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बिलासपुर की 65 साल पुरानी कंपोजिट बिल्डिंग जर्जर, कर्मचारियों ने कलेक्टर से लगाई सुधार की गुहार

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में 65 साल पुरानी कंपोजिट बिल्डिंग की खराब हालत को लेकर 27 से अधिक विभागों के कर्मचारियों ने बुधवार को कलेक्टर संजय अग्रवाल से मुलाकात की। कर्मचारियों ने भवन में पानी रिसाव, बिजली व्यवस्था और अन्य बुनियादी समस्याओं को लेकर पांच सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। कर्मचारियों ने बताया कि वर्ष 1959 में निर्मित यह सरकारी भवन लंबे समय से उचित रखरखाव के अभाव में जर्जर हो चुका है। उन्होंने प्रशासन से नई कंपोजिट बिल्डिंग के निर्माण की मांग भी रखी। कलेक्टर ने PWD अधिकारियों को दिए निर्देश कर्मचारियों की शिकायत सुनने के बाद कलेक्टर संजय अग्रवाल ने तत्काल लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों से फोन पर चर्चा कर भवन की स्थिति की जानकारी ली और आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। कर्मचारियों ने भवन की आंशिक मरम्मत, रंग-रोगन, पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था, पुरुष और महिला शौचालयों के जीर्णोद्धार, नया ट्रांसफार्मर लगाने और नई विद्युत लाइन की व्यवस्था करने की मांग की। बारिश के बाद बढ़ी सीपेज की समस्या हाल ही में हुई भारी बारिश के कारण पुरानी कंपोजिट बिल्डिंग में कई स्थानों पर सीपेज की समस्या बढ़ गई है। कई कार्यालयों में पानी भरने से कर्मचारियों के साथ-साथ आम नागरिकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि भवन की मौजूदा स्थिति में काम करना मुश्किल हो रहा है और जल्द स्थायी समाधान की आवश्यकता है। सितंबर से शुरू हो सकते हैं रखरखाव कार्य कलेक्टर ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि बारिश का मौसम समाप्त होने के बाद सितंबर से पुरानी कंपोजिट बिल्डिंग में आवश्यक रखरखाव कार्य शुरू करने की प्रक्रिया की जाएगी। प्रतिनिधिमंडल में सुनील यादव, आर.के. गुप्ता, सूर्यप्रकाश कश्यप, राहुल यादव, देवेंद्र ठाकुर, किशोर शर्मा, जियाली राम सुरक्षित, एच.एन. पुरैना, डी.के. पाटिल, मनीष रात्रे, श्वेता दुबे और मीनू अग्रवाल सहित अन्य कर्मचारी शामिल थे। अधिक जानकारी और ताज़ा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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नर्मदापुरम में 28 करोड़ की सरकारी मूंग घोटाला: मिट्टी से भरी मिलीं बोरियां, जिला प्रबंधक समेत 3 पर FIR

मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले में सरकारी मूंग के भंडारण में बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। जांच में सरकारी मूंग की बोरियों में मिट्टी और अन्य बाहरी पदार्थ मिलाए जाने का मामला सामने आने के बाद वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के जिला प्रबंधक सहित तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामले में शासन को करीब 28.14 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है। जांच में मिट्टी से भरी मिलीं बोरियां माखननगर स्थित कनकधारा वेयरहाउस में रखी सरकारी मूंग की शिकायत मिलने पर कलेक्टर सोमेश मिश्रा के निर्देश पर 22 जुलाई को गठित जांच दल ने औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान वेयरहाउस में रखे 23 स्टैक में गंभीर अनियमितताएं मिलीं। कई बोरियों में निर्धारित सीमा से अधिक मिट्टी और अन्य बाहरी पदार्थ पाए गए, जबकि कुछ बोरियां पूरी तरह मिट्टी से भरी हुई थीं। मामला सामने आने के बाद वेयरहाउस को सील कर दिया गया और स्टॉक के नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए। 31 हजार क्विंटल से अधिक सरकारी मूंग प्रभावित जांच रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2023-24 और 2024-25 के दौरान मार्कफेड और नाफेड की करीब 31,298.89 क्विंटल सरकारी मूंग में मिलावट की गई। प्रारंभिक आकलन के अनुसार इससे शासन को लगभग 28.14 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। जिला प्रबंधक समेत तीन लोगों पर FIR जांच रिपोर्ट के आधार पर कनकधारा वेयरहाउस के संचालक तारेश पुरोहित, तत्कालीन शाखा प्रबंधक श्याम होसले और वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के जिला प्रबंधक वासुदेव डवडे को लापरवाही और सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग का जिम्मेदार माना गया है। जिला विपणन अधिकारी अनिल जैन की शिकायत पर माखननगर थाने में तीनों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पहले भी ब्लैकलिस्ट हो चुका था वेयरहाउस जांच में यह भी सामने आया कि जिस कनकधारा वेयरहाउस में यह गड़बड़ी मिली, उसे लगभग एक वर्ष पहले भी अनियमितताओं के कारण ब्लैकलिस्ट किया गया था। उस समय जांच समिति में जिला प्रबंधक वासुदेव डवडे भी शामिल थे। इसके बावजूद दोबारा सरकारी मूंग के भंडारण में गंभीर गड़बड़ी सामने आने से निगरानी व्यवस्था और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। अन्य वेयरहाउसों की भी होगी जांच एसडीएम देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि किसानों के हितों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिले के अन्य वेयरहाउसों का भी चरणबद्ध तरीके से निरीक्षण और जांच की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी अनियमितताओं को रोका जा सके। आरोपी वेयरहाउस संचालक अस्पताल में भर्ती एफआईआर में नामजद वेयरहाउस संचालक तारेश पुरोहित फिलहाल एक निजी हार्ट केयर अस्पताल में भर्ती हैं। जानकारी के अनुसार वे पिछले तीन दिनों से उपचाराधीन हैं। अधिक जानकारी और ताज़ा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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MP में बिल्डिंग परमिशन के नियम आसान: अब नहीं देनी होगी कई NOC, पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन

मध्यप्रदेश सरकार ने शहरी क्षेत्रों में भवन निर्माण की अनुमति (Building Permission) की प्रक्रिया को और सरल बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब बिल्डिंग परमिशन के लिए विभिन्न विभागों से अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC) लाने की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है। साथ ही पूरी भवन अनुज्ञा प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी और आवेदन के लिए केवल डिजिटल दस्तावेज ही मान्य होंगे। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे द्वारा सभी नगरीय निकायों को जारी निर्देशों के अनुसार, इस व्यवस्था से नागरिकों, निवेशकों, बिल्डर्स और निर्माण एजेंसियों को बड़ी राहत मिलेगी। सरकार का मानना है कि इससे भवन अनुमति प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और निवेश-अनुकूल बनेगी, जिससे प्रदेश में Ease of Doing Business को भी बढ़ावा मिलेगा। पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन नई व्यवस्था के तहत भवन अनुज्ञा के लिए आवेदन, भवन का नक्शा और अन्य आवश्यक दस्तावेज केवल ऑनलाइन जमा किए जाएंगे। किसी भी स्थिति में हार्ड कॉपी जमा करने की जरूरत नहीं होगी। यदि भूमि स्वामी स्वयं आवेदन करता है तो उसे ऑनलाइन शपथ-पत्र देना होगा। वहीं, अधिकृत कंसल्टेंट के माध्यम से आवेदन करने पर भूमि स्वामी के हस्ताक्षरित शपथ-पत्र की डिजिटल कॉपी अपलोड करनी होगी। इन मामलों में ही लगेगी NOC की जरूरत सरकार ने स्पष्ट किया है कि एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI), राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण (NMA) और हेरिटेज क्षेत्रों से संबंधित NOC केवल उन्हीं मामलों में आवश्यक होगी, जहां ऑनलाइन GIS आधारित जांच में संबंधित भूखंड प्रतिबंधित या प्रभावित क्षेत्र में पाया जाएगा। अन्य सभी मामलों में इन विभागों की अनापत्ति की जरूरत नहीं होगी। हाउसिंग सोसायटी, बिजली और नजूल विभाग से भी राहत नए निर्देशों के तहत सहकारिता विभाग, गृह निर्माण सहकारी समितियों, बिजली विभाग और नजूल विभाग से मांगी जाने वाली कई अनापत्ति प्रमाण-पत्रों की अनिवार्यता भी समाप्त कर दी गई है। इसके अलावा रक्षा प्रतिष्ठानों, मध्यप्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल तथा विकास प्राधिकरणों से जुड़े मामलों में आवेदकों को स्वयं NOC लाने की जरूरत नहीं होगी। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित सक्षम प्राधिकारी आवेदन मिलने के सात दिनों के भीतर संबंधित विभाग को प्रकरण भेजेगा और विभाग को 21 दिनों के भीतर अपनी सहमति या आपत्ति दर्ज करनी होगी। तय समय में जवाब नहीं मिलने पर आगे की प्रक्रिया जारी रखी जाएगी। पर्यावरण और फायर NOC के नियम भी हुए आसान नए निर्देशों के अनुसार पर्यावरणीय स्वीकृति अब केवल निर्धारित क्षेत्रफल से बड़े भवनों और परियोजनाओं के लिए ही आवश्यक होगी। इसी तरह वृक्ष कटाई की अनुमति केवल उन्हीं मामलों में ली जाएगी, जहां वास्तव में पेड़ों की कटाई प्रस्तावित होगी। अग्निशमन विभाग (Fire NOC) से संबंधित प्रक्रिया भी राष्ट्रीय भवन संहिता (National Building Code) के प्रावधानों के अनुरूप लागू की जाएगी, जिससे भवन निर्माण अनुमति प्रक्रिया और अधिक सरल एवं पारदर्शी बनेगी। अधिक जानकारी और ताज़ा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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मंत्री बनने के सपने नहीं, जमीनी हकीकत में रहना चाहिए: धरमलाल कौशिक

