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ग्वालियर में डॉ. अंबेडकर प्रतिमा विवाद: 15 अक्टूबर को संभावित प्रदर्शन से पहले धारा 144 लागू, प्रशासन ने शांति की अपील की

ग्वालियर हाईकोर्ट में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा लगाने को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। अब स्थिति तनावपूर्ण होती देख जिला प्रशासन ने शहर में धारा 144 लागू कर दी है। यानी अब बिना अनुमति कोई भी धरना, जुलूस या प्रदर्शन नहीं किया जा सकेगा। दरअसल, 15 अक्टूबर को हाईकोर्ट बार एसोसिएशन और परशुराम सेना ने प्रदर्शन का ऐलान किया है। इसको लेकर प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क हैं। शनिवार को पुलिस लाइन में मॉक ड्रिल भी की गई, जिसमें पुलिसकर्मियों को उपद्रवियों से निपटने का अभ्यास कराया गया। विवाद की जड़ क्या है यह विवाद पिछले एक साल से चल रहा है। आजाद समाज, भीम आर्मी और ओबीसी महासभा से जुड़े वकील डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा लगाने की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ वकील इसके विरोध में हैं। दोनों पक्षों के बीच कई बार बहस और टकराव की नौबत आ चुकी है। मामला तब और गरमाया, जब बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अनिल मिश्रा ने सोशल मीडिया पर डॉ. अंबेडकर को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी वाला वीडियो पोस्ट किया। इस वीडियो पर ग्वालियर और मुंबई के ठाणे में FIR दर्ज हुई। इससे नाराज एक गुट ने प्रदर्शन का ऐलान कर दिया है। प्रशासन की तैयारी और शांति की अपील संभावित प्रदर्शन को देखते हुए कलेक्टर रुचिका चौहान और एसपी ने शुक्रवार शाम शहर के व्यापारियों, वकीलों और प्रबुद्ध नागरिकों से बैठक कर शांति बनाए रखने की अपील की।कलेक्टर ने कहा, “त्योहारों का समय है, सभी लोग शांति और सौहार्द बनाए रखें।” हालांकि, बैठक में प्रदर्शन का ऐलान करने वाले बार एसोसिएशन अध्यक्ष पवन पाठक और पूर्व अध्यक्ष अनिल मिश्रा शामिल नहीं हुए। बैठक में वरिष्ठ वकीलों और व्यापारिक संगठनों ने कहा कि किसी भी उपद्रव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और बाहर से आने वाले भड़काऊ तत्वों पर सख्त निगरानी रखी जाए। सोशल मीडिया पर सख्त नजर प्रशासन ने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट पर तुरंत कार्रवाई की जाए। कोई भी अफवाह फैलाने की कोशिश करता है तो उस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विवाद की पृष्ठभूमि मई 2025 में जब हाईकोर्ट परिसर में डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा लगाने का प्रस्ताव आया, तभी से माहौल तनावपूर्ण हो गया था।इसके बाद दोनों गुटों में टकराव और झड़पें भी हुईं। हंगामे के चलते प्रशासन ने प्रतिमा स्थापना पर रोक लगा दी और प्रतिमा को 15 किमी दूर मूर्तिकार की वर्कशॉप में रखवा दिया गया, जिसकी सुरक्षा में दो पुलिसकर्मी तैनात हैं। विवादित स्थल पर 11 मई को बार एसोसिएशन ने तिरंगा फहराया, जिसके बाद भी विवाद बढ़ा। पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो धक्का-मुक्की और बहस हुई। अब प्रशासन किसी भी तरह के उपद्रव से बचने के लिए पूरी तैयारी में है ताकि ग्वालियर में शांति बनी रहे। Read full coverage and latest updates on:www.deshharpal.com
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Travel Mart 2025

Madhya Pradesh Travel Mart 2025 राज्य की Heritage, Wildlife और Rural Tourism प्रदर्शित

भोपाल में 6 साल बाद Madhya Pradesh Travel Mart 2025 का भव्य आयोजन भोपाल में 6 साल बाद मध्य प्रदेश Travel Mart 2025 (MPTM) का भव्य आयोजन शुरू हो गया है। यह कार्यक्रम 11 अक्टूबर से 13 अक्टूबर 2025 तक कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन (International Tourism) का प्रमुख गंतव्य बनाना और पर्यटन उद्योग में नए अवसर सृजित करना है। 700+ प्रतिभागियों और 27 देशों के Tour Operators का शामिल होना इस Travel Mart 2025 में 700 से अधिक प्रतिभागी शामिल हैं। इनमें 27 देशों के 80+ अंतरराष्ट्रीय Tour Operators, 150 Domestic Tour Operators, 355 Sellers, और फिल्म इंडस्ट्री के प्रतिनिधि शामिल हैं। B2B मीटिंग्स, Conferences और Roundtable Sessions आयोजन में 3,000+ B2B मीटिंग्स, अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन (International Conferences) और Roundtable Sessions आयोजित किए जा रहे हैं, जो पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी और फिल्म उद्योग के विकास पर केंद्रित हैं। मुख्य अतिथियों की मौजूदगी मुख्य अतिथियों में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, और पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोढ़ी शामिल हैं। MPTM 2025 का उद्देश्य और महत्व MPTM 2025 भारत का सबसे बड़ा State Level Travel Mart 2025 माना जा रहा है। इसका उद्देश्य न केवल पर्यटन को बढ़ावा देना है बल्कि रोजगार सृजन और वैश्विक साझेदारी (Global Partnerships) को भी प्रोत्साहित करना है। इस मार्ट में मध्य प्रदेश की धरोहर, wildlife, rural tourism, handicrafts, cuisine, और film tourism को प्रमुख रूप से प्रदर्शित किया जा रहा है। मध्य प्रदेश को वैश्विक पर्यटन की पहचान दिलाना यह आयोजन मध्य प्रदेश को विश्वभर में पर्यटन (Tourism) की पहचान दिलाने और राज्य की खूबसूरती और सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर दिखाने का अवसर है। अधिक जानकारी के लिए देखें: Madhya Pradesh Tourism
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खंडवा में दर्दनाक हादसा: ट्रैक्टर पलटने से किसान की मौत, गांव में छाया मातम

