रायपुर के आजाद चौक इलाके में NET परीक्षा की तैयारी कर रहे एक स्टूडेंट राहुल साहू के साथ साइबर ठगी का मामला सामने आया है। ऑनलाइन टास्क के नाम पर साइबर अपराधियों ने राहुल को 1 लाख 60 हजार रुपये का चूना लगा दिया।
राहुल ने बताया कि उसे पैसे कमाने के लालच में एक ऑनलाइन टास्क दिया गया, जिसमें रेटिंग देने के बदले पैसे रिटर्न करने का झांसा दिया गया। उसने ठगों की बातों में आकर चार किश्तों में रकम ट्रांसफर कर दी। जब रिफंड नहीं मिला तो राहुल ने आजाद चौक थाने में शिकायत दर्ज कराई।
थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की एफआईआर दर्ज कर ली गई है और जांच शुरू कर दी गई है।

ऐसे की गई राहुल से ठगी
शिकायत के अनुसार, 6 से 8 अक्टूबर के बीच ठगों ने टेलीग्राम चैनल के जरिए राहुल से संपर्क किया। उन्होंने ऑनलाइन टास्क के नाम पर रकम ट्रांसफर करवाई और बाद में उसे ब्लॉक कर दिया।
छत्तीसगढ़ में हर 20 मिनट में एक साइबर ठगी
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी 2023 से जून 2025 के बीच राज्य में 67 हजार से ज्यादा साइबर ठगी के मामले दर्ज हुए हैं। इनसे नागरिकों को 791 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि औसतन हर 20 मिनट में एक नया साइबर फ्रॉड का केस दर्ज हो रहा है।
केवल 2024 में 31 हजार से ज्यादा शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें लोगों से करीब 200 करोड़ रुपये की ठगी की गई। वहीं, जनवरी 2024 से जुलाई 2025 तक के 18 महीनों में 1,301 मामलों में 107 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया गया है।
रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर बने साइबर अपराध के हॉटस्पॉट
रायपुर के बाद दुर्ग और बिलासपुर जिले साइबर अपराधों से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। हजारों शिकायतों और बड़े वित्तीय नुकसान के बावजूद अब तक केवल 107 पीड़ितों को ही उनका पैसा वापस मिला है।
बैंकिंग फ्रॉड के मामलों में अब तक सिर्फ 3 गिरफ्तारियां और 7 सजा के मामले दर्ज हुए हैं।

बिहार-झारखंड से चल रहे हैं गिरोह
साइबर सेल की जांच में पता चला है कि बिहार, झारखंड, हरियाणा और दिल्ली के ठग बीमा, नौकरी और लोन के नाम पर लोगों को ठग रहे हैं, जबकि राजस्थान के गैंग सेक्सटॉर्शन जैसे मामलों में सक्रिय हैं।
इससे साफ है कि छत्तीसगढ़ अब साइबर अपराधियों के लिए ‘सॉफ्ट टारगेट’ बन गया है।
त्योहारों में बढ़ता है साइबर फ्रॉड का खतरा
त्योहारों के सीजन में साइबर ठग सबसे ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं। वे फर्जी ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल, नकली यात्रा पैकेज, या फेक ई-कॉमर्स ऑफर के जरिए लोगों को फंसा लेते हैं।
लोगों को सलाह दी जाती है कि किसी भी ऑनलाइन पेमेंट या वेबसाइट पर भरोसा करने से पहले उसकी वेरिफिकेशन जरूर करें और अनजान लिंक या UPI रिक्वेस्ट से सावधान रहें।
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