बिलासपुर, देशहरपाल। छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल के संभावित विस्तार को लेकर जारी चर्चाओं के बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राजनीति में पद की अपेक्षा संगठन और जनता के प्रति जिम्मेदारी अधिक महत्वपूर्ण होती है। बिलासपुर प्रेस क्लब में आयोजित ‘हमर पहुना’ कार्यक्रम में शामिल हुए बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक ने मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने से जुड़े सवाल पर कहा, “मंत्री बनने के सपने देखने के बजाय जमीनी हकीकत में रहना चाहिए। मुझे मंत्री से भी बड़ा दायित्व विधानसभा अध्यक्ष के रूप में मिला था। पार्टी ने मुझे बहुत कुछ दिया है और आज भी मैं विधायक एवं संगठन की जिम्मेदारी निभा रहा हूं।” विकास कार्यों का किया उल्लेख धरमलाल कौशिक ने कहा कि भाजपा सरकार के दो वर्षों के कार्यकाल में बिल्हा विधानसभा क्षेत्र सहित पूरे प्रदेश में विकास कार्यों को नई गति मिली है। उन्होंने सड़क, सिंचाई, बिजली, शिक्षा और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में लगातार प्रगति का दावा किया। उन्होंने बताया कि अरपा-भैंसाझार सिंचाई परियोजना अंतिम चरण में है, जिसके पूरा होने पर लगभग 67 हजार एकड़ कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। इसके अलावा पथरिया बैराज के लिए 55 करोड़ रुपये और दगौरी क्षेत्र में सिंचाई विस्तार के लिए 70 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। वहीं मनियारी परियोजना पर भी तेजी से कार्य जारी है। 14 साल वकालत के बाद राजनीति में आए अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए कौशिक ने बताया कि सार्वजनिक जीवन में आने से पहले उन्होंने करीब साढ़े 14 वर्ष तक अधिवक्ता के रूप में कार्य किया। इसके बाद संगठन और सरकार में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने का अवसर मिला। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य गठन के समय बिलासपुर में हाईकोर्ट की स्थापना के लिए किए गए प्रयासों का भी उल्लेख किया। साथ ही कहा कि क्षेत्र में 132 केवी, 220 केवी और 400 केवी विद्युत उपकेंद्र, सड़क नेटवर्क, औद्योगिक क्षेत्रों और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार से विकास को नई दिशा मिली है। ‘मुंगेरीलाल के हसीन सपने’ नहीं देखने चाहिए मंत्रिमंडल में जगह मिलने की संभावनाओं पर पूछे गए सवाल के जवाब में कौशिक ने कहा कि राजनीति में केवल बड़े-बड़े सपने देखने से कुछ नहीं होता। उन्होंने कहा, “मुंगेरीलाल के हसीन सपने नहीं देखने चाहिए। व्यक्ति को जमीनी हकीकत में रहना चाहिए। मुझे विधानसभा अध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष जैसे महत्वपूर्ण दायित्व मिले हैं। पार्टी ने मुझे बहुत सम्मान दिया है।” धरमलाल कौशिक के इस बयान को राजनीतिक हलकों में संगठन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और भविष्य की राजनीतिक संभावनाओं के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। अधिक जानकारी और ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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जैन संत मुनिश्री सुधासागर महाराज के चातुर्मास में आस्था का अद्भुत संगम, कलश स्थापना की बोली पहुंची 53 करोड़ रुपये

जैन संत मुनिश्री सुधासागर महाराज के चातुर्मास को लेकर देशभर के श्रद्धालुओं में गहरा उत्साह और आस्था देखने को मिली। चातुर्मास के शुभ अवसर पर आयोजित कलश स्थापना की बोली में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी श्रद्धा का अनूठा परिचय दिया। कलश स्थापना का लाभ प्राप्त करने के लिए आयोजित बोली ने नया इतिहास रच दिया। बोली की राशि बढ़ते-बढ़ते 53 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जिसे जैन समाज में गुरु भक्ति, समर्पण और धार्मिक आस्था का अभूतपूर्व उदाहरण माना जा रहा है। बोली के दौरान लगातार बढ़ती राशि ने आयोजन स्थल पर मौजूद श्रद्धालुओं को भी आश्चर्यचकित कर दिया। धार्मिक आयोजन से जुड़े पदाधिकारियों का कहना है कि यह केवल आर्थिक बोली नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की अटूट आस्था, गुरु के प्रति समर्पण और धर्म के प्रति विश्वास का प्रतीक है। चातुर्मास के दौरान प्रतिदिन प्रवचन, पूजा-अर्चना, तप, स्वाध्याय तथा विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। जैन धर्म में चातुर्मास को सबसे महत्वपूर्ण आध्यात्मिक पर्वों में से एक माना जाता है। इस अवधि में श्रद्धालु धर्म साधना, सेवा, तप और धार्मिक अनुष्ठानों में सक्रिय भागीदारी निभाते हैं। मुनिश्री सुधासागर महाराज के सान्निध्य में आयोजित इस वर्ष के चातुर्मास में भी देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं। अधिक जानकारी और ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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गुना के जंगल में तेंदुए का क्षत-विक्षत शव मिलने से सनसनी, शिकार कर अंगों की तस्करी की आशंका

मध्य प्रदेश के गुना जिले में एक तेंदुए का क्षत-विक्षत शव मिलने से वन विभाग और स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया है। शव की हालत देखकर शिकार कर उसके अंगों की तस्करी किए जाने की आशंका जताई जा रही है। मामला गुना उत्तर वन परिक्षेत्र की भदौरा सब रेंज के आगरा-हंसली जंगल का है। गुरुवार को जंगल में पहुंचे ग्रामीणों ने तेंदुए का शव पड़ा देखा और इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। वन अधिकारियों के अनुसार, तेंदुए का शव बेहद क्षत-विक्षत अवस्था में मिला। उसके चारों पैर और सिर गायब थे, जबकि केवल धड़ मौके पर पड़ा मिला। धड़ की खाल भी नहीं थी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर मौत के कारणों का पता लगाया जाएगा। प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि तेंदुए का शिकार उसके नाखून, दांत और अन्य अंगों की तस्करी के उद्देश्य से किया गया है। घटना के बाद क्षेत्र में वन्यजीव तस्करों की सक्रियता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह सामान्य मौत नहीं बल्कि सुनियोजित शिकार का मामला प्रतीत होता है। उन्होंने वन विभाग की गश्त व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए मांग की है कि यह पता लगाया जाए कि घटना के समय बीट गार्ड और गश्ती दल कहां मौजूद थे तथा तेंदुए के शव को इस हालत में किसने पहुंचाया। मामले की जानकारी मिलने पर गुना कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने वन विभाग को तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर जांच करने के निर्देश दिए हैं। वन विभाग ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और दोषियों की तलाश की जा रही है। गौरतलब है कि वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत तेंदुए का शिकार एक गंभीर गैर-जमानती अपराध है। दोषी पाए जाने पर सात वर्ष तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। अधिक जानकारी और ताज़ा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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जबलपुर: नाम और धर्म छिपाकर शादी का झांसा देने का आरोप, महिला आरक्षक की शिकायत पर वकील के खिलाफ केस दर्ज

