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Kedarnath

Kedarnath Landslide: बारिश ने बढ़ाई मुश्किल, Bihar के 14 जिलों में Flood का असर

देश के कई हिस्सों में इन दिनों बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। उत्तराखंड के केदारनाथ (Kedarnath ) रूट पर भारी बारिश के बाद Landslide की घटना हुई, जिसमें एक व्यक्ति की मौत की खबर है। हालात को देखते हुए केदारनाथ यात्रा रोक दी गई है। दूसरी ओर बिहार के 14 जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। गंगा का जलस्तर बढ़ने से परेशानी और बढ़ गई है। वहीं मध्य प्रदेश और राजस्थान में भी तेज बारिश का दौर जारी है। Kedarnath Route पर Landslide, यात्रा पर लगा ब्रेक उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में बारिश के साथ भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं। केदारनाथ रूट पर भी बारिश के बाद लैंडस्लाइड हुआ। रास्ते में मलबा आने से आवाजाही प्रभावित हुई और हादसे में एक व्यक्ति की जान चली गई। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने फिलहाल Kedarnath Yatra रोक दी है। रास्ते को साफ करने और स्थिति का जायजा लेने का काम किया जा रहा है। मौसम में सुधार के बाद ही यात्रा को फिर से शुरू करने पर फैसला लिया जाएगा। Bihar Flood: 14 जिलों में बाढ़ से बढ़ी परेशानी बिहार में गंगा समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का असर लगातार बढ़ रहा है। राज्य के 14 जिले इसकी चपेट में बताए जा रहे हैं। कई इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंचने से लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हुई है। नदी किनारे रहने वाले लोगों के लिए स्थिति ज्यादा चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों पर नजर रख रही हैं और जरूरत के मुताबिक राहत एवं बचाव कार्य किए जा रहे हैं। Ganga में 6 दिनों से फंसा Cruise बिहार में बढ़ते जलस्तर के बीच गंगा नदी में एक Cruise करीब 6 दिनों से फंसा हुआ है। नदी की मौजूदा स्थिति और मौसम को देखते हुए इसे सुरक्षित निकालने में परेशानी आ रही है। प्रशासन और संबंधित टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। नदी में बढ़ते पानी और तेज बहाव को देखते हुए लोगों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। MP और Rajasthan में भी तेज बारिश मध्य प्रदेश और राजस्थान के कई हिस्सों में भी तेज बारिश देखने को मिल रही है। बारिश के कारण कुछ इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को खास सावधानी बरतने की जरूरत है। बारिश के इस दौर को देखते हुए लोगों को मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी Weather Alert पर ध्यान देने की सलाह दी जा रही है। चार राज्यों में बारिश ने बढ़ाई चिंता उत्तराखंड में Landslide, बिहार में Flood और मध्य प्रदेश-राजस्थान में तेज बारिश ने एक बार फिर मौसम की चुनौती सामने ला दी है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा है, जबकि नदी किनारे बसे क्षेत्रों में बढ़ता जलस्तर चिंता का कारण बना हुआ है। ऐसे मौसम में जरूरी है कि लोग बिना जरूरत संवेदनशील इलाकों की यात्रा से बचें। पहाड़ी रास्तों और नदियों के आसपास विशेष सावधानी बरतना जरूरी है।
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ओमान तट के पास कमर्शियल जहाज पर हमला, 14 भारतीय थे सवार; 13 सुरक्षित, एक लापता

ओमान के तट के पास रविवार को कमर्शियल जहाज एमटी एल गाइया पर हमला होने की खबर सामने आई है। जहाज पर कुल 14 भारतीय क्रू सदस्य सवार थे। विदेश मंत्रालय (MEA) के मुताबिक, इनमें से 13 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि एक भारतीय अब भी लापता है। लापता भारतीय की तलाश के लिए बचाव अभियान चलाया जा रहा है। विदेश मंत्रालय ने हमले की निंदा करते हुए कहा कि भारतीय नागरिक की तलाश के लिए राहत और बचाव अभियान जारी है। भारतीय दूतावास ओमानी अधिकारियों के संपर्क में विदेश मंत्रालय के अनुसार, ओमान स्थित भारतीय दूतावास पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। दूतावास ओमानी अधिकारियों के लगातार संपर्क में है और लापता भारतीय की तलाश से जुड़ी जानकारी जुटा रहा है। मंत्रालय ने कहा है कि भारतीय नागरिक की सुरक्षित तलाश के लिए स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय किया जा रहा है। होर्मुज स्ट्रेट में ईरानी जहाज पर भी हमला यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब रविवार सुबह होर्मुज स्ट्रेट में ईरान के केश्म द्वीप के पास एक ईरानी कार्गो जहाज पर भी हमला होने की खबर आई। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, हमले के बाद जहाज में आग लग गई। घटना में एक व्यक्ति की मौत हुई, जबकि चार लोग घायल बताए गए हैं। जहाज पर मौजूद लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। ओमान के तट और होर्मुज स्ट्रेट के आसपास लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
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IPS अधिकारी भानुप्रताप सिंह और पत्नी का विवाद थाने पहुंचा, बेटी को लेकर खींचतान का आरोप

