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NDA Women Cadets

NDA Women Cadets: NDA की 148वीं कोर्स में पहली बार 17 महिला कैडेट्स ने की ग्रेजुएशन पूरी, देश को मिली ‘शक्ति की नई टुकड़ी’

NDA Women Cadets, NDA Graduation 2025, NDA Passing Out Parade भारत की रक्षा सेवाओं के इतिहास में 29 मई 2025 का दिन स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया। नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) से पहली बार 17 महिला कैडेट्स ने स्नातक की पढ़ाई पूरी कर ली है। अब ये युवा कैडेट्स पुरुष साथियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर देश की तीनों सेनाओं—थल, जल और वायु—में अपनी सेवा देने को तैयार हैं। पुणे स्थित एनडीए कैंपस में आयोजित दीक्षांत समारोह में इन 17 महिला कैडेट्स के साथ 300 से अधिक पुरुष कैडेट्स को भी डिग्री प्रदान की गई। अब 30 मई 2025 को पासिंग आउट परेड (POP) का आयोजन होगा, जिसमें ये सभी कैडेट्स औपचारिक रूप से भारतीय रक्षा सेवाओं का हिस्सा बन जाएंगे। मुख्य अतिथि ने दी प्रेरणा, महिलाओं को बताया ‘परिवर्तन की मशाल’ इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्य अतिथि रहीं प्रो. पूनम टंडन, जो दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति हैं। उन्होंने महिला कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा: “आप केवल अपनी सफलता का जश्न नहीं मना रहीं, बल्कि आपने देश की लाखों बेटियों को आगे बढ़ने का साहस दिया है। आप परिवर्तन, साहस और क्षमता की प्रतीक हैं।” उन्होंने एनडीए की ऐतिहासिक भूमिका को सराहते हुए कहा कि यह संस्थान अब तक 40,000 से अधिक सैन्य अफसरों को तैयार कर चुका है, जिन्होंने युद्ध और शांति दोनों में भारत का नाम ऊंचा किया। ये बने टॉपर्स, जिन पर देश को है गर्व इस दीक्षांत समारोह में विभिन्न स्ट्रीम्स में अव्वल आने वाले कैडेट्स ने भी सुर्खियां बटोरीं: महिलाओं के लिए NDA के दरवाजे कब खुले? साल 2021 में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद यूपीएससी (UPSC) ने पहली बार महिलाओं को एनडीए में प्रवेश की अनुमति दी थी। 2022 में महिला कैडेट्स का पहला बैच एनडीए में शामिल हुआ, जिसने दो साल की कठिन और अनुशासित ट्रेनिंग पूरी कर ली है। एक बदलाव की शुरुआत: अब कोई भी सपना छोटा नहीं इन 17 महिला कैडेट्स की ये उपलब्धि केवल एक अकादमिक डिग्री तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक सामाजिक क्रांति का संकेत है। उन्होंने यह साबित कर दिया कि अब लड़कियों के लिए कोई भी क्षेत्र वर्जित नहीं है—चाहे वो युद्ध का मैदान हो या कमांड की कुर्सी। पासिंग आउट परेड की तैयारी जोरों पर अब सबकी नजरें 30 मई को होने वाली पासिंग आउट परेड (POP) पर टिकी हैं, जहां पहली बार महिला कैडेट्स पूरी यूनिफॉर्म में मार्च करती नज़र आएंगी। ये दृश्य केवल गौरव का नहीं, बल्कि बदलाव की गूंज भी होगी। एनडीए की ये 17 बेटियां न सिर्फ देश का गौरव हैं, बल्कि हर उस लड़की की प्रेरणा हैं जो बड़े सपने देखती है। यह बदलाव की शुरुआत है, और अब पीछे मुड़कर देखने का वक्त नहीं।
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Shashi Tharoor का बयान: अब दूसरा गाल नहीं दिखाएगा भारत

Shashi Tharoor का बयान: अब दूसरा गाल नहीं दिखाएगा भारत

Shashi Tharoor – हर हमले का देगा जवाब; रक्षा मंत्री बोले- PoK के लोग खुद लौटेंगे देश में लोकसभा चुनाव 2024 के आखिरी चरण से पहले नेताओं के तीखे बयान सामने आ रहे हैं। कांग्रेस नेता Shashi Tharoor और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह दोनों ने अपने-अपने अंदाज़ में पाकिस्तान और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर बड़ा बयान दिया है। कांग्रेस सांसद Shashi Tharoor ने कहा कि महात्मा गांधी के आदर्शों का सम्मान करते हुए भारत ने लंबे समय तक शांति की राह पकड़ी। लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। “ये गांधी का देश है, लेकिन अब अगर कोई हमला करेगा तो भारत चुप नहीं बैठेगा। हम हर हमले का जवाब देंगे। अब दूसरा गाल आगे करने का वक्त नहीं है,” थरूर ने कहा। थरूर का यह बयान भारत की बदली हुई विदेश नीति और आत्मरक्षा के सख्त रुख की ओर इशारा करता है। दूसरी तरफ, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि वो दिन दूर नहीं जब वहां के लोग खुद भारत में वापस आने की बात करेंगे। “हम PoK को हथियार के बल पर नहीं लाना चाहते, लेकिन वहां के लोगों के मन में भारत के लिए जो अपनापन है, वो खुद उन्हें वापसी के रास्ते पर लाएगा,” राजनाथ सिंह ने कहा। इन बयानों में एक तरफ जहां शशि थरूर ने देश की सुरक्षा नीति में आत्मसम्मान और जवाबदेही की भावना दिखाई, वहीं राजनाथ सिंह ने PoK के आम लोगों से भावनात्मक जुड़ाव की बात की। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Shashi Tharoor

