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छत्तीसगढ़ में लागू होगी पुलिस कमिश्नर प्रणाली, रायपुर से होगी शुरुआत

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर छत्तीसगढ़ में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू करने का ऐलान किया। सीएम की घोषणा के बाद अब पुलिस महकमे के अधिकारी इस आदेश को जल्द ही अमल में लाने की तैयारी में हैं। रायपुर में इसके लिए सेटअप लगभग तैयार है। लंबे समय से पुलिस कमिश्नर प्रणाली पर चर्चा हो रही थी, जिसे अब औपचारिक रूप से लागू करने का निर्देश जारी कर दिया गया है। रायपुर से होगी शुरुआत कमिश्नर प्रणाली 10 लाख से अधिक आबादी वाले जिलों में लागू की जाएगी। साय सरकार ने पहले चरण में इसे रायपुर में शुरू करने का फैसला लिया है। यदि यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो इसे बिलासपुर, दुर्ग समेत अन्य बड़े जिलों में भी लागू किया जाएगा। इस व्यवस्था से पुलिस के अधिकार और निर्णय क्षमता में बढ़ोतरी होगी। पुलिस को स्वतंत्र फैसले लेने की शक्ति कमिश्नर प्रणाली में सीनियर पुलिस अधिकारियों को दंड प्रक्रिया संहिता के तहत सीधे कार्रवाई के अधिकार मिलते हैं। इससे अपराधियों पर तुरंत रोकथाम और कार्रवाई संभव होगी। प्रतिबंधात्मक आदेश से लेकर अपराध नियंत्रण तक, पुलिस स्वतंत्र रूप से निर्णय ले सकेगी। सेटअप और पदों का ढांचा कमिश्नर के अधिकार और फायदे कमिश्नर को कलेक्टर के कई अधिकार भी मिलेंगे। अब शांति भंग की आशंका में हिरासत, गुंडा एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और रासुका जैसी धाराएं पुलिस बिना कलेक्टर की अनुमति के लागू कर सकेगी। होटल, बार और हथियारों के लाइसेंस, धरना-प्रदर्शन की अनुमति, दंगों में बल प्रयोग और जमीन विवाद जैसे मामलों का निपटारा भी पुलिस स्तर पर हो सकेगा। कैसे करेगा काम कमिश्नर का मुख्यालय स्थापित किया जाएगा और एडीजी स्तर के आईपीएस को पुलिस कमिश्नर बनाया जाएगा। शहर को कई जोन में बांटा जाएगा, प्रत्येक जोन में डीसीपी तैनात होगा, जो अपने क्षेत्र का जिम्मा संभालेगा। इसके नीचे एसीपी होंगे, जो 2 से 4 थानों की निगरानी करेंगे। 📢 ऐसी और ताज़ा खबरों के लिए विजिट करें: www.deshharpal.com
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गुना में हाईकोर्ट के स्टे के बाद भी मकान तोड़फोड़ जारी, वकील ने कहा- सीधी अवमानना

गुना। पंजाबी मोहल्ला स्थित एक दो मंजिला मकान को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। हाईकोर्ट से स्टे मिलने के बावजूद शुक्रवार को प्रशासन ने तोड़फोड़ जारी रखी। याचिकाकर्ता के वकील का आरोप है कि अधिकारी स्टे आदेश की कॉपी लेने को तैयार नहीं थे, इसलिए उन्हें आदेश व्हाट्सऐप पर भेजना पड़ा। थोड़ी देर के लिए कार्रवाई रुकी, लेकिन फिर से मकान तोड़ना शुरू कर दिया गया। कहानी विवादित मकान की लाहोटी मार्ग पर बने ‘जग्गी भवन’ के वारिसों में लंबे समय से विवाद चल रहा था। शशि जग्गी ने अन्य वारिसों – सुनीता, विनीत, दिनेश, राजेश, विजय, ओमप्रकाश और सूरज जग्गी – के खिलाफ गुना कोर्ट में केस दायर किया था। निचली अदालत ने शशि के खिलाफ फैसला देते हुए मकान खाली कराने के आदेश दिए। इसके बाद प्रशासन ने मकान खाली कराने की कार्रवाई शुरू कर दी। नेता परिवार से सौदा और तोड़फोड़ की रफ्तार जानकारी के मुताबिक, शशि जग्गी को छोड़कर बाकी वारिसों ने यह बेशकीमती संपत्ति शहर के एक चर्चित नेता परिवार को बेच दी, जो जमीन और प्रॉपर्टी के कारोबार से जुड़ा है। इसी वजह से खाली कराने और तोड़फोड़ की कार्रवाई में तेजी देखी जा रही है। हाईकोर्ट का आदेश और अवमानना का आरोप शशि जग्गी ने निचली अदालत के आदेश को चुनौती देते हुए 13 अगस्त को हाईकोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट ने आगामी आदेश तक यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया। वकील कुलदीप गुर्जर का कहना है कि आदेश की कॉपी तहसीलदार और नगरपालिका सीएमओ को व्हाट्सऐप की गई थी, लेकिन थोड़ी देर रुकने के बाद भी तोड़फोड़ फिर शुरू हो गई, जो साफ तौर पर हाईकोर्ट की अवमानना है। 📢 ऐसी और ताज़ा खबरों के लिए विजिट करें: www.deshharpal.com
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ग्वालियर में 22 वर्षीय छात्रा ने की आत्महत्या, पुलिस भर्ती में असफलता बनी वजह?