भरतपुर। बिहार के खगड़िया में एसपी पद पर तैनात आईपीएस अधिकारी भानुप्रताप सिंह और उनकी पत्नी पूजा के बीच चल रहा पारिवारिक विवाद अब भरतपुर के मथुरा गेट थाने तक पहुंच गया है। पत्नी पूजा ने थाने पहुंचकर पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ शिकायत दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पति उनकी छह साल की बेटी को उनसे दूर करना चाहते हैं। पुलिस ने मामले को पारिवारिक विवाद बताते हुए तत्काल कार्रवाई करने से इनकार कर दिया। इसके बाद पूजा देर रात तक मथुरा गेट थाने में बैठी रहीं। ससुराल पहुंचीं, लेकिन नहीं खुला दरवाजा पूजा के मुताबिक, वह बिहार से भरतपुर पहुंचने के बाद सबसे पहले गीता कॉलोनी स्थित अपने ससुराल गईं। उन्होंने करीब एक घंटे तक दरवाजा खुलवाने की कोशिश की, लेकिन किसी ने गेट नहीं खोला। इसके बाद वह विजय नगर स्थित अपनी ननद के घर पहुंचीं। पूजा का कहना है कि वहां भी दरवाजा नहीं खोला गया। परेशान होकर उन्होंने मथुरा गेट थाने पहुंचकर पुलिस से मदद मांगी। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से भानुप्रताप सिंह अपनी छह साल की बेटी के साथ भरतपुर में थे। पत्नी के भरतपुर पहुंचने की जानकारी मिलने के बाद वह शहर से निकल गए। पुलिस ने फोन पर की अधिकारी से बात थाने पहुंचने के बाद एसएचओ ने भानुप्रताप सिंह से फोन पर बातचीत की। इसके बाद पुलिस ने मामले को पति-पत्नी के बीच पारिवारिक विवाद बताते हुए तत्काल कार्रवाई नहीं की। इसके बाद पूजा देर रात तक थाने में ही बैठी रहीं। 2015 में हुई थी मुलाकात, 2016 में शादी पूजा ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि उनकी मुलाकात भानुप्रताप सिंह से वर्ष 2015 में एक कार्यक्रम के दौरान हुई थी। परिवार की नाराजगी के बावजूद दोनों ने 16 जनवरी 2016 को शादी कर ली थी। पूजा के अनुसार, शादी के बाद करीब पांच साल तक उन्होंने भरतपुर के एक निजी स्कूल में शिक्षिका के रूप में काम किया। इसी दौरान भानुप्रताप सिंह ने यूपीएससी की तैयारी की और चयन के बाद पुलिस सेवा में चले गए। उनका कहना है कि शुरुआत में वैवाहिक जीवन सामान्य रहा, लेकिन बाद में दोनों के बीच विवाद बढ़ता गया। अब स्थिति छह साल की बेटी को लेकर भी विवाद तक पहुंच गई है। मूल रूप से फतेहपुर सीकरी के रहने वाले हैं IPS भानुप्रताप सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फतेहपुर सीकरी के रहने वाले बताए गए हैं। उनका परिवार भरतपुर शहर की गीता कॉलोनी में किराये के मकान में रहता है। वहीं पूजा का मायका झुंझुनूं जिले की उदयपुरवाटी तहसील के तिवारी का वास में बताया गया है। फिलहाल पति-पत्नी के बीच चल रहे इस विवाद को लेकर दोनों पक्षों की स्थिति सामने आना बाकी है।
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नंदीग्राम-रेजीनगर उपचुनाव: लेफ्ट ने उम्मीदवार उतारे, TMC-BJP के नाम पर सस्पेंस

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होगा। CPI(M) के नेतृत्व वाले लेफ्ट फ्रंट ने शनिवार को दोनों सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। वहीं कांग्रेस पहले ही अपने प्रत्याशी मैदान में उतार चुकी है, जबकि सत्ताधारी TMC और भाजपा ने अभी तक उम्मीदवारों के नाम का ऐलान नहीं किया है। लेफ्ट ने किसे दिया टिकट? लेफ्ट फ्रंट के ऐलान के मुताबिक, CPI ने नंदीग्राम से शांतिगोपाल गिरि को उम्मीदवार बनाया है। वहीं CPI(M) ने रेजीनगर से सईद असद अली को टिकट दिया है। दोनों सीटों पर अब मुकाबले की तस्वीर धीरे-धीरे साफ होने लगी है। कांग्रेस ने पहले ही घोषित किए उम्मीदवार कांग्रेस ने 11 सितंबर को दोनों सीटों के लिए अपने प्रत्याशियों का ऐलान किया था। पार्टी के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इन नामों को मंजूरी दी है। TMC और भाजपा के उम्मीदवारों पर सस्पेंस नंदीग्राम और रेजीनगर में अब सबसे ज्यादा नजर TMC और भाजपा के उम्मीदवारों पर है। दोनों पार्टियों ने अभी तक अपने प्रत्याशियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं। TMC में उम्मीदवार को लेकर पेंच? दी गई जानकारी के मुताबिक, TMC के भीतर अलग-अलग गुटों के बीच मतभेद के कारण उम्मीदवार चयन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। ममता बनर्जी और रितब्रत बनर्जी से जुड़े गुटों की ओर से चुनाव में उम्मीदवार उतारने को लेकर अलग-अलग संकेत सामने आने का दावा किया गया है। हालांकि, पार्टी की ओर से अंतिम फैसला अभी सामने नहीं आया है। भाजपा को ममता बनर्जी के फैसले का इंतजार नंदीग्राम सीट पर भाजपा की रणनीति काफी हद तक इस बात पर निर्भर मानी जा रही है कि ममता बनर्जी खुद चुनाव लड़ती हैं या नहीं। वहीं रेजीनगर में पार्टी मजबूत स्थानीय चेहरे की तलाश कर रही है। भाजपा की ओर से दोनों सीटों पर उम्मीदवारों के नाम की घोषणा का इंतजार है। क्यों खाली हुईं दोनों सीटें? नंदीग्राम सीट: मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के सीट खाली करने के बाद यहां उपचुनाव की स्थिति बनी है। रेजीनगर सीट: आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के संस्थापक हुमायूं कबीर के इस्तीफे के बाद यह सीट खाली हुई। 16 सितंबर तक नामांकन निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक उम्मीदवार 16 सितंबर तक नामांकन दाखिल कर सकते हैं। दोनों सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदानहोगा, जबकि 9 अक्टूबर को मतगणना की जाएगी। अब सभी की नजर TMC और भाजपा के उम्मीदवारों के ऐलान पर है। खासतौर पर नंदीग्राम में ममता बनर्जी के चुनाव लड़ने को लेकर बना सस्पेंस इस उपचुनाव को और दिलचस्प बना रहा है।
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PM मोदी ने होस्ट की BRICS डिनर डिप्लोमेसी, 100 से ज्यादा कलाकारों ने दी सांस्कृतिक प्रस्तुति

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को भारत मंडपम में BRICS सदस्य देशों के नेताओं के लिए विशेष डिनर का आयोजन किया। इस दौरान BRICS देशों के राष्ट्राध्यक्षों और प्रतिनिधियों के साथ अनौपचारिक माहौल में बातचीत का अवसर भी मिला। डिनर में केंद्र सरकार के मंत्रियों के अलावा कई राज्यों के मुख्यमंत्री और अन्य प्रमुख नेताओं को भी आमंत्रित किया गया था। 100 से ज्यादा कलाकारों ने दी सांस्कृतिक प्रस्तुति BRICS डिनर के दौरान भारत और BRICS के अन्य सदस्य देशों के 100 से अधिक कलाकारों के समूह ने विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। कलाकारों ने विभिन्न देशों की सांस्कृतिक विविधता और परंपराओं को मंच पर प्रस्तुत किया। इस आयोजन का उद्देश्य BRICS देशों के बीच सहयोग और सांस्कृतिक जुड़ाव को भी मजबूत करना रहा। क्या होती है ‘डिनर डिप्लोमेसी’? BRICS जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में डिनर डिप्लोमेसी को कूटनीति का एक अहम अनौपचारिक माध्यम माना जाता है। औपचारिक बैठकों और कड़े प्रोटोकॉल से अलग, डिनर टेबल पर नेता अपेक्षाकृत सहज माहौल में बातचीत कर सकते हैं। एक साथ भोजन करने से नेताओं के बीच व्यक्तिगत संवाद और आपसी विश्वास बढ़ाने का अवसर मिलता है। इससे तनाव कम करने और संवेदनशील मुद्दों पर अनौपचारिक तरीके से चर्चा करने में भी मदद मिल सकती है। मुश्किल मुद्दों पर बातचीत का अनौपचारिक मंच कई बार औपचारिक बैठकों में जिन मुद्दों पर तुरंत सहमति बनाना मुश्किल होता है, उन पर अनौपचारिक बातचीत के दौरान विचारों का आदान-प्रदान आगे की चर्चा के लिए रास्ता तैयार कर सकता है। इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में डिनर, सांस्कृतिक कार्यक्रम और अनौपचारिक मुलाकातें कूटनीतिक रिश्तों को मजबूत करने का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती हैं।
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ब्रिक्स समिट में पहलगाम हमले की निंदा, आतंकवाद पर सख्त रुख; PM मोदी ने रखा अगले 20 साल का एजेंडा

