आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGबिज़नेसSugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ LimitedBREAKINGबिज़नेसGold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावटBREAKINGधर्म-कर्मRaksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ MuhuratBREAKINGदेश-हरपलKanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौतBREAKINGबिज़नेसShare Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावटBREAKINGदेश-हरपलKhelo India में PM Modi का बड़ा संवाद, Youth Power से Viksit Bharat तक होगी चर्चाBREAKINGदेश-हरपलBank Holiday Today: 28 अगस्त को बैंक रहेंगे बंद, Delhi-Mumbai समेत इन शहरों पर असरBREAKINGस्पोर्ट्सIND vs SL: भारत के खिलाफ श्रीलंका का शानदार Comeback, दूसरी पारी में 229/6 का स्कोरBREAKINGबिज़नेसSugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ LimitedBREAKINGबिज़नेसGold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावटBREAKINGधर्म-कर्मRaksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ MuhuratBREAKINGदेश-हरपलKanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौतBREAKINGबिज़नेसShare Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावटBREAKINGदेश-हरपलKhelo India में PM Modi का बड़ा संवाद, Youth Power से Viksit Bharat तक होगी चर्चाBREAKINGदेश-हरपलBank Holiday Today: 28 अगस्त को बैंक रहेंगे बंद, Delhi-Mumbai समेत इन शहरों पर असरBREAKINGस्पोर्ट्सIND vs SL: भारत के खिलाफ श्रीलंका का शानदार Comeback, दूसरी पारी में 229/6 का स्कोर

Latest Posts

ASSAM में NDA की हैट्रिक का दावा, पुडुचेरी में राहुल गांधी का युवाओं से बड़ा वादा

ASSAM में NDA की हैट्रिक का दावा, पुडुचेरी में राहुल गांधी का युवाओं से बड़ा वादा

ASSAM और पुडुचेरी में चुनावी माहौल गर्म हो चुका है। एक तरफ प्रधानमंत्री Narendra Modi ने असम में NDA की लगातार तीसरी जीत का दावा किया, वहीं दूसरी तरफ Rahul Gandhi ने पुडुचेरी में युवाओं के लिए बड़ी घोषणा कर दी। प्रधानमंत्री मोदी ने असम की रैली में कहा कि राज्य की जनता NDA पर भरोसा जता रही है और इस बार भी जीत की हैट्रिक तय है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के पास न कोई ठोस विजन है और न ही विकास के लिए स्पष्ट योजना। मोदी ने अपने भाषण में सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि असम में पिछले कुछ सालों में तेजी से बदलाव हुआ है और जनता इस बदलाव को आगे भी जारी रखना चाहती है। वहीं, पुडुचेरी में राहुल गांधी ने युवाओं को साधने की कोशिश की। उन्होंने वादा किया कि अगर उनकी सरकार बनती है, तो युवाओं को हर महीने ₹2000 की आर्थिक मदद दी जाएगी। राहुल ने कहा कि आज का युवा रोजगार और आर्थिक सुरक्षा चाहता है, और उनकी पार्टी इसके लिए ठोस कदम उठाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि देश का भविष्य युवाओं के हाथ में है और उन्हें मजबूत बनाना सरकार की जिम्मेदारी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
नौकरी