मध्य प्रदेश के खंडवा जिले की पंधाना तहसील में शुक्रवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में किसान की जान चली गई।जानकारी के मुताबिक, 52 वर्षीय किसान मनोहर पिता शंकर अपने खेत की जुताई करने ट्रैक्टर से जा रहे थे। रास्ते में अचानक कुछ मवेशी सड़क पर आ गए, जिन्हें बचाने की कोशिश में ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया। मनोहर ट्रैक्टर के नीचे दब गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। ग्रामीणों ने निकाला शव यह हादसा पंधाना–आरुद रोड पर हुआ।ग्रामीणों के अनुसार, ट्रैक्टर का संतुलन बिगड़ते ही वह सड़क किनारे पलट गया। हादसा होते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद किसान को ट्रैक्टर के नीचे से बाहर निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। पुलिस ने शुरू की जांच घटना की सूचना मिलते ही पंधाना थाना प्रभारी टीआई दिलीप देवड़ा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे।पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेजा और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गांव में पसरा मातम मनोहर की अचानक मौत से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि ग्रामीणों ने परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। अधिक जानकारी और स्थानीय खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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जबलपुर ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में रशियन महिलाओं का डांस वीडियो वायरल, विश्वकर्मा जयंती के आयोजन पर बवाल

जबलपुर की केंद्रीय सुरक्षा संस्थान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री खमरिया से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में रशियन महिलाएं और कुछ कर्मचारी फैक्ट्री परिसर में फिल्मी गानों पर डांस करते नजर आ रहे हैं।यह वीडियो 17 सितंबर का बताया जा रहा है, जब फैक्ट्री में विश्वकर्मा जयंती का आयोजन किया गया था। पूजा के बाद हुआ डांस जानकारी के मुताबिक, विश्वकर्मा जयंती के मौके पर फैक्ट्री के A-1 सेक्शन में पूजा का आयोजन हुआ था। पूजा के बाद कर्मचारियों ने म्यूजिक सिस्टम पर फिल्मी गाने चलाए, और वहां मौजूद रशियन महिलाएं व कुछ भारतीय कर्मचारी ‘प्यार करने वाले प्यार करते हैं शान से’ गाने पर डांस करते दिखाई दिए। वीडियो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। हिंदू संगठन ने जताई आपत्ति हिंदू सेवा परिषद ने इस वीडियो पर कड़ा ऐतराज जताया है।प्रदेश अध्यक्ष अतुल जैसवानी ने कहा – “एक रक्षा संस्थान में सनातन धर्म के त्योहार के दिन इस तरह फिल्मी गानों पर ठुमके लगाना अशोभनीय है। यह सनातन परंपरा का अपमान है, इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” उन्होंने बताया कि परिषद का प्रतिनिधिमंडल जल्द ही रक्षा अधिकारियों से भेंट कर आपत्ति दर्ज कराएगा। पूर्व कर्मचारियों ने कहा – पुरानी परंपरा है वहीं, फैक्ट्री के पूर्व कर्मचारी और जेसीओ सदस्य अरुण दुबे ने इस विवाद को अनावश्यक बताया।उन्होंने कहा कि विश्वकर्मा जयंती पर फैक्ट्री में पूजा और झांकी सजाने की परंपरा अंग्रेजों के समय से चली आ रही है। “इस दिन औजारों का उपयोग नहीं किया जाता। कर्मचारी कुछ देर के लिए आपस में खुशी मनाते हैं।उसी दौरान रूस से आई महिला ट्रेनर्स ने कर्मचारियों के साथ थोड़ी देर डांस किया, लेकिन इसे गलत अर्थ में लिया जा रहा है।” वीडियो बनाकर किया गया वायर अरुण दुबे ने बताया कि यह वीडियो फैक्ट्री के ही एक कर्मचारी ने मोबाइल से बनाकर वायरल कर दिया।अब फैक्ट्री प्रबंधन ने इसकी जांच शुरू कर दी है। अधिक जानकारी और अपडेट्स के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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भोपाल में DSP के साले की संदिग्ध मौत: पार्टी के दौरान पुलिस पिटाई का आरोप, दो आरक्षक सस्पेंड