Shashi Tharoor का LoC Remark पर Congress vs Congress विवाद

कांग्रेस (Congress) के वरिष्ठ नेता और सांसद शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने हाल ही में नियंत्रण रेखा (LoC) पर दिए अपने बयान को लेकर पार्टी के अंदर और बाहर दोनों जगह विवाद खड़ा कर दिया है। पनामा में एक कार्यक्रम में थरूर ने कहा कि भारत ने पहली बार 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक (Surgical Strike) के दौरान LoC पार किया था। उदित राज (Udit Raj) ने की Shashi Tharoor की आलोचना थरूर के बयान पर कांग्रेस के साथी नेता उदित राज (Udit Raj) ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भारत ने 1965 और 1971 के युद्धों में भी LoC पार किया था और यूपीए सरकार के दौरान भी सर्जिकल स्ट्राइक हुई थीं। उदित राज का मानना है कि थरूर का बयान पार्टी की सैन्य विरासत को कमजोर करता है। शशि थरूर का जवाब और आलोचकों पर तीखा प्रहार Shashi Tharoor ने स्पष्ट किया कि उनका बयान आतंकवादियों के खिलाफ की गई सैन्य कार्रवाईयों तक सीमित था, न कि पूरे युद्ध के दौरान की गई कार्रवाइयों पर। उन्होंने अपने आलोचकों को “zealots” बताया और कहा, “मेरे पास बेहतर काम हैं।” कांग्रेस पार्टी के अंदर बढ़ते मतभेद यह विवाद कांग्रेस पार्टी के अंदर चल रहे मतभेदों को और गहरा करता दिख रहा है। थरूर ने संकेत दिया है कि पार्टी में उनकी भूमिका कम होती जा रही है और यदि जरूरत न पड़ी तो उनके पास लेखन, अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों और सार्वजनिक भाषणों जैसे अन्य विकल्प मौजूद हैं। बीजेपी ने इस मौके का फायदा उठाते हुए कांग्रेस के आंतरिक झगड़े पर तंज कसा और इसे राजनीतिक हताशा बताया। यह घटना कांग्रेस की अंदरूनी कमज़ोरियों और नेतृत्व में मतभेदों को उजागर करती है, जो आगामी चुनावों में पार्टी के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Prime Minister Narendra Modi Couldn't Visit Sikkim Due to Bad Weather

Prime Minister Narendra Modi Couldn’t Visit Sikkim Due to Bad Weather

मौसम बना बाधा, लेकिन जुड़ाव रहा बरक़रार Prime Minister Narendra Modi खराब मौसम के कारण सिक्किम के दौरे पर नहीं जा सके, लेकिन उन्होंने वहां के लोगों से दिल से जुड़ाव दिखाया। उन्होंने वर्चुअल माध्यम से जनता को संबोधित करते हुए बताया कि वे खुद सिक्किम आना चाहते थे, लेकिन मौसम ने इजाज़त नहीं दी। Prime Minister Narendra Modi ने अपने संबोधन में Pahalgam आतंकी हमले का भी ज़िक्र किया और कहा, “ये हमला सिर्फ हमारे जवानों पर नहीं, बल्कि पूरी मानवता पर हमला है।” उन्होंने बताया कि भारत ने इसका माक़ूल जवाब दिया है — “Operation Sindoor” के जरिए। “हमारी सेना ने दिखा दिया कि भारत अपने हर जवान की शहादत का जवाब देना जानता है। जो भी भारत की शांति भंग करेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।” – पीएम मोदी मोदी जी ने कहा कि “Operation Sindoor” सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि एक मजबूत संदेश भी है – भारत चुप नहीं बैठता। मोदी जी ने सिक्किम की जनता से माफ़ी मांगते हुए कहा कि वे बहुत उत्साहित थे सिक्किम आने को लेकर।“मैं आप सभी से मिलने के लिए बेताब था, लेकिन मौसम ने मेरी उड़ान को रोक दिया। पर मेरा दिल, मेरी भावना, हमेशा आप सभी के साथ है।” हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Mock Drill

Mock Drill 2025 जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान और गुजरात में 29 मई को बड़ा अभ्यास

भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव और हाल ही में हुए आतंकी हमलों के मद्देनज़र 29 मई 2025 को India-Pak Border पर स्थित चार प्रमुख राज्यों—जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान और गुजरात—में एक Mega Civil Defence Mock Drill आयोजित की जाएगी। इस अभ्यास का उद्देश्य सुरक्षा एजेंसियों और नागरिकों को आपातकालीन परिस्थितियों के लिए तैयार करना है। क्यों हो रही है मॉक ड्रिल? (Why this Mock Drill is happening) यह मॉक ड्रिल हाल ही में हुए आतंकवादी हमलों और भारतीय सेना द्वारा किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) के बाद हो रही है। इस ऑपरेशन में भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकियों के ठिकानों पर टारगेटेड स्ट्राइक की थी। इस रणनीतिक जवाब के बाद भारत अपनी डिफेंस प्रिपेयर्डनेस (Defence Preparedness) को और मजबूत करने की दिशा में यह कदम उठा रहा है। किन राज्यों में होगी मॉक ड्रिल? (Mock Drill Location List) यह अभ्यास चार सीमावर्ती राज्यों के संवेदनशील ज़िलों में होगा: इन राज्यों में सीमावर्ती इलाकों में विशेष सुरक्षा तैयारी की जा रही है। मॉक ड्रिल के दौरान सुरक्षा बल, पुलिस, सिविल डिफेंस, स्वास्थ्य विभाग और राहत एजेंसियां मिलकर काम करेंगी। क्या-क्या होगा मॉक ड्रिल में? (Mock Drill Activities) इस दौरान आम नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे शांति बनाए रखें और प्रशासन द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करें। जनता से क्या अपील की गई है? (Govt Advisory to Citizens) स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि यह मॉक ड्रिल पूरी तरह से प्लान की गई है और इसका उद्देश्य किसी भी आपदा या युद्ध जैसी स्थिति में नागरिकों और सिस्टम की तैयारी को परखना है। नागरिकों से अनुरोध है कि वे Fake News या Panic से बचें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Panchkula

Panchkula Mass Suicide पंचकूला में एक ही Family के 7 लोगों की सामूहिक आत्महत्या, कर्ज और तनाव बनी वजह

हरियाणा के Panchkula में 26 मई 2025 को एक ऐसी दर्दनाक घटना घटी, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। सेक्टर 27 की एक कार में एक ही परिवार के 7 सदस्यों ने जहर खाकर सामूहिक आत्महत्या कर ली। यह घटना न सिर्फ एक पारिवारिक त्रासदी है, बल्कि मानसिक तनाव, कर्ज और सामाजिक उपेक्षा की गंभीर तस्वीर भी पेश करती है। मित्तल परिवार कौन था? मृतक परिवार की पहचान प्रवीण मित्तल (42), उनकी पत्नी, दो बेटियों, एक बेटे और माता-पिता के रूप में हुई है। यह परिवार मूल रूप से बरवाला (हिसार) का रहने वाला था और पिछले 12 वर्षों से Panchkula में रह रहा था। प्रवीण मित्तल एक बिजनेस मैन थे, जिनकी हिमाचल प्रदेश में स्क्रैप फैक्ट्री थी, जो कुछ समय पहले बंद हो गई थी। बैंक ने उनकी संपत्ति भी जब्त कर ली थी, जिससे वे भारी कर्ज में डूब गए। Suicide की वजह: कर्ज, धमकियां और डिप्रेशन प्रवीण मित्तल के द्वारा छोड़े गए Suicide Note में खुलासा हुआ कि वे 15 से 20 करोड़ रुपये के कर्ज में फंसे थे। लगातार मिल रही धमकियों और सामाजिक तिरस्कार के कारण उन्होंने यह खौफनाक कदम उठाया। उन्होंने बताया कि कई सालों तक वे Dehradun में रहे और समाज से कटे रहे। आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव के चलते वे धीरे-धीरे टूटते चले गए। बागेश्वर धाम से लौटते समय की घटना घटना वाले दिन मित्तल परिवार Bageshwar Dham से धार्मिक कथा सुनकर लौट रहा था। रात को उनकी कार सेक्टर 27 में एक घर के सामने खड़ी मिली। स्थानीय निवासी पुनीत राणा ने जब कार में देखा, तो अंदर सभी सदस्य बेहोश पड़े थे। पुलिस को सूचना दी गई। छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि प्रवीण मित्तल ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। Local Reaction: ‘किसी ने हमारी मदद नहीं की’ पड़ोसियों और स्थानीय लोगों ने बताया कि मित्तल परिवार शांत और साधारण जीवन जी रहा था, लेकिन कोई उनकी परेशानियों को समझ नहीं पाया। कुछ लोगों ने कहा, “अगर समय रहते किसी ने मदद की होती, तो आज ये दिन न देखना पड़ता।” हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Shashi Tharoor

Shashi Tharoor ने Sarfaraz Ahmad की तारीफ की Panama Temple में Hindu, Sikh के साथ की पूजा