मध्य प्रदेश के जबलपुर में पदस्थ एक महिला आरक्षक ने एक अधिवक्ता पर नाम और धर्म छिपाकर शादी का झांसा देने, दुष्कर्म करने और धोखाधड़ी करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता की शिकायत के आधार पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। महिला आरक्षक का आरोप है कि आरोपी ने खुद को “सौरभ सिंह राजपूत” बताकर उससे दोस्ती की, जबकि बाद में उसका वास्तविक नाम शोहराब शेख अख्तर होने की जानकारी मिली। महिला का कहना है कि शादी का भरोसा दिलाकर आरोपी ने कई बार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। अब वह गर्भवती है, लेकिन आरोपी बच्चे को अपना मानने से इनकार कर रहा है। महिला ने डीएनए जांच कराने की भी मांग की है। कोर्ट में हुई थी मुलाकात पीड़िता के अनुसार, वर्ष 2024 में कोर्ट में ड्यूटी के दौरान उसकी मुलाकात मक्का नगर निवासी अधिवक्ता से हुई थी। बातचीत के बाद दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और आरोपी ने शादी का प्रस्ताव रखा। महिला ने उसे पहले ही बता दिया था कि वह तलाकशुदा है और उसके दो बच्चे हैं। इसके बावजूद आरोपी ने शादी करने का भरोसा दिया। महिला का आरोप है कि आरोपी अक्सर वकील की वर्दी पहनकर उसके घर आता था, जिससे परिवार को भी उस पर विश्वास हो गया। बाद में सोशल मीडिया के माध्यम से उसे पता चला कि आरोपी का नाम और धर्म दोनों अलग हैं तथा उसकी पहले से शादी हो चुकी है। मारपीट और गर्भपात का दबाव बनाने का आरोप महिला का आरोप है कि सच्चाई सामने आने के बाद जब उसने विरोध किया तो आरोपी और उसके परिजनों ने उसके साथ मारपीट की। शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर कई बार दुष्कर्म किया और अब गर्भपात कराने का दबाव बना रहा है। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी उसे अपने घर ले गया, जहां उससे धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन करवाया गया। महिला का कहना है कि इसके बावजूद आरोपी ने शादी नहीं की और बाद में उससे दूरी बना ली। एक बच्चे की कस्टडी छोड़ने का भी आरोप महिला का दावा है कि आरोपी ने सरकारी नौकरी में अधिक बच्चों को लेकर परेशानी होने की बात कहकर उसे अपने एक बच्चे की अभिरक्षा (कस्टडी) पूर्व पति को देने के लिए भी तैयार किया। इसके लिए कोर्ट में प्रकरण भी दायर कराया गया। संगठन ने कार्रवाई की मांग की पीड़िता के साथ एसपी कार्यालय पहुंचे एक सामाजिक संगठन के कार्यकर्ताओं ने आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। पुलिस ने शुरू की जांच सीएसपी भगत सिंह गठोरिया ने बताया कि महिला की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस सभी आरोपों की जांच कर रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिक जानकारी और ताज़ा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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सेक्स सीडी कांड में भूपेश बघेल को हाईकोर्ट से अंतरिम राहत, CBI कोर्ट की आगे की कार्रवाई पर रोक