ग्वालियर के हजीरा थाना क्षेत्र में एक 22 वर्षीय छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना से पहले उसने जहरीला पदार्थ भी खा लिया था। परिजन उसे तुरंत अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। यह घटना गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात की है। कमरे में फंदे पर मिली छात्रा मृतका की पहचान शालू तोमर (पुत्री गजेन्द्र सिंह तोमर) के रूप में हुई है, जो चंदनपुरा इलाके में रहती थी और एक रेसलर थी। गुरुवार रात करीब 11 बजे वह अपने कमरे में चली गई। कुछ देर बाद जब परिजन ने उसे खाने के लिए बुलाया तो दरवाजा अंदर से बंद था। काफी देर आवाज देने पर भी प्रतिक्रिया न मिलने पर परिजन ने रोशनदान से झांका और देखा कि शालू फांसी के फंदे पर लटकी हुई है। तुरंत दरवाजा तोड़ा गया और उसे नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। फांसी से पहले जहरीला पदार्थ सेवन पुलिस जांच में सामने आया है कि शालू ने फांसी लगाने से पहले कोई जहरीला पदार्थ भी खाया था। अभी तक सुसाइड नोट नहीं मिला है और पुलिस ने कमरे को सील कर दिया है। पुलिस भर्ती में असफल रही थी परिजनों के मुताबिक, शालू पुलिस भर्ती की तैयारी कर रही थी। हाल ही में उसने परीक्षा दी थी, लेकिन असफल होने के बाद वह उदास और चुप रहने लगी थी। संभव है कि यही उसकी आत्महत्या की वजह बनी हो। हजीरा थाना प्रभारी शिवमंगल सिंह ने बताया कि मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब आत्महत्या के पीछे के कारणों की गहराई से जांच कर रही है। 📌 ऐसी और ताज़ा खबरों के लिए विज़िट करें: www.deshharpal.com
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जिले से लेकर शहर तक आजादी का जश्न, जगह-जगह फहराया गया तिरंगा

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भोपाल और आसपास के इलाकों में देशभक्ति का माहौल छाया रहा। जिला पंचायत से लेकर नगर निगम, मेट्रो डिपो और वक्फ बोर्ड परिसर तक तिरंगा फहराकर आजादी का जश्न मनाया गया। जिला पंचायत में ध्वजारोहण जिला पंचायत कार्यालय में अध्यक्ष रामकुंवर गुर्जर ने ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर उपाध्यक्ष मोहन सिंह जाट, सदस्य विनय मेहर, विधायक प्रतिनिधि दीपक गुर्जर, सीईओ इला तिवारी, संदीप कुमार श्रीवास्तव, आकाश परमार, कमल चंदानी, प्रीति राय और दीपक सूर्यवंशी सहित कई गणमान्य मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। नगर निगम में तिरंगे का सम्मान भोपाल की महापौर मालती राय ने आईएसबीटी स्थित नगर निगम कार्यालय में ध्वजारोहण किया। इस मौके पर नगर निगम आयुक्त हरेन्द्र नारायन भी उपस्थित रहे। वहीं, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने माता मंदिर स्थित कार्यालय में तिरंगा फहराया। मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन का समारोह मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अधिकारी और कर्मचारी भी स्वतंत्रता दिवस के रंग में रंगे नजर आए। उन्होंने सुभाष नगर स्थित डिपो पर झंडावंदन किया। वक्फ बोर्ड और हमीदिया मदरसा में कार्यक्रम मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड परिसर और भोपाल के ऐतिहासिक मदरसा हमीदिया में अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल ने ध्वजारोहण किया। इस दौरान काजी मुश्ताक अली नदवी, भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष एम. एजाज खान, सीईओ फरजाना गजाला, अकमल जरदारी, याकूब साहब, इरशाद अंसारी, रमीज कुरैशी और जहरान हसन भी उपस्थित रहे। देशभक्ति के गीतों, राष्ट्रगान और तिरंगे की शान में गूंजते नारों ने पूरे जिले में स्वतंत्रता दिवस को यादगार बना दिया। ऐसी और ताज़ा खबरों के लिए विज़िट करें: deshharpal.com
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Bardhaman