भोपाल के पिपलानी थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बालाघाट हॉक फोर्स में पदस्थ DSP के साले उदित गाइकी की मौत के बाद पुलिस पर पिटाई के गंभीर आरोप लगे हैं। बताया जा रहा है कि देर रात पार्टी के दौरान पुलिस ने उदित और उसके दोस्तों से मारपीट की थी। घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। बेहोशी की हालत में दोस्तों ने उदित को एम्स अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। मामले में दो आरक्षकों को निलंबित किया गया है। पार्टी के दौरान हुआ विवाद पुलिस के मुताबिक, पिपलानी निवासी उदित गाइकी, जो TIT कॉलेज का छात्र था, अपने दोस्तों के साथ इंद्रपुरी के C सेक्टर में रात करीब ढाई बजे पार्टी कर रहा था। बताया जा रहा है कि वहां डांस और हंगामा हो रहा था।इसी दौरान पुलिस की चार्ली टीम मौके पर पहुंची और उदित सहित उसके दोस्तों को पकड़ लिया परिवार का आरोप – थाने में की गई पिटाई उदित के परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने सिर्फ मौके पर ही नहीं, बल्कि थाने में भी उसकी पिटाई की।मारपीट के बाद उसकी हालत बिगड़ गई और पुलिस उसे एम्स अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। वहीं, पुलिस का दावा है कि उदित को थाने नहीं लाया गया था, और उसकी मौत घबराहट या हार्ट अटैक की वजह से हुई। तनाव के बीच भारी पुलिस बल तैनात घटना के बाद एम्स अस्पताल परिसर में तनाव फैल गया। परिजनों और छात्रों की भीड़ को देखते हुए वहां भारी पुलिस बल तैनात किया गया।पिपलानी थाने में भी अतिरिक्त फोर्स लगाई गई है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा राज पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।सीएसपी स्तर के अधिकारी जांच कर रहे हैं और परिजनों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। उदित के पिता भेल में कर्मचारी हैं और मां शिक्षिका हैं। परिवार इस हादसे से सदमे में है। बताया जा रहा है कि उदित की मौत ने न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे इलाके को झकझोर दिया है। अधिक जानकारी और अपडेट्स के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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बिलासपुर में पूर्व पार्षद पति से विवाद के बाद युवक की मौत, एक महीने बाद होनी थी शादी

बिलासपुर शहर में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। पूर्व पार्षद पति पूर्णानंद चंद्रा और युवक सिद्धार्थ पांडेय के बीच हुए विवाद के बाद युवक की अचानक मौत हो गई। यह मामला सरकंडा थाना क्षेत्र का है। बताया जा रहा है कि विवाद के बाद सिद्धार्थ घर लौटा, जहां सीने में दर्द उठने पर उसकी तबीयत बिगड़ गई और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। पैसों के विवाद से जुड़ा था झगड़ा जानकारी के मुताबिक, दोनों के बीच पैसों या जमीन के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। बुधवार रात बंगालीपारा निवासी सिद्धार्थ और पूर्णानंद के बीच फिर से झगड़ा हुआ। आरोप है कि पूर्व पार्षद पति ने सिद्धार्थ से धक्का-मुक्की और मारपीट की। शिकायत लेकर पहुंचा था थाने, नहीं हुई कार्रवाई घटना के बाद सिद्धार्थ सरकंडा थाने पहुंचा और पुलिस से शिकायत की, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं की गई। पुलिस ने उसे मेडिकल जांच कराने को कहा, पर उसने मना कर दिया।इसके बाद वह घर लौट आया और थोड़ी देर बाद सीने में तेज दर्द महसूस हुआ। परिवार वाले उसे अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। शादी से पहले मौत ने तोड़ा परिवार का दिल सिद्धार्थ पांडेय की एक महीने बाद शादी होने वाली थी। घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं। परिवार खुशियों में डूबा था, लेकिन अचानक हुई इस घटना ने सबको सदमे में डाल दिया। जमीन और पैसों का पुराना विवाद शहर में चर्चा है कि सिद्धार्थ और पूर्णानंद चंद्रा के बीच जमीन के सौदे और पैसों के लेनदेन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था।बताया गया है कि एक सप्ताह पहले भी दोनों में कहासुनी हुई थी। सिद्धार्थ ने जान से मारने की धमकी मिलने के बाद थाने में लिखित आवेदन दिया था, जिस पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस बोली – हार्ट अटैक से हुई मौत सीएसपी निमितेश सिंह परिहार ने बताया कि प्राथमिक जांच में युवक की मौत हार्ट अटैक से होना सामने आई है।पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में शरीर पर किसी चोट के निशान नहीं मिले, हालांकि बिसरा जांच के लिए भेजा गया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और परिजनों के आरोपों की भी पुष्टि की जा रही है। अधिक जानकारी और अपडेट्स के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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रायपुर में साइबर ठगी का शिकार हुआ NET एग्जाम की तैयारी कर रहा स्टूडेंट, ऑनलाइन टास्क के नाम पर 1.60 लाख रुपये की ठगी