कांग्रेस सांसद Shashi Tharoor ने JMM (झारखंड मुक्ति मोर्चा) के सांसद Sarfaraz Ahmad की खुले दिल से सराहना की है। Ahmad ने हाल ही में Panama City स्थित एक मंदिर में अपने Hindu और Sikh सांसद साथियों के साथ मिलकर पूजा-अर्चना की। यह घटना All-Party Parliamentary Delegation की यात्रा के दौरान सामने आई, जिसमें भारत के विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद शामिल थे। Tharoor ने शेयर की तस्वीर, भावुक शब्दों में किया वर्णन Shashi Tharoor ने इस भावनात्मक पल को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में Twitter) पर शेयर करते हुए लिखा, “यह देखकर गर्व हुआ कि हमारे मुस्लिम सांसद ने मंदिर में सबके साथ प्रार्थना की। यही है असली भारत की छवि।” उन्होंने Sarfaraz Ahmad के शब्दों को भी उद्धृत किया: “जब बुलाने वालों को कोई ऐतराज़ नहीं, तो जाने वालों को क्यों हो?” यह संवाद भारत की Ganga-Jamuni Tehzeeb और Religious Harmony की सशक्त मिसाल बन गया है। सभी धर्मों के सम्मान की भावना यह यात्रा भारतीय सांसदों द्वारा Indian Cultural Centre, Panama में की गई, जिसका उद्देश्य भारतीय संस्कृति और Secularism को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करना था। इस प्रतिनिधिमंडल में BJP, Shiv Sena, Lok Janshakti Party (LJP) और Telugu Desam Party (TDP) के सांसद भी मौजूद थे। Tharoor के नेतृत्व में यह प्रतिनिधिमंडल अमेरिका और गुयाना के दौरे के बाद पनामा पहुँचा और आगे ब्राज़ील व कोलंबिया की यात्रा करने वाला है। इस पहल का मकसद Global Diplomacy, Interfaith Dialogue और भारत की सहिष्णु छवि को मजबूत करना है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Prime Minister Narendra Modi

Prime Minister Narendra Modi पाकिस्तान लड़ाई नहीं जीत सकता, इसलिए भेज रहा आतंकवादी

Prime Minister Narendra Modi ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को अच्छी तरह पता है कि वह भारत से लड़ाई में कभी जीत नहीं सकता। इसलिए अब वह आतंकवाद का सहारा ले रहा है। प्रधानमंत्री मोदी का बड़ा बयान मोदी जी ने बताया कि हाल ही में कुछ आतंकवादी मारे गए हैं। जब उनके जनाजे निकले तो वहां पाकिस्तान के झंडे लगे थे। इससे साफ है कि पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है और अपने देश से आतंकवादी भेज रहा है। सेना सतर्क, हर हमले का जवाब तैयार Prime Minister Narendra Modi ने कहा कि भारत अब पहले की तरह चुप नहीं बैठता। आज का भारत आतंकवाद का मुँहतोड़ जवाब देता है। उन्होंने कहा कि हमारे जवान डटे हुए हैं और देश की रक्षा के लिए हमेशा तैयार हैं। मोदी जी की ये बात लोगों के दिलों को छू गई। उन्होंने साफ संदेश दे दिया कि भारत अब कमजोर नहीं रहा। पाकिस्तान की ये चालें अब ज्यादा देर नहीं चलेंगी। मुख्य बातें: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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AMCA

India का 5th Generation Stealth Fighter Jet ‘AMCA’ को मिली मंजूरी,अब बनेगा स्वदेशी फाइटर प्लेन

भारत ने अपने स्वदेशी 5th Generation Stealth Fighter Jet प्रोजेक्ट AMCA (Advanced Medium Combat Aircraft) को हरी झंडी दे दी है। इस फैसले के साथ भारत अब उन गिने-चुने देशों की सूची में शामिल हो गया है, जो खुद का Next-Gen Fighter Aircraft बना रहे हैं। यह परियोजना देश की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के लिहाज से एक बड़ा मील का पत्थर मानी जा रही है। AMCA Project: क्या है इसका उद्देश्य? AMCA एक Single-seat, Twin-engine वाला बहुउद्देशीय फाइटर जेट होगा, जो हर मौसम में उड़ान भरने में सक्षम होगा। इसे रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के अधीन Aeronautical Development Agency (ADA) द्वारा विकसित किया जा रहा है। निर्माण कार्य में Hindustan Aeronautics Limited (HAL) और कई प्राइवेट कंपनियां साझेदार होंगी। इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए एक Special Purpose Vehicle (SPV) का गठन किया जाएगा, जिससे विकास और उत्पादन दोनों में गति लाई जा सके। कब होगा तैयार? क्या है टाइमलाइन? AMCA की विशेषताएं (Key Features of AMCA Jet) IIT Kanpur की Cloaking Technology देगा Extra Stealth AMCA में IIT कानपुर द्वारा विकसित की गई Meta-material Surface Cloaking System (MSCS) को शामिल करने पर विचार किया जा रहा है। यह तकनीक विमान को रडार की निगाहों से और अधिक छुपा सकती है। ‘Make in India’ और ‘Aatmanirbhar Bharat’ को मिलेगा बढ़ावा इस फाइटर जेट प्रोजेक्ट से भारत की विदेशी रक्षा आयातों पर निर्भरता कम होगी। साथ ही, यह रक्षा क्षेत्र में Make in India और Aatmanirbhar Bharat अभियानों को मजबूती देगा। AMCA ना केवल भारत की वायुसेना को तकनीकी बढ़त देगा, बल्कि देश की रक्षा उद्योग को भी नई ऊंचाई पर ले जाएगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Covid-19 cases in India 2025, JN.1 variant India,

