आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGदेश-हरपलDelhi Protest Case: इंटरनेट बंदी पर केंद्र ने मांगी माफी, आज Supreme Court में सुनवाई◆BREAKINGधर्म-कर्मNavratri 2026: पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा, जानें महत्त्व, कथा और मंत्र◆BREAKINGदेश-हरपलमेरठ हत्याकांड: मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा, पति सौरभ की हत्या के मामले में कोर्ट का फैसला◆BREAKINGमध्य प्रदेशइंदौर में प्लॉट बेचने के नाम पर 7.80 लाख की ठगी का आरोप, ब्रोकर समेत दो पर FIR◆BREAKINGदेश-हरपलSIR के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्रों से मिले राहुल गांधी, दिल्ली पुलिस पर मारपीट के आरोप◆BREAKINGस्पोर्ट्सबांग्लादेश टेस्ट सीरीज से बाहर हुए शाई होप और अल्जारी जोसेफ, केविन विकहम को पहली बार मिला मौका◆BREAKINGबिज़नेसIMF ने बढ़ाया भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान, 2026 और 2027 में 7% विकास दर रहने की उम्मीद◆BREAKINGदेश-हरपलभीलवाड़ा में सरकारी शिक्षक ने फंदा लगाकर दी जान, किराए के कमरे में मिला शव◆BREAKINGदेश-हरपलDelhi Protest Case: इंटरनेट बंदी पर केंद्र ने मांगी माफी, आज Supreme Court में सुनवाई◆BREAKINGधर्म-कर्मNavratri 2026: पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा, जानें महत्त्व, कथा और मंत्र◆BREAKINGदेश-हरपलमेरठ हत्याकांड: मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा, पति सौरभ की हत्या के मामले में कोर्ट का फैसला◆BREAKINGमध्य प्रदेशइंदौर में प्लॉट बेचने के नाम पर 7.80 लाख की ठगी का आरोप, ब्रोकर समेत दो पर FIR◆BREAKINGदेश-हरपलSIR के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्रों से मिले राहुल गांधी, दिल्ली पुलिस पर मारपीट के आरोप◆BREAKINGस्पोर्ट्सबांग्लादेश टेस्ट सीरीज से बाहर हुए शाई होप और अल्जारी जोसेफ, केविन विकहम को पहली बार मिला मौका◆BREAKINGबिज़नेसIMF ने बढ़ाया भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान, 2026 और 2027 में 7% विकास दर रहने की उम्मीद◆BREAKINGदेश-हरपलभीलवाड़ा में सरकारी शिक्षक ने फंदा लगाकर दी जान, किराए के कमरे में मिला शव◆

NE

News Elementor

What's Hot

Banner

Latest Posts

Weather

Weather यूपी में तूफान का कहर, राजस्थान में आंधी-बारिश; देशभर में मौसम बदला

देशभर में मौसम (Weather) का मिजाज तेजी से बदल रहा है। जून की शुरुआत के साथ लोगों को मानसून से राहत की उम्मीद थी, लेकिन इस बार मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार मानसून पिछले 7 दिनों से एक ही क्षेत्र में ठहरा हुआ है। हालांकि, देश के कई राज्यों में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं, जिसके चलते आंधी, बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल रहा है। UP में तूफान का कहर, ऑडिटोरियम की छत उड़ी उत्तर प्रदेश में तेज तूफान और बारिश ने भारी नुकसान पहुंचाया। कई इलाकों में अचानक मौसम बिगड़ने से जनजीवन प्रभावित हो गया। तेज हवाओं के कारण एक ऑडिटोरियम की छत उड़ गई, जिसमें 3 लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इसके अलावा कई जिलों में पेड़ गिरने और बिजली सप्लाई बाधित होने की खबरें भी सामने आई हैं। मौसम विभाग ने यूपी के कई जिलों में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है। Rajasthan Weather: आंधी-बारिश से मिली गर्मी से राहत राजस्थान में पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी के बीच अब मौसम ने करवट ली है। जयपुर, बीकानेर, जोधपुर, अजमेर और आसपास के इलाकों में धूलभरी आंधी और हल्की बारिश दर्ज की गई। कई जगह तापमान में गिरावट से लोगों को गर्मी से राहत मिली। IMD ने राजस्थान के कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 2 से 3 दिनों तक तेज हवाएं और बारिश जारी रह सकती है। 22 राज्यों में Rain और Thunderstorm Alert मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर समेत 22 राज्यों में तेज हवाओं और बारिश की संभावना है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण मौसम में अचानक बदलाव हो रहा है। यही वजह है कि कई राज्यों में प्री-मानसून गतिविधियां मजबूत हो गई हैं। MP में अगले 72 घंटे अहम मध्य प्रदेश में भी मौसम तेजी से बदल रहा है। भोपाल, जबलपुर, रीवा और ग्वालियर समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग का मानना है कि अगले 72 घंटे प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे और जल्द ही मानसून की एंट्री हो सकती है। दक्षिण और पूर्वोत्तर राज्यों में Heavy Rain केरल, कर्नाटक, असम, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में लगातार भारी बारिश जारी है। कई इलाकों में जलभराव और भूस्खलन जैसी स्थिति देखने को मिल रही है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है। लोगों के लिए जरूरी सलाह हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
TMC

