पार्टी के दो मौजूदा विधायकों ने इस्तीफा देकर अपनी राह अलग कर ली। सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा और समाना से विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने 1 नवंबर को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता छोड़ने का ऐलान किया। दोनों नेताओं के इस फैसले ने पंजाब में नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं शुरू कर दी हैं। दिलचस्प बात यह है कि AAP ने 31 अक्टूबर को ही पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 के लिए 40 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की थी। इसके अगले ही दिन दो विधायकों के इस्तीफे की खबर सामने आ गई। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या पार्टी के भीतर टिकट और संगठन में बदलाव को लेकर नाराजगी बढ़ रही है? AAP की Candidate List के बाद क्यों बढ़ी हलचल? आम आदमी पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। 31 अक्टूबर को जारी पहली उम्मीदवार सूची में 40 नाम शामिल किए गए। मुख्यमंत्री भगवंत मान को धूरी विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं, कई मौजूदा विधायकों को भी दोबारा चुनाव लड़ने का मौका मिला है। हालांकि, इस सूची में हरमीत सिंह पठानमाजरा और चेतन सिंह जौड़ामाजरा का नाम नहीं था। इतना ही नहीं, पार्टी ने उनके विधानसभा क्षेत्रों में नए हलका इंचार्ज भी नियुक्त कर दिए थे। सनौर में रंजोध हदाना और समाना में पूर्व अकाली नेता सुरजीत सिंह रखड़ा को जिम्मेदारी दी गई। इन फैसलों के बाद दोनों विधायकों की राजनीतिक भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे थे। Harmeet Singh Pathanmajra ने Kejriwal को भेजा इस्तीफा सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को भेजा। पठानमाजरा और पंजाब सरकार के बीच पिछले काफी समय से मतभेद की खबरें सामने आती रही हैं। सितंबर 2025 में पंजाब में आई बाढ़ के दौरान उन्होंने राहत और बचाव कार्यों को लेकर सरकार की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए थे। इसके बाद पार्टी नेतृत्व के साथ उनके संबंधों में तनाव की चर्चा होने लगी थी। उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले ने भी उन्हें लगातार सुर्खियों में बनाए रखा। सितंबर 2025 में एक महिला की शिकायत पर उनके खिलाफ दुष्कर्म, धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी से संबंधित मामला दर्ज किया गया था। पठानमाजरा ने इन कार्रवाइयों को राजनीतिक प्रताड़ना बताते हुए आरोप लगाए थे। Chetan Singh Jouramajra ने भी छोड़ी पार्टी समाना से विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने भी AAP से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपने फैसले की जानकारी दी। जौड़ामाजरा भगवंत मान सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं, लेकिन बाद में मंत्रिमंडल में फेरबदल के दौरान उन्हें पद से हटा दिया गया था। इसके बाद समाना विधानसभा क्षेत्र में उनकी राजनीतिक भूमिका को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई थीं। पार्टी ने हाल ही में पूर्व अकाली नेता सुरजीत सिंह रखड़ा को समाना का हलका इंचार्ज बनाया था। इसे भी जौड़ामाजरा की नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है। इस्तीफे के बाद जौड़ामाजरा ने कहा कि अब उनका पार्टी में मन नहीं लग रहा है। उन्होंने पंजाब के मौजूदा हालात को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। क्या BJP में शामिल होंगे दोनों विधायक? दोनों विधायकों के AAP छोड़ने के बाद सबसे ज्यादा चर्चा उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर हो रही है। राजनीतिक गलियारों में अटकलें हैं कि दोनों नेता भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम सकते हैं। हालांकि, अभी तक BJP या दोनों विधायकों की ओर से पार्टी में शामिल होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इसे फिलहाल केवल राजनीतिक अटकल के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। Punjab Election 2027 से पहले AAP के सामने चुनौती पंजाब में अगला विधानसभा चुनाव 2027 में होना है, लेकिन राजनीतिक दलों ने अभी से अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। AAP की पहली उम्मीदवार सूची के तुरंत बाद दो मौजूदा विधायकों का इस्तीफा पार्टी के लिए एक नई चुनौती बन गया है। दोनों विधायक पटियाला जिले की सनौर और समाना सीटों का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में इन सीटों पर उम्मीदवारों का चयन और स्थानीय राजनीतिक समीकरण आने वाले समय में महत्वपूर्ण रहेंगे। अब देखना होगा कि AAP इन दोनों विधानसभा क्षेत्रों में किसे जिम्मेदारी देती है और क्या दोनों पूर्व विधायक किसी दूसरी पार्टी में शामिल होते हैं। फिलहाल पंजाब की राजनीति में 2027 चुनाव से पहले ही सियासी उठापटक शुरू हो गई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
IND vs NZ

IND vs NZ 5th T20: न्यूजीलैंड ने भारत को 7 विकेट से हराया, Team India ने 3-2 से जीती सीरीज

भारत और न्यूजीलैंड (IND vs NZ) के बीच पांच मैचों की T20 सीरीज का आखिरी मुकाबला रोमांचक रहा। हैमिल्टन के Seddon Park में खेले गए इस मैच में न्यूजीलैंड ने भारत को 7 विकेट से हरा दिया। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 191 रन बनाए थे, लेकिन Tim Seifert की शानदार पारी के सामने भारतीय गेंदबाज बेबस नजर आए। न्यूजीलैंड ने 18 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया। हालांकि, इस हार से सीरीज का नतीजा नहीं बदला। टीम इंडिया ने शुरुआती तीन मुकाबले जीतकर 3-0 की बढ़त बनाई थी। न्यूजीलैंड ने आखिरी दो मैच जीतकर वापसी जरूर की, लेकिन सीरीज भारत ने 3-2 से अपने नाम कर ली। ईशान किशन और श्रेयस अय्यर ने संभाली भारतीय पारी टॉस जीतकर न्यूजीलैंड ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। भारतीय टीम की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। अभिषेक शर्मा सिर्फ 1 रन और संजू सैमसन 4 रन बनाकर आउट हो गए। शुरुआती झटकों के बाद टीम को एक बड़ी साझेदारी की जरूरत थी। ऐसे समय में ईशान किशन और श्रेयस अय्यर ने मोर्चा संभाला। दोनों ने तेजी से रन बनाते हुए न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाया। ईशान किशन ने 32 गेंदों में 61 रन की शानदार पारी खेली, जबकि श्रेयस अय्यर ने सिर्फ 23 गेंदों में 50 रन बना दिए। दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 93 रन की साझेदारी हुई। इस साझेदारी ने भारत को मैच में वापसी दिलाई। इसके बाद नमन धीर ने 33 रन और नीतीश कुमार रेड्डी ने 22 रन बनाकर टीम का स्कोर 191 तक पहुंचाया। न्यूजीलैंड की तरफ से Adam Milne ने सबसे ज्यादा 4 विकेट लिए। Nathan Smith और Blair Tickner को 2-2 सफलताएं मिलीं। Tim Seifert के 93 रन ने पलट दिया Match 192 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की शुरुआत जरूर थोड़ी लड़खड़ाई। फिन एलन सिर्फ 2 रन बनाकर आउट हो गए, लेकिन इसके बाद Tim Seifert ने भारतीय गेंदबाजों को कोई राहत नहीं दी। Seifert ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 50 गेंदों में 93 रन बनाए। उनकी पारी में 8 चौके और 6 छक्के शामिल रहे। वह शतक से महज 7 रन दूर रह गए, लेकिन तब तक न्यूजीलैंड जीत के काफी करीब पहुंच चुका था। उनका साथ Daryl Mitchell ने दिया। Mitchell ने 16 गेंदों में 29 रन बनाए। इसके बाद Glenn Phillips ने भी अपना दम दिखाया। उन्होंने 37 गेंदों में नाबाद 61 रन की पारी खेली। इन दोनों बल्लेबाजों की मदद से न्यूजीलैंड ने 18 ओवर में 3 विकेट खोकर 195 रन बना लिए और मुकाबला 7 विकेट से जीत लिया। भारतीय गेंदबाजों की नहीं चली, बल्लेबाजों की मेहनत गई बेकार भारत के लिए इस मुकाबले में सबसे बड़ी चुनौती न्यूजीलैंड की तेज रन गति रही। 