New Labour Law नौकरी छोड़ते ही Company को 48 Hours में करना होगा FnF Payment

नौकरी छोड़ने या अचानक नौकरी जाने के बाद सबसे बड़ी चिंता होती है — आखिरी सैलरी और बाकी बकाया पैसे कब मिलेंगे?अब इस परेशानी पर बड़ा कानूनी बदलाव हुआ है। नए लेबर कानून के तहत कंपनियों को कर्मचारी का Full & Final (FnF) settlement सिर्फ 2 working days के भीतर पूरा करना होगा। यह बदलाव उन लाखों कर्मचारियों के लिए राहत लेकर आया है, जिन्हें पहले resignation या termination के बाद अपने ही पैसों के लिए हफ्तों तक इंतज़ार करना पड़ता था। क्या बदला है नए Labour Law में? पहले ज्यादातर कंपनियां final settlement को अगले payroll cycle में डाल देती थीं। इसकी वजह से कर्मचारियों को 30 से 45 दिन, और कई बार उससे भी ज्यादा इंतजार करना पड़ता था। अब नए नियम के मुताबिक अगर कोई कर्मचारी: तो कंपनी को 2 working days के अंदर salary और बाकी wage-related dues clear करना जरूरी होगा। यानी exit process अब सिर्फ HR formalities नहीं, बल्कि legal compliance भी बन गया है। Full & Final Settlement में क्या-क्या मिलेगा? FnF settlement सिर्फ आखिरी महीने की salary नहीं होती। इसमें कई financial components शामिल होते हैं, जैसे: हालांकि gratuity जैसी कुछ statutory payments की अलग timeline हो सकती है, लेकिन salary-related dues जल्दी देना अनिवार्य माना जा रहा है। Employees के लिए क्यों है बड़ी राहत? जॉब बदलने के दौरान EMI, किराया, daily expenses और नई नौकरी के बीच का gap सबसे ज्यादा pressure बनाता है। ऐसे समय पर final settlement जल्दी मिलना employees के लिए बड़ी financial support साबित होगा। यही वजह है कि यह नया rule खासतौर पर middle-class salaried professionals के लिए काफी राहतभरा माना जा रहा है। इससे कंपनियों की मनमानी policies पर भी काफी हद तक रोक लगेगी। Companies पर क्या पड़ेगा असर? इस नियम का सीधा असर HR, payroll और finance teams पर पड़ेगा।अब उन्हें exit clearance, leave calculation, company assets recovery और approvals जैसी प्रक्रियाओं को काफी तेज करना होगा। जिन कंपनियों का payroll system अभी भी manual है, उनके लिए 48 घंटे में FnF settlement करना एक operational challenge बन सकता है। अगर कंपनी 2 दिन में settlement न करे तो क्या करें? अगर कंपनी नए नियम के बाद भी देरी करती है, तो कर्मचारी ये कदम उठा सकते हैं: क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव? यह नया कानून सिर्फ payment timeline नहीं बदलता, बल्कि employee dignity और financial security को भी मजबूत करता है। नौकरी छूटने का समय पहले से ही emotionally और financially stressful होता है। ऐसे में अपने earned money के लिए लंबा इंतजार न करना कर्मचारियों के लिए बहुत बड़ी राहत है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Kerala

Kerala Election थरूर के काफिले पर हमला, पहली बार वोटर्स के लिए Free Cab का बड़ा ऐलान