रायपुर के आजाद चौक इलाके में NET परीक्षा की तैयारी कर रहे एक स्टूडेंट राहुल साहू के साथ साइबर ठगी का मामला सामने आया है। ऑनलाइन टास्क के नाम पर साइबर अपराधियों ने राहुल को 1 लाख 60 हजार रुपये का चूना लगा दिया। राहुल ने बताया कि उसे पैसे कमाने के लालच में एक ऑनलाइन टास्क दिया गया, जिसमें रेटिंग देने के बदले पैसे रिटर्न करने का झांसा दिया गया। उसने ठगों की बातों में आकर चार किश्तों में रकम ट्रांसफर कर दी। जब रिफंड नहीं मिला तो राहुल ने आजाद चौक थाने में शिकायत दर्ज कराई। थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की एफआईआर दर्ज कर ली गई है और जांच शुरू कर दी गई है। ऐसे की गई राहुल से ठगी शिकायत के अनुसार, 6 से 8 अक्टूबर के बीच ठगों ने टेलीग्राम चैनल के जरिए राहुल से संपर्क किया। उन्होंने ऑनलाइन टास्क के नाम पर रकम ट्रांसफर करवाई और बाद में उसे ब्लॉक कर दिया। छत्तीसगढ़ में हर 20 मिनट में एक साइबर ठगी राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी 2023 से जून 2025 के बीच राज्य में 67 हजार से ज्यादा साइबर ठगी के मामले दर्ज हुए हैं। इनसे नागरिकों को 791 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।रिपोर्ट में बताया गया है कि औसतन हर 20 मिनट में एक नया साइबर फ्रॉड का केस दर्ज हो रहा है। केवल 2024 में 31 हजार से ज्यादा शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें लोगों से करीब 200 करोड़ रुपये की ठगी की गई। वहीं, जनवरी 2024 से जुलाई 2025 तक के 18 महीनों में 1,301 मामलों में 107 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया गया है। रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर बने साइबर अपराध के हॉटस्पॉट रायपुर के बाद दुर्ग और बिलासपुर जिले साइबर अपराधों से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। हजारों शिकायतों और बड़े वित्तीय नुकसान के बावजूद अब तक केवल 107 पीड़ितों को ही उनका पैसा वापस मिला है।बैंकिंग फ्रॉड के मामलों में अब तक सिर्फ 3 गिरफ्तारियां और 7 सजा के मामले दर्ज हुए हैं। बिहार-झारखंड से चल रहे हैं गिरोह साइबर सेल की जांच में पता चला है कि बिहार, झारखंड, हरियाणा और दिल्ली के ठग बीमा, नौकरी और लोन के नाम पर लोगों को ठग रहे हैं, जबकि राजस्थान के गैंग सेक्सटॉर्शन जैसे मामलों में सक्रिय हैं।इससे साफ है कि छत्तीसगढ़ अब साइबर अपराधियों के लिए ‘सॉफ्ट टारगेट’ बन गया है। त्योहारों में बढ़ता है साइबर फ्रॉड का खतरा त्योहारों के सीजन में साइबर ठग सबसे ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं। वे फर्जी ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल, नकली यात्रा पैकेज, या फेक ई-कॉमर्स ऑफर के जरिए लोगों को फंसा लेते हैं।लोगों को सलाह दी जाती है कि किसी भी ऑनलाइन पेमेंट या वेबसाइट पर भरोसा करने से पहले उसकी वेरिफिकेशन जरूर करें और अनजान लिंक या UPI रिक्वेस्ट से सावधान रहें। 📍 अधिक जानकारी और अपडेट्स के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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गुना में दर्दनाक सड़क हादसा: तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार दंपत्ति को मारी टक्कर, महिला की मौके पर मौत

गुना शहर में शुक्रवार सुबह आकाशवाणी के सामने एक दर्दनाक हादसा हो गया। एक तेज रफ्तार कार ने आगे चल रही बाइक को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार महिला प्रियंका कुशवाह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके पति दीपक कुशवाह गंभीर रूप से घायल हो गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि पति-पत्नी करीब 20 फीट दूर जा गिरे। हादसे के बाद कार अनियंत्रित होकर एक पेड़ से जा टकराई, जिससे पेड़ जड़ से उखड़ गया। कार में सवार पांच युवक भी घायल हुए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया – “बहुत तेज थी कार की रफ्तार” लोगों के अनुसार, कार इतनी तेज गति में थी कि ड्राइवर ने ब्रेक लगाने के बाद भी उसे नियंत्रित नहीं कर पाया। कार करीब 50 फीट तक घिसटती हुई बाइक से टकरा गई।दीपक कुशवाह, जो बूढ़े बालाजी इलाके के रहने वाले हैं, अपनी पत्नी प्रियंका को आंगनवाड़ी के किसी काम से लेकर जा रहे थे। रास्ते में यह हादसा हो गया। व्रत पर थी महिला, हाथों में सजी थी मेहंदी इस घटना ने सभी को झकझोर दिया। जिस महिला की जान गई, वह उस दिन व्रत पर थीं और हाथों में मेहंदी लगी हुई थी। टक्कर के बाद प्रियंका सड़क पर गंभीर हालत में पड़ी रहीं, लेकिन मदद के लिए कोई आगे नहीं आया। ऑटो चालकों ने नहीं की मदद हादसे के बाद लोगों ने कई ऑटो रोकने की कोशिश की, ताकि घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा सके, लेकिन किसी ने मदद नहीं की। बाद में एम्बुलेंस पहुंची और सभी को जिला अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने प्रियंका को मृत घोषित कर दिया। कार में सवार पांच युवक घायल पुलिस के अनुसार, कार (MP 08 CA 6598) गप्पू यादव नामक व्यक्ति की है, जिसे ये युवक मांगकर लाए थे।घायलों में सचिन खटीक (ड्राइवर), शुभम धाकड़, अश्विन रघुवंशी, मोहित धाकड़ और रिहान खान शामिल हैं। सभी का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 📍 अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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Cough Syrup

Cough Syrup Death Case श्रीसन फार्मा डायरेक्टर गिरफ्तार, 24 बच्चों की मौत से देश में हड़कंप

