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PM Modi-LK Advani Meeting: 25 साल पूरे होने पर आडवाणी से मिले पीएम मोदी

PM Modi के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे हो गए हैं। इस खास मौके पर पीएम मोदी ने बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी से मुलाकात की। दोनों नेताओं की मुलाकात की तस्वीरें सामने आई हैं, जिनमें पीएम मोदी आडवाणी से मिलते और उनका आशीर्वाद लेते नजर आए। नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी। यहीं से संवैधानिक पद पर उनके सार्वजनिक जीवन की शुरुआत हुई। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में करीब 13 साल काम करने के बाद वह 2014 में देश के प्रधानमंत्री बने। इसके बाद 2019 और 2024 में भी उन्होंने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। 25 साल के सफर में आडवाणी से मुलाकात रही खास पीएम मोदी और लालकृष्ण आडवाणी का राजनीतिक रिश्ता काफी पुराना है। बीजेपी संगठन में काम करने के दौरान दोनों नेताओं ने लंबे समय तक साथ काम किया। आडवाणी बीजेपी के उन वरिष्ठ नेताओं में रहे हैं, जिनके साथ नरेंद्र मोदी के राजनीतिक सफर के शुरुआती दौर के कई अहम पड़ाव जुड़े रहे। ऐसे में सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने के मौके पर पीएम मोदी का आडवाणी से मिलना खास माना जा रहा है। मुलाकात की तस्वीरों में दोनों नेताओं के बीच आत्मीयता भी दिखाई दी। मंदिर में भी पहुंचे पीएम मोदी इस खास दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली के सरोजिनी नगर स्थित श्री विनायक मंदिर भी पहुंचे। यहां उन्होंने भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की। पीएम मोदी ने देश की प्रगति और देशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। 2001 से 2026 तक लंबा राजनीतिक सफर 7 अक्टूबर 2001 से शुरू हुआ पीएम मोदी का सफर गुजरात के मुख्यमंत्री से देश के प्रधानमंत्री तक पहुंचा। मुख्यमंत्री के तौर पर उन्होंने गुजरात में लगातार तीन विधानसभा चुनावों में बीजेपी का नेतृत्व किया। इसके बाद 2014 में लोकसभा चुनाव के बाद वह पहली बार प्रधानमंत्री बने। प्रधानमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान GST, नोटबंदी, अनुच्छेद 370 में बदलाव, सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक, राम मंदिर निर्माण और महिला आरक्षण जैसे कई बड़े फैसले हुए। इन फैसलों को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों की अलग-अलग राय रही है। 25 साल पूरे होने पर देशभर में कार्यक्रम पीएम मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने के मौके पर बीजेपी और केंद्र सरकार की ओर से कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने अपने अब तक के सफर को याद किया और भविष्य के लिए देश के सामने कई बड़े लक्ष्य भी रखे। उन्होंने विकसित भारत 2047, आत्मनिर्भर भारत, भारत को दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करने और देश को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने जैसे लक्ष्यों पर जोर दिया। दुनिया के नेताओं ने भी दी बधाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन के मौके पर भारत के कई नेताओं के साथ-साथ विदेशों से भी बधाई संदेश आए। अलग-अलग देशों के नेताओं ने पीएम मोदी के साथ अपने संबंधों और भारत के साथ द्विपक्षीय रिश्तों का जिक्र करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। इस पूरे मौके पर PM Modi और LK Advani की मुलाकात की तस्वीरें सबसे ज्यादा चर्चा में रहीं। 25 साल के लंबे राजनीतिक सफर के बीच पीएम मोदी का अपने पुराने राजनीतिक सहयोगी और बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी से मिलना इस दिन की प्रमुख तस्वीरों में शामिल रहा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Rahul Gandhi

SIR Controversy: Rahul Gandhi नहीं झुकेंगे, FIR के बाद बोले- अब Jantar Mantar पर करेंगे Protest

चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर कांग्रेस और विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को संसद से चुनाव आयोग की ओर निकला विपक्षी सांसदों का मार्च पुलिस की बैरिकेडिंग के बाद रुक गया। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई विपक्षी नेता आकाशवाणी भवन परिसर में धरने पर बैठ गए। कई घंटे चले इस विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और कुछ अन्य नेताओं को हिरासत में लिया। इस पूरे घटनाक्रम के बाद दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य नेताओं के खिलाफ FIR भी दर्ज की है। राहुल गांधी ने किया अगले Protest का ऐलान आकाशवाणी भवन में हुए प्रदर्शन के बाद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने साफ कर दिया है कि विपक्ष पीछे हटने वाला नहीं है। उन्होंने बताया कि अब जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया जाएगा। विपक्ष की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही है। Rahul Gandhi ने कहा कि अगर पुलिस को किसी जगह पर प्रदर्शन को लेकर आपत्ति है, तो उन्हें दूसरी जगह दे दी जाए। उनका कहना है कि विपक्ष अपनी बात रखने और विरोध दर्ज कराने से पीछे नहीं हटेगा। ‘मेरे लिए हर FIR एक मेडल है’ FIR दर्ज होने के सवाल पर राहुल गांधी ने सरकार और पुलिस कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ‘मेरे लिए हर FIR एक मेडल है।’ राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब आकाशवाणी भवन में प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस और दिल्ली पुलिस के बीच विवाद बढ़ गया है। कांग्रेस का कहना है कि विपक्ष चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवाल उठा रहा है और अपनी बात लोकतांत्रिक तरीके से रखना चाहता है। आकाशवाणी भवन में क्यों बैठा था विपक्ष? विपक्षी सांसदों और नेताओं ने संसद से चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च निकालने की कोशिश की थी। पुलिस ने रास्ते में बैरिकेड लगाकर मार्च को रोक दिया। इसके बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई नेता आकाशवाणी भवन परिसर में पहुंच गए और वहीं धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं ने SIR यानी Special Intensive Revision और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को उठाया। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची में गड़बड़ियों को लेकर उसकी चिंताओं का समाधान नहीं किया गया है। Rahul Gandhi समेत कई नेताओं पर FIR आकाशवाणी भवन परिसर में प्रवेश और प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस की कार्रवाई के बाद कांग्रेस ने इसे लेकर सरकार पर निशाना साधा। वहीं, पुलिस का कहना है कि बिना अनुमति परिसर में प्रवेश और प्रदर्शन से जुड़े नियमों के आधार पर कार्रवाई की गई है। मामले में आगे की जांच जारी है। अब Jantar Mantar पर नजर अब विपक्ष के अगले प्रदर्शन का केंद्र जंतर-मंतर रहने वाला है। राहुल गांधी के ऐलान के बाद इस प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। विपक्ष जहां CEC के इस्तीफे और SIR को लेकर अपनी मांगों पर कायम है, वहीं सरकार और बीजेपी विपक्ष के आरोपों को खारिज करती रही है। आकाशवाणी भवन के बाद अब जंतर-मंतर पर होने वाला प्रदर्शन इस राजनीतिक विवाद का अगला बड़ा पड़ाव माना जा रहा है। यहां विपक्ष अपनी मांगों को किस तरह उठाता है और सरकार की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर सभी की नजर रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PM Tshering Tobgay