Bardhaman बस-ट्रक में भीषण सड़क हादसा 10 की मौत, 30 घायल

Bardhaman बस-ट्रक हादसा Bardhaman, पश्चिम बंगाल: 15 अगस्त 2025 को बर्धमान जिले में एक भयानक बस-ट्रक हादसा हुआ। एक पैसेंजर बस सड़क पर खड़ी ट्रक से टकरा गई, जिससे 10 लोगों की मौत हो गई और 30 से अधिक लोग घायल हुए। घायलों को तुरंत नज़दीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस और प्रशासन ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, बस की तेज़ गति और सड़क पर खड़ी ट्रक के बीच टकराव इस हादसे की मुख्य वजह मानी जा रही है। हादसे के कारण और प्रशासन की प्रतिक्रिया पुलिस अधिकारीयों का कहना है कि सड़क पर खड़ी वाहन और ड्राइवर की लापरवाही अक्सर ऐसे हादसों का कारण बनती है। प्रशासन ने मौके पर तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। घायल यात्रियों को एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाया गया। इस दुर्घटना ने सड़क सुरक्षा के महत्व को फिर से उजागर किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यातायात नियमों का पालन, सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार और जनता में जागरूकता बढ़ाना बेहद ज़रूरी है। सड़क सुरक्षा का संदेश सड़क हादसे केवल व्यक्तिगत त्रासदी ही नहीं होते, बल्कि यह पूरे समुदाय और राज्य के लिए चेतावनी हैं। ट्रैफिक नियमों का पालन, तेज़ गति से बचाव, और सड़क पर सही ढंग से वाहन पार्क करना हादसों को रोकने में मदद कर सकता है। पश्चिम बंगाल के Bardhaman जिले में हुए इस हादसे ने एक बार फिर यह साबित किया कि सड़क सुरक्षा पर ध्यान न देना जानलेवा साबित हो सकता है। मुख्य तथ्य हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Kishtwar

Kishtwar Cloudburst 2025: किश्तवाड़ बादल फटने से हुए बड़े नुकसान

Kishtwar, जम्मू-कश्मीर: 14 अगस्त 2025 को Kishtwar जिले के चशोटी गांव में भीषण Cloudburst (बादल फटना) ने इलाके में तबाही मचा दी। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 56 लोगों की मौत, 250 से अधिक लोग लापता और 300 से ज्यादा घायल हुए हैं। पीड़ितों ने सुनाई अपनी डरावनी कहानी स्थानीय लोग और मचैल माता यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने आपदा के दौरान के भयावह अनुभव साझा किए। एक पीड़ित ने कहा, “हमें लगा कि दुनिया खत्म हो गई।”सेना, पुलिस, NDRF और स्थानीय लोग मलबे में दबे लोगों को बचाने और राहत कार्यों में जुटे हुए हैं। प्रभावित क्षेत्र और श्रद्धालु चशोटी गांव मचैल माता यात्रा का अंतिम पड़ाव है। यात्रा के दौरान हजारों श्रद्धालु लंगर में भोजन कर रहे थे, जो अचानक आई बाढ़ में बह गया। प्रशासन ने तुरंत यात्रा स्थगित कर दी। प्रशासनिक और सरकारी प्रतिक्रिया जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और राहत कार्यों के लिए सभी कदम उठाने का आश्वासन दिया।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रभावितों के प्रति संवेदना व्यक्त की और हर संभव सहायता का भरोसा दिया। विशेषज्ञों की चेतावनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना climate change (जलवायु परिवर्तन) और अनियंत्रित विकास के कारण बढ़ती प्राकृतिक आपदाओं की गंभीरता को दर्शाती है। भविष्य में इस तरह की घटनाओं की आवृत्ति बढ़ सकती है। निष्कर्ष Kishtwar बादल फटना यह दर्शाता है कि प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सतर्कता और त्वरित राहत कार्य कितने महत्वपूर्ण हैं। प्रशासन, सेना और स्थानीय समुदाय की सक्रियता से अब भी कई लोगों को मलबे से सुरक्षित निकाला जा सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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CM Mohan Yadav

भोपाल नौका तिरंगा यात्रा CM Mohan Yadav ने Upper Lake में लहराया तिरंगा, Boat Club में गूंजे देशभक्ति गीत

स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर भव्य आयोजन भोपाल, 14 अगस्त 2025 — स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर मध्य प्रदेश के CM Mohan Yadav ने राजधानी भोपाल के बोट क्लब से भव्य ‘नौका तिरंगा यात्रा’ की शुरुआत की। यह आयोजन हर घर तिरंगा अभियान के तहत हुआ, जिसमें सीएम यादव ने ऊपरी झील में नौका विहार करते हुए हाथ में तिरंगा लहराकर देशभक्ति और एकता का संदेश दिया। जनसहभागिता और देशभक्ति का जोश इस मौके पर मंत्री विश्वास सारंग समेत कई भाजपा नेता और हज़ारों नागरिक मौजूद रहे। बोट क्लब को तिरंगे झंडों और सजावटी लाइटों से सजाया गया था, वहीं नौकाओं पर देशभक्ति गीतों की गूंज ने माहौल को और भी जोशीला बना दिया। नौका तिरंगा यात्रा की खास बातें मुख्यमंत्री का संबोधन कार्यक्रम के दौरान CM Mohan Yadav ने कहा,“मध्य प्रदेश और देश के विकास के लिए हमें एकजुट होकर काम करना होगा। आने वाली चुनौतियों का सामना हम तभी कर पाएंगे, जब हम सभी मिलकर एक स्वर में आगे बढ़ेंगे।”उन्होंने विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस, पर आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ लोग देश की सेनाओं की वीरता और बलिदान पर सवाल उठाकर त्योहारों की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं। हर घर तिरंगा अभियान में उमंग यह नौका तिरंगा यात्रा हर घर तिरंगा मुहिम का अहम हिस्सा है, जिसमें पूरे देश के लोग बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। संस्कृति मंत्रालय के अनुसार, अब तक 5 लाख से अधिक युवा इस अभियान से जुड़ चुके हैं। भोपाल का गर्व और एकता का संदेश भोपाल की यह नौका तिरंगा यात्रा न केवल राजधानी के लिए बल्कि पूरे प्रदेश के लिए देशभक्ति, एकता और गर्व का प्रतीक बन गई है। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर इस अनोखे आयोजन ने यह संदेश दिया कि जब तिरंगा लहराता है, तो हर भारतीय का दिल एक साथ धड़कता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Delhi

