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महिला पत्रकार के खिलाफ FIR और चार्जशीट रद्द, हाईकोर्ट की बड़ी टिप्पणी

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक महिला पत्रकार के खिलाफ दर्ज एफआईआर और चार्जशीट को रद्द करते हुए कहा है कि बिना किसी ठोस कारण के जांच और चार्जशीट दाखिल करने में 6 साल से अधिक की देरी करना आरोपी को प्रताड़ित करने के समान है। अदालत ने इसे संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिलने वाले त्वरित न्याय और शीघ्र सुनवाई के अधिकार का उल्लंघन माना। यह फैसला रमेश सिन्हा और रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने सुनाया। 2018 की घटना से जुड़ा मामला याचिकाकर्ता श्रिया पांडेय वर्ष 2018 में एक न्यूज चैनल में रिपोर्टर के रूप में कार्यरत थीं। उस दौरान पुलिसकर्मियों का आंदोलन चल रहा था। 20 जून 2018 को आंदोलनकारी पुलिसकर्मियों की पत्नियों को महिला थाने में बैठाए जाने की सूचना मिलने पर श्रिया अपनी टीम के साथ जानकारी लेने महिला थाना पहुंची थीं। पत्रकार पर दर्ज कर दिया गया था केस याचिका के अनुसार, जानकारी मांगने पर पुलिसकर्मियों ने सहयोग नहीं किया और बाद में श्रिया पांडेय के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट और अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर दिया गया था। हाईकोर्ट पहुंची पत्रकार पुलिस कार्रवाई को चुनौती देते हुए श्रिया पांडेय ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि घटना वर्ष 2018 की थी, जबकि पुलिस ने चार्जशीट नवंबर 2024 में पेश की। इस छह साल की देरी को लेकर पुलिस विभाग कोई संतोषजनक कारण नहीं बता सका। कोई स्वतंत्र गवाह नहीं मिला अदालत ने केस डायरी और चार्जशीट का अवलोकन करने के बाद कहा कि पूरा मामला केवल पुलिसकर्मियों और उनसे जुड़े गवाहों के बयानों पर आधारित था। घटनास्थल पर कोई स्वतंत्र गवाह मौजूद नहीं था। हाईकोर्ट ने यह भी पाया कि गवाहों के बयानों में कई विरोधाभास हैं और पत्रकार द्वारा अपराध किए जाने का कोई प्रत्यक्ष एवं ठोस साक्ष्य रिकॉर्ड पर नहीं है। कानून के दुरुपयोग पर अदालत की टिप्पणी डिवीजन बेंच ने कहा कि ऐसे मामले को आगे बढ़ाना न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा। इसलिए महिला पत्रकार के खिलाफ दर्ज एफआईआर और चार्जशीट को निरस्त किया जाता है। अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी भी आरोपी को अनिश्चितकाल तक मुकदमे की प्रक्रिया में उलझाकर रखना उसके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। अधिक जानकारी और ताजा खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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ट्रेनों में महिलाओं के बैग और जेवर चुराने वाला अंतरराज्यीय गिरोह पकड़ा गया, 4 महिलाएं गिरफ्तार

बिलासपुर। रेलवे यात्रियों को निशाना बनाकर ट्रेनों में चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक अंतरराज्यीय महिला गिरोह का जीआरपी बिलासपुर ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने महाराष्ट्र की चार महिलाओं को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने ट्रेनों में महिलाओं के हैंडबैग, नकदी और जेवरात चोरी करने की बात स्वीकार की है। इसके अलावा रेलवे स्टेशन पर संदिग्ध परिस्थितियों में घूम रही सात अन्य महिलाओं को भी गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। शिकायत के बाद शुरू हुई जांच जीआरपी थाना प्रभारी विश्वनाथ चक्रवर्ती ने बताया कि पामगढ़ निवासी दिनेश कुमार पंकज की पत्नी ने ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस के जनरल कोच से करीब 95 हजार रुपये मूल्य के जेवरात से भरे हैंडबैग की चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की जांच के दौरान रेलवे स्टेशन पर विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। पुलिस को देखकर भागने लगीं आरोपी महिलाएं चेकिंग के दौरान महाराष्ट्र की चार महिलाएं संदिग्ध अवस्था में घूमती हुई मिलीं। पुलिस को देखकर वे भागने लगीं, लेकिन घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया गया। पूछताछ में महिलाओं ने अपना संबंध नागपुर के अंजनी थाना क्षेत्र से बताया। रायपुर से रायगढ़ के बीच ट्रेनों में करती थीं चोरी पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे संगठित गिरोह के रूप में रायपुर से रायगढ़ के बीच चलने वाली ट्रेनों में महिलाओं को निशाना बनाती थीं। गिरोह महिलाओं के हैंडबैग, नकदी और सोने-चांदी के जेवरात चोरी कर फरार हो जाता था। नागपुर में बेच दिए जाते थे चोरी के जेवर आरोपियों ने बताया कि चोरी किए गए जेवरात नागपुर की ज्वेलरी दुकानों में बेच दिए जाते थे। इसके बाद मिली रकम को गिरोह के सदस्यों के बीच बांट लिया जाता था। 24 हजार रुपये नकद बरामद पुलिस ने गिरफ्तार महिलाओं के कब्जे से कुल 24 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। इनमें पूनम विनेश मानकर और अरुणा विट्ठल उइके के पास से 10-10 हजार रुपये, जबकि अनीता मंगल सिंह और चैत्रा लोढ़े के पास से 2-2 हजार रुपये मिले हैं। सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। एसी कोच में चोरी करने वाला आरोपी भी गिरफ्तार जीआरपी ने एक अन्य कार्रवाई में उधमपुर-दुर्ग एक्सप्रेस के एसी कोच में चोरी करने वाले आरोपी को भी गिरफ्तार किया है। ग्वालियर निवासी यात्री जय सावनानी के बैग से सोने की चेन और 25 हजार रुपये नकद चोरी हुए थे। साइबर सेल की मदद से आरोपी तक पहुंची पुलिस जांच के दौरान साइबर सेल की मदद से दुर्ग निवासी फरहान तासिरखान (39) को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 25 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। उसे भी न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। स्टेशन पर चोरी की नीयत से घूम रही 7 महिलाएं भी पकड़ी गईं जीआरपी की नियमित जांच के दौरान रेलवे प्लेटफॉर्म पर संदिग्ध रूप से घूम रही सात महिलाओं को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार सभी महिलाएं महाराष्ट्र की रहने वाली हैं और चोरी की नीयत से स्टेशन परिसर में घूम रही थीं। यात्रियों से सतर्क रहने की अपील जीआरपी ने यात्रियों से यात्रा के दौरान अपने सामान और कीमती वस्तुओं की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में निगरानी बढ़ा दी गई है और ऐसे गिरोहों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए विजिट करें —www.deshharpal.com
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बिलासपुर को मिलेगी नई फोरलेन सड़क, 75 करोड़ की लागत से बनेगा कोनी-मोपका बाइपास