नई दिल्ली। ब्रिक्स देशों ने पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हुए आतंकवाद के खिलाफ सामूहिक कार्रवाई पर जोर दिया है। रूस और चीन समेत सदस्य देशों ने आतंकियों को पनाह देने, उनकी फंडिंग करने और उन्हें सुरक्षित ठिकाने उपलब्ध कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जरूरत पर सहमति जताई। पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा ब्रिक्स नई दिल्ली घोषणा में 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा की गई। इस हमले में 26 लोगों की मौत का जिक्र करते हुए आतंकवाद के हर रूप और हर वजह की निंदा की गई। घोषणा में स्पष्ट किया गया कि आतंकवाद को किसी धर्म, राष्ट्रीयता या समुदाय से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। साथ ही आतंकियों, आतंकी संगठनों और उन्हें समर्थन देने वालों की जवाबदेही तय करने पर जोर दिया गया। आतंकवाद की फंडिंग और पनाह पर कार्रवाई ब्रिक्स देशों ने आतंकवाद के खिलाफ सहयोग मजबूत करने की बात कही। आतंकियों तक पहुंचने वाली वित्तीय मदद रोकने और आतंकवादियों को सुरक्षित ठिकाने उपलब्ध कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई पर जोर दिया गया। सदस्य देशों ने संयुक्त राष्ट्र की प्रस्तावित व्यापक अंतरराष्ट्रीय आतंकरोधी संधि को जल्द अपनाने की मांग भी दोहराई। व्यापार और वैश्विक तनाव पर भी चर्चा ब्रिक्स घोषणा में एकतरफा टैरिफ और व्यापारिक प्रतिबंधों को लेकर चिंता जताई गई। सदस्य देशों ने कहा कि व्यापार से जुड़े ऐसे कदम विश्व व्यापार संगठन (WTO) के नियमों के अनुरूप होने चाहिए। इसके अलावा बढ़ते वैश्विक तनाव और परमाणु हथियारों के इस्तेमाल के खतरे पर भी चिंता व्यक्त की गई। PM मोदी ने रखा अगले 20 साल का एजेंडा ब्रिक्स समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संगठन के अगले 20 वर्षों के लिए नया एजेंडा तैयार करने और फैसलों को लागू करने के लिए स्थायी व्यवस्था बनाने का प्रस्ताव रखा। मोदी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबरस्पेस, अंतरिक्ष और बायोटेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में नियम बनाने में ग्लोबल साउथ की बराबर भागीदारी होनी चाहिए। उन्होंने युवा राजनयिकों और नीति-निर्माताओं को बातचीत और कानून से जुड़ी ट्रेनिंग देने का सुझाव भी दिया। नाविकों की मदद के लिए इमरजेंसी नेटवर्क का प्रस्ताव प्रधानमंत्री मोदी ने संकट में फंसे नाविकों की सहायता के लिए सदस्य देशों के बीच एक इमरजेंसी नेटवर्क बनाने की बात कही। इसके जरिए जरूरत पड़ने पर नाविकों को इलाज, परिवार से संपर्क और सुरक्षित निकासी में मदद मिल सकेगी। मोदी ने इस दौरान कहा कि दुनिया का भविष्य साझा है तो उसे तय करने का अधिकार भी सभी देशों के पास होना चाहिए। भारत की अध्यक्षता की सराहना ब्रिक्स देशों ने भारत की अध्यक्षता में आयोजित BRICS Plus और आउटरीच संवाद की भी सराहना की। भारत ने सदस्य देशों के बीच विभिन्न मुद्दों पर मतभेदों को बातचीत के जरिए दूर करने और आम सहमति बनाने में अहम भूमिका निभाई। 7 साल बाद भारत पहुंचे शी जिनपिंग चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग करीब 7 साल बाद भारत पहुंचे हैं। गलवान झड़प के बाद यह उनका पहला भारत दौरा बताया जा रहा है। ब्रिक्स समिट में शामिल होने के बाद शी जिनपिंग की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक प्रस्तावित है।
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BRICS Summit 2026

BRICS Summit 2026: 10 साल बाद एक मंच पर मोदी-पुतिन-जिनपिंग, दुनिया की नजर भारत पर

