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Monsoon

Monsoon Alert: MP में 3 दिन से लगातार बारिश, Mumbai में Landslide; Bihar में बिजली से मौतें

देश के कई हिस्सों में मानसून (Monsoon) इस समय जमकर बरस रहा है। मध्य प्रदेश में लगातार तीसरे दिन बारिश का दौर जारी है और कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। वहीं मुंबई में भारी बारिश के बीच लैंडस्लाइड की घटना ने चिंता बढ़ा दी है। दूसरी ओर बिहार में आकाशीय बिजली गिरने से कई लोगों की जान चली गई। लगातार बिगड़ते मौसम ने प्रशासन के साथ-साथ आम लोगों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। MP में लगातार बारिश, कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात मध्य प्रदेश में पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही है। भोपाल समेत प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भर गया है। सड़कों पर जलजमाव से यातायात प्रभावित हुआ है, जबकि कई जगहों पर लोगों को रोजमर्रा के काम में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भोपाल में बारिश का असर सरकारी दफ्तरों और पुलिस थानों तक भी पहुंच गया। ईंटखेड़ी थाना परिसर में पानी भरने के बाद पुलिसकर्मियों को रिकॉर्ड और जरूरी सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जाना पड़ा। लगातार बारिश को देखते हुए स्थानीय प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। Mumbai में Landslide से मचा हड़कंप मुंबई में भारी बारिश के बीच लैंडस्लाइड की घटना सामने आई। कुर्ला इलाके में मलबा गिरने के बाद मौके पर राहत और बचाव अभियान चलाया गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मुंबई में लगातार हो रही बारिश के कारण कई निचले इलाकों में पानी भरने की समस्या सामने आई है। मौसम विभाग ने भी शहर में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। ऐसे में लोगों को जलभराव और भूस्खलन संभावित इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई है। Bihar में आकाशीय बिजली बनी जानलेवा बिहार में भी बारिश के साथ आकाशीय बिजली लोगों के लिए खतरा बन रही है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बिजली गिरने की घटनाओं में कई लोगों की मौत हुई है। इन घटनाओं के बाद प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। आकाशीय बिजली के खतरे को देखते हुए लोगों से कहा गया है कि बारिश और गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, खेत या पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें। प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों को नियमानुसार आर्थिक सहायता देने की प्रक्रिया भी की जा रही है। कई राज्यों में Monsoon का असर मानसून की सक्रियता के कारण देश के कई राज्यों में भारी बारिश का दौर चल रहा है। मध्य प्रदेश में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात, मुंबई में लैंडस्लाइड और बिहार में बिजली गिरने की घटनाओं ने मौसम की गंभीरता को सामने ला दिया है। मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए लोगों को जरूरी होने पर ही घर से निकलने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। खासकर नदी-नालों, निचले इलाकों और भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी है। कुल मिलाकर, देश के कई हिस्सों में मानसून ने अपना असर तेज कर दिया है। एक तरफ बारिश गर्मी से राहत दे रही है, तो दूसरी तरफ लगातार तेज बारिश अब कई इलाकों में परेशानी और खतरे का कारण भी बन रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sonia Gandhi

Manmohan Singh की Legacy पर Sonia Gandhi बोलीं- इतिहास ईमानदारी और काम को याद रखेगा

पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को लेकर कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी (Sonia Gandhi)ने एक बार फिर खुलकर अपनी बात रखी है। सोनिया गांधी ने कहा कि मनमोहन सिंह भले ही अपने शांत और सहज स्वभाव के लिए जाने जाते थे, लेकिन देश की राजनीति और अर्थव्यवस्था पर उनका प्रभाव बेहद गहरा था। उनका मानना है कि आने वाले समय में इतिहास मनमोहन सिंह को एक ईमानदार और बेहद प्रभावशाली प्रधानमंत्री के तौर पर याद करेगा। सोनिया गांधी ने यह टिप्पणी सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के बाद की है, जिसमें कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में डॉ. मनमोहन सिंह के खिलाफ चल रही कार्यवाही को बंद करने का रास्ता साफ हुआ। 29 जुलाई 2026 के फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने CBI की क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार किया और 2015 में विशेष अदालत की ओर से लिए गए संज्ञान से जुड़े आदेश को भी रद्द कर दिया। Coal case में मिली राहत को सोनिया ने बताया अहम पड़ाव सोनिया गांधी ने अपने लेख में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को मनमोहन सिंह की सार्वजनिक छवि के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इस मामले में लंबे समय तक पूर्व प्रधानमंत्री की ईमानदारी और उनकी भूमिका पर सवाल उठाए गए, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इस पूरे प्रकरण को नए नजरिए से देखने की जरूरत है। सोनिया के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने CBI की क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार करने के साथ निचली अदालत की उन टिप्पणियों पर भी सवाल उठाए, जिनके लिए पर्याप्त ठोस आधार नहीं था। ‘शांत, सरल लेकिन बेहद प्रभावशाली PM’ सोनिया गांधी ने मनमोहन सिंह के व्यक्तित्व का जिक्र करते हुए उन्हें शांत और सौम्य नेता बताया। उनके अनुसार, सिंह ने प्रधानमंत्री के रूप में दस वर्षों तक देश का नेतृत्व किया और उनकी सरकार के दौरान आर्थिक विकास तथा कई सामाजिक योजनाओं पर काम हुआ। सोनिया ने यह भी कहा कि मनमोहन सिंह की सबसे बड़ी ताकत उनकी व्यक्तिगत ईमानदारी और सार्वजनिक जीवन में उनकी विश्वसनीयता थी। उनके मुताबिक, समय बीतने के साथ उनके काम और योगदान का मूल्यांकन राजनीतिक आरोपों से अलग होकर किया जाएगा। BJP सरकार पर भी सोनिया गांधी का निशाना मनमोहन सिंह की विरासत की चर्चा करते हुए सोनिया गांधी ने मौजूदा नरेंद्र मोदी सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने जांच एजेंसियों के इस्तेमाल को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं के खिलाफ CBI और ED जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जाता है। यह सोनिया गांधी का राजनीतिक आरोप है। BJP की ओर से इन आरोपों पर अलग-अलग मौकों पर विरोध जताया जाता रहा है। आर्थिक सुधारों में मनमोहन सिंह की बड़ी भूमिका मनमोहन सिंह का नाम भारत के आर्थिक इतिहास में खास तौर पर 1991 के आर्थिक सुधारों से जुड़ा रहा है। उस समय वित्त मंत्री के रूप में उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिम्हा राव की सरकार के साथ मिलकर आर्थिक सुधारों को आगे बढ़ाया। बाद में 2004 में वे देश के प्रधानमंत्री बने और लगातार दो कार्यकाल तक इस पद पर रहे। उनके प्रधानमंत्री कार्यकाल में RTI, ग्रामीण रोजगार और कई सामाजिक क्षेत्र की योजनाओं को लेकर बड़े फैसले हुए। फिर चर्चा में आई मनमोहन सिंह की Legacy मनमोहन सिंह के निधन के बाद भी उनकी राजनीतिक विरासत को लेकर देश में बहस जारी रही है। समर्थक उनकी आर्थिक समझ, सादगी और व्यक्तिगत ईमानदारी को उनकी सबसे बड़ी पहचान मानते हैं, जबकि आलोचक उनकी सरकार के दौरान सामने आए विवादों और राजनीतिक फैसलों पर सवाल उठाते रहे हैं। अब कोयला मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सोनिया गांधी की टिप्पणी ने एक बार फिर मनमोहन सिंह की Legacy को राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है। सोनिया गांधी का कहना है कि समय के साथ मनमोहन सिंह के खिलाफ लगाए गए आरोपों से ज्यादा उनके लंबे सार्वजनिक जीवन, काम और ईमानदारी को याद किया जाएगा। यही वजह है कि उनके बयान के बाद एक बार फिर यह सवाल चर्चा में है कि भारतीय राजनीति और इतिहास में मनमोहन सिंह की भूमिका को आने वाली पीढ़ियां किस नजरिए से देखेंगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Suvendu Adhikari