Bhutan PM Tshering Tobgay ने PM Modi को बताया ‘Vishnu Avatar’, लेख में खोले पुराने राज

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे (PM Tshering Tobgay) का एक बयान इन दिनों चर्चा में है। टोबगे ने अपने एक लेख में पीएम मोदी को ‘भगवान विष्णु का अवतार’ बताया है। उन्होंने यह बात किसी राजनीतिक बयान के तौर पर नहीं, बल्कि अपने व्यक्तिगत अनुभव और प्रधानमंत्री मोदी के साथ लंबे समय से चले आ रहे संबंधों के संदर्भ में कही है। टोबगे ने अपने लेख में पीएम मोदी के साथ हुई पुरानी मुलाकातों को याद किया और बताया कि आखिर उन्होंने नरेंद्र मोदी को विष्णु का अवतार क्यों कहा था। उन्होंने पीएम मोदी को अपना ‘बड़ा भाई’ और Mentor भी बताया। 2019 की मुलाकात में कही थी ये बात भूटान के प्रधानमंत्री ने अपने लेख में 27 जुलाई 2019 को दिल्ली में हुई मुलाकात का खास तौर पर जिक्र किया। उस समय शेरिंग टोबगे भूटान के प्रधानमंत्री नहीं थे। उनकी पार्टी चुनाव हार चुकी थी और वह सांसद भी नहीं थे। इसके बावजूद पीएम मोदी ने उनसे मुलाकात की। टोबगे के मुताबिक, इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को उनके पुराने कार्यकाल में मिले सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। इसी बातचीत में उन्होंने कहा कि वह मोदी को अपने बड़े भाई की तरह मानते हैं। टोबगे ने आगे बताया कि उन्होंने पीएम मोदी से कहा था कि वह उन्हें ‘विष्णु का अवतार’ मानते हैं। बाद में उन्होंने खुद भी इस बात पर विचार किया कि आखिर उन्होंने ऐसा क्यों कहा था। PM Modi के नेतृत्व में दिखे ये गुण टोबगे ने अपने लेख में पीएम मोदी के नेतृत्व की तुलना भूटान की बौद्ध परंपराओं में बताए गए कुछ मूल्यों से की। उन्होंने ज्ञान, करुणा, साहस और लोगों की सेवा जैसे गुणों को अच्छे नेतृत्व का आधार बताया। उनके अनुसार, एक नेता के लिए सिर्फ सत्ता में होना जरूरी नहीं है, बल्कि लोगों के लिए काम करने और बड़े लक्ष्य को जमीन पर उतारने की क्षमता भी महत्वपूर्ण है। टोबगे ने दावा किया कि उन्हें पीएम मोदी के काम करने के तरीके में ये गुण दिखाई देते हैं। ‘Viksit Bharat’ Mission की भी तारीफ भूटान के प्रधानमंत्री ने पीएम मोदी के ‘Viksit Bharat’ विजन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने का लक्ष्य सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि एक बड़े राष्ट्रीय मिशन के रूप में सामने आया है। लेख में उन्होंने ‘Sabka Saath, Sabka Vikas’ और ‘Sabka Prayas’ जैसे नारों का भी जिक्र किया। टोबगे के मुताबिक, इतने बड़े लक्ष्य को हासिल करने के लिए देश के लोगों, संस्थाओं और सरकार के सामूहिक प्रयास की जरूरत होगी। 2014 की Bhutan Visit भी रही खास टोबगे ने पीएम मोदी की 2014 की भूटान यात्रा को भी याद किया। प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी की यह पहली विदेश यात्रा थी। उस समय शेरिंग टोबगे खुद भूटान के प्रधानमंत्री थे। टोबगे के मुताबिक, दोनों देशों के रिश्तों को लेकर पीएम मोदी ने ‘B4B’ यानी Bharat for Bhutan और Bhutan for Bharat की भावना पर जोर दिया था। इसके बाद भारत और भूटान के बीच विकास, ऊर्जा, कनेक्टिविटी और दूसरे क्षेत्रों में सहयोग लगातार आगे बढ़ा। भारत के सहयोग का भी किया जिक्र अपने लेख में टोबगे ने भूटान की विकास यात्रा में भारत के सहयोग को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने दोनों देशों के बीच आर्थिक और विकास साझेदारी का जिक्र करते हुए कहा कि भारत की मदद से भूटान में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पुल, ऊर्जा और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में कई परियोजनाएं आगे बढ़ी हैं। उन्होंने भूटान की 13वीं पंचवर्षीय योजना के लिए भारत की ओर से घोषित सहायता का भी उल्लेख किया। PM Modi को मिला Bhutan का सर्वोच्च सम्मान टोबगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भूटान के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘Order of the Druk Gyalpo’ से सम्मानित किए जाने का भी जिक्र किया। पीएम मोदी को यह सम्मान 2024 में दिया गया था। भूटान की ओर से दिए गए इस सम्मान को दोनों देशों के बीच मजबूत रिश्तों और प्रधानमंत्री मोदी के योगदान से जोड़कर देखा गया। 2024 की मुलाकात में फिर याद आया ‘अवतार’ वाला किस्सा टोबगे ने अपने लेख में मार्च 2024 की मुलाकात का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस दौरान 2019 में कही गई अपनी बात को लेकर उन्होंने फिर विचार किया। टोबगे ने लिखा कि उन्हें अब भी लगता है कि पीएम मोदी को भगवान विष्णु का अवतार कहना गलत नहीं था। उन्होंने आगे अपने विचार में पीएम मोदी की तुलना भगवान विष्णु के कल्कि अवतार से भी की। हालांकि, यह शेरिंग टोबगे की व्यक्तिगत व्याख्या और उनके लेख में व्यक्त विचार है। PM Modi ने खुद शेयर किया लेख शेरिंग टोबगे के इस लेख को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया पर शेयर किया। पीएम मोदी ने टोबगे के विचारों को साझा करते हुए भारत और भूटान के बीच दोस्ती और आपसी विश्वास को भी रेखांकित किया। टोबगे का यह लेख ऐसे समय सामने आया है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में शीर्ष कार्यकारी पद पर 25 साल पूरे होने की चर्चा हो रही है। लेख में टोबगे ने अपने व्यक्तिगत अनुभवों के जरिए पीएम मोदी के नेतृत्व, भारत-भूटान संबंधों और ‘Viksit Bharat’ के विजन पर अपनी बात रखी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Weather

Weather Update: यूपी के 7 जिलों में Flood, लखनऊ में 6 दोस्त बहे; MP-Bihar समेत 9 राज्यों में Rain Alert