Covid Surge Alert: भारत में फिर बढ़े कोरोना केस, जेएन.1 वैरिएंट बना चिंता का कारण

कोरोना फिर से दे रहा है दस्तक! सिंगापुर और हांगकांग के बाद अब भारत में भी Covid-19 Cases में हल्का लेकिन चिंताजनक इजाफा देखने को मिल रहा है। देश के कई राज्यों ने Corona Advisory जारी कर दी है। स्वास्थ्य एजेंसियों की रिपोर्ट्स के अनुसार, नए मामलों में JN.1 वैरिएंट सक्रिय भूमिका निभा रहा है। फोर्टिस हॉस्पिटल में पल्मोनोलॉजी डिपार्टमेंट के सीनियर डायरेक्टर डॉ. विकास मौर्य के मुताबिक, “JN.1 variant अब तक केवल हल्के से मध्यम लक्षण ही दिखा रहा है और इससे गंभीर बीमारी का खतरा बहुत कम है।” New Covid variant in Asia-एशिया में तेजी से फैल रहा है संक्रमण चीन में कोविड के गंभीर मामले पिछले महीने 3.3% से बढ़कर 5.5% हो गए हैं। अस्पतालों में A&E (Accident & Emergency) रोगियों की दर 7.5% से बढ़कर 16.2% हो चुकी है। ताइवान में भी कोविड-19 के चलते अस्पतालों में भर्ती बढ़ने लगे हैं। संक्रमण के लक्षण क्या हैं? डॉक्टरों के अनुसार, नए वैरिएंट के सामान्य लक्षण इस प्रकार हैं: गंभीर लक्षण बहुत कम मामलों में देखे गए हैं और उनमें भी ज्यादातर मरीज रिकवरी की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। क्या वैक्सीन और इम्यूनिटी काम कर रही है? विशेषज्ञों का मानना है कि संक्रमण की हल्की प्रकृति का कारण भारत की जनता में विकसित हुई Natural Immunity और पहले से ली गई वैक्सीनेशन डोज़ हैं। इसलिए कोविड की पहली लहर जैसी गंभीरता की फिलहाल कोई आशंका नहीं है। सरकार और स्वास्थ्य एजेंसियों की तैयारी केंद्र और राज्य सरकारें अलर्ट मोड में हैं। कुछ राज्यों ने मास्क पहनने और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में सावधानी बरतने की एडवाइजरी जारी की है। हालांकि, लॉकडाउन या बड़े प्रतिबंधों की कोई योजना नहीं है। क्या करना चाहिए आम जनता को? घबराएं नहीं, सतर्क रहें Covid-19 का खतरा पूरी तरह टला नहीं है, लेकिन मौजूदा हालात घबराने वाले नहीं हैं। अगर हम जरूरी सावधानियाँ बरतें और सरकार की गाइडलाइंस का पालन करें, तो स्थिति नियंत्रण में रह सकती है।
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Editor's Picks

Sensex

Sensex-Nifty Fall: शेयर बाजार में बड़ा झटका, सेंसेक्स 77,200 पर फिसला; निवेशकों की बढ़ी चिंता