छत्तीसगढ़ के चर्चित सेक्स सीडी कांड में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने राजेश मूणत के कथित मॉर्फ्ड अश्लील वीडियो मामले में CBI की विशेष अदालत में चल रही आगे की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी है। अब अगली सुनवाई तक ट्रायल कोर्ट में बघेल के खिलाफ कोई आगे की कार्रवाई नहीं होगी। न्यायमूर्ति राधाकिशन अग्रवाल की एकलपीठ ने भूपेश बघेल की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह अंतरिम आदेश जारी किया। बघेल ने 24 जनवरी 2026 को CBI की विशेष अदालत के उस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें मार्च 2025 में मिली डिस्चार्ज (आरोपमुक्त) राहत को रद्द करते हुए उनके खिलाफ आरोप तय करने के निर्देश दिए गए थे। वकील ने कोर्ट में रखी ये दलील भूपेश बघेल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता हर्षवर्धन परगनिहा ने दलील दी कि यदि ट्रायल कोर्ट में आरोप तय करने की प्रक्रिया जारी रही, तो हाईकोर्ट में दायर याचिका का उद्देश्य ही समाप्त हो जाएगा। इसलिए अंतिम निर्णय आने तक ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाई जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि CBI की विशेष अदालत ने अपने अधिकार क्षेत्र से आगे बढ़कर डिस्चार्ज आदेश को पलट दिया और आरोपों की प्रकृति में भी बदलाव किया, जबकि ऐसा निर्णय ट्रायल कोर्ट द्वारा उचित समय पर लिया जाना चाहिए। क्या है पूरा मामला? यह मामला वर्ष 2017 का है। आरोप है कि तत्कालीन मंत्री राजेश मूणत की छवि खराब करने के उद्देश्य से उनका एक कथित अश्लील मॉर्फ्ड वीडियो तैयार कर उसे प्रसारित किया गया था। मामले की जांच बाद में CBI को सौंपी गई। जांच एजेंसी ने अपनी चार्जशीट में भूपेश बघेल समेत अन्य आरोपियों पर आपराधिक साजिश, जालसाजी, फर्जी इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड के इस्तेमाल और अश्लील सामग्री के प्रसार जैसे आरोप लगाए थे। पहले मिली थी डिस्चार्ज राहत मार्च 2025 में विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उपलब्ध साक्ष्यों को पर्याप्त नहीं मानते हुए भूपेश बघेल को इस मामले से डिस्चार्ज कर दिया था। हालांकि जनवरी 2026 में CBI की विशेष अदालत ने उस आदेश को रद्द कर उनके खिलाफ आरोप तय करने का निर्देश दिया, जिसके बाद बघेल ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट ने दी अंतरिम राहत सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि जांच में ऐसा कोई ठोस साक्ष्य नहीं है जिससे यह साबित हो सके कि भूपेश बघेल कथित साजिश में शामिल थे। केवल सह-आरोपियों के साथ होटल में ठहरना किसी आपराधिक षड्यंत्र का प्रमाण नहीं माना जा सकता। साथ ही गवाहों के बयानों से केवल इतना स्पष्ट होता है कि उन्होंने सह-आरोपी विनोद वर्मा की गिरफ्तारी के विरोध में प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी, न कि कथित सीडी के प्रसार में उनकी प्रत्यक्ष भूमिका थी। इन दलीलों पर विचार करते हुए हाईकोर्ट ने CBI की विशेष अदालत में चल रही आगे की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी है। मामले की अगली सुनवाई तक ट्रायल कोर्ट में कोई नई कार्रवाई नहीं होगी। अधिक जानकारी और ताज़ा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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बिलासपुर में किसान युवक की संदिग्ध मौत, घर के पीछे मिला शव; परिजनों ने प्रेम प्रसंग में हत्या की जताई आशंका

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक किसान युवक का शव उसके ही घर के पीछे स्थित बाड़ी में संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक के गले पर चोट के निशान मिलने के बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। उनका आरोप है कि प्रेम प्रसंग के चलते युवक की हत्या की गई है। मामला सीपत थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, ग्राम कौड़िया निवासी 28 वर्षीय चंद्रप्रकाश पटेल खेती-किसानी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। वह शादीशुदा था और उसके चार बच्चे हैं। उसके पिता स्वर्गीय नान दाऊ पटेल थे। बताया जा रहा है कि बुधवार को परिवार के अन्य सदस्य खेत में काम करने गए हुए थे, जबकि चंद्रप्रकाश घर पर ही मौजूद था। शाम को जब परिजन वापस लौटे तो उन्होंने घर के पीछे स्थित बाड़ी में चंद्रप्रकाश का शव पड़ा देखा। घटना की सूचना तत्काल सीपत थाना पुलिस को दी गई। परिजनों का कहना है कि चंद्रप्रकाश का एक युवती से प्रेम प्रसंग था। उनका आरोप है कि इसी विवाद के चलते युवती और उसके परिजनों ने मिलकर उसकी हत्या की है। हालांकि, पुलिस ने अभी हत्या की पुष्टि नहीं की है और मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिक जानकारी और ताज़ा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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इंदौर वृद्धाश्रम में बुजुर्ग महिलाओं से मारपीट का वीडियो वायरल, प्रशासन ने आश्रम सील करने की शुरू की कार्रवाई

इंदौर के एक वृद्धाश्रम में रह रही बुजुर्ग महिलाओं के साथ मारपीट का एक वीडियो सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। वायरल वीडियो में करीब 14 वर्षीय एक किशोर डंडे से बुजुर्ग महिलाओं की पिटाई करता दिखाई दे रहा है। घटना शहर के मरीमाता पानी की टंकी के पास स्थित महाराणा प्रताप वेलफेयर सोसाइटी द्वारा संचालित वृद्धाश्रम की बताई जा रही है। मामले की जानकारी मिलने के बाद बाणगंगा थाना पुलिस ने वृद्धाश्रम की संचालिका को थाने बुलाकर पूछताछ की। पुलिस ने प्रारंभिक कार्रवाई के तहत उन्हें समझाइश देकर छोड़ दिया है। वहीं वीडियो वायरल होने के बाद पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन भी हरकत में आ गया। इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर एसडीएम और तहसीलदार की टीम ने वृद्धाश्रम पहुंचकर निरीक्षण किया। प्रशासन ने बताया कि आश्रम में रह रहे 30 बुजुर्गों में से जो स्वस्थ हैं, उन्हें गांधी नगर स्थित निराश्रित आश्रम और गणेश वृद्धाश्रम में स्थानांतरित किया जा रहा है। वहीं जिन बुजुर्गों की तबीयत खराब है, उन्हें बेहतर इलाज के लिए सरकारी अस्पताल भेजा जाएगा। प्रशासन ने वृद्धाश्रम को सील करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिक जानकारी और ताज़ा खबरों के लिए विजिट करें deshharpal.com
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IND vs NZ