अक्टूबर की शुरुआत के साथ ही देश के कई हिस्सों में मौसम (Weather) ने एक बार फिर करवट ले ली है। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। लखनऊ में बाढ़ के पानी में छह दोस्तों के बहने की घटना ने लोगों को झकझोर दिया। वहीं उत्तराखंड और हरियाणा में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई है। मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश, बिहार समेत करीब 9 राज्यों में आने वाले दिनों में बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई है। यूपी में Flood की स्थिति, 7 जिले प्रभावित उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने कई इलाकों की मुश्किल बढ़ा दी है। राज्य के सात जिलों में बाढ़ की स्थिति बताई जा रही है। कई जगह निचले इलाकों में पानी भरने के कारण लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी के आसपास के इलाकों में भी पानी पहुंच गया। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य चलाया जा रहा है। लखनऊ में 6 दोस्त बाढ़ के पानी में बहे लखनऊ के इटौंजा इलाके में बाढ़ के पानी में छह दोस्तों के बहने की घटना सामने आई। राहत और बचाव टीम ने पांच युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जबकि एक युवक की जान चली गई। इस हादसे के बाद इलाके में मातम का माहौल है। बारिश और जलभराव के बीच प्रशासन लगातार लोगों से नदी और तेज बहाव वाले पानी से दूर रहने की अपील कर रहा है। उत्तराखंड में बारिश के साथ गिरे ओले उत्तराखंड में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है। कई इलाकों में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई है, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की खबर है। इससे पहाड़ी इलाकों में ठंड का असर भी बढ़ने लगा है। मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक खराब मौसम को लेकर Alert जारी किया है। लोगों को पहाड़ी रास्तों पर यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। हरियाणा में भी ओलावृष्टि, किसानों की बढ़ी चिंता हरियाणा के कुछ हिस्सों में तेज बारिश के साथ ओले गिरे हैं। पंचकूला में ओलावृष्टि दर्ज की गई, जबकि यमुनानगर में बारिश के कारण खुले में रखी धान की फसल भीग गई। अचानक हुई बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। इस समय खेतों और मंडियों में फसल को सुरक्षित रखना बड़ी चुनौती बन गया है। बिहार में भी Flood का असर बिहार में भी नदियों का जलस्तर बढ़ने से कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। गंगा और गंडक समेत कुछ नदियों के बढ़ते पानी का असर आसपास के गांवों पर पड़ा है। कई जिलों में बड़ी संख्या में लोग बाढ़ से प्रभावित बताए जा रहे हैं। स्थानीय प्रशासन की ओर से राहत कार्य और लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की कोशिश जारी है। MP समेत 9 राज्यों में Rain Alert मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक मध्य प्रदेश, बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, झारखंड और छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में बारिश हो सकती है। मध्य प्रदेश में भी कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। ऐसे में लोगों को मौसम की स्थिति देखकर ही यात्रा करने और खुले स्थानों पर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मौसम का बदला मिजाज बढ़ा रहा परेशानी मानसून की विदाई के दौर में अचानक हुई बारिश ने कई राज्यों में लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। कहीं बाढ़ से जनजीवन प्रभावित है तो कहीं ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल मौसम विभाग की नजर लगातार बदल रहे सिस्टम पर है। अगले कुछ दिनों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना के बीच प्रशासन भी संवेदनशील इलाकों में सतर्कता बरत रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Rajpal Yadav

Rajpal Yadav Court Case: कोर्ट में Emotional हुए एक्टर, बोले- ‘मैं खुद Drama बन गया हूं’, 1.15 करोड़ देने को राजी

बॉलीवुड के जाने-माने कॉमेडियन और एक्टर राजपाल यादव (Rajpal Yadav) एक कानूनी मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट में भावुक नजर आए। सुनवाई के दौरान उन्होंने अपनी स्थिति पर बात करते हुए कहा, “मैं खुद ड्रामा बन गया हूं।” उनकी यह बात सुनकर कोर्ट का माहौल भी कुछ देर के लिए भावुक हो गया। मामले की सुनवाई के दौरान राजपाल यादव ने विवाद को खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 1.15 करोड़ रुपये देने पर सहमति जताई। बताया जा रहा है कि यह रकम संबंधित मामले के निपटारे के लिए दी जानी है। कोर्ट में भावुक हुए राजपाल यादव राजपाल यादव अपनी कॉमिक टाइमिंग और मजेदार किरदारों के लिए जाने जाते हैं। लेकिन इस बार वह किसी फिल्मी सीन की वजह से नहीं, बल्कि एक कानूनी मामले को लेकर चर्चा में हैं। कोर्ट में अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा कि हालात ने उन्हें ऐसी स्थिति में ला खड़ा किया है, जहां “मैं खुद ड्रामा बन गया हूं।” उनकी इस टिप्पणी से यह साफ नजर आया कि लंबे समय से चल रहे विवाद का असर उन पर भी पड़ा है। 1.15 करोड़ रुपये देने को तैयार सुनवाई के दौरान राजपाल यादव ने मामले को सुलझाने के लिए 1.15 करोड़ रुपये की रकम देने की सहमति जताई। अब इस भुगतान और मामले के आगे के कानूनी पहलुओं को लेकर कोर्ट की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। यह कदम इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि राजपाल यादव ने विवाद को आगे बढ़ाने के बजाय उसे बातचीत और भुगतान के जरिए खत्म करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। फिर चर्चा में आए राजपाल यादव राजपाल यादव ने अपने करियर में कॉमेडी से लेकर गंभीर भूमिकाओं तक दर्शकों का मनोरंजन किया है। ‘भूल भुलैया’, ‘ढोल’, ‘हंगामा’ और ‘फिर हेरा फेरी’ जैसी फिल्मों में उनके किरदार आज भी लोगों को याद हैं। ऐसे में कोर्ट से जुड़ी यह खबर सामने आने के बाद वह एक बार फिर सुर्खियों में हैं। फिलहाल मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सबकी नजर रहेगी। 1.15 करोड़ रुपये के भुगतान को लेकर राजपाल यादव की सहमति के बाद अब यह देखना होगा कि विवाद का अंतिम समाधान किस तरह होता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Virat Kohli

Virat Kohli का बड़ा खुलासा प्रेमानंद जी के दर्शन के लिए 5 करोड़ लेने की बात झूठी, बोले- श्रद्धा से जाता हूं