राजधानी दिल्ली में आयोजित BRICS Summit 2026 इस बार कई मायनों में खास है। करीब एक दशक बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग एक ही बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर नजर आ रहे हैं। तीनों नेताओं की मौजूदगी ने Summit को लेकर दुनियाभर की दिलचस्पी बढ़ा दी है। BRICS अब सिर्फ पांच देशों का समूह नहीं रह गया है। इसके विस्तार के बाद इसका आर्थिक और रणनीतिक प्रभाव काफी बढ़ा है। यही वजह है कि दिल्ली में होने वाली बैठकों और नेताओं की बातचीत पर अमेरिका समेत पश्चिमी देशों की भी नजर बनी हुई है। मोदी-पुतिन-जिनपिंग की मौजूदगी क्यों खास? BRICS Summit में प्रधानमंत्री मोदी, व्लादिमीर पुतिन और शी जिनपिंग की मौजूदगी को सबसे अहम घटनाक्रम माना जा रहा है। भारत और रूस के बीच पुराने रणनीतिक रिश्ते हैं, जबकि भारत और चीन के संबंध पिछले कुछ वर्षों में कई उतार-चढ़ाव से गुजरे हैं। ऐसे समय में तीनों नेताओं का एक ही मंच पर आना कूटनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। खासकर भारत के लिए यह मौका इसलिए भी अहम है क्योंकि नई दिल्ली रूस, चीन और पश्चिमी देशों के साथ अपने रिश्तों के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश करता रहा है। Putin के साथ Modi की अहम Meeting BRICS Summit से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और व्लादिमीर पुतिन के बीच महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने भारत-रूस के पुराने संबंधों को आगे बढ़ाने के साथ व्यापार, ऊर्जा, रक्षा, तकनीक और अन्य क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा की। रूस भारत के प्रमुख ऊर्जा और रक्षा साझेदारों में शामिल है। ऐसे में दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को लेकर होने वाली हर बातचीत का असर व्यापक स्तर पर देखा जाता है। Xi Jinping की India Visit पर भी नजर शी जिनपिंग की भारत यात्रा भी Summit का बड़ा आकर्षण है। भारत और चीन के बीच सीमा विवाद के बाद रिश्तों में तनाव रहा है, लेकिन हाल के समय में दोनों देशों ने संवाद बढ़ाने की कोशिश की है। ऐसे में मोदी और जिनपिंग के बीच होने वाली बातचीत को लेकर खास उत्सुकता है। दोनों देशों के बीच सीमा, व्यापार और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दे बातचीत के केंद्र में रह सकते हैं। BRICS की बढ़ती Economic Power BRICS के विस्तार के बाद इसकी आर्थिक ताकत में काफी इजाफा हुआ है। मौजूदा सदस्य देशों में Brazil, Russia, India, China, South Africa, Egypt, Ethiopia, Iran, UAE, Saudi Arabia और Indonesia शामिल हैं। PPP यानी Purchasing Power Parity के आधार पर BRICS देशों की वैश्विक अर्थव्यवस्था में हिस्सेदारी करीब 40 फीसदी से ज्यादा मानी जाती है। बड़ी आबादी, प्राकृतिक संसाधन और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाएं इस समूह को Global Economy में महत्वपूर्ण स्थान देती हैं। हालांकि BRICS की अर्थव्यवस्था को सीधे अमेरिका से “तीन गुना बड़ी” बताना सही नहीं होगा, क्योंकि GDP की गणना के अलग-अलग तरीकों से आंकड़े काफी बदल सकते हैं। PPP के आधार पर BRICS का वजन जरूर काफी बड़ा है। Dollar के विकल्प पर बढ़ी चर्चा BRICS देशों के बीच व्यापार में स्थानीय मुद्राओं के इस्तेमाल और Cross-Border Payment System को मजबूत करने पर लगातार चर्चा होती रही है। इसका मकसद अंतरराष्ट्रीय लेनदेन को आसान बनाना और अलग-अलग देशों के बीच भुगतान के विकल्प बढ़ाना है। भारत का UPI भी इस दिशा में दुनिया के सामने एक सफल Digital Payment Model के तौर पर देखा जाता है। हालांकि BRICS की तरफ से किसी साझा “BRICS Currency” को लागू करने का फैसला फिलहाल अलग बात है और इसे मौजूदा स्थानीय मुद्रा सहयोग से जोड़कर नहीं देखना चाहिए। 20 से ज्यादा देशों की भागीदारी ने बढ़ाया Summit का दायरा इस Summit में BRICS के सदस्य देशों के अलावा कई Partner Countries और Global South से जुड़े देशों के प्रतिनिधियों की भागीदारी भी हो रही है। इसी वजह से सम्मेलन का दायरा केवल 11 सदस्य देशों तक सीमित नहीं है। विकासशील देशों के बीच व्यापार, निवेश, Technology और आर्थिक सहयोग बढ़ाना BRICS के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है। भारत इस मंच के जरिए Global South की आवाज को मजबूत करने पर भी जोर देता रहा है। Ukraine War और West Asia भी अहम मुद्दे दुनिया में चल रहे युद्ध और बढ़ते geopolitical tensions का असर BRICS Summit पर भी दिखाई दे रहा है। Ukraine War और West Asia की स्थिति जैसे मुद्दे अंतरराष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में हैं। भारत लगातार बातचीत और कूटनीति के जरिए विवादों के समाधान की वकालत करता रहा है। ऐसे में Summit के दौरान वैश्विक शांति, ऊर्जा सुरक्षा और व्यापारिक रास्तों की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर भी चर्चा महत्वपूर्ण मानी जा रही है। भारत के लिए BRICS क्यों जरूरी? भारत के लिए BRICS का महत्व सिर्फ राजनीति तक सीमित नहीं है। यह देश के लिए Trade, Investment, Energy, Technology और Global Diplomacy के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मंच है। भारत एक तरफ अमेरिका और यूरोप के साथ अपने रिश्ते मजबूत कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ रूस, चीन और Global South के देशों के साथ भी सक्रिय संपर्क बनाए हुए है। BRICS इस संतुलित विदेश नीति का एक अहम हिस्सा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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मोदी-पुतिन फिर एक कार में साथ दिखे, बख्तरबंद Aurus Senat में प्रदर्शनी तक किया सफर

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की शुक्रवार को दिल्ली में हुई मुलाकात के बाद दोनों नेताओं की एक तस्वीर चर्चा में है। द्विपक्षीय बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी और पुतिन एक ही कार में सवार होकर इनोप्रोम प्रदर्शनी तक पहुंचे। दोनों नेताओं के साथ सफर करने वाली यह कार रूसी राष्ट्रपति की बख्तरबंद Aurus Senat बताई जा रही है। दोनों नेताओं का एक साथ कार में जाना भारत-रूस संबंधों के बीच उनकी व्यक्तिगत बॉन्डिंग को लेकर भी चर्चा का विषय बना। 12 दिन पहले भी साथ किया था सफर प्रधानमंत्री मोदी और पुतिन इससे पहले करीब 12 दिन पहले 31 अगस्त को किर्गिस्तान के बिश्केक में भी एक साथ कार में सफर करते नजर आए थे। दोनों नेताओं के बीच इस तरह की अनौपचारिक मुलाकातें और साथ यात्रा करना भारत-रूस संबंधों के अलावा दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत संवाद को भी दर्शाता है। विदेशी नेताओं के साथ पहले भी कार में सफर कर चुके हैं मोदी प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी का किसी विदेशी नेता के साथ कार में सफर करने का यह पहला मौका नहीं है। 2014 के बाद वह कई वैश्विक नेताओं के साथ कार में यात्रा कर चुके हैं। इनमें अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों समेत कई विदेशी नेता शामिल हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, मोदी अब तक करीब 11 बार विदेशी नेताओं के साथ कार राइड कर चुके हैं। मोदी और पुतिन की शुक्रवार की कार राइड को भी दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों और नेताओं के बीच सहज संवाद के संदर्भ में देखा जा रहा है।
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अब QR स्कैन किए बिना होगा UPI पेमेंट, फोन को POS मशीन पर टैप करते ही ₹5 हजार तक भुगतान