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को कारोबार के दौरान निवेशकों को झटका लगा। Sensex करीब 400 अंक फिसलकर 77,200 के स्तर के आसपास पहुंच गया, वहीं Nifty 50 भी लगभग 150 अंक की गिरावट के साथ कारोबार करता नजर आया। बाजार में आई इस कमजोरी का सबसे ज्यादा असर Auto और Banking सेक्टर के शेयरों पर देखने को मिला, जहां निवेशकों ने जमकर बिकवाली की। शेयर बाजार में पिछले कुछ समय से जारी उतार-चढ़ाव के बीच आज निवेशकों का रुख थोड़ा सतर्क दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार में ही बिकवाली हावी रही और देखते ही देखते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों दबाव में आ गए। बाजार जानकारों के मुताबिक, वैश्विक संकेतों में कमजोरी, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और ऊंचे वैल्यूएशन को लेकर चिंता बाजार की चाल को प्रभावित कर रही है। Sensex-Nifty में गिरावट की बड़ी वजह क्या रही? बाजार में गिरावट के पीछे कई कारण माने जा रहे हैं। निवेशकों ने हालिया तेजी के बाद कुछ शेयरों में मुनाफावसूली की, जिसका असर प्रमुख इंडेक्स पर देखने को मिला। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजारों की कमजोर चाल और निवेशकों की सतर्क रणनीति ने भी बाजार पर दबाव बनाया। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की खरीद-बिक्री और आने वाले आर्थिक आंकड़ों को लेकर भी बाजार में सावधानी का माहौल बना हुआ है। Auto और Banking Stocks में सबसे ज्यादा बिकवाली आज के कारोबार में Auto और Banking Stocks सबसे ज्यादा दबाव में रहे। बैंकिंग सेक्टर के कई बड़े शेयरों में गिरावट देखने को मिली, जिससे बैंकिंग इंडेक्स कमजोर हुआ। वहीं ऑटो कंपनियों के शेयरों में भी निवेशकों की बिकवाली का असर नजर आया। विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में तेजी के बाद कुछ निवेशक अपने मुनाफे को सुरक्षित करने के लिए शेयर बेच रहे हैं। इसी वजह से मजबूत सेक्टरों में भी शॉर्ट टर्म में दबाव देखने को मिल रहा है। निवेशकों के लिए क्या है संकेत? शेयर बाजार में गिरावट को लेकर एक्सपर्ट्स का मानना है कि निवेशकों को घबराने के बजाय सोच-समझकर फैसला लेना चाहिए। बाजार में उतार-चढ़ाव एक सामान्य प्रक्रिया है और लंबी अवधि के निवेशकों को मजबूत कंपनियों के प्रदर्शन पर ध्यान देना चाहिए। आने वाले दिनों में बाजार की दिशा कंपनियों के तिमाही नतीजों, ग्लोबल मार्केट ट्रेंड, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों से तय होगी। Market Outlook: आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल? फिलहाल निवेशकों की नजर अगले कारोबारी सत्रों पर बनी हुई है। अगर वैश्विक बाजारों से सकारात्मक संकेत मिलते हैं और विदेशी निवेशकों की बिकवाली कम होती है तो बाजार में रिकवरी देखने को मिल सकती है। वहीं, अगर वैश्विक अनिश्चितता जारी रहती है तो बाजार में उतार-चढ़ाव आगे भी बना रह सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Gold Price

Gold Price Today India: सोना हुआ सस्ता तो चांदी चमकी, जानें आने वाले दिनों में कीमतों का हाल

सोने-चांदी की खरीदारी करने वालों के लिए आज बाजार से मिली-जुली खबर सामने आई है। एक तरफ जहां Gold Price में गिरावट देखने को मिली है, वहीं दूसरी ओर Silver Rate लगातार तेजी पकड़ रहा है। सोने की कीमत करीब ₹476 घटकर ₹1.42 लाख रुपए प्रति किलो के स्तर पर आ गई है, जबकि चांदी ₹849 महंगी होकर ₹2.19 लाख रुपए प्रति किलो के पार पहुंच गई है। कीमती धातुओं के बाजार में यह बदलाव निवेशकों के साथ-साथ आम ग्राहकों के लिए भी चर्चा का विषय बना हुआ है। खासतौर पर चांदी की तेज रफ्तार ने बाजार का ध्यान अपनी ओर खींचा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में चांदी की कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है। Gold Price Today: सोने के भाव में गिरावट क्यों आई? सोने की कीमतों में आई गिरावट के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार के संकेत और निवेशकों की बदलती रणनीति को बड़ी वजह माना जा रहा है। सोना लंबे समय से सुरक्षित निवेश का सबसे भरोसेमंद विकल्प रहा है, लेकिन फिलहाल कीमतों में हल्की नरमी देखने को मिल रही है। बाजार जानकारों के मुताबिक, डॉलर की चाल, वैश्विक आर्थिक हालात और ब्याज दरों से जुड़े फैसले सोने की कीमतों पर सीधा असर डालते हैं। हालांकि, लंबी अवधि में सोने की मांग मजबूत बनी रहने की उम्मीद है। Silver Price Today: चांदी की चमक लगातार बढ़ी दूसरी ओर Silver Price में तेजी का दौर जारी है। चांदी की कीमत ₹849 बढ़कर ₹2.19 लाख रुपए प्रति किलो पहुंच गई है। औद्योगिक मांग बढ़ने के कारण चांदी को लगातार सपोर्ट मिल रहा है। सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रिक व्हीकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री में चांदी की बढ़ती जरूरत इसकी कीमतों को ऊपर ले जाने में अहम भूमिका निभा रही है। यही कारण है कि निवेशकों की नजर अब चांदी पर भी बनी हुई है। Silver Rate Target: क्या ₹2.80 लाख तक पहुंच सकती है चांदी? मार्केट एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि अगर वैश्विक मांग मजबूत रहती है और इंडस्ट्रियल सेक्टर में तेजी जारी रहती है, तो चांदी इस साल ₹2.80 लाख रुपए प्रति किलो के स्तर तक पहुंच सकती है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी निवेश में जोखिम जुड़ा होता है। इसलिए निवेशकों को बाजार की स्थिति को समझकर ही फैसला लेना चाहिए। Gold vs Silver Investment: कहां निवेश करना बेहतर? सोने को आमतौर पर स्थिर और सुरक्षित निवेश माना जाता है, जबकि चांदी में तेजी के साथ-साथ उतार-चढ़ाव भी ज्यादा देखने को मिलता है। जिन लोगों का लक्ष्य लंबे समय के लिए निवेश करना है, वे दोनों धातुओं में संतुलित निवेश की रणनीति अपना सकते हैं। अगर आप गहने खरीदने की योजना बना रहे हैं तो कीमतों में होने वाले बदलाव पर नजर रखना फायदेमंद हो सकता है। वहीं, निवेश के लिए खरीदारी करने वालों को जल्दबाजी के बजाय सही समय का इंतजार करना चाहिए। Gold Silver Market Outlook फिलहाल बुलियन मार्केट में सोना थोड़ा कमजोर और चांदी मजबूत नजर आ रही है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुझान, महंगाई के आंकड़े और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां Gold और Silver की कीमतों की दिशा तय करेंगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Sonam Wangchuk,