West Bengal में बड़ा अपडेट! Suvendu Adhikari के Helicopter की Emergency Landing

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) को लेकर जा रहे हेलिकॉप्टर की मंगलवार को कोलाघाट में अचानक Emergency Landing करानी पड़ी। हेलिकॉप्टर के रास्ते में मौसम खराब होने के बाद पायलट ने उड़ान जारी रखने के बजाय एहतियातन उसे सुरक्षित जगह पर उतारने का फैसला किया। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी दमदम से केशपुर के लिए हेलिकॉप्टर से रवाना हुए थे। उन्हें पश्चिम मेदिनीपुर के केशपुर में स्वतंत्रता सेनानी खुदीराम बोस को श्रद्धांजलि देने से जुड़े कार्यक्रम में शामिल होना था। इसी दौरान मौसम ने अचानक करवट ली और उड़ान में परेशानी की स्थिति बनी। कोलाघाट में खुले मैदान में हुई Precautionary Landing खराब मौसम को देखते हुए पायलट ने जोखिम लेने के बजाय हेलिकॉप्टर को पूर्व मेदिनीपुर के कोलाघाट में एक खुले मैदान में उतार दिया। इसे एहतियाती लैंडिंग बताया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस घटना में मुख्यमंत्री या हेलिकॉप्टर में सवार किसी व्यक्ति के घायल होने की खबर नहीं है। हेलिकॉप्टर की लैंडिंग के बाद कुछ देर के लिए मुख्यमंत्री का कार्यक्रम प्रभावित हुआ, लेकिन यात्रा पूरी तरह नहीं रुकी। सुवेंदु अधिकारी ने इसके बाद सड़क मार्ग से केशपुर के लिए अपनी यात्रा जारी रखी और निर्धारित कार्यक्रम में पहुंचने की कोशिश की। मौसम बना परेशानी की मुख्य वजह इस घटना में सबसे अहम बात मौसम की स्थिति रही। रिपोर्टों के मुताबिक, इलाके में inclement weather यानी खराब मौसम के कारण पायलट ने हेलिकॉप्टर को आगे ले जाना सुरक्षित नहीं समझा। ऐसे हालात में उड़ान को रोककर सुरक्षित स्थान पर लैंडिंग करना एहतियाती कदम माना जाता है। घटना के बाद मुख्यमंत्री के हेलिकॉप्टर की Emergency Landing की खबर तेजी से सामने आई। हालांकि, शुरुआती जानकारी से साफ है कि यह किसी बड़े हादसे के बजाय खराब मौसम के कारण की गई precautionary landing थी। मुख्यमंत्री सुरक्षित रहे और उन्होंने सड़क मार्ग से अपनी आगे की यात्रा जारी रखी। क्यों महत्वपूर्ण है यह खबर? मानसून के दौरान पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में मौसम तेजी से बदल रहा है। ऐसे में हेलिकॉप्टर उड़ानों के लिए मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखना जरूरी होता है। कोलाघाट में हुई यह लैंडिंग भी इसी तरह के एहतियाती फैसले का उदाहरण है, जहां पायलट ने परिस्थिति को देखते हुए उड़ान जारी रखने के बजाय सुरक्षित लैंडिंग को प्राथमिकता दी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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SIR

West Bengal SIR विवाद में Supreme Court का सख्त रुख, ECI से मांगा अपीलों का पूरा डेटा

पश्चिम बंगाल में SIR (Special Intensive Revision) को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है। मंगलवार को मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने चुनाव आयोग यानी ECI से SIR से जुड़ी अपीलों और उनके निपटारे की स्थिति पर जानकारी मांगी। कोर्ट का रुख इस बात का संकेत है कि मतदाता सूची से जुड़े मामलों को लेकर अदालत पूरी प्रक्रिया पर बारीकी से नजर रख रही है। यह मामला कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी की याचिका से जुड़ा है। याचिका में SIR प्रक्रिया के दौरान प्रभावित मतदाताओं की ओर से दाखिल की गई अपीलों के जल्द निपटारे की मांग की गई है। Supreme Court ने ECI से क्या जानकारी मांगी? सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से पूछा कि SIR के दौरान मतदाता सूची से जुड़े कितने मामलों में अपील दाखिल की गई, उनमें से कितने मामलों का फैसला हो चुका है और कितने अभी लंबित हैं। अदालत का फोकस इस बात पर है कि जिन लोगों ने मतदाता सूची में अपने नाम को लेकर आपत्ति या दावा पेश किया है, उनकी अपीलों पर कार्रवाई किस स्थिति में है। इससे यह भी पता चलेगा कि अपीलीय स्तर पर मामलों का निपटारा किस गति से हो रहा है। क्या है Bengal SIR विवाद? Special Intensive Revision यानी SIR का उद्देश्य मतदाता सूची की गहन जांच और उसे अपडेट करना है। इस प्रक्रिया में मतदाताओं की जानकारी का सत्यापन किया जाता है, ताकि पात्र लोगों के नाम सूची में बने रहें और गलत या अपात्र प्रविष्टियों को हटाया जा सके। हालांकि, पश्चिम बंगाल में SIR को लेकर राजनीतिक विवाद भी काफी बढ़ गया है। विपक्षी दलों की ओर से लगातार सवाल उठाए गए हैं कि प्रक्रिया के दौरान वास्तविक मतदाताओं के नाम प्रभावित न हों। दूसरी तरफ चुनाव आयोग का कहना है कि मतदाता सूची को सही और अपडेट रखना चुनावी प्रक्रिया का जरूरी हिस्सा है। अपील करने वाले मतदाताओं के लिए मामला अहम SIR प्रक्रिया में जिन मतदाताओं के नाम या विवरण को लेकर आपत्ति सामने आती है, उनके लिए अपील की प्रक्रिया महत्वपूर्ण है। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्ति को अपनी स्थिति स्पष्ट करने का अवसर मिलता है। इसी वजह से सुप्रीम कोर्ट में अब यह सवाल अहम हो गया है कि दाखिल की गई अपीलों पर कितनी तेजी से फैसला हो रहा है। अदालत द्वारा ECI से डेटा मांगे जाने के बाद अब आयोग को मामलों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करनी होगी। अधीर रंजन चौधरी की याचिका क्यों महत्वपूर्ण? कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर SIR से जुड़े मामलों की अपीलों के निपटारे की मांग की है। उनका तर्क है कि मतदाता सूची से जुड़े मामलों में समय पर फैसला होना जरूरी है, क्योंकि इसका सीधा संबंध लोगों के मतदान के अधिकार से है। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल अपीलीय ट्रिब्यूनलों के लिए कोई निश्चित समय-सीमा तय नहीं की है। हालांकि, अदालत ने मामलों के निपटारे से जुड़ा डेटा मांगकर यह साफ कर दिया है कि वह पूरी प्रक्रिया की स्थिति जानना चाहती है। अब ECI के जवाब पर नजर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद अब चुनाव आयोग के जवाब का इंतजार है। आयोग की ओर से पेश किए जाने वाले आंकड़ों से यह स्पष्ट हो सकता है कि SIR से जुड़ी कितनी अपीलें सामने आईं, कितनों पर फैसला हो चुका है और कितने मामले अभी बाकी हैं। Bengal SIR Latest Update: पश्चिम बंगाल की वोटर लिस्ट को लेकर चल रहे विवाद में सुप्रीम कोर्ट की यह सुनवाई इसलिए अहम है, क्योंकि अब चर्चा केवल SIR की प्रक्रिया तक सीमित नहीं है, बल्कि उससे जुड़े मामलों की सुनवाई और अपीलों के निपटारे पर भी अदालत की नजर है। आने वाली सुनवाई में ECI का जवाब इस मामले की अगली दिशा तय करने में महत्वपूर्ण हो सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Monsoon

