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CM Yogi

UP Politics: हनुमानगढ़ी से Jama Masjid तक छिड़ी बहस, CM Yogi के बयान से गरमाई सियासत

उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर धार्मिक मुद्दे को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। CM Yogi ने समाजवादी पार्टी (SP) पर निशाना साधते हुए हनुमानगढ़ी से जुड़े पुराने विवाद का जिक्र किया। योगी ने सवाल उठाया कि अगर किसी धार्मिक स्थल की मर्यादा का सवाल उठता है, तो क्या वही नियम हर जगह लागू किया जा सकता है? सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या की हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़ाने की कोशिश को लेकर पहले विवाद सामने आया था। उन्होंने इस घटना को लेकर सपा पर हमला बोला और कहा कि आस्था से जुड़े स्थानों की अपनी परंपराएं और सम्मान होता है, जिसका पालन किया जाना चाहिए। योगी का SP पर सीधा हमला, उठाया बड़ा सवाल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने बयान में कहा कि कुछ राजनीतिक दल धार्मिक भावनाओं से जुड़े मामलों को अपने राजनीतिक हितों के लिए इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने सपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछली सरकारों में तुष्टिकरण की राजनीति को बढ़ावा दिया गया। योगी ने सवाल किया कि अगर हनुमानगढ़ी जैसे धार्मिक स्थल पर ऐसी मांग की जा सकती है, तो क्या जामा मस्जिद जैसे दूसरे धार्मिक स्थल पर हनुमान चालीसा पढ़ने की अनुमति दी जाएगी? उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। Ayodhya Politics: धार्मिक मुद्दों पर फिर गर्म हुई सियासत अयोध्या हमेशा से उत्तर प्रदेश की राजनीति का अहम केंद्र रहा है। राम मंदिर निर्माण के बाद भी अयोध्या से जुड़े कई मुद्दे समय-समय पर राजनीतिक बहस का हिस्सा बनते रहे हैं। योगी आदित्यनाथ के इस बयान को भाजपा समर्थक जहां धार्मिक समानता और परंपराओं की बात बता रहे हैं, वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक बयानबाजी करार दे रहा है। इस पूरे मामले ने एक बार फिर BJP और SP के बीच जुबानी जंग को तेज कर दिया है। CM Yogi ने कानून व्यवस्था और परंपरा पर दिया जोर मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी सभी धर्मों की आस्था और कानून व्यवस्था को बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि किसी भी धार्मिक स्थल की गरिमा को बनाए रखना जरूरी है और समाज में शांति बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक मुद्दे हमेशा चुनावी राजनीति को प्रभावित करते रहे हैं। ऐसे में योगी का यह बयान आने वाले दिनों में सियासी बहस का बड़ा मुद्दा बन सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Jagannath Rath Yatra

Jagannath Rath Yatra 2026: Tradition बनाम अलग आयोजन, ISKCON को लेकर पुरी राजा ने उठाई आवाज

भगवान जगन्नाथ की ऐतिहासिक Jagannath Puri Rath Yatra को लेकर विवाद बढ़ता नजर आ रहा है। पुरी के राजा ने ISKCON (International Society for Krishna Consciousness) की ओर से अलग समय पर रथयात्रा आयोजित किए जाने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इस मामले में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर भगवान जगन्नाथ की सदियों पुरानी परंपराओं और धार्मिक मर्यादाओं की रक्षा करने की अपील की है। पुरी राजा का कहना है कि Jagannath Rath Yatra सिर्फ एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। इसलिए इससे जुड़े नियमों और परंपराओं का पालन बेहद जरूरी है। ISKCON की अलग रथयात्रा पर क्यों उठा विवाद? ISKCON दुनिया के कई देशों में भगवान कृष्ण और भगवान जगन्नाथ से जुड़े धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करता है। संस्था की ओर से कई जगहों पर Rath Yatra का आयोजन भी किया जाता है। हालांकि, पुरी की मुख्य रथयात्रा की अपनी अलग धार्मिक मान्यता और परंपरागत व्यवस्था है। पुरी राजा ने अपनी चिंता जाहिर करते हुए कहा कि अलग-अलग समय पर रथयात्रा आयोजित होने से भगवान जगन्नाथ की परंपरा को लेकर भ्रम पैदा हो सकता है। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की है कि इस विषय पर ध्यान दिया जाए और सदियों से चली आ रही धार्मिक व्यवस्था को सुरक्षित रखा जाए। President और PM को लिखा पत्र, परंपरा बचाने की अपील पुरी राजा की ओर से लिखे गए पत्र में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से अनुरोध किया गया है कि भगवान जगन्नाथ से जुड़ी परंपराओं की गरिमा बनाए रखने के लिए उचित कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि पुरी की रथयात्रा केवल ओडिशा की पहचान नहीं है, बल्कि देश-विदेश में रहने वाले करोड़ों भक्तों की भावनाओं से जुड़ी हुई है। ऐसे में इससे जुड़े किसी भी बदलाव को संवेदनशीलता के साथ देखा जाना चाहिए। Jagannath Rath Yatra का है ऐतिहासिक महत्व पुरी की जगन्नाथ रथयात्रा भारत के सबसे प्रसिद्ध धार्मिक आयोजनों में से एक है। हर साल लाखों श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के दर्शन के लिए पुरी पहुंचते हैं। इस यात्रा में भगवान जगन्नाथ अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ रथ पर सवार होकर गुंडिचा मंदिर की ओर जाते हैं। सदियों से चली आ रही यह परंपरा आज भी उसी श्रद्धा और उत्साह के साथ निभाई जाती है। आस्था और Tradition के बीच बढ़ी बहस Jagannath Puri Rath Yatra से जुड़ा यह विवाद एक बार फिर इस बात को सामने लाता है कि धार्मिक परंपराओं और आधुनिक आयोजनों के बीच संतुलन कितना जरूरी है। जहां ISKCON दुनिया भर में भगवान जगन्नाथ और कृष्ण भक्ति का प्रचार करता है, वहीं पुरी की पारंपरिक व्यवस्था से जुड़े लोग मूल परंपराओं और धार्मिक नियमों को बनाए रखने की मांग कर रहे हैं। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि सरकार और संबंधित पक्ष इस मामले में आगे क्या कदम उठाते हैं। फिलहाल, Jagannath Puri Rath Yatra Controversy ने धार्मिक और सामाजिक स्तर पर नई चर्चा शुरू कर दी है।
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Ayushi