191 रन बनाने के बाद टीम इंडिया को उम्मीद थी कि गेंदबाज मैच पर पकड़ बनाएंगे, लेकिन Tim Seifert और Glenn Phillips ने भारतीय गेंदबाजी को संभलने का मौका नहीं दिया। फिन एलन का विकेट जल्दी मिलने के बावजूद भारत लगातार विकेट नहीं निकाल सका। नतीजा यह रहा कि न्यूजीलैंड ने लक्ष्य को दो ओवर बाकी रहते हासिल कर लिया। 3-0 से आगे था भारत, फिर न्यूजीलैंड ने की वापसी इस T20 सीरीज की शुरुआत भारत के लिए काफी अच्छी रही थी। टीम इंडिया ने शुरुआती तीन मुकाबले जीतकर 3-0 की बढ़त बना ली थी। ऐसा लग रहा था कि भारत सीरीज में क्लीन स्वीप कर सकता है। लेकिन चौथे मुकाबले में न्यूजीलैंड ने शानदार वापसी की। टीम ने बड़ा स्कोर खड़ा किया और भारत को 87 रन से हराया। इसके बाद पांचवें T20 में भी न्यूजीलैंड ने जीत दर्ज कर दी। लगातार दो जीत के बावजूद न्यूजीलैंड सीरीज अपने नाम नहीं कर सका। भारत ने शुरुआती बढ़त के दम पर पांच मैचों की सीरीज 3-2 से जीत ली। IND vs NZ 5th T20: मैच का पूरा Scorecard भारत – 191/8 (20 ओवर) न्यूजीलैंड – 195/3 (18 ओवर) मैच का नतीजा: न्यूजीलैंड ने 7 विकेट से जीत दर्ज की। सीरीज का नतीजा: भारत ने 3-2 से सीरीज जीती। सीरीज जीतकर भी आखिरी दो मैच हारा भारत टीम इंडिया के लिए यह सीरीज दो अलग-अलग तस्वीरें लेकर आई। शुरुआती तीन मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन आखिरी दो मैचों में न्यूजीलैंड ने अपनी रणनीति और बल्लेबाजी से मुकाबले का रुख बदल दिया। आखिरी मैच में ईशान किशन और श्रेयस अय्यर की फिफ्टी के बावजूद भारत जीत हासिल नहीं कर पाया। वहीं Tim Seifert और Glenn Phillips की पारियों ने न्यूजीलैंड को शानदार जीत दिलाई। भारत के लिए राहत की बात यही रही कि शुरुआती तीन जीत के कारण T20 सीरीज की ट्रॉफी टीम इंडिया के पास ही रही। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Delhi Politics: INDIA Bloc की Rally के जवाब में BJP का मार्च, JP Nadda ने राहुल गांधी को घेरा

दिल्ली में 1 नवंबर को सियासी हलचल तेज रही। एक तरफ राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA Bloc के 19 विपक्षी दलों ने रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली की, तो दूसरी तरफ भाजपा ने 1984 के सिख-विरोधी दंगों की बरसी पर विरोध मार्च निकालकर कांग्रेस को घेरा। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस अपनी राजनीति में उन लोगों को भूल गई, जिन्होंने 1984 की हिंसा में अपनी जान गंवाई थी। दिल्ली में हुए इन दोनों प्रदर्शनों के केंद्र में अलग-अलग मुद्दे रहे। विपक्ष ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोला, जबकि भाजपा ने कांग्रेस को 1984 की हिंसा की याद दिलाते हुए पीड़ित परिवारों के लिए आवाज उठाई। INDIA Bloc की Rally में राहुल गांधी समेत 19 दलों के नेता शामिल रामलीला मैदान में आयोजित विपक्ष की रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव और INDIA Bloc के कई अन्य नेता शामिल हुए। रैली का मुख्य मुद्दा चुनाव आयोग की SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियां रहा। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम हटाए गए हैं। इससे पात्र मतदाताओं के वोट देने के अधिकार पर असर पड़ सकता है। राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई। विपक्ष का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता होनी चाहिए और मतदाताओं के अधिकारों के साथ किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। BJP का जवाबी मार्च, सिख समुदाय और पीड़ित परिवारों ने लिया हिस्सा विपक्ष की रैली के बीच भाजपा ने भी दिल्ली में अपना विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी ने पश्चिमी दिल्ली में 1984 के सिख-विरोधी दंगों के पीड़ितों के समर्थन में मार्च निकाला। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा और मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा सहित कई नेता शामिल हुए। मार्च में सिख समुदाय के लोगों और 1984 की हिंसा से प्रभावित परिवारों ने भी हिस्सा लिया। भाजपा ने इस प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस से 1984 की हिंसा के लिए जवाबदेही तय करने और पीड़ित परिवारों से माफी मांगने की मांग की। पार्टी का आरोप है कि कांग्रेस ने इस संवेदनशील तारीख पर बड़ी राजनीतिक रैली आयोजित करके सिख समुदाय की भावनाओं का ध्यान नहीं रखा। JP Nadda का राहुल गांधी पर हमला, बोले- अपनी राजनीति में शहीदों को भूले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने विपक्ष की रैली को लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर का दिन देश के इतिहास में बेहद दुखद है। 1984 में इसी दौरान सिख समुदाय के लोगों को हिंसा का सामना करना पड़ा था। नड्डा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अपनी राजनीतिक गतिविधियों में इतने व्यस्त हैं कि उन्हें 1984 की हिंसा में जान गंवाने वाले लोगों और उनके परिवारों की पीड़ा याद नहीं रही। उन्होंने कहा कि देश उन घटनाओं को नहीं भूला है और सिख समुदाय के जख्म आज भी लोगों को याद हैं। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस से इस मुद्दे पर जवाब देने की मांग की। राहुल गांधी ने BJP के कारोबार वाले आरोप पर दिया जवाब भाजपा ने विपक्ष की रैली को लेकर यह भी कहा कि इससे दिल्ली के बाजारों और छोटे कारोबारियों को नुकसान हो सकता है। दिवाली से पहले बाजारों में भीड़ और ट्रैफिक की समस्या बढ़ने की आशंका भी जताई गई। इस पर राहुल गांधी ने भाजपा के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि रैली में शामिल होने वाले लोगों से दिल्ली में खरीदारी करने की अपील की गई थी, ताकि स्थानीय व्यापारियों को फायदा मिले। राहुल गांधी ने कनॉट प्लेस में दुकानों के बंद होने का मुद्दा भी उठाया और सवाल किया कि व्यापारियों का कारोबार प्रभावित होने के लिए कौन जिम्मेदार है। खड़गे ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। खड़गे का आरोप है कि SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में गड़बड़ियां हुई हैं और कई लोगों के नाम हटाए गए हैं। विपक्ष इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला बता रहा है। हालांकि, चुनाव आयोग ने मतदाता सूची में गड़बड़ी और राजनीतिक पक्षपात के आरोपों को खारिज किया है। आयोग की ओर से मतदाता सूची के पुनरीक्षण को निर्धारित प्रक्रिया का हिस्सा बताया गया है। अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव ने भी उठाए सवाल विपक्ष की रैली में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से नाम हटने के मुद्दे को उठाते हुए चुनाव प्रक्रिया पर सवाल किए। वहीं, बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अपने भाषण में वोट चोरी के आरोपों को लेकर सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साधा। कांग्रेस नेता शशि थरूर समेत अन्य विपक्षी नेताओं ने भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। 1984 के सिख-विरोधी दंगों की बरसी पर क्यों बढ़ा विवाद? 31 अक्टूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में सिख समुदाय के खिलाफ हिंसा भड़क गई थी। 