Monsoon का कहर! MP समेत 6 राज्यों में लगातार बारिश, UP में 25 मकान पानी में डूबे

देश के कई राज्यों में मानसून (Monsoon) की बारिश अब लोगों के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान समेत कई राज्यों में पिछले 24 घंटे से बारिश का दौर जारी है। लगातार बरसात के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ गया है, निचले इलाकों में पानी भर रहा है और कई जगहों पर सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने भी आने वाले दिनों में कुछ राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। MP में लगातार बारिश से बढ़ी परेशानी मध्य प्रदेश में बारिश का असर कई जिलों में दिखाई दे रहा है। भोपाल, विदिशा, रायसेन, मंडला और डिंडौरी समेत कई इलाकों में तेज बारिश के बाद नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है। कुछ जगहों पर सड़कें पानी में डूबने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। भोपाल में भी लगातार बारिश के चलते कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी। प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों पर नजर रख रही हैं। नदी और नालों के आसपास रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मंडला और डिंडौरी क्षेत्र में तेज बारिश का असर खास तौर पर देखने को मिला है। नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। UP में गंगा का जलस्तर बढ़ा, कई मकानों पर संकट उत्तर प्रदेश में भी लगातार बारिश के कारण हालात चिंताजनक बने हुए हैं। गंगा का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे बसे इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। कई निचले इलाकों में पानी पहुंचने के बाद लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण करीब 25 मकानों के पानी की चपेट में आने की बात सामने आई है। स्थानीय स्तर पर राहत और बचाव की तैयारियां तेज की गई हैं। प्रशासन लोगों से नदी के आसपास जाने से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील कर रहा है। Rajasthan में 12 इंच तक बारिश, बांधों पर बढ़ा दबाव राजस्थान में मानसून इस समय काफी सक्रिय है। राज्य के कई जिलों में जोरदार बारिश दर्ज की गई है। कुछ इलाकों में करीब 12 इंच तक बारिश होने से सड़कों और निचले क्षेत्रों में पानी भर गया। हाड़ौती क्षेत्र में बारिश का असर ज्यादा दिखाई दे रहा है। झालावाड़, बारां, बूंदी और कोटा समेत आसपास के इलाकों में भारी बारिश के बाद बांधों और जलाशयों का जलस्तर बढ़ गया है। कई जगह पानी की निकासी के लिए बांधों के गेट खोलने पड़े हैं। भारी बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खेतों में पानी भरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है, जबकि कई रास्तों पर पानी आने से आवागमन प्रभावित हुआ है। किन राज्यों में बारिश का अलर्ट? मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के अलावा देश के कई अन्य हिस्सों में भी बारिश की संभावना जताई है। उत्तर भारत से लेकर मध्य और पश्चिमी भारत तक मानसून सक्रिय रहने के आसार हैं। कई इलाकों में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं और बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है। नदियों और बांधों पर प्रशासन की नजर लगातार बारिश के बीच प्रशासन की सबसे बड़ी चिंता नदियों और बांधों का बढ़ता जलस्तर है। जलस्तर बढ़ने के साथ निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। स्थानीय प्रशासन और राहत दल संवेदनशील इलाकों पर नजर बनाए हुए हैं। लोगों से अपील की जा रही है कि वे उफनती नदियों, नालों और तेज बहाव वाले रास्तों को पार करने की कोशिश न करें। अगले कुछ दिन भी अहम मानसून की मौजूदा स्थिति को देखते हुए अगले कुछ दिन कई राज्यों के लिए अहम रहने वाले हैं। लगातार बारिश जहां किसानों के लिए राहत लेकर आई है, वहीं अत्यधिक बारिश ने कई इलाकों में बाढ़ और जलभराव का खतरा बढ़ा दिया है। फिलहाल लोगों को सलाह है कि बिना जरूरत घर से बाहर निकलने से बचें और अपने इलाके की स्थानीय Weather Alert को नजरअंदाज न करें। खासकर नदी और निचले इलाकों में रहने वाले लोग प्रशासन की अपील को गंभीरता से लें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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JSSC-CGL