बिलासपुर के लोगों को जल्द ही बेहतर यातायात सुविधा मिलने वाली है। शहर के कोनी-मोपका बाइपास रोड को अब फोरलेन सीमेंट कांक्रीट सड़क के रूप में विकसित किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 75.73 करोड़ रुपये का टेंडर स्वीकृत कर दिया गया है। 13.4 किलोमीटर लंबी होगी सड़क प्रस्तावित फोरलेन सड़क की लंबाई 13.4 किलोमीटर होगी। इस सड़क के निर्माण से शहर में भारी वाहनों का दबाव कम होगा और यातायात व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक सुगम हो सकेगी। बारिश में होती थी सबसे ज्यादा परेशानी वर्तमान में कोनी-मोपका बाइपास रोड की स्थिति बारिश के मौसम में काफी खराब हो जाती है। सड़क पर कीचड़ और गड्ढों के कारण वाहन अक्सर फंस जाते हैं, जिससे लंबा जाम लगने की समस्या पैदा होती है। नई सीमेंट कांक्रीट सड़क बनने के बाद इस परेशानी से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है। 24 महीने में पूरा होगा निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग के एसडीओ सुनील चंद्रा के अनुसार, सड़क निर्माण का कार्य दुर्ग की एनसी नाहर कंपनी को सौंपा गया है। कंपनी को 75.73 करोड़ रुपये की लागत से यह परियोजना पूरी करनी होगी। विभाग ने निर्माण कार्य को 24 महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। शहर में नहीं आएंगे भारी वाहन यह फोरलेन सड़क कटघोरा एनएच-130 और सीपत एनएच-130 (ए) को आपस में जोड़ेगी। सड़क बनने के बाद भारी वाहन शहर के अंदर प्रवेश किए बिना सीधे अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। इससे शहर के मुख्य मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और आम नागरिकों को भी राहत मिलेगी। पहले ही पूरा हो चुका है भूमि अधिग्रहण इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य वर्ष 2010 से 2016 के बीच पूरा कर लिया गया था। अब टेंडर स्वीकृत होने के बाद निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की संभावना है। गुणवत्ता और समय-सीमा पर रहेगा फोकस उपमुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने विभागीय अधिकारियों को निर्माण कार्य में गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि परियोजना को निर्धारित समय में पूरा कर जनता को जल्द से जल्द इसका लाभ दिलाया जाए। अधिक जानकारी और छत्तीसगढ़ की ताजा खबरों के लिए विजिट करें —www.deshharpal.com
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रायपुर में आवारा कुत्तों के लिए बने फीडिंग जोन: 70 वार्डों में तय हुई जगहें, अब वहीं खिलाना होगा खाना