मुंबई। UPI से पेमेंट करने का तरीका जल्द और आसान होने जा रहा है। अब यूजर्स को हर बार QR कोड स्कैन करने और UPI PIN डालने की जरूरत नहीं होगी। NFC सपोर्ट वाले स्मार्टफोन को मर्चेंट की POS मशीन पर टैप करके पेमेंट किया जा सकेगा। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने शुक्रवार को UPI को और सुविधाजनक बनाने के लिए दो नए फीचर लॉन्च किए। इनमें ‘UPI Tap & Pay’ और AI आधारित ‘My UPI’ प्लेटफॉर्म शामिल हैं। मुंबई में आयोजित Global Fintech Fest 2026 के दौरान RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने इन फीचर्स को रोलआउट किया। UPI Tap & Pay ऐसे करेगा काम अभी UPI पेमेंट के लिए यूजर को QR कोड स्कैन करना होता है। इसके बाद राशि दर्ज करने और UPI PIN डालने की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती है। नई UPI Tap & Pay सुविधा में NFC सपोर्ट वाले स्मार्टफोन को मर्चेंट की सपोर्टेड POS मशीन पर सिर्फ टैप करना होगा। इसके बाद पेमेंट की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। हालांकि, यह सुविधा केवल उन POS मशीनों पर काम करेगी जो इस तकनीक को सपोर्ट करती हैं। ₹5 हजार तक के पेमेंट में PIN की जरूरत नहीं नई सुविधा के तहत ₹5,000 तक के पेमेंट के लिए UPI PIN की जरूरत नहीं होगी। इससे अधिक राशि के ट्रांजैक्शन के लिए यूजर को POS मशीन की स्क्रीन या अपने UPI ऐप पर PIN दर्ज करना होगा। बिना इंटरनेट के भी हो सकेगा पेमेंट UPI Tap & Pay में फोन का मोबाइल डेटा या Wi-Fi चालू होना जरूरी नहीं होगा। POS मशीन का इंटरनेट कनेक्शन पेमेंट को नेटवर्क से कनेक्ट करेगा। Tokenization से सुरक्षित रहेगा डेटा पेमेंट के दौरान यूजर की बैंक डिटेल या UPI ID सीधे मर्चेंट के साथ साझा नहीं होगी। UPI ऐप एक सुरक्षित और एन्क्रिप्टेड टोकन तैयार करेगा, जिसके जरिए ट्रांजैक्शन पूरा होगा। इससे संवेदनशील भुगतान जानकारी को सीधे साझा करने की जरूरत कम होगी। My UPI में AI से मिलेगी पेमेंट की जानकारी NPCI ने दूसरा फीचर ‘My UPI’ नाम से लॉन्च किया है। यह AI आधारित प्लेटफॉर्म है, जो यूजर को एक ही इंटरफेस पर UPI से जुड़ी कई जानकारियां उपलब्ध कराने के लिए तैयार किया गया है। FiMI मॉडल पर आधारित है My UPI My UPI को NPCI के इन-हाउस FiMI यानी Finance Model for India स्मॉल लैंग्वेज मॉडल पर आधारित बताया गया है। यह प्लेटफॉर्म UPI ट्रांजैक्शन, एक्टिव ऑटो-पे मेंडेट और पेमेंट हिस्ट्री को एक जगह देखने की सुविधा देगा। संदिग्ध ट्रांजैक्शन पर Safety Switch My UPI में Safety Switch फीचर भी दिया गया है। इसके जरिए यूजर को किसी संदिग्ध या संभावित धोखाधड़ी वाले ट्रांजैक्शन की स्थिति में डेबिट ट्रांजैक्शन रोकने में मदद मिलेगी। इसके अलावा ऑटोमेटेड चार्जबैक सिस्टम के जरिए फेल हुए ट्रांजैक्शन के रिफंड की प्रक्रिया को तेज करने का प्रावधान किया गया है। 24 घंटे AI कस्टमर सपोर्ट My UPI का AI आधारित सपोर्ट सिस्टम यूजर्स को 24 घंटे गाइडेंस देने के लिए तैयार किया गया है। यह अलग-अलग भाषाओं में UPI से जुड़े सवालों और समस्याओं को समझकर सहायता उपलब्ध कराने का काम करेगा। क्या होता है Small Language Model? Small Language Model यानी SLM आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का ऐसा मॉडल होता है जिसे किसी खास क्षेत्र के डेटा और जरूरतों के हिसाब से तैयार किया जाता है। NPCI का FiMI मॉडल पेमेंट और वित्तीय सुरक्षा से जुड़े सवालों को समझने और उनका जवाब देने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।
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BRICS बिजनेस फोरम में पुतिन का G7 पर तंज, बोले- पश्चिम कमजोर हो रहा; मोदी ने सुरक्षित समुद्री रास्तों पर दिया जोर

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत BRICS देशों के नेताओं ने शुक्रवार को BRICS बिजनेस फोरम में वैश्विक व्यापार, अर्थव्यवस्था और कारोबारी सहयोग पर चर्चा की। इस दौरान रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने पश्चिमी देशों और G7 को लेकर तीखी टिप्पणी की। पुतिन बोले- पश्चिम कमजोर हो रहा BRICS बिजनेस फोरम में व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में BRICS देशों का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने अमेरिका और यूरोप पर निशाना साधते हुए कहा कि पश्चिम अब कमजोर हो रहा है और सवाल उठाया कि ये देश खुद को G7 क्यों कहते हैं। पुतिन के मुताबिक, PPP यानी खरीद क्षमता समानता के आधार पर BRICS देशों की वैश्विक अर्थव्यवस्था में हिस्सेदारी करीब 40% है, जबकि G7 की हिस्सेदारी करीब 18% है। हालांकि, G7 का वैश्विक प्रभाव अभी भी काफी मजबूत माना जाता है। डॉलर, अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग, निवेश और तकनीक के क्षेत्र में अमेरिका और उसके सहयोगी देशों का प्रभाव महत्वपूर्ण है। वहीं BRICS की प्रमुख ताकत बड़ी आबादी, प्राकृतिक संसाधन और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाएं हैं। PM मोदी बोले- भारत व्यापार बढ़ाना चाहता है इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS बिजनेस फोरम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि BRICS देशों में दुनिया की करीब आधी आबादी रहती है और ये देश वैश्विक GDP में बड़ा योगदान देते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत BRICS देशों के साथ व्यापार और आर्थिक सहयोग को और मजबूत करना चाहता है। इसके लिए सुरक्षित और स्थिर समुद्री व्यापार मार्ग बेहद जरूरी हैं। मोदी ने वैश्विक व्यापार को बढ़ावा देने के लिए देशों के बीच बेहतर सहयोग और भरोसे की आवश्यकता पर भी जोर दिया। मोदी-पुतिन के बीच 45 मिनट हुई बैठक BRICS कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच करीब 45 मिनट तक बैठक हुई। दोनों नेताओं के बीच भारत-रूस संबंधों के साथ-साथ मिडिल ईस्ट और ब्लैक सी क्षेत्र की स्थिति पर भी चर्चा हुई। बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी और पुतिन एक ही कार में इंडस्ट्रियल एग्जीबिशन पहुंचे। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच अनौपचारिक बातचीत भी देखने को मिली। पुतिन ने मोदी को रूस आने का न्योता दिया बैठक के दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 24वें भारत-रूस समिट में शामिल होने के लिए रूस आने का न्योता दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने निमंत्रण स्वीकार कर लिया। इस बैठक को भारत और रूस के बीच रणनीतिक एवं आर्थिक संबंधों को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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मां कूष्मांडा