JSSC-CGL Paper Leak Case: 15 अभ्यर्थियों से करोड़ों की डील? CID जांच में चौंकाने वाले दावे

झारखंड में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के बीच JSSC-CGL को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ गई है। परीक्षा में कथित पेपर लीक और गड़बड़ी की जांच कर रही CID को गिरफ्तार किए गए अभय तिवारी से पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिलने का दावा किया गया है। जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, परीक्षा से पहले कुछ अभ्यर्थियों को सवाल-जवाब उपलब्ध कराने के बदले मोटी रकम लिए जाने की बात सामने आई है। इस पूरे मामले ने उन हजारों छात्रों की चिंता बढ़ा दी है, जो महीनों और वर्षों की मेहनत के बाद सरकारी भर्ती परीक्षाओं में शामिल होते हैं। 15 अभ्यर्थियों से 12-12 लाख रुपये लेने का दावा CID की पूछताछ से सामने आई जानकारी के मुताबिक, बोकारो में करीब 15 अभ्यर्थियों से कथित तौर पर 12-12 लाख रुपये लिए गए थे। इस हिसाब से रकम लगभग 1.80 करोड़ रुपये बताई जा रही है। जांच में यह भी दावा किया गया है कि इन अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले करीब 65 सवाल और उनके जवाब उपलब्ध कराए गए थे। कथित तौर पर उम्मीदवारों को इन्हें याद कराया गया, ताकि परीक्षा के दौरान उन्हें सीधा फायदा मिल सके। हालांकि, इन दावों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पेपर लीक की जांच में एजेंसियों की भूमिका पर भी नजर मामला सामने आने के बाद CID की जांच अब केवल अभय तिवारी तक सीमित नहीं है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा से जुड़े सवाल या सामग्री बाहर कैसे पहुंची और इसमें किन लोगों की भूमिका रही। JSSC-CGL की परीक्षा प्रक्रिया में अलग-अलग एजेंसियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारियां थीं। ऐसे में जांच का एक अहम हिस्सा यह भी है कि परीक्षा से जुड़े संवेदनशील काम तक किन लोगों की पहुंच थी। CID कथित नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने के साथ-साथ पैसों के लेन-देन की भी जानकारी जुटा रही है। अभय तिवारी पर पहले से भी उठते रहे हैं सवाल अभय तिवारी की गिरफ्तारी के बाद उसकी शैक्षणिक और प्रतियोगी परीक्षा से जुड़ी पृष्ठभूमि भी जांच के केंद्र में आ गई है। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि उसने खुद भी कई प्रतियोगी परीक्षाएं पास की थीं। JSSC-CGL में उसकी रैंक और उसके परिवार के कुछ सदस्यों के चयन को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। CID इन सभी पहलुओं को जांच का हिस्सा बनाकर जानकारी जुटा रही है। JPSC-JSSC विवाद के बीच बढ़ी छात्रों की बेचैनी झारखंड में पहले से ही JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों का गुस्सा देखने को मिल रहा है। छात्र संगठनों का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में बार-बार विवाद सामने आने से मेहनत करने वाले उम्मीदवारों का भरोसा कमजोर हो रहा है। कई अभ्यर्थी पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि अगर परीक्षा में किसी तरह की गड़बड़ी साबित होती है तो सरकार को प्रभावित उम्मीदवारों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए स्पष्ट फैसला लेना चाहिए। अब CID की जांच में किन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं? अभय तिवारी से पूछताछ के बाद जांच एजेंसी के सामने कई अहम सवाल हैं। मसलन, कथित तौर पर सवाल-जवाब कहां से मिले? इन्हें अभ्यर्थियों तक किसने पहुंचाया? कितने उम्मीदवारों को इसका फायदा मिला? और इस पूरे मामले में पैसों का लेन-देन किन लोगों के बीच हुआ? इन सवालों के जवाब मिलने के बाद ही कथित पेपर लीक के पूरे नेटवर्क की तस्वीर साफ हो पाएगी। फिलहाल CID की जांच जारी है। ऐसे में सामने आई जानकारियों को जांच में किए गए दावों के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। किसी भी आरोपी को अदालत से दोष सिद्ध होने से पहले दोषी नहीं माना जा सकता। छात्रों के लिए सबसे बड़ा सवाल JSSC-CGL जैसी परीक्षा सिर्फ एक एग्जाम नहीं होती। इसके पीछे हजारों युवाओं की मेहनत, समय और उम्मीद जुड़ी होती है। ऐसे में अगर परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप सामने आते हैं तो सबसे ज्यादा चिंता उन उम्मीदवारों को होती है, जिन्होंने पूरी ईमानदारी से परीक्षा दी है। अब सबकी नजर CID की अगली कार्रवाई और सरकार के फैसले पर है। जांच में अगर आरोप सही साबित होते हैं, तो यह झारखंड की भर्ती व्यवस्था के लिए बड़ा झटका होगा और परीक्षा की पारदर्शिता को लेकर कई गंभीर सवालों का जवाब देना पड़ेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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15 अगस्त