Delhi-Lucknow-Himachal Rain Alert दिल्ली से लखनऊ और हिमाचल तक बारिश का कहर

देश के कई हिस्सों में इस समय Heavy Rainfall Alert जारी है। Delhi-NCR, Lucknow, Himachal Pradesh और Uttarakhand में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। Indian Meteorological Department (IMD) ने कई राज्यों के लिए Red और Orange Alert जारी किया है। जलभराव, ट्रैफिक जाम, स्कूल बंद और फ्लैश फ्लड जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। Delhi-NCR में Red Alert, Independence Day से पहले बारिश का संकट राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा और फरीदाबाद में भारी बारिश के चलते सड़कों पर पानी भर गया है। Lucknow में 5 फीट तक Waterlogging, सभी स्कूल बंद उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में तेज बारिश के बाद हालात गंभीर हो गए। Himachal Pradesh में Cloudburst और Flash Flood का कहर हिमाचल के Kullu, Shimla, Lahaul-Spiti और Kinnaur में भारी बारिश और बादल फटने की घटनाओं ने कहर मचा दिया है। Uttarakhand में Glacier टूटने से खतरा उत्तरकाशी जिले के धाराली और हर्षिल इलाके में ग्लेशियर टूटने और मलबा गिरने से नदी में अस्थायी झील बन गई। Weather Forecast: आने वाले दिनों में क्या होगा असर IMD के अनुसार, अगले 2-3 दिन Delhi-NCR, UP, Uttarakhand, Himachal, Punjab और Haryana में भारी बारिश हो सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Delhi

Delhi-NCR Stray Dogs Case सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, विरोध और अगला कदम

सुप्रीम कोर्ट का आदेश Delhi-NCR Stray Dogs Case पर सुप्रीम कोर्ट का हालिया आदेश पूरे देश में बहस और विवाद का विषय बन गया है। पहले, 11 अगस्त को जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच ने निर्देश दिया था कि दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और गाज़ियाबाद की सभी सड़कों से आवारा कुत्तों को 8 हफ्तों के भीतर पकड़कर शेल्टर होम में रखा जाए और उन्हें वापस सड़कों पर छोड़ने की इजाज़त न दी जाए। इस आदेश में यह भी कहा गया था कि शेल्टर होम में कुत्तों का स्टरलाइजेशन (Sterilization), टीकाकरण (Vaccination), CCTV निगरानी, और डॉग-बाइट हेल्पलाइन शुरू की जाए, जिस पर शिकायत आने के 4 घंटे के भीतर कार्रवाई हो। नई बेंच में सुनवाई और सरकार का रुख देशभर में भारी विरोध और कानूनी चुनौतियों के बाद, 14 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की नई तीन-न्यायाधीशों की बेंच को सौंपा। सुनवाई के दौरान Delhi सरकार के पक्ष से सॉलिसिटर जनरल ने कहा – “आदेश के किस हिस्से पर आपत्ति है? बच्चे मर रहे हैं… सिर्फ Sterilization से समस्या खत्म नहीं हो रही।” विरोध और चिंताएं मामले की पृष्ठभूमि इस आदेश की पृष्ठभूमि Delhi में हाल ही में हुई 6 साल की बच्ची की रेबीज़ से मौत है। कोर्ट ने कहा कि Public Safety को भावनाओं से ऊपर रखा जाना चाहिए। जस्टिस पारदीवाला ने सुनवाई के दौरान “The Good, The Bad and The Ugly” फिल्म का उदाहरण देकर तुरंत और सख्त कार्रवाई की जरूरत बताई। आगे क्या? नई बेंच इस आदेश की समीक्षा कर रही है और संभव है कि मौजूदा निर्देशों में बदलाव हो। यह भी तय हो सकता है कि दिल्ली-NCR में आवारा कुत्तों के प्रबंधन के लिए Mass Removal Policy जारी रहेगी या फिर TNR (Trap–Neuter–Release) और Vaccination जैसी मानवीय योजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sushil Kumar