आवारा कुत्तों को खाना खिलाने को लेकर अक्सर होने वाले विवादों के बीच रायपुर नगर निगम ने बड़ा फैसला लिया है। हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए निगम ने शहर के सभी 70 वार्डों में स्ट्रीट डॉग्स के लिए फीडिंग जोन निर्धारित कर दिए हैं। इन स्थानों पर सूचना बोर्ड भी लगाए गए हैं, ताकि लोग तय जगहों पर ही कुत्तों को भोजन करा सकें। 70 वार्डों में तय किए गए फीडिंग जोन नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक, शहर के जोन-1 से जोन-10 तक सभी वार्डों में विशेष स्थानों को फीडिंग जोन के रूप में चिन्हित किया गया है। इन जगहों पर पशु प्रेमी बिना किसी विवाद के आवारा कुत्तों को भोजन दे सकेंगे। बाजार, मैदान और खाली प्लॉट बनाए गए फीडिंग जोन निगम ने बाजार, खेल मैदान, तालाब परिसर, सामुदायिक भवन, मुक्तिधाम और खाली प्लॉट जैसी जगहों को फीडिंग जोन के रूप में चयनित किया है। इन स्थानों पर आवश्यक सूचना बोर्ड भी लगाए जा चुके हैं, ताकि लोगों को निर्धारित जगहों की जानकारी मिल सके। विवाद कम करने की पहल नगर निगम का कहना है कि कई क्षेत्रों में आवारा कुत्तों को खाना खिलाने को लेकर पशु प्रेमियों और स्थानीय रहवासियों के बीच विवाद की स्थिति बन जाती थी। ऐसे मामलों की शिकायतें लगातार निगम तक पहुंच रही थीं। फीडिंग जोन बनने से इस तरह के विवादों में कमी आने की उम्मीद है। शिकायत मिलने पर जारी रहेगी कार्रवाई नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि आवारा कुत्तों से संबंधित शिकायतों पर पहले की तरह कार्रवाई जारी रहेगी। यदि किसी क्षेत्र से शिकायत मिलती है तो संबंधित कुत्तों को पकड़कर नियमानुसार जांच और उपचार किया जाएगा। कुत्तों की होगी नसबंदी और टीकाकरण एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) नियमों के तहत पकड़े गए कुत्तों की डी-वॉर्मिंग, एंटी रेबीज टीकाकरण और नसबंदी जैसी प्रक्रियाएं कराई जाएंगी। निगम का उद्देश्य कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करने के साथ-साथ रेबीज जैसी बीमारियों की रोकथाम भी है। अपने वार्ड का फीडिंग जोन ऐसे जानें नगर निगम के अनुसार सभी 70 वार्डों में फीडिंग जोन की सूची उपलब्ध है। नागरिक अपने क्षेत्र के जोन कार्यालय या सूचना बोर्ड के माध्यम से निर्धारित स्थान की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। शहर में बेहतर प्रबंधन की दिशा में कदम नगर निगम का मानना है कि फीडिंग जोन की व्यवस्था से आवारा कुत्तों के प्रबंधन में आसानी होगी। साथ ही पशु प्रेमियों और आम नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में भी मदद मिलेगी। रायपुर, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की ताजा खबरों के लिए जुड़े रहें Deshharpal News Portal के साथ। अधिक जानकारी और लेटेस्ट अपडेट्स के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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हाथियों की मौत अब मानी जाएगी संभावित क्राइम सीन: छत्तीसगढ़ वन विभाग की नई पहल

छत्तीसगढ़ में वन्यजीव संरक्षण को मजबूत बनाने के लिए वन विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। अब जंगल में किसी हाथी की मौत होने पर उसे सिर्फ सामान्य घटना नहीं माना जाएगा, बल्कि संभावित अपराध स्थल मानकर उसकी वैज्ञानिक जांच की जाएगी। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य हाथियों की संदिग्ध मौतों के पीछे की असली वजह सामने लाना है। रायगढ़ में हुआ विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम इसी उद्देश्य से रायगढ़ में दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें प्रदेशभर से 78 वन अधिकारी और पशु चिकित्सा विशेषज्ञ शामिल हुए। प्रशिक्षण कार्यक्रम वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन और प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरुण कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में आयोजित किया गया। वैज्ञानिक जांच पर दिया गया जोर प्रशिक्षण में हाथियों की मौत के कारणों की वैज्ञानिक जांच, वन्यजीव अपराधों की पहचान और संरक्षण उपायों पर विशेष फोकस किया गया। अधिकारियों को बताया गया कि किसी मृत हाथी के मिलने पर घटनास्थल को सुरक्षित रखना, सबूत जुटाना और विषप्रयोग, शिकार या अन्य संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करना बेहद जरूरी है। प्रदेश में बढ़ रही हाथियों की चुनौती वन विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ में फिलहाल करीब 450 हाथी विचरण कर रहे हैं। रायगढ़, जशपुर, कोरबा और सूरजपुर जिलों में हाथियों की बढ़ती गतिविधियों और मानव-हाथी संघर्ष की घटनाओं को देखते हुए यह प्रशिक्षण बेहद अहम माना जा रहा है। पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच की ट्रेनिंग वन अधिकारियों और पशु चिकित्सकों को हाथियों की शारीरिक संरचना, स्वास्थ्य प्रबंधन और वैज्ञानिक पोस्टमार्टम प्रक्रिया की जानकारी दी गई। साथ ही जैविक नमूनों के संग्रहण, संरक्षण और लैब परीक्षण की आधुनिक तकनीकों पर भी प्रशिक्षण दिया गया। फील्ड में कराया गया प्रैक्टिकल प्रशिक्षण के दूसरे दिन अधिकारियों को मैदानी स्तर पर शव परीक्षण, रक्त और ऊतक नमूने लेने, रोग और विष विज्ञान जांच करने और दुर्गम इलाकों में सुरक्षित जांच प्रक्रिया अपनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। राष्ट्रीय विशेषज्ञों ने साझा किया अनुभव कार्यक्रम में भारतीय वन्यजीव संस्थान, भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान और वन्यजीव फोरेंसिक एवं स्वास्थ्य अध्ययन संस्थान के विशेषज्ञों ने आधुनिक जांच तकनीकों की जानकारी साझा की। इस दौरान वरिष्ठ वन अधिकारी प्रियंका पांडे सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। वन मंत्री बोले- संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार वन्यजीव संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक अनुसंधान के जरिए हाथियों समेत सभी वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। देश और प्रदेश की ताजा खबरों के लिए पढ़ें:www.deshharpal.com
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बिलासपुर में बायोगैस संयंत्रों पर प्रशासन का फोकस, स्वच्छ ऊर्जा और जैविक खेती को मिलेगा बढ़ावा