Bengal Politics में हलचल! TMC की बागी लिस्ट में बड़े नाम, अब तक खामोश हैं Shatrughan और Yusuf

पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर बगावत की खबरों ने राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया है। कथित “TMC Rebel List” सामने आने के बाद पार्टी के कई बड़े नेताओं के नाम चर्चा में हैं। इनमें अभिनेत्री और सांसद सयानी घोष, वरिष्ठ नेता शत्रुघ्न सिन्हा और पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान का नाम सबसे ज्यादा सुर्खियों में बना हुआ है। दिलचस्प बात यह है कि लिस्ट सामने आने के 24 घंटे बाद भी इन तीनों नेताओं की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। न किसी ने इन खबरों का खंडन किया और न ही खुलकर समर्थन में कुछ कहा। यही चुप्पी अब बंगाल की राजनीति में नए सवाल खड़े कर रही है। 19 सांसदों के अलग गुट बनाने की चर्चा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, TMC के करीब 19 सांसदों के एक अलग गुट में शामिल होने की चर्चा है। दावा किया जा रहा है कि यह गुट पार्टी नेतृत्व से नाराज चल रहा है और भविष्य की रणनीति पर लगातार बैठकें कर रहा है। राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि कुछ नेता NDA के संपर्क में हैं, हालांकि इसको लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि बागी गुट दल-बदल कानून से बचने के लिए दो-तिहाई सांसदों का समर्थन जुटाने की कोशिश में लगा है। अगर ऐसा होता है तो यह ममता बनर्जी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका साबित हो सकता है। इन बड़े नेताओं के नाम आए सामने कथित बागी सांसदों की सूची में शत्रुघ्न सिन्हा, सयानी घोष, यूसुफ पठान, माला रॉय, काकोली घोष दस्तीदार और दीपक अधिकारी जैसे नेताओं के नाम सामने आए हैं। इन नामों के सामने आने के बाद TMC समर्थकों के बीच भी बेचैनी बढ़ गई है। हालांकि पार्टी की ओर से अब तक इस पूरी लिस्ट को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं विपक्षी दल लगातार इस मुद्दे को लेकर TMC पर निशाना साध रहे हैं। TMC के भीतर बढ़ रही नाराजगी? राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पिछले कुछ महीनों से पार्टी के भीतर अंदरूनी असंतोष बढ़ रहा था। कई नेताओं को संगठन और फैसलों में अपनी अनदेखी महसूस हो रही थी। ऐसे में अब बगावत की खबरों ने उन चर्चाओं को और हवा दे दी है। इसी बीच कुछ नेताओं के इस्तीफे और दिल्ली में हुई राजनीतिक बैठकों ने भी अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है। हालांकि TMC नेतृत्व लगातार पार्टी में सब कुछ सामान्य होने का दावा कर रहा है। तीन चेहरों की चुप्पी बनी सबसे बड़ा सवाल इस पूरे विवाद में सबसे ज्यादा चर्चा शत्रुघ्न सिन्हा, सयानी घोष और यूसुफ पठान की चुप्पी को लेकर हो रही है। सोशल मीडिया पर लोग लगातार सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर ये तीनों नेता अब तक सामने क्यों नहीं आए। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों में इन नेताओं का बयान बंगाल की राजनीति की दिशा तय कर सकता है। अगर बगावत की खबरें सही साबित होती हैं तो इसका असर सिर्फ पश्चिम बंगाल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Nipah Virus

Kerala Nipah Virus Update: कोझिकोड में नया केस, अस्पताल स्टाफ क्वारंटीन, सरकार अलर्ट मोड में

केरल में एक बार फिर निपाह वायरस (Nipah Virus) ने चिंता बढ़ा दी है। इस साल राज्य में पहला मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। मरीज की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। वहीं संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए अस्पताल स्टाफ और मरीज के संपर्क में आए लोगों को क्वारंटीन कर दिया गया है। कोझिकोड में मिला नया निपाह केस केरल के कोझिकोड जिले में एक 43 वर्षीय व्यक्ति में निपाह वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है। शुरुआती लक्षणों के बाद मरीज को अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत बिगड़ने पर उसे आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट देना पड़ा। जी से एक्टिव हुआ स्वास्थ्य विभाग मामले की पुष्टि होते ही प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत कदम उठाए— क्यों चिंता बढ़ाता है निपाह वायरस? निपाह वायरस एक जूनोटिक वायरस है, यानी यह जानवरों से इंसानों में फैल सकता है। खासकर चमगादड़ों को इसका प्रमुख स्रोत माना जाता है। कुछ मामलों में यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भी फैल सकता है। इस वायरस के संक्रमण से दिमाग में सूजन (encephalitis), तेज बुखार और सांस लेने में गंभीर दिक्कतें हो सकती हैं, जिससे स्थिति जानलेवा भी बन सकती है। केरल में पहले भी हो चुके हैं मामले यह पहली बार नहीं है जब केरल में निपाह का मामला सामने आया हो। प्रशासन पूरी तरह सतर्क फिलहाल राज्य में स्वास्थ्य टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। मरीज के संपर्क में आए हर व्यक्ति की पहचान की जा रही है ताकि संक्रमण को आगे फैलने से रोका जा सके। अस्पतालों में आइसोलेशन और इमरजेंसी प्रोटोकॉल को और मजबूत कर दिया गया है।
Read more
TMC