1 से 3 नवंबर के बीच दिल्ली में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई और कई परिवारों को अपना घर-बार छोड़ना पड़ा। इस घटना को देश के इतिहास की सबसे दुखद घटनाओं में गिना जाता है। हिंसा के पीड़ित परिवारों के लिए न्याय और जवाबदेही का मुद्दा आज भी सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा है। भाजपा ने इसी घटना की बरसी को लेकर कांग्रेस की रैली पर सवाल उठाए हैं। वहीं, कांग्रेस और INDIA Bloc का कहना है कि उनकी रैली चुनावी प्रक्रिया और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए थी। Delhi Politics: एक दिन में दो प्रदर्शन, BJP और विपक्ष आमने-सामने दिल्ली में 1 नवंबर को हुए दोनों प्रदर्शनों ने राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। रामलीला मैदान में विपक्ष ने चुनाव आयोग...
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INDIA Bloc का बड़ा प्रदर्शन: ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 19 पार्टियां एकजुट, खड़गे ने दी चेतावनी

दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार, 1 नवंबर को विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक बड़ी रैली की। INDIA Bloc के बैनर तले हुई इस रैली में 19 विपक्षी पार्टियों के नेता एक मंच पर नजर आए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत कई बड़े नेताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए। रैली का सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाला बयान ममता बनर्जी का रहा। उन्होंने पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी पार्टी बंगाल में हारी नहीं, बल्कि उसे हराया गया। वहीं, मल्लिकार्जुन खड़गे ने ज्ञानेश कुमार को लेकर कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर पीछे हटने वाला नहीं है। ममता बनर्जी ने बंगाल चुनाव को लेकर क्या कहा? रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती गई। ममता ने कहा कि बंगाल में उनकी पार्टी को हराया गया है। उन्होंने मतदाता सूची में बदलाव और चुनाव प्रक्रिया को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। उनका कहना है कि लोकतंत्र में हर नागरिक का वोट महत्वपूर्ण है और किसी भी पात्र मतदाता को मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। खड़गे का ज्ञानेश कुमार पर सीधा निशाना कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी मंच से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को इतनी आसानी से छोड़ने वाला नहीं है। खड़गे ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए विपक्ष को एकजुट होकर आवाज उठानी होगी। विपक्षी दलों की मांग है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली की समीक्षा हो और मतदाता सूची में हुए बदलावों की जानकारी सार्वजनिक की जाए। राहुल गांधी, प्रियंका और अखिलेश यादव समेत 19 पार्टियों की मौजूदगी दिल्ली की इस रैली में INDIA Bloc के कई प्रमुख नेता शामिल हुए। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, फारूक अब्दुल्ला, तेजस्वी यादव, अभिषेक बनर्जी और सुप्रिया सुले समेत कई नेताओं ने मंच साझा किया। सभी नेताओं ने अपने-अपने संबोधन में चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूची और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाए। विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी दोहराई। SIR विवाद क्या है, जिस पर आमने-सामने हैं विपक्ष और चुनाव आयोग? इस पूरी राजनीतिक लड़ाई के केंद्र में Special Intensive Revision (SIR) है। यह चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची की गहन जांच और संशोधन की प्रक्रिया है। विपक्षी दलों का आरोप है कि SIR के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया में कई पात्र मतदाताओं के नाम भी प्रभावित हो सकते हैं। विपक्ष चाहता है कि नाम हटाने और