Navratri 2026: चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा, जानें कथा, भोग और मंत्र

नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं में उन्हें सृष्टि की रचनात्मक ऊर्जा से जोड़ा जाता है। माना जाता है कि उनकी आराधना से भक्तों को उत्साह, सकारात्मकता और नई शुरुआत की प्रेरणा मिलती है। मां कूष्मांडा की पौराणिक कथा पौराणिक मान्यता के अनुसार, जब चारों ओर अंधकार था, तब मां कूष्मांडा ने अपनी दिव्य मुस्कान से ब्रह्मांड की रचना की। इसी कारण उन्हें सृष्टि की आदिशक्ति के रूप में पूजा जाता है। यह कथा सृजन और ऊर्जा के महत्त्व को दर्शाती है। मां का स्वरूप और महत्त्व पूजा विधि मंत्र: ॐ देवी कूष्माण्डायै नमः। भोग: मां को मालपुआ या मीठे फल अर्पित करने की परंपरा कुछ क्षेत्रों में प्रचलित है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Gandhinagar

Gandhinagar Municipal Election: भाजपा को बहुमत, कांग्रेस को फायदा; AAP को एक भी सीट नहीं

Gandhinagar Municipal Election गुजरात की राजधानी गांधीनगर के नगर निगम चुनाव में भाजपा ने एक बार फिर अपना दबदबा कायम रखा है। 44 सीटों वाले नगर निगम में भाजपा ने 38 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया। वहीं, कांग्रेस 5 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर रही, जबकि आम आदमी पार्टी (AAP) इस बार अपना खाता भी नहीं खोल पाई। एक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत दर्ज की। 13 अक्टूबर को सामने आए चुनाव परिणामों में भाजपा के लिए राहत की बात यह रही कि नगर निगम की सत्ता उसके पास बनी रही। हालांकि, पिछली बार के मुकाबले पार्टी की सीटें कम हुई हैं। दूसरी ओर, कांग्रेस ने अपनी सीटों की संख्या बढ़ाकर स्थानीय राजनीति में अपनी मौजूदगी मजबूत की है। Gandhinagar Election Result: BJP को 38, कांग्रेस को मिलीं 5 सीटें गांधीनगर नगर निगम की 44 सीटों के लिए 11 अक्टूबर को मतदान हुआ था। चुनाव में अलग-अलग राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाई। मतगणना के बाद भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई। पार्टीवार नतीजे इस प्रकार रहे: इन आंकड़ों से साफ है कि भाजपा ने नगर निगम में बहुमत बनाए रखा है। वहीं, कांग्रेस को मिली पांच सीटें और AAP का खाता नहीं खुलना इस चुनाव के प्रमुख नतीजे रहे। पिछली बार से BJP की सीटें घटीं, कांग्रेस ने बढ़ाई ताकत गांधीनगर नगर निगम के पिछले चुनाव अक्टूबर 2021 में हुए थे। उस समय भाजपा ने 44 में से 41 सीटों पर जीत दर्ज की थी। कांग्रेस को दो सीटें मिली थीं, जबकि आम आदमी पार्टी ने भी एक सीट हासिल की थी। इस बार तस्वीर में कुछ बदलाव देखने को मिला। भाजपा की सीटें 41 से घटकर 38 रह गईं, जबकि कांग्रेस दो से बढ़कर पांच सीटों तक पहुंच गई। AAP पिछले चुनाव में मिली अपनी एकमात्र सीट भी नहीं बचा सकी। यानी भाजपा ने अपनी सत्ता कायम रखी, लेकिन कांग्रेस ने पिछली बार के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया। इन नतीजों ने गांधीनगर की स्थानीय राजनीति में दोनों प्रमुख दलों की स्थिति को फिर चर्चा में ला दिया है। Ward No. 6 Result: कांग्रेस ने चारों सीटों पर दर्ज की जीत गांधीनगर नगर निगम चुनाव में वार्ड नंबर 6 का परिणाम भी खास रहा। यहां कांग्रेस ने सभी चार सीटों पर जीत दर्ज की। वार्ड नंबर 7 में भी कांग्रेस को एक सीट मिली, जबकि बाकी तीन सीटों पर भाजपा के उम्मीदवार विजयी रहे। इसके अलावा, वार्ड नंबर 2 में निर्दलीय उम्मीदवार दीपिका वाघेला ने जीत हासिल की। यह परिणाम दिखाता है कि भाजपा को कुल मिलाकर स्पष्ट बहुमत मिलने के बावजूद कुछ वार्डों में मुकाबला अलग रहा। Gandhinagar Municipal Election: कितना रहा मतदान? गांधीनगर नगर निगम चुनाव में 59.25 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। चुनाव के लिए 11 वार्डों की 44 सीटों पर कुल 130 उम्मीदवार मैदान में थे। 11 अक्टूबर को मतदान के बाद 13 अक्टूबर को मतगणना हुई। नतीजे सामने आने के साथ ही यह स्पष्ट हो गया कि भाजपा नगर निगम में अपना बहुमत बरकरार रखने में सफल रही है। Gujarat Civic Polls: थारा और ओखा में भी BJP को बढ़त गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों में गांधीनगर के अलावा थारा और ओखा नगरपालिका के नतीजे भी चर्चा में रहे। थारा नगरपालिका की 24 सीटों में भाजपा ने 19 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस को पांच सीटें मिलीं। वहीं, ओखा नगरपालिका में मतदान वाली 32 सीटों में भाजपा ने 29 और कांग्रेस ने तीन सीटों पर जीत दर्ज की। ओखा में चार अन्य सीटें भाजपा पहले ही निर्विरोध जीत चुकी थी। इस तरह गांधीनगर, थारा और ओखा के चुनाव परिणामों में भाजपा ने अपनी स्थिति बनाए रखी। हालांकि, गांधीनगर में कांग्रेस की सीटें बढ़ना भी इन नतीजों का एक अहम पहलू रहा। Gandhinagar Election Result 2026: आगे किस पर रहेगी नजर? चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद अब गांधीनगर नगर निगम में नई परिषद के गठन और महापौर के चयन की प्रक्रिया पर नजर रहेगी। महापौर पद को लेकर अंतिम स्थिति संबंधित आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल, चुनाव का सबसे बड़ा नतीजा यही है कि भाजपा ने 38 सीटों के साथ नगर निगम में अपना बहुमत बरकरार रखा है। कांग्रेस को पिछले चुनाव के मुकाबले तीन सीटों का फायदा हुआ, जबकि AAP इस बार एक भी सीट हासिल नहीं कर सकी। गांधीनगर के ये नतीजे स्थानीय निकाय की राजनीति में भाजपा की स्थिति और कांग्रेस की बढ़ी हुई सीटों, दोनों को सामने रखते हैं। आने वाले समय में नगर निगम के फैसलों और नई परिषद के कामकाज पर लोगों की नजर रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
UPI