Sushil Kumar Bail Cancelled सुप्रीम कोर्ट ने सागर धनखड़ Murder Case में जमानत रद्द कर एक हफ्ते में सरेंडर का आदेश

ओलंपिक मेडल विजेता पहलवान Sushil Kumar को Supreme Court से बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने बुधवार (13 अगस्त 2025) को दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा मार्च 2025 में दी गई जमानत को रद्द करते हुए उन्हें 7 दिनों के भीतर सरेंडर करने का आदेश दिया। यह फैसला Sagar Dhankhar Murder Case में आया है, जिसमें Sushil Kumar पर गवाहों को धमकाने और ट्रायल को प्रभावित करने के गंभीर आरोप हैं। Supreme Court ने क्यों रद्द की जमानत? यह मामला सुप्रीम कोर्ट में Sagar Dhankhar के पिता Ashok Dhankhar की याचिका पर पहुंचा। याचिका में दावा किया गया कि Sushil Kumar ने जमानत पर रहते हुए कई महत्वपूर्ण गवाहों को डराने और प्रभावित करने की कोशिश की। कोर्ट ने इन आरोपों को गंभीर मानते हुए हाईकोर्ट का जमानत आदेश रद्द कर दिया और तुरंत सरेंडर का निर्देश दिया। Delhi High Court का पुराना आदेश मार्च 2025 में दिल्ली हाईकोर्ट ने जमानत देते हुए कहा था कि केस की सुनवाई धीमी गति से चल रही है। तीन साल में 186 में से केवल 30 गवाहों के बयान ही दर्ज हुए थे। इसी आधार पर सुशील को राहत दी गई थी, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने इसे पलट दिया। Murder Case का पूरा मामला 4 मई 2021 की रात दिल्ली के Chhatrasal Stadium के पास हुई हिंसक झड़प में 23 वर्षीय Sagar Dhankhar, जो जूनियर नेशनल रेसलिंग चैंपियन रह चुके थे, की मौत हो गई थी।पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनकी मौत का कारण गंभीर सिर की चोटें (blunt force trauma) बताया गया। इस घटना में सागर के दो दोस्त भी घायल हुए थे।पुलिस जांच में सामने आया कि यह हमला कथित तौर पर एक प्रॉपर्टी विवाद को लेकर हुआ था, जिसमें Sushil Kumar और उनके सहयोगियों का नाम आया। आगे की कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, सुशील कुमार को एक हफ्ते में सरेंडर करना होगा। इसके बाद उनकी न्यायिक हिरासत में पूछताछ और ट्रायल की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। कोर्ट ने यह भी कहा कि गवाहों की सुरक्षा और ट्रायल की पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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बिलासपुर में पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, 10 थानेदारों के तबादले; तोरवा TI लाइन अटैच

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में कानून-व्यवस्था मजबूत करने के लिए एसएसपी रजनेश सिंह ने पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल किया है। जारी आदेश के मुताबिक, 10 निरीक्षकों समेत अन्य पुलिस अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। तोरवा थाना प्रभारी रजनीश सिंह को कामकाज में खराब प्रदर्शन के चलते लाइन अटैच किया गया है। वहीं, तारबाहर थाना प्रभारी रविशंकर तिवारी को सिविल लाइन थाने की जिम्मेदारी दी गई है। सिविल लाइन थाना प्रभारी किशोर केंवट को सिरगिट्टी थाने भेजा गया है। बताया जा रहा है कि जिले के कुछ थानों के प्रभारियों के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद एसएसपी ने यह कदम उठाया। सनीप रात्रे को तारबाहर थाने की जिम्मेदारी जारी आदेश के अनुसार, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले से हाल ही में स्थानांतरित होकर आए निरीक्षक सनीप रात्रे को तारबाहर थाने का प्रभारी बनाया गया है। जिला विशेष शाखा में पदस्थ निरीक्षक अजय साहू को बिल्हा थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पुलिस विभाग में किए गए इस फेरबदल के तहत कई थाना प्रभारियों को नई जिम्मेदारी दी गई है, जबकि कुछ अधिकारियों को थानों से हटाकर दूसरी शाखाओं में पदस्थ किया गया है। खराब प्रदर्शन के चलते तोरवा TI लाइन अटैच एसएसपी रजनेश सिंह ने थाना प्रभारियों को उनके कामकाज को लेकर पहले ही स्पष्ट निर्देश दिए थे। इसके बावजूद तोरवा थाना प्रभारी रजनीश सिंह के प्रदर्शन को संतोषजनक नहीं माना गया। इसके बाद उन्हें लाइन अटैच कर दिया गया। उनकी जगह सीएसपी सिटी कोतवाली कार्यालय में पदस्थ निरीक्षक विवेक पांडेय को तोरवा थाने का प्रभार सौंपा गया है। किशोर केंवट को फिर मिली सिरगिट्टी थाने की जिम्मेदारी तबादला आदेश के मुताबिक, सिविल लाइन थाना प्रभारी किशोर केंवट को एक बार फिर सिरगिट्टी थाने की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, सिरगिट्टी थाना प्रभारी वाईपी सिंह को हटाकर जिला विशेष शाखा का प्रभारी बनाया गया है। बिल्हा थाना प्रभारी तोप सिंह नवरंग को सिटी कोतवाली में पदस्थ किया गया है। गौरतलब है कि सिटी कोतवाली थाना प्रभारी देवेंश सिंह राठौर का जिले से बाहर तबादला हो चुका है। अनिल अग्रवाल को चकरभाठा थाने का प्रभार निरीक्षक अनिल अग्रवाल लंबे समय तक लाइन में पदस्थ रहे। इसके बाद उन्हें एसपी कार्यालय में समंस-वारंट और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स में जिम्मेदारी दी गई थी। अब उन्हें चकरभाठा थाने का प्रभारी बनाया गया है। वहीं, निरीक्षक भावेश शेंडे को अनिल अग्रवाल की जगह पदस्थ किया गया है। अनिल अग्रवाल के बेलगहना में पदस्थ रहने के दौरान उनके खिलाफ शिकायतें मिलने की बात सामने आई थी। बिलासपुर में सब-इंस्पेक्टर के रूप में तैनाती के दौरान भी उनके खिलाफ शिकायतें किए जाने का उल्लेख है। सहायक उपनिरीक्षक का भी तबादला जारी आदेश के अनुसार, सहायक उपनिरीक्षक शोभनाथ यादव को जिला विशेष शाखा से सिरगिट्टी थाने में पदस्थ किया गया है। पुलिस विभाग में हुए इस फेरबदल के बाद जिले के कई थानों की जिम्मेदारी नए अधिकारियों को सौंपी गई है। इसका उद्देश्य थानों के कामकाज में सुधार और कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाना बताया गया है।