बिलासपुर जिले में स्वच्छ ऊर्जा, जैविक खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रशासन अब बायोगैस संयंत्रों के प्रभावी संचालन पर जोर दे रहा है। इसी क्रम में कलेक्टर Sanjay Agrawal और जिला पंचायत सीईओ Sandeep Agrawal ने तखतपुर जनपद पंचायत के ग्राम गनियारी स्थित बायोगैस (गोबर गैस) संयंत्र का निरीक्षण किया। गैस उत्पादन और जैविक खाद पर हुई चर्चा निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने संयंत्र की कार्यप्रणाली, गैस उत्पादन क्षमता, गोबर की उपलब्धता और जैविक खाद निर्माण को लेकर चर्चा की। कलेक्टर ने कहा कि बायोगैस परियोजनाएं सिर्फ स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ग्रामीण रोजगार, पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को बढ़ावा देने का भी प्रभावी माध्यम हैं। गोबर की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश कलेक्टर ने गौठानों और पशुपालकों के माध्यम से गोबर की नियमित और पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संयंत्र को पूरी क्षमता से चलाने के लिए कच्चे माल की लगातार आपूर्ति जरूरी है। इससे ग्रामीणों को भी अधिक लाभ मिल सकेगा। घरेलू ईंधन की जरूरत होगी पूरी अधिकारियों ने बताया कि बायोगैस संयंत्र से बनने वाली गैस का उपयोग घरेलू ईंधन के रूप में किया जा सकता है। इससे ग्रामीण परिवारों को स्वच्छ और सस्ता ईंधन उपलब्ध होगा। संयंत्र से निकलने वाली स्लरी उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद के रूप में किसानों के लिए उपयोगी साबित हो रही है। जैविक खाद से किसानों को फायदा इससे खेती की लागत कम होगी और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता भी घटेगी। प्रशासन का मानना है कि इससे प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिलेगा। तकनीकी व्यवस्थाओं की समीक्षा निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पाइप लाइन, वाल्व, डाइजेस्टर और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने आवश्यक सुधार कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं जिला पंचायत सीईओ ने अधिकारियों को नियमित निगरानी और दैनिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल प्रशासन का मानना है कि बायोगैस संयंत्रों के बेहतर संचालन से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा, अपशिष्ट प्रबंधन और जैविक खेती को नई दिशा मिलेगी। इससे आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था का लक्ष्य भी मजबूत होगा। देश और प्रदेश की ताजा खबरों के लिए पढ़ें:www.deshharpal.com
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बिलासपुर में युवक पर चाकू से जानलेवा हमला, पत्नी ने नकाब हटाकर आरोपी को पहचाना

बिलासपुर के तिफरा इलाके में रविवार रात एक युवक पर चाकू से जानलेवा हमला किया गया। कुंदरापारा में रात करीब 10 बजे हुई इस घटना में नकाबपोश हमलावर ने युवक की पीठ और पेट पर कई वार किए। घटना के दौरान युवक की पत्नी ने साहस दिखाते हुए हमलावर का नकाब खींच लिया, जिससे उसकी पहचान हो गई। आरोपी की पहचान के बाद पुलिस हरकत में आई हमलावर की पहचान भोलू साहू उर्फ दुर्गेश साहू के रूप में हुई है। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। सूचना मिलते ही सिरगिट्टी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी। बाद में पुलिस ने रायपुर से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। फल कारोबारी पर किया हमला जानकारी के मुताबिक, घायल युवक मनीष गोस्वामी (32) तिफरा चौक पर फल की दुकान चलाता है। रविवार रात वह अपनी पत्नी के साथ दुकान के पास खड़ा था। इसी दौरान नकाब पहनकर पहुंचे युवक ने पीछे से मनीष को पकड़ लिया और धारदार चाकू से हमला कर दिया। हमले में मनीष की पीठ और पेट पर गंभीर चोटें आई हैं। पत्नी ने दिखाई हिम्मत हमले के दौरान मनीष की पत्नी ने आरोपी को पकड़ने की कोशिश की और उसका नकाब खींच दिया। तभी पता चला कि हमलावर भोलू साहू है। हालांकि आरोपी मौके से भागने में सफल रहा। घायल मनीष को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। अवैध संबंध को लेकर था विवाद पुलिस जांच में सामने आया कि घायल युवक का आरोपी के परिवार की एक महिला के साथ संबंध था। बताया जा रहा है कि वह महिला गांव सैदा में मनीष के साथ रह रही थी। इसी बात को लेकर आरोपी काफी नाराज था और मनीष से रंजिश रखता था। पुलिस के मुताबिक, इसी विवाद के चलते उसने हमले की साजिश रची। रायपुर से आरोपी गिरफ्तार मामले की गंभीरता को देखते हुए सिरगिट्टी थाना प्रभारी अभय सिंह बैस के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई। जांच के दौरान पुलिस को आरोपी के रायपुर में छिपे होने की सूचना मिली। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके पास से हमले में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद किया है। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। देश और प्रदेश की ताजा खबरों के लिए पढ़ें:www.deshharpal.com
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रायपुर में मूलभूत सुविधाओं को लेकर शिवसेना का प्रदर्शन, नगर निगम को सौंपा ज्ञापन