जोड़ने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो। दूसरी ओर, चुनाव आयोग का पक्ष है कि मतदाता सूची को सही और अपडेट रखने के लिए समय-समय पर समीक्षा जरूरी है। इस प्रक्रिया में डुप्लीकेट और अपात्र नामों की पहचान की जाती है। पात्र मतदाताओं को अपना नाम सूची में शामिल कराने का अवसर भी दिया जाता है। BJP ने भी निकाला मार्च, दिल्ली में बढ़ी राजनीतिक हलचल INDIA Bloc की रैली के बीच BJP ने भी 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों के समर्थन में मार्च निकाला। इसको लेकर दोनों राजनीतिक पक्षों के बीच बयानबाजी भी देखने को मिली। दिल्ली में एक ही दिन दोनों पक्षों के कार्यक्रमों को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए। रैली और मार्च के आसपास पुलिस बल की तैनाती की गई, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो। आगे क्या होगा? चुनाव आयोग पर विपक्ष का दबाव जारी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA Bloc की यह रैली चुनाव आयोग और SIR को लेकर चल रहे विवाद में एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम है। विपक्षी दलों ने संकेत दिए हैं कि वे मतदाता सूची में पारदर्शिता और चुनाव आयोग की जवाबदेही का मुद्दा आगे भी उठाते रहेंगे। अब देखना होगा कि विपक्ष की इन मांगों पर चुनाव आयोग क्या रुख अपनाता है और आने वाले दिनों में इस राजनीतिक टकराव की दिशा क्या रहती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Trump Iran Attack: नेतन्याहू से बात के बाद ट्रम्प का बड़ा बयान, 4 नवंबर को ईरान पर हमले की आशंका

मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी टकराव के बीच अमेरिकी Trump ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बातचीत की है। इस बातचीत के बाद ट्रम्प के एक बयान ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। उन्होंने कहा कि ईरान के एक-दो ठिकानों पर कार्रवाई अभी बाकी है। इसी बीच मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि अमेरिका 4 नवंबर को ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर सकता है। हालांकि, अभी तक अमेरिकी सरकार ने किसी नए हमले की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। दूसरी तरफ ईरान भी लगातार चेतावनी दे रहा है कि अगर उस पर हमला हुआ तो वह चुप नहीं बैठेगा। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का रास्ता बंद होने वाला है या फिर कोई नया समझौता हो सकता है? Trump-Netanyahu Talk: फोन पर क्या हुई बातचीत? रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच शनिवार को फोन पर बातचीत हुई। यह बातचीत ऐसे समय हुई है, जब ईरान के परमाणु कार्यक्रम और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव को लेकर अमेरिका और इजरायल की चिंताएं बढ़ी हुई हैं। बताया जा रहा है कि ट्रम्प ने इससे पहले व्हाइट हाउस में वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों के साथ बैठक भी की थी। इस बैठक में ईरान को लेकर आगे की रणनीति और संभावित सैन्य विकल्पों पर चर्चा हुई। ट्रम्प बोले- ईरान के 1-2 ठिकाने अभी बाकी नेतन्याहू से बातचीत के बाद ट्रम्प ने ईरान को लेकर सख्त बयान दिया। उन्होंने कहा कि ईरान के एक या दो ठिकानों पर अभी कार्रवाई की जानी बाकी है। इस दौरान उन्होंने पिकैक्स माउंटेन (Pickaxe Mountain) का भी जिक्र किया। पिकैक्स माउंटेन को ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ा एक संभावित भूमिगत ठिकाना माना जाता है। पश्चिमी देशों की खुफिया एजेंसियों को आशंका है कि यहां परमाणु गतिविधियों से जुड़ी महत्वपूर्ण सुविधाएं मौजूद हो सकती हैं। ट्रम्प के बयान के बाद एक बार फिर यह चर्चा शुरू हो गई है कि अमेरिका ईरान के खिलाफ सीमित सैन्य कार्रवाई कर सकता है। 