Kerala में चुनावी हलचल अब और तेज होती दिख रही है। मतदान की तारीख नजदीक आते ही राजनीतिक गतिविधियां जहां अपने चरम पर हैं, वहीं कुछ घटनाओं ने माहौल को और संवेदनशील बना दिया है। मलप्पुरम के वंडूर इलाके में कांग्रेस नेता शशि थरूर के काफिले को रोके जाने और उनके सुरक्षाकर्मी व ड्राइवर के साथ मारपीट की खबर ने सियासी गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। इसी बीच चुनाव आयोग ने पहली बार वोट डालने वाले युवाओं के लिए free cab ride जैसी सुविधा का ऐलान कर चुनावी चर्चा को नया आयाम दे दिया है। मलप्पुरम में काफिला रोके जाने से बढ़ी राजनीतिक हलचल घटना उस वक्त हुई जब शशि थरूर का काफिला एक चुनावी कार्यक्रम की ओर बढ़ रहा था। रास्ते में चेल्लिथोडु ब्रिज के पास कुछ लोगों ने गाड़ियों की आवाजाही रोक दी, जिससे काफिला कुछ देर के लिए वहीं थम गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक रास्ता साफ कराने के दौरान बहस शुरू हुई, जो देखते ही देखते धक्का-मुक्की और हाथापाई में बदल गई। इस दौरान थरूर के गनमैन और ड्राइवर को चोटें आईं। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शिकायत दर्ज की है और कुछ लोगों की पहचान भी कर ली गई है। सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल स्थानीय स्तर पर इस घटना ने चुनावी सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि चुनाव प्रचार के दौरान नेताओं और कार्यकर्ताओं की सुरक्षा को लेकर प्रशासन को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। खासकर तब, जब मतदान में अब ज्यादा समय बाकी नहीं है और हर दल अपनी पूरी ताकत झोंक रहा है। Young Voters के लिए Free Cab Service इसी तनावपूर्ण माहौल के बीच चुनाव आयोग की एक सकारात्मक पहल भी चर्चा में है। युवा मतदाताओं, खासकर first-time voters, को बूथ तक आसानी से पहुंचाने के लिए कुछ शहरों में free cab service शुरू की जा रही है। इसका उद्देश्य सिर्फ सुविधा देना नहीं, बल्कि उन युवाओं को भी मतदान के लिए प्रेरित करना है जो दूरी, ट्रांसपोर्ट या समय की वजह से वोट डालने से चूक जाते हैं। लोकतंत्र को मजबूत करने की कोशिश जमीनी स्तर पर देखें तो यह कदम सिर्फ एक सुविधा नहीं, बल्कि लोकतंत्र को और मजबूत करने की कोशिश है। एक तरफ जहां चुनावी हिंसा जैसी घटनाएं चिंता बढ़ाती हैं, वहीं दूसरी ओर युवाओं को वोटिंग के लिए प्रोत्साहित करने वाली पहल उम्मीद जगाती है। यही वजह है कि इस बार केरल में youth turnout पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Weather

IMD Weather हिमाचल से Delhi तक मौसम अलर्ट, कई राज्यों में बारिश-आंधी का असर

देश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। शुक्रवार को सक्रिय Western Disturbance (पश्चिमी विक्षोभ) के असर से उत्तर भारत, मध्य भारत और पश्चिमी राज्यों में तेज हवाएं, बारिश, ओलावृष्टि और धूलभरी आंधी देखने को मिली। मौसम विभाग ने 9 से ज्यादा राज्यों में rain-thunderstorm alert जारी किया है, जबकि पहाड़ी इलाकों में avalanche risk ने चिंता बढ़ा दी है। Himachal और Jammu-Kashmir में Avalanche Risk बढ़ा सबसे ज्यादा सतर्कता हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बरती जा रही है। ताजा बर्फबारी के बाद कई संवेदनशील ढलानों पर हिमस्खलन (Avalanche) का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने पर्यटकों, स्थानीय लोगों और ट्रेकिंग करने वालों से अपील की है कि वे ऊंचे बर्फीले रास्तों और पहाड़ी दर्रों की यात्रा फिलहाल टाल दें। स्थानीय लोगों का कहना है कि मौसम ने एक बार फिर सर्दियों जैसी याद दिला दी है। MP Weather Update: बारिश और ओलों से किसानों की बढ़ी चिंता वहीं मध्य प्रदेश में मौसम का असर किसानों के लिए चिंता का कारण बन गया है। कई जिलों में अचानक बारिश, तेज हवाओं और ओलों ने फसलों को नुकसान पहुंचाने का खतरा बढ़ा दिया है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक heavy rain, hailstorm और strong winds की संभावना जताई है। खेतों में गेहूं और चना की कटाई कर रहे किसानों के चेहरे पर मौसम को लेकर साफ चिंता देखी जा सकती है। Rajasthan-Haryana में Rain Storm से बदला मौसम राजस्थान और हरियाणा में भी आसमान में बादल छाए रहे और कई जगह गरज-चमक के साथ बारिश दर्ज की गई। जयपुर, अलवर, बीकानेर, कोटा और हरियाणा के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ मौसम सुहाना तो हुआ, लेकिन अचानक बदले इस मिजाज ने जनजीवन को प्रभावित भी किया। मौसम विभाग ने लोगों को खुले स्थानों और कमजोर ढांचों से दूर रहने की सलाह दी है। Delhi Dust Storm: तेज हवाओं से विजिबिलिटी हुई कम राजधानी दिल्ली-NCR में सुबह से चली dust storm और तेज हवाओं ने लोगों को परेशान किया। कई इलाकों में धूल का गुबार छा गया, जिससे visibility कम हो गई। ऑफिस जाने वाले लोगों को सड़क पर धूल और तेज हवा के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि, मौसम के इस बदलाव से गर्मी से थोड़ी राहत जरूर मिली है और तापमान में गिरावट दर्ज की गई। अगले 72 घंटे कैसा रहेगा मौसम? मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अगले 48 से 72 घंटे तक यही pattern बना रह सकता है। ऐसे में लोगों को सलाह दी गई है कि वे मौसम अपडेट देखते रहें, अनावश्यक यात्रा से बचें और आंधी-बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Bengal