IND vs NZ 1st T20I: संजू सैमसन-नमन धीर का धमाका, भारत ने रचा रिकॉर्ड

भारत और न्यूजीलैंड (IND vs NZ) के बीच पहले T20 इंटरनेशनल मुकाबले में टीम इंडिया ने शानदार जीत दर्ज की। 226 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय बल्लेबाजों ने ऐसा खेल दिखाया कि न्यूजीलैंड के गेंदबाज दबाव में आ गए। संजू सैमसन की तूफानी पारी और नमन धीर की आखिरी ओवरों में विस्फोटक बल्लेबाजी ने मैच का रुख भारत की ओर मोड़ दिया। मुकाबले में भारत ने 19.4 ओवर में 6 विकेट खोकर 230 रन बनाए और 4 विकेट से जीत हासिल की। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने पांच मैचों की T20 सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। 226 रन का लक्ष्य हासिल करना भारत के लिए T20 इंटरनेशनल क्रिकेट में नया रिकॉर्ड भी रहा। NZ vs IND: न्यूजीलैंड ने खड़ा किया 225 रन का बड़ा स्कोर पहले बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम ने निर्धारित 20 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 225 रन बनाए। मेजबान टीम के बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश की। ग्लेन फिलिप्स ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 40 गेंदों पर नाबाद 82 रन बनाए। उनकी पारी में 8 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। वहीं, फिन एलन ने 24 गेंदों पर 45 रन बनाकर टीम को तेज शुरुआत दी। बेवॉन जैकब्स ने भी 16 गेंदों पर 31 रन की अहम पारी खेली। न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने तेजी से रन बनाए और भारत के सामने 226 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रख दिया। उस समय लग रहा था कि भारतीय टीम के लिए इस स्कोर तक पहुंचना आसान नहीं होगा। Sanju Samson ने खेली तूफानी पारी लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया को संजू सैमसन ने शानदार शुरुआत दिलाई। उन्होंने न्यूजीलैंड के गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए मैदान के चारों ओर शॉट लगाए। संजू ने 33 गेंदों पर 67 रन बनाए। उनकी पारी में 8 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। उन्होंने केवल 23 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर भारतीय टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। दूसरी ओर, अभिषेक शर्मा ने भी तेजी से रन बनाए। उन्होंने 12 गेंदों पर 29 रन की पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों की आक्रामक शुरुआत से भारत को बड़े लक्ष्य का पीछा करने में काफी मदद मिली। हालांकि, शुरुआती विकेट गिरने के बाद भारतीय टीम की रफ्तार कुछ धीमी हुई। न्यूजीलैंड ने वापसी करने की कोशिश की, लेकिन भारत के बल्लेबाजों ने मैच को हाथ से निकलने नहीं दिया। Shreyas Iyer ने संभाली जिम्मेदारी मध्यक्रम में विकेट गिरने के बाद श्रेयस अय्यर ने पारी को संभाला। उन्होंने 28 गेंदों पर 42 रन बनाकर टीम को लक्ष्य के करीब पहुंचाया। ऐसे मुकाबलों में सिर्फ तेजी से रन बनाना ही जरूरी नहीं होता, बल्कि सही समय पर पारी को संभालना भी अहम होता है। अय्यर ने यही भूमिका निभाई और भारत की उम्मीदों को बनाए रखा। इसके बाद नमन धीर ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड की जीत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। Naman Dhir बने भारत की जीत के हीरो मैच के आखिरी ओवरों में नमन धीर की बल्लेबाजी ने भारतीय प्रशंसकों का उत्साह बढ़ा दिया। उन्होंने महज 15 गेंदों पर नाबाद 42 रन बनाए। उनकी पारी में 5 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। नमन ने तेजी से रन बनाकर न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर दबाव बढ़ाया। भारतीय टीम को जब जीत के लिए तेज रन बनाने की जरूरत थी, तब उनकी आक्रामक बल्लेबाजी सबसे ज्यादा काम आई। भारत ने 19.4 ओवर में 230 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। संजू सैमसन की शुरुआत और नमन धीर की शानदार फिनिशिंग इस ऐतिहासिक रनचेज की सबसे बड़ी वजह बनी। IND vs NZ 1st T20I Scorecard: एक नजर में पूरा मैच न्यूजीलैंड: 225/4 (20 ओवर) भारत: 230/6 (19.4 ओवर) नतीजा: भारत 4 विकेट से जीता। न्यूजीलैंड के टॉप स्कोरर: ग्लेन फिलिप्स – 82* रन भारत के टॉप स्कोरर: संजू सैमसन – 67 रन मैच के अहम बल्लेबाज: नमन धीर – 15 गेंदों पर नाबाद 42 रन भारत ने अपने नाम किया बड़ा रिकॉर्ड इस जीत की सबसे खास बात भारत का रिकॉर्ड रनचेज रहा। 226 रन जैसे बड़े लक्ष्य को हासिल करके टीम इंडिया ने T20 इंटरनेशनल क्रिकेट में अपना सबसे बड़ा सफल रनचेज दर्ज किया। संजू सैमसन ने तेज शुरुआत देकर टीम को मजबूत आधार दिया, श्रेयस अय्यर ने मध्यक्रम में पारी संभाली और नमन धीर ने अंतिम ओवरों में तेजी से रन बनाकर जीत सुनिश्चित की। इस प्रदर्शन ने एक बार फिर दिखाया कि भारतीय टीम बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए भी दबाव में संयम बनाए रख सकती है। दूसरे T20I में भी रहेगी जीत की उम्मीद पहले मुकाबले में जीत के बाद भारतीय टीम सीरीज में अपनी बढ़त मजबूत करना चाहेगी। वहीं, न्यूजीलैंड की टीम अगले मैच में वापसी करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। पहले मैच में दोनों टीमों के बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। ऐसे में अगले मुकाबले में भी क्रिकेट प्रशंसकों को एक रोमांचक भिड़ंत देखने की उम्मीद रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
India vs New Zealand