दिलजीत दोसांझ के फैंस के लिए राहत, दिल्ली में 30 अक्टूबर के कॉन्सर्ट को मिली मंजूरी

पंजाबी गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ के प्रशंसकों के लिए राहत की खबर है। दिल्ली में 30 अक्टूबर को होने वाले उनके कॉन्सर्ट को दिल्ली पुलिस और नागरिक प्रशासन से मंजूरी मिलने की जानकारी सामने आई है। आयोजकों की ओर से सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण की विस्तृत योजना पेश किए जाने के बाद कार्यक्रम के आयोजन का रास्ता साफ हो गया है। समाचार एजेंसी ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने कॉन्सर्ट के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) और जरूरी अनुमतियां दिए जाने की पुष्टि की है। सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था पर जताई गई थी चिंता इससे पहले पुलिस ने कॉन्सर्ट के दौरान सुरक्षा इंतजामों और शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका को लेकर चिंता जताई थी। इन मुद्दों पर पर्याप्त जानकारी नहीं मिलने के कारण शुरुआत में आयोजन की अनुमति देने से इनकार किया गया था। अनुमति को लेकर बने गतिरोध को दूर करने के लिए पिछले कुछ दिनों में आयोजकों और पुलिस अधिकारियों के बीच कई दौर की बैठकें हुईं। इन बैठकों में आयोजकों ने कार्यक्रम स्थल पर प्रवेश और निकास के रास्तों, आपातकालीन निकासी, भीड़ नियंत्रण और पार्किंग व्यवस्था से जुड़ी योजनाएं प्रस्तुत कीं। मंजूरी के बाद तैयारियां तेज कॉन्सर्ट को मंजूरी मिलने के बाद आयोजकों ने कार्यक्रम की तैयारियां तेज कर दी हैं। 30 अक्टूबर को होने वाले इस लाइव शो को लेकर दिल्ली और आसपास के इलाकों में दिलजीत दोसांझ के प्रशंसकों के बीच उत्साह है। कार्यक्रम के दौरान दर्शकों की सुरक्षा और सुविधाओं का ध्यान रखना आयोजकों तथा प्रशासन की प्राथमिकता होगी। भीड़ प्रबंधन और यातायात पर रहेगा जोर कॉन्सर्ट में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए भीड़ का सुचारु प्रबंधन, आपातकालीन निकासी और यातायात व्यवस्था महत्वपूर्ण रहेगी। पुलिस और संबंधित प्रशासनिक एजेंसियों को कार्यक्रम के दौरान इन व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देना होगा।

नेहा बोरा की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट आज सुनाएगा फैसला, ₹10 हजार के बांड को दी है चुनौती