UPI Charges Update: ₹2,000 से ज्यादा के पेमेंट पर 0.4% फीस, दिवाली तक टला फैसला

UPI Transaction Charges में डिजिटल पेमेंट करने वाले दुकानदारों और कारोबारियों के लिए UPI चार्ज से जुड़ा अहम अपडेट सामने आया है। ₹2,000 से ज्यादा के चुनिंदा मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4% फीस लगाने की व्यवस्था 15 अक्टूबर 2026 से लागू होनी थी, लेकिन त्योहारी सीजन को देखते हुए इसे दिवाली तक टालने की जानकारी सामने आई है। इससे त्योहारों के दौरान डिजिटल पेमेंट करने वाले कारोबारियों को फिलहाल राहत मिल सकती है। हालांकि, इस फैसले से जुड़ी नई तारीख और लागू होने वाली शर्तों की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। इसलिए ग्राहकों और दुकानदारों को किसी भी बदलाव से पहले संबंधित दिशानिर्देशों पर ध्यान देना चाहिए। UPI Payment Charges: क्या है पूरा मामला? आज देश में छोटी दुकानों से लेकर बड़े शोरूम तक UPI के जरिए भुगतान किया जाता है। सब्जी खरीदने से लेकर ऑनलाइन शॉपिंग और बड़े बिलों का भुगतान करने तक, QR कोड स्कैन करना लोगों की रोजमर्रा की आदत बन चुका है। इसी बीच ₹2,000 से ज्यादा के कुछ मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4% मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाने की चर्चा है। यह व्यवस्था 15 अक्टूबर से लागू होने वाली थी, लेकिन दिवाली के दौरान बाजार में बढ़ने वाली खरीदारी और डिजिटल लेनदेन को देखते हुए इसे आगे बढ़ाने की बात कही गई है। यहां समझना जरूरी है कि MDR का संबंध कारोबारी भुगतान से है। इसका मतलब यह नहीं है कि हर UPI यूजर को पैसे भेजने या प्राप्त करने पर अतिरिक्त फीस देनी होगी। क्या PhonePe और Google Pay से पेमेंट करना होगा महंगा? UPI चार्ज की खबर सामने आने के बाद कई लोगों के मन में सवाल है कि क्या PhonePe, Google Pay और दूसरे UPI ऐप से भुगतान करने पर अब अतिरिक्त पैसे देने होंगे। फिलहाल आम ग्राहकों को यह समझना चाहिए कि प्रस्तावित मर्चेंट चार्ज और व्यक्ति से व्यक्ति के बीच होने वाले UPI ट्रांसफर अलग-अलग हैं। सामान्य P2P ट्रांजैक्शन पर इस तरह का MDR लागू नहीं होता। इसी तरह, निर्धारित नियमों के तहत आने वाले छोटे मूल्य के मर्चेंट ट्रांजैक्शन भी इस चार्ज से बाहर रह सकते हैं। इसलिए यह मान लेना सही नहीं होगा कि ₹2,000 से अधिक का हर UPI पेमेंट महंगा हो जाएगा। दुकानदारों को क्यों मिल सकती है राहत? दिवाली के समय बाजारों में ग्राहकों की भीड़ बढ़ जाती है। कपड़े, मिठाई, इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल और घरेलू सामान की दुकानों पर डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल भी तेजी से बढ़ता है। ऐसे में ट्रांजैक्शन चार्ज से जुड़े फैसले को आगे बढ़ाने से कारोबारियों को त्योहार के दौरान भुगतान व्यवस्था में बदलाव के लिए अतिरिक्त समय मिल सकता है। खासकर छोटे दुकानदारों के लिए यह मुद्दा महत्वपूर्ण है, क्योंकि उनके कारोबार में UPI पेमेंट की बड़ी भूमिका होती है। हालांकि, चार्ज किस पर और किन शर्तों के तहत लागू होगा, यह संबंधित आधिकारिक नियमों पर निर्भर करेगा। UPI Transaction Fee: कब लागू होगा नया नियम? ₹2,000 से अधिक के पात्र मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4% फीस से जुड़े फैसले को दिवाली तक टालने की खबर सामने आई है। लेकिन नई लागू तारीख और अंतिम नियमों की पुष्टि आधिकारिक घोषणा से ही की जानी चाहिए। इसलिए ग्राहकों और कारोबारियों को फिलहाल किसी भी अपुष्ट जानकारी के आधार पर यह नहीं मानना चाहिए कि सभी UPI पेमेंट पर चार्ज लगने वाला है। UPI यूजर्स के लिए जरूरी सलाह UPI ने देश में डिजिटल भुगतान को आसान और तेज बनाया है। ऐसे में चार्ज से जुड़ी किसी भी नई व्यवस्था का असर समझने के लिए यह जानना जरूरी है कि नियम किस प्रकार के ट्रांजैक्शन पर लागू होता है। आम यूजर्स को अपने सामान्य डिजिटल पेमेंट को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। वहीं, दुकानदारों को किसी भी संभावित चार्ज के बारे में अपने बैंक या पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर से जानकारी लेनी चाहिए। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
SIR

Patna SIR Protest: पटना में छात्रों का हंगामा, बैरिकेडिंग तोड़ी; छात्राओं को खींचकर ले जाने का आरोप