मध्य प्रदेश में ज़हरीले कफ सिरप (Poisonous Cough Syrup) से हुई 24 बच्चों की दर्दनाक मौत के मामले ने पूरे देश को हिला दिया है। इस केस में अब बड़ी कार्रवाई करते हुए SIT टीम ने श्रीसन फार्मा (Sreeson Pharma) कंपनी के डायरेक्टर जी. रंगनाथन (G. Ranganathan) को चेन्नई से गिरफ्तार कर लिया है। जांच में निकला “486 गुना ज़हर” मध्य प्रदेश की SIT जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि इस Cough Syrup में डायएथिलीन ग्लाइकोल (DEG) और एथिलीन ग्लाइकोल (EG) जैसे जहरीले रसायन 486 गुना अधिक मात्रा में पाए गए। ये वही केमिकल हैं जो आमतौर पर एंटीफ्रीज़ या इंडस्ट्रियल सॉल्वेंट में इस्तेमाल किए जाते हैं और मानव शरीर के लिए बेहद खतरनाक होते हैं। बिना टेस्ट और रिकॉर्ड के बनी दवा जांच एजेंसियों ने पाया कि कंपनी ने Cough Syrup बनाने में इस्तेमाल किया गया प्रोपलीन ग्लाइकोल (Propylene Glycol) फार्मा ग्रेड का नहीं था। यानी कंपनी ने नॉन-फार्मास्यूटिकल मटेरियल का इस्तेमाल किया।इसके अलावा, कच्चे माल की खरीद के कोई बिल, टेस्ट रिपोर्ट या दस्तावेज़ कंपनी के पास नहीं मिले। इसका मतलब है कि दवा बनाने के सभी सुरक्षा मानकों को जानबूझकर नज़रअंदाज़ किया गया। SIT की कार्रवाई और आगे की दिशा SIT ने कंपनी के कई कर्मचारियों और मैनेजरों से पूछताछ की है। अब डायरेक्टर जी. रंगनाथन की गिरफ्तारी के बाद मामले में कई नए खुलासे होने की उम्मीद है।सरकार ने स्पष्ट कहा है कि बच्चों की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों को कड़ी से कड़ी सज़ा दी जाएगी। सरकार की सख्त कार्रवाई मध्य प्रदेश सरकार ने इस घटना को गंभीर मानवीय अपराध बताया है और राज्यभर में चल रही सभी फार्मा कंपनियों की जांच के आदेश दे दिए हैं।वहीं, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी पूरे देश में फार्मा कंपनियों के रैंडम सैंपल टेस्ट कराने के निर्देश जारी किए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Azam Khan

Azam Khan की रिहाई और Akhilesh Yadav की मुलाकात यूपी में सियासी हलचल

उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों में राजनीति में कई बड़ी घटनाएं हुई हैं — बरेली में “I Love Muhammad” पोस्टर विवाद और उससे जुड़ी हिंसा, समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता Azam Khan की जेल से रिहाई, और उनके बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से उनकी अहम मुलाकात। ये घटनाएं न केवल सपा के आंतरिक समीकरण बदल सकती हैं, बल्कि प्रदेश की 2027 की चुनावी राजनीति पर भी गहरा असर डाल सकती हैं। बरेली में हिंसा और “I Love Muhammad” पोस्टर विवाद बरेली में “I Love Muhammad” पोस्टर विवाद ने शहर में तनाव पैदा कर दिया। विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ। इस दौरान कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया और कुछ जगहों पर दुकानों को सील किया गया। सपा की एक टीम जो शांति बहाल करने बरेली जा रही थी, उसे कथित रूप से “नज़रबंदी” में रखा गया। इस घटना ने राजनीतिक गलियारों में सवाल खड़े कर दिए कि क्या यह प्रशासन का काम था या किसी राजनीतिक साजिश का हिस्सा। सरकार ने दावा किया कि स्थिति नियंत्रण में है, जबकि विपक्ष ने इसे राजनीतिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश बताया। आजम खान की रिहाई और राजनीतिक संकेत लगभग 23 महीने जेल में बिताने के बाद आजम खान को बेल पर रिहा किया गया। रिहाई के समय उनका स्वागत भारी संख्या में समर्थकों ने किया। यह दृश्य राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया। अखिलेश यादव नेAzam Khan की रिहाई को न्याय की जीत बताया और वादा किया कि अगर सपा 2027 में सत्ता में आती है तो आजम खान पर लगे मामलों को वापस लिया जाएगा। इस कदम को सपा के मुस्लिम वोट बैंक को मजबूत करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। रामपुर में आजम-अखिलेश की मुलाकात 8 अक्टूबर को रामपुर में Azam Khan और अखिलेश यादव की करीब एक घंटे की मुलाकात हुई। यह मुलाकात लंबे समय बाद हुई थी और इसे राजनीतिक मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों नेताओं ने गले मिलकर एक-दूसरे का स्वागत किया, जिससे यह संकेत मिला कि पार्टी के भीतर मतभेदों को कम करने का प्रयास किया जा रहा है। अखिलेश यादव ने इस मौके पर आजम खान को सपा की “जड़” बताया और दोबारा भरोसा दिलाया कि उनके खिलाफ मामलों को वापस लिया जाएगा। राजनीतिक निहितार्थ और चुनौतियां आजम खान की रिहाई और अखिलेश यादव से मुलाकात ने सपा के अंदर एक नई ऊर्जा भर दी है, लेकिन साथ ही यह पार्टी के लिए चुनौती भी खड़ी करती है। विपक्ष और सरकार इस घटनाक्रम को राजनीतिक लाभ या नुकसान में बदलने की कोशिश में हैं। सपा ने इस मुद्दे पर बीजेपी पर “हिन्दुत्ववादी राजनीति” और “अधिनायकवादी मानसिकता” की आलोचना की है। वहीं, कुछ राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि यह मुलाकात मुस्लिम नेतृत्व पर नए विवाद को जन्म दे सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Vishwas Sarang

Vishwas Sarang को बहनों का बेशुमार प्यार, Narela Rakshabandhan Mahotsav में बना नया उत्साह