Shiv Sena ने रायपुर जोन क्रमांक-10 के विभिन्न वार्डों में पेयजल, सड़क, सफाई और स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत सुविधाओं की खराब स्थिति को लेकर नगर निगम प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। संगठन के पदाधिकारियों ने जोन आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के जल्द समाधान की मांग की। पेयजल संकट से परेशान लोग शिवसेना नेताओं का आरोप है कि जोन-10 के कई वार्डों में नियमित पेयजल आपूर्ति नहीं हो रही है। गर्मी के मौसम में लोगों को पानी के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कई इलाकों में नागरिकों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। खराब सड़कों से हादसों का खतरा ज्ञापन में जर्जर सड़कों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। संगठन का कहना है कि कई सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी हो रही है। बरसात के मौसम से पहले मरम्मत नहीं होने पर हालात और खराब होने की आशंका जताई गई है। सफाई व्यवस्था पर उठाए सवाल शिवसेना ने आरोप लगाया कि कई वार्डों में नियमित सफाई नहीं हो रही है। नालियों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा जमा होने से संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। स्थानीय लोग लंबे समय से सफाई व्यवस्था सुधारने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक स्थिति में सुधार नहीं हुआ है। बंद स्ट्रीट लाइट से बढ़ी दिक्कत संगठन ने बताया कि कई इलाकों में स्ट्रीट लाइट बंद पड़ी हैं या पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं है। इससे रात के समय लोगों को आवागमन में परेशानी और असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है। आंदोलन की चेतावनी शिवसेना ने मांग की है कि सभी वार्डों में नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, खराब सड़कों की मरम्मत कराई जाए, सफाई व्यवस्था दुरुस्त की जाए और बंद स्ट्रीट लाइटों को जल्द चालू किया जाए। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि समस्याओं का समाधान जल्द नहीं हुआ तो जनता के साथ मिलकर चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। प्रदेश और देश की ताजा खबरों के लिए पढ़ें: www.deshharpal.com
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अमित जोगी के खिलाफ भाजपा नेताओं की शिकायत, सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर बढ़ा विवाद

जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के नेता Amit Jogi के खिलाफ भाजपा नेताओं ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। भाजपा ने उन पर धार्मिक भावनाएं आहत करने, सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने और बाद में कथित रूप से झूठी एफआईआर दर्ज कर पुलिस को गुमराह करने का आरोप लगाया है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। भाजपा आईटी सेल ने सौंपा ज्ञापन रविवार को भाजपा आईटी सेल के प्रदेश कार्यालय सहमंत्री शैलेश दीक्षित ने संबंधित थाने में लिखित शिकायत देकर अमित जोगी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। शिकायत में कहा गया कि मामला 27 मई 2026 को बकरीद (ईद-उल-अजहा) के मौके पर किए गए एक सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ा है। पोस्ट पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप भाजपा नेताओं के अनुसार, अमित जोगी ने बकरीद की शुभकामनाएं देते हुए एक पोस्ट साझा किया था, जिसमें बकरी के साथ गाय की तस्वीर भी दिखाई गई थी। आरोप है कि इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई और बहुसंख्यक समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। पोस्ट हटाने और नई तस्वीर डालने का आरोप भाजपा नेताओं का दावा है कि विरोध बढ़ने के बाद अमित जोगी ने करीब दो घंटे के भीतर मूल पोस्ट को हटा दिया। बाद में दूसरी तस्वीर साझा की गई, जिसमें गाय का चित्र नहीं था। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इसके बाद खुद को निर्दोष साबित करने के लिए गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के एक थाने में कथित रूप से झूठी एफआईआर दर्ज कराई गई। तकनीकी जांच की मांग भाजपा नेताओं ने पुलिस से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और सर्वर रिकॉर्ड की तकनीकी जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पोस्ट की एडिट हिस्ट्री और वास्तविक तथ्य सामने लाए जाएं। शिकायत में धार्मिक भावनाएं भड़काने, साक्ष्य मिटाने, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और पुलिस को झूठी जानकारी देने जैसी धाराओं में जांच की मांग की गई है। पुलिस ने जांच शुरू की पुलिस अधिकारियों ने शिकायत मिलने की पुष्टि की है। उनका कहना है कि मामले से जुड़े सभी आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। देश और प्रदेश की ताजा खबरों के लिए पढ़ें:www.deshharpal.com
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कांग्रेस विधायक उत्तरी जांगड़े ने CM साय को लिखा पत्र, 2026 के लिए खुली ट्रांसफर नीति लागू करने की मांग