15 अगस्त से पहले Delhi High Alert! 19 मोस्ट वॉन्टेड आतंकियों के Posters से बढ़ी Security

स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले राजधानी दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। 15 अगस्त को लाल किले पर होने वाले कार्यक्रम को देखते हुए दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। इसी बीच पुलिस ने 19 मोस्ट वॉन्टेड आतंकियों के पोस्टर सार्वजनिक किए हैं। इन पोस्टरों के जरिए लोगों से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और किसी भी महत्वपूर्ण जानकारी को पुलिस तक पहुंचाने की अपील की गई है। रिपोर्टों के मुताबिक, पोस्टरों में इंडियन मुजाहिदीन, अल-कायदा और खालिस्तानी संगठनों से जुड़े वांटेड आरोपियों की जानकारी शामिल है। पुलिस का मकसद इन लोगों की पहचान से जुड़ी जानकारी को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना है। 15 अगस्त को लेकर Delhi में बढ़ाई गई Security स्वतंत्रता दिवस के मौके पर दिल्ली में बड़ी संख्या में लोग लाल किले और आसपास के इलाकों में पहुंचते हैं। इसे देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी है। लाल किले के अलावा रेलवे स्टेशन, बस अड्डे, बाजार, मेट्रो स्टेशन और अन्य भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। पुलिसकर्मियों की तैनाती बढ़ाने के साथ संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया गया है। 19 आतंकियों के Posters क्यों लगाए गए? सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर लगाने के पीछे पुलिस का एक अहम उद्देश्य आम लोगों को जागरूक करना है। अगर किसी व्यक्ति को पोस्टर में दिखाई गई तस्वीरों या जानकारी से संबंधित कोई विश्वसनीय सूचना मिलती है, तो वह उसे पुलिस तक पहुंचा सकता है। हालांकि, किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को खुद पकड़ने या उससे पूछताछ करने के बजाय पुलिस को सूचना देना ज्यादा सुरक्षित है। सुरक्षा एजेंसियां इसी तरह की सतर्कता को स्वतंत्रता दिवस से पहले महत्वपूर्ण मान रही हैं। Delhi Metro में भी Extra Checking स्वतंत्रता दिवस से पहले दिल्ली मेट्रो में भी सुरक्षा जांच बढ़ाई गई है। यात्रियों की अतिरिक्त जांच के कारण कुछ स्टेशनों पर सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा समय लग सकता है। ऐसे में यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे घर से थोड़ा पहले निकलें और स्टेशन पर सुरक्षा जांच के दौरान सुरक्षाकर्मियों का सहयोग करें। भीड़ को देखते हुए यात्रा के दौरान अतिरिक्त समय रखना परेशानी से बचा सकता है। Red Fort पर खास नजर 15 अगस्त का मुख्य कार्यक्रम लाल किले में होता है। प्रधानमंत्री यहां से देश को संबोधित करते हैं और स्वतंत्रता दिवस समारोह में बड़ी संख्या में गणमान्य लोग शामिल होते हैं। यही वजह है कि लाल किले और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा का स्तर काफी ऊंचा रखा जाता है। सुरक्षा एजेंसियां आयोजन स्थल के साथ-साथ आसपास के इलाकों पर भी नजर रख रही हैं, ताकि किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि पर समय रहते कार्रवाई की जा सके। लोगों से भी सतर्क रहने की अपील दिल्ली पुलिस की सुरक्षा तैयारियों के बीच आम लोगों की भूमिका भी अहम हो जाती है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी संदिग्ध वस्तु, व्यक्ति या गतिविधि को नजरअंदाज न करें और इसकी सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें। हालांकि, अफवाहों से बचना भी उतना ही जरूरी है। किसी व्यक्ति के बारे में केवल शक के आधार पर निष्कर्ष निकालने के बजाय सूचना को पुलिस तक पहुंचाना बेहतर है। 15 अगस्त को लेकर दिल्ली में कड़ी निगरानी स्वतंत्रता दिवस से पहले दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को कई स्तरों पर मजबूत किया गया है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के बीच Coordination बढ़ाया गया है और महत्वपूर्ण स्थानों पर निगरानी रखी जा रही है। 19 मोस्ट वॉन्टेड आतंकियों के Posters जारी होने और सुरक्षा जांच बढ़ने के बाद राजधानी में सतर्कता और बढ़ गई है। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियों की प्राथमिकता यही है कि 15 अगस्त का राष्ट्रीय समारोह शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न हो। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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NDA