भारतीय क्रिकेट के स्टार Virat Kohli एक बार फिर प्रेमानंद जी महाराज के आश्रम जाने को लेकर चर्चा में हैं। इस बार मामला उनके आध्यात्मिक जुड़ाव से ज्यादा एक ऐसे दावे को लेकर है, जिसमें कहा गया था कि उन्होंने प्रेमानंद जी के दर्शन के लिए 5 करोड़ रुपये दिए थे। विराट कोहली ने इस बात को साफ तौर पर गलत बताया है। कोहली ने कहा कि वह प्रेमानंद जी महाराज के आश्रम पैसों के लिए नहीं, बल्कि श्रद्धा और सम्मान की वजह से जाते हैं। उनके मुताबिक, 5 करोड़ रुपये लेकर दर्शन करने की बात पूरी तरह झूठी है। 5 करोड़ रुपये देने का दावा कितना सही? विराट कोहली को लेकर यह दावा फलहारी महाराज की ओर से सामने आया था। इसमें कहा गया था कि कोहली ने प्रेमानंद जी महाराज के दर्शन के लिए 5 करोड़ रुपये दिए हैं। दावा सामने आने के बाद यह बात सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आ गई। हालांकि, अब विराट कोहली ने खुद इस दावे पर अपना पक्ष रखा है और इसे गलत बताया है। उन्होंने साफ किया कि आश्रम जाने के पीछे किसी तरह का आर्थिक लेन-देन नहीं है। प्रेमानंद जी महाराज से क्यों मिलते हैं Virat Kohli? विराट कोहली का प्रेमानंद जी महाराज से मिलना कोई नया मामला नहीं है। कोहली और उनका परिवार भी उनके आश्रम पहुंच चुका है। इन मुलाकातों की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद क्रिकेट फैंस के बीच भी काफी चर्चा हुई थी। कोहली के मुताबिक, प्रेमानंद जी महाराज के प्रति उनके मन में श्रद्धा और सम्मान है। यही वजह है कि वह समय मिलने पर आश्रम पहुंचते हैं और उनसे आशीर्वाद लेते हैं। Spiritual side को लेकर भी चर्चा में रहे हैं कोहली क्रिकेट के मैदान पर आक्रामक अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले विराट कोहली अपनी spiritual journey को लेकर भी कई बार सुर्खियों में रहे हैं। पिछले कुछ समय में उनका आध्यात्मिक स्थलों पर जाना और संतों से मुलाकात करना लोगों का ध्यान खींचता रहा है। प्रेमानंद जी महाराज से उनकी मुलाकात भी इसी कड़ी का हिस्सा मानी जाती है। ऐसे में 5 करोड़ रुपये वाले दावे ने इस मुलाकात को एक अलग वजह से चर्चा में ला दिया। कोहली की सफाई के बाद सामने आया उनका पक्ष पूरे मामले में सबसे अहम बात यह है कि 5 करोड़ रुपये देने के दावे को विराट कोहली ने खुद खारिज किया है। उन्होंने आश्रम जाने की वजह बताते हुए कहा कि यह उनके लिए आस्था, श्रद्धा और सम्मान से जुड़ा विषय है। इस सफाई के बाद अब इस मामले में विराट कोहली का पक्ष भी सामने आ गया है। सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के बीच कोहली ने यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रेमानंद जी महाराज के दर्शन को किसी आर्थिक सौदे से जोड़ना सही नहीं है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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SIR

SIR Protest: राहुल-प्रियंका पर FIR, आकाशवाणी भवन में 8 घंटे धरना; खड़गे ने विपक्षी सांसदों को बुलाया

चुनाव आयोग और Special Intensive Revision (SIR) के मुद्दे पर विपक्ष का विरोध प्रदर्शन अब कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया है। दिल्ली के आकाशवाणी भवन परिसर में प्रवेश करने और वहां धरना देने के मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने बिना अनुमति परिसर में प्रवेश किया था। मामला उस समय बढ़ा जब INDIA Bloc के सांसद चुनाव आयोग की ओर मार्च कर रहे थे। विपक्षी नेता SIR को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराने और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार से मुलाकात की मांग कर रहे थे। आकाशवाणी भवन में 8 घंटे तक चला धरना मार्च को पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोक दिया। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कुछ अन्य विपक्षी नेता आकाशवाणी भवन परिसर में पहुंच गए। यहां नेताओं ने धरना शुरू कर दिया। रिपोर्टों के मुताबिक, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत विपक्षी नेताओं ने करीब 8 घंटे तक परिसर में धरना दिया। इस दौरान उनकी ओर से चुनाव आयोग से मुलाकात और SIR से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की मांग की जाती रही। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों से परिसर खाली करने को कहा गया था। इसके बाद पुलिस ने कुछ नेताओं को हिरासत में लिया। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। राहुल-प्रियंका समेत कई लोगों पर FIR आकाशवाणी भवन में प्रवेश को लेकर मिली शिकायत के आधार पर दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज किया है। FIR में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत अन्य नेताओं के नाम शामिल बताए गए हैं। पुलिस के अनुसार, शिकायत में बिना अनुमति परिसर में प्रवेश और प्रदर्शन से जुड़े आरोप लगाए गए हैं। मामले की जांच अब आगे बढ़ाई जा रही है। हालांकि, विपक्ष की ओर से इस कार्रवाई को लेकर अलग रुख सामने आया है और नेताओं ने अपने प्रदर्शन को लोकतांत्रिक विरोध बताया है। SIR को लेकर विपक्ष लगातार उठा रहा सवाल विपक्षी दलों का विरोध Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर है। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में लोगों के नाम प्रभावित हो सकते हैं और इसको लेकर पर्याप्त स्पष्टता जरूरी है। वहीं, चुनाव आयोग लगातार यह कहता रहा है कि मतदाता सूची को अपडेट करना और पात्र मतदाताओं के नाम सुनिश्चित करना चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा है। SIR को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बहस भी तेज है। खड़गे ने विपक्षी सांसदों को Lunch पर बुलाया इस घटनाक्रम के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने विपक्षी सांसदों को Lunch पर बुलाया है। बैठक में आकाशवाणी भवन में हुए प्रदर्शन, FIR और SIR के मुद्दे पर आगे की रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है। विपक्षी दल आगे भी चुनाव आयोग के सामने अपनी मांगें रखने की तैयारी में हैं। ऐसे में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के खिलाफ FIR ने इस पूरे विवाद को एक नया कानूनी और राजनीतिक मोड़ दे दिया है। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PM Modi

PM Modi ने याद किया 25 Years का सफर: बोले- पीछे देखता हूं तो बढ़ती है विनम्रता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने सार्वजनिक जीवन में अपने 25 साल के सफर को याद करते हुए कहा कि जब वह पीछे मुड़कर देखते हैं तो उनके अंदर विनम्रता का भाव और बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि इस लंबे सफर में कई मुश्किल दौर आए, लेकिन हर संकट अपने साथ एक नया अनुभव और सीख लेकर आया। प्रधानमंत्री मोदी के इस सफर में गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर देश के प्रधानमंत्री तक की जिम्मेदारी शामिल है। उन्होंने करीब 13 साल तक गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में काम किया और 2014 में देश की कमान संभाली। इसके बाद 2019 और 2024 में भी वह प्रधानमंत्री बने। हर मुश्किल ने कुछ नया सिखाया अपने अनुभव साझा करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जिंदगी में आने वाली चुनौतियां केवल परेशानियां नहीं होतीं, बल्कि उनसे सीखने का मौका भी मिलता है। पिछले 25 वर्षों में उन्हें अलग-अलग परिस्थितियों में काम करने और देश के लोगों के साथ सीधे जुड़ने का अवसर मिला। उन्होंने अपने राजनीतिक सफर को याद करते हुए कहा कि समय बीतने के साथ पीछे मुड़कर देखने पर कई घटनाएं और अनुभव सामने आते हैं। यही अनुभव व्यक्ति को जमीन से जुड़े रहने और लगातार सीखते रहने की प्रेरणा देते हैं। Gujarat CM से PM तक का सफर नरेंद्र मोदी ने अक्टूबर 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर जिम्मेदारी संभाली थी। करीब 13 साल तक गुजरात की राजनीति और प्रशासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के बाद 2014 में उन्होंने प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली। 2014 के बाद 2019 और फिर 2024 में लोकसभा चुनाव के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में अपना कार्यकाल जारी रखा। इस तरह मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के पद पर उनका सार्वजनिक जीवन करीब 25 साल के महत्वपूर्ण पड़ाव तक पहुंच गया है। पीछे देखने पर क्यों बढ़ती है विनम्रता? पीएम मोदी ने अपने सफर की बात करते हुए विनम्रता और सीखने की भावना को खास तौर पर सामने रखा। उनका कहना है कि लंबे सार्वजनिक जीवन में इंसान को अलग-अलग तरह की परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है और हर अनुभव कुछ नया सिखाता है। उनके मुताबिक, किसी भी सफर को केवल उपलब्धियों के नजरिए से नहीं देखना चाहिए। उसमें आई चुनौतियां, मुश्किल फैसले और उनसे मिली सीख भी उतनी ही अहम होती हैं। 25 साल के सफर में कई बड़े पड़ाव प्रधानमंत्री मोदी के 25 साल के राजनीतिक सफर के दौरान गुजरात से लेकर राष्ट्रीय राजनीति तक कई बड़े घटनाक्रम सामने आए। मुख्यमंत्री के रूप में गुजरात की जिम्मेदारी संभालने के बाद उन्होंने केंद्र की राजनीति में कदम रखा और पिछले एक दशक से ज्यादा समय से देश के प्रधानमंत्री हैं। अपने इस सफर को याद करते हुए पीएम मोदी ने अनुभवों और सीख को महत्व दिया। उनका संदेश यही रहा कि सार्वजनिक जीवन में परिस्थितियां चाहे जैसी हों, उनसे सीखते हुए आगे बढ़ते रहना जरूरी है। PM Modi का 25 साल का राजनीतिक सफर अब एक ऐसे पड़ाव पर है, जहां पीछे मुड़कर देखने के साथ-साथ आगे की जिम्मेदारियों और चुनौतियों पर भी नजर बनी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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SIR Protest