कांग्रेस विधायक Uttari Jangde ने मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai को पत्र लिखकर वर्ष 2026 के लिए खुली, पारदर्शी और समयबद्ध स्थानांतरण नीति जल्द लागू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लाखों शासकीय कर्मचारी और अधिकारी शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन लंबे समय से स्पष्ट ट्रांसफर नीति नहीं होने से कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है। विभिन्न संगठनों से मिल रहे ज्ञापन पत्र में विधायक ने उल्लेख किया कि सारंगढ़ विधानसभा क्षेत्र सहित प्रदेशभर से कर्मचारी संगठन, शिक्षक संघ, स्वास्थ्यकर्मी और अन्य विभागों के कर्मचारी लगातार ज्ञापन सौंप रहे हैं। इन सभी की प्रमुख मांग एक पारदर्शी और न्यायसंगत ट्रांसफर नीति लागू करने की है, ताकि कर्मचारियों को राहत मिल सके। गृह जिले से दूर रहने की परेशानी उत्तरी जांगड़े ने कहा कि कई कर्मचारी वर्षों से अपने गृह जिले से दूर पदस्थ हैं। कई मामलों में पति-पत्नी अलग-अलग जिलों में कार्यरत हैं, जिससे पारिवारिक जीवन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य और पारिवारिक जिम्मेदारियों को लेकर कर्मचारियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। चुनावी साल का दिया हवाला कांग्रेस विधायक ने पत्र में यह भी कहा कि यदि इस वर्ष ट्रांसफर नीति लागू नहीं हुई, तो अगले साल चुनावी तैयारियों के कारण तबादलों की संभावना कम हो जाएगी। ऐसे में कर्मचारियों को उम्मीद है कि वर्ष 2026 में सरकार खुली ट्रांसफर नीति लागू करेगी। सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग विधायक ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि कर्मचारियों के हितों को प्राथमिकता देते हुए जल्द फैसला लिया जाए। उनका कहना है कि पारदर्शी ट्रांसफर नीति लागू होने से कर्मचारियों का शासन पर विश्वास मजबूत होगा और प्रशासनिक व्यवस्था भी बेहतर होगी। प्रदेश और देश की ताजा खबरों के लिए पढ़ें:www.deshharpal.com
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Jitendra Singh

Jitendra Singh on Student Protest: सरकार ने खोले बातचीत के दरवाजे, लेकिन Students अपनी मांगों पर कायम

छात्र आंदोलन को लेकर राजधानी में हलचल लगातार बनी हुई है। केंद्र सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच जारी गतिरोध के बीच केंद्रीय मंत्री Jitendra Singh ने बातचीत का रास्ता खुला रखने का संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि छात्र जिस जगह चाहेंगे, सरकार वहां बातचीत करने के लिए तैयार है। हालांकि, प्रदर्शनकारी छात्र अपनी मांगों पर अब भी मजबूती से कायम हैं और ठोस आश्वासन की मांग कर रहे हैं। सरकार ने बातचीत का दिया भरोसा केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने छात्रों के मुद्दों को लेकर कहा कि सरकार संवाद के लिए तैयार है। उनका कहना है कि किसी भी समस्या का समाधान बातचीत के जरिए ही निकाला जा सकता है। सरकार की कोशिश है कि छात्रों की चिंताओं को समझकर उचित रास्ता निकाला जाए और विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाया जाए। मंत्री के इस बयान के बाद बातचीत की उम्मीद जरूर बढ़ी है, लेकिन अभी तक प्रदर्शनकारी छात्रों की ओर से आंदोलन खत्म करने का कोई संकेत नहीं मिला है। Students Protest: अपनी मांगों पर कायम प्रदर्शनकारी दूसरी ओर छात्र संगठनों का कहना है कि केवल बातचीत का प्रस्ताव काफी नहीं है। छात्रों की मांग है कि उनकी समस्याओं पर स्पष्ट निर्णय लिया जाए और जरूरी कदम उठाए जाएं। प्रदर्शनकारी लगातार सरकार से अपनी मांगों को गंभीरता से लेने की अपील कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि उनका आंदोलन किसी टकराव के लिए नहीं, बल्कि अपने अधिकारों और बेहतर व्यवस्था की मांग को लेकर है। इसी वजह से वे अपनी मांगें पूरी होने तक प्रदर्शन जारी रखने की बात कह रहे हैं। आंदोलन को लेकर बढ़ी राजनीतिक हलचल छात्र प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया है। विपक्षी दलों ने छात्रों के मुद्दों को लेकर सरकार से जल्द समाधान निकालने की मांग की है। वहीं सरकार की ओर से लगातार यही संदेश दिया जा रहा है कि छात्रों की समस्याओं पर चर्चा के लिए दरवाजे खुले हैं। अब बातचीत पर टिकी सभी की नजरें फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि सरकार और छात्रों के बीच बातचीत कब शुरू होती है और क्या इससे कोई सहमति बन पाएगी। एक तरफ सरकार संवाद के जरिए समाधान निकालने की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी तरफ प्रदर्शनकारी छात्र अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। आने वाले दिनों में होने वाली बातचीत ही तय करेगी कि यह आंदोलन किस दिशा में आगे बढ़ेगा। फिलहाल छात्र प्रदर्शन और सरकार के रुख पर सभी की नजर बनी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
पेपर लीक

Bihar to Haryana Protest: पेपर लीक मुद्दे पर बड़ा आंदोलन, कटिहार में बवाल और Gurugram में Congress का शक्ति प्रदर्शन