बिहार की राजधानी पटना (Patna) में SIR (Special Intensive Revision) के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के विरोध में सड़क पर उतरे छात्रों और प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की खबर सामने आई। वहीं, पुलिस की गाड़ी की चाबी लेकर भागने और प्रदर्शन कर रही छात्राओं को खींचकर ले जाने के आरोपों ने भी इस मामले को चर्चा में ला दिया है। प्रदर्शन की इन घटनाओं के बीच अब पुलिस की कार्रवाई और SIR की प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों पर सबकी नजर है। Patna में SIR के खिलाफ प्रदर्शन, सड़क पर उतरे छात्र पटना में SIR के विरोध में छात्रों और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों की नाराजगी मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर है। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता जरूरी है, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम गलती से मतदाता सूची से न हटे। SIR यानी Special Intensive Revision का उद्देश्य मतदाता सूची की विशेष जांच और उसे अपडेट करना है। हालांकि, इस प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों और कुछ संगठनों ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए। Protest के दौरान टूटी बैरिकेडिंग, पुलिस से टकराव प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी। रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी। इसके बाद मौके पर तनाव बढ़ गया और पुलिस के साथ टकराव की स्थिति बन गई। इसी दौरान पुलिस की गाड़ी की चाबी लेकर भागने की घटना भी सामने आई है। हालांकि, इस घटना की परिस्थितियों और इसमें शामिल लोगों के बारे में आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। छात्राओं को खींचकर ले जाने का आरोप पटना में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि प्रदर्शन कर रही कुछ छात्राओं को पुलिसकर्मी खींचकर वहां से ले गए। इस घटना को लेकर प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस के व्यवहार पर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, छात्राओं की संख्या, उन्हें हिरासत में लिए जाने की स्थिति और इस मामले में पुलिस का पक्ष स्पष्ट होने के बाद ही घटनाक्रम की पूरी जानकारी सामने आएगी। क्या है SIR और क्यों हो रहा है इसका विरोध? SIR का पूरा नाम Special Intensive Revision है। यह मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया है, जिसके तहत मतदाताओं के विवरण की जांच की जाती है और सूची को अपडेट किया जाता है। इस प्रक्रिया का विरोध कर रहे संगठनों की प्रमुख चिंता यह है कि जांच के दौरान किसी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से नहीं हटना चाहिए। उनका जोर पारदर्शिता, सही दस्तावेजों और मतदाताओं को अपनी शिकायत दर्ज कराने का उचित अवसर देने पर है। वहीं, मतदाता सूची को अपडेट करना चुनावी प्रक्रिया का अहम हिस्सा है। ऐसे में इस मुद्दे पर स्पष्ट दिशा-निर्देश और शिकायतों का समय पर समाधान महत्वपूर्ण माना जा रहा है। Patna Protest के बाद पुलिस की कार्रवाई पर नजर पटना में SIR के खिलाफ हुए इस प्रदर्शन के बाद अब पुलिस की कार्रवाई और घटनास्थल से सामने आने वाले तथ्यों पर नजर रहेगी। बैरिकेडिंग तोड़ने, पुलिस की गाड़ी की चाबी लेकर भागने और छात्राओं को खींचकर ले जाने के आरोपों की पुष्टि के लिए आधिकारिक बयान और उपलब्ध वीडियो अहम होंगे। फिलहाल, इस घटना से जुड़ी सभी जानकारियों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष और हिरासत से जुड़ी जानकारी सामने आने के बाद स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Stock Market

Stock Market Today: सेंसेक्स 600 अंक उछला, Nifty में 200 अंकों की तेजी; IT और Banking Stocks में खरीदारी

भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) में मंगलवार, 13 अक्टूबर को कारोबार के दौरान अच्छी तेजी देखने को मिली। शुरुआती उतार-चढ़ाव के बाद सेंसेक्स ने जोरदार वापसी की और 600 अंकों से ज्यादा की बढ़त दर्ज की। वहीं, निफ्टी भी करीब 200 अंक चढ़ गया। IT और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी बढ़ने से बाजार को सहारा मिला। सुबह करीब 10 बजे BSE Sensex 72,500 के ऊपर कारोबार कर रहा था, जबकि NSE Nifty 50 भी 22,500 के पार पहुंच गया। बाजार में आई इस तेजी से निवेशकों को राहत मिली। हालांकि, कई शेयरों में बिकवाली जारी रहने से बाजार की तस्वीर पूरी तरह एक जैसी नहीं रही। Sensex-Nifty में तेजी, निवेशकों को मिली राहत शेयर बाजार में मंगलवार को खरीदारी का माहौल मजबूत होता दिखाई दिया। सेंसेक्स करीब 660 अंक चढ़कर 72,585 के आसपास पहुंच गया। दूसरी ओर, निफ्टी में लगभग 202 अंकों की बढ़त दर्ज की गई और यह 22,565 के स्तर के करीब कारोबार करता नजर आया। पिछले सत्रों में बाजार पर दबाव देखने को मिला था। ऐसे में प्रमुख सूचकांकों में आई इस तेजी ने निवेशकों को कुछ राहत दी। हालांकि, बाजार में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। IT Stocks में सबसे ज्यादा हलचल मंगलवार को IT सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। HCL Technologies और Tata Consultancy Services (TCS) के शेयरों में मजबूत बढ़त दर्ज की गई। इसके अलावा Infosys और Tech Mahindra के शेयरों पर भी निवेशकों की नजर रही। IT कंपनियों के तिमाही नतीजों और कारोबार से जुड़े अपडेट का असर शेयरों पर दिखाई दिया। खासकर HCLTech के नतीजों से जुड़ी सकारात्मक खबरों ने सेक्टर में खरीदारी को बढ़ावा दिया। IT शेयरों में आई तेजी ने सेंसेक्स और निफ्टी को ऊपर ले जाने में अहम भूमिका निभाई। Banking Stocks ने भी दिया बाजार का साथ IT शेयरों के साथ बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर में भी निवेशकों ने दिलचस्पी दिखाई। HDFC Bank, State Bank of India (SBI), Bajaj Finance और Bajaj Finserv जैसे शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। बैंकिंग शेयरों में बढ़त का असर बाजार के प्रमुख सूचकांकों पर भी पड़ा। हालांकि, सभी सेक्टरों में एक जैसी तेजी नहीं रही। कुछ शेयरों में कमजोरी बनी रही, जिससे पता चलता है कि निवेशक चुनिंदा कंपनियों में ही पैसा लगा रहे थे। रुपये की मजबूती से बाजार को सहारा शेयर बाजार के अलावा मुद्रा बाजार में भी हलचल देखने को मिली। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूती से निवेशकों की धारणा को कुछ समर्थन मिला। रुपये की चाल पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के कदमों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और डॉलर की वैश्विक स्थिति का असर पड़ता है। हालांकि, आने वाले दिनों में रुपये की दिशा काफी हद तक कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक आर्थिक हालात पर निर्भर करेगी। महंगाई और कच्चे तेल पर भी रहेगी नजर बाजार में तेजी के बावजूद निवेशकों की चिंताएं पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। खुदरा महंगाई, कच्चे तेल की कीमतें, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और अंतरराष्ट्रीय बाजारों का रुख आने वाले दिनों में शेयर बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। ऐसे समय में कंपनियों के तिमाही नतीजे भी महत्वपूर्ण हैं। बेहतर नतीजे पेश करने वाली कंपनियों के शेयरों में खरीदारी बढ़ सकती है, जबकि कमजोर प्रदर्शन करने वाले शेयरों पर दबाव बना रह सकता है। निवेशकों के लिए क्या है संकेत? सेंसेक्स और निफ्टी में आई तेजी बाजार के लिए राहत की खबर है, लेकिन इसे लगातार तेजी की गारंटी नहीं माना जा सकता। बाजार में निवेश करने से पहले कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, शेयर की कीमत और उससे जुड़े जोखिमों को समझना जरूरी है। कुल मिलाकर, 13 अक्टूबर को IT और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी के दम पर भारतीय शेयर बाजार ने मजबूती दिखाई। अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि बाजार अपनी बढ़त को कितना बरकरार रखता है और आने वाले कारोबारी सत्रों में वैश्विक संकेत किस तरह असर डालते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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