नरेला विधानसभा क्षेत्र में चल रहे Rakshabandhan Mahotsav 2026 में रविवार को भाई-बहन के रिश्ते की खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली। वार्ड नंबर 36, 37 और 70 में आयोजित कार्यक्रम के पांचवें दिन 24 हजार 604 बहनों ने मंत्री Vishwas Sarang को रक्षासूत्र बांधा। बहनों ने राखी बांधकर उनके प्रति स्नेह और आशीर्वाद जताया। कार्यक्रम में पहुंचते ही मंत्री विश्वास सारंग का स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। ढोल-ताशों और DJ की गूंज के बीच उन्हें बग्गी से मुख्य कार्यक्रम स्थल तक ले जाया गया। इस दौरान आतिशबाजी भी हुई। मंच पर पहुंचने के बाद सारंग ने बहनों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। बहनों के प्यार को बताया अपनी ताकत रक्षाबंधन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विश्वास सारंग ने कहा कि रक्षाबंधन केवल राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि भाई-बहन के बीच विश्वास, स्नेह और अपनत्व का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हर साल बड़ी संख्या में बहनों का प्यार और आशीर्वाद मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है। कार्यक्रम में पहुंचीं बहनों से उन्होंने राखी बंधवाई और उनका आशीर्वाद लिया। सारंग ने कहा कि लाखों बहनों का स्नेह और विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। चौथे दिन भी उमड़ा था बहनों का सैलाब नरेला रक्षाबंधन महोत्सव के चौथे दिन भी बड़ी संख्या में बहनें कार्यक्रम में पहुंची थीं। उस दिन 31,117 बहनों ने मंत्री विश्वास सारंग को रक्षासूत्र बांधा था। आयोजकों के अनुसार, पिछले साल के महोत्सव में कुल 1 लाख 84 हजार 632 बहनों ने रक्षासूत्र बांधा था। इस बार भी लगातार बढ़ रही भागीदारी को देखते हुए पिछले साल का आंकड़ा पार होने की उम्मीद जताई जा रही है। 7 सितंबर को इन दो वार्डों में होगा आयोजन नरेला रक्षाबंधन महोत्सव का अगला चरण 7 सितंबर 2026 को होगा। इस दिन दो वार्डों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में भी बड़ी संख्या में बहनों के शामिल होने की उम्मीद है। महोत्सव के जरिए रक्षाबंधन के पारंपरिक रिश्ते को सामाजिक जुड़ाव और भाईचारे के भाव से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। नरेला क्षेत्र में लगातार कई दिनों से चल रहे इस आयोजन में बहनों की बड़ी भागीदारी देखने को मिल रही है। पांचवें दिन 24,604 रक्षासूत्र बांधे जाने के साथ महोत्सव का उत्साह और बढ़ गया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CM रेखा गुप्ता

Satya Niketan हादसे पर CM रेखा गुप्ता का बड़ा फैसला, Deputy Commissioner समेत 5 Suspend

दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक बिल्डिंग हादसे ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। पांच मंजिला इमारत के अचानक गिरने से अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है। हादसे के बाद CM रेखा गुप्ता ने जिम्मेदारी तय करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। MCD के साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर समेत 5 अधिकारियों को Suspend कर दिया गया है। सरकार के इस एक्शन के बाद नगर निगम के कामकाज और इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। हादसे के बाद MCD में बड़ा Action सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद MCD ने पांच अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है। इनमें साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर सहित इंजीनियरिंग विभाग से जुड़े अधिकारी शामिल हैं। जांच का मुख्य फोकस इस बात पर है कि इमारत की हालत को लेकर पहले कोई शिकायत या नोटिस जारी हुआ था या नहीं और निर्माण या मरम्मत के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं। PG के तौर पर इस्तेमाल हो रही थी इमारत बताया जा रहा है कि जिस बिल्डिंग का हिस्सा ढहा, उसका इस्तेमाल PG accommodation के तौर पर किया जा रहा था। हादसे के समय वहां कई लोग मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इमारत गिरते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। धूल का गुबार उठ गया और लोग मदद के लिए मौके पर पहुंचने लगे। इसके बाद दिल्ली फायर सर्विस, NDRF और अन्य बचाव दलों ने मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू किया। 7 लोगों की मौत, कई घायल रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मलबे से कई लोगों को बाहर निकाला गया। हादसे में अब तक 7 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद आसपास के लोगों में भी डर का माहौल है। स्थानीय स्तर पर दूसरी पुरानी और कमजोर इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। Building Owner भी पुलिस की गिरफ्त में मामले में पुलिस ने बिल्डिंग के मालिक हरिराम के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने उसकी तलाश के लिए कई टीमें लगाई थीं। बाद में उसे भिवाड़ी से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई। पुलिस अब हादसे से जुड़े दस्तावेज, बिल्डिंग की स्थिति और निर्माण या मरम्मत से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। जांच के आधार पर आगे और लोगों पर कार्रवाई हो सकती है। आसपास की इमारतों की भी जांच सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD ने आसपास की इमारतों की स्थिति को लेकर भी जांच शुरू की है। अधिकारियों की नजर खास तौर पर उन भवनों पर है जो पुराने हैं या जिनमें निर्माण और मरम्मत का काम चल रहा है। इस घटना ने दिल्ली में old buildings, PG और construction safety को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर इमारत में पहले से कोई खामी थी, तो उसे समय रहते क्यों नहीं रोका गया? सरकार के Action से उठे कई सवाल MCD के पांच अधिकारियों का निलंबन सरकार की ओर से उठाया गया बड़ा कदम माना जा रहा है। हालांकि, असली तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी। सत्य निकेतन की इस घटना ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि जांच में हादसे की असली वजह क्या सामने आती है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई होती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CM House