देश में पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था को लेकर युवाओं का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। बिहार के कटिहार से लेकर हरियाणा के गुरुग्राम तक विरोध प्रदर्शन देखने को मिला, जहां छात्रों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने सरकार से निष्पक्ष परीक्षा और सख्त कार्रवाई की मांग की। कटिहार में प्रदर्शन कर रहे छात्रों और पुलिस के बीच विवाद बढ़ने के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। वहीं गुरुग्राम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के दौरान पुलिस के साथ टकराव की स्थिति बनी। देशभर में चल रहे इन प्रदर्शनों ने एक बार फिर परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। कटिहार में छात्रों का प्रदर्शन, पुलिस ने किया लाठीचार्ज बिहार के कटिहार में पेपर लीक मामले को लेकर बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारी परीक्षा प्रक्रिया में सुधार, दोषियों पर कार्रवाई और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की मांग कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच तनाव बढ़ गया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया। कुछ जगहों पर प्रदर्शनकारियों की ओर से ईंट-पत्थर चलने की भी खबर सामने आई। छात्रों का कहना है कि पेपर लीक जैसी घटनाएं मेहनत करने वाले लाखों अभ्यर्थियों के साथ अन्याय हैं। उनका मानना है कि एक परीक्षा में गड़बड़ी का असर युवाओं के करियर और भविष्य पर पड़ता है। बिहार में छात्रों का आंदोलन हुआ तेज पेपर लीक के मुद्दे को लेकर बिहार के कई इलाकों में छात्र संगठन विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों की मुख्य मांग है कि परीक्षा व्यवस्था को पूरी तरह सुरक्षित बनाया जाए और पेपर लीक में शामिल लोगों पर कड़ी कार्रवाई हो। युवाओं का कहना है कि बार-बार परीक्षा से जुड़ी गड़बड़ियों के कारण उनका समय और मेहनत दोनों प्रभावित होते हैं। उन्होंने सरकार से ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्थायी समाधान निकालने की अपील की है। Gurugram में Congress का प्रदर्शन, पुलिस से हुई बहस हरियाणा के गुरुग्राम में भी पेपर लीक और युवाओं के मुद्दों को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने जब कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की तो दोनों पक्षों के बीच बहस और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर युवाओं की समस्याओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। वहीं प्रशासन ने कानून व्यवस्था बनाए रखने को अपनी प्राथमिकता बताया। Paper Leak Issue बना युवाओं का बड़ा मुद्दा पेपर लीक का मामला अब देशभर में युवाओं के बीच बड़ा मुद्दा बन चुका है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र लगातार मांग कर रहे हैं कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जाए और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत सिस्टम तैयार किया जाए। युवाओं का कहना है कि परीक्षा केवल एक टेस्ट नहीं बल्कि उनके सपनों और करियर से जुड़ी होती है। इसलिए किसी भी तरह की गड़बड़ी पर तुरंत और सख्त कार्रवाई जरूरी है। सरकार के सामने बड़ी चुनौती पेपर लीक को लेकर बढ़ते विरोध के बीच सरकार और प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती युवाओं का भरोसा वापस जीतना है। परीक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने, सुरक्षा बढ़ाने और दोषियों पर कार्रवाई करने जैसे कदमों से ही छात्रों का विश्वास कायम किया जा सकता है। फिलहाल देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन जारी हैं और युवाओं की नजर सरकार के अगले कदमों पर बनी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Yogi Adityanath

Yogi Adityanath Rally: गोरखपुर में गरजे सीएम योगी, बोले- आस्था और युवाओं से खिलवाड़ करने वालों के उपदेश बेअसर

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने गोरखपुर में आयोजित जनसभा के दौरान विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो लोग लंबे समय तक देश की आस्था, युवाओं और किसानों के हितों के साथ खिलवाड़ करते रहे, आज वही लोग सलाह और उपदेश दे रहे हैं, जो बेहद हास्यास्पद लगता है। सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार ने हमेशा जनता की भावनाओं, संस्कृति और विकास को प्राथमिकता दी है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है और युवाओं, किसानों सहित हर वर्ग के लिए लगातार काम किया जा रहा है। आस्था के सम्मान और विकास को लेकर CM Yogi का बड़ा बयान गोरखपुर की सभा में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार ने प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और लोगों की आस्था का सम्मान किया है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों ने पहले इन मुद्दों को नजरअंदाज किया, उन्हें अब जनता के हितों की बात करना शोभा नहीं देता। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में विकास, सुशासन और सुरक्षा को लेकर सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहे हैं। सरकार का लक्ष्य प्रदेश को नए अवसरों और बेहतर सुविधाओं के साथ आगे बढ़ाना है। Youth और Farmers को लेकर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं मुख्यमंत्री योगी ने युवाओं और किसानों के मुद्दे पर भी अपनी सरकार के काम गिनाए। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने पर लगातार ध्यान दिया जा रहा है। वहीं किसानों के लिए सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि खेती और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। Opposition पर CM Yogi का सीधा वार सीएम योगी ने कहा कि जनता अब सिर्फ नारों और वादों की राजनीति नहीं, बल्कि काम और परिणाम को देखती है। उन्होंने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि जिन लोगों का अतीत जनता के सामने है, उनके द्वारा दिए गए उपदेशों को लोग गंभीरता से नहीं लेते। Gorakhpur में दिखा राजनीतिक असर गोरखपुर में हुई इस सभा को राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन के जरिए सरकार की नीतियों को जनता तक पहुंचाने के साथ विपक्ष को भी घेरने की कोशिश की। सभा के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी रही। सीएम योगी का यह भाषण आस्था, विकास और जनहित के मुद्दों पर केंद्रित रहा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Indian Stock Market

Indian Stock Market Crash: बिकवाली के दबाव में Sensex-Nifty, Banking और Pharma Shares हुए कमजोर

भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) में गुरुवार को निवेशकों के लिए कारोबार का दिन कुछ कमजोर रहा। Sensex करीब 450 अंक गिरकर 76,300 के स्तर पर पहुंच गया, वहीं Nifty 50 में भी लगभग 150 अंकों की गिरावट देखने को मिली। बाजार में आई इस कमजोरी के पीछे बैंकिंग और फार्मा सेक्टर के शेयरों में हुई भारी बिकवाली को अहम कारण माना जा रहा है। शुरुआती कारोबार में ही बाजार में दबाव नजर आने लगा था। कई बड़े शेयरों में मुनाफावसूली देखने को मिली, जिसके चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में कारोबार करते दिखाई दिए। निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर पहुंचे शेयरों में अपनी हिस्सेदारी कम की, जिसका असर पूरे बाजार पर पड़ा। Banking Stocks में गिरावट से बाजार पर असर आज के कारोबार में Banking Sector के शेयरों में सबसे ज्यादा कमजोरी देखने को मिली। निजी और सरकारी बैंकों के कई प्रमुख शेयरों में बिकवाली का दबाव रहा। बैंकिंग इंडेक्स में गिरावट ने बाजार की चाल को प्रभावित किया और सेंसेक्स-निफ्टी पर दबाव बढ़ा दिया। मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, बैंकिंग शेयरों में निवेशकों की सतर्कता और मुनाफावसूली के कारण गिरावट आई है। हालांकि, मजबूत फंडामेंटल वाली बैंकिंग कंपनियों में लंबी अवधि के निवेशकों की रुचि बनी हुई है। Pharma Stocks भी दबाव में, निवेशकों ने की बिकवाली बैंकिंग के साथ-साथ Pharma Sector के शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। हेल्थकेयर कंपनियों के कई शेयर गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए। फार्मा स्टॉक्स में बिकवाली का असर सेक्टर इंडेक्स पर भी दिखाई दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में छोटी अवधि के उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों को सेक्टर आधारित रणनीति अपनानी चाहिए। Share Market Down होने की वजह क्या रही? शेयर बाजार में गिरावट के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं: इन सभी कारणों ने मिलकर घरेलू बाजार की तेजी को कमजोर किया। Investors के लिए क्या है सलाह? बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि गिरावट के समय घबराने की जरूरत नहीं है। निवेशकों को मजबूत कंपनियों पर नजर रखनी चाहिए और बिना रिसर्च के जल्दबाजी में निवेश करने से बचना चाहिए। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए बाजार की गिरावट अच्छे शेयरों को बेहतर कीमत पर खरीदने का मौका दे सकती है। हालांकि, निवेश का फैसला कंपनी की मजबूती और भविष्य की संभावनाओं को देखकर ही लेना चाहिए। Sensex-Nifty Update: बाजार में उतार-चढ़ाव जारी फिलहाल भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। आने वाले सत्रों में कंपनियों के तिमाही नतीजे, ग्लोबल मार्केट की चाल और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Gold

Gold Rate Today: सोने की चमक बढ़ी, भाव पहुंचा ₹1.46 लाख के पार; Silver Price में भी जबरदस्त उछाल

देश में सोना (Gold) और चांदी (Silver) खरीदने वालों के लिए आज फिर बाजार से बड़ी खबर सामने आई है। कीमती धातुओं के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। Gold Price Today में सोने की कीमत ₹274 की बढ़त के साथ करीब ₹1.46 लाख प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई है। वहीं, Silver Price Today में चांदी ₹360 महंगी होकर करीब ₹2.26 लाख प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई। सोने की कीमतों में पिछले चार दिनों से लगातार तेजी देखने को मिल रही है। इस दौरान सोना करीब ₹4,398 तक महंगा हो चुका है। बढ़ते भाव ने जहां निवेशकों को आकर्षित किया है, वहीं आम ग्राहकों के लिए गहनों की खरीदारी पहले से ज्यादा महंगी हो गई है। Gold Rate Today: लगातार मजबूत हो रहा सोने का बाजार सोने को हमेशा से सुरक्षित निवेश का भरोसेमंद विकल्प माना जाता है। मौजूदा समय में वैश्विक बाजार में जारी हलचल और आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच निवेशक सोने की ओर ज्यादा रुख कर रहे हैं। जानकारों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की बढ़ती मांग, डॉलर में उतार-चढ़ाव और बाजार में सुरक्षित निवेश की तलाश ने सोने की कीमतों को मजबूती दी है। यही कारण है कि भारतीय बाजार में भी सोने के भाव लगातार ऊपर जा रहे हैं। Silver Price Today: चांदी में भी दिखी तेज चमक सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी तेजी का दौर जारी है। आज चांदी के भाव में ₹360 की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह करीब ₹2.26 लाख प्रति किलो पर पहुंच गई। चांदी की कीमतों में तेजी केवल निवेश की वजह से नहीं है, बल्कि इसकी औद्योगिक मांग भी लगातार बढ़ रही है। सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक्स और कई अन्य सेक्टर में चांदी की खपत बढ़ने से इसके दामों को सपोर्ट मिल रहा है। 4 दिन में सोने ने लगाई बड़ी छलांग सोने के बाजार में बीते कुछ दिनों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। चार दिनों के भीतर सोने के भाव में ₹4,398 की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बाजार में इस तेजी से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है, लेकिन शादी-ब्याह या अन्य जरूरतों के लिए सोना खरीदने वालों का बजट जरूर प्रभावित हो रहा है। क्यों बढ़ रहे हैं Gold और Silver के भाव? सोना-चांदी महंगा होने के पीछे कई अहम कारण माने जा रहे हैं: क्या आगे भी बढ़ेंगे सोने-चांदी के दाम? बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। हालांकि, ऊंचे स्तर पर पहुंचने के बाद कुछ समय के लिए कीमतों में हल्की गिरावट या स्थिरता भी देखने को मिल सकती है। फिलहाल निवेशकों के साथ-साथ आम खरीदारों की नजरें सोने और चांदी के अगले रुख पर बनी हुई हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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