Parliament में NDA vs Congress: Jharkhand Students के मुद्दे पर Rahul Gandhi घिरे

झारखंड में छात्रों का आंदोलन अब सिर्फ सड़कों तक सीमित नहीं रहा। छात्र अपनी मांगों को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं और इसी मुद्दे ने संसद में भी सियासी गर्मी बढ़ा दी है। मंगलवार को संसद परिसर में NDA और कांग्रेस सांसदों के बीच प्रदर्शन और बयानबाजी देखने को मिली। BJP ने राहुल गांधी को निशाने पर लेते हुए सवाल किया कि वह झारखंड क्यों नहीं गए, जबकि कांग्रेस की ओर से प्रियंका गांधी ने इसका जवाब दिया। मामला उस वक्त और गरमा गया जब NDA सांसदों ने संसद परिसर में मार्च किया। इस दौरान झारखंड के छात्र आंदोलन का मुद्दा उठाते हुए विपक्ष पर राजनीति करने के आरोप लगाए गए। BJP ने पूछा- राहुल गांधी झारखंड क्यों नहीं गए? संसद में प्रदर्शन के दौरान BJP सांसदों ने राहुल गांधी को लेकर सवाल खड़े किए। BJP नेताओं का कहना था कि अगर कांग्रेस वास्तव में झारखंड के छात्रों की मांगों के साथ खड़ी है, तो राहुल गांधी को खुद छात्रों के बीच जाकर उनकी बात सुननी चाहिए। BJP की ओर से यह भी आरोप लगाया गया कि कांग्रेस अलग-अलग राज्यों में छात्र आंदोलनों को लेकर अलग-अलग रवैया अपनाती है। पार्टी नेताओं ने झारखंड के छात्रों के मुद्दे को लेकर कांग्रेस की भूमिका पर सवाल उठाए। Priyanka Gandhi ने दिया सीधा जवाब BJP के सवालों पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने राहुल गांधी का बचाव किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी झारखंड के छात्रों से पहले ही मुलाकात कर चुके हैं। प्रियंका के इस बयान के बाद BJP के उस सवाल पर कांग्रेस का पक्ष सामने आ गया, जिसमें राहुल गांधी के झारखंड नहीं जाने को मुद्दा बनाया जा रहा था। कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी छात्रों के मुद्दे को लगातार उठा रहे हैं और उनके साथ हो रहे व्यवहार पर भी सवाल कर चुके हैं। Jharkhand में क्यों चल रहा है Student Protest? झारखंड में छात्रों और नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों का आंदोलन भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर चल रहा है। प्रदर्शनकारी परीक्षा प्रक्रिया में सुधार, कथित अनियमितताओं की जांच और अपनी अन्य मांगों को लेकर सरकार से जवाब चाहते हैं। कई दिनों से चल रहे इस आंदोलन के कारण राज्य में माहौल गर्म है। छात्रों की कोशिश है कि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से बातचीत करे और कोई ठोस समाधान निकाला जाए। विधानसभा मार्च के दौरान बढ़ा तनाव छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर विधानसभा की ओर मार्च करने की कोशिश की थी। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस की कार्रवाई के बाद मामला और ज्यादा राजनीतिक हो गया। विपक्ष ने पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार पर सवाल उठाए, जबकि सत्ता पक्ष की ओर से प्रदर्शन के तरीके और विपक्ष की भूमिका पर सवाल खड़े किए गए। संसद में आमने-सामने आए NDA और Congress झारखंड छात्र आंदोलन को लेकर अब राजनीतिक बयानबाजी तेज हो चुकी है। NDA सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन कर विपक्ष पर छात्रों के मुद्दे को राजनीतिक हथियार बनाने का आरोप लगाया। दूसरी ओर कांग्रेस का कहना है कि छात्रों की आवाज उठाना राजनीति नहीं, बल्कि उनकी समस्याओं को सामने लाना है। पार्टी लगातार सरकार से छात्रों की मांगों पर ध्यान देने की मांग कर रही है। आगे क्या होगा? झारखंड में छात्रों का आंदोलन जिस तरह लंबा खिंच रहा है, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और बड़ा हो सकता है। अब नजर सरकार और छात्रों के बीच होने वाली बातचीत पर है। सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि कौन-सी पार्टी किस पर आरोप लगा रही है। असली मुद्दा उन हजारों छात्रों का है जो भर्ती परीक्षाओं और नौकरी की तैयारी में अपना समय और मेहनत लगा रहे हैं। छात्रों की मांगों का समाधान बातचीत और पारदर्शी प्रक्रिया से निकलता है या फिर आंदोलन आगे बढ़ता है, यह आने वाले दिनों में साफ होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Jantar Mantar Lathicharge मामले पर संसद में जवाब देंगे रिजिजू