Mother Murder Case: Ayushi का चौंकाने वाला रवैया, गिरफ्तारी के बाद Police को भी धमकाने का आरोप

किसी भी हत्या के मामले में गिरफ्तारी के बाद आरोपी के चेहरे पर घबराहट, तनाव या पछतावे के भाव देखने को मिलते हैं। लेकिन Ayushi Murder Case में पुलिस के सामने जो तस्वीर आई, उसने जांच अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। मां की हत्या के आरोप में गिरफ्तार आयुषी ने पूछताछ के दौरान न केवल बेखौफ अंदाज दिखाया, बल्कि कई सवालों पर पुलिस को ही उल्टे जवाब देती रही। जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, उसके व्यवहार में अपराधबोध या पछतावे के कोई स्पष्ट संकेत नजर नहीं आए। Police पूछताछ में दिखा अलग ही अंदाज जांच अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद आयुषी से कई दौर की पूछताछ की गई। इस दौरान उससे घटना की पूरी जानकारी और हत्या के पीछे की वजह जानने की कोशिश की गई। हालांकि, पूछताछ के दौरान उसका रवैया सामान्य आरोपियों से बिल्कुल अलग दिखाई दिया। सूत्रों का दावा है कि कई सवालों के जवाब देने के बजाय वह बहस करने लगी। कुछ मौकों पर उसने पुलिस टीम से तीखे लहजे में बात की और कथित तौर पर धमकी भरे अंदाज में भी जवाब दिए। अधिकारियों का कहना है कि उसका यह व्यवहार जांच का एक अहम हिस्सा बन गया है। चेहरे पर नहीं दिखा पछतावा पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान आयुषी के चेहरे पर किसी तरह की घबराहट या अफसोस नहीं दिखा। यही वजह है कि जांच एजेंसियां अब उसके व्यवहार और मानसिक स्थिति के पहलुओं का भी अध्ययन कर रही हैं। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक मनोवैज्ञानिक रिपोर्ट सामने नहीं आई है। हर एंगल से हो रही है जांच पुलिस केवल आरोपी के बयान पर निर्भर नहीं है। मामले से जुड़े हर पहलू की गहराई से जांच की जा रही है। घटनास्थल से मिले साक्ष्य, फॉरेंसिक रिपोर्ट, मोबाइल फोन का डेटा, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), डिजिटल सबूत और सीसीटीवी फुटेज की भी बारीकी से पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच का उद्देश्य केवल आरोपी के बयान पर भरोसा करना नहीं, बल्कि हर तथ्य को वैज्ञानिक सबूतों के आधार पर परखना है। परिवार और परिचितों से भी पूछताछ जांच टीम परिवार के अन्य सदस्यों, रिश्तेदारों और आसपास के लोगों से भी लगातार जानकारी जुटा रही है। पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले परिवार में क्या परिस्थितियां थीं और क्या किसी तरह का विवाद या तनाव पहले से मौजूद था। जल्द सामने आ सकती है पूरी सच्चाई पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और कई महत्वपूर्ण रिपोर्ट का इंतजार है। सभी फॉरेंसिक और तकनीकी साक्ष्य मिलने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर साफ हो पाएगी। इसके बाद अदालत में चार्जशीट दाखिल की जाएगी। फिलहाल Ayushi Murder Case ने लोगों को इसलिए भी चौंकाया है क्योंकि आरोपी का कथित व्यवहार सामान्य आपराधिक मामलों से अलग बताया जा रहा है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि मामले की जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष अदालत में पेश किए जाने वाले सबूतों और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ram Mandir

Ayodhya Ram Mandir: VIP Darshan Pass System में बड़ा बदलाव, महंत दिनेंद्र दास को मिली अहम जिम्मेदारी

Ram Mandir में VIP दर्शन (VIP Darshan) को लेकर बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पूर्व महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी अनिल मिश्रा और विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव की VIP दर्शन पास जारी करने वाली डिजिटल आईडी निष्क्रिय कर दी है। अब यह जिम्मेदारी ट्रस्ट के वरिष्ठ संत महंत दिनेंद्र दास को सौंपी गई है। ट्रस्ट का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य दर्शन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और व्यवस्थित बनाना है। यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है, जब ट्रस्ट से जुड़े कुछ मामलों की जांच जारी है और मंदिर प्रशासन में कई महत्वपूर्ण परिवर्तन किए जा रहे हैं। क्यों बदली गई VIP Darshan Pass की व्यवस्था? पिछले कुछ दिनों से राम मंदिर ट्रस्ट चर्चा में बना हुआ है। मंदिर के प्रशासन, दान प्रबंधन और VIP दर्शन पास जारी करने की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठने के बाद ट्रस्ट ने व्यवस्था की समीक्षा की। इसके बाद फैसला लिया गया कि अब VIP पास जारी करने की प्रक्रिया को पहले से अधिक नियंत्रित और पारदर्शी बनाया जाएगा। इसी के तहत चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव की डिजिटल आईडी बंद कर दी गईं। इन्हीं आईडी के जरिए अब तक विशिष्ट और सुगम दर्शन के लिए VIP पास जारी किए जाते थे। अब किसके पास होगी VIP Pass जारी करने की जिम्मेदारी? नई व्यवस्था के अनुसार, महंत दिनेंद्र दास अब VIP दर्शन पास जारी करने की प्रक्रिया की जिम्मेदारी संभालेंगे। विशेष परिस्थितियों में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए उनकी अनुशंसा पर पास जारी किए जाएंगे। ट्रस्ट का मानना है कि इससे पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी और किसी भी तरह के दुरुपयोग की संभावना कम होगी। ट्रस्ट में क्यों हो रहे हैं लगातार बदलाव? VIP पास व्यवस्था में बदलाव केवल एक प्रशासनिक फैसला नहीं है। हाल ही में ट्रस्ट के भीतर कई बड़े बदलाव हुए हैं। चंपत राय और अनिल मिश्रा ने अपने पद छोड़ दिए हैं और ट्रस्ट अब प्रशासनिक ढांचे को नए सिरे से मजबूत करने में जुटा है। सूत्रों के अनुसार, भविष्य में मंदिर प्रशासन को अधिक पेशेवर तरीके से संचालित करने के लिए Chief Executive Officer (CEO) नियुक्त करने की तैयारी भी की जा रही है। इससे वित्तीय प्रबंधन, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और प्रशासनिक कामकाज को और बेहतर बनाया जा सकेगा। जांच के बीच ट्रस्ट का बड़ा संदेश ट्रस्ट का कहना है कि मौजूदा बदलाव किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाने के लिए नहीं, बल्कि व्यवस्था को अधिक मजबूत और पारदर्शी बनाने के लिए किए जा रहे हैं। जांच एजेंसियां अपने स्तर पर काम कर रही हैं और ट्रस्ट पूरी तरह सहयोग कर रहा है। इस बीच, राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कुछ मामलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की गई है, जिस पर सुनवाई प्रस्तावित है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े और अहम घटनाक्रम सामने आ सकते हैं। श्रद्धालुओं के लिए क्या बदलेगा? राम मंदिर आने वाले आम श्रद्धालुओं को घबराने की जरूरत नहीं है। सामान्य दर्शन व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी। बदलाव केवल VIP दर्शन पास जारी करने की प्रक्रिया में किया गया है। ट्रस्ट का उद्देश्य है कि VIP पास केवल वास्तविक आवश्यकता वाले लोगों को ही मिले और पूरी व्यवस्था पारदर्शी तरीके से संचालित हो। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिर प्रशासन लगातार नई सुविधाएं और बेहतर प्रबंधन की दिशा में काम कर रहा है।
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BJP

Delhi MCD Update: BJP में शामिल होगी IVP, 16 पार्षदों के फैसले से AAP को बड़ा झटका

दिल्ली की सियासत में शुक्रवार का दिन बड़ा राजनीतिक संदेश देने वाला साबित हो सकता है। आम आदमी पार्टी (AAP) से अलग होकर बनी इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी (IVP) अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) का हिस्सा बनने जा रही है। पार्टी के सभी 16 पार्षद भाजपा की सदस्यता ग्रहण करेंगे। इस फैसले को सिर्फ एक राजनीतिक विलय नहीं, बल्कि दिल्ली नगर निगम (MCD) की सत्ता और भविष्य की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह कदम आने वाले नगर निगम चुनावों से पहले भाजपा की स्थिति को और मजबूत कर सकता है, जबकि AAP के लिए यह एक बड़ा झटका माना जा रहा है। AAP से अलग होकर बनी थी IVP दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद आम आदमी पार्टी के भीतर बढ़ती नाराजगी के बीच वरिष्ठ नेता मुकेश गोयल समेत 16 पार्षदों ने अलग रास्ता चुना था। इसके बाद इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी (IVP) का गठन हुआ। नई पार्टी बनने के बाद से ही कई अहम मौकों पर IVP ने भाजपा का समर्थन किया, जिससे दोनों दलों के बीच नजदीकियां लगातार बढ़ती रहीं। अब कई दौर की बातचीत के बाद IVP का भाजपा में विलय लगभग तय हो चुका है। इसके साथ ही पार्टी का अलग राजनीतिक अस्तित्व भी समाप्त हो जाएगा। BJP को कैसे मिलेगा राजनीतिक फायदा? 16 पार्षदों के भाजपा में शामिल होने के बाद दिल्ली नगर निगम में पार्टी की संख्या और मजबूत होगी। इससे भाजपा को निगम की विभिन्न समितियों, प्रशासनिक फैसलों और संगठनात्मक गतिविधियों में अधिक प्रभाव मिल सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह सिर्फ संख्या बढ़ाने की कवायद नहीं है, बल्कि भाजपा भविष्य की चुनावी रणनीति को ध्यान में रखते हुए अपने संगठन का विस्तार कर रही है। इससे MCD में पार्टी की पकड़ पहले के मुकाबले और मजबूत होने की संभावना है। क्या AAP के लिए बढ़ेंगी मुश्किलें? IVP का गठन ही AAP के भीतर असंतोष के कारण हुआ था। अब उसी पार्टी का भाजपा में विलय होना आम आदमी पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। पिछले कुछ समय में AAP को कई नेताओं और पार्षदों के पार्टी छोड़ने का सामना करना पड़ा है। ऐसे में 16 पार्षदों का भाजपा के साथ जाना विपक्षी दल के लिए संगठनात्मक और राजनीतिक दोनों स्तर पर चुनौती बढ़ा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसका असर आने वाले MCD चुनावों और निगम के भीतर होने वाले अहम फैसलों पर भी दिखाई दे सकता है। समझौते के पीछे क्या है रणनीति? सूत्रों के मुताबिक भाजपा और IVP नेतृत्व के बीच पिछले कुछ दिनों से लगातार बातचीत चल रही थी। बताया जा रहा है कि विलय से पहले कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनी। इसमें IVP के नेताओं को संगठन में उचित जिम्मेदारी देने और भविष्य के नगर निगम चुनावों में मौजूदा पार्षदों को प्राथमिकता देने जैसे बिंदु शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। MCD की राजनीति में बदल सकते हैं समीकरण दिल्ली नगर निगम में पिछले कुछ वर्षों से भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच सीधी राजनीतिक टक्कर देखने को मिलती रही है। ऐसे में IVP का भाजपा में विलय निगम के शक्ति संतुलन को बदल सकता है। भाजपा को जहां संगठनात्मक मजबूती मिलेगी, वहीं AAP को अपनी राजनीतिक रणनीति पर नए सिरे से काम करना पड़ सकता है। आने वाले दिनों में निगम की स्थायी समितियों, वार्ड समितियों और अन्य महत्वपूर्ण निर्णयों पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है। आज होगा औपचारिक विलय जानकारी के अनुसार, भाजपा मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान IVP के सभी 16 पार्षद औपचारिक रूप से भाजपा की सदस्यता ग्रहण करेंगे। इसके बाद दिल्ली नगर निगम में भाजपा की स्थिति पहले से अधिक मजबूत मानी जा रही है। राजनीतिक गलियारों में अब नजर इस बात पर रहेगी कि AAP इस झटके का जवाब किस रणनीति से देती है और भाजपा इस नए राजनीतिक समीकरण को आने वाले चुनावों में किस तरह भुनाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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IMD

IMD Monsoon देशभर में बारिश का दौर, Ghaziabad में कार गड्ढे में गिरी; Uttarakhand में मकान ढहा

देशभर में बारिश का इंतजार अब खत्म हो चुका है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून ने पूरे भारत को कवर कर लिया है। यह किसानों के लिए राहत भरी खबर है, लेकिन कई राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश अब लोगों की परेशानी का कारण भी बन रही है। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में सड़क धंसने से एक कार और बाइक गहरे गड्ढे में जा गिरीं, जबकि उत्तराखंड के उत्तरकाशी और टिहरी में भूस्खलन की घटनाओं ने जनजीवन को प्रभावित किया है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। IMD ने दी मानसून की आधिकारिक पुष्टि भारतीय मौसम विभाग ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून अब देश के सभी हिस्सों तक पहुंच चुका है। सामान्य समय से पहले पूरे देश में मानसून की एंट्री को कृषि क्षेत्र के लिए सकारात्मक माना जा रहा है। अच्छी बारिश से खरीफ फसलों की बुवाई में तेजी आने और जलाशयों में पानी बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, जहां बारिश खेती के लिए वरदान साबित हो सकती है, वहीं कई शहरों और पहाड़ी इलाकों में यह आफत का रूप भी ले रही है। Ghaziabad में सड़क धंसने से मचा हड़कंप उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में लगातार बारिश के बीच एक व्यस्त सड़क अचानक धंस गई। सड़क धंसते ही वहां मौजूद एक कार और एक बाइक गहरे गड्ढे में समा गईं। घटना के बाद स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई और आसपास का यातायात कुछ समय के लिए रोकना पड़ा। सूचना मिलते ही पुलिस, नगर निगम और राहत दल मौके पर पहुंचे। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं मिली। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि लगातार बारिश के कारण सड़क के नीचे की मिट्टी कमजोर होने से यह घटना हुई। Uttarakhand में बारिश बनी बड़ी चुनौती उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का असर सबसे ज्यादा पहाड़ी जिलों में देखने को मिल रहा है। उत्तरकाशी और टिहरी में कई स्थानों पर लैंडस्लाइड हुई, जिससे सड़कें बंद हो गईं और लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई। उत्तरकाशी में पहाड़ी से मलबा गिरने के कारण एक मकान क्षतिग्रस्त हो गया। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया और राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया। कई इलाकों में मशीनों की मदद से मलबा हटाकर रास्ते खोलने का काम जारी है। कई राज्यों में Heavy Rain Alert IMD ने उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड, महाराष्ट्र और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, नदियों का जलस्तर बढ़ने और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बना रह सकता है। प्रशासन ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील भारी बारिश को देखते हुए विभिन्न राज्यों के प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से परहेज करने और मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों पर ध्यान देने की अपील की है। पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। आपदा प्रबंधन की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखी गई हैं। किसानों के लिए राहत, शहरों के लिए चुनौती मानसून का पूरे देश में पहुंचना कृषि क्षेत्र के लिए अच्छी खबर है। इससे खरीफ फसलों की बुवाई को गति मिलेगी और जल संकट से जूझ रहे कई क्षेत्रों को राहत मिलने की उम्मीद है। दूसरी ओर, लगातार हो रही तेज बारिश ने कई शहरों में जलभराव, सड़क धंसने और यातायात बाधित होने जैसी समस्याएं पैदा कर दी हैं। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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ईरान ने अमेरिका को दी चेतावनी, होर्मुज स्ट्रेट में दखल पर ‘करारा जवाब’ देने की बात; क्षेत्र में बढ़ा तनाव

तेहरान। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि होर्मुज स्ट्रेट में किसी तरह का हस्तक्षेप किया गया तो उसका कड़ा जवाब दिया जाएगा। ईरानी सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, IRGC का कहना है कि यदि अमेरिकी हमले जारी रहे तो होर्मुज स्ट्रेट में सामान्य स्थिति बहाल होना मुश्किल होगा, जिसका असर वैश्विक व्यापार और कई देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। वहीं ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी ने दावा किया है कि अमेरिका ने उत्तरी ईरान में चीन और रूस से जुड़े एक रणनीतिक रेलवे पुल पर क्रूज मिसाइल से हमला किया है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अमेरिका का दावा- 170 से अधिक सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, पिछले दो दिनों में ईरान के 170 से अधिक सैन्य ठिकानों को मिसाइल और ड्रोन हमलों का निशाना बनाया गया। अमेरिका का कहना है कि इन हमलों में एयर डिफेंस सिस्टम, ड्रोन और मिसाइल भंडार, सैन्य स्पीड बोट तथा होर्मुज स्ट्रेट के आसपास मौजूद सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट वैश्विक बाजार की बढ़ी चिंता होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है। इस क्षेत्र में बढ़ते तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति, समुद्री व्यापार और वैश्विक बाजारों पर पड़ सकता है। फिलहाल अमेरिका और ईरान के दावों तथा सैन्य गतिविधियों पर दुनिया की नजर बनी हुई है। अधिक जानकारी देश-दुनिया और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम की ताजा खबरों के लिए विजिट करें: deshharpal.com
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Covid-19

Covid-19 Case in Andhra Pradesh: 4 दिन इलाज के बाद मरीज की मौत, 5 Active Cases ने बढ़ाई चिंता

आंध्र प्रदेश में एक बार फिर कोविड-19 (Covid-19) संक्रमण ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। राज्य में 46 वर्षीय एक व्यक्ति की कोरोना संक्रमण के कारण मौत हो गई। डॉक्टरों ने उसे बचाने के लिए चार दिनों तक लगातार इलाज किया, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हो सका। इसी बीच राज्य के दो जिलों से कोरोना के पांच एक्टिव केस सामने आए हैं, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी है। चार दिन तक चला इलाज, आखिर नहीं बच सकी जान स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, संक्रमित व्यक्ति को तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जांच में उसके कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि हुई, जिसके बाद डॉक्टरों की टीम लगातार उसका इलाज करती रही। चार दिनों तक चले उपचार के बावजूद मरीज की हालत लगातार गंभीर बनी रही और अंततः उसकी मौत हो गई। अधिकारियों का कहना है कि मरीज की मेडिकल हिस्ट्री की भी जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि संक्रमण के अलावा कोई अन्य गंभीर बीमारी भी उसकी स्थिति पर असर डाल रही थी या नहीं। संक्रमण फैलने से रोकने के लिए कंटेनमेंट जोन में रखा गया कोरोना की पुष्टि होने के बाद मरीज को निर्धारित कंटेनमेंट व्यवस्था के तहत अलग रखा गया था। स्वास्थ्य विभाग ने उसके संपर्क में आए लोगों की पहचान शुरू कर दी है। सभी संभावित संपर्कों की जांच और स्वास्थ्य निगरानी की जा रही है ताकि संक्रमण आगे न फैल सके। दो जिलों में 5 Active Cases, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मरीज की मौत के साथ ही राज्य के दो जिलों में कोविड-19 के पांच सक्रिय मामले भी दर्ज किए गए हैं। सभी संक्रमितों को आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है और उनकी नियमित निगरानी की जा रही है। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं, लेकिन किसी भी नई स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन और अस्पतालों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों से सतर्क रहने की अपील स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी को बुखार, खांसी, गले में दर्द या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण महसूस हों तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और जरूरत पड़ने पर कोविड जांच कराएं। विशेष रूप से बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनने, हाथों की सफाई रखने और व्यक्तिगत स्वच्छता का पालन करने की भी सलाह दी गई है। फिलहाल घबराने की नहीं, सावधानी बरतने की जरूरत विशेषज्ञों का मानना है कि इस समय घबराने की बजाय सतर्क रहना ज्यादा जरूरी है। कोरोना के मामले अभी सीमित संख्या में हैं, लेकिन समय रहते सावधानी बरतने से संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर आवश्यक कदम उठाने की तैयारी में है।
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TMC

TMC Bank Account Case: हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, फ्रीज खातों से खर्च की मिली अनुमति

तृणमूल कांग्रेस (TMC) को बैंक अकाउंट फ्रीज मामले में कलकत्ता हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने पार्टी को फ्रीज किए गए बैंक खातों का इस्तेमाल करने की अनुमति दे दी है, लेकिन इसके लिए कुछ जरूरी शर्तें भी तय की गई हैं। कोर्ट के इस फैसले के बाद TMC अपने संगठन से जुड़े जरूरी खर्चों को पूरा कर सकेगी। मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने कहा कि बैंक खातों का इस्तेमाल पूरी तरह से नियमों और निगरानी के तहत किया जाएगा। खातों से होने वाले हर लेनदेन पर नजर रखी जाएगी, ताकि वित्तीय पारदर्शिता बनी रहे। TMC को मिली बड़ी राहत, लेकिन रहेगी निगरानी कलकत्ता हाई कोर्ट ने TMC के फ्रीज बैंक अकाउंट्स को सीमित तरीके से दोबारा ऑपरेट करने की अनुमति दी है। अदालत ने साफ किया कि पार्टी इन खातों का इस्तेमाल रोजमर्रा के जरूरी खर्चों और संगठनात्मक गतिविधियों के लिए कर सकती है। हालांकि, कोर्ट ने इस प्रक्रिया को नियंत्रित रखने के लिए निगरानी व्यवस्था भी तय की है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बैंक खातों से होने वाले सभी लेनदेन नियमों के अनुसार हों। क्या है पूरा Bank Account Freeze Case? दरअसल, TMC के कुछ बैंक खातों को जांच और शिकायतों के आधार पर फ्रीज किया गया था। इसके बाद पार्टी ने इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख किया था। TMC की ओर से दलील दी गई कि बैंक खाते फ्रीज होने से पार्टी के नियमित कामकाज और जरूरी खर्च प्रभावित हो रहे हैं। पार्टी ने अदालत से खातों के संचालन की अनुमति मांगी थी। कोर्ट ने कार्रवाई पर उठाए थे सवाल सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने बैंक खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया को लेकर कई सवाल पूछे थे। अदालत ने जांच एजेंसियों और संबंधित अधिकारियों से कार्रवाई के आधार और प्रक्रिया की जानकारी मांगी थी। इसके बाद कोर्ट ने संतुलित फैसला देते हुए TMC को राहत दी, लेकिन साथ ही निगरानी की शर्त भी लागू कर दी। West Bengal Politics में फिर बढ़ी हलचल TMC के बैंक खातों से जुड़ा यह मामला पश्चिम बंगाल की राजनीति में काफी चर्चा का विषय रहा है। पार्टी ने जहां इसे अपने कामकाज में बाधा बताया, वहीं विपक्ष ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। अब हाई कोर्ट के फैसले के बाद राजनीतिक हलकों में एक बार फिर बहस तेज हो गई है। TMC को राहत जरूर मिली है, लेकिन कानूनी प्रक्रिया अभी जारी रहेगी। TMC के लिए क्यों अहम है यह फैसला? बैंक खातों के इस्तेमाल की अनुमति मिलने से पार्टी को अपने रोजमर्रा के खर्च, प्रशासनिक काम और संगठनात्मक गतिविधियों को चलाने में मदद मिलेगी। हालांकि, कोर्ट की शर्तों के कारण वित्तीय लेनदेन पर पूरी नजर बनी रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PM Modi

PM Modi Speech in Melbourne: Indian Community की तारीफ, बोले- विदेशों में भारतीय बना रहे भारत की पहचान

मेलबर्न में PM Modi का संबोधन भारतीय समुदाय के लिए एक यादगार पल बन गया। करीब 30 हजार भारतीयों की मौजूदगी में पीएम मोदी ने कहा कि विदेशों में रहने वाले भारतीय अपनी मेहनत, प्रतिभा और संस्कारों से न सिर्फ भारत का नाम रोशन कर रहे हैं, बल्कि भारत और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों के रिश्तों को भी नई मजबूती दे रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान भारतीय समुदाय में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। लोगों ने भारतीय संस्कृति, परंपराओं और देश के प्रति अपने जुड़ाव को प्रदर्शित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया। Indian Diaspora की भूमिका को पीएम मोदी ने सराहा पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में बसे भारतीय भारत की पहचान को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में रहने वाला भारतीय समुदाय दोनों देशों के बीच एक मजबूत कड़ी की तरह काम कर रहा है। उन्होंने भारतीयों की मेहनत और उपलब्धियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रवासी भारतीय जहां भी जाते हैं, वहां अपनी मेहनत और ईमानदारी से विश्वास पैदा करते हैं। India-Australia Relations में भारतीयों का बड़ा योगदान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार, शिक्षा, तकनीक, ऊर्जा और रणनीतिक सहयोग जैसे क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि इन रिश्तों को मजबूत बनाने में भारतीय समुदाय की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय दोनों देशों की संस्कृति और अवसरों को जोड़ने का काम कर रहे हैं। Melbourne में दिखी भारतीय संस्कृति की झलक प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग पहुंचे। माहौल में भारत की संस्कृति और देशभक्ति की झलक देखने को मिली। लोगों ने भारतीय संगीत, परंपराओं और उत्साह के साथ पीएम मोदी का स्वागत किया। 30 हजार भारतीयों की मौजूदगी ने इस कार्यक्रम को खास बना दिया। कई लोगों ने इसे भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मजबूत होते रिश्तों का प्रतीक बताया। पीएम मोदी का संदेश- भारतीयों की मेहनत है देश की पहचान पीएम मोदी ने कहा कि भारतीय समुदाय दुनिया में अपनी अलग पहचान बना रहा है। विदेशों में रहने वाले भारतीय अपनी उपलब्धियों से भारत की सकारात्मक छवि को मजबूत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीयों की वजह से भारत और ऑस्ट्रेलिया के रिश्ते नई ऊंचाइयों तक पहुंचे हैं और आने वाले समय में दोनों देशों के बीच सहयोग के नए रास्ते खुलेंगे। मेलबर्न में हुआ यह कार्यक्रम सिर्फ एक राजनीतिक संबोधन नहीं, बल्कि भारत और भारतीय समुदाय के बीच मजबूत भावनात्मक जुड़ाव का भी उदाहरण बना। 30 हजार भारतीयों की भागीदारी ने दिखाया कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले भारतीय आज भी अपनी जड़ों और भारत की प्रगति से जुड़े हुए हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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छत्तीसगढ़ विधानसभा में कांग्रेस लाएगी अविश्वास प्रस्ताव, 14 जुलाई को सरकार को घेरेगा विपक्ष

छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में कांग्रेस सरकार के खिलाफ बड़ा राजनीतिक कदम उठाने जा रही है। पार्टी ने तय किया है कि 14 जुलाई को विधानसभा में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा। रविवार को नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत के सरकारी निवास पर हुई कांग्रेस विधायक दल की बैठक में इस प्रस्ताव पर सहमति बनी। बैठक के बाद महंत ने कहा कि कांग्रेस को मौजूदा सरकार पर भरोसा नहीं है, इसलिए सदन में अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा। करीब दो घंटे चली कांग्रेस विधायक दल की बैठक नेता प्रतिपक्ष के सरकारी बंगले पर कांग्रेस विधायक दल की बैठक करीब दो घंटे तक चली। इससे पहले लगभग डेढ़ घंटे तक पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने विधानसभा सत्र की रणनीति पर अलग से चर्चा की। इसके बाद विधायक दल की बैठक में सरकार को घेरने की अंतिम रणनीति तय की गई। चरणदास महंत बोले- सरकार के वादे झूठे साबित हुए बैठक के बाद चरणदास महंत ने कहा कि कांग्रेस का सरकार पर से विश्वास उठ चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने वादे पूरे करने में विफल रही है। प्रदेश में भ्रष्टाचार बढ़ा है और आम जनता बिजली संकट, महंगाई, किसानों की समस्याओं तथा कानून-व्यवस्था जैसे कई मुद्दों से परेशान है। इन्हीं मुद्दों को लेकर कांग्रेस सदन में सरकार को घेरने की तैयारी कर रही है। नकटी गांव के मुद्दे पर भी होगा स्थगन प्रस्ताव कांग्रेस विधायक दल की बैठक में नकटी गांव का मामला भी प्रमुखता से उठा। पार्टी ने इस मुद्दे पर विधानसभा में स्थगन प्रस्ताव लाने का फैसला किया है। चरणदास महंत ने कहा कि कांग्रेस इस मामले को पूरी मजबूती के साथ सदन में उठाएगी। जरूरत पड़ने पर सदन के भीतर विरोध प्रदर्शन भी किया जाएगा। सदन के साथ सड़क पर भी आंदोलन नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि विधानसभा का मानसून सत्र भले ही केवल पांच दिनों का हो, लेकिन कांग्रेस सरकार को हर महत्वपूर्ण मुद्दे पर घेरने का प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी केवल सदन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जनता के मुद्दों को लेकर सड़क पर भी संघर्ष जारी रखेगी। सरकार देगी 1033 सवालों के जवाब इस बार विधानसभा सचिवालय में कुल 1033 प्रश्न लगाए गए हैं। इनमें 36 विधायकों ने नियमों के तहत अधिकतम 20-20 प्रश्न लगाए हैं। दिलचस्प बात यह है कि सवाल पूछने वालों में विपक्ष के साथ-साथ सत्ता पक्ष के विधायक भी शामिल हैं। ऐसे में मानसून सत्र के दौरान कई अहम मुद्दों पर सरकार को जवाब देना होगा। क्या होता है अविश्वास प्रस्ताव? अविश्वास प्रस्ताव किसी एक मंत्री के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरी सरकार के खिलाफ लाया जाता है। विपक्ष सरकार की नीतियों, फैसलों या जनहित के मुद्दों को आधार बनाकर यह प्रस्ताव पेश करता है। यदि प्रस्ताव स्वीकार होता है तो सदन में सरकार के कामकाज पर विस्तृत चर्चा होती है। इसके बाद मतदान कराया जाता है, जिससे यह तय होता है कि सरकार के पास सदन का बहुमत और विश्वास कायम है या नहीं। छत्तीसगढ़ और देशभर की ताजा खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com

भोपाल में डेढ़ साल के मासूम का अपहरण, बोरे में भरकर ले जा रहा था पड़ोसी, लोगों ने बचाई जान

राजधानी भोपाल के बागसेवनिया थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश के चलते एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। पड़ोसी युवक ने बदला लेने की नीयत से डेढ़ साल के मासूम बच्चे का अपहरण कर उसे बोरे में भर लिया। हालांकि, बच्चे के रोने की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोगों ने समय रहते उसे बचा लिया। घटना के बाद लोगों ने आरोपी को पकड़कर उसकी पिटाई की और पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। घर के बाहर खेल रहे बच्चे को उठाया पुलिस के मुताबिक, बागमुगालिया निवासी रश्मि अहिरवार (27) अपने दो बच्चों और सास-ससुर के साथ रहती हैं। उनके पति का पहले ही निधन हो चुका है। शनिवार सुबह उनका डेढ़ वर्षीय बेटा घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाला अरुण वहां पहुंचा और बच्चे को उठाकर एक बोरे में भर लिया। इसके बाद वह मासूम को लेकर वहां से निकलने लगा। बच्चे के रोने से खुली साजिश रास्ते में बोरे के अंदर से बच्चे के रोने की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोगों को शक हुआ। लोगों ने आरोपी को रोककर बोरा खुलवाया तो उसके अंदर मासूम सुरक्षित मिला। यह देखते ही लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी। बाद में पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद आरोपी को हिरासत में ले लिया गया। पुरानी रंजिश के चलते रची थी साजिश पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसकी बच्चे की मां से पुरानी रंजिश थी। इसी दुश्मनी का बदला लेने के लिए उसने मासूम का अपहरण करने की योजना बनाई थी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपहरण सहित अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। मामले की जांच जारी पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि वारदात में कोई और व्यक्ति शामिल था या नहीं। भोपाल समेत मध्य प्रदेश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com

मध्यप्रदेश पुलिस में 168 अधिकारियों को मिला प्रमोशन, सूबेदार और कार्यवाहक RI बने रक्षित निरीक्षक

मध्यप्रदेश पुलिस विभाग में लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे अधिकारियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। पुलिस मुख्यालय ने प्रदेश के 168 सूबेदार और कार्यवाहक रक्षित निरीक्षकों (RI) को पदोन्नत कर नियमित रक्षित निरीक्षक (RI) बना दिया है। पुलिस महानिरीक्षक (प्रशासन) हरिनारायणाचारी मिश्र द्वारा जारी आदेश के बाद यह पदोन्नति लागू कर दी गई है। इससे प्रदेशभर के पुलिस अधिकारियों को बड़ी राहत मिली है। GAD के निर्देश के बाद शुरू हुई प्रक्रिया यह पदोन्नति प्रक्रिया 30 जून 2026 को मध्यप्रदेश के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा जारी पत्र और ‘मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम-2025’ के तहत शुरू की गई। आदेश के अनुसार, सभी पदोन्नत अधिकारियों को फिलहाल रक्षित निरीक्षक के रिक्त पदों पर अगले आदेश तक अस्थायी रूप से पदस्थ किया गया है। मिलेगा लेवल-10 का वेतनमान प्रमोशन पाने वाले अधिकारियों को मध्यप्रदेश वेतन पुनरीक्षण नियम-2017 के तहत पे मैट्रिक्स लेवल-10 का लाभ मिलेगा। यह वेतनमान 9300-34800 रुपये + 4200 रुपये ग्रेड पे के अनुसार कार्यभार ग्रहण करने की तारीख से प्रभावी होगा। इन मामलों में नहीं मिलेगी कार्यमुक्ति पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि यह सभी पदोन्नतियां सुप्रीम कोर्ट में लंबित विशेष अनुमति याचिका (SLP) क्रमांक 13954/2016 तथा भविष्य में न्यायालयों द्वारा दिए जाने वाले फैसलों के अधीन रहेंगी। साथ ही, पदोन्नत अधिकारियों को नियम-13 के तहत वेतन निर्धारण के लिए आदेश जारी होने के एक महीने के भीतर अपना विकल्प प्रस्तुत करना होगा। विभागीय जांच वाले अधिकारियों पर रोक पुलिस मुख्यालय ने सभी इकाई प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि यदि कोई अधिकारी निलंबित है, विभागीय जांच का सामना कर रहा है, किसी आपराधिक मामले में आरोप-पत्र (चार्जशीट) दाखिल हो चुका है या उसने अनिवार्य प्रशिक्षण पूरा नहीं किया है, तो उसे किसी भी स्थिति में कार्यमुक्त नहीं किया जाएगा। मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारियों की रिलीविंग नियमों के अनुसार ही की जाएगी। मध्यप्रदेश और देशभर की ताजा खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com

बिलासपुर में मछली चोरी का वीडियो बनाना पड़ा भारी, चौकीदार की पीट-पीटकर हत्या, 3 लोग हिरासत में

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के रतनपुर थाना क्षेत्र में मछली चोरी का वीडियो बनाने और उसका विरोध करने का मामला खूनी वारदात में बदल गया। शनिवार रात आरोपियों ने पहले चौकीदार की बाइक को स्कॉर्पियो से टक्कर मारी, फिर लाठी-डंडों से हमला कर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने मामले में तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। स्कॉर्पियो से बाइक को मारी टक्कर पुलिस के अनुसार, घटना शनिवार रात करीब 9 बजे नवागांव कैंप जाने वाले रास्ते पर हुई। खूंटाघाट बांध में चौकीदारी करने वाले तिरिथराम यादव अपने साथी श्याम सिंह पोर्ते के साथ बाइक से ड्यूटी पर जा रहे थे। इसी दौरान स्कॉर्पियो में सवार आरोपी वहां पहुंचे और उनकी बाइक को टक्कर मार दी, जिससे दोनों सड़क पर गिर गए। खेत तक दौड़ाकर की बेरहमी से पिटाई बाइक से गिरने के बाद आरोपियों ने दोनों पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। जान बचाने के लिए तिरिथराम यादव खेत की ओर भागे, लेकिन आरोपी उनके पीछे दौड़ पड़े। आरोपियों ने उन्हें पकड़कर बेरहमी से पीटा। गंभीर चोटों के कारण तिरिथराम यादव की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, श्याम सिंह पोर्ते किसी तरह आरोपियों के चंगुल से बचकर भाग निकले और अपनी जान बचाई। मछली चोरी का विरोध बना हत्या की वजह पुलिस जांच में सामने आया है कि तिरिथराम यादव और श्याम सिंह पोर्ते खूंटाघाट बांध में चौकीदारी करते थे। आरोप है कि गोलू धीवर और अनिश धीवर लंबे समय से वहां अवैध रूप से मछली चोरी करते थे। तिरिथराम ने चोरी का विरोध किया था और आरोपियों का वीडियो भी बनाया था। इसी दौरान आरोपियों ने उनका मोबाइल फोन तोड़ दिया था। तभी से दोनों पक्षों के बीच रंजिश चली आ रही थी। पहले भी दर्ज हुई थी शिकायत रतनपुर थाना प्रभारी नीलेश पांडेय ने बताया कि मोबाइल तोड़ने की शिकायत पहले भी थाने में दर्ज कराई गई थी। उस समय आरोपियों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई थी। साथी ने बताई पूरी वारदात घटना के प्रत्यक्षदर्शी श्याम सिंह पोर्ते ने पुलिस को बताया कि शनिवार रात जब वे दोनों नवागांव कैंप की ओर जा रहे थे, तभी गोलू धीवर, अनिश धीवर और उनके अन्य साथी स्कॉर्पियो से पहुंचे। आरोपियों ने जान से मारने की नीयत से बाइक को टक्कर मारी। इसके बाद अनिश ने श्याम सिंह को पकड़ लिया, जबकि गोलू ने डंडे से दोनों पर हमला कर दिया। तिरिथराम जान बचाकर भागे, लेकिन आरोपी उन्हें पकड़कर पीटते रहे, जिससे उनकी मौत हो गई। हत्या का मामला दर्ज, आरोपियों की तलाश जारी पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। श्याम सिंह पोर्ते की शिकायत पर रतनपुर थाने में हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि वारदात में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। छत्तीसगढ़ और देशभर की ताजा खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com

भोपाल: थार हटाने के विवाद में किसान को मारी गोली, लाइसेंसी रिवॉल्वर छीनकर किया फायर, 3 आरोपी गिरफ्तार

भोपाल के मिसरोद थाना क्षेत्र स्थित सागर रॉयल होम्स में शनिवार देर रात गेट पर खड़ी थार हटाने को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। रास्ता साफ करने के लिए हॉर्न बजाने पर तीन युवक भड़क गए। बाद में उन्होंने एक किसान के साथ मारपीट की, उसकी लाइसेंसी रिवॉल्वर छीन ली और दो राउंड फायर कर दिए। फायरिंग में एक गोली किसान के बाएं पैर में घुटने के नीचे लगी, जिससे हड्डी में फ्रैक्चर हो गया। दूसरी गोली निशाने से चूक गई। पुलिस ने हत्या के प्रयास समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। हॉर्न बजाने पर शुरू हुआ विवाद मिसरोद थाना प्रभारी विमलेश राय के अनुसार, सागर रॉयल होम्स निवासी 33 वर्षीय हरीश कुमार राय खेती-किसानी का काम करते हैं। शनिवार देर रात करीब 1 से 2 बजे के बीच वह अपनी स्कॉर्पियो से घर लौट रहे थे। मुख्य गेट पर हर्षित पटेल की थार खड़ी थी, जिसमें हर्षित, अनुभव चौबे और लोकेश रघुवंशी बैठे हुए थे। कई बार हॉर्न बजाने के बाद भी जब रास्ता खाली नहीं हुआ तो हरीश दूसरे गेट से होकर पार्किंग में चले गए। पार्किंग में की मारपीट, फिर छीन ली रिवॉल्वर पुलिस के मुताबिक, तीनों युवक भी थार लेकर पार्किंग में पहुंच गए। वहां गेट पर वाहन खड़ा करने को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर तीनों युवकों ने गाली-गलौज करते हुए डंडों से हरीश की पिटाई कर दी। इसी दौरान हर्षित ने हरीश की लाइसेंसी रिवॉल्वर छीन ली और दो गोलियां चला दीं। एक गोली हरीश के बाएं पैर में लगी, जबकि दूसरी गोली मिस हो गई। मौके से मिले दो खाली कारतूस घटना की सूचना मिलते ही मिसरोद पुलिस मौके पर पहुंची। एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और वहां से दो खाली कारतूस बरामद किए। घायल हरीश कुमार राय को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। तीनों आरोपी गिरफ्तार, भेजे गए जेल पुलिस ने मामले में हर्षित पटेल (21), अनुभव चौबे (19) और लोकेश रघुवंशी (24) को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों आरोपी निजी कंपनियों में कार्यरत बताए जा रहे हैं। आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है। भोपाल समेत मध्य प्रदेश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com

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