India vs New Zealand: आखिरी 3 ओवर में 29 रन की जरूरत, रोमांचक मोड़ पर मैच

भारत और न्यूजीलैंड (India vs New Zealand) के बीच T20 मुकाबला अब बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया है। न्यूजीलैंड के 226 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम ने 5 विकेट के नुकसान पर 197 रन बना लिए हैं। अब जीत के लिए भारत को 18 गेंदों में 29 रन बनाने हैं। क्रीज पर श्रेयस अय्यर और नमन धीर मौजूद हैं। ऐसे में भारतीय फैंस की नजरें दोनों बल्लेबाजों पर टिकी हैं। मैच के इस मोड़ पर एक छोटी-सी गलती भी टीम की मुश्किल बढ़ा सकती है। वहीं, अगर भारतीय बल्लेबाजों ने तेजी से रन बनाए और विकेट बचाए रखे, तो जीत हासिल करने का मौका बना हुआ है। IND vs NZ: न्यूजीलैंड ने खड़ा किया 225 रन का स्कोर पहले बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड ने 20 ओवर में 4 विकेट खोकर 225 रन बनाए। टीम की ओर से ग्लेन फिलिप्स ने शानदार बल्लेबाजी की और 40 गेंदों पर नाबाद 82 रन बनाए। उनकी आक्रामक पारी ने न्यूजीलैंड को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। कीवी बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। बड़े शॉट खेलने के साथ-साथ उन्होंने रन गति को भी धीमा नहीं पड़ने दिया। इसी वजह से भारत के सामने 226 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य आया। India vs New Zealand: लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की स्थिति 226 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को तेजी से रन बनाने थे। टीम ने स्कोर आगे बढ़ाया, लेकिन पांच विकेट गिरने के बाद मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। अब श्रेयस अय्यर और नमन धीर के सामने दोहरी चुनौती है। उन्हें एक तरफ जरूरी रन बनाने हैं, तो दूसरी तरफ विकेट भी बचाकर रखना है। दोनों के बीच अच्छी साझेदारी भारत को जीत के करीब पहुंचा सकती है। आखिरी 18 गेंदों का खेल होगा निर्णायक भारत को 18 गेंदों में 29 रन चाहिए। इसका मतलब है कि टीम को बचे हुए तीन ओवरों में लगातार रन बनाने होंगे। T20 क्रिकेट में यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है, लेकिन न्यूजीलैंड के गेंदबाज भी इस मौके को आसानी से हाथ से जाने नहीं देना चाहेंगे। अगर भारतीय बल्लेबाज शुरुआती गेंदों पर बाउंड्री लगाने में सफल रहते हैं, तो आखिरी ओवर का दबाव कम हो सकता है। वहीं, विकेट गिरने की स्थिति में भारत की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। क्या Team India हासिल कर पाएगी जीत? मैच का रुख अब काफी हद तक श्रेयस अय्यर और नमन धीर की बल्लेबाजी पर निर्भर करेगा। भारतीय टीम को जीत के लिए बड़े शॉट खेलने के साथ समझदारी से स्ट्राइक भी बदलनी होगी। न्यूजीलैंड की टीम अपने स्कोर का बचाव करने की पूरी कोशिश करेगी। ऐसे में अंतिम तीन ओवर में गेंदबाजों और बल्लेबाजों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है। फिलहाल मुकाबला रोमांचक स्थिति में है और भारत के पास लक्ष्य हासिल करने का मौका मौजूद है। अब देखना होगा कि भारतीय बल्लेबाज आखिरी गेंदों में टीम को जीत दिला पाते हैं या न्यूजीलैंड मुकाबले पर कब्जा जमा लेता है। IND vs NZ Live Score: मैच की ताजा स्थिति हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

दिल्ली-NCR में GRAP-1 लागू, प्रदूषण से निपटने के लिए 334 टीमें करेंगी निगरानी; 1 नवंबर से सख्ती