SIR Protest: राहुल-प्रियंका आकाशवाणी भवन में डटे, INDIA Bloc के नेताओं को पुलिस ने रोका

चुनाव आयोग और Chief Election Commissioner (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष और सरकार के बीच सियासी टकराव अब सड़क तक पहुंच गया है। मंगलवार को INDIA ब्लॉक के सांसदों ने संसद से चुनाव आयोग के दफ्तर तक SIR Protest निकालने की कोशिश की। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने मार्च को संसद मार्ग पर ही रोक दिया। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत विपक्षी नेताओं ने वहीं धरना शुरू कर दिया। आकाशवाणी भवन में डटे राहुल-प्रियंका मार्च रोके जाने के बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कुछ नेता आकाशवाणी भवन परिसर में पहुंच गए। रिपोर्टों के मुताबिक, राहुल गांधी और उनके साथ मौजूद नेताओं ने परिसर में बैठकर विरोध जारी रखा। चुनाव आयोग का कार्यालय आकाशवाणी भवन से कुछ ही दूरी पर है। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की। राहुल गांधी ने पुलिस बैरिकेड पर चढ़कर विरोध जताया, जबकि प्रियंका गांधी भी कुछ देर हिरासत में लिए जाने के बाद वापस आकाशवाणी भवन के पास पहुंचीं। कई विपक्षी नेता हिरासत में प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। इनमें समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और TMC के नेताओं समेत कई सांसद शामिल बताए गए हैं। दिल्ली के सेंट्रल इलाके में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई थी और प्रदर्शन के कारण कई जगह ट्रैफिक प्रभावित हुआ। विपक्षी सांसदों ने प्रदर्शन के दौरान SIR यानी Special Intensive Revision को लेकर सवाल उठाए। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची में बदलाव से बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, चुनाव आयोग और सरकार इन आरोपों को खारिज करते रहे हैं और SIR को मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया बताते हैं। CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग INDIA ब्लॉक के प्रदर्शन की सबसे बड़ी मांग Chief Election Commissioner ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की है। विपक्ष SIR प्रक्रिया को लेकर भी लगातार सवाल उठा रहा है। प्रदर्शन के दौरान सांसदों ने नारे लगाए और चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। राहुल गांधी ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। विपक्ष का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया में लोगों का भरोसा बनाए रखने के लिए Election Commission को इन सवालों का जवाब देना चाहिए। दिल्ली में बढ़ा सियासी तनाव SIR को लेकर पिछले कुछ समय से विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच विवाद लगातार बढ़ रहा है। अब INDIA ब्लॉक के सड़क पर उतरने के बाद मामला और गरमा गया है। मंगलवार के प्रदर्शन में बड़ी संख्या में विपक्षी सांसद शामिल हुए, जबकि पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए मार्च को आगे बढ़ने से रोक दिया। फिलहाल राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के आकाशवाणी भवन परिसर में धरने और विपक्षी नेताओं की हिरासत के चलते दिल्ली में राजनीतिक माहौल गर्म है। आने वाले दिनों में SIR और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर यह विवाद और तेज होने के आसार हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Weather

Weather Update: UP-Bihar में बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें, Lucknow में मंदिर डूबे; 9 राज्यों में Alert

देश के कई राज्यों में मौसम (Weather) ने एक बार फिर करवट ली है। उत्तर प्रदेश के तीन जिलों में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई है, जबकि राजधानी लखनऊ में कई इलाकों में पानी भरने से हालात बिगड़ गए हैं। वहीं बिहार में बाढ़ का असर लगातार बढ़ रहा है और करीब 8 लाख लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं। इस बीच मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार समेत 9 राज्यों में बारिश और गरज-चमक का अनुमान जताया है। यूपी में बारिश के साथ गिरे ओले उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। कई इलाकों में तेज बारिश के साथ ओले गिरे हैं। तीन जिलों में ओलावृष्टि की सूचना सामने आई है। बारिश और ओले पड़ने से तापमान में गिरावट आई है, वहीं किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई है। ऐसे में खेतों में खड़ी फसलों को लेकर किसानों की परेशानी बढ़ सकती है। लखनऊ में मंदिरों तक पहुंचा पानी राजधानी लखनऊ में बारिश और बढ़े जलस्तर के कारण कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। कुछ जगहों पर पानी मंदिर परिसरों तक पहुंच गया है। कई इलाकों में लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, गोमती नदी के जलग्रहण क्षेत्र में हुई बारिश और बढ़े जलस्तर का असर भी लखनऊ के निचले इलाकों पर पड़ा है। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव की व्यवस्था की जा रही है। बिहार में बाढ़ से 8 लाख लोग प्रभावित बिहार में भी बाढ़ की स्थिति चिंता बढ़ा रही है। कई जिलों में नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण गांवों और निचले इलाकों में पानी पहुंच गया है। बाढ़ से करीब 8 लाख लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ जरूरत के मुताबिक भोजन और अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों पर नजर रखी जा रही है। MP समेत 9 राज्यों में बारिश का अनुमान मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, उत्तर प्रदेश और बिहार के अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली समेत कुल 9 राज्यों में बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने की भी आशंका है। मौसम के इस बदलाव से तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की जरूरत बारिश और ओलावृष्टि के चलते किसानों को फसलों को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है। वहीं शहरों में जलभराव और ट्रैफिक की समस्या बढ़ सकती है। मौसम खराब होने के दौरान लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने और स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी गई है। फिलहाल यूपी में ओलावृष्टि, लखनऊ में जलभराव और बिहार में बाढ़ ने चिंता बढ़ा दी है। दूसरी ओर, कई राज्यों में बारिश का नया दौर शुरू होने की संभावना है। ऐसे में आने वाले कुछ दिन मौसम के लिहाज से महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Premanand Maharaj