दिल्ली में SIR के खिलाफ प्रदर्शन से जुड़े मामले में AISA अध्यक्ष नेहा बोरा की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट आज फैसला सुनाएगा। नेहा ने अदालत में दलील दी है कि 16 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन से उनका कोई संबंध नहीं था और उन्होंने शांति भंग करने वाली कोई गतिविधि नहीं की। नेहा ने कार्यकारी मजिस्ट्रेट की ओर से जारी उस नोटिस को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें शांति बनाए रखने के लिए 10 हजार रुपये का निजी बांड भरने को कहा गया है। जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद की अदालत ने गुरुवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। 16 अक्टूबर को हिरासत में ली गई थीं नेहा बोरा नेहा बोरा को 16 अक्टूबर को मंडी हाउस से कनॉट प्लेस की ओर मार्च के दौरान हिरासत में लिया गया था। यह मार्च CJP के ‘लहरा दो तिरंगा’ कार्यक्रम से जुड़ा था। उन्हें अगले दिन रिहा कर दिया गया था। इसके बाद 18 अक्टूबर को उन्हें विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट की ओर से नोटिस मिला। इसमें 10 हजार रुपये का निजी बांड भरने और शांति बनाए रखने की शर्त रखी गई थी। नोटिस में जंतर-मंतर के आसपास बार-बार प्रदर्शन होने का भी उल्लेख किया गया, जबकि जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाया जा चुका है। नोटिस में आरोप लगाया गया कि निषेधाज्ञा लागू होने के बावजूद नेहा ने लोगों को कनॉट प्लेस जाने के लिए उकसाया था। नेहा के वकील की 5 प्रमुख दलीलें नेहा बोरा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने अदालत में कई दलीलें पेश कीं। केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस ने क्या कहा? केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) चेतन शर्मा ने दलीलों का विरोध किया। लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने दावा किया कि नेहा ने बार-बार नियमों का उल्लंघन किया और ऐसे 12 उल्लंघनों का उल्लेख किया। केंद्र की ओर से कहा गया कि विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने उपलब्ध सामग्री पर दो बार विचार किया था। जांच अधिकारी से मिली जानकारी की पुष्टि करने के बाद ही नोटिस जारी किया गया। सरकार बदलने की मांग पर भी हुई बहस सुनवाई के दौरान सरकार बदलने की मांग को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच बहस हुई। नेहा के वकील ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार बदलने की मांग करना गलत नहीं है। इसके जवाब में ASG चेतन शर्मा ने कहा कि सरकारें वोट के जरिए बदलती हैं, न कि दिल्ली के केंद्र में जुटने वाले कथित ‘उपद्रवी तत्वों’ के जरिए। अदालत ने व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर उठाया सवाल सुनवाई के दौरान अदालत ने इस बात पर चिंता जताई कि जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति को बुरा मानकर उससे अच्छे व्यवहार का बांड भरने के लिए कहना उसकी प्रतिष्ठा को प्रभावित कर सकता है। अदालत ने इस मुद्दे को संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार से भी जोड़कर देखा। अब नेहा बोरा की याचिका पर हाईकोर्ट के फैसले का इंतजार है।

छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली 49 ट्रेनें 27 नवंबर से 17 दिसंबर तक रद्द, साउथ बिहार एक्सप्रेस भी प्रभावित

छत्तीसगढ़ से होकर गुजरने वाली रेलगाड़ियों से सफर करने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है। रेलवे के झारसुगुड़ा पैसेंजर यार्ड में काम के चलते 27 नवंबर से 17 दिसंबर 2026 तक अलग-अलग तारीखों में 49 एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द करने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा आरा-दुर्ग साउथ बिहार एक्सप्रेस का परिचालन राउरकेला तक सीमित रहेगा, जबकि उत्कल एक्सप्रेस के रूट में भी बदलाव किया गया है। कुछ लंबी दूरी की ट्रेनें भी प्रभावित होंगी। वहीं, पुणे-हावड़ा आजाद हिंद एक्सप्रेस 14 दिसंबर को निर्धारित समय से दो घंटे देरी से रवाना होगी। साउथ बिहार एक्सप्रेस राउरकेला तक ही चलेगी रेलवे के दिए गए विवरण के मुताबिक, आरा-दुर्ग और दुर्ग-आरा साउथ बिहार एक्सप्रेस का परिचालन निर्धारित तारीखों पर आंशिक रूप से रद्द रहेगा। इस बदलाव के कारण इन तारीखों पर दुर्ग और राउरकेला के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ सकती है। आजाद हिंद एक्सप्रेस दो घंटे देरी से चलेगी 14 दिसंबर 2026 को पुणे से रवाना होने वाली 12129 पुणे-हावड़ा आजाद हिंद एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से दो घंटे देरी से चलेगी। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि स्टेशन के लिए निकलने से पहले ट्रेन की अपडेटेड स्थिति और प्रस्थान समय की जानकारी जरूर प्राप्त कर लें। सफर से पहले ट्रेन का स्टेटस जरूर जांचें रेलवे यार्ड में होने वाले काम के कारण ट्रेनों के परिचालन में बदलाव किया जा रहा है। ऐसे में यात्रा की योजना बना रहे यात्रियों को अपनी ट्रेन की तारीख, रूट और समय की पुष्टि कर लेनी चाहिए। ट्रेन की ताजा स्थिति जानने के लिए रेलवे की आधिकारिक पूछताछ सेवा NTES या हेल्पलाइन नंबर 139 का इस्तेमाल किया जा सकता है।

Jio Platforms IPO का आज आखिरी दिन, 20 गुना सब्सक्राइब होने का दावा; GMP से ₹1,377 पर लिस्टिंग के संकेत