Bengal Hostage Case Update एयरपोर्ट से मुख्य आरोपी गिरफ्तार, NIA ने तेज की जांच

Bengal के मालदा जिले में सामने आए हाई-प्रोफाइल Hostage Case में जांच एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। कई घंटों तक अधिकारियों को बंधक बनाए जाने के मामले में कथित मुख्य आरोपी मोफक्करुल इस्लाम को बागडोगरा एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक वह राज्य से बाहर निकलने की तैयारी में था, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते उसे दबोच लिया। इस गिरफ्तारी के साथ ही मामले में अब तक 35 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। वहीं, केस की गंभीरता को देखते हुए NIA ने भी अपनी जांच औपचारिक रूप से शुरू कर दी है, जिससे आने वाले दिनों में कई बड़े खुलासों की उम्मीद बढ़ गई है। क्या है पूरा Malda Hostage Case? यह मामला मालदा के कालियाचक इलाके से जुड़ा है, जहां चुनावी और प्रशासनिक प्रक्रिया से जुड़े अधिकारी सरकारी काम के सिलसिले में पहुंचे थे। आरोप है कि स्थानीय विरोध के बीच अचानक बड़ी भीड़ जमा हो गई और अधिकारियों को कई घंटों तक बाहर नहीं निकलने दिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार माहौल इतना तनावपूर्ण था कि मौके पर मौजूद अधिकारी लंबे समय तक असहाय स्थिति में रहे। इस घटना ने न सिर्फ प्रशासन बल्कि पूरे राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। Airport Arrest से जांच में आया बड़ा मोड़ जांच टीम को सूचना मिली थी कि मामले का मुख्य आरोपी शहर छोड़ने की कोशिश कर सकता है। इसी इनपुट के आधार पर बागडोगरा एयरपोर्ट पर निगरानी बढ़ाई गई, जहां से मोफक्करुल इस्लाम को हिरासत में लिया गया। अधिकारियों का मानना है कि यह गिरफ्तारी केस की planning, crowd mobilisation और possible political links तक पहुंचने में अहम साबित हो सकती है। NIA Probe: अब खुल सकती हैं साजिश की परतें मामले ने जब राष्ट्रीय स्तर पर तूल पकड़ा, तब केंद्रीय एजेंसियों की एंट्री हुई। अब NIA probe शुरू होने के बाद जांच सिर्फ बंधक बनाने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह भी देखा जाएगा कि: यही वजह है कि इस केस को अब सिर्फ law and order issue नहीं, बल्कि national-level institutional challenge की तरह देखा जा रहा है। Bengal Politics में बढ़ी सियासी गर्मी मालदा Hostage Case ने बंगाल की राजनीति को भी गरमा दिया है। विपक्ष राज्य सरकार पर प्रशासनिक विफलता का आरोप लगा रहा है, जबकि सत्तापक्ष इसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश बता रहा है। जैसे-जैसे NIA जांच आगे बढ़ेगी, यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं बल्कि major political flashpoint भी बन सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Raghav Chadha