CM House March पर Police का पहरा, Hamidia में Intern Doctors से धक्का-मुक्की

अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे इंटर्न डॉक्टर सोमवार को मुख्यमंत्री आवास (CM House) की ओर बढ़ रहे थे। लेकिन हमीदिया अस्पताल के पास पुलिस ने उनका रास्ता रोक दिया। डॉक्टरों को आगे जाने से रोकने के लिए पुलिस ने आसपास के रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी। इस दौरान डॉक्टरों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। प्रदर्शन को देखते हुए हमीदिया अस्पताल परिसर और आसपास बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। हालात बिगड़ने की आशंका को देखते हुए मौके पर Water Cannon भी तैयार रखा गया। CM House की तरफ मार्च करना चाहते थे डॉक्टर इंटर्न डॉक्टर अपनी मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं। इसी सिलसिले में डॉक्टरों ने मुख्यमंत्री आवास तक मार्च करने का फैसला किया। डॉक्टरों का समूह हमीदिया अस्पताल से आगे बढ़ने लगा तो पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। पुलिस की Barricading के बाद डॉक्टरों ने मौके पर नारेबाजी शुरू कर दी। आगे बढ़ने की कोशिश के दौरान दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों को निर्धारित स्थान से आगे नहीं जाने के लिए समझाती रही। चारों तरफ से रास्ते किए गए बंद प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हमीदिया के आसपास कई रास्तों को बंद कर दिया। बैरिकेड लगाकर आवाजाही को नियंत्रित किया गया। मौके पर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की गई, ताकि भीड़ को संभाला जा सके। Water Cannon की मौजूदगी से साफ था कि प्रशासन किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी में था। हालांकि, डॉक्टरों का प्रदर्शन अपनी मांगों को लेकर जारी रहा। मांगों पर सरकार से जवाब चाहते हैं Intern Doctors प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि वे अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं। CM House तक मार्च के जरिए उनका उद्देश्य सीधे सरकार का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर खींचना था। फिलहाल पुलिस ने डॉक्टरों को मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने से रोक दिया है। हमीदिया अस्पताल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है और स्थिति पर पुलिस लगातार नजर बनाए हुए है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच सबसे ज्यादा चर्चा डॉक्टरों की मांगों और सरकार की ओर से संभावित बातचीत को लेकर है। अब देखना होगा कि प्रदर्शन के बाद प्रशासन और इंटर्न डॉक्टरों के बीच क्या समाधान निकलता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Gold

Gold Rate Today: सोने की कीमत ₹2409 गिरी, चांदी भी ₹3967 सस्ती

सोना खरीदने वालों के लिए सोमवार को बाजार से थोड़ी राहत की खबर आई। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोने (Gold) और चांदी (Silver) दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। आपके दिए बाजार आंकड़ों के मुताबिक सोना करीब ₹2,409 और चांदी करीब ₹3,967 सस्ती हुई है। इसके बाद 10 ग्राम सोने का भाव करीब ₹1.52 लाख, जबकि एक किलो चांदी करीब ₹2.35 लाख के आसपास पहुंच गई। हालांकि, अलग-अलग बाजार, शुद्धता और कारोबार के समय के हिसाब से रेट में अंतर हो सकता है। सोमवार को एक अन्य बाजार रिपोर्ट में 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,52,590 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹2,36,240 प्रति किलो बताया गया। सोने के भाव में फिर आई नरमी पिछले कुछ समय से रिकॉर्ड ऊंचाई के आसपास कारोबार कर रहा Gold सोमवार को दबाव में नजर आया। घरेलू बाजार में भी इसकी कीमत में कमजोरी देखने को मिली। MCX पर अक्टूबर गोल्ड फ्यूचर्स में भी गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोने का भाव करीब ₹1.52 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास बना हुआ है। वहीं 22 कैरेट सोने की कीमत इससे कम है। अगर आप ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं तो ध्यान रखें कि दुकान पर मिलने वाला अंतिम रेट बाजार भाव से अलग हो सकता है। Silver Price Today: चांदी भी हुई सस्ती सोने के साथ चांदी में भी कमजोरी रही। चांदी करीब ₹3,967 प्रति किलो सस्ती होने के बाद लगभग ₹2.35 लाख प्रति किलो के स्तर पर आ गई है। हालांकि, सोमवार के अलग-अलग बाजार अपडेट में चांदी का भाव करीब ₹2.36 लाख प्रति किलो भी बताया गया है। इससे साफ है कि कारोबार के समय के साथ कीमतों में बदलाव हो रहा है। आखिर क्यों गिर रहे हैं सोना और चांदी? कीमती धातुओं में इस गिरावट का कनेक्शन सीधे ग्लोबल मार्केट से जुड़ा है। अमेरिका के रोजगार आंकड़े उम्मीद से मजबूत रहने के बाद वहां Federal Reserve की ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदें बदली हैं। मजबूत अमेरिकी जॉब डेटा के बाद सितंबर में ब्याज दर बढ़ने की संभावना को लेकर दांव बढ़े हैं। इसका असर सोने पर पड़ा और अंतरराष्ट्रीय बाजार में Spot Gold करीब 0.7% नीचे आया। वहीं Silver में भी लगभग 1% की गिरावट दर्ज की गई। अब आगे क्या होगा? अब बाजार की नजर अमेरिका से आने वाले महंगाई के आंकड़ों पर है। इस सप्ताह PPI और CPI जैसे महत्वपूर्ण आंकड़े जारी होने हैं। इनसे Federal Reserve की अगली ब्याज दर नीति को लेकर तस्वीर और साफ हो सकती है। यही वजह है कि आने वाले दिनों में Gold और Silver में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। निवेशकों के साथ-साथ शादी या त्योहार के लिए खरीदारी करने वाले लोगों की भी बाजार पर नजर बनी हुई है। Gold खरीदते समय सिर्फ भाव न देखें अगर आप आज सोना खरीदने की तैयारी कर रहे हैं तो सिर्फ 10 ग्राम का बाजार भाव देखकर फैसला न लें। 22K या 24K purity, GST, making charges और ज्वेलर के अन्य शुल्क अंतिम कीमत को बदल सकते हैं। अलग-अलग शहरों और ज्वेलर्स के बीच भी रेट में अंतर हो सकता है। इसलिए खरीदारी से पहले अपने स्थानीय ज्वेलर से उसी समय का ताजा रेट जरूर पता करें। बाजार में तेजी से बदलाव होने के कारण सुबह और शाम के भाव में भी अंतर देखने को मिल सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Sagar