Premanand Maharaj Viral Video: ‘मेरा जन्म ही नहीं हुआ…’ बयान ने खींचा लोगों का ध्यान

वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज (Premanand Maharaj) अपने प्रवचनों और आध्यात्मिक विचारों को लेकर अक्सर सोशल मीडिया पर चर्चा में रहते हैं। इन दिनों उनके एक वीडियो को लेकर लोगों के बीच काफी दिलचस्पी देखी जा रही है। ‘मेरा जन्म ही नहीं हुआ…’ जैसे शब्दों से चर्चा में आए इस वीडियो को लोग आध्यात्मिक नजरिए से समझने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, इस कथन का पूरा संदर्भ समझना जरूरी है, ताकि किसी अधूरी क्लिप के आधार पर गलत मतलब न निकाला जाए। प्रेमानंद महाराज का वीडियो क्यों हो रहा वायरल? Premanand Maharaj के प्रवचनों में अक्सर जीवन, मृत्यु, आत्मा, भगवान की भक्ति और मन की शांति जैसे विषयों पर चर्चा होती है। उनके विचारों को बड़ी संख्या में लोग सुनते और सोशल मीडिया पर साझा करते हैं। इसी वजह से उनके प्रवचनों के छोटे-छोटे वीडियो भी लोगों का ध्यान खींचते हैं। ‘मेरा जन्म ही नहीं हुआ…’ जैसे कथन को आध्यात्मिक संदर्भ में समझने के लिए यह जानना जरूरी है कि महाराज किस सवाल का जवाब दे रहे थे और उससे पहले तथा बाद में उन्होंने क्या कहा था। केवल एक वाक्य के आधार पर उनके विचारों का निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा। जीवन और आत्मा को लेकर क्या है आध्यात्मिक नजरिया? भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं में आत्मा, शरीर और जन्म-मृत्यु को लेकर अलग-अलग दार्शनिक व्याख्याएं मिलती हैं। भगवद्गीता में भी आत्मा को शरीर से अलग और अविनाशी बताया गया है। इसी तरह संतों के प्रवचनों में व्यक्ति की वास्तविक पहचान, अहंकार और ईश्वर से जुड़ाव जैसे विषयों पर चर्चा होती रहती है। ऐसे विचारों को समझने के लिए उनके मूल संदर्भ को देखना जरूरी है। किसी आध्यात्मिक कथन का अर्थ सामान्य बोलचाल के अर्थ से अलग भी हो सकता है। प्रेमानंद महाराज का पुराना भावुक वीडियो भी हुआ था वायरल हाल ही में Premanand Maharaj का एक भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। कुछ पोस्ट में दावा किया गया कि यह वीडियो उनके शिष्य रसिक दुलारी की मौत के बाद का है। हालांकि, आजतक की फैक्ट चेक रिपोर्ट के मुताबिक, यह वीडियो नया नहीं था। इसका लंबा संस्करण प्रेमानंद महाराज के आधिकारिक YouTube चैनल ‘भजन मार्ग’ पर 1 मार्च 2026 को अपलोड किया गया था। वायरल हिस्सा उसी प्रवचन में लगभग 7 मिनट 10 सेकंड पर मौजूद था। इसलिए इसे सितंबर में सामने आई घटना के बाद का वीडियो बताना भ्रामक था। इस मामले से यह भी स्पष्ट होता है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो की तारीख और संदर्भ की जांच करना जरूरी है। <escape><Cite refs={[“turn157990search0″,”turn157990search1”]}/></escape> आश्रम से जुड़ी घटनाओं के बीच भी चर्चा में हैं महाराज वृंदावन स्थित राधा केली कुंज आश्रम से जुड़े मामले और शिष्य रसिक दुलारी की मौत के बाद प्रेमानंद महाराज को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं सामने आईं। इस बीच आश्रम से जुड़ी घटनाओं के बारे में अलग-अलग दावे भी किए गए। ऐसे मामलों में पुलिस जांच और आधिकारिक जानकारी को प्राथमिकता देना जरूरी है। 9 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, प्रेमानंद महाराज का एक अन्य वीडियो भी चर्चा में आया, जिसमें उन्होंने भक्ति के मार्ग पर बने रहने की कठिनाई पर बात की। <escape><Cite refs={[“turn157990search2″,”turn585743search3”]}/></escape> वायरल वीडियो को पूरा देखना क्यों जरूरी है? सोशल मीडिया पर किसी संत या सार्वजनिक व्यक्ति के बयान का छोटा हिस्सा तेजी से वायरल हो सकता है। लेकिन कई बार वीडियो का शुरुआती या अंतिम हिस्सा न होने से उसका वास्तविक अर्थ स्पष्ट नहीं हो पाता। इसलिए किसी कथन पर राय बनाने से पहले उसका पूरा वीडियो, तारीख और मूल स्रोत देखना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Pakistan