AAP vs Raghav Chadha Post जाने के बाद छलका दर्द, बोले Sailaab बनकर करूंगा वापसी

आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता Raghav Chadha ने राज्यसभा में पार्टी के उपनेता पद से हटाए जाने के बाद पहली बार सार्वजनिक तौर पर अपनी बात रखी। उनके शब्दों में नाराज़गी भी थी, आत्मविश्वास भी और एक ऐसा भावनात्मक संदेश भी, जिसने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी। अपने वीडियो संदेश में राघव चड्ढा ने कहा कि उन्हें “खामोश कराया गया है, हराया नहीं गया।” उन्होंने आगे जोड़ा कि उन्हें कुछ समय के लिए रोका जा सकता है, लेकिन उनकी आवाज़ और उनके मुद्दे रुकने वाले नहीं हैं। उन्होंने बेहद असरदार अंदाज़ में कहा: “मैं दरिया हूं… वक्त आने पर सैलाब बनकर लौटूंगा।” यही एक लाइन अब सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक हलकों तक सबसे ज्यादा चर्चा में है। क्या है पूरा मामला? AAP ने एक दिन पहले राज्यसभा सचिवालय को पत्र भेजकर जानकारी दी कि राघव चड्ढा को पार्टी के Deputy Leader in Rajya Sabha पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह Ashok Mittal को नई जिम्मेदारी दी गई। साथ ही, पार्टी की ओर से यह भी संकेत दिया गया कि अब सदन में पार्टी कोटे से बोलने का समय राघव चड्ढा को नहीं दिया जाएगा। इस फैसले ने स्वाभाविक रूप से कई सवाल खड़े कर दिए हैं। Raghav Chadha का Emotional Message अपने संदेश में राघव चड्ढा ने सीधे तौर पर किसी नेता का नाम नहीं लिया, लेकिन उनकी बातों से साफ लगा कि वे इस फैसले से आहत हैं। उन्होंने कहा कि वे लगातार जनता के मुद्दे उठाते रहे—महंगाई, बेरोज़गारी, बैंक चार्जेस, टेलीकॉम ओवरबिलिंग, टोल टैक्स और गिग वर्कर्स की समस्याओं जैसे विषयों पर उन्होंने संसद में आवाज़ उठाई। एक मानवीय और भावुक अंदाज़ में उन्होंने सवाल किया: “अगर जनता की आवाज़ उठाना गलती है, तो क्या मैंने सच में कोई गलती की?” यह लाइन आम लोगों के साथ सीधा भावनात्मक जुड़ाव बनाती है, और शायद यही वजह है कि उनका संदेश तेजी से वायरल हो रहा है। सिर्फ फेरबदल या कुछ बड़ा? राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह सिर्फ एक साधारण संसदीय फेरबदल नहीं भी हो सकता। राघव चड्ढा की पार्टी और संसद में अलग पहचान रही है, और उनकी लोकप्रियता भी लगातार बढ़ी है। ऐसे में उनका यह सार्वजनिक और भावुक संदेश इस बात का संकेत माना जा रहा है कि वे खुद को अभी भी पार्टी और राष्ट्रीय राजनीति में एक बड़ी भूमिका में देखते हैं। AAP की ओर से इसे फिलहाल संगठनात्मक बदलाव बताया जा रहा है, लेकिन अंदरूनी समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हैं। कहानी सिर्फ पद की नहीं, पहचान की भी है यह मामला सिर्फ एक पद जाने का नहीं दिखता, बल्कि एक ऐसे नेता की प्रतिक्रिया है जो खुद को अभी भी जनता की आवाज़ मानता है। राघव चड्ढा के शब्दों में एक व्यक्तिगत चोट भी महसूस होती है और वापसी का भरोसा भी। यही वजह है कि उनका “सैलाब बनकर लौटूंगा” वाला बयान सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि एक personal resilience story की तरह भी देखा जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Indian Navy

Indian Navy को मिला Double Power INS Aridhaman और INS Taragiri से बढ़ी समुद्री ताकत