Sonam Wangchuk Hunger Strike: लद्दाख के मुद्दे पर जारी आंदोलन, 3 Idiots के Omi Vaidya ने जताई चिंता

लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता Sonam Wangchuk (सोनम वांगचुक) की Hunger Strike (भूख हड़ताल) का आज 17वां दिन है। लद्दाख के अधिकारों और भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर चल रहे इस आंदोलन ने अब देशभर में चर्चा तेज कर दी है। लगातार अनशन के कारण सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर उनके समर्थकों और शुभचिंतकों में चिंता बढ़ती जा रही है। इस बीच बॉलीवुड से भी उनके समर्थन में आवाजें उठने लगी हैं। फिल्म 3 Idiots में ‘चतुर रामलिंगम’ का किरदार निभाने वाले अभिनेता Omi Vaidya (ओमी वैद्य) ने सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि वह नहीं चाहते कि सोनम वांगचुक को किसी तरह का नुकसान पहुंचे और इस मामले का समाधान बातचीत के जरिए निकाला जाना चाहिए। Zeenat Aman ने भी की Government से बातचीत की अपील दिग्गज अभिनेत्री Zeenat Aman (जीनत अमान) ने भी सोनम वांगचुक के आंदोलन को लेकर अपनी चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या का समाधान संवाद के माध्यम से होना चाहिए। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत कर इस मुद्दे का शांतिपूर्ण समाधान निकालने की कोशिश करे। क्यों कर रहे हैं Sonam Wangchuk Protest? सोनम वांगचुक लद्दाख के लोगों के लिए कई अहम मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा, संविधान की Sixth Schedule (छठी अनुसूची) के तहत सुरक्षा और स्थानीय लोगों के अधिकारों की रक्षा शामिल है। उनका कहना है कि लद्दाख की अलग भौगोलिक परिस्थितियों, पर्यावरण और सांस्कृतिक पहचान को देखते हुए यहां के लोगों के हितों की सुरक्षा जरूरी है। 17 दिनों के अनशन से बढ़ी चिंता लगातार 17 दिनों से जारी भूख हड़ताल के चलते सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर चिंता बढ़ रही है। उनके समर्थकों का कहना है कि सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और जल्द बातचीत शुरू करनी चाहिए। वहीं, सोनम वांगचुक लगातार अपने आंदोलन के जरिए लद्दाख के पर्यावरण और स्थानीय अधिकारों से जुड़े मुद्दों को सामने रख रहे हैं। Social Media पर भी छाया Ladakh Movement सोनम वांगचुक के आंदोलन को लेकर सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा हो रही है। कई लोग उनके मुद्दों का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत को सबसे बेहतर रास्ता बता रहे हैं। 3 Idiots फिल्म के बाद सोनम वांगचुक पहले से ही युवाओं के बीच लोकप्रिय रहे हैं। शिक्षा और पर्यावरण के क्षेत्र में उनके काम को लेकर उन्हें देशभर में पहचान मिली है। अब आगे क्या? सोनम वांगचुक की Hunger Strike के 17वें दिन पहुंचने के बाद सभी की नजरें सरकार और आंदोलनकारियों के बीच संभावित बातचीत पर टिकी हैं। लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही इस मामले का कोई सकारात्मक रास्ता निकलेगा, जिससे लद्दाख से जुड़े मुद्दों का समाधान हो सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Govind Giri

मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: Govind Giri का बड़ा दावा, बोले- गलत बताए जा रहे चोरी के आंकड़े

मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर अब गोविंद गिरी महाराज ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने चोरी की रकम को लेकर चल रही चर्चाओं पर सफाई देते हुए कहा कि घटना में नुकसान को लेकर जो आंकड़े सामने आ रहे हैं, वे वास्तविकता से ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए जा रहे हैं। गोविंद गिरी के मुताबिक, चोरी की राशि 3 करोड़ रुपये से अधिक नहीं है। उन्होंने कहा कि इस मामले में सच्चाई जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी। बिना आधिकारिक पुष्टि के बड़ी रकम के दावे करना सही नहीं है, क्योंकि इससे लोगों में भ्रम फैलता है। Govind Giri ने क्या कहा? Govind Giri ने चढ़ावा चोरी मामले पर बोलते हुए कहा कि मंदिरों में आने वाला दान और चढ़ावा श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा होता है। इसलिए इस तरह के मामलों में सही जानकारी सामने आना बेहद जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि चोरी की रकम को लेकर कुछ जगहों पर जो आंकड़े बताए जा रहे हैं, वे वास्तविक स्थिति से काफी अलग हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी खबर पर विश्वास करने से पहले उसकी पुष्टि जरूर करें। चोरी की रकम को लेकर बना हुआ है विवाद चढ़ावा चोरी की खबर सामने आने के बाद से ही नुकसान की राशि को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे थे। कुछ रिपोर्ट्स में बड़ी रकम का जिक्र किया गया था, जिसके बाद यह मामला काफी चर्चा में आ गया। अब गोविंद गिरी के बयान के बाद एक बार फिर चोरी की वास्तविक राशि को लेकर बहस शुरू हो गई है। हालांकि, जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि कुल कितना नुकसान हुआ है। जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई फिलहाल मामले की जांच जारी है। संबंधित अधिकारी घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि चोरी कैसे हुई और इसमें कितनी राशि या सामान का नुकसान हुआ। गोविंद गिरी ने उम्मीद जताई कि जांच के बाद पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। मंदिरों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवाल इस घटना के बाद धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि मंदिरों में दान और चढ़ावे की सुरक्षा के लिए आधुनिक निगरानी व्यवस्था और बेहतर प्रबंधन जरूरी है। मंदिरों में आने वाला चढ़ावा लाखों लोगों की आस्था से जुड़ा होता है, ऐसे में इस तरह की घटनाएं चिंता बढ़ाती हैं। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CBSE

CBSE Education Rule 2026: Third Language Assessment में फेल हुए तो नहीं मिलेगा 10वीं का Certificate

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 9 और 10 के छात्रों के लिए भाषा शिक्षा से जुड़ा एक बड़ा बदलाव किया है। नए नियम के तहत अब छात्रों को Class 10 Pass Certificate पाने के लिए Third Language (तीसरी भाषा) में भी सफल होना जरूरी होगा। हालांकि, थर्ड लैंग्वेज की बोर्ड परीक्षा नहीं होगी, लेकिन स्कूल द्वारा कराए जाने वाले Internal Assessment में पास होना अनिवार्य रहेगा। यह नया नियम उन छात्रों पर लागू होगा जो Academic Session 2026-27 में Class 9 में प्रवेश लेंगे और 2027-28 में Class 10 Board Exam देंगे। CBSE का यह फैसला राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत छात्रों में बहुभाषी शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लिया गया है। CBSE Third Language Rule: क्या बदला है? अब तक कई छात्र तीसरी भाषा को केवल एक अतिरिक्त विषय के रूप में देखते थे, लेकिन नए नियम के बाद इसकी अहमियत बढ़ जाएगी। CBSE के अनुसार, कक्षा 9 और 10 के छात्रों को तीन भाषाओं का अध्ययन करना होगा। नए नियम की मुख्य बातें: Third Language में Fail होने पर क्या होगा? CBSE ने छात्रों को राहत देते हुए यह भी स्पष्ट किया है कि अगर कोई छात्र Third Language Internal Assessment में सफल नहीं हो पाता है, तो उसे सुधार का मौका दिया जाएगा। ऐसी स्थिति में: NEP 2020 के तहत क्यों आया यह बदलाव? CBSE का मानना है कि आज के समय में भाषा का ज्ञान केवल परीक्षा तक सीमित नहीं होना चाहिए। नई शिक्षा नीति 2020 में छात्रों को कई भाषाओं को समझने और सीखने पर जोर दिया गया है। Third Language को अनिवार्य करने का उद्देश्य है कि छात्र: Students और Parents के लिए जरूरी जानकारी नए नियम को लेकर छात्रों और अभिभावकों के मन में कई सवाल हैं। उन्हें ध्यान रखना होगा कि: CBSE Education System में बड़ा बदलाव CBSE का यह फैसला स्कूल शिक्षा प्रणाली में भाषा सीखने के तरीके को बदल सकता है। अब छात्रों को केवल मुख्य विषयों पर ही नहीं, बल्कि भाषा कौशल पर भी ध्यान देना होगा। छात्रों के लिए यह जरूरी है कि वे Third Language को बोझ न समझें, बल्कि इसे नई भाषा सीखने और अपनी क्षमता बढ़ाने के अवसर के रूप में देखें।

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