Imran Khan की PTI को झटका! Pakistan के खैबर पख्तूनख्वा में इमरजेंसी लागू

Pakistan की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में इमरजेंसी लागू करने और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) की प्रांतीय सरकार के अधिकार सीमित किए जाने की खबर सामने आई है। इस घटनाक्रम ने पाकिस्तान की संघीय सरकार और PTI के बीच पहले से जारी टकराव को और बढ़ा दिया है। रिपोर्टों के मुताबिक, राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने संघीय कैबिनेट की सिफारिश पर इस फैसले को मंजूरी दी। सरकार ने इसके पीछे आतंकवाद और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को प्रमुख वजह बताया है। वहीं, PTI इस कदम का विरोध कर रही है। हालांकि, प्रांतीय प्रशासन में हुए बदलाव और उसके कानूनी प्रभावों से जुड़ी सभी जानकारियों की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। Khyber Pakhtunkhwa में Emergency लगाने की वजह क्या है? पाकिस्तान की संघीय सरकार का कहना है कि खैबर पख्तूनख्वा में सुरक्षा की स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है। अफगानिस्तान की सीमा से लगे इस प्रांत में आतंकवादी घटनाओं और सुरक्षा चुनौतियों के कारण लंबे समय से तनाव है। सरकार का आरोप है कि PTI के नेतृत्व वाली प्रांतीय सरकार आतंकवाद के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने में अपेक्षित सहयोग नहीं कर रही थी। इसी आधार पर संघीय कैबिनेट ने इमरजेंसी लागू करने की सिफारिश की। दूसरी ओर, PTI का कहना है कि सुरक्षा संबंधी समस्याओं का समाधान राजनीतिक अधिकारों को सीमित करके नहीं किया जा सकता। इस मामले में केंद्र सरकार और विपक्ष के दावों को अलग-अलग समझना जरूरी है। Imran Khan की PTI सरकार पर क्या पड़ेगा असर? खैबर पख्तूनख्वा को इमरान खान की पार्टी का मजबूत राजनीतिक आधार माना जाता है। ऐसे में यहां प्रशासनिक अधिकारों में बदलाव PTI के लिए अहम राजनीतिक घटनाक्रम है। यदि प्रांतीय सरकार की शक्तियां निलंबित करके प्रशासन राज्यपाल या संघीय सरकार के नियंत्रण में दिया जाता है, तो इससे शासन व्यवस्था और केंद्र-प्रांत के संबंधों पर सीधा असर पड़ सकता है। हालांकि, इमरजेंसी लागू होने और निर्वाचित सरकार के अधिकार समाप्त होने के बीच कानूनी अंतर होता है। इसलिए अंतिम स्थिति समझने के लिए राष्ट्रपति के आदेश, संबंधित संवैधानिक प्रावधानों और आधिकारिक अधिसूचना की पुष्टि आवश्यक है। इमरान खान की रिहाई को लेकर PTI का प्रदर्शन इमरान खान की रिहाई की मांग PTI के प्रमुख राजनीतिक मुद्दों में शामिल है। अगस्त 2023 से जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री के समर्थन में पार्टी लगातार सरकार पर दबाव बना रही है। PTI समर्थकों के इस्लामाबाद की ओर मार्च और संभावित प्रदर्शन को लेकर भी राजनीतिक माहौल गर्म है। पार्टी चाहती है कि इमरान खान से जुड़े मामलों में कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाए और उनकी रिहाई की मांग पर ध्यान दिया जाए। वहीं, संघीय सरकार के सामने राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती है। प्रदर्शन, सुरक्षा इंतजाम और केंद्र-विपक्ष के बीच बातचीत का परिणाम आने वाले दिनों में पाकिस्तान की राजनीति की दिशा को प्रभावित कर सकता है। PTI ने फैसले पर उठाए सवाल PTI ने केंद्र सरकार के कदम का विरोध करते हुए इसे प्रांतीय अधिकारों और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ा मुद्दा बताया है। पार्टी का तर्क है कि आतंकवाद से निपटने के लिए केंद्र और प्रांत के बीच सहयोग बढ़ाया जाना चाहिए। दूसरी तरफ, संघीय सरकार सुरक्षा स्थिति को देखते हुए अपने फैसले को जरूरी बता रही है। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप के कारण राजनीतिक तनाव बढ़ने की आशंका है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CJP

Delhi Protest: CJP नेताओं का आरोप- फ्लाइट से किया Kidnap, दिल्ली में दूसरे दिन भी प्रदर्शन

दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन को लेकर सियासी माहौल गरम है। 10 अक्टूबर को शुरू हुआ विरोध 11 अक्टूबर को भी जारी रहा। इस बीच CJP के नेताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें मुंबई से दिल्ली पहुंचने के बाद विमान के अंदर से ही हिरासत में ले लिया गया। पार्टी के नेता सौरव दास ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार अपने ही लोगों से जंग लड़ रही है। वहीं, दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान कई लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई है। यह मामला अब केवल प्रदर्शन तक सीमित नहीं है। हिरासत की कार्रवाई, चुनाव आयोग की भूमिका और शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। CJP नेताओं ने क्यों लगाया Kidnap करने का आरोप? अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका 10 अक्टूबर को मुंबई से दिल्ली पहुंचे थे। उन्हें जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होना था। नेताओं के मुताबिक, विमान के दिल्ली पहुंचने के बाद पुलिसकर्मी अंदर आए और उन्हें हिरासत में ले लिया। CJP नेताओं ने इस कार्रवाई को गलत बताते हुए आरोप लगाया कि उन्हें प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने के लिए हिरासत में लिया गया। सौरव दास ने इसे फ्लाइट से किडनैप किए जाने जैसा बताया और सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। हालांकि, पुलिस की ओर से प्रदर्शन की अनुमति नहीं होने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जरूरत का हवाला दिया गया। ऐसे में इस मामले में प्रदर्शनकारियों के आरोप और पुलिस का पक्ष अलग-अलग हैं। Delhi Protest: लगातार दूसरे दिन सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी दिल्ली में 10 अक्टूबर को प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी। कई इलाकों में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई, जबकि कुछ स्थानों पर बैरिकेडिंग भी की गई। प्रदर्शन के दौरान कई लोगों को हिरासत में लिया गया। इनमें राजनीतिक कार्यकर्ता और विरोध प्रदर्शन में शामिल अन्य लोग भी थे। 11 अक्टूबर को भी प्रदर्शन जारी रहने के बीच पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठते रहे। CJP समर्थकों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाना चाहते हैं। उनका आरोप है कि हिरासत में लेकर प्रदर्शन को रोकने की कोशिश की गई। दूसरी ओर, पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाने की बात कही। हिरासत के बाद CJP नेताओं को मिली राहत रिपोर्टों के मुताबिक, अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। इसके बाद उन्हें शांति बनाए रखने से जुड़ी शर्तों के साथ रिहा कर दिया गया। CJP नेताओं ने हिरासत की पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि लोकतंत्र में सरकार और संवैधानिक संस्थाओं के फैसलों पर सवाल उठाना नागरिकों का अधिकार है। इस मामले में हिरासत की परिस्थितियों और संबंधित कानूनी प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों पर स्पष्ट जानकारी सामने आना जरूरी है। आखिर क्यों हो रहा है Election Commission के खिलाफ प्रदर्शन? CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन का आह्वान किया था। पार्टी और उसके समर्थक मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मतदाता सूची में नाम हटाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। वे इस मामले की जांच और चुनाव आयोग से स्पष्टीकरण की मांग कर रहे हैं। वहीं, चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया का बचाव किया है। भाजपा ने भी मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपों को खारिज किया है। इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद बने हुए हैं। Democracy में Protest के अधिकार पर फिर छिड़ी बहस दिल्ली में हुई इस कार्रवाई के बाद शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी को लेकर चर्चा तेज हो गई है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अपनी बात रखने और संस्थाओं से जवाब मांगने का अधिकार लोकतंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है। दूसरी ओर, प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह कानून-व्यवस्था बनाए रखे और किसी भी आयोजन के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करे। ऐसे में जरूरी है कि पुलिस की कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों के आरोपों की जांच तथ्यों और कानूनी प्रावधानों के आधार पर हो। फिलहाल, CJP नेताओं की हिरासत और दिल्ली में लगातार दूसरे दिन हुए प्रदर्शन ने चुनाव आयोग तथा SIR को लेकर चल रही बहस को फिर चर्चा में ला दिया है। आने वाले दिनों में इस मामले पर राजनीतिक दलों और संबंधित अधिकारियों की प्रतिक्रियाएं महत्वपूर्ण रहेंगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Gautam Gambhir

Gautam Gambhir in Ujjain: महाकाल मंदिर में टेका माथा, Team India के लिए मांगा आशीर्वाद

भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीसरे T20 मुकाबले से पहले भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर (Gautam Gambhir ) उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने भारतीय टीम के बैटिंग कोच सितांशु कोटक के साथ बाबा महाकाल के दर्शन किए। गंभीर ने देश की खुशहाली और टीम इंडिया की सफलता के लिए प्रार्थना की। क्रिकेट के मैदान पर रणनीति बनाने वाले गंभीर का यह धार्मिक दौरा आस्था और खेल के जुड़ाव को दिखाता है। Gautam Gambhir ने बाबा महाकाल से क्या मांगा? उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में गौतम गंभीर ने विधि-विधान से दर्शन किए और बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। इस दौरान उनके साथ सितांशु कोटक भी मौजूद रहे। गंभीर ने कामना की कि बाबा महाकाल की कृपा देश और भारतीय क्रिकेट टीम पर बनी रहे। उनका यह दौरा ऐसे समय हुआ है, जब टीम इंडिया भारत-वेस्टइंडीज T20 सीरीज के अहम मुकाबले की तैयारी कर रही है। महाकाल मंदिर में देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। क्रिकेट जगत की हस्तियों का यहां आना भी अक्सर प्रशंसकों के बीच चर्चा का विषय बन जाता है। Mahakal Temple पहुंचे बैटिंग कोच सितांशु कोटक गौतम गंभीर के साथ भारतीय टीम के बैटिंग कोच सितांशु कोटक ने भी बाबा महाकाल के दर्शन किए। दोनों का उज्जैन दौरा भारत-वेस्टइंडीज मुकाबले से पहले हुआ। क्रिकेट में खिलाड़ियों की मेहनत, सही रणनीति और दबाव में प्रदर्शन की अहम भूमिका होती है। ऐसे में कई खिलाड़ी और खेल से जुड़े लोग बड़े मुकाबलों से पहले मंदिरों में जाकर प्रार्थना करते हैं। गंभीर का महाकाल दर्शन भी इसी वजह से चर्चा में है। India vs West Indies 3rd T20: इंदौर में होगी भिड़ंत भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीसरा T20 इंटरनेशनल मुकाबला इंदौर के होलकर स्टेडियम में खेला जाना है। इस मैच को लेकर क्रिकेट फैंस के बीच काफी उत्साह है। सीरीज के दूसरे मुकाबले में भारतीय टीम को हार का सामना करना पड़ा था। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए बड़ा स्कोर बनाया, लेकिन वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने लक्ष्य हासिल कर मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस नतीजे के बाद तीसरे मैच में भारतीय टीम की वापसी पर सबकी नजरें रहेंगी। बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी में भी बेहतर प्रदर्शन करना टीम इंडिया के लिए अहम होगा। Team India की सफलता के लिए की प्रार्थना गौतम गंभीर के लिए यह दौरा केवल मंदिर में दर्शन करने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने देश और टीम इंडिया के लिए भी शुभकामनाएं दीं। भारतीय क्रिकेट टीम के प्रशंसक भी उम्मीद कर रहे हैं कि खिलाड़ी मैदान पर अच्छा प्रदर्शन करेंगे और मुकाबले में जीत हासिल करने की पूरी कोशिश करेंगे। अब सभी की नजरें इंदौर के मैदान पर होने वाले भारत-वेस्टइंडीज मुकाबले पर हैं। बाबा महाकाल के दरबार में दर्शन के बाद टीम इंडिया के कोच गौतम गंभीर की यह यात्रा खेल और आस्था के खूबसूरत मेल के रूप में देखी जा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Shivraj Singh Chouhan

Shivraj Singh Chouhan की अपील: नवरात्रि पर महिलाओं के सम्मान का लें संकल्प

नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा के साथ महिलाओं के सम्मान की बात भी उतनी ही जरूरी है। इसी संदेश के साथ केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह (Shivraj Singh Chouhan) चौहान ने सोशल मीडिया पर एक Reel शेयर की और लोगों से बेटियों, बहनों और माताओं का आदर करने की अपील की। उनके संदेश का सार है कि अगर हम मां दुर्गा की पूजा करते हैं, तो हमें अपने जीवन में भी महिलाओं को सम्मान देना चाहिए। शिवराज सिंह चौहान की यह अपील ऐसे समय में सामने आई है, जब नवरात्रि के दौरान देशभर में देवी आराधना और कन्या पूजन की तैयारियां चल रही हैं। उनका संदेश लोगों को यह सोचने का मौका देता है कि पूजा-पाठ के साथ हमारा व्यवहार भी उतना ही महत्वपूर्ण है। Shivraj Singh Chouhan ने Reel शेयर कर क्या संदेश दिया? शिवराज सिंह चौहान ने नवरात्रि के अवसर पर Reel के जरिए महिलाओं के सम्मान का मुद्दा उठाया। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपनी बेटियों और बहनों के प्रति आदर का भाव रखें और महिलाओं को सम्मानजनक माहौल देने का संकल्प लें। उनके संदेश का मुख्य भाव है कि मां दुर्गा की आराधना केवल मंदिरों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। महिलाओं के साथ घर, समाज और सार्वजनिक स्थानों पर कैसा व्यवहार किया जाता है, यह भी हमारी सोच और संस्कार को दर्शाता है। ‘बेटी-बहन का सम्मान नहीं, तो मां की पूजा बेकार’ यह संदेश सीधे लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ता है। नवरात्रि में हम मां दुर्गा को शक्ति का स्वरूप मानकर उनकी पूजा करते हैं। ऐसे में अपने आसपास की महिलाओं के साथ सम्मान और समानता का व्यवहार करना भी जरूरी है। महिलाओं का सम्मान सिर्फ अच्छी बातें कहने तक सीमित नहीं है। उनकी राय सुनना, उनकी पसंद और फैसलों का आदर करना, भेदभाव से बचना और उन्हें सुरक्षित माहौल देना भी इसका हिस्सा है। शिवराज सिंह चौहान की अपील इसी बात पर जोर देती है कि धार्मिक आस्था और सामाजिक जिम्मेदारी एक-दूसरे से अलग नहीं हैं। Women Respect और Safety क्यों है जरूरी? महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने में परिवार, समाज और प्रशासन सभी की भूमिका होती है। बेटियों को आगे बढ़ने के अवसर देना, उनके साथ भेदभाव न करना और गलत व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है। अक्सर त्योहारों के दौरान हम अच्छे विचारों और संकल्पों की बात करते हैं, लेकिन असली बदलाव तब आता है, जब इन विचारों को रोजमर्रा के जीवन में अपनाया जाए। घर में बेटियों को बराबरी का अधिकार देना और महिलाओं की स्वतंत्रता का सम्मान करना इसी बदलाव की शुरुआत हो सकती है। नवरात्रि पर लें महिलाओं के सम्मान का संकल्प नवरात्रि आस्था, शक्ति और सकारात्मक बदलाव का पर्व है। इस दौरान मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। यह अवसर अपने व्यवहार और सोच पर विचार करने का भी है। शिवराज सिंह चौहान की अपील का संदेश यही है कि मां दुर्गा की पूजा के साथ बेटियों, बहनों और माताओं को सम्मान देना भी हमारी जिम्मेदारी है। महिलाओं के प्रति आदर केवल नवरात्रि के नौ दिनों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। क्योंकि पूजा का भाव तभी सार्थक होता है, जब हम अपने व्यवहार में भी सम्मान, समानता और संवेदनशीलता को जगह दें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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