4 नवंबर को Iran पर Attack की रिपोर्ट से बढ़ी चिंता ईरान पर संभावित अमेरिकी हमले को लेकर 4 नवंबर की तारीख चर्चा में है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका ने खाड़ी क्षेत्र के कुछ सहयोगी देशों को संभावित सैन्य कार्रवाई और उसके बाद पैदा होने वाली स्थिति के लिए सतर्क रहने को कहा है। रिपोर्ट्स में 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के बाद कार्रवाई की संभावना जताई गई है। इसी वजह से 4 नवंबर की तारीख को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज है। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि अभी तक ट्रम्प प्रशासन ने हमले की तारीख या समय की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इसलिए इसे फिलहाल संभावित घटनाक्रम के तौर पर ही देखा जा रहा है। ईरान ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी अमेरिका की ओर से संभावित हमले की खबरों के बीच ईरान ने भी अपना रुख साफ कर दिया है। ईरानी नेतृत्व का कहना है कि अगर अमेरिका या इजरायल की ओर से दोबारा हमला किया गया तो उसका जवाब दिया जाएगा। ईरान के अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया है कि किसी नए सैन्य टकराव की स्थिति में क्षेत्रीय सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है। इससे खाड़ी देशों में भी चिंता बढ़ गई है। ईरान का परमाणु कार्यक्रम इस विवाद का सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपनी परमाणु गतिविधियों को लेकर उसकी चिंताओं का समाधान करे, जबकि तेहरान अपनी संप्रभुता और सुरक्षा से जुड़े अधिकारों पर जोर दे रहा है। Qatar के जरिए अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत दिलचस्प बात यह है कि एक तरफ हमले की चर्चाएं चल रही हैं, वहीं दूसरी तरफ बातचीत के रास्ते भी खुले हुए हैं। कतर दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी संकेत दिया है कि ईरान के साथ बातचीत पूरी तरह बंद नहीं हुई है। अमेरिका ऐसा समझौता चाहता है, जिससे उसके सुरक्षा संबंधी मुद्दों का समाधान निकल सके। ईरान की ओर से भी बातचीत को लेकर कुछ सकारात्मक संकेत दिए गए हैं। हालांकि, दोनों देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंध और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर अभी सहमति बनना बाकी है। Strait of Hormuz पर भी दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का असर केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को लेकर भी स्थिति महत्वपूर्ण बनी हुई है। यह समुद्री रास्ता दुनिया के तेल व्यापार के लिए बेहद अहम है। यहां किसी भी तरह का सैन्य तनाव या आवाजाही में रुकावट आने पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और सप्लाई पर असर पड़ सकता है। भारत जैसे देशों के लिए भी यह मामला महत्वपूर्ण है, क्योंकि तेल आयात और ऊर्जा कीमतों में बदलाव का सीधा असर अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। क्या अमेरिका और ईरान के बीच फिर शुरू होगी जंग? फिलहाल पूरी दुनिया की नजर ट्रम्प के अगले कदम पर है। नेतन्याहू से बातचीत, ईरान के ठिकानों को लेकर दिया गया बयान और 4 नवंबर को संभावित हमले की रिपोर्ट ने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है। एक तरफ अमेरिका सैन्य विकल्पों पर विचार कर रहा है, तो दूसरी तरफ कतर के जरिए कूटनीतिक बातचीत की कोशिशें भी जारी हैं। ईरान ने भी साफ कर दिया है कि किसी हमले की स्थिति में वह जवाब देगा। अब देखना होगा कि अमेरिका बातचीत के जरिए कोई रास्ता निकालता है या फिर मध्य पूर्व में एक बार फिर सैन्य टकराव की स्थिति बनती है। फिलहाल 4 नवंबर को हमले की संभावना मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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