TMC में अंदरूनी बगावत? 20 MPs की लिस्ट आई सामने, Shatrughan Sinha-Yusuf Pathan के नाम चर्चा में

तृणमूल कांग्रेस (TMC) में अंदरूनी राजनीति को लेकर बड़ी हलचल सामने आ रही है। सोशल मीडिया और मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि पार्टी के कुछ सांसदों के बीच असंतोष बढ़ा है और करीब 20 सांसदों का एक अलग रुख या गुट बनाने जैसी चर्चा ने राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया है। हालांकि, अभी तक किसी भी स्तर पर इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, और मामला पूरी तरह से बयानबाजी और अटकलों के बीच घूम रहा है। क्या है पूरा मामला? रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ TMC सांसदों ने लोकसभा में अलग पहचान या ग्रुपिंग को लेकर संकेत दिए हैं। कहा जा रहा है कि इस कथित गुट में कई सांसद शामिल हैं, और चर्चा यह भी है कि कुछ सांसद NDA के साथ बैठने या सहयोग की दिशा में जा सकते हैं। लेकिन दूसरी तरफ पार्टी के कई नेताओं ने इन खबरों को सिरे से खारिज करते हुए इसे “बेबुनियाद और भ्रामक” बताया है। किन नामों की चर्चा सबसे ज्यादा? इस पूरे विवाद में जिन नामों की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, वे हैं: ध्यान देने वाली बात यह है कि इन नामों को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं, लेकिन किसी भी सांसद ने खुलकर बगावत की पुष्टि नहीं की है। शत्रुघ्न सिन्हा और यूसुफ पठान की स्थिति TMC का रिएक्शन TMC नेतृत्व ने इन खबरों को अफवाह बताते हुए कहा है कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है और किसी भी प्रकार की टूट या गुटबाजी नहीं हुई है। पार्टी का कहना है कि इस तरह की खबरें राजनीतिक माहौल को प्रभावित करने के लिए फैलाई जा रही हैं। वहीं राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर सांसदों में असंतोष की खबरें सही साबित होती हैं तो इसका असर संसद में TMC की रणनीति पर पड़ सकता है। राजनीतिक असर और सियासी मायने अगर यह विवाद आगे बढ़ता है तो: लेकिन फिलहाल यह पूरा मामला अफवाहों, रिपोर्ट्स और राजनीतिक बयानबाजी तक ही सीमित है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Bharat Mandapam

NDA Meeting in Bharat Mandapam: PM Modi का ‘Jhalmuri Moment’ Viral, नेताओं के साथ दिखा अनोखा अंदाज़

नई दिल्ली के Bharat Mandapam में हुई National Democratic Alliance की अहम बैठक के बाद एक ऐसा पल सामने आया, जिसने पूरे सोशल मीडिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। बैठक खत्म होने के बाद प्रधानमंत्री Narendra Modi का एक सहज और अनौपचारिक अंदाज़ लोगों को देखने को मिला, जब वे नेताओं को अपने हाथ से झालमुरी परोसते नजर आए। मीटिंग के बाद दिखा हल्का-फुल्का और अपनापन भरा माहौल राजनीति की गंभीर चर्चाओं के बीच जब बैठक समाप्त हुई, तो माहौल अचानक काफी सहज और दोस्ताना हो गया। पीएम मोदी नेताओं के बीच खुद पहुंचे और मुस्कुराते हुए सभी को झालमुरी ऑफर की। यह छोटा सा पल कैमरे में कैद हो गया और देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में नेताओं के बीच बातचीत और हंसी-मजाक का माहौल साफ नजर आता है, जो आमतौर पर औपचारिक बैठकों में कम ही देखने को मिलता है। Bharat Mandapam बना बड़े राजनीतिक आयोजनों का केंद्र Bharat Mandapam हाल के वर्षों में देश के बड़े राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों का प्रमुख केंद्र बन चुका है। इस बार भी यहां हुई NDA की बैठक में कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए और संगठन की भविष्य की रणनीति पर चर्चा की गई। National Democratic Alliance की इस बैठक को राजनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, खासकर आने वाले चुनावी समीकरणों और रणनीतियों के संदर्भ में। सोशल मीडिया पर चर्चा में आया ‘PM Modi Jhalmuri Video’ जैसे ही यह वीडियो सामने आया, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यह तेजी से फैल गया। लोगों ने इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं। कई लोगों ने इसे प्रधानमंत्री की “सादगी और सहजता” बताया, जबकि कुछ ने इसे एक हल्के-फुल्के और मानवीय पल के रूप में देखा। वीडियो ने एक बार फिर यह दिखाया कि राजनीतिक बैठकों के बीच भी छोटे-छोटे इंसानी पल लोगों के दिलों को छू लेते हैं और तेजी से वायरल हो जाते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
West Bengal

West Bengal Politics: CM का बड़ा फैसला, Home Ministry अपने पास, नए मंत्रियों को मिले अहम विभाग