Jio Platforms के IPO में बोली लगाने का आज आखिरी दिन है। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, इश्यू अब तक करीब 20 गुना सब्सक्राइब हो चुका है। संस्थागत निवेशकों की ओर से जबरदस्त मांग देखने को मिली है, जबकि रिटेल निवेशकों का हिस्सा 2.69 गुना सब्सक्राइब हुआ है। दावा किया जा रहा है कि यह IPO एक करोड़ आवेदन का आंकड़ा पार करने वाला दुनिया का पहला इश्यू बन गया है। इससे पहले यह रिकॉर्ड Waaree Energies के नाम था, जिसके IPO को करीब 97 लाख आवेदन मिले थे। नोट: IPO के सब्सक्रिप्शन आंकड़े, आवेदन संख्या और बोली की अंतिम समयसीमा को निवेश करने से पहले आधिकारिक एक्सचेंज या रजिस्ट्रार की वेबसाइट पर जरूर जांच लें। पहले दिन ही 3 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ था IPO दिए गए आंकड़ों के अनुसार, IPO के पहले दिन यानी 21 अक्टूबर को ही इश्यू 3.02 गुना सब्सक्राइब हो गया था। 19.75 करोड़ शेयरों के मुकाबले 59.68 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिली थीं। दूसरे दिन संस्थागत निवेशकों की मजबूत भागीदारी के चलते सब्सक्रिप्शन का आंकड़ा 3.50 गुना से आगे निकल गया था। इसके बाद भी इश्यू में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ने का दावा किया गया है। IPO में न्यूनतम ₹13,428 लगाने होंगे Jio Platforms IPO का प्राइस बैंड ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर बताया गया है। दिए गए विवरण के मुताबिक, एक लॉट में 12 शेयर शामिल हैं। अपर प्राइस बैंड के आधार पर एक लॉट के लिए निवेशकों को ₹13,428 लगाने होंगे। वहीं, अधिकतम 14 लॉट यानी 168 शेयरों के लिए आवेदन करने पर करीब ₹1.88 लाख की राशि लगेगी। आवेदन से पहले आधिकारिक IPO दस्तावेजों में लॉट साइज और निवेश की सीमा की पुष्टि करना जरूरी है। GMP के आधार पर ₹1,377 पर लिस्टिंग का अनुमान IPO की लिस्टिंग से पहले ग्रे मार्केट में शेयर का प्रीमियम (GMP) ₹258 प्रति शेयर, यानी करीब 23% बताया गया है। अगर अपर प्राइस बैंड ₹1,119 और GMP ₹258 को जोड़ें, तो संभावित लिस्टिंग कीमत ₹1,377 बनती है। हालांकि, ग्रे मार्केट प्रीमियम अनौपचारिक संकेतक है। इसके आधार पर लिस्टिंग कीमत या मुनाफे की गारंटी नहीं दी जा सकती। वास्तविक कीमत लिस्टिंग के दिन बाजार की परिस्थितियों और निवेशकों की मांग पर निर्भर करेगी। एंकर निवेशकों से ₹8,110 करोड़ जुटाने का दावा दिए गए विवरण के अनुसार, Jio Platforms इस IPO के जरिए कुल ₹30,213 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है। इश्यू खुलने से पहले एंकर निवेशकों को शेयर आवंटित करके ₹8,110 करोड़ जुटाए जाने की जानकारी दी गई है। एंकर निवेशकों को आवंटन के बाद आम निवेशकों और अन्य पात्र श्रेणियों के लिए करीब ₹22,103 करोड़ का शुद्ध इश्यू रहने का दावा किया गया है। IPO से मिलने वाली रकम का कहां होगा इस्तेमाल? IPO से जुटाई जाने वाली रकम का इस्तेमाल कंपनी की प्रमुख सब्सिडियरी Reliance Jio Infocomm Limited (RJIL) के कर्ज के भुगतान के लिए किए जाने की जानकारी दी गई है। इसके अलावा, राशि का एक हिस्सा सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों पर भी खर्च किया जाएगा। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, इश्यू के बाद प्रमोटर और प्रमोटर समूह की हिस्सेदारी 66.43% से घटकर 64.48% रह सकती है। वहीं, सार्वजनिक शेयरधारिता 33.57% से बढ़कर 35.52% होने का अनुमान है। क्या होती है एंकर बुक? IPO में एंकर बुक संस्थागत निवेशकों के लिए आरक्षित हिस्सा होता है। इसमें म्यूचुअल फंड, विदेशी संस्थागत निवेशक और बीमा कंपनियों जैसे बड़े निवेशकों को आम जनता के लिए IPO खुलने से पहले शेयर आवंटित किए जा सकते हैं। एंकर निवेशकों की भागीदारी से इश्यू के प्रति संस्थागत मांग का संकेत मिल सकता है। हालांकि, बड़े निवेशकों का निवेश भी इस बात की गारंटी नहीं है कि शेयर की लिस्टिंग पर मुनाफा ही होगा या भविष्य में उसका प्रदर्शन अच्छा रहेगा।

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