दिल्ली की वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में पहुंचने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने पूरे दिल्ली-NCR में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का पहला चरण लागू कर दिया है। इस बीच दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने दावा किया कि सरकार के प्रयासों और जनभागीदारी के कारण इस बार पिछले वर्षों की तुलना में GRAP-1 देर से लागू हुआ है। सिरसा के मुताबिक, सर्दियों में प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार 11 सूत्रीय एक्शन प्लान पर काम कर रही है। इसमें करीब 30 एजेंसियां शामिल हैं। प्रदूषण नियंत्रण के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक, दोनों तरह के उपाय किए जा रहे हैं। 334 टीमें करेंगी निगरानी, मॉनिटरिंग स्टेशन बढ़कर होंगे 60 पर्यावरण मंत्री ने बताया कि दिल्ली में वायु गुणवत्ता की निगरानी करने वाले स्टेशनों की संख्या 47 से बढ़ाकर 60 की जाएगी। नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए 334 प्रवर्तन टीमें तैनात की जाएंगी। सिरसा ने दावा किया कि दिल्ली के प्रदूषण में स्थानीय स्रोतों की हिस्सेदारी करीब 30% है, जबकि आसपास के राज्यों और क्षेत्रों से 60 से 65% प्रदूषण आता है। ऐसे में प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए पूरे NCR में समन्वित कार्रवाई जरूरी है। 1 नवंबर से प्रदूषण रोकने के लिए प्रस्तावित सख्त कदम सरकार की ओर से साझा की गई योजना के मुताबिक, प्रदूषण नियंत्रण के लिए कई उपाय किए जाने हैं। 1. वैध PUC प्रमाणपत्र के बिना नहीं मिलेगा ईंधन ‘नो पीयूसीसी, नो फ्यूल’ व्यवस्था के तहत वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) के बिना वाहनों को पेट्रोल या डीजल नहीं देने का प्रावधान है। 2. बाहरी राज्यों के वाहनों पर प्रतिबंध योजना के अनुसार, 1 नवंबर से 31 जनवरी तक दिल्ली के बाहर पंजीकृत गैर-BS-VI वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव है। इलेक्ट्रिक और CNG वाहनों को इससे छूट देने की बात कही गई है। 3. सरकारी और निजी दफ्तरों में 50% वर्क फ्रॉम होम प्रदूषण कम करने के लिए सरकारी और निजी कार्यालयों के आधे कर्मचारियों से घर से काम कराने की योजना भी शामिल है। 4. सरकारी दफ्तरों के समय में बदलाव योजना के मुताबिक, नगर निगम (MCD) के कार्यालय सुबह 8:30 बजे से शाम 5 बजे तक और दिल्ली सरकार के कार्यालय सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक संचालित किए जाने का प्रस्ताव है। 5. पार्किंग शुल्क दोगुना करने की योजना निजी वाहनों के इस्तेमाल को हतोत्साहित करने के लिए 1 नवंबर से पार्किंग शुल्क दोगुना करने की योजना है। मेट्रो पार्किंग को इससे छूट देने की बात कही गई है। 6. निर्माण और तोड़फोड़ के काम पर रोक धूल से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए 1 नवंबर से 31 जनवरी तक धूल फैलाने वाले निर्माण और तोड़फोड़ कार्यों पर रोक लगाने का प्रावधान है। इसके अलावा, 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक निर्माण गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध की योजना भी बताई गई है।

दिवाली से पहले दिल्ली में रात को भी होगी सफाई, CM रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

दीपावली और अन्य त्योहारों को देखते हुए दिल्ली के रिहायशी इलाकों और प्रमुख बाजारों में अब रात के समय भी सफाई कराई जाएगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को दिल्ली सचिवालय में उच्चस्तरीय बैठक कर राजधानी की सफाई व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सफाई में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां भी कूड़े के ढेर लगे हैं, उन्हें तत्काल हटाया जाए और नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों से सफाई व्यवस्था में सुधार के लिए तेजी से काम करने को कहा। कूड़ा नहीं उठने की शिकायतों पर CM नाराज मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली के कई इलाकों से समय पर कूड़ा नहीं उठने और जगह-जगह गंदगी की शिकायतें मिल रही हैं। कुछ जोन में सफाई व्यवस्था को लेकर लापरवाही भी सामने आई है। उन्होंने कहा कि सफाई के प्रयासों के बावजूद जमीन पर अपेक्षित सुधार दिखाई नहीं दे रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लोगों की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की जाए। साथ ही, सफाई व्यवस्था में किए जा रहे सुधार सड़कों और बाजारों में स्पष्ट रूप से दिखाई देने चाहिए। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कर्मचारी होंगे तैनात मुख्यमंत्री ने मेयर प्रवेश वाही और नगर निगम आयुक्त संजीव खिरवार को पूरी दिल्ली में सफाई अभियान तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में सफाई कर्मचारियों की कमी है, वहां अतिरिक्त स्टाफ लगाया जाए। जरूरत पड़ने पर रात में सफाई के लिए नए कर्मचारियों की नियुक्ति भी की जाए। रात में सफाई से दिन में नहीं होगी परेशानी मुख्यमंत्री के मुताबिक, बाजारों और रिहायशी कॉलोनियों में रात के समय सफाई कराने से दिन में लोगों की आवाजाही प्रभावित नहीं होगी। इससे त्योहारों के दौरान भीड़भाड़ वाले इलाकों में स्वच्छता बनाए रखने में मदद मिलेगी। बैठक में शहरी विकास मंत्री आशीष सूद, मेयर प्रवेश वाही, मुख्य सचिव राजीव वर्मा, नगर निगम आयुक्त संजीव खिरवार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे

छत्तीसगढ़ में 11 डॉक्टरों के तबादले, डॉ. संजय कुमार बने रायपुर जिला अस्पताल के प्रभारी सिविल सर्जन

छत्तीसगढ़ सरकार के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने 11 डॉक्टरों का तबादला किया है। प्रशासनिक आधार पर चिकित्सा अधिकारियों और विशेषज्ञों की नई पदस्थापना के आदेश जारी किए गए हैं। सभी संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई जगह पर कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्रालय महानदी भवन से अवर सचिव दिव्या वैष्णव की ओर से जारी आदेश के तहत यह फेरबदल किया गया है। डॉ. संजय कुमार को मिली रायपुर जिला अस्पताल की जिम्मेदारी तबादला आदेश के अनुसार, ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. संजय कुमार को जिला चिकित्सालय रायपुर (पंडरी) में प्रभारी सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक नियुक्त किया गया है। वहीं, जिला चिकित्सालय रायपुर में अब तक प्रभारी सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक की जिम्मेदारी संभाल रहे डॉ. भेनुज कुमार सिन्हा को स्वास्थ्य सेवाएं संचालनालय में प्रभारी उप संचालक के पद पर पदस्थ किया गया है। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए प्रशासनिक फेरबदल विभाग के अनुसार, स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से यह प्रशासनिक बदलाव किया गया है। इसके तहत दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों के साथ शहरी अस्पतालों में भी स्वास्थ्य सुविधाओं को सुचारु बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है। तबादला आदेश में सभी संबंधित डॉक्टरों को बिना देरी किए अपने नए पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।

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