हिंद महासागर में भारत की बढ़ी ताकत, दुश्मनों के लिए साफ संदेश भारत की समुद्री सुरक्षा को आज एक नई मजबूती मिली, जब भारतीय नौसेना (Indian Navy) में दो बेहद अहम और अत्याधुनिक युद्ध प्लेटफॉर्म — INS Aridhaman और INS Taragiri — शामिल किए गए। यह सिर्फ दो नए युद्ध प्लेटफॉर्म्स की एंट्री नहीं है, बल्कि हिंद महासागर में भारत की बढ़ती रणनीतिक पकड़ का बड़ा संकेत भी है। एक तरफ INS Aridhaman, भारत की स्वदेशी परमाणु बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी क्षमता को और मजबूत करता है, तो दूसरी ओर INS Taragiri stealth power और multi-role combat क्षमता के साथ नौसेना की सतही ताकत को नई धार देता है। इन दोनों की तैनाती से साफ है कि भारत अब समुद्र में सिर्फ मौजूद नहीं, बल्कि निर्णायक बढ़त की दिशा में आगे बढ़ रहा है। INS Aridhaman: Sea-Based Nuclear Deterrence का मजबूत कवच INS Aridhaman को भारत की तीसरी स्वदेशी nuclear-powered ballistic missile submarine (SSBN) माना जा रहा है। इसकी सबसे बड़ी ताकत यह है कि यह लंबे समय तक समुद्र की गहराइयों में बिना पकड़े गए ऑपरेट कर सकती है। युद्ध या तनाव की स्थिति में यह भारत की second-strike capability को मजबूत बनाती है, जो किसी भी परमाणु शक्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है। रणनीतिक विशेषज्ञों के मुताबिक, इसकी तैनाती से भारत की nuclear triad और ज्यादा भरोसेमंद हुई है। INS Taragiri: Stealth Frigate जो दुश्मन पर रखेगी पैनी नजर INS Taragiri, Project 17A के तहत तैयार किया गया आधुनिक stealth frigate है। करीब 6,670 टन वजनी यह युद्धपोत advanced radar systems, BrahMos-class strike capability, anti-submarine warfare systems और air defence weapons से लैस है। इसकी stealth design इसे दुश्मन के radar पर कम visible बनाती है, जिससे यह sensitive maritime missions में बेहद असरदार साबित होगा। escort operations, surveillance और strike missions जैसे हर मोर्चे पर यह Indian Navy की ताकत बढ़ाएगा। Indian Ocean में भारत की बढ़ती Strategic Edge इन दोनों प्लेटफॉर्म्स की commissioning ऐसे समय पर हुई है जब हिंद महासागर और Indo-Pacific region में geopolitical competition तेजी से बढ़ रहा है। भारत के लिए यह सिर्फ defence upgrade नहीं, बल्कि maritime dominance की दिशा में बड़ा कदम है। INS Aridhaman जहां invisible deterrence का भरोसा देता है, वहीं INS Taragiri visible combat superiority का प्रतीक बनकर सामने आया है। Aatmanirbhar Bharat की बड़ी सफलता इस उपलब्धि का सबसे गर्व वाला पहलू इसका स्वदेशी निर्माण है। दोनों प्लेटफॉर्म भारत की defence manufacturing capability, naval design expertise और indigenous technology ecosystem की ताकत को दिखाते हैं। यह सिर्फ सेना की ताकत नहीं बढ़ाता, बल्कि देश के युवाओं, engineers, shipbuilders और defence sector से जुड़े हजारों लोगों के लिए गर्व का पल भी है। निष्कर्ष: समुद्र में भारत की नई शक्ति का दौर INS Aridhaman और INS Taragiri की एंट्री ने यह साफ कर दिया है कि भारत समुद्र में अपनी शक्ति को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए पूरी तरह तैयार है। आने वाले वर्षों में ये दोनों प्लेटफॉर्म Indian Navy की operational capability और strategic deterrence के सबसे मजबूत स्तंभ बन सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
ममता बनर्जी के घर के सामने रथ छोड़ कार में क्यों गए Amit Shah? सामने आई वजह
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक दिलचस्प नज़ारा उस वक्त देखने को मिला, जब केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah का काफिला Mamata Banerjee के घर के पास पहुंचा। आंखों-देखी के मुताबिक, अमित शाह पहले रथ में सवार थे, लेकिन जैसे ही उनका काफिला ममता बनर्जी के आवास के सामने पहुंचा, उन्होंने रथ छोड़कर कार में सफर करना जारी रखा। इस घटना ने वहां मौजूद लोगों और राजनीतिक हलकों में कई सवाल खड़े कर दिए। बताया जा रहा है कि सुरक्षा कारणों और प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया। अधिकारियों का मानना था कि भीड़भाड़ वाले इलाके में रथ के बजाय कार से आगे बढ़ना ज्यादा सुरक्षित और सुविधाजनक रहेगा। हालांकि, इस बदलाव को लेकर राजनीतिक चर्चा भी तेज हो गई है। कुछ लोग इसे सामान्य सुरक्षा प्रक्रिया बता रहे हैं, तो कुछ इसे राजनीतिक नजरिए से भी देख रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर दिखा दिया कि राजनीति में छोटी-छोटी चीजें भी बड़े मायने रखती हैं और हर कदम पर लोगों की नजर रहती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
राज्यसभा में Raghav Chadha को डिप्टी लीडर पद से हटाया गया, वीडियो शेयर कर दी प्रतिक्रिया

राज्यसभा में Raghav Chadha को डिप्टी लीडर पद से हटाया गया, वीडियो शेयर कर दी प्रतिक्रिया

आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) के वरिष्ठ नेता Raghav Chadha को राज्यसभा में डिप्टी लीडर के पद से हटा दिया गया है। इस फैसले के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर अपनी प्रतिक्रिया दी है, जो अब चर्चा का विषय बना हुआ है। राघव चड्ढा ने वीडियो के साथ कुछ इमोजी भी पोस्ट किए, जिससे लोगों के बीच अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। हालांकि, उन्होंने सीधे तौर पर ज्यादा कुछ नहीं कहा, लेकिन उनका अंदाज काफी कुछ बयान करता नजर आया। पार्टी या आधिकारिक तौर पर इस फैसले के पीछे की वजह साफ नहीं की गई है, जिससे राजनीतिक हलकों में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। कुछ लोग इसे पार्टी के अंदरूनी बदलाव से जोड़कर देख रहे हैं। राघव चड्ढा, जो पार्टी के प्रमुख चेहरों में से एक माने जाते हैं, को इस पद से हटाए जाने के बाद अब आगे की रणनीति को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। फिलहाल सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाले समय में पार्टी इस फैसले को लेकर क्या स्पष्टता देती है और राघव चड्ढा की भूमिका में क्या बदलाव देखने को मिल सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
West Bengal में 7 चुनाव पर्यवेक्षक बंधक, सुप्रीम कोर्ट ने जताई नाराजगी

West Bengal में 7 चुनाव पर्यवेक्षक बंधक, सुप्रीम कोर्ट ने जताई नाराजगी

West Bengal से एक चिंताजनक खबर सामने आई है, जहां 7 चुनाव पर्यवेक्षकों (इलेक्शन ऑब्जर्वर्स) को कथित तौर पर बंधक बना लिया गया। इस घटना पर Supreme Court of India ने सख्त नाराजगी जताई है। कोर्ट ने कहा कि इन अधिकारियों को न तो सही तरीके से खाना-पानी मिला और न ही वे राज्य के होम सेक्रेटरी या डीजीपी से संपर्क कर पाए। यह स्थिति बेहद गंभीर मानी जा रही है, क्योंकि चुनाव के दौरान पर्यवेक्षकों की सुरक्षा बेहद जरूरी होती है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य प्रशासन से जवाब मांगा है। कोर्ट ने यह भी कहा कि इस तरह की घटनाएं लोकतंत्र के लिए खतरा बन सकती हैं और इन्हें बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। स्थानीय लोगों के बीच भी इस घटना को लेकर चिंता है। सभी की यही मांग है कि जल्द से जल्द पर्यवेक्षकों को सुरक्षित बाहर निकाला जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि ऐसे हालात दोबारा न बनें। हर खबर, हर पल, देश हरपल पर !
Read more
1 110 111 112 113 114 216

Editor's Picks

Sugar

Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.