Sagar में जहरीली शराब का कहर: 19 मौत, 112 मरीज भर्ती; Liquor Network पर पुलिस का शिकंजा

मध्य प्रदेश के सागर (Sagar) जिले में जहरीली शराब ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। शराब पीने के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ने का सिलसिला शुरू हुआ और देखते ही देखते अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ती चली गई। अब तक 19 लोगों की मौत की बात सामने आई है, जबकि 112 मरीज अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती बताए जा रहे हैं। मृतकों में पिता-पुत्र के शामिल होने की जानकारी ने इस घटना को और दर्दनाक बना दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। पुलिस ने लाइसेंसी शराब ठेकेदारों समेत 30 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है। इनमें से 10 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। अधिकारियों की नजर अब उस पूरे नेटवर्क पर है, जिसके जरिए कथित तौर पर मिलावटी या जहरीली शराब लोगों तक पहुंची। शराब पीने के बाद बिगड़ी लोगों की तबीयत जानकारी के मुताबिक, सागर जिले के बंडा क्षेत्र में कई लोगों ने शराब का सेवन किया था। इसके बाद एक के बाद एक लोगों की तबीयत खराब होने लगी। कुछ लोगों को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया। स्थानीय स्तर पर इलाज के बाद गंभीर मरीजों को बड़े अस्पतालों में रेफर किया गया। अस्पतालों में अचानक मरीजों की संख्या बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया। प्रभावित इलाकों में मेडिकल टीमों को भेजकर लोगों की जांच की जा रही है। प्रशासन यह भी पता लगाने में जुटा है कि कितने लोगों ने संदिग्ध शराब का सेवन किया था। 112 मरीजों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज जहरीली शराब की आशंका के बाद अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या लगातार चिंता बढ़ा रही है। 112 लोगों के इलाज की जानकारी सामने आई है। इनमें कुछ मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित गांवों में पहुंचकर स्थिति पर नजर रख रही हैं। अधिकारियों का फोकस इस बात पर है कि संदिग्ध शराब पीने वाले किसी व्यक्ति की हालत बिगड़ने पर उसे समय रहते अस्पताल पहुंचाया जा सके। पिता-पुत्र की मौत से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ इस हादसे में पिता-पुत्र की मौत की खबर ने स्थानीय लोगों को झकझोर दिया है। एक ही परिवार के दो सदस्यों की जान जाने से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद प्रभावित इलाकों में मातम का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें अंदाजा नहीं था कि शराब की एक बोतल इतनी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है। अब लोगों में अवैध और संदिग्ध शराब की बिक्री को लेकर डर भी है और गुस्सा भी। 30 नामजद आरोपियों पर FIR, 10 गिरफ्तार पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए 30 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है। इनमें लाइसेंसी शराब कारोबार से जुड़े लोगों के नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शराब की सप्लाई कहां से हुई और इसे किन लोगों तक पहुंचाया गया। अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी है। पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में लगी है। जांच में जिस किसी की भूमिका सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई है। लाइसेंसी ठेकेदारों की भूमिका भी जांच के घेरे में मामले में लाइसेंसी शराब ठेकेदारों के नाम सामने आने के बाद आबकारी विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। जांच एजेंसियां यह पता कर रही हैं कि यदि शराब की बिक्री वैध दुकानों से हुई थी, तो उसमें मिलावट कैसे पहुंची। अधिकारियों की जिम्मेदारी और संभावित लापरवाही की भी जांच की जा रही है। प्रशासन की कोशिश है कि शराब के स्रोत से लेकर इसकी बिक्री तक पूरी चेन का पता लगाया जाए। जहरीली शराब की सप्लाई का नेटवर्क खंगाल रही पुलिस पुलिस को शक है कि इस मामले के पीछे सिर्फ कुछ स्थानीय लोगों का हाथ नहीं, बल्कि शराब की सप्लाई से जुड़ा बड़ा नेटवर्क भी हो सकता है। जांच एजेंसियां शराब की बोतल, लेबल और सप्लाई चैन से जुड़े हर पहलू की जांच कर रही हैं। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि जहरीली शराब लोगों तक कैसे पहुंची और इस लापरवाही के पीछे कौन जिम्मेदार है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। प्रशासन की नजर अब हर कड़ी पर सागर की इस घटना ने अवैध और मिलावटी शराब के कारोबार को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग भी प्रभावित लोगों की निगरानी कर रहा है। प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल परिवार अपनों को खोने के दर्द में हैं और अस्पतालों में भर्ती मरीजों के परिजन उनके जल्द ठीक होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो पाएगा कि इस जहरीली शराब की असली सप्लाई कहां से हुई और इस पूरे मामले में किसकी कितनी भूमिका थी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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