Jantar Mantar Lathicharge मामले पर संसद में जवाब देंगे रिजिजू

Jantar Mantar Lathicharge के मामले को लेकर संसद में सियासी माहौल गर्म है। विपक्ष इस मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री के बयान की मांग कर रहा है। वहीं, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि सरकार इस मामले पर संसद में जवाब देगी, लेकिन विपक्ष को भी सरकार का पक्ष सुनना पड़ेगा। रिजिजू ने कहा कि संसद में केवल अपनी बात रखने से काम नहीं चलेगा। विपक्ष को सरकार की बात भी सुननी होगी। उन्होंने साफ कहा कि सरकार चर्चा से भागने वाली नहीं है और सदन में उठाए जा रहे मुद्दों का जवाब दिया जाएगा। विपक्ष गृह मंत्री के बयान पर अड़ा जंतर-मंतर पर हुए लाठीचार्ज के मामले को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर सवाल उठा रहा है। विपक्ष की मांग है कि केंद्रीय गृह मंत्री संसद में इस मामले पर बयान दें और पूरे घटनाक्रम की जानकारी सदन के सामने रखें। विपक्ष का कहना है कि जंतर-मंतर जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर हुई घटना को लेकर सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। इसी मांग को लेकर संसद में हंगामे की स्थिति भी देखने को मिली। रिजिजू बोले- विपक्ष को सुनना पड़ेगा किरेन रिजिजू ने विपक्ष के रुख पर कहा कि सरकार संसद में जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि विपक्ष अपनी बात रख सकता है, लेकिन उसे सरकार की बात भी सुननी होगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि संसद में चर्चा लोकतांत्रिक तरीके से होनी चाहिए। केवल आरोप लगाने के बजाय दोनों पक्षों को एक-दूसरे की बात सुननी चाहिए। संसद में आगे बढ़ सकता है मामला जंतर-मंतर लाठीचार्ज मामले को लेकर आने वाले दिनों में संसद में राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है। विपक्ष जहां सरकार से जवाब मांग रहा है, वहीं सरकार भी अपना पक्ष सदन में रखने की तैयारी में है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि संसद में सरकार इस मामले पर क्या जवाब देती है और विपक्ष की ओर से उस पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Jharkhand विधानसभा के बाहर छात्रों का प्रदर्शन

Jharkhand विधानसभा के बाहर छात्रों का प्रदर्शन

Jharkhand विधानसभा के बाहर सोमवार को छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में छात्र विधानसभा की ओर बढ़े। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्र कंटीले तारों वाली बैरिकेडिंग पर चढ़ गए। वहीं, पुलिस की ओर से चलाए गए वाटर कैनन के बीच कुछ छात्रों ने डांस करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान मौके पर काफी देर तक गहमागहमी का माहौल बना रहा। प्रदर्शन में देवेंद्रनाथ भी शामिल हुए, जो पिछले 9 दिनों से अपनी मांगों को लेकर अनशन पर बैठे हैं। लगातार अनशन के बावजूद उनके प्रदर्शन में शामिल होने से छात्रों में भी उत्साह देखने को मिला। छात्रों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाता, तब तक वे अपना आंदोलन जारी रखेंगे। विधानसभा के बाहर प्रदर्शन के चलते सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई थी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को विधानसभा परिसर की ओर बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी। इसके बावजूद छात्रों ने अपनी आवाज बुलंद करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों का जोश और उनके अनोखे तरीके से विरोध करने का अंदाज लोगों के बीच चर्चा का विषय रहा। अब देखना होगा कि सरकार छात्रों की मांगों पर क्या कदम उठाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sugar

Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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