पश्चिम बंगाल (West Bengal) की राजनीति में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। हाल ही में हुए कैबिनेट विस्तार (Cabinet Expansion 2026) के बाद राज्य सरकार ने मंत्रियों के बीच विभागों का औपचारिक बंटवारा शुरू कर दिया है। इस फैसले के साथ ही सरकार ने प्रशासनिक ढांचे को और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। 35 मंत्रियों की नई टीम, सरकार ने दिया बड़ा संदेश नई सरकार में कुल 35 विधायकों को मंत्री पद की जिम्मेदारी दी गई है। इनमें कैबिनेट मंत्री और राज्य मंत्री दोनों शामिल हैं। इस बड़े विस्तार को राजनीतिक जानकार सरकार की “नए सिरे से टीम स्ट्रक्चर” की रणनीति के रूप में देख रहे हैं। सरकार का दावा है कि नई टीम में: CM ने रखा Home Ministry अपने पास, मजबूत नियंत्रण का संकेत सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री ने सबसे अहम विभागों में से एक गृह मंत्रालय (Home Ministry) अपने पास ही रखा है। यह फैसला राज्य की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था पर सीधा नियंत्रण बनाए रखने के उद्देश्य से देखा जा रहा है। इसके अलावा प्रशासनिक और समन्वय से जुड़े कई महत्वपूर्ण विभाग भी मुख्यमंत्री के पास ही रहेंगे। Swapan Dasgupta को मिली Finance Ministry की जिम्मेदारी वरिष्ठ नेता स्वपन दासगुप्ता (Swapan Dasgupta) को राज्य का वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) सौंपा गया है। उनके पास अब राज्य की आर्थिक नीति, बजट तैयार करना और वित्तीय सुधारों की बड़ी जिम्मेदारी होगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह नियुक्ति आर्थिक प्रबंधन को मजबूत करने और नई वित्तीय रणनीति लागू करने की दिशा में अहम कदम है। कैबिनेट विस्तार के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल कैबिनेट विस्तार और विभागों के बंटवारे के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विपक्ष लगातार सरकार के फैसलों और मंत्री चयन पर सवाल उठा रहा है। हालांकि सरकार का कहना है कि यह बदलाव प्रशासन को तेज और प्रभावी बनाने के लिए किया गया है। क्या बदल सकता है आगे? विशेषज्ञों के अनुसार यह नया कैबिनेट ढांचा आने वाले समय में: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Bengal Cabinet में विभागों का बंटवारा: शपथ के 10 दिन बाद ममता सरकार ने नए मंत्रियों को सौंपी जिम्मेदारी

Bengal Cabinet में विभागों का बंटवारा: शपथ के 10 दिन बाद ममता सरकार ने नए मंत्रियों को सौंपी जिम्मेदारी

West Bengal में नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण के करीब 10 दिन बाद आखिरकार विभागों का बंटवारा कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार ने नए मंत्रियों को उनकी जिम्मेदारियां सौंपते हुए विभिन्न विभागों का आवंटन किया है। इससे राज्य सरकार के कामकाज में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। हाल ही में कैबिनेट विस्तार के दौरान शामिल किए गए मंत्रियों को अब उनके मंत्रालय मिल गए हैं। लंबे इंतजार के बाद जारी की गई सूची में कई नेताओं को महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। राजनीतिक गलियारों में इस बंटवारे को आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है। सरकार का कहना है कि विभागों का आवंटन मंत्रियों के अनुभव और प्रशासनिक क्षमता को ध्यान में रखकर किया गया है, ताकि विकास कार्यों को गति दी जा सके और जनता से जुड़े मुद्दों का तेजी से समाधान हो सके। किस मंत्री को मिला कौन-सा विभाग? राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार नए मंत्रियों को विभिन्न विभागों की जिम्मेदारी दी गई है। इनमें प्रशासन, विकास, जनकल्याण और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई अहम मंत्रालय शामिल हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विभागों का यह बंटवारा ममता बनर्जी की टीम को और मजबूत करेगा। साथ ही सरकार आगामी चुनौतियों और चुनावी तैयारियों को ध्यान में रखते हुए अपने संगठनात्मक ढांचे को भी सुदृढ़ कर रही है। जनता की उम्मीदें बढ़ीं नए मंत्रियों को जिम्मेदारी मिलने के बाद अब लोगों की नजर इस बात पर रहेगी कि वे अपने-अपने विभागों में कितना प्रभावी काम कर पाते हैं। खासकर स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण विकास और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े विभागों में जनता को बेहतर परिणामों की उम्मीद है। विभागों का बंटवारा होने के साथ ही पश्चिम बंगाल सरकार का नया प्रशासनिक ढांचा पूरी तरह सक्रिय हो गया है और अब सभी विभाग अपने निर्धारित लक्ष्यों पर काम शुरू करेंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Gurugram

Mega Search Operation in Gurugram: पुलिस ने शुरू की सघन छापेमारी, दस्तावेजों की हो रही जांच

गुरुग्राम (Gurugram) में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान और शहर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस ने बड़ा Mega Search Operation in Gurugram शुरू किया है। इस अभियान के तहत शहर के कई इलाकों में एक साथ तलाशी और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, अचानक शुरू हुए इस अभियान से कई इलाकों में हलचल देखने को मिली, क्योंकि पुलिस टीमें अलग-अलग जगहों पर पहुंचकर किरायेदारों और बाहरी लोगों का रिकॉर्ड खंगाल रही हैं। शहर में कई इलाकों में एक साथ चला सर्च अभियान पुलिस ने यह कार्रवाई एक साथ कई टीमों के जरिए शुरू की है। झुग्गी बस्तियों से लेकर हाई-राइज सोसायटी तक, हर जगह संदिग्ध रूप से रह रहे लोगों की पहचान की जा रही है। किन जगहों पर हो रही जांच? दस्तावेजों की गहन जांच इस अभियान में पुलिस आधार कार्ड, पहचान पत्र, किरायानामा और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है। खास तौर पर ऐसे लोगों पर ध्यान दिया जा रहा है जो बिना वैध दस्तावेजों के शहर में रह सकते हैं। पुलिस का साफ संदेश अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस ऑपरेशन का उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि शहर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान करना है। वैध दस्तावेज रखने वाले लोगों के साथ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। लोगों और RWA से अपील प्रशासन ने नागरिकों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) से अपील की है कि वे अपने यहां रहने वाले किरायेदारों और कर्मचारियों का Police Verification जरूर कराएं। इससे भविष्य में किसी भी तरह की सुरक्षा समस्या से बचा जा सकता है। Gurugram Security Operation पर असर इस मेगा सर्च ऑपरेशन से शहर में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली को और मजबूत करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रह सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Meta

India AI Meta और Reliance मिलकर बनाएंगे पहला AI Data Center, जामनगर बनेगा नया Tech Hub

भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाया जा रहा है। सोशल मीडिया और टेक दिग्गज Meta (Facebook, Instagram और WhatsApp की पैरेंट कंपनी) और भारत की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक Reliance Industries ने मिलकर देश में पहला AI आधारित डेटा सेंटर बनाने की योजना बनाई है। यह प्रोजेक्ट भारत के डिजिटल भविष्य को एक नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। कहाँ बनेगा यह AI Data Center? यह अत्याधुनिक AI डेटा सेंटर गुजरात के जामनगर (Jamnagar) में स्थापित किया जाएगा। जामनगर पहले से ही Reliance के बड़े एनर्जी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए जाना जाता है, और अब यह शहर AI टेक्नोलॉजी का नया केंद्र बनने जा रहा है। Meta और Reliance की बड़ी साझेदारी इस प्रोजेक्ट में दो दिग्गज कंपनियों की साझेदारी शामिल है: Reliance इस डेटा सेंटर को डिजाइन और डेवलप करेगी, जबकि Meta इसकी AI कंप्यूटिंग क्षमता को लीज पर इस्तेमाल करेगी। यह मॉडल भारत में बड़े स्तर पर AI इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कितना बड़ा होगा यह प्रोजेक्ट? यह डेटा सेंटर भारत में AI वर्कलोड को लोकल स्तर पर प्रोसेस करने में मदद करेगा, जिससे स्पीड और एफिशिएंसी दोनों बढ़ेंगी। क्यों है यह प्रोजेक्ट खास? यह सिर्फ एक डेटा सेंटर नहीं बल्कि एक बड़ी टेक क्रांति की शुरुआत है: जामनगर क्यों बना पसंदीदा लोकेशन? जामनगर को इस प्रोजेक्ट के लिए चुनने के पीछे कई अहम वजहें हैं: भारत के लिए क्या मायने रखता है यह कदम? इस AI डेटा सेंटर से भारत को कई स्तरों पर फायदा मिलेगा: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
नरेंद्र मोदी

4399 Days as PM: नरेंद्र मोदी ने रचा इतिहास, कैबिनेट में तालियों से स्वागत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार 4399 दिनों तक प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया है। इस मौके पर कैबिनेट बैठक में माहौल सामान्य राजनीतिक बैठक से थोड़ा अलग नजर आया, जहां मंत्रियों ने खड़े होकर प्रधानमंत्री का स्वागत किया और तालियां बजाईं। सरकार इसे एक ऐतिहासिक उपलब्धि और स्थिर नेतृत्व का संकेत बता रही है, जबकि विपक्ष ने इस पर सवाल उठाते हुए इसे “संदिग्ध उपलब्धि” कहा है। कैबिनेट में दिखा खास माहौल कैबिनेट बैठक की शुरुआत से पहले कई मंत्रियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत किया। बैठक में मौजूद मंत्रियों ने खड़े होकर तालियां बजाईं, जिससे पूरा माहौल कुछ देर के लिए औपचारिक से अधिक भावनात्मक और उत्सव जैसा हो गया। भाजपा नेताओं का कहना है कि यह जनता के विश्वास और लगातार मजबूत नेतृत्व का नतीजा है, जिसने सरकार को लंबे समय तक स्थिर रखा है। Nehru का रिकॉर्ड टूटा, ऐतिहासिक आंकड़ा भारतीय राजनीतिक इतिहास में जवाहरलाल नेहरू लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने वाले नेता थे। अब 4399 दिनों के कार्यकाल के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह रिकॉर्ड पार कर लिया है। भाजपा समर्थक इसे लोकतंत्र में स्थिरता और नेतृत्व की निरंतरता के रूप में देख रहे हैं, जबकि आलोचक इसे केवल कार्यकाल की लंबाई तक सीमित उपलब्धि मान रहे हैं। Congress का रिएक्शन: “संदिग्ध उपलब्धि” कांग्रेस ने इस पूरे घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी का कहना है कि देश में असली मुद्दे जैसे महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक चुनौतियाँ ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। कांग्रेस नेताओं ने इसे “संदिग्ध उपलब्धि” बताते हुए कहा कि लोकतंत्र में सफलता का पैमाना केवल लंबे कार्यकाल से नहीं तय किया जा सकता। BJP का पक्ष: जनता का भरोसा सबसे बड़ा कारण भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का कहना है कि यह उपलब्धि जनता के भरोसे और लगातार चुनावी समर्थन का परिणाम है। पार्टी नेताओं ने इसे “मजबूत लोकतंत्र और स्थिर सरकार” का उदाहरण बताया। सोशल मीडिया पर भी समर्थकों ने इस उपलब्धि को लेकर उत्साह जताया और इसे एक ऐतिहासिक क्षण बताया। राजनीतिक बहस आगे भी जारी रहने के संकेत राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुद्दा आने वाले दिनों में और तेज बहस का कारण बनेगा। सरकार इसे उपलब्धि के रूप में पेश कर रही है, जबकि विपक्ष इसे सवालों के घेरे में रख रहा है। कुल मिलाकर यह घटना भारतीय राजनीति में नेतृत्व, रिकॉर्ड और लोकतांत्रिक मूल्य—तीनों पर नई चर्चा को जन्म दे रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
1 … 80 81 82 83 84 … 237

Trending News

Editor's Picks

Delhi

Delhi Protest Case: इंटरनेट बंदी पर केंद्र ने मांगी माफी, आज Supreme Court में सुनवाई

Delhi में CJP (Cockroach Janta Party) के प्रदर्शन के दौरान इंटरनेट सेवाएं बंद करने और मेट्रो स्टेशनों पर पाबंदियां लगाने का मामला लगातार चर्चा में है। 10 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन के बाद केंद्र सरकार, दिल्ली पुलिस और दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) को सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखना पड़ा। तीनों की ओर से अदालत में बिना शर्त माफी मांगी गई है। अब गुरुवार, 15 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं। इस मामले में याचिकाकर्ताओं ने करीब 7,000 लोगों को हिरासत में लिए जाने का दावा किया है। वहीं, अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियाती कदम उठाए गए थे। अब अदालत यह देखेगी कि इन कदमों से उसके पहले के निर्देशों का उल्लंघन हुआ या नहीं। Internet Shutdown: केंद्र सरकार ने क्या सफाई दी? केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर बिना शर्त माफी मांगी है। सरकार ने कहा कि अदालत के आदेश की जानबूझकर अवहेलना करने का कोई इरादा नहीं था। केंद्र के मुताबिक, दिल्ली पुलिस के अनुरोध पर रायसीना हिल्स के चार किलोमीटर के दायरे में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं 9 अक्टूबर की रात 10 बजे से 10 अक्टूबर की रात 10 बजे तक बंद की गई थीं। सरकार ने इसके पीछे संभावित कानून-व्यवस्था की स्थिति का हवाला दिया। केंद्र ने अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि प्रतिबंध सीमित इलाके और तय समय के लिए लगाया गया था। साथ ही, सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से अवमानना नोटिस वापस लेने का अनुरोध किया है। Delhi Metro के 45 स्टेशनों पर क्यों लगी पाबंदी? प्रदर्शन के दिन दिल्ली मेट्रो के कुछ स्टेशनों पर यात्रियों के प्रवेश और निकास को सीमित कर दिया गया था। इस फैसले के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा और मेट्रो सेवाओं पर लगे प्रतिबंधों को लेकर सवाल उठने लगे। DMRC ने सुप्रीम कोर्ट में बताया कि दिल्ली के कुल 303 मेट्रो स्टेशनों में से 45 पर पाबंदियां लगाई गई थीं। कॉर्पोरेशन के मुताबिक, उस दिन 271 ट्रेनों ने कुल 4,157 चक्कर लगाए। DMRC ने अपने हलफनामे में कहा कि संबंधित पाबंदियां दिल्ली पुलिस के निर्देशों के बाद लागू की गई थीं। मेट्रो प्रबंधन ने भी बिना शर्त माफी मांगते हुए कहा कि उसका उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। CJP Protest में 7 हजार लोगों को हिरासत में लेने का दावा इस पूरे विवाद में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने का मुद्दा भी अहम है। याचिकाकर्ताओं की ओर से करीब 7,000 लोगों को हिरासत में लिए जाने का दावा किया गया है। उन्होंने कार्रवाई के तरीके और उसकी वैधता पर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान संभावित अव्यवस्था को देखते हुए एहतियाती कदम उठाए गए थे। पुलिस के मुताबिक, लोगों को अस्थायी केंद्रों में ले जाया गया और कुछ घंटों के भीतर रिहा कर दिया गया। हालांकि, हिरासत में लिए गए लोगों की सटीक संख्या और कार्रवाई की वैधता को लेकर अंतिम न्यायिक निष्कर्ष सामने आना बाकी है। सुप्रीम कोर्ट ने पहले क्या कहा था? प्रदर्शन से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों को आम लोगों की आवाजाही और सार्वजनिक परिवहन को बाधित नहीं करने के निर्देश दिए थे। अदालत ने मेट्रो और रेल सेवाओं को सामान्य रूप से संचालित करने तथा इंटरनेट सेवाओं को बाधित न करने पर भी जोर दिया था। इसके बाद अदालत ने संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगते हुए अवमानना नोटिस जारी किए। अब केंद्र सरकार, दिल्ली पुलिस और DMRC ने अपने हलफनामे दाखिल कर माफी मांगी है और अपने फैसलों के पीछे की परिस्थितियों को स्पष्ट किया है। CJP प्रदर्शन की वजह क्या थी? CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन का आह्वान किया था। प्रदर्शन से जुड़ी मांगों में SIR यानी Special Intensive Revision के तहत मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया का विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग शामिल थी। प्रदर्शन से पहले दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई और कुछ मेट्रो स्टेशनों पर आवाजाही सीमित कर दी गई। इंटरनेट बंद होने के बाद यह मामला और गंभीर हो गया, क्योंकि इससे आम लोगों के संचार और रोजमर्रा के कामकाज पर असर पड़ने को लेकर सवाल उठे। आज की Supreme Court Hearing में क्या होगा? 15 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई में अदालत केंद्र सरकार, दिल्ली पुलिस और DMRC के जवाबों पर विचार करेगी। इस दौरान इंटरनेट बंद करने, मेट्रो स्टेशनों पर पाबंदी लगाने और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने से जुड़े मुद्दे अहम रहेंगे। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या सुप्रीम कोर्ट अधिकारियों की माफी स्वीकार करेगा या कथित अवमानना के मामले में आगे की कार्रवाई करेगा। अदालत भविष्य में ऐसी परिस्थितियों में इंटरनेट सेवाओं और सार्वजनिक परिवहन पर प्रतिबंध लगाने से जुड़े निर्देशों पर भी विचार कर सकती है। फिलहाल, अधिकारियों ने अपना पक्ष रख दिया है। अब अदालत के फैसले से साफ होगा कि सुरक्षा के नाम पर लगाए गए प्रतिबंधों और आम नागरिकों की सुविधाओं के बीच संतुलन को लेकर आगे क्या दिशा तय होती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
मां स्कंदमाता

Navratri 2026: पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा, जानें महत्त्व, कथा और मंत्र

नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा की जाती है। भगवान कार्तिकेय को स्कंद भी कहा जाता है। उन्हें गोद में धारण करने के कारण देवी पार्वती के इस स्वरूप का नाम स्कंदमाता पड़ा। मां का यह रूप मातृत्व, प्रेम और करुणा का प्रतीक है। मां स्कंदमाता की कथा पौराणिक मान्यता के अनुसार, देवी पार्वती ने भगवान स्कंद यानी कार्तिकेय को जन्म दिया, जो देवताओं की सेना के सेनापति बने। स्कंदमाता का स्वरूप एक मां की शक्ति और अपने संतान के प्रति अटूट स्नेह को दर्शाता है। मां का स्वरूप और महत्त्व पूजा विधि मंत्र: ॐ देवी स्कन्दमातायै नमः। भोग: मां को केला अर्पित करने की परंपरा प्रचलित है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

मेरठ हत्याकांड: मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा, पति सौरभ की हत्या के मामले में कोर्ट का फैसला

मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में सौरभ राजपूत हत्याकांड में अदालत ने उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल को फांसी की सजा सुनाई है। दोनों पर सौरभ की हत्या करने का आरोप साबित होने के बाद यह फैसला सुनाया गया। सजा सुनाते हुए जज ने वारदात को नृशंस हत्याकांड बताया और कहा कि इसमें माफी स्वीकार नहीं होगी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कोर्ट में पेश हुए मुस्कान और साहिल सजा सुनाए जाने से पहले जेल में बंद मुस्कान और साहिल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत से जोड़ा गया। इस दौरान दोनों रोने लगे। जज ने मुस्कान से पूछा कि पति सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद वह क्या सजा चाहती है। इस पर मुस्कान ने कहा, “मेरी बच्चियों का ख्याल रखा जाए।” इसके बाद वह खामोश हो गई। वहीं, साहिल से भी यही सवाल पूछा गया, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया। सजा के ऐलान के बाद रो पड़ीं सौरभ की मां अदालत के फैसले के बाद सौरभ राजपूत की मां भावुक हो गईं और रो पड़ीं। उन्होंने कहा कि उन्हें शांति से न्याय मिल गया। इस मामले में सजा का ऐलान सौरभ के परिवार के लिए लंबे इंतजार के बाद आया है। 3 मार्च 2025 को हुई थी सौरभ की हत्या सौरभ राजपूत की हत्या 3 मार्च 2025 को हुई थी। मामले में सामने आए विवरण के अनुसार, हत्या के बाद शव के पांच टुकड़े किए गए और उन्हें नीले ड्रम में भर दिया गया था। इस वारदात ने पूरे देश में व्यापक चर्चा बटोरी थी। अदालत ने मामले में मुस्कान रस्तोगी और साहिल को दोषी ठहराते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई है।

इंदौर में प्लॉट बेचने के नाम पर 7.80 लाख की ठगी का आरोप, ब्रोकर समेत दो पर FIR

शहर के एरोड्रम थाना क्षेत्र में प्लॉट बेचने के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि प्लॉट का सौदा करने के बाद ब्रोकर और प्लॉट मालिक ने फरियादी से 7 लाख 80 हजार रुपये ले लिए, लेकिन न तो प्लॉट की रजिस्ट्री कराई और न ही कब्जा दिया। शिकायत की जांच के बाद एरोड्रम थाना पुलिस ने नंदकिशोर मनावत और धर्मेंद्र ठाकुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। 9.30 लाख में तय हुआ था प्लॉट का सौदा पुलिस के मुताबिक, नंदबाग कॉलोनी निवासी विजय चौहान ने शिकायत में बताया कि उन्होंने नंदबाग में एक प्लॉट का सौदा 9 लाख 30 हजार रुपये में तय किया था। इस संबंध में एग्रीमेंट भी किया गया था। फरियादी ने आरोप लगाया कि उन्होंने नकद और ऑनलाइन माध्यम से कुल 7 लाख 80 हजार रुपये का भुगतान कर दिया, लेकिन इसके बावजूद उन्हें प्लॉट का कब्जा नहीं मिला और रजिस्ट्री भी नहीं कराई गई। ब्रोकर ने परिचित बताकर कराया था सौदा विजय चौहान के अनुसार, धर्मेंद्र ठाकुर ने उन्हें बताया था कि नंदकिशोर मनावत उसका परिचित है और वह अपना प्लॉट बेचना चाहता है। इसके बाद धर्मेंद्र ने सौदे में ब्रोकर की भूमिका निभाई और इसके बदले 10 हजार रुपये लिए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि भुगतान के बाद जब उन्होंने रजिस्ट्री कराने और प्लॉट का कब्जा देने की मांग की, तो उन्हें लगातार टालमटोल का सामना करना पड़ा। 25 से ज्यादा केस होने की धमकी देने का आरोप फरियादी ने आरोप लगाया कि रजिस्ट्री और कब्जे के लिए दबाव बनाने पर धर्मेंद्र ठाकुर ने धमकी दी। शिकायत के मुताबिक, उसने कहा कि उसके खिलाफ 25 से ज्यादा मामले चल रहे हैं। साथ ही, उसके या नंदकिशोर मनावत के पास दोबारा आने पर अंजाम भुगतने की चेतावनी भी दी। 2.80 लाख रुपये लौटाए, 5 लाख बाकी होने का दावा विजय चौहान के मुताबिक, पुलिस में शिकायत करने की बात कहने के बाद नंदकिशोर मनावत ने 2 लाख 50 हजार रुपये नकद और 30 हजार रुपये ऑनलाइन वापस किए। हालांकि, फरियादी का आरोप है कि बाकी 5 लाख रुपये लौटाने से इनकार कर दिया गया। इसके बाद विजय चौहान ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत की। जांच के बाद एरोड्रम थाना पुलिस ने नंदकिशोर मनावत और धर्मेंद्र ठाकुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होनी बाकी है।

SIR के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्रों से मिले राहुल गांधी, दिल्ली पुलिस पर मारपीट के आरोप

नई दिल्ली। SIR के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन करने वाले छात्रों ने बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात की। इसके बाद राहुल गांधी और छात्रों ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली पुलिस पर मारपीट और हिरासत के दौरान दुर्व्यवहार करने के आरोप लगाए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में NSUI के छात्रों, कार्यकर्ताओं और कंटेंट क्रिएटर्स ने अपने साथ हुई कथित घटनाओं की जानकारी दी। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। छात्रा ने कान पर चोट लगने का लगाया आरोप प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक छात्रा ने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान पुलिसकर्मी ने उसके प्राइवेट पार्ट पर लात मारी। वहीं, दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा अदिरा ने दावा किया कि पुलिस की पिटाई के कारण उसके एक कान की सुनने की क्षमता चली गई। प्रदर्शनकारियों ने हिरासत के दौरान कथित ज्यादती और मारपीट से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी सामने नहीं आई है। RSS और भाजपा से जुड़े लोगों के कहने पर हिरासत का आरोप एक अन्य प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया कि पुलिस RSS और भाजपा से जुड़े लोगों के कहने पर प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले रही थी। यह आरोप भी प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाया गया है। राहुल गांधी ने सबूत सुरक्षित रखने को कहा राहुल गांधी ने छात्रों से घटनाओं से जुड़े वीडियो और अन्य सबूत सुरक्षित रखने को कहा। उन्होंने कहा कि इन सबूतों के आधार पर पुलिसकर्मियों से लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त तक, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। प्रदर्शनकारियों के आरोपों और पुलिस की कार्